पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यानाकर्षण कराने एस आई एफ ने सौपा ज्ञापन।
SIF submitted a memorandum to draw attention to the mental health problems of men. हरिप्रसाद गोहे आमला। एस आई एफ बैतूल संस्था ने पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर ध्यानाकर्षण कराने एस आई एफ बैतूल संस्था के डाक्टर संदीप गोहे के नेतृत्व में ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी को सौप विभिन्न मांगों के निराकरण की मांग की। सोपे ज्ञापन के मध्यम से बताया हमारी संस्था ,SIF बैतूल, कई वर्षों से पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य पर कार्य कर रही है। वर्तमान में पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कई गंभीर मुद्दे सामने आ रहे हैं, जिन पर त्वरित ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। वर्तमान समस्याएं: मानसिक स्वास्थ्य पर सामाजिक दबाव: पुरुषों पर सामाजिक और पारिवारिक अपेक्षाओं का अत्यधिक दबाव है, जिसके कारण वे अपनी भावनाओं और मानसिक समस्याओं को व्यक्त नहीं कर पाते। इससे अवसाद और आत्महत्या की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी: ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पुरुषों के लिए विशेष रूप से केंद्रित मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है। इससे प्रभावित लोग उचित समय पर सहायता नहीं प्राप्त कर पाते, जिससे समस्याएं और बढ़ जाती हैं। झूठे आरोपों के मामलों में मानसिक दबाव: झूठे आरोपों जैसे घरेलू हिंसा, दहेज, और यौन उत्पीड़न के मामलों में फंसे पुरुषों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। इसके परिणामस्वरूप, कई पुरुष गंभीर मानसिक अवसाद में चले जाते हैं, और कई बार आत्महत्या जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हो जाती हैं। सरकार से अपेक्षित सहयोग: विशेष मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना: हम निवेदन करते हैं कि सरकार पुरुषों के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना करे, जहां वे अपनी समस्याओं का निवारण गोपनीय रूप से कर सकें। इन केंद्रों में योग्य मनोचिकित्सकों और परामर्शदाताओं की तैनाती की जाए। मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान: पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सरकारी स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं। टीवी, रेडियो, और सोशल मीडिया के माध्यम से समाज को शिक्षित किया जाए कि पुरुषों को भी मानसिक समस्याओं के लिए सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। झूठे मामलों के त्वरित निपटान के लिए विशेष आयोग: सरकार से अनुरोध है कि झूठे मामलों में फंसे पुरुषों के लिए विशेष आयोग या त्वरित न्याय प्रणाली का गठन किया जाए, ताकि मानसिक दबाव को कम किया जा सके और उन्हें जल्द न्याय मिल सके। मानसिक स्वास्थ्य के लिए सरकारी योजनाएं: सरकार को मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित योजनाओं का विस्तार करना चाहिए, जिसमें विशेष रूप से पुरुषों के लिए परामर्श और सहायता सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। मान्यवर, हम आशा करते हैं किआप इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेंगे और पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। समाज में इस मुद्दे पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक सकारात्मक और सहयोगी वातावरण तैयार किया जा सके ।