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अत्याधुनिक तकनीक के साथ हिंदी के मेल ने कारोबार के क्षेत्र में भारत में 57.2 करोड़ और विश्व में 50 करोड़ हिंदी भाषियों के लिए संभावनाओं के द्वार खोले- सिंगापुर

सिंगापुर  सिंगापुर के एक शीर्ष कारोबारी नेता ने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका के साथ हिंदी का महत्व भी बढ़ा है और अत्याधुनिक तकनीक के साथ हिंदी के मेल ने कारोबार के क्षेत्र में भारत में 57.2 करोड़ और विश्व में 50 करोड़ हिंदी भाषियों के लिए संभावनाओं के द्वार खोले हैं। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें पहले अछूते रहे विशाल बाजारों में प्रवेश करने का अवसर मिलता है। ‘सिंगापुर इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ के अध्यक्ष नील पारेख ने कहा, ‘‘हम डिजिटलीकरण की दुनिया में आगे बढ़ रहे हैं, जहां संस्कृति और बाजारों के बीच सीमाएं तेजी से धुंधली होती जा रही हैं और भाषा लोगों, विचारों एवं अवसरों को जोड़ने वाले अहम सेतु के रूप में उभरी है।’’ सप्ताहांत में आयोजित ‘‘वैश्विक हिंदी उत्कृष्टता शिखर सम्मेलन – 2024’’ की थीम ‘‘नवाचार के युग में हिंदी की उत्कृष्टता’’ थी, जिसका आयोजन सिंगापुर स्थित ‘ग्लोबल हिंदी फाउंडेशन’ ने किया था। पारेख ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में तेजी से उभरते भारत में काम करने के लिए हिंदी भाषा के ज्ञान के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। पारेख सिंगापुर में संसद के मनोनीत सदस्य भी हैं। निवेश-केंद्रित उद्यमी पारेख ने कहा, ‘‘हिंदी सिर्फ संचार की भाषा नहीं है बल्कि यह गहरी सांस्कृतिक समझ के लिए एक सेतु है। इससे हमें भारतीय बाजार में प्रवेश का मौका मिलता है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने की इच्छा रखने वाले निगमों और एसएमई (लघु एवं मध्यम उद्यमों) के लिए उत्कृष्ट संभावनाएं प्रदान करता है।’’ उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि हिंदी दुनिया में तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, जिसे वैश्विक स्तर पर 50 करोड़ से अधिक लोग बोलते हैं। भारत में 57.2 करोड़ से अधिक लोग सिर्फ हिंदी बोलते हैं। उन्नत प्रौद्योगिकियों के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) भी भाषा संबंधी बाधाओं को दूर करने में एक शक्तिशाली उपकरण बन गई है और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (एनएलपी) और मशीन लर्निंग जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाया जा रहा है। सिंगापुर स्थित वित्तीय सलाहकार मंदार पाध्ये ने भाषाओं विशेषकर हिंदी के प्रचार-प्रसार के प्रयासों का उल्लेख किया, जो देश के अधिकांश स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली भाषाओं में से एक है। पाध्ये ने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर अंग्रेजी भाषा का ज्ञान जरूरी है तथा इसके बाद जिन दो भाषाओं का ज्ञान आपको होना चाहिए, वे हैं हिंदी और चीनी (मंदारिन), क्योंकि अगली पीढ़ी के नेता ऐसी जगहों से आ रहे हैं जहां ये भाषाएं बोली जाती हैं।’’ पाध्ये की हालिया पुस्तक ‘द रिजिलिएंट इन्वेस्टर’ में मानव-से-मानव संबंधों पर प्रकाश डाला गया है जो निरंतर विकसित होते वित्तीय परिदृश्य में व्यावसायिक विकास और व्यक्तिगत विकास के बीच विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी एक अहम भाषा होगी क्योंकि कई कारोबारी नेता भारतीय समुदाय से आते हैं और इनमें से कई की मातृभाषा हिंदी है। निवेश सलाहकार ने कहा कि इसलिए भारत में मौजूद विदेश कार्यकारियों के लिए हिंदी का बेहतर ज्ञान जरूरी हो जाता है क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में देश अहम भूमिका निभा रहा है। करीब 300 प्रतिभागियों के साथ हिंदी पर अपने विचार साझा करने के लिए सिंगापुर पहुंचीं इंदौर में ‘प्री-एग्जामिनेशन ट्रेनिंग सेंटर’ की प्राचार्य अलका भार्गव ने कहा कि उनका मानना है कि वैश्विक मंच पर हिंदी को और अधिक बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक संयुक्त प्रयास किए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने हिंदी को मुख्य भाषा के रूप में प्रचारित करने के लिए शिक्षण कार्यक्रमों का आह्वान किया।  

ट्रम्प ने चुनावी सभा में की अप्रवासियों की निंदा, महिला अपराध पर सख्त दिखे ट्रंप

राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप नहीं जीते तो यह अमेरिका का आखिरी चुनाव: एलन मस्क मस्क बोले अगर ट्रंप नहीं जीते तो यह अमेरिका का आखिरी चुनाव होगा और इसके बाद देश में लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा ट्रम्प ने चुनावी सभा में की अप्रवासियों की निंदा, महिला अपराध पर सख्त दिखे ट्रंप वॉशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासी गरमाने लगी है। खास बात यह है कि अब अमेरिकी सियासत में भारत की तरह चुनावी आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहे हैं। टेस्ला के मालिक एलन मस्क खुलकर डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में हैं। उन्होंने दावा किया है कि अगर ट्रंप नहीं जीते तो यह अमेरिका का आखिरी चुनाव होगा और इसके बाद देश में लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा। सोशल मीडिया एक्स पर एक यूजर को जवाब देते हुए मस्क ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप को सत्ता में लाना ही लोकतंत्र को बचाने का एकमात्र तरीका है। मस्क ने आरोप लगाया कि जो बाइडेन की सरकार अवैध प्रवासियों को अमेरिकी नागरिकता देकर स्विंग स्टेट्स में चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है। मस्क के मुताबिक अगर यह प्रक्रिया जारी रहती है, तो अमेरिका एक दलीय राज्य बन जाएगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। मस्क ने बाइडेन प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि शरण चाहने वालों को स्विंग स्टेट्स जैसे पेन्सिलवेनिया, ओहायो, विस्कॉन्सिन और एरिजोना में भेजा जा रहा है। यह हर चुनाव जीतने की एक निश्चित रणनीति है, जिससे अमेरिका एक पार्टी के नियंत्रण में आ जाएगा और लोकतंत्र का अंत हो जाएगा। एलन मस्क ने इसके साथ ही 1986 में कैलिफोर्निया के आम माफी का जिक्र करते हुए कहा कि कैसे उस समय भी बड़े पैमाने पर प्रवासियों को वैध मतदाता बनाकर डेमोक्रेटिक पार्टी ने जीत हासिल की थी। मस्क ने चेतावनी दी कि अगर यह प्रवृत्ति जारी रही, तो अमेरिका की हर जगह स्थिति वैसी ही हो जाएगी जैसी सैन फ्रांसिस्को में है, जो अत्यधिक समाजवादी नीतियों के लिए जाना जाता है। मस्क ट्रंप के मुखर समर्थक रहे हैं और इससे पहले भी ट्रंप के समर्थन में अपनी राय दे चुके हैं। ट्रम्प ने चुनावी सभा में की अप्रवासियों की निंदा, महिला अपराध पर सख्त दिखे ट्रंप अमेरिका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध रूप से घुसपैठ करने वाले और आपराधिक प्रवृत्ति वाले अप्रवासियों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने ऐसे अप्रवासियों के खिलाफ कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया है और खासतौर पर उन लोगों की कड़ी आलोचना की है जो महिलाओं के साथ हुए अपराधों में शामिल थे। ट्रंप ने इसके साथ ही डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस के खिलाफ भी निजी टिप्पणियां की है। चुनावी राज्य विस्कॉन्सिन में एक जनसभा में ट्रंप ने कमला हैरिस को मानसिक रूप से विकलांग और अस्थिर कहा है। हैरिस ने शुक्रवार को अपने 2024 के राष्ट्रपति अभियान के दौरान पहली बार अमेरिका-मेक्सिको सीमा का दौरा किया था। ट्रंप के भाषण अवैध प्रवासियों पर केंद्रित था। उन्होंने हिंसक अपराध करने वाले प्रवासियों को राक्षस, पत्थर दिल हत्यारे और जानवर कहा। ट्रंप और हैरिस के बीच पांच नवंबर के चुनाव से पहले कांटे की टक्कर देखी जा रही है। जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक वोटर्स के लिए इमिग्रेशन और साउथ बॉर्डर कई बड़े मुद्दों में से एक है। ट्रम्प ने हैरिस और डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जो बाइडन पर अवैध प्रवासियों को अमेरिका में एंट्री की परमिशन देने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रवासी अमेरिकी नागरिकों के साथ दुष्कर्म उन्हें लूटने, चोरी करने और उनकी हत्या करने की मंशा रखते हैं। ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि यह एक अंधकारमय भाषण है। ट्रंप का यह भाषण विस्कॉन्सिन के छोटे शहर प्रेयरी डू चीएन में हुआ, जहां सितंबर में एक वेनेजुएलाई व्यक्ति को अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने और एक महिला के साथ यौन शोषण और उसकी बेटी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। बाइडन प्रशासन के दौरान करीब 70 लाख प्रवासियों को अमेरिका-मेक्सिको सीमा पार करते समय गिरफ्तार किया गया है, जो अब तक का एक रिकॉर्ड है। इसके कारण ट्रंप और अन्य रिपब्लिकन नेताओं ने हैरिस और बाइडन की आलोचना की है।    

देश-दुनिया को खूब लुभा रही देवभूमि की प्राकृतिक सौंदर्य, हिल-झील और हिमालय

देहरादून उत्तराखंड में मानसून का कहर थमा और मौसम का रुख बदला तो हरिद्वार से लेकर केदारनाथ धाम तक आस्था का ज्वार दिखने लगा है। देवभूमि एक बार फिर गुलजार हो गई है। चारधाम यात्रा की बात करें तो अब तक 37 लाख 91 हजार 205 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। वैसे इन दिनों उत्तराखंड देवभूमि की प्राकृतिक सौंदर्य देश-दुनिया को खूब लुभा रही है। हिल-झील और हिमालय मानो सुकून सा अहसास करा रहे हैं। चारधाम यात्रा के लिए देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्री देवभूमि के प्राकृतिक सौंदर्य का भी लुप्त उठा रहे हैं। उत्तराखंड के चार धाम हिंदुओं के पवित्र स्थलों में से हैं। गत 10 मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा पर गौर करें तो सबसे अधिक तीर्थयात्री हिमालय की चोटी पर मंदाकिनी नदी के समीप स्थित भगवान श्रीकेदारनाथ के दर पर शीश नवा चुके हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के ड्यूटी आफिसर व वरिष्ठ निजी सचिव पंकज कुमार सैनी की एक रिपोर्ट के अनुसार केदारनाथा धाम में अब तक 12 लाख 27 हजार 295 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। अलकनंदा नदी के समीप स्थित श्रीबदरीनाथ धाम में अब तक 10 लाख 48 हजार 957, गंगोत्री में सात लाख 10 हजार 255, यमुनोत्री में छह लाख 22 हजार 829, गौमुख में 7458 तो हेमकुंड साहिब दरबार में एक लाख 74 हजार 411 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। सुरक्षित धार्मिक यात्रा कराने को लेकर धामी सरकार प्रतिबद्ध गत दिनों मानसून के कहर से आई आपदा के कारण चारधाम यात्रा जरूर प्रभावित हुई, लेकिन आस्था का सैलाब कम नहीं हुआ। वर्तमान में चारों धामों के लिए सड़क व हवाई मार्ग दोनों सुचारू हैं। सरकार-प्रशासन से लेकर विभागीय स्तर पर निगरानी की जा रही है। चारधाम यात्रा व्यवस्था पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद नजर बनाए हुए हैं। श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। धामी सरकार सुरक्षित धार्मिक यात्रा कराने को लेकर प्रतिबद्ध है।    

टी20 विश्व कप के लिये भारतीय महिला टीम की तैयारी बेहतरीन : लक्ष्मण

बेंगलुरू  बीसीसीआई के उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर आफ एक्सीलैंस) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने कहा है कि चोटिल क्रिकेटरों की रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया में पूर्व निर्धारित समय सीमा की बजाय जरूरी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए धैर्य के साथ आगे बढना महत्वपूर्ण है। पिछले दो साल में ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे शीर्ष क्रिकेटरों ने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में कई महीने बिताये हैं। अब यही अकादमी सेंटर आफ एक्सीलैंस बन गई है। ये सभी क्रिकेटर पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौटे। लक्ष्मण ने यहां सेंटर के उद्घाटन के मौके पर चुनिंदा पत्रकारों से कहा, ‘‘यह गलत धारणा है कि समय सीमा का पालन करना है। मैं समझता हूं कि कई बार आपको लगता है कि आप इस समय सीमा में फिट हो जायेंगे लेकिन कई बार ऐसा नहीं हो पाता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि प्रोटोकॉल का संयम के साथ पालन करना जरूरी है लेकिन कई बार रिकवरी में देर भी हो जाती है। हमने ऋषभ पंत का मामला देखा है और जस्सी का भी। कई खिलाड़ी यहां आये और कड़ी मेहनत की जिसका परिणाम भी मिला।’’ लक्ष्मण ने कहा कि रिकवरी के दौरान सबसे अहम मानसिक रूप से मजबूत बने रहना था। उन्होंने कहा, ‘‘रिहैबिलिटेशन में सबसे चुनौतीपूर्ण होता है कि पूरे दिन में दो तीन घंटे ही यह प्रक्रिया होती है और बाकी दिन खिलाड़ी के पास करने के लिये कुछ नहीं होता। ऐसे खिलाड़ी जिनको रोज छह से आठ घंटे खेलने या अभ्यास करने की आदत है, वे अचानक रिहैब रूम तक सिमट जाते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘रिकवरी के बाद अधिकतम चार से पांच घंटा मैदान पर जाते हैं। इसके लिये मानसिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी है।’’ हमारे पास ऐसे क्रिकेटर हैं जो दस साल तक भारत का दबदबा बनाये रखने में मदद करेंगे  बीसीसीआई के सेंटर आफ एक्सीलैंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि भारतीय क्रिकेट में ऐसी ‘बेंच स्ट्रेंथ’ है कि अगले एक दशक तक हर प्रारूप में विश्व क्रिकेट में भारत का दबदबा बनाने में मदद कर सकते हैं। लक्ष्मण 2021 में राहुल द्रविड़ के बाद राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के प्रमुख बने थे। अब एनसीए को ही उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर आफ एक्सीलैंस) में बदल दिया गया है जिसका उद्घाटन रविवार को हुआ। लक्ष्मण का कार्यकाल इस साल की शुरूआत में खत्म हो गया था लेकिन इसमें एक साल का विस्तार दिया गया। लक्ष्मण ने यहां चुनिंदा पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि हमारे पास इतने खिलाड़ी हैं कि अगले दस साल तक भारत को गौरवान्वित कर सकते है। यह मैं सिर्फ पुरूष क्रिकेट नहीं बल्कि महिला क्रिकेट के बारे में भी बोल रहा हूं। हम खुशकिस्मत हैं कि हमारे पास इतने प्रतिभावान खिलाड़ी हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने वेस्टइंडीज में टी20 विश्व कप 2024 जीता जो बड़ी बात है। लेकिन अगर तीनों प्रारूपों में देखें तो हमारा दबदबा रहा है। रैंकिंग ही नहीं बल्कि दूसरे पहलुओं में भी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट में एक ‘सप्लाय चेन’ बन गई है क्योंकि हमारे पास कई खिलाड़ी हैं।यह बहुत अच्छी बात है।’’ लक्ष्मण ने कहा कि खिलाड़ियों के स्वाभाविक खेल से छेड़छाड़ किये बिना उन्हें तैयार करना जरूरी था। उन्होंने कहा,‘‘ फोकस इसी पर था कि उन्हें कैसे तैयार किया जाये कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। हमने उन्हें निर्देश नहीं दिये कि ये करना है और ये नहीं करना है और ना ही उनकी तकनीक में बदलाव किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ी को सहज महसूस करना चाहिये। हम नहीं चाहते कि वह सलाह देने वाले की बात का बोझ लेने लगे। जब राहुल भारतीय टीम का मुख्य कोच था तो उसके जिम्मे अनुबंधित खिलाड़ी थे और हम एनसीए में बाकी खिलाड़ियों, उदीयमान और अंडर 19 खिलाड़ियों को तैयार करते थे।’’ लक्ष्मण ने कहा कि इसके लिये प्रदेश क्रिकेट संघों में भी सहयोगी स्टाफ का ऐसा नेटवर्क तैयार किया गया कि कोचिंग में एकरूपता और निरंतरता बनी रहे। टी20 विश्व कप के लिये भारतीय महिला टीम की तैयारी बेहतरीन  भारत के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने टी20 महिला विश्व कप से पहले यहां सेंटर आफ एक्सीलैंस में लगाये गए शिविर में जो मेहनत की है, उसका फायदा टूर्नामेंट में मिलेगा। भारतीय टीम चार अक्टूबर को दुबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला मैच खेलेगी। लक्ष्मण ने बीसीसीआई के सेंटर आफ एक्सीलैंस में चुनिंदा पत्रकारों से कहा, ‘‘उन्होंने जिस प्रतिबद्धता, समर्पण और ऊर्जा के साथ तैयारी की है, वह अतुलनीय है। मुझे उनकी तैयारियों पर गर्व है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह काफी अच्छा शिविर था और मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने इस तरीके से तैयार किया था कि पहले चरण में मानसिक और शारीरिक पहलुओं पर फोकस था।’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद ब्रेक था और दूसरे चरण में कौशल तथा तकनीकी पहलू पर जोर रहा। यह सिर्फ नेट्स अभ्यास तक नहीं था बल्कि पांच मैच भी खेले जिसमें अमोल ने उन्हें अलग अलग तरह की चुनौतियां दी।’’ लक्ष्मण ने कहा कि भारत में महिला क्रिकेट आगे की ओर बढ रहा है और इसमें महिला प्रीमियर लीग की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा,‘‘मेरा मानना है कि महिला क्रिकेट का ग्राफ ऊपर जा रहा है।इस भूमिका में मैने भारतीय युवा लड़कियों और अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों को तैयारी करते देखा है। डब्ल्यूपीएल काफी अच्छी पहल है। इससे आईपीएल की ही तरह घरेलू क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाने का मंच मिला है।’’  

मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों को नवरात्रि से पहले देगी महंगाई भत्ता का तोहफा, यहां जाने कितनी बढ़कर आएगी सैलरी

नई दिल्ली  केंद्र सरकार के कर्मचारी अक्टूबर 2024 में महंगाई भत्ता (DA) में बकी घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन उम्मीद है कि सरकार दिवाली से पहले 3% से 4% तक की डीए बढ़ोतरी की घोषणा करेगी। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2024 से लागू मानी जाएगी, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी। साथ ही जुलाई से लागू डीए का एरियर भी सैलरी के साथ आएगा। सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी? अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹18,000 प्रति माह है, तो 3% बढ़ोतरी से उसकी सैलरी ₹540 मंथली बढ़ेगी। अगर डीए 4% बढ़ता है तो सैलरी में मंथली ₹720 रुपये बढ़ जाएंगे। उदाहरण के लिए अगर किसी की कुल सैलरी ₹30,000 है और उसमें से ₹18,000 बेसिक पे है, तो मौजूदा 50% डीए के अनुसार उसे ₹9,000 महंगाई भत्ता मिलता है। 3% बढ़ोतरी के बाद यह ₹9,540 हो जाएगा और 4% बढ़ोतरी पर ₹9,720 हो जाएगा। DA और DR: क्या फर्क है? डीए सरकारी कर्मचारियों को दिया जाता है जबकि डीआर यानी महंगाई राहत पेंशनर्स की पेंशन में जुड़कर मिलता है। दोनों में ही साल में दो बार—जनवरी और जुलाई में रिवीजन होता है। हालांकि, सरकार कभी भी इसका ऐलान करें लेकिन ये जनवरी और जुलाई से ही लागू माने जाते हैं। इस बार की डीए और डीआर की बढ़ोतरी से एक करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को फायदा होगा। डीए कैसे तय होता है? महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी का ऐलान ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर किया जाता है। पिछले 12 महीनों के औसत के आधार पर केंद्र सरकार डीए रिवाइज करती है, जिसका ऐलान आमतौर पर मार्च और सितंबर में किया जाता है। 8वां वेतन आयोग: कर्मचारियों की बढ़ी उम्मीदें 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2016 से लागू हुई थीं और अब 10 साल पूरे होने जा रहे हैं। हालांकि, 8वें वेतन आयोग की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कर्मचारी इसके जल्द गठन की उम्मीद कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 8वें वेतन आयोग से न्यूनतम वेतन ₹34,560 हो सकता है, जबकि पेंशन भी बढ़कर ₹17,280 हो सकती है। सरकार ने अभी तक 8वें वेतन आयोग पर कोई निर्णय नहीं लिया है, लेकिन कर्मचारियों को उम्मीद है कि इसकी घोषणा जल्द की जाएगी।

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आज

भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह के मुख्य आतिथ्य में एक अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। “गरिमा के साथ वृद्धावस्था” थीम पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम, शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के सभागार में सम्पन्न होगा।  

जम्मू-कश्मीर की 40 सीटों पर आज हो रही वोटिंग,आखिरी फेज में 415 कैंडिडेट्स

श्रीनग  जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के लिए आज मंगलवार को हो रहे मतदान में भारी भीड़। तीसरे चरण में 40 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा, जिनमें से 16 कश्मीर घाटी में और 24 जम्मू में हैं। ये विधानसभा क्षेत्र सात जिलों कुपवाड़ा, बारामूला, बांदीपोरा, उधमपुर, कठुआ, सांबा और जम्मू में फैले हैं। जम्मू-कश्मीर में एक दशक में पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहा है। पिछला विधानसभा चुनाव 2014 में हुआ था। चुनाव के तीसरे चरण में न केवल 415 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा, बल्कि यह भी पता चलेगा कि जम्मू-कश्मीर में 08 अक्टूबर को कौन सी पार्टी अगली सरकार बना सकती है। मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा और शाम छह बजे तक चलेगा। चुनाव आयोग के मुताबिक 40 विधानसभा सीटों पर 39.18 लाख मतदाता पंजीकृत हैं तथा 5060 मतदान केंद्र स्थापित किये गये हैं। तीसरे चरण में 25 पूर्व मंत्री और विधायकों समेत कई नामचीन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। प्रमुख उम्मीदवारों में छंब विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता तारा चंद, बारामूला से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे पूर्व उपमुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद लोन, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के बशारत बुखारी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के चौधरी रमजान, भारतीय जनता पार्टी के शाम लाल शर्मा और देवेंद्र सिंह राणा तथा कांग्रेस के चौधरी लाल सिंह और उस्मान मजीद शामिल हैं। कश्मीर में सबकी निगाहें अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) पर होंगी, जिसका नेतृत्व सांसद अब्दुल रशीद शेख कर रहे हैं, जिन्हें इंजीनियर रशीद के नाम से जाना जाता है। उन्हें अंतरिम जमानत पर तिहाड़ जेल से रिहा किया गया था और उन्होंने विधानसभा चुनावों के लिए जमकर प्रचार किया है। जम्मू जिले में चुनावी मैदान में 109 उम्मीदवार हैं, इसके बाद बारामूला में 101, कुपवाड़ा में 59, बांदीपोरा में 42, उधमपुर में 37, कठुआ में 35 और सांबा में 32 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। जम्मू संभाग के उधमपुर जिले के उधमपुर पश्चिम में 12 उम्मीदवार, 60-उधमपुर पूर्व में 09, चेनानी में 09, जबकि रामनगर में 07 उम्मीदवार मैदान में हैं। कठुआ जिले के बनी में 08 उम्मीदवार, बिलावर में 04, बसोहली में 04, जसरोटा में 08, कठुआ में 05 और हीरानगर विधानसभा क्षेत्रों में 06 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सांबा जिले के रामगढ़ में 07 उम्मीदवार रह गए हैं, सांबा में 14 और विजयपुर में 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। जम्मू जिले के बिश्नाह में 09 उम्मीदवार, सुचेतगढ़ में 11, आर.एस. पुरा-जम्मू दक्षिण, बाहु में 12, जम्मू पूर्व में 09, नगरोटा में 08, जम्मू पश्चिम में 12, जम्मू उत्तर में 17, मढ़ में 06, अखनूर में 03 और छंब विधानसभा क्षेत्र में 08 उम्मीदवार हैं। इसी तरह कश्मीर संभाग के कुपवाड़ा जिले के करनाह में चुनाव के लिए 08 उम्मीदवार, त्रेहगाम में 10, कुपवाड़ा में 08, लोलाब में 11, हंदवाड़ा में 07, और लंगेट में 15 उम्मीदवार मैदान में हैं। बारामूला जिले के सोपोर में 20 उम्मीदवार, रफियाबाद में 12, उरी में 06 बारामूलामें 25, गुलमर्ग में 13, वागूरा-क्रीरी में 12, और 13-पट्टन विधानसभा क्षेत्रों में 13 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। बांदीपोरा जिले के सोनावारी में 18 उम्मीदवार, बांदीपोरा में 19 और गुरेज में 05 उम्मीदवार मैदान में हैं।गौरतलब है कि प्रदेश में पहले और दूसरे दौर का चुनाव क्रमश: 18 और 25 सितंबर को हुआ है। चुनाव परिणाम आठ अक्टूबर को आएंगे।    

राज्य स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री साय

रायपुर राज्य स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 01 अक्टूबर के अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा सियान सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सूरजपुर जिले के अग्रसेन स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।    सियान सम्मान कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, आदिम जाति एवं अनसूचित जाति मंत्री श्री राम विचार नेताम, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, बैकुंठपुर विधायक श्री भईयालाल राजवाड़े, भरतपुर-सोनहत विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, अम्बिकापुर विधायक श्री राजेश अग्रवाल, सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।

JK विधानसभा चुनाव के दौरान 130 करोड़ रुपये की जब्ती हुई: मुख्य निर्वाचन अधिकारी

श्रीनगर  चुनाव अधिकारियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के कुल 1,263 उल्लंघनों की सूचना मिली और 130 करोड़ रुपये की नकदी और अन्य सामग्री जब्त की गई। मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) पीके पोल ने कहा कि पुलिस विभाग ने सबसे अधिक 107.50 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 1,263 एमसीसी उल्लंघनों में से 600 को जांच और उचित कार्रवाई के बाद बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 364 शिकायतों की जांच चल रही है, जिनका भी जल्द ही निपटारा कर दिया जाएगा। इसके अलावा 115 उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों, मीडिया घरानों और अन्य को एमसीसी उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। सीईओ ने बताया कि ड्रग्स, नकदी और शराब से जुड़ी अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन एजेंसियों ने 32 एफआईआर दर्ज की हैं। पोल ने कहा, “2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान अब तक जम्मू-कश्मीर में विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कुल 130 करोड़ रुपये की जब्ती की गई है।” विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग ने 107.50 करोड़ रुपये, सीजीएसटी ने 9.88 करोड़ रुपये, एसजीएसटी/सीटी ने 8.03 करोड़ रुपये, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 2.06 करोड़ रुपये, आयकर विभाग ने 87 लाख रुपये तथा राज्य आबकारी विभाग ने 50 लाख रुपये की जब्ती की है। विभिन्न राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को रैलियां, जुलूस, पार्टी कार्यालय खोलने, वाहन, बैनर, झंडे, पर्चे, होर्डिंग्स, नुक्कड़ सभाएं, घर-घर जाकर प्रचार आदि के संबंध में 7,088 अनुमतियां दी गई हैं। तीसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान 1 अक्टूबर को होना है। पहले चरणों में मतदाताओं की संख्या काफी अच्छी रही थी, 18 सितंबर को पहले चरण में 61.38 प्रतिशत और 26 सितंबर को दूसरे चरण में 57.31 प्रतिशत मतदान हुआ था। अगस्त 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद से जम्मू और कश्मीर में यह पहला विधानसभा चुनाव है, जिसके नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।  

मुख्यमंत्री शिव-सृष्टि पार्क का अवलोकन भी करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में पुणे में होगी रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था की राष्ट्रीय चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव अम्बेगांव में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क ‘शिव-सृष्टि’ का भ्रमण कर अवलोकन करेंगे मुख्यमंत्री शिव-सृष्टि पार्क का अवलोकन भी करेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था की राष्ट्रीय चर्चा पुणे में मंगलवार को होने जा रही है। राष्ट्रीय चर्चा “पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर और उनके जन-कल्याणकारी सुशासन’ विषय पर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुणे में शिव-सृष्टि पार्क का अवलोकन भी करेंगे। जानकी देवी बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ऑडिटोरियम में होने वाली राष्ट्रीय चर्चा महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की अध्यक्षता में होगी। रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे भी मौजूद रहेंगे। चर्चा में शाम को व्याख्यान-सत्र होगा। इसमें मुख्य वक्ता पद्मसे सम्मानित मा. निवेदिता ताई भिडे उपाध्यक्ष स्वामी विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी रहेंगी। व्याख्यान-सत्र की अध्यक्षता डॉ. देवीदास पोटे प्रतिष्ठित लेखक एवं चरित्रकार करेंगे। समापन-सत्र को श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी महिला विद्यापीठ मुंबई की कुलगुरु डॉ. उज्ज्वला चक्रदेव संबोधित करेंगी। ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क मुख्यमंत्री डॉ. यादव अम्बेगांव (पुणे) में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क ‘शिव-सृष्टि’ का भ्रमण कर अवलोकन करेंगे। महाराजा शिव-छत्रपति प्रतिष्ठान ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके संघर्ष को जीवंत करना है। ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क 21 एकड़ भूमि पर फैला है, जिसकी अनुमानित लागत 438 करोड़ 68 लाख रुपये है। अब तक इस मेगा प्रोजेक्ट के दो चरण पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में सरकारवाड़ा के अंतर्गत महाराष्ट्र के किलों की प्रदर्शनी, छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से बच निकलने की कहानी, रायगढ़ का 5डी-शो, शस्त्रों की प्रदर्शनी और शिवाजी महाराज के जीवन पर केन्द्रित अन्य इंटरैक्टिव अनुभव शामिल हैं। दूसरे चरण में रोटेशनल प्लेटफार्म पर ‘स्वराज्य, स्व-धर्म, स्व-भाषा’ शो विकसित किया गया है, जिसे एक बार में 100 लोग देख सकते हैं। तीसरे चरण में प्रवेश द्वार (रंग मंडल), राजसभा का निर्माण, डार्क राइड, तटबंध, लैंडस्केप और ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। इस थीम पार्क को ‘मेगा टूरिज्म प्रोजेक्ट’ का दर्जा मिला है। अब तक 70 हज़ार से अधिक लोग इसका भ्रमण कर चुके हैं।  

मध्य प्रदेश के पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाई, यमराज को भी दिखया रेड सिग्नल!

भोपाल  मध्य प्रदेश में पुलिस वाले कानून व्यवस्था को संभालने के साथ ही जरूरतमंदों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहते हैं। हाल ही में कई घटनाओं में पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाई है। फिर चाहे वो किसी विधायक को हार्ट अटैक आने पर CPR देना हो, या सड़क किनारे बेहोश हुए एक बुजुर्ग की जान बचाना हो, एमपी पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश की है। यहां तक की मौका आने पर उन्होंने सांप तक को सीपीआर देकर नया जीवनदान दिया है। आईए जानते हैं वो बड़ी पांच घटनाएं जहां पुलिस कर्मी देव दूत बनकर यमराज के पास से बचा लाए लोगों की जान विधायक को दिया नया जीवन सितंबर 2024 में राऊ विधानसभा से बीजेपी विधायक मधु वर्मा को हार्ट अटैक आ गया था। उनके पीएसओ अरुण भदौरिया ने तुरंत अपनी ट्रेनिंग का इस्तेमाल करते हुए उन्हें CPR दिया और अस्पताल पहुंचाया। समय पर मदद मिलने की वजह से उनकी जान बच गई। इसके बाद लोगों ने अरुण भदौरिया की जमकर तारीफ की। सीएम मोहन ने भी उन्हे सराहा। चलती एक्टिवा पर बच्ची के पापा को आ गया था अटैक अगस्त 2024 में इंदौर में भी ऐसी ही एक घटना घटी। एक शख्स को चलती एक्टिवा पर अटैक आ गया। उनकी 14 साल की बेटी ने लोगों से मदद की गुहार लगाई। तभी वहां से गुजर रहे एक कॉन्स्टेबल ने युवक को CPR देकर उसकी जान बचाई। पुलिस वाले अंकल ने साहस के साथ बच्ची के पापा को नया जीवन दिया। आरपीएफ जवान नहीं होता तो हो जाती अनहोनी नवंबर 2023 में जबलपुर में विधानसभा चुनाव के दौरान एक मतदान कर्मी को दिल का दौरा पड़ गया। आरपीएफ के जवानों ने तुरंत उसे CPR दिया और उसकी जान बचाई। यदि आरपीएफ के जवान समय पर मदद के लिए नहीं आते तो शायद बड़ी अनहोनी भी हो सकती थी। बुजुर्ग के लिए देवदूत बनकर आई लेडी सूबेदार साल 2022 में ग्वालियर में एक महिला ट्रैफिक सूबेदार ने सड़क किनारे बेहोश हुए एक बुजुर्ग को CPR देकर उसकी जान बचाई थी। इसके बाद सूबेदार सोनम पाराशर ने बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती भी करवाया था। सांप को सीपीआर देकर दिया जीवन दान अक्टूबर 2023 में नर्मदापुरम के सेमरी हरचंद कस्बे में पुलिस कांस्टेबल अतुल शर्मा ने एक सांप को सीपीआर देकर उसकी जान बचाई। सांप पाइप लाइन में फंसकर बेहोश हो गया था। अतुल शर्मा 2008 से काम कर रहे हैं और अब तक सैकड़ों सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं। काबिले तारीफ है ये जज्बा इसे लेकर एक प्रशंसक ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि ज़रूरतमंदों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहती है। पुलिसकर्मियों का यह जज़्बा काबिले तारीफ है।

सिएटल में वेश्यावृत्ति के धंधे में आया उछाल, अब लगेगी नशीली दवाओं पर लगाम

 सिएटल अमेरिका को सपनों का देश कहा जाता है, जहां की लाइफस्टाइल, जॉब्स और ग्लैमर दुनियाभर के लोगों को आकर्षित करती हैं. लेकिन इस चमक-दमक के पीछे की सच्चाई अक्सर दुनिया की नजरों से दूर रहती है. कुछ ऐसी ही कहानी है सिएटल शहर की एक बदनाम गली की, जो वेश्यावृत्ति का केंद्र बन चुकी है. डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, सिएटल की इस गली को ‘द ब्लेड’ के नाम से जाना जाता है, जहां हर रात महिलाएं कम कपड़ों में ग्राहकों को लुभाने के लिए सड़कों पर खड़ी नजर आती हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गली के पास ही दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियां जैसे अमेजन और एप्पल के ऑफिस भी मौजूद हैं. लेकिन इसके बावजूद, इस इलाके में वेश्यावृत्ति का धंधा तेजी से फैल रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस गली में हर दिन लगभग 300 लोग आते हैं, और करीब 60 महिलाएं इस व्यापार में शामिल होती हैं. कोविड-19 महामारी के दौरान हालात और भी बिगड़ गए, जब क्लब और बार बंद हो गए और महिलाओं को मजबूरन सड़कों का रुख करना पड़ा. स्थानीय दुकानदार डटन क्लार्क के मुताबिक-कोविड के बाद हालात बेहद खराब हो गए हैं. पिछले साल इस गली में हर वक्त 50-60 महिलाएं खड़ी रहती थीं, जो ग्राहकों की तलाश में रहती थीं. सबसे दर्दनाक बात यह है कि इन महिलाओं में से कई की उम्र बेहद कम होती है. रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि यहां आने वाले ग्राहकों में से एक तिहाई लोग आसपास की बड़ी टेक कंपनियों में काम करने वाले प्रोफेशनल्स होते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गली में वेश्यावृत्ति के साथ-साथ अपराध भी बढ़ गए हैं. जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है. यहां की घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है.अब यह गली सिर्फ वेश्यावृत्ति का केंद्र नहीं, बल्कि बढ़ते अपराधों की वजह से भी चर्चा में है. जिसने स्थानीय निवासियों की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है. अब लगेगी नशीली दवाओं पर लगाम  सिएटल सिटी में  दो नए विधेयक पारित किए। इनका उद्देश्य सार्वजनिक रूप से नशीली दवाओं के उपयोग, बिक्री और वेश्यावृत्ति पर लगाम लगाना है।पहले विधेयक में यह प्रावधान है कि अब नशीलों दवाओं के सौदागरों के सिएटल शहर के मुख्य भाग स्टे आउट ऑफ ड्रग एरिया में प्रवेश करना प्रतिबंधित होगा। द सिएटल टाइम्स की एक खबर के अनुसार, नशीली दवाओं से संबंधित विधेयक लाने का प्रस्ताव काउंसिल सदस्य बॉब केटल ने किया। इसे सिटी अटॉर्नी एन डेविसन ने पेश किया। यह विधेयक 8 से 1 के अंतर से पारित हुआ। काउंसिल सदस्य टैमी मोरालेस ने इसके खिलाफ मतदान किया। दूसरा विधयेक उत्तरी सिएटल में ऑरोरा एवेन्यू से संबंधित है। यह जगह वेश्यावृत्ति और आवारागर्दी के लिए बदनाम है। इसमें कहा गया है कि सेक्स वर्कर को यहां से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। काउंसिल सदस्य कैथी मूर का यह विधेयक भी 8 से 1 के अंतर से पारित हुआ। काउंसिल सदस्य टैमी मोरालेस ने इस विधेयक के खिलाफ भी मतदान किया। उल्लेखनीय है कि सिएटल वाशिंगटन राज्य का एक प्रमुख शहर है। यह प्रमुख बंदरगाह है। यह प्रशांत महासागर और लेक वौशिंग्टन के बीच स्थित है। कनाडा की सीमा यहां से मात्र 160 किलोमीटर दूर है। अप्रैल 2009 में यहां की आबादी लगभग 61,700 थी।  

लॉकडाउन के दौरान चंद्रमा के तापमान में 8-10 केल्विन की असामान्य गिरावट देखी गई

नई दिल्ली/बेंगलुरु भारतीय शोधकर्ताओं ने पाया है कि 2020 के वैश्विक कोविड लॉकडाउन का चंद्रमा तक प्रभाव पड़ा था। पीयर-रिव्यू मंथली नोटिस ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी: लेटर्स में एक स्टडी प्रकाशित हुई थी। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को पता चला है कि अप्रैल-मई 2020 के सबसे सख्त लॉकडाउन के दौरान चंद्रमा की सतह के तापमान में असामान्य गिरावट देखी गई थी। फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (पीआरएल) के के दुर्गा प्रसाद और जी अंबिली ने 2017 और 2023 के बीच चंद्रमा के निकटवर्ती भाग पर छह विभिन्न स्थानों – ओशनस प्रोसेलारम के दो स्थान, मेरे सेरेनिटैटिस, मेयर इम्ब्रियम, मेयर ट्रैंक्विलिटैटिस और मेरे क्रिसियम पर रात्रि के समय सतह के तापमान का विश्लेषण किया। पीआरएल के निदेशक अनिल भारद्वाज ने कहा कि यह हमारे समूह का एक महत्वपूर्ण कार्य है। यह काफी अद्वितीय है। कैसे की स्टडी? नासा के चंद्रयान (Lunar Reconnaissance Orbiter) के आंकड़ों का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने पाया कि लॉकडाउन के महीनों में चंद्रमा के तापमान में अन्य वर्षों की तुलना में लगातार 8-10 डिग्री कम (8-10 केल्विन) हो गया था। प्रसाद ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि हमने वास्तव में 12 सालों का डेटा विश्लेषण किया था, लेकिन अध्ययन में समानता बनाए रखने के लिए हमने सात सालों (2017 से 2023) का डेटा इस्तेमाल किया,लॉकडाउन वाले साल 2020 से पहले के तीन साल और उसके बाद के तीन साल। शोधकर्ताओं का मानना है कि लॉकडाउन के दौरान पृथ्वी से निकलने वाले विकिरण (Radiation) में कमी के कारण चंद्रमा का तापमान कम हुआ। चूंकि मानवीय गतिविधियों में काफी कमी आई थी, ग्रीनहाउस गैसों और वायुमंडलीय कणों (Aerosols) का उत्सर्जन भी कम हो गया, जिसके कारण पृथ्वी के वायुमंडल में कम गर्मी फंसी और वापस निकली। तापमान में काफी बदलाव शोधकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों और वर्षों में तापमान में काफी बदलाव भी देखा। सबसे कम कुल तापमान 2020 में साइट-2 पर 96.2 K था, जबकि सबसे कम तापमानों में सबसे अधिक 2022 में साइट-1 पर 143.8 K था। आमतौर पर, 2020 में अधिकांश स्थानों पर सबसे ठंडा तापमान देखा गया, जबकि 2021 और 2022 में जब पृथ्वी पर मानवीय गतिविधियां फिर से शुरू हुईं, तब एक उल्लेखनीय तापमान बढ़ने का रुझान देखा गया। के दुर्गा प्रसाद ने समझाया कि चंद्रमा पृथ्वी के विकिरण के चिन्ह का एक प्रवर्धक (Amplifier) के रूप में कार्य करता है। इस अनूठी वैश्विक घटना ने हमें यह देखने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान किया कि पृथ्वी पर मानवीय गतिविधियों में बदलाव हमारे निकटतम खगोलीय पड़ोसी को कैसे प्रभावित कर सकता है।शोध पत्र में लिखा है कि चूंकि कोविड लॉकडाउन के दौरान चंद्रमा के रात्रि के समय सतह के तापमान में असामान्य कमी देखी गई है, इसलिए अन्य संभावित कारकों जैसे सौर गतिविधि और मौसमी प्रवाह विविधता के प्रभावों की भी जांच की गई है। परिणाम दर्शाते हैं कि इन कारकों में से किसी का भी अवलोकित हस्ताक्षर(Observed Signature) पर कोई प्रभाव नहीं है, इस प्रकार यह हमारे निष्कर्षों का समर्थन है कि यह केवल कोविड लॉकडाउन के कारण है।

पड़ोसी देश पाकिस्तान ऐसे आर्थिक संकट में घिरा की 6 मंत्रालय ही बंद और डेढ़ लाख नौकरियां खत्म

 इस्लामाबाद पड़ोसी देश पाकिस्तान ऐसे आर्थिक संकट में घिर गया है कि अब उसने डेढ़ लाख सरकारी नौकरियां समाप्त कर दी हैं। इसके अलावा 6 मंत्रालयों को ही भंग कर दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि सरकारी खर्च को रोका जा सके। यही नहीं दो मंत्रालयों का अन्य विभागों के साथ विलय कर दिया गया है। आईएमएफ से 7 अरब डॉलर की लोन डील के तहत पाकिस्तान सरकार ने ये कदम उठाए हैं। पाकिस्तान लगातार संकट के दौर से गुजर रहा है और आईएमएफ से लोन की एक किस्त मिलने के बाद भी उसका संकट समाप्त नहीं हुआ है। अब वह एक और राउंड का लोन लेने के लिए जुगत भिड़ा रहा है। आईएमएफ ने पाकिस्तान के लिए मंजूर लोन की पहली किस्त 26 सितंबर को जारी की थी। इसके तहत 1 अरब डॉलर का पैकेज घोषित किया गया है। आईएमएफ ने इसके साथ ही पाकिस्तान सरकार को आदेश दिया है कि वह अपने खर्च घटाएं, टैक्स में इजाफा करे, कृषि और रियल एस्टेट जैसे सेक्टरों में पर भी टैक्स लगाया जाए। इसके अलावा सब्सिडी खत्म की जाए और कुछ योजनाओं को भी सीमित किया जाए। अमेरिका से लौटे पाकिस्तानी वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने कहा कि आईएमएफ के साथ डील हो गई है। यह हमारी आखिरी डील होगी। हमें इसके तहत कुछ नीतियों को लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि इसी के तहत हम सरकारी खर्चों में भी कटौती कर रहे हैं। 6 मंत्रालयों को बंद किया जाएगा और दो का विलय किया जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग मंत्रालयों के डेढ़ लाख सरकारी पदों को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम टैक्स में भी इजाफे के प्रयास करेंगे। बीते साल 3 लाख अतिरिक्त टैक्सपेयर जुड़े हैं। इस साल अब तक 7 लाख से ज्यादा नए टैक्सपेयर जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि टैक्स के नियमों को सख्त किया जाएगा। जो लोग टैक्स नहीं भरेंगे, उन्हें संपत्ति और वाहन खरीदने की परमिशन नहीं होगी। औरंगजेब ने कहा कि पाकिस्तान को यदि जी-20 का हिस्सा बनना है तो फिर अर्थव्यवस्था को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि अब तो हमारा एक्सपोर्ट भी बढ़ रहा है।

सीबीएसई 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं, एग्जाम रूम में CCTV कैमरों से न सिर्फ नजर रखी जाएगी, बल्कि रिकॉर्डिंग सेव भी रखी जाएंगी.

 नई दिल्ली सीबीएसई 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 2025 15 फरवरी में शुरू हो सकते हैं, जो अप्रैल तक चलेंगे. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) आगामी बोर्ड परीक्षा (CBSE Board Exam 2025) की डेटशीट दिसंबर में जारी कर सकता है. इससे पहले सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा को लेकर जरूरी निर्देश जारी किए हैं. अगले साल बोर्ड परीक्षा कड़े पहरे में होने वाली है. एग्जाम रूम में CCTV कैमरों से न सिर्फ नजर रखी जाएगी, बल्कि रिकॉर्डिंग सेव भी रखी जाएंगी. सीबीएसई ने हाल ही में एक नोटिस जारी कर इसकी सूचना दी है. सीबीएसई द्वारा जारी नोटिस में स्कूलों को हर एग्जाम रूम में सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर जरूरी निर्देश दिए हैं. बोर्ड ने सभी स्कूलों से कहा है कि उनके सभी एग्जाम रूम में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगे होने चाहिए. यह निर्देश सभी सीबीएसई स्कूलों के प्रिंसिपल्स और हेडमास्टर्स को भेजा गया है. बाद में भी इस्तेमाल की जा सकती है CCTV रिकॉर्डिंग नोटिस में साफ-साफ लिखा है कि मैट्रिक (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) बोर्ड परीक्षाएं केवल उन्हीं कमरों में होगी जहां सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे. परीक्षा के दौरान रिकॉर्डिंग की जाएगी जिसे स्कूलों को कम से कम दो महीने तक संभालक रखना होगा. ताकि जरूरत पड़ने पर बोर्ड उन रिकॉर्डिंग्स की जांच कर सके. हालांकि रिकॉर्डिंग केवल अधिकृत लोग ही देख सकेंगे. बिना CCTV कैमरे के स्कूल नहीं करा सकेंगे परीक्षा सीबीएसई ने आगे कहा कि कैमरों में पैन, टिल्ट और जूम की सुविधा होनी चाहिए ताकि किसी भी क्षेत्र या छात्र पर नजर रखी जा सके. अगर किसी स्कूल में सीसीटीवी कैमरों नहीं लगे हैं, तो उस स्कूल को परीक्षा केंद्र नहीं माना जाएगा. 44 लाख छात्र देंगे बोर्ड परीक्षा सीबीएसई के मुताबिक 2024 में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में करीब 44 लाख छात्र बैठेंगे. इतनी बड़ी संख्या छात्रों की परीक्षा सुचारू और शुचिता पूर्ण ढंग से कराने के लिए सीबीएसई ने यह कदम उठाया है. हर परीक्षा केंद्र में 240 छात्रों के लिए एक व्यक्ति खासतौर पर निगरानी रखने के लिए नियुक्त किया जाएगा. इसकी जानकारी छात्रों और अभिभावकों को भी देने को कहा गया है.  

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