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Royal Enfield का दबदबा कायम, सितंबर में 11% बढ़ी सेल्स, इस बाइक को ज्यादा खरीद रहे लोग

नई दिल्ली मोटरसाइकिल बनाने वाली कंपनी रॉयल एनफील्ड ने सितंबर में 86,978 गाड़ियां बेचीं, जो सालाना आधार पर 11 प्रतिशत वृद्धि है। पिछले साल सितंबर में कंपनी ने 78,580 गाड़ियां बेची थीं। रॉयल एनफील्ड ने बयान में कहा कि समीक्षाधीन अवधि में घरेलू बाजार में वाहन बिक्री सात प्रतिशत बढ़कर 79,326 इकाई रही, जो पिछले साल समान माह में 74,261 इकाई थी। कंपनी ने बताया कि निर्यात सितंबर, 2024 में बढ़कर 7,652 इकाई हो गया, जो पिछले साल समान माह में 4,319 इकाई था। रॉयल एनफील्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बी गोविंदराजन ने कहा, “हमने अपने हालिया पेशकश के कारण सितंबर के महीने में लगातार वृद्धि दर्ज की है। इस साल क्लासिक 350 ने चालकों के बीच अपनी प्रतिष्ठित स्थिति और लोकप्रियता को मजबूत करना जारी रखा है और अच्छा प्रदर्शन कर रही है।” इस बाइक की सबसे ज्यादा डिमांड कंपनी ने बताया कि निर्यात सितंबर, 2024 में बढ़कर 7,652 इकाई हो गया, जो पिछले साल समान माह में 4,319 इकाई था. रॉयल एनफील्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बी गोविंदराजन ने कहा कि हमने अपने हालिया पेशकश के कारण सितंबर के महीने में लगातार वृद्धि दर्ज की है. इस साल क्लासिक 350 ने चालकों के बीच अपनी प्रतिष्ठित स्थिति और लोकप्रियता को मजबूत करना जारी रखा है और अच्छा प्रदर्शन कर रही है. Bajaj Auto की बिक्री बढ़ी बजाज ऑटो की वाहन बिक्री देखें तो घरेलू दोपहिया वाहनों की बिक्री 2,59,333 इकाई रही, जो पिछले साल इसी महीने में 2,02,510 इकाइयों से 28 प्रतिशत अधिक है. निर्यात सालाना आधार पर 13 प्रतिशत अधिक 1,41,156 इकाई रहा, जबकि सितंबर 2023 में 1,25,202 इकाई था. वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री पिछले महीने छह प्रतिशत बढ़कर 69,042 इकाई हो गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 64,846 इकाई थी. Hero MotoCorp की सेल्स दोपहिया वाहन खंड की शीर्ष कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने पिछले महीने 6,37,050 वाहनों की बिक्री की जो सालाना आधार पर 19 प्रतिशत अधिक है. सितंबर, 2023 में हीरो ने डीलरों को 5,36,499 इकाइयां भेजी थीं. बजाज ऑटो की घरेलू बिक्री पिछले साल सितंबर में बेची गई 2,53,193 इकाइयों से 23 प्रतिशत बढ़कर 3,11,887 वाहन हो गई. वहीं होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने कहा कि घरेलू बाजार में इसकी थोक बिक्री एक साल पहले के 4,91,802 इकाइयों से बढ़कर 5,36,391 इकाई हो गई.  

उत्तरी इज़रायल में, 60,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हुए : संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र  इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव और इजरायली सेना की ओर से जारी निकासी आदेशों के कारण दो लाख से ज्यादा लोग दक्षिणी लेबनान से विस्थापित हो गए हैं, जिनमें से एक लाख से ज्यादा लोग सीरिया गये हैं। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने  दी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के मुख्य प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) ने चेतावनी दी है कि विस्थापित लोगों की संख्या बढ़ने का अनुमान है, क्योंकि इजरायली रक्षा बल ने सोमवार और  बीच दक्षिण लेबनान के 30 गांवों सहित कई जगहों के लिए निकासी के आदेश जारी किए हैं। प्रवक्ता ने दैनिक विवरण में कहा कि उत्तरी इज़रायल में, 60,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया को लगातार बढ़ा रही है और लेबनान में विस्थापित लोगों के लिए अपनी प्रतिक्रिया में तत्काल मानवीय एवं सुरक्षा सहायता प्रदान करने के लिए भागीदारों के साथ काम कर रही है। संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी भोजन, बच्चों के लिए पोषण, पानी, बिस्तर और स्वच्छता किट जैसी अन्य आवश्यक वस्तुएं प्रदान कर लेबनानी सरकार की प्रतिक्रिया का समर्थन कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ने आवश्यक आपूर्ति के साथ 50,000 विस्थापितों को शरण देने वाले लगभग 200 सामूहिक आश्रयों का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जारी एक बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 42.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आपातकालीन मानवीय सहायता का तत्काल समर्थन देने की अपील की। दुजारिक ने कहा कि हमारे मानवतावादी सहयोगियों का मानना है कि इस पैसे का लक्ष्य अगले तीन महीनों के लिए 10 लाख लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि लेबनान में मानवतावादी समन्वयक इमरान रिज़ा ने चेतावनी दी है कि मानवतावादी सहयोगियों काे पर्याप्त संसाधनों के बिना पूरे देश की आबादी को उस सहायता के बिना उनके हाल पर छोड़ना पड़ेगा, जिसकी उन्हें तत्काल आवश्यकता है।      

आरपी सिंह ने कहा जेक फ्रेजर-मैकगर्क को आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी से पहले दिल्ली कैपिटल्स रिटेन करेगी

फ्रेजर-मैकगर्क को दिल्ली कैपिटल्स रिटेन करेगी: आरपी सिंह दिल्ली कैपिटल्स की टीम बल्लेबाज फ्रेजर-मैकगर्क को भविष्य के लिए तैयार करना चाहती है : आरपी सिंह  आरपी सिंह ने कहा जेक फ्रेजर-मैकगर्क को आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी से पहले दिल्ली कैपिटल्स रिटेन करेगी नई दिल्ली भारत के पूर्व बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया के बड़े हिट वाले सलामी बल्लेबाज जेक फ्रेजर-मैकगर्क को आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी से पहले दिल्ली कैपिटल्स रिटेन करेगी। दिल्ली कैपिटल्स की टीम इस युवा बल्लेबाज को भविष्य के लिए तैयार करना चाहती है। फ्रेजर-मैकगर्क को एक सलामी बल्लेबाज के रूप में डेविड वॉर्नर के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि उन्होंने इस साल आईपीएल के दौरान दिल्ली कैपिटल्स के लिए 234.04 की स्ट्राइक रेट के साथ 330 रन बनाए थे। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से डेविड वॉर्नर के संन्यास लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए उनका प्रदर्शन शुरुआती दौर में अच्छा नहीं रहा , लेकिन फ्रेजर-मैकगर्क ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 में अर्धशतक जड़कर कमबैक किया, और उन्होंने सभी को उस क्षमता की याद दिलाई जो उन्हें कैपिटल्स के लिए रिटेंशन का दावेदार बनाती है। आरपी सिंह ने जियोसिनेमा से कहा, “फ्रेजर-मैकगर्क अपनी अलग खेल शैली और इस फ्रैंचाइजी पर उनके प्रभाव के कारण निश्चित रूप से बने रहेंगे। ऋषभ पंत को कप्तान के रूप में बरकरार रखा जाएगा। दो स्पिनर, अक्षर पटेल और कुलदीप यादव टीम में बने रहेंगे। अन्य के लिए, आप आरटीएम का उपयोग कर सकते हैं क्योंकि कई फ्रेंचाइजी आरटीएम का उपयोग करने की उम्मीद में खिलाड़ियों को रिलीज करती हैं।” आईपीएल 2025 की मेगा ऑक्शन से पहले टीमों के लिए अपने रिटेंशन को अंतिम रूप देने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर है। दस आईपीएल फ्रेंचाइजी अपनी आईपीएल 2024 टीम से अधिकतम छह खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती हैं, जिसमें ज्यादा से ज्यादा पांच कैप्ड खिलाड़ी (भारतीय और विदेशी) और अधिकतम दो अनकैप्ड खिलाड़ी शामिल हैं।    

04 अक्टूबर को रिलीज होगी यश कुमार की फिल्म हाथी मेरे साथी

मुंबई,  भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार यश कुमार की बहुप्रतीक्षित फिल्म हाथी मेरे साथी, 04 अक्टूबर को रिलीज होगी। फिल्म हाथी मेरे साथी, यश कुमार के होम प्रोडक्शन यश कुमार एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनाई गई है।यश कुमार ने कहा, फिल्म ‘हाथी मेरे साथी’ मेरे दिल के बेहद करीब है। यह सिर्फ एक एक्शन फिल्म नहीं है, बल्कि इसमें जानवरों और इंसानियत के बीच के रिश्ते को संवेदनशील ढ़ंग से दिखाने की कोशिश की गई है। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को यह फिल्म जरूर पसंद आएगी और वे इसके संदेश को समझेंगे। पूरी टीम ने फिल्म के लिये कड़ी मेहनत की है। मैं आभारी हूं कि मेरे प्रशंसक हमेशा मेरे साथ खड़े रहे हैं और इस फिल्म के लिए भी मुझे उनसे वैसा ही प्यार और समर्थन मिलेगा। फिल्म के निर्देशक संजय श्रीवास्तव ने बताया कि हाथी मेरे साथी एक दिल को छू लेने वाली कहानी है, जिसमें दमदार एक्शन के साथ-साथ जानवरों और इंसानियत के संवेदनशील पहलुओं को बखूबी दर्शाया गया है। फिल्म हाथी मेरे साथी में यश कुमार के साथ रक्षा गुप्ता, अमित शुक्ला, बालेश्वर सिंह, सूर्या द्विवेदी, और पूजा गुप्ता जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।फिल्म की पटकथा और संवाद राकेश त्रिपाठी ने लिखे हैं, जबकि जहांगीर सैय्यद ने इसकी सिनेमैटोग्राफी की है। फिल्म के एडिटर गुरजंट सिंह हैं, और नृत्य निर्देशन प्रवीण शेलार ने किया है। संगीत मुन्ना दुबे ने तैयार किया है, और गानों के बोल राजेश मिश्रा और शेखर मधुर ने लिखे हैं। गायक आलोक कुमार, प्रियंका सिंह, और जतिंद्र सिंह हैं।

तुर्की ने सीरिया और इराक में किया भीषण हमला, 13 की मौत

अंकारा  तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश की सेना ने उत्तरी इराक और उत्तरी सीरिया में अभियान चलाकर 13 ‘आतंकवादियों’ को मार गिराया है।रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उत्तरी इराक में तुर्की के ऑपरेशन क्लॉ-लॉक में प्रतिबंधित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के 11 सदस्य मारे गए। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में तुर्की ने देश की सीमा के पास उत्तरी इराक के मेतीना, जैप और अवाशिन-बसयान क्षेत्रों में पीकेके के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन क्लॉ-लॉक शुरू किया था। मंत्रालय ने कहा कि उत्तरी सीरिया में एक अलग ऑपरेशन में तुर्की की सेना ने सीरियाई कुर्द पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिट्स (वाईपीजी) के दो सदस्यों को मार गिराया। मंत्रालय के अनुसार, वाईपीजी सदस्यों को तुर्की सेना के ऑपरेशन पीस स्प्रिंग क्षेत्र में देखा गया था। तुर्की अधिकारी अक्सर अपने बयानों में ‘निष्प्रभावी’ (न्यूट्रलाइज्ड) शब्द का प्रयोग यह दर्शाने के लिए करते हैं कि संबंधित ‘आतंकवादियों’ ने आत्मसमर्पण कर दिया, मारे गए या पकड़ लिए गए। तुर्की सेना, पीकेके और वाईपीजी के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए इराक और सीरिया में सीमा पार ऑपरेशन चला रही है। तुर्की सेना ने पड़ोसी देश के साथ अपनी सीमा पर वाईपीजी-फ्री जोन बनाने के लिए उत्तरी सीरिया में 2016 में ऑपरेशन यूफ्रेट्स शील्ड, 2018 में ऑपरेशन ओलिव ब्रांच, 2019 में ऑपरेशन पीस स्प्रिंग और 2020 में ऑपरेशन स्प्रिंग शील्ड शुरू किया था। तुर्की, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध पीकेके ने तीन दशकों से अधिक समय तक तुर्की सरकार के खिलाफ विद्रोह किया है। तुर्की वाईपीजी समूह को पीकेके की सीरियाई शाखा के रूप में देखता है।  

अभी भी लोगो के पास है 2000 रुपये के 7,117 करोड़ रुपये के नोट, RBI ने दी जानकारी

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बताया कि 2000 रुपये के 98% नोट वापस आ चुके हैं, जबकि अभी भी 7,117 करोड़ रुपये के नोट लोगों के पास बचे हुए हैं। अक्टूबर 2024 में जारी आंकड़ों के अनुसार, नोटों की वापसी की रफ्तार धीमी हो गई है। प्रमुख बातें: कब और क्यों बंद हुए: 19 मई 2023 को क्लीन नोट पॉलिसी के तहत 2000 रुपये के नोट वापस लेने का निर्णय लिया गया था। वापसी की समयसीमा: 23 मई से 30 सितंबर 2023 तक नोट जमा करने की समयसीमा थी, लेकिन इसे कई बार बढ़ाया गया। अभी भी जमा कर सकते हैं नोट: 2000 रुपये के नोट अब सिर्फ आरबीआई की 19 क्षेत्रीय शाखाओं और डाकघरों में जमा कराए जा सकते हैं। नोट वापसी के आंकड़े: मई 2023 में बाजार में: 3.56 लाख करोड़ रुपये के नोट थे। सितंबर 2024 तक: 7,000 करोड़ रुपये के नोट वापस नहीं हुए हैं। आरबीआई ने 2018-19 से 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद कर दी थी क्योंकि बाजार में अन्य मूल्यवर्ग के नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो चुके थे।

भारतीय खो-खो महासंघ ने अंतर्राष्ट्रीय खो-खो फेडरेशन के सहयोग से 2025 में भारत में पहले खो खो विश्वकप के आयोजन का ऐलान किया

नई दिल्ली भारत में अगले साल खो-खो विश्व कप का आयोजन किया जायेगा जिसमें छह महाद्वीपों के 24 देश हिस्सा लेंगे। भारतीय खो-खो महासंघ ने अंतर्राष्ट्रीय खो-खो फेडरेशन के सहयोग से 2025 में भारत में पहले खो खो विश्वकप के आयोजन का ऐलान किया है जिसमें छह महाद्वीपों के 24 देश भाग लेंगे। इसमें 16 पुरुष और 16 महिला टीमें भाग लेंगी। खो-खो की जड़ें भारत में हैं। आज, यह खेल जो मिट्टी से शुरू हुआ और मैट पर आ गया है और दुनिया भर में 54 देशों के साथ वैश्विक उपस्थिति बना चुका है। विश्व कप से पहले खेल को बढ़ावा देने के लिए भारतीय खो-खो महासंघ 10 शहरों के 200 एलीट स्कूलों में खेल को ले जाने की योजना बना रहा है। महासंघ स्कूली छात्रों के लिए सदस्यता अभियान भी चलाएगा, जिसका उद्देश्य विश्व कप से पहले कम से कम 50 लाख खिलाड़ियों को पंजीकृत करना है। भारतीय खो-खो महासंघ के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने कहा,“हम पहले खो-खो विश्व कप की मेजबानी करने के लिए बेहद उत्साहित हैं। यह टूर्नामेंट सिर्फ़ प्रतिस्पर्धा की मिसाल नहीं बनेगा बल्कि यह देशों को एक साथ लाने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और दुनिया को खो-खो की सुंदरता और तीव्रता दिखाने का काम करेगा। हमारा अंतिम लक्ष्य 2032 तक खो-खो को ओलंपिक खेल के रूप में मान्यता दिलाना है और यह विश्व कप उस सपने की ओर पहला कदम है।” इस टूर्नामेंट में एक हफ़्ते तक चलने वाले मैचों की श्रृंखला होगी, जिसमें दुनिया भर के शीर्ष-स्तरीय एथलीट अपने कौशल, चपलता और टीमवर्क का प्रदर्शन करेंगे। इस बीच, खो-खो विश्व कप का उद्देश्य इस स्वदेशी भारतीय खेल को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहुंचाना है। इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट की मेजबानी करके, केकेएफआई 2032 संस्करण तक ओलंपिक खेलों में खो-खो की जगह सुरक्षित करने की इच्छा रखता है, जो खेल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।    

यशस्वी और सिराज को टेस्ट सीरीज के सर्वश्रेष्ठ फील्डरों का खिताब मिला

नई दिल्ली बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को कानपुर टेस्ट में सात विकेट से शानदार जीत दर्ज करने के बाद सीरीज के सर्वश्रेष्ठ फील्डरों का खिताब मिला। बीसीसीआई डॉट टीवी पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में, भारत के फील्डिंग कोच टी दिलीप ने बताया कि जायसवाल और सिराज ने कप्तान रोहित शर्मा और केएल राहुल को पीछे छोड़ते हुए श्रृंखला में सर्वश्रेष्ठ फील्डर का तमगा हासिल किया। उन्होंने कहा, “इस बार हमारे पास बेस्ट फील्डर के लिए दो विजेता हैं। इस सीरीज में खिलाड़ियों ने शानदार फील्डिंग का उदाहरण पेश किया। दोनों टेस्ट मैचों में हमने कई अच्छे कैच लपके, जो वास्तव में सराहनीय है। मुझे लगाता है कि दो लोग इस पदक के हकदार थे और वह कोई और नहीं बल्कि जायसवाल और सिराज थे।” सीरीज में भारत की कैचिंग बेहतरीन रही और दिलीप ने खेल के इस पहलू में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी टीम की प्रशंसा की। हालांकि रोहित को पदक नहीं मिला, लेकिन दिलीप ने उनकी फील्डिंग स्किल्स की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब कैचिंग की बात आती है, तो मुझे लगता है कि वह सबसे ज्यादा भरोसेमंद है। राहुल के बारे में बात करते हुए दिलीप ने कहा, “वह ऐसा खिलाड़ी है जिसने वाकई अपनी मजबूत सजगता दिखाई है और जब कैचिंग की बात आती है तो वह वाकई बहुत ही शांत रहता है और बहुत ही बेहतरीन काम करता है।” बांग्लादेश पर शानदार जीत के साथ भारत ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अपने अंक प्रतिशत को 74.24 तक पहुंचा दिया है और अपनी शीर्ष स्थिति को मजबूत किया है। भारत अब न्यूजीलैंड के साथ तीन मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज खेलेगा, जिसकी शुरुआत 16 अक्टूबर को बेंगलुरु में होगी, उसके बाद पुणे और मुंबई में मैच खेले जाएंगे।  

नवरात्रि के व्रत में कितनी बार करना चाहिए फलाहार, क्या है नियम?

How many times should one eat fruits during Navratri fast, what are the rules? Navratri Vrat: नवरात्रि के व्रत में खाने को लेकर कुछ नियम है कि फलाहार कितनी बार करना चाहिए. लेकिन कुछ स्थानों पर ये नियम मान्यताओं के आधार पर अलग हो सकते हैं. जो कि व्यक्तिगत मान्यताओं और परंपराओं पर निर्भर करते हैं. Navratri 2024 Vrat Food Niyam: हिन्दू धर्म में नवरात्रि के मौके पर मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए लोग व्रत रखते हैं और विधि-विधान से पूजा करते हैं. ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि के 9 दिन व्रत और पूजा करने से माता दुर्गा प्रसन्न होकर लोगों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती है और जीवन के आने वालों कष्टों से भी छुटकारा दिलाती हैं. नवरात्रि के अवसर पर जो लोग व्रत रख रहे हैं. उनको व्रत दौरान फलाहार करने को लेकर कुछ जरूरी नियम जान लेने चाहिए. ताकि उनके व्रत बिना किसी बाधा के पूरा हो सके. ज्योतिषशास्त्र में नवरात्रि के व्रत में खाने को लेकर कुछ नियम है कि फलाहार कितनी बार करना चाहिए. लेकिन कुछ स्थानों पर ये नियम मान्यताओं के आधार पर अलग हो सकते हैं. जो कि व्यक्तिगत मान्यताओं और परंपराओं पर निर्भर करते हैं. हालांकि, कुछ सामान्य नियम हैं जिनका पालन करना बहुत ही आवश्यक होता है. पंचांग के अनुसार, इस साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा ति​थि 3 अक्टूबर को 00:18 बजे शुरू हो गई है. यह तिथि 4 अक्टूबर को तड़के सुबह 02 बजकर 58 मिनट तक मान्य रहेगी. ये नवरात्रि का पर्व पूरे 9 दिनों तक चलेगा. आप लोगों ने अक्सर देखा होगा कि नवरात्रि के दौरान जो लोग व्रत रखते हैं उन्हें जब भी भूख लगती है. वे जब मन चाहे फलाहार कर लेते हैं. या व्रत खाई जाने वाली चीजें खा लेते हैं. वहीं कुछ लोग नवरात्रि के व्रत में दिन में एक बार ही फलाहार करते हैं. यह आम तौर पर दोपहर या शाम के समय किया जाता है. कुछ लोग दिन में दो बार फलाहार करते हैं, एक बार सुबह और एक बार शाम को. कुछ लोग पूरे दिन में थोड़ा-थोड़ा करके फलाहार करते रहते हैं. फलाहार करने के नियमनवरात्रि के व्रत में आम तौर पर सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है, सामान्य नमक का उपयोग नहीं किया जाता है.नवरात्रि के व्रत में आप दिन में कई बार पानी पी सकते हैं. आप विभिन्न प्रकार के फल खा सकते हैं, जैसे कि सेब, अंगूर, संतरा, केला आदि.व्रत में कुछ लोग उबली हुई या भाप से पकाई हुई सब्जियां भी खाते हैं, लेकिन यह व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है.कुछ लोग दूध और दही का सेवन भी करते हैं, लेकिन यह भी व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है.आमतौर पर नवरात्रि के व्रत में अनाज का सेवन नहीं किया जाता है और मांस और मछली का सेवन पूरी तरह से वर्जित होता है.नवरात्रि में अल्कोहल और तंबाकू का सेवन भी वर्जित होता है, इस बात का खास ध्यान रखना होता है.भोजन बनाने और खाने के स्थान को साफ-सुथरा रखना चाहिए. व्रत के दौरान मन को शांत रखना चाहिए और भगवान की भक्ति में लीन रहना चाहिए.व्रत के दौरान नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए.फलाहार करना व्यक्तिगत पसंद और शारीरिक क्षमता पर निर्भर करता है. आप अपने गुरु या किसी धार्मिक गुरु से भी इस बारे में सलाह ले सकते हैं. कितनी बार कर सकते हैं फलाहारनवरात्रि का व्रत पूरे 9 दिनों तक रखा जाता है. नवरात्रि के दौरान रसोपवास, फलोपवास, दुग्धोपवास, लघु उपवास, अधोपवास और पूर्णोपवास किया जा सकता है. कुछ लोग उपवास के दौरान खिचड़ी खाते हैं, कुछ सेंधा नमक के साथ भोजन करते हैं, कुछ फलाहार भी करते हैं तो कुछ केवल दूध और जल आदि ग्रहण करते हैं. जिनकी जैसी क्षमता होती है वे वैसा उपवास करते हैं. आप चाहे किसी भी तरह का उपवास क्यों न करें, लेकिन बार-बार और बहुत ज्यादा नहीं खाना चाहिए. क्योंकि ऐसा व्रत करने से व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता है. ताजा खाने का करें सेवनयदि आप फलाहार करते हैं तो एक या दो समय ही फलाहार लें. वहीं अधोपवास करते हैं तो एक समय ही भोजन करें. नवरात्रि व्रत में दिनभर उपवास रहें और रात में ही एक बार भोजन करें. यह भी कोशिश करें कि रात में किए जाने वाले भोजन को रात में ही बनाएं. यानी भोजन को बहुत समय पहले से बनाकर तैयार न करें. इससे जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

केबीसी में शिरकत करेंगे पैरालिंपिक के तीन स्वर्ण पदक विजेता अवनि लेखरा, नवदीप सिंह और सुमित अंतिल

मुंबई सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविजन पर प्रसारित होने वाले लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) 16 में पैरालिंपिक के तीन स्वर्ण पदक विजेता अवनि लेखरा, नवदीप सिंह और सुमित अंतिल शिरकत करेंगे। अमिताभ बच्चन इन दिनों क्विज़-आधारित रियलिटी टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति के 16वें सीज़न की मेजबानी कर रहे हैं। आने वाले एपिसोड में पैरालिंपिक के तीन स्वर्ण पदक विजेता अवनि लेखारा, नवदीप सिंह और सुमित अंतिल शिरकत करेंगे। अमिताभ बच्चन ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर तीनो पैरालिंपिक पदक विजेताओं को समर्पित एक पोस्ट साझा की। अमिताभ बच्चन ने केबीसी 16 के सेट से तीन पैरालिंपिक पदक विजेताओं की कुछ कैंडिड तस्वीरें पोस्ट कीं। पहली दो तस्वीरें सुमित अंतिल और नवदीप सिंह की थीं। आखिरी तस्वीर में, अमिताभ,अवनि लेखरा को लाते हुए दिखाई दिए। तस्वीरों को शेयर करते हुए, अमिताभ ने कैप्शन में लिखा, टी 5148 – सीना गर्व से फूला हुआ है, भारत ने स्वर्ण पदक जीता है! पैरालिंपिक के तीन विजेताओं के सामने, हमारा सौभाग्य और गौरव! सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविजन ने भी 04 अक्टूबर को प्रसारित होने वाले इस एपिसोड का प्रोमो जारी किया है। वीडियो की शुरुआत में अमिताभ बच्चन पैरालिंपिक पदक विजेताओं का मंच पर स्वागत करते नजर आते हैं। नवदीप सिंह अपनी कहानी साझा करते हैं, जिसमें बताया गया है कि कैसे उनके बौनेपन के कारण लोगों ने उनका मजाक उड़ाया था। सोनी चैनल ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो को कैप्शन के साथ पोस्ट किया, जिंदगी के हर सवाल का जवाब दे कर, भारत में विजय ध्वज लहराने वालों का केबीसी पर होगा दिल से स्वागत! देखिये कौन बनेगा करोड़पति 04 अक्टूबर रात 9 बजे सिर्फ सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविजन पर।    

सरकार किसी की भी बने इस बार जम्मू कश्मीर को पहला हिंदू सीएम मिलेगा !

श्रीनगर जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने तीन चरणों में अपना जनादेश दर्ज कर दिया है. मंगलवार को तीसरे और आखिरी चरण की वोटिंग संपन्‍न हुई. 8 अक्तूबर को मतगणना होगी. तीसरे चरण में मंगलवार को 7 जिलों की 40 विधानसभा सीटों पर 66.56% वोटिंग हुई. तीसरे फेज में वोटिंग परसेंटेज पहले और दूसरे फेज से ज्यादा रहने का सीधा मतलब कुछ निकलता है जिसे समझना होगा. पहले फेज में 61.38% और दूसरे फेज में 57.31% मतदान हुआ था. तीसरे फेज की 40 सीटों में से 24 जम्मू डिवीजन और 16 कश्मीर घाटी की हैं. मतलब साफ दिख रहा है कि जम्मू रिजन में जम कर वोटिंग हुई है. इस तरह इस बार जम्मू कश्मीर में जो माहौल बन रहा है उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि इस बार मुस्लिम बहुल जनसंख्या वाले इस केंद्र शासित प्रदेश को हिंदू सीएम मिल सकता है. कई कारण और भी हैं जो इशारा करते हैं कि सरकार किसी की भी बने इस बार जम्मू कश्मीर को पहला हिंदू सीएम मिल सकता है. भारतीय गणतंत्र में मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक और राज्यपाल से लेकर राष्ट्रपति तक का पद देश का कोई भी नागरिक हासिल कर सकता है. संविधान में इस बात की गारंटी दी हुई है. यही कारण है कि देश में राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद पर 2 बार देश के अल्पसंख्यक (मुस्लिम) हासिल कर चुके हैं. देश के कई राज्यों में मुस्लिम अल्पसंख्या में होने के बावजूद सीएम बन चुके हैं. महाराष्ट्र, बिहार और बंगाल आदि में मुख्यमंत्री पद पर सीएम पद संभाल चुके हैं. इसी बात को आधार बनाकर जम्मू कश्मीर के विधानसभा चुनावों में इस बार जम्मू क्षेत्र में हिंदू मुख्यमंत्री का मुद्दा जोर पकड़ लिया है. जम्मू कश्मीर जो राजनीतिक हालत बन रहे हैं उसमें कोई भी पार्टी चुनाव जीते इस बार ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं कि यहां का मुख्यमंत्री कोई हिंदू भी बन सकता है.आइए देखते हैं कि वो कौन से कारण हैं जिसके आधार पर यह बात कही जा रही है. 1- जम्मू में इस बार क्यों है हिंदू सीएम का माहौल 1947 में भारत संघ में शामिल होने से लेकर 5 मार्च 1965 तक, जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री के नाम से संबोधित किया जाता था. न्यायमूर्ति मेहर चंद महाजन को छोड़कर, जो जम्मू-कश्मीर के पहले प्रधानमंत्री थे, बाकी सभी प्रधानमंत्री घाटी से थे और मुस्लिम थे. शेख मोहम्मद अब्दुल्ला, बख्शी गुलाम मोहम्मद, ख्वाजा शम्सुद्दीन, और गुलाम मोहम्मद सादिक ने जम्मू कश्मीर के प्रधानमंत्री पद को सुशोभित किया. बाद में प्रधानमंत्री का पद मुख्यमंत्री में बदल दिया गया और सदर-ए-रियासत (राष्ट्रपति) को राज्यपाल का नाम दे दिया गया. इस बड़े परिवर्तन के बाद जम्मू कश्मीर के सभी मुख्यमंत्री एक तो मुस्लिम हुए और दूसरे कश्मीर घाटी से ही हुए. केवल गुलाम नबी आजाद ही एक मात्र ऐसे थे जम्मू के डोडा जिले से आते हैं. दरअसल 2011 की जनगणना के अनुसार, जम्मू और कश्मीर में 68.8% मुसलमान हैं,जो अधिकतर कश्मीर घाटी में रहते हैं. करीब 28.8% हिंदू हैं, जिनमें से अधिकांश जम्मू में रहते हैं. जम्मू में आने वाली विधानसभा सीटों और लोकसभा सीटों पर आम तौर पर हिंदू प्रत्याशी ही जीतते रहे हैं. जम्मू क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ही नहीं कुछ सीटों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस का भी दबदबा है. पर इस बार जम्मू नॉर्थ के बीजेपी उम्मीदवार और राज्य उपाध्यक्ष शाम लाल शर्मा ने जम्मू डिवीजन के मतदाताओं से अपील की थी कि वे पार्टी के उम्मीदवारों को जिताएं ताकि केंद्र शासित प्रदेश को अपना पहला डोगरा हिंदू मुख्यमंत्री मिल सके. इतना ही नहीं एक अन्य कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में एक मुस्लिम मुख्यमंत्री हो सकता है तो जम्मू और कश्मीर में एक हिंदू क्यों नहीं हो सकता? यहां तो हिंदुओं की आबादी 32% है. दरअसल इस बार के चुनाव परिणाम आने के बाद श्याम लाल शर्मा की कही बातें अतिशयोक्ति नहीं हैं. दरअसल पिछले कुछ सालों में जम्मू की हालत कश्मीर के मुकाबले बहुत कमजोर हुई है. जम्मू अब कश्मीर की शीतकालीन राजधानी भी नहीं रही. दूसरे ट्रेनों का ठहराव अब कटरा तक हो जाने से तीर्थयात्रियों की आमदरफ्त कम हो गई. इसलिए यहां के लोग चाहते हैं कि जम्मू क्षेत्र का आदमी सीएम बनेगा तो ही जम्मू के हक में फैसले हो सकेंगे. 2- त्रिशंकु विधानसभा बनी तो बीजेपी रहेगी सबसे आगे दरअसल श्याम लाल शर्मा के बयान को आप बीजेपी की रणनीति के रूप में देख सकते हैं. क्योंकि हिंदुओं के वोट बीजेपी और कांग्रेस में बंटने की उम्मीद है. बीजेपी इस प्रयास में है कि जम्मू डिवीजन जहां 43 विधानसभा सीटें हैं, में अधिक से अधिक सीटों पर कब्जा कर सके. दरअसल जम्मू कश्मीर विधानसभा में त्रिशंकु विधानसभाओं का इतिहास रहा है. अगर त्रिशंकु विधानसभा बनती है तो सबसे अधिक संभावना बीजेपी के ही सीएम की होगी. क्योंकि 5 नामित सदस्यों का सहयोग भी बीजेपी को मिलने की उम्मीद रहेगी. 2002 के विधानसभा चुनावों में नेशनल कॉन्फ्रेंस को 87 सदस्यीय विधानसभा में 57 सीटों से घटकर 28 सीटों पर आ गई थी. कांग्रेस ने 20 सीटें जीतीं और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने 16 सीटें हासिल कीं, जिसके बाद कांग्रेस, पीडीपी और कुछ छोटे दलों ने मिलकर सरकार बनाई. 2008 के विधानसभा चुनावों में भी त्रिशंकु परिणाम आए, जिसके कारण नेशनल कॉन्‍फ्रेंस और कांग्रेस को मिलकर सरकार बनानी पड़ी. घाटी में राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती दरार के चलते, जम्मू के नेता यह मानने लगे कि जम्मू को भी अपना मुख्यमंत्री मिल सकता है. 2014 के चुनावों में बीजेपी ने जम्मू से 25 सीटें जीतीं, जब हिंदू मतदाता पार्टी के पीछे एकजुट हो गए थे. पीडीपी के साथ बीजेपी ने मिलकर सरकार बनाई. जाहिर है बीजेपी ने ऐसा राज्य में अपनी जड़ें जमाने के लिए किया होगा. अब बीजेपी खुलकर कह रही है कि यदि पार्टी पूर्ण बहुमत से जीतती है, तो मुख्यमंत्री जम्मू से होगा. 3-कांग्रेस-नेशनल कान्फ्रेंस की सरकार बनती है तो भी हिंदू सीएम की संभावना नए परिसीमन के बाद जम्मू कश्मीर में पहली बार चुनाव हो रहे हैं. कुल 90 सीटों पर विधानसभा के चुनाव होने हैं. इनमें 47 सीटें कश्मीर में हैं, जबकि 43 सीटें जम्मू में हैं. परिसीमन के पहले जम्मू एरिया की सीटों की … Read more

Indian Army ने 56 साल बाद ढूंढ निकाले Plane Crash में शहीद हुए जवानों के शव

शिमला/लाहौल स्पीति ये कहानी उन चार फौजियों की है, जिनके शवों के अवशेष 56 साल बाद मिले हैं। ये सभी फौजी हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में एक विमान हादसे में शहीद हो गए थे। 29 सितंबर 2024 को चन्द्रभागा-13 ढाका ग्लेशियर में सैनिकों के शवों के अवशेष बरामद हुए हैं। इन फौजियों में मलखान सिंह, सहारनपुर, नारायण सिंह पौड़ी-गढवाल और मुंशी राम, रेवाड़ी और थॉमस चैरियन केरल के तौर पर हुई है। सेना की रेस्क्यू टीम ने इन्हें निकाला है और अब काजा के लोसर हेलिपेड से इन अवशेषों को चंडीगढ़ भेजा गया। 1968 में हुआ था हादसा मामला 7 फरवरी 1968 का है। जब चंडीगढ़ से लेह के लिए भारतीय वायुसेना का एएन-12 जा रहा था। इसमें क्रू-मेम्बर के साथ कुल 102 सैनिकों सवार थे। इस दौरान रोहतांग दर्रे के करीब विमान का संपर्क टूटा और फिर यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान के खोज के लिए वर्ष 2004, 2007, 2013, 2019 विशेष अभियान चलाया गया है। डोगरा स्काउट्स ने कई अभियान चलाए और 2005, 2006, 2013 और 2019 में सर्च ऑपरेशन पांच शव बरामद किए थे। 2003 में मिले थे विमान के पार्टस 2003 में सबसे पहले मनाली के पर्वतारोही संस्थान के ट्रैकर्स ने विमान को खोजा था। 56 साल के बाद 29 सितंबर 2024 को चन्द्रभागा-13 ढाका ग्लेशियर में सैनिकों के शव बरामद हुए। भारतीय सेना के विशेष टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को लोसर लाया गया। मनाली के एक ट्रैकर का कहना है कि साल 2023 में जब उन्होंने भी ढाका ग्लेशियर ट्रैक किया था तो यहां पर विमान का मलबा और कुछ फौजियों के अवेशष देखे थे और फोटो और वीडियो शेयर किए थे। उसने बताया कि यहां पहुंचने के लिए 2 दिन का वक्त लगता है। गर्मियों में बर्फ पिघलने के बाद यहां पर ट्रैकिंग करने वह गए थे। यहां पर पहुंचना आसान नहीं है, आम लोग यहां पर नहीं जाते हैं।  लाहौल स्पीति की चंद्रभागा रैंज में 56 साल पहले हुए विमान हादसे में अब चार फौजी जवानों के शव बरामद किए गए हैं. भारतीय सेना की टीम ने इन शवों को वहां से निकाला है और स्पीती के काजा के लोसर ले गई है. यहां पर शवों को परिवारों को सौंपा जाएगा. इन चार शवों में हरियाणा के रेवाड़ी के सिपाही मुंशीराम भी शामिल हैं. सभी शवों की पहचान हो गई है. जानकारी के अनुसार, 7 फरवरी 1968 को चंडीगढ़ से लेह के लिए इंडियन एयरफोर्स के एक विमान ने उड़ान भरी थी. इस विमान में 102 लोग सवार थे. लेकिन हिमाचल के रोहतांग दर्रे के पास विमान का संपर्क टूट गया था और फिर आगे बातल के ऊपर चंद्रभागा रैंज में विमान क्रैश हो गया था. विमान में रेवाडी की बावल तहसील के गांव गुर्जर माजरी के सिपाही स्वर्गीय मुन्शीराम भी सवार थे और 56 साल बाद अब उनकी बॉडी के अवेशष बरामद हुए हैं.  रेवाड़ी के डीसी अभिषेक मीणा ने  बताया कि सैन्य अभियान दल ने बर्फ से ढके पहाड़ों से चार शव बरामद किए हैं, उनमें स्वर्गीय मुन्शीराम के अवशेष भी हैं. उनके पार्थिव शरीर को जल्द ही गांव में लाया जाएगा. स्वर्गीय मुन्शीराम के पिता का नाम भज्जूराम, माता का नाम रामप्यारी तथा पत्नी का नाम श्रीमति पार्वती देवी है. स्वर्गीय मुन्शीराम के भाई कैलाशचन्द को इस सम्बन्ध में सेना की ओर से सूचना मिली हैं. लेह के लिए चंडीगढ़ से फौजियों ने भरी थी उड़ान गौरतलब है कि यह विमान हादसा 7 फरवरी, 1968 को हुआ था. चंडीगढ़ से 102 यात्रियों को ले जा रहा भारतीय वायु सेना का एएन-12 विमान खराब मौसम के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग के पर्वतारोहियों ने विमान के मलबे को खोजा था. बाद में सेना, खासकर डोगरा स्काउट्स ने कई अभियान चलाए और 2005, 2006, 2013 और 2019 में सर्च ऑपरेशन पांच शव बरामद किए थे. हालांकि, इस दौरान मनाली के कई ट्रैकर्स ने भी विमान के मलबे को स्पॉट किया था. लाहौस स्पीति के एसपी मयंक चौधरी ने बताया कि कि चंद्रभागा रैंज से चार जवानों के शवों को बरामद किया गया है. इन्हें काजा के लोसर ले जाया गया है और वहां पर मेडिकल टीम के अलावा, पुलिस की टीम भी मौजूद है. पोस्टरमार्टम के बाद परिजनों को ये शव सौंपे जाएंगे. 2003 में हुई हादसे की पुष्टि 2003 में, अधिकारियों ने पुष्टि की कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और कुछ शव बरामद किए गए थे. जिसके बाद अरनमुला से स्थानीय पुलिस ने थॉमस चेरियन के बारे में विवरण सत्यापित करने के लिए उनके घर का दौरा किया, जहां उनका परिवार रहता है. भाई थॉमस वर्गीस को समझ नहीं आ रहा था कि वह ऐसे समय क्या करें. हालांकि, उन्होंने दुख और राहत दोनों व्यक्त करते हुए कहा कि, यह उनके लिए दुखद भरा क्षण है लेकिन कब्र में दफनाने के लिए अपने भाई के अवशेषों को प्राप्त करने से कुछ शांति मिली है. तीन शवों की पहचान शैजू मैथ्यू ने बताया- परिवार 56 वर्षों के बाद भी उनकी निरंतर खोज के लिए सरकार और सेना के प्रति आभार व्यक्त करता है. केरल के कई अन्य सैनिक भी AN12 विमान में सवार थे, जिनमें कोट्टायम के केपी पनिकर, केके राजपन और आर्मी सर्विस कोर के एस भास्करन पिल्लई शामिल थे. इन सैनिकों के शव अभी तक नहीं मिले हैं. सितंबर में रोहतांग दर्रे में चार और शव मिले थे, और इनमें से तीन की पहचान हो गई है, जिसमें थॉमस चेरियन का शव भी शामिल है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि चौथा शव रन्नी के एक सैनिक पीएस जोसेफ का हो सकता है, जो विमान में भी था.

विंध्याचल नवरात्र मेले की सुरक्षा व्यवस्था एटीएस के हवाले

मिर्जापुर  विंध्य क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी मां विंध्यवासिनी के विंध्याचल में नौ दिनों तक चलने वाला प्रसिद्ध नवरात्र मेला इस साल आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की निगरानी में होगा।गुरुवार से शुरु हो रहे विंध्याचल नवरात्र मेले की सुरक्षा व्यवस्था आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस ) के हवाले कर दी गई है। पूरा मेला सीसीटीवी कैमरों के जद में होगा। ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। मेला सुरक्षा में अर्धसैनिक बल के जवानों के साथ तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।होमगार्ड, पीआरडी ,यातायात पुलिस एवं फायर ब्रिगेड जवानों को भी लगाया गया है। आधुनिक उपकरणों से युक्त बम डिस्पोजल दस्ता एवं जल पुलिस के जवान मुस्तैद रहेगे। मां विन्ध्यवासिनी देवी के गर्भगृह में चरण छूने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध वीआईपी व्यक्तियों पर भी लागू किया गया है। साथ ही साथ पंडों, नाईयो और सफाईकर्मी के लिए ड्रेस कोड में रहने के आदेश दिए गए हैं। दुकानदारों और वाहन स्टैंडो पर रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने मेला की मुकम्मल व्यवस्था कर लेने का दावा किया है। नगर मजिस्ट्र लाल बहादुर को मेला अधिकारी बनाया गया है। जबकि अपर जिला मजिस्ट्रेट एस पी शुक्ल सुपर मजिस्ट्रेट होगे। जिलाधिकारी प्रिंयका निरंजन बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को 10 जोन और 21 सेक्टरों में बांटा गया है। सभी जोनो में जोनल मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेटो को तैनात किया गया है। मेला क्षेत्र में आवश्यकता से अधिक भीड़ एकत्र न हो सके इसके लिए जगह-जगह बैरियर लगाये गए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि मेले में सिविल पुलिस के अलावा जल पुलिस यातायात घुड़सवार पुलिस के अलावा खुफिया एजेंसी के जवान भी है। किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग से व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से एटीएस के जवान मोर्चा संभालेंगे। यह टीम पूरे नवरात्र मेला सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी। उन्होंने बताया कि अतिसंवेदनशील स्थानों पर अतिसतर्कता बरती जा रही है। व्यवस्था एवं तैयारियों की समीक्षा के लिए मंडलायुक्त मुथु स्वामी और पुलिस उपमहानिरीक्षक आर पी सिह ने मेला की तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक आदेश निर्देश दिए। नवरात्र मेले में ड्यूटी पर तैनात किए गए सुरक्षा कर्मियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं ड्यूटी के दौरान श्रद्धालु दर्शनार्थियों के साथ विनम्र व्यवहार करे।साथ ही साथ साफ सुथरी वर्दी में अनुशासित रह कर अपने कर्तव्य एवं दायित्व का निर्वहन करेंगे।  

तिरुपति मंदिर में 4 अक्टूबर से 9 दिवसीय ‘ब्रह्मोत्सव’ उत्सव, हर दिन 1 लाख भक्तों के आने की उम्मीद

तिरुपति आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में प्रसाद को लेकर हुए विवाद के बाद अब तिरुपति का श्री वेंकटेश्वर मंदिर ‘ब्रह्मोत्सव’ के लिए तैयारी कर रहा है. यह 9 दिवसीय उत्सव 4 से 12 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें हर दिन लगभग 1 लाख भक्तों के आने की उम्मीद है. बता दें कि लड्डू विवाद के बाद मंगलवार को मंदिर में सफाई अनुष्ठान ‘कोईल अल्वार तिरुमंजनम’ का आयोजन किया गया था.  इस दौरान पूरे मंदिर, मूर्तियों और पूजा के बर्तनों को साफ किया गया. हर दिन बनेंगे 8 लाख लड्डू ब्रह्मोत्सव के दौरान मंदिर प्रशासन बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों की उम्मीद कर रहा है. पवित्र रसोई, जिसे ‘पोटु’ कहा जाता है, जहां प्रतिदिन लगभग 3.5 लाख लड्डू तैयार किए जाते हैं वहां  ब्रह्मोत्सव के दौरान प्रतिदिन कम से कम 8 लाख लड्डू बनाने के लिए तैयार हो रही है. जानकारी के अनुसार, हर दिन एक लाख तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है. प्रशासन व्यवस्था भी सख्त मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी खास इंतजाम किए जा रहे हैं. 4 से 12 अक्टूबर तक सभी वीआईपी दर्शन की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है. मंदिर प्रशासन से जुड़े लोगों को भीड़ नियंत्रित करने की खास ट्रेनिंग दी जा रही है. लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है. कौन तैयार करता है लड्डू तिरुपति मंदिर देश के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है. यहां हर साल करीब तीन करोड़ श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं यानी रोजाना करीब 82 हजार श्रद्धालु भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन करते हैं. करीब 3.50 लाख लड्डू तैयार किए जाते हैं. सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में लड्डू दिए जाते हैं. इस पूरी व्यवस्था का संचालन उस कमेटी के द्वारा किया जाता है, जिसका गठन हर दो साल में आंध्र प्रदेश की राज्य सरकार करती है. इस कमेटी का नाम है- तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम्. बता दें कि हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया कि पिछली सरकार में तिरुपति मंदिर में मिलने वाले प्रसाद में घी की जगह जानवरों की चर्बी और मछली के तेल का इस्तेमाल किया जा रहा था. इसी साल जून में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव हारी और नायडू ने एनडीए की सरकार बनाई. इस दावे के बाद देशभर की सियासत गर्मा गई थी. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था.  

लव जिहाद से भारत देश को अस्थिर करने की साजिश और देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा बताया : कोर्ट

बरेली आनंद बनकर लव जिहाद करने वाले मोहम्मद आलिम को आजीवन कारावास सुनाने के दौरान बरेली की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की। फास्ट ट्रैक प्रथम रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट ने माना कि लव जिहाद के पीछे विदेशी फंडिंग है। उन्होंने इसे पाकिस्तान, बांग्लादेश की तरह भारत देश को अस्थिर करने की साजिश और देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा बताया है। कोर्ट ने अपने फैसले में लव जिहाद को भी परिभाषित किया है। फास्ट ट्रैक प्रथम रवि कुमार दिवाकर ने अपने फैसले में लिखा है कि लव जिहाद का मुख्य उद्देश्य हिन्दुस्तान के खिलाफ एक धर्म विशेष के कुछ अराजक तत्त्वों द्वारा जनसांख्यिकीय युद्ध और अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत वर्चस्व स्थापित करना है। आसान शब्दों में कहें तो लव जिहाद समुदाय विशेष के पुरुषों द्वारा गैर समुदायों से जुड़ी महिलाओं को उनके धर्म में परिवर्तित करने के लिए प्रेम का ढोंग करके शादी करना है। लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण, उस धर्म विशेष के कुछ अराजक तत्व करते हैं, करवाते हैं, उसमें सहयोग करते हैं या फिर इस षड्यंत्र में शामिल होते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कृत्य कुछ ही अराजक तत्व कराते हैं लेकिन पूरा धर्म विशेष बदनाम होता है। फैसले में उन्होंने इसके पीछे विदेशी फंडिंग की भी आशंका जताई है क्योंकि इस कृत्य के लिए बड़ी मात्रा में रकम की जरूरत होती है। फैसले में लव जिहाद को किया परिभाषित कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि यह प्रकरण लव जिहाद के जरिये अवैध धर्मांतरण का है। ऐसे में सबसे पहले यह जानना भी जरूरी है कि लव जिहाद क्या है? लव जिहाद में समुदाय विशेष के पुरुष शादी के माध्यम से अपने धर्म में परिवर्तन कराने के लिए व्यवस्थित रूप से दूसरे समुदाय की महिलाओं को निशाना बनाते हैं। समुदाय विशेष के ये लोग इन महिलाओं का धर्मांतरण कराने के लिए प्यार का दिखावा करके धोखे से शादी कर लेते हैं। इस केस में भी अभियुक्त मोहम्मद आलिम ने अपना नाम आनंद बताकर पीड़िता को धोखे में रखकर हिंदू रीति रिवाज से शादी कर उसके साथ बलात्कार किया। फिर उसकी फोटो व वीडियो बनाकर बदनाम करने की धमकी देकर कई बार बलात्कार किया। विदेशी फंडिंग से हो रहा लव जिहाद, देश के लिए खतरा कोर्ट ने फैसले में कहा है कि लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण होता है। अवैध धर्मांतरण रोकने को उप्र सरकार द्वारा उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 पारित किया गया। कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण किसी अन्य बड़े उद्देश्य की पूर्ति को कराया जाता है। यदि समय रहते भारत सरकार के द्वारा लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देश को भुगतने पड़ सकते हैं। कोर्ट ने माना धर्मांतरण के लिए किया लव जिहाद फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज रवि कुमार दिवाकर ने इसे लव जिहाद का केस मानकर सात मार्च 2024 को आरोप तय कर सुनवाई शुरू की थी। आरोप साबित करने को एडीजीसी क्राइम दिगम्बर पटेल ने पीड़िता छात्रा समेत छह गवाह पेश किए थे। कोर्ट ने दोनों पक्ष की दलीलों को सुनकर धर्मांतरण के उद्देश्य से लव जिहाद करने के दोषी आलिम को आजीवन कैद की सजा सुनाई। धर्मस्थल में की गई शादी अवैध करार कोर्ट ने आलिम द्वारा पीड़िता से फतेहगंज पश्चिमी के धर्मस्थल में की गई शादी को भी अवैध करार दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि हिन्दू विवाह अधिनियम में दोनों का हिन्दू होना जरूरी है जबकि आलिम ने धर्म परिवर्तन नहीं किया है। सिर्फ लव जिहाद और धर्मांतरण के इरादे से उसने युवती को फंसाने के लिए मांग में सिंदूर भर दिया, जिसे शादी नहीं माना जा सकता। प्रमुख सचिव व डीजीपी को भेजी आदेश की कॉपी कंप्यूटर छात्रा से लव जिहाद के मामले में देवरनिया पुलिस ने उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम में कार्यवाही नहीं की। फास्ट ट्रैक प्रथम के जज रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट ने इस केस में फैसले की प्रति मुख्य सचिव, डीजीपी पुलिस और एसएसपी बरेली को भेजकर लव जिहाद के मामलों में इस अधिनियम के तहत कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। ताकि भविष्य में विधि अनुसार कार्रवाई हो।

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