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बिलासपुर मंडल ने लिया फौरी निर्णय, छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश आवाजाही करने वाली 22 ट्रेनें रद्द

बिलासपुर/रायपुर. मध्य प्रदेश आवाजाही करने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) के भोपाल रेल मंडल के प्रवक्ता की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल में तीसरी रेल लाइन परियोजना के तहत बीरसिंहपुर रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने के लिए यार्ड रिमोडलिंग का किया जाना है। इसकी वजह से अम्बिकापुर और नर्मदा एक्सप्रेस समेत 22 ट्रेनों को निरस्त किए जाने का निर्णय लिया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि रेलवे की ओर से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल में तीसरी रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत बीरसिंहपुर रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने के लिए यार्ड रिमोडलिंग का काम किया जा रहा है। इस दौरान प्री एनआई और एनआई कमीशनिंग के तहत तीसरी लाइन कनेक्टिविटी का काम भी किया जाएगा। इसके चलते कुछ पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इस दौरान भोपाल से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस 2 से 12 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। बिलासपुर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस 30 सितंबर से 10 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। जबलपुर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 11265 जबलपुर-अंबिकापुर एक्सप्रेस 2 से 11 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। यही नहीं अंबिकापुर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 11266 अंबिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस 3 से 12 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। बिलासपुर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18247 बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस पहली से 9 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। रीवा से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18248 रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस 2 से 10 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। इसी तरह 4, 7, 9 और 11 अक्टूबर को रीवा से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 11751 रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी और 5, 8, 10 एवं 12 अक्टूबर को चिरमिरी से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 11752 चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। कटनी से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 06617 कटनी-चिरमिरी एक्सप्रेस 2 से 11 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। चिरमिरी से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 06618 चिरमिरी-कटनी एक्सप्रेस 3 से 12 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। यही नहीं पश्चिम मध्य रेलवे से गुजरने वाली और इंदौर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस 1 से 12 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। बिलासपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18234 बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस 30 सितंबर से 11 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। लखनऊ से रवाना होने वाली गाडी संख्या 12535 लखनऊ-रायपुर गरीबरथ एक्सप्रेस 3, 7 और 10 अक्टूबर को रद्द रहेगी। रायपुर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 12536 रायपुर-लखनऊ गरीबरथ एक्सप्रेस 4, 8 एवं 11 अक्टूबर को रद्द रहेगी। दुर्ग से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 22867 दुर्ग-निजामुद्दीन एक्सप्रेस 4, 8 एवं 11 अक्टूबर को रद्द रहेगी। वहीं निजामुद्दीन से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 22868 निजामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस 5, 9 एवं 12 अक्टूबर को रद्द रहेगी। दुर्ग से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18203 दुर्ग-कानपुर एक्सप्रेस 6 और 8 अक्टूबर को रद्द रहेगी। यही नहीं कानपुर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18204 कानपुर-दुर्ग एक्सप्रेस 7 एवं 9 अक्टूबर को रद्द रहेगी। दुर्ग से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस 06 अक्टूबर को रद्द रहेगी। अजमेर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस 7 अक्टूबर को रद्द रहेगी। दुर्ग से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18205 दुर्ग-नवतनवा एक्सप्रेस 3 और 10 अक्टूबर को रद्द रहेगी। नवतनवा से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18206 नवतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस 5 और 12 अक्टूबर को रद्द रहेगी। ट्रेन नंबर 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस 2 से 10 अक्टूबर तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया कटनी-जबलपुर-कछपुरा-नैनपुर होते हुए अपने गंतव्य को जाएगी। ट्रेन नंबर 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस 2 से 10 अक्टूबर तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया नैनपुर-कछपुरा-जबलपुर-कटनी होते हुए अपने गंतव्य को जाएगी।

खाना खाने जाते समय हादसा, छत्तीसगढ़-सुकमा में स्कार्पियो ने प्रधान आरक्षक को मारी टक्कर

सुकमा. सुकमा के रक्षित केंद्र में पदस्थ प्रधान आरक्षक के साथ ही अन्य जवान नक्सली कैदी का इलाज कराने के लिए मेकाज पहुंचे थे। कैदी को भर्ती कराने के बाद आरक्षक खाना खाने जा रहा था। इस दौरान एक स्कार्पियो ने टक्कर मार दी। हादसे में आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि कांकेर जिले के मुसुरपुट्टा निवासी चंद्रभान अरकरा (55) अपने अन्य साथियों के साथ नक्सल मामले में गिरफ्तार नक्सली को इलाज के लिए मेकाज लेकर पहुंचे, जहां कैदी को भर्ती कराने के बाद प्रधान आरक्षक अपने साथियों के साथ खाना खाने के लिए निकले थे। इस दौरान अचानक से दंतेवाड़ा कर्मा परिवार में चलने वाले फॉलो वाहन के चालक ने टक्कर मार दी। इसके बाद घायल प्रधान आरक्षक को बेहतर उपचार के लिए मेकाज में भर्ती किया गया, जहां प्रधान आरक्षक ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि घटना के बाद स्कार्पियो चालक ने गाड़ी को परपा थाने में ले जाकर खड़ा कर दिया। वहीं, घटना के बारे में जानकारी भी दी। परपा पुलिस ने घटना वाले दिन ही आरोपी स्कार्पियो चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। वहीं, प्रधान आरक्षक की मौत के बाद आरोपी चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि प्रधान आरक्षक के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे व एक बेटी है।

एकीकृत शासकीय हाई स्कूल गाज़ीपुर के प्राचार्य के रिटायरमेंट पर दुःखी हुआ स्टाफ और स्कूली बच्चे

सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई एकीकृत शासकीय हाई स्कूल गाज़ीपुर के प्राचार्य के रिटायरमेंट पर दुःखी हुआ स्टाफ और स्कूली बच्चे मंडला एकीकृत शासकीय हाई स्कूल गाज़ीपुर के प्राचार्य के पद पर रहे रूपलाल मरकाम सोमवार को अपनी शासकीय सेवा अवधि पूरी कर सेवानिवृत्त हो गए। रूपलाल मरकाम ने 36 वर्ष 8 माह 6 दिन शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं, जिसमें गाजीपुर में प्राचार्य के रूप में उन्होंने 12 वर्ष तक कार्य किया है। बता दें की सोमवार को एकीकृत शासकीय हाई स्कूल गाज़ीपुर के स्टाफ ने दोपहर लगभग 2 बजे विद्यार्थियों की मौजूदगी में विदाई समारोह आयोजित किया, जिसमें सेवानिवृत्त प्राचार्य रूपलाल मरकाम को प्रतीक चिन्ह सौंपा गया। विदाई समारोह कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन से हुई, हेमंत सारथी द्वारा तिलक वंदन किया गया। तत्पश्चात स्कूल के बच्चों ने विदाई का भावनात्मक गीत प्रस्तुत किया। महिमा लखेरा, दीक्षा सारथी, निहारिका सरोते द्वारा गुरु के ऊपर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। स्कूल के बच्चों ने प्राचार्य की राहों में फूल बरसाए और नाचते गाते उनका स्वागत वंदन किया गया, तो वहीं स्कूल के स्टाफ फूल माला लेकर प्राचार्य रूपलाल मरकाम के विदाई समारोह में शामिल हुए, इसके बाद सेवानिवृत्त प्राचार्य को सम्मानित किया गया। इस दौरान प्राचार्य ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यालय परिसर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी आवश्यकता होगी वह सेवानिवृत्ति के बाद भी शाला के विकास में हरसंभव सहयोग व मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए तत्पर रहेंगे। बता दें की अपने अनुशासित व्यवहार और सरकारी स्कूल के प्रति अलग ही लगन के चलते सेवानिवृत प्राचार्य रूपलाल मरकाम ने अपनी अलग पहचान बनाई है। कार्यक्रम का कुशल संचालन ट्वेटा से दिलीप मरावी और आभार प्रदर्शन प्रमोद शुक्ल ने किया। इस दौरान विद्यालय के शिक्षक प्रमोद कुमार शुक्ला ने कहा कि प्राचार्य रूपलाल मरकाम हमारे लिए एक आदर्श के रूप में हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे। उनसे हमने अनेक कार्य सीखे हैं, वे बड़े ही कुशल नायक, कर्मठ, प्रशंसक रहे हैं। उन्होंने हमेशा अपने कर्तव्यों का बड़े ही ईमानदारी और बहुत ही सरलता पूर्वक निर्वहन किया है। विद्यालय परिवार उनके कार्यों को हमेशा याद रखेगा। विद्यालय की शिक्षिका झीनी मरावी ने कहा हम प्राचार्य रूपलाल मरकाम के हमेशा ऋणी रहेंगे क्योंकि उनके बिना हमारा विद्यालय अभिभावक विहीन हो गया है जिसकी भरपाई करना बहुत ही मुश्किल है। उन्होंने प्राचार्य के कुशल कार्य दक्षता की प्रसंशा करते हुए कहा की उनके दिशा निर्देशन में विद्यालय ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। विद्यालय की शिक्षिका कीर्ति दुबे ने प्राचार्य को विदाई देते हुए कहा की इतने वर्षों में उनके द्वारा हमें अच्छे कर्मठ होने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय में बिताए हुए समय का महत्व समझाया गया। साथ ही विवादों से बचकर रहने की प्रेरणा भी प्राचार्य रूपलाल मरकाम द्वारा हमें दी गई। हमारा स्कूल स्टाफ उन्हे और उनकी सीख को कभी नहीं भूल पाएगा। विद्यालय के शिक्षक अरविंद तिवारी ने कहा की मैं प्राचार्य जी को 27 वर्षों से जान रहा हूं जो अपने कर्तव्यों के प्रति हमेशा ईमानदार व कर्मठ रहे है, मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है, मैं अपने जीवन में उनकी बातों को अमल भी करता हूं। शिक्षक दिनेश उपाध्याय ने कहा की प्राचार्य रूपलाल मरकाम जी का एक गांव से निकलकर इतनी तरक्की करना हम सबके लिए प्रेरणा का विषय है। कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित – पूर्व प्राचार्य केहरपुर, के.के. हरदा प्रभारी प्राचार्य, ओमप्रकाश चौबे, अरविंद तिवारी, चित्रलेखा ठाकुर, स्मृति ठाकुर, खेमराज महान, प्रमोद शुक्ल, रामुलिया पंद्राम, दीपा पटेल, रीता पटेल, शिवा कुरेशी, रश्मि साहू, रश्मि मरकाम, मीना श्रीवास्तव, स्वाति परते, श्रद्धा चौरसिया, पलास नामदेव, जी.पी. झरिया, परमू पंद्राम, हेमंत सारथी सहित अन्य शिक्षक और स्कूल के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

सुरक्षा बलों का ध्यान भटकाकर हमला कर रहे नक्सली, छत्तीसगढ़ में पटाखे और अगरबत्तियों से धमाके

रायपुर/नई दिल्ली. दिवाली पर फोड़े जाने वाले पटाखे और पूजा के लिए जलाई जाने वाली अगरबत्तियां नक्सलियों का नया हथियार बन गई हैं। नक्सली दूरदराज के इलाकों में सुरक्षा बलों के कैंपों पर हमला करने के लिए इनका सहारा ले रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि नक्सलियों की ओर से 25 सितंबर को तेलंगाना के कोठागुडेम जिले में सीआरपीएफ के पुसुगुप्पा शिविर के आसपास राकेट हमला और गोलीबारी के लिए अगरबत्ती के जरिए पटाखे फोड़ कर सुरक्षा बल के जवानों का ध्यान भटकाने का अनोखा तरीका अपनाया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 25 सितंबर की शाम को करीब साढ़े छह बजे जब अंधेरा छा रहा था तभी तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर कैंप में तैनात जवानों को धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। उन्होंने बेस सीमा से करीब 200 मीटर दूर धुआं निकलते देखा। घने जंगल वाले इलाके में जब CRPF जवानों ने उधर मोर्चा संभाला तो कुछ ही देर में दूसरी ओर छिपे नक्सलियों की ओर से गोलीबारी होने लगी। नक्सलियों ने रॉकेट या ग्रेनेड लांचर (बीजीएल) से हमला किया। जवानों ने इंसास और एके सीरीज की असॉल्ट राइफलों से जवाबी फायरिंग की, जबकि कुछ बम और ग्रेनेड भी दागे गए। करीब 45 मिनट तक आवाजें और फायरिंग जारी रही, जिसके बाद जवानों को पता चला कि नक्सली पीछे हट गए हैं। एक दूसरे अधिकारी ने बताया कि कैंप की बाड़ को कुछ नुकसान पहुंचा क्योंकि उनके पास रॉकेट गिरे थे। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ था। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जांच करने पर पता चला कि दिवाली के पटाखे रस्सियों के सहारे पेड़ों पर लटकाए गए थे और उनको जलाने के लिए अगरबत्तियों का इस्तेमाल किया गया था। इससे पहले भी कुछ घटनाएं हुई हैं, जिनमें जवानों का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह से पटाखे फोड़े गए थे। फिर शिविरों पर गोलीबारी की गई थी। रॉकेटों से भी हमला किया गया था। हालांकि तब इस हथकंडे के कोई सबूत नहीं मिले थे। तेलंगाना की घटना का जिक्र करने वाले अधिकारी ने बताया कि पिछले महीने पुसुगुप्पा सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले ने नक्सलियों की इस नई तरकीब की पोल खोली है। विशेषज्ञों के अनुसार, नक्सली अगरबत्तियों का इस्तेमाल टाइमर के रूप में कर रहे हैं। वे पटाखों के पास इन्हें जलाते हैं। जब तक पटाखों में धमाका होता है तब तक वे कैंपों के पास गोलीबारी के लिए पोजीशन ले चुके होते हैं। नक्सली अगरबत्तियों से पटाखे फोड़कर सुरक्षा बलों को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं। वे सुरक्षा बल के जवानों को कैंपों से बाहर निकालना चाहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि नक्सली आमने-सामने की लड़ाई करने की स्थिति में अब नहीं हैं, इसलिए वे प्रॉक्सी हमले कर रहे हैं। जवानों पर हमले करने के लिए वह आईईडी का इस्तेमाल सहित इन तकनीकों का सहारा ले रहे हैं।

आईपीएल मैच में 18 मई को आरसीबी और सीएसके के बीच खेला गया मैच हर किसी को याद होगा, हरभजन ने खोला राज

नई दिल्ली महेंद्र सिंह धोनी को सबसे कूल क्रिकेटर्स में शुमार किया जाता है, लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान उनका गुस्सा कई बार देखा जा चुका है। ऐसे ही एक किस्से के बारे में हरभजन सिंह ने एक पॉडकास्ट में बताया है। 2024 आईपीएल मैच में 18 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) के बीच खेला गया मैच हर किसी को याद होगा। इस मैच के बाद किस तरह से धोनी ने गुस्से में स्क्रीन पर मुक्का मारा था और क्या कुछ हुआ था, उसके बारे में हरभजन सिंह ने खुलकर बात की है, जो उस समय स्टेडियम में ही मौजूद थे। स्पोर्ट्स यारी पर जब हरभजन सिंह से पूछा गया कि 18 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच मैच के बाद क्या हुआ था, एंकर ने पूछा- उन्होंने (धोनी) हाथ नहीं मिलाया था इस बार, जब हार गए थे, इस पर भज्जी ने जवाब में कहा, ‘मुझे लगता है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम सेलिब्रेट कर रही थी और उनको पूरा हक बनता है यार, क्योंकि जिस तरह टीम वो जीती, क्योंकि मैं वहां पर मौजूद था, ऊपर से नीचे जब देख रहा था, तब वो (आरसीबी) अपना सेलिब्रेट कर रहे हैं, इन्होंने (धोनी) लाइन लगा ली थी, हाथ मिलाने के लिए। और वो लेट हो गए। और वहां सेलिब्रेशन खत्म हो गई और जब तक आए वो हाथ मिलाने के लिए, ये अंदर गए और इन्होंने (धोनी) ड्रेसिंग रूम से पहले जो स्क्रीन लगी हुई है, उस पर मुक्का भी मारा। क्योंकि मैं वहां पर ऊपर से देख रहा था। जीत-हार में ऐसा होता है।’ एंकर ने कहा इतनी भी देर नहीं हुई थी, 10 सेकेंड ज्यादा लगे थे, इस पर हरभजन सिंह ने कहा, ‘मैं कह रहा हूं वो तीन मिनट भी ज्यादा ले लें, उनका वो हक बनता है, सेलिब्रेट उन्होंने करना है। खैर वहां उनकी (धोनी) अपनी एक सोच थी, वो चले गए। वो शायद सोच रहे थे कि ये मैच जीतेंगे, ये आईपीएल जीतेंगे। शायद उनका जो सपना था कि मैं ट्रॉफी के साथ रिटायर हो जाऊं, वो नहीं हो रहा था, वो चूर-चूर हो गया था।’ 18 मई को आईपीएल 2024 का कहने को तो यह लीग मैच था, लेकिन किसी नॉकआउट मैच से कम नहीं था। सीएसके को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए यह मैच जीतना था या फिर कम से कम 200 रन बनाने थे और आरसीबी को यह मैच जीतना था और वह भी सीएसके को कम से कम 18 रनों के अंतर से हराना था। आखिरी ओवर यश दयाल ने किया था। सीएसके को जीत के लिए आखिरी ओवर में 35 रन चाहिए थे, लेकिन प्लेऑफ में पहुंचने के लिए 17 रनों की जरूरत थी। धोनी ने पहली गेंद पर छक्का लगाया, लेकिन अगली गेंद पर आउट हो गए। आरसीबी ने 27 रनों से मैच जीतकर प्लेऑफ में जगह बनाई थी और सीएसके प्लेऑफ की दौड़ से आउट हो गया था।

आईएसएल: ओडिशा एफसी के सामने केरला ब्लास्टर्स चुनौती

भुवनेश्वर ओडिशा एफसी की टीम आज शाम अपने घरेलू मैदान कलिंगा स्टेडियम में खेले जाने वाले इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2024-25 मुकाबले में केरला ब्लास्टर्स एफसी की मेजबानी करेगी। दोनों टीमों ने अब तक अपने तीन मैचों में एक-एक जीत हासिल की है। ओडिशा ने पिछले शनिवार को जमशेदपुर एफसी को 2-1 से हराकर सीजन की पहली जीत हासिल की जबकि केरला ब्लास्टर्स एफसी ने गुवाहाटी में नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी से 1-1 का ड्रा खेला। उसे आगामी मुकाबले में जीत की राह पर लौटने की उम्मीद होगी। ओडिशा एफसी के स्पेनिश हेड कोच सर्जियो लोबेरा ने केरला ब्लास्टर्स के खिलाफ अपने 11 मुकाबलों में से नौ जीते है, जो 82% की सफलता दर है। इस कैलेंडर वर्ष में, केरला ब्लास्टर्स ने लीग के अपने आठ मैचों में केवल एक जीत हासिल की है। उन्होंने इन सभी मैचों में गोल खाए हैं, और यह निश्चित रूप कोच मिकेल स्टेहरे के लिए चिंता का विषय होगा। ओडिशा एफसी और उसके फैंस लगातार दो हार के सिलसिले के टूटने से खुश हैं। लोबेरा ने मुश्किल समय में टीम का हौंसला बढ़ाने के लिए फैंस के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मैं बहुत खुश हूं क्योंकि आखिरकार, हमने तीन महत्वपूर्ण अंक बटोर लिये। हर बार जब अधिक फैंस स्टेडियम आते हैं, तो वे हमें मुश्किल क्षणों से निकालते हैं। मैं इनका समर्थन पाकर खुश हूं।” केरला ब्लास्टर्स एफसी के स्वीडिश हेड कोच मिकेल स्टेहरे को भरोसा है कि सीजन के शुरुआती तीन मैचों के बाद उनकी टीम सही रास्ते पर है। स्टाहरे ने कहा, “मैं खुश नहीं हूं, लेकिन मैं बहुत दुखी भी नहीं हूं। हम और बेहतर कर सकते हैं। हम अभी भी मजबूत हैं और अंक जीत रहे हैं। मुझे लगता है कि हम सही रास्ते पर हैं।” दोनों टीमें आईएसएल में 23 बार एक-दूसरे से खेल चुकी हैं, जिसमें केरला ब्लास्टर्स ने नौ मुकाबले जीते हैं, जबकि ओडिशा को सात जीत मिली है। सात मुकाबले ड्रा रहा है।  

दो आरोपी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत पर भेजे, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में रेलवे ट्रैक पर रखा पत्थर

जगदलपुर. श्रीविल्लिपुत्तूर रेलवे स्टेशन की पुलिस ने छत्तीसगढ़ से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों के ऊपर रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखने का आरोप है। तेनकासी जिला के कदयानल्लूर रेलवे स्टेशन और तिरुनेलवेली जिला के पंबाकोविलशांडे रेलवे स्टेशन के बीच इस वारदात को अंजाम दिया गया था। 25 सितंबर को ट्रेन नंबर 12662 के साथ ये घटना घटी। ट्रेन का नाम चेन्नई एग्मोर- पोथिगई एक्सप्रेस है। ट्रैक पर पत्थर होने के कारण ट्रेन टकराई और कुछ समय के लिए रुक गई थी। रेलवे पुलिस ने सेनगोट्टई के सीनियर इंजीनियर की शिकायत पर मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी। आरपीएफ ने दो टीमों को तैनात किया था। टीमें जांच के लिए स्थानीय लोगों के पास गईं और मामले की तह तक जाने की कोशिश की। बाद में पता चला कि बस्तर के ईश्वर मेदिया और जगदलपुर के बघेल पास के एक इलाके में पत्थर की खदान में काम करते हैं। शक के आधार पर इन लोगों को पकड़कर लाया गया और इनसे पूछताछ की गई। आरोपियों ने कबूला, इन धाराओं के तहत हुई गिरफ्तारी — पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। आरोपियों को धारा 150(1) ए और 147 के तहत गिरफ्तार किया गया है। धारा 150(1) ए अवैध रूप से रेलवे ट्रैक पर पत्थर या लकड़ी रखने के लिए है। वहीं धारा 147 रेलवे संपत्ति के अतिक्रमण से जुड़ी है। इन धाराओं का जिक्र रेलवे एक्ट में दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद इन लोगों को राजपालयम कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। इसके बाद दोनों आरोपियों को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच और पूछताछ के बाद पता लगेगा कि आखिर उन लोगों ने ट्रैक पर पत्थर क्यों रखा। हालांकि आरोपियों ने कबूल कर लिया है अब अन्य पक्षों की भी जांच होगी और इसके पीछे के कारणों का पता लगाया जाएगा।

जोश बटलर वेस्टइंडीज के आगामी दौरे के लिए सफेद गेंद दौरे के लिए इंग्लिश टीम में करेंगे वापसी

लंदन वेस्टइंडीज के आगामी दौरे के लिए नियमित सीमित ओवरों के कप्तान जोस बटलर की इंग्लैंड की टीम में वापसी होगी। इंग्लिश टीम वेस्टइंडीज दौरे पर इस साल अक्टूबर-नवंबर में तीन टी20 और पाँच वनडे खेलेगी। बटलर हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 और वनडे मैचों में नहीं खेल पाए थे क्योंकि वे पिंडली की चोट से उबर रहे थे। इंग्लैंड ने टीम में तीन अनकैप्ड खिलाड़ियों को भी शामिल किया है, जिसमें 22 वर्षीय यॉर्कशायर के लेग स्पिनर जाफर चौहान शामिल हैं, जिन्हें सीनियर टीम में पहली बार शामिल किया गया है। वह साउथ एशियन क्रिकेट अकादमी के पहले स्नातक हैं। अन्य दो अनकैप्ड खिलाड़ी जॉन टर्नर और डैन मूसली हैं, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में टीम का हिस्सा थे। इंग्लैंड ने 14 खिलाड़ियों की शुरुआती टीम चुनी है, और 28 अक्टूबर को रावलपिंडी में होने वाले सीरीज के तीसरे मैच के शुरू होने के बाद पाकिस्तान में टेस्ट टीम से दो और खिलाड़ी शामिल किए जाएंगे। बटलर की जगह ऑस्ट्रेलिया सीरीज में इंग्लैंड की अगुआई करने वाले हैरी ब्रूक टेस्ट टीम का हिस्सा हैं। कैरेबियाई दौरे की शुरुआत वनडे से होगी – पहले दो मैच 31 अक्टूबर और 2 नवंबर को एंटीगुआ में होंगे, उसके बाद 6 नवंबर को तीसरे मैच के लिए बारबाडोस जाएंगे। पांच टी20 मैच 9 से 17 नवंबर के बीच खेले जाएंगे। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड की टीम: जोस बटलर, जोफ्रा आर्चर, जैकब बेथेल, जाफर चौहान, सैम करन, विल जैक्स, लियाम लिविंगस्टोन, साकिब महमूद, डैन मूसली, जेमी ओवरटन, आदिल राशिद, फिल साल्ट, रीस टॉपले, जॉन टर्नर।  

नवरात्री 2024 : मां दुर्गा की आराधना से धुल जाते हैं जन्म जन्मांतर के पाप

इस वर्ष 03 अक्टूबर से नवरात्रि अर्थात दुर्गा पूजा उत्सव प्रारंभ हो रहा है! हमारे देश का यह उत्सव बड़े व्यापक रुप से हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जगह-जगह भव्य पांडालों एवं झांकियों के साथ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इन स्थलों की सजावट तो देखते ही बनती है। इन दिनों सारा वातावरण मां दुर्गा की भक्ति से सराबोर रहता है, सारा देश भक्तिमय रहता है। नवरात्रि पर्व. को मनाने के पीछे पौराणिक कथा प्रचलित है जो इस प्रकार है। एक समय की बात हैं ब्रम्हा आदि देवताओं ने पुष्प आदि विविध प्रकार से मां दुर्गा की पूजा की। फलस्वरुप दुर्गा जी प्रसन्न होकर उन्हें वरदान मांगने को कहा। तब दुर्गा की ममतामयी वाणी सुनकर देवतागण बोले-हे देवी हमारे शत्रु महिषासुर को, जो संपूर्ण जगत के लिये त्रासद का कारण था जिसे अपने हाथों से आपने संहार किया था. तब से समस्त विश्व निरापद होकर चैन की सांस ले पा रहें हैं। आपने पृथ्ची के समस्त दृष्टों अत्याचारियों का वध करके सब देवताओं को भयमुक्त कर दिया है। अतः अब हमारे मन में कुछ भी पाने की अभिलाषा नहीं है। हमें संब कुछ मिल गया। तथापि आपकी आज्ञा है, इसलिये हम जगत की रक्षा के लिये आपसे कुछ पूछना चाहते हैं-महेश्वरी! कौन सा ऐसा उपाय है कि जिससे आप शीघ्र प्रसन्न होकर संकट में पड़े जीव की रक्षा करती हैं। देवश्वरी यह बात सर्वथा गोपनीय हो तो भी हमें अवश्य बताइये! देवताओं के इस प्रकार प्रार्थना करने पर दयालू मां ने कहा देवगण यह रहस्य अत्यंत गोपनीय और दुर्लभ है। मेरे बत्तीस नामों की माला सब प्रकार के दुःखों और विपत्तियों का नाश करने वाली है। तीनों लोकों में इसके समान दूसरी कोई स्तुति नहीं हैं। यह स्तुति रहस्य रूप है। इमे बताती हूं। सुनो ये बत्तीस नाम हैं (1) दुर्गा (2) दुर्गर्तिशमनी (3) दुर्गा पाद्धि निवारिणी (5) दुर्ग नाशिनी(6) दुर्गा साधिनी (7)) दुर्ग तौधरनी (8) दुर्ग मच्छेदनी(9) दुर्गमापडा (10) दुर्गमज्ञानदा(11) दुर्गा दैत्यलोक दानवला(12) दुर्गमा(13) दुर्गमालोका(14) दुर्गामात्म स्वरूपिणी(15) दुर्गमार्गप्रभा(16) दुर्गम विद्या(17) दुर्गा मांश्रिता(18) दुर्गम ज्ञानस्थाना(19) दुर्ग मोहा(20) दुर्ग मध्यानभाषिनी (21) दुर्गमना(22) दुर्गमार्थ स्वरुपिणी (23) दुर्गमासूर सहंस्त्री(24) दुर्गमां युद्धधारिणी(25) दुर्गभीमा (26) दुर्गामता (27)दुर्गम्या(28) दुर्गमेश्वरी(29) दुर्गमांगी (30)दुर्गभामा (31) दुर्गभाऔर (32) दुर्गमांगी “नामावलिमियां यस्तु दुर्गाया मम मानव:। पढेत् सर्वभवान्मुक्तों भविष्यति न संशयः। । कहा जाता है कि जो मनुष्य प्रतिदिन दुर्गाजी के इन नामों का एक सौ आठ बार पाठ करता है उसके लिये तीनों लोकों में कुछ भी असाध्य नहीं रहता है। वह निःसंदेह सब प्रकार के भय के मुक्त हो जाता है। कोई शत्रुओं से पीड़ित हो दुर्भेट्य बंधन में पड़ा हो, इन बत्तीस नामों के उच्चारण मात्र से संकट से छुटकारा पा जाता है। विपत्ति के समय इसके समान अवनाशक उपाय दूसरा नहीं है। देवगण! इस नाम माला का पाठ करने वाले मनुष्यों की कभी कोई हानि नहीं होती। हमारे देश में दुर्गाजी की प्रतिमा जो मूर्तिकारों द्वारा बनाई जाती है अक्सर आप सभी ने देखा होगा वे सभी शेर पर सवार एवं अष्टभुजी, हर हाथों में ‘ढाल, तलवार, आदि हथियार रहते हैं, तो इसके पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है। जब देवताओं ने मां दुर्गा जी से उनकी प्रसन्नता का रहस्य पूछा था तो देवी ने उनके समक्ष उपरोक्त बत्तीस नामों के पाठ का उल्लेख तो किया ही, साथ ही यह भी कहा था कि उनकी सुंदर मिट्टट्टी की क्रमशः गदा, खड़ग, त्रिशूल बाण, धनुष, वाली बाल, मुग्दर और कमल धारण करावें एवं अष्टभुजा मूर्ति बनायें! मूर्ति के मस्तक में चंद्रमा का चिन्ह हो उसके तीन नेत्र हो, उसे लाल वस्त्र पहनाया गया हो, वह सिंह पर सवार हो और महिषासुर का वध कर रही हो। मां का 16 श्रृंगार होना चाहिए। सोलह श्रृंगारों में यथा (1) शौच (2) उबटन (3) स्नान (4) केश बंधन) (5) अंगराज (6) अंजन (7) महावर (8) दंतरंजन (9) तांबूल (10) वसन (11) भूषण (12) सुगंध (13) महावर (14) कुंमकुम (15) भाल तिलक एवं (16) चिबुक बिंदु। को शामिल किया गया है। इस प्रकार मां की प्रतिमा बनाकर नाना प्रकार की सामग्रियों से भक्तिपूर्वक मूर्ति का पूजन करने से भक्तों की सब मनोकामना पूर्ण होती है। दुर्गापूजा भारत के अलावा कई देशों में भी की जाती है। दुर्गापूजा की परंपरा सिंधु कालीन सभ्यता के समय से इतिहास वेत्ताओं ने माना है। खुदाई से प्राप्त मूर्तियों, सिक्को में अंकित लिंग, वोनी, नंदीपद, स्त्री की सिंह सवार मूर्ति आदि से उक्त मान्यता को बल मिलता है कि प्राचीन समय से ही शक्ति पूजा की परंपरा थी। वर्तमान में दुर्गा पूजा को जापान में चनेष्टि यूनान में दीमेतारे तिब्बत में लामो मिश्र में आईसिस हैथर के नाम से पूजित किया जाता है। महाभारत के युद्ध के समय भी दुर्गा पूजा का एक विशेष उल्लेख आता है। जब कुरुक्षेत्र में युद्ध शुरू होने के पूर्व श्री कृष्ण ने अर्जुन की विजय श्री के लिए माँ दुर्गा की पूजा एवं उपासना की थी। श्री दुर्गा सप्तशती में दुर्गा देवी के जन्म की और उनके द्वारा अनेक राक्षसों का वध कर देवताओं को सुरक्षा प्रदान करने का विस्तार से वर्णन है। इसी परम धार्मिक ग्रंथ में देवी के नौ रूपों का भी उल्लेख है, जिसमें प्रथम शैलपुत्री द्वितीय ब्रह्मचारिणी तृतीय चंद्रघंटा चतुर्थ कूष्मांडा पंचम स्कंध माता षष्टम कात्यायनी सप्तम कालरात्रि अष्टम महागौरी एवं नवम व अंतिम दुर्गा सिद्धिदात्री का पूर्ण वर्णन किया गया है।  

बेंगलुरू एफसी ने मुंबई सिटी से गोलरहित ड्रॉ खेला

मुंबई बेंगलुरू एफसी ने इंडियन सुपर लीग के मैच में मुंबई सिटी एफसी को गोलरहित ड्रॉ पर रोककर अपना अपराजेय अभियान बरकरार रखा । बेंगलुरू एफसी के गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने विरोधी टीम के कई हमले नाकाम किये । इस मैच के बाद बेंगलुरू चार मैचों में दस अंक लेकर शीर्ष पर है । वहीं मुंबई तीन मैचों में दो ड्रॉ और एक हार के बाद 11वें स्थान पर है । बेंगलुरू एफसी 18 अक्टूबर को पंजाब एफसी से खेलेगी जबकि मुंबई सिटी का सामना एफसी गोवा से होगा ।  

महिलाओं से अभद्रता पर मारपीट से था आहत, राजस्थान-चित्तौड़गढ़ में नशेड़ी ने खुद का गला काटा

चित्तौड़गढ़. प्रारंभिक जांच में युवक के मारपीट से आहत होकर खुद का गला काटने की बात सामने आई है। वहीं यह नशे का आदी भी बताया है। रात को ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। फिलहाल इस मामले में कोई प्रकरण कोतवाली थाने में दर्ज नहीं हुआ है। युवक के बयान या रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अग्रिम कार्रवाई करेगी। कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र में शिवाजी सर्कल पर यह मामला सामने आया। बुधवार रात करीब 9 गंभीर अवस्था में घायल युवक लोगों को मिला। इसके गले में चोट का निशान होकर काफी रक्त बह रहा था। लोगों ने इसको जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया। यहां इसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उपचार शुरू किया। मामले की जानकारी मिली तो कोतवाली थाना प्रभारी संजीव कुमार स्वामी मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे हैं। युवक ने खुद को घायल किया था। शहर में रेलवे स्टेशन के समीप रहने वाला शकील कोतवाली थाना क्षेत्र में मोक्षधाम की तरफ गया था। इसके बाद में घायल अवस्था में चिकित्सालय में लाया गया। युवक ने खुद के साथ कुछ लोगों द्वारा मारपीट करने से आहत होकर कांच की बोतल से गला काट लिया। जिला चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद आगे उपचार के लिए इसको उदयपुर रेफर किया है। इस मामले में पुलिस उप अधीक्षक चित्तौड़गढ़ तेज कुमार पाठक ने बताया कि चिकित्सकों से इसके स्वास्थय को लेकर बात की है। इसके गले में ज्यादा गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। इधर, कोतवाली थानाधिकारी संजीव स्वामी ने बताया कि पुलिस ने इसके मामले की जांच की है। युवक नशे का आदी होकर एक ठेले पर महिलाओं से अभद्रता की थी। इसके कारण यहां विवाद हुआ। थोड़ी देर बाद खुद का गला काट कर आया। पुलिस ने इसके विडियो बयान दर्ज किए हैं। यह पहले भी इस तरह का कदम उठा चुका है।

निवेश का सही रास्ता है म्यूचुअल फंड्स, बना सकतें है यहाँ भी कैरियर

रुपए कमाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि बचत का निवेश सही तरीके से किया जाना। म्यूचुअल फंड्स वह रास्ता है जो शेयर बाजार के लाभ हम तक पहुंचाने में मदद करते हैं। लिक्विड फंड इस फंड को “बैंक के बचत खाते” जैसा कह सकते हैं, रिटर्न बचत खाते से करीब 2-3 फीसदी बेहतर होता है। (स्टेट बैंक बचत खाते की ब्याज दर 2.7 फीसदी सालाना है) निवेश, 100 फीसदी शासकीय बांड्स में होता है, इसलिए निवेशित राशि कभी कम नहीं होती। अपनी रकम कभी भी निकाल सकते। (दोपहर 12:30 से पहले प्रोसेस करने पर दूसरे दिन, निवेशक के खाते में पैसा आ जाता है, शनिवार, रविवार छुट्टी ) जिस बचत खाते से निवेश होता है, रकम उसी खाते में वापस जाएगी। (कैश लेन-देन नहीं होता) डेट फंड यह बैंक के फिक्स डिपाजिट जैसा होता है। रिटर्न करीब बैंक एफ डी ब्याज दर से 1-1.5 फीसदी ज्यादा होता है (स्टेट बैंक फिक्स डिपॉजिट ब्याज दर 6.8 फीसदी है, हर माह 10 फीसदी इनकम टैक्स कटता है, निवेशक को 6.15 फीसदी मिलता है) राशि निकालने की प्रक्रिया लिक्विड फंड जैसे ही है अर्थात दूसरे दिन खाते में राशि आएगी। इस फंड में निवेश 90 फीसदी गार्नमेंट बांड, कोर्पोरेट बांड, में होता है, 10 फीसदी शेयर में निवेश होता है इसलिए रिटर्न, “लिक्विड फंड से बेहतर मिलते हैं। ” इक्विटी फंड यह फंड निवेशकों को पैसा बना कर देता है। इसमें ज्यादातर निवेश मार्केट में होता है, जिससे बहुत अच्छे रिटर्न बनते हैं। 35 से 100 अच्छी कम्पनियों के शेयरों में निवेश किया जाता है, यदि 4-5 कम्पनी के शेयरों में गिरावट होती है, तो बाकी कम्पनियों के शेयर, निवेशकों की रकम नीचे जाने नहीं देते। पिछले 40 सालों के रिकार्ड देखें, तो 3 से 5 साल के लिए निवेश करने पर, कम से कम 18-20 फीसदी रिटर्न मिलते हैं, लम्बी अवधि के निवेश पर आश्चर्यजनक तरीके से, निवेश में वृद्धि होती है। कोविड काल के निवेशकों की राशि, डेढ़-, दो साल में डबल से ज्यादा हो गई। लक्ष्य आधारित निवेश बहुत ही लाभदायक होते हैं, जैसे-रिटायरमेंट प्लानिंग, बच्चों की उच्च शिक्षा खर्च, बच्चों की शादी का खर्च, बड़ी गाड़ी खरीदना, घर बनाना आदि के लिए इस तरह निवेश समय रहते कर देने चाहिए। रातों रात किसी चमत्कार की आशा नहीं करनी चाहिए और शेयर बाजार के झटकों से घबराकर निवेश रोकना नहीं चाहिए। एस आई पी द्वारा नियमित निवेश करें और रुककर जब लाभ हो तभी रूपये निकाले।  

बच्चियों के चक्कर खाकर गिरने पर माँगा जवाब, छत्तीसगढ़-कोरबा के कन्या आश्रम पर आदिवासी विकास विभाग सख्त

कोरबा. वनांचल ब्लॉक पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के 50 सीटर प्राथमिक स्तर अजजा कन्या आश्रम कटोरीनगोई में अध्ययनरत तीन बच्चियों की चक्कर खाकर गिरने एवं घटना  के बाद बच्चियों के तत्काल उपचार कराने, उच्च अधिकारियों को मामले की सूचना देने में विफल अधीक्षिका के खिलाफ अब आदिवासी विकास विभाग के कड़ा रुख अपनाया है। घटना के बाद बीमार बच्चियों को अस्पताल में अधिकारियों की देखरेख में उपचार कराने के बाद सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने महिला अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रकरण के संदर्भ में तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है , संतोषप्रद जवाब नहीं पाए जाने पर अधीक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर द्वारा 50 सीटर प्राथमिक स्तर अजजा कन्या आश्रम कटोरीनगोई की महिला अधीक्षक सुगंधी भगत को जारी कारण बताओ नोटिस में उल्लेख किया है कि दिनांक एक अक्तूबर मंगलवार की दोपहर आश्रम के 19 बच्चियों का स्वास्थ्य खराब होने के फलस्वरूप उन्हें प्राथमिक  स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा में भर्ती कराया गया है, जिसकी सूचना उन्हें अन्य माध्यम से प्राप्त हुई। इस संबंध में सहायक आयुक्त/नोडल अधीक्षक/कलस्टर अधीक्षक को घटना के अवगत नहीं कराया गया। सहायक आयुक्त घटना दिवस को रात्रि 11 बजे प्राथमिक  स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जहां उन्हें बच्चियों ने बताया कि शाला समयावधि में दोपहर 2 बजे 02-03 बच्चियां चक्कर खाकर स्कूल में ही गिर गई थीं, परंतु बतौर अधीक्षिका आपके द्वारा  घटना को गंभीरता से नहीं लेते हुए बच्चियों के तत्कालिक उपचार नहीं कराया गया, जिसके कारण उक्त घटना घटित हुई। सहायक आयुक्त कसेर ने तीन दिन के भीतर उनके समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना सुनिश्चित करने की बात कही है। जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस गंभीर लापरवाही भरे प्रकरण में जिम्मदारों पर कार्यवाही तय मानी जा रही है। साथ ही घटना के बाद जिले के सभी 180 से अधिक आश्रम छात्रावासों में अधिक निगरानी एवं निरीक्षण की आवश्यकता बन आई है, ताकि ऐसे घटनाओं की पुनरावत्ति न हो। गौरतलब हो पखवाड़े भर पूर्व विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने आश्रम छात्रावासों में अधीक्षक की उपस्थिति को अनिवार्य बताते हुए उनकी समस्याओं को भी ध्यान से सुना था। साथ निकट भविष्य में समाधान की दिशा में उचित पहल किए जाने की बात कही थी। इसके बाद महिला अधीक्षक की कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही का यह पहला मामला सामने आया है, जिसके बाद विभाग ने यह कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के श्रीकांत कसेर ने बताया कि नोटिस जारी किया है आश्रम-छत्रावासों के बच्चों सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति विभाग पूरी संजीदगी से कार्य कर रहा है। कटोरीनगोई  के प्रकरण में महिला अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषप्रद जवाब नहीं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। फूड पायजनिंग से बच्चियों के बीमार होने की बात मनगढंत, अपुष्ट है, चिकित्सक ने ऐसी कोई पुष्टि नहीं की है। ब्लड टेस्ट रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है।

महिला टी20 विश्व कप में क्रिकेट समुदाय को ऑनलाइन वातावरण बनाने के लिए एक ‘सोशल मीडिया मॉडरेशन’ टूल किया शुरू: आईसीसी

शारजाह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने महिला टी20 विश्व कप में ‘क्रिकेट समुदाय को विषाक्त सामग्री से बचाने’ और खिलाड़ियों तथा प्रशंसकों के लिए एक सुरक्षित और समावेशी ऑनलाइन वातावरण बनाने के लिए एक ‘सोशल मीडिया मॉडरेशन’ टूल (कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का एक हिस्सा) शुरू किया। यह टूर्नामेंट बृहस्पतिवार को शारजाह में शुरू हो रहा है और इसका फाइनल 20 अक्टूबर को दुबई में होगा। ‘गो बबल’ के सहयोग से यह कृत्रिम मेधा (एआई) संचालित टूल आधिकारिक और खिलाड़ियों के सोशल मीडिया चैनलों पर अभद्र भाषा और उत्पीड़न जैसी विषाक्त सामग्री की निगरानी करता है जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करना और सकारात्मक माहौल को बढ़ावा देना है। आईसीसी के डिजिटल प्रमुख फिन ब्रैडशॉ ने कहा, ‘‘हम आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के सभी प्रतिभागियों और प्रशंसकों के लिए एक सकारात्मक और समावेशी वातावरण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित हैं। यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि इतने सारे खिलाड़ी और टीमें हमारी नई पहल को अपना रही हैं।’’ पहले ही 60 से अधिक खिलाड़ी सोशल मीडिया सुरक्षा सेवा का विकल्प चुन चुके हैं।  

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन दर्शन करने लगा तांता, राजस्थान-जयपुर के ज्वाला माता मंदिर में उमड़ी भीड़

जयपुर. शारदीय नवरात्रि के पहले दिन जोबनेर कस्बे में स्थित पहाड़ी पर बने ज्वाला माता मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। देशभर से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे हैं, जहां भक्ति का माहौल चरम पर है।नवरात्रि के मौके पर ज्वाला माता मंदिर में आज अखंड दीप और आरती हुई। इस दौरान भक्त उपवास रखते हुए माता से अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की कामना कर रहे हैं। वहीं नवरात्रि के दौरान भक्तों की सेवा के लिए मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही, ध्वज लहराते हुए भक्त जागरण में माता की भक्ति में लीन हो गए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम जोबनेर ज्वाला माता मंदिर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किये गए हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।ऐसे इसलिए ताकि भक्तों को दर्शन करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

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