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गौतम गंभीर मां पीतांबरा सिद्धपीठ पहुंचे, वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक भी किया

ग्वालियर  भारत और बांग्लादेश के बीच टी20 सीरीज की शुरुआत 6 अक्टूबर से हो रही है। सीरीज का पहला मुकाबला ग्वालियर के नए माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम पर होना है। इस मैच के लिए दोनों ही टीमें ग्वालियर पहुंच चुकी हैं। मैच की तैयारी भी पूरी हो चुकी है। 14 साल बाद ग्वालियर में कोई इंटरनेशनल मैच खेला जा रहा है। आखिरी बार 2010 में यहां हुए मुकाबले में सचिन तेंदुलकर ने वनडे इतिहास का पहला दोहरा शतक लगाया था। मां पीतांबरा सिद्धपीठ पहुंचे गौतम गंभीर भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ग्वालियर के पास स्थित दतिया के मां पीतांबरा सिद्धपीठ पहुंचे। नवरात्री की शुरुआत हो चुकी है और भारतीय हेड कोच ने मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस दौरा पीला कुर्ता पहन रखा था। इसके साथ ही उन्होंने भगवान वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक भी किया। मां पीतांबरा सिद्धपीठ की स्‍थापना 1935 में की गई थी। यहां मां के दर्शन के लिए कोई दरबार नहीं सजाया जाता बल्कि एक छोटी सी खिड़की है, जिससे मां के दर्शन का सौभाग्‍य मिलता है। भारी सुरक्षा के बीच खेला जाएगा मैच मैच की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर ग्वालियर के अलावा बाहर से भी पुलिस बल बुलाया गया है। खिलाड़ियों को एयरपोर्ट से होटल लाने और होटल से स्टेडियम तक ले जाने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। स्टेडियम में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। मैच शुरू होने से 3 घंटे पहले ही सुरक्षाकर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात हो जाएंगे। 6 घंटे में ही बिक गए टिकट माधवराव सिंधिया इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। इस मैच को लेकर ग्वालियर के दर्शकों में भारी उत्साह है। 20 सितंबर को सुबह 10 बजे टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हुई। 6 घंटे में 22400 टिकट बिक गए। 1500 टिकट छात्रों के लिए और 100 टिकट दिव्यांगों के लिए पहले ही आरक्षित रखे गए थे। वहीं 6000 टिकट वीआईपी के लिए रखे गए हैं।

रतलाम स्टेशन के करीब डीजल से भरी मालगाड़ी के दो टैंकर बेपटरी हुए, बाल्टियों और कैन डीजल भरने टूट पड़े लोग

रतलाम    दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर रतलाम रेलवे स्टेशन के पास पेट्रोलियम पदार्थ से भरी एक मालगाड़ी बेपटरी हो गई. दिल्ली की तरफ जाने वाली डाउन लाइन पर यह हादसा हुआ है. हादसे के बाद मालगाड़ी के दो वैगन पटरी से उतर गए. दुर्घटनाग्रस्त हुए एक वैगन से ज्वलनशील पदार्थ का रिसाव भी होने लगा. हादसे की जानकारी मिलने के बाद रेलवे के आला अधिकारियों सहित एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन मौके पर पहुंची है. अधिकारियों का मानना है कि यह भी ट्रेन डिरेल करने की कोई साजिश हो सकती है.  हादसे की सूचना मिलने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। इस दौरान यात्री ट्रेनों का परिचालन भी बाधित हो गया और कई यात्री ट्रेनें अपने नियमित समय के विपरीत चलने लगी। रेल हादसे की खबर के बाद अधिकारियों में भी  हड़कंप मच गया। यह दुर्घटना गुरुवार रात 9.30 बजे की बताई जा रही है। रेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बड़ौदा की ओर से रतलाम स्टेशन होते हुए बी नागदा साइड जा रही मालगाड़ी रतलाम रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूर घटला ब्रिज के आगे अपयार्ड की ओर बेपटरी हो गई। दुर्घटना में दो डिब्बे बे पटरी से उतर गए। उसमे से एक डिब्बा  पलटी भी खा गया। रेलवे के माल गाड़ी के टिकट का डिब्बे में ज्वलनशील पदार्थ (डीजल) भरा हुआ था। इस हादसे के बाद इस रूट से गुजरने वाली कई  यात्री ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। इधर दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद राहत ट्रेन मौके पर पहुंच गई और रूट सुधारने का कार्य शुरू कर दिया गया। साथ ही डीआरएम रजनीश कुमार व अधिकारी मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल में पहुंचे और व्यवस्थाओ पर नजर बनाए रखी । हादसे की जांच के आदेश जारी डीआरएम ने इस हादसे की जांच के भी आदेश दे दिए है। इसके साथी दुर्घटना वाले क्षेत्र में लाउडस्पीकर पर ज्वलनशील पदार्थ नहीं ले जाने का भी अनाउंस किया गया जिससे कोई बड़ा हादसा ना हो सके। वही इस संबंध में रेलवे की ओर से जारी सूचना के तहत उन्होंने बताया कि 03 अक्टूबर, 2024 को नागदा की ओर जा रही गुड्स ट्रेन लगभग 10 बजे रतलाम-रतलाम ई केबिन के मध्य Km 655/10-12 के पर दो वैगन डिरेल हो गई है तथा एक वैगन पलट गई है। इसके कारण दिल्ली मुम्बई डाउन लाइन प्रभावित हुई है तथा अप लाइन से ट्रेनें चल रही है। डिरेल वैगन को छोड़कर शेष वैगन को वहां से रवाना कर दिया गया है तथा डिरेल वैगन को रिरेल करने का कार्य जारी है। जल्द ही डाउन लाइन को चालू कर दिया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की जनहानि नही हुई है। इस घटना के कारण डाउन की दो ट्रेने प्रभावित हुई है। मंडल रेल प्रबंधक सिहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवम कर्मचारी घटना स्थल पर उपस्थित हैं। रतलाम DRM रजनीश कुमार के अनुसार नागदा की ओर जा रही गुड्स ट्रेन रात लगभग 10 बजे रतलाम-रतलाम ई केबिन के मध्य किलोमीटर 655/10-12 के पर दो वैगन डिरेल हो गई है तथा एक वैगन पलट गई है। इसके कारण दिल्ली मुम्बई डाउन लाइन प्रभावित हुई है तथा अप लाइन से ट्रेनें चल रही है। डिरेल वैगन को छोड़कर शेष वैगन को वहां से रवाना कर दिया गया है तथा डिरेल वैगन को रिरेल करने का कार्य जारी है। जल्द ही डाउन लाइन को चालू कर दिया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की जनहानि नही हुई है। इस घटना के कारण डाउन की दो ट्रेन प्रभावित हुई है। विभागों के अधिकारी और कर्मचारी घटना स्थल पर उपस्थित हैं। लापरवाही की भयावह तस्वीर, जान पर खेल कर लोगों ने मचा दी डीजल की लूट… रतलाम में हुए इस हादसे के बाद लापरवाही की भयावह तस्वीर भी सामने आई कि स्थानीय लोगों ने टैंकरों से डीजल लीक होता देखा तो जान की परवाह किए बिना अपने बरतन और प्लास्टिक के केन लेकर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां ऐसे सैकड़ों लोगों की भीड़ लग गई और डीजल की लूट मच गई। यह नजारा दिल दहला देने वाला…कैसे लोग अपनी जान पर खेल जाते हैं…। इन ट्रेनों को किया री शेड्यूल -गाड़ी संख्या 09546- नागदा रतलाम स्पेशल 01 घंटे -गाड़ी संख्या 09545- रतलाम नागदा 1.30 घंटे -गाड़ी संख्या 19341- नागदा बिना 1.30 घंटे -गाड़ी संख्या 09382- रतलाम दाहोद -गाड़ी संख्या 09350 दाहोद आनंद 02.00 घंटे लेटेस्ट अपडेट बता दें कि 3 अक्टूबर को नागदा की ओर जा रही गुड्स ट्रेन लगभग 22.00 बजे रतलाम-रतलाम ई केबिन के मध्य Km 655/10-12 के पर दो वैगन डिरेल हो गई थी । वैगनों को डिरेल कर तथा ट्रैक एवम OHE का मरम्मत कर डाउन लाइन को 04 अक्टूबर, 2024 को 10.00 बजे फिट दे दिया गया है। कॉशन आर्डर के साथ ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। टला बड़ा हादसा, रेलवे की कई टीमें पहुंचीं ज्वलनशील पदार्थ से भरी मालगाड़ी रतलाम रेलवे स्टेशन के समीप डाउन लाइन पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, ये जानकारी लगते ही रेलवे में हड़कंप मच गया. ये मालगाड़ी दिल्ली-मुंबई रूट पर नागदा की ओर जा रही थी. इसी दौरान स्टेशन से कुछ मीटर की दूरी पर मालगाड़ी के 2 वैगन पटरी से उतर गए. दुर्घटनाग्रस्त हुए हुए एक वैगन से डीजल का रिसाव होने की वजह से रेलवे की टीम को ट्रैक से वेगन हटाने में समय लगा. वैगन से हो रहे ज्वलनशील पदार्थ के रिसाव को रोकने के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की एक्सपर्ट टीम को भी सूचना दी गई है. गनीमत ये रही कि रेलवे की तत्परता से डीजल में आग नहीं लगी, वरना बड़ी घटना हो सकती थी. शुरू की गई हादसे के कारणों की जांच रतलाम डीआरएम रजनीश कुमार ने ईटीवी भारत से चर्चा में बताया कि ” डिरेल होने की सूचना मिलने पर रेलवे की टीम तत्काल दुर्घटनाग्रस्त वैगन को हटाने और डाउन लाइन पर यातायात बहाल करने का प्रयास कर रही है. घटनास्थल पर एक्सीडेंट रिलीफ टीम और रेलवे के इंजीनियर रेलवे ट्रैक से वैगन हटाने और डाउन लाइन पर रेल यातायात शुरू करने में जुटे हैं. मालगाड़ी डिरेल होने के कारणों की जांच भी रेलवे की टीम कर रही है.”  

रतलाम में बालम ककड़ी खाने से 5 साल के बच्चे की मौत, दो बहनें आईसीयू में भर्ती

रतलाम  जिले के जड़वासा कलां गांव में बालम ककड़ी खाने से एक ही परिवार के 5 लोग बीमार हो गए। इनमें से 5 वर्षीय बालक की मौत हो जबकि मां और दो बेटियों का मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार जड़वासा कलां निवासी किसान मांगीलाल पाटीदार (36), पत्नी कविता, बेटी दक्षिता (11), साक्षी (8) और बेटे क्रियांश (5) को बुधवार सुबह अचानक उल्टियां होने लगी। उन्हें रतलाम के एक निजी हॉस्पिटल में लाया गया था। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी और सभी गांव लौट गए थे। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात 3 बजे कविता, दक्षिता, साक्षी और क्रियांश की फिर से तबीयत बिगड़ गई। इससे परिजन ने चारों को शासकीय मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया। यहां तड़के 4 बजे डॉक्टर ने क्रियांश को मृत घोषित कर दिया। दक्षिता और साक्षी की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। दोनों का आईसीयू में जबकि मां कविता का जनरल वार्ड में उपचार जारी है। बालम ककड़ी खाने से बिगड़ी तबीयत परिजन ने बताया कि मांगीलाल ने सोमवार को सैलाना-धामनोद रोड से बालम ककड़ी खरीदी थी। सभी ने शाम को बालम ककड़ी खाई। आशंका है कि ककड़ी खाने के कारण फूड पॉइजनिंग होने से सभी की तबीयत बिगड़ी। मांगीलाल के भाई रवि के अनुसार भाभी कविता और दोनों भतीजियों का उपचार जारी है। डॉक्टर भी प्रथमदृष्टया फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। फूड पॉइजनिंग के बाद भर्ती कराए गए थे रतलाम मेडिकल कॉलेज के ऐपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव बोरीवाल ने बताया कि पांचों मरीज फूड पॉइजनिंग के कारण बीमार होकर‎ आए थे। सही ‎इलाज मिलने में लंबा गैप होने से भी ‎स्थिति बिगड़ी। क्रियांश का ब्लड सैम्पल लिया है‎, जांच करवाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. विनय शर्मा ने कहा कि प्रथम दृष्टया बच्चे की मौत‎ फूड पॉइजनिंग से हुई है। मां‎ और दो बेटियों को इलाज किया जा रहा है। पुलिस ‎चौकी को इन्वेस्टिगेशन के‎ लिए लिखकर दिया था। वहीं, पुलिस चौकी प्रभारी सुनील राघव ने‎ बताया कि फिलहाल इस तरह का ‎मामला नहीं आया है। जानकारी ‎आएगी तो पड़ताल की जाएगी। कीटनाशक का छिड़काव करते हैं किसान ऐपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव बोरीवाल ने बताया, ‘किसान फल और सब्जियों में लगने वाले कीड़ों को मारने के लिए ‎कीटनाशक का छिड़काव करते हैं, जो इनको अच्छी तरह धोने से ही साफ हो पाता‎ है। ककड़ी में पित्त भी होता है, जिसे उसके दोनों सिरों को काटने के बाद ‎रगड़कर निकाला जाता है। ककड़ी देखकर खरीदें कि कहीं यह ज्यादा पुरानी तो नहीं है। फल और ‎सब्जी को काटते समय चेक करें क्योंकि इनमें कई बार कीड़े भी निकलते‎ हैं। क्या है बालम ककड़ी बालम ककड़ी मध्य भारत का मौसमी विशेष खीरा है। मध्य भारत के कुछ हिस्सों में आम तौर पर पाई जाने वाली विशाल ककड़ी की मौसमी किस्म, बालम ककड़ी एक ताज़ा देशी सामग्री है जो हाइड्रेटिंग है और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है इसे कब खाना चाहिये खीरा दिन या रात के किसी भी समय खाया जा सकता है क्योंकि यह शरीर को संतुलित करने में मदद करता है और शरीर में पानी की मात्रा को बनाए रखने में मदद करता है। अगर आपका पाचन कमजोर या खराब है तो आपको रात में इसका सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि खीरे के बीज पचने में भारी होते हैं।

जुगाड़ी बेटा बना वायरल बॉय, छत्तीसगढ़-बालोद में स्कूल जाने के लिए कबाड़ से बनाई ई-बाइक

बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक पिता ने अपने बेटे की दिक्कतों को देखते हुए स्कूल के लिए एक साइकिल से ई-बाइक बना दी। पिता ने जुगाड़ से ई-बाइक बनाई है। अब बेटे को 20 किलोमीटर दूर स्कूल जाने में परेशानी नहीं होती है। बालोद जिले के ग्राम दुचेरा के एक पिता संतोष साहू ने अपने पुत्र के स्कूल जाने की परेशानियों को देखते हुए कबाड़ के सामान से एक ई-बाइक का निर्माण कर दिया। अब पूरे प्रदेश में यह ई-बाइक चर्चा का विषय बनी हुई है। संतोष साहू का पुत्र किशन साहू कक्षा आठवीं में पढ़ता है। सेवा आत्मानंद स्कूल में पढ़ना शुरू किया है जो कि जिले के ग्राम पर जिंदा में है और इसके गांव से लगभग उसकी दूरी 20 किलोमीटर है। संतोष कुमार ने बताया कि मेरे बेटे के स्कूल जाने में काफी तकलीफ होती थी। कभी बस छूट जाती थी तो कभी वापस आने के लिए बस नहीं मिलती थी। इसके लिए मैंने दिमाग लगाया कुछ इंटरनेट का सहारा लिया और फिर बेटे के लिए एक साइकिल बनाई। अब मेरा बेटा मजे से स्कूल जाता है और अपने समय पर वापस लौट आता है।

‘स्वच्छता परमो धर्मः थीम सॉन्ग किया लॉन्च, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में डिप्टी सीएम अरुण साव कार्यक्रम में पहुंचे

बिलासपुर. बिलासपुर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘स्वच्छता परमो धर्मः’ थीम सॉन्ग का वीडियो लॉन्च कर दिया है। दरअसल, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बिलासपुर में ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा के राज्य स्तरीय समापन कार्यक्रम में ‘स्वच्छता परमो धर्मः’ थीम सॉन्ग का वीडियो लॉन्च किया। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा तैयार कराए गए। इस गाने के माध्यम से लोगों को अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने, जागरुक और प्रेरित किया गया है। गाने में प्रदेश के शहरों और गांवों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए नागरिकों से जन भागीदारी बढ़ाने की अपील की गई है। गाने में प्रदेश के शहरों और गांवों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए नागरिकों से जन भागीदारी बढ़ाने की अपील की गई है। वीडियो सॉन्ग की रिलीज के दौरान विधायक श्री धरम लाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह और श्री सुशांत शुक्ला, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री कुंदन कुमार और सुडा के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय भी मौजूद थे।

दो दिनों बाद उत्तर और मध्य भागों में बरसेंगे बादल, छत्तीसगढ़ में फिर से होगी बारिश

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर यूटर्न ले लिया है। आगामी दो दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती है। इस बीच गर्मी, उमस और तेज धूप से लोगों को राहत मिलेगी। इस बार मानसून उत्तरी और मध्य भागों में मेहरबान रहेगा। इन भागों में गरज चमक के साथ वज्रपात होने की संभावना है। आज शुक्रवार को एक दो जगह पर हल्की से हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है। इसकी वजह से प्रदेश के कई जगहों पर गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मानसून सक्रिय होने से बारिश की गतिविधि बढ़ाने की संभावना है। इससे गर्मी और उम्र से लोगों को राहत मिलेगी। आज भी प्रदेश के एक-दो जगह पर हल्की से हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि प्रदेश में मानसून ने यूटर्न ले लिया है। इसके वजह से छह अक्टूबर से उत्तर और मध्य भागों में गरज चमक के साथ वज्रपात की गतिविधि बढ़ाने की संभावना है। इस बीच प्रदेश के अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। वहीं दूसरी ओर मध्य छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। बता दें कि इन दोनों मानसून की सक्रियता कम होने की वजह से प्रदेश में अधिकतम तापमान बढ़ने लगा है। तेज धूप और गर्मी से लोग परेशान हैं। वहीं सर्वाधिक अधिकतम तापमान रायपुर में 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया है।

आज कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल, छत्तीसगढ़-दंतेवाड़ा और बीजापुर के दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बीजापुर/दंतेवाड़ा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज चार अक्टूबर को प्रदेश के नक्सल हिंसा प्रभावित दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के दौरे पर रहेंगे।  वे इन जिलों में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सीएम साय पुलिस ग्राउंड हेलीपेड रायपुर से हेलीकॉप्टर से रवाना होंगे और जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर में दंतेश्वरी मंदिर में मंदिर दर्शन एवं पूजा-अर्चना करने के बाद विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री अपरान्ह 01:50 बजे दंतेवाड़ा से हेलीकॉप्टर से रवाना होकर 2:10 बजे जिला मुख्यालय बीजापुर पहुंचेंगे। यहां वे 2:15 बजे सेंट्रल लायब्रेरी बीजापुर में युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद सीएम साय 2:20 बजे वहां मिनी स्टेडियम में नक्सल पीड़ित परिवार के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति आदेश एवं तेन्दूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री अपरान्ह 3:35 बजे पुलिस लाईन बीजापुर में सुरक्षा बलों के साथ चर्चा करने के बाद 3:50 बजे हेलीकॉप्टर से रायपुर के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री शाम 5:5 बजे रायपुर लौटेंगे।

परेतिन दाई भरती हैं सूनी गोद, छत्तीसगढ़-बालोद के मंदिर में ‘डायन’ को पूजते हैं लोग

बालोद. वैसे तो लोग प्रेत, प्रेतात्मा या फिर डायन नाम से ही डर जाते हैं क्योंकि इसको बुरी शक्ति माना जाता है। मगर झिंका गांव के लोगों की आस्था ऐसी है कि ये डायन (परेतिन माता) को माता मानते हैं और इसकी पूजा करते हैं। इसका एक छोटा सा मंदिर भी है। सिकोसा से अर्जुन्दा जाने वाले रास्ते पर स्थित मंदिर को परेतिन दाई माता मंदिर के नाम से जाना जाता है। झिंका सहित पूरे बालोद जिले के लोग परेतिन दाई के नाम से जानते हैं। नवरात्र में यहां विशेष अनुष्ठान की शुरुआत हो चुकी है और इस मंदिर में ज्योत भी जलाई गई है, आइए जानते हैं इस मंदिर की कहानी। झींका गांव की सरहद में बने परेतिन दाई मंदिर का प्रमाण उसकी मान्यता आस्था का वो प्रतीक है, जिससे आज इस मंदिर को पूरे प्रदेश में जाना जाता है। ग्रामीण गैंदलाल मिरी ने बताया कि बालोद जिले का यह मंदिर पहले एक पेड़ से जुड़ा हुआ था। माता का प्रमाण आज भी उस पेड़ पर है और उसके सामने शीश झुकाकर ही कोई आगे बढ़ता है। आज भी लोग गुजरते हैं तो शीश नवाकर गुजरते हैं और यहां पर जो कोई भी मनोकामना मांगते हैं, वो पूरी जरूर होता है। विशेष रूप से परेतिन दाई सूनी गोद को भरती हैं।

SC ने किया नई SIT का गठन, CBI और FSSAI के अधिकारी भी होंगे शामिल

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने तिरुपति लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए शुक्रवार को एक स्वतंत्र विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल है। कोर्ट ने इस पूरे मामले की जांच के पांच सदस्यीय एसआईटी गठित करने का आदेश दिया जिसमें सीबीआई, पुलिस और FSSAI के अधिकारी शामिल होंगे। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तिरुपति लड्डू विवाद पर सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यदि आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई है तो यह अस्वीकार्य है। तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को सुझाव दिया कि एसआईटी जांच की निगरानी केंद्र सरकार के किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की जाए। 30 सितंबर को इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मेहता से यह तय करने में सहायता करने को कहा था कि राज्य द्वारा नियुक्त एसआईटी द्वारा जांच जारी रहनी चाहिए या किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच की जानी चाहिए। तिरुपति मंदिर में प्रसाद के लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी के कथित इस्तेमाल के मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच के अनुरोध वाली याचिका समेत अन्य दूसरी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम अदालत को राजनीतिक युद्धक्षेत्र के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देंगे। पिछले महीने की शुरुआत में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया था कि राज्य में पिछली जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान तिरुपति में लड्डू तैयार करने में पशु चर्बी का उपयोग किया गया था, जिससे एक बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के सार्वजनिक बयान पर सवाल उठाया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लैब रिपोर्ट बिल्कुल स्पष्ट नहीं है। कोर्ट ने पूछा कि इस बात का क्या सबूत है कि तिरुपति मंदिर में लड्डू बनाने में दूषित घी का इस्तेमाल किया गया था। अदालत को राजनीतिक लड़ाई का अखाड़ा नहीं बना सकते कोर्ट ने कहा कि हम अदालत को राजनीतिक लड़ाई के अखाड़े में तब्दील होने की इजाजत नहीं दे सकते. नई SIT में CBI के दो अधिकारी, आंध्र प्रदेश सरकार के दो प्रतिनिधि और FSSAI का एक सदस्य शामिल है. SIT जांच की निगरानी CBI डायरेक्टर करेंगे. इसके साथ ही स्पष्ट हो गया है कि तिरुपति बालाजी का प्रसाद बनाने में प्रयोग होने वाले घी में मिलावट के आरोपों की जांच राज्य सरकार की SIT नहीं करेगी. जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस के वी विश्वनाथन की पीठ के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि SIT की क्षमता को लेकर उन्हें कोई संदेह नहीं है. हम चाहते हैं कि सेंट्रल पुलिस फोर्स के किसी सीनियर अधिकारी को जांच की निगरानी सौंप दी जाए. मैंने मुद्दे की जांच की. इसमें एक बात स्पष्ट है कि यदि इस आरोप में सच्चाई का कोई अंश है तो यह अस्वीकार्य है. देशभर में भक्त हैं. खाद्य सुरक्षा भी जरूरी है. मुझे एसआईटी के सदस्य जो जांच कर रहे है उन पर कोई आपत्ति नही है. वहीं, इससे पहले आंध्र प्रदेश सरकार के वकील ने कहा कि अगर SIT में किसी अधिकारी को कोर्ट जोड़ना चाहता है तो हमे कोई दिक्कत नहीं है. याचिकाकर्ता की ओर से कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि कल फिर इसको लेकर बयान जारी किया गया. सिब्बल ने मांग की कि कोर्ट इस मामले की जांच का जिम्मा SIT के बजाए किसी स्वतंत्र जाँच एजेंसी को सौप दे. इस पर कोर्ट ने कहा कि ये करोड़ों लोगों की आस्था का मामला है. हम नहीं चाहते कि ये सियासी ड्रामा बन जाए. कोर्ट ने सुझाव दिया कि पांच लोगों की SIT बनाई जा सकती है, जिसमें सीबीआई के दो अधिकारी और FSSAI का एक सदस्य शामिल हो. यानी इस मामले की जांच के लिए स्वतंत्र जांच एजेंसी हो, जिसमें सीबीआई के दो आधिकारी, राज्य सरकार के दो अधिकारी और एक अधिकारी FSSAI से होगा.

सुक्खू सरकार की ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’, जिस पर हो-हल्ला होने के बाद अब देना पड़ेगा TAX

शिमला हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार अब राज्य में टॉयलेट सीट टैक्स वसूल करने की तैयारी में है। लोगों पर अब उनके घरों में मौजूद टॉयलेट सीट्स की संख्या के आधार पर टैक्स चुकाना होगा। दरअसल, वित्तीय संकट से जूझ रही राज्य सरकार ने हाल ही में इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। सीवरेज और पानी के बिल से जुड़ी सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने घर में बने टॉयलेट की हर एक सीट के लिए 25 रुपये का शुल्क देना होगा। सीवरेज बिल के साथ यह अतिरिक्त शुल्क जल शक्ति विभाग के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि सीवरेज बिल पानी के बिल का 30 प्रतिशत होगा। नोटिफिकेशन के अनुसार, जो लोग अपने सोर्स से पानी का उपयोग करते हैं और केवल सरकारी विभाग से सीवरेज कनेक्शन का उपयोग करते हैं, उन्हें हर महीने प्रति टॉयलेट सीट 25 रुपये का शुल्क देना होगा। विभाग ने इसे लेकर आदेश सभी मंडल अधिकारियों को जारी कर दिए हैं। इससे पहले पहाड़ी राज्य में पानी के बिल जारी नहीं किए जाते थे। बीजेपी सरकार ने घोषणा की थी कि अगर वह सत्ता में आई तो मुफ्त पानी दिया जाएगा। लेकिन हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने अब हर कनेक्शन पर 100 रुपये महीने पानी का बिल जारी करने का आदेश दिया है। इसकी शुरुआत अक्टूबर से हो गई है। शहरी क्षेत्रों में रहने वालों को इन नए सरकारी शुल्कों का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आमतौर पर लोग अपने घरों में कई टॉयलेट बनवाते हैं और अब प्रत्येक टॉयलेट सीट पर शुल्क लगाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में कुल 5 नगर निगम, 29 नगर पालिकाएं और 17 नगर पंचायतें हैं, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 10 लाख लोग रहते हैं। सरकार के नए आदेश से राज्य की एक बड़ी आबादी पर असर पड़ने की उम्मीद है। टॉयलेट टैक्स को लेकर बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, ‘जहां भी कांग्रेस आई, वहां महंगाई लाई, बर्बादी लाई। अब हिमाचल प्रदेश में, अपने वादों से राज्य को दिवालिया बनाने के बाद, हम देख रहे हैं कि कैसे लोगों पर लगातार टैक्स लगाया जा रहा है। यहां तक ​​कि कांग्रेस पार्टी ने टॉयलेट को भी नहीं बख्शा। कांग्रेस पार्टी बहुत सारे वादे करती है, लेकिन वे कभी उन्हें पूरा नहीं करते। वे बस राज्यों को दिवालिया बनाते हैं और इस तरह के टैक्स लगाते हैं।’ कई मीडिया आउटलेट्स ने ऐसी खबरें प्रकाशित की थीं कि सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली हिमाचल प्रदेश सरकार ने पहाड़ी राज्य में टॉयलेट सीट टैक्स लगाने का फैसला किया है. इस नई नीति के तहत हिमाचल प्रदेश के लोगों से उनके घरों में टॉयलेट सीटों की संख्या के आधार पर हर महीने 25 रुपये सीवरेज टैक्स लिया जाएगा. हालांकि, सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने इन खबरों का खंडन किया है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि हिमाचल प्रदेश वर्तमान में वित्तीय संकट का सामना कर रहा है. पिछले महीने राज्य कर्मचारियों का वेतन और पेंशनर्स की पेंशन समय पर नहीं ​जारी किया जा सकता था और इसमें 5 दिन की देरी हुई थी. अगस्त में सीएम सुक्खू ने ऐलान किया था कि वह और राज्य के मुख्य संसदीय सचिव अगले दो महीने तक अपना वेतन और भत्ते नहीं लेंगे.  उन्होंने विधानसभा के अन्य सदस्यों से भी अपील की थी कि वे स्वेच्छा से अपना वेतन और भत्ते छोड़कर इस आर्थिक संकट से निपटने में राज्य की मदद करें.

रानी दुर्गावती को जन-कल्याणकारी व्यवस्था को सुशासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है

भोपाल वीरांगना रानी दुर्गावती महिला शासकों के भारतीय स्वर्णिम इतिहास का एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर है। रानी दुर्गावती ने 16वीं शताब्दी में गोंडवाना राज्य की शासक के रूप में अपने साहस और नेतृत्व के लिए ख्याति प्राप्त की। उनकी जन-कल्याणकारी व्यवस्था को सुशासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। रानी ने एक संतुलित, न्यायपूर्ण और विकासात्मक प्रणाली के रूप में शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए गोंडवाना को एक मजबूत और समृद्ध साम्राज्य बनाया। वीरांगना रानी दुर्गावती के शासन में गोंड संस्कृति ने देश की सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध किया है। उन्होंने अपनी पारंपरिक प्रथाओं से पर्यावरण के संवर्धन और संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाई है। आज़ादी के प्रति असीम प्रेम और किसी की अधीनता स्वीकार न करने की जिद और जुनून गोंड समाज की पहचान रही है। रानी दुर्गावती गोंड समुदाय के पराक्रम, भारतीय वीरता और शूरता की साक्षात् प्रतिमूर्ति थीं। मुगल साम्राज्य की अधीनता स्वीकार न करने वाली रियासतों के लिए मुगल काल में सुरक्षित रहना बहुत कठिन माना जाता था, क्योंकि विशाल मुगल सेना के सामने युद्ध भूमि में सामना करना बहुत चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में गोंडवाना साम्राज्य की संरक्षिका के रूप रानी दुर्गावती के कार्य एवं अपूर्व वीरता के साथ राज्य के विकास में किया गया अभूतपूर्व योगदान सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। रानी दुर्गावती के कार्यों और वीरता का गुण-गान आज भी जनजातीय क्षेत्रों में विभिन्न बोलियों और कई भाषाओं में किया जाता है, जो भावी पीढ़ियों के लिये प्रेरणास्पद है। रानी दुर्गावती का संघर्ष मुगलों के खिलाफ था और वे जनजातीय संस्कृति और विरासत की सुरक्षा के प्रति कृत-संकल्पित थीं। उन्होंने मुगलों के खिलाफ एक सशक्त प्रतिरोध का आधार तैयार किया, जिसने देश के दूसरे क्षेत्रों में रहने वाले राजा-महाराजा और अधीनता स्वीकार न करने वाले अनेक समूहों को मुगल सत्ता के खिलाफ लगातार लड़ने के लिए प्रेरित किया। वर्तमान जबलपुर उनके साम्राज्य का केंद्र था। रानी ने करीब 16 वर्ष तक शासन किया। उन्होंने अपने कार्य-काल में अनेक मंदिर, मठ, कुएं, बावड़ियां तथा धर्मशालाएं बनवाईं। लोक कल्याणकारी कार्यों के लिए रानी की कीर्ति दूर-दूर तक फ़ैल गई। रानी दुर्गावती के गढ़ मंडला पर मुगल सूबेदार बाजबहादुर की बुरी नजर थी, लेकिन युद्ध में रानी दुर्गावती ने उसकी पूरी सेना का सफाया कर दिया और फिर वह कभी पलटकर नहीं आया। मुगल सेना के कई हमलों को नाकाम करने वाली रानी दुर्गावती का खौफ दिल्ली की मुगल सत्ता को भी प्रभावित करने लगा। रानी दुर्गावती को अपनी रणनीतिक योग्यता, पारम्परिक सैन्य संसाधन और सैन्य शक्ति पर इतना विश्वास था कि वे विशाल मुगल सेना से कभी विचलित नहीं हुईं। रणक्षेत्र में रानी ने मुगलों की अपेक्षा में बेहद छोटी सेना होने के बाद भी असीम वीरता का परिचय दिया। इस कारण मुगल सेना युद्ध मैदान से भाग खड़ी हुई। रानी दुर्गावती ने मुगलों के खिलाफ अपनी भूमि की रक्षा के लिए जिस अद्वितीय साहस का परिचय दिया, वह भारत की मातृशक्ति के पराक्रम, शौर्य और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। रानी दुर्गावती को भारतीय इतिहास की सर्वाधिक प्रसिद्ध महारानियों और बेहतर प्रशासकों में शुमार किया जाता है। उन्होंने जिस कुशलता से राज संभाला, उसकी प्रशस्ति इतिहासकारों ने भी की है। आईन-ए-अकबरी में अबुल फ़ज़ल ने लिखा है कि “दुर्गावती के शासनकाल में गोंडवाना इतना सुव्यवस्थित और समृद्ध था कि प्रजा लगान की अदायगी-स्वर्ण मुद्राओं और हाथियों से करती थी।” रानी दुर्गावती ने गोंडवाना की स्थिरता, विकास तथा कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रभावी न्याय प्रणाली की स्थापना की। उन्होंने स्व-शासन को बढ़ावा देते हुए गांवों को मजबूत किया, जिससे किसान खुशहाल हुए। रानी दुर्गावती ने कृषि, व्यापार और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया। उन्होंने कृषि सुधारों और सिंचाई योजनाओं को लागू किया, जिससे खाद्य उत्पादन बढ़ा। रानी दुर्गावती ने शिक्षा और संस्कृति के विकास पर अधिक जोर दिया। उन्होंने साहित्य, कला और संगीत को प्रोत्साहित किया, जिससे गोंडवाना की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा मिला। रानी दुर्गावती की नेतृत्व क्षमता, साहस और बलिदान, राजनैतिक समझ, सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करने के कार्य, सांस्कृतिक समृद्धि और राज्य में स्थिरता बनाये रखने की कोशिशें अतुलनीय थी। जन-कल्याण के प्रति इसी प्रतिबद्धता और मातृभूमि की सुरक्षा के संकल्प ने रानी दुर्गावती को एक महान नेतृत्वकर्ता और शासक के रूप में इतिहास में अमर बना दिया। उनका जीवन और न्यायपूर्ण शासन आज भी प्रेरणा का ऊर्जा स्रोत है।  

इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के टॉप कमांडर हाशेम सफीदीन को निशाना बनाया

बेरूत हिजबुल्लाह के खतरनाक कमांडर नसरल्लाह को मारने के बाद भी इजरायल चैन से नहीं बैठा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि बेरूत में हुए ताजा इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के टॉप कमांडर हाशेम सफीदीन को निशाना बनाया गया। नसरल्लाह की मौत के बाद कहा है जा रहा है कि हाशेम को ही हिजबुल्लाह की कमान मिलने वाला है। हालांकि, इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) या हिजबुल्लाह की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। न्यू यॉर्क टाइम्स के अनुसार आधी रात को इजरायल ने बेरूत पर लगातार कई हवाई हमले किए। इस बात की संभावना है कि उस समय सफीदीन एक भूमिगत बंकर में वरिष्ठ हिजबुल्लाह अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल था। इजरायल द्वारा नसरल्लाह को मारे जाने के बाद से इस क्षेत्र में यह सबसे भारी बमबारी थी। समाचार आउटलेट एक्सियोस के अनुसार, इजरायली हमला नसरल्लाह को मारने वाले हमले से कहीं अधिक बड़ा था। इसमें कितने लोगों की जान गई है इसका अभी पता नहीं चल सका है। आपको बता दें कि 2017 में हाशेम सफीदीन को संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा आतंकवादी घोषित किया गया था। वह हिजबुल्लाह के राजनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वह समूह की जिहाद परिषद का भी सदस्य है। नसरल्लाह के चचेरे भाई सफीदीन को आम तौर पर हिजबुल्लाह में ‘नंबर दो’ माना जाता था और ईरानी शासन के साथ भी उसके घनिष्ठ संबंध हैं। नसरल्लाह ने हिजबुल्लाह की परिषदों में सफीदीन को कई प्रभावशाली पदों पर नियुक्त किया था। सफीदीन कई मौकों पर समूह का प्रवक्ता भी रह चुका है। अमेरिकी विदेश विभाग ने 2017 में और सऊदी अरब ने भी उसे आतंकवादी घोषित किया है। इज़राइल ने यह भी दावा किया है कि उसने हाल ही में बेरूत में हिजबुल्लाह की खुफिया शाखा को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में हिजबुल्लाह के एक और अधिकारी मोहम्मद अनीसी को मार गिराया है।

महंत यति रामस्वरूपानंद गिरि के बयान पर बवाल, पैगंबर मोहम्मद साहब को लेकर भी बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी

गाजियाबाद गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद ने एक बार फिर अपने विवादित बोल से हंगामा खड़ा कर दिया है। रावण परिवार की तारीफ करते हुए उन्होंने पैगंबर मोहम्मद साहब और कुरान को लेकर भी बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। करीब एक सप्ताह पुराना वीडियो सामने आने के बाद जंगल में आग की तरह वायरल हो गया है। सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने यति को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया तो गाजियाबाद पुलिस से तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। दरअसल 29 सितंबर को गाजियाबाद के हिंदी भवन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। अमर बलिदानी मेजर आसाराम व्याग सेवा संस्थान की ओर से इसका आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में यति नरसिंहानंद भी आए थे। यति ने जब माइक संभाला तो अपने अंदाज में बोलना शुरू किया। उन्होंने मेघनाद, कुंभकरण की तारीफ की तो रावण को लेकर कहा कि उसने ‘छोटी गलती’ की। यति ने मेघनाद, कुंभकरण और रावण का पुतला ना जलाने की अपील की। इसके बाद वह पैगंबर पर बेहद आपत्तिजनक बातें करने लगे। यति ने कहा, ‘हम हर साल जलाते हैं मेघनाद को, उसके जैसा चरित्रवान व्यक्ति इस धरती पर पैदा नहीं हुआ। हम हर साल जलाते हैं मेघनाद को उसके जैसा वैज्ञानिक योद्धा पैदा नहीं हुआ। उनकी गलती क्या थी, रावण ने एक छोटा सा अपराध किया और आज लाखों साल हो गए हम रावण को जला रहे हैं।’ खुद कराया रिकॉर्ड रावण परिवार की तारीफ के बाद यति ने उन्हें ना जलाने की अपील की। इसके साथ ही वह पैगंबर पर विवादित बातें करने लगे। मोहम्मद साहब पर टिप्पणी से पहले यति ने यह भी सुनिश्चित करना चाहा कि जो वह बोलने जा रहे हैं उसकी रिकॉर्डिंग हो जाए। उन्होंने कहा- कोई रिकॉर्ड कर रहा है या नहीं, कर लेना। पैगंबर मोहम्मद साहब के अलावा उन्होंने कुरान को लेकर भी विवादित बातें कहीं। पुलिस ने दर्ज की एफआईआर पहले भी अपने विवादित बयानों से बवाल करा चुके यति नरसिंहानंद का वीडियो वायरल होने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि केस दर्ज करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सिहानी गेट पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसीपी नंदग्राम पूनम मिश्रा ने बताया कि उपनिरीक्षक की शिकायत पर महंत यति नरसिंहानंद के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जा रही है।

पुणे में दोस्त के साथ घूमने गई 21 साल की युवती से हैवानियत

पुणे महाराष्ट्र के पुणे में 21 साल की युवती से गैंगरेप करने के मामला सामने आया है। तीन आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। गैंगरेप की यह वारदात गुरुवार देर रात की है जब महिला अपने एक पुरुष मित्र के साथ बाहर घूमने गई थी। पुलिस के अनुसार, पीड़िता और उसका दोस्त कोंढवा इलाके में थे। तभी तीनों बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने युवती के दोस्त की पिटाई की। रात करीब 11 बजे आरोपियों ने युवती के साथ सामूहिक बलात्कार किया। पुलिस ने बताया कि उसने बाद युवती का दोस्त उसे अस्पताल ले गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उन्हें मामले की सूचना मिली और वे आरोपियों की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए क्राइम ब्रांच की 10 टीमें बनाई गई हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि पीड़िता राज्य के जालगांव की रहने वाली है, जबकि उसका दोस्त गुजरात के सूरत का रहने वाला है।

PhonePe और Google Pay से बच्चों के दैनिक खर्चों को नियंत्रित करने के आसान तरीके

PhonePe और Google Pay ने उन मां-बाप को बड़ी राहत दी है, जो अपने बच्चों की फिजूलखर्ची से परेशान है। साथ ही उनके हर एक खर्च पर नज़र रखना चाहते हैं। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आखिर आपका बच्चा कहां और कितना खर्च कर रहा है, तो UPI Circle एक शानदार ऑप्शन हो सकता है, जिसे गूगल पे के बाद फोनपे की तरफ से लॉन्च की तैयारी की जा रही है। 15 हजार रुपये तक कर पाएंगे यूपीआई पेमेंट NPCI का नया UPI Circle फीचर अपने बच्चों को अपने यूपीाई अकाउंट के साथ लिंक करने की सुविधा देता है। इसके बाद बच्चे अपने मां-बाप के यूपीआई अकाउंट से पेमेंट कर पाएंगे। इस पमेंट में मां-बाप के पास कंट्रोल रहेगा कि वो बच्चे के किस पेमेंट को अप्रूव करते हैं और किसे नहीं? इस फीचर के तहत बच्चे एक माह में अधिकतम 15000 रुपये खर्च कर पाएंगे। ET की रिपोर्ट की मानें, तो गूगल पे के बाद फोनपे और अन्य यूपीआई प्लेटफॉर्म ने नए यूपीआई सर्किल फीचर को रोलआउट करना शुरू कर दिया है पार्शियल डेलिगेशन पार्शियल डेलिगेशन में यूजर्स में पूरा कंट्रोल मां-बाप के पास होगा। बच्चा यूपीआई सर्किल के जरिए ऑनलाइन पेमेंट की रिक्वेस्ट करेगा, जिसे मां-बाप को अप्रूव करना होगा। अगर मां-बाप अप्रूव कर देते हैं, तो वो पेमेंट होगा। अगर उन्हें लगता है बच्चा फिजूलखर्च कर रहा हैं, तो उसे मना कर सकती हैं. फुल डेलिगेशन इस फीचर उन मां-बाप के लिए हैं, जिन्हें अपने बच्चे पर फुल कॉन्फिडेंस है। इसमें मां-बाप को बच्चे के पेमेंट को अप्रूव करने की जरूरत नहीं होती है। बच्चा खुद ओटीपी डालकर पेमेंट कर पाएगा। नोट – यूपीआई सर्किल फीचर में बच्चों को अलग बैंकिंग अकाउंट की जरूरत नहीं होगी, वो अपने मां-बाप के यूपीआई अकाउंट से सीधे पेमेंट कर पाएंगे। यह फीचर खासतौर पर बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद होगा, जो पढ़ाई या किसी अन्य कामकाज के लिए घर से बाहर रहते हैं। साथ ही बुजुर्ग लोगों के लिए भी यूपीआई सर्किल फीचर बेहतर फायदेमंद माना जा रहा है।

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