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भारत आज न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा

भारतीय महिलाओं को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ‘बहुत सावधान रहने’ की जरूरत : हरभजन सिंह भारत छह बार के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ ग्रुप ए में है भारत आज  न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा नई दिल्ली  गुरुवार को यूएई में आईसीसी महिला टी20 विश्व कप शुरू होने के साथ ही पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने ग्रुप चरण में भारत की विरोधियों के बारे में अपने विचार साझा किए और कहा कि हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ “बहुत सावधान रहने की जरूरत है” क्योंकि वे उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकती हैं। भारत छह बार के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ ग्रुप ए में है, जबकि ग्रुप बी में बांग्लादेश, 2009 के चैंपियन इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, 2016 के विजेता वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड शामिल हैं। भारत शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा और अगला मैच 6 अक्टूबर को पाकिस्तान से खेलेगा। वे 9 अक्टूबर को श्रीलंका से खेलेंगे और फिर 13 अक्टूबर को अपने आखिरी ग्रुप मैच में रिकॉर्ड छह बार के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेंगे। हरभजन ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा, “मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते समय भारत को बहुत सावधान रहने की जरूरत है। इस ग्रुप को देखते हुए, भारत के साथ ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका हैं। ये सभी मैच निश्चित रूप से महत्वपूर्ण होंगे। लेकिन एक मैच जो मुझे लगता है कि थोड़ा कठिन होगा, वह है भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच। ऑस्ट्रेलिया एक अच्छी टीम है, भले ही ये मैच दुबई में खेले जा रहे हों, उपमहाद्वीप की पिचों पर जो शायद उनके घरेलू परिस्थितियों जितनी अनुकूल न हों। उन्होंने कहा, “लेकिन ऑस्ट्रेलिया, चाहे वे कहीं भी खेलें, उन्हें हराना मुश्किल है। इसलिए, भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ऑस्ट्रेलिया हो सकती है। श्रीलंका भी, भारत के खिलाफ अपनी हालिया श्रृंखला जीत के बाद, आत्मविश्वास से भरा होगा। इसलिए, यह भी एक अच्छा मुकाबला होगा।” भारतीय महिलाएं उम्मीद कर रही हैं कि 2024 उनका पहला आईसीसी विश्व कप जीतने का साल होगा, वे तीन बार उपविजेता रही हैं – 2020 टी20 विश्व कप और 2005 और 2017 में 50 ओवर के टूर्नामेंट में। मेगा इवेंट में भारत की संभावनाओं के बारे में बोलते हुए, हरभजन ने कहा, “टीम इंडिया इस टूर्नामेंट में हराने वाली टीम होगी। मुझे लगता है कि भारत की टीम बहुत मजबूत है। उनके पास अनुभव और युवा दोनों हैं। हरमन अच्छी फॉर्म में हैं, स्मृति अच्छी फॉर्म में हैं और दीप्ति एक अविश्वसनीय स्पिनर हैं। वे एक बहुत ही सक्षम टीम हैं और बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रही हैं। टीम मजबूत दिखती है। अगर टीम इंडिया कुल मिलाकर अच्छा क्रिकेट खेलती है, तो मुझे विश्वास है कि वे इस टूर्नामेंट को जीतेंगे।” भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है और पिछले तीन महिला टी20 विश्व कप के कम से कम सेमीफाइनल में पहुंच चुका है। हरभजन ने टीम इंडिया को अपने पहले आईसीसी खिताब की तलाश में चीजों को सरल रखने की सलाह दी। “आपको अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करनी होगी और दबाव नहीं लेना होगा। इस समय, केवल गुरदा, जिगरा ही मायने रखते हैं। खुद को जानें, एक इकाई के रूप में खेलें और अपना सर्वश्रेष्ठ दें। परिणाम खुद-ब-खुद मिलेंगे।” उन्होंने निष्कर्ष निकाला, “बड़ी तस्वीर के बारे में मत सोचो; बस प्रत्येक मैच के साथ छोटे कदम उठाओ और प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करो। मुझे उम्मीद है कि अगर वे इन बातों का पालन करते हैं, तो हमारी टीम बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी।” महिला टी20 विश्व कप: न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को शीर्ष खिलाड़ियों से एकजुट प्रदर्शन की उम्मीद भारत शुक्रवार को यहां महिला टी20 विश्व कप के ग्रुप ए के अपने शुरुआती मैच में न्यूजीलैंड से भिड़ेगा तो सीनियर स्टार खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की दरकार होगी क्योंकि टीम अतीत में बेहद करीब पहुंचकर चूकने की यादों से उबरने के लिए सकारात्मक शुरुआत के लक्ष्य के साथ उतरेगी। संभवत: अपना आखिरी टी20 विश्व कप खेल रही कप्तान हरमनप्रीत कौर कई बार खिताब के करीब पहुंचकर चूकने और निराशाजनक क्षणों की गवाह रही हैं जिसमें टी20 विश्व कप 2020 में मेलबर्न में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार भी शामिल है। अतीत की तरह यह भारतीय टीम भी प्रतिभा से भरपूर है और संभवत: केवल ऑस्ट्रेलिया के पास ही इतनी अच्छी टीम है। लेकिन मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के पास छह टी20 विश्व कप खिताब हैं जबकि भारत को पहले खिताब का इंतजार है। तो वैश्विक आयोजनों में भारत क्यों पिछड़ जाता है? ऐसा लगता है कि यह मुश्किल समय में मानसिक कमजोरी का मामला है और महिला टीम ने एनसीए (राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी) में तैयारी शिविर के दौरान कुछ काउंसिलिंग सत्रों के साथ इस पर ध्यान देने की कोशिश की। इस तरह के उपाय हालांकि बड़े टूर्नामेंटों में सीमित मदद ही कर पाते हैं क्योंकि यह पूरी तरह से किसी दिन अपनी रणनीतियों को बिना किसी गलती के लागू करने पर निर्भर करता है। न्यूजीलैंड दो बार का उप विजेता है और उनके खिलाफ जीत को रणनीतिक तथा मानसिक रूप से अच्छी स्थिति में होने का संकेत माना जा सकता है। भारत के लिए जीत के साथ आगाज करना महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इस ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और पाकिस्तान भी हैं। भारत को अपने शीर्ष खिलाड़ियों 35 वर्षीय हरमनप्रीत, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा से महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद होगी। शेफाली और मंधाना शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने जुलाई में श्रीलंका में एशिया कप में अपने पिछले अंतरराष्ट्रीय मैच में रन बनाए लेकिन भारत फाइनल में मेजबान टीम से हार गया था। मंधाना ने पिछली पांच टी20 पारियों में तीन अर्द्धशतक जड़े हैं। लेकिन हरमनप्रीत का प्रदर्शन कुछ निराशाजनक रहा है और उनका लय में होना भारत के शीर्ष और मध्य क्रम के लिए जरूरी है। यह भारत की संभावनाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भीषण गर्मी के बीच शायद यूएई की पिचों पर रनों की भरमार नहीं हो, विशेषकर टूर्नामेंट के अंत में। हालांकि पिचों के टूटने से भारत के स्पिनरों को मदद मिल सकती है जो टीम का मजबूत पक्ष है। टीम में सिर्फ तीन तेज गेंदबाज रेणुका सिंह, पूजा वस्त्रकार और अरुंधति … Read more

कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन का तीसरा संस्करण चार अक्टूबर से छह अक्टूबर तक, PM संबोधित करेंगे

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को यहां कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में यह जानकारी दी। पीएमओ ने बताया कि सम्मेलन का तीसरा संस्करण चार अक्टूबर से छह अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन हरित बदलाव, भू-आर्थिक विखंडन और विकास के निहितार्थ, और प्रतिरोध क्षमता बनाए रखने के लिए नीतिगत कार्रवाई के सिद्धांतों जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करेगा। पीएमओ ने कहा कि भारत के साथ ही दुनिया भर के विद्वान भारतीय अर्थव्यवस्था और ग्लोबल साउथ की अर्थव्यवस्थाओं के सामने आने वाले कुछ सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है। कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन का आयोजन वित्त मंत्रालय के साथ साझेदारी में आर्थिक विकास संस्थान द्वारा किया जा रहा है।    

प्रदेश के पर्यटन मंत्री ने कहा- महाकुंभ को भव्य बनाने के लिए ‘डिजिटल कुंभ संग्रहालय’ बनाने की तैयारी कर रहा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अगले साल आयोजित होने वाले महाकुंभ को भव्य बनाने के लिए सरकार जल्द डिजिटल कुंभ संग्रहालय बनाएगी। प्रदेश के पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि पर्यटन विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विचार के अनुरूप प्रयागराज में ‘डिजिटल कुंभ संग्रहालय’ बनाने की तैयारी कर रहा है। यहां श्रद्धालु डिजिटल माध्यमों से समुद्र मंथन देख सकेंगे। इसके अलावा, कुंभ, महाकुंभ सहित अन्य धार्मिक-आध्यात्मिक स्थलों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि डिजिटल कुंभ संग्रहालय के लिए 21.38 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं जिनमें से छह करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। लगभग 10 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाले इस संग्रहालय में एक साथ 2000 से 2500 लोग भ्रमण कर सकेंगे। सिंह ने बताया कि परियोजना के तहत डिजिटल संग्रहालय में समुद्र मंथन की 14 रत्नों वाली गैलरी बनाई जाएगी। डिजिटल माध्यम से समुद्र मंथन के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। डिजिटल स्क्रीन सहित अन्य माध्यमों से प्रयागराज महाकुंभ-कुंभ, हरिद्वार, नासिक, उज्जैन कुंभ आदि के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। इसके अलावा, लैंडस्केपिंग विकसित की जाएगी। टिकट काउंटर भी बनाया जाएगा। पर्यटन मंत्री ने बताया कि श्रद्धालु अगर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के वनवास के समय उनके प्रवास स्थल यानी चित्रकूट के दर्शन करना चाहते हैं तो इसके लिए ‘चित्रकूट टूरिज्म ऐप’ तैयार किया गया है। इस मोबाइल ऐप्लीकेशन पर दर्शनीय स्थलों का नाम, महत्व, दर्शन के समय समेत समग्र जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐप्लीकेशन में ‘फेस्टिवल और इवेंट’ पर क्लिक करने पर महाकुंभ, चित्रकूट महोत्सव, रामनवमी, राष्ट्रीय रामायण मेला आदि की विस्तार से जानकारी मिलेगी। साथ ही, महाकुंभ में विशेष स्नान की तिथियां, महत्व आदि के बारे सूचना दी गई है।  

लेबनान में तैनात भारतीय शांति सैनिकों की यूएन चीफ ने की तारीफ, बोले- मैं शुक्रगुजार हूं

संयुक्त राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने लेबनान में शांति स्थापना अभियान में सेना भेजने वाले भारत और अन्य देशों की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) के शांति सैनिक अपनी जगह पर बने हुए हैं। हालांकि इजरायल ने इन्हें कहीं और ट्रांसफर करने की मांग की है लेकिन संयुक्त राष्ट्र का ध्वज वहां लहरा रहा है।” यूएन चीफ ने मध्य पूर्व की स्थिति पर सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक में यह बात कही। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, “मैं, संयुक्त राष्ट्र शांति सेना – यूएनआईएफआईएल – के मिलिट्री और सिविलियन मेंबर्स तथा सैन्य योगदान देने वाले देशों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता दोहराता हूं।” लगभग 900 भारतीय सैनिक यूएनआईएफआईएल के साथ हैं, जो इजरायल और लेबनान को अलग करने वाली ‘ब्लू लाइन’ पर तैनात है। वे (शांति सैनिक), लेबनान में घुस आई इजरायली सेना और लेबनानी आतंकी ग्रुप हिजबुल्लाह के बीच, तैनात हैं। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने अपनी दैनिक ब्रीफिंग में कहा कि जमीन पर मौजूद यूएनआईएफआईएल अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी जारी है और पहले से ज्यादा हो रही है। उन्होंने कहा, “वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही साथ अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।” दुजारिक ने बताया कि इजरायली सेना ने यूएनआईएफआईएल को ब्लू लाइन के पास कई जगहों से हटने के लिए कहा था लेकिन इसने ऑपरेशनल और राजनीतिक दोनों ही नजरिए से, रुकने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा, “हम वहीं जमे रहेंगे, साथ ही साथ हम अपने रुख और शांति सैनिकों की सुरक्षा का हर घंटे के आधार पर आकलन करेंगे।” इस हफ्ते इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर जमीनी हमला शुरू कर दिया। यहूदी राष्ट्र ने बुधवार लेबनान में अपने आठ सैनिकों की मौत की पुष्टि की। इस बीच लेबनानी अधिकारियों का कहना है कि बेरूत पर बुधवार रात को हुए भारी इजरायली हवाई हमलों में कम से कम छह लोग मारे गए। इससे पहले इजरायल और हमास के समर्थक ईरान ने मंगलवार रात इजरायल पर बड़ा मिसाइल हमला किया। इजरायल के चैनल 13 टीवी समाचार ने बताया कि ईरान की तरफ से कम से कम 200 जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें दागी गईं, जिससे पूरे देश में सायरन बजने लगे और लाखों लोग शेलटर्स की ओर भागे। ‘सैनिक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं’ गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा है कि जमीन पर मौजूद यूएनआईएफआईएल अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी जारी है और पहले से ज्यादा हो रही है। इस सबके बीच वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। दुजारिक ने बताया कि इजरायली सेना ने यूएनआईएफआईएल को ब्लू लाइन के पास कई जगहों से हटने के लिए कहा था लेकिन ऑपरेशनल और राजनीतिक नजरिए से इसे नहीं माना गयाा। उन्होंने कहा, ‘हम वहीं जमे रहेंगे और अपने रुख और शांति सैनिकों की सुरक्षा का हर घंटे के आधार पर आकलन करेंगे।’ लेबनान में इजरायल का जमीनी हमला इजरायल ने इस हफ्ते दक्षिणी लेबनान पर जमीनी हमला शुरू किया है। इजरायल ने बुधवार लेबनान में अपने आठ सैनिकों की मौत की भी पुष्टि की। लेबनानी अधिकारियों का कहना है कि बेरूत पर बुधवार रात को हुए भारी इजरायली हवाई हमलों में कम से कम छह लोग मारे गए। इससे पहले इजरायल और हमास के समर्थक ईरान ने मंगलवार रात इजरायल पर बड़ा मिसाइल हमला किया। इजरायल के चैनल 13 टीवी समाचार ने बताया कि ईरान की तरफ से कम से कम 200 जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें दागी गईं। इससे पूरे देश में सायरन बजने लगे और लाखों लोग शेलटर्स की ओर भागे।    

Kia की धांसू Electric car उतरी ऑटो बाजार में, सिंगल चार्ज में 550 KM से अधिक चलेगी

मुंबई किआ इंडिया अपनी नई इलेक्ट्रिक SUV EV9 को 3 अक्टूबर को लॉन्च करने जा रही है. इस लॉन्च से पहले कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक गाड़ी के सभी फीचर्स और स्पेसिफिकेशन का खुलासा कर दिया है. किआ EV9 को भारत में GT-Line AWD वेरिएंट में पेश किआ जाएगा, जो कंपनी का सबसे टॉप वेरिएंट होगा. किआ EV9 की स्पेसिफिकेशन और पावरट्रेन किआ EV9 में बड़ा 99.8kWh बैटरी पैक दिया जाएगा और यह डुअल इलेक्ट्रिक मोटर्स के साथ आएगी. दोनों मोटर्स मिलकर 384hp की पावर और 700Nm का टॉर्क जनरेट करती हैं. यह पावरट्रेन EV9 को 0 से 100 km/hr की रफ्तार पकड़ने में सिर्फ 5.3 सेकंड लगाता है. इसके अलावा यह SUV एक बार चार्ज करने पर ARAI-सर्टिफाइड 561 किमी की रेंज देगी. किआ EV9 को DC फास्ट चार्जर से 10-80 प्रतिशत चार्ज करने में केवल 24 मिनट लगते हैं. इसका साइज भी काफी बड़ा है. यह एसयूवी 5,015mm लंबी, 1,980mm चौड़ी और 1,780mm ऊंची है और इसका व्हीलबेस 3,100mm का है. किआ EV9 एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV के रूप में भारतीय बाजार में आने के लिए तैयार है, जो न केवल लंबी रेंज बल्कि लग्जरी और सुरक्षा फीचर्स से भी लैस है. किआ EV9 की सीटिंग और इंटीरियर EV9 भारत में 6-सीटर कैपेसिटी के साथ आएगी. इसमें सेकंड-रो के लिए कैप्टन सीट्स भी दी जाएंगी, जो इलेक्ट्रिक एडजस्टमेंट, मसाज फंक्शन और लेग सपोर्ट के साथ होंगी. इसके अलावा EV9 में डुअल इलेक्ट्रिक सनरूफ, डिजिटल IRVM, हेड-अप डिस्प्ले और V2L फीचर सहित कई अन्य प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं. SUV में 12.3-इंच की टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और उतने ही साइज का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर भी होगा. EV9 को व्हाइट एंड ब्लैक और ब्राउन एंड ब्लैक थीम्स के इंटीरियर ऑप्शन में पेश किआ जाएगा. वहीं इस कार के एक्सटीरियर में लोगों को पांच ऑप्शन दिए जा रहे हैं. ये कार स्नो व्हाइट पर्ल, ओशन ब्लू, पेबल ग्रे, पैंथेरा मेटल और ऑरोरा ब्लैक पर्ल कलर में आएगी. इसमें 20-इंच के अलॉय व्हील्स भी स्टैंडर्ड मॉडल में मिलेंगे. किआ EV9 के सेफ्टी फीचर्स सुरक्षा के मामले में EV9 में 10 एयरबैग्स, ABS, ESC, डाउनहिल ब्रेक कंट्रोल, व्हीकल स्टेबिलिटी मैनेजमेंट, ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक्स और 360-डिग्री कैमरा जैसी सुविधाएँ शामिल हैं. इसके अलावा SUV में ADAS लेवल 2 फीचर्स भी होंगे, जिसमें फॉरवार्ड कोलिजन वार्निंग, लेन डिपार्चर वार्निंग, एडप्टिव क्रूज कंट्रोल, हाई बीम असिस्ट और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स होंगे. किआ EV9 की क्या होगी कीमत? EV9 को पूरी तरह से विदेश में तैयार करके ही भारत लाया जा सकता है. इस इलेक्ट्रिक कार की एक्स-शोरूम प्राइस 1 करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है, जिससे साथ ही ये मोस्ट एक्सपेंसिव ईवी बन सकती है. इस कार की कोई सीधी राइवल गाड़ी नहीं है, लेकिन यह Mercedes EQE SUV, BMW iX और Audi Q8 e-tron जैसी लग्जरी इलेक्ट्रिक SUVs को टक्कर दे सकती है.

तेलंगाना में कांग्रेस सरकार वित्तीय संकट की स्थिति में पहुंचनेके करीब : किशन रेड्डी

हैदराबाद केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई के प्रमुख जी किशन रेड्डी ने दावा किया कि कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकारें गहरे वित्तीय संकट में हैं और चुनावी वादों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं जबकि तेलंगाना में भी सरकार के ऐसी ही स्थिति में पहुंचने की आशंका है। रेड्डी ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आश्वासन दिया कि भाजपा उन गरीब लोगों के साथ खड़ी रहेगी जिनके घरों को कथित तौर पर ‘‘मूसी नदी के सौंदर्यीकरण’’ के नाम पर अधिकारियों द्वारा गिराया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार ‘‘आरआर टैक्स’’ के नाम पर व्यापारियों और रियल एस्टेट कंपनियों से पैसा वसूल रही है। भाजपा ‘‘आरआर टैक्स’’ शब्द को ‘‘राहुल गांधी, रेवंत रेड्डी टैक्स’’ संक्षिप्त रूप कहती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने कई गारंटी दी हैं। अब स्थिति यह है कि वह विधायकों और सरकारी कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रही है। उसकी हालत बहुत दयनीय है।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक सरकारें वित्तीय संकट से जूझ रही हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। तेलंगाना में भी ऐसी ही स्थिति होने की आशंका है।’’ मूसी रिवरफ्रंट पर जारी सर्वेक्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बीआरएस और कांग्रेस पार्टियां एक ही विचारधारा का पालन करती हैं और राज्य सरकार बिना किसी उचित योजना के गरीब लोगों के घरों को गिरा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार वही काम जारी रख रही है जो पिछली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार ने शुरू किया था। तेलंगाना की मंत्री कोंडा सुरेखा की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, कि बीआरएस नेता के टी रामा राव अभिनेता सामंथा रूथ प्रभु और नागा चैतन्य के तलाक के पीछे का कारण थे, रेड्डी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नेता इस तरह की टिप्पणी करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि मीडिया को ऐसे नेताओं को काली सूची में डालना चाहिए और उनका बहिष्कार करना चाहिए जो ऐसी टिप्पणियां करते हैं।    

आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को रोकने पुलिस नई पहल की शुरुआत करने जा रही

इंदौर आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस नई पहल की शुरुआत करने जा रही है। इसमें गूगल, डॉक्टर और काउंसलर की सहायता ली जाएगी। आयुक्त राकेश गुप्ता ने पिछले तीन वर्षों के आंकड़े निकलवाए हैं। इनके आधार पर इंटेलिजेंस से आत्महत्या करने वालों की उम्र, स्थान, कारण का विश्लेषण करवाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून) अमित सिंह के मुताबिक, इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा शिक्षा केंद्र है। देशभर के छात्र-छात्राएं कालेज और कोचिंग संस्थानों में पढ़ने आते हैं। कई बार पढ़ाई और स्वजन के दबाव में भी बच्चे आत्महत्या कर लेते हैं। पिछली घटनाओं में देखा गया कि कई लोगों ने आत्महत्या के पूर्व गूगल सर्च इंजन से जानकारी जुटाई थी। लिहाजा गूगल से करार किया जाएगा। जब भी कोई व्यक्ति तनाव, आत्महत्या की मंशा व्यक्त करने, स्वयं को नुकसान पहुंचाने और उससे जुड़े फोटो-वीडियो सर्च करेगा, गूगल तुरंत पुलिस को खबर करेगा। साइबर एक्सपर्ट मोबाइल नंबर और फोन के आधार पर उस व्यक्ति तक पहुंच सकेंगे। एडी. सीपी के मुताबिक, पुलिस मनोचिकित्सकों और काउंसलर से भी संपर्क में रहेगी। डॉक्टर से ऐसे लोगों का ब्योरा साझा करेगी, जो लगातार अवसाद में चल रहे हैं, उनके अंदर बार-बार आत्महत्या का भाव आता है। ऐसे लोगों को स्वजन और काउंसलर की मदद से समझाया जाएगा। अकेला छोड़ने पर हुईं घटनाएं एडी. सीपी अमित सिंह के मुताबिक, पिछली कुछ घटनाओं में देखा गया कि अवसाद का उपचार कर रहे कुछ लोगों ने अकेला छोड़ते ही आत्महत्या कर ली। एक युवती का उपचार कर रहे डॉक्टर ने दवाओं के साथ-साथ अकेला न छोड़ने के बारे में भी लिखा था। खरगोन के एक एएसआई ने भी अकेले में आत्महत्या कर ली थी। जबकि वह आत्महत्या के एक मामले की जांच करने गया था। ऐसे में डॉक्टर से अवसाद के मरीजों का डेटा लेकर काउंसलिंग की जाएगी। मेटा से मिलता है साइबर सेल को अलर्ट मेटा (फेसबुक) से पुलिस को अलर्ट मिलता है। जब भी कोई व्यक्ति आत्महत्या करने के बारे में मैसेज, फोटो और वीडियो साझा करता है तो मेटा साइबर सेल को अलर्ट कर देता है। पुलिस अब गूगल की सहायता लेकर घटनाएं रोकेगी।

सिंग्रामपुर में राजा दलपत शाह की समाधी स्थल एवं रानी दुर्गावती की विशाल प्रतिमा स्थापित

दलपत शाह और रानी दुर्गावती की स्मृतियों को सहेजे है सिंग्रामपुर वीरांगना रानी दुर्गावती भारतीय इतिहास की एक महान शासक थीं सिंग्रामपुर में राजा दलपत शाह की समाधी स्थल एवं रानी दुर्गावती की विशाल प्रतिमा स्थापित “जाने दमोह जिले के सिंग्रामपुर को” भोपाल सिंग्रामपुर, दमोह जिले की तहसील जबेरा अंतर्गत आने वाली एक ग्राम पंचायत है, जिसकी दूरी दमोह मुख्यालय से लगभग 54 कि.मी. एवं जबलपुर जिले से लगभग 51 कि.मी. है, जो गोंड शासक राजा दलपत शाह एवं रानी दुर्गावती की राजधानी रही है। सिंग्रामपुर के समीप ही रानी दुर्गावती का किला है जो सिंगौरगढ़ किले के नाम से प्रसिद्ध है। सिंग्रामपुर में राजा दलपत शाह की समाधी स्थल एवं रानी दुर्गावती की विशाल प्रतिमा स्थापित है। क्षेत्र के पर्यटन स्थल     सिंगौरगढ़ का किला     नज़ारा व्यू प्वांइट     भैंसाघाट स्थित निदान कुंड जल प्रपात     सद्भावना शिखर     वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का महाकौशल एवं आंशिक रूप से बुन्देलखण्ड क्षेत्र तत्कालीन गोंड साम्राज्य के अंतर्गत आता था। वर्तमान में यह क्षेत्र जबलपुर एवं सागर संभाग के अधीन है। इस साम्राज्य के अधीन 52 गढ़ आते थे। इस साम्राज्य में संग्राम शाह, दलपत शाह और रानी दुर्गावती ने सन् 1500 से 1564 तक शासन किया तथा मुगल आक्रमणकारियों से राज्य की रक्षा की। ब्रिटिश साम्राज्य के विरूद्ध इनका संघर्ष उल्लेखनीय रहा है। सिंग्रामपुर कैसे पहुंचे सिंग्रामपुर सड़क मार्ग के माध्यम से सीधा पहुंचा जा सकता है जो दमोह मुख्यालय से 54 कि.मी. एवं जबलपुर से 51 कि.मी. की दूरी पर है। भोपाल राजधानी से नर्मदापुरम होते हुये जबलपुर से सिंग्रामपुर पहुंचा जा सकता है। भोपाल से सागर होते हुये दमोह से सिंग्रामपुर पहुंचा जा सकता है। राजा दलपत शाह राजा दलपत शाह गोंडवाना साम्राज्य के 49वें राजा थे, जो रानी दुर्गावती के पति थे। उन्होंने सिंग्रामपुर के समीप स्थित सिंगौरगढ़ के किले से शासन किया। सिंग्रामपुर के समीप ही इनका समाधी-स्थल मौजूद है। रानी दुर्गावती वीरांगना रानी दुर्गावती भारतीय इतिहास की एक महान शासक थीं, जिन्होंने अपनी मातृभूमि और आत्म-सम्मान की रक्षा के लिये अपने प्राणों का बलिदान दिया। दमोह जिले की तहसील जबेरा के ग्राम सिंग्रामपुर के पास सिंगौरगढ़ का किला स्थापित है। सिंगौरगढ़ के किले पर रानी दुर्गावती का आधिपत्य था। रानी दुर्गावती महोबा के चन्देलवंशीय राजा कीरत सिंह चन्देल की एक मात्र सन्तान थी। रानी दुर्गावती की जयंती 5 अक्टूबर को मनाई जाती है। रानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 को कालिंजर (वर्तमान में जिला बांदा) के किले में हुआ था। गोंडवाना राज्य के राजा संग्रामशाह मड़ावी चंदेल राजकुमारी दुर्गावती से बहुत प्रभावित थे, सन् 1542 में संग्रामशाह ने अपने पुत्र दलपतशाह मड़ावी से दुर्गावती का विवाह कराया। सन् 1545 में रानी दुर्गावती ने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम वीरनारायण रखा। सन् 1950 में राजा दलपतशाह की असामयिक मृत्यु के बाद रानी दुर्गावती ने उल्प-वयस्क राजा की संरक्षिका के रूप में 1564 तक गोंड साम्राज्य की बागडोर सम्भाली। रानी दुर्गावती को मुगल साम्राज्य के खिलाफ अपने राज्य की रक्षा के लिए गर्व से स्मरण किया जाता है। उन्होंने अपने मान-सम्मान, धर्म की रक्षा एवं स्वतंत्रता के लिए युद्ध भूमि को चुना और अनेकों बार शत्रुओं को पराजित करते हुए अपना बलिदान दे दिया।

Ladli Behna Yojana: लाड़ली बहनों को नवरात्रि पर मिलेगी बड़ी खुशखबरी, तारीख हुई घोषित, आ गया अपडेट!

भोपाल  मध्यप्रदेश में लाड़ली बहनों के लिए फिर खुशखबरी आ रही है। इस बार अक्टूबर में बहुत सारे त्यौहार पड़ रहे है, जिनको लेकर प्रदेश की लाड़ली बहनें काफी उत्साहित है। इसी खुशी को दोगुना करेगी लाड़ली बहना योजना की 17 वीं किस्त।  बता दें कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई एक बड़ी योजना है। इसके तहत हर महीने की 10 तारीख 1.29 करोड़ लाभार्थी बहनों को 1250 रुपए दिए जाते है। लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी। कब आएगी 17 वीं किस्त जानकारी के लिए बता दें कि 17 वीं किस्त दशहरे से पहले आने वाली है। वैसे तो ये किस्त 10 अक्टूबर को जारी की जाएगी। इसके तहत फिर 1.29 करोड़ लाभार्थी बहनों के खाते में 1250 रुपए भेजे जाएंगे। इससे पहले सागर से सीएम मोहन यादव ने 9 सितंबर को 16वीं किस्त के 1574 करोड़ रुपए जारी किए थे। वहीं दूसरी ओर माना ये भी जा रहा है कि इस बार भी नवरात्रि को देखते हुए अक्टूबर में समय से पहले किस्त जारी हो सकती है। इस बारे में सीएम अपने बयान में कई बार कह चुके है कि हर महीने की 10 तारीख को बहनों के बैंक खाते में राशि जमा हो जाएगी और यदि छुट्टी अथवा अन्य किसी कारण से ऐसा संभव नहीं हुआ तो पहले जमा हो जाएगी। इससे पहले सितंबर में 10 की बजाय किस्त 9 सितंबर जारी की गई थी। हालांकि इस बारे में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लाडली बहना योजना 17 किस्त का पैसा कब आएगा? सभी महिलाओं का इंतजार जल्द समाप्त होने वाला है, क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के बैंक खाते में 17वीं किस्त का पैसा ट्रांसफर किया जाने वाला है। मुख्यमंत्री मोहन यादव जी द्वारा निर्धारित समय पर किस्त का पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है जिसमें 10 अक्टूबर 2024 तक बहनों के बैंक खाते में 1250 रुपए की राशि स्थानांतरित कर दी जाएगी। लाडली बहना योजना 17 किस्त मैं कितना पैसा मिलेगा? लाडली बहनों के लिए लगातार किस्तों में पैसा प्रदान किया जा रहा है। उसी प्रकार आगे आने वाली किस्त में महिलाओं के लिए कितना पैसा मिलेगा यह जानकारी तलाश कर रही महिलाओं के लिए काफी अच्छा मौका प्रदान किया जा रहा है। बता दें मुख्यमंत्री मोहन यादव जी द्वारा बहुत जल्द महिलाओं के लिए ₹1500 प्रतिमाह देने की घोषणा की जाने वाली है। यदि आप भी इस योजना से पंजीकृत महिला है, तो आपके लिए 17वीं किस्त में 1250 रुपए मिलने वाले हैं। लेकिन मोहन यादव जी द्वारा कोई नया अपडेट जारी करते हुए आपकी किस्त में इजाफा किया जा सकता है। लाडली बहना योजना 17वीं किस्त न्यू अपडेट 2024 मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के हित में कई प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया गया है और महिलाओं को लाभ दिलाया जा रहा है। यदि आप भी 17वीं किस्त का इंतजार कर रही महिला है तो यहां पर काफी बड़ा अपडेट सामने आया है। अपडेट के मुताबिक बताया जा रहा है कि महिलाओं के लिए किस्त मिलने की डेट से कुछ दिन पहले पैसा दिए जाने की उम्मीद है तो आपके लिए केवल इंतजार करना होगा, कुछ ही दिनों पश्चात आपके बैंक खाते में 1250 रुपए की राशि ट्रांसफर होने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और आपको यह पैसा मिल सकेगा। लाडली बहना योजना तीसरा चरण कब शुरू होगा? मध्य प्रदेश की लाखों महिलाएं लाडली बहन योजना से वंचित है यदि आप पात्र होकर ऐसी योजना से लाभ नहीं ले पा रही है तो आपके लिए काफी अच्छा मौका अक्टूबर 2024 में मिलने की उम्मीद बताई जा रही है। मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव जी द्वारा बहनों के लिए किस्त का पैसा ट्रांसफर किया जाएगा। उसके साथ ही ऐलान किया जा सकता है कि महिलाओं के लिए फिर से आवेदन का मौका मिले और वह सभी महिलाएं जो कि इस योजना से लाभ नहीं ले पा रही है वह लाभ उठा सके। लाडली बहना योजना 17 किस्त 2024 स्थिति कैसे देखें? लाडली बहना योजना के तहत किस्त की स्थिति देखने हेतु आपको दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा, जो कुछ इस प्रकार है:-     सबसे पहले लाडली बहना योजना का पोर्टल खोलें।     होम पेज पर जाएं।     यहां पर आवेदन की स्थिति विकल्प का चयन करें।     समस्त जानकारी जो की मांगी जा रही है वह दर्ज करते हुए सबमिट करें।     सबमिट करते ही समस्त किस्तों का विवरण एवं आने वाली किस्त से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित हो जाएगी। मध्य प्रदेश में बहनों का इंतजार जल्द समाप्त होने वाला है क्योंकि आगे आने वाली किस्त का पैसा महिलाओं के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। यदि आप इस योजना से पंजीकृत महिला है, तो आपके बैंक खाते में जल्द पैसा ट्रांसफर होने वाला है, जिसकी पूरी अपडेट आपके लिए यहां पर दी जा चुकी है अधिक जानकारी आपके लिए नवीनतम खबरों के माध्यम से प्रदान कर दी जाएगी।

देश में फेफड़ा ट्रांसप्लांट में महिलाओं की संख्या पुरुषों के बराबर, अंग दान करने वालों में 63 प्रतिशत महिलाएं

भोपाल आज से नवरात्र प्रारंभ हो गए हैं। नौ दिन तक अलग-अलग रूप में देवी की शक्ति के रूप में आराधना की जाएगी। ऐसी ही हमारे देश की नारी शक्ति है जो समर्पण का अप्रतिम उदाहरण बन रही है। नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (नोटो) द्वारा जनवरी से दिसंबर, 2023 के बीच देशभर में हुए अंग दान और अंग प्रत्यारोपण के आंकड़े इसका प्रमाण प्रस्तुत कर रहे हैं। कुल किडनी प्रत्यारोपण करवाने वालों में महिलाएं 37 प्रतिशत, लिवर में 30 प्रतिशत, हार्ट में 24 प्रतिशत और पैंक्रियाज में 26 प्रतिशत हैं। फेफड़ा ट्रांसप्लांट में जरूर महिलाओं की संख्या लगभग पुरुषों के बराबर है। बता दें, देश में वर्ष 2013 में 4,990 अंग दान हुए थे जो लगातार बढ़ते हुए 2023 में 18,378 हो गए हैं। दिल्ली सबसे आगे वर्ष 2023 में जीवित व्यक्ति के अंग दान के बाद प्रत्यारोपण के मामले में सबसे आगे दिल्ली रहा। यहां 4,275 अंग प्रत्यारोपित हुए। इसके बाद तमिलनाडु में 1,833, महाराष्ट्र में 1,493, केरल में 1,376 और बंगाल में 1,021 अंग प्रत्यारोपित हुए। ब्रेन डेथ लोगों के अंग दान के मामले में सबसे आगे तेलंगाना है। हालांकि, इनके अंगों के प्रत्यारोपण तमिलनाडु में सर्वाधिक 595 किए गए। इसके बाद क्रमश: तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात हैं। जिन राज्यों में प्रत्यारोपण की सुविधाएं कम हैं वे पिछड़े हैं। मध्य प्रदेश में अब तक कुल 60 ब्रेन डेथ अंग दान हुए हैं। दो तरह से होता है अंग दान ब्रेन स्टेम डेथ अंग दान जब व्यक्ति का ब्रेन काम करना बंद कर देता हैं पर हृदय कुछ देर तक काम करता रहता है। उस अवस्था में छह अंग (हार्ट, लिवर, किडनी, फेफड़ा, पैंक्रियाज और छोटी आंत) दान किए जा सकते हैं। लिविंग अंग दान जब जीवित व्यक्ति अंग दान करता है तो उसे लिविंग अंग दान कहा जाता है। जैसे एक किडनी या फिर लिवर का अंश। महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा भावुक     लिविंग अंग दान में महिलाओं द्वारा पुरुषों से अधिक अंग दान किए जाने की वजह सामाजिक, आर्थिक और भावनात्मक है। आमतौर पर पुरुष कामकाजी होते हैं। ऐसे में परिवार के अधिकतर लोगों की धारणा रहती है यदि महिला की किडनी मिलान हो रही है तो किसी पुरुष की नहीं ली जाए। महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा भावुक होती हैं। वह न केवल सहजता से अंग दान के लिए तैयार होती हैं, बल्कि देने के लिए जिद भी करती हैं। सामाजिक पक्ष यह है कि जब अंग लगाकर उनकी जान बचाने की बात आती है तो कई बार वे खुद किसी स्वजन का अंग लेने से मना कर देती हैं या फिर स्वजन उनके उपचार में कम गंभीरता दिखाते हैं।  – डॉ. राकेश भार्गव, सदस्य, अंगदान राज्य प्राधिकार समिति  

लेबनानी विदेश मंत्री का दावा… मरने से पहले युद्धविराम पर सहमत था नसरल्लाह

तेहरान इजरायली हवाई हमले में मारा गया हिजबुल्लाह प्रमुख नसरल्लाह अपनी मौत से पहले इजरायल के साथ युद्धविराम चाहता था। लेबनान के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बौ हबीब ने कहा है कि नसरल्लाह हवाई हमले में मारे जाने के कुछ दिन पहले ही युद्धविराम के लिए मान गए थे। उन्होंने कहा कि अपने युद्धविराम के इस फैसले के बारे में उन्होंने अमेरिकी और फ्रांसीसी प्रतिनिधियों को भी बता दिया था। सीएनएन को दिए अपने इंटरव्यू में हबीब ने कहा कि हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह 21 दिनों के सीजफायर के लिए मान गए थे। लेबनानी संसद के स्पीकर नबीह बेरी ने नसरल्लाह से मुलाकात की थी, जिसमें उन्होंने जंग रोकने के लिए अपनी सहमति जताई थी। इसके बाद बेरी ने अमेरिकी और फ्रांसीसी प्रतिनिधियों को यह जानकारी दी थी कि हिजबुल्लाह युद्धविराम के लिए तैयार है। लेबनानी विदेशमंत्री ने यह दावा किया कि हमें यह सूचना मिली थी कि इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी सीजफायर के लिए तैयार हैं, लेकिन बाद में उन्होंने अपना मन बदल लिया और हमारी जमीन पर हमला करना जारी रखा। दरअसल, 27 सितंबर को हुए इस हमले के पहले न्यूयॉर्क में बाइडन और मैक्रों की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद अमेरिका और उसके सहयोगियों ने मिलकर 25 सितंबर को 21 दिनों के सीजफायर को लेकर अपना प्लान रखा था। लेकिन नेतन्याहू ने इस प्लान को खारिज कर दिया और पूरी ताकत के साथ लड़ाई जारी रखने का आदेश दिया, विशेषज्ञों के मुताबिक पेजर और अन्य संचार संसाधनों में हुए विस्फोट के बाद हिजबुल्लाह बैकफुट पर था, नेतन्याहू नहीं चाहते थे कि उसे संभलने का कोई भी मौका दिया जाए। हमले के वक्त अपने दहियाह के खुफिया बंकर में था नसरल्लाह हबीब ने बताया कि हमले के वक्त नसरल्लाह दहियाह के दक्षिणी इलाके में एक बंकर में था उसी वक्त वह इजरायली हवाई हमले का शिकार हो गए। इससे पहले जब हिजबुल्लाह ने नसरल्लाह की मौत की पुष्टि की थी तो उनकी तरफ से यह नहीं बताया गया था कि नसरल्लाह की मौत का कारण क्या है। रॉयटर्स के मुताबिक उसके शरीर पर कोई घाव नहीं था, उसके शरीर को देखकर ऐसा लगता है कि विस्फोट की तीव्रता से अंदरूनी चोट की वजह से उसकी मौत हुई। ईरान के सर्वोच्च नेता ने दी थी लेबनान छोड़ने की सलाह रॉयटर्स ने बुधवार को एक रिपोर्ट में बताया था कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने इजरायली हमले में मारे जाने के कुछ दिन पहले ही नसरल्लाह को लेबनान से भाग जाने की चेतावनी दी थी। पेजर हमलों में हिजबुल्लाह के सदस्यों की मौत के बाद खामेनेई ने एक दूत के साथ नसरल्लाह को ईरान आने के लिए कहा था,जिसमें खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा गया था कि इज़राइल के पास हिजबुल्लाह के भीतर गुर्गे थे और वह उसे मारने की योजना बना रहा था। ईरान के एक अधिकारी ने कहा कि खामेनेई ने दूत के रूप में एक वरिष्ठ ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर, ब्रिगेडियर जनरल अब्बास निलफोरुशान थे, जो बंकर में नसरल्लाह के साथ मारे गए थे।

इराक के लोग नसरल्लाह की याद में अपने बच्चों का नाम भी नसरल्लाह ही रख रहे हैं

 दमिश्क हाल ही में लेबनान में एक इजरायली हवाई हमले में हिजबुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह की मौत के बाद, इराक में नवजात बच्चों के नाम “नसरल्लाह” रखने का एक नया चलन देखने को मिला है। इराक के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश भर में लगभग 100 बच्चों का नाम नसरल्लाह रखा गया है। नसरल्लाह पिछले तीन दशकों से आतंकी संगठन हिजबुल्लाह का नेतृत्व कर रहा था। उसे कई लोगों द्वारा इजरायली और पश्चिमी प्रभाव के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक माना जाता था। उनकी लोकप्रियता इराक में विशेष रूप से देश के अधिकांश शिया समुदाय के बीच मजबूत थी। अब इराक के लोग नसरल्लाह की याद में अपने बच्चों का नाम भी नसरल्लाह ही रख रहे हैं। लोगों का कहना है कि वे ऐसा “प्रतिरोध के शहीद के सम्मान में” कर रहे हैं। नसरल्लाह की हत्या ने इराक में गुस्से की लहर पैदा कर दी, जिसके परिणामस्वरूप बगदाद और अन्य शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने इजरायल की कार्रवाई की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया। इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने नसरल्लाह को “धर्म के मार्ग पर एक शहीद” बताया। हिजबुल्लाह नेता की याद में तीन दिन का राजकीय शोक मनाया गया, जिसमें देश भर में श्रद्धांजलियां आयोजित की गईं। नसरल्लाह का इराक से गहरा संबंध है, जो धार्मिक और राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़ा है। उसका जन्म 1960 में साधारण परिवार में हुआ था, और उसने इराक के नजफ शहर में एक शिया सेमिनरी में इस्लाम की पढ़ाई की थी। यहीं पर उसके राजनीतिक विचारों ने आकार लिया। 1982 में इजरायल के लेबनान में आक्रमण के बाद, हिजबुल्लाह का जन्म हुआ और नसरल्लाह इसमें शामिल हुआ। इस समूह की स्थापना ईरान की क्रांतिकारी गार्ड्स के समर्थन से की गई थी, जो प्रारंभ में इजरायली बलों के खिलाफ एक मिलिशिया के रूप में कार्यरत था। 1992 में अपने पूर्ववर्ती और गुरु अब्बास मुसावी की हत्या के बाद नसरल्लाह ने हिजबुल्लाह का नेतृत्व संभाला। अगले तीन दशकों में, उसने इस समूह को एक क्षेत्रीय शक्ति में बदल दिया, जो सीरिया से यमन तक के संघर्षों पर प्रभाव डाल रहा था और गाजा में फलस्तीनियों को प्रशिक्षण दे रहा था। नसरल्लाह के नेतृत्व में, हिजबुल्लाह की शक्ति ने सैन्य और राजनीतिक दोनों स्तरों पर वृद्धि की। इस संगठन ने हमास जैसे समूहों और इराक और यमन में मिलिशियाओं को मिसाइलें और रॉकेट प्रदान किए, जो इजरायल और उसके सहयोगियों के खिलाफ एक व्यापक “प्रतिरोध का धारा” का हिस्सा थे।

WTC Final में भारत को पहुंचने के लिए कम से कम 4 टेस्ट मैच जीतने होंगे और दो टेस्ट ड्रॉ कराने होंगे

नई दिल्ली बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम को मिली जीत के बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्लूटीसी) की अंक तालिका में भारत काफी मजबूत स्थिति में पहुंच गया है। हालांकि डब्लूटीसी के फाइनल में जगह बनाने के लिए रोहित शर्मा एंड कंपनी को अभी कई और जीत की आवश्यकता है। मौजूदा डब्लूटीसी चक्र में 26 टेस्ट मैच शेष हैं और पहले दो स्थान में जगह बनाने की दौड़ काफी रोमांचक होती जा रही है। एक नजर डालते हैं कि अभी तमाम टीमें किस स्थिति में हैं। श्रीलंका- प्रतिशत अंक – 55.56, शेष सीरीज – दक्षिण अफ्रीका (2 टेस्ट, बाहर), ऑस्ट्रेलिया (2 टेस्ट, घर पर) न्यूजीलैंड की टीम को श्रीलंका ने बीती टेस्ट सीरीज में 2-0 से मात दी थी। इस शानदार जीत की वजह से श्रीलंका की टीम को 24 महत्वपूर्ण अंक हासिल हुए हैं। इस कारण से श्रीलंका की टीम भी अब डब्लूटीसी फाइनल में पहुंचने की दावेदार बन गई है। उनके शेष चार टेस्ट मैच उन दो टीमों के विरुद्ध हैं, जो खुद भी डब्लूटीसी फाइनल खेलने की प्रबल दावेदार हैं। अगर श्रीलंका की टीम धीमी ओवर गति के कारण बिना कोई अंक गंवाए चारों मैच जीत लेती है तो उनके पास 69.23 प्रतिशत अंक हो जाएंगे और तब वे अन्य टीमों के नतीजों पर निर्भर नहीं रहेंगे। हालांकि अगर वह एक मैच हार जाते हैं और तीन में उन्हें जीत मिलती है तब ऐसी स्थिति में उनके पास 61.54 प्रतिशत अंक होंगे लेकिन इसके बावजूद उनके फाइनल में पहुंचने की संभावना बनी रहेगी। भारत- प्रतिशत अंक: 74.24, शेष सीरीज : न्यूजीलैंड (3 टेस्ट, घर पर) और ऑस्ट्रेलिया (5 टेस्ट, बाहर) कानपुर में बेहतरीन जीत हासिल करने के बाद भारत अंक तालिका में शीर्ष पर और भी मजबूत हो गया है। शेष सभी मैच जीतने पर उनके 85.09 प्रतिशत अंक हो जाएंगे। हालांकि उनकी कोशिश यही होगी कि वह कम से कम इतने अंक हासिल कर लें कि डब्लूटीसी फाइनल खेलने के लिए उन्हें अन्य नतीजों पर निर्भर न रहना पड़े। इसके लिए उन्हें कम से कम चार टेस्ट मैच जीतने होंगे और दो टेस्ट मैच ड्रॉ (56 अंक) कराने होंगे। जिसकी बदौलत वह 67.54 प्रतिशत अंक तक पहुंच जाएंगे। दक्षिण अफ्रीका अगर अपने शेष सभी छह टेस्ट जीत लेती है तब वह 69.44 अंकों तक पहुंच सकती है। वहीं अगर ऑस्ट्रेलिया चार टेस्ट जीतती है और दो टेस्ट ड्रॉ समाप्त होता है (यह मानते हुए कि वह भारत से एक टेस्ट हारती है, और दो ड्रॉ होता है जबकि अन्य चार टेस्ट जीत लेती है) तब वह 64.04 अंकों तक ही पहुंच सकती है। अगर भारत को 56 से कम अंक हासिल होते हैं तब हो सकता है कि वह शीर्ष दो स्थानों में न रहें। अगर वह चार मैच जीतते हैं और एक मैच ड्रॉ होता है (52 अंक) तब ऐसा संभव है कि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका भारत से आगे निकल जाएं। श्रीलंका भी 67 से अधिक प्रतिशत अंक के साथ अंक तालिका समाप्त कर सकती है लेकिन उन्हें यहां तक पहुंचने के लिए दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत हासिल करनी होगी जो कि भारत के पक्ष में ही काम करेगा। बांग्लादेश- प्रतिशत अंक : 34.38, शेष सीरीज: वेस्टइंडीज (2 टेस्ट, बाहर), दक्षिण अफ्रीका (2 टेस्ट, घर पर) भारत के खिलाफ दो मैच हारने के बाद बांग्लादेश 45.83% प्रतिशत अंक से 34.38 तक पहुंच गई है। अगर वे अपने शेष चार मैच भी जीत लेते हैं तब भी वह 56.25 प्रतिशत अंकों तक ही पहुंच पाएंगे, जो कि शीर्ष दो स्थान तक पहुंचने के लिए काफी नहीं होंगे। न्यूजीलैंड- प्रतिशत अंक : 37.50, शेष सीरीज : भारत (3 टेस्ट, बाहर), इंग्लैंड (3 टेस्ट, घर पर) कागज पर न्यूजीलैंड अभी भी अपने शेष सभी छह मैच जीतकर 64.29 प्रतिशत अंक तक पहुंच सकती है, लेकिन उनका हालिया फॉर्म इस संभावना के सच होने की उम्मीद पैदा नहीं करता। उनके अगले तीन टेस्ट भारत में भारत के खिलाफ हैं, जिसे उसके घर पर हराना किसी भी अन्य मजबूत टीम के लिए मुश्किल रहता है। अगर न्यूजीलैंड शेष छह में से चार मैच जीतती है और दो हार जाती है तब भी उनके खाते में 50 प्रतिशत अंक होंगे। ऑस्ट्रेलिया- प्रतिशत अंक : 62.50, शेष सीरीज : भारत (5 टेस्ट, घर पर), श्रीलंका (2 टेस्ट, घर पर) ऑस्ट्रेलिया अभी 62.5 प्रतिशत अंकों के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर है और अगर वह अपने सभी सात मैच जीत जाती है तब उसके खाते में 76.32 प्रतिशत अंक हो सकते हैं। जिन दो टीमों, भारत और श्रीलंका के खिलाफ उसे दो श्रृंखलाएं खेलनी हैं वे भी फाइनल में पहुंचने के प्रबल दावेदार हैं। पांच जीत उन्हें 65.79 प्रतिशतअंकों तक पहुंचाएगी लेकिन भारत और दक्षिण अफ्रीका तब भी ऑस्ट्रेलिया से आगे जाने की स्थिति में होंगे। भारत के खिलाफ श्रृंखला शुरु होने से चीजें स्पष्ट होने लगेंगी, क्योंकि तब तक भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ घर पर टेस्ट श्रृंखला खेल चुका होगा। दक्षिण- अफ्रीका प्रतिशत अंक : 38.89, शेष सीरीज : श्रीलंका, (2 टेस्ट, घर पर), पाकिस्तान (2 टेस्ट, घर पर), बांग्लादेश (2 टेस्ट, बाहर) अगर दक्षिण अफ्रीका अपने सभी शेष मैच जीत लेता है तब उनके खाते में 69.44 प्रतिशत अंक होंगे जो कि फाइनल में जगह बनाने के लिए काफी होंगे। क्योंकि तब भारत और ऑस्ट्रेलिया में से कोई एक ही इस आंकड़े को पार कर पाएगा। पांच मैच में जीत और एक मैच ड्रा होने पर दक्षिण अफ्रीका के पास 63.89 प्रतिशत अंक होंगे और तब भी वह दावेदार बने रहेंगे। जबकि पांच में जीत और एक में हार नसीब होने पर उनके खाते में 61.11 प्रतिशतअंक होंगे, उनकी दावेदारी तब भी बनी रहेगी लेकिन ऐसी स्थिति में उन्हें अन्य नतीजों पर अधिक रहना पड़ेगा। इंग्लैंड- प्रतिशत अंक : 42.19, शेष सीरीज : पाकिस्तान (3 टेस्ट, बाहर), न्यूजीलैंड (3 टेस्ट, बाहर) श्रीलंका के खिलाफ अंतिम टेस्ट में इंग्लैंड की हार ने यह तय कर दिया है कि वह इस चक्र में 60 प्रतिशत अंकों से आगे नहीं जा सकते। अपने शेष सभी छह टेस्ट जीतकर वह 57.95 अंकों तक ही पहुंच सकते हैं। ऐसी स्थिति में भी उन्हें अन्य नतीजों पर निर्भर रहना होगा। पाकिस्तान- प्रतिशत अंक : 19.05, शेष सीरीज : इंग्लैंड … Read more

पीतांबरा माई की शरण में पहुंचे इंडिया टीम के कोच गौतम गंभीर

Indian team coach Gautam Gambhir reached Pitambara Mai’s shelter. दतिया। 6 अक्टूबर को भारत बांग्लादेश के बीच में ग्वालियर के माधवराव सिंधिया स्टेडियम में टी-20 मैच है। मैच से पहले भारतीय टीम के कोच व पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर दतिया पीतांबरा माई की शरण में पहुंचे। माई के दर्शन करने के बाद गौतम गंभीर ने भारतीय टीम की जीत के लिए प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने वनखंडेश्वर महादेव पर भी जलाभिषेक किया।यहां बता दें कि शंकरपुर स्थति माधवराव सिंधिया स्टेडियम के बनने के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच हो रहा है। पहला मैच भारत बांग्लादेश के बीच 6 अक्टूबर को मैख् है। मैच के लिए दोनों टीमें ग्वालियर में 2 अक्टूबर को आ चुकी हैं। भारतीय टीम के साथ कोच व पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर भी हैं।शुक्रवार सुबह गौतम गंभीर दतिया पहुंचे और मां पीतांबरा माई के दर्शन किए। साथ ही वनखंडेश्वर महादेव पर जलाभिषेक भी किया। गंभीर पहले भी दतिया में पीतांबरा माई के दर्शन के लिए आ चुके हैं। इस दौरान जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

स्वतंत्र SIT करेगी तिरुपति लड्डू प्रसाद मामले की जांच

Independent SIT will investigate Tirupati Laddu Prasad case Tirupati Laddu Row Hearing in Supreme Court: तिरुपति लड्डू प्रसाद मामले की जांच अब एक स्वतंत्र SIT करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार की तरफ से गठित SIT को लेकर उठ रहे सवालों के मद्देनजर नई जांची टीम का गठन किया है. इस जांच दल में 2 सीबीआई अधिकारी होंगे, 2 अधिकारी आंध्र प्रदेश पुलिस के होंगे और एक अधिकारी फूड स्टैंडर्ड एंड सेफ्टी अथॉरिटी यानी FSSAI का होगा. जांच की निगरानी सीबीआई निदेशक करेंगे. दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र तिरुपति बालाजी मंदिर में आंध्र प्रदेश की पिछली जगन मोहन रेड्डी सरकार के दौरान चढ़ाए जा रहे प्रसाद में मिलावट का आरोप लगा था. यह आरोप आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने लगाया था. उन्होंने कहा था कि प्रसाद में इस्तेमाल किए जा रहे घी में एनिमल फैट यानी पशुओं की चर्बी की मिलावट पाई गई है. इस बात के सामने आते ही लोगो में गहरी नाराजगी फैल गई थी. बाद में इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल हुई. सुनवाई के दौरान सीएम पर लगाया ये आरोप तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के करीबी रिश्तेदार वाई.वी. सुब्बा रेड्डी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका में इस बात पर सवाल उठाया गया कि चंद्रबाबू नायडू ने जांच पूरी होने से पहले ही राजनीतिक लाभ के लिए बयान दिया. उन्होंने कहा कि घी के जो 4 टैंकर नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के पास जांच के लिए भेजे गए थे, उन्हें प्रसाद बनाने में इस्तेमाल नहीं किया गया था. सॉलिसिटर जनरल ने राज्य सरकार की SIT को बताया उपयुक्त राज्य सरकार के निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि राज्य सरकार की तरफ से बनाई गई SIT को जांच करने दिया जाए या किसी दूसरी संस्था को यह ज़िम्मा दिया जाए. इसका जवाब देते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि राज्य सरकार के SIT में सभी बेदाग और अच्छे अधिकारी हैं. उन्हें जांच करने देना चाहिए. बेहतर जांच के लिए उनकी निगरानी का काम एक केंद्रीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को सौंप देना चाहिए. कपिल सिब्बल ने किया सॉलिसिटर जनरल के सुझाव का विरोध वाई.वी. सुब्बा रेड्डी के लिए पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इस सुझाव का विरोध किया. उनकी मांग थी कि सुप्रीम कोर्ट अपनी तरफ से SIT का गठन करे. आखिरकार जस्टिस बी.आर. गवई और के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि वह एक SIT बना रहे हैं. इसमें 2 अधिकारी सीबीआई के होंगे, दो आंध्र प्रदेश पुलिस के होंगे और एक अधिकारी FSSAI का होगा. कोर्ट ने कहा कि SIT में आंध्र प्रदेश पुलिस के जो अधिकारी होंगे, उनका नाम आंध्र प्रदेश सरकार तय करेगी, FSSAI के अधिकारी का चयन FSSAI के अध्यक्ष करेंगे. कोर्ट का कहना था कि FSSAI खाद्य मिलावट के मामलों में विशेषज्ञ संस्था है. ऐसे में उसके एक अधिकारी की मौजूदगी से जांच बेहतर हो सकेगी. भविष्य में इस जांच से किसी को दिक्कत हो तो यहां वापस आ सकते हैं – सुप्रीम कोर्ट इस आदेश के साथ सुप्रीम कोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया है. यानी भविष्य में सुप्रीम कोर्ट या राज्य सरकार के पास कोई रिपोर्ट नहीं आएगी. SIT स्वतंत्र जांच करेगी और जांच के आधार पर अगर किसी पर मुकदमा चलाने की जरूरत हुई, तो वह निचली अदालत में आरोप पत्र दाखिल करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर भविष्य में इस जांच को लेकर किसी को कोई समस्या होती है, तो वह वापस उसका दरवाजा खटखटा सकता है.

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