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डॉ अरुणा पल्टा बोले- बच्चों में शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी

रायपुर श्रीमती प्रमिला गोकुलदास डागा कन्या महाविद्यालय में शुक्रवार को गरबा महोत्सव का शानदार आयोजन किया गया। गरबा की धुन पर ऐसा रंग जमा कि टीचर संग स्टूडेंट और पूरा स्टाफ एक समय थिरकने लगे। यह आयोजन पिछले कुछ सालों से हो रहा है और डागा कालेज परिवार इसमें हिस्सा लेते हैं। समारोह में डॉ अरुणा पल्टा, पूर्व कुलपति, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग,महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष श्री अजय तिवारी, प्राचार्य डॉ.संगीता घई तथा समिति के अन्य सम्मानित सदस्यगण उत्साहवर्धन करने उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथिडॉ अरुणा पल्टा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि –शारदेय नवरात्र शक्ति का पर्व है जिसमें देवी के नवरूपों का वर्णन करते हुए छात्राओं को उनके जीवन के विशेष संदर्भ से अवगत कराया कि जब विपत्ति आती है तो उसका सामना करने के लिए स्त्री काली का रुप धारण कर लेती हैं और स्नेह की बात आती है तो ममतामयी माता का रुप धारण कर लेती है। साथ ही साथ उन्होंने प्राध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्राओं को पुस्तकीय ज्ञान के साथ साथ नैतिक, व्यवहारिक मानवीय मूल्यों तथा गुणों का भी विकास कराना चाहिए। डागा कालेज में यह सब कुछ है,यह जानकार उन्हे बेहद खुशी हुई। बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार भी बहुत जरूरी है। इस अवसर पर महाविद्यालय के डा. पद्मा शर्मा, डॉ. गायत्री शर्मा, डॉ. स्मृति अग्रवाल, डॉ. रेणुका बक्षी, डॉ. शिखा मित्रा, डॉ. पूनम आहुजा समस्त प्राध्यापक गण कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित रहे।

महाराष्ट्र प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी विकास की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को महाराष्ट्र का एक दिवसीय दौरा करेंगे और वहां वाशिम, ठाणे और मुंबई में विकास की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति के माध्यम से दी। विज्ञप्ति के अनुसार, श्री मोदी वाशिम में कल लगभग 23,300 करोड़ रुपये की कृषि और पशुपालन क्षेत्र से संबंधित विभिन्न पहलों का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री वहां बंजारा समुदाय की समृद्ध विरासत की झांकी प्रस्तुत करने के लिए , पीएम बंजारा विरासत संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। महाराष्ट्र के इस दौरे में प्रधानमंत्री ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि इन परियोजनाओं का मुख्य फोकस क्षेत्र में शहरी गतिशीलता को बढ़ावा देना शामिल है। प्रधानमंत्री मुंबई मेट्रो लाइन 3 चरण-1 के आरे जेवीएलआर से बीकेसी को जोड़ने वाले खंड का कल उद्घाटन करेंगे। वह ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो रेल परियोजना और एलिवेटेड ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री नवी मुंबई हवाईअड्डा प्रभाव अधिसूचित क्षेत्र (एनए आईएनए) परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार, श्री मोदी कल पहले वाशिम पहुंच कर पूर्वाह्न करीब 11:15 बजे पोहरादेवी स्थित जगदंबा माता मंदिर में दर्शन करेंगे। वह वाशिम में संत सेवालाल महाराज और संत रामराव महाराज की समाधि पर भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। दोपहर करीब 12 बजे श्री मोदी वहां कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी करीब 23,300 करोड़ रुपये की कई पहलों की शुरुआत करेंगे। शाम करीब 4 बजे प्रधानमंत्री ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। शाम करीब चार बजे प्रधानमंत्री ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद शाम करीब छह बजे बीकेसी मेट्रो स्टेशन से वह बीकेसी से आरे जेवीएलआर, मुंबई तक चलने वाली मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। वह बीकेसी और सांताक्रूज स्टेशनों के बीच मेट्रो में यात्रा भी करेंगे।  

भारत में सितंबर में व्हाइट कॉलर नौकरियों में 6 प्रतिशत की वृद्धि, आईटी क्षेत्र में बढ़े अवसर

नई दिल्ली भारत में व्हाइट-कॉलर हायरिंग एक्टिविटी में सितंबर में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि देखी गई। इस तेजी की वजह आईटी और एफएमसीजी क्षेत्र में क्रमश: 18 प्रतिशत और 23 प्रतिशत नौकरियों का बढ़ना रहा। यह जानकारी शुक्रवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) से जुड़ी नौकरियों में भी 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कि टेक टैलेंट की बढ़ती मांग को दर्शाता है। नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स के अनुसार, भारत का लीडिंग व्हाइट-कॉलर हायरिंग एक्टिविटी इंडीकेटर सितंबर में 2,727 अंक तक पहुंच गया। टेक के साथ तेल और गैस जैसे क्षेत्रों को लेकर मजबूत वृद्धि देखी गई। वहीं, दिलचस्प बात यह रही कि गैर-पारंपरिक आईटी हब में भी वृद्धि दर्ज हुई है। जयपुर में आईटी नौकरियों में सालाना आधार पर 47 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कोलकाता में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस क्षेत्र में 16 वर्ष से अधिक अनुभव वाले पेशेवरों की भर्ती में सालाना आधार पर 35 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। यूनिकॉर्न और विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियां इस वृद्धि का नेतृत्व कर रही थी, जिनकी वृद्धि क्रमशः 16 प्रतिशत और 14 प्रतिशत थी। एफएमसीजी क्षेत्र में, मुंबई और बेंगलुरु प्रमुख ड्राइवर के रूप में उभरे। इन शहरों में एफएमसीजी भूमिकाओं में क्रमशः 49 प्रतिशत और 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि 16 वर्ष से अधिक अनुभव वाले एफएमसीजी पेशेवरों की नियुक्ति में 70 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई, जो इस क्षेत्र में वरिष्ठ प्रतिभाओं की मजबूत मांग को दर्शाता है। वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) ने नियुक्तियों में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। नौकरी के मुख्य व्यवसाय अधिकारी डॉ. पवन गोयल ने कहा, “हायरिंग एक्टिविटी में 6 प्रतिशत की समग्र वृद्धि उत्साहजनक है, लेकिन सबसे अधिक उत्साहजनक बात यह है कि भर्ती में धीमेपन के बाद हम तकनीकी क्षेत्र में मजबूत सुधार देख रहे हैं।”

तहसील में मची खलबली, भोगांव तहसील के प्राइवेट कर्मचारी को भ्रष्टाचार निवारण संगठन आगरा की टीम ने रिश्वत लेते समय किया गिरफ्तार

मैनपुरी बैनामाशुदा जमीन की दाखिल खारिज कराने के नाम पर रिश्वत मांग रहे तहसील भोगांव के प्राइवेट कर्मचारी को भ्रष्टाचार निवारण संगठन आगरा की टीम ने शुक्रवार को रिश्वत की पांच हजार धनराशि लेते समय गिरफ्तार कर लिया। टीम की कार्रवाई से तहसील में खलबली मच गई। आरोपित कर्मचारी को टीम अपने साथ ले गई है। तहसील क्षेत्र के गांव गोशलपुर गहियर निवासी पिंकी मिश्रा ने 27 दिसंबर 2022 को आधा बीघा जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराई थी। इस जमीन के दाखिल खारिज में विक्रेता रामदास ने आपत्ति दर्ज करा दी। तहसीलदार न्यायालय में वाद दायर होने के बाद पिंकी ने मामले के निस्तारण को लेकर अधिकारियों से कई बार मांग की। 10 दिन पहले मांगी थी रिश्वत आरोप है कि 10 दिन पहले तहसीलदार कार्यालय में प्राइवेट बाबू के ताैर पर काम कर रहे हरीसिंह व तहसीलदार के पेशकार विपिन राजपूत ने रिश्वत की मांग की थी। मामले में पिंकी के पति गोपाल मिश्रा ने बीते एक अक्टूबर को भ्रष्टाचार निवारण संगठन आगरा में लिखित शिकायत दी। शिकायत के बाद टीम ने निगरानी शुरू कर दी। शुक्रवार सुबह आगरा से भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम निरीक्षक संजय यादव के नेतृत्व में तहसील भाेगांव पहुंची। सुबह 11 बजे टीम ने यहां शिकायतकर्ता गोपाल मिश्रा को तहसीलदार न्यायालय में भेजा। बातचीत के दौरान प्राइवेट बाबू हरीसिंह ने दाखिल खारिज के नाम पर गोपाल मिश्रा से पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की। गोपाल ने जैसे ही हरीसिंह को पांच हजार रुपये की धनराशि दी, तभी आगरा एंटी करप्शन की टीम ने हरीसिंह को रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम उन्हें अपने साथ विधिक कार्रवाई के लिए ले गई।

भारत और बांग्लादेश के मैच से पहले ग्वालियर में विरोध प्रदर्शन और विशेष रूप से भड़काऊ सामग्री के प्रसार पर प्रतिबंध

ग्वालियर भारत और बांग्लादेश के बीच रविवार को होने वाले पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच से पहले यहां निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है ताकि मैच का सुचारू रूप से आयोजन किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में विरोध प्रदर्शन और विशेष रूप से सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री के प्रसार पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश सात अक्टूबर तक लागू रहेंगे। हिंदू महासभा ने मैच के दिन (छह अक्टूबर) ग्वालियर बंद का आह्वान किया है। इसके अलावा अन्य संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन की धमकी दी है जिसके मद्देनजर यह फैसला किया गया। हिंदू महासभा ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर किए गए ‘अत्याचारों’ को लेकर रविवार के मैच को रद्द करने की मांग करते हुए बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया था। अधिकारियों ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट और कलेक्टर रुचिका चौहान ने पुलिस अधीक्षक की सिफारिश पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा आदेश जारी किए। आदेश के अनुसार जिले की सीमा के भीतर कोई भी व्यक्ति यदि सोशल मीडिया मंच के जरिए मैच में बाधा डालता है या धार्मिक भावनाओं को भड़काता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा आपत्तिजनक या भड़काऊ भाषा और संदेश वाले बैनर, पोस्टर, कट-आउट, झंडे और अन्य चीजों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। भारत और बांग्लादेश के बीच मैच माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। यह स्टेडियम 14 साल के अंतराल के बाद किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच की मेजबानी करेगा। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए लगभग 1,600 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है।  

25 दिसंबर 2025 को क्रिसमस के अवसर पर रिलीज होगी आलिया भट्ट और शर्वरी की फिल्म अल्फा

मुंबई, यशराज फिल्मस के बैनर तले बन रही आलिया भट्ट और शर्वरी स्टारर फिल्म अल्फा क्रिसमस के अवसर पर 25 दिसंबर 2025 को रिलीज होगी। यशराज फिल्म्स ने इंस्टाग्राम पर घोषणा की है कि उनकी बहुप्रतीक्षित एक्शन एंटरटेनर अल्फा, जो वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला प्रधान फिल्म है, 25 दिसंबर, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म का निर्माण आदित्य चोपड़ा कर रहे हैं। यशराज फिल्मस ने इंस्टाग्राम पर अल्फा का पोस्टर शेयर करते हुये लिखा,क्रिसमस 2025 पर, #अल्फा का उदय होगा! एक एक्शन से भरपूर छुट्टी के लिए तैयार हो जाइए… 25 दिसंबर, 2025। फिल्म अल्फा में बॉलीवुड सुपरस्टार आलिया भट्ट मुख्य भूमिका निभाती नजर आएंगी, और उनके साथ उभरती हुई अभिनेत्री शर्वरी होंगी। दोनों इस बहुप्रतीक्षित स्पाईवर्स में सुपर एजेंट की भूमिका में दिखाई देंगी। फिल्म अल्फा को शिव रवैल निर्देशित कर रहे हैं।इस फिल्म में शानदार दृश्य और रोमांचक एक्शन सीक्वेंस के साथ साथ कई अप्रत्याशित ट्विस्ट भी देखने को मिलेंगे। फिल्म अल्फा हिंदी, तमिल और तेलगु भाषा में रिलीज होगी।

जाकिर नाइक का पाकिस्तान में जमकर हुआ भव्य स्वागत, अब सरकार की हो रही जमकर फजीहत

इस्लामाबाद विवादित इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक के स्वागत का विरोध अब पाकिस्तान में भी होने लगा है। हेट स्पीच और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी जाकिर नाइक का पाकिस्तान में रेड कॉर्पेट पर स्वागत किया गया है। वहीं अब लोगों का कहना है कि पाकिस्तानी सरकार राजनीतिक और आर्थिक हालातों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के लोगों का कार्यक्रम करवा रही है और उनका भव्य स्वागत कर रही है। 58 साल के जाकिर नाइक तीन दशक में पहली बार पाकिस्तान पहुंचा था। उसे पाकिस्तानी सरकार ने आमंत्रण दिया था। वह शहबाज शरीफ से भी मिला। इस्लामाबाद के अलावा भी कई शहरों में उसके कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। जाकिर नाइक ने सफाई देते हुए कहा कि उसने भारत में किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है। लेकिन इस्लाम के दुश्मनों ने उसको निशाने पर लिया। शहबाज शरीफ ने उसे ऐसे समय में बुलाया है जब कि उनकी सरकार पर विपक्ष को स्थान ना देने और लोकतंत्र को तार-तार करने के आरोप लग रहे हैं। शहबाज शरीफ सरकार के आलोचक नजरुल इस्लाम ने कहा कि जब सरकार को पता है कि अक्टूबर का महीना उसके लिए काफी कठिन होने वाला है तब उसने जाकिर नाइक को बुला लिया है।बता दें कि भारत में वह धार्मिक वैमनस्यता फैलाना का आरोपी है। अपने भाषणों में वह इस्लाम से इतर अन्य धर्मों के बारे में जहर उगलता था। पाकिस्तान में भी कई संगठनों ने कहा है कि जाकिर नाइक वहां विष घोलने का काम कर रहा है। पहले से ही कट्टरवाद से ग्रसित पाकिस्तान में वह और भी नफरत फैलाना चाह रहा है। न्यूक्लियर फिजिसिस्ट पवरवेज हूदभॉय ने कहा, कई देशों में जाकिर नाइक को बैन किया गया है। वहीं पाकिस्तान में इस तरह उसका स्वागत होना शर्म की बात है। पाकिस्तान स्वीट होम फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में जाकिर नाइक लड़कियों को बेटियां कहने पर इतना भड़क गया कि वह मंच छोड़कर ही चला गया। यहां अनाथ लड़कियों को पुरस्कार देने के लिए उसे बुलाया गया था। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक एंकर ने लड़कियो को बेटियां कहा तो जाकिर नाइक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आप उन्हें छू नहीं सकते तो बेटियां भी नहीं कह सकते। जाकिर नाइक का कहना है कि लड़कियां गैर महरम होती हैं। इसका मतलब वह अनजान हैं। उनसे शादी की जा सकती है। भारत में जांच एजेंसियों के शिकंजा कसने के बाद वह मलेशिया भाग गया था। 2016 से वह मलेशिया में ही रह रहा था।

दंतेवाड़ा-नारायणपुर पुलिस और नक्सलियों के बीच जारी है मुठभेड़, 23 नक्सली ढेर; AK-47 सहित कई हथियार बरामद

दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ में एक बार फिर नक्सलियों के खिलाफ पुलिस ने नारायणपुर-दंतेवाड़ा सीमा पर बड़ा ऑपरेशन लॉन्च किया है। इस मुठभेड़ में अब तक नक्सलियों को भारी नुकसान होने की खबर मिल रही है। सूत्रों के अनुसार, अब तक 23 नक्सली ढेर किए जा चुके हैं। नारायणपुर एसपी प्रभात कुमार ने मुठभेड़ जारी रहने की पुष्टि की है। साथ ही कहा कि मुठभेड़ में सभी जवान सुरक्षित हैं। नारायणपुर और दंतेवाड़ा की सीमा पर अबुझमाड़ इलाके में जारी इस ऑपरेशन में नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले के जवान संयुक्त रूप से भाग ले रहे हैं। मुठभेड़ के साथ साथ जवानों का सर्च अभियान भी जारी है। सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ में 23 नक्सलियों को अब तक जवानों द्वारा ढेर कर दिया गया है। मौके से AK 47, SLR सहित कई अन्य हथियार बरामद किए गए हैं। नारायणपुर एसपी प्रभात कुमार जवानों के संपर्क में हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नारायणपुर के अबुझमाड़ के इलाके में प्रभात कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। लिहाजा लगातार प्रदेश के उच्चाधिकारियों से लेकर बस्तर आईजी पी. सुंदरराज भी पूरे ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं। खबर लिखे जाने तक ऑपरेशन जारी है।

महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर शिंदे से नाराज होकर मंत्रालय की तीसरी मंजिल से कूदे, जाल ने बचाई जान

महाराष्ट्र महाराष्ट्र की सरकार में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और विधायक नरहरि झिरवाल सहित महाराष्ट्र के मंत्रालय की तीसरी मंजिल से कूद गए। राहत की बात यह रही है कि वह बिल्डिंग में लगे सुरक्षा जाल में इचक गए। इससे उनकी जान बच गई। पुलिस मौके पर पहुंच गई और उन्हें सुरक्षित वहां से निकाल लिया। आपको बता दें कि झिरवाल विधानसभा में डिप्टी स्पीकर भी हैं। आदिवासी समुदाय के चुने हुए विधायकों और सांसद के एक समूह ने शुक्रवार को राज्य सरकार के मुख्यालय मंत्रालय में विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात नहीं हो पाने के कारण इमारत के अंदर आत्महत्या के प्रयासों को रोकने के लिए लगाए गए सुरक्षा जाल पर विधायक चढ़ गए। विधानसभा के उपाध्यक्ष एनसीपी विधायक नरहरि जिरवाल के अलावा बहुजन विकास अघाड़ी विधायक राजेश पाटिल और भाजपा सांसद हेमंत सवारा भी आदिवासी समुदाय से आते हैं। ये सभी दो अन्य लोगों के साथ मंत्रालय में आत्महत्या के प्रयासों को रोकने के लिए लगाए गए सुरक्षा जाल पर कूद गए। कहा जाता है कि वे मुख्यमंत्री शिंदे से नाखुश थे। ये सभी वे पेसा अधिनियम के तहत आदिवासी युवाओं की भर्ती पर रोक हटाने की मांग कर रहे हैं। वे अनुसूचित जनजाति (एसटी) कोटे से धनगर आरक्षण देने की मांग का भी विरोध कर रहे हैं। जिस समय यह घटना घटी उस समय मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक चल रही थी। शुक्रवार दोपहर ये सभी मंत्रालय पहुंचे। जिरवाल, पाटिल और सवारा ने सात मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर लगे सुरक्षा जाल पर चढ़ गए। वहीं, किरण लाहमटे, हीरामन खोसकर जैसे अन्य विधायकों ने उसी मंजिल पर गलियारे में धरना शुरू कर दिया। सुरक्षाकर्मियों को उन्हें दूसरी मंजिल के गलियारे में उतरने से पहले काफी समझाना पड़ा। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिरवाल ने कहा, “हम मुख्यमंत्री के साथ बैठक करने से पहले मंत्रालय नहीं छोड़ेंगे।” उन्होंने कहा कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो हम राज्यव्यापी विरोध शुरू करेंगे। आपको बता दें कि धनगर समुदाय को पहले से ही ओबीसी के तहत एक उप-श्रेणी में आरक्षण प्राप्त है, वे मांग कर रहे हैं कि उन्हें एसटी श्रेणी में शामिल किया जाए।

ग्राम पंचायत गोंगपाल एवं चेरपाल की महिला समूह करेंगी बस का संचालन, मुख्यमंत्री ने सौंपी वाहनों की चाबियाँ

रायपुर, अपने दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विकासखण्ड दंतेवाड़ा के ग्राम मसेनार एवं विकासखण्ड गीदम के ग्राम पाहुरनार को संपूर्ण जैविक ग्राम का प्रमाण पत्र प्रदान किया। यहां देश के सबसे अधिक रकबे 65 हजार 279 हेक्टेयर एवं 110 ग्रामों में 10 हजार 264 किसानों के द्वारा जैविक खेती की जा रही है, जिन्हें वृहद क्षेत्र प्रमाणीकरण के अन्तर्गत भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के द्वारा जैविक प्रमाणीकृत किया गया है। वर्तमान में जैविक जिला दंतेवाड़ा में विशिष्ट कार्य करने के अंतर्गत जैविक जिला में परिवर्तन कर कृषकों की आजीविका विकास के लिए जैविक खेती में वृहद स्तर पर प्रशिक्षण प्रचार प्रसार शैक्षणिक भ्रमण सिंचाई एवं अधोसंरचना विकास, मार्केट लिंकेज इत्यादि के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाकर जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा एफपीओ प्रमाणीकरण संस्था के संबंध में कार्य किया जा रहा हैद्य जिले में रासायनिक उर्वरक एवं रासायनिक दवा पूरी तरह प्रतिबंधित है जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए जिले के सभी 220 ग्रामों में तीन चरणों में कृषक खेत पाठशाला का आयोजन किया जा रहा हैद्य 300 से अधिक स्थानीय प्रगतिशील किसानों को राज्य के बाहर प्रशिक्षण देकर जैविक कार्यकर्ता एवं मास्टर ट्रेनर्स के रूप में तैयार किया गया है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए इस खरीफ वर्ष में 1200 हेक्टेयर रकबा में हरी खाद एवं 800 से अधिक रकबा में श्री विधि से खेती किया गया हैद्य जिले के सभी 23000 किसानों को स्वॉइल हेल्थ काड उपलब्ध कराया जा रहा हैद्य मुख्यमंत्री श्री साय को इस अवसर पर ग्राम कासौली के प्रगतिशील किसान श्री बोसा राम अटामी ने उन्नत किस्म के अमरुद और कमल सिंह नाग ने जैविक विधि से उत्पादित विशिष्ट चावल की टोकरी भेंट स्वरूप की। इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन के तत्वावधान में नियद नेल्लानार योजना के तहत मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम पंचायत चेरपाल और गोंगपाल को बस संचालन सेवा प्रांरभ करने के लिए दो बसें प्रदान की गई। जिसका संचालन सेवा महिला स्व सहायता समूह करेगीद्य दूर-दराज के ग्रामों में सरल आवाजाही के लिए प्रशासन द्वारा 6 बसें और दी जाएगी। इस मौके पर लाइवलीहुड कॉलेज से प्रशिक्षित 2 युवाओं, ग्राम धुरली के अनिल और ग्राम गामावाड़ा के गौरीश को भी टैक्सी संचालन के लिए 4 पहिया वाहन प्रदान किया गया। जिला प्रशासन की पहचान दन्तेवाड़ा नवाचार कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्राम बालपेट के 6 माह के बालक धीरज नाग को सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र के दस्तावेज भी मुख्यमंत्री के हाथों प्रदाय किया गया। पहचान दन्तेवाड़ा एप के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त समन्वय से जिले के सभी नवजात शिशुओं से संबंधित सभी आवश्यक मूलभूत दस्तावेज 4 माह के अंदर उनके पालकों को सौंपे जाने का कार्यक्रमचला चलाया जा रहा हैद्य इससे बच्चों के जन्म से बड़े होने तक सभी दस्तावेज उनके पास उपलब्ध होंगे, पालकों को इन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर से भी मुक्ति मिलेगी।

क्या आपका बच्चा भी रोज पढ़ाई नहीं करता? अपनाएं ये जापानी तकनीकें

क्या आप भी अपने बच्चे के रोजाना पढ़ने की आदत को लेकर परेशान रहते हैं। बच्चों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित या प्रेरित करना कोई आसान कार्य नहीं है। कई अभिभावक इसी उधेड़बुन में रहते हैं कि आखिर बच्चों में पढ़ने की आदत को कैसे ठीक किया जाये और उन्हें नियमित रूप में पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार बच्चों को आसान तरीकों से नहीं बल्कि स्मार्ट तरीकों से हैंडिल किया जाना चाहिये। यदि पैरेंट्स सच मुच अपने बच्चों की पढ़ाई की आदतों को बेहतर बनाना चाहते हैं तो उन्हें स्मार्ट तरीकों को अपनाना होगा। इस मामले में जापानी शिक्षा प्रणाली अपनी प्रभावशीलता के लिए प्रसिद्ध है। जापानी शिक्षा प्रणाली में अनुशासन, निरंतरता और समग्र विकास पर जोर दिया जाता है। बच्चों की पढ़ाई की आदतों में जापानी तकनीकों को शामिल करने से उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन में पहले की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। और तो और इससे आपके बच्चों की रुचि नियमित रूप से पढ़ने में भी बढ़ सकती है। बच्चों में पढ़ने की आदतों में सुधार के लिए जापानी तकनीकों को अपनाने से बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं। इन तकनीकों मे कई पैरामीटर्स शामिल है। इनमें निरंतर सुधार, समय प्रबंधन, अनुशासन, सक्रिय शिक्षण प्रणाली, शिक्षा के प्रति सम्मान, आत्म-अनुशासन और माइंडफुलनेस शामिल हैं। इन्हें अपनाकर माता-पिता अपने बच्चों के लिए एक सहायक और प्रभावी अध्ययन वातावरण बना सकते हैं। ये विधियां न केवल सीखने की इच्छा को बढ़ाती हैं बल्कि जीवन कौशल का भी विकास करती है। आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं उन जापानी तकनीकों के बारे में जिससे आपके बच्चों की पढ़ाई की आदतों में सुधार आयेगा और जो उन्हें नियमित पढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर करेंगे। बच्चों की पढ़ाई की आदतों को बेहतर बनाने के लिए जापानी तकनीकें 1. Kaizen Approach या निरंतर सुधार काइज़ेन का अर्थ है “निरंतर सुधार”। यह जापानी संस्कृति की आधारशिला है। यह टेक्निक समय के साथ बच्चों के कार्यकुशलता और प्रभावशीलता में सुधार करने के लिए छोटे-छोटे परिवर्तन करने को प्रोत्साहित करती है। अर्थात अभिभावक के रूप में आप अपने बच्चों के लिए छोटे-छोटे लेकिन प्रभावशाली लक्ष्य का निर्धारण करें। हर चरण में बच्चों की सफलता के बाद धीरे-धीरे लक्ष्य को थोड़ा कठिन बनाएं। यह दृष्टिकोण आपके बच्चों में आत्मविश्वास का निर्माण करता है और बड़े, कठिन कार्यों से जुड़े तनाव को कम करता है। 2. Pomodoro Technique या समय प्रबंधन फ्रांसेस्को सिरिलो द्वारा विकसित पोमोडोरो तकनीक का जापान में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसमें अध्ययन के समय को 25 मिनट के अंतराल में विभाजित करना शामिल है। इसे “पोमोडोरोस” कहा जाता है। उसके बाद 5 मिनट का ब्रेक होता है। चार पोमोडोरोस के बाद, 15-30 मिनट का लंबा ब्रेक लिया जाता है। यह विधि बच्चों में ध्यान केंद्रित रखने, थकान को कम करने और अध्ययन सत्रों को अधिक प्रबंधनीय बनाने में मदद करती है। 3. Shitsuke अनुशासन और दिनचर्या शित्सुके या अनुशासन, कम उम्र से ही जापानी शिक्षा में बड़ा महत्वपूर्ण रहा है। पढ़ने की आदत को बेहतर बनाने के लिए एक विशिष्ट दैनिक दिनचर्या स्थापित करें। इससे बच्चों को पढ़ने की आदत विकसित करने में मदद मिलती है। एक निर्धारित कार्यक्रम यह सुनिश्चित करता है कि पढ़ने का समय दिन का एक हिस्सा है। 4. Active Learning एक्टिव लर्निंग, जुड़ाव और सहभागिता एक्टिव लर्निंग, ये शब्द शायद आपने कहीं ना कहीं सुना हो। व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने के लिए बच्चों को प्रेरित करना एक्टिव लर्निंग या सक्रिय शिक्षण विधि का हिस्सा है। अक्सर ड्रामैटिक चीजों पर बच्चों का ध्यान आसानी से आकर्षित होता है। इसलिए ऐसी गतिविधियों को पढ़ने के लिए भी उपयोग किया जाना चाहिये। जापानी कक्षाएं अक्सर समूह कार्य और इंटरैक्टिव पाठों पर जोर देती हैं। घर पर, माता-पिता अध्ययन सामग्री पर चर्चा करके, प्रश्न पूछकर और बच्चों को शैक्षिक खेलों या प्रयोगों में शामिल करके सक्रिय सीखने को प्रोत्साहित कर सकते हैं। 5. Minimalism, अनुकूल अध्ययन वातावरण बनाना मिनीमलिज्म या न्यूनतावाद की जापानी अवधारणा, या “कम ही अधिक है, ” अध्ययन वातावरण बनाने पर लागू होती है। विकर्षणों से मुक्त एक साफ, अव्यवस्थित स्थान ध्यान और एकाग्रता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकता है। बतौर अभिभावक आप ये सुनिश्चित करें कि अध्ययन क्षेत्र में केवल आवश्यक चीजें हों। जैसे की साधारण कुर्सी, एक डेस्क, आवश्यक किताबें और अच्छी रोशनी आदि। ये वस्तुएं आपने बच्चें के मन को भटकने से बचाएगी। और वो और अच्छे से पढ़ सकेंगे। 6. शिक्षकों और शिक्षा के प्रति सम्मान सीखने को महत्व देना बहुत महत्वपूर्ण होता है। जापान में, शिक्षकों का बहुत सम्मान किया जाता है और शिक्षा को बहुत महत्व दिया जाता है। बच्चों को अपने शिक्षकों और सीखने की प्रक्रिया की सराहना करने के लिए प्रोत्साहित करना अध्ययन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा दे सकता है। माता-पिता अपने बच्चे की शिक्षा में रुचि दिखाकर और ग्रेड से अधिक ज्ञान और कौशल के महत्व पर जोर देकर इसका समर्थन कर सकते हैं। 7. आत्म-अनुशासन की आवश्यकता बच्चों में समय के साथ साथ व्यक्तिगत जिम्मेदारी विकसित करना बेहद आवश्यक होता है। अपने बच्चों को आत्म-अनुशासन सिखाएं। इससे उन्हें अपनी पढ़ाई के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने में मदद मिलती है। उन्हें अपने स्वयं के अध्ययन कार्यक्रम निर्धारित करने, अपनी प्रगति की निगरानी करने और अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए खुद को पुरस्कृत करने के लिए प्रोत्साहित करें। यह स्वायत्तता आत्मविश्वास और प्रेरणा का निर्माण करती है। 8. माइंडफुलनेस और मेडिटेशन के लिए बच्चों को करें प्रोत्साहित आपके बच्चे जीवन में क्या करना या क्या बनना चाहते हैं इस विषय पर अपने बच्चों से निरंतर बात करते हैं। बच्चों पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए माइंडफुलनेस और मेडिटेशन अभ्यासों को शामिल करने से एकाग्रता में सुधार हो सकता है और तनाव कम हो सकता है। अध्ययन के समय से पहले सरल श्वास अभ्यास या छोटे ध्यान सत्र बच्चों को अपने दिमाग को साफ करने और सीखने के लिए तैयार होने में मदद कर सकते हैं।  

सुबह जब हर कोई दुर्गा पूजा में व्यस्त था तो बहुत से जिहादियों और गुंडों ने मेरे घर पर हमला किया: भाजपा नेता

कोलकाता पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता अर्जुन सिंह के घर पर बम फेंके गए हैं और गोलियां चलाई गई हैं। भाजपा नेता ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सुबह 8:30 बजे यह हमला हुआ है। अर्जुन सिंह उत्तर 24 परगना के रहने वाले हैं और वहीं पर उनके घर में ही बने दफ्तर पर यह अटैक किया गया है। सिंह ने दावा किया कि बम के चलते उन्हें मामूली जख्म भी आया है। अर्जुन सिंह ने इस संबंध में एक वीडियो भी एक्स पर डाला है। उन्होंने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, ‘आज सुबह जब हर कोई दुर्गा पूजा में व्यस्त था तो बहुत से जिहादियों और गुंडों ने मेरे घर पर हमला कर दिया। यह हमला एनआईए के मामलों में आरोपी नमित सिंह के नेतृत्व में किया गया।’ उन्होंने कहा कि इस हमले में टीएमसी के स्थानीय पार्षद का बेटा भी शामिल है। इनकी ओर से मेरे घर और दफ्तर पर हमला किया गया है। यही नहीं उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि हमले के दौरान उसने कोई ऐक्शन नहीं लिया और मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने मेरे घर पर 15 बम फेंके और करीब एक दर्जन बार फायरिंग भी की गई। अर्जुन सिंह की ओर से शेयर किया गया वीडियो वायरल हो रहा है, लेकिन इसकी स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं की जा सकी है। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया कि इतनी बड़ी संख्या में बम फेंके गए कि मौके पर अंधेरा सा छा गया। अर्जुन सिंह का घर उत्तर 24 परगना के जगतदाल पुलिस थाने के अंतर्गत आता है। इस घटना पर थाने के एक अधिकारी ने कहा कि अब तक किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है। मौके पर पुलिस फोर्स को जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा व्यवस्था को संभालने के लिए अतिरिक्त बलों की भी तैनाती की गई है। अर्जुन सिंह पहले टीएमसी में भी रह चुके हैं। वह टीएमसी के पार्थ भौमिक के मुकाबले लोकसभा चुनाव में हार गए थे। वहीं टीएमसी के स्थानीय विधायक सोमनाथ श्याम ने अर्जुन सिंह के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि सिंह ने खुद ही 4 राउंड फायरिंग कराई थी।

दंतेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री साय ने 167 करोड़ 21 लाख रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज दंतेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान जिले में 167 करोड़ 21 लाख रुपए के विकास कार्यों की लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें लोकार्पण के तहत जिला दन्तेवाड़ा के विकासखण्ड कुआकोण्डा में शासकीय उपाधि महाविद्यालय में अध्ययनरत् छात्रों हेतु 100 सीटर कन्या छात्रावास भवन निर्माण कार्य 272.450 लाख रू., दन्तेवाड़ा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण 99.000 लाख रू., 100 सीटर छात्रावास भवन का निर्माण कार्य दन्तेवाड़ा 160.000 लाख रू., बुढ़ा तालाब बारसूर में सौंदर्यीकरण कार्य विकासखण्ड-गीदम 453.000 लाख रू., शंकनी-डंकनी नदी तट पर घाट निर्माण 3659.700 लाख रू., 500 सीटर आवासीय विद्यालय कारली के भवन निर्माण कार्य विद्युतीकरण सहित वि.ख.-गीदम 487.150 लाख रू., एनीकट निर्माण कार्य कटेकल्याण पुजारी पारा डुमाम नदी पर 350.000 लाख रू., दुगेली एनीकट निर्माण कार्य 372.940 लाख रू., प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छिन्दनार का निर्माण कार्य 75.000 लाख रू., उप स्वास्थ्य केन्द्र हिड़पाल का निर्माण कार्य 28.510 लाख रू. के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इसी प्रकार भूमिपूजन के अन्तर्गत आस्था विद्या मंदिर किरन्दुल हेतु भवन निर्माण, कर्मचारी हेतु आवास, छात्रावास भवन सड़क नाली बाउंड्री निर्माण आदि 4219.000, जिला दन्तेवाड़ा के रानीबाग में भवन निवास के भूतल एवं प्रथम तल का निर्माण कार्य 326.570, मड़कामीरास में 50 सीटर आदिवासी प्री. मे. कन्या छात्रावास निर्माण कार्य 191.510, जंगमपाल में 50 सीटर कन्या आश्रम का निर्माण कार्य 162.760, बड़ेगुडरा में 100 सीटर आदिवासी पो. मै.कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य 288.590, मारजूम में 50 सीटर कन्या आश्रम का निर्माण कार्य 162.760, समेली में 100 सीटर आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य  191.510, पालनार में 100 सीटर आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य 288.590, ग्राम जावंगा में स्वीमिंग पुल निर्माण कार्य 221.040, जोगिंग ट्रैक एवं बाउंड्रीबॉल निर्माण कार्य 47.130, सामुदायिक भवन गीदम जावंगा में पार्क एवं ट्यूबवेल निर्माण कार्य 49.510, आदिवासी बालक आश्रम बोदली में कार्य 162.760, आदिवासी बालक आश्रम समेली में कार्य 162.760, आदिवासी बालक आश्रम नहाड़ी में कार्य 162.760, आदिवासी बालक आश्रम बुरगुग 162.760, आदिवासी बालक आश्रम पोटाली 162.760, आदिवासी बालक आश्रम कौरगांव 162.760 आदिवासी बालक आश्रम मुस्तलनार 162.760, आदिवासी बालक आश्रम गुमलनार 162.760 आदिवासी पो. मै. बालक छात्रावास गीदम 191.510, आदिवासी नवीन पो. मै. बालक छात्रावास गीदम 191.510, आदिवासी पो. मै. बालक छात्रावास कुआकोण्डा 191.510, आदिवासी पो.मे. बालक छात्रावास कासोली 191.510, आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास कासोली 191.510, आदिवासी पो. मै. बालक छात्रावास दन्तेवाड़ा 191.510, आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास दन्तेवाड़ा 191.510, कैडियापारा एनीकट (ग्राम पंचायत भूसारास) निर्माण कार्य 260.460, फरसपाल जलाशय योजना का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य 255.770, चेक डेम निर्माण कार्य ग्राम झिरका पण्डेवार 49.990, झोडि़याबाड़म नदी पर एनीकट निर्माण कार्य 390.310, कामालूर से बासनपुर मार्ग पर पुलिया निर्माण 18.450, आर. सी. सी. स्लेब पुलिया निर्माण 03 स्पान 06 मी. स्पान बालूद से कुआपारा 49.560, पुलिया निर्माण कामालुर से बासनपुर आर. डी. 4. 05 मी. 41.300, आर. सी. सी. स्लेब पुलिया निर्माण 06 मी. स्पान बालूद से मंझारपारा 25.180, पुलिया निर्माण बालूद से टोटापारा मार्ग 30.160, डंकनी नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण कार्य कि. मी. पोन्दुम से दाबपाल मार्ग पर 445.700, जिला दन्तेवाड़ा के ग्रामीण महिला एवं युवाओं के लिये आर्थिक अवसरों को उप्रेरित करने के लिये युवा हब संचालन कार्य 59.800, ग्राम पंचायत नहाड़ी के आश्रित ग्राम मुलेर में विद्युतीकरण कार्य 345.000 के कार्य शामिल हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमनसिंह और वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप, विधायक दंतेवाड़ा श्री चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग के सदस्य श्रीमती ओजस्वी मण्डावी, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, एसपी श्री गौरव राय तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों मौजूद रहे।

मध्यप्रदेश सरकार ने 23.4 प्रतिशत बढ़ाया जनजातीय विभाग का बजट

जनजातियों के समग्र विकास के लिये तत्पर मध्यप्रदेश सरकार 23.4 प्रतिशत बढ़ाया गया जनजातीय विभाग का बजट भोपाल समर्थ बनाने की संवेदनशील पहल पर वित्त वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश सरकार ने अनुसूचित जनजाति (उप योजना) के लिये 40 हजार 804 करोड़ रूपये का बजट पारित किया है। जनजातियों के समग्र विकास के लिये पारित यह बजट वित्त वर्ष 2023-24 की तुलना में 3,856 करोड़ रूपये (करीब 23.4 प्रतिशत) अधिक है। जनजातीय बंधुओं और इनकी पुरा संस्कृति के संरक्षण और समयानुकूल विकास के लिये सरकार द्वारा अनेक नवाचारी कदम उठाये जा रहे हैं। सरकार के प्रयासों से ही जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी, युवा, खिलाड़ी और कलाकार अब विकास की एक नई राह पर चल पड़े हैं। पीएम जन-मन अभियान प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में विशेष रूप से पिछड़े एवं कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सर्वांगीण विकास के लिये भी मध्यप्रदेश सरकार अत्यंत संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश में तीन विशेष पिछड़ी जनजातियां बैगा, भारिया एवं सहरिया निवास करती हैं। पीएम जन-मन में इन विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में बहुउद्देश्यीय केन्द्र, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़क, समग्र शिक्षा एवं विद्युतीकरण से जुडे कार्य कराये जा रहे हैं। सरकार ने जारी साल के बजट में इन कामों के लिये 1,607 करोड़ रूपये दिये हैं। पीवीटीजी बटालियन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्णय लिया है कि जनजातीय कार्य विभाग की शौर्य संकल्प योजना के अंतर्गत प्रदेश में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह बैगा, भारिया एवं सहरिया के लिये अलग से बटालियन गठित की जायेगी। साथ ही इस समूह के इच्छुक युवाओं को पुलिस, सेना एवं होमगार्ड में भर्ती कराने के लिये आवश्यक प्रशिक्षण दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के युवाओं को रोजगार एवं सेवा से जोड़ने के लिये पीवीटीजी बटालियन बनाने के निर्देश दिये हैं। प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजाति पीवीटीजी समूह में आती हैं। इसी प्रकार आर्म्ड फोर्सेस में भर्ती के लिये प्रशिक्षण योजना में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के युवाओं को नेवी, आर्मी, एयरफोर्स, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ, पुलिस, होमगार्ड एवं अन्य निजी सुरक्षा एजेन्सियों में भर्ती कराने के लिये इन्हें प्रशिक्षण देने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। आहार अनुदान योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पीवीटीजी आहार अनुदान योजना में इन जनजातीय परिवारों की महिला मुखिया को 1,500 रूपये प्रतिमाह पोषण आहार अनुदान राशि दी जाती है। इसके लिये सरकार ने बजट 2024-25 में 450 करोड़ रूपये आवंटित किये हैं। बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातीय परिवारों के समग्र विकास के लिये मध्यप्रदेश सरकार 2024-25 में 100 करोड़ रूपये अतिरिक्त व्यय करेगी। पीवीटीजी क्षेत्रों में 217 नये आंगनवाड़ी भवन बनाये जा रहे हैं। इसके लिये बजट में 150 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी की जायेगी स्थापित जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिये राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। जनजातीय विद्यार्थियों को बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित कराने के लिये फ्री-कोचिंग दी जायेगी। इसके लिये सरकार प्रदेश के सभी जनजातीय विकासखंडों में रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास कर रही है। इस अकादमी के जरिये जनजातीय विद्यार्थियों को जेईई, नीट, क्लेट और यूपीएससी जैसी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की बड़ी परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग देकर इन्हें परीक्षाओं में सफल होने के गुर सिखाए जायेंगे। शासन से स्वीकृति मिलते ही रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी प्रारंभ कर दी जायेंगी। आकांक्षा योजना “एक सराहनीय पहल” वर्तमान में जनजातीय विद्यार्थियों को ‘आकांक्षा योजना’ के अंतर्गत जेईई, नीट, क्लेट की तैयारी के लिये भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर में कोचिंग दी जा रही है। अखिल भारतीय सेवाओं की परीक्षा की तैयारी कराने के लिये निजी कोचिंग संस्थाओं द्वारा विद्यार्थियों को कोचिंग दी जा रही है। अब सभी ट्राइबल ब्लॉकों में जनजातीय विद्यार्थियों को इस तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग का लाभ देने के लिये योजना की संशोधित डीपीआर तैयार कर ली गई है। जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की ठोस चिंता करते हुए सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में सीएम राइज स्कूलों के निर्माण के लिये 667 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिये सरकार ने 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन का छात्रवृत्ति के लिये 500 करोड़ रूपये प्रावधान किया हैं। नि:शुल्क कोचिंग के साथ सरकार जनजातीय विद्यार्थियों को टैबलेट भी देगी। टैबलेट के लिये डेटा प्लान भी सरकार नि:शुल्क उपलब्ध करायेगी। योजना के लिये सरकार ने बजट में 10.42 करोड़ रूपये आरक्षित किये हैं। तीन विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिये कार्यरत हैं पृथक-पृथक विकास प्राधिकरण जनजातीय कार्य विभाग में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये संचालक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के विकास के लिए योजना बनाने एवं इनका क्रियान्वयन के लिये एजेन्सी भी कार्यरत है। इन विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिये योजना बनाने एवं योजनाओं का क्रियान्वयन करने के लिये प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया पीवीटीजी के लिये पृथक-पृथक विकास प्राधिकरणों सहित कुल 11 प्राधिकरण कार्यरत हैं। पेसा नियमों से एक करोड़ से अधिक जनजातीय आबादी को मिल रहा लाभ पेसा एक्ट में मध्यप्रदेश में पेसा नियम, नवम्बर 2022 से लागू हैं। यह नियम प्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंडों की 5 हजार 133 ग्राम पंचायतों के अधीन 11 हजार 596 गावों में लागू है। इन नियमों में प्राप्त अधिकारों का उपयोग जनजातीय वर्ग के हितों के लिये अत्यंत प्रभावशाली साबित हो रहा है। पेसा से जनजातीय वर्ग अपनी क्षेत्रीय परम्पराओं, अपनी संस्कृति और जरूरतों के मुताबिक फैसले लेकर विकास की राह में आगे बढ़ सकेंगे। पेसा नियमों के क्रियान्वयन से जनजातीय समुदाय के एक करोड़ से अधिक लोगों को लाभ हो रहा है। जनजातीय विद्यार्थियों के लिये सरकार के महती प्रयास कक्षा पहली से आठवीं तक प्री-मेट्रिक राज्य छात्रवृत्ति योजना में वर्ष 2023-24 में 17 लाख 36 हजार 14 विद्यार्थियों को 56 करोड़ 59 लाख रूपये छात्रवृत्ति दी गई। कक्षा 9वीं और 10वीं केन्द्र प्रवर्तित प्री-मेट्रिक छात्रवृत्ति योजना में वर्ष 2023-24 में 1 लाख 51 हजार 292 विद्यार्थियों को 52 करोड़ 15 लाख रूपये छात्रवृत्ति दी गई। कक्षा 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालय में पढ़ रहे … Read more

बांग्लादेश में हिंदुओं को धमकी अगर दुर्गा पूजा मनाई तो खैर नहीं… रद्द किए जा रहे आयोजन

ढाका बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद वहां रहने वाले हिंदुओं को काफी उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। दुर्गा पूजा के दौरान भी यह थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी गूंज अमेरिका तक में सुनाई देने लगी है। हालांकि, बांग्लादेश की सरकार ने दुर्गा पूजा से पहले अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने का फैसला किया है। लेकिन इस बात पर अभी भी संदेह है कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बावजूद बंगाली भाषी हिंदू समुदाय इस साल अपना सबसे बड़ा त्योहार मना पाएगा या नहीं। हिंदू समुदाय के नेताओं ने अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। कुछ बंगाली हिंदू इस साल नवरात्रि उत्सव रद्द करने पर विचार कर रहे हैं। दुर्गा पूजा के खिलाफ सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी डाले जा रहे हैं। हालांकि उन वीडियो की अभी तक पुष्टि नहीं की जा सकी है। खुलना के डाकोप में कई मंदिरों को कथित तौर पर गुमनाम पत्र मिले, जिसमें धमकी दी गई है। उन्हें कहा गया है कि जब तक प्रत्येक मंदिरों से 5 लाख टका रंगदारी के तौर पर नहीं मिल जाते हैं, तब तक उन्हें दुर्गा पूजा मनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बांग्लादेशी अखबार डेली स्टार ने डाकोप के कमरखोला सर्वजनिन दुर्गा पूजा उत्सव समिति के अध्यक्ष शेखर चंद्र गोल्डर के हवाले से कहा, “हमारे सदस्य अब इसमें रुचि नहीं रखते हैं। इस साल हमें पूजा रोकनी होगी।” विभिन्न पूजा उत्सव समितियों के नेताओं को दिए गए पत्रों में यह भी कहा गया है कि अनुपालन न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। शुक्रवार को चार मंदिरों के प्रतिनिधियों ने डाकोप पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज कराया। डेली स्टार ने प्रभारी अधिकारी सिराजुल इस्लाम के हवाले से कहा, “हम मामले की जांच कर रहे हैं। हम सेना की टीम के साथ नियमित रूप से गश्त कर रहे हैं।”

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