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युद्ध के दौरान अमेरिका ने इजरायल की करीब 18 बिलियन डॉलर की मदद की, हर हाल में सपोर्ट करता है अमेरिका

नई दिल्ली पिछले साल 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमास के हमले के बाद से मिडिल-ईस्ट में लगातार युद्ध जारी है। इजरायल ने पिछले एक साल में लगातार गाजा को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। दुनिया भर में मानवता की दुहाई देने वाला अमेरिका इन सब हमलों की केवल निंदा करके एक पिता और अच्छे दोस्त की तरह इजरायल सारे गुनाहों को नजरअंदाज करता दिखाई देता है। रिपोर्ट के मुताबिक इस युद्ध के दौरान अमेरिका ने इजरायल की करीब 18 बिलियन डॉलर की मदद की है।  इस मदद के अलावा अमेरिका ने इजरायल में पिछले एक साल में 4.86 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त सैन्य निवेश किया है। इन सब के बावजूद अमेरिका लगातार इजरायल को हमला करने की कोशिश करता है लेकिन इजरायल यह जानते हुए कि अमेरिका हर हाल में उसका सपोर्ट करेगा वह अपनी योजना के अनुसार अपने दुश्मनों पर हमला करता है। हाल ही में इजरायल की  सुरक्षा को लेकर अमेरिका के वर्तमान विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकेन ने कहा कि हम हर हाल में इजरायल की सुरक्षा करेंगे। अमेरिका का इजरायल को दिए बिना शर्त समर्थन के पीछे एक नहीं कई कारण नजर आते हैं। अमेरिका की मजबूत यहूदी लॉबी, अमेरिकी राजनेताओं के परिवारों से यहूदी परिवारों के रिश्ते और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी हितों की रक्षा करने वाला इजरायल इनमें सबसे बड़े कारण हैं। यहां तक की अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन के तीनों बच्चों की शादी यहूदी परिवारों में हुई है वहीं कमला हैरिस के पति भी यहूदी ही है। लेकिन इससे इतर यहूदी परिवारों का अमेरिका की आंतरिक राजनीति में जबरदस्त प्रभाव है, जो कि अमेरिका को और ज्यादा प्रो इजरायल होने के लिए प्रेरित करता है।   इजरायल को 11 मिनट में देश के रूप यूएस ने दी मान्यता 14 मई 1948 को स्टेट ऑफ इजरायल की घोषणा होने के साथ ही केवल 11 मिनट के अंदर अमेरिका के 33 वें राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने प्रेस रिलीज जारी कर इजरायल को एक देश के रूप में मान्यता दे दी थी। इस बात को लेकर एक ऐतिहासिक तथ्य यह भी है कि ट्रूमैन खुद एक यहूदी विरोधी व्यक्ति थे, लेकिन इस घोषणा के कुछ महीने पहले ही ऐडी जैकबसन( एक अमेरिकी यहूदी व्यापारी) के साथ हुई मीटिंग में उन्होंने बनने वाले स्टेट ऑफ इजरायल को अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी थी। हालांकि इजरायल को एक देश के रूप मे स्वीकार करने के बाद भी अमेरिका ने इसको अपना ज्यादा समर्थन नहीं दिया। 1956 में जब इजरायल ने अपने पश्चिमी मित्रों के साथ मिलकर स्वेज नहर पर कंट्रोल के लिए इजिप्ट पर हमला कर दिया। लेकिन अमेरिका इन सभी के खिलाफ खड़ा हो गया इससे इन सभी देशों की सेनाओं को वहां से पीछे हटना पड़ा। 1960 में इजरायल ने जब न्यूक्लियर बनाने की कोशिश की थी तो अमेरिका ने इसका मुखर होकर विरोध किया था। इजरायल से अमेरिका की दोस्ती की शुरुआत 1967 में अरब देशों और इजरायल के बीच हुए युद्ध के बाद अमेरिका को इजरायल के रूप में मिडिल ईस्ट में अपना एक पार्टनर दिखा। क्योंकि इजरायल एक मजबूत लोकतंत्र के साथ साथ पश्चिमी देशों का मुख्य सहयोगी भी था। 1973 में जब इजरायल के साथ अरब देशों के साथ एक बार फिर से युद्ध हुआ तो अमेरिका ने इजरायल का पूरा समर्थन किया। सैन्य साजो सामान के साथ-साथ उसने इजरायल को आर्थिक रूप से भी सहायता दी। 1979 में जब ईरान में इस्लामिक क्रांति हुई और पूरे ईरान में अमेरिका विरोधी लहर चलने लगी तो अमेरिका अपनी मिडिल ईस्ट पॉलिसी में इजरायल के ऊपर और भी ज्यादा निर्भर हो गया। इस समय तक कोल्ड वॉर अपने चरम पर था। क्षेत्र में सोवियत प्रभाव को रोकने में इजरायल ने अपनी पूरी ताकत लगाकर अमेरिकी हितों को साधा। अमेरिका ने इजरायल को बनाया खास पार्टनर इसके बाद तो जैसे अमेरिका और इजरायल के रिश्तों को पंख लग गए। रीगन के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने तक अमेरिका हर साल इजरायल को 1.8 बिलियन डॉलर की मदद करने लगा। दोनों देश मिलकर एक साथ दुनियाभर का सैन्य साजो सामान बनाने लगे। इसके बदले में इजरायल ने अमेरिका की भरपूर मदद की। लेबनान की राजधानी बेरूत में अमेरिकी जवानों के कैंप पर हमला करके 200 से ज्यादा सैनिकों को मार डाला गया। अमेरिका ने इसके जवाब में इजरायल को खुली छूट दे दी। कुछ ही महीनों में इजरायल की सेना ने अपना बदला लेते हुए आधे लेबनान को रौंध डाला। इसके बाद 21 वीं सदी में अमेरिका और इजरायल के रिश्ते और भी ज्यादा मजबूती के साथ बढ़े। अमेरिका ने गोलन हाइट्स पर इजरायली दावे को स्वीकार कर लिया और यरूशलेम को इजरायल की राजधानी के रूप में भी मान लिया। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका करता है इजरायल की पूरी मदद संयुक्त राष्ट्र संघ आज की तारीख में इजरायल के गाजा और अन्य क्षेत्रों में हमलों के सामने बौना नजर आता है। क्योंकि इजरायल के खिलाफ जब भी कोई प्रस्ताव लाया जाता है तो उसके खिलाफ अमेरिका वीटो कर देता है। अब तक इजरायल को बचाने के लिए अमेरिका 50 से ज्यादा बार वीटो का प्रयोग कर चुका है।  

मैडम देती थीं पैसे का लालच, छत्तीसगढ़-बिलासपुर के स्कूल में मासूम बच्चों से उठवाया दो क्विंटल चावल

बिलासपुरः छत्तीसगढ़ में शिक्षा की बदहाली के कई मामले सामने आ चुके हैं। कप-प्लेट धुलवाने से लेकर पान-गुटखा मंगवाने के कई मामले पहले ही वायरल हो चुके हैं। अब ताजा मामला बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड के प्राइमरी स्कूल का है। यहां का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमें स्कूली बच्चे साइकल पर 50-50किलो की चावल की बोरी ढोकर ले जाते दिख रहे हैं। दरअसल, मस्तूरी विकासखंड के सोन गांव स्थित प्राइमरी स्कूल में मिड डे मील के लिए चावल स्कूली बच्चों से ढुलवाने का मामला सामने आया है। यहां की हेड मास्टर पुष्पा साहू पर बच्चों से काम कराने का आरोप है। साइकिल में चावल लाने वाले छात्रों ने बताया कि चार बार में 50-50 किलो कर 2 क्विंटल स्कूल में लेकर आए। कभी पैसे का लालच तो कभी धमका कर काम स्कूल की हेड मास्टर पर आरोप है कि वह वह स्कूल के बच्चों को कभी पैसे का लालच देकर तो कभी धमकियों का सहारा लेकर चावल ढुलवाने के लिए मजबूर करती है। बच्चों के साइकिल पर चावल ढोते हुए देखकर गांव के कुछ युवकों ने इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। हालांकि इस तरह बच्चों से काम कराने के चलते उनकी पढ़ाई पर प्रभाव पड़ रहा है। हेड मास्टर ने कहा-बदनाम करने की कोशिश वहीं, सोशल मीडिया में वायरल वीडियो को लेकर हेडमास्टर ने कहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए पुराना वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है। वीडियो सितंबर महीने का है जिसे अब शेयर कर उन्हें परेशान करने के लिए कर रहे हैं। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर ब्लाक शिक्षा अधिकारी सोनवानी ने बताया कि मामला पुराना है। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलने पर स्कूल का निरीक्षण किया गया था। मामला सही पाए जाने पर चेतावनी दी गई थी। आपको बता दें कि यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले बिल्हा ब्लाक में बच्चों से कप प्लेट धुलवाने की घटना हुई थी। वहीं, मस्तूरी ब्लाक में ही प्यून के द्वारा बच्चों से पान-गुटखा मंगवाने का मामला सामने आया था।

छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने किया परियोजनाओं का बचाव, ‘जंगलों पर किया जा रहा अतिक्रमण’

रायपुर: छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने राज्य में कोयला खनन एवं अन्य विकास परियोजनाओं का बचाव करते हुए कहा कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए यह सब आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाघ अभ्यारण्यों के मुख्य क्षेत्रों से गावों के स्थानांतरण में तेजी लाने के केंद्र सरकार हाल के निर्देशों के अनुरूप कानून का सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। जैव विविधता से भरपूर हसदेव अरण्य वन में कोयला परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई के खिलाफ विरोध के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने स्वीकार किया कि कुछ लोगों ने कोयला खनन और अन्य विकास परियोजनाओं का विरोध किया है, लेकिन जोर देकर कहा कि अधिकतर लोगों ने इनका समर्थन किया है। उन्होंने कहा, ‘‘संसाधनों से भरपूर इस क्षेत्र के लोग कब तक गरीब रहेंगे? विकास और ऊर्जा समान रूप से महत्वपूर्ण है। लोगों को रोजगार चाहिए। हां, अगर पेड़ काटे जाते हैं, तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि उस नुकसान की भरपाई की जाए। हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रभावित समुदायों के स्वास्थ्य और आजीविका की रक्षा की जाए।’’ कोयले का तीसरा सबसे बड़ा भंडार ऐसी परियोजनाओं के लिए ग्राम सभा की सहमति के मुद्दे पर कश्यप ने कहा, ‘‘कानून ग्राम सभाओं को ‘इनकार’ करने की शक्ति देता है। कुछ मामलों में, उन्होंने इस शक्ति का इस्तेमाल किया है, लेकिन ज़्यादातर मामलों (कोयला खनन और अन्य परियोजनाओं) में समर्थन किया है।’’ छत्तीसगढ़ में 57 अरब टन कोयला भंडार है और यह झारखंड एवं ओडि़शा के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। मध्यप्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के बाद ओडिशा सबसे बड़े वन क्षेत्र वाला तीसरा राज्य है और इसके कुल भौगोलिक क्षेत्र का 44 प्रतिशत से अधिक हिस्सा वनों से ढका हुआ है। हसदेव क्षेत्र दिल्ली से बड़ा छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में हसदेव अरण्य कोयला क्षेत्र में तीन समीपवर्ती कोयला ब्लॉक स्थित हैं । इसमें परसा, परसा ईस्ट केंटे बसन (पीईकेबी), और केंटे एक्सटेंशन कोल ब्लॉक (केईसीबी)। तीनों कोयला ब्लॉक राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को आवंटित किए गए हैं। हसदेव अरण्य वन 1,70,000 हेक्टेयर में फैला हुआ है। यह वन क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से भी बड़ा है। भारतीय खान ब्यूरो के अनुसार, इस वन में 5,179.35 मिलियन टन कोयला भंडार है। जनवरी में, राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने पीईकेबी कोयला खनन परियोजना के दूसरे चरण के लिए पेड़ों की कटाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का स्वत: संज्ञान लिया और राज्य वन विभाग से रिपोर्ट मांगी। विभाग ने अपने जवाब में कहा कि पेड़ों की कटाई ‘‘केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा दी गई मंजूरी और अनुमति का सख्ती से पालन करते हुए’’ की जा रही है। इसमें कहा गया है कि पीईकेबी कोयला ब्लॉक 1,898 हेक्टेयर वन भूमि को कवर करता है। 762 हेक्टेयर में फैले पहले चरण का खनन पूरा हो चुका है, और शेष 1,136 हेक्टेयर में दूसरे चरण का काम चल रहा है। स्थानीय ग्रामीण कर रहे हैं विरोध स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के बीच अगस्त के अंत में दूसरे चरण के लिए पेड़ों की कटाई फिर से शुरू हुई। जुलाई में, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने संसद को सूचित किया कि हसदेव अरण्य वन में कोयला खनन के लिए पहले ही 94,460 पेड़ काटे जा चुके हैं, और आने वाले वर्षों में 2.73 लाख से अधिक पेड़ काटे जाने हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘खान पुनर्ग्रहण और स्थानांतरण’’ के लिए मुआवजे के रूप में कुल 53,40,586 पौधे लगाए गए हैं, जिनमें से 40,93,395 पौधे विकसित हो गए हैं। बाघ अभयारण्यों के मुख्य क्षेत्रों से गांवों के स्थानांतरण के केंद्र के निर्देश को लेकर कश्यप ने कहा, ‘‘हम कानून के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ प्रयास कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि लोग पहले जंगलों में वन्यजीवों के साथ सद्भाव से रहते थे, लेकिन अब यह मनोवृत्ति बदल गई है। उन्होंने कहा, ‘‘बाघ मेरी दादी के घर से कुछ मीटर की दूरी पर घूमते थे। मनुष्य और जानवर अपनी सीमाओं को जानते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थिति बदल गई है।’’ जंगलों का किया जा रहा है अतिक्रमण उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है कि जंगलों पर अतिक्रमण किया जा रहा है, जिससे जंगल में संतुलन बिगड़ रहा है और मानव-वन्यजीव संघर्ष को बढ़ावा मिल रहा है।’’ राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने 19 जून को एक आदेश जारी किया, जिसमें वन अधिकारियों को 54 बाघ अभयारण्यों के मुख्य क्षेत्रों में स्थित 591 गांवों से 64,801 परिवारों के पुनर्वास में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। छत्तीसगढ़ के अचानकमार और उदंती-सीतानदी सहित कई बाघ अभयारण्यों में आदिवासी समुदायों ने वन अधिकार अधिनियम के तहत अपने अधिकारों का दावा करते हुए निर्देश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

बांग्लादेश में दुर्गा पूजा को लेकर कट्टरपंथियों की धमकी के बाद हिंदू डरे हुए

ढाका  बांग्लादेश में दुर्गा पूजा को लेकर कट्टरपंथियों की धमकी के बाद हिंदू डरे हुए हैं। इसके चलते बांग्लादेश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय में दुर्गा पूजा को लेकर जोश फीका पड़ गया है। बांग्लादेश में हिंसा की बढ़ती घटनाओं के बीच ढाका में राम कृष्ण मिशन ने इस साल कुमारी पूजा नहीं मनाई है। इसके बाद मिशन ने मुख्य पूजा को खुले में न करने का फैसला किया है। यह पूजा अब सभागार के अंदर ही मनाई जाएगी।   अपनी रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी है। ढाका में अल्पसंख्यकों के लिए काम करने वाले एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने नाम न बताने की शर्त पर TNIE को बताया कि ‘कट्टरपंथियों ने किसी भी तरह के साउंड का इस्तेमाल न करने की चेतावनी जारी की है। इससे पूरे देश में हिंदू डरे हुए हैं।’ कार्यकर्ता ने बताया कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए राम कृष्ण मिशन में दुर्गा पूजा सभागार के अंदर आयोजित की जाएगी। कट्टरपंथियों के साथ अंतरिम सरकार बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने दुर्गा पूजा के दौरान माइक न लगाने के साथ ही किसी भी तरह के संगीत वाद्ययंत्र के इस्तेमाल को लेकर भी धमकी दी है। पूजा समितियों को पंडाल लगाने के लिए 5 लाख टका फिरौती के रूप में देने की मांग की जा रही है। इन कट्टरपंथियों को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की मौन सहमति मिली हुई है। कुछ दिन पहले ही बांग्लादेश के गृह मंत्री ने भी इसी के सुर में सुर मिलाते हुए हिंदुओं से दुर्गा पूजा में नमाज के पहले साउंड और पूजा रोकने की बात कही थी। हिंदुओं के खिलाफ हिंसा 5 अगस्त को शेख हसीना के ढाका छोड़ने के बाद से बांग्लादेश के कुल 72 में से 62 जिलों में हिंदुओं को निशाना बनाकर 2010 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसमें हिंदू समुदाय के घरों, पूजा स्थलों और कार्य स्थलों पर तोड़फोड़ और भीड़ द्वारा हत्या तक शामिल है। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार ने आगामी त्योहार के दौरान पूजा पंडालों और हिंदुओं की सुरक्षा का आश्वासन दिया है, लेकिन यह सब दिखावा है। किसी भी आरोपी को न हिरासत में लिया गया है और न ही गिरफ्तार किया गया है। बांग्लादेश में घट रहे हिंदू बांग्लादेश में शेख हसीना के जाने के बाद अल्पसंख्यकों पर संकट खड़ा हो गया है। मौजूदा शासन हिंदुओं को अवामी लीग का समर्थक मानता है और उनके खिलाफ अत्याचारों पर आंख मूंदे हुए है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की यह कहानी नई नहीं है। 1971 में जब बांग्लादेश के गठन के समय देश में हिंदू समुदाय आबादी का 21 प्रतिशत था। अब यह मात्र 8.7 प्रतिशत रह गया है। अल्पसंख्यक कार्यकर्ता ने कहा कि लगता है कि मौजूदा शासन नहीं चाहता कि बांग्लादेश में कोई अल्पसंख्यक रह जाए।

मालदीव में भी अब चलेगा भारत का RuPay कार्ड

नई दिल्ली मालदीव में RuPay कार्ड से भुगतान की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू इस तरह के पहले लेनदेन के गवाह बने। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले मालदीव में RuPay कार्ड लॉन्च किया गया। आने वाले समय में भारत और मालदीव UPI के जरिए जुड़ जाएंगे। इसके अलावा दोनों ने मालदीव में हनीमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। भारत ने उसके सहयोग से निर्मित 700 से अधिक सामाजिक आवास इकाइयां भी मालदीव को सौंपीं। इसके साथ भारत और मालदीव के बीच कई अहम समझौते हुए। सभी फैसले, शिलान्यास और उद्घाटन पीएम मोदी और मोइज्जू की हैदराबाद हाउस में बैठक के बाद लिए गए। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और मालदीव के संबंध सदियों पुराने हैं। भारत मालदीव का सबसे करीबी पड़ोसी और घनिष्ठ मित्र देश है। हमारी नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी और सागर विजन में मालदीव का महत्वपूर्ण स्थान है। हमने रक्षा और सुरक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। एकथा हार्बर प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है। इंडियन ओसियन रीजन में स्थिरता और समृद्धि के लिए हम मिलकर काम करेंगे। कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव में फाउंडिंग मेंबर के रूप में जुड़ने के लिए मालदीव का स्वागत है।

नक्सलियों के खिलाफ सफल अभियान के लिए अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय की तारीफ की

नई दिल्ली/रायपुर देश के नक्सल प्रभावित राज्यों में जारी नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों पर एक अहम बैठक आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक का केंद्र बिंदु छत्तीसगढ़ का हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ नक्सल विरोधी ऑपरेशन था, जिसमें राज्य की पुलिस ने 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ पुलिस की कुशल रणनीति और राज्य सरकार की योजनाओं की सफलता पर विशेष चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानंद राय तथा छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उनकी टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों ने लगभग 194 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराए हैं। वहीं 801 नक्सली गिरफ्तार हुए एवं 742 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है। उन्होंने कहा आज भी जो युवा नक्सलवाद में लिप्त है उनसे आग्रह है कि हथियार छोड़ कर मुख्य धारा से जुड़े। सभी राज्यों ने आपके पुनर्वास के लिए बेहतर योजनाएं बनाई हैं उसका फायदा लीजिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में नक्सल ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने महीनों की मेहनत और प्लानिंग के बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। ऑपरेशन में करीब 1000 जवान शामिल थे, जिन्होंने 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित गवाड़ी पहाड़ को घेरकर 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में कई बड़े नक्सली नेता मारे गए, जिनमें 16 पर कुल 1 करोड़ 30 लाख का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में 18 पुरुष और 13 महिला नक्सली मारे गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि कैसे राज्य की पुलिस फोर्स ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। मुख्यमंत्री ने बैठक में केवल ऑपरेशन की सफलता पर ही नहीं, बल्कि राज्य में चल रहे विकास कार्यों पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ाई गई है। हम निरंतर गाँवों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुंचा रहे हैं, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।” श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  के लगातार मिल रहे मार्गदर्शन में हमने माओवादियों के कोर को तोड़ा। ऐसे एरिया में हमने 32 नये कैम्प स्थापित किये हैं, जिसे वो अपनी राजधानी तक कहते थे। उनकी बटालियन के कमांडर हिड़मा के गाँव में भी हमने कैंप स्थापित किया और उसकी माँ को भी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई। भविष्य की योजनाओं और लक्ष्य की दी जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सरकार की आगे की योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य नक्सलियों के बचे हुए गढ़ों को समाप्त करना और इन इलाकों में स्थाई शांति और विकास सुनिश्चित करना है। निकट भविष्य में, दक्षिण बस्तर में 29 नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जाएगी, ताकि नक्सलियों के प्रभाव को खत्म किया जा सके। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा केंद्र हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में हुए सफल ऑपरेशन की तारीफ करते हुए अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे भी छत्तीसगढ़ की खुफिया तकनीकी और आपसी समन्वय के आधार पर अपने अपने राज्यों में ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए पूरा समर्थन देगी।

कवर्धा में गौ माता के अंतिम संस्कार का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर हो रहा वायरल

कवर्धा छत्तीसगढ़ की धर्म नगरी कवर्धा में गौ माता के अंतिम संस्कार का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है. दरअसल आज सुबह गौ पालक राजू पाण्डेय के यहां लंबे समय से अस्वस्थ एक गाय का निधन हो गया. परिवार वाले और मोहल्लेवासियों ने बाजे-गाजे के साथ मृत गाय की अंतिम यात्रा निकाली और विधि विधान से अंतिम संस्कार भी किया. गाय की अंतिम यात्रा में न केवल गौ पालक राजू पाण्डेय का परिवार शामिल हुआ बल्कि पूरे मोहल्लेवासी भी शामिल हुए. मोहल्लेवासियों ने नम आंखों से गौ माता को विदाई दी. इस दौरान गाय के प्रति लोगों का प्रेम और सम्मान इस कदर देखने को मिला कि कइयों की आंखें नम हो गई.

जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का लगाया आरोप, छत्तीसगढ़-बीजापुर के जिला शिक्षा अधिकारी पर नपा उपाध्यक्ष गुस्साए

बीजापुर. बीजापुर नगर पालिका परिषद बीजापुर के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम सल्लूर ने रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि बीजापुर जिले में लोकतांत्रिक रूप से जनता द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों को शासकीय कार्यक्रमों से लगातार दरकिनार किया जा रहा है, जो कि ग़लत है। नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम सल्लूर ने विज्ञप्ति में कहा कि बीजापुर जिले के अंतर्गत जनता के द्वारा संवैधानिक रूप से चुने हुए जनप्रतिनिधि को बुला सल्लूर ने कहा कि सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष, जनपद उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पालिका उपाध्यक्ष और पार्षद के होते हुए भी जिले के स्वामी आत्मानंद अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल बीजापुर, पोटाकेबिन छात्रावास बीजापुर और कन्या हाई स्कूल नैमेड में प्रशासन द्वारा आयोजित सायकल वितरण कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को बुलाना उचित नहीं समझा और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों जो संवैधानिक पदों पर आसीन है उनकी उपेक्षा करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय कार्यक्रम में बीजापुर की प्रबुद्ध जनता द्वारा नकारे गए और चुनाव में हारे हुए भाजपा के नेता, कार्यकर्ता और सदस्यों को बुला लिया और उनका महिमा मंडन करने लगे। इस तरह जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय कार्यक्रमों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमत्रण न दे कर एक नई परंपरा की शुरुआत करने में लगे हुए है जो कि लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। नपा उपाध्यक्ष ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जिले में निर्वाचित जनप्रनिधियों की शासकीय कार्यक्रमों से हो रही उपेक्षा की जांच किया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो अन्यथा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की हो रही उपेक्षा के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहुंचे इंदौर, दीक्षा समारोह में की शिरकत

इंदौर  पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इंदौर में श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय का दीक्षा समारोह शामिल होने पहुंचे। इस दौरान सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। समारोह में स्नातकोत्तर और स्नातक कोर्स के 1426 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जा रही है। 19 पीएचडी शोधार्थी को उपाधि दी जा रही है। 15 उत्कृष्ट विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। समारोह में कुलाधिपति पुरुषोत्तमदास पसारी और कुलगुरु डॉ. उपेंद्र धर सहित गवर्निंग बॉडी के मानद सदस्य, संस्थानों के प्रमुख भी मौजूद हैं। अंतर कक्षा स्तरीय युवा उत्सव 17 से, 22 विधाओं में होंगी प्रतियोगिताएं 2024-25 सत्र के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने युवा उत्सव को लेकर विश्वविद्यालय को तैयारी शुरू करने पर जोर दिया है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने इस संबंध में युवा उत्सव का शेड्यूल जारी कर दिया है। पहले चरण में अंतर कक्षा स्तर पर प्रतियोगिताएं रखी हैं, जो 17 से 19 अक्टूबर के बीच करवाई जाएंगी। तीन दिवसीय उत्सव में 22 विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें रंगोली, पोस्टर मेकिंग, वाद-विवाद, भाषण, एकल नृत्य, एकल गान, समूह नृत्य, समूह गान, नुक्कड़ नाटक, पाश्चात्य संगीत सहित कई विधाएं शामिल हैं। प्रत्येक कक्षा की अलग-अलग टीम कॉलेजों को बनानी होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सरकारी कॉलेजों की मदद से निर्णायक समिति भी बनाई है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दायरे में आने वाले 160 कालेज और क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय से जुड़े 80 कालेजों में प्रतियोगिता करवाई जाएगी। विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संघ ने बीते दिनों कालेजों की बैठक करवाई थी। इंदौर में न्यू जीडीसी कॉलेज, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, धार, बड़वानी जिले में शासकीय कन्या महाविद्यालय, आलीराजपुर और बुरहानपुर में शासकीय महाविद्यालय को प्रतियोगिता करवाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इन कॉलेजों को प्रतियोगिता करवाने के बाद विजेता टीम की जानकारी विश्वविद्यालय को भेजनी है। छात्र कल्याण संघ के अध्यक्ष डॉ. एलके त्रिपाठी का कहना है कि युवा उत्सव में राष्ट्रीय भावना व सामाजिक सद्भाव को ध्यान में रखकर विद्यार्थियों को प्रस्तुति देनी होगी। अंतर महाविद्यालय जिला स्तरीय 11 से 13 नवंबर और अंतर जिला युवा उत्सव 5 से 7 दिसंबर तक रखा गया है। अंतर विश्वविद्यालय राज्य स्तरीय आयोजन 18 से 20 जनवरी 2025 तक होगा।

हाईकोर्ट ने दिखाई संवेदनशीलता, महिला की याचिका पर सुनवाई के लिए समय से पहले खुला कोर्ट

बिलासपुर हाईकोर्ट ने अर्जेंट हियरिंग के एक मामले में संवेदनशीलता दिखाई है. बेघर महिला की याचिका पर सुनवाई के लिए कोर्ट समय से पहले खुला. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई हुई. दुर्ग की महिला ने अर्जेंट हियरिंग की मांग की थी. क्योंकि थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद महिला का पति लापता है. दुर्ग पुलिस प्रशासन ने बिना चेतावनी महिला के घर को सील कर दिया है. महिला ने सील बंद घर को खुलवाने याचिका लगाई है. कोर्ट ने दुर्ग आईजी को नोटिस कर जल्द सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं. दुर्ग निवासी उषा कौर ने पुलिस द्वारा सीलबंद किए गए घर को खुलवाने की हाईकोर्ट से गुहार लगाई. याचिकाकर्ता ने कहा- जिस घर को पुलिस ने सील कर दिया है वहां वह अपने परिवार के साथ रहती हैं. घर सील होने के कारण वह और परिवार के सदस्य बेघर हो गए हैं. याचिकाकर्ता ने 30.09.2024 को पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग को आवास गृह का सील खोलने और गुमशुदा पति की खोजबीन करने के लिए अभ्यावेदन भी दिया था, लेकिनअब तक मामला लंबित है. दरअसल, एक मामले में याचिकाकर्ता के पति का नाम अन्य व्यक्तियों के साथ एफआईआर में दर्ज है. एफआईआर दर्ज होने के बाद से वह लापता हैं. मामले की सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया, कि पुलिस ने याचिकाकर्ता के पति को गिरफ्तार नहीं किया है. जब याचिकाकर्ता के पति की एक मामले में संलिप्तता पाई गई तब पूछताछ करने के उद्देश्य से पुलिस याचिकाकर्ता के घर गई थी, तो घर में ताला लगा था, इसलिए पुलिस ने उसे सील कर दिया है. अर्जेंट हियरिंग की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने आईजी दुर्ग को नोटिस जारी किया, और याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का शीघ्र सुनवाई कर इस पर निर्णय देने कहा है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दुर्ग आईजी से संपर्क कर अभ्यावेदन पेश करने कहा है.

4 सेकेंड में A से Z तक टाइपिंग का रिकॉर्ड किया अपने नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज कराया

पन्ना पन्ना-जिले में प्रतिभाओं की कमीं नही है। नगर के मध्यमवर्गीय परिवार से 14 वर्षीय बालक सक्षम नामदेव ने साबित कर दिखाया है। महज 4 सेकेंड में A से Z तक टाइपिंग का रिकॉर्ड बनाकर अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज करा कर पन्ना जिले सहित समूचे प्रदेश का नाम किया रोशन। पन्ना नगर के निवासी सक्षम नामदेव की अपने पिता से अलग अपनी मां लक्ष्मी नामदेव के साथ रहते थे। मां सिलाई कर भगवान जुगलकिशोर जी के पकड़े बनाती है और पढ़ाई का खर्च उठाती हैं। फिलहाल सक्षम 11वीं में पढ़ाई कर रहा है। पढ़ाई के साथ साथ अपने मामा राहुल नामदेव की इंटरनेट कैफे में सहयोग करता है। इसी बीच सक्षम ने वह कर दिखाया जिसे सुन सब हैरान रह गए। सक्षम ने महज 4 सेकेंड में अल्फाबेट A से Z तक टाइप कर रिकार्ड बनाया है। जिसके लिए उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। दरअसल सक्षम शुरुआत से ही तेज टाइपिंग करते रहे हैं। सक्षम की कुशलता को देखते हुए मामा ने इंडिया बुक में रिकॉर्ड दर्ज करने की तैयारियों की सलाह दी। मात्र 1 माह में ही सक्षम नामदेव ने आपके लक्ष्य को हासिल कर 4 सेकेंड में ही a से z तक विथ स्पेश टाइपिंग कर यह मुकाम हासिल किया है। यह रिकॉर्ड उनको ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 6 अगस्त को मिला है। भारत के 14 वर्ष की आयु में रिकॉर्ड बनाने वाले पहले बच्चे बन गए हैं। इस सफलता पर रिश्तेदारों ने भी बधाइयां देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। मामा ने टाइपिंग सिखाई सक्षम नामदेव ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इस सफलता का श्रेय मेरे मामा राहुल नामदेव को जाता है। उन्होंने ने ही मुझे अच्छी स्पीड से टाइपिंग करना सिखाया और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में पार्टिसिपेट करने में सहयोग किया। इंट्रेस्ट से मिली सफलता मामा राहुल नामदेव ने बताया कि बच्चे के इंट्रेस्ट को देखते हुए तैयारियां कराई और कम समय में सक्षम ने सफलता अर्जित की है। पहले मई के महीने में इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज कराने के लिए अप्लाई किया था। मई माह में ही मिल गया था। लेकिन बुक का प्रिंट उल्टा होने के कारण वापस रिवर्ट कर दिया था। दोबारा अगस्त माह की 6 तारीख को दर्ज हुआ था और सितंबर में पोस्ट के माध्यम से पुरस्कार घर आया है।  

महू में नवरात्रि गरबा आयोजन में, वर्ग विशेष के युवक के आने से विवाद हो गया, जमकर हुई पत्थरबाजी

 महू  मध्य प्रदेश के महू में गरबा को लेकर माहौल गरम हो गया है। महू तहसील स्थित आंबेडकर विश्वविद्यालय में रविवार को विद्यार्थियों के गरबा आयोजन में वर्ग विशेष के युवक के आने से विवाद हो गया। इसके बाद उनकी युवक से जमकर मारपीट भी हुई। उसके बाद पथराव भी हुआ,जिसमें दो युवक घायल हुए हैं। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद है। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को विश्विद्यालय के विद्यार्थियों ने गरबा कार्यक्रम आयोजित किया था। यह कार्यक्रम विश्विद्यालय मुख्य गेट के पास बने मैदान में हो रहा था। इस दौरान बजरंग दल को सूचना मिली कि गरबा में वर्ग विशेष के युवक भी शामिल हुए हैं।

विदेश मंत्री जयशंकर नेUN के पुराने ढर्रे की जमकर आलोचना की, बोले इसी रवैये से देशों ने खुद ही कदम उठाने शुरू कर दिए

नई दिल्ली  जमाने की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरे तो इंसान हो या संस्थान, हिकारत ही झेलता है। और यही हाल है संयुक्त राष्ट्र का। दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत आज इस हालत में पहुंच गई है कि इसकी उपयोगिता पर उठे सवालों की जड़ें लगातार गहरी हो रही हैं। विश्व जब आज बहुध्रुवीय अवस्था में कहीं युद्ध तो कहीं युद्ध जैसे हालात का सामाना कर रहा है तो संयुक्त राष्ट्र का मूकदर्शक बनकर ठिठके रहना इस संस्था के निष्प्रभावी होने का पर्याप्त संकेत है। यही वजह है कि भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र को एक पुरानी कंपनी करार दे दिया जो बाजार से कदमताल तो नहीं मिला पा रही है, लेकिन जगह घेर रखी है। संयुक्त राष्ट्र की तुलना पुरानी कंपनी से जयशंकर ने यूएन की आलोचना करते हुए कहा कि यह एक पुरानी कंपनी की तरह है जो बाजार के साथ पूरी तरह से नहीं चल पा रही है, लेकिन जगह घेरे हुए है। कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन में एक बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में दो बहुत ही गंभीर संघर्ष चल रहे हैं। और इन पर संयुक्त राष्ट्र की भूमिका क्या है? विदेश मंत्री ने कहा, ‘निश्चित रूप से एक दर्शक की।’ उन्होंने अमेरिकी चुनावों के संभावित नतीजों पर एक सवाल के जवाब में कहा कि अमेरिका ने भू-राजनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण में वास्तविक बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि नवंबर में चाहे जो भी नतीजे हों, इनमें से कई रुझान आने वाले दिनों में तेज होंगे। कौटिल्य इकनॉमिक कॉन्क्लेव में बोले जयशंकर जयशंकर ने ‘भारत और दुनिया’ विषय पर आयोजित इंटेरेक्टव सेशन में भाग लिया और बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच भारत की भूमिका और चुनौतियों के बारे में बात की। जयशंकर ने श्रीलंका जैसे अपने पड़ोसी देशों के साथ-साथ अन्य देशों की मदद के लिए उठाए गए कुछ कदमों की चर्चा की। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अपनी आगामी पाकिस्तान यात्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने फिर से अपने पाकिस्तानी समकक्ष के साथ किसी भी द्विपक्षीय बातचीत से इनकार किया। पाकिस्तान दौरे को लेकर क्लियर कट जयशंकर ने कहा, ‘मैं वहां एक खास काम, एक खास जिम्मेदारी के लिए जा रहा हूं। चूंकि मैं अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेता हूं इसलिए मैं एससीओ मीटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए वहां जा रहा हूं, और बस यही करने जा रहा हूं।’ विदेश मंत्री ने शनिवार को भी कहा था कि वह बहुपक्षीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने इस्लामाबाद जा रहे हैं, न कि भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा करने। संयुक्त राष्ट्र की कड़ी आलोचना बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने विश्व निकाय के बारे में काफी आलोचनात्मक नजरिया पेश किया।उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र एक तरह से एक पुरानी कंपनी की तरह है, जो बाजार के साथ पूरी तरह से नहीं चल पा रही है, लेकिन जगह घेरे हुए है। और, जब यह समय से पीछे होता है, तो इस दुनिया में आपके पास स्टार्ट-अप और इनोवेशन होते हैं, इसलिए अलग-अलग लोग अपनी चीजें खुद करने लगते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘तो आज आपके पास संयुक्त राष्ट्र है, हालांकि कामकाज में कितना भी दोयम दर्जे का क्यों न हो, यह अभी भी एकमात्र वैश्विक पंचायत है।’ विदेश मंत्री ने कहा, ‘लेकिन, जब यह प्रमुख मुद्दों पर आगे नहीं बढ़ पाता है तो देश इसे करने के अपने-अपने तरीके खोज लेते हैं। उदाहरण के लिए, पिछले पांच-दस वर्षों को ही ले लीजिए, शायद हमारे जीवन में सबसे बड़ी चीज जो हुई वह थी कोविड। संयुक्त राष्ट्र ने कोविड पर क्या किया? मुझे लगता है कि जवाब है- बहुत ज्यादा नहीं।’ जयशंकर ने कहा, ‘आज दुनिया में दो संघर्ष चल रहे हैं, दो बहुत ही गंभीर संघर्ष, उन पर संयुक्त राष्ट्र कहां है, बस एक दर्शक की मुद्रा में।’ यूएन की निष्क्रियता से खुद फैसले लेने लगे देश इससे हो यह रहा है कि सभी ने अपने-अपने हिसाब से कदम उठाए, जैसे कि कोवैक्स जैसी पहल जो कई देशों के एक समूह ने की थी। उन्होंने कहा, ‘जब अब बड़े मुद्दों पर कुछ करने को लेकर सहमत होने वाले देशों के समूह बढ़ रहे हैं।’ उन्होंने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी), ग्लोबल कॉमन्स की देखभाल के लिए इंडो-पैसिफिक में क्वाड, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) और आपदा प्रतिक्रियाशील अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) जैसी संपर्क पहलों का हवाला देते हुए कहा कि ये सभी निकाय संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के बाहर आए हैं। जयशंकर ने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र तो रहेगा, लेकिन संयुक्त राष्ट्र से इतर का स्थान भी तेजी से तैयार हुआ है जो सक्रिय है और मुझे लगता है कि यह संयुक्त राष्ट्र पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।’ संयुक्त राष्ट्र में सुधार की जरूरत लेकिन हो नहीं रहे जयशंकर ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि यूएनएससी के पांच स्थायी सदस्यों का अदूरदर्शी दृष्टिकोण वैश्विक निकाय के लंबे समय से लंबित सुधार में आगे बढ़ने से रोक रहा है। पांच स्थायी सदस्य रूस, यूके, चीन, फ्रांस और अमेरिका हैं और ये देश किसी भी वास्तविक प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं। जयशंकर से अमेरिकी चुनावों के संभावित नतीजे और नई सरकार के साथ भारत कैसे जुड़ेगा, इस बारे में भी सवाल किया गया। इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘पिछले पांच वर्षों पर गौर करें तो पता चलेगा कि ट्रंप प्रशासन की कई नीतियां वास्तव में न केवल बाइडेन प्रशासन ने आगे बढ़ाई गईं बल्कि उन्होंने उन नीतियों का विस्तार किया।’ उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह बात समझ आ गई है कि जिस व्यवस्था को उसने कई साल पहले खुद तैयार किया था, वह अब उस हद तक उसके फायदे के लिए काम नहीं करती है।’ संयुक्त राष्ट्र की वेबसाइट के अनुसार, अपनी स्थापना के 75 से अधिक वर्षों के बाद संयुक्त राष्ट्र अभी भी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने, जरूरतमंदों को मानवीय सहायता देने, मानवाधिकारों की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था कायम रखने के लिए काम कर रहा है। भारत बदलते समय के साथ तालमेल बिठाते हुए संयुक्त राष्ट्र और इसकी सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधारों की मांग करता रहा है।

चंदा देवी मल्टीस्पेशयलिटी हाॅस्पिटल के नवीन भवन का विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया लोकार्पण

बलौदाबाजार जिले में स्वास्थ्य सेवा में अग्रणी चंदा देवी मल्टीस्पेशयलिटी हाॅस्पिटल के नवीन भवन का आज पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने लोकार्पण किया एवं तिवारी परिवार को बधाई शुभकामनाएं दी. इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अमर अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं डाॅक्टर उपस्थित थे. इस अवसर पर अम्बिकापुर से बायरोड रायपुर और वहां से बलौदाबाजार पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री का डाॅ. रमन सिंह ने नाड़ी देखकर स्वास्थ्य जांच भी किया और कहा सब कुछ ठीक है. बलौदाबाजार पहुंचने पर डाॅ. रमन सिंह का चंदा देवी हाॅस्पिटल के डायरेक्टर डाॅ. प्रमोद तिवारी, डाॅ. नितिन तिवारी, डाॅ. गीतिका शंकर तिवारी, पूर्व आयुक्त गणेश शंकर मिश्रा सहित तिवारी परिवार ने स्वागत किया. इसके बाद डाॅ. रमन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर लोकार्पण किया. डाॅ. रमनसिंह ने कहा कि चंदा देवी हाॅस्पिटल पूर्व विधायक बंशराज तिवारी द्वारा स्थापित है, जो सन 2001 से निरंतर लोगों को स्वास्थ्य सेवा दे रहा है. अब यह 180 बिस्तर के साथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ क्षेत्र सहित प्रदेश वासियों को सेवा देने जा रहा है. मैं पूरे तिवारी परिवार को बधाई शुभकामनाएं देता हूं. डाॅ. नितिन तिवारी डायरेक्टर चंदा देवी मल्टीस्पेशयलिटी हाॅस्पिटल ने कहा कि हम और हमारा परिवार स्वास्थ्य सेवा में श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम सेवा देने अग्रसर है. यह हमारे पूज्य बाबूजी स्व. पंडित बंशराज तिवारी, पिताजी डाॅ. प्रमोद तिवारी का सपना था कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दें, जो आज पूरा हुआ है. आज इसका शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह सहित अतिथियों ने किया है. डाॅ. गीतिका शंकर तिवारी डायरेक्टर चंदा देवी हास्पिटल ने क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त किया और कहा कि लगभग 35 वर्षों से हमारा परिवार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देते आ रहा है. आज हम इसमें और विस्तार किए हैं. मैं सभी को धन्यवाद देती हूं और विश्वास दिलाते हैं कि आगे और बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएंगे.

अमित शाह से 6 राज्यों के सीएम करेंगे सीक्रेट मीटिंग, छत्तीसगढ़-सीएम विष्णुदेव साय दिल्ली दौरे पर

रायपुर/दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय रविवार को दिल्ली दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। सीएम आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक में हिस्सा लेंगे। अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने की घोषणा की है। ऐसे में शाह नक्सलवाद के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। अमित शाह 6 राज्यों के सीएम के साथ चर्चा करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- “जब से हम लोग सरकार में आए हैं नक्सलवाद के साथ मजबूती से लड़ रहे हैं। कल एक बैठक गृह मंत्री अमित शाह के साथ है। जितने भी नक्सल से प्रभावित राज्य हैं वहां के मुख्यमंत्री और DGP के साथ बैठक होने वाली है।” अमित शाह ने सीएम से की थी चर्चा बता दें कि शुक्रवार को अमित शाह ने सीएम विष्णुदेव साय से बात की थी। अमित शाह ने दंतेवाड़ा-नारायणपुर जिले के बॉर्डर पर हुए मुठभेड़ की जानकारी ली थी और आगे की कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए थे। बता दें कि आमित शाह अगस्त महीने में छत्तीसगढ़ दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने नक्सल प्रभावित राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने कहा था कि अब नक्सलियों के खिलाफ रणनीति बनाकर अंतिम प्रहार करने का समय आ गया है। शाह ने कहा था कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा। दंतेवाड़ा में हुआ था बड़ा एनकाउंटर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले में सीमा पर जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए थे। छत्तीसगढ़ में अभी तक का यह सबसे बड़ा नक्सली ऑपरेशन था। मारे गए नक्सलियों में 18 पुरुष और 13 नक्सली थे। मारे गए नक्सलियों में से 16 की पहचान हो गई थी। जिसने ऊपर 1 करोड़ 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। नक्सलियों के शव के पास से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार बरामद हुए थे।

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