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हिज्बुल्लाह के खात्मे तक चलता रहेगा ऑपरेशन, 10 हजार इजरायली सैनिक लेबनान के अंदर

बेरुत इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में 130 कस्बों और गांवों से हिज्बुल्लाह आतंकियों को भगा दिया है. यानी इतनी जगहों पर इजरायल का ग्राउंड ऑपरेशन चल रहा है. इस बीच, उत्तरी सीमा पर हुए एक मोर्टार हमले में दो इजरायली रिजर्व सैनिकों की मौत हो गई है. जिसके बाद इजरायल ने लेबनान में और सैनिकों को भेजने की तैयारी कर ली है. इसका मतलब ये है कि बहुत जल्द लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ प्रचंड युद्ध होगा. इजरायल की मिलिट्री ने और सैनिकों को लेबनान के अंदर ग्राउंड ऑपरेशन के लिए उतारा है. यानी हिज्बुल्लाह आतंकियों के सफाए के लिए लेबनान में भारी गोलीबारी होगी. हिज्बुल्लाह भी इस बीच लगातार उत्तरी इजरायल की तरफ रॉकेट दाग रहा है. वेस्ट बैंक सीमा पर ओरानित में 25 वर्षीय मास्टर सार्जेंट एते अजुले और हेरत इलाके में वारंट ऑफिसर अवीव मेगन मोर्टार हमले में मारे गए. दोनों ही इजरायली डिफेंस फोर्सेस की एलीट 5515 कॉम्बैट मोबिलिटी यूनिट के सदस्य थे. एक तीसरा सैनिक भी बुरी तरह से जख्मी हुआ है. फिलहाल उसका इलाज चल रहा है. हिज्बुल्लाह के खात्मे तक चलता रहेगा ऑपरेशन इजरायल ने सीमित, लोकल और टारगेटेड हमले वाला मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया था. ताकि सीमा के आसपास लेबनान के अंदर मौजूद हिज्बुल्लाह के ठिकानों को खत्म किया जा सके. इसके लिए इजरायल ने पहले ही लेबनानी लोगों को शहर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कह दिया था. इजरायली सेना ने साफ कहा है कि अगर जरूरत बढ़ती रही तो हम सैनिकों की संख्या और मिलिट्री ऑपरेशन की तीव्रता को बढ़ाते रहेंगे. ये काम अगले ही कुछ हफ्तों में हो जाएगा. अभी एकदम ताजा निर्देश अवाली नदी के पास मौजूद दो दर्जन गांवों के लिए है, ताकि वो अपने घरों को खाली करके चले जाएं. 10 हजार इजरायली सैनिक लेबनान के अंदर 6 अक्टूबर 2024 की रात में लेबनान में तीसरी इजरायली डिविजन भी घुस चुकी है. दो डिविजन पहले से मौजूद थी. हजारों इजरायली सैनिक लेबनान में ग्राउंड ऑपरेशन में लगे हैं. इस समय करीब 10 हजार इजरायली सैनिक लेबनान के अंदर ग्राउंड क्लियरेंस में लगे हैं. इजरायली डिफेंस फोर्सेस के 98वें और 36वें डिविजन के सात 91वीं गैलीली रीजनल डिविजन लेबनान के अंदर मिशन कर रही है. गैलीली रीजनल डिविजन ही लेबनान सीमा की सुरक्षा करती आई है. लेबनान के दक्षिणी इलाके में हिज्बुल्लाह के छोड़े हुए हथियारों का बड़ा जखीरा इजरायल को मिला है. इजरायल को आशंका है कि हिज्बुल्लाह फिर से 7 अक्टूबर जैसा हमला करने की साजिश कर रहा है.  

भारत ट्रेकोमा उन्मूलन के क्षेत्र में तीसरा देश बन गया, डब्ल्यूएचओ ने दिया प्रमाण पत्र

नई दिल्ली  आंखों के रोग ट्रेकोमा के उन्मूलन में भारत सरकार ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मंगलवार को भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया में सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में ट्रेकोमा के उन्मूलन के लिए प्रमाण पत्र सौंपा है। इसके साथ ही भारत ट्रेकोमा के उन्मूलन में इस क्षेत्र में तीसरा देश बन गया है। ट्रेकोमा आंखों का एक रोग है जो ‘क्लैमाइडिया ट्रेकोमैटिस’ नामक बैक्टीरिया से संक्रमण की वजह से होती है। संक्रमित व्यक्ति की आंखों और नाक से स्राव होने और उसके संपर्क में आने से यह बीमारी होती है। इस बैक्टीरिया से संक्रमित लोगों की आंखों और नाक के संपर्क में आने वाली मक्खियां भी इसे फैलाती हैं। ट्रेकोमा के मामले अब भी 44 देशों में देखने को मिलते हैं और विश्वभर में 19 लाख लोग इसके कारण दृष्टिहीनता से पीड़ित हैं। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि भारत की सफलता का श्रेय सरकार के मजबूत नेतृत्व और नेत्र रोग विशेषज्ञों तथा स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के अन्य संवर्गों की प्रतिबद्धता को जाता है। उन्होंने सक्रिय ट्रेकोमा की प्रभावी निगरानी, निदान और प्रबंधन, ट्राइकियासिस के लिए शल्य चिकित्सा सेवाओं का प्रावधान तथा समुदायों के बीच जल, स्वच्छता और सफाई, विशेष रूप से चेहरे की सफाई को बढ़ावा देने के लिए भागीदारों के साथ मिलकर काम किया।    

विश्व पिकलबॉल चैम्पियनशिप 12 से17 नवंबर तक मुंबई में

मुंबई  अखिल भारतीय पिकलबॉल संघ (एआईपीए) पहली बार भारत में प्रतिष्ठित विश्व पिकलबॉल चैंपियनशिप (डब्ल्यूपीसी) सीरीज की मेजबानी करने के लिए तैयार है। डब्ल्यूपीसी सीरीज 12-17 नवंबर तक मुंबई में होगी। चैंपियनशिप के वियतनाम और बाली चरण में अत्यधिक सफल होने के बाद, जहाँ भारतीय टीमों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक हासिल किए थे, डब्ल्यूपीसी 2024 में दुनिया भर से सर्वश्रेष्ठ पिकलबॉल प्रतिभाओं को एक साथ लाया जाएगा। वर्ल्ड पिकलबॉल लीग (डब्ल्यूपीबीएल) द्वारा संचालित, वर्ल्ड पिकलबॉल चैंपियनशिप सीरीज़, भारत में ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, ताइवान, पोलैंड और सिंगापुर जैसे छह से सात देशों के लगभग 650 खिलाड़ी भाग लेंगे। एआईपीए के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने एक बयान में कहा, हमें विश्व पिकलबॉल चैम्पियनशिप सीरीज़ को भारत में लाने पर बहुत गर्व है। यह पिकलबॉल समुदाय के लिए न केवल भारतीय मंच पर वैश्विक प्रतिभाओं को देखने का एक शानदार अवसर है, बल्कि हमारे लिए सभी स्तरों पर खेल के विकास को बढ़ावा देने का भी एक मौका है। हम अपने घरेलू मैदान पर इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की चैम्पियनशिप और खिलाड़ियों की मेज़बानी करने के लिए उत्साहित हैं, और उम्मीद करते हैं कि हम विभिन्न पीढ़ियों और भौगोलिक क्षेत्रों के लोगों को पिकलबॉल को प्रतिस्पर्धी करियर और अवकाश गतिविधि दोनों के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। पिकलबॉल ग्लोबल और डब्ल्यूपीसी सीरीज के संस्थापक जान पापी ने अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, हम पहली बार भारत में आयोजित होने वाली विश्व पिकलबॉल चैंपियनशिप सीरीज को देखकर रोमांचित हैं। भारत में सभी स्तरों पर इस खेल के लिए अविश्वसनीय क्षमता है, और हम भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पिकलबॉल की प्रोफ़ाइल को और बढ़ाने के लिए एआईपीए के साथ सहयोग करने के लिए उत्सुक हैं। डब्ल्यूपीसी को अपने घर लाने की एआईपीए की पहल के साथ, मैं इस प्रतिष्ठित वैश्विक चैंपियनशिप में भारत द्वारा लाई गई ऊर्जा और जुनून का अनुभव करने के लिए उत्सुक हूं। पिकलबॉल, जिसमें टेनिस, बैडमिंटन और टेबल टेनिस के तत्वों का मिश्रण है, वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ते खेलों में से एक है, और भारत में इस खेल को अपनाने वाले उत्साही लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। डब्ल्यूपीसी सीरीज भारत और उसके बाहर खेल के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने का वादा करती है। एआईपीए का उद्देश्य भारत में इस खेल को लोकप्रिय बनाना और पूरे देश में खेल का जमीनी स्तर पर विकास सुनिश्चित करना है। एआईपीए ने पहले ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करके और उन्हें कौशल, आहार, शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक स्वास्थ्य में प्रशिक्षण प्रदान करके अपना जुड़ाव और विकास कार्यक्रम शुरू कर दिया है। संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों की निगरानी में कंडीशनिंग की जाएगी। विश्व पिकलबॉल चैम्पियनशिप 12 से17 नवंबर तक मुंबई में  विश्व पिकलबॉल चैंपियनशिप (डब्ल्यूपीसी) 12 से 17 नवंबर तक मुंबई में आयोजित की जाएगी जिसमें दुनिया भर के लगभग 650 खिलाड़ियों के भाग लेने की संभावना है। अखिल भारतीय पिकलबॉल संघ (एआईपीए) ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इससे पहले यह प्रतियोगिता वियतनाम और बाली में आयोजित की गई थी जिसमें भारतीय टीमों ने अच्छा प्रदर्शन करके कई पदक जीते थे। आयोजकों के अनुसार मुंबई में होने वाली प्रतियोगिता में ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, ताइवान, पोलैंड, सिंगापुर जैसे देशों के लगभग 650 खिलाड़ी भाग लेंगे। एआईपीए के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने विज्ञप्ति में कहा,‘‘इससे पिकलबॉल से जुड़े लोगों को भारत में वैश्विक प्रतिभा देखने का मौका मिलेगा। यह हमारे लिए सभी स्तरों पर खेल के विकास को बढ़ावा देने का भी मौका है।’’ पिकलबॉल टेनिस, बैडमिंटन और टेबल टेनिस के मिश्रण वाला खेल है।  

आस्था, आध्यात्म और उन्नति की भूमि बना अतुल्य दंतेवाड़ा, दंतेश्वरी कॉरिडोर पर्यटकों को कर रहा आकर्षित

दंतेवाड़ा नवनिर्मित मां दंतेश्वरी कॉरिडोर नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं का स्वागत करने को तैयार है। कभी माओवादियों के उग्रवाद से प्रभावित रहा दंतेवाड़ा अब पर्यटन, आस्था और आध्यात्म की भूमि के रूप में विकसित हो रहा है। दंतेश्वरी कॉरिडोर, मां दंतेश्वरी मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लगा रहा है। यह कॉरिडोर उज्जैन में निर्मित महाकाल लोक कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया गया है। कॉरिडोर के अंतर्गत डंकिनी नदी पर विशाल रिवर फ्रन्ट, मंदिर तक एक सड़क, भव्य प्रवेश द्वार, कमल आकृति के फव्वारे, दीप स्तंभ एवं 30 दुकानों का निर्माण किया गया है। इस कॉरिडोर के अंतर्गत मध्य भारत का सबसे बड़ा ज्योतिकक्ष (जोत कलश भवन) निर्मित किया गया है। भव्य प्रवेश द्वार के निर्माण में राजस्थान के सिकंदरा से मंगाए गए पत्थरों का प्रयोग किया गया है। त्रिदेव स्थानम में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। मणि मेला आयोजन स्थल का सौंदर्यीकरण एवं नवीनीकरण किया गया है। नदी किनारे भव्य घाट का निर्माण किया गया है। कॉरिडोर में निर्मित बाजार से स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। पुरातात्विक एवं धार्मिक स्वरूप में निर्मित यह कॉरिडोर आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है। बस्तर की अराध्य लोकदेवी मां दंतेश्वरी का मंदिर दंतेवाड़ा में शंखिनी एवं डंकिनी नदी के संगम पर स्थित है। दंतेश्वरी शक्तिपीठ भारत का 52वां शक्तिपीठ है। ऐसा माना जाता है कि शंखिनी एवं डंकिनी नदी के संगम तट पर माता सती का दांत गिरा था, इसलिए यह पवित्र स्थल दंतेश्वरी शक्तिपीठ कहलाया। बस्तर के सम्भागीय मुख्यालय जगदलपुर से इस शक्तिपीठ की दूरी 84 किमी है। यहां 1 वर्ष में तीन बार नवरात्रि मनाई जाती है। तीसरी नवरात्रि को आदिवासी समाज फागुन माह में पूरे 10 दिन के लिए मनाता है। जिसे फागुन मढ़ई (आखेट नवरात्रि) के नाम से जाना जाता है। पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं में उत्साह की नई उमंग शक्तिपीठ में कॉरिडोर का निर्माण होने से शक्तिपीठ की भव्यता अब और व्यापक हो गई है। कॉरिडोर का निर्माण होने से श्रद्धालुओं एवं स्थानीय निवासियों में हर्ष व्याप्त है। स्थानीय निवासी मंजू देवी बताती हैं कि कॉरिडोर बनने से मंदिर की रौनक और बढ़ गई है, कॉरिडोर बनने के बाद अब ज्यादा भक्त माता के दर्शन के लिए आ सकते हैं, रिवर फ्रंट सुंदर दिखाई देता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में आने वाले पर्यटकों को यह कॉरिडोर बेहद लुभा रहा है। कॉरिडोर की आध्यात्मिक थीम पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। नागपुर से मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे पर्यटक अमित कुमार कहतें हैं कि दंतेश्वरी मंदिर आने का अनुभव बेहद ही अच्छा रहा। जिस तरह से इस पवित्र स्थल का सौंदर्यीकरण किया गया है वह अद्भुत है। मैं पहले भी यहां मां के दरबार में आ चुका हूँ, आज जब 3 साल बाद यहां पहुंचा तो इस भव्य कॉरिडोर को देखकर काफी सुखद अनुभूति हुई। आईएएस विनीत नंदनवार के प्रयास ला रहे रंग दंतेवाड़ा के तत्कालीन कलेक्टर विनीत नंदनवार ने कॉरिडोर निर्माण कार्य को अपनी प्राथमिकता में शामिल कर तेजी से इसका निर्माण कार्य शुरू कराया था। उन्होंने मंदिर समिति को भरोसे में लेते हुए इस कॉरिडोर की पूरी योजना तैयार की। सभी संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया, कलेक्ट्रेट स्तर पर ही निर्माण के लिए जरूरी फंड स्वीकृत कराते हुए तीव्र गति से कार्य को आगे बढ़ाया। उनके प्रयासों का परिणाम है कि मां दँतेश्वरी मंदिर परिसर में बना यह कॉरिडोर पर्यटकों को लुभा रहा है, श्रद्धालुओं एवं आस्था के बीच के सूत्र को मजबूती प्रदान करते हुए आर्थिक उन्नति की राह तैयार कर रहा है।

अलर्ट ! उम्र भर की कमाई पर एक झटके में हाथ साफ कर जाएंगे स्कैमर्स, काम आएंगी ये टिप्स

नई दिल्ली  पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट यानी जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की डेट नजदीक आ रही है। यह पेंशनर के जीवित होने का सबूत होता है। इसे जमा नहीं किए जाने पर पेंशन मिलनी बंद हो सकती है। पेंशनर्स को हर साल उस वित्तीय संस्थान में जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है जहां से उसे पेंशन मिलती है। इस बीच केंद्र सरकार ने पेंशनर्स को एक अलर्ट जारी कर व्हाट्सएप पर चल रही एक धोखाधड़ी के बारे में चेतावनी जारी की है। जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की डेट करीब आने के साथ ही धोखेबाज भी सक्रिय हो गए हैं। वे पॉपुलर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के जरिए पेंशनर्स को निशाना बना रहे हैं। जीवन प्रमाण पत्र एक अनिवार्य दस्तावेज है। पेंशनर्स को अपनी पेंशन जारी रखने के लिए इसे जमा कराना जरूरी होता है। घोटालेबाज पेंशनर्स को फर्जी संदेश भेजकर इसका फायदा उठा रहे हैं। इसमें वे पेंशनर्स को एक लिंक भेजकर दावा कर रहे हैं कि अगर इस पर जीवन प्रमाण पत्र अपडेट नहीं किया तो पेंशन रोक दी जाएगी। सेंट्रल पेंशन अकाउंटिंग ऑफिस (CPAO) के एक प्रवक्ता ने कहा कि पेंशनर्स को मैसेज भेजकर व्यक्तिगत जानकारी मांगी जा रही है। इससे सावधान रहने की जरूरत है। कैसे काम करता है धोखेबाज पेंशनर्स को व्हाट्सएप पर मैसेज मिलता है। इनमें दावा किया जाता है कि पुराने जीवन प्रमाण पत्र के कारण उनकी पेंशन खतरे में है। इसमें एक लिंक दिया जाता है और पेंशनर्स से कहा जाता है कि वे इस पर अपने बैंक खाते का विवरण या पीपीओ नंबर अपडेट करें। पेंशनर्स की व्यक्तिगत जानकारी मिलने के बाद स्कैमर्स इसका गलत यूज कर सकते हैं। वे पेंशनर्स के अकाउंट में सेंध लगा सकते हैं। धोखेबाजों से कैसे बचें सरकार इस बात पर जोर देती है कि जीवन प्रमाण पत्र के बारे में कभी भी व्हाट्सएप या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जानकारी नहीं मांगी जाती है। पेंशनर्स को सोशल मीडिया पर आए किसी भी लिंक पर संदिग्ध क्लिक नहीं करना चाहिए या अटैचमेंट डाउनलोड न करें। कभी भी व्हाट्सएप के माध्यम से बैंक खाते का विवरण या पीपीओ नंबर जैसी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। जीवन प्रमाण के बारे में किसी भी जानकारी के लिए अपने बैंक या आधिकारिक सीपीएओ वेबसाइट से संपर्क करें। घोटाले की रिपोर्ट यदि आपको कोई संदिग्ध संदेश मिलता है तो इसकी सूचना तुरंत अधिकारियों को दें। आप मैसेज को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर फॉरवर्ड कर सकते हैं या स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क कर सकते हैं। क्यों हो रहा है स्कैम? सबसे पहले ये सवाल उठता है कि अचानक से ये स्कैम क्यों चर्चा में आया और क्यों सरकार लोगों को सावधान रहने के लिए कह रही है। यहां हम इन सभी सवालों का जवाब देंगे।     भारतीय पेंशनधारकों को हर साल अपने जीवन प्रमाण पत्र( Jeevan Pramaan Certificate) को जमा करना होता है और ये समय अब करीब आ रहा है।     इसके चलते स्कैमर्स अब उन लोगो को निशाना बना रहे हैं, जिनको अपना सर्टिफिकेट सबमिट करना है।     बता दें कि जीवन प्रमाण पत्र पेंशन जीवन प्रमाण पत्र पेंशन होल्डर के लिए एक जरूरी डाक्यूमेंट है, जिससे इन्हें अपने पेंशन को पाने में मदद मिलती है।     स्कैमर्स वॉट्सऐप के जरिए पेशनधारकों तो फेक मैसेज भेज रहे हैं, जिसमें लोगों को अपना जीवन प्रमाण पत्र अपडेट करने के लिए कहा जा रहा है और एक लिंक के पर्सनल जानकारी मांगते हैं और अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी पेंशन रोक दी जाएगी।     सेंट्रल पेंशन अकाउंटिंग ऑफिस (CPAO) ने जानकारी दी है कि ये मैसेज आपकी पर्सनल जानकारी के साथ-साथ बैंक डिटेल्स और फाइनेंशियल री-सोर्स पाने की कोशिश है। कैसे काम करता है स्कैम?     स्कैमर्स आपको वॉट्सऐप के जरिए मैसेज भेजते हैं और सरकारी अधिकारी होने का दावा करते हैं।     इस मैसेज में बताया जाता है कि आपके पुराने जीवन प्रमाण पत्र के कारण आपकी पेंशन को रोका जा सकता है।     इसके अलावा इस मैसेज में आपको एक लिंक या फॉर्म भी मिलता है, जिसमें  बैंक अकाउंट डिटेल या PPO नंबर जैसी पर्सनल जानकारी मांगी जाती है।     अगर आप ये डिटेल भर देते हैं तो स्कैमर्स के पास आपकी जरूरी जानकारी का एक्सेस आ जाता है।     इसकी मदद से ये आपकी पहचान चुराने के साथ-साथ आपके पैसे को भी लूट सकते हैं। कैसे रहें सुरक्षित बता दें कि कोई भी सरकारी कर्मचारी वॉट्सऐप के जरिए आपसे कोई डाक्यूमेंट नहीं मांगेंगे। सरकार ने लोगों को इस स्कैम से बचने के लिए कुछ टिप्स दिए है, जिसे फॉलो करना मददगार साबित होगा।     वॉट्सऐप पर आए ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और नहीं कोई अटैचमेंट डाउनलोड करें।     किसी को भी बैंक अकाउंट और PPO नंबर जैसी पर्सनल जानकारी शेयर न करें।     किसी भी जानकारी के लिए अपने बैंक या CPAO वेबसाइट की मदद लें।     अगर आपको भी इस तरह का कोई मैसेज आता है तो तुरंत इसकी शिकायत NCRP या लोकल पुलिस स्टेशन में करें।     वॉट्सऐप पर आए ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और नहीं कोई अटैचमेंट डाउनलोड करें।     किसी को भी बैंक अकाउंट और PPO नंबर जैसी पर्सनल जानकारी शेयर न करें।     किसी भी जानकारी के लिए अपने बैंक या CPAO वेबसाइट की मदद लें।     अगर आपको भी इस तरह का कोई मैसेज आता है तो तुरंत इसकी शिकायत NCRP या लोकल पुलिस स्टेशन में करें।  

पीएम मोदी 10-11 अक्तूबर को करेंगे लाओस का दौरा; 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 से 11 अक्टूबर तक लाओस की दो दिवसीय यात्रा करेंगे और इस दौरान वह 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने यह जानकारी दी। लाओस, दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) का वर्तमान अध्यक्ष देश है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि लाओस के अपने समकक्ष सोनेक्से सिफानदोन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 10-11 अक्टूबर को लाओस की राजधानी विएंतियाने का दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस दौरान मोदी लाओस की मेजबानी में होने जा रहे 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मंत्रालय के अनुसार, दोनों शिखर सम्मेलनों के दौरान मोदी के द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत में इस वर्ष ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का एक दशक पूरा हो रहा है। आसियान के साथ संबंध ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और हमारे हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण का केंद्रीय स्तंभ हैं।’’ मंत्रालय ने कहा कि आसियान-भारत शिखर सम्मेलन ‘‘हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी’’ के माध्यम से भारत-आसियान संबंधों की प्रगति की समीक्षा करेगा और सहयोग की खातिर भविष्य की दिशा तय करेगा। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘दक्षिणी एशिया और पूर्वी एशिया के कुछ देशों का मंच पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) क्षेत्र में रणनीतिक विश्वास का माहौल बनाने में योगदान देता है। यह भारत सहित ईएएस में भाग लेने वाले देशों के नेताओं को क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान करता है।’’  

पक्के घर से हुये गुलजार, पीवीटीजी के दो परिवार

घर हो अपना – पूरा हुआ सपना पक्के घर से हुये गुलजार, पीवीटीजी के दो परिवार भोपाल कोई मकान, उसमें रहने वाले लोगों की खुशहाली से ही ‘घर’ बनता है। कुछ लोग ऐसे सपने पूरे कर लेते हैं, पर कुछ को अपना घर पाने के लिये थोड़ी जद्दोजहद करनी पड़ती है। अनूपपुर जिले के दो बैगा परिवार भी अपने घर के सपने को दिल में लिये जी रहे थे। चाहते तो वे भी थे, कि जल्द से जल्द उनका भी अपना पक्का घर बन जाये, पर उनके हालात इतने अच्छे नहीं थे। ऐसे में पीएम जन-मन योजना उनके जीवन में वरदान बनकर सामने आई। ये बैगा परिवार, जो पहले कच्चे झोपड़ीनुमी घरों में रहते थे, अब उनके पास खुद का पक्का घर है। दोनों परिवार अपने घरों में खुशी-खुशी रह रहे हैं। अनूपपुर जिले में पुष्पराजगढ़ विकासखण्ड है। इस विकासखण्ड की ग्राम पंचायत है फर्रीसेमर और इसी ग्राम पंचायत का पोषक ग्राम है जोहिला बांध। श्रीमती कुन्ती बाई पति दानीराम बैगा जोहिला बांध गांव में ही रहती हैं। बैगा जनजाति विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) में आती है। पीवीटीजी के समग्र कल्याण के लिये केन्द्र सरकार की पीएम जन-मन योजना के जरिये इन्हें अनेक लाभ दिये जा रहे हैं। इस योजना में सभी पीवीटीजी परिवारों को पक्का मकान बनवाकर दिया जा रहा है। योजना में पात्र हितग्राही होने पर कुन्ती बाई बैगा को पक्का घर बनाकर दे दिया गया है। फर्रीसेमर गांव की कुन्ती बाई के साथ श्रीमती रामकली बैगा को भी पीएम जन-मन से पक्का घर मिल गया है। दोनों बैगा महिलाओं के परिवारों को एक साथ पक्के घर की सौगात मिली है। यह योजना पीवीटीजी (बैगा) परिवारों को सम्मानजनक तरीके से सुरक्षित आवास ( Safe and Secure Housing ) प्रदान करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास है। सालों से कच्ची झोपड़ी में गुजर-बसर करने वालों को पक्का घर बनाकर देने और इसमें बिजली पहुंचाने के लिये हस योजना में पूरी संवेदनशीलता के साथ काम जारी है। पक्के घरों से अब इन बैगा परिवारों को कई प्रकार की बारहमासी कठिनाईयों से हमेशा के लिये निजात मिल गई है। पक्के घरों के अलावा इन बैगा परिवारों को अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।  

आधार और पेन से क्रेता और विक्रेता की होगी पहचान, रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी आसान, प्रदेश में रजिस्ट्री के नये नियम होंगे लागू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज 10 अक्टूबर को करेंगे सम्पदा 2.0 का शुभारंभ ई-साइन एवं डिजिटल हस्ताक्षर से दस्तावेज होंगे तैयार : वाणिज्यिक कर मंत्री देवड़ा आधार और पेन से क्रेता और विक्रेता की होगी पहचान, रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी आसान, प्रदेश में रजिस्ट्री के नये नियम होंगे लागू भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के सम्पदा 2.0 सॉफ्टवेयर का शुभारंभ आज 10 अक्टूबर 2024 को करेंगे। कुशाभाऊ ठाकरे इन्टरनेशनल कन्वेंशन सेन्टर में दोपहर एक बजे शुभारंभ होगा। वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवडा ने बताया कि संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में राज्य शासन का यह एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश में रजिस्ट्री के नये नियम लागू किये गये है। इस उन्नत सॉफ्टवेयर का पायलेट प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन गुना, हरदा, डिण्डौरी और रतलाम जिलों में सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। आगामी गुरूवार को इसे प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू किया जायेगा। सम्पदा 2.0 से ई-केवाइसी से होगी पहचान सम्पदा 2.0 से ई-केवाइसी से पहचान होगी। इसकी विशेषताओं में संपत्ति की जीआईएस मैपिंग, बायोमैट्रिक पहचान और दस्तावेजों का स्वतः प्ररूपण शामिल है। इस प्रणाली में दस्तावेजों का निष्पादन ई-साइन और डिजिटल सिग्नेचर से किया जाएगा, जिससे गवाह लाने की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी। कुछ दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए अब उप पंजीयक कार्यालय में व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होगी। पंजीयन अधिकारी से संवाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा, और कई मामलों में किसी भी प्रकार के इंटरैक्शन की आवश्यकता नहीं होगी। व्यक्ति की पहचान के लिए वीडियो केवाईसी का प्रावधान भी रखा गया है। ई-साइन एवं डिजिटल हस्ताक्षर से होगा दस्तावेज का निष्पादन पंजीयन के लिये ई-साइन एंव डिजिटल हस्ताक्षर से दस्तावेज का निष्पादन होगा। दस्तावेजों की ई-कॉपी डिजी लॉकर, व्हाट्सएप, और ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध होगी। साथ ही ई-स्टाम्प सृजित करने की सुविधा भी होगी। संपत्ति की सर्च प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया गया है। सम्पदा 2.0 – विशेष मोबाइल एप सम्पदा 2.0 विशेष मोबाइल एप भी लॉन्च किया जा चुका है। यह नवाचार न केवल आम जनता के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि मध्यप्रदेश को ई-गवर्नेंस की दिशा में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा। यह पहल साइबर तहसील और डिजिटल प्रक्रियाओं से प्रदेश के राजस्व संग्रहण को भी सुचारू रूप से संचालित करेगी।  

महिला सशक्तिकरण का “मध्यप्रदेश मॉडल” देश में अनूठा है, बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वावलंबन राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है.

भोपाल महिला सशक्तिकरण के लिये मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर महिलाओं को आत्म-निर्भर बनाया गया है. महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) का “मध्यप्रदेश मॉडल” (Madhya Pradesh Model) देश में अनूठा है, जिससे प्रेरित होकर अन्य राज्यों ने भी मध्यप्रदेश की महिला कल्याण की योजनाओं का विश्लेषण कर अपने राज्यों में लागू किया है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा है कि महिलाओं और बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वावलंबन राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है. CM ने इन उपलब्धियों को गिनाया मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि बात चाहे प्रधानमंत्री आवास (Pradhan Mantri Awas Yojana) के माध्यम से हर परिवार को पक्की छत देने की हो या घर-घर शौचालय बनाकर खुले में शौच से मुक्ति दिलाने की. नल-जल योजना (Nal Jal Yojana) से घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना हो या उज्ज्वला योजना से रसोई को धुंआ मुक्त बनाने का संकल्प हो. इन सभी योजनाओं का प्रदेश में बेहतर संचालन एवं क्रियान्वयन हुआ है. इसके अलावा महिलाओं को आत्म-निर्भर बनाने के लिये महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उन्हें स्व-रोजगार से न केवल जोड़ा है, बल्कि उन्हें लखपति दीदी भी बनाया है. आज समूह की महिलाएँ के द्वारा निर्मित उत्पाद बाजारों में बिक रहे हैं. साथ ही उनका विक्रय ऑनलाइन मॉर्केटिंग से भी किया जा रहा है. महिलाओं के हित में महत्वपूर्ण फैसले     राज्य सरकार ने महिलाओं के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए उनके नाम जमीन, दुकान और घर की रजिस्ट्री कराने पर स्टाम्प शुल्क पर अतिरिक्त छूट दी है. इससे बहनों के पास संपत्ति की शक्ति आई है और समाज में उनका मान बढ़ा है.     सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना अंतर्गत 19 लाख से अधिक बालिकाओं के बैंक खाते में 57 करोड़ 18 लाख रुपए की राशि का अंतरण किया गया है.     मध्यप्रदेश में महिलाओं को निकाय चुनाव एवं शिक्षक भर्ती में 50 प्रतिशत, पुलिस भर्ती में 33 प्रतिशत और अन्य भर्तियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है.     स्टार्ट-अप नीति में भी महिलाओं के लिये विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया, जिसके फलस्वरूप प्रदेश के कुल स्टार्ट-अप्स में से 47 प्रतिशत की मालकिन महिलाएं हैं.     महिला उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए 850 एमएसएमई इकाइयों को 275 करोड़ रुपए की सहायता उपलब्ध कराई गई.     मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों को मृत्यु दंड देने वाला देश का पहला राज्य मध्यप्रदेश है.     मध्यप्रदेश में महिलाओं से जोर-जबरदस्ती से या बहला-फुसला कर विवाह और धर्म परिवर्तन पर लगाम लगाने के लिए धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लागू किया गया.     बेटियों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिये लाड़ली लक्ष्मी योजना का सफल क्रियान्वयन जारी है. योजना में 48 लाख से अधिक लाड़ली लक्ष्मियाँ लाभान्वित हो रही हैं. इस योजना से प्रदेश में लिंगानुपात में भी सुधार परिलक्षित हुआ है.     प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना में अब तक 42 लाख महिला हितग्राही पंजीकृत हो चुकी हैं. योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में नगद प्रोत्साहन प्रदान करना और द्वितीय प्रसव पर बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना है. हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने के लिये महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 संचालित है. संकटग्रस्त महिलाओं की सहायता के लिये प्रत्येक जिले में वन-स्टॉप सेंटर संचालित हैं.  बालिकाओं में आत्म-विश्वास और कौशल वृद्धि के लिये सशक्त वाहिनी कार्यक्रम अंतर्गत प्रशिक्षण दिया गया. अब तक 128 बालिकाओं का पुलिस / शासकीय विभागों में चयन हो चुका है.     प्रदेश में 97 हजार से अधिक संचालित आंगनवाड़ियों में 81 लाख बच्चे और गर्भवती/धात्री माताएँ एवं किशोरी बालिकाऍ लाभान्वित हो रही हैं. आंगनवाड़ियों में ऑनलाइन उपस्थिति और आंगनवाड़ी एसेट्स डायरी सुविधा प्रारंभ की गई है.     राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं के साथ सहभागिता करने वाली महिला खिलाडियों को नगद राशि देकर प्रोत्साहित किया गया. महिला एवं बाल विकास विभाग का बजट 81 प्रतिशत बढ़ा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण के हर संकल्प को पूर्ण करने शिद्दत से कार्य कर रही है. राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में महिला एवं बाल विकास विभाग का बजट 81 प्रतिशत बढ़ाते हुए 26 हजार 560 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. इसमें लाड़ली बहना योजना के लिये 18 हजार 984 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनें इस योजना से लाभान्वित हो रही है. राज्य सरकार उनके मान-सम्मान और स्वाभिमान को सुरक्षित रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी.

राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारत को मालदीव में ‘रक्षा प्लेटफॉर्म और संपत्ति’ की तैनाती की अनुमति देने पर सहमति जताई

माले  मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए हैं। इनमें एक महत्वपूर्ण समझौते के तहत राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत को मालदीव में ‘रक्षा प्लेटफॉर्म और संपत्ति’ की तैनाती की अनुमति देने पर सहमति जताई है। मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जू ने भारत से सैनिकों को निकालने को कहा था, अब कुछ ही महीने के बाद उनकी सरकार ने भारत के रेडार को देश में लगाने की मंजूरी दी है। समझौते के तहत भारत मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल की निगरानी क्षमता को बढ़ाने में भी माले की सहायता करेगा। इसके लिए नई दिल्ली से माले को ‘रेडार सिस्टम और अन्य उपकरण’ दिए जाएंगे। सोमवार को पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू की मुलाकात के बाद, भारत ने मालदीव को आर्थिक संकट और कर्ज चुकौती से उबारने में मदद देने के लिए भी सहमति जताई। मोदी-मुइज्जू में रक्षा सहयोग पर चर्चा दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि भारत मालदीव की क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगा ताकि उसके विशाल एक्सक्लूसिव आर्थिक क्षेत्र को समुद्री सुरक्षा के लिए पारंपरिक और गैर-पारंपरिक चुनौतियों से बचाया जा सके। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने और मुइज्जू ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की है। ‘हम मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बलों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में अपना सहयोग जारी रखेंगे।’ भारत का चीन को संदेश मालदीव में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे चीन को भी भारत ने संदेश दे दिया है। पीएम मोदी ने कहा, ‘हम हाइड्रोग्राफी और आपदा प्रतिक्रिया में अपना सहयोग बढ़ाएंगे।’ दोनों नेताओं की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि नई दिल्ली मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ‘रक्षा प्लेटफार्मों और परिसंपत्तियों के प्रावधान’ के साथ-साथ मालदीव सरकार की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अपनी समुद्री और सुरक्षा आवश्यकताओं को आगे बढ़ाने में माले की सहायता करेगी। भारतीय सैनिकों की वापसी का मामला मुइज्जू ने पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव से पहले मालदीव में इंडिया आउट अभियान चलाया था। दरअसल भारत ने मालदीव को डोर्नियर विमान और दो एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर दिए थे। इनके संचालन के लिए भारत ने कुछ सैन्य कर्मियों को तैनात किया था। मुइज्जू ने चुनाव में वादा किया था कि वे भारत से अपने सभी सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने को कहेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने भारत को इस साल 10 मई तक भारत से अपने सभी सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने के लिए कहा, जिसके बाद भारत ने नागरिक कर्मियों की तैनाती की थी।

हसन खुमैनी ने कहा, ‘यह सोचना गलत है कि अगर इजरायल को अकेला छोड़ देंगे तो वह इजरायल भी हमें अकेला छोड़ देगा

तेहरान  ईरानी क्रांति के नेता रहे ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खुमैनी के पोते ने इजरायल के खिलाफ पूरी ताकत से हमला करने की धमकी दी है। हसन खुमैनी के ने ईरानी चैनल पर एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि इजरायल तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक उसके खिलाफ ताकत का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। हसन खुमैनी ने फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के लिए जनमत संग्रह कराने ईरान के सुझाव पर भी बात की औऱ कहा कि यह इजरायल के अंत की ओर जाएगा। हसन खुमैनी ने दावा किया कि जनमत संग्रह में ‘जो सबसे ज्यादा वोट हासिल करेगा, वो जीतेगा। इससे अंततः इजरायल का सफाया हो जाएगा और वे यह जानते हैं।’ पूर्व सुप्रीम लीडर के पोते ने अमेरिका, ब्रिटेन और इजरायल की तरफ से प्रस्तावित दो राज्य समाधान की आलोचन की। हसन ने कहा कि यह दुनिया को ‘इजरायली कब्जे’ की वैधता स्वीकार करने के लिए मजबूर करने की एक चाल मात्र है। इजरायल से दोस्ती को बताया बेकार हसन खुमैनी ने कहा, ‘यह सोचना गलत है कि अगर इजरायल को अकेला छोड़ देंगे तो वह इजरायल भी हमें अकेला छोड़ देगा।’ उन्होंने कहा कि इजरायल से बातचीत और दोस्ती दिखाने से कुछ हासिल नहीं होगा। इसके बजाय ईरान को अपनी ताकत और सैन्य क्षमता दिखाने की जरूरत होगी। मौजूदा वैश्विक स्थिति में इजरायल से निपटने के लिए मजबूत नजरिए की जरूरत है। ईरान का इजरायल पर हमला ईरान ने पिछले सप्ताह इजरायल के ऊपर 200 बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार कर दी थी। यह हमला अप्रैल में किए गए हमले से ज्यादा घातक था। इस बार के हमले में कई ईरानी मिसाइलें इजरायली क्षेत्र में गिरी थीं। इजरायली एयरबेस भी इस हमले में निशाना बना था। ईरान ने इसे लेबनान में हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की हत्या के बदले में की गई कार्रवाई बताया था। बीते शुक्रवार को ईरान के सुप्रीम लीडर ने ग्रैड मस्जिद से संबोधन दिया था, जिसमें इजरायल को मिटाने की धमकी दी थी। हसन नसरल्लाह को इजरायल ने पिछले महीने के आखिर में दक्षिणी बेरूत के दहियाह में एक हवाई हमले में मार दिया था। इजरायली एयरस्ट्राइक ने हिजबुल्लाह के भूमिगत मुख्यालय को निशाना बनाया था, जब नसरल्लाह वहां अपने सीनियर कमांडरों के साथ बैठक कर रहा था। बीते कुछ दिनों में इजरायल ने ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के लगभग सभी शीर्ष नेताओं को मार दिया है।

पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों के परिवेश में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा

पेसा अधिनियम जन, जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को समझ रहे जनजातीय परिवार आपसी भाईचारा बढ़ा, जीवन व्यवहार भी बदल गया पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन से  ग्रामीण क्षेत्रों के परिवेश में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा भोपाल मध्यप्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत जनजातियों को जन, जल, जंगल, जमीन और श्रमिकों के अधिकारों की जानकारी देकर इनके संरक्षण एवं जनजातीय सांस्कृतिक परम्पराओं की सुरक्षा के लिये अब से करीब दो साल पहले एक बड़ा कदम उठाया गया। जनजातीय समुदाय के आद्य गौरव के प्रतीक भगवान बिरसा मुण्डा के जन्म-दिवस पर मध्यप्रदेश में 15 नवंबर 2022 को पंचायत के प्रावधान (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) नियम-2022 या कहें पेसा एक्ट लागू किया गया। मध्यप्रदेश के 20 जिलो के 88 विकासखंडों की 5133 ग्राम पंचायत क्षेत्रों के 11 हजार 596 गांव पेसा क्षेत्र में आते हैं। प्रदेश के अलीराजपुर, झाबुआ, मंडला, अनूपपुर और बड़वानी पूर्ण पेसा जिले हैं। वहीं बालाघाट बैतूल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, धार, खंडवा, नर्मदापुरम, खरगौन, सिवनी, शहडोल, श्योपुर, सीधी उमरिया एवं रतलाम आंशिक पेसा जिलो की श्रेणी में आते हैं। पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन से अनूपपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के परिवेश में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। यहां ग्रामीणों को उनके अधिकारों एवं रोजगार के बारे में जानकारी देकर गांव में ही रोजगार तथा हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। अनूपपुर जिले की जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ की ग्राम पंचायत दमेहडी में पेसा अधिनियम का सकारात्मक प्रभाव साफ-साफ देखने को मिल रहा है। यहां के जनजातीय समुदाय-जन, जल, जंगल एवं जमीन के अधिकार को समझ चुके हैं तथा शासन की मंशा के अनुरूप पेसा अधिनियम से अपनी उन्नति की राह पर अग्रसर हो रहे हैं। यहां के ग्रामीण आपसी भाईचारे से मिल-जुलकर रह रहे हैं। यहां लोगों का अपने जंगल व वन्यजीवों के साथ साहचर्य जीवन व्यवहार भी बेहद सौहार्दपूर्ण हो गया है। पेसा अधिनियम लागू होने के पहले इस ग्राम पंचायत में बहुत ज्यादा विपरीत परिस्थितियां हुआ करती थीं। लोग हमेशा ही आपसी लड़ाई-झगड़े और कोर्ट-कचहरी में फंसे रहते थे। पेसा अधिनियम के कारण गांव की स्थिति में बदलाव हुआ है। अब गांव के छोटे-मोटे विवादों को मिल-बैठकर गांव में ही सुलझा लिया जाता है। यहां के ग्रामीण बताते हैं कि पहले पुलिस केस होता था, उसके बाद वकीलों तथा कोर्ट के चक्कर लगा-लगाकर आखिरी विकल्प समझौता करना ही होता था, तब तक हमें बेहद परेशान होना पड़ता था। अब इन मुसीबतों से हमें छुटकारा मिल गया है। ग्राम दमेहडी के लोगों का कहना है कि जब से पेसा एक्ट लागू हुआ है, तब से गांव में शांति, उन्नति, प्रगति एवं आपसी भाईचारे का माहौल कायम है। अब गांव का झगड़ा विवाद निवारण समिति द्वारा आसानी से सुलझा लिया जाता है। यदि कोई व्यक्ति थाने चला भी जाता है, तो लोकल थाने की पुलिस द्वारा शांति एवं विवाद निवारण समिति के सदस्यों को सूचना दी जाती है। संज्ञान में आते ही ग्राम सभा द्वारा उस व्यक्ति को समझाकर मामले का निपटारा गांव में ही कर लिया जाता है। जहां पेसा एक्ट लागू होने के बाद गांव के लगभग 25-30 लड़ाई-झगड़ों में शांति एवं विवाद निवारण समिति द्वारा समझौता करा दिया गया है।  

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य संचालन समिति गठित

State steering committee formed under the chairmanship of Chief Secretary भोपाल : राज्य शासन ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) योजनांतर्गत भारत सरकार, पंचायती राज मंत्रालय द्वारा योजना के कार्यान्वयन के लिए उपयुक्त रणनीति और नीति तैयार करने, योजना की निगरानी और सभी स्तरों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य संचालन समिति का गठन chairmanship of Chief Secretary की अध्यक्षता में किया है। Read More : https://saharasamachaar.com/archana-was-removed-from-mfp-park-within-six-months/ समिति में कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल एवं युवा कल्याण, प्रमुख सचिव, समाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, वित्त, संचालक पंचायती राज, महानिदेशक/संचालक राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (एसआईआरडी), अपर/संयुक्त संचालक पंचायती राज संचालनालय, समिति अध्यक्ष के अनुमोदन से दो विशेष आमंत्रित व्यक्ति समिति में सदस्य होंगे। अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास समिति में सदस्य सचिव होंगे। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से प्रदेश में केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं और समाधान के उपायों को लेकर भी चर्चा की। जैन ने कहा कि प्रदेश में योजना बनाने के पूर्व विस्तृत विचार-विमर्श किया जाये तथा शासन से निर्णय हो जाने पर उसका क्रियान्वयन बेहतर तरीके से किया जाये जिससे अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकें। मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों से कहा कि राज्य की आय बढ़ाने के लिए अन्य साधन एवं स्त्रोत भी तलाशें। जैन ने अधिकारियों को अद्यतन तकनीकी एवं अपने सेक्टर में हो रहे नवाचारों से निरंतर अवगत रहने की जरूरत बतायी। मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के विकास के लिए भारत सरकार के विभागीय अधिकारियों से सतत् संपर्क एवं समन्वय कर योजनाओं को आगे बढ़ाएं। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपने-अपने विभागों का डाटा-बेस बनाने को कहा जिससे इसका मास्टर डाटाबेस बनाया जा सके।

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