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चार साल में रहे जातीय शोषण और जमीन विवाद के सर्वाधिक मुद्दे, अनुसूचित जाति आयोग में 47 हजार शिकायतें

नई दिल्ली. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बीते चार साल में उन्हें 47 हजार से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। इनमें जातीय अत्याचार, भूमि विवाद और सरकारी नौकरी से संबंधित विवाद ही मुख्य मुद्दे हैं। आरटीआई के जवाब में यह जानकारी मिली है। एनसीएससी के आंकड़ों के अनुसार, साल 2020-21 में उन्हें 11,917 शिकायतें मिलीं। वहीं 2021-22 में 13,964, और 2022-23 में 12,402 और इस साल यानी 2024 में 9,550 शिकायतें मिल चुकी हैं। एनसीएससी के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने बताया कि आयोग को मिलने वाली सबसे आम शिकायतें अनुसूचित जाति समुदाय के खिलाफ अत्याचार से संबंधित हैं, इसके बाद भूमि विवाद और सरकारी क्षेत्र में सेवाओं से संबंधित मुद्दे हैं। उन्होंने कहा, ‘शिकायतों को तेजी से दूर करने के लिए, अगले महीने से, मैं या मेरे सदस्य राज्य कार्यालयों का दौरा करेंगे और वहां लोगों के सामने आने वाली समस्याओं को देखेंगे।’ मकवाना ने कहा कि वह लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए सप्ताह में चार बार सुनवाई कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा शिकायतें एनसीएससी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी राज्यों में सबसे ज्यादा शिकायतें उत्तर प्रदेश से दर्ज की गई हैं। अधिकारी ने बताया कि आयोग को हर दिन 200-300 शिकायतें मिलती हैं और उनमें से कई का कुछ ही दिनों में समाधान हो जाता है, इसलिए यहां देखा गया डेटा ज्यादातर उन शिकायतों का है जिनका समाधान होने की प्रक्रिया चल रही है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ अत्याचारों पर राष्ट्रीय हेल्पलाइन के आंकड़ों के अनुसार, 6,02,177 कॉल प्राप्त हुईं। इनमें से कुल शिकायतों की संख्या 5,843 थी, जिनमें से 1,784 का समाधान किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश से आधे से अधिक कॉल यानी 3,10,623 प्राप्त हुई हैं। इस हेल्पलाइन की निगरानी सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा की जाती है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत नवीनतम सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, अनुसूचित जाति के खिलाफ अत्याचार के अधिकांश मामले 13 राज्यों में केंद्रित थे, जहां 2022 में सभी मामलों का 97.7 प्रतिशत दर्ज किया गया। 2022 में उत्तर प्रदेश में 12,287 मामले दर्ज हुए, जो कुल मामलों का 23.78 प्रतिशत हिस्सा थे, इसके बाद राजस्थान में 8,651 (16.75 प्रतिशत) और मध्य प्रदेश में 7,732 (14.97 प्रतिशत) थे। जाति अत्याचार के महत्वपूर्ण मामलों वाले अन्य राज्य बिहार में 6,799 (13.16 प्रतिशत), ओडिशा में 3,576 (6.93 प्रतिशत) और महाराष्ट्र में 2,706 (5.24 प्रतिशत) थे। इन छह राज्यों में कुल मामलों का लगभग 81 प्रतिशत हिस्सा था।

54 साल से चल रहा जमीनी विवाद, राजस्थान-जोधपुर में भाई की मौत का बदला लेने युवक की करवाई हत्या

जोधपुर. खेड़ी सालवा के रहने वाले एक परिवार के पारिवारिक रंजिश में अब तक 4 लोगों का मर्डर हो चुका है, सबसे पहले इस परिवार में एक बुजुर्ग की हत्या हुई थी, उसके बाद उसे बुजुर्ग के बेटों ने हत्या कर दी, फिर जो पहले बुजुर्ग था उनके पोतों ने अनिल लेगा की हत्या कर दी और अब अनिल लगा के परिवार ने सुभाष की हत्या कर दी। अब तक चार हत्याएं हो चुकी है, जिसमें से एक अनिल लेगा भी है। चारों आरोपियों में से एक अनिल लेगा का भाई जितेंद्र लेगा भी है। जितेंद्र ने भाई की मौत का बदला लेने के लिए पाली के रहने वाले मोनू ढोली, अनिल गोदारा व मोहम्मद आसिफ को 10 लाख सुपारी दी थी। बाकी के दो हत्यारे पाली और एक बालोतरा का रहने वाला है। बासनी थाना पुलिस के सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया की सुभाष हत्याकांड मामले में अनिल लेगा के भाई जितेंद्र लेगा को गिरफ्तार कर लिया है। जितेंद्र ने पाली के रहने वाले मोनू ढोली, अनिल गोदारा व मोहम्मद आसिफ को 10 लाख सुपारी देकर सुभाष विश्नोई की हत्या करवाना कबूल किया है। जितेंद्र ने बताया कि सुभाष विश्नोई उसके भाई अनिल लेगा की हत्या में शामिल था। उसने बदला लेने के लिए मोनू ढोली और अनिल गोदारा ने संपर्क किया था। जितेंद्र ने बताया कि उसने अपने भाई का बदला लेने के लिए मोनू से लड़कों की डिमांड की थी। मोनू ने यह काम खुद ही करने के लिए कह दिया। मोनू ने पहले जितेंद्र ने 70 हजार रुपए लिए और एक पिस्टल लाया। उसके बाद उसने 10 लाख रुपए में सुभाष की हत्या करना तय किया था। इसके लिए मोनू ने पाली के इंद्रा कॉलोनी निवासी मोहम्मद आसिफ को खूद के साथ शामिल किया था। आसिफ ने ही सुभाष को गोली मारी थी। आरोपियों ने पहले सुभाष से इंस्टाग्राम पर दोस्ती की थी, फिर पैसे देने के बहाने उसे घर से दूर बुलाया था। वहां बदमाशों ने उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार हत्या के तुरंत बाद आरोपी पंजाब की ओर भाग गए थे। नाकाबंदी के दौरान पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को इन्हें पकड़ा था। फिलहाल यह आरोपी पंजाब पुलिस के विरासत में है, जल्द ही पंजाब से जोधपुर पुलिस इन्हें लेकर आएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि यह पारिवारिक रंजिश पिछले 54 साल से चल रही है और लगातार एक के बाद एक हत्याएं। वैसे आपको बता दें कि यह परिवार मूलते खेड़ी सालवा के रहने वाला है लेकिन जब हत्या हुई थी उसके बाद दोनों परिवार अलग-अलग रहने लगे एक परिवार जोधपुर के बनाड़ के पास महादेव नगर में रहता है, जो अनिल लगा का परिवार है।

रोकने पर किसानों को किया लहूलुहान, छत्तीसगढ़-जशपुर में फसल चरने दबंगों ने खेत में छोड़ दिए मवेशी

जशपुर। जिले के बिजाघाट मुढ़ी गांव में खेत में तैयार फसल चराने को लेकर विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। घटना के अनुसार, कुछ दबंगों ने एक किसान की फसल में मवेशियों को छोड़ दिया, जिससे किसान की फसल को भारी नुकसान हुआ। जब किसान ने मवेशियों को खेत से हटाने का प्रयास किया, तो दबंगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस मारपीट में 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसमें एक किसान को दबंग लहूलुहान हालत में छोड़कर फरार हो गए। बता दें कि यह घटना सोमवार 7 अक्टूबर की है, जिसमें अमर राम, पुसाे राम और माणु राम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इन सभी को पहले बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए ले जाया गया, इसके बाद बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। जहां से पूरी तरह स्वस्थ्य होकर लौटने के बाद पीड़ितों ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर मदद की गुहार लगाईं है। मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी शशिमोहन सिंह ने स्थानीय चौकी प्रभारी को घटनास्थल पर भेजकर मामले की जांच के बाद दोषियों पर कारवाई करने के निर्देश दिए हैं।

अस्पताल में जमीन पर लिटाकर मरीजों को चढ़ानी पड़ रही ड्रिप, राजस्थान-बीकानेर में मौसमी बीमारियों का अटैक

बीकानेर. बीकानेर संभाग का पीबीएम अस्पताल राम भरोसे ही चल रहा है। शहर में इन दिनों मौसमी बीमारियों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और अस्पताल प्रशासनिक लापरवाही के चलते मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। डेंगू, मलेरिया, और वायरल बुखार जैसे मौसमी रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन अस्पतालों में इनकी देखभाल के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि मरीजों को बेड के अभाव में फर्श पर लिटाकर उनका इलाज किया जा रहा है, जिससे अस्पताल की अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। अस्पताल के विभिन्न वार्डों और मौसमी बीमारी वार्ड में मरीजों की भीड़ जमा है। कई मरीज गंभीर स्थिति में होने के बावजूद भी घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। जगह की कमी के कारण अस्पताल के बरामदों और गलियारों में मरीजों को जमीन पर लिटाया जा रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को किराए पर बिस्तर लेकर इलाज करवाना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन मौसमी बिमारियों से पीड़ित लगभग 50 मरीज भर्ती हो रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मौसमी बीमारियों के इस उछाल को देखते हुए पहले से ही तैयारी की जानी चाहिए थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुआ है। परिजनों का आरोप है कि हर साल इस मौसम में बीमारियों के मामले बढ़ते हैं, इसके बावजूद अस्पतालों में संसाधनों और डॉक्टरों की भारी कमी है। मरीजों को उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से उनकी हालत और भी विकट हो गए है। प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्थाओं ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को और खराब कर दिया है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावे तो खूब किए जा रहे हैं, लेकिन अस्पताल में भर्ती मरीजों की तस्वीरें हकीकत बयान करने के लिए काफी है।

दुर्गा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, छत्तीसगढ़-बलरामपुर में तालाब में डूबने से युवक की मौत

बलरामपुर। जिले में दुर्गा विसर्जन के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ है. यहां एक युवक की तालाब में डूबने से मौत हो गई. यह घटना वाड्रफनगर विकासखंड के महेवा गांव में हुई है. घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है. महेवा गांव में आज धूमधाम से दुर्गा माता की मूर्ति का विसर्जन गांव के ही तालाब में किया गया. वहीं तालाब में बहाए गए नारियल को पकड़ने के दौरान एक युवक शुभम सिंह (उम्र 20 वर्ष) की अचानक डूबने से मौत हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुभम सिंह ने तालाब में विसर्जन के लिए बहाए गए नारियल को पकड़ने के लिए पानी में प्रवेश किया. गहरे पानी में फंस जाने के कारण वह काफी देर तक पानी में डूबा रहा. घटना की सूचना मिलने पर वाड्रफनगर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को पानी से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस दुखद घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. मामले में पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है.

युवक की मौत के बाद परिजनों में मचा कोहराम, राजस्थान-अलवर में दो बाइकों की भिड़ंत

अलवर. अलवर के बेहतुकला थाना अंतर्गत ग्राम नंगला केसरिया के पास दो बाइकों में भिड़ंत हो गई, जिसमें 22 साल के युवक की मौत हो गई। मृतक के परिजन बने सिंह ने बताया कि कल रात को मृतक हरेंद्र (22) साल पुत्र दशरथ गांव नगला केसरिया से जंगल की ओर बाइक से जा रहा था। गांव से बाहर निकलते ही सामने से तेज रफ्तार से आ रही दूसरी बाइक ने टक्कर मार दी, जिससे हरेंद्र मौके पर गंभीर घायल हो गया, जिसे कठूमर सीएचसी ले जाया गया। वहां से डॉक्टर ने उसे अलवर के लिए रेफर कर दिया, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बता दें कि मृतक हरेंद्र नगला केसरिया का रहने वाला था। ये कुल मिलाकर दो भाई थे। इसमें से हरेंद्र जयपुर में एक होटल में काम करता था। मृतक के पिता मजदूरी करते हैं। यह करीब 10 दिन पहले गांव आया था और आज वापस जयपुर जाने वाला था। जिसकी दशहरे की रात को मौत हो गई। इस घटना से परिवार में मातम छा गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

एब्डॉमिनल माइग्रेन: जानें इसके लक्षण, कारण, ट्रिगर और उपचार

पेट में एक प्रकार का पैथोलॉजी होता है, जिसमें पेट में सिर की जगह काफी दर्द होता है। ज्यादातर यह 2 से 10 साल के बच्चों को अपना शिकार बनाता है। लेकिन यह किसी भी उम्र का व्यक्ति हो सकता है। यदि लंबे समय तक यह दर्द बना रहे, तो यह एक गंभीर बेरोजगारी का संकेत हो सकता है। एब्डोमिनल पैथोलॉजी में कभी-कभी तो प्रभाव और कुछ ही समय के लिए हो सकता है। ऐसे में यह दर्द कुछ घंटों के अंदर ठीक हो जाता है। पेट के डायग्नोस्टिक्स के दौरान आम तौर पर एक से 72 घंटे तक दर्द रह सकता है। इसमें 48 घंटे तक का दर्द हो सकता है। डॉक्टर अनुकल्प प्रकाश, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी लीड कंसलटेंट, सीके बिरला हॉस्पिटल के मुताबिक, कई लोगों को यह दर्द कुछ घंटे के लिए होता है, जबकि कुछ लोगों को इससे ज्यादा कर सकते हैं। पाचन तंत्र में गड़बड़ी की वजह से गैस्ट्रिक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं जिससे पेट में ऐंठन और दर्द महसूस होता है। पेट में खराबी का कारण कई बार पेट में जेनेटिक खराबी भी हो सकती है। यदि परिवार में किसी सदस्य को सिर का कैंसर होता है तो बच्चों में पेट का कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। अन्यत्र बंधक भी एक कारण है। जब मस्तिष्क और पाचन तंत्र के बीच संतुलन नहीं बन पाता तो भी पेट दर्द जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। महिलाओं में मासिक धर्म की शुरुआत के समय यह अधिक देखने को मिलता है। अगर किसी बच्चे में बहुत अधिक मात्रा में कैफीन, चॉकलेट या चॉकलेट के टुकड़े हैं तो यह भी पेट की बीमारी का एक कारण हो सकता है। एब्डोमिनल पैथोलॉजी के लक्षण एब्डोमिनल पैथोलॉजी के लक्षण सिर के पैथोलॉजी से काफी अलग हो सकते हैं। इस दौरान पेट में काफी दर्द महसूस होता है। यह पेट के चारों ओर या बीच में हो सकता है। कई बार यह दर्द बहुत तेज़ और अचानक होता है और कुछ घंटे से लेकर कई दिनों तक रह जाता है। उल्टी: पेट दर्द के दौरान पेट दर्द के साथ-साथ उल्टी आना भी बना रहता है। किसी-किसी को तो कई बार उल्टी हो सकती है। कुछ भी खाने के बाद हमेशा उल्टी जैसा मन रहता है। भूख की कमी: कई बार पेट की बीमारी की वजह से भूख नहीं लगती। कुछ भी खाने या पीने का मन नहीं करता। थकान: व्यक्ति को बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होती है। कुछ लोगों को चक्कर आने की समस्या भी रहती है। भोजन आना: पेट के कैंसर के दौरान व्यक्ति को बहुत अधिक भोजन मिल सकता है। शरीर में अत्यधिक दर्द के कारण प्रतिक्रिया के रूप में शेयर से बहुत ज्यादा दर्द होता है ​पेट के दर्द से बचने के उपाय पेट के दौरान बहुत ज्यादा दर्द होता है कि दवा लेना पड़ सकता है। इसके लिए पेन किलर का उपयोग किया जा सकता है। अगर दर्द बहुत ज्यादा हो रहा हो तो डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा का सेवन करें। साथ ही उल्टी और मतली को नियंत्रित करने के लिए एंटीमिक्स दवाएँ खायी जा सकती हैं। किसी भी शारीरिक दर्द या बीमारी को ठीक करने के लिए नींद को ठीक करना बहुत जरूरी है। नींद की कमी से पेट के रोग भी पैदा हो सकते हैं। इसलिए 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी है। सही समय पर सोने और जागने से शरीर और मस्तिष्क का संतुलन बना रहता है, जिससे आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली भी मजबूत होती है। पेट के रोगों पर रोक के लिए खान-पान में बदलाव जरूरी है। विशेष रूप से बच्चों को खाद्य पदार्थों से दूर रखा जाना चाहिए, जो डायलिसिस को ट्रिगर कर सकते हैं। चॉकलेट, कैफीन, ऑर्गेनिक खाद्य उत्पाद आदि का सेवन करने के बजाय स्वस्थ और स्वादिष्ट भोजन को अपने आहार में शामिल करना चाहिए। सही समय पर खाना खाना चाहिए। इससे जुड़े नतीजे कम होते हैं। वहीं बहुत अधिक तेल से बने या डॉक्टरी भोजन से भी परहेज करना चाहिए। नियमित रूप से व्यायाम व्यायाम करने से आपका शरीर सक्रिय और स्वस्थ रहता है। वॉकिंग, साइकल चलाना और योग जैसे व्यायाम को नियमित रूप से अपने व्यायाम में शामिल करना चाहिए। ध्यान रहे कि बहुत हैवी एक्सरसाइज करने से भी ड्रैगन ट्रिगर हो सकता है। इसलिए व्यायाम व्यायाम ही करें।

रावण दहन की तैयारियों के बीच हादसा, छत्तीसगढ़-रायपुर में करंट से एक की मौत और दूसरा गंभीर

रायपुर। राजधानी रायपुर के डब्ल्यूआरएस(WRS) कॉलोनी स्थित रावण मैदान में एक बड़ा हादसा हो गया. रावण दहन के लिए मंच निर्माण के दौरान एक कर्मचारी करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना से मौके पर हड़कंप मच गया. हादसे के बाद घायल व्यक्ति को आनन-फानन में एंबुलेंस से मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी. जानकारी के अनुसार, डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित रावण मैदान आज रावण दहन के लिए भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था. वहीं स्टेज पर एक कर्मचारी परमानंद ध्रुव (37 वर्ष) काम कर रहा था तभी अचानक उसे बिजली का झटका लगा, जिससे वह ऊपर से नीचे गिर पड़ा. हादसे के बाद वहां मौजूद उसका साथी उसकी हालत देखकर बेहोश हो गया. करंट लगने से अचेत हुए परमानंद को मौके पर सीपीआर दिया गया और तुरंत एंबुलेंस से मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी. वहीं मौके पर बेहोश हुए मृतक का साथी मेकाहारा अस्पताल में पिछले दो घंटे से मेडिसिन विभाग में भर्ती है. कर्मचारी परमानंद ध्रुव की मौत का कारण बिजली का झटका था या कार्डियक अरेस्ट. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारण का पता चल सकेगा. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

अजित, धनंजय ने बाबा सिद्दीकी के निधन पर जताया शोक

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पार्टी महासचिव के सी वेणुगोपाल तथा संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अजित गुट के नेता एवं राज्य के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि यह वारदात महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। गौरतलब है कि हमलावरों ने कल देर रात श्री सिद्धिकी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इनमें दो हमलावरों को पकड़ लिया गया है। श्री खरगे ने कहा, “महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी का दुखद निधन शब्दों से परे स्तब्ध करने वाला है। दुख की इस घड़ी में, मैं उनके परिवार, दोस्तों और समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए और महाराष्ट्र सरकार को गहन और पारदर्शी जांच का आदेश देना चाहिए। दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले और जवाबदेही सर्वोपरि है।” श्री गांधी ने कहा, “बाबा सिद्दीकी का दुखद निधन चौंकाने वाला है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। यह भयावह घटना महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने को उजागर करती है। सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और न्याय मिलना चाहिए” श्री वेणुगोपाल ने कहा, “बाबा सिद्दीकी की हत्या से स्तब्ध और आक्रोशित हूँ। सिद्दीकी ने समर्पण के साथ लोगों की सेवा की और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत की। उनका निधन मुंबई और महाराष्ट्र के लोगों के लिए एक बड़ी क्षति है। यह घटना महाराष्ट्र की चरमराती कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सिद्दीकी ने कई मौकों पर अधिकारियों को अपने जीवन के खतरों के बारे में सूचित किया था और वाई प्लस सुरक्षा के बावजूद उनकी हत्या की गई। यह गोलीबारी भीड़भाड़ वाले बाजारों के बीच सड़क पर हुई और इससे पता चलता है कि महाराष्ट्र में अपराधियों को अब कानून का डर नहीं रहा। यहां तक कि सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता भी अब राजधानी में सुरक्षित नहीं हैं। सत्तारूढ़ शासन को जवाब देना होगा-जब सार्वजनिक हस्तियां सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिक कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे।” श्री खेड़ा ने कहा, “बाबा सिद्दीकी की हत्या के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं, शब्दों से परे। श्री सुनील दत्त के साथ मेरी उनसे पहली मुलाकात 1999 में हुई थी। उनका यूं चले जाना व्यक्तिगत क्षति है।” वही आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) के नेता एवं राज्य के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की मुंबई में जिस प्रकार सरेआम हत्या कर दी गई, उससे ना केवल महाराष्ट्, र बल्कि देशभर के लोग ख़ौफ़ज़दा हैं। श्री केजरीवाल ने एक्स पर कहा, “मुम्बई में सरेआम राकांपा नेता की गोली मारकर हत्या की इस वारदात से ना केवल महाराष्ट, बल्कि देशभर के लोग ख़ौफ़ज़दा हैं। दिल्ली में भी कमोबेश यही माहौल बना दिया है इन्होंने। ये लोग पूरे देश में गैंगस्टर राज लाना चाहते हैं। जनता को अब इनके ख़िलाफ़ खड़ा होना ही पड़ेगा।” उल्लेखनीय है कि मुंबई के बांद्रा इलाक़े में शनिवार देर रात हमलावरों ने श्री सिद्धिकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष अजीत पवार और कृषि मंत्री धनंजय मुंडे ने पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दीकी की मौत पर शोक व्यक्त किया है। गौरतलब है कि श्री सिद्दीकी की शनिवार देर रात मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई। श्री पवार ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि श्री सिद्दीकी पर गोलीबारी की घटना “बहुत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और दर्दनाक” है। हमले की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि घटना की पूरी जांच की जाएगी और हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि हमले के पीछे के मास्टरमाइंड को जवाबदेह ठहराया जाएगा। श्री पवार ने कहा कि श्री सिद्दीकी की मौत पार्टी के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा, “हमने एक अच्छे नेता को खो दिया है, जिन्होंने अल्पसंख्यक भाइयों के लिए लड़ाई लड़ी और सर्व-धार्मिक सद्भाव के लिए प्रयास किया।” वहीं श्री मुंडे ने एक्स पर अपने संदेश में कहा कि वरिष्ठ राकांपा नेता एवं पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की मौत की खबर “बहुत चौंकाने वाली और दुखद” है। उन्होंने कहा, “वरिष्ठ साथी बाबा सिद्दीकी के निधन से अल्पसंख्यक आंदोलन ने एक महान नेता खो दिया है। मैं श्री सिद्दीकी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, हम सभी सिद्दीकी परिवार के दुख में शामिल हैं, ईश्वर उन्हें यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”  

अयहिका-सुतीर्था की जोड़ी एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में

अस्ताना (कजाकिस्तान) भारत की शीर्ष वरीयता प्राप्त महिला युगल जोड़ी अयहिका मुखर्जी और सुतीर्था मुखर्जी ने शनिवार को एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2024 के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। अयहिका और सुतीर्था एशियाई चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला युगल टेबल टेनिस जोड़ी होंगी। 1952 में खेले गए उद्घाटन संस्करण में गूल नासिकवाला ने जापान की योशिको तनाका के साथ महिला युगल में स्वर्ण पदक जीता था। टेबल टेनिस रैंकिंग में 15वें स्थान पर काबिज मुखर्जी ने क्वार्टरफाइनल में रिपब्लिक ऑफ कोरिया की अस्थायी जोड़ी किम नायोंग और ली यून्हे को 3-1 (10-12, 11-7, 11-9, 11-8) से हराया। भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी रविवार को सेमीफाइनल में जापान की दुनिया की 33वें नंबर की खिलाड़ी मिवा हरिमोटो और मियु किहारा से भिड़ेंगे। पिछले साल एशियाई खेलों में, अयहिका और सुतिर्था ने महाद्वीपीय खेलों में महिला युगल टेबल टेनिस में भारत के लिए पहला पदक, कांस्य जीतकर इतिहास रच दिया था। पिछले साल ट्यूनिस में, मुखर्जी बहनें डब्ल्यूटीटी कंटेंडर महिला युगल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनीं थीं। इस बीच, पूर्व राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन मनिका बत्रा महिला एकल में अपना प्री-क्वार्टरफाइनल मैच हारकर बाहर हो गईं। दुनिया की 29वें नंबर की भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी दुनिया की 7वें नंबर की खिलाड़ी मिवा हरिमोटो से 3-1 (11-8, 9-11, 11-7, 11-5) स्कोर से हार गईं। पुरुष एकल में, मानुष शाह और मानव ठक्कर ने राउंड ऑफ 16 में हारने से पहले उच्च रैंक वाले दक्षिण कोरियाई प्रतिद्वंद्वियों को चौंका दिया। राउंड ऑफ 32 में, 115वें स्थान पर काबिज मानुष शाह ने दुनिया के 23वें नंबर के दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी एन जेह्युन को 3-0 (11-9, 11-5, 11-6) से हराया। दुनिया के 60वें नंबर के खिलाड़ी मानव ठक्कर ने दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी जंग वूजिन को 3-2 (5-11, 11-9, 5-11, 11-9, 11-7) से हराया। राउंड ऑफ 16 में शाह को चीनी ताइपे के विश्व नंबर 11 लिन युन-जू से 3-2 (12-14, 11-6, 11-7, 5-11, 8-11) से हार का सामना करना पड़ा, जबकि ठक्कर को हांगकांग चीन के विश्व नंबर 137 चैन बाल्डविन ने 3-0 (11-4, 11-4, 11-8) से हराया। 91वें स्थान पर काबिज हरमीत देसाई को राउंड ऑफ 32 के मैच में विश्व नंबर 30 दक्षिण कोरिया के लिम जोंगहून से 3-0 (14-12, 11-7, 11-7) से हार का सामना करना पड़ा।  

खेलते समय कुचलने से हुई मौत, राजस्थान-श्रीगंगानगर में ट्रैक्टर के पिछले टायर के नीचे आया मासूम

श्रीगंगानगर. जानकारी के अनुसार पदमपुर वार्ड नंबर 22 निवासी राजेंद्र सिंह के रिश्तेदार शनिवार को दशहरे की बधाई देने के लिए ट्रैक्टर पर सवार होकर उनके घर पर आए थे। रिश्तेदारों ने ट्रैक्टर राजेंद्र सिंह के घर के बाहर खड़ा किया, लेकिन उसमें से चाबी निकालना भूल गए। इस दौरान राजेंद्र सिंह का 12 वर्षीय पुत्र रहम खेलता हुआ आया और ट्रैक्टर पर चढ़कर चाबी घुमा दी। इतने में ट्रैक्टर स्टार्ट हो गया और स्पीड पकड़ ली। परिजन रहम को बचाने के लिए दौड़े, तभी ट्रैक्टर गली के रैंप पर चढ़ गया और बालक अनियंत्रित होकर सीट से नीचे गिर गया। तभी ट्रैक्टर का पिछला टायर बालक के ऊपर से निकल गया और बालक की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि राजेंद्र सिंह के तीन पुत्रियों के बाद पुत्र रहम हुआ था। जिसकी इस तरह हादसे में मौत हो जाने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बचाने गए मामा-मामी का हाथ हुआ फ्रैक्चर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बालक के मामा और मामी टैक्टर लेकर उनके घर आए थे। वे अभी बाहर ही खड़े थे, तभी बालक ने ट्रैक्टर पर चढ़कर चाबी घुमा दी। स्टार्ट हुए ट्रैक्टर की आवाज सुनकर वे ट्रैक्टर पर सवार बालक को बचाने के लिए दौड़े। मामा और मामी ने ट्रैक्टर के टायर पकड़ कर उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन स्पीड तेज होने की वजह से ट्रैक्टर के टायर उनके भी हाथों के ऊपर से निकल गया। इससे दोनों के हाथों में फ्रैक्चर हो गया। बाइक सवार युवकों की सहायता से पहुंचाया हॉस्पिटल हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। हादसा देख राहगीर बाइक सवार भी रुके और बालक को तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया। हॉस्पिटल में प्राथमिक जांच के बाद ही डॉक्टर्स ने बालक को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को घर ले गए और बालक का अंतिम संस्कार कर दिया।

संजू सैमसन ने अपनी शानदार 111 रनों की पारी के लिए टीम मैनेजमेंट का शुक्रिया अदा किया

नई दिल्ली भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने बांग्लादेश के खिलाफ 3-0 से टी20 सीरीज जीत दिलाने के बाद अपनी शानदार 111 रनों की पारी के लिए टीम मैनेजमेंट का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उन्हें पहले से ही उनकी भूमिका को लेकर स्पष्टता दे दी थी। सैमसन ने 47 गेंदों पर 111 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 8 छक्के शामिल थे। यह पारी उन्होंने हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेली और इस पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 236.17 था। इस शानदार शतक के साथ सैमसन पुरुषों के टी20 में शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले सैमसन का फॉर्म कुछ खास नहीं था और उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद यह बेहतरीन पारी खेली। इसके बाद वह रोहित शर्मा के बाद सबसे तेज टी20 शतक बनाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। मैच के बाद सैमसन ने कहा, “जब आप देश के लिए खेलते हैं और कुछ मैचों में असफल होते हैं, तो दबाव महसूस होता है। सच कहूं तो मुझ पर भी दबाव था। मैं प्रदर्शन करना चाहता था, अपनी क्षमता दिखाना चाहता था। कप्तान (सूर्यकुमार यादव) और कोच (गौतम गंभीर) ने मुझसे कहा, ‘हमें पता है कि तुम्हारे अंदर कितना टैलेंट है, हम तुम्हारे साथ हैं, चाहे कुछ भी हो।’” उन्होंने आगे कहा, “वे सिर्फ बातों में नहीं, बल्कि अपने फैसलों में भी मुझे सपोर्ट करते रहे। श्रीलंका में लगातार दो मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद मुझे थोड़ा शक हुआ था कि शायद मुझे अगली सीरीज में मौका न मिले, लेकिन उन्होंने मुझे इस सीरीज में पूरा भरोसा दिया। तीन हफ्ते पहले ही सूर्यकुमार, गौतम भाई और (सहायक कोच) अभिषेक नायर ने मुझे बताया था कि मैं ओपनिंग करूंगा, जिससे मुझे सही तैयारी करने का समय मिल गया।” सैमसन ने बताया कि उन्होंने राजस्थान रॉयल्स अकादमी में जाकर कई गेंदबाजों का सामना किया और खुद को इस सीरीज के लिए पूरी तरह तैयार किया। उन्होंने इस सीरीज में 30 रन एक ओवर में सिर्फ पांच छक्कों से बनाए, जो किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा टी20 इंटरनेशनल में चौथे सबसे अधिक रन हैं। यह खास प्रदर्शन दशहरा के मौके पर स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के लिए बहुत रोमांचक रहा। सैमसन ने कहा, “मुझे पता था कि मैं स्पिनर के खिलाफ क्या कर सकता हूं, इसलिए मैंने उस ओवर में ज़्यादा से ज़्यादा रन बनाने की कोशिश की। और पांच छक्के लग गए। मुझे पावरप्ले के बाद ही लगा कि मैं सेट हो गया हूं। पहले बल्लेबाजी करते हुए यह अंदाज़ा लगाना मुश्किल होता है कि कितने रन ठीक रहेंगे, लेकिन यह पिच अच्छी थी, इसलिए हम हर ओवर में ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की कोशिश कर रहे थे।” सैमसन ने आगे बताया, “पिछले दो सालों से मैं सोच रहा था कि मैं एक ओवर में छह छक्के लगा सकता हूं। मैंने अपने मेंटर के साथ मिलकर इस पर काम किया है और खुद को इस बात का भरोसा दिलाया कि यह मुमकिन है। मैंने इसे ध्यान में रखकर अभ्यास किया और सोचा कि इसे एक दिन जरूर करना चाहिए। आज मैं बहुत खुश हूं कि यह हो पाया।” इस शतक के बाद सैमसन ने टी20 टीम में लंबे समय के लिए अपनी जगह पक्की करने के लिए दावेदारी ठोक दी है। भारत को साल 2026 में अपन घर पर टी20 विश्व कप खिताब को डिफेंड करना है। इस पर सैमसन कहते हैं, “भारत के लिए खेलना आसान नहीं है। जब आप फेल होते हैं तो यह कहना आसान होता है कि मैं अगले मैच में अधिक रन बनाऊंगा। लेकिन मैं इन चीजों को अपने तरीके से लेना चाहता हूं। मैं वह रहना चाहता हूं जो मैं हूं। मेरे लिए यह जरूरी है कि आप अपने बारे में जानते हैं और अपने खेल के बारे में जानते हैं। यह अपने प्रति सच्चा होने के बारे में है।”  

बांग्लादेश के बल्लेबाज तौहीद वोले, भारत के दौरे के बाद उनकी टीम को सपाट पिचों पर खेलने की अपनी क्षमता को सुधारने की जरूरत

नई दिल्ली बांग्लादेश के बल्लेबाज तौहीद हृदॉय ने कहा कि भारत के दौरे के बाद उनकी टीम को सपाट पिचों पर खेलने की अपनी क्षमता को सुधारने की जरूरत है। यह बयान तब आया जब तीसरे और आखिरी टी20 में भारत ने बांग्लादेश को 133 रनों से हराया। इस सीरीज में भारत और बांग्लादेश के बीच खेल और मानसिकता का अंतर साफ दिखा। हैदराबाद में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 297/6 का स्कोर बनाया, जो इस फॉर्मेट में उनका सबसे बड़ा स्कोर था। जवाब में बांग्लादेश सिर्फ 164/7 रन ही बना सका, जो इस सीरीज में उनका सबसे अच्छा स्कोर था, फिर भी वे 133 रन से हार गए। हृदॉय ने 42 गेंदों में नाबाद 63 रन बनाए और बांग्लादेश के लिए इकलौते सकारात्मक पहलू रहे। हृदॉय ने कहा, “हमारे अधिकतर खिलाड़ी विकेट को अच्छे से नहीं पढ़ पाते। हम ज्यादातर मैच मीरपुर (जहां स्पिन पिच होती हैं) और कभी-कभी चटगांव में खेलते हैं। अगर हम अच्छी पिचों पर खेलते रहेंगे, तो रातों रात नहीं, पर धीरे-धीरे हम सुधार करेंगे। मैं यह नहीं कहूंगा कि हमारा स्तर बहुत नीचे है। हम एक बहुत मजबूत टीम के खिलाफ खेले। वे टी20 वर्ल्ड चैंपियन हैं और कौशल में हमसे आगे हैं, साथ ही वे अपनी घरेलू परिस्थितियों को अच्छी तरह जानते हैं। मुझे लगता है कि हमारी टीम अच्छी है, लेकिन हमें सपाट विकेटों पर बेहतर खेलना सीखना होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि इस सीरीज से हारकर बांग्लादेश टीम हर क्षेत्र में बहुत कुछ सीखेगी, जिससे वे एक बेहतर टी20 टीम बन सकें। उन्होंने कहा कि, बड़ा स्कोर तभी संभव होता है जब टॉप ऑर्डर खासकर नंबर 4 तक रन बनाए। मुझे लगता है कि हमें एक बल्लेबाजी ग्रुप के रूप में सुधार करना होगा। यह समस्या लंबे समय से चल रही है। हमें उम्मीद है कि हम इस सीरीज से सबक लेंगे। हम हर विभाग में पीछे रहे। हमने अच्छी गेंदबाजी नहीं की और न ही हर मैच में अच्छी बल्लेबाजी की। हमें बहुत सुधार करने की जरूरत है। हम ऐसी (बल्लेबाजों के अनुकूल) पिचों पर नहीं खेलते हैं। यह बहाना नहीं है, लेकिन जितना हम ऐसी पिचों पर खेलेंगे, उतना ही हमें आदत होगी।” हृदॉय ने लेग-स्पिनर रिशाद हुसैन का समर्थन करते हुए कहा कि वह बेहतर वापसी करेंगे, भले ही इस सीरीज में उन्होंने सिर्फ तीन विकेट लिए हों। उन्होंने कहा, “अगर आप वर्ल्ड कप और अन्य जगहों पर उनके प्रदर्शन को देखें, तो वे बेहतरीन रहे हैं। भारतीय पिचें ऐसी होती हैं जहां सबसे अच्छे गेंदबाज भी पिट सकते हैं। टी20 रनों का खेल है और हमारे लिए यह बुरा दिन था।”  

पुलिस कांस्टेबल की मौत, छत्तीसगढ़-मुंगेली में अनियंत्रित पिकअप वाहन ने मारी टक्कर

मुंगेली/लोरमी। लोरमी में एक अनियंत्रित पिकअप वाहन ने पुलिस कांस्टेबल प्रशांत मसीह को ठोकर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। यह घटना चिल्फी पुलिस थाने के बोड़तरा गांव में हुई। ग्रामीणों ने जब सड़क पर शव को देखा तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि प्रशांत मसीह चिल्फी थाने में पदस्थ थे। हादसे से ठीक पहले शाम करीब 8 बजे वह अपनी ड्यूटी खत्म कर बोड़तरा की तरफ खाना खाने के लिए आए हुए थे। जिसके बाद वह चिल्फी की तरफ वापस जा ही रहे थे कि अचानक अनियंत्रित पिकअप वाहन ने उन्हें ठोकर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। चिल्फी पुलिस ने कांस्टेबल प्रशांत मसीह के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए लोरमी रवाना कर दिया है।

जोसेफ गॉर्डन-लेविट ने भंसाली की फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी की तारीफ की

मुंबई, हॉलीवुड स्टार जोसेफ गॉर्डन लेविट ने बॉलीवुड फिल्मकार संजय लीला भंसाली की फिल्म गंगूबाई काठियावाडी की तारीफ करते हुये उसे सुंदर और अनोखी फिल्म बताया है। संजय लीला भंसाली की फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी वर्ष 2022 में रिलीज हुयी थी, जिसमें आलिया भट्ट ने मुख्य भूमिका निभायी थी। इस फिल्म को दुनिया भर में दर्शकों से तारीफ मिली हैं।समीक्षकों ने भी इस फिल्म को पसंद किया है। हॉलीवुड स्टार जोसेफ गॉर्डन-लेविट ने भी फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी की तारीफ की है, उन्होंने इसे अनोखी और ऐसा कुछ बताया है जो उन्हें कभी नहीं देखा है। गॉर्डन-लेविट ने हाल ही में एक समारोह में कहा, मैं फ़िल्म गंगूबाई काठियावाड़ी देख रहा था और मुझे वह सुंदर और अनोखी लगी। यह मैंने अब तक जो भी फ़िल्में देखी हैं, उनसे बिल्कुल अलग है। इसमें एक मज़बूत और ख़ास ड्रामा है जो कभी-कभी मुझे स्कॉर्सेसी की फ़िल्म की याद दिलाता है। ‘मैंने खुद को इस फिल्म से पूरी तरह से मोहित पाया। यह वाकई बहुत खूबसूरत है। इसने मुझे भारतीय सिनेमा के बारे में और जानने के लिए प्रेरित किया है।मुझे भारत की संस्कृति से जो महसूस हो रहा है, वह बहुत पसंद है और यहां फ़िल्में और कला के लिए सच्चा प्यार है।    

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