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सैमसन के बिना मुश्किल में राजस्थान! फाफ डुप्लेसी बोले- यह टीम के लिए बड़ा नुकसान

नई दिल्ली दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डुप्लेसी का मानना है कि जिस तरह से महेंद्र सिंह धोनी चेन्नई सुपर किंग्स और विराट कोहली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पर्याय बन चुके हैं, इसी तरह से संजू सैमसन को राजस्थान रॉयल्स का चेहरा माना जा सकता था। फाफ ने कहा कि आरआर से संजू का जाना टीम के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। सैमसन राजस्थान रॉयल्स की तरफ से दो कार्यकाल में 11 सत्र में खेले। वह इस टीम के सबसे सफल खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने रॉयल्स की तरफ से सर्वाधिक मैच खेलने के अलावा सर्वाधिक रन भी बनाए हैं। इस बार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में वह चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलेंगे।   डुप्लेसी ने जिओ हॉटस्टार से कहा, ‘अगर हम आईपीएल की टीमों पर गौर करें तो अधिकतर टीमों के पास कोई एक ऐसा खिलाड़ी रहा है जो लंबे समय तक फ्रेंचाइजी का चेहरा रहा जैसे रोहित शर्मा, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली। मैं संजू सैमसन को राजस्थान रॉयल्स के लिए उसी तरह का खिलाड़ी मानता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘भले ही वह नई पीढ़ी के खिलाड़ी हैं, लेकिन वह उस फ्रेंचाइजी का चेहरा बन गए थे। जब मैं राजस्थान रॉयल्स के बारे में सोचता हूं, तो मुझे संजू सैमसन याद आते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि उनका किसी अन्य टीम से जुड़ना प्रशंसकों, आईपीएल और टूर्नामेंट के लिए बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि उन्होंने वहां बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।’ डुप्लेसी ने कहा कि सैमसन के जाने से राजस्थान रॉयल्स के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाएगी। सैमसन की मौजूदगी में जायसवाल अपना स्वाभाविक खेल खेलते थे लेकिन अब उन पर अधिक जिम्मेदारी आ गई है। उन्होंने कहा, ‘संजू की मौजूदगी में यशस्वी जायसवाल को अपना नैसर्गिक खेल खेलने का मौका मिलता था क्योंकि दूसरे छोर से संजू लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा था। अब ऐसा नहीं होगा और उन पर अधिक जिम्मेदारी होगी। उस तरह के बल्लेबाज के लिए यह महत्वपूर्ण होता है कि वह जिम्मेदारी के बारे में नहीं सोचें। इसलिए यह सत्र उनके लिए सीखने की एक प्रक्रिया होगी।’ पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी ने कहा कि राजस्थान रॉयल्स के रियान पराग को कप्तान नियुक्त करने के फैसले से उन्हें हैरानी हुई जबकि टीम में जायसवाल, ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा और इंग्लैंड के सैम कुरेन जैसे अधिक अनुभवी खिलाड़ी मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘मुझे इस फैसले से थोड़ी हैरानी हुई क्योंकि उसके पास यशस्वी जायसवाल, रविंद्र जडेजा जैसे भारतीय खिलाड़ी और सैम कुरेन के रूप में विदेशी खिलाड़ी है जो कप्तानी कर सकते थे। इसलिए मुझे यह एक तरह का जुआ लगता है।’ बालाजी ने कहा कि ऐसे में टीम के मुख्य कोच और क्रिकेट निदेशक कुमार संगकारा की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा, ‘आईपीएल में कप्तानी सिर्फ मैदान पर फैसले लेने की क्षमता तक सीमित नहीं है बल्कि यह खिलाड़ियों को एकजुट रखने से भी जुड़ा है। इसलिए मुझे लगता है यह एक दोधारी तलवार है। कुमार संगकारा से निश्चित रूप से बहुत मदद मिलेगी।’ किशोर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के बारे में बालाजी ने कहा कि प्रतिद्वंद्वी टीमों ने शायद उनकी कमजोरियों की पहचान कर ली होगी, लेकिन इस 14 वर्षीय खिलाड़ी के लिए यह साबित करने का एक बड़ा अवसर है कि आईपीएल में पिछले साल का उनका प्रदर्शन महज संयोग नहीं था। उन्होंने कहा, ‘हमने पिछले सत्र में वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा देखी है। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ बहुत अच्छे गेंदबाजी आक्रमण के सामने शतक बनाया था। लेकिन दूसरा साल किसी भी खिलाड़ी के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।’ बालाजी ने कहा, ‘यहीं पर कुमार संगकारा का मार्गदर्शन काम आएगा। विपक्षी टीमों ने निश्चित रूप से उनकी कुछ कमजोरियों की पहचान कर ली होगी। उनके पास अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने का यह शानदार अवसर होगा।’  

अब भी भरोसा नहीं होता… Sanju Samson ने बताया T20 वर्ल्ड कप के बाद क्या सोचते हैं हर सुबह

 नई दिल्ली   भारत की टी20 वर्ल्ड कप खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले संजू सैमसन ने कहा कि देश आने वाले कई वर्षों तक वैश्विक क्रिकेट पर राज करने के लिए तैयार है। रविवार को बीसीसीआई नमन पुरस्कार 2026 के मौके पर सैमसन ने भारत की जीत के सफर के दौरान अपने प्रदर्शन की तुलना एक फिल्म से की और कहा कि उन्हें अब भी इस पर यकीन नहीं हो रहा है। पिछले रविवार की जीत के बारे में पूछे जाने पर सैमसन ने कहा, ”अब भी जब मैं सुबह उठता हूं तो सोचता हूं कि ‘क्या सच में ऐसा हुआ है?’ ईमानदारी से कहूं तो यही अहसास है।” उन्होंने कहा, ”लेकिन मुझे लगता है कि हमारे देश में जिस तरह के बेहतरीन खिलाड़ी हैं उसे देखते हुए आने वाले वर्षों में यह जीत बार-बार दोहराई जाएगी। जिस बड़ी संख्या में नए खिलाड़ी सामने आ रहे हैं उसे देखते हुए भारत निश्चित रूप से अब ऐसा बार-बार करेगा।”   ‘मेरा करियर इसका सबसे अच्छा उदाहरण’ टी20 विश्व कप 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद सैमसन को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। उन्होंने सिर्फ पांच पारियों में लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाकर भारत को खिताब दिलाया। शुरुआत में टीम में जगह नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर आठ चरण के अहम मैच में, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में, और न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 80 से अधिक रन बनाकर शानदार प्रदर्शन किया।सैमसन ने कहा कि वह भारत को विश्व कप जिताने का सपना देख रहे थे। उन्होंने कहा, ”बिल्कुल, मुझे लगता है कि आप वही सपना देखते हैं जहां आप जाना चाहते हैं लेकिन यह तय नहीं है कि आप उस रास्ते पर चल पाएं। इसलिए मेरी जिंदगी या मेरा करियर इसका सबसे अच्छा उदाहरण रहा है। मैं निश्चित रूप से कुछ साल पहले ऐसा करना चाहता था।” ‘फिर अचानक टीम चाहती थी कि मैं…’ सैमसन ने कहा, ”मैं अपने देश के लिए विश्व कप जीतना चाहता था लेकिन इसकी अपनी ही एक योजना थी, अपनी ही एक कहानी थी। तो यह कुछ-कुछ एक फिल्म जैसा था। मुझे इसमें मजा आया।” केरल के इस सीधे-सादे स्टार ने खेल पर अपनी छाप छोड़ने के लिए वर्षों तक कड़ी मेहनत की है और टी20 विश्व कप उनके करियर का सबसे बेहतरीन पल था। सैमसन ने कहा, ”जैसा कि मैंने पहले कहा कि मैं कुछ ऐसा करना चाहता था, फिर मुझे मेरी यात्रा से हटा दिया गया और फिर अचानक टीम चाहती थी कि मैं आकर योगदान दूं और तभी मेरा मानसिक नजरिया थोड़ा बदल गया। मुझे लगता है कि उससे पहले न्यूजीलैंड सीरीज में मेरा पूरा ध्यान सिर्फ अपने ऊपर था।” ‘उसी पल से हर कोई चाहता था कि…’ उन्होंने कहा, ”लेकिन विश्व कप में पूरा ध्यान टीम पर था। मैं सोचता था कि टीम को किस चीज की जरूरत है और जिम्बाब्वे के मैच में, ठीक उसी पल से हर कोई चाहता था कि मैं टीम में योगदान दूं। मुझे अपनी भूमिका निभानी थी। तभी यह बदलाव आया और यह आत्मविश्वास जागा कि ठीक है ‘टीम को तुम्हारी जरूरत है, संजू’ और चलो वह करते हैं जो तुम सबसे अच्छा कर सकते हो। तो यहीं से सब कुछ शुरू हुआ।” तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने इस जीत को एक ‘चमत्कार’ बताया क्योंकि वह टूर्नामेंट के लिए शुरुआती टीम का हिस्सा भी नहीं थे और उन्हें चोटिल हर्षित राणा की जगह टीम में शामिल किया गया था। उन्होंने कहा, ”मैं शुरुआती टीम में नहीं था और फिर मुझे मौका मिला, मैंने एक मैच खेला और अब मैं विश्व कप जीतने वाली दो टीम का हिस्सा बन चुका हूं। मैं तो कहूंगा कि यह मेरे लिए एक चमत्कार है।”

सैमसन की सफलता पर द्रविड़ का बड़ा बयान, बोले- दबाव में ऐसा खेलना आसान नहीं

नई दिल्ली पूर्व भारतीय कप्तान और मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने रविवार को कहा कि देश की समृद्ध क्रिकेट प्रतिभा अब मैदान पर असली सफलता में बदल रही है और वैश्विक टूर्नामेंटों में लगातार मिल रही जीत भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से मौजूद प्रतिभा को दर्शाती है। पिछले दो वर्षों में भारत ने आईसीसी टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया है। टीम ने पुरुषों के पिछले दो टी20 विश्व कप, महिला वनडे विश्व कप, पुरुष अंडर-19 विश्व कप और महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप जीते हैं।   ‘ये देखना वाकई कमाल का रहा’ बीसीसीआई के वार्षिक पुरस्कार समारोह में ‘कर्नल सी के नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के बाद द्रविड़ ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, ”यह सब कुछ सही लग रहा है, है ना?” उन्होंने कहा, ”भारतीय क्रिकेट में हमेशा से अपार क्षमता रही है और अब वह मैदान पर भी दिखाई दे रही है। मैदान के बाहर हमारे पास वह सबकुछ था जिसकी हमें जरूरत थी और अब मैदान पर भी उस क्षमता का साकार होते देखना बहुत अच्छा लग रहा है।” द्रविड़ ने कहा कि यह सफलता कई कारकों के एक साथ आने का परिणाम है, खिलाड़ियों से लेकर प्रशासकों और प्रशंसकों तक, सभी ने इसमें योगदान दिया है।  उन्होंने 1996 में अपने पदार्पण के समय को याद करते हुए कहा, ”यह अभूतपूर्व रहा है। पिछले तीन दशकों में भारतीय क्रिकेट जिस तरह से आगे बढ़ा है, उसे देखना वाकई कमाल का रहा है।” द्रविड़ ने कहा, ”भारतीय क्रिकेट में हमेशा से अद्भुत प्रतिभा रही है। हमारे पास हमेशा बहुत अच्छे प्रशासक रहे हैं। हमारे पास हमेशा बहुत अच्छे कोच रहे हैं और हम अविश्वसनीय बुनियादी ढांचे के साथ उनका सहयोग करने में सक्षम रहे हैं। हमारे पास हमेशा एक शानदार घरेलू क्रिकेट प्रणाली और एक बहुत अच्छी जूनियर क्रिकेट प्रणाली रही है।” ‘ऐसा करना हमेशा आसान नहीं होता’ उन्होंने कहा, ”और दुनिया के कुछ सबसे अद्भुत प्रशंसक भी हमारे पास हैं। जिस तरह के समर्थक और प्रशंसक हमारे पास हैं, वे सब इसके हकदार थे कि मैदान पर सफलता मिले। यह देखना अद्भुत है कि अब यह सब कैसे एक साथ आ रहा है।” 2024 में भारत की टी20 विश्व कप विजेता टीम को कोचिंग देने वाले द्रविड़ ने मौजूदा टीम को उम्मीदों पर खरा उतरने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा, ”यह देखना बहुत अच्छा लगा। विश्व कप टी20 चैंपियन टीम से उम्मीदें बहुत ज्यादा थीं। उन्होंने प्रबल दावेदार के तौर पर शुरुआत की और यह हमेशा आसान नहीं होता।” द्रविड़ ने कहा, ”निश्चित रूप से वे एक बहुत अच्छी टीम हैं, लेकिन पसंदीदा टीम के तौर पर शुरुआत करना और आखिर तक बने रहना और ट्रॉफी जीतना हमेशा आसान नहीं होता। इसके अपने दबाव होते हैं, अपनी चुनौतियां होती हैं। सूर्या (सूर्यकुमार यादव) और गौतम (गंभीर) तथा पूरी टीम को ऐसा करते देखना सच में बहुत अच्छा लगा।” सैमसन की सफलता से खुश द्रविड़ द्रविड़ संजू सैमसन की सफलता से खुश थे जिन्हें आखिर में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। पूर्व कप्तान ने कहा, ”संजू को भारत के लिए बहुत अहम उन आखिरी तीन मैचों में अच्छा करते हुए देखना सच में बहुत अच्छा लगा।” उन्होंने कहा, ”काफी समय से संजू टीम में अंदर-बाहर होते रहे हैं। उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है, उनके लिए कुछ मुश्किल दौर भी आए हैं। उनके जैसे खिलाड़ी को सफल होते देखना सच में बहुत अच्छा लगा जिसने इतनी कड़ी मेहनत की है।” द्रविड़ ने कहा कि वह ‘कर्नल सी के नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार जीतने के लिए आभारी हैं, उन्होंने कहा, ”यह पुरस्कार पाकर मैं बहुत आभारी हूं। मुझे अपनी जिंदगी में जो कई मौके मिले हैं, उनके लिए मैं बहुत आभारी हूं।” उन्होंने कहा, ”मैं भाग्यशाली रहा कि कुछ महानतम क्रिकेटरों के साथ खेला और अपने देश के लिए खेलते हुए दुनिया भर में घूमने का मौका मिला। संन्यास लेने के बाद भी इस खेल से जुड़े रहने का मौका मिला, इसके लिए मैं भाग्यशाली रहा। और इस खेल ने मुझे जो मौके दिए हैं, उनके लिए आभारी हूं। ”

संजू सैमसन के बराबर चमका ये स्टार, डिविलियर्स बोले– असली हीरो उसी को मानता हूं

नई दिल्ली भारत ने 2026 टी20 विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टूर्नामेंट के बीच में एक हार के बाद टीम ने शानदार वापसी की और फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी एबी डिविलियर्स ने अपने ‘360 शो’ में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट किसे मिलना चाहिए इस पर एक बड़ी बात कही है। हालांकि, यह खिताब आधिकारिक तौर पर संजू सैमसन को मिला, लेकिन डिविलियर्स का मानना है कि जसप्रीत बुमराह इस पुरस्कार के उतने ही बड़े दावेदार थे। उन्होंने कहा, “संजू सैमसन प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे, लेकिन मुझे लगा कि उनके और बुमराह के बीच यह बहुत ही करीबी मुकाबला था।” सबसे अहम क्षणों में बुमराह ने की गेंदबाजी बुमराह के योगदान पर बात करते हुए डिविलियर्स ने बताया कि बुमराह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे, जो उन्हें इस पुरस्कार के लिए दावेदार बनाता था। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “मेरे लिए खेल के कुछ ऐसे महत्वपूर्ण क्षण और महत्वपूर्ण ओवर थे जो बुमराह ने फेंके, जिनके कारण मुझे लगा कि शायद उन्हें इस पुरस्कार में और अधिक महत्व मिलना चाहिए था या उन्हें इसके और करीब होना चाहिए था।” डिविलियर्स के अनुसार, विशेष रूप से सेमीफाइनल और फाइनल जैसे बड़े दबाव वाले मैचों में बुमराह ने अविश्वसनीय ओवर फेंके और वह एक अलग ही स्तर पर नजर आए। उन्होंने बुमराह को अपने पूरे करियर में सामना किए गए शीर्ष तीन गेंदबाजों में से एक करार दिया। सबसे मुश्किल वक्त में संजू ने प्रदर्शन किया दूसरी ओर, डिविलियर्स ने संजू सैमसन के शानदार प्रदर्शन की भी प्रशंसा की, जिन्होंने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन के साथ मिलकर भारतीय बल्लेबाजी की मजबूत नींव रखी। उन्होंने बताया कि सैमसन ने तब सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जब उसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, खासकर सेमीफाइनल और फाइनल जैसे नॉकआउट मुकाबलों में। डिविलियर्स ने सैमसन के करियर के उतार-चढ़ाव और इसमें सचिन तेंदुलकर की मेंटर के रूप में भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सैमसन के पास वह फायरपावर है जिसने टीम के संतुलन को बेहतर बनाया और बड़े स्कोर बनाने में मदद की। टीम इंडिया यह विश्व कप डिजर्व करती थी डिविलियर्स ने बुमराह के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए उन्हें एक डाउन-टू-अर्थ (विनम्र) और अच्छा इंसान बताया। उन्होंने कहा कि बुमराह बिना किसी दिखावे के मैदान पर उतरते हैं और अपना काम बखूबी अंजाम देते हैं। हालांकि प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का चयन एक कठिन फैसला था, लेकिन डिविलियर्स ने टीम इंडिया को उनकी जीत के लिए बधाई देते हुए उन्हें पूरी तरह से हकदार विजेता बताया।

बार-बार मौका छिना, फिर भी नहीं हारे Sanju Samson – आज कहलाते हैं टीम इंडिया के कंबैक किंग

नई दिल्ली साल 2015…केरल से एक खिलाड़ी आता है, जिसे जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया जाता है। वे जिम्बाब्वे के दौरे पर जाते हैं। पहले मैच में उनको मौका नहीं मिलता, लेकिन 19 जुलाई 2015 को दूसरे मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाते हैं और अपना इंटरनेशनल डेब्यू कैप हासिल करते हैं। इस मैच में 7वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरते हैं और 24 गेंदों में एक चौके की मदद से 19 रन बनाते हैं। 146 रनों का टारगेट भारत के सामने होता है, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत 135 रनों तक ही पहुंच पाता है और मुकाबला 10 रन से हार जाता है। इस हार का ठीकरा संजू के सिर मढ़ दिया जाता है। इस मैच के बाद संजू सैमसन एक मैच, एक सीरीज या एक साल के लिए ड्रॉप नहीं होते, बल्कि उनको करीब 5 साल और 79 मैचों का इंतजार करना पड़ता है। 10 जनवरी 2020 को 5 साल के बाद उनको फिर से टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका मिलता है। श्रीलंका के खिलाफ पुणे के मैदान पर वे उतरते हैं। पहली गेंद पर छक्का जड़ते हैं और अगली गेंद पर आउट हो जाते हैं। हालांकि, सीरीज के पहले दो मैचों में उनको नहीं खिलाया जाता है। इसके बाद न्यूजीलैंड की सरजमीं पर उनको टी20 सीरीज के लिए चुना जाता है। वहां वे दो मैच खेलते हैं और ड्रॉप कर दिए जाते हैं, क्योंकि दो मैचों में उन्होंने रन नहीं बनाए होते हैं। फरवरी के बाद दिसंबर में उनको फिर से कुछ मैच खेलने को मिलते हैं, लेकिन फिर से ड्रॉप हो जाते हैं। कमबैक की कहानी जारी रही जुलाई 2021 में फिर से उनको मौका मिलता है। तीन मैच श्रीलंका के खिलाफ खेलते हैं और फ्लॉप रहते हैं और टीम से बाहर हो जाते हैं। फरवरी 2022 में फिर संजू की वापसी होती है। इस बार कुछ रन बनाते हैं। इसके बाद आईपीएल आता है और उसके बाद भी वे टीम में बने रहते हैं, लेकिन जून और अगस्त में वे तीन मैच खेलते हैं। अक्टूबर-नवंबर में टी20 विश्व कप के लिए नहीं चुने जाते हैं। इस दौरान वे सिर्फ एक ही अर्धशतक जड़ पाते हैं। जनवरी 2023 में वे एक मैच खेलते हैं और चोटिल होकर टीम से बाहर हो जाते हैं। अगस्त 2023 में वे फिर से वापस आते हैं और सात मैच खेलते हैं, लेकिन प्रदर्शन अभी भी वैसा नहीं है, जैसा वे आईपीएल या डोमेस्टिक क्रिकेट में कर रहे होते हैं। इस दौरान उनको न तो भारत की वनडे विश्व कप की टीम में मौका मिलता है और न ही एशियन गेम्स के लिए टीम में चुने जाते हैं। इसके बाद जनवरी 2024 में फिर से एक मैच खेलने को मिलता है। हालांकि, आईपीएल के बाद हुए टी20 विश्व कप 2024 के लिए वे टीम में चुन लिए जाते हैं, लेकिन वहां ऋषभ पंत उनसे आगे खेल जाते हैं और पूरे टूर्नामेंट में सैमसन एक भी मैच नहीं खेलते। इसके बाद आता है अक्तूबर 2024, जहां से सैमसन की किस्मत पलटी, लेकिन उस समय उनका करियर भी खत्म हो सकता था। करियर खत्म हो सकता था दरअसल, अक्तूबर में बांग्लादेश की टीम भारत के दौरे पर आती है। सैमसन उस सीरीज में पहले दो मैचों में फ्लॉप होते हैं और कहा जाता है कि आखिरी मैच में उनको मौका नहीं मिलेगा और उनका करियर समाप्त है। अगर उनको आखिरी मैच में मौका मिला और रन नहीं बने तो फिर हमेशा के लिए टीम से बाहर हो जाएंगे, क्योंकि इतने कमबैक और इतने मौके इंटरनेशनल क्रिकेट में और वह भी भारत जैसी टीम में मिलते नहीं है। अब तक 32 मौके उनको मिले थे, जिनमें दो अर्धशतक उन्होंने जड़े थे। ज्यादातर मैचों में उनका स्कोर सिंगल डिजिट था। बांग्लादेश के खिलाफ हैदराबाद में भारत आखिरी मैच सीरीज का खेलता है, जो कि संजू सैमसन का करियर डिसाइडिंग मैच था। इस मैच में 47 गेंदों में 111 रन संजू बनाते हैं और अपना करियर बचाते हैं। अगली सीरीज में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी पहले मैच में संजू के बल्ले से शतक आता है। हालांकि, अगले दो मैचों में फिर से वे शून्य पर आउट हो जाते हैं, लेकिन अच्छी बात ये थी कि चौथे मैच में भी उनके बल्ले से शतक आता है। भारत जीतता चला जाता है। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी दमदार नजर आती है। फ्लॉप शो रहा जारी अब जनवरी 2025 आता है, जहां वे इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में 51 रन बनाते हैं। इसके बाद भारत को सीधे एशिया कप खेलना था। सितंबर में खेले गए उस एशिया कप में सिलेक्टर ने ओपनर के तौर पर शुभमन गिल को मौका दिया था और उन्हें वाइस कैप्टन बनाया था। संजू को कहा गया कि वे मैच फिनिशर की भूमिका निभाएं, जिसमें वह फेल रहे। ऊपर गिल का भी बल्ला नहीं चला। एक अर्धशतक एशिया कप में संजू ने जड़ा और फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 24 रनों की अच्छी पारी खेली, लेकिन उन्हें सराहना नहीं मिली, क्योंकि एक मैच नंबर तीन पर उतरे थे। ऑस्ट्रेलिया का दौरा आता है और अक्तूबर में वे दो मैच वहां खेलते हैं, लेकिन एक में बल्लेबाजी आती है और दो रन ही वे बना पाते हैं और फिर साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर पांच मैचों की टी20 सीरीज में वे ड्रॉप हो जाते हैं। इस दौरान अभिषेक के साथ गिल ओपन करते हैं, लेकिन सीरीज के आखिरी मैच में गिल से ओपनिंग छीनकर संजू को दे दी जाती है, जो फिर से संजू का कमबैक था। उस मैच में वे 22 गेंदों में 37 रन बनाते हैं। इसके बाद टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम का चयन होता है। उसी टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज भी खेलनी थी। मेन प्लेयर से बैकअप प्लेयर बन गए संजू अब चयनकर्ता शुभमन गिल से आगे बढ़ चुके थे। उनको ड्रॉप किया गया था और ईशान किशन को बतौर बैकअप ओपनर और बैकअप विकेटकीपर टीम में चुना गया था। उपकप्तानी अक्षर पटेल को सौंपी गई थी। संजू सैमसन मेन ओपनर और मेन विकेटकीपर थी। 

फाइनल में सैमसन का जलवा: सबसे बड़ा स्कोर ठोककर मार्लन सैमुअल्स का 10 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

अहमदाबाद भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने टी20 विश्व कप के फाइनल में अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली है। वह टी20 विश्व कप के फाइनल के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। संजू सैमसन ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आखिरी मुकाबले में 46 गेंद में 89 रन बनाए। उन्होंने वेस्टइंडीज के मार्लन सैमुअल्स का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2016 में खेले गए टी20 विश्व कप में ये रिकॉर्ड अपने नाम किया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 255 रन बनाए हैं। संजू फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बैटर संजू सैमसन टी20 विश्व कप के इतिहास में फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। संजू सैमसन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में अभिषेक शर्मा के साथ धमाकेदार शुरुआत की। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 98 रन की साझेदारी हुई। संजू 46 गेंद में 8 छक्के और पांच चौके की मदद से 89 रन बनाए। इसके साथ ही उन्होंने टी20 विश्व कप के फाइनल में सर्वाधिक रन बनाने वाले बैटर रहे मार्लन सैमुअल्स को पीछे छोड़ दिया है। मार्लन सैमुअल्सने नाबाद 85 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज मार्लन सैमुअल्स ने 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ये स्कोर बनाया था। तीसरे नंबर पर केन विलियमसन हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2021 में 85 रन की दमदार पारी खेली। मार्लेन सैमुल्स ने 2012 में खेले गए विश्व कप में श्रीलंका के खिलाफ टी20 विश्व कप फाइनल में 78 रन बनाए थे। भारत ने संजू सैमसन (89 रन), अभिषेक शर्मा (52 रन) और ईशान किशन (54 रन) के अर्धशतकों से रविवार को टी20 विश्व कप के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच विकेट पर 255 रन बनाए। सैमसन ने अभिषेक के साथ पहले विकेट के लिए 98 रन की और दूसरे विकेट के लिए किशन के साथ 105 रन की भागीदारी निभाई। सैमसन ने 46 गेंद की पारी में पांच चौके और आठ छक्के जड़े। अभिषेक ने 18 गेंद में अर्धशतक जड़ा जो टी20 विश्व कप नॉकआउट मैच का और इस चरण का सबसे तेज अर्धशतक भी है।  

फाइनल में संजू सैमसन का कमाल, विराट कोहली और शाहिद अफरीदी के क्लब में एंट्री

अहमदाबाद  संजू सैमसन रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में अर्धशतक लगाकर विराट कोहली और शाहिद अफरीदी के क्लब में शामिल हो गए हैं। वह टी20 विश्व कप में सेमीफाइनल और फाइनल में अर्धशतक लगाने वाले तीसरे बैटर बन गए हैं। संजू सैमसन ने फाइनल में कर दिखाया कमाल, कोहली-अफरीदी के क्लब में मारी एंट्री भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप के फाइनल में धमाकेदार प्रदर्शन किया है। संजू सैमसन ने जारी टी20 विश्व कप में लगातार मैचों में तीन अर्धशतकीय पारी खेली। संजू ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 33 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। इसकेसाथ ही वह टी20 विश्व कप के एक संस्करण में सेमीफाइनल और फाइनल में अर्धशतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी और भारत के महान बल्लेबाज विराट कोहली ये कारनामा चुके हैं। कोहली-अफरीदी के क्लब में एंट्री संजू सैमसन टी20 विश्व कप में शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंद में 89 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 8 चौके और सात छक्के लगाए। न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में भी संजू के बल्ले से खूब रन निकले हैं। संजू सैमसन 33 गेंद में अर्धशतक पूरा करने के साथ ही टी20 विश्व कप में सेमीफाइल और फाइनल में 50 से अधिक स्कोर बनाने वाले तीसरे बैटर बने हैं। इससे पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने 2009 में सेमीफाइनल और फाइनल में अर्धशतकीय पारी खेली थी। वहीं भारत के दिग्गज विराट कोहली ने 2016 में खेले गए टी20 विश्व कप में सेमीफाइनल और फिर फाइनल में अर्धशतक बनाया था।  

संजू सैमसन बैन ट्रेंड: नियम क्या कहते हैं और इंग्लैंड मैच में उनके खेलने की संभावना

कलकत्ता  ‘Sanju Samson ban’ शब्द सोशल मीडिया पर जमकर ट्रेंड कर रहा है, खासकर आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल से पहले. भारत और इंग्लैंड की टीमें इस मुकाबले में आमने-सामने होंगी. सोशल मीडिया पर ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर 8 में मैच जिताऊ पारी के बाद जश्न मनाने के कारण इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) संजू सैमसन पर बैन लगा सकती है, जिससे फैंस काफी परेशान हैं। आखिर हुआ क्या था? कोलकाता के ईडन गार्डन्स में रविवार को विजयी चौका लगाने के बाद संजू सैमसन ने हेलमेट उतारकर जमीन पर फेंक दिया और घुटनों के बल बैठकर भगवान का धन्यवाद किया. कुछ लोगों का मानना है कि हेलमेट ‘फेंकने’ का यह एक्शन ICC के ‘क्रिकेट उपकरण के दुरुपयोग’ वाले नियम के तहत आ सकता है। फिलहाल, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ICC संजू सैमसन के खिलाफ कोई कार्रवाई करने जा रही है. हालांकि, सोशल मीडिया पर चर्चा है कि अगर सैमसन दोषी पाए गए तो उन्हें एक मैच के लिए सस्पेंड किया जा सकता है. ICC का नियम क्या कहता है? ICC के आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के तहत, खिलाड़ियों को क्रिकेट उपकरण का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए. इसमें हेलमेट, बैट, स्टंप या किसी भी अन्य उपकरण को फेंकना या मारना शामिल है. अगर यह काम गुस्से में नहीं, बल्कि भावनाओं में किया गया हो, तब भी इसकी समीक्षा की जा सकती है और कार्रवाई हो सकती है। नियम में यह भी कहा गया है कि अगर किसी भी एक्शन से उपकरण या स्टेडियम की संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो उसे नियम का उल्लंघन माना जाएगा. हाल ही में, स्कॉटलैंड के क्रिकेटर जॉर्ज मंसी को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एक मैच में आउट होने के बाद हेलमेट फेंकने पर एक डिमेरिट प्वाइंट दिया गया था. यानी ऐसे मामलों में कार्रवाई संभव है। क्या सैमसन सस्पेंड हो सकते हैं? तकनीकी रूप से, अगर मैच अधिकारियों को लगता है कि सैमसन ने हेलमेट फेंका है, तो उन्हें सजा मिल सकती है. आमतौर पर, ऐसे मामलों को लेवल 1 अपराध माना जाता है. लेवल 1 के उल्लंघन पर अधिकतम 50% मैच फीस का जुर्माना और दो डिमेरिट प्वाइंट दिए जा सकते हैं। अक्सर, खिलाड़ियों को ऐसे मामलों में बैन नहीं किया जाता, सिर्फ डिमेरिट प्वाइंट मिलते हैं. मैच रेफरी भी देखते हैं कि यह एक्शन किस संदर्भ में किया गया. जश्न के दौरान किए गए ऐसे एक्शन को आमतौर पर गुस्से में किए गए कामों की तुलना में हल्के में लिया जाता है. इसलिए, सैमसन पर बैन लगना संभव नहीं लगता।

राजस्थान रॉयल्स के लिए IPL की शुरुआत से पहले बड़ी खुशखबरी, टीम के स्टार खिलाड़ी ने फिटनेस टेस्ट पास कर लिया

जयपुर राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान संजू सैमसन को इंग्लैंड के खिलाफ T20I सीरीज के दौरान तर्जनी अंगुली में फ्रैक्चर हो गया था. ऐसे में उनको इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 से पहले बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (जिसे पहले NCA के नाम से जाना जाता था) द्वारा बल्लेबाजी करने की अनुमति दे दी गई है. अब तक इस बात पर अनिश्चितता के बादल हैं कि क्या वह IPL में विकेटकीपिंग कर पाएंगे.  समचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फिजियो सैमसन की बिना किसी स्ट्रगल के बल्लेबाजी करने की क्षमता से संतुष्ट हैं, लेकिन वे विकेटकीपिंग करते समय उनके कंफर्ट लेवल पर भी करीब से नजर डालना चाहेंगे. अगर सैमसन को विकेटकीपिंग की अनुमति नहीं मिलती है, तो ध्रुव जुरेल को टीम का विकेटकीपर बनाया जा सकता है. जुरेल को फ्रेंचाइजी ने 14 करोड़ रुपये में रिटेन किया था. टीम में कोई अन्य विकेटकीपर-बल्लेबाज नहीं है.  इस बीच, संजू सैमसन भारत के पूर्व हेड कोच राहुल द्रविड़ के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं, जिन्होंने राजस्थान की कप्तानी भी की है. सैमसन ने द्रविड़ के नेतृत्व में अपने डेब्यू को याद किया और बताया कि कैसे महान बल्लेबाज ने उन्हें एक दशक से भी पहले स्पॉट किया था.  सैमसन ने जियो हॉटस्टार से कहा- राहुल सर ही थे जिन्होंने ट्रायल्स में मुझे देखा था, वह मेरे पास आए और कहा तुम मेरी टीम के लिए खेल सकते हो, तब से लेकर अब तक, अब मैं फ्रेंचाइजी का कप्तान हूं और वह वापस आ रहे हैं, राहुल सर की वापसी से मैं बहुत आभारी हूं, क्योंकि हम सभी फ्रेंचाइजी में हैं, मैंने एक खिलाड़ी के रूप में उनके नेतृत्व में [आरआर में] खेला है जब वह कप्तान थे और मैंने भारतीय टीम में उनके नेतृत्व में खेला है, जब वह कोच थे. लेकिन एक कप्तान-कोच का रिश्ता बहुत खास होता है और मैं उनसे बहुत कुछ सीखने के लिए एक्साइटेड हूं.  संजू यही नहीं रुके और आगे कहा- वह (द्रव‍िड़) एक बेहतरीन प्रोफेशनल खिलाड़ी हैं, वह यह सुनिश्चित करते हैं कि सब कुछ ठीक से हो, मैं पिछले महीने नागपुर में राजस्थान रॉयल्स की खेल अकादमी में उनके साथ था, सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक, वह गर्मी में खड़े होकर बल्लेबाजों को बल्लेबाजी करते और गेंदबाजों को गेंदबाजी करते देखते रहे, उनसे बातचीत करते रहे, कोचों से चर्चा करते रहे. वह हर चीज में पूरी तरह से शामिल रहते हैं. मुझे लगता है कि तैयारी उनके कैरेक्टर में बहुत बड़ी भूमिका निभाती है और मुझे लगता है कि यह कुछ ऐसा है जिसे मुझे थोड़ा और सीखना होगा.  ध्यान रहे राजस्थान रॉयल्स अपने अभियान के पहले मैच में 23 मार्च को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में पैट कमिंस की अगुवाई वाली सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) से भिड़ेगी.  राजस्थान रॉयल्स का स्क्वॉड: संजू सैमसन, यशस्वी जयसवाल, शिमरॉन हेटमायर, शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, नीतीश राणा, रियान पराग, युद्धवीर सिंह, जोफ्रा आर्चर, वानिंदु हसरंगा, महीश तीक्ष्णा , संदीप शर्मा, तुषार देशपांडे, कुमार कार्तिकेय, फजलहक फारूकी, आकाश मधवाल, ध्रुव जुरेल आईपीएल 2025 का फुल शेड्यूल 1. कोलकाता नाइट राइडर्स Vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, 22 मार्च, शाम 7:30 बजे, कोलकाता 2. सनराइजर्स हैदराबाद Vs राजस्थान रॉयल्स, 23 मार्च, दोपहर 3:30 बजे, हैदराबाद 3. चेन्नई सुपर किंग्स Vs मुंबई इंडियंस, 23 मार्च, शाम 7:30 बजे, चेन्नई 4. दिल्ली कैपिटल्स Vs लखनऊ सुपर जायंट्स, 24 मार्च, शाम 7:30 बजे, विशाखापत्तनम 5. गुजरात टाइटन्स Vs पंजाब किंग्स, 25 मार्च, शाम 7:30 बजे, अहमदाबाद 6. राजस्थान रॉयल्स Vs कोलकाता नाइट राइडर्स, 26 मार्च, शाम 7:30 बजे, गुवाहाटी 7. सनराइजर्स हैदराबाद Vs लखनऊ सुपर जायंट्स, 27 मार्च, शाम 7:30 बजे, हैदराबाद 8. चेन्नई सुपर किंग्स Vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, 28 मार्च, शाम 7:30 बजे, चेन्नई 9. गुजरात टाइटन्स Vs मुंबई इंडियंस, 29 मार्च, शाम 7:30 बजे, अहमदाबाद 10. दिल्ली कैपिटल्स Vs सनराइजर्स हैदराबाद, 30 मार्च, दोपहर 3:30 बजे, विशाखापत्तनम 11. राजस्थान रॉयल्स Vs चेन्नई सुपर किंग्स, 30 मार्च, शाम 7:30 बजे, गुवाहाटी 12. मुंबई इंडियंस Vs कोलकाता नाइट राइडर्स, 31 मार्च, शाम 7:30 बजे, मुंबई 13. लखनऊ सुपर जायंट्स Vs पंजाब किंग्स, 1 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, लखनऊ 14. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु Vs गुजरात टाइटन्स, 2 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, बेंगलुरु 15. कोलकाता नाइट राइडर्स Vs सनराइजर्स हैदराबाद, 3 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, कोलकाता 16. लखनऊ सुपर जायंट्स Vs मुंबई इंडियंस, 4 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, लखनऊ 17. चेन्नई सुपर किंग्स Vs दिल्ली कैपिटल्स, 5 अप्रैल, दोपहर 3:30 बजे, चेन्नई 18. पंजाब किंग्स Vs राजस्थान रॉयल्स, 5 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, न्यू चंडीगढ़ 19. कोलकाता नाइट राइडर्स Vs लखनऊ सुपर जायंट्स, 6 अप्रैल, दोपहर 3:30 बजे, कोलकाता 20. सनराइजर्स हैदराबाद Vs गुजरात टाइटन्स, 6 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, हैदराबाद 21. मुंबई इंडियंस Vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, 7 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, मुंबई 22. पंजाब किंग्स Vs चेन्नई सुपर किंग्स, 8 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, न्यू चंडीगढ़ 23. गुजरात टाइटन्स Vs राजस्थान रॉयल्स, 9 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, अहमदाबाद 24. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु Vs दिल्ली कैपिटल्स, 10 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, बेंगलुरु 25. चेन्नई सुपर किंग्स Vs कोलकाता नाइट राइडर्स, 11 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, चेन्नई 26. लखनऊ सुपर जायंट्स Vs गुजरात टाइटन्स, 12 अप्रैल, दोपहर 3:30 बजे, लखनऊ 27. सनराइजर्स हैदराबाद Vs पंजाब किंग्स, 12 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, हैदराबाद 28. राजस्थान रॉयल्स Vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, 13 अप्रैल, दोपहर 3:30 बजे, जयपुर 29. दिल्ली कैपिटल्स Vs मुंबई इंडियंस, 13 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, दिल्ली 30. लखनऊ सुपर जायंट्स Vs चेन्नई सुपर किंग्स, 14 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, लखनऊ 31. पंजाब किंग्स Vs कोलकाता नाइट राइडर्स, 15 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, न्यू चंडीगढ़ 32. दिल्ली कैपिटल्स Vs राजस्थान रॉयल्स, 16 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, दिल्ली 33. मुंबई इंडियंस Vs सनराइजर्स हैदराबाद, 17 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, मुंबई 34. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु Vs पंजाब किंग्स, 18 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, बेंगलुरु 35. गुजरात टाइटन्स Vs दिल्ली कैपिटल्स, 19 अप्रैल, दोपहर 3:30 बजे, अहमदाबाद 36. राजस्थान रॉयल्स Vs लखनऊ सुपर जायंट्स, 19 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, जयपुर 37. पंजाब किंग्स Vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, 20 अप्रैल, दोपहर 3:30 बजे, न्यू चंडीगढ़ 38. मुंबई इंडियंस Vs चेन्नई सुपर किंग्स, 20 अप्रैल, शाम 7:30 बजे, मुंबई 39. कोलकाता नाइट राइडर्स Vs … Read more

संजू सैमसन ने कई टी20 अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल करते हुए अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा लिया

जोहान्सबर्ग संजू सैमसन ने वांडरर्स स्टेडियम में शानदार बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के चौथे मैच में अपना तीसरा टी20 शतक जड़ा। सैमसन ने महज 56 गेंदों पर नाबाद 109 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें नौ गगनचुंबी छक्के और छह चौके शामिल थे, उन्होंने कई टी20 अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल करते हुए अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा लिया। इस पारी के साथ, सैमसन एक कैलेंडर वर्ष में तीन शतक बनाने वाले टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास के पहले बल्लेबाज बन गए और इंग्लैंड के फिल साल्ट के बाद द्विपक्षीय टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में दो शतक बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए। सैमसन ने डरबन में सीरीज के पहले मैच में 107 रन बनाने के बाद नाबाद शतक जड़ा, जिससे भारत के सबसे गतिशील टी20 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में से एक के रूप में उनकी प्रतिष्ठा और मजबूत हुई। पुरुषों के टी20 क्रिकेट इतिहास में यह पहला मौका था जब पूर्ण आईसीसी सदस्यों के बीच मैच में दो खिलाड़ियों ने एक ही पारी में शतक बनाए। सैमसन अब केएल राहुल के दो शतकों को पीछे छोड़ते हुए किसी भारतीय द्वारा टी20 शतक (तीन) बनाने का गौरव प्राप्त कर चुके हैं। केवल रोहित शर्मा (चार) और सूर्यकुमार यादव (तीन) ही इस प्रारूप में समान ऊंचाइयों तक पहुंच पाए हैं। उनका प्रदर्शन शानदार दौर में आया है, जिसमें उनके तीनों शतक उनकी पिछली पांच टी20 पारियों में आए हैं। उन्होंने श्रृंखला के दूसरे और तीसरे टी20 में लगातार दो शून्य भी बनाए। सैमसन के कारनामों को तिलक वर्मा के शानदार शतक ने और भी बढ़ाया, जिन्होंने श्रृंखला में अपना लगातार दूसरा टी20 शतक बनाया। वर्मा ने केवल 50 गेंदों पर 102 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें दस छक्के और नौ चौके शामिल थे। सैमसन और वर्मा ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 210 रनों की शानदार साझेदारी की, जो आईसीसी के पूर्ण सदस्यों के बीच किसी टी20 मैच में सबसे बड़ी साझेदारी है। वर्मा भी सैमसन की सूची में शामिल हो गए, वे लगातार टी20 में शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बन गए। उनकी साझेदारी की बदौलत भारत ने सीरीज के अंतिम मैच में दक्षिण अफ्रीका के सामने 284 रनों का लक्ष्य रखा और जीत हासिल की।  

283 रन और 23 छक्के… तिलक-सैमसन ने गेंदबाजों की निकाली धूल, बनाया T20I का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

जोहानिसबर्ग सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका को 4 मैचों की टी20 सीरीज में 3-1 से हरा दिया है. सीरीज का चौथा मुकाबला शुक्रवार (15 नवंबर) को जोहानिसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में खेला गया, जिसमें भारतीय टीम ने 135 रनों से जीत दर्ज की. यह रनों के लिहाज से अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम की सबसे बड़ी जीत है. इससे पहले 14 दिसंबर 2023 को इसी मैदान पर 106 रनों से हराया था. मौजूदा मुकाबले में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया. इसके बाद टीम इंडिया ने 284 रनों का टारगेट सेट किया. जवाब में साउथ अफ्रीका टीम 18.2 ओवर में 148 रन ही बना सकी और मैच गंवा दिया. अफ्रीका के लिए ट्रिस्टन स्टब्स ने सबसे ज्यादा 43 रन बनाए. जबकि भारतीय टीम के लिए अर्शदीप सिंह ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके. वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल को 2-2 सफलताएं मिली. हार्दिक पंड्या, रमनदीप सिंह और रवि बिश्नोई ने 1-1 विकेट लिए. साउथ अफ्रीकी टीम का स्कोरकार्ड: (148 रन, 18.2 ओवर) बल्लेबाज गेंदबाज रन बनाए विकेट पतन रीजा हेंड्रिक्स क्लीन बोल्ड अर्शदीप सिंह 0 1-1 रयान रिकेल्टन कैच- संजू सैमसन हार्दिक पंड्या 1 2-1 एडेन मार्करम कैच- रवि बिश्नोई अर्शदीप सिंह 8 3-10 हेनरिक क्लासेन LBW आउट अर्शदीप सिंह 0 4-10 डेविड मिलर कैच- तिलक वर्मा वरुण चक्रवर्ती 36 5-96 ट्रिस्टन स्टब्स LBW आउट रवि बिश्नोई 43 6-96 एंडिले सिमेलाने कैच- रवि बिश्नोई वरुण चक्रवर्ती 2 7-105 गेराल्ड कोएत्जी कैच- संजू सैमसन अक्षर पटेल 12 8-131 केशव महाराज कैच- तिलक वर्मा अक्षर पटेल 6 9-141 लुथो सिपम्ला कैच- अक्षर पटेल रमनदीप सिंह 3 10-148 संजू-तिलक के शतकों से बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड मैच में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा (36) ने ओपनिंग में 73 रनों की पार्टनरशिप की. इसके बाद संजू ने तिलक वर्मा के साथ मिलकर रिकॉर्ड 93 गेंदों पर नाबाद 210 रनों की साझेदारी कर डाली. संजू सैमसन ने 51 बॉल और तिलक वर्मा ने 41 गेंदों पर शतक जमाया. संजू सैमसन ने 56 गेंदों पर 109 रनों की आतिशी पारी खेली. जबकि तिलक ने 47 गेंदों पर 120 रन जड़ दिए. संजू का यह टी20 इंटरनेशनल करियर का तीसरा शतक रहा, जो उन्होंने पिछले 5 मैचों में जमाए हैं. दूसरी ओर तिलक वर्मा का यह दूसरा शतक रहा. उन्होंने भी यह दोनों सेंचुरी इसी सीरीज में लगातार लगाई हैं. जबकि अफ्रीकी टीम के लिए एकमात्र विकेट लुथो सिपम्ला ने लिया. टी20 इतिहास में पहली बार ICC फुल नेशन मेंबर टीमों के बीच में किसी टीम के दो बल्लेबाजों ने एक साथ शतक जमाए हैं. यह इतिहास हो गया है. ओवरऑल इस फॉर्मेट में ऐसा तीसरी बार हुआ है. दूसरा रिकॉर्ड भारतीय टीम ने इस मैच में 1 विकेट पर 283 रन बनाए. यह साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 में सबसे बड़ा स्कोर है. इससे पहले 2 अक्टूबर 2022 को 3 विकेट पर 237 रन बनाए थे. भारतीय टीम का स्कोरकार्ड: (283/1, 20 ओवर) बल्लेबाज गेंदबाज रन बनाए विकेट पतन अभिषेक शर्मा कैच- हेनरिक क्लासेन लुथो सिपम्ला 36 1-73 अफ्रीका के खिलाफ 6 सीरीज से हारा नहीं है भारत साउथ अफ्रीका के खिलाफ द्विपक्षीय टी20 सीरीज में भारतीय टीम का रिकॉर्ड धांसू है. पिछली 6 सीरीज (मौजूदा मिलाकर) से भारतीय टीम हारी नहीं है. इस तरह साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम अजेय रथ पर सवार है. पिछली 6 द्विपक्षीय टी20 सीरीज में से 3 में भारत को जीत मिली है. जबकि 3 टी20 सीरीज ड्रॉ पर खत्म हुई हैं. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच अब तक 10 द्विपक्षीय टी20 सीरीज (मौजूदा मिलाकर) खेली गईं. इस दौरान भारत ने 5 और अफ्रीका ने 2 जीती हैं. 3 सीरीज ड्रॉ रही हैं. भारतीय टीम को आखिरी बार अक्टूबर 2015 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ द्विपक्षीय टी20 सीरीज में हार झेलनी पड़ी थी. इसके बाद से टीम हारी नहीं है. टी20 मैचों में भी भारतीय टीम बेमिसाल बता दें कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ और उसके घर में दोनों ही मामलों में भारतीय टीम का टी20 मैचों में रिकॉर्ड धांसू है. दोनों टीमों के बीच अब तक 31 टी20 मैच हुए, जिसमें भारत ने 18 जीते और 12 हारे हैं. जबकि साउथ अफ्रीका में भारतीय टीम ने कुल 19 टी20 मैच खेले, जिसमें से 13 जीते और सिर्फ 5 हारे हैं. इसी देश में भारत ने 2007 में टी20 वर्ल्ड कप भी जीता था. भारत-अफ्रीका के बीच टी20 में हेड-टु-हेड कुल टी20 मैच: 31 भारत जीता: 18 साउथ अफ्रीका जीता: 12 बेनतीजा: 1 अफ्रीका में भारतीय टीम का टी20 रिकॉर्ड कुल टी20 मैच: 19 जीते: 13 हारे: 5 बेनतीजा: 1

संजू सैमसन ने अपनी शानदार 111 रनों की पारी के लिए टीम मैनेजमेंट का शुक्रिया अदा किया

नई दिल्ली भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने बांग्लादेश के खिलाफ 3-0 से टी20 सीरीज जीत दिलाने के बाद अपनी शानदार 111 रनों की पारी के लिए टीम मैनेजमेंट का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उन्हें पहले से ही उनकी भूमिका को लेकर स्पष्टता दे दी थी। सैमसन ने 47 गेंदों पर 111 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 8 छक्के शामिल थे। यह पारी उन्होंने हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेली और इस पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 236.17 था। इस शानदार शतक के साथ सैमसन पुरुषों के टी20 में शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले सैमसन का फॉर्म कुछ खास नहीं था और उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद यह बेहतरीन पारी खेली। इसके बाद वह रोहित शर्मा के बाद सबसे तेज टी20 शतक बनाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। मैच के बाद सैमसन ने कहा, “जब आप देश के लिए खेलते हैं और कुछ मैचों में असफल होते हैं, तो दबाव महसूस होता है। सच कहूं तो मुझ पर भी दबाव था। मैं प्रदर्शन करना चाहता था, अपनी क्षमता दिखाना चाहता था। कप्तान (सूर्यकुमार यादव) और कोच (गौतम गंभीर) ने मुझसे कहा, ‘हमें पता है कि तुम्हारे अंदर कितना टैलेंट है, हम तुम्हारे साथ हैं, चाहे कुछ भी हो।’” उन्होंने आगे कहा, “वे सिर्फ बातों में नहीं, बल्कि अपने फैसलों में भी मुझे सपोर्ट करते रहे। श्रीलंका में लगातार दो मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद मुझे थोड़ा शक हुआ था कि शायद मुझे अगली सीरीज में मौका न मिले, लेकिन उन्होंने मुझे इस सीरीज में पूरा भरोसा दिया। तीन हफ्ते पहले ही सूर्यकुमार, गौतम भाई और (सहायक कोच) अभिषेक नायर ने मुझे बताया था कि मैं ओपनिंग करूंगा, जिससे मुझे सही तैयारी करने का समय मिल गया।” सैमसन ने बताया कि उन्होंने राजस्थान रॉयल्स अकादमी में जाकर कई गेंदबाजों का सामना किया और खुद को इस सीरीज के लिए पूरी तरह तैयार किया। उन्होंने इस सीरीज में 30 रन एक ओवर में सिर्फ पांच छक्कों से बनाए, जो किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा टी20 इंटरनेशनल में चौथे सबसे अधिक रन हैं। यह खास प्रदर्शन दशहरा के मौके पर स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के लिए बहुत रोमांचक रहा। सैमसन ने कहा, “मुझे पता था कि मैं स्पिनर के खिलाफ क्या कर सकता हूं, इसलिए मैंने उस ओवर में ज़्यादा से ज़्यादा रन बनाने की कोशिश की। और पांच छक्के लग गए। मुझे पावरप्ले के बाद ही लगा कि मैं सेट हो गया हूं। पहले बल्लेबाजी करते हुए यह अंदाज़ा लगाना मुश्किल होता है कि कितने रन ठीक रहेंगे, लेकिन यह पिच अच्छी थी, इसलिए हम हर ओवर में ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की कोशिश कर रहे थे।” सैमसन ने आगे बताया, “पिछले दो सालों से मैं सोच रहा था कि मैं एक ओवर में छह छक्के लगा सकता हूं। मैंने अपने मेंटर के साथ मिलकर इस पर काम किया है और खुद को इस बात का भरोसा दिलाया कि यह मुमकिन है। मैंने इसे ध्यान में रखकर अभ्यास किया और सोचा कि इसे एक दिन जरूर करना चाहिए। आज मैं बहुत खुश हूं कि यह हो पाया।” इस शतक के बाद सैमसन ने टी20 टीम में लंबे समय के लिए अपनी जगह पक्की करने के लिए दावेदारी ठोक दी है। भारत को साल 2026 में अपन घर पर टी20 विश्व कप खिताब को डिफेंड करना है। इस पर सैमसन कहते हैं, “भारत के लिए खेलना आसान नहीं है। जब आप फेल होते हैं तो यह कहना आसान होता है कि मैं अगले मैच में अधिक रन बनाऊंगा। लेकिन मैं इन चीजों को अपने तरीके से लेना चाहता हूं। मैं वह रहना चाहता हूं जो मैं हूं। मेरे लिए यह जरूरी है कि आप अपने बारे में जानते हैं और अपने खेल के बारे में जानते हैं। यह अपने प्रति सच्चा होने के बारे में है।”  

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