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कोर्ट ने 19 अक्टूबर तक अमन साहू को भेजा पुलिस की रिमांड पर , हो सकते हैं बड़े खुलासे

रायपुर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को आज सीबीआई स्पेशल मजिस्ट्रेट भूपेश कुमार बसंत की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने अमन साहू को 19 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। इस दौरान पूछताछ के समय अमन साहू के वकील की उपस्थिति की भी अनुमति दी गई है। अब रायपुर पुलिस कुख्यात गैंगस्टर से आगे की पूछताछ करेगी, जिसके तहत उसकी आपराधिक गतिविधियों और नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। बता दें कि गैंगस्टर अमन साहू को रायपुर पुलिस ने एक दिन पहले ही प्रोडक्शन वारंट पर झारखंड से गिरफ्तार किया था। इसके बाद 40 पुलिसकर्मियों की टीम के साथ कड़ी सुरक्षा में सोमवार तड़के उसे रायपुर लाया गया। अमन साहू पर रायपुर के तेलीबांधा इलाके में एक कारोबारी के ऑफिस के बाहर गोलीबारी कराने का आरोप है। इस मामले में पहले ही पुलिस ने गैंग की एक महिला सदस्य समेत 12 अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अमन साहू को आज कोर्ट में पेश करेगी और उसकी रिमांड की मांग करेगी, जिससे गोलीकांड में और भी जानकारी हासिल की जा सके। झारखंड में अमन के खिलाफ दर्ज हैं दर्जनों मामले अमन के खिलाफ झारखंड में दर्जनों मामले दर्ज हैं। हर दूसरे-तीसरे दिन झारखंड के अलग-अलग कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई होती है। इसके साथ ही वह हार्डकोर अपराधी है। इस लिहाज से गिरिडीह जेल प्रशासन अमन की पेशी और सुरक्षा का हवाला देकर अमन को प्रोटेक्शन वारंट में भेजने से बचती है। यह है पूरी घटना तेलीबांधा थाने के पास स्थित कंस्ट्रक्शन कंपनी पीआरए ग्रुप के ऑफिस के बाहर 13 जुलाई 2024 को करीब 11 बजे पल्सर बाइक सवार दो शूटरों ने दफ्तर के बाहर पार्किंग एरिया में फायरिंग की। वहीं, फायरिंग की आवाज सुनकर कार में बैठे कारोबारी के ड्राइवर और कर्मचारी घबरा गए और जान बचाकर ऑफिस के अंदर भागे। फायरिंग की आवाज सुनकर सुरक्षाकर्मियों ने भी जवाबी फायरिंग में 2 से 3 राउंड गोली चलाई। घटना के बाद नकाबपोश शूटर्स मौके से फरार हो गए। जिसके बाद आरोपियों को पकड़ने पुलिस ने पूरे शहर में नाकेबंदी की। वहीं, गोली चलाने वाले युवकों की बाइक JH 01 DL 4692 को तेलीबांधा क्षेत्र से बरामद किया गया। अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार गोलीकांड मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने झारखंड और पंजाब में स्पेशल टीम गठित कर कार्रवाई की। इस कार्रवाई में पुलिस ने दोनों राज्यों से अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

हमारे नागरिकों के हितों की रक्षा के हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है : जयशंकर

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुनिया के विभिन्न देशों से आज अपील किया कि वे भारत की प्रतिभाओं एवं युवा जनशक्ति का अपने यहां विकास के लिए लाभ लें। डॉ जयशंकर ने यहां सुषमा स्वराज भवन में प्रवासी श्रमिकों के कानूनी एवं सुरक्षित प्रवासन के लिए विदेश मंत्रालय के विदेशी रोज़गार प्रभाग द्वारा विकसित पोर्टल ‘ईमाईग्रेट’ के नये संस्करण के अनावरण के मौके पर यह अपील की। इस मौके पर केन्द्रीय श्रम, रोज़गार, खेल एवं युवा मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गरीटा भी उपस्थित थे। डॉ जयशंकर ने कहा कि पिछले साल ही सुरक्षित और कानूनी प्रवासन चैनलों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विदेश मंत्रालय के अभियान के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘सुरक्षित जाएं, संरक्षित जाएं’ आदर्श वाक्य के साथ एक स्मारक डाक टिकट जारी किया था। आज का कार्यक्रम उस भावना को दर्शाता है क्योंकि यह जीवन को आसान बनाने और जन केंद्रित शासन को बढ़ाने के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है। ई-माइग्रेट पोर्टल का शुभारंभ भारतीय श्रमिकों के लिए एक सुरक्षित, अधिक पारदर्शी और समावेशी गतिशीलता बनाने के हमारे निरंतर प्रयासों का एक प्रमाण है और हमारे नागरिकों के हितों की रक्षा के हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। विदेश मंत्री ने कहा कि जबकि हम भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रतिष्ठा में अपने प्रवासी श्रमिकों के अमूल्य योगदान को पहचानते हैं, हमें उन कमजोरियों को भी स्वीकार करना चाहिए जिनका वे विदेशी भूमि पर सामना करते हैं। हमारे मिशनों, विशेष रूप से खाड़ी में मिशनों में समर्पित श्रमिक अताशे हैं जो श्रम और अन्य शिकायतों का निवारण सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि संशोधित ई-माइग्रेट पोर्टल में उनके सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए 24 गुणा 7 बहुभाषी हेल्पलाइन नंबर भी हैं, जिनके लिए कभी-कभी तत्काल समाधान की आवश्यकता होती है।” उन्होंने कहा कि यह पाेर्टल एवं मोबाइल ऐप प्रवासी श्रमिकों के लिए अवसरों के द्वार खोल रहा है। भारत सरकार ने उनके लिए रोज़गार के अवसराें के साथ सुरक्षित एवं प्रशिक्षित प्रवासन के सभी उपाय भी मुहैया कराये हैं। विदेश मंत्री ने इस मौके पर मौजूद विदेशी राजनयिकों से अपील की कि वे अपने अपने देशों के विकास की यात्रा में भारत की प्रतिभाओं एवं परिश्रमी युवाओं के कौशल का लाभ उठायें। उन्होंने सभी पक्षकारों से ईमाइग्रेट पोर्टल के उपयोग की भी अपील की। मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने भारत के युवाओं को ना केवल देश में बल्कि विश्व भर में रोज़गार के अवसर सुलभ कराने का संकल्प लिया है और उनका कहना है कि भारत सरकार के सभी मंत्रालयों एवं विभागों को समग्रता में सोचना एवं योजना तैयार करना चाहिए। ईमाइग्रेट पोर्टल उसी सोच का परिणाम है जिसमें श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय का नेशनल कैरियर पोर्टल और माई भारत पोर्टल भी जुड़ा है। इससे दुनिया के अन्य देशों को भी भारत की प्रतिभाओं का लाभ उठाने का मौका मिलेगा। ईमाइग्रेट पोर्टल एवं मोबाइल ऐप में डिजीलॉकर, करीब छह लाख कॉमन सर्विस सेंटरों, भाषिणी अनुवाद सेवा, उमंग पोर्टलों को जोड़ा गया है। आर्थिक जांच वांछित (ईसीआर) श्रेणी के 21 देशों और नॉन ईसीआर देशों में काम के लिए इच्छुक कामगार सीधे पंजीकरण करा सकते हैं। विदेशी मिशनों में स्थायी रूप से माइग्रेशन अताशे की नियुक्ति की गयी है जो प्रवासी श्रमिकों की मदद के मुद्दों को देखते हैं।      

बहराइच में बढ़ा बवाल, मूर्ति विसर्जन के दौरान गोली मारने से युवक की मौत, सब रखकर लोगो ने किया प्रदर्शन

बहराइच बहराइच में महसी के महाराजगंज कस्बे में मूर्ति विसर्जन के दौरान गोली मारने से मृतक युवक का शव सुबह पौने आठ बजे गांव पहुंचा। मौके पर पहुंचे तहसीलदार को आक्रोशित ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। शव लेकर ग्रामीण महसी तहसील मुख्यालय कूच कर आए हैं। यहां शव रखकर हजारों की भीड़ प्रदर्शन कर रही है। कई थानों की पुलिस संग डीएम व एसपी मौके पर लोगों को समझाने में लगी हुई हैं, लेकिन आक्रोशित लोग हत्यारोपितों के एनकाउंटर व घर पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। महाराजगंज कस्बे में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान खैरीघाट थाने के ग्राम रेहुआ मंसूर निवासी 22 वर्षीय गोपाल मिश्र को गोली मार दी गई थी। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आज सुबह उसका शव पैतृक गांव पहुंचते ही आसपास के गांवों के लोग एकत्र हो गए। सूचना पर तहसीलदार महसी पहुंचे। इन्हें देखते ही ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। तहसीलदार जाओ, जाओ के नारे संग उन्हें खदेड़ दिया गया। ग्रामीण शव को कंधों पर रखकर निकल पड़े। जिस गांव से शव गुजरा सैकड़ों ग्रामीण कारवां के साथ जुड़ते चले गए। सात किलोमीटर लंबा फासला तय कर ग्रामीण शव लेकर महसी तहसील मुख्यालय पहुंच गए। यहां शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। सूचना पर डीएम मोनिका रानी, एसपी वृंदा शुक्ला, एडीएम गौरव रंजन, एएसपी ग्रामीण पवित्र मोहन त्रिपाठी समेत कई थानों की पुलिस भी बुला ली गई है। आक्रोशित ग्रामीणों को माइक से डीएम लगातार समझाने का प्रयास कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गोली मारने व उन्माद करने वालों को खोज कर एनकाउंटर किया जाए। आरोपितों के घरों पर बुलडोजर संग पीड़ित परिवार को एक करोड़ की मुआवजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। फिर भांपने में चूका खुफिया तंत्र जिला अस्पताल गेट बाहर सड़क पर शव प्रदर्शन के बाद भी जनभावनाओं को समझने में खुफिया व पुलिस महकमा एक बार फिर चूका है। जिस समय मृतक का शव गांव पहुंचा। आला अधिकारी के बजाए तहसीलदार को मौके पर भेजा गया है। इसके चलते सात किलोमीटर तक शव लेकर आक्रोशित ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंच गए। डीएम माइक से वार्ता की लगातार कर रही अपील डीएम मोनिका रानी आक्रोशित भीड़ संग वार्ता को लेकर लगातार माइक से समझाने का प्रयास कर रही हैं। डीएम तीन जिम्मेदारों को सामने आकर अपनी मांग रखने को कह रही हैं। उनका कहना है कि शव दफनाने के बाद वे लोग मांग को लेकर तत्काल कार्रवाई शुरू करेंगी। हालांकि भीड़ लिखित आश्वासन मांग रही है। विधायक के आश्वासन पर माने लोग, शव लेकर निकले गांव की ओर महसी तहसील मुख्यालय पर शव रखकर सुबह नौ बजे से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण विधायक महसी सुरेश्वर सिंह के आश्वासन के बाद मान गए हैं। ग्रामीण तहसील से शव लेकर गांव की ओर निकल पड़े हैं। शव यात्रा में भारी भीड़ भी शामिल है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव तक के रास्तों पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। विधायक ने कठोर से कठोर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।

सर्जन कविता सहाय ने महानिदेशक जनरल चिकित्सा सेवा (नौसेना) के रूप में संभाला पदभार

नई दिल्ली सर्जन वाइस एडमिरल कविता सहाय ने 14 अक्टूबर को नौसेना चिकित्सा सेवा की महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाला है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक डीजी मेडिकल सर्विसेज एमएस के रूप में कार्यभार संभालने से पहले, वह एएमसी सेंटर एंड कॉलेज की पहली महिला कमांडेंट थीं। वह आर्मी मेडिकल कोर की कर्नल कमांडेंट के रूप में चुनी जाने वाली पहली महिला अधिकारी भी हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक वाइस एडमिरल कविता सहाय को 30 दिसंबर 1986 को सेना चिकित्सा कोर में नियुक्त किया गया था। वह प्रतिष्ठित सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज पुणे की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित एम्स, नई दिल्ली से पैथोलॉजी में विशेषज्ञता और ऑन्कोपैथोलॉजी में सुपर स्पेशलाइजेशन किया है। वाइस एडमिरल कविता सहाय एएचआरआर और बीएचडीसी में प्रयोगशाला विज्ञान विभाग की प्रोफेसर और प्रमुख रही हैं। वह पैथोलॉजी विभाग, एएफएमसी, पुणे में प्रोफेसर भी रही हैं। उनकी चिकित्सा शिक्षा में विशेष रुचि है। उन्हें 2013-14 में अमेरिका के फिलाडेल्फिया के प्रतिष्ठित फाउंडेशन फॉर एडवांसमेंट ऑफ इंटरनेशनल मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एफएआईएमईआर) फेलोशिप से सम्मानित किया गया था। सर्जन वाइस एडमिरल कविता सहाय को विशिष्ट सेवा के लिए वर्ष 2024 में सेना पदक और 2018 में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। 2008 और 2012 में सेना प्रमुख और जीओसी-इन-सी (डब्ल्यूसी) द्वारा 2010 में उनकी सराहना की गई है। गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में शल्या चिकित्सरक वाइस एडमिरल आरती सरीन, सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (डीजीएएफएमएस) की पहली महिला महानिदेशक बनी थी। वाइस एडमिरल आरती सरीन ने 01 अक्टूबर को सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा की महानिदेशक का पदभार संभाला है। वह यह पदभार संभालने वाली पहली महिला अधिकारी हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए सुरक्षित कार्य स्थितियों और प्रोटोकॉल तैयार करने के लिए हाल ही में आरती सरीन को राष्ट्रीय टास्क फोर्स के सदस्य के रूप में भी नियुक्त किया गया है। वाइस एडमिरल आरती सरीन को भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों शाखाओं में सेवाएं देने का दुर्लभ गौरव प्राप्त है।  

चारधाम परियोजना का करीब 75 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ :केंद्र ने न्यायालय से कहा

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि सामरिक रूप से अहम उत्तराखंड की चारधाम परियोजना के तहत आवंटित ठेके का करीब 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके तहत चीन तक साल भर तक यातायात के लिए उपलब्ध सड़क बनाई जा रही है। सामरिक रूप से अहम 900 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना का उद्देश्य उत्तराखंड के चार पवित्र धामों यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ को साल पर चालू रहने वाली सड़कों से जोड़ना है। केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने न्यायमूर्ति सी.टी.रविकुमार और न्यायमूर्ति उज्ज्ल भुइयां की पीठ को बताया कि शीर्ष अदालत द्वारा गठित निगरानी समिति ने उच्चतम न्यायालय को दो रिपोर्ट दाखिल की हैं। भाटी के मुताबिक शीर्ष अदालत ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए के सीकरी की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनाई है। भाटी ने अगस्त 2024 में जमा समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, ‘‘आवंटित कार्य का लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है।’’ उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजना से संबंधित दो रिपोर्ट हैं – एक अप्रैल, 2024 की और दूसरी 27 अगस्त की। पीठ ने कहा कि समिति की रिपोर्ट रिकॉर्ड पर दर्ज की जाएगी। उच्चतम न्यायालय ने दिसंबर 2021 में चारधाम राजमार्ग परियोजना के तहत दो लेन तक सड़क के चौड़ीकरण की अनुमति दी थी और साथ ही सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में निगरानी समिति का गठन किया था। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय चिंताओं को दूर करने के लिए गठित समिति नया पर्यावरण मूल्यांकन नहीं करेगी। समिति को रक्षा, सड़क परिवहन और पर्यावरण मंत्रालयों, उत्तराखंड सरकार और संबंधित जिलाधिकारियों की ओर से भी पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया। चारधाम परियोजना की घोषणा दिसंबर 2016 में की गई थी। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों को चौड़ा करना है ताकि सुरक्षित, सुगम और तेज यातायात सुनिश्चित हो सके।      

पूर्व पत्नी और बेटी की शिकायत पर मलयालम एक्टर बाला गिरफ्तार

कोच्चि  मलयालम एक्टर बाला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूर्व पत्नी और उनकी बेटी की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद एक्टर को गिरफ्तार किया गया है। 41 वर्षीय एक्टर ने साल 2010 में शादी की थी और वह 2019 में अलग हो गए थे। उनकी पूर्व पत्नी टीवी शो में एक पॉपुलर सिंगर हैं। साल 2015 से दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। एक्टर के खिलाफ लेटेस्ट मामला उनकी पूर्व पत्नी ने शनिवार को कोच्चि के कदवन्तरा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया था। पुलिस ने तत्काल उनकी पूर्व पत्नी और उनकी लड़की के खिलाफ बाला द्वारा अपमानजनक टिप्पणी का मामला दर्ज किया और एक्टर को पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा। बाला पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। इसके बाद पुलिस सोमवार सुबह उनके घर पहुंची और उन्हें हिरासत में लिया। हालांकि, बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस बीच, बाला के वकील ने कहा कि पूरा प्रकरण एक साजिश के अलावा कुछ नहीं है। हम कानून के अनुसार आगे बढ़ेंगे। हालांकि, वे अलग हो चुके हैं, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में दोनों के बीच चीजें बिगड़ गई, जिसके कारण तीखी नोकझोंक हुई। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उनकी बेटी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने आरोप लगाया कि बाला उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। हालांकि, बाला ने इस आरोप का खंडन किया। बाला ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि यह उनके जीवन का “सबसे दर्दनाक अनुभव” है और वह अपनी बेटी के साथ बहस नहीं करेंगे, क्योंकि एक पिता जो अपनी बेटी से बहस करता है, वह असली मर्द नहीं है। बता दें कि बाला ने साल 2002 में तेलुगु फिल्म से डेब्यू किया और मलयालम फिल्म इंडस्ट्री समेत दक्षिण भारतीय फिल्मों में उन्हें काफी सफलता मिली। उन्होंने 2012 में मलयालम एक्शन फिल्म ‘द हिटलिस्ट’ से निर्देशन की शुरुआत की जिसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी। पिछले साल एक्टर ने लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी करवाई थी।    

कांग्रेस के शीर्ष नेता भ्रष्टाचार और गरीब की जमीन हड़पने में शामिल हैं : सुधांशु त्रिवेदी

नई दिल्ली भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (सोनिया गांधी और राहुल गांधी) से लेकर वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक के वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया एवं उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से लेकर अन्य राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, अशोक गहलोत और भूपेश बघेल तक कांग्रेस का सभी शीर्ष नेता गरीबों की जमीन हड़पने में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये सब भ्रष्टाचार में और गरीब की जमीन हड़पने जैसे मामले में शामिल हैं। भाजपा राष्ट्रीय मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कटाक्ष किया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के विचारों से प्रेरित होकर कांग्रेस पार्टी देश में भू-हड़प अभियान चला रही है। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के परिवार के ट्रस्ट द्वारा कर्नाटक में आवंटित की गई जमीन को लौटाने के प्रकरण को भ्रष्टाचार की स्वीकारोक्ति बताते हुए कहा कि एक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर इस तरह के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे इसकी गंभीरता को समझा जा सकता है। उन्होंने खड़गे के परिवार और इससे पहले सिद्धारमैया के परिवार द्वारा आवंटित जमीन को लौटाने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ये लोग इसलिए जमीन वापस नहीं कर रहे हैं कि इनकी आत्मा जाग गई है बल्कि अदालत की कार्यवाही के दौरान होने वाली जलालत से बचने के लिए ये जमीन वापस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी को यह बताना चाहिए कि क्या जमीन वापस करने वालों को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा नहीं देना चाहिए? अगर मान लिया कि गलती हुई है तो कर्नाटक सरकार एफआईआर कब करेगी? उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के इतने गंभीर मामले में इंडी गठबंधन के नेताओं की चुप्पी से यह बात बिल्कुल साफ हो रही है कि भ्रष्टाचार और जनता की जमीन हड़पने के मामले में ये सब एक साथ हैं, मिले हुए हैं और एक दूसरे को मौन समर्थन दे रहे हैं। भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार जिसकी सहज और स्वाभाविक प्रवृत्ति है, उस कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद से अब वह जमीन खिसकती नजर आ रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के परिवार द्वारा संचालित ट्रस्ट पर आक्षेप लगने के बाद आवंटित भूमि को लौटाने का जो निर्णय लिया है, वह स्पष्ट रूप से प्रमाणित करता है कि सत्ता का दुरुपयोग करके भूमि को हड़पने का कार्य कर्नाटक में सर्वोच्च स्तर से हो रहा था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर लैंड ग्रैब का केस लग चुका है, जोकि 1986 में आवंटित भूमि के समय से चल रहा था। मुडा स्कैम में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर आरोप लग रहे हैं। केआईएडीबी लैंड आवंटन घोटाले में खड़गे के परिवार के लोग शामिल हैं। इससे पूर्व मध्य प्रदेश में कांग्रेस के मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ का नाम सामने आ चुका है। राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत का नाम बीकानेर के लैंड स्कैम में सामने आ चुका है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी सामने आ चुका है। नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर आरोप है। यानी मुख्यमंत्री हो, उपमुख्यमंत्री हो या पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष हो या वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष हो, कांग्रेस का पूरा शीर्ष नेतृत्व भूमि हड़पने के आंदोलन में समान रूप से संलिप्त है। राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए त्रिवेदी ने आगे कहा कि राहुल गांधी मोहब्बत की दुकान की बात करते हैं लेकिन उनकी मोहब्बत की दुकान तो किसी भूमाफिया प्रॉपर्टी डीलर की दुकान नजर आ रही है। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त है। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी के बयान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस की कलई खुल गई है। कांग्रेस पार्टी को इस पर सफाई देनी चाहिए। हर गैर राजनीतिक आंदोलन का एकमात्र उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना ही होता है। बहराइच की घटना के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच महीनों में देश में इस तरह की घटनाएं बढ़ी है और रेल सहित इन तमाम घटनाओं को समग्रता से देखने की जरूरत है। यह भारत को कमजोर करने की बड़ी साजिश का हिस्सा है। देश की जनता यह सोचे। उन्होंने संजय राउत के बयान की भी कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें याद दिलाया कि 90 के दशक में बालासाहेब ठाकरे ने अंडरवर्ल्ड के खिलाफ किस तरह से सख्त स्टैंड लिया था लेकिन आज वे अंडरवर्ल्ड का साथ देने वालों के साथ ही खड़े हैं।  

इन स्मार्ट टिप्स से मिनटों में फुल चार्ज होगा आपका स्मार्टफोन

आपको कई बार कहीं जाना होता है और आपके पास फोन चार्ज करने का समय नहीं है। आप चाहते हैं कि आपका स्मार्टफोन जल्दी से चार्ज हो जाए। कई बार आपको भी लगता होगा कि आपका स्मार्टफोन बहुत स्लो चार्ज हो रहा है। इसके लिए आपको हम कुछ आसान टिप्स बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप अपने स्मार्टफोन को जल्द से जल्द चार्ज कर सकेंगे। स्मार्टफोन के ऑरिजिनल चार्जर से ही करें चार्ज कई बार हम अपने स्मार्टफोन को किसी भी चार्जर से चार्ज कर लेते हैं। जबकि ऐसा बिलकुल नहीं करना चाहिए। स्मार्टफोन को चार्ज करने से पहले उसके चार्जर के एम्पियर और वोल्ट को जरूर चेक कर लें। अगर सही एम्पियर या वोल्ट का चार्जर नहीं होगा तो फोन बहुत स्लो चार्ज होगा। इसके अलावा बैटरी के खराब होने का खतरा भी बरकरार रहेगा। लैपटॉप या पीसी से न करें चार्ज कई बार हम अपने लैपटॉप या पीसी से ही अपना फोन चार्ज करने लगते हैं। लेकिन यदि आप अपने स्मार्टफोन को तेजी से चार्ज करना चाहते हैं तो आप इसे सीधे वॉल आउटलेट (यानी चार्जिंग प्वाइंट) पर चार्जिंग के लिए लगाएं। फास्ट चार्जर का करें इस्तेमाल स्मार्टफोन को तेज चार्ज करने के लिए आप फास्ट चार्जर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ये तेजी से चार्जिंग के लिए एम्पीयर और वोल्टेज को बढ़ा देता है। लेकिन यह तभी संभव है जब आपका फोन इसे सपोर्ट करे। बैटरी की कैपेसिटी के हिसाब से चुनें पावर बैंक कई स्मार्टफोन्स में उच्च क्षमता की बैटरी लगी होती है। ऐसे में इन स्मार्टफोन्स को चार्ज करने के लिए 10, 000 एमएएच की क्षमता वाले पावर बैंक का ही इस्तेमाल करें।  

बीबी को कंडोम से था एतराज, पति को देना चाहती थी एड्स; क्या थी ऐसी वजह

जयपुर.  राजस्थान के माता का थान थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शादी के पवित्र रिश्ते को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। पीड़ित पति ने कोर्ट में एक परिवाद दायर किया, जिसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ। उसने बताया कि उसकी पत्नी ने शादी के बाद से ही शारीरिक संबंध बनाते समय परिवार नियोजन के साधनों से इनकार किया, जिससे उसे गंभीर चिंताओं का सामना करना पड़ा। बीवी का सच जानकर पति के उड़ गए होश जब पति को अपनी पत्नी की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में पता चला, तो उसकी दुनिया उलट गई। जांच के बाद पता चला कि पत्नी एचआईवी संक्रमित है। इसके बाद पति ने कोर्ट में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने पत्नी, उसके पिता और बहन को आरोपी बनाया है। पत्नी ने फोन में छिपाकर रखा तो वह खतरनाक सच पति के अनुसार, उसकी पत्नी ने जानबूझकर उसे संक्रमित करने की योजना बनाई थी। वह लगातार बिना सुरक्षा के संबंध बनाने का दबाव डालती रही। जब पति ने अपनी जांच कराई, तो वह नेगेटिव निकला। डॉक्टरों ने बताया कि संक्रमण का पता तीन महीने बाद चलता है। इसी दौरान पति ने पत्नी के फोन से एक व्यक्ति का नंबर निकाला, जिससे उसका पुराना रिश्ता टूट गया था। उस व्यक्ति ने पुष्टि की कि वह एचआईवी संक्रमित है। आरोपी महिला की पहले इसी सिलसिले में सगाई टूट गई थी। उसके बाद जोधपुर में पीड़ित युवक के परिवार से संपर्क कर सगाई हुई और जल्द शादी का दबाव बनाया गया। जुलाई में शादी के बाद युवक से लगातार पत्नी बिना प्रोटेक्शन के संबंध बनाने की मांग करती रही। पत्नी के एचआईवी घोषित होने की जानकारी मिलने के बाद सबसे पहले पति ने अपनी जांच कराई तो वो उस समय नेगेटिव पाया गया। डॉक्टर ने उसे कहा कि एचआईवी संक्रमित होने का पता किसी पीड़ित से संबंध बनाने के करीब 3 महीने के बाद चलता है। इस दौरान पति ने तय किया की वह इसे उजागर करेगा। पत्नी के फोन से उस व्यक्ति का नंबर निकलता है। जिससे उसका रिश्ता होकर टूट गया था। वो उसे बताता है कि वह एड्स पीड़ित है और उसके सबूत के रूप में उपचार केंद्र के कागजात भेजता है। इसके बाद पति ने पत्नी से कहा कि उसे कंपनी में नॉमिनेशन के रूप में उसका नाम दर्ज करवाना है। इसलिए कुछ ब्लड इन्वेस्टिगेशन करवाने हैं। इससे वह सकपका गई। उसने अपने परिजनों से कहा तो उसकी बहन को स्वास्थ्य विभाग में काम करती है, वो जोधपुर आ गई। एफआईआर के मुताबिक पत्नी के परिजन लगातार इस बात को लेकर अड़े रहे कि कोई जांच नहीं होगी, जबकि पति भी अपनी बात पर अड़ गया। इसके चलते 31 अगस्त की रात को पति और पत्नी दोनों की जांच हुई, जिसमें पत्नी एचआईवी पॉजीटिव पाई गई। रिपोर्ट आने के बाद वह अपनी बहन के साथ घर पर कमरे में चली गई। कुछ देर बाद बहन के साथ बाहर निकली तो ट्रॉली बैग साथ में था। पत्नी की बहन ने कहा कि आप लोगों ने जांच करवा कर बहुत गलत किया है। पत्नी और बहन के जाने के बाद जब पीड़ित ने अलमारी संभाली तो शादी के दौरान दिए गए जेवरात भी गायब थे। एड्स के बाद भी बीवी ने कर दिया कांड 31 अगस्त को पति और पत्नी दोनों की जांच हुई, जिसमें पत्नी पॉजिटिव पाई गई। रिपोर्ट आने के बाद पत्नी अपनी बहन के साथ घर से निकल गई और शादी के समय के जेवरात भी गायब थे। पति का आरोप है कि उसकी पत्नी जानबूझकर उसे संक्रमित करना चाहती थी, ताकि वह बदनाम न हो।

दक्षिण रेलवे ने कावराईपेट्टई ट्रेन दुर्घटना वाले स्थल पर मरम्मत कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया

चेन्नई  दक्षिण रेलवे ने कहा है कि तमिनाडु में कावराईपेट्टई में हुयी ट्रेन दुर्घटना वाले स्थल पर मरम्मत कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है और आज से चरणबद्ध तरीके से सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। रेलवे की ओर से देर रात जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि शुक्रवार रात कावराईपेट्टई में मैसूर-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस और एक खड़ी मालगाड़ी के बीच हुई टक्कर के कारण चेन्नई-गुम्मिडीपुंडी खंड में मेल/एक्सप्रेस और उपनगरीय ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं। बागमती एक्सप्रेस के दस डिब्बे और मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन कुछ यात्रियों को चोटें आई थीं और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। सात घायल यात्रियों को नियमानुसार अनुग्रह राशि दी गई। इस हादसे के कारम चेन्नई-गुम्मिडिपंडी सेक्शन में रेल यातायात बाधित रहा। सेक्शन से गुजरने वाली करीब 20 मेल/एक्सप्रेस सेवाएं रद्द कर दी गईं, कुल 60 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित/विनियमित/पुनर्निर्धारित किया गया। चेन्नई उपनगरीय सेवाएं चेन्नई-गुम्मिडिपंडी सेक्शन में निलंबित कर दी गईं और मिंजुर तक ईएमयू स्पेशल और दूसरे छोर पर सुलुरुपेटा से गुम्मिडिपंडी तक चलाई गईं। दक्षिणी रेलवे ने राज्य और जिला प्रशासन तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और तमिलनाडु अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर तेजी से बचाव कार्य शुरू किया। विज्ञप्ति के अनुसार यात्रियों की सहायता और बचाव अभियान चलाने के लिए 500 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया था। आधुनिक उपकरणों और चिकित्सा सुविधाओं से लैस दक्षिणी रेलवे की दुर्घटना राहत ट्रेनें पास के टोंडियारपेट यार्ड से लाई गईं। बागमती एक्सप्रेस के फंसे हुए यात्रियों को बसों के जरिए पोन्नेरी जैसे नजदीकी स्टेशनों पर ले जाया गया, जहां तत्काल ध्यान देने के लिए पांच मेडिकल टीमें मौजूद थीं। फंसे हुए यात्रियों को डॉ एमजीआर चेन्नई सेंट्रल पहुंचाने के लिए विशेष ईएमयू सेवाओं की व्यवस्था की गई। डॉ. एमजीआर सेंट्रल पहुंचने वाले यात्रियों को विशेष सहायता डेस्क ने सहायता प्रदान की। दुर्घटना के आठ घंटे के भीतर फंसे यात्रियों के लिए दरभंगा के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई। वैकल्पिक ट्रेन सेवा, बागमती एक्सप्रेस के समान संरचना वाली एक विशेष ट्रेन, फंसे हुए यात्रियों को डॉ. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल से दरभंगा ले जाने के लिए व्यवस्थित की गई थी। विज्ञप्ति में कहा गया कि रेलवे के डॉक्टरों द्वारा मेडिकल जांच और भोजन और पानी के प्रावधान के बाद कल तड़के 04.45 बजे डॉ एमजीआर चेन्नई सेंट्रल से रवाना हुई।इस विशेष ट्रेन में 1,800 से अधिक यात्रियों को ठहराया गया। इस बीच, पटरी से उतरे डिब्बों को फिर से पटरी पर लाने के लिए पांच भारी अर्थ मूवर्स, तीन जेसीबी और दो 140 टन के क्रेन की तैनाती के साथ बहाली का काम तुरंत शुरू हो गया। टीमों ने चौबीसों घंटे काम किया और साइट पर निर्बाध काम की सुविधा के लिए प्रकाश व्यवस्था की गई। दक्षिणी रेलवे के महाप्रबंधक आर एन सिंह, अतिरिक्त महाप्रबंधक, डीआरएम/चेन्नई, एडीआरएम/चेन्नई और जोन के वरिष्ठ अधिकारी दुर्घटना स्थल पर पहुंचे और बचाव कार्यों और बहाली कार्यों की बारीकी से निगरानी की। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (दक्षिणी सर्कल), बेंगलुरु ने 12 अक्टूबर को दुर्घटना स्थल का वैधानिक निरीक्षण किया। विज्ञप्ति के अनुसार सीआरएस ने पटरियों, सिग्नलों, इंटरलॉकिंग पैनलों, ब्लॉकों और प्वाइंटों, कोचों और लोको की गहन जांच की और अधिकारियों तथा घायल यात्रियों से भी बातचीत की। सीआरएस 16 और 17 अक्टूबर को वैधानिक जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि कावराईपेट्टई में बहाली का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, यूपी मेनलाइन से पटरी से उतरे कोचों और वैगनों को साफ कर दिया गया है। दुर्भाग्यपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेन के ०9 एसी कोच और एक पावर कार सहित कुल 10 कोचों और मालगाड़ी के दो वैगनों को क्रेन का उपयोग करके हटा दिया गया है।  

रोटरी क्लब ऑफ रायपुर ने निधि-संग्रह कार्यक्रम ‘क्रीपी कार्निवल’ का किया आयोजन

रायपुर रोटरी क्लब ऑफ रायपुर ने कॉस्मो दिवस (13 अक्टूबर) को ओमाया गार्डन में एक रोमांचक निधि-संग्रह कार्यक्रम, क्रीपी कार्निवल का आयोजन किया. शाम में डरावने उत्साह और दान-पुण्य का मिश्रण देखने को मिला, क्योंकि उपस्थित लोगों का स्वागत एक ऐसी अद्भुत सजावट से हुआ, जिसने हैलोवीन के माहौल को और भी बेहतर बना दिया. भयावह माहौल ने सभी को चौंका दिया, जिसमें हर तरफ डरावनी थीम वाले तत्व थे. नृत्य प्रदर्शन मुख्य आकर्षण थे, जिन्होंने लोगों को अपनी आकर्षक ऊर्जा से मंत्रमुग्ध कर दिया. खेल, मिट्टी के बर्तन बनाना, चेहरे पर पेंटिंग, टैरो कार्ड रीडिंग और हैलोवीन थीम वाले कपकेक जैसी मजेदार गतिविधियों ने बिना रुके मनोरंजन सुनिश्चित किया. डरावनी लेकिन शानदार सजावट ने आयोजन स्थल के हर कोने में अतिरिक्त रोमांच भर दिया.  डर के साथ कार्निवल में प्रवेश करने वाले बच्चे बड़ी मुस्कान के साथ वापस लौटे, और हैलोवीन का असली सार सीखा – ट्रिक और ट्रीट का संतुलन. इस कार्यक्रम ने न केवल मनोरंजन किया बल्कि सभी को खुशी और सामुदायिक भावना की भावना भी दी. इस कार्यक्रम की अध्यक्ष शीतल गोयल, भारती गोयल, शिल्पी गोयल और राजशुक्ला थीं, जबकि क्लब अध्यक्ष वनिता सिंघल और क्लब सचिव कोपल सरावगी ने नेतृत्व किया. क्रीपी कार्निवल के दौरान जुटाई गई धनराशि रोटरी क्लब की धर्मार्थ पहलों का समर्थन करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी.

पैसों को लेकर ससुराल वालों से आए दिन होता था विवाद, तंग आकर नव विवाहिता ने की आत्महत्या

मुरैना मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में दीवान सिंह का पुरा में एक गांव में नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, महिला की शादी 2 साल पहले ही हुई थी और शादी के बाद ससुराल वालों से उसका विवाद होने लगा। इसके बाद उसने मौत को गले लगा लिया, यह घटना मुरैना के महुआ थाना क्षेत्र में आने वाले दीवान सिंह का पुरा की है। प्रिया तोमर अपने पति उदयवीर सिंह तोमर के साथ रहती थी प्रिया की शादी 2 साल पहले हुई थी, शादी के कुछ दिन बाद तक तो सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन फिर ससुराल वालों से उसका झगड़ा शुरू हो गया।  इसके बाद प्रिया ने अपने माता-पिता को भी इस बात की जानकारी दी, माता-पिता बेटी की ससुराल गए और यहां पर समझाया फिर कुछ दिन तक सब कुछ ठीक रहा था। उसके बाद फिर झगड़ा होने लगा था बताया जा रहा है कि पैसों को लेकर झगड़ा होता था और प्रिया ने पैसे की तंगी के चलते आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है सोमवार को महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।  

भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में चौथे नंबर पर लौटेंगे स्मिथ

भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे ग्रीन, पीठ का ऑपरेशन करवाएंगे ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में चौथे नंबर पर लौटेंगे स्मिथ मेलबर्न  ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन को रीढ़ की हड्डी में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण भारत के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे। यह 25 वर्षीय खिलाड़ी अपनी पीठ का ऑपरेशन करवाएगा जिससे उबरने में उन्हें छह महीने का समय लग जाएगा। पिछले महीने ब्रिटेन का दौरे में उन्हें इसका पता चला। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने सोमवार को जारी बयान में कहा, ‘‘तेज गेंदबाजों की रीढ़ की हड्डी में स्ट्रेस फ्रैक्चर होना आम बात है लेकिन कैमरन के फ्रैक्चर के पास वाले भाग में कुछ दिक्कत है जिसे चोट का कारण माना जा सकता है। ग्रीन का छह महीने तक बाहर रहने का मतलब है कि वह बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी ही नहीं, फरवरी में श्रीलंका के दौरे और चैंपियंस ट्रॉफी में भी नहीं खेल पाएंगे। उनका इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलना भी संदिग्ध है। जसप्रीत बुमराह, जेम्स पैटिंसन, जेसन बेहरेनडोर्फ और बेन ड्वारशुइस जैसे तेज गेंदबाज भी इस तरह का ऑपरेशन करवा चुके हैं और ग्रीन ने भी यही विकल्प चुना। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा,‘‘चिकित्सकों से परामर्श करने के बाद यह सुनिश्चित किया गया कि ग्रीन को ऑपरेशन करने से फायदा मिलेगा। इससे पहले कई तेज गेंदबाजों का इस तरह का ऑपरेशन सफल रहा है। इससे उबरने में लगभग छह महीने का समय लगेगा।’’ भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच टेस्ट मैच की श्रृंखला का पहला मैच 22 नवंबर से पर्थ में खेला जाएगा। ग्रीन के बाहर होने का मतलब है कि ऑस्ट्रेलिया को अपने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना होगा। सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर के इस साल के शुरू में संन्यास लेने के बाद ग्रीन की टेस्ट टीम में वापसी हुई थी। इस कारण स्टीव स्मिथ को पारी की शुरुआत करनी पड़ी थी। स्मिथ सलामी बल्लेबाज के रूप में सफल नहीं रहे थे और भारत के खिलाफ उन्हें फिर से अपने पसंदीदा चौथे नंबर पर उतारा जा सकता है। भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में चौथे नंबर पर लौटेंगे स्मिथ  आस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ भारत के खिलाफ आगामी टेस्ट श्रृंखला में अपने पसंदीदा चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। राष्ट्रीय चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के इस साल संन्यास लेने के बाद से स्मिथ पारी का आगाज कर रहे हैं। उन्होंने नयी भूमिका में दूसरे ही टेस्ट में नाबाद 91 रन बनाये लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने चार पारियों में कुल 51 रन ही बनाये। बेली ने क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से कहा, ‘‘पैट कमिंस, एंड्रयू मैकडोनाल्ड और स्टीव स्मिथ से लगातार बात हो रही है। स्टीव ने पारी की शुरूआत की बजाय नीचे उतरने की इच्छा जताई है। पैट और एंड्रयू ने पुष्टि की कि वह इस सत्र में बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतरेगा।’’ भारत और आस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट 22 नवंबर से पर्थ में शुरू होगा।    

श्री सीमेंट के कर्मचारी की कमरे में लटकती हुई मिली लाश, जांच में जुटी पुलिस

बलौदाबाजार जिले के भरूवाडीह स्थित कालोनी के कमरे में श्री सीमेंट के कर्मचारी की लटकती हुई लाश मिली है. घटना की सूचना पर पलारी पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. घटना का कारण अभी अज्ञात है. फिलहाल पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है और मामले की जांच में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान राकेश चंद (34 वर्ष), पिता- जगदीश चंद, सिकंदराबाद उत्तरप्रदेश के निवासी के रूप में हुई है. वह श्री सीमेंट के लाजिस्टिक डिपार्टमेंट में काम करता था. मृतक के परिवार में पत्नी और तीन छोटी-छोटी बेटियां भी हैं. वह परिवार से दूर सिकंदराबाद से छत्तीसगढ़ काम करने आया था और यहां अकेले ही रहता था. घटना क्यों और कैसे हुई, यह अभी पता नहीं चला सका है. फिलहाल पलारी पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.

एक की सेवा समाप्त और दूसरे की जांच, बिहार-मोतिहारी में दो बीपीएम शिक्षक रिश्वत लेते पकड़े

मोतिहारी. मोतिहारी में शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में मोतिहारी जिले के ढाका प्रखंड शिक्षा कार्यालय से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां दो ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हो गए। रिश्वतखोरी का यह वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। यह घटना विभाग की लंबे समय से चल रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की एक और कड़ी है। जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो में ढाका प्रखंड के BPM सुमित कुमार को एक शिक्षक से रिश्वत लेते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। सुमित कुमार के साथ ही उनके सहयोगी BPM मोहम्मद फरीद भी कार्यालय में मौजूद हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि सुमित कुमार रिश्वत लेते हुए कैमरे से बचने की पूरी कोशिश कर रहा है, लेकिन शिक्षकों की सतर्कता और उनकी योजना के कारण यह रिश्वतखोरी बेनकाब हो गई। आरोप है कि दोनों BPM नियमित रूप से शिक्षकों पर रिश्वत देने का दबाव बनाते थे, जिससे तंग आकर शिक्षकों ने इस बार उन्हें बेनकाब करने की ठान ली। शिक्षकों ने पहले भी की थी शिकायत इससे पहले भी ढाका प्रखंड के दर्जनों शिक्षकों ने दोनों BPM के खिलाफ लिखित शिकायतें की थीं। शिक्षकों का आरोप था कि सुमित कुमार और मोहम्मद फरीद उनसे हर छोटे-बड़े काम के लिए रिश्वत मांगते थे। हालांकि, शिक्षा विभाग ने इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की थी, जिसके चलते इन दोनों पर अब तक कोई असर नहीं पड़ा था। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने की त्वरित कार्रवाई वीडियो के वायरल होने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) संजीव कुमार ने सख्त कदम उठाते हुए BPM सुमित कुमार की सेवाएं तुरंत समाप्त कर दी हैं। इसके साथ ही, दूसरे आरोपी BPM मोहम्मद फरीद के खिलाफ जांच के लिए दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है। इसके अलावा, ढाका प्रखंड के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है कि शिकायतें होने के बावजूद उन्होंने आरोपियों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। प्रखंड शिक्षा कार्यालय में हड़कंप DEO संजीव कुमार की इस सख्त कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। रिश्वतखोर कर्मियों के बीच भय का माहौल है और अब सभी को विभागीय कार्रवाई का डर सता रहा है। यह मामला शिक्षा विभाग के अंदर व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है और यह देखना बाकी है कि इस जांच के बाद और कितने खुलासे होंगे। अभी भी पताही प्रखंड में BPM की कमी ढाका प्रखंड में जहां दो BPM की नियुक्ति की गई है, वहीं पड़ोसी प्रखंड पताही में एक भी BPM की पोस्टिंग नहीं की गई है। यह असमानता भी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है। अब सभी की निगाहें जिला शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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