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साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ हुए डिजिटल रेप के मामले में अभिभावकों का गुस्सा जमकर स्कूल प्रशासन के खिलाफ फूटा

नोएडा नोएडा के एक नामी स्कूल के जूनियर विंग में एक साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ हुए डिजिटल रेप के मामले में शनिवार को अभिभावकों का गुस्सा जमकर स्कूल प्रशासन के खिलाफ फूटा है। बड़ी संख्या में अभिभावक सुबह से ही स्कूल कैंपस में पहुंच गए थे और यहां पर उन्होंने स्कूल प्रशासन से मिलने की कोशिश की। जिसके बाद अभिभावकों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा। इस मामले को लेकर अभिभावकों ने जिलाधिकारी से भी मुलाकात की है। डीएम ने एक कमेटी बनाकर इस पूरी घटना के जांच के आदेश दिए हैं। नोएडा के निजी स्कूल में बच्ची के साथ डिजिटल रेप के मामले में अब पैरेंट्स स्कूल प्रशासन के खिलाफ उतर आए हैं। आज भारी संख्या में अभिभावक स्कूल के गेट पर पहुंच गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दरअसल कुछ दिन पहले नोएडा के सेक्टर 27 स्थित एक स्कूल में आरोपी ने एक बच्ची के साथ डिजिटल रेप की घटना को अंजाम दिया था। बच्ची के परिजनों ने घटना की शिकायत थाना सेक्टर 20 पुलिस को दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी स्कूल में ही स्वीपर का काम करने वाले नित्यानंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के बाद घटना के बारे में जानकारी छुपाने के आरोप में पुलिस ने क्लास टीचर और सिक्योरिटी इंचार्ज को भी गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद दोनों को शुक्रवार को बेल मिल गई। इसके बाद से अभिभावकों के अंदर रोष दिखाई दे रहा था। अब इस मामले में स्कूल में पढ़ने वाले अन्य बच्चों के अभिभावक भी स्कूल प्रशासन के खिलाफ उतर आए हैं। स्कूल प्रशासन से मुलाकात न हो पाने पर अभिभावक डीएम से मुलाकात करने के लिए आवास पर पहुंच गए। अभिभावकों ने डीएम के सामने कुछ मांगे रखी है। जिसके बाद डीएम ने एक टीम का गठन किया है जो पैरेंट्स और अधिकारियों से बात करेगा। डीएम ने पेरेंट्स को आश्वासन दिया है कि अगर पेरेंट्स की बात स्कूल मैनेजमेंट नहीं मानेगा तो कार्रवाई की जाएगी। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले को लेकर एक टीम का गठन किया है। जिसके बीएसए, डीआईओएस, सिटी मजिस्ट्रेट और जिला प्रोविजन अधिकारी शामिल हैं। वो इस मामले की जांच करेंगे। पैरेंट्स और स्कूल से बात करेंगे। इस तरह की घटनाओं के लिए पहले से गाइडलाइन है। कोई भी उसका पालन नहीं करेगा तो उसपर करवाई की जायेगी।  

यूपी में सक्रिय सदस्यता अभियान की हुई शुरुआत, सीएम योगी ने सक्रिय सदस्य बनकर इस अभियान की शुरुआत की

लखनऊ भाजपा ने यूपी में सक्रिय सदस्यता अभियान की शुरुआत की। सीएम योगी ने शनिवार को पार्टी के पहले सक्रिय सदस्य बनकर इस अभियान की शुरुआत की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे। भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि संगठन महापर्व में हमने साधारण सदस्यता के लक्ष्य की प्राप्ति के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ को सदस्य बनाकर सक्रिय सदस्यता अभियान की शुरुआत की है। हम सभी कार्यकर्ता मिलकर डेढ़ लाख नए सदस्यों को जोड़ने के अभियान के साथ आगे बढ़ेंगे। आज के दिन ही हम डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक को भी सक्रिय सदस्य बनाकर इस अभियान की शुरुआत करेंगे। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के पहले सक्रिय सदस्य बने थे। पार्टी के पहले सक्रिय सदस्य बनने के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी को बधाई दी थी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, “विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा एक राष्ट्रनिष्ठ, लोकनिष्ठ, कर्तव्यनिष्ठ और कार्यकर्ता आधारित दल है। देवतुल्य कार्यकर्ता ही हमारी शक्ति और सामर्थ्य हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी का प्रथम सक्रिय सदस्य बनकर इस भावना को और अधिक मजबूती प्रदान की है।” उन्होंने आगे लिखा था कि मैं उत्तर प्रदेश के सभी सम्मानित नागरिकों का आह्वान करता हूं कि प्रधानमंत्री जी के द्वारा आरंभ किए गए इस विशेष अभियान से जुड़ें और ‘विकसित उत्तर प्रदेश-विकसित भारत’ की निर्माण यात्रा में सहभागी बनें। बता दें कि भाजपा देश भर में बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान चला रही है। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर सदस्यता कैंप लगाए गए हैं, जहां लोग आसानी से भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं। पार्टी ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए विशेष रणनीतियां तैयार की हैं, ताकि हर वर्ग के लोग इसमें भाग ले सकें। इस सदस्यता अभियान की शुरुआत से भाजपा को उम्मीद है कि वह प्रदेश में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकेगी।  

कल करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं निराहार रहकर पति की दीर्घायु के लिए करेंगी

प्रयागराज नकारात्मकता को दूर कर मानसिक और आध्यात्मिक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं निराहार रहकर अपने वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और पति की दीर्घायु के लिए रविवार को करेंगी। कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला करवा चाैथ पर्व पति के प्रति समर्पण की भावना को प्रकट करता है। यह पति-पत्नी के बीच सामंजस्य और रिश्ते की ऊष्मा को दमकाता है और आधुनिकता भी इस परंपरा को डिगा नहीं सका है। इसमें और ज्यादा संवेदनशीलता, समर्पण और प्रेम की अभिव्यक्ति परिलक्षित हो रही है। इस दिन सुहागिन स्त्रियां पूरे दिन निराहार रहकर अपने सौभाग्य के लिए मां गौरी का व्रत करती हैं और पूजन के पश्चात पति के हाथ से पानी का घूंट पीकर व्रत खोलती हैं। प्रयागराज वन अनुसंधान केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ़ कुमुद दुबे ने बताया कि वह वैज्ञानिक बाद में है पहले एक भारतीय महिला हैं, जितना हो सकता है परंपराओं का निर्वहन करने का प्रयास करती हैं। हमें अपने प्राचीन परंपराओं और संस्कार को मजबूती से पकडे रहना चाहिए। यदि हम आधुनिकता के नाम पर इससे दूरी बनाते हैं तब हम अपने जड़ से कट जाएंगे और हमारा वजूद ही खत्म हो जाएगा। पाश्चात्य संस्कृति के पीछे भागने वाली आधुनिकता का लिबास ओढ़े कुछ भारतीय महिलाएं पुरानी परंपराओं को रूढ़िवादिता का नाम देकर भुला रही हैं। उन्होने बताया कि बदलते परिवेश में करवा चौथ व्रत का भी ग्लोबलाइजेशन हो गया है। अब यह पर्व देश में ही नहीं बल्कि विकसित देशों अमेरिका, कनाडा, सिंगापुर से लेकर दुबई के साथ अन्य स्थानों पर जहां भारतीय रहते हैं धूमधाम से मनाया जाता है। यह भारत के जम्मू, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत तमाम अन्य राज्यों में भी ग्रामीण स्त्रियों से लेकर आधुनिक महिलाएं सभी भारतीय परंपरा के इस व्रत को करती हैं। उन्होंने बताया कि लंदन में रहने वाली उनकी भाभी अपनी सहेलियों के साथ इस व्रत को बडी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ करती हैं। डाॅ दुबे ने बताया कि करवा चाैथ व्रत का पहले इतना प्रचार प्रसार नहीं था। इसे बड़े सादगी ढंग से मनाया जाता रहा है। आधुनिक दौर में सिनेमा और टीवी सीरियल ने इस व्रत को और अधिक बढ़ावा दिया। कुछ महिलाएं तो टी वी सीरियल देखकर इस व्रत को अपना रही है। हालांकि यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए होता है लेकिन आजकल कुछ कुंवारी लडकियां भी मनचाहा वर पाने की चाहत से यह व्रत करती हैं। उन्होंने बताया कि यह व्रत पति-पत्नी के बीच विश्वास, प्रेम और पवित्रता की डोर से बंधा एक ईश्वरीय बंधन है। यह बंधन, सुखद, अपनेपन और सुरक्षा का अहसास दिलाता है। करवा चौथ इसी बंधन को अटूट रखने की कामना के साथ किया जाता है। यह आपसी प्रेम और विश्वास को मजबूती प्रदान करता है। बदलते परिवेश में पत्नी के साथ पति भी अपने सफल दाम्पत्य जीवन के लिए करवा चौथ व्रत का पालन करने लगे है। आधुनिकता के बावजूद इस व्रत को करने में महिलाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आई बल्कि और आकर्षण बढ़ा है। टीवी धारावाहिकों और फिल्मों से इसको अधिक बल मिला है। करवा चौथ भावना के अलावा रचनात्मकता और आधुनिकता का भी पर्याय बन चुका है। डा दुबे ने बताया कि करवा चौथ व्रत हमें हमारी संस्कृति से जोड़ता है। अगर नवविवाहिता यह व्रत करती है तब उन्हें पारंपरिक पुरानी रीति रिवाजों काे समझने का अवसर मिलता। यह व्रत उनमें मानसिक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। यह व्रत आध्यात्मिक और भावनात्मक मजबूती भी प्रदान करता है। यह ईश्वर के नज़दीक लाता है और आंतरिक शांति का अनुभव कराता है। व्रत के दौरान ध्यान और प्रार्थना करने से मानसिक शांति मिलती है। इसके अलावा, यह परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और एकता को भी बढ़ाता है। महिलाएं इस दिन एक साथ बैठकर व्रत की तैयारी करती हैं जो पारिवारिक बंधनों को मजबूत करने और सामूहिकता का अनुभव कराता है। डाॅ दुबे ने बताया कि यदि एक बौद्धिक स्तर पर विचार किया जाए तो किसी समाज की सांस्कृतिक विरासत उसके मूल्यों, परंपराओं और साझा अनुभवों की परिणति है, जो एकता और उद्देश्य की भावना को बढ़ावा देती है। भारत की एकता इसकी संस्कृति में गहराई से निहित है। भारतीय संस्कृति का केंद्र हिंदू धर्म है, जो सिर्फ एक धर्म नहीं बल्कि एक व्यापक जीवन शैली है। भारतीय संस्कृति का लोकाचार हिंदू धर्म के सिद्धांतों और इसके सह-अस्तित्व और वसुधैव कुटुंबकम के मूल दर्शन के साथ जुड़ा हुआ है।  

ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए ईशान किशन भारत ए टीम में वापसी करने के लिए तैयार

नई दिल्ली ईशान किशन को इस साल की शुरुआत में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया गया था, क्योंकि उन पर घरेलू क्रिकेट की तुलना में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को प्राथमिकता देने का आरोप था। अब वे भारत ए टीम में वापसी करने के लिए तैयार हैं। वर्तमान में झारखंड की अगुआई कर रहे किशन ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ दो चार दिवसीय मैचों और सीनियर राष्ट्रीय टीम के साथ एक इंट्रा-स्क्वाड मैच में खेलेंगे। ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ दो ‘टेस्ट’ 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक मैके में और 7 से 10 नवंबर तक एमसीजी में होने हैं। हालांकि बीसीसीआई ने अभी तक टीम की पुष्टि नहीं की है, लेकिन रुतुराज गायकवाड़ या अभिमन्यु ईश्वरन के टीम की कप्तानी करने की उम्मीद है। अभिमन्यु, जो अपने पिछले चार प्रथम श्रेणी मैचों में चार शतकों के साथ शानदार फॉर्म में हैं, उन्हें सीनियर टीम के लिए बैकअप ओपनर के रूप में भी बुलाया जा सकता है। कप्तान रोहित शर्मा के व्यक्तिगत कारणों से पहले दो टेस्ट में से एक के दौरान ब्रेक लेने की उम्मीद है। बंगाल के भारत ए टीम में दो प्रतिनिधि तेज गेंदबाज मुकेश कुमार और कीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल होंगे।  

फांसी लगाने की जांच में जुटी पुलिस, छत्तीसगढ़-कोरबा में महिला कांग्रेस नेत्री के बेटे की मौत

कोरबा. कोरबा मानिकपुर चौकी अंतर्गत रवि शंकर शुक्ला नगर स्थित वाल्मीकि आवास में रहने वाले रितेश थापा (34) ने गुरुवार रात आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा करते हुए पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया। बताया जा रहा कि रितेश देर रात 10 बजे घर पहुंचा था। खाना खाकर अपने कमरे में सोने चला गया। जब रात लगभग दो बजे जब उसी मां बाथरूम के लिए उठी तो उसका कमरा खुला हुआ मिला। पास जाकर अंदर देखा तो उसके होश उड़ गए। फांसी के फंदे पर उसकी लाश लटकी हुई मिली और उसे देख चीख-पुकार मचाने लगी। इस दौरान आसपास के लोगों को आवाज देकर उठाया और इसकी सूचना मानिकपुर चौकी पुलिस को दी गई। मृतक रितेश की मां कांग्रेस नेता हैं और पिछले कई सालों से पार्टी के लिए काम करती आ रही हैं। बताया जा रहा है कि उसके दो बेटे हैं। रितेश बड़ा बेटा था। वहीं छोटा सोमेश थापा है, जो रायपुर में रहता है और निजी कंपनी में काम करता है। रितेश की शादी हो चुकी है और एक बच्चा भी है। पिछले कुछ दिनों से उसकी पत्नी बच्चे को लेकर अपने मायके चले गई थी, जिसे फोन कर बुलाया गया। रितेश वर्तमान में कुछ काम नहीं करता था। बताया जा रहा कि मानसिक रूप से परेशान भी रहा करता था, जिसके चलते उसने ये घातक कदम उठाया होगा। जांच कर रहे मानिकपुर चौकी में पदस्थ पुलिसकर्मी सुदामा ने बताया कि मृतक के परिजनों का बयान दर्ज किया गया है आगे की जांच की जा रही है।

दिल्ली हाफ मैराथन के आगामी संस्करण में कल कुछ विश्व स्तरीय धावक भाग लेंगे

नई दिल्ली विश्व एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस, दिल्ली हाफ मैराथन के आगामी संस्करण में रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में शीर्ष सम्मान के लिए कुछ विश्व स्तरीय धावक भाग लेंगे। युगांडा के जोशुआ चेप्टेगी, जो दो बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं, का सामना इथियोपिया के दो बार के 5000 मीटर विश्व चैंपियन मुक्तार एड्रिस से होने वाला है। दिलचस्प बात यह है कि एड्रिस ने हाल ही में टिलबर्ग में 10 मील की दौड़ में चेप्टेगी को हराया था। शुक्रवार शाम को यहां रेस से पहले प्रेस मीट में शीर्ष एथलीटों ने हिस्सा लिया। युगांडा पुलिस बल में कार्यरत चेप्टेगी ने बताया कि कैसे भारत में उनकी पहली रेस ने उनके करियर के लिए एक बेंचमार्क स्थापित किया। उन्होंने कहा, “भारत ने मेरे लिए एक बड़ी भूमिका निभाई, खासकर इसलिए क्योंकि यह मेरी सफलता की कहानी का एक बड़ा हिस्सा था। इसने मुझे एक वास्तविक अवसर दिया, और दस साल बाद भी, मेरी प्रबंधन टीम ने कहा, ‘यदि आप अपने करियर के और 10 साल सड़कों पर बिताना चाहते हैं, तो आपको भारत वापस जाना होगा। इसलिए मैं लोगों को कुछ वापस देने के लिए भारत वापस आया हूं।” दिल्ली हाफ मैराथन में अपने प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त चेप्टेगी ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि रविवार की दौड़ मेरे लिए अच्छी रहेगी। मेरी प्राथमिकता दिल्ली हाफ मैराथन के माध्यम से अपने अगले अध्याय की ओर बढ़ना है।” हाल ही में लगी चोट से उबरने को लेकर एड्रिस ने कहा, “मेरी चोट अब लगभग 95% ठीक हो गई है, हालांकि एक छोटी सी समस्या आई है। लेकिन यह प्रबंधनीय है। मैं वर्तमान में अपने पिछले फॉर्म के 70-80% पर हूं और लगातार सुधार कर रहा हूं। मेरा लक्ष्य पूरी ताकत से वापसी करना है, खासकर लंबी दौड़ के लिए। मेरे परिवार ने पूरे समय मेरा बहुत साथ दिया।” 2019 में एक चुनौतीपूर्ण दौड़ को याद करते हुए, एथलीट ने बताया कि कैसे चोटों के कारण उन्हें शुरुआत में मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “दोहा में 5000 मीटर की फ़ाइनल के दौरान, गर्मी और उमस बहुत ज़्यादा थी। यह कठिन था, लेकिन इसने मेरे पक्ष में काम किया। मैं अंतिम 400 मीटर तक समूह के साथ रहा और अंतिम चरण में, मैं अन्य एथलीटों और खुद को आश्चर्यचकित करने में कामयाब रहा। किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि मैं उस दिन जीत जाऊंगा।” महिलाओं के वर्ग में 10,000 मीटर में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन, इलिश मैककोलगन शामिल हैं। हालांकि, केन्या की सिंथिया लिमो, 2016 विश्व हाफ मैराथन की रजत पदक विजेता, आगामी दौड़ में ब्रिटिश धावक को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार हैं। दिल्ली हाफ मैराथन से पहले अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत करने वाली मैककोलगन ने कहा, “इतने लंबे समय तक खेल से बाहर रहना कठिन है। वापसी में लगभग छह महीने लगते हैं और फिर फिटनेस को फिर से बनाने में और समय लगता है। मैं अभी तक ब्रिटिश रिकॉर्ड या अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हूं, लेकिन चीजें अच्छी तरह से हो रही हैं। मैंने हाल ही में लगातार सप्ताहांत में दो हाफ मैराथन की, जो मैं आमतौर पर नहीं करती। एक करना मुश्किल है, दो तो छोड़िए, लेकिन इसने मुझे विश्वास दिलाया है कि मेरा शरीर ठीक है और अच्छी तरह से ठीक हो रहा है।” वह 2008 के बाद पहली बार किसी प्रतियोगिता के लिए भारत लौट रही हैं और दिल्ली हाफ मैराथन में भाग लेने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, “मेरी पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता भारत में 2008 के राष्ट्रमंडल युवा खेलों में थी, इसलिए मैं यहाँ फिर से दौड़ने के लिए उत्साहित हूँ। दिल्ली हाफ मैराथन मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली है, जो पेशेवर दौड़ में मेरी वापसी का प्रतीक है। मैं अपना पीबी नहीं बना पाई, लेकिन मैं इस इवेंट से पहले अपनी प्रगति से खुश हूँ।” अपने करियर के कठिन समय को लेकर, जब उन्हें अपने पहले बच्चे को खोना पड़ा, लिमो ने कहा, “आपको खुद को प्रोत्साहित करना होगा और चीजों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। जो कुछ भी हुआ है, उसके बावजूद यह मेरे लिए कठिन रहा है, लेकिन मैंने हमेशा खुद को प्रोत्साहित किया। मेरे अंदर वह भावना थी और इसी ने मुझे हर चीज में आगे बढ़ने और अपनी ताकत बनाए रखने में मदद की।” लिमो 2015 के बाद पहली बार दिल्ली लौटी हैं, उस समय उन्होंने रेस जीती थी। रोड रेस के बारे में उन्होंने कहा, “मैं वास्तव में सम्मानित महसूस कर रही हूँ कि आयोजकों ने मुझे दिल्ली हाफ मैराथन के लिए भारत वापस आमंत्रित किया है। यह मेरा दूसरा भाग है; मैंने 2015 में मैराथन में भाग लिया था, और यह मेरे लिए एक बेहतरीन वर्ष था। मैंने तब अच्छा प्रदर्शन किया था। फिर से दौड़ना मेरे लिए सौभाग्य की भावना से भर देता है। रविवार के लिए मेरी आशा है कि मैं नौ साल पहले 2015 की तरह ही अच्छा प्रदर्शन करूँ। यही मेरा लक्ष्य है। मुझे इस देश से गहरा लगाव है… मैं प्रशंसकों की बेहद आभारी हूँ। यहाँ के लोग अद्भुत हैं, और मैं इस अनुभव के बारे में सब कुछ की सराहना करती हूँ।” 20 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से शुरू होने वाली दिल्ली हाफ मैराथन में 260,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि है।  

मुंबई पुलिस ने कुछ नए खुलासे किए, यूपी और हरियाणा के शूटरों को महाराष्ट्र में बाबा सिद्दीकी की हैसियत के बारे में पता नहीं होगा

नई दिल्ली बाबा सिद्दीकी हत्या मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस ने कुछ नए खुलासे किए हैं। बताया गया कि इस मामले में हाल में गिरफ्तार किए गए 5 आरोपियों ने हत्या के लिए 50 लाख रुपये मांगे थे। मगर, भुगतान को लेकर असहमति और एनसीपी नेता के रसूख को देखते हुए उन्होंने हत्या को अंजाम देने से बाद में मना कर दिया। ऐसे में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े शुभम लोंकर ने नए शूटर हायर करने का फैसला लिया। वह जानता था कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा के शूटरों को महाराष्ट्र में बाबा सिद्दीकी की हैसियत के बारे में पता नहीं होगा। उसका यह प्लान काम कर गया और उससे कम रकम में ही बाहरी शूटर्स हत्या के लिए सहमत हो गए। इस तरह, हरियाणा के निवासी गुरमेल बलजीत सिंह, उत्तर प्रदेश के धर्मराज कश्यप और शिवकुमार गौतम को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। मुंबई पुलिस ने सिद्दीकी की हत्या मामले में शुक्रवार को 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने पूर्व विधायक की हत्या में शामिल लोगों को आवश्यक सामग्री और अन्य प्रकार की मदद दी थी। अब इस सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या अब 9 हो गई है, जबकि तीन लोग फरार हैं। पुलिस ने बताया कि हाल में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितिन गौतम सप्रे (32), संभाजी किसान पारधी (44), प्रदीप दत्तू थोम्ब्रे (37), चेतन दिलीप पारधी और राम फूलचंद कनौजिया (43) के रूप में की गई है। गौतम सप्रे डोंबिवली से है। संभाजी किसान पारधी, थोम्ब्रे और चेतन दिलीप पारधी ठाणे जिले के अंबरनाथ से हैं। कनौजिया रायगढ़ के पनवेल का रहने वाला है। पैसों को लेकर नहीं बन पाई बात सीनियर अधिकारी ने शनिवार को कहा, ‘पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि गौतम सप्रे के नेतृत्व वाले गिरोह ने एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए मध्यस्थ से 50 लाख रुपये की मांग की थी। लेकिन, सौदे पर असहमति के कारण यह बात नहीं बन पाई।’ उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सप्रे को पता था कि सिद्दीकी एक प्रभावशाली नेता हैं। इसलिए उन्हें मारना उसके गिरोह के लिए बड़ी समस्या पैदा कर सकता था। ऐसे में आरोपियों ने आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा, ‘यह जरूर है कि आरोपी व्यक्तियों ने नए शूटरों को आवश्यक सामग्री देने और अन्य सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया।’ लोंकर के संपर्क में था सप्रे गिरोह अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ताओं ने पाया है कि गौतम सप्रे के नेतृत्व वाला गिरोह गोलीबारी किए जाने तक साजिशकर्ता शुभम लोंकर और मुख्य षड्यंत्रकर्ता मोहम्मद जीशान अख्तर के संपर्क में था। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री सिद्दीकी की 12 अक्टूबर की रात को उनके विधायक बेटे जीशान सिद्दीकी के मुंबई के बांद्रा स्थित कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मुख्य शूटर शिवकुमार गौतम, शुभम लोंकर और मोहम्मद जीशान अख्तर फिलहाल फरार हैं। इनकी तलाशी महाराष्ट्र के अलावा दूसरे राज्यों में भी चल रही है। हालांकि, अभी तक उनका कुछ पता नहीं चल पाया है।

अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही खुशी में किया डांस, छत्तीसगढ़-रायपुर में बेटी ने पिता को किया लीवर डोनेट

रायपुर. इस दीपावली में बेटी ने अपने पिता को बड़ी उपहार दिया है, जी हां बेटी ने अपने लीवर डोनेट कर पिता की जान बचाई है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने की खुशी में मरीज ने अस्पताल में ही डांस करना शुरू कर दिया। जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लीवर ट्रांसप्लांट होने के बाद मरीज का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मरीज डांस करते हुए दिख रहा है। जानकारी के अनुसार, मरीज का नाम अनिल कुमार यादव है। वह तिल्दा का रहने वाला है। बेटी ने लीवर ट्रांसप्लांट कर उसकी जान बचाई है। इसके बाद ऑपरेशन थिएटर में अनिल पुराने गानों पर डांस करते नजर आए। 52 वर्षीय मरीज अनिल कुमार यादव रायपुर के श्री नारायणा हॉस्पिटल में भर्ती था। उनकी बेटी ने लीवर डोनेट किया है और अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उनका सफल लीवर ट्रांसप्लांट किया है। मरीज पूरी तरह स्वस्थ्य होने और अस्पताल से डिस्चार्ज की खबर सुनकर खुशी से झूम उठा। खुद को उसने नहीं रोक पाया और अस्पताल के वार्ड में ही डांस करने लगा। अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

लॉरेंस की गिनती इस समय देश के सबसे खूंखार अपराधियों में होती है, जैन मुनि सूर्य सागर कर चुके समर्थन, क्लिप वायरल

जयपुर एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या और सलमान खान को धमकी को लेकर एक बार फिर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई सुर्खियों में है। लॉरेंस की गिनती इस समय देश के सबसे खूंखार अपराधियों में होती है। हालांकि, कई लोग उसे तरह-तरह की दलीलों के साथ समर्थन भी करते दिखते हैं। इनमें विवादित जैन मुनि सूर्य सागर भी शामिल हैं। आचार्य सूर्य सागर का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल किया जा रहा है जिसमें वह लॉरेंस बिश्नोई को हीरो कहते हुए सुने जा सकते हैं। सूर्य सागर महाराज का एक 8 सेकेंड का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है, ‘आतंकवादी अफजल अगर तुम्हारा हीरो है तो लॉरेंस बिश्नोई हमारा हीरो है।’ वीडियो बेहद छोटा होने की वजह से संदर्भ साफ नहीं है। यह भी साफ नहीं है कि यह वीडियो कब का है। हालांकि, जब हमने पड़ताल की तो पता चला कि सूर्य सागर एक से अधिक मौकों पर लॉरेंस बिश्नोई की तारीफ और समर्थन कर चुके हैं। दो साल पुराने एक वीडियो में भी उन्होंने विस्तार से लॉरेंस बिश्नोई पर बात की थी। उन्होंने कहा था, ‘कल मैंने अपने आईडी पर एक लॉरेंस बिश्नोई की फोटो डाली तो कई लोगों के पेट में दर्द हो गया। लोगों ने पूछा कि गुरुजी आप किसका समर्थन कर रहे हैं। मैंने कभी उसे देखा नहीं है। यह लोकतांत्रिक देश है। किसका समर्थन करना है और किसका विरोध करना यह मेरा मौलिक अधिकार है। मेरे विचारधारा पर निर्भर करता है कि मैं किसका समर्थन करूं किसक नहीं। परमात्मा और मेरे गुरु के अलावा मुझे ज्ञान देने की हैसियत किसी की नहीं।’ वह तर्क देते हैं कि वह गैंगस्टर है, रेपिस्ट नहीं है। वह कहते हैं, ‘अभिमान होना चाहिए कि हमारे ही संप्रदाय का ऐसा व्यक्ति बैठा है जो कुछ ना कुछ सही काम करता है, अपने तरीके से। किसी नादान और असहाय को तो नहीं मार रहा है वह। मैं लॉरेंस बिश्नोई को मानता हूं यह मेरा व्यक्तिगत विषय है।’ बता दें कि सूर्य सागर महाराज नूपुर शर्मा के समर्थन और मुस्लिम समाज को लेकर अपने बयानों की वजह से भी कई बार सुर्खियों में रह चुके हैं। एक तरफ जहां सूर्य सागर महाराज जहां कुछ लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं तो दूसरी तरफ जैन समुदाय का एक धरा उन्हें मुनि मानने इनकार करता है। उनका कहना है कि हाथ में तमंचा और तलवार लेकर हिंसा की बात करने वाला जैन मुनि नहीं हो सकता है।

धर्मपरिवर्तन के लिए दबाब बना रही 3 महिलाओं को सतना पुलिस ने किया गिरफ्तार

सतना  सतना जिले में गरीब लोगों को ईसाई धर्म में कनवर्ट करने के लिए लालच देने की कोशिश के आरोप में पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है. एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी. कोलगवां पुलिस थाना प्रभारी सुदीप सोनी ने कहा कि एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर शुक्रवार को तीनों के खिलाफ मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, एक धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था. सतना के बैंक कॉलोनी निवासी आदर्श त्रिपाठी ने शिकायत की कि तीन महिलाएं उनसे मिलीं और उनके परिवार के बारे में जानकारी मांगी. उन्होंने कहा, इसके बाद तीनों ने उसे अपने बीमार पिता को ठीक करने के लिए ईसाई धर्म अपनाने के लिए राजी किया. अधिकारी ने कहा, शिकायतकर्ता ने कहा कि इन महिलाओं ने हिंदू धर्म के बारे में भी घटिया कमेंट भी किए. उन्होंने कहा, शिकायत के बाद, तीन महिलाओं, जिनकी पहचान सोनू साकेत, पार्वती साकेत और अर्चना साकेत के रूप में हुई, पर मामला दर्ज किया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने कहा कि लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए लुभाने के उद्देश्य से गलत कंटेंट वाले पर्चे भी उनके कब्जे से जब्त किए गए. हाल ही में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से ईसाई धर्म के प्रति प्रेरित करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि यहां गरीब और असहाय लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था. हिंदू महासंघ और राष्ट्रीय गौरक्षा समिति के पदाधिकारियों की सूचना पर पुलिस पहुंची. इसके बाद धर्म परिवर्तन करा रहे दो पादरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से ईसाई धर्म के प्रति प्रेरित का मामला सामने आया है. आरोप है कि गरीब और असहाय लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था. हिंदू महासंघ और राष्ट्रीय गौरक्षा समिति के पदाधिकारियों की सूचना पर पुलिस पहुंची. इसके बाद धर्म परिवर्तन करा रहे दो पादरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. दरअसल, यह मामला नगर कोतवाली के मुहरिया इलाके का है. इस मोहल्ले में एक घर में दर्जनों गरीब, असहाय व दलित महिलाएं इकट्ठी थीं. जहां दो पादरियों द्वारा उन्हें धर्म सभा के माध्यम से संबोधित कर ईसाई धर्म के प्रति प्रेरित किया जा रहा था. इसकी जानकारी जब हिंदू महासंघ व राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी के पदाधिकारियों को हुई तो वे मौके पर पहुंच गए.

गुजरात के मुस्लिम धर्मगुरु को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, हिरासत को किया रद्द, तुरंत रिहा करो

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट से मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती मोहम्मद सलमान अजहरी को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने गुजरात असामाजिक गतिविधि रोकथाम अधिनियम (पीएएसए), 1985 के तहत उनकी हिरासत को रद्द कर दिया है। जस्टिस विक्रम नाथ और प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने कहा, ‘रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री को देखने के बाद हमें लगता है कि हिरासत के आदेश को बरकरार नहीं रखा जा सकता क्योंकि ऐसा कुछ भी नहीं है जो यह सजेक्ट करे कि अपीलकर्ता द्वारा दिए गए भाषण से किसी भी तरह से सार्वजनिक व्यवस्था बाधित हुई है।’ 29 जुलाई 2024 को, गुजरात हाईकोर्ट ने जूनागढ़ जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी 16 फरवरी, 2024 के अजहरी के हिरासत आदेश को बरकरार रखते हुए कहा था कि ‘वर्तमान मामले में रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री यह मानने के लिए पर्याप्त है कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति की कथित पूर्वाग्रही गतिविधियों ने अधिनियम की धारा 4(3) के अंदर सार्वजनिक व्यवस्था के रखरखाव को या तो प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है या उसके प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने की संभावना है।’ इस आदेश के खिलाफ मौलवी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अजहरी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील हुजेफा ए अहमदी ने कहा कि हिरासत में लेने वाले अधिकारी द्वारा जिस सामग्री पर भरोसा किया गया है, वह यह निष्कर्ष निकालने के लिए अपर्याप्त है कि उनकी गतिविधियां सार्वजनिक व्यवस्था के रखरखाव के लिए हानिकारक थीं। गुजरात की तरफ से कोर्ट में पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू और वकील स्वाति घिल्डियाल ने हिरासत को उचित ठहराने की मांग की। अपील को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत पर हाईकोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अजहरी को ‘तुरंत रिहा किया जाए।’ हिरासत में लेने वाले अधिकारी ने याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज दो एफआईआर और उक्त अपराधों के संबंध में पेश सामग्री पर विचार किया और वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि याचिकाकर्ता की गतिविधियां पूर्वाग्रहपूर्ण थीं।

महिला-दो बेटियां और एक बेटा अस्पताल में भर्ती, छत्तीसगढ़-सक्ति में सात दिन से पूजा-पाठ कर रहे थे दो बेटों की मौत

सक्ति. सक्ति जिले के ग्राम तांदुलडीह में दो सगे भाई बेहोशी की हालत में मिले। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने जांच बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, महिला, दो बेटी और एक बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने पर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार, महिला फिरित बाई अपने तीन बेटे और दो बेटियों के साथ उज्जैन के किसी बाबा की फोटो को सामने रखकर सात दिनों से उपवास कर जाप कर रही थी। वहीं, घर से किसी के बाहर नहीं आने और चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसियों के कहने पर उसके चचेरे भाई ने दरवाजा खोलवाया तो महिला फिरित बाई ने कहा कि घर में पूजा पाठ चल रहा है। वहीं, झांकने पर पता चला कि विकास गोड और विक्की गोड जमीन पर पड़े हुए हैं। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों भाइयों को उपचार के लिए जिला अस्पताल शक्ति में लेकर पहुंची, जहां डॉक्टर ने जांच बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसमें पता चला सकेगा कि मौत किस कारण से हुई है। वहीं, घर मे मौजूद महिला उसकी दो बेटी और एक बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने पर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सीट बंटवारा पर देरी को लेकर निराशा, दावा किया कांग्रेस की प्रदेश इकाई के नेता फैसले लेने में सक्षम नहीं हैं: संजय राउत

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का ऐलान हो गया है लेकिन महाविकास अघाड़ी में सीट शेयरिंग को लेकर बात बन ही नहीं रही है। अब गठबंधन के घटक दलों ने एक दूसरे पर आरोप लगाने भी शुरू कर दिए हैं। 20 नवंबर को ही चुनाव होने हैं और ऐसे में सीटों का बंटवारा होने का दबाव सभी पार्टियों पर है। इसी बीच उद्धव ठाकरे के एक बयान ने गठबंधन में सबकुछ ठीक ना होने के कयासों को और बल दे दिया है। उन्होंने कहा है कि सीटों के बंटवारे को लेकर गठबंधन टूटना नहीं चाहिए। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस में निर्णय लेने की क्षमता नहीं है। ठाकरे ने यह भी उम्मीद जताई है कि शनिवार तक सीट बंटवारा हो जाएगा। संजय राउत ने महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (MVA) में सीट बंटवारा वार्ता पर देरी को लेकर  निराशा जताई और दावा किया कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई के नेता “फैसले लेने में सक्षम नहीं हैं।” मुंबई में संवाददाताओं से बातचीत में राउत ने कहा कि एमवीए के घटक दलों में महाराष्ट्र विधानसभा की कुल 288 सीट में से 200 पर आम सहमति कायम हो गई है। एमवीए में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं। राज्यसभा सांसद राउत ने बताया कि उन्होंने सीट बंटवारे पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और मुकुल वासनिक तथा महाराष्ट्र के लिए पार्टी प्रभारी रमेश चेन्निथला से शुक्रवार सुबह बात की। उन्होंने कहा कि दिन में वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी बात करेंगे। राउत ने कहा, “लंबित फैसला जल्द लिया जाना चाहिए। बहुत कम समय बचा है। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता फैसले लेने में सक्षम नहीं हैं। उन्हें बार-बार सूची दिल्ली भेजनी पड़ती है और फिर चर्चा होती है। जल्द से जल्द निर्णय लेना होगा।” क्या बोली कांग्रेस कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने शुक्रवार को कहा कि घटकों के बीच 25 से 30 सीट को लेकर गतिरोध है और पार्टी इकाई इस मुद्दे पर आलाकमान के किसी भी फैसले को स्वीकार करेगी। पटोले ने संवाददाताओं से कहा कि एमवीए में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत गुरुवार को समाप्त हो गई। ठाकरे ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में राजनीतिक परिदृश्य बदल गया है और लोगों ने 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में विपक्षी एमवीए को सत्ता में लाने का फैसला किया है। र्व मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए एमवीए दलों के बीच बातचीत लंबा खिंचने के मद्देनजर आगाह करते हुए कहा, ‘‘सहयोगियों के बीच सौदेबाजी को बातचीत टूटने के कगार तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।’

रीवा एयरपोर्ट लोकार्पण: विन्ध्य की उड़ान को लगे सुनहरे पंख!- राजेन्द्र शुक्ल

रीवा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जब कहते थे कि वह दिन भी अब दूर नहीं,  जब हमारे देश के ‘हवाई चप्पल वाले लोग भी हवाई जहाज में उड़ान भरेंगे’ तब विरोधी इसे महज जुमला कहकर बात हवा में उड़ा देते थे। ऐसे लोगों को आज रीवा आकर देखना चाहिए कि सपना किस तरह यथार्थ के धरातल पर उतरकर चरितार्थ हो रहा है। 20 अक्टूबर 2024 की तारीख विन्ध्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनने जा रही है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी चिरप्रतीक्षित रीवा हवाई अड्डे का लोकार्पण करने जा रहे हैं। इस अवसर पर लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॅा. मोहन यादव, रीवा के प्रभारी मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल गौरवमयी ऐतिहासिक समारोह के साक्षी रहेंगे। माननीय प्रधानमंत्री जी रीवा में एक ऐसे हवाई अड्डे को लोकार्पित करने जा रहे हैं, जो भविष्य में उत्तर मध्य भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयर ट्रैफिक डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा। साथ ही इस क्षेत्र को विकास के उच्च पायदान पर स्थापित करेगा। औद्योगिक निवेश और पर्यटन के लिए वैश्विक संभावनाओं का पथ प्रशस्त करेगा। दो वर्ष पूर्व इंदौर में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट में विश्व भर के उद्यमियों के बीच श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी (तत्कालीन नागरिक विमानन व उड्डयन मंत्री) ने यह घोषणा की थी कि हम मध्यप्रदेश के छठवे हवाई अड्डे को निर्मित और विकसित करने जा रहे हैं। उनकी इस घोषणा ने दुनियाभर के उन उद्योगपतियों के ध्यान को आकृष्ट किया, जो यहाँ पावर व माइनिंग सेक्टर, वाइल्ड लाइफ टूरिज्म, फूड प्रोसेसिंग इन्डस्ट्रीज की संभावनाओं को देखते हैं। शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने वालों के लिए यह अवसरों का दरवाजा खोलने वाला है। यह सुयोग है कि 23 अक्टूबर को रीवा में विन्ध्य में इन्वेस्टर समिट और रीजनल इन्डस्ट्रियल कान्क्लेव का आयोजन हो रहा है। यह हवाई अड्डा विन्ध्य क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दृष्टि से एक्सीलेटर की भूमिका निभाएगा, यह मेरा दृढ़ विश्वास है। मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि रीवा का हवाईअड्डा कई चरणों में विकसित हो रहा है। प्रथम चरण में 72 सीटर यात्री विमान के उड़ान की सुविधा प्रारंभ हो रही है। पाँच साल में रीवा का हवाईअड्डा बोइंग की लैंडिंग और अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए बनकर तैयार हो जाएगा। वह दिन दूर नहीं जब यहां से विदेशों के लिए भी हवाई जहाज उड़ने लगेंगे। रीवा एयरपोर्ट शिलान्यास के बाद रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुआ है, इस उपलब्धि के लिए भारतीय विमान प्राधिकरण व स्थानीय प्रशासन अभिनंदन के पात्र है। हवाई यातायात की सुविधा की दृष्टि से रीवा अब भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, खजुराहो की श्रेणी में आकर खड़ा हो गया है। भविष्य में हम और भी आगे बढ़ेंगे। देश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र  मोदी जी और प्रदेश के मुख्यंमंत्री डा. मोहन यादव के कुशल और फलदायी नेतृत्व के अनुभव को देखते हुए मैं यह विश्वासपूर्वक कह सकता हूँ कि अगले पाँच वर्षों के भीतर हम सब का सपना पूर्णरूपेण यथार्थ के धरातल पर उतर जाएगा। यह विन्ध्य की आशाओं के केन्द्र रीवा के विकास का श्रेष्ठ व उन्नत दौर है, जो स्वतंत्रता के अमृतकाल में प्रारंभ हो हुआ है। मैं जब कहता हूँ कि रीवा मध्यप्रदेश ही नहीं देश के समुन्नत और श्रेष्ठ महानगरों की श्रेणी में आगे बढ़ रहा है, तो इसके पीछे ठोस आधार है। 1956 तक रीवा विन्ध्यप्रदेश की राजधानी रहा है और तब इसकी ख्या्ति भोपाल, लखनऊ, पटना और भुवनेश्वर जैसे शहरों के समकक्ष थी। कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक द्वेषवश रीवा से एक प्रदेश की राजधानी होने का गौरव छीन लिया। 1956 से 2004 तक यह उपेक्षित और अभिशप्त पड़ा रहा। विन्ध्य में आज जो प्राकृतिक संसाधन हैं वो कल भी थे। आम नागरिकों में विकास की ललक और अपेक्षाएं कल भी वैसी ही थीं। केन्द्र में तत्का लीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी और उसके बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रभ मोदी जी की नेतृत्व वाली व प्रदेश में तत्कांलीन मुख्येमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और अब मुख्यशमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने आहत और उपेक्षित विन्ध्यवासियों की पीड़ा और भावनाओं को समझा है। आज यह क्षेत्र कई मामलों में देश में अग्रगण्य है। जब मैं कहता हूँ कि रीवा एय‍रपोर्ट उत्तर मध्यभारत का सबसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट होगा तो मेरी दृष्टि के सामने सिंगरौली का पावर काम्प्लेक्स उभरकर आता है। सिंगरौली में थर्मल प्लांटस में 20,000 मेगावाट से ज्यादा विद्युत उत्पादन होता है। देश का यह सबसे बड़ा पावर काम्प्लेक्स है। रीवा से सिंगरौली तक विश्वस्तरीय सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित होकर पूर्णता के करीब है। जो यात्री पाँच घंटे में बनारस पहुँचते थे वे दो घंटे में रीवा एयरपोर्ट के लाउंज में होंगे। विन्ध्य की 29 बड़ी औद्योगिक इकाईयां 225 किमी की परिधि में फैली हैं और प्रायः सभी नेशनल हाइवेज से जुड़ी हैं। अपने रीवा का हाइवेज जंक्शन पहले ही विकसित हो चुका है। इन औद्योगिक इकाइयों के अधिकारियों के लिए रीवा एयरपोर्ट कितनी बड़ी सहूलियत बनने जा रहा है यह अब उनसे ही पूछ सकते हैं। विन्ध्य की वाइल्डलाइफ टूरिज्म का विश्व में स्थान है। यहाँ का सफेद बाघ दुनियाभर के चिड़ियाघरों में दहाड़ रहा है। टीवी में दिखने वाला हर दूसरा बाघ या तो बांधवगढ़ का है या फिर पन्ना का। पर्यटकों के लिए यह कितना आसान हो जाएगा। रीवा में 750 मेगावाट का सोलर पावर काम्प्लेक्स एशिया के बड़े पावर प्रोडक्शन यूनिट में शामिल है। रीवा में खूबसूरत प्रपातों की श्रृंखला है। भगवान राम का तपोवन चित्रकूट और माँ शारदा के धाम मैहर कौन नहीं आना चाहेगा? बाणसागर का विस्तृत जल प्रक्षेत्र और उसके द्वीप विकसित होने पर हनुवंतिया के आकर्षण से आगे का प्राकृतिक सौंदर्य प्रस्तुत करेंगे। अपना विन्ध्य पावर हब की तरह सीमेंट का भी प्रोडक्शन काम्प्लेक्स है। प्रायः सभी बड़े औद्योगिक घरानों का निवेश यहां आया है। रीवा में नागपुर की तरह मेडिकल सुविधा और कोटा की तरह एकेडमीज का विस्तार हो रहा है। हम यह गर्व के साथ कह सकते हैं कि देश का हर दसवां घर विन्ध्य में उत्पादित बिजली से रोशन हैं। देश के हर दसवें घर की बुनियादें यहां की फैक्ट्रियों से बनी सीमेंट से बेजोड़ और मजबूत हुई हैं। इस क्षेत्र में अभी तीन लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हुई है। बाणसागर का पानी जब 9 लाख हेक्टेयर तक पहुँचेगा तब … Read more

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जनहित में किए गए अभिनव प्रयासों एवं उपलब्धियों की जानकारी आयोग को दी

देहरादून मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज सचिवालय में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा जनहित में किए गए अभिनव प्रयासों एवं उपलब्धियों की जानकारी आयोग को दी | इसके साथ ही मुख्य सचिव ने आयोग के समक्ष उत्तराखण्ड राज्य की विशेष परिस्थितियों के संदर्भ में अपेक्षित बिंदुओं को रखा। मुख्य सचिव ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी SDG India Index 2023-24 में उत्तराखण्ड राज्य को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के जल स्रोतों एवं नदियों के पुनर्जीवीकरण हेतु SARRA (Spring and River Rejuventation Authority) का गठन कर अब तक 5428 स्रोतों का जल संरक्षण तथा संवर्द्धन कर पुनर्जीवीकरण कर दिया गया है, जबकि 228 वर्षा कालीन छोटी-बड़ी नदियों का Catchment Treatment कर पुनर्जीवित किया गया है। राज्य सरकार हिम आधारित नदियों (Glaciel River) को वर्षा आधारित नदियों (Rainfed River) से जोड़े जाने की एक महत्वाकांक्षी परियोजना की रूपरेखा तैयार कर रही है, इसके दीर्घकालिक परिणाम Game Changer साबित होंगे जिसका लाभ प्रदेश को ही नहीं अपितु पड़ोसी राज्यों को भी मिलेगा। ऐसी अति महत्वपूर्ण “नदी-जोड़ो परियोजना” के क्रियान्वयन हेतु अत्यधिक धनराशि की आवश्यकता है जिसके लिए नीति आयोग, भारत सरकार से तकनीकी सहयोग की आवश्यकता है।  मुख्य सचिव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में Cluster आधारित Rural Incubation Centre स्थापित करने के लिए प्रारम्भ में पायलट Project के रूप में दो Rural Incubation Centre स्थापित किये हैं, जिसके आशातीत परिणाम प्राप्त हुए हैं। द्वितीय चरण में हम समस्त जनपदों में Rural Incubation Centre स्थापित करने जा रहे हैं। व्यापक स्तर पर Incubation Centre स्थापित करने हेतु भारत सरकार से तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग की अपेक्षा है।  मुख्य सचिव ने कहा कि भारत सरकार द्वारा संचालित केन्द्रपोषित योजनाओं के लिए One Size Fit for All की परिकल्पना पर आधारित होने के कारण योजनाओं के निर्धारित मानकों को बदलना तथा शिथिलता प्रदान करने के साथ ही अधिक विकेन्द्रीकरण, नियोजन एवं नीतियों की आवश्यकता है। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय कौशल परिषद व सेक्टर के गठन के दृष्टिगत राज्य में हमें Green Skilling के साथ-साथ Eco-Tourism Activity के लिये नीति आयोग से तकनीकी सहायता की आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा नीति आयोग की भांति गठित “State Institute for Empowering and Transforming Uttarakhand” (SETU) के माध्यम से कार्य करना आरंभ कर दिया है। सेतु के संचालन में नीति आयोग द्वारा प्रायोजित State Support Mission को बल मिलेगा। सेतु आयोग, उत्तराखण्ड में प्रभावी नीति नियोजन हेतु वर्तमान में सलाहकारों, डोमेन एक्सपर्टस, रिचर्स एसोसियेट, इंटर्नशिप हेतु विज्ञापन कर नियुक्तियां की जा रही हैं।  मुख्य सचिव ने कहा कि लैंगिक असमानता को कम करने हेतु उत्तराखण्ड UCC एक्ट लागू किये जाने से महिलाओं को लैंगिक समानता के अधिकार प्राप्त होगें। इसके साथ ही राज्य में समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी और दंगारोधी कानून लागू कर दिये गये हैं। इसी प्रकार लैंगिक समानता को ध्यान में रखते हुए महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत आरक्षण तथा सहकारी प्रबंध समितियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।  राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के फलस्वरूप सभी प्रकार की परीक्षाओं में शत-प्रतिशत पारदर्शिता आयी है, जिस कारण राज्य में विभिन्न परीक्षा परिणाम निर्धारित समय में जारी हुए हैं तथा युवाओं में System के प्रति विश्वास स्थापित हुआ है।  मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में अधिक से अधिक निवेशकों को आकर्षित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा लगभग 25 निवेशोन्मुखी नीतियाँ (Investor Friendly Policy) बनायी गयी है। जिसके अन्तर्गत राज्य की निवेशक केन्द्रित नीतियाँ, बुनियादी ढाँचे में निवेश, कुशल जन शक्ति की उपलब्धता और सुशासन की नींव वर्ष 2023 में रखने के उपरान्त वैश्विक निवेश सम्मेलन में 3.56 लाख करोड़ के MOU के सापेक्ष वर्तमान तक ₹ 75,000 करोड़ के निवेश की Grounding हो चुकी है।  राज्य सरकार द्वारा विकसित भारत के लक्ष्य में प्रभावी भागीदारी हेतु ऊर्जा, विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा, पर्यटन, Wellness तथा Hospitality एवं उद्यानिकीकरण पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

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