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अपने कंप्यूटर को सेफ रखने के लिए इर्न चीजों से रखे दूर…

कंप्यूटर के बिना आज जिंदगी की कल्पना भी नहीं की जा सकती, चाहे स्टूडेंट्स हों या प्रोफशनल्स हों या फिर हाउसवाइव्स हों। सभी की जिंदगी में इसकी अहमियत है। वर्ष 2012 में किए गए एक सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार 57 मिलियन भारतीय कंप्यूटर इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि लोगों को इनके रखरखाव और देखभाल का सही तरीका पता हो, ताकि ये लंबे समय तक सही स्थिति में काम करते रहें। आपकी एक मुस्कान पर जी उठेगा कंप्यूटर… -पानी, चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक आदि पेय पदार्थों को कंप्यूटर से दूर रखें। असावधानीवश इनके कंप्यूटर पर गिर जाने से ये अंदरूनी माइक्रोइलेक्ट्रिॉनिक कंपोनेंट्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं और इलेक्ट्रिकल डैमेज हो सकता है या शार्ट सर्किट होने से इसका डेटा भी करप्ट हो सकता है। -खाने की चीजें कंप्यूटर से दूर रखें। ये की-बोर्ड की कीज के बीच फंसकर कीटों को आकर्षित कर सकती हैं। कीट्स की-बोर्ड के अंदर स्थित सर्किट को नुकसान पहुंचा सकते हैं। डेस्कटॉप और लैपटॉप की कीज को साफ करने के लिए आप इयरबड या सॉफ्ट टूथब्रश का इस्तेमाल कर सकते हैं। -कंप्यूटर को इस्तेमाल करने से पहले अपने हाथ अच्छी तरह साफ कर लें। तेल, धूल-मिट्टी आदि के संपर्क में आने से उसमें गंदगी जम जाती है जो बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है। -अगर आपके पास लैपटॉप है तो उसे कभी भी फ्लैप के सहारे न पकड़ें। उसे हमेशा बेस के सहारे पकड़ें। फ्लैप बेहद पतला होता है और जोर पडने से वह अलग हो सकता है। -डेस्कटॉप या लैपटॉप के तार के ऊपर कुर्सी या मेज जैसी कोई भारी चीज रखकर खिसकाने से बचें। ऐसा करने से तार कमजोर हो सकता है। बार-बार ऐसा होने पर वह टूट भी सकता है। -कंप्यूटर को धूप में रखने पर इसका तापमान अचानक बढ़ सकता है। इसे हमेशा धूल, धूप और मॉइश्चर से दूर ठंडे, छायादार और सूखे स्थान पर रखें। कंप्यूटर के मदरबोर्ड और ग्राफिक कार्ड जैसे हिस्सों को हमेशा उनके किनारों की मदद से पकड़ें। कभी भी उनकी कनेक्टिंग पिन्स और ट्रान्जिस्टर्स को हाथ न लगाएं। -डिस्क ड्राइव को बेहद सावधानी के साथ खोलें। हड़बड़ी में या बलपूर्वक खोलने से इनके अंदरूनी पाट्र्स खराब हो सकते हैं। -इयरफोन, डेटाकेबल या चार्जिंग केबल जैसी डिवाइसेज को उचित स्लॉट में प्लग करें। किसी डिवाइस को गलत स्लॉट में लगाने से वह स्लॉट हमेशा के लिए खराब हो सकता है। -लैपटॉप को कभी धूप में खड़ी कार के अंदर न छोड़ें। कार के अंदर का तापमान बढने से वह खराब हो सकता है। -अगर आपके पास डेस्कटॉप है तो उसे इस्तेमाल न होने पर कवर कर दें। अगर लैपटॉप है तो उसे गैजेट बैग के अंदर ही रखें। -लैपटॉप को बेड के ऊपर रखकर इस्तेमाल करने से बचें। लंबे समय तक ऐसा करने पर उसका फैन बेड की धूल-मिट्टी को सोख लेता है और वह ब्लॉक हो जाता है।  

छोटे बैडरूम की इस तरह से करें सेटिंग

घरों के लेटेस्ट डिजाइन देखकर सभी यहीं सोचते हैं कि काश हमारा घर भी ऐसा होता लेकिन आजकल बड़े और आलीशान घर खरीदना कोई आसान काम नहीं है लेकिन आप अपनी सूझ-बूझ और समझदारी से छोटे से घर को भी अपने मन मुताबिक सजा सकते हैं। खुद से सजाया गया छोटा सा घर कंफरटेबल भी रहेगा और स्पैशल भी। घर में बैडरूम सबसे खास होता है। अगर आपका बैडरूम छोटा है तो उसमें बेवजह का फर्नीचर न रखें। इसी तरह कुछ जरूरी टिप्स को ध्यान में रखते हुए अपने घरों को सजाए। -दीवारों पर कोई ऐसा पेंट चुनें जो कि रात को शांति और स्कून दें और दिन में ताजगी का एहसास दिलाए। छोटे बेडरूमों में सफेद, क्रीम और बिंज पेंट ज्याघदा खिलते हैं। -कमरे में जगह बचाने के लिए लाइट को सीलिग से हैंग करें और अपने बेड के पास लाइट फिक्सस करवाएं। -कमरे मे जगह का ख्याल रखते हुए ऐसा बेड ले जिसके अदंर काफी समान आ सके। इसके अलावा आप फोल्ड करने वाले बेड का भी चुनाव कर सकती हैं। -कपड़ो व अन्य वस्तुाएं रखने के लिए ऐसा कैबिनेट ले, जिसमें काफी समान आ जाए। -कमरे में जगह कम है तो दीवारों में छोटी-छोटी अल्मा रियां बनवा लें, जिसमें सजावट का सामान रखा जा सके।  

मंत्री टेटवाल ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को किया नमन

भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और नमन किया। मंत्री टेटवाल ने कहा कि पुलिसकर्मियों का सर्वोच्च बलिदान हमें सच्ची सेवा और कर्त्तव्य-परायणता का संदेश देता है, जो सदैव प्रेरणादायी रहेगा। मंत्री टेटवाल पुलिस बल के शहीद जवानों को उनकी अमर और प्रेरणादायी स्मृतियों को समर्पित ‘पुलिस स्मृति दिवस’ पर राजगढ़ जिला मुख्यालय स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन को शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित भी किया।  

इंदौर की सड़कों पर दौड़ी डबल डेकर बस, एक महीने का ट्रायल रन शुरू

इंदौर  इंदौर में जल्द इलेक्ट्रानिक डबल डेकर बस शुरू होने वाली है. डबल डेकर बस का ट्रायल रन शुरू हो गया है. जल्द ही यह इंदौर की सड़कों पर दौड़ती हुई नजर आएंगी. शहर में डबल डेकर बस की शुरूआत को इंदौर के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है. ट्रायल रन पूरा होने के बाद तय होगा डबल डेकर बस का रूट गौरतलब है  कैबिनेट मंत्री (शहरी विकास एवं आवास विभाग) कैलाश विजयवर्गीय, महापौर और ए.आई.सी.टी.एस.एल बोर्ड के अध्यक्ष पुष्यमित्र भार्गव ने अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड परिसर से “इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस” का ट्रायल रन प्रारंभ किया. ट्रायल रन के बाद रूट तय किया जाएगा. एक माह तक इंदौर शहर के विभिन्न मार्गों पर चलेगा ट्रायल रन मुंबई से स्विच मोबिलिटी के माध्यम से शहर पहुंची इलेक्ट्रानिक डबल डेकर बस का ट्रायल रन एक माह तक चलेगा. बस की फिजीबिलिटी टेस्ट का ट्रायल रन शहर के विभिन्न मार्गों पर संचालित की जाएगी. इलेक्ट्रानिक बस की लंबाई 9.7 मीटर, चौड़ाई 2.6 मीटर, ऊंचाई 4.7 मीटर है. डबल डेकर बस के फ्लोर सीट पर 29 और ऊपर 36 यात्री बैठ सकेंगे. एक बार चार्ज होने पर 250 किमी तक चलेगी इस बस को स्विच मोबिलिटी कंपनी ने तैयार किया है। बस में डबल चार्जर सिस्टम है। इससे बस के ई-रिचार्ज होने वाला समय आधा हो जाता है। यानी सिंगल चार्जर से बस अगर 6 घंटे में चार्ज होती है तो डबल चार्जर से बस 3 घंटे में ही चार्ज हो जाएगी। वहीं, एक बार चार्ज होने पर ये बस करीब 250 किलोमीटर की सफर तय करती है।. ट्रायल रन के दौरान सभी अतिथियों ने ए.आई.सी.टी.एस.एल कार्यालय से शिवाजी वाटिका होते हुए एग्रीकल्चर कॉलेज से पिपलिहाना चौराहा होते हुए दोबारा शिवाजी वाटिका से गीता भवन होते हुए ए.आई.सी.टी.एस.एल तक सफर किया. ये सुविधाएं हैं खास बस में पावरफुल एसी के साथ ही जीपीएस, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, फायर अलार्म, सीसीटीवी कैमरे, ऑनबोर्ड यूनिट जैसी कई सुविधाएं दी गई है, जो यात्रा को सुरक्षित भी बनाएंगी।  

कई बीमारियों से बचाए तुलसी

आज कल लोगों को इतनी सारी बीमारियां हो रही हैं कि उनके पैसे डॉक्टार और दवाइयों में ही खर्च हो रहे हैं। पर यदि आपके घर में तुलसी का पौधा लगा हुआ है तो आपको चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है। तुलसी केवल हमारी आस्था का प्रतीक भर नहीं है। इस पौधे में पाए जाने वाले औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेद में भी तुलसी को महत्वपूर्ण माना गया है। तुलसी जुकाम, खांसी, बुखार, सूखा रोग, पसलियों का चलना, निमोनिया, कब्ज् और अतिसार सभी रोगों में चमत्कालरी रूप से अपना असर दिखाती है। तुलसी पत्र मिला हुआ पानी पीने से कई रोग दूर हो जाते हैं। इसीलिए चरणामृत में तुलसी का पत्ता डाला जाता है। आइये जानते हैं कि किस तरह से तुलसी बीमारियां को दूर भगाती है। 1. लिवर संबंधी समस्या तुलसी की 10-12 पत्तियों को गर्म पानी से धोकर रोज सुबह खाएं। लिवर की समस्याओं में यह बहुत फायदेमंद है। 2. पेट दर्द एक चम्मच तुलसी की पिसी हुई पत्तियों को पानी के साथ मिलाकर गाढा पेस्ट बना लें। पेट दर्द होने पर इस लेप को नाभि और पेट के आस-पास लगाने से आराम मिलता है। 3. डिगेशन संबंधी समस्या  एक ग्लास पानी में 10-15 तुलसी की पत्तियां डालकर उबालें और काढा बना लें। इसमें चुटकी भर सेंधा नमक डालकर पीएं। इससे पाचन संबंधी समस्याओं जैसे दस्त लगना, पेट में गैस बनना आदि दूर होती है। 4. बुखार बुखार आने पर दो कप पानी में एक चम्मच तुलसी की पत्तियों का पाउडर और एक चम्मच इलायची पाउडर मिलाकर उबालें और काढा बना लें। दिन में दो से तीन बार यह काढा पीएं। स्वाद के लिए चाहें तो इसमें दूध और चीनी भी मिला सकते हैं। तुलसी का अर्क तेज बुखार को कम करने में भी कारगर साबित होता है। 5. खांसी-जुकाम तुलसी की पत्तियां कफ साफ करने में मदद करती हैं। सभी तरह के कफ सीरप बनाने में तुलसी का इस्तेमाल किया जाता है। तुलसी की कोमल पत्तियों को थोडी-थोडी देर पर अदरक के साथ चबाने से खांसी-जुकाम से राहत मिलती है। चाय की पत्तियों को उबालकर पीने से गले की खराश दूर हो जाती है। 6. सर्दी से बचाव सर्दी जुकाम होने पर तुलसी की पत्तियों को चाय में उबालकर पीने से राहत मिलती है। बारिश या ठंड के मौसम में सर्दी से बचाव के लिए तुलसी की लगभग 10-12 पत्तियों को एक कप दूध में उबालकर पीएं। सर्दी की दवा के साथ-साथ यह एक न्यूट्रिटिव ड्रिंक के रूप में भी काम करता है। 7. ब्रीथिंग प्रोब्लेम्स श्वास संबंधी समस्याओं का उपचार करने में तुलसी खासी उपयोगी साबित होती है। शहद, अदरक और तुलसी को मिलाकर बनाया गया काढ़ा पीने से ब्रोंकाइटिस, दमा, कफ और सर्दी में राहत मिलती है। नमक, लौंग और तुलसी के पत्तों से बनाया गया काढ़ा इंफ्लुएंजा (एक तरह का बुखार) में फौरन राहत देता है। 8.  गुर्दे की पथरी यदि किसी के गुर्दे में पथरी हो गई हो तो उसे शहद में मिलाकर तुलसी के अर्क का नियमित सेवन करना चाहिए। तुलसी गुर्दे को मजबूत बनाती है। 9. हार्ट डिजीज तुलसी खून में कोलेस्ट्राल के स्तर को घटाती है। ऐसे में हृदय रोगियों के लिए यह खासी कारगर साबित होती है। 10. टेंशन तनाव को खुद से दूर रखने के लिए कोई भी व्यक्ति तुलसी के 12 पत्तों का रोज दो बार सेवन कर सकता है। तुलसी की पत्तियों में तनाव रोधीगुण भी पाए जाते हैं। 11. माउथ इन्फेक्शन अल्सर और मुंह के अन्य इन्फेक्शंस में तुलसी की पत्तियां फायदेमंद साबित होती हैं। रोजाना तुलसी की कुछ पत्तियों को चबाने से माउथ इन्फेक्शन दूर हो जाता है। 12. स्किन डिजीज नैचुरोपैथों द्वारा ल्यूकोडर्मा का इलाज करने में तुलसी के पत्तों को सफलता पूर्वक इस्तेमाल किया गया है। इससे इंफेक्शन ज्यादा नहीं फैल पाता। दाद, खुजली और त्वचा की अन्य समस्याओं में तुलसी के अर्क को प्रभावित जगह पर लगाने से कुछ ही दिनों में रोग दूर हो जाता है। 13. सांसों की दुर्गध पायरिया जैसी समस्या में भी यह कारगर साबित होती है। तुलसी की सूखी पत्तियों को सरसों के तेल में मिलाकर दांत साफ करने से सांसों की दुर्गध चली जाती है।   14. सिर का दर्द सिर के दर्द में तुलसी एक बढ़िया दवा के तौर पर काम करती है। तुलसी का काढ़ा पीने से सिर के दर्द में आराम मिलता है। 15. आंखों की समस्या रात में रोजाना श्यामा तुलसी के अर्क को दो बूंद आंखों में डालना चाहिए। आंखों की जलन में तुलसी का अर्क बहुत फायदेमंद साबित होता है। 16. कान में दर्द तुलसी के पत्तों को सरसों के तेल में भून लें और लहसुन का रस मिलाकर कान में डाल लें। दर्द में आराम मिलेगा। 17. पाइल्स तुलसी के बीज का चूर्ण दही के साथ लेने से खूनी बवासीर यानि पाइल्स में खून आना बंद हो जाता है।  

ऐसे सुधारे बच्चों के जिद्दी स्वभाव को

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बच्चों को संभालना बहुत मुश्किल काम हैं खासतौर पर वर्किंग पेरेंट्स के लिए। ऐसे पेरेंट्स को बच्चे की परवरिश करनें में बहुत मुश्किल आती है। वह सारा दिन काम पर रहते है, जिसकी वजह से बच्चो पर ध्यान कम जाता है। आज की जनरेशन आपने आप को अपने माता-पिता से ज्यादा समझदार समझते हैं। बच्चों में गुस्सा इतना बढ़ गया हैं कि पेरेंट्स के लिए उन्हें संभाल पाना बहुत मुश्किल हो जाता हैं। पेरेंट्स को बड़ी समझदारी के साथ अपने बच्चों को संभालना चाहिए। जाने बच्चों को संभालने के कुछ तरीके….   -अगर आपके बच्चे को ज्यादा गुस्सा आता हैं तो आप उनको थोड़ा समय दें और अपनी दिनभर की थकान खत्म करने के बाद ही उससे बात करें। अगर आप उसी समय बच्चों से बात करेंगे तो बच्चा अपनी हर बात मनवाने के लिए जिद्द करेगा और इससे उसमें चिड़चिड़ापन पैदा हो जाएंगा। -बच्चे को सुधारने के लिए उसके ऊपर कभी भी हाथ उठाने की गलती ना करें, जिससे वो ओर भी अधिक गुस्सा हो जाएं और आपकी कोई भी बात न मानें जिससे आपकी परेशानी खत्म होने की बजाय ओर बढ़ जाएंगी। -बच्चों का मन इतना चंचल होता हैं कि बचपन में उन्हें जैसे समझाएगे वह जल्दी ही उस बात को समझ जाएंगे और बच्चों को दूसरों से अच्छा व्यवहार करने के लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि बच्चा सिर्फ घर में ही नहीं ब्लकि सभी के साथ अच्छा व्यवहार करें। -बच्चों की हर बात बड़े ही प्यार से समझानी चाहिए ताकि उनके गुस्से पर काबू पाया जा सके। बच्चों को हर बात इस तरह समझाएं कि गुस्सा आने पर शांत रहें। -बच्चों से हर बात शेयर करे ताकि उसे जब भी गुस्सा आए तो वो अपनी बात शेयर करने के लिए आपके पास ही आए। -बच्चों की किसी भी मांग पर हां या ना कहने में बहुत ज्यादा सावधानी रखें, क्योंकि ये दो छोटे से शब्द भविष्य निर्माण की नींव हैं।  

भगवान शिव की पूजा सोमवार को ही क्यों

सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी ईश्वर की पूजा, भक्ति और व्रत के लिए होता हैं पर सोमवार का दिन हिन्दू धर्म परमपराओं के अनुसार भगवान शिव को समर्पित होता है। माना जाता है कि शिवजी की भक्ति हर पल ही शुभ होती है। सच्चे मन से पूजा की जाए तो शिव अपने भक्तों पर जल्द ही प्रसन्न हो जाते है। क्यों सोमवार को ही शिवजी की पूजा करना अधिक लाभदायक होता है? आइए जानते हैं इससे जुड़ी खास बातें- सोमवार के दिन रखा जाने वाला व्रत सोमेश्वर व्रत के नाम से जाना जाता है। इसके अपने धार्मिक महत्व होते हैं। इसी दिन चन्द्रमा की पूजा भी की जाती है। हमारे धर्मग्रंथों में सोमेश्वर शब्द के दो अर्थ होते हैं। पहला अर्थ है-सोम यानी चन्द्रमा। चन्द्रमा को ईश्वर मानकर उनकी पूजा और व्रत करना। सोमेश्वर शब्द का दूसरा अर्थ है-वह देव, जिसे सोमदेव ने भी अपना भगवान माना है। उस भगवान की सेवा-उपासना करना, और वह देवता हैं-भगवान शिव। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस व्रत और पूजा से ही सोमदेव ने भगवान शिव की आराधना की। जिससे सोमदेव निरोगी होकर फिर से अपने सौंदर्य को पाया। भगवान शंकर ने भी प्रसन्न होकर दूज यानी द्वितीया तिथि के चन्द्रमा को अपनी जटाओं में मुकुट की तरह धारण किया। यही कारण है कि बहुत से साधू-संत और धर्मावलंबी इस व्रत परंपरा में शिवजी की पूजा-अर्चना भी करते आ रहे हैं क्योंकि इससे भगवान शिव की उपासना करने से चन्द्रदेव की पूजा भी हो जाती है। धार्मिक आस्था व परंपरा के चलते प्राचीन काल से ही सोमवार व्रत पर आज भी कई लोग भगवान शिव और पार्वती की पूजा करते आ रहे हैं परन्तु यह चंद्र उपासना से ज्यादा भगवान शिव की उपासना के लिए प्रसिद्ध हो गया। भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा कर सुख और कामनापूर्ति होती है।  

पहली बार न्यूजीलैंड ने जीता टी20 वर्ल्ड कप का खिताब, साउथ अफ्रीका ने अपने पैरों पर मारी कुल्हाड़ी

दुबई  न्यूजीलैंड ने महिला टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीत लिया है। कीवी टीम पहली बार इस ट्रॉफी को अपने नाम करने में सफल हुई है। क्रिकेट इतिहास में न्यूजीलैंड का यह पहला टी20 वर्ल्ड कप खिताब है। देश की पुरुष टीम अभी तक टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीत पाई है। फाइनल में न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को 32 रनों से हराया। टॉस जीतने के बाद साउथ अफ्रीका ने बॉलिंग चुनी। बड़े मैचों में हमेशा टीमों को पहले बैटिंग के लिए कहा जाता है लेकिन यहां साउथ अफ्रीका ने अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार दी। न्यूजीलैंड ने 158 रन बनाए। जवाब में साउथ अफ्रीका ने लगातार विकेट खोए और अंत में टीम 126 रन ही बना पाई। साउथ अफ्रीका लगातार दूसरे महिला टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल हारी है। पुरुष टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में ही इसी साल जून में साउथ अफ्रीका को हार मिली थी। अमेलिया केर बनीं प्लेयर ऑफ द मैच अनुभवी अमेलिया केर ने इस फाइनल मुकाबले में टीम के लिए ऑलराउंड प्रदर्शन किया। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ केर ने बल्ले से सबसे ज्यादा 43 रन बनाने के बाद तीन विकेट चटका कर मैच पर न्यूजीलैंड का दबदबा कायम किया। उन्होंने ब्रूक हैलिडे (38) के साथ चौथे विकेट के लिए 44 गेंद में 57 रन की साझेदारी कर बड़े स्कोर की नींव रखी। केर ने 38 गेंद की पारी में चार जबकि हैलिडे ने 28 गेंद की अपनी आक्रामक पारी में तीन चौके लगाये। टीम के लिए सूजी बेट्स ने भी 31 गेंद में तीन चौकों की मदद से 32 रन का योगदान दिया। गिटार के साथ माओरी गीत गाकर मनाया जश्न न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने अपनी पहली टी20 वर्ल्ड कप जीत का जश्न अपने अंदाज से मनाया, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किया है। न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने गिटार के साथ माओरी गीत गाते हुए अपनी जीत का जश्न मनाया। इस दौरान फाइनल की स्टार ऑलराउंडर खिलाड़ी अमेलिया केर ने गिटार बजाया और टीम ने गाना गाया। फाइनल मैच में अमेलिया केर ने किया दमदार प्रदर्शन न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी कर दक्षिण अफ्रीका का सपना तोड़ दिया। फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के लिए अमेलिया केर लकी साबित हुईं। उन्होंने मैच में शानदार बल्लेबाजी और बेहतरीन गेंदबाजी भी की। उन्होंने पहले बैटिंग में योगदान देते हुए 43 रन बनाए। इसके बाद गेंद से कमाल करते हुए 4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट चटकाए। वहीं फाइनल में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के साथ-साथ प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड भी मिला। अमेलिया ने अपने दम पर न्यूजीलैंड को खिताब दिलाया। हर कोई अमेलिया की तारीफ कर रहा है। उनके ऑलराउंड प्रदर्शन की वजह से ही न्यूजीलैंड को खिताबी जीत नसीब हुई। अच्छी शुरुआत के बाद बिखरी साउथ अफ्रीका लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार लय में चल रही लौरा वुलवार्ट ने शुरुआती चार ओवरों में चार चौके लगाकर टीम की रनगति को बनाये रखा। तेजमिन ब्रिट्स ने छठे ओवर में रोजमेरी मायर्स के खिलाफ चौका लगाया जिससे पावर प्ले में टीम का स्कोर बिना किसी नुकसान के 47 रन हो गया। न्यूजीलैंड ने पावरप्ले के बाद मैच पर शिकंजा कसना शुरू किया। फ्रैंन जोनास ने सातवें ओवर में ब्रिट्स की 18 गेंद में 17 रन की पारी को खत्म करने के साथ पहले विकेट के लिए 51 रन की साझेदारी को तोड़ा। दसवें ओवर में गेंदबाजी के लिए आयी टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली अमेलिया केर ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली वुलवोर्ट को पवेलियन की राह दिखाने के बाद एनेक बोश (चार रन) को विकेटकीपर गेज के हाथों कैच कराया। एक ओवर में दो विकेट गंवाने के बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम बैकफुट पर आ गयी। दक्षिण अफ्रीका के लिए कप्तान लौरा वुलवोर्ट ने 27 गेंद में 33 रन का योगदान दिय लेकिन उन्हें टीम के दूसरे बल्लेबाजों से अच्छा योगदान नहीं मिला।

बंगाल की खाड़ी में ‘Cyclone Dana ‘ की दस्तक… 120KM की गति से चलेंगी हवाएं, इन राज्यों में भारी बारिश तूफान बढ़ाएगी आफत

 नई दिल्ली बंगाल की खाड़ी में तूफान आने का खतरा मंडरा रहा है. मौसम विभाग की मानें तो 23 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनने की आशंका है. वहीं, 24 अक्टूबर को ये तूफान ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों पर दस्तक दे सकता है, जिसकी वजह से इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है. IMD के मुताबिक, पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना है. वहीं, उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव के कारण आज 21 अक्टूबर की सुबह (05:30 बजे IST) पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना है. बंगाल की खाड़ी में तूफान की आहट इसके पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने और 22 अक्टूबर की सुबह तक एक दबाव क्षेत्र में तब्दील होने व 23 अक्टूबर तक पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है. उसके बाद इसके उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ने और 24 अक्टूबर की सुबह तक ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान अंडमान सागर पर बने एक चक्रवाती उच्च प्रभाव के कम दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील होने की आशंका है. वहीं, मौसम की यह प्रणाली एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकती है. इस दौरान भारी बारिश होने की आशंका है, जिसको लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है. इसके अलावा मछुआरों को भी तटों से दूर रहने की सलाह दी गई है. मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, इस प्रकार के तूफान अक्सर अप्रत्याशित होते हैं और आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, और म्यांमार के तटवर्ती इलाकों में चक्रवात का खतरा बना रहता है. इस प्रणाली के अधिक मजबूत होकर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं. वहीं, निम्न दबाव उत्तर-पश्चिम से बीओबी के मध्य भागों की ओर बढ़ेगा और 23 अक्टूबर को एक अवसाद (Depression) में बदल जाएगा. ऐसा मालूम होता है कि यह मौसम प्रणाली ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ सकती है. इस स्थिति में अवसाद को और अधिक तीव्र होने के लिए समुद्र में बहुत कम समय मिलेगा, जिससे यह प्रणाली शुरुआती क्षेणी के तूफान का रूप ले पाएगी और इसके समुद्र तट से टकराने के लिए बहुत कठोर होने की संभावना नहीं है.

प्रदेश में फिर INDIA गठबंधन में दरार ! बुधनी में सपा ने उतारा प्रत्याशी, कांग्रेस के बागी नेता लड़ेंगे चुनाव

भोपाल मध्य प्रदेश में विजयपुर-बुधनी विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर दोनों ही प्रमुख दलों (बीजेपी और कांग्रेस) की ओर से तस्वीर साफ हो गई है. बुधनी विधानसभा सीट पर बीजेपी ने जहां पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव को प्रत्याशी बनाया है, तो वहीं कांग्रेस ने भी प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है. कांग्रेस ने बुधनी से राजकुमार पटेल को टिकट दिया है. इधर विजयपुर विधानसभा सीट से बीजेपी ने वन मंत्री रामनिवास रावत को उम्मीदवार बनाया है तो वहीं कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा को प्रत्याशी बनाया है. इन दोनों ही सीटों पर रोचक मुकाबला होने के आसार हैं. समाजवादी पार्टी ने भी बुधनी से उतारा उम्मीदवार इधर बुधनी से युवा कांग्रेस के अर्जुन आर्य ने भी बगावती तेवर दिखा दिए हैं. अर्जुन आर्य क्षेत्र में कांग्रेस के लिए सक्रिय रहे. हालांकि, टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. अब उन्हें समाजवादी पार्टी ने बुधनी से उम्मीदवार बना दिया है. 13 नवंबर को वोटिंग, 23 को नतीजे मध्य प्रदेश की बुधनी और विजयपुर सीट पर उपचुनाव के लिए प्रक्रिया जारी है. 18 अक्टूबर से नामांकन भराने का सिलसिला जारी है. हालांकि, तीन दिन में दोनों ही सीटों पर एक भी नामांकन फॉर्म जमा नहीं हुआ है जबकि 25 अक्टूबर नामांकन फार्म जमा करने की आखिरी तारीख है. 30 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जाएंगे, तो 13 नवंबर को वोटिंग होगी और 23 नवंबर को परिणाम आ जाएंगे. इधर दोनों ही प्रमुख दल बीजेपी और कांग्रेस ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं. बुधनी में आसान नहीं दोनों दलों की राह भारत सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का गढ़ है. यहां पांच बार से लगातार शिवराज सिंह चौहान विधायक बनते आ रहे थे. यहां बीजेपी मजबूत स्थिति में रही है. क्योंकि अब शिवराज सिंह चौहान प्रत्याशी नहीं हैं. ऐसे में यहां मुकाबला रोचक होने का अनुमान है. बीजेपी ने जहां पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव को उम्मीदवार बनाया है तो वहीं कांग्रेस ने भी पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बना दिया है. बागियों की भी सुगबुगाहट प्रत्याशियों के नाम का ऐलान होने के बाद दोनों ही दलों से बागियों की भी सुगबुगाहट शुरू हो गई है. बीजेपी के कद्दावर नेता अपने समर्थकों के साथ मीटिंग कर रहे हैं. इस मीटिंग के बाद निर्णय अनुसार यह जनप्रतिनिति आगे की रणनीति बनाएंगे. इधर कांग्रेस से युवा नेता अर्जुन आर्य ने भी बगावत कर दी है. विजयपुर में भी रोचक मुकाबला विजयपुर विधानसभा सीट पर भी दोनों ही प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की राह आसान होती नजर आ नहीं आ रही है. विजयपुर विधानसभा सीट पर 67 साल में 15 विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिसमें 9 बार कांग्रेस जीती है, जबकि 6 बार बीजेपी के जनप्रतिनिधि विधायक चुने गए हैं.

अल पचीनो ने अपनी किताब ‘सनी बॉय’ में किया बड़ा खुलासा

यूं तो यह बात दिग्गज अमेरिकी एक्टर अल पचीनो अपने इंटरव्यूज में पहले भी कह चुके हैं कि ‘द गॉडफादर’ में शुरुआती दौर में फिल्म के डायरेक्टर फ्रांसिस फोर्ड कोपोला उनके काम से इतने नाराज थे कि उन्हें निकालना चाहते थे। लेकिन अक्सर ऐसे इंटरव्यूज में मुकम्मल बात नहीं आ पाती। लोग यह भी जानना चाहते हैं कि हालात ऐसे थे तो फिर वे बदले कैसे। किस लम्हे ने इसे नया मोड़ दिया। अल पचीनो ने अपने संस्मरण सनी बॉय में इस वाकये से परदा हटाया है और बताया है कि असल में हुआ क्या था। वह लिखते हैं कि एक रोज एक रेस्तरां में कोपोला ने उन्हें बुलाया और कहा कि वह अच्छा काम नहीं कर पा रहे हैं। कोपोला की नाराजगी को यूं समझा जा सकता है कि उन्होंने अल पचीनो को बैठने तक को नहीं कहा। इशारा साफ था कि अल पचीनो का काम आगे भी वैसा ही रहा तो उन्हें फिल्म छोड़नी पड़ेगी। अल पचीनो ने किया शानदार सीन लेकिन रेस्तरां वाले वाकये के बाद फिल्म का एक सीन सूट हुआ। इस सीन में माइकल कॉर्लियोन का किरदार निभा रहे अल पचीनो अपने पिता (अमेरिका के महान अभिनेताओं में से एक माने जाने वाले मार्लन ब्रैंडो ने यह भूमिका अदा की थी) की हत्या की कोशिश करने वाले एक शख्स की जान ले लेते हैं। इसे न सिर्फ ‘द गॉडफादर’ बल्कि सिनेमा के इतिहास के चुनिंदा शानदार सीन में से एक माना जाता है। ‘कभी आप गिरते हैं, कभी सितारे बुलंदी पर होते हैं’ इस किताब में अल पचीनो ने ऐसी कई घटनाओं का जिक्र किया है। वह लिखते हैं कि अभिनय की दुनिया ऐसी है कि कभी आप इसमें गिरते हैं तो कभी आपके सितारे बुलंदी पर होते हैं। अल पचीनो जैसे महान एक्टर जब ऐसी घटनाओं का जिक्र करते हैं तो इनसे उनकी शख्सियत का एक ऐसा पहलू सामने आता है, जिससे अक्सर फैन्स वाकिफ नहीं हैं। 2 साल के थे अल पचीनो, पैरेंट्स का हो गया था तलाक ‘Sonny Boy’ अल पचीनो का ‘पुकारू’ नाम था, इसी वजह से किताब का भी उन्होंने यही नाम रखा है। वह जब 2 साल के थे, तभी उनके माता-पिता का तलाक हो गया था। इसके बाद वह अपनी मां और नाना-नानी के साथ रहे। अल ने किताब में अपने बचपन के दोस्तों क्लिफ, ब्रुस और क्लिफी का जिक्र किया है। आगे चलकर उनके इन तीनों दोस्तों की मौत ड्रग ओवरडोज की वजह से हुई। नशे का शिकार हो जाते है अल पचीनो अल पचीनो लिखते हैं कि उनके घर वाले अगर ध्यान न देते तो शायद वह भी नशे के शिकार हो जाते। हालांकि, अभिनेता के रूप में करियर शुरू होने के बाद शुरुआती दिनों में वह काफी शराब पीते थे। अल पचीनो ने 16 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़ दी थी। उसके बाद छिटपुट काम करके उन्होंने जीवन चलाया और थिएटर करते रहे। उन्हें बड़ी कामयाबी 70 के दशक में सिनेमा में मिली। ‘गॉडफादर 1’, ‘गॉडफादर 2’, ‘सर्पिको’, ‘स्कारफेस’ और ‘डॉग डे आफ्टरनून’ जैसी फिल्मों की कामयाबी ने उन्हें हॉलीवुड का बड़ा स्टार बना दिया और उनकी अभिनय क्षमता को भी सराहा गया।

फिर बिगड़ेगा मध्य प्रदेश का मौसम, 3 संभागों में दो दिन बारिश-बादल के आसार, जानें IMD का ताजा पूर्वानुमान

भोपाल मध्यप्रदेश में मानूसन की विदाई के बाद भी बाारिश का दौर जारी है। रविवार को बैतूल, नर्मदापुरम और ग्वालियर में बारिश हुई। मौसम विभाग ने इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में पानी गिरने की संभावना जताई है। बताया, अगले 2 दिन बारिश का दौर जारी रहेगा। 25 अक्टूबर से रात में ठंड का असर बढ़ेगा। कुछ शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री तक पहुंचने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया, अरब सागर से लो प्रेशर एरिया एक्टिव है। जो मध्यप्रदेश के दक्षिणी जिलों में असर दिखा रहा है। पिछले 6 दिन से यहां बारिश का दौर जारी है। रविवार को ग्वालियर, बैतूल और नर्मदापुरम में पानी गिरने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। नर्मदापुरम में दिन का तापमान 27.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पचमढ़ी में तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दिन में बैतूल, रात में पचमढ़ी सबसे ठंडा रविवार को हिल स्टेशन पचमढ़ी और बैतूल सबसे ज्यादा ठंडे रहे। पचमढ़ी में रात का तापमाान 16 डिग्री सेल्सियस और बैतूल में दिन का तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। जो औसत से 5.3 डिग्री कम है। दिन में बैतूल, रात में पचमढ़ी सबसे ठंडा पचमढ़ी में रात का पारा 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है। रविवार को बैतूल में दिन का तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यहां रात और दिन के तापमान में 5.3 डिग्री का ही अंतर रहा। मानसून की हो चुकी विदाई प्रदेश से 15 अक्टूबर को मानसून लौट चुका है लेकिन सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे के दौरान बुरहानपुर, नर्मदापुरम, रतलाम, उज्जैन, देवास, सीहोर, भोपाल, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, बैतूल, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ में बारिश दर्ज की गई। दो दिन सिस्टम के सक्रिय रहने से ऐसा ही मौसम रह सकता है।

त्योहार से सप्ताह पूर्व से दिल्ली, इंदौर, रायपुर से आने वाली फुल, जबलपुर आने वाली ट्रेनों में भी अब कन्फर्म सीटें नहीं बची

जबलपुर दीपावली से ठीक एक दिन पूर्व 30 अक्टूबर को हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस में स्लीपर श्रेणी में प्रतीक्षा सूची 130, थर्ड एसी इकोनोमी में 65, थर्ड एसी में 85, सेकेंड एसी में 52 एवं फस्र्ट एसी में 17 है। वहीं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मण्डल पर ब्रिजों के अनुरक्षण कार्य के कारण कई गाड़ियों को रद्द किया गया है। मुंबई से प्रतिदिन 14-16 ट्रेनों का संचालन होता है सीएसटीएम-जबलपुर के मध्य सीधी चलने वाली एक मात्र गरीबरथ एक्सप्रेस में 27 अक्टूबर को टिकट की प्रतीक्षा सूची 299 पर पहुंच गई है। मुंबई से प्रतिदिन 14-16 ट्रेनों का संचालन होता है, जो जबलपुर से होकर गुजरती हैं। जबलपुर आने वाली ट्रेनों में भी अब कन्फर्म सीटें नहीं बची हैं जबलपुर से प्रयागराज, बनारस, गोरखपुर, पटना, भागलपुर की ओर जाने वाली ट्रेनें तो दीपावली के पहले से लेकर छठ तक फुल हैं। दिल्ली, इंदौर, रायपुर, जयपुर से जबलपुर आने वाली ट्रेनों में भी अब कन्फर्म सीटें नहीं बची हैं। इनमें प्रतीक्षा सूची लंबी होना आरंभ हो गया है। मुंबई से आने वाली ट्रेनों में स्थिति….     24 अक्टूबर : 14 में से पांच ट्रेन में थर्ड एसी में नोरूम।     24 अक्टूबर : गरीबरथ एक्सप्रेस में प्रतीक्षा सूची 152।     25 अक्टूबर : 16 में से दो ट्रेन में नोरूम।     25 अक्टूबर : अन्य छह के थर्ड एसी व सात ट्रेन के सेकेंड एसी में नोरूम।     26 अक्टूबर : 14 में से पांच ट्रेन में नोरूम।     26 अक्टूबर : अन्य छह के थर्ड एसी, चार ट्रेन के सेकेंड एसी में नोरूम।     27 अक्टूबर : 15 ट्रेन में से चार ट्रेन में नोरूम।     27 अक्टूबर : कुछ अन्य ट्रेनों के स्लीपर और एसी में भी नोरूम।     28 अक्टूबर : 16 में नौ ट्रेन में नोरूम।     29 अक्टूबर : 16 में से आठ ट्रेन में नोरूम।     30 अक्टूबर : 14 में से 11 ट्रेन में नोरूम।     31 अक्टूबर : 16 में से पांच ट्रेन में नोरूम। जबलपुर आने वाली यह ट्रेने भी फुल….     दिल्ली से : तीन-चार ट्रेन प्रतिदिन। 25-30 अक्टूबर तक।     जयपुर से : एकमात्र ट्रेन संचालित। 23-30 अक्टूबर तक।     रायपुर से : दो ट्रेन का संचालन। 23-30 अक्टूबर तक। नोट: रेलवे टिकट आरक्षण प्रणाली से प्राप्त जानकारी के अनुसार विवरण। तत्काल टिकट लेने की तैयारी महानगरों में रहकर नौकरी, पढ़ाई करने वाले आसपास के जिलों के लोग भी जबलपुर तक रेल यात्रा करके पहुंचते हैं। जो लोग पहले टिकट आरक्षित कराने से चूक गए हैं, वह अब तत्काल टिकट लेने की तैयारी कर है। तत्काल टिकट के लिए भी सबसे अधिक मांग गरीबरथ, महानगरी, काशी, पवन, पाटलीपुत्र एक्सप्रेस, हावड़ा मेल, मप्र संपर्क क्रांति, दयोदय जैसी ट्रेनों में है। महंगे किराये वाली गाड़ी भी खाली नहीं त्योहार पर घर पहुंचने के लिए यात्री महंगा किराया भी चुका रहे है। रेलवे की ओर से कुछ विशेष गाड़ियां आरंभ की है। अधिक किराया वाली यह ट्रेनें अभी से फुल हो गई है। एलटीटी-समस्तीपुर विशेष ट्रेन के स्लीपर श्रेणी की प्रतीक्षा सूची 150 पर पहुंच गई है। रायपुर, जयपुर जैसे नगरों से रेल यातायात के सीमित विकल्प भी त्योहार पर आने वाले लोगों के लिए समस्या बन रहे है। मनमाड़ से जबलपुर के लिए रवाना हुई गरीब रथ मुंबई रेल मंडल के कसारा स्टेशन पर पटरी की मरम्मत के चलते गरीबरथ एक्सप्रेस को मुंबई ले जाया सका। शनिवार शाम को जबलपुर से रवाना हुई गरीब रथ ट्रेन को रविवार सुबह मनमाड़ स्टेशन पर ही रोक दिया गया। ट्रेन यहां से वापस जबलपुर के लिए रवाना हुई। जबलपुर से मुंबई जाने वाले यात्री परेशान हुए गाड़ी संख्या 12188 सीएसएमटी- जबलपुर गरीबरथ एक्सप्रेस को रविवार शाम 5:55 मिनट पर जबलपुर के लिए रवाना किया गया। यह ट्रेन सीएसएमटी-मनमाड के बीच आंशिक निरस्त थी। हालांकि इस दौरान जबलपुर से मुंबई जाने वाले यात्री परेशान हुए। यात्री मानवाड़ से ट्रेन और टैक्सी के जरिए मुंबई पहुंचे इसके लिए भी उन्हें मशक्कत करनी पड़ी। यात्रियों को ट्रेन में आरक्षण नहीं मिला तो वे अन्य ट्रेनों में जनरल टिकट लेकर मुंबई पहुंचे। वहीं टैक्सी में उन्हें ज्यादा किराया देकर गंतव्य तक जाना पड़ा। आज रद्द रहेगी इतवारी-रीवा एक्सप्रेस रेल द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मण्डल पर ब्रिजों के अनुरक्षण कार्य के कारण कई गाड़ियों को रद्द किया गया है। गाड़ी संख्या 11755 इतवारी से रीवा एक्सप्रेस 21 अक्टूबर 2024 को निरस्त रहेगी। गाड़ी संख्या 11756 रीवा से इतवारी एक्सप्रेस अपने प्रारम्भिक स्टेशन रीवा से रविवार को रद्द रही।

सेना ने आतंकियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम किया, एक को मार गिराया, गोला-बारूद और हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद

 बारामुला जम्मू कश्मीर के बारामुला में सेना की एक संयुक्त टीम ने हथियारों से लैस आतंकी को मार गिराया। इसके साथ ही सेना ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। इस दौरान यहां पर गोला-बारूद और हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। सेना के बयान में कहा गया है कि इस जखीरे को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे किसी युद्ध की तैयारी के लिए सामान जुटाया जा रहा है। मारे गए आतंकी के पास एक एके 47 राइफल, दो एके मैगजीन, 57 एके राउंड, दो पिस्टल मैगजीन के अलावा कई अन्य खतरनाक हथियार थे। इससे पहले आर्मी के चिनार कोर ने बताया कि घुसपैठ के खिलाफ इलाके में संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया था। बयान के मुताबिक घुसपैठ को लेकर मिली खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस ने एलओसी के करीब स्थित उरी और बारामुला में यह अभियान चलाया। संदिग्ध गतिविधि नजर आने के बाद सेना की चौकन्नी टुकड़ी ने चुनौती दी। इसके बाद सामने से फायरिंग होने लगे। जवाब में जवानों ने भी गोलियां बरसाईं। इससे पहले गांदरबल इलाके में आतंकी हमले में दो मजदूरों की हत्या कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक यह घटना रविवार शाम को हुई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इन हमलों की निंदा की है और इन्हें कायराना कृत्य बताया है। उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा कि गैर-स्थानीय मजदूरों पर सोनमर्ग इलाके के गगनगीर इलाके में कायराना हमला हुआ है। यह लोग इलाके में एक बेहद अहम प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। आतंकी हमले में दो की हत्या की गई है, दो-तीन घायल हैं। अब्दुल्ला ने लिखा कि मैं इस हमले की निंदा करता हूं और मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रेषित करता हूं। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में रविवार शाम को हुए आतंकी हमले में एक स्थानीय डॉक्टर सहित सात लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर गगनगीर के पास एक शिविर में हुआ जहां स्थानीय और गैर-स्थानीय मजदूर 6.5 किलोमीटर लंबी जेड-मोड़ सुरंग परियोजना के निर्माण पर काम कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार दो आतंकवादियों ने मजदूरों पर अंधाधुंध गोलीबारी की जिसके कारण दो गैर-स्थानीय मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। हमले में एक स्थानीय डॉक्टर सहित नौ अन्य घायल हो गए। डॉक्टर सहित पांच घायलों ने बाद में दम तोड़ दिया।

पिकनिक स्पॉट में मना रहे थे बर्थडे पार्टी, छत्तीसगढ़-जांजगीर चांपा की हसदेव नदी में बहे दो युवक

जांजगीर चांपा. जांजगीर चांपा जिले के ग्राम देवरी के पिकनिक स्पॉट में बर्थडे पार्टी मानने गए दो युवक हसदेव नदी में नहाने के दौरान तेज बहाव में लापता हुए है। घटना पंतोरा चौकी थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के अनुसार आज रविवार की दोपहर 2 बजे ग्राम कापन निवासी सुखेंद्र बरेठ 22 वर्ष अपने दोस्तो के साथ अपनी बर्थडे पार्टी मानने के लिए अपने 12 दोस्तो के साथ देवरी गांव पहुंचे हुए थे। सुखेंद्र बरेठ की एक दिन पहले बर्थडे था जिसके लिए आज बर्थडे पार्टी मानने के लिए गए हुए थे। इस दौरान अपने एक और साथी लिखेश पटेल 22वर्ष के साथ नहाने गया हुआ था जिसके बाद दोनों ही नदी के  तेज बहाव में बह गए। इसकी जानकारी अन्य साथियों को होने पर सूचना गांव के लोगो और पुलिस को दी गई। पंतोरा चौकी प्रभारी भवानी सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद नगर सैनिकों के गोताखोर की टीम बिलासपुर से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया था। खोज बीन की गई मगर कुछ पता नहीं चल सका है रात होने के कारण तलाश बंद कर दी गई है। सोमवार की सुबह से तलाश शुरू की जाएगी।

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