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कोई भी कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश न करे. जो लोग ऐसा करेंगे उन्हें सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे -CM योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज का एक निश्चित वर्ग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना और मूर्तियों को तोड़ना अपना अधिकार मानता है. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा. मुख्यमंत्री योगी ने कहा, ‘हिंदू धर्म किसी का अंत नहीं चाहता है. वह अहिंसा परमो धर्मः के साथ ही धर्म हिंसा तथैव च की भी बात करता है. यानी सेवा के कार्य से जुड़ें. दीन-दुखियों की सेवा के लिए जीवन समर्पित करें, लेकिन राष्ट्र-धर्म की रक्षा और निर्दोषों को बचाने के लिए हिंसा करनी पड़े तो यह धर्म सम्मत है.’ उन्होंने जोर देकर कहा, ‘यही आह्वान भारत सेवाश्रम संघ की स्थापना के समय प्रखर राष्‍ट्रवादी व सिद्ध संत स्वामी प्रणवानंद ने भी किया था. स्वामी प्रणवानंद ने साधना से सिद्धि प्राप्‍त की थी, लेकिन ध्‍येय राष्‍ट्रवाद का था.’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के सिगरा स्थित भारत सेवाश्रम संघ में दुर्गा पूजा समारोह में अपने भाषण के दौरान यह टिप्पणी की. उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में, जहां देवी की पूजा की परंपरा शुरू हुई, सनातन धर्म आज ‘असहाय और असुरक्षित’ दिखाई देता है. योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि एक निश्चित वर्ग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना, प्रतिष्ठित हस्तियों का अपमान करना और मूर्तियों को तोड़ना अपना अधिकार मानता है. उन्होंने कहा, ‘अक्सर जब कोई नफरत व्यक्त करता है तो अशांति पैदा करने के लिए इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश की जाती है.’ योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी, ‘कोई भी कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश न करे. जो लोग ऐसा करेंगे उन्हें सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे. कानून अव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगा.’     हमारा हिंदू धर्म स्पष्ट कहता है कि ‘अहिंसा परमो धर्म:’    उन्होंने कहा कि हर धर्म, संप्रदाय और समुदाय की आस्था का सम्मान होना ही चाहिए, लेकिन अराजकता अस्वीकार्य है और गड़बड़ी पैदा करने वालों को परिणाम भुगतना होगा. कार्यक्रम के दौरान सीएम ने मां दुर्गा की पूजा की और महिलाओं को 100 सिलाई मशीनें वितरित कीं. उन्होंने सभी आगंतुकों, अतिथियों और जनता को शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘अहिंसा परमो धर्मः’ का सिद्धांत गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए अपना जीवन समर्पित करने पर जोर देता है. उन्होंने आगे कहा, ‘हालांकि अगर देश की एकता और अखंडता को चुनौती दी जाती है या इसकी सीमाओं पर अतिक्रमण किया जाता है, तो धर्म हिंसा तथैव च का सिद्धांत देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए आवश्यक कार्रवाई का समर्थन करता है.’ सभी जातियों, पंथों और धर्मों के महान व्यक्तियों का सम्मान करने के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगर कोई किसी महान व्यक्ति या संन्यासी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है, तो ऐसे लोग दंड के भागी होंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. हालांकि , विरोध का मतलब बर्बरता या लूटपाट करना नहीं है…ऐसी कार्रवाइयां पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं.’ मुख्यमंत्री योगी की यह टिप्पणी गाजियाबाद स्थित डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद की विवादित टिप्पणी के बाद समुदाय विशेष द्वारा किए गए उग्र विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है. योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा और अनुष्ठान के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा, ‘बंगाल वह भूमि है जिसने हमें राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत दिए और भारत की बौद्धिक नींव रखी. स्वतंत्रता के संघर्ष में बंगाल की कई महान हस्तियों का योगदान रहा है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘बंगाल ने भारत माता को जगदीश चंद्र बोस, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, स्वामी प्रणवानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे सपूत दिए हैं. लेकिन, आज बंगाल में क्या हो रहा है? वहां के लोगों को त्योहार मनाने से पहले दो बार सोचना पड़ता है. जबकि उत्तर प्रदेश में त्योहारों को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, बाधा उत्पन्न करने के किसी भी प्रयास पर तुरंत कार्रवाई की जाती है. लेकिन जिस बंगाल से जगतजननी मां भगवती के अनुष्ठान का शुभारंभ होता है, उस बंगाल में आज सनातन धर्म असहाय व असुरक्षित दिखता है.’  

हरियाणा में बड़ा उलटफेर, रुझानों में BJP की सुनामी, जानें जम्मू कश्मीर का हाल

नई दिल्ली 90 सीटों वाले हरियाणा में मतदान 5 अक्टूबर को एक ही चरण में पूरा हुआ था, जिसमें अनुमानित 65 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। वहीं, 90 सीटों वाले ही जम्मू और कश्मीर में तीन चरणों में मतदान की प्रक्रिया हुई थी। यहां कुल 63.88 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। सीएम नायब सिंह सैनी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपनी सीटों पर आगे भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, लाडवा सीट पर 16 में से 3 राउंड की मतगणा पूरी हो चुकी है। सीट पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 3 हजार से ज्यादा मतों से आगे चल रहे हैं। यहां दूसरे स्थान पर कांग्रेस के मेवा सिंह हैं। गढ़ी सांपला किलोई से कांग्रेस दिग्गज और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा 25 हजार से ज्यादा वोट से आगे चल रहे हैं। दूसरे स्थान पर भाजपा की मंजू हुड्डा हैं। हरियाणा और जम्मू कश्मीर के नतीजे आज आ रहे हैं। इस बीच हरियाणा में बीजेपी बड़ा उलटफेर करते हुए बहुमत के आंकड़े को क्रॉस कर गई है। हालांकि अभी तक पांच राउंड की ही वोटों की गिनती हुई है। इस बीच बड़ी खबर यह आ रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बीजेपी के सभी महासचिवों की बैठक बुलाई है।  हरियाणा की सबसे बड़ी सीट पर क्या है अपडेट  हरियाणा विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है। मतदाताओं के लिहाज से राज्य की सबसे बड़ी सीट मानी जाने वाली बादशाहपुर पर भारतीय जनता पार्टी का दबदबा नजर आ रहा है। इस सीट से वरिष्ठ नेता राव नरबीर सिंह 10 हजार से ज्यादा मतों से आगे चल रहे हैं। वहीं, दूसरे स्थान पर कांग्रेस प्रत्याशी वर्धन यादव हैं। खास बात है कि बादशाहपुर सीट पर टिकट के लिए भाजपा में लंबा मंथन भी चला था।  हरियाणा की सभी 90 सीटों पर आए रुझान, भाजपा को मिला बहुमत हरियाणा की सभी 90 सीटों पर रुझान सामने आ चुके हैं। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी 46 सीटों पर आगे चल रही है। जबकि, कांग्रेस 37 सीटों पर आगे है। इंडियन नेशनल लोकदल को 1, बहुजन समाज पार्टी को 1 और निर्दलीय 5 सीटों पर आगे चल रहे हैं। खास बात है कि शुरुआती रुझानों में कांग्रेस बड़ी बढ़त हासिल की थी। बड़े उलटफेर के संकेत वहीं, रुझानों में जो बदलाव दिख रहे हैं। वह हरियाणा विधानसभा के रिलजल्ट में डेढ़ घंटे बाद बड़ा बदला देखने को मिल रहा है। अब परिस्थिति बदलते दिख रही है। वोटों की गिनती के दौरान बीजेपी को बढ़त मिलने लगी है। चुनाव आयोग के वेबासाइट के अनुसार बीजेपी को बढ़त मिल रही है। बीजेपी ने 48 से अधिक सीटों पर बढ़त बना ली है। कांग्रेस 34 सीटों पर आगे चल रही है। अगर थोड़ी देर तक रुझान ऐसे ही रहे तो हरियाणा चुनाव के रिजल्ट में बड़ा परिवर्तन हो सकता है। पूर्ण बहुमत की ओर बीजेपी इसके साथ ही अलग-अलग टीवी चैनलों पर जो रुझान आ रहे हैं, उसमें बीजेपी को बंपर बढ़त दिख रही है। बीजेपी रुझानों में बहुमत में आ गई है। बीजेपी चैनलों के मुताबिक अभी 48 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, कांग्रेस अब 37 सीटों पर आ गई है। इससे साफ है कि रुझान अगर इसी तरह से रहे तो बीजेपी सरकार बनाने की ओर आगे बढ़ रही है। इससे साफ है कि बीजेपी एक बार फिर से रेस में आ गई है। हरियाणा में सरकार बनाने के लिए 46 सीटों की जरूरत है। वहीं, हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटें है। कांग्रेस में शुरु हो गया था जश्न शुरुआती रुझान में कांग्रेस को बंपर बढ़त मिली थी। इस बढ़त के बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता जगह-जगह जश्न मनाने लगे थे। कांग्रेस नेता दावा करने लगे थे कि हम सरकार बनाने जा रहे हैं। हालांकि रुझानों से साफ हो गया है कि हरियाणा में बीजेपी और कांग्रेस में कांटे की टक्कर है। जम्मू और कश्मीर में क्या है पार्टियों के हाल भाजपा- 26 पर आगे एनसी- 39 पर आगे कांग्रेस- 7 पर आगे पीडीपी- 3 पर आगे किन-किन सीटों पर कौन आगे?     जुलाना से विनेश फोगाट पीछे     सिरसा से गोपाल कांडा पीछे     उचाना कलां से दुष्यंत चोटाला पीछे, चौथे नंबर पर     भूपेंद्र सिंह हुड्डा 11000 वोट से आगे     अंबाला कैंट से अनिल विज पीछे  हरियाणा में पलटी बाज़ी!     बीजेपी-कांग्रेस में कांटे की टक्कर     जम्मू-कश्मीर में NC-कांग्रेस को बढ़त शुरुआती रूझान आने के साथ ही कांग्रेस में जश्न की तैयारी हो गई है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित AICC मुख्यालय में लड्डू और जलेबी बांटे. कांग्रेस कार्यकर्ता जगदीश शर्मा ने पार्टी दफ्तर के बाहर जलेबी और लड्डू बांटे. इसके अलावा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्होंने जीत के जश्न के लिए लड्डुओं के साथ ही जलेबी का भी आर्डर दिया हुआ है. गोहाना के प्रसिद्ध मातूराम हलवाई, जिनकी जलेबी काफी मशहूर हैं, उन्हें जलेबी का आर्डर दिया गया है. दरअसल हरियाणा चुनाव के दौरान जलेबी की खूब चर्चा हुई थी. हरियाणा चुनाव के दौरान राहुल गांधी के जलेबी वाले बयान को बीजेपी की ओर से काफी ट्रोल किया गया था. गोहाना में आयोजित जनसभा में उन्होंने हलवाई मातुराम की दुकान की जलेबी का स्वाद चखा था और कहा था कि यह उनके जीवन की सबसे बेहतरीन जलेबी है. राहुल ने कहा था कि अगर यह जलेबी देश-विदेश में भेजी जाए, तो शायद इस दुकान को फैक्ट्री में बदलना पड़े और हजारों लोगों को रोजगार मिल जाए. उनका यह जलेबी वाला बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था.

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई

मध्यप्रदेश में लागू होगी‘’राशन आपके द्वार’’ योजना, घर-घर पहुंचेगा राशन : मंत्री राजपूत खाद्य मंत्री बोले, सिस्टम में सुधार और बदलाव दिखेगा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई “राशन आपके द्वार” योजना को आने वाले समय में पूरे मध्यप्रदेश में लागू : मंत्री राजपूत भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि मध्यप्रदेश के जनजातीय विकासखंडों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई “राशन आपके द्वार” योजना को आने वाले समय में पूरे मध्यप्रदेश में लागू किया जाएगा। सोमवार को केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ गुना प्रवास पर पहुंचे राजपूत ने मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही। मंत्री राजपूत ने बताया कि जरूरतमंद व्यक्तियों को राशन मिले, इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। वर्तमान में पीडीएस दुकानों में राशन वितरण के लिए बहुत सुधार किये जा रहे हैं। गांव में बुजुर्ग लोगों को राशन वितरण के लिए यदि उनका अंगूठा का निशान सही काम नहीं कर रहा है, तो उन्हें राशन देने की व्यवस्था नॉमिनी के माध्यम से की जा रही है। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश में कई जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विशेष रूप से ट्रायबल एरिया में राशन घर-घर पहुंचाये जाने की तैयारी  की जा रही है। ‘’राशन आपके द्वार’’ के अंतर्गत राशन लोगों के घर-घर पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। फिलहाल प्रदेश के 89 दूरस्थ ग्रामों में परिवहन के माध्यम से राशन पहुंचाया जा रहा है। अभी यह पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में है और आने वाले समय में इसे पूरे प्रदेश में लागू करेंगे। आने वाले समय में हम गांव – गांव की जगह घर – घर राशन पहुंचाने का कार्य करेंगे। पीडीएस सिस्टम में लगातार हो रहे सुधार खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  राजपूत ने कहा कि पीडीएस सिस्टम में लगातार सुधार जारी है। जहां भी अनियमितता सामने आती हैं, हम तुरंत  उसमें सुधार कर कार्रवाई करते हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि आने वाले समय में पीडीएस सिस्टम में बदलाव और नवाचार लागू होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनकल्याण की दिशा में सतत विकास की ओर बढ़ रही है। राजपूत ने कहा कि हमारा प्रयास है कि गांव-गांव की जगह अब घर – घर राशन पहुंचे ताकि कोई भी पात्र हितग्राही इस लाभ से वंचित न रहे।  

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की बैठक हुई

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की बैठक हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैठक में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को विज्ञान भवन नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय गृह एवम सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना भी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों तथा आंध्रप्रदेश, बिहार, झारखंड, केरल और पश्चिम बंगाल के उपमुख्यमंत्रियों/ गृहमंत्रियों ने भाग लिया। समीक्षा बैठक में वामपंथी उग्रवाद के वर्तमान परिदृश्य तथा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की सुरक्षा और विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री शाह ने राज्यों के साथ वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध सघन अभियान, हिंसक घटनाओं की सघन जांच और अभियोजन, राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय और राज्यों की इंटेलिजेंस क्षमता निर्माण जैसे सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा की। विकास के मुद्दों जैसे वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में सड़क संपर्क बढ़ाने, मोबाइल टावरों के उन्नयन, वित्तीय समावेशन और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के संबंध में भी बैठक में विचार किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि नक्सलवाद व वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध केंद्र और राज्य सरकारों का समन्वय निश्चित रूप से इसे जड़ से समाप्त करने के प्रयासों को बल प्रदान करेगा। नक्सल गतिविधियां नियंत्रण के लिए प्रदेश में अब तक की गई कार्रवाई मध्यप्रदेश में नक्सल गतिविधियां सर्वप्रथम वर्ष 1990 में बालाघाट जिलें में परिलक्षित हुई प्रदेश के 3 जिलें बालाघाट, मंडला तथा डिंडोरी नक्सल प्रभावित है, जिनमें बालाघाट अति नक्सल प्रभावित है।     मंडला तथा डिंडोरी में नक्सल गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।     नक्सलियों द्वारा बालाघाट में पहली बड़ी हिंसक वारदात वर्ष 1991 में लांजी थाना क्षेत्र में की थी, जिसमें पुलिस वाहन को माईन्स ब्लास्ट से क्षति हुई थी। घटना में 09 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।     दूसरी बड़ी घटना बालाघाट के रूपझर थाना के ग्राम नांरगी क्षेत्र में की थी जिसमें माईन्स विस्फोट के द्वारा पुलिस वाहन को क्षति हुई थी। इस घटना में 16 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।     नक्सलियों द्वारा वर्ष 1999 में प्रदेश के तत्कालीन परिवहन मंत्री लिखिराम कांवरे की हत्या की गई थी।     प्रदेश शासन द्वारा नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए वर्ष 2000 में विशिष्ट बल “हॉक फोर्स” का गठन किया गया।     गठन के पश्चात हॉकफोर्स द्वारा नक्सल गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया। नक्सल संगठन द्वारा प्रभाव क्षेत्र में विस्तार के लिए वर्ष 2016 में एमएमसी जोन (मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) का गठन किया गया है।     सुरक्षा बलों की लगातार कार्यवाही से नक्सल संगठन विस्तार में अभी तक असफल रहा।     बस्तर में सुरक्षा बलों की लगातार कार्यवाही से नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र में कमी के चलते उनके प्रदेश की ओर आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस हेतु अनेकों नवीन कैम्पों का निर्माण शीघ्र किया जायेगा।     इस पर नियंत्रण हेतु सीमावर्ती राज्य छत्तीसगढ़ तथा महाराष्ट्र पुलिस के साथ सीमा क्षेत्रों में संयुक्त कैम्प स्थापित किए गए है।     विगत 5 वर्षों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा विभिन्न मुठभेड़ों में 20 हार्डकोर नक्सलियों को मारा गया है, जिन पर घोषित संयुक्त इनाम 3.31 करोड़ रूपये था।     इसी दौरान मुठभेड़ों में 6 नक्सली गिरफ्तार भी किए गए जिन पर घोषित संयुक्त ईनाम 85 लाख रूपये था।     विगत 8 माह में 3 मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गए है तथा एक महिला नक्सली गिरफ्तार हुई है।     विगत 2 वर्षों में डीव्हीसीएम (डीव्हिजनल कमेटी मेम्बर) स्तर के 3 नक्सलियों को मुठभेड़ों में मारा गया। इनसे 3 ए.के.-47 रायफल तथा बीजीएल शैल (Barrel Grenade Launcher Shell) बरामद हुए।     वर्ष 2023 में उत्तर बस्तर डीवीजन का एसजेडसीएम अशोक रेडडी उर्फ बलदेव गिरफ्तार किया गया, जिस पर संयुक्त रूप से 82 लाख रूपये का ईनाम घोषित था।     हॉक-फोर्स तथा विशेष आसूचना शाखा में प्रतिनियुक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए शासन द्वारा वर्ष 2022 में नवीन भत्ते स्वीकृत किए, जिसके फलस्वरूप इसमें पदस्थ पुलिस कर्मियों के मनोबल में आशातीत वृद्धि हुई है।     नक्सल विरोधी अभियानों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले 262 पुलिसकर्मियों को क्रम पूर्व पदोन्नतियां प्रदान की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 52 पुलिस कर्मचारियों को विगत 8 माह में क्रम पूर्व पदोन्नति प्रदान की गई है।     मुठभेड़ों में सूझबूझ तथा साहस का प्रदर्शन करने के फलस्वरूप पुलिसकर्मियों को 37 वीरता पदक प्राप्त हुए हैं।     नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने तथा आत्मसर्मपण को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य शासन द्वारा वर्ष 2023 में नवीन “मध्यप्रदेश नक्सली आत्म-समर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023″ लागू की गई। इन प्रावधानों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को संगठन में उसके द्वारा धारित पद नाम एवं धारित हथियार के अनुसार घोषित ईनामी राशि, मकान निर्माण हेतु 1.5 लाख, जीवन यापन हेतु व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए 1.5 लाख, अचल सम्पत्ति के लिए 20 लाख, विवाह हेतु प्रोत्साहन राशि 50 हजार रूपये एवं आयुष्मान भारत व खाद्यान्न सहायता का लाभ दिया जायेगा।     नक्सल समस्या के निवारण के लिए राज्य सरकार द्वारा बहुआयामी रणनीति के अनुसार काम किया जा रहा है, जिसमें एक ओर रणनीतिक अभियान संचालित किए जा रहे है वहीं दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न विकास योजनाओं के द्वारा क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने के लिए अधोसंरचना विकास कार्य भी किए जा रहे है।     आमजन की आवागमन सुगमता हेतु केंद्र सरकार के सहयोग से नवीन सड़कों, पुल तथा पुलियों का निर्माण किया गया है। अनेक सडकों का निर्माण प्रगति पर है।     संचार सुगमता हेतु अनेक मोबाईल टॉवर स्थापित किए गए हैं तथा कई का निर्माण प्रगति पर है।     विशेष केन्द्रीय सहायता योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित ग्रामों में सड़क, पुलियां तथा विद्युतीकरण किया गया है।     क्षेत्र में निवासरत आमजन में सदभावना वृद्धि हेतु पुलिस चौकियों तथा सुरक्षा कैम्पों के द्वारा जनमैत्री अभियान” में स्थानीय निवासियों को आधारकार्ड, आयुष्मान भारत योजना, अंत्योदय योजना सहित अन्य योजनाओं में लाभ दिलाया जा रहा है।     क्षेत्र के निवासियों में सुरक्षा की भावना की वृद्धि तथा नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के … Read more

आईफोन बैटरी स्वास्थ्य सुधारने के टिप्स

अगर आप iPhone का इस्तेमाल करते हैं तो बैटरी जल्दी खत्म होना एक आम समस्या हो सकती है। हालाँकि, कुछ छोटे-छोटे बदलावों से आपके iPhone की बैटरी लाइफ काफी हद तक बढ़ सकती है। यहां कुछ महत्वपूर्ण बैटरी लाइफ के टिप्स दिए जा रहे हैं: जब बैटरी कम हो तो लो पावर मॉड का इस्तेमाल करें, तो आईफोन का लो पावर मॉड बैटरी लाइफ को बचाने में मदद करता है। इसे एक्टिवेट करने से आपके फोन की एक्टिविटी, फ़्लोरिडा डाउनलोड और कुछ विज़ुअल इफेक्ट्स सीमित हो जाते हैं। आप इसे मोटरसाइकिल में आसानी से चालू कर सकते हैं। ब्राइट स्क्रीन कम करें आपकी स्क्रीन की ब्राइटनेस बैटरी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसे ऑटो-ब्रिटेनेस पर सेट करें या नामी कम करें। मॉनिटर में “प्रदर्शन और चमक” इस सुविधा को सक्रिय किया जा सकता है। बैटरी-ड्रेनिंग ऐप्स की पहचान आप देख सकते हैं कि कौन-से ऐप्स आपकी बैटरी पर सबसे ज्यादा खर्च कर रहे हैं। मोटो में “बैटरी” पर जाएं और वहां बैटरी का औसत चार्ट देखें। यदि किसी ऐप की बैटरी अधिक मात्रा में है, तो उसका उपयोग सीमित करें या उसे अनइंस्टॉल करें। प्रोडक्ट का ज़ानकारी आप “सेटिंग्स” में “सामान्य” में “बैकग्राउंड ऐप रिफ्रेश” प्लेसमेंट को बंद कर सकते हैं। प्लांट बंद ज्यादातर ऐप आपके कीटनाशक का इस्तेमाल करते हैं, जो बैटरी पर दिखाई देते हैं। “सेटिंग्स” में ग्राहक “गोपनीयता” और फिर “स्थान सेवाएं” में ग्राहक के लिए केवल आवश्यक एप्लिकेशन ही डाले जाते हैं या इसे पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है। वाई-फ़ाई और ब्लूटूथ बंद रखें अगर आपको वाई-फ़ाई या ब्लूटूथ की ज़रूरत नहीं है, तो वाई-फ़ाई और ब्लूटूथ बंद रखना बेहतर है। इससे बैटरी की कम कीमत होती है। इसे कंट्रोल सेंटर से भी आसानी से बंद किया जा सकता है। ऑटो-लॉक सेट करें आपके iPhone की लंबी स्क्रीन ऑन रहेगी, इतनी जल्दी बैटरी खत्म हो जाएगी। “सेटिंग्स” में “डिस्प्ले और ब्राइटनेस” में ग्राहक ऑटो-लॉक का समय 30 सेकंड या 1 मिनट सेट कर लें, ताकि जल्दी स्क्रीन बंद हो जाए। पुश नोटिफ़िकेशन्स सीमित होने से बैटरी पर भी प्रभाव पड़ सकता है। आपको केवल आवश्यक ऐप्स के लिए नोटिफ़िकेशन चालू रखें। इसे ग्राहक पर “सेटिंग्स” में “नोटिफिकेशन” में अनुकूलित किया जा सकता है। एयरप्लेन मॉड का उपयोग करें जब आप ऐसे क्षेत्र में हों जहां सिग्नल खराब हो, तो लगातार नेटवर्क रिन्यूअल की वजह से बैटरी ज्यादा खर्च होती है। ऐसे में एयरप्लेन मॉड ऑन करके बैटरी बचाई जा सकती है।

रानी अवंती चौक बस स्टैंड डिंड़ौरी में कैंडल जलाकर शांतिपूर्ण तरीके से मौन विरोध प्रदर्शन

डिंडोरी महिला कांग्रेश कमेटी द्वारा शांति पूर्वक धरना प्रदर्शन मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल के निर्देश अनुसार एवं पूर्व मंत्री डिंड़ौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम के मार्ग दर्शन पर महिला कांग्रेस डिंडौरी जिलाध्यक्ष श्रीमति संतोषी रामजी साहू एवं महिला पदाधिकारियों के साथ रानी अवंती चौक बस स्टैंड डिंड़ौरी में कैंडल जलाकर शांतिपूर्ण तरीके से मौन विरोध प्रदर्शन किया। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के “बेटी बचाओं अभियान” के अंतर्गत  आज महिला पदाधिकारियों के साथ मौन केंडल मार्च क्योंकि भाजपा सरकार बच्चियों और महिलाओं की चीख पुकार सुन नहीं रहीं हम महिलाओं की आवाज क्या सुनेगी, पूरे प्रदेश में महिला और बच्चियों के साथ अत्याचार और सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं महिलाएं और बच्चियाँ असुरक्षित हैं महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई कड़े इंतजाम नहीं है पूरे प्रदेश में लगातार इस तरह की घटनाएं प्रदेश को शर्मसार कर रही हैं। लेकिन मुख्यमंत्री जिनके पास गृहमंत्रालय है लाड़ली बहनों की बात करते हैं और वो ही सुरक्षित नहीं है उन्हें तो तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इस अवसर पर महिला कांग्रेस के पदाधिकारी मौजूद रहें।

कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल का भ्रमण कार्यक्रम

अनूपपुर  मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल 07 अक्टूबर 2024 को शाम 4ः10 बजे रानी कमलापति रेलवे स्टेशन भोपाल से अनूपपुर हेतु प्रस्थान करेंगे तथा रात्रि 2ः25 बजे रेलवे स्टेशन अनूपपुर पहुंचेंगे। रात्रि 2ः35 बजे अनूपपुर से बिजुरी हेतु प्रस्थान करेंगे एवं निज निवास बिजुरी में रात्रि विश्राम करेंगे। शेष कार्यक्रम पृथक से जारी किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत करेगा वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र का स्वप्न साकार

प्रधानमंत्री मोदी के जनकल्याण और राष्ट्रसेवा को समर्पित 23 वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री को दी बधाई प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत करेगा वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र का स्वप्न साकार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनकल्याण और राष्ट्र सेवा में समर्पित अपने 23 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रशासनिक जीवन से पहले का जीवन भी देखा है। एक प्रचारक के रूप में उन्होंने 50 साल जीवन जिया, वह भी आदर्श था। उनके नवाचार और उनके काम करने के तरीके उस समय भी कुशल संगठनकर्ता का प्रमाण थे। गुजरात में जो सुशासन स्थापित किया, वह गजब है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं गुजरात गया हूँ और पुन: जाऊंगा। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में तीन बार मुख्यमंत्री के रूप में सरकार बनाई और गुजरात को कहां से कहां पहुंचा दिया। निश्चित ही यह अद्भुत है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के एक कारगर प्रशासनिक व्यवस्था के साथ यह 23 साल सभी के सामने है। परमात्मा करे, कि वे इसी तरह देश का नेतृत्व करते रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री के रूप में मोदी ने विकास के अनूठे प्रकल्प संचालित किए और बहु-आयामी उपलब्धियां हासिल की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रत्येक वर्ग के उत्थान और कल्याण की इस यात्रा में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को गौरवान्वित होने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास की अविरल यात्रा से 2047 तक भारत विकसित देशों की पंक्ति में विश्व का प्रतिनिधित्व करेगा। महिला सशक्तिकरण में अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं सबल बनाने की अभिनव पहल की गई है। प्रधानमंत्री मोदी का मत है कि “बेटा-बेटी एक समान’’ के मूलमंत्र को प्राथमिकता देना चाहिए। कन्या का जन्म, उत्सव के रूप में मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गोद लिए गांव जयापुर के नागरिकों से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत 22 जरवरी 2015 में पानीपत हरियाणा में की थी। उन्होंने कहा कि इस योजना के लागू होने से बेटा-बेटी लिंगानुपात की विसंगति को रोकने में अभूतपूर्व सफलता मिली है। उद्यमियों के बुलंद हौसले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय साख से देश के उद्योग जगत में एक नये उत्साह का संचार हुआ। भारत में उद्यमशील ऊर्जा की कमी नहीं है, युवा उत्साहित और ऊर्जावान, परंतु उन्हें प्रोत्साहित और पल्लवित करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने चाहा कि भारतीय, नौकरी चाहने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनें। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की “मेक इन इंडिया की पहल’’, भारत में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए 4 स्तंभों पर आधारित है, न सिर्फ मेन्यूफेक्चरिंग में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी। इसी का परिणाम है कि औद्योगिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार हुई तेज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में सर्वाधिक तेज़ी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। ये भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक समय है। केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार से विकास के पथ पर ले आई। भारत की विकास दर ने देश को दुनिया की सभी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों की पंक्ति में ला खड़ा किया है। खुशहाल भारत के लिए मजबूत किसान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि को तेजी से बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। किसान हमेशा से हमारे देश के विकास का आधार रहे हैं। केंद्र सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाकर देश के इस आधार को और सशक्त बनाने प्रयास किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सिंचाई की सुविधाएं सुनिश्चित कर उपज को बढ़ाएगी। इस योजना का विजन यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक खेत को सिंचाई के साधन उपलब्ध कराए जाएं। किसानों को सिंचाई के आधुनिक तरीकों और तकनीकों के बारे में शिक्षित किया जा रहा है ताकि पानी की ‘प्रत्येक बूंद के बदले अधिक पैदावार’ मिले। प्रधानमंत्री का मानना है कि किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की महान शक्तियों में से एक होगा।  

मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना आदि राज्य संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलवादियों का खात्मा करने के लिए संकल्प बद्ध- मुख्यमंत्री

मध्यप्रदेश सहित नक्सल प्रभावित राज्य संयुक्त अभियान चलाकर करेंगे नक्सलियों का खात्मा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  नक्सलवाद के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार ने विगत दो वर्ष में जो कदम उठाए हैं वह पिछले तीन दशक में नहीं उठाए गए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना आदि राज्य संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलवादियों का खात्मा करने के लिए संकल्प बद्ध- मुख्यमंत्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नक्सलवाद के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार ने विगत दो वर्ष में जो कदम उठाए हैं वह पिछले तीन दशक में नहीं उठाए गए। मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना आदि राज्य संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलवादियों का खात्मा करने के लिए संकल्प बद्ध हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को नई दिल्ली में सम्पन्न नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में प्राप्त मार्गदर्शन अनुसार राज्यों द्वारा पूर्ण तालमेल के साथ कार्य किया जाएगा। विकास के मुद्दों दूरसंचार, सड़क संपर्क में वृद्धि, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को बढ़ाकर समन्वय से नक्सलवाद को समाप्त किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने संयुक्त टास्क फोर्स में वृद्धि पर भी बल देते हुए कहा कि नक्सल विरोधी ऑपरेशन्स बढ़ाए जाएं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों में कोई कमी नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में आयोजित वामपंथी उग्रवाद और नक्सलवाद पर हुई बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरह केन्द्र सरकार कार्य कर रही है उसी तरह केन्द्रीय गृह मंत्री शाह भी सक्रियता से रणनीतिपूर्वक कार्य कर रहे हैं। गृह मंत्री शाह ने नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ ठोस रणनीति बनाई है। यही कारण है कि अब कार्रवाई का इंतजार नहीं करना पड़ता है और ठोस कार्रवाई हो जाती है। ऐसी कार्यवाही का परिणाम भी आता है। लगातार देश के अलग-अलग राज्यों में नक्सलवादी गतिविधियां आखिरी चरणों में पहुंच गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की बैठक में जैसा केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा है कि हमें कानून के शासन को स्थापित करना है और कुशासन का अंत करना है। मुझे इस बात का संतोष है कि केन्द्र सरकार ने इस बात को माना है कि हमारी नीति जीरो टॉलरेन्स की है। इस लक्ष्य के आधार पर हम यह कहेंगे कि नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा हो और विकास के सभी प्रकार के आयाम स्थापित हों। खास तौर पर सुरक्षा, सड़क संपर्क, पर्यावरण, दूरसंचार और अन्य गतिविधियों का संचालन जिससे सामान्य जीवन में विश्वास बढ़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कठोर कार्रवाई के साथ ही पुनर्वास की दृष्टि से भी कार्यवाही होनी चाहिए, जिससे नक्सलवादी, नक्सल गतिविधियाँ छोड़ कर अपने जीवन में बदलाव चाहते हैं और विकास में कदम से कदम मिलाना चाहते हैं, वे समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह के मार्गदर्शन में हम इस दिशा में काम करेंगे। यह भी प्रयास रहेगा कि नक्सली गतिविधियों से अव्यवस्था न हो। कानून को अपने हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं मिलेगी।  

शासन को भेजा प्रस्ताव- महाकाल मंदिर की सुरक्षा के लिए होमगार्ड जवानों के 480 पदों पर भर्ती, छह माह होगी भर्ती

उज्जैन महाकाल मंदिर में अंदर से लेकर बाहर तक सुरक्षा की कमान होमगार्ड जवानों के हाथ में रहेगी। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने डेढ़ माह पहले इसके निर्देश दिए थे। इसके बाद होमगार्ड मुख्यालय ने जवानों के 480 पद स्वीकृत करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। छह माह होगी भर्ती कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद लगभग छह माह इन पदों को भरने में लगेंगे। इसके अतिरिक्त हर जिले में पुलिस बैंड के लिए 800 होमगार्ड जवानों की भर्ती का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। महाकाल मंदिर में सुरक्षा की जिम्मेदारी अभी होम गार्ड जवानों के अतिरिक्त निजी एजेंसी के हाथ में है। इसमें अधिकतर सुरक्षाकर्मी निजी एजेंसी के हैं। अब पूरी सुरक्षा व्यवस्था होमगार्ड जवानों को सौंपी जानी है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सरकार का अच्छा नियंत्रण हो सके। होमगार्ड जवानों की भर्ती डीजी होमगार्ड अरविंद कुमार ने बताया कि होमगार्ड जवानों की संख्या कम होने के कारण दूसरी जगह से उन्हें महाकाल में पदस्थ नहीं किया जा सकता, इसलिए अतिरिक्त पदों पर भर्ती की जा रही है। मुख्यमंत्री ने हर जिले में पुलिस बैंड की स्थापना के लिए भी इसी वर्ष जनवरी में कहा था। उनके निर्देश पर एसएएफ के जवानों को बैंड का प्रशिक्षण दिया गया है, पर स्थायी व्यवस्था के लिए होमगार्ड जवानों की भर्ती की जा रही है।

जिला भाजपा कार्यालय में मनाई रानी दुर्गावती की प्रतिमा 500 वी जयंती

जिला भाजपा कार्यालय में मनाई रानी दुर्गावती की प्रतिमा 500 वी जयंती गोंडवाना की रानी जिसकी आवाज से ही कांप जाती थी मुगलों की सेना- अवध राज बिलैया डिण्डोरी  भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय डिंडोरी में गोंडवाना शासिका गढ़ मंडला की रानी वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती मनाई गई। भाजपा जिला अध्यक्ष अवध राज बिलैया ने बताया कि मध्यप्रदेश के इतिहास में गोंडवाना साम्राज्य का एक अलग ही महत्व है। वीरांगना रानी दुर्गावती की वीरता के किस्से नारी शक्ति के अद्वितीय उदाहरण हैं। दमोह जिले के सिग्रामपुर के सिंगोरगढ़ में रानी दुर्गावती का किला आज भी उनकी वीरता की कहानियां सुनाता नजर आता है। दुर्गावती कालिंजर के राजा कीर्ति सिंह चंदेल की एकमात्र संतान थीं। वर्तमान उत्तरप्रदेश के बांदा जिले के कालिंजर किले में 1524 में दुर्गा अष्टमी के दिन उनका जन्म हुआ था, इसलिए उनका नाम दुर्गावती रखा गया।  नाम के अनुरूप ही तेज, साहस, शौर्य और सुंदरता के कारण उनकी प्रसिद्धि चारों ओर फैल गई। अपने राज्य के प्रति रानी का समर्पण कुछ ऐसा था कि मुगलों से लड़ते-लड़ते उन्होंने अपने प्राणों को बलिदान दिया था। अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष महेश धूमकेती ने कहा कि दमोह जबलपुर स्टेट हाईवे पर सिग्रामपुर गांव में रानी दुर्गावती प्रतिमा स्थल से छह किलोमीटर की दूरी पर रानी दुर्गावती का सिंगोरगढ़ का किला है।  यह जगह रानी दुर्गावती की राजधानी थी। किले की उम्र सैकड़ों वर्ष होने के बाद भी उसकी दीवारें आज भी मजबूती से खड़ी हैं। रानी महल, हाथी दरवाजे, स्नान के लिए किले के अंदर बने जलाशय और किले की पहाड़ियों में बने गुप्त रास्तों का रहस्य आज भी पहेली लगता है। जिले के मुख्य हाथी दरवाजे से कुछ ही दूरी पर सिंगोरगढ़ जलाशय है, यहां आज भी 12 महीने पानी रहता है।  रानी दुर्गावती का जन्म राजपूत परिवार में हुआ था उनकी वीरता के किस्से सुनकर गोंडवाना साम्राज्य के तत्कालीन राजा संग्राम सिंह मरावी ने अपने बेटे दलपत शाह मरावी से उनकी शादी करवाई थी। विवाह के चार वर्ष बाद ही दलपत शाह का निधन हो गया था, उस समय रानी दुर्गावती का बेटा नारायण केवल तीन साल का था।  रानी ने स्वयं ही गोंडवाना साम्राज्य संभाल लिया, उन्होंने अनेक मठ,  बावड़ी व अन्य धर्मशालाएं बनवाईं थीं। वर्तमान जबलपुर उनके राज्य का केंद्र था। उन्होंने अपनी दासी के नाम पर चेरीताल, अपने नाम पर रानीताल व अपने विश्वस्त दीवान आधार सिंह के नाम पर अधाड़ताल बनवाया था। भाजपा जिला महामंत्री जयसिंह मरावी ने संबोधित करते हुए कहा कि रानी दुर्गावती के संपन्न राज्य पर मालवा के मुसलमान शासक बाज बहादुर ने कई बार हमला किया, लेकिन हर बार पराजित हुआ। मुगल शासक अकबर भी राज्य को जीतना चाहता था। अकबर ने अपने एक रिश्तेदार आसिफ खान के नेतृत्व में गोंडवाना साम्राज्य पर हमला कर दिया। एक बार तो आसिफ खान पराजित हुआ पर अगली बार उसने दोगुनी सेना और तैयारी के साथ हमला बोला।  दुर्गावती के पास उस समय कम सैनिक थे, उन्होंने जबलपुर के पास नरई नाले के किनारे मोर्चा लगाया और खुद पुरुष के वेश में युद्ध का नेतृत्व किया। युद्ध में मुगलों को भारी नुकसान हुआ और 24 जून 1564 को मुगल सेना ने फिर हमला बोला। रानी ने बेटे नारायण को सुरक्षित स्थान पर भेजकर पराक्रम दिखाया। हालांकि संभावित हार को देखते हुए उन्होंने खुद अपना बलिदान दे दिया। मंडला रोड पर बरेला नामक इस जगह पर रानी की समाधि है। उक्त बैठक के दौरान वरिष्ठ नेता राजेंद्र प्रसाद पाठक, जिला मीडिया प्रभारी सुधीरदत्त तिवारी, जिला कार्यालय मंत्री पुनीत जैन, जिला सह सोशल मीडिया संयोजक अविनाश सिंह सैनी, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष नरवादिया मरकाम, महिला मोर्चा महामंत्री कुंवारिया मरावी, मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ठाकुर, मंडल उपाध्यक्ष मोहन सिंह राठौर, अजजा मोर्चा जिला महामंत्री बोधराम सरैया, दुर्गेश जोगी सहित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

वाहनों की बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 2,75,681

देश में सुस्त मांग के कारण सितंबर में वाहनों की खुदरा बिक्री में गिरावट सितंबर में कुल वाहनों का पंजीकरण घटकर 17,23,330 इकाई रह वाहनों की बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 2,75,681 नई दिल्ली देश में सुस्त मांग के कारण सितंबर में वाहनों की खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर नौ प्रतिशत की गिरावट आई है। उद्योग संगठन फाडा ने सोमवार को यह जानकारी दी। सितंबर में कुल पंजीकरण घटकर 17,23,330 इकाई रह गया, जो पिछले साल इसी महीने 18,99,192 इकाई था। यात्री वाहनों और दोपहिया वाहनों सहित अधिकतर श्रेणियों में सालाना आधार पर गिरावट देखी गई। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अध्यक्ष मनीष सी. एस. विग्नेश्वर ने बयान में कहा, ‘‘गणेश चतुर्थी और ओणम जैसे त्यौहारों के बावजूद डीलरों ने बताया कि प्रदर्शन काफी हद तक स्थिर रहा है।’’ उन्होंने कहा कि निकट आ रहे बड़े त्यौहारों के मद्देनजर फाडा ओईएम (मूल उपकरण विनिर्माता) से वित्तीय झटके से बचने के लिए तत्काल सुधारात्मक उपाय करने का आग्रह किया है। यात्री वाहनों की बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 2,75,681 इकाई रह गई, जो एक वर्ष पूर्व इसी महीने 3,39,543 इकाई थी। विग्नेश्वर ने कहा, ‘‘श्राद्ध और पितृपक्ष के साथ-साथ भारी वर्षा तथा सुस्त अर्थव्यवस्था ने स्थिति को और खराब कर दिया है….’’ वहीं वाणिज्यिक वाहनों का पंजीकरण पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की पहली छमाही के 4,80,488 इकाई से मामूली रूप से घटकर चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 4,77,381 इकाई रह गया। उद्योग संगठन फाडा ने आंकड़े देश भर के 1,429 आरटीओ में से 1,365 से एकत्रित किए हैं।  

हिताची एनर्जी के भारतीय कारोबार के 75 साल पूरे, 2000 करोड़ के निवेश की योजना

नई दिल्ली  हिताची एनर्जी ने भारतीय कारोबार के 75 साल पूरे होने के अवसर पर देश में स्थायी ऊर्जा भविष्य को बढ़ावा देने के लिए अपनी क्षमता, प्रोडक्ट रेंज और टैलेंट बेस को विस्तार करने पर लगभग 2000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। पिछले 75 सालों में भारत की कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में योगदान देते हुए हिंदुस्तान इलेक्ट्रिक से लेकर हिंदुस्तान ब्राउन बॉवेरी, एबीबी पावर ग्रिड्स, हिताची एबीबी पावर ग्रिड्स और अब हिताची एनर्जी बनने तक, इस कंपनी ने 1949 से देश के ऊर्जा क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाई है। अपनी इस उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए, कंपनी “एनर्जी एंड डिजिटल वर्ल्ड 75” नाम से सोमवार से दो दिन का टेक्नोलॉजी इवेंट आयोजित किया है। इसमें भारत के नेट-ज़ीरो लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद करने वाली नई तकनीकों पर चर्चा की जा रही है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत, हिताची एनर्जी के ग्लोबल सीईओ एंड्रियास शियरेनबेक और हिताची एनर्जी इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ एन वेणु ने किया। इस अवसर पर वेणु ने कहा कि इस खास साल को यादगार बनाने के लिए, हिताची एनर्जी इंडिया लिमिटेड अगले चार से पांच सालों में लगभग 2000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। यह निवेश भारत के दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा “नई तकनीक और समाधानों के जरिए, हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर दुनिया बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस निवेश का उद्देश्ये भारत की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है और हम स्थानीय व वैश्विक बाजारों के ग्राहकों और साझेदारों के साथ मिलकर इस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इसमें डिजिटलीकरण और लंबी अवधि की साझेदारी पर जोर दिया जाएगा। यह मेक इन इंडिया के हमारे लक्ष्य को और मजबूत करता है, जिससे भारत और दुनिया दोनों को फायदा होगा।” हिताची एनर्जी के ग्लोबल सीईओ एंड्रियास शियरेनबेक ने कहा, “ऊर्जा की चुनौती एक कंपनी, टीम या व्यक्ति से कहीं बड़ी है। जैसे-जैसे विद्युतीकरण बढ़ रहा है और रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ रहा है, पावर ग्रिड की क्षमता और जटिलता भी बढ़ रही है। हमारा ध्यान पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा के भविष्य पर है। भारत इस मिशन में हमारे लिए बहुत अहम बाजार है। हम पिछले 75 सालों से भारत में लगातार निवेश कर रहे हैं। नए निवेश से हमारी क्षमता, टैलेंट और सप्लाई चेन मजबूत होंगी और 2030 की रणनीति के अनुसार, डिजिटलीकरण के जरिए हमारे काम को और बेहतर किया जाएगा।” वेणु ने कहा कि इस निवेश के मुख्य हिस्सों में बड़े पावर ट्रांसफॉर्मर कारखाने की क्षमता बढ़ाना, छोटे ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री में खास ट्रांसफॉर्मर की टेस्टिंग के लिए एडवांस सुविधाएं जोड़ना और बुशिंग फैक्ट्री का स्थान बदलना शामिल है। ये कदम भारत की ऊर्जा मांगों को पूरा करने और ट्रांसमिशन परियोजनाओं को बेहतर बनाने के लिए जरूरी हैं। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण में मदद के लिए ट्रैक्शन ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। यह निवेश हिताची एनर्जी इंडिया की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, नेटवर्क कंट्रोल सॉल्यूशंस से जुड़े प्रोडक्ट्स का विस्तार किया जाएगा, और ग्रिड ईएक्सपैंड और ग्रिड ईइमोशन को स्थानीय रूप से विकसित और निर्मित किया जाएगा। कंपनी अपनी पहली मीडियम वोल्टेज पेशकश आरईएफ 650 भी भारत में लॉन्च करेगी। इसके अलावा, भारत और दुनिया के लिए भारत में सप्लायर बेस को मजबूत करने पर भी काम किया जाएगा। वेणु ने कहा कि हिताची एनर्जी इस कार्यक्रम में ग्रिड-एनश्‍ योर पोर्टफोलियो भी पेश करेगी, जिसमें ग्रिड को अधिक मजबूत, लचीला और स्थिर बनाने के लिए पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत नियंत्रण प्रणालियों पर आधारित समाधान शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत में स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ते रुझान के कारण नई टेक्नोलॉजी की मांग बढ़ी है। कंपनी अपना इकोनिक पोर्टफोलियो पेश करेगी, जिसमें दुनिया का पहला एसएफ6-फ्री 420-किलोवोल्ट गैस-इन्सुलेटेड स्विचगियर शामिल है। यह ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करके पर्यावरण को सुरक्षित बनाता है, क्योंकि इसमें सल्फर हेक्साफ्लोराइड का इस्तेमाल नहीं होता। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में ग्रिड ई-मोशन पोर्टफोलियो लॉन्च किया जाएगा, जो इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने वाला सॉल्यूशन है। यह स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशन भारत में सुरक्षित, स्थायी और स्मार्ट परिवहन को बढ़ावा देगा, खासकर बड़े पैमाने पर सार्वजनिक परिवहन और वाणिज्यिक फ्लीट के लिए। ऐसे तकनीकी समाधान देश के नेट-ज़ीरो लक्ष्य को पाने में मदद करेंगे।  

मुश्किल है टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पहुंचने की भारत की रहा, जानें पूरा समीकरण

नई दिल्ली.  भारत ने महिला टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को छह विकेट से हरा दिया. इस जीत के बावजूद भारत की मुश्किलें बनी हुई हैं. यह मुश्किल है सेमीफाइनल में पहुंचने की. भारतीय टीम पाकिस्तान को बड़े अंतर से हराकर यह मुश्किल आसान कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसका मतलब है कि भारत को अब ना सिर्फ अपने ज्यादातर मुकाबले जीतने होंगे, बल्कि यह भी उम्मीद करनी होगी कि न्यूजीलैंड या ऑस्ट्रेलिया अपने मैच हारें और बड़े अंतर से हारें ताकि रनरेट का गणित भी सुलझ सके. महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने का सारा समीकरण अब नेट रनरेट पर अटकता दिख रहा है. आइए इसे विस्तार से समझते हैं. भारत की टीम महिला टी20 वर्ल्ड कप में ग्रुप ए में है. इस ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें भी हैं. श्रीलंका को छोड़कर सारी टीमें एक-एक मैच जीत चुकी हैं. इस तरह भारत के साथ-साथ न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के भी पॉइंट टेबल में दो-दो अंक हैं. इनमें से ग्रुप की टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेंगी. भारत-पाकिस्तान-श्रीलंका एक-एक मैच हारे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने अभी एक-एक मैच ही खेले हैं. भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें दो-दो मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्हें एक-एक हार और एक-एक जीत मिली है. इस तरह ऑस्ट्रेलिया या न्यूजीलैंड बेहतर स्थिति में हैं. इनमें से एक टीम 8 अंक तक पहुंच सकती है. बाकी टीमें अधिकतम 6 अंक तक पहुंच पाएंगी. श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया से मैच बाकी भारतीय टीम अपना पहला मैच न्यूजीलैंड से हार चुकी है और दूसरे मैच में पाकिस्तान को हरा चुकी है. ऐसे में भारत को अगर 6 अंक तक पहुंचना है तो उसे बाकी बचे अपने दोनों मैच जीतने होंगे. भारत का अब 9 अक्टूबर को श्रीलंका और 13 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया से मैच है. इनमें से एक में भी हार का मतलब होगा भारतीय टीम फिर सिर्फ किस्मत के भरोसे रह जाएगी. भारत का नेट रनरेट निगेटिव भारतीय टीम ने अगर श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया को हराया तो उसके 6 अंक हो जाएंगे. लेकिन पूरी संभावना है कि न्यूजीलैंड या ऑस्ट्रेलिया के भी 6 या इससे अधिक अंक रहे. ऐसे में सेमीफाइनल की बाजी नेट रनरेट से तय होगी. मौजूदा समय में भारत का नेट रनरेट -1.217 है. न्यूजीलैंड (2.900), ऑस्ट्रेलिया (1.908) और पाकिस्तान (0.555) का रनरेट भारत से बेहतर है. श्रीलंका (-1.667) का नेट रनरेट सबसे कम है और उसका अभी खाता भी नहीं खुला है. भारत से कहां हुई चूक भारत और पाकिस्तान का मुकाबला रविवार, 6 अक्टूबर को हुआ. पाकिस्तान ने इस मुकाबले में भारत को 106 रन का लक्ष्य दिया. भारत ने 18.5 ओवर में 4 विकेट खोकर जीत दर्ज की. इस जीत से भारत को दो अंक तो मिले, लेकिन नेट रनरेट में ज्यादा अंतर नहीं आया. भारत अगर पाकिस्तान को 11.2 ओवर में हराता तो उसका नेट रनरेट पॉजिटव हो जाता, लेकिन हरमनप्रीत कौर की टीम ऐसा नहीं कर पाई.

सिंधू और सेन का ओलंपिक के बाद यह पहला टूर्नामेंट होगा, पेरिस ओलंपिक की निराशा के बाद वापसी करेंगे सिंधू और सेन

वंता (फिनलैंड) पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने में नाकाम रहे भारत के स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधू और लक्ष्य सेन मंगलवार से यहां शुरू होने वाले आर्कटिक ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी करेंगे। सिंधू और सेन का ओलंपिक के बाद यह पहला टूर्नामेंट होगा। इन दोनों ने इस बीच अपने खेल का मूल्यांकन करने और उसमें आवश्यक सुधार करने पर ध्यान दिया। सिंधू ने इस बीच अपने पिछले कोच इंडोनेशिया के एगस ड्वी सैंटोसो से नाता तोड़कर भारत के अनूप श्रीधर और कोरियाई दिग्गज ली स्यून इल को अपने नए कोच के रूप में नियुक्त किया। दूसरी तरफ सेन ने अपनी फिटनेस पर ध्यान दिया। उन्होंने इस दौरान अपना अधिकतर समय ऑस्ट्रिया के रेड बुल एरेना में बिताया। आर्कटिक ओपन में सिंधू का पहला मुकाबला कनाडा की मिशेल ली से जबकि ओलंपिक में कांस्य पदक के मुकाबले में हारने वाले सेन का डेनमार्क के रासमस गेम्के से होगा। ओलंपिक में दो बार की पदक विजेता सिंधू अगर पहली बाधा पर कर लेती हैं तो अगले दौर में उनका सामना 2022 की जूनियर विश्व चैंपियन 18 वर्षीय जापानी खिलाड़ी टोमाको मियाज़ाकी से हो सकता है जिससे वह इस साल की शुरुआत में स्विस ओपन में हार गई थी। सेन के लिए भी यह गेम्के से बदला लेने का मौका होगा। वह 2023 में इंडिया ओपन में उनसे हार गए थे। अगर वह इस मैच को जीतने में सफल रहते हैं तो उनका अगला मुकाबला चीनी ताइपे के सातवीं वरीयता प्राप्त चोउ टीएन चेन से हो सकता है। चोट के कारण चार महीने तक बाहर रहने के बाद मकाऊ ओपन में वापसी करने वाले किदांबी श्रीकांत भी आर्कटिक ओपन में अपनी चुनौती पेश करेंगे। वह हमवतन किरण जॉर्ज और सतीश कुमार करुणाकरण के साथ क्वालीफायर से अपना अभियान आगे बढ़ाएंगे। क्वालीफायर में दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी श्रीकांत का मुकाबला जॉर्ज से होगा, जबकि सतीश फ्रांस के अरनॉड मर्कले से भिड़ेंगे। महिला एकल में सिंधू के अलावा फॉर्म में चल रही मालविका बंसोड़ और आकर्षी कश्यप भी अपनी चुनौती पेश करेंगे। चीन ओपन सुपर 1000 के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली मालविका पहले दौर में चीनी ताइपे की सुंग शुओ युन से भिड़ेंगी, जबकि आकर्षी का मुकाबला जर्मनी की यवोन ली से होगा। एक अन्य भारतीय खिलाड़ी उन्नति हुडा क्वालीफायर में इज़राइल की हेली नीमन से भिड़ेंगी। पुरुष युगल में कोई भारतीय भाग नहीं ले रहा है लेकिन रितुपर्णा पांडा और स्वेतापर्णा पांडा महिला युगल में जबकि सतीश और आद्या वरियाथ मिश्रित युगल में अपनी चुनौती पेश करेंगे।  

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