LATEST NEWS

मुख्यमंत्री डॉ. यादव उत्तरप्रदेश में प्रतापगढ़ जिले में भागवत कथा में शामिल हुए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के ग्राम करमाही पहुँचकर श्रीमदभागवत कथा में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम करमाही में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में परम श्रद्धेय स्वामी राघवाचार्य जी भागवत कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के संगठन प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह जी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का डॉ. महेंद्र सिंह के पैतृक ग्राम करमाही में पुष्पहारों से आत्मीय स्वागत किया गया। भागवत कथा में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, उत्तर प्रदेश की पंचायत संस्थाओं के पदाधिकारी और श्रद्धालु जन नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से प्रयागराज में भी स्थानीय जन-प्रतिनिधियों ने भेंट की।  

माधराव सप्रे उत्कृष्ट अंग्रेजी हिंदी माध्यम स्कूल में 15 कंप्यूटरों का एक सुजज्जित कक्ष तैयार

रायपुर आज के परिवेश में कंप्यूटरीकृत पढ़ाई की आवश्यकता पर लगातार जोर दिया जा रहा है। लेकिन विडंबना कई स्कूल ऐसे भी हैं जो इन सुविधाओं से आज तक परे हैं। शहर के प्राचीनत्तम माधराव सप्रे उत्कृष्ट अंग्रेजी हिंदी माध्यम स्कूल में भी इसकी जरूरत छात्रों को थी. इसे महसूस करते हुए शाला विकास समिति के अध्यक्ष हरख मालू एवं कंप्यूटर लैब के संयोजक प्रमित नियोगी के अथक प्रयासों से 15 कंप्यूटरों का एक सुजज्जित कक्ष तैयार हो गया है। चुनाव आचार संहिता हटते ही इसका विधिवत शुभारंभ होगा। शाला विकास समिति के अध्यक्ष हरख मालू ने बताया कि शाला परिवार की ओर से इसकी जरूरत बतायी गई थी, सामाजिक व शैक्षणिक सरोकार से जुड़े कई कार्यों में सहयोग करने वाली शहर की प्रतिष्ठित संस्थान सन एंड सन ग्रुप के शर्मा परिवार की ओर  से इस पुनीत कार्य के लिए सहयोग मिला स्वर्गीय लक्ष्मीकांत,स्वर्गीय कैलाश चंद्र, स्वर्गीय बृजमोहन शर्मा की स्मृति में  उन्होने सर्वसुविधायुक्त कंप्यूटर कक्ष निर्माण के लिए यह सहयोग किया है।  इस कक्ष में 15 कंप्यूटर लगाये गए हैं। 30 छात्र-छात्राएं एक साथ बैठ सकें इसलिए 30 कुर्सियां लगाई गई है। हाईस्कूल के बच्चों को कंप्यूटर संचालन की जानकारी भी प्रशिक्षित टीचर देंगे। ग्रेनाइट टेबल के साथ कंप्यूटर की सुरक्षा के लिए एसी भी लगाए गए हैं। खुशी की बात ये हैं कि कंप्यूटर कक्ष मात्र दस दिन में तैयार हो गया। शाला विकास समिति के सदस्य महादेव नायक एवं सतीश सोनी ने बताया कि स्कूल के अंग्रेजी हिंदी माध्यम छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए कंप्यूटर कक्ष का निर्माण किया गया है। शाला विकास समिति की सचिव एवं प्राचार्य डा. अन्नपूर्णा श्रीवास्तव ने बताया कि छात्र-छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा सन एंड सन ग्रुप के शर्मा परिवार के सौजन्य से शाला को प्राप्त हुआ है,इसके लिए शाला परिवार उनका आभारी है।

12 नवंबर को उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में इगास पर्व के कारण सरकारी अवकाश, बंद रहेंगे स्कूल, बैंक

नई दिल्ली नवंबर 2024 का महीना छुट्टियों का अवसर लेकर आया है। शुरुआत से ही कई राज्यों में पब्लिक हॉलिडे रहा है, और आने वाले दिनों में भी कई महत्वपूर्ण त्योहारों और अवसरों के कारण छुट्टियां रहेंगी। 12 नवंबर को छुट्टी है या नहीं? 12 नवंबर को उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में इगास पर्व के कारण सरकारी अवकाश है, जिसे बूढ़ी दिवाली भी कहते हैं। उत्तराखंड में यह लोकपर्व दिवाली के 11 दिन बाद मनाया जाता है, इस मान्यता के साथ कि श्री राम के अयोध्या लौटने की खबर यहां 11वें दिन पहुंची थी। इस मौके पर उत्तराखंड में सभी स्कूल, कॉलेज, दफ्तर और बैंक बंद रहेंगे। 13 नवंबर को छुट्टी है या नहीं? 13 नवंबर को रायपुर में विधानसभा चुनाव के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों के साथ-साथ बैंकों की भी छुट्टी रहेगी। मतदान केंद्रों के आसपास 12 नवंबर को भी शासकीय और निजी स्कूलों में अवकाश रहेगा। 15 नवंबर को क्यों रहेगी छुट्टी? 15 नवंबर को गुरु नानक देव जी की जयंती के साथ कार्तिक पूर्णिमा और गुरु पर्व मनाया जाएगा, जिस कारण कई राज्यों में पब्लिक हॉलिडे घोषित किया गया है। इस दिन पंजाब, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों में स्कूल, कॉलेज और बैंक बंद रहेंगे। नवंबर के बाकी दिनों में भी बैंक और संस्थान विशेष अवसरों पर बंद रह सकते हैं, इसलिए अपने शहर की स्थानीय छुट्टियों की जानकारी जरूर लें।  

छग मौसम विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह से तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और ठंड की रफ्तार बढ़ेगी

रायपुर  हवाओं का रूख बदलते ही नवंबर के दूसरे हफ्ते में छत्तीसगढ़ में धुंध के साथ हल्की ठंड का अहसास होने लगा है, लेकिन अच्छी ठंड के लिए अभी एक हफ्ते और इंतजार करना पड़ेगा। 15 नवंबर के बाद पहाड़ों पर बर्फबारी होगी और तापमान तेजी से गिरेगा, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी। छग मौसम विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह से तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और ठंड की रफ्तार बढ़ेगी। खास करके 10 से 20 नवंबर के बीच उत्तर-पूर्वी हवाओं से रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। इसके तहत चार डिग्री सेल्सियस तक न्यूनतम तापमान में गिरावट आने का अनुमान है ।आने वाले पांच दिनों तक मौसम में कोई खास बदलाव नहीं होगा।हालांकि सरगुजा संभाग में ठंड और धुंध का असर दिखाई देने लगा है। 5 दिनों तक मौसम रहेगा शुष्क छग मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल 5 दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा। आने वाले करीब दो दिनों तक उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में रात के तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है।आज शुक्रवार को राजधानी में मौसम साफ रहेगा। रायपुर में अधिकतम पारा 32 डिग्री सेल्सियस और रात का पारा 20 डिग्री रिकॉर्ड किया जा सकता है।

इंदौर एयरपोर्ट पर नए साल से हर यात्री को मिल सकती है वीआईपी सुविधा, बस शुल्क चुकाना होगा

इंदौर इंदौर एयरपोर्ट पर मीट एंड ग्रीट सुविधा शुरू हुई है। इस सुविधा का लाभ उठाने वालों को एयरपोर्ट पर वीआईपी जैसा सत्कार होगा। थोड़े से पैसे चुकाकर पर्सनल अटेंडर यात्री ले सकते है, जो चेक-इन, बोर्डिंग,टैक्सी बुक करने से से लेकर सामान उठाने में आपकी मदद करेगा। देश के कई बड़े एयरपोर्ट पर यह सुविधा मौजूद है। नए साल से यह सुविधा एयरपोर्ट पर शुरू हो जाएगी। एयरपोर्ट प्रबंधन ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिए है। इस सुविधा का लाभ उठाने वालों को 100 रुपये से लेकर 300 रुपये तक का शुल्क चुकाना होगा। अकेले सफर कर रहे बुर्जुग, नाबालिगों को इससे फायदा होगा,क्योकि अटेंडर एयरपोर्ट की हर गतिविधियों से अच्छी तरह वाकिफ है और उनकी मदद से काम आसान हो जाएंगे। कई बार बुुर्जुग अकेले सफर करते है और उनके बच्चों को विमान से कैब बुक करने और सामान उठाने में आने वाली परेशानी को लेकर अक्सर चिंता रहती है। इस सुविधा के तहत वे अटेंडर बुक कर बुर्जुगों को उनका नंबर देकर निश्चिंत हो सकते है। इस सुविधा के तहत कन्वेयर बेल्ट से सामान सहित टर्मिनल तक छोड़ने के 300 रुपये चुकाना होंगे। इसके अलावा एंट्री गेट से बोर्डिंग गेट तक सामान सहित छोड़ने के लिए 300 रुपये का शुल्क है। ट्रांसपोर्ट और होटल बुकिंग में मदद और सलाह देने के 100 रुपये रहेंगे। इस सुविधा का लाभ लेने वालों के लिए कंपनी अलग से विशेेष ट्राली भी उपलब्ध कराएगी।

ट्रंंप 2.0 के साथ समझौतें ‘मेक इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड’ की भावना के अनुरूप होगा

नई दिल्ली  भारत और अमेरिका के बीच बड़े समझौतों की तैयारी है। 20 जनवरी, 2025 को डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में दूसरी बार शपथ लेने के बाद, मोदी सरकार सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में बड़े सौदे कर सकती है। यह ‘मेक इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड’ की भावना के अनुरूप होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत में रोजगार पैदा होंगे, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होगा और अमेरिकी व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। कोविड महामारी और अमेरिका-चीन संबंधों में खटास के बाद, कई अमेरिकी कंपनियों ने भारत में अपने कारखाने स्थापित किए हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यहां निर्माण क्षेत्र में और अधिक संभावनाएं हैं। भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के जानकार एक वरिष्ठ विशेषज्ञ ने बताया कि ट्रंप 2.0 के शुरुआती दौर में ही भारत को कुछ बड़े सौदों को अंतिम रूप देने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अच्छी केमिस्ट्री को देखते हुए यह सही समय होगा। कंज्यूमर यूनिटी एंड ट्रस्ट सोसाइटी (CUTS) के महासचिव प्रदीप मेहता ने भारत-अमेरिका संबंधों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मेहता ने विनिर्माण क्षेत्र में अमेरिका की ताकत का लाभ उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका भारत में उत्कृष्टता केंद्र और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर खोल सकेगा। एक्सपर्ट ने क्या सुझाव? मेहता ने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद यह संदेश देना चाहिए कि भारत कोई संरक्षणवादी देश नहीं है जो अमेरिकी उत्पादों पर ऊंची दरें लगाता है। 2020 में, ट्रंप ने आयातित मोटरसाइकिलों, खासकर हार्ले-डेविडसन पर ऊंची दरों को लेकर भारत पर हमला किया था। तत्कालीन राष्ट्रपति ने कहा था कि भारत में शायद दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ हैं और हार्ले-डेविडसन को भारत में भारी टैरिफ का भुगतान करना पड़ता है। उन्होंने मार्च 2017 में अमेरिकी कांग्रेस को अपने संबोधन में पहली बार इस मुद्दे का उल्लेख किया था। ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति से भारत को होगा नुकसान? ट्रंप के फिर से अमेरिका का राष्ट्रपति बनने से भारत के लिए मुश्किलें भी खड़ी हो रही हैं। भारत से जाने वाले सामानों पर ज्यादा टैक्स लग सकता है, खासकर गाड़ियों, कपड़ों और दवाइयों पर। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि ट्रंप ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति में यकीन रखते हैं। लेकिन, एक अच्छी खबर यह है कि ट्रंप समझौता भी कर लेते हैं। भारत, ट्रंप की टीम से बात कर रहा है ताकि उनकी आर्थिक नीतियों को समझा जा सके और कोई रास्ता निकाला जा सके।

माया विश्वकर्मा संघर्ष, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की जीवन्त मिसाल बन गई

भोपाल संघर्षों से तपकर जिंदादिली से खुद का वजूद बनाने की यह कहानी सागर जिले की है। रहली ब्लॉक के एक छोटे से गांव धनगुंवा की रहने वाली श्रीमती माया विश्वकर्मा संघर्ष, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की जीवन्त मिसाल बन गई हैं। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति हमेशा कमजोर ही रही। माया और उनके पति दिहाड़ी पर मेहनत-मजदूरी से बमुश्किल अपनी रोजी-रोटी का इंतजाम करते थे। इन मुश्किल हालातों के बीच माया को सरकार की मदद मिली, जिससे उनके जीवन का पूरा परिदृश्य ही बदल गया। माया ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित समूह के बारे में सुना। उन्हें पता चला कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलती है, ताकि वे खुद का रोजगार शुरू कर अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं। माया के लिए यह उम्मीद की किरण थी। उन्होंने इससे जुड़ने का निर्णय लिया और समूह में शामिल हो गईं। समूह की मदद से उन्हें बैंक से ऋण मिला। माया ने इस राशि से एक छोटी सी मनिहारी की दुकान खोल ली। शुरुआत में यह दुकान बहुत साधारण थी, लेकिन उन्होंने अपना काम बड़ी ईमानदारी और मेहनत से किया। मेहनत ने रंग लाना शुरू किया और दुकान से प्राय: 500-600 रूपये रोजाना आमदनी होने लगी। माया का आत्मविश्वास बढ़ा, और उन्होंने इस व्यवसाय को और बढ़ाने का फैसला किया। कुछ समय बाद उन्होंने अपनी दुकान में सभी प्रकार का किराना सामान और फोटो कॉपियर मशीन भी रख ली। इससे उनकी आय बढ़ने लगी। अब उनकी आमदनी लगभग दोगुनी हो चुकी थी। माया का जीवन अब पहले से कहीं बेहतर था। उन्होंने अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिल करवाया, ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो सके। कड़ी मेहनत ने माया को आत्मनिर्भर बना दिया और अब वे अपने परिवार को पहले से बेहतर जीवन देने में समर्थ होने लगीं। माया ने अपने सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। धीरे-धीरे उन्होंने अपने घर को पक्का बनाया। मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान भी शुरू की और जब जमापूंजी बढ़ गई, तो एक स्कूल मैजिक वाहन भी खरीद लिया। अब तो माया के दिन ही बदल गये हैं। अब वो अपने गांव के आत्मनिर्भर महिला के रूप में जानी-पहचानी जाती हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने माया विश्वकर्मा जैसे लाखों परिवारों को आत्मनिर्भर बनने का मौका दिया है। माया गर्व से कहती हैं कि आजीविका मिशन की मदद से उनका परिवार अब सुरक्षित और खुशहाल है। माया का मानना है कि……. जिंदगी जब दर्द दे, तो बड़ी ही खामोशी से पी जाना चाहिए… और जब गुल दे, तो गुलशन की तरह बाअदब जी जाना चाहिए…

20 नवंबर को BSE और NSE में नहीं होगा कारोबार, शेयर मार्केट का कामकाज रहेगा रहेगा बंद

मुंबई भारतीय शेयर बाजारों में आने वाली 20 नवंबर 2024 को बुधवार के दिन छुट्टी रहेगी और स्टॉक मार्केट में बीएसई और एनएसई पर कोई कामकाज नहीं होगा. शेयर बाजार में अवकाश का ऐलान महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के उपलक्ष्य में किया गया है. शेयर बाजार ने इस बात की आधिकारिक जानकारी दे दी है. करेंसी मार्केट और कमोडिटी एक्सचेंज पर भी कारोबारी अवकाश स्टॉक मार्केट के दोनों एक्सचेंज यानी बीएसई और एनएसई पर शेयर बाजार में अवकाश रहेगा और इस दिन महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के चलते एक्सचेंज पर कामकाज नहीं होगा. करेंसी मार्केट और कमोडिटी एक्सचेंज पर भी कारोबार का अवकाश रहेगा. 20 नवंबर को मुंबई में राजनीतिक हलचल के चलते व्यस्त रहेंगे मुंबईकर इसी दिन झारखंड विधानसभा चुनाव भी होंगे और उत्तर प्रदेश के 9 विधानसभा उपचुनाव का ऐलान हो चुका है. वैसे शेयर बाजार में छुट्टी इसलिए दी गई है कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जहां से स्टॉक एक्सचेंज संचालित होते हैं, वहां चुनावी दिन है. महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में 20 नवंबर को राजनीतिक हलचल रहेगी और इसी कारण से वित्तीय कामकाज को थोड़ा विराम देने की कोशिश की गई है जिससे सभी मुंबईकर और महाराष्ट्र के वासी अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग कर सकें.

MP में हाथियों को भी लगाया जाएगा सैटेलाइट कॉलर, जानें क्या है पूरा प्लान

भोपाल मध्य प्रदेश में चीते और बाघ की तर्ज पर अब हाथियों को भी सैटेलाइट कॉलर लगाये जायेंगे. सैटेलाइट कॉलर लगाने से हाथियों की लोकेशन का पता चल सकेगा. वन विभाग के एपीसीसीएफ एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि हाथी झुंड में रहते हैं. इसलिए सैटेलाइट कॉलर झुंड के किसी एक हाथी को लगाई जाएगी. इसकी मॉनिटरिंग कॉरिडोर वाले जिलों के डीएफओ और वाइल्ड लाइफ मुख्यालय स्थित कंट्रोल कमांड सेंटर से होगी. उन्होंने बताया कि हाथियों की लोकेशन पता करने के लिए नई व्यवस्था की जा रही है. यदि हाथी गांव की तरफ जाते हैं तो उन्हें मैनेज कर जंगल की तरफ हांका जाएगा. सैटेलाइट कॉलर लगाने के लिए कर्नाटक वाइल्ड लाइफ मुख्यालय ने स्वीकृति दे दी है. बताया जा रहा है कि कर्नाटक में इस तरह के प्रयोग हो रहे हैं. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में लगभग 160 हाथी हैं. आंकड़ों के मुताबिक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 70 हाथी हैं. वहीं, संजय डुबरी नेशनल पार्क में 25 हाथियों का डेरा है. हाथियों को मैनेज करने का गुर सीखने अधिकारियों का दो दल मैसूर और कोयम्बटूर जाएगा. अब हाथियों को लगाये जायेंगे सैटेलाइट कॉलर दोनों दलों में कान्हा, संजय दुबरी, बांधवगढ़, उमरिया, मंडला, सीधी, शहडोल, अनूपपुर, मंडला सहित अन्य हाथी कॉरिडोर और प्रभावित इलाकों के डीएफओ शामिल हैं. सैटेलाइट कॉलर लगाने से जंगल के पास रहने वाली आबादी को बड़ी राहत मिलेगी. जंगली हाथी के गांव की तरफ जाने पर मैनेज कर जंगल की तरफ हांक दिया जाएगा. वन विभाग की तरफ से लोगों को भी जागरूक करने का काम किया जाएगा. बता दें कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की रहस्मयी मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार भी गंभीर है. हाथियों की मौत ने मध्य प्रदेश के वन्य प्राणियों की  सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के 10 हाथियों की मौत मामले फॉरेंसिक रिपोर्ट आ गयी है. 

मध्यप्रदेश: जनपद पंचायत के लेखापाल को रिश्वत लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा

Madhya Pradesh: Lokayukta caught the Accountant of District Panchayat red handed taking bribe in Dhar district धार। मध्यप्रदेश के धार जिले के गंधवानी जनपद पंचायत के लेखापाल मनोज कुमार बैरागी को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ग्राम पंचायत बलवारी कला के सरपंच प्रतिनिधि गुलाब सिंह अजनारे की शिकायत पर कार्रवाई हुई है। ग्राम पंचायत में 10 लाख रुपये की राशि से सीसी रोड का निर्माण के लिए ₹3 लाख की पहली किस्त पंचायत के खाते में जारी हो चुकी थी। शेष राशि को जारी करने लेखापाल की ओर से एक मांग पत्र जिला पंचायत कार्यालय को भेजा जाना था। आवेदक गुलाब सिंह का आरोप है कि उक्त मांग पत्र को जिला पंचायत कार्यालय भेजने के एवज में लेखापाल मनोज बैरागी ने ₹50,000 की रिश्वत मांगी। इस राशि की मांग से परेशान होकर उसने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त राजेश सहाय को शिकायत की। लोकायुक्त द्वारा शिकायत की सत्यता की जांच में सही पाया गया। लोकायुक्त इंदौर इकाई ने आज 9 नवंबर 2024 को जनपद पंचायत कार्यालय गंधवानी में आवेदक गुलाब सिंह ने तय राशि में से ₹40,000 की राशि लेखापाल को दी, जिसे मनोज बैरागी ने जैसे ही लिया, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके खिलाफ धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। कानूनी कार्यवाही जारी है। लोकायुक्त टीम मामले की बारीकी से जांच कर रही है, और आरोपी से अन्य संभावित भ्रष्टाचार के मामलों की भी पूछताछ की जा रही है।

‘जिम में हो महिला ट्रेनर, पुरुष दर्जी नहीं ले सकेंगे महिलाओं का नाप’, बढ़ाई जाएगी महिलाओं की सुरक्षा

लखनऊ उत्तर प्रदेश महिला आयोग ने महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। आयोग ने प्रस्ताव दिया है कि कपड़ों की दुकानों पर महिला कर्मचारियों का होना अनिवार्य किया जाए ताकि महिलाएं सहज महसूस कर सकें। पुरुष दर्जी महिलाओं के कपड़े का नाप न लें। इसी तरह जिम और योगा केंद्रों में महिला प्रशिक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य की जाए। ताकि महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सकें। इसके अलावा आयोग ने सुझाव दिया है कि स्कूल बसों में भी महिला सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति की जाए। 28 अक्टूबर को हुई इस बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया। जिसमें वर्तमान आयोग अध्यक्ष बबिता चौहान के साथ उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और चारू चौधरी भी मौजूद थीं। आयोग का मानना है कि इस प्रकार के बदलाव से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर अधिक सुरक्षा मिलेगी। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग एक वैधानिक निकाय है जिसका उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकना और उनके कल्याण को बढ़ावा देना है। आयोग समय-समय पर महिला सुरक्षा के विभिन्न मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने और महिला अधिकारों के बारे में जनता को सूचित करने के लिए सक्रिय कदम उठाता है। महिला आयोग द्वारा सुझाए गए प्रस्ताव?     महिला जिम/योगा सेन्टर में, महिला ट्रेनर होनी चाहिए। ट्रेनर एवं महिला जिम का सत्यापन अवश्य करा लिया जाए।     महिला जिम/योगा सेन्टर में प्रवेश के समय अभ्यर्थी के आधार कार्ड/निर्वाचन कार्ड जैसे पहचान पत्र से सत्यापन कर उसकी छायाप्रति सुरक्षित रखी जाए।     महिला जिम/योगा सेन्टर में डी.वी.आर. सहित सी.सी.टी.वी. सक्रिय दशा में होना अनिवार्य है।     विद्यालय के बस में महिला सुरक्षाकर्मी अथवा महिला टीचर का होना अनिवार्य है।     नाट्य कला केन्द्रों में महिला डांस टीचर एवं डी.वी.आर सहित सक्रिय दशा में सी.सी.टी.वी. का होना अनिवार्य है।     बुटीक सेन्टरों पर कपड़ों की नाप लेने हेतु महिला टेलर एवं सक्रिय सी.सी.टी.वी. का होना अनिवार्य है।     जनपद की सभी शिक्षण संस्थाओं का सत्यापन होना चाहिए।     कोचिंग सेन्टरों पर सक्रिय सी.सी.टी.वी. एवं वाशरूम आदि की व्यवस्था अनिवार्य है।     महिलाओं से संबंधित वस्त्र आदि की ब्रिकी की दुकानों पर महिला कर्मचारी का होना अनिवार्य है। पिछले महीने बबिता को मिली थी अध्यक्ष पद की कमान इस समय बबिता चौहान यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष हैं. मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव और चारू चौधरी उपाध्यक्ष हैं. योगी सरकार ने पिछले महीने पिछले महीने राज्य महिला आयोग का गठन करते हुए एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और 25 सदस्यों के नामों की घोषणा की थी. बबीता को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई. इससे पहले बबिता बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही थीं. बबिता चौहान के अध्यक्ष बनने के बाद यह यूपी महिला आयोग का यह सुझाव महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है. इस सुझाव की खास चर्चा भी की जा रही है. उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग एक वैधानिक निकाय है. इसकी स्थापना राज्य में महिलाओं के विरुद्ध अपराध से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए की गई है. इसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना है. आयोग समय-समय पर राज्य में महिला-आधारित कानून के बारे में जनता को जागरूक करता है और इसके लिए खास कदम उठाता है.  

पेटीकोट -सलवार का नाड़ा टाइट बांधने से महिलाओं में हो रहा ‘साड़ी कैंसर’, डॉ. से जानें इसके लक्षण

नईदिल्ली आजकल कैंसर कई लोगों की जिंदगी बर्बाद कर रहा है। कई तरह के खतरनाक कैंसर सामने आ रहे हैं। महिलाओं में स्तन, गर्भाशय, योनि और अंडाशय के कैंसर आम हैं। लेकिन अब दो मामलों में पेटीकोट कैंसर पाया गया है! रोज़ाना साड़ी पहनने वालों के लिए यह चिंताजनक है। वर्धा के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और बिहार के मधुबनी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के हालिया शोध के अनुसार, रोज़ाना साड़ी पहनने वाली महिलाएं इससे पीड़ित हो रही हैं। इसका कारण साड़ी के साथ पहने जाने वाला पेटीकोट है। अध्ययन में बताया गया है कि इसके धागे से खतरा बढ़ता है। हालांकि अध्ययन में सिर्फ़ साड़ी का ज़िक्र है, लेकिन चूड़ीदार और कुर्ता पहनने वालों को भी कमर पर धागा बांधना पड़ता है। इसे टाइट बांधने से कैंसर हो सकता है। पेटीकोट या पैंट का धागा टाइट बांधने से यह त्वचा से चिपक जाता है। साड़ी न खिसके इसलिए इसे टाइट बांधा जाता है। रोज़ाना साड़ी पहनने वालों में ऐसा करने से त्वचा लाल हो जाती है, सूज जाती है और बाद में घाव बनकर कैंसर का रूप ले सकती है। शुरुआत में महिलाओं में पाए गए इस कैंसर के लिए साड़ी को ज़िम्मेदार माना गया था। लेकिन बाद में पता चला कि इसका कारण पेटीकोट है, इसलिए इसे पेटीकोट कैंसर कहा गया है। 70 साल की एक महिला में यह पाया गया। उनके पेट के आसपास घाव 18 महीने तक ठीक नहीं हुआ। बाद में पता चला कि यह मार्जोलिन अल्सर नाम का त्वचा कैंसर है। फिर एक और महिला में भी यह पाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, पेटीकोट टाइट बांधने से पेट और कमर पर लगातार दबाव पड़ता है। इससे घर्षण होता है और त्वचा कमज़ोर हो जाती है। इससे घाव या छाले हो जाते हैं। इलाज न कराने पर यह कैंसर में बदल सकता है। इस तरह के घाव या छाले होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। रोज़ाना साड़ी या धागे वाला पेटीकोट पहनने वालों को इलास्टिक वाला पेटीकोट पहनने की सलाह दी जाती है। या फिर ढीले स्कर्ट पहनने को कहा गया है। कमर के आसपास हफ़्तों या महीनों तक ठीक न होने वाले घाव होने पर तुरंत जांच कराएं। 70 साल की महिला में साड़ी से हुआ कैंसर पहले मामले में, एक 70 वर्षीय महिला को अपने दाहिने हिस्से में त्वचा पर एक अल्सर विकसित हो गया, जिसमें त्वचा का रंग भी फीका पड़ गया था। पेटीकोट की तंग डोरी ने त्वचा को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाया, जिससे मार्जोलिन अल्सर हो गया। 70 वर्षीय महिला ने अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि, ‘मैंने दशकों तक खूब कसी साड़ी बांधी, मुझे नहीं पता था कि ये मेरी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। त्वचा में हल्का सा बदलाव हुआ जो धीरे-धीरे दर्दनाक और ठीक न होने वाले अल्सर में बदल गया, बाद में पता चला कि मुझे स्‍किन कैंसर हुआ है।’ डॉ. दर्शना राणे के अनुसार, ‘जब यह नाड़ा लगातार एक ही स्थान पर कमर पर बांधा जाता है, तो इससे त्वचा में जलन (डर्माटोसिस) होती है, जिससे आगे चलकर अल्सर (घाव) या ‘मार्जोलिन अल्सर’ बन सकते हैं, और बहुत ही दुर्लभ मामलों में, ये घाव कैंसर में बदल सकते हैं।’ ऐसे पहचाने ‘साड़ी कैंसर’ का लक्षण ‘साड़ी कैंसर’ के शुरुआती लक्षण पेटीकोट का तंग नाड़ा लंबे समय तक जलन पैदा कर सकता है। इंडिया की गर्मी में, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, यह समस्या तेजी से बढ़ सकती है। कसी साड़ी से त्वचा का रंग बदलना या हल्की पपड़ी पड़ना गंभीर लक्षण हो सकते हैं। क्‍या कहते हैं डॉक्‍टर डॉ. दर्शना राणे बताती हैं, पेटीकोट का नाड़ा जब गर्म और आर्द्र मौसम में कसकर बांधा जाता है, तो यह पसीना और धूल के जमा होने से जलन और खुजली पैदा कर सकता है। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित होने के कारण, महिलाएं प्रारंभिक लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं और जब हेल्‍थ खराब हो जाती है तब डॉक्‍टर को दिखाती हैं। चूड़ीदार और धोती से भी हो सकता है कैंसर जी हां, अगर आप कस कर धोती बांधते हैं और महिलाएं अगर टाइट चूड़ीदार पहनती हैं, तो आपको भी बच कर रहना चाहिए। हालांकि यह एक दुर्लभ समस्या है, लेकिन यह जागरूकता और बचाव की आवश्यकता को दर्शाती है। जानें बचाव का तरीका     पेटीकोट को बहुत कसकर न बांधें, खासकर अगर त्वचा में रंग बदलने या पपड़ी बनने जैसे डर्माटोसिस के शुरुआती संकेत दिखें।     पेटीकोट में चौड़ा कमरबंद इस्तेमाल करने से कमर पर दबाव समान रूप से बंटता है।     पेटीकोट को बांधने की ऊंचाई समय-समय पर बदलते रहें। घर पर हों तो ढीले इलास्टिक वाले पतलून पहनें ताकि हवा का संचार बना रहे।     कभी भी टाइटप कपड़ा ना पहनें। हमेशा आरामदायक कपड़ा ही पहनें। कमर पर टाइट बेल्‍ट या नाड़ा ना बांधें। स्‍किन पर अगर इलास्‍टिक से जलन और खुजली हो तो तुरंत डॉक्‍टर को दिखाएं।

EV में आग लगने की घटनाओं को कम करेगा एनपीसीसी, IIT Indore का कमाल…

इंदौर  इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। इन घटनाओं के चलते जान का खतरा भी रहता है। अब आईआईटी इंदौर ने इस समस्या का समाधान खोज निकाला है। दरअसल, आईआईटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर संतोष कुमार साहू के नेतृत्व में इलेक्ट्रिक वाहनों के थर्मल प्रबंधन में बदलाव लाने के लिए नोवेल फेज-चेंज कंपोजिट (एनपीसीसी) विकसित किया गया है। ओवरहीटिंग में कमी आएगी आईआईटी इंदौर में विकसित एनपीसीसी समान तापमान सुनिश्चित करके इस चुनौती का सामना करता है, जिससे ओवरहीटिंग के जोखिम में कमी आती है। एनपीसीसी बेहतर तापीय चालकता, आकार स्थिरता, लौ प्रतिरोध और विद्युत इन्सुलेशन प्रदान करता है, जो बैटरी माड्यूल के सुरक्षित संचालन के लिए आवश्यक है। ईवी बैटरियों की कार्यक्षमता बढ़ती है सिंगल और मल्टी-सेल बैटरी माड्यूल दोनों पर संपूर्ण रूप से परीक्षण किए जाने पर, यह चार्जिंग और डिस्चार्जिंग के दौरान बैटरी के तापमान को काफी कम करने में सक्षम साबित हुआ है, जिससे अधिक दक्षता सुनिश्चित होती है और ईवी बैटरियों की कार्यक्षमता बढ़ती है। यात्रियों को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है यह कंपोजिट बनाने में आसान, हल्का और किफायती है, जो पारंपरिक लिक्विड-कूल्ड सिस्टम के लिए एक बेहतर विकल्प प्रदान करता है। एनपीसीसी पाइप और पंप की आवश्यकता को समाप्त करता है, जबकि असाधारण ताप अपव्यय और अग्निरोधी गुण प्रदान करता है, जिससे यात्रियों को एक अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है। लागत में कटौती आएंगी आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा, इस तकनीक में ईवी के क्षेत्र को नया आकार देने की क्षमता है। गर्मी को अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित करके, एनपीसीसी लिथियम-आयन बैटरियों की कार्यक्षमता को बढ़ा सकता है, दूसरी बैटरी बदलने में कमी ला सकता है और निर्माताओं और उपभोक्ताओं दोनों के लिए प्रक्रिया संबंधी लागत में कटौती कर सकता है। लंबे समय तक चलने वाली बैटरियां पर्यावरण की दृष्टि से, लंबे समय तक चलने वाली बैटरियों का मतलब है कि उत्पादन के लिए कम कच्चे माल की आवश्यकता होती है और कम अपशिष्ट होता है, जो स्थिरता लक्ष्यों में योगदान देता है। वहीं, प्रोफेसर साहू ने कहा, इस नवाचार का प्रभाव ईवी से कहीं आगे तक जाता है। जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी यह तकनीक इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करने, बैटरी की विश्वसनीयता और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए तैयार है। इसके अपनाने से क्लीनर ट्रांसपोर्टेशन की ओर बदलाव में तेजी आ सकती है, जिससे ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम हो सकती है। बेंगलुरु की कंपनी ने की शुरुआत जैसे-जैसे यह महत्वपूर्ण तकनीक पूर्ण पैमाने पर व्यावसायीकरण की ओर बढ़ रही है, यह न केवल ईवी को बदलने का वादा करती है, बल्कि किसी भी ऐसे अनुप्रयोग को बदलने का वादा करती है जिसके लिए प्रभावी थर्मल प्रबंधन की आवश्यकता होती है। इसे पहले से ही व्यावसायीकरण के लिए तैयार किया जा रहा है और सिंपल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, बेंगलुरु ने अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में उपयोग के लिए प्रौद्योगिकी प्राप्त कर ली है।

बाओबाब वृक्षों की कटाई के मामले में HC ने जैव विविधता बोर्ड को निर्देश दिए, तस्वीरों के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करें

जबलपुर मध्य प्रदेश जबलपुर हाईकोर्ट बेंच ने जैव विविधता बोर्ड को निर्देश दिया है कि प्रदेश में स्थित बाओबाब पेड़ों की तस्वीरों के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करें। कोर्ट मित्र अधिवक्ता की ओर से आवेदन पेश कर बताया गया कि केंद्रीय वन विभाग ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो का गठन किया है। सभी जांच एजेंसियां मोबाइल स्टैटिक डेटा का उपयोग कर सकती हैं, लेकिन वाइल्डलाइफ क्राइम ब्यूरो इसका उपयोग नहीं कर सकती। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विनय जैन की युगलपीठ ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान किया है। गौरतलब है कि धार जिले में बाओबाब पेड़ काटने, बेचने और परिवहन की अनुमति दिए जाने से संबंधित  प्रकाशित खबर पर हाईकोर्ट ने संज्ञान में लिया था। क्षेत्रीय नागरिक बाओबाब वृक्षों की कटाई का विरोध कर रहे हैं। दअरसल, बाओबाब पेड़ को अफ्रीका में ‘द वर्ल्ड ट्री’ की उपाधि दी गई है। अफ्रीका के आर्थिक विकास में इस पेड़ का बहुत बड़ा महत्व है। हैदराबाद के एक व्यापारी ने अपने फार्म में इन पेड़ों की खेती कर आर्थिक लाभ के लिए उनकी कटाई कर उन्हें बेचने का कार्य शुरू किया है। एक पेड़ की कीमत 10 लाख रुपये से अधिक है, जिसके कारण अन्य लोग भी अपने खेतों में लगे पेड़ को काटकर बेचने लगे हैं। हाईकोर्ट ने संज्ञान याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद धार जिले में बाओबाब पेड़ों की कटाई, बिक्री और परिवहन पर रोक लगाते हुए मुख्य सचिव, वन विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त और सीसीएफ इंदौर, कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया था कि बाओबाब वृक्षों की कटाई के मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार ने यह भी बताया कि रोपे गए 20 बाओबाब पौधों में से 9 काट दिए गए हैं और 11 जीवित हैं। धार जिले में कुल 393 बाओबाब पेड़ हैं। कोर्ट मित्र अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को स्टैटिक डेटा का उपयोग करने की अनुमति नहीं मिलने के संबंध में आवेदन पेश किया था। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किए।

मध्य प्रदेश नर्सिंग कॉलेज घोटाला: सीबीआई जांच में 500 कॉलेजों के संचालन योग्य न होने का खुलासा

Madhya Pradesh Nursing College Scam: CBI investigation reveals that 500 colleges are not fit for operation. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर हुई CBI जांच में खुलासा हुआ है कि सूबे में चल रहे 700 में से 500 नर्सिंग कॉलेज संचालन योग्य ही नहीं है। ग्वालियर कोर्ट में चल रहे मामे भी जबलपुर हाईकोर्ट ट्रांसफर होंगे। मध्य प्रदेश में संचालित बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेजेस के घोटाले के मामलों में चल रही सीबीआई जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। नर्सिंग कॉलेजों को लेकर सीबीआई द्वारा की जा रही जांच में पता चला है कि प्रदेशभर में चल रहे 700 नर्सिंग कॉलेजेस में से 500 कॉलेज संचालन योग्य ही नहीं हैं। आपको बता दें कि, इसके पहले हुई सीबीआई जांच में सामने आया था कि, प्रदेश में संचालित सभी कॉलेजों में से महज 169 नर्सिंग कॉलेज ही योग्य थे। हालांकि, हाईकोर्ट ने सीबीआई द्वारा कराई उस जांच को एक बार फिर से बारीकी के साथ जांच करने के निर्देश दिए थे। जांच में 73 कॉलेज ही योग्य माने गए है। ग्वालियर बेंच से भी जबलपुर ट्रांसफर होंगे केस नर्सिंग कॉलेजेस से संबंधित चल रहे मामले ग्वालियर बेंच से भी जबलपुर हाईकोर्ट ही ट्रांसफर किए जाएंगे। जिन नर्सिंग कॉलेजों की सीबीआई जांच पर सवाल उठे हैं, उनमें एक और नया खुलासा हुआ है। जिन कॉलेजों में नर्सिंग काउंसिल की तरफ से पत्र भेजा गया है, उसमें से 8 डिफिशिएंट की सूची में हैं, जबकि 8 अनसूटेबल कैटेगरी में आ रहे हैं। नर्सिंग काउंसिल ने सभी 66 अनसूटेबल पाए गए नर्सिंग कॉलेज की सभी सत्रों और पाठ्यक्रमों की मान्यता निरस्त कर दिया है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet