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राष्ट्रपति चुनावों में डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस को एक बड़े अंतर से हराने वाले ट्रंप तीसरे कार्यकाल के लिए तैयार

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करने वाले डोनाल्ड ट्रंप तीसरे कार्यकाल के लिए भी तैयार हैं। राष्ट्रपति चुनावों में डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस को एक बड़े अंतर से हराने वाले ट्रंप ने बुधवार को अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वह अपने तीसरे कार्यकाल के लिए भी तैयार हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि कहा कि मैं तीसरे कार्यकाल के लिए भी तैयार हूं लेकिन मैं शायद तब तक चुनावी मैदान में नहीं उतरूंगा जब तक की आप लोग मुझे यह नहीं कहते कि वह (ट्रंप) अच्छा है, हमें उसके लिए कुछ सोचना होगा। क्या है अमेरिका के राष्ट्रपति बनने का नियम? ट्रंप ने अपने तीसरी बार राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने की मंशा पर एक संकेत जरूर दिया है लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान के मुताबिक कोई भी व्यक्ति दो बार से अधिक अमेरिका का राष्ट्रपति नहीं चुना जा सकता। इसलिए कानूनी तौर पर ट्रंप के तीसरी बार राष्ट्रपति चुने जाने के रास्ते में बहुत सारी रुकावटें हैं। अमेरिका में किसी व्यक्ति का राष्ट्रपति के रूप में केवल दो बार चुने जाने का नियम संविधान के 22 वे संशोधन के बाद आया। दरअसल, 1951 तक अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रैंक्लिन डी रुजवेल्ट अपने चार कार्यकाल पूरे कर चुके थे। अमेरिका में इसके बाद संविधान संशोधन करके नियम बना दिया गया कि कोई भी दो बार ही राष्ट्रपति बन सकता है। ऐसे में ट्रंप अगर एक और कार्यकाल के लिए जाना चाहे तो उन्हें संविधान में परिवर्तन करना होगा। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह मुश्किल लगता है। कैसे तीसरा कार्यकाल पा सकते हैं ट्रंप? संविधान को संशोधित करने के लिए ट्रंप को एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन को निष्क्रिय करने के लिए उन्हें एक नए संशोधन को अमेरिकी सदन और सीनेट दोनों में दो तिहाई बहुमत के साथ पारित और अनुमोदित करना होगा। इसके बाद 50 में से तीन चौथाई राज्यों से समर्थन लेना होगा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान ट्रंप को रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स दोनों ही पार्टियों से समर्थन लेना होगा। लेकिन वर्तमान की अमेरिकी राजनीति की परिस्थितयों को देखते हुए ट्रंप के लिए यह करना आसान नहीं होगा। नतीजन, ट्रंप का 2025 से 2029 तक का कार्यकाल ही उनका आखिरी कार्यकाल होने की संभावना है।

हाई कोर्ट ने एक साथ 99 लोगों को दी SC-ST ऐक्ट से राहत, 1 लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी

बेंगलुरु कर्नाटक हाई कोर्ट ने एससी-एसटी ऐक्ट में दोषी करार दिए गए 101 लोगों में से एक साथ 99 लोगों को जमानत दे दी है। एक महीने पहले ही राज्य के माराकुंबी गांव में दलितों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न के केस में 101 लोगों को दोषी ठहराया गया था। अब इन्हें अदालत ने इस आधार पर राहत दी है कि यह मामला 10 साल पुराना है, लेकिन दोषी ठहराए गए इन लोगों ने केस पर असर डालने वाली कोई हरकत नहीं की है। ऐसे में इनके जेल से बाहर रहने से केस पर कोई खास असर नहीं होगा। इसी को आधार बनाते हुए कोर्ट ने इन लोगों को 1 लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। हाई कोर्ट की धारवाड़ बेंच के जस्टिस एस. हरीश कुमार और जस्टिस टीजी शिवशंकर गौड़ा इन लोगों की सजा को निलंबित कर दिया है और उन्हें बेल दे दी। बेंच ने कहा कि इस केस में निचली अदालत ने 10 साल में फैसला सुनाया और इस दौरान ये सभी लोग जमानत पर ही थे। लेकिन इनकी ओर से ऐसी कोई हरकत नहीं की गई, जिससे पीड़ितों के परिवारों को कोई परेशानी हो या फिर केस प्रभावित हो। ऐसे में इन्हें बेल दी जा सकती है क्योंकि इनके बाहर रहने पर किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं दिखती। वहीं एससी-एसटी ऐक्ट में दोषी करार दिए गए इन लोगों के वकील ने कहा कि यह मामला 10 साल पुराना है। अब तो पीड़ित और ये लोग सभी घटना को भूल चुके हैं। फिलहाल दोनों ही पक्षों के परिवार और समाज के लोग शांति के साथ गांव में रहते हैं। इस पर बेंच ने भी सहमति दिखाई। इन्हीं तर्कों और तथ्यों के आधार पर बेल दे दी। बेंच ने कहा, ‘सभी आरोपी ट्रायल के दौरान बेल पर थे। ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि इन लोगों ने बेल का गलत इस्तेमाल किया हो। पीड़ितों को जो चोटें आई हैं, वे सामान्य ही हैं। उनके जलाए हुए घरों की तस्वीरें भी सामने आई हैं। हमारी राय है कि निचली अदालत के फैसले पर विचार करने की जरूरत है और तब के लिए सजा को निलंबित किया जाता है।’ यह घटना 28 अगस्त, 2014 की है, जब कुछ दलितों को मारकुंबी गांव के सैलून और होटलों में एंट्री देने से मना कर दिया गया था। यह गांव कोप्पल जिले के गंगावटी तालुके में आता है। इसी दिन हिंसा भड़क गई थी और फिर आरोपी है कि कथित ऊंची जातियों के तमाम लोगों ने इन पर ईंट, पत्थर और डंडों से हमला बोल दिया था। इस दौरान बड़े पैमाने पर दलितों को पीटा गया था, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। यहां तक कि बुजुर्ग लोगों तक को पीटा गया और उनके घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। इस मामले में 25 अक्टूबर को ही कोप्पल की जिला अदालत ने 101 लोगों को दोषी करार दिया था और उनमें से 98 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

पुणे की तीन सीटों पर शरद पवार ने दांव चल दिया है, जिससे अजित पवार को चौकाया, तोड़े तीन सीटों पर 3 नेता

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अब लगभग आखिरी दौर में है। प्रचार में 5 दिन का ही वक्त बचा है और उससे पहले शरद पवार ने बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है। उन्होंने पुणे की दो सीटों पर अजित पवार के सहयोगियों को शामिल कर लिया है तो वहीं एक सीट पर भाजपा के बड़े नेता को अपने पाले में ले आए हैं। इस तरह पुणे की तीन सीटों पर शरद पवार ने दांव चल दिया है, जिन पर अजित पवार और भाजपा खुद को मजबूत मानकर चल रहे थे। अजित पवार के साथी सुनील तटकरे के करीबी और पीएमसी बैंक के पदाधिकारी भी पार्टी में शामिल हो गए हैं। विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण में शरद पवार पश्चिमी महाराष्ट्र पर फोकस कर रहे हैं। इस बार फोकस बैठकों, रोड शो और दूसरे नेताओं को पार्टी में लाने पर है। शरद पवार ने आज पुणे और रायगढ़ में पार्टी में कई नेताओं को एंट्री दिलाई। इससे महायुति को झटके की आशंका है। वड़गांव शेरी निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व एनसीपी नगरसेवक रेखा टिंगरे और चंद्रकांत टिंगरे ने एनसीपी-एसपी का दामन थाम लिया है। इनके अलावा दिलीप तुपे और अनिल तुपे भी पार्टी में आए गए हैं। इन लोगों का पुणे की हड़पसर सीट पर असर माना जाता है। इसके अलावा धनकवाड़ी के समीर धनकावड़े की भी पार्टी में एंट्री हुई है। वड़गांव शेरी से रेखा टिंगरे शरद पवार की पार्टी में शामिल हो गई हैं। रेखा टिंगरे 2022 में बीजेपी में शामिल हुई थीं, लेकिन चार महीने पहले ही वह अजित पवार की एनसीपी में शामिल हो गईं थीं। अब चुनाव से पहले उन्होंने एक बार फिर से पालाबदल किया है। वडगांवशेरी में सुनील टिंगरे को हराने के लिए शरद पवार उन्हें साथ लाए हैं। दोनों की प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर है क्योंकि एक दौर में रेखा टिंगरे ने सुनील टिंगरे से अदावत के चलते ही एनसीपी छोड़ दी थी। दिलीप तुपे पुणे नगर निगम की स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं, इसलिए तुपे का अपने क्षेत्र में काफी दबदबा है। तुपेवाड़ी या तुपेगांव का हड़पसर में बड़ा प्रभाव है। यह निर्वाचन क्षेत्र काफी बड़ा है और तुपे का यहां एक इलाके में अच्छा असर है। इस तरह शरद पवार ने इन नेताओं को साथ लाकर अजित पवार और भाजपा के खेमे में सेंध लगाने की कोशिश की है।

केदारनाथ उपचुनाव के बीच बोले – पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी कह दिया खटा खट

देहरादून. उत्तराखंड में उपचुनाव के बीच कांग्रेस ने एक बार फिर चुनाव के बीच खटा खट शब्द का प्रयोग किया है। इस बार ये शब्द पूर्व सीएम हरीश रावत ने इस्तेमाल किया है। बीते दिनों से महाराष्ट्र और झारखंड में भी राहुल गांधी ने खटाखट शब्द को अपने संबोधनों में इस्तेमाल किया। बता दें कि सबसे पहले राहुल गांधी ने खटा खट शब्द का इस्तेमाल किया जिसके बाद ये शब्द सियासत का केंद्र बन गया। भाजपा ने कई बार राहुल गांधी के खटाखट शब्द का मजाक भी बनाया। लेकिन बीते दिनों से महाराष्ट्र और झारखंड में भी राहुल गांधी ने खटाखट शब्द को अपने संबोधनों में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। केदारनाथ उपचुनाव के लिए 20 नवंबर को मतदान होना है। ऐसे में चुनाव प्रचार अंतिम चरण में है। जिसके लिए भाजपा,कांग्रेस समेत सभी सियासी दलों ने पूरा जोर लगा दिया है। इस बीच कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने केदारनाथ की जनता से कांग्रेस के प्रत्याशी के पक्ष में वोट के लिए खटा खट वोट डालने की अपील की है। हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लिखा कि पिछले दिनों केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव के लिए केदारघाटी के विभिन्न गांवों ओर बाजारों में जनसंपर्क किया, जिसमें मैंने अपने बोडा, बोड़ी, भुल्ला, भुल्ली, दीदियों ते प्रणाम क्यारी और कांग्रेसक एक भौत अच्छूँ नेता/प्रत्याशी मनोज रावत क पक्ष म आन वाली 20 तारीक़ा कुन खटा खट वोट डलनाकुन ब्वाल। हमर केदारनाथ और केदारियत तभी सुरक्षित रियाल जब हम विधानसभा म एक भौत अच्छूँ नेता ते ये चुनाव म चुनिकन भिजला। मीते पूरी उम्मीद ची मनोज हमर केदारक मान सम्मान ते हमेशा बनेकन रखल। बीजेपी ने राहुल गांधी के बयान को ‘हास्यास्पद’ बताया, जानिए पूरा मामला हरीश रावत ने गढ़वाली में जनता से अपील करते हुए कहा कि 20 तारीख को सभी लोगों ने मनोज रावत के समर्थन में खटाखट वोट डालना है। हमारा केदारियत तभी सुरक्षित रहेगा जब विधानसभा में एक बहुत अच्छा नेता चुनकर भेजेंगे।

शहडोल में बिरसा मुंडा जंयती पर जनजातीय कार्यक्रम की तैयारी पूर्ण, PM वर्चुअली संबोधित करेंगे

शहडोल भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर शुक्रवार 15 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम शहडोल के बाणगंगा मेला मैदान में होना है। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला प्रमुख रूप से शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करेंगे। इसमें 50 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए कार्यक्रम स्थल पर टेंट और कुर्सियों की व्यापक व्यवस्था की गई है। बाणगंगा मेला मैदान में कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने लिया। उन्होंने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को बुलाकर स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं पर चर्चा की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक भी मौजूद थे और उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 700 से अधिक सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। जिले में मौजूद 250 बलों के अलावा अन्य जिलों से 336 पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं। इसके साथ ही दो कंपनियों और अनूपपुर एवं उमरिया जिलों से 40-40 बलों की व्यवस्था की गई है। बाहरी जिलों से एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और चार डीएसपी स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सुरक्षा बल हैलीपैड से लेकर पूरे मार्ग और मंच तक हर जगह तैनात रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान यातायात को डायवर्ट कर दिया गया है। डीएसपी यातायात मुकेश दीक्षित ने बताया कि कटनी और अनूपपुर की ओर आने-जाने वाले वाहनों को बाहरी रास्ते से जाना पड़ेगा। वीआईपी कार्यक्रम के चलते शहर के वाहनों को भी बाहरी मार्ग से निकालने की व्यवस्था की गई है। वीआईपी आगमन के लिए चार स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने के लिए बिहार के जमुई का दौरा करेंगे. प्रधानमंत्री सुबह करीब 11 बजे भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट का अनावरण करेंगे. पीएम इस दौरान 6,640 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे. प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत बने 11,000 आवास के गृह प्रवेश समारोह में भाग लेंगे. पीएम आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच बढ़ाने के लिए पीएम-जनमन के तहत शुरू की गई 23 मोबाइल मेडिकल यूनिट और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत अतिरिक्त 30 एमएमयू का भी उद्घाटन करेंगे. 10 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन इसके अलावा प्रधानमंत्री आदिवासी उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और आजीविका में मदद के लिए 300 वन धन विकास केंद्रों का उद्घाटन करेंगे. साथ ही आदिवासी छात्रों के लिए करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से 10 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन करेंगे. वे मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और जबलपुर में दो आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालयों और श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर और गंगटोक, सिक्किम में दो आदिवासी शोध संस्थानों का भी उद्घाटन करेंगे, ताकि आदिवासी समुदायों के समृद्ध इतिहास और विरासत का दस्तावेजीकरण और संरक्षण किया जा सके. नई सड़कों और सामुदायिक केंद्रों का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी जनजातीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 500 किलोमीटर नई सड़कों और सामुदायिक केंद्रों के रूप में काम करने वाले 100 बहुउद्देश्यीय केंद्रों की आधारशिला रखेंगे. वे जनजातीय बच्चों की शिक्षा के लिए 1,110 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 25 अतिरिक्त एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की आधारशिला भी रखेंगे.

कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुलेआम बयान देते हैं कि वो आरक्षण को खत्म कर देंगे: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। उन्होंने छत्रपति संभाजी नगर में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, “पिछले 10 वर्षों से OBC समाज का प्रधानमंत्री इन्हें बर्दाश्त ही नहीं हो रहा है। कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुलेआम बयान देते हैं कि वो आरक्षण को खत्म कर देंगे।” विकास पर नहीं बटवारे पर भरोसा करती है कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कांग्रेस पार्टी सरकार बनाने के लिए विकास पर नहीं बटवारे पर भरोसा करती है। कांग्रेस दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को आगे बढ़ने से रोकती है ताकि सत्ता पर पीढ़ी दर पीढ़ी इनका कब्जा बना रहा है इसलिए कांग्रेस शुरू से ही आरक्षण के खिलाफ रही है।” सूखे के खिलाफ ठोस प्रयास शुरू की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “महाविकास अघाड़ी वालों ने महाराष्ट्र के परेशानियों को बढ़ाने के अलावा कोई काम नहीं किया है। मराठवाड़ा में लंबे समय से पानी का संकट रहा है लेकिन कांग्रेस और अघाड़ी वाले हमेशा हाथ पर हाथ धरे रहें। हमारी सरकार में पहली बार सूखे के खिलाफ ठोस प्रयास शुरू की।” 20 नवंबर को होंगे महाराष्ट्र में चुनाव महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार तेज हो गया है और सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) दोनों ही मतदाताओं को लुभाने के प्रयास कर रहे हैं। मतदान 20 नवंबर को होना है और मतगणना 23 नवंबर को होगी। 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 105 सीटें जीतीं, शिवसेना ने 56 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीतीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में एमवीए ने 48 में से 30 सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि महायुति केवल 17 सीटें जीत सकी।

एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद देवली-उनियारा में तनाव जैसा माहौल

जयपुर राजस्थान में एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद देवली-उनियारा में तनाव जैसा माहौल है। नरेश मीणा समर्थकों ने जगह-जगह जाम लगा दिया कई जगह पत्थरबाजी की है।राजस्थान में एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद देवली-उनियारा में तनाव जैसा माहौल है। नरेश मीणा समर्थकों ने जगह-जगह जाम लगा दिया कई जगह पत्थरबाजी की है। पुलिस के नरेश मीणा के समर्थकों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।  राजस्थान पुलिस के ADG विजय बंसल भारी पुलिसबल के साथ करीब 12 बजे समरावता गांव पहुंचे। उन्होंने पहले नरेश मीणा को सरेंडर करने के लिए कहा। मगर, उनके समर्थक पुलिस का विरोध करने लगे, जिसके चलते पुलिस को आंसू गैंस के गोले छोड़ने पड़े। मामला बिगड़ने से पहले पुलिस ने नरेश मीणा को एक बख्तरबंद गाड़ी में बैठाया और तुरंत गांव से निकल गई। नरेश मीणा ने पुलिस हिरासत में जाने से करीब 20 मिनट पहले एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में पूर्व कांग्रेस नेता ने कहा, ‘मैं समरावता गांव के अंदर बैठा हूं। पुलिस ने इस गांव को चारो तरफ से घेरकर नाकाबंदी कर रखी है। पुलिस किसी को गांव के अंदर आने नहीं दे रही है। मेरी आप सभी से अपील है कि तुम सब पुलिस को घेरकर उनकी नाकेबंदी कर दो, और चक्का जाम कर दो।

भाजपा या कांग्रेस को नुकसान?, छत्तीसगढ़-रायपुर दक्षिण में सवा लाख लोगों ने नहीं किया मतदान

रायपुर। रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट का चुनाव आखिरकार संपन्न हो गया. बिना किसी ठोस मुद्दे के लड़े गए इस चुनाव में क्षेत्र के 2 लाख 73 हजार मतदाताओं में से 51 फीसदी मतदान के हिसाब से 1 लाख 25 हजार से ज्यादा लोग मतदान करने ही नहीं गए. मतदाताओं की इस बेरुखी का परिणाम क्या होगा, अब इस बात का आंकलन करने में विश्लेषक जुटे हैं. 2023 विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार करीब 10 प्रतिशत कम मतदान हुआ है. 2023 के विधानसभा चुनाव में रायपुर दक्षिण में 60.20 प्रतिशत मतदान हुआ था. वहीं 2018 के विधानसभा चुनाव में 61.70 प्रतिशत मतदान हुआ था. इन चुनावों में महिला मतदाताओं ने पुरुषों की तुलना में ज्यादा उत्साह दिखाया था. उप चुनाव के दौरान विधानसभा क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से 25 हजार ज्यादा होने की वजह से अनुमान जताया जा रहा है कि इस बार भी महिलाएं बड़ी तादात में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगी. लेकिन महिलाओं की सशक्त भागीदारी देखने को नहीं मिली, वहीं पुरुषों या फर्स्ट टाइम वोटर ने भी वोट देने में इसलिए रुचि नहीं दिखाई. जानकार मानते हैं कि मतदाताओं के बूथ तक नहीं पहुंचने के पीछे एक बड़ी वजह इस चुनाव का विधानसभा की तस्वीर में नहीं पड़ने वाला असर है. इस चुनाव की वजह से न तो भाजपा सत्ता से जा रही है, और न ही कांग्रेस फिर से सत्ता में वापसी कर रही है. इसके अलावा जानकार मानते हैं कि प्रत्याशी भी मतदाताओं के बीच उत्साह पैदा करने में नाकामयाब रहे. वहीं पार्टियां भी ऐसा कोई मुद्दा नहीं उठा पाईं, जिससे मतदाता मतदाता मतदान केंद्रों में जाने के लिए उतावले हों. जानकार मानते हैं कि भले ही इस परिणाम की विधानसभा की तस्वीर बदलने में कोई अहम भूमिका न हो, मुद्दा विहिन प्रत्याशी और पार्टियों के बीच मतगणना जरूर रुचि पैदा करेंगे. कम वोटिंग की वजह से मतों का अंतर भी कम रहेगा, और यदि यह आंकड़ा हजार से घटकर सैकड़ा तक पहुंच गया तो फिर नया तूफान खड़ा हो जाएगा. खैर, परिणाम जो भी भाजपा और कांग्रेस के लिए एक-दूसरे पर हमला करने के लिए नया मुद्दा जरूर मिल जाएगा.

स्वामित्व योजना से 42 हजार आबादी ग्रामों में 38 हजार ग्रामों में नक्शों का संशोधन

भोपाल ग्रामवासियों को उनकी संपत्ति पर संपूर्ण हक का अभिलेख देने के लिए शुरू की गई स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। स्वामित्व योजना में भारत सरकार की सर्वेक्षण इकाई सर्वे आफ इंडिया की सहायता से पहली बार ग्रामों में बसाहट क्षेत्र पर ड्रोन उडाकर नक्शों का निर्माण और इसके आधार पर डोर-टू-डोर सर्वे के माध्यम से अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया जा रहा है। स्वामित्व योजना में 2018 के पूर्व से निवासरत संपत्ति धारकों के अधिकार अभिलेख तैयार किए जा रहे है। आबादी भूखंड स्वामी उसके खसरा, प्लाट की डिजिटली प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त कर विभिन्न सेवाओं जैसे कि-बैंक से ऋण, भूखंड की खरीद-बिक्री, भूखंड का नामांतरण, बटवारा, विवाद रहित स्वामित्व आदि सेवाओं का लाभ तत्काल प्राप्त कर सकते है। प्रदेश में ड्रोन फ्लाईंग का कार्य शुरू कर लक्षित 36 लाख अधिकार अभिलेखों में 29 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। साथ ही प्रदेश के लक्षित 42 हजार आबादी ग्रामों में से 38 हजार ग्रामों में नक्शों का संशोधन कार्य पूरा कर लिया गया है और 28 हजार 864 ग्रामों के अधिकार अभिलेखों का कार्य पूर्ण कर भू-अभिलेख पटल पर उपलब्ध करवा दिए गए है। आयुक्त, राजस्व ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि स्वामित्व योजना का प्रदेश में दिसम्बर 2024 तक क्रियान्वयन पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आयुक्त, राजस्व ने बताया कि स्वामित्व योजना क्रांतिकारी योजना है इससे व्यापक आर्थिक और समाजिक बदलाव आएगा। यह योजना ग्रामों की संपत्ति को पूंजी में बदलेगी।  

उत्तराखंड में बैकुंठ चतुर्दशी में संतान की प्राप्ति के लिए यहां होता है विशेष अनुष्ठान

देहरादून. आज बैकुंठ चतुर्दशी है। हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार आज के दिन विष्णु और शिव भगवान की आराधना करने वालों की मनोकामना पूरी होती है। आज के दिन दिये जलाने का विशेष महत्व है। उत्तराखंड में दो ऐसे सिद्धपीठ मंदिर है जहां आज संतान की प्राप्ति के लिए दंपत्ति विशेष पूजा अर्चना करते हैं। रुद्रप्रयाग में क्रौंच पर्वत पर विराजमान भगवान कार्तिक स्वामी के तीर्थ में दो दिवसीय बैकुंठ चतुर्दशी मेला आयोजित होता है। रात को कार्तिक स्वामी मंदिर परिसर में रातभर अखंड जागरण और कीर्तन भजनों का आयोजन होता है। निसंतान दंपतियों की ओर से रातभर हाथों में प्रज्वलित दीप लेकर संतान प्राप्ति की कामना की जाएगी। निसंतान दंपति हाथों में रातभर जलता दीया लेकर संतान प्राप्ति की कामना करते हैं। संतान प्राप्ति की रात 9 बजे, 12 बजे, 3 बजे और 15 नवंबर को ब्रह्म बेला पर सुबह 6 बजे चारों पहर की चार आरतियां उतारी जाएंगी। अंतिम आरती के साथ अखंड जागरण, कीर्तन भजनों का समापन होगा। बैकुंठ चतुर्दशी के पावन अवसर पर निसंतान दंपति हाथों में रातभर जलते दीपक लेकर संतान प्राप्ति की कामना करेंगे। 15 नवंबर को दिन भर श्रद्धालु पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करेंगे। पौराणिक मान्यता है कि कार्तिक मास की बैकुंठ चतुर्दशी को शिव-पार्वती पुत्र कार्तिकेय को मिलने के लिए कैलाश से क्रौंच पर्वत आए थे। लेकिन कार्तिकेय क्रौंच पर्वत से चार कोस दूर हिमालय की ओर चले गए। शिव पार्वती समेत 33 कोटि देवी-देवताओं ने बैकुंठ चतुर्दशी की रातभर कुमार कार्तिकेय की स्तुति की। 33 कोटि देवी-देवता क्रौंच पर्वत पर ही पाषाण रूप में तपस्यारत हुए। पौड़ी जिले के श्रीनगर में बैकुंठ चतुर्दशी मेले में कमलेश्वर महादेव मंदिर में हर साल संतान प्राप्ति के लिए विशेष अनुष्ठान किया जाता है। मान्यता है कि कमलेश्वर महादेव मंदिर में दंपति अपनी मनोकामना पूर्ण करने के उद्देश्य से पूरी रात भगवान शिव की आराधना करते हैं। यहां पर पूरे विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना होती है।  

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा नेता इरफान सोलंकी की सजा पर नहीं लगाई रोक, जमानत मंजूर

प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कब्जे के लिए महिला का घर जलाने के मामले में सात साल की सजा पाए कानपुर के सीसामऊ सीट से सपा विधायक रहे इरफान सोलंकी की जमानत मंजूर कर ली है। हालांकि कोर्ट ने सजा पर रोक नहीं लगाई है। साथ ही सजा बढ़ाने की राज्य सरकार की अपील चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने गुरुवार को खुली अदालत में सुनाया। खंडपीठ ने इरफान सोलंकी और राज्य सरकार की अपीलों पर लंबी सुनवाई के बाद गत आठ नवंबर को फैसला सुरक्षित कर लिया था। मामले के तथ्यों के अनुसार, कानपुर की स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए ने जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा ने घर जलाने के मामले में विधायक इरफान सोलंकी व उनके भाई रिजवान सोलंकी सहित पांच लोगों को गत सात जुलाई 2024 को सात साल कैद की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर स्पेशल कोर्ट के इस आदेश को चुनौती दी गई। अपील में सजा रद्द करने व अंतिम निर्णय आने तक जमानत देने व सजा पर रोक लगाने की मांग की गई। उधर राज्य सरकार ने सजा बढ़ाकर उम्रकैद करने की मांग में अपील दाखिल की। जानें पूरा मामला बता दें कि जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा ने घर जलाने के मामले में कानपुर की सीसामऊ विधानसभा के निवर्तमान विधायक इरफान सोलंकी व उनके भाई रिजवान सोलंकी पर मुकदमा दर्ज कराया था। एमपी-एमएलए कोर्ट ने 7 जुलाई 2024 को इरफान सोलंकी समेत पांच लोगों को सात साल की कैद की सजा सुनाई है। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए अपील दाखिल की गई है। सजा के चलते इरफान सोलंकी की विधानसभा सदस्यता रद्द हो गई है। सजा पर रोक लगती है तो सदस्यता बहाल हो जाएगी।

खाद्य मंत्री राजपूत ने प्रस्तावित मिलर्स नीति के संबंध में मिलर्स से की चर्चा

भोपाल अच्छी एवं समय पर मिलिंग करने वाले‍मिलर्स को प्रोत्साहित किया जायेगा, साथ ही गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। गुणवत्ता के लिये जहां जरूरी होगा, वहां सख्ती भी की जायेगी। मिलर्स नीति के संबंध में आपके द्वारा दिये गये सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार करेंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने यह बात खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 की प्रस्तावित मिलिंग नीति के संबंध में मिलर्स से चर्चा के दौरान कही। मंत्री राजपूत ने कहा कि मिलर्स की सुविधा के लिये वेयर हाउस, नॉन एवं खाद्य संचालनालय में नोडल अधिकारी बनाये जायेंगे। हमारी पूरी टीम आपका पूरा सहयोग करेगी। मिलर्स साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि इस वर्ष उपार्जन का कार्य नोडल एजेंसी नागरिक आपूर्ति निगम के साथ-साथ एनसीसीएफ एवं केन्‍द्रीय भण्‍डारण के द्वारा भी किया जाएगा। किसानों की सुविधा एवं अन्‍य समस्‍याओं के निराकरण के लिए तथा समन्‍वय के लिए मिलिंग नीति 2024-25 का प्रारूप खाद्य आयुक्त के देखरेख में तैयार किया जाएगा। इसके अलावा खाद्य आयुक्‍त समय सीमा में मिलिंग कार्य कराने की समस्‍त कार्रवाई अपनी निगरानी में पूर्ण करायेगें। उपार्जन केन्द्र में रखा जायेगा मॉयश्चर मीटर खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों में धान की नमी चेक करने के लिये मॉयश्चर मीटर रखा जायेगा। नमी चेक करने के बाद ही एफएक्यू के आधार पर धान की खरीदी की जायेगी। उन्होंने कहा कि मिलर्स उपार्जन केन्द्र से सीधे धान उठायें। इससे परिवहन एवं भण्डारण व्यय में कमी आयेगी। मिलर्स के लंबित भुगतान एवं अपग्रेडेशन राशि के संबंध में जल्द काईवाई की जायेगी। बैठक में खाद्य आयुक्‍त सिबी चक्रवर्ती ने बताया कि इस वर्ष गत वर्षो से दोगुनी मात्रा से अधिक मात्रा में चावल का परिदान भारतीय खाद्य निगम को किया जाना है। भारतीय खाद्य निगम को नियत समय सीमा में चावल का परिदान के लिये विभाग के पोर्टल पर पंजी‍कृत मिलर्स को उनकी मिलिंग क्षमता के अनुसार चावल परिदान की जानकारी दर्ज करनी होगी। इस आधार पर ही मिलर्स के लिये भारतीय खाद्य निगम में चावल परिदान की कार्य योजना तैयार की जाऐगी। एमडी नागरिक एवं आपूर्ति निगम पी.एन. यादव ने प्रस्तावित नीति 2024-25 के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। प्रस्तावित नीति के संबंध में मिलर्स ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। इस दौरान प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, अन्य अधिकारी तथा मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने एक नए आदेश में उन्होंने 16 पीठों को नए मामलों के आवंटन के लिए एक नया रोस्टर जारी किया

नई दिल्ली भारत के नए चीफ जस्टिस संजीव खन्ना अपना पद संभालते ही लगातार नई व्यवस्था बनाने के आदेश दे रहे हैं। एक नए आदेश में उन्होंने 16 पीठों को नए मामलों के आवंटन के लिए एक नया रोस्टर जारी किया है। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि प्रधान न्यायाधीश और दो वरिष्ठतम न्यायाधीशों की अध्यक्षता वाली पहली तीन अदालतें क्रमशः पत्र याचिकाओं और जनहित याचिकाओं की सुनवाई करेंगी। प्रधान न्यायाधीश के आदेश के तहत नए मामलों के आवंटन के लिए रोस्टर को सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री ने अधिसूचित किया और यह 11 नवंबर से प्रभावी हो गया है। नागरिकों द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को लिखे गए पत्रों से उत्पन्न नयी याचिकाओं और नयी जनहित याचिकाओं (पीआईएल) की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश और दो वरिष्ठतम न्यायाधीशों न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ करेंगी। पत्र याचिकाओं और जनहित याचिकाओं के अलावा, प्रधान न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ अधिकतम मुद्दों पर विषयवार विचार करेगी, जिनमें सामाजिक न्याय से संबंधित मामले, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति के चुनाव से संबंधित विवाद और सांसदों और विधायकों के चुनाव से संबंधित अन्य मामले, बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले और मध्यस्थता के मामले शामिल हैं। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ चुनाव संबंधी याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी। डीवाई चंद्रचूड़ ने लगाई थी रोक पूर्व प्रधान न्यायाधीश यूयू ललित सभी पीठों को जनहित याचिकाएं आवंटित करते थे और लेकिन पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने इस प्रथा को बंद कर दिया था। विषयवार मामलों का आवंटन 16 वरिष्ठ न्यायाधीशों को किया गया है जो पीठों की अध्यक्षता करेंगे। न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला, जो पूर्व प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ के साथ पीठ साझा कर रहे थे वह सामान्य दीवानी मामलों के अलावा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर मामलों को भी देखेंगे। इन 16 जजों को मिली जगह सीजेआई सहित तीन वरिष्ठतम न्यायाधीशों के अलावा, अन्य 13 न्यायाधीश हैं- न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय, न्यायमूर्ति एएस ओका, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी, न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना, न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश, न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा, न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति पंकज मिथल।

खरगे के बेटे का योगी को जवाब, घर को रजाकरों ने जलाया था, पूरे मुस्लिम समुदाय ने नहीं, उनकी मां और बहन की जान ले ली थी

बेंगलूरो कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि घर को रजाकरों ने जलाया था, पूरे मुस्लिम समुदाय ने नहीं। दरअसल, हाल ही में सीएम आदित्यनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर हुए हमले का जिक्र किया था। उन्होंने आरोप लगाए थे कि खरगे ने वोट बैंक के चलते इस घटना पर चुप्पी साध रखी थी। प्रियांक खरगे ने पोस्ट किया, ‘हां योगी आदित्यनाथ जी 1948 में रजाकरों ने खरगे जी का घर जला दिया था और उनकी मां और बहन की जान ले ली थी। लेकिन वह बच गए और 9 बार विधायक, दो बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा सांसद, केंद्रीय मंत्री, लोकसभा के नेता, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के चुने हुए अध्यक्ष बने। इस घटना के बावूजद उन्होंने इसका इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए नहीं किया, कभी विक्टिम कार्ड नहीं खेला और नफरत को कभी पास नहीं आने दिया।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘रजाकरों ने यह घटना को अंजाम दिया, पूरे मुस्लिम समुदाय ने नहीं। हर समुदाय में बुरे लोग होते हैं, जो गलत काम करते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘तो सीएम साहब मुझे बताए कि आपकी विचारधारा खरगे जी को बराबर का देखने में असफल रही। यह इंसानों में फर्क करती है। क्या इससे आप सभी बुरे हो जाते हैं या वो जो इसे मानते हैं।’ प्रियांक ने सवाल किया, ‘किसने उन्हें अछूत या दलित का लेबल दिया। भेदभाव करने वाली विचारधारा का होना समुदाय के सभी लोगों को बुरा नहीं बनाता है। बनाता है क्या?’ उन्होंने कहा, ’82 साल की उम्र में खरगे जी बुद्ध-बासवन्ना-आंबेडकर के मूल्यों के लिए बगैर थके लड़ रहे हैं और आपकी फैलाई हुई नफरत से संविधान को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वह इस जंग को जारी रखेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘तो योगी जी आप अपनी नफरत को कहीं और ले जाओ। आप उनके सिद्धांतों या उनकी विचारधारा पर बुलडोजर नहीं चला पाएंगे।’ कर्नाटक सरकार में मंत्री ने कहा, ‘राजनीतिक फायदे के लिए नफरत के बीज बोने के बजाए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की ‘उपलब्धियों’ पर चुनाव जीतने की कोशिश करें।’

सबसे ज्यादा चंदा देने वाले सेंटियागो मार्टिन के ठिकानों पर ईडी का छापा, कार्रवाई के लिए मद्रास हाईकोर्ट ने दी अनुमति

नई दिल्ली राजनीतिक दलों को सबसे ज्यादा चंदा देने वाले सेंटियागो मार्टिन के ठिकानों पर गुरुवार को ईडी ने रेड की है। लॉटरी किंग के नाम सम मशहूर सेंटियागो के खिलाफ कार्रवाई के लिए मद्रास हाईकोर्ट ने अनुमति दे दी थी। बीते साल भी एजेंसी ने मार्टिन की 450 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति अटैच कर दी थी। खबर है कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में केंद्रीय एजेंसी ने कार्रवाई की है। सूत्रों के हवाले से बताया है कि चेन्नई समेत कई अन्य स्थानों पर मार्टिन से जुड़े ठिकानों पर दबिश दी गई है। तमिलनाडु पुलिस ने मार्टिन समेत कुछ लोगों के खिलाफ दर्ज FIR को बंद करने का फैसला किया था। इसके लिए निचली अदालत ने पुलिस की याचिका को स्वीकार कर लिया था। हालांकि, कुछ समय पहले ही मद्रास हाईकोर्ट ने मार्टिन के खिलाफ ऐक्शन के लिए ईडी को अनुमति दी है। मार्टिन के चेन्नई के घर से 7.2 करोड़ रुपये की बेनामी राशि के मामले में निचली अदालत ने चेन्नई पुलिस क्राइम ब्रांच की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था। इसके बाद बीते महीने हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया और मार्टिन के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति दी थी। केरल में लॉटरी की बिक्री की धोखाधड़ी के चलते सिक्किम सरकार को कथित तौर पर 900 करोड़ रुपये के नुकसान के चलते भी मार्टिन पर कार्रवाई हो चुकी है। बीते साल उसकी 457 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच कर दिया गया था। दरअसल, फ्यूचर गेमिंग सॉल्युशन्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सिक्किम लॉटरीज का डिस्ट्रीब्यूटर है और ईडी मार्टिन की जांच कर रही है। सबसे ज्यादा चंदा दिया ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से इलेक्टोरल बॉन्ड का डेटा जारी किया गया था। इस डेटा के अनुसार, सबसे ज्यादा चंदा लॉटरी किंग मार्टिन ने दिया था। उन्होंने 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे थे। ये बॉन्ड साल 2019 से 2024 के बीच खरीदे गए थे। साल 2019 से ही ईडी मार्टिन की जांच कर रही है।

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