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राष्ट्र रक्षा के लिये भगवान बिरसा मुंडा द्वारा किये गये बलिदान का प्रकटीकरण हो और इससे समाज अवगत हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय गौरव दिवस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “अबुआ दिशोम-अबुआ राज”… अपना देश और अपनी माटी के महत्व का उद्घोष करने वाले और उलगुलान क्रांति से स्वत्व, स्वाभिमान और स्वराज की चेतना जगाने वाले भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आज हम सब उनको सादर नमन करते है। भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय संस्कृति, स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लंबा संघर्ष किया और जनजातीय गौरव का प्रतीक बन गये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके अभूतपूर्व योगदान को स्मरण करने के लिए भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर पर प्रति वर्ष “जनजातीय गौरव दिवस” के आयोजन की परंपरा आरंभ की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल, जंगल, जमीन के रक्षक बिरसा मुंडा ने वर्ष 1893-94 में अंग्रेजों द्वारा वन अधिनियम बनाकर जंगलों पर कब्जा करने का विरोध किया, शोषण के खिलाफ आवाज उठाई और स्वतंत्रता के लिये उलगुलान क्रांति शुरू की। उन्होंने जनजातियों के स्वाभिमान को जगाया और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि यह हमारी धरती है और हम ही इसके रक्षक हैं। अपनी धरती और माटी की रक्षा के लिये जनजातियों ने बिरसा मुंडा के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला। यह क्रांति इतनी प्रभावी थी कि आखिरकार अंग्रेजों ने छोटा नागपुर टेनेंसी कानून पारित किया और जनजातियों को उनका अधिकार प्राप्त हुआ। गौरवमयी अतीत का प्रकटीकरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समाज का गौरवमयी अतीत समाज के सामने लाना और उनकी संस्कृति तथा परंपराओं का संरक्षण है। राष्ट्र रक्षा के लिये उनके द्वारा किये गये बलिदान का प्रकटीकरण हो और इससे समाज अवगत हो, वे अपनी संस्कृति और परंपराओं का महत्व समझें तथा उनमें स्वत्व का बोध हो। समाज, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आज शहडोल और धार जिले में राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। मुझे प्रसन्नता है कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़कर हमारा मार्गदर्शन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन की शुरुआत के साथ जनजातियों के गौरव की पुनर्स्थापना की नींव रखी है। उनका लक्ष्य है अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का विकास करना तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना। जनजातीय समाज के कल्याण के लिये संकल्पित प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प की सिद्धि के लिये मध्यप्रदेश सरकार विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। जनजातीय वर्ग का समग्र विकास ध्येय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर जनजाति न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) योजना की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाना और उनका शैक्षणिक, आर्थिक, स्वस्थ और सामाजिक विकास करना है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि इस योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश की विशेष उपलब्धि रही है। पीएम जन-मन योजना में प्रदेश के 24 जिलों के 118 गांवों में निवासरत बैगा, भारिया एवं सहरिया विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के 11 लाख 35 हजार से अधिक भाई-बहनों को सहायता, रोज़गार और कौशल प्रशिक्षण देकर इन्हें विकास की नई राह से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसमें 7 हजार 300 करोड़ रुपये की लागत से नये स्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास, बहुउद्देशीय केंद्र, सड़क, पुल और आवास सहित अन्य निर्माण कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि पीएम जन-मन योजना में सिवनी जिले का झिंजरई गांव एक आदर्श ग्राम के रूप में विकसित हो चुका है। इस गांव में राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन शत-प्रतिशत हुआ। यही नहीं, छिंदवाड़ा और डिंडौरी जिले में 7 और कटनी में 6 विशेष पिछ़ड़े जनजातीय बहुल गांव आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। शौर्य और पराक्रम जनजातियों का मौलिक स्वभाव है। उनकी इस विशेषता को देखते हुए प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के लिये शौर्य संकल्प योजना के अंतर्गत पीवीटीजी बटालियन गठित की जायेगी। जनजातीय विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य निर्माण के लिये उन्हें प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक, विदेश अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना और परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण का लाभ दिया जा रहा है। बजट वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग के समग्र विकास और कल्याण के लिये हमने इस वित्त वर्ष में 40 हजार 804 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले बजट की तुलना में 23.4 प्रतिशत अधिक है। तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय 3 हजार रुपये प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रुपये किया गया। इससे 35 लाख संग्राहक लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश में जनजातीय विकास की अधोसंरचनाओं के निर्माण के लिये विशेष तकनीकी समूह तैयार करने का निर्णय लिया गया। रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में अधिकतम 3900 रुपये प्रति हेक्टेयर की अतिरिक्त सहायता राशि स्वीकृत की गई। प्रदेश में जनजातियों को जल, जंगल, जमीन और श्रमिकों के अधिकारों की जानकारी तथा इनके संरक्षण और सांस्कृतिक परंपराओं की सुरक्षा के लिये पेसा अधिनियम लागू किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के समग्र विकास और उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में विशेष पहल करते हुए 2 अक्टूबर, 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आरंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में जनजातीय आबादी के लिए समान अवसरों का सृजन, सामाजिक-आर्थिक स्तर का विकास, बुनियादी ढांचे का सुधार और स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आजीविका के क्षेत्र में ठोस प्रगति करना है। हमारा लक्ष्य प्रदेश के 267 विकासखंडों में स्थित 11 हजार 377 जनजातीय बहुल गांव का सर्वांगीण विकास करना है। यही नहीं, इस योजना में केंद्र सरकार द्वारा देशभर में 100 जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार तैयार करने की योजना है। प्रदेश के 19 जिलों में जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इसमें जनजातियों की पुरातन कला, संस्कृति के प्रतीक, शिल्पकारी, चित्रकारी, खिलौने, मिट्टी व बांस से तैयार उत्पाद आदि का प्रदर्शन किया जायेगा। इससे पारंपरिक कला संस्कृति समृद्ध होने के साथ जनजातीय वर्ग का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण होगा। मध्यप्रदेश, मोदी जी के संकल्प को करेगा साकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे इस बात से संतोष है कि भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज के स्वाभिमान और उत्थान के लिये जो स्वप्न देखा था, वह आज प्रधानमंत्री … Read more

BMO को हटाने की मांग पर अड़े, छत्तीसगढ़-रामानुजगंज के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने खोला मोर्चा

बलरामपुर। जिले के रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) हेमंत दीक्षित के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं. संघ ने उन पर कर्मचारियों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. इस मुद्दे को लेकर संघ ने उच्च अधिकारियों को पहले ही शिकायत पत्र सौंपा था, लेकिन मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों का कहना है कि प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा लगातार उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे उनका कार्य करना मुश्किल हो गया है. इस स्थिति से तंग आकर कर्मचारियों ने आज फिर से एकदिवसीय हड़ताल पर जाने का फैसला किया. हड़ताल के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं. उन्होंने जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

तख्तापलट के बाद बांग्लादेश की सत्ता संभाल रही अंतरिम सरकार लगातार कट्टरपंथ की ओर झुकाव

ढाका शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश की सत्ता संभाल रही अंतरिम सरकार लगातार कट्टरपंथ की ओर झुकाव दिखा रही है। देश की स्थापना करने वाले शेख मुजीबुर रहमान के अपमान से लेकर बंगाली राष्ट्रवाद तक से अब किनारा किया जा रहा है और पाकिस्तान की विचारधारा की तरफ झुकाव बढ़ा है। इस बीच बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि देश में सेकुलरिज्म की ही कोई जरूरत नहीं है। बांग्लादेश के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद असदुज्जमां ने ऐसा कहा है। बांग्लादेशी अखबार Prothom Alo के अनुसार हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान असदुज्जमां ने यह बात कही। उन्होंने हाई कोर्ट में देश के संविधान में 15वें संशोधन के खिलाफ दायर अर्जी पर सुनवाई के दौरान ऐसा कहा। यह संविधान संशोधन शेख हसीना सरकार के दौर में 3 जुलाई, 2011 को हुआ था। इसी संशोधन के तहत देश को सेकुलर घोषित किया गया था और शेख मुजीबुर रहमान को राष्ट्रपिता माना गया था। महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने को भी इसके तहत मंजूरी मिली थी। एक तरह से उस संविधान संशोधन को बांग्लादेश की राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जाता है। अब उसे ही हटाने की तैयारी है। बांग्लादेश के अटॉर्नी जनरल ने अदालत में कहा कि यहां तो 90 फीसदी आबादी मुसलमानों की है। फिर सेकुलरिज्म जैसी चीज की यहां क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति संविधान के अनुच्छेद VIII में सेकुलरिज्म को रखना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले तो अल्लाह पर भरोसा रखने की बात कही जाती थी। अटॉर्नी जनरल ने मोहम्मद यूनुस सरकार से अपील की है कि इस संविधान संशोधन को खत्म किया जाए और पहले वाले नियम ही लागू किए जाएं। केस की सुनवाई के दौरान बांग्लादेश के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि हमारे देश का आधिकारिक धर्म तो इस्लाम ही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि देश में हिंदू समेत तमाम अल्पसंख्यक रहते हैं तो उन्हें भी अधिकार है कि वे अपने तरीके से धर्म का पालन कर सकें और पूजा-पाठ करें। हालात यह हैं कि नई सरकार अब संविधान में बंगाली राष्ट्रवाद को भी हटाने की बात कर रही है। बांग्लादेश के अटॉर्नी जनरल ने इसे लेकर कहा कि संविधान के आर्टिकल 9 में बंगाली राष्ट्रवाद की बात कही गई है, लेकिन यह गलत है। ऐसा करना तो उन दूसरी भाषाओं के लोगों का अपमान है, जिन्होंने स्वतंत्रता के संघर्ष में हिस्सा लिया था। इसलिए इसे हटा देना चाहिए। माना जा रहा है कि बंगाली राष्ट्रवाद की बजाय इस्लाम के आधार पर राष्ट्र की अवधारणा की ओर जाने का विचार बांग्लादेश की नई सरकार का है।

राज़्यपाल ने जारी किए आदेश, छत्तीसगढ़ के सेवानिवृत्त जज गोविंद मिश्रा बनाए गए मानवाधिकार आयोग के सदस्य

रायपुर। सेवानिवृत्त न्यायाधीश गोविंद मिश्रा को छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है. राज्यपाल रमेन डेका ने सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गोविंद कुमार मिश्रा को छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग का सदस्य नियुक्त किया है. राजभवन से जारी आदेश के अनुसार, गोविंद मिश्रा की नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी. राज्यपाल रमेन डेका ने सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गोविंद कुमार मिश्रा को छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग का सदस्य नियुक्त किया है. राजभवन से जारी आदेश के अनुसार, गोविंद मिश्रा की नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी. छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग का सेवानिवृत्त न्यायाधीश गोविंद मिश्रा को सदस्य नियुक्त किया गया है.

बैढ़न नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्यवाही, एक गिरफ्तार, 5 लाख रूपये की हिरोइन बरामद

सिंगरौली पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता गुप्ता, जिला सिंगरौली द्वारा अवैध मादक पदार्थ के परिवहन एवं बिक्री करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने हेतु आदेशित किया गया जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिंगरौली श्री शिव कुमार वर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक श्री पी.एस. परस्ते के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरी. अशोक सिंह परिहार एवं उनकी गठित टीम द्वारा अवैध मादक पदार्थ हिरोइन / स्मैक के तस्कर पर प्रभावी कार्यवाही की गई। संक्षिप्त विवरण –  थाना बैढ़न में दिनांक 13.11.2024 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी चंद्र प्रकाश शाह पिता खजांती प्रसाद शाह उम्र 32 वर्ष सा. बलियरी थाना बैढ़न जिला सिंगरौली का अवैध मादक पदार्थ हेरोइन / स्मैक बिक्री रखा है मुखबिर की सूचना विश्वसनीय होने की वजह से तत्काल सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा निर्देश पर तत्काल टीम गठित कर रेड कार्यवाही की गई आरोपी चंद्र प्रकाश शाह पिता खजांती प्रसाद शाह उम्र 32 वर्ष बलियरी के कब्जे से 48 ग्राम मादक पदार्थ हिरोइन कीमती करीबन 500000 रूपये की बरामद होने पर धारा 8/21,22 एनडीपीएस एक्ट मे जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया। आरोपी चंद्र प्रकाश शाह पिता खजांती प्रसाद शाह उम्र 32 वर्ष सा. बलियरी के विरूध्द पूर्व मे भी मादक पदार्थों के बिक्री के कई प्रकरण पंजीबध्द है। आरोपी से अबैध मादक पदार्थ हिरोईन की खरीद फरोख्त करने वाले ब्यक्तियों के संबंध मे जानकारी प्राप्त कर विवेचना की जा रही है। सराहनीय भूमिका – निरी. अशोक सिंह परिहार, उनि अभिषेक पाण्डेय, सउनि अरविन्द द्विवेदी, सउनि पप्पू सिंह, प्र.आर. धर्मेन्द्र रावत, राजेश सिंह, जितेन्द्र सेंगर आर. अभिमन्यू उपाध्याय प्रियंका गुप्ता, बंदना तिवारी का सराहनीय योगदान रहा।

विजयपुर में 77.76 प्रतिशत एवं बुधनी में 77.07 प्रतिशत मतदान हुआ

भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र. 02-विजयपुर एवं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र. 156-बुधनी में 13 नवम्बर को सफलतापूर्वक मतदान सम्पन्न हुआ। पीठसीन अधिकारियों की डायरी एवं अन्य दस्तावेजों से दर्ज की गई जानकारी के अनुसार दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में हुए मतदान की अंतिम जानकारी निम्नानुसार है- विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र. 02-विजयपुर में कुल 77.76 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां 79.14 प्रतिशत पुरूष मतदाताओं और 76.24 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने मतदान किया। इसी प्रकार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र. 156-बुधनी में कुल 77.07 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां 80.10 प्रतिशत पुरूष मजदाताओं और 73.82 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने मतदान किया। उल्लेखनीय है कि इस मतदान प्रतिशत में पोस्टल बैलेट तथा अनुपस्थित मतदाताओं (Absentee voters) के मतदान की जानकारी सम्मिलित नहीं है। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण सम्पन्न होने पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सिंह ने दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों के सभी मतदाताओं, राजनैतिक दलों, अभ्यर्थियों, मतदान दल में सम्मिलित सभी अधिकारियों/कर्मचारियों, सुरक्षा व्यवस्था में लगे सभी केन्द्रीय पुलिस सुरक्षा बल एवं राज्य के पुलिस बल तथा मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि उप निर्वाचन में शांतिपूर्ण मतदान कराने में सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। 23 नवम्बर को सुबह 8 बजे से आरंभ होगी मतगणना मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुखवीर सिंह ने बताय कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र. 02-विजयपुर की मतगणना शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, जिला श्योपुर एवं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र. 156-बुधनी की मतगणना शासकीय महिला पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, जिला सीहोर में 23 नवम्बर को सुबह 8 बजे से आरंभ होगी।  

2 मेडिकल स्टाफ की मौके पर हुई मौत, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में ट्रक से भिड़ी एम्बुलेंस

जगदलपुर. छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आज सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया. जिले के किलेपाल क्षेत्र में करीब 5 बजे एक एम्बुलेंस ट्रक से टकरा गई. इस हादसे में दो मेडिकल स्टाफ की मौके पर ही मौत हो गई वहीं 6 लोग घायल हो गए हैं. सूचना पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतकों के शव को पीएम के लिए भेज दिया है. वही घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज डिमरापाल भेज दिया गया. जानकारी के अनुसार, एम्बुलेंस किरंदुल स्थित NMDC अस्पताल से रायपुर मेडिकल कॉलेज एक मरीज को लेकर जा रही थी. एम्बुलेंस में मरीज के अलावा कुल 8 लोग सवार थे. इसी दौरान कोडेनार थाना क्षेत्र के अंतर्गत यह हादसा हो गया, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन पुलिस इस मामले में गहराई से जांच कर रहे हैं.

फर्जी बैंक खाता खुलवाकर लेन-देन का आरोप, छत्तीसगढ़ में पूर्व सीएम के करीबी पर ED ने दर्ज किया मामला

रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव के खिलाफ पीएमएलए और एफईओए के तहत मामला दर्ज किया है. इसके पहले तेलीबांधा थाने में केके श्रीवास्तव के खिलाफ 500 करोड़ रुपए का ठेका दिलवाने के नाम से 15 करोड़ रुपए की ठगी करने का अपराध दर्ज किया गया था. बताया जा रहा है कि पुलिस की जांच में पाया गया कि केके श्रीवास्तव ने दिल्ली और मुंबई में जोमैटो तथा स्विगी में काम करने वाले लड़कों के नाम से फर्जी बैंक खाता खुलवाकर 500 करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन किया गया है. इस बात की जानकारी रायपुर पुलिस ने ईडी और आयकर विभाग को पत्र लिखकर दी थी. मामले में अब ईडी ने रायपुर पुलिस की एफआईआर के आधार पर केके श्रीवास्तव के खिलाफ पीएमएलए ‘धन शोधन निवारण अधिनियम‘ (Prevention of Money Laundering Act) और एफईओए ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम’ (Fugitive Economic Offender Act-FEO) के तहत मामला दर्ज किया है. जानकारी के अनुसार, केके श्रीवास्तव ने दिल्ली के रावत एसोसिएट के डायरेक्टर अर्जुन रावत को स्मार्ट सिटी लिमिटेड रायपुर में 500 करोड रुपए का ठेका दिलवाने के नाम से विभिन्न बैंक अकाउंट में 15 करोड़ रुपए डलवाए थे. रावत एसोसिएट्स कंपनी – हाइवे कंस्ट्रक्शन, सरकारी ठेके बिल्डिंग निर्माण और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का काम करती है. कंपनी के डायरेक्टर की केके श्रीवास्तव से मुलाकात 2023 में आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णन के माध्यम से हुई थी. राखड़ और फ्लाई ऐश का काम करने वाले केके श्रीवास्तव ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी बता ठेका दिलाने के नाम पर 15 करोड़ लिया और काम नहीं दिलाया. प्रार्थी ने पुलिस से की गई अपनी शिकायत में लिखा है कि केके श्रीवास्तव ने उन्हें रायपुर बुला प्रदेश के सबसे बड़े नेता से मिलवाया था. बड़े नेता ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा था कि केके भरोसे के आदमी है, आपका काम हो जाएगा. लेकिन काम नहीं होने पर रकम वापसी के लिए तीन-तीन करोड़ के चेक दिए गए, लेकिन सभी चेक बाउंस हो गए. पुलिस के अपराध दर्ज करने की जानकारी लगते ही केके श्रीवास्तव परिवार के साथ फरार हो गया. पुलिस ने उन्हें भगोड़ा घोषित करते हुए दस हजार रुपए का इनाम रख दिया गया. थाने में अपराध दर्ज होने के बाद रायपुर सत्र न्यायालय से जमानत याचिका खारिज होने के बाद केके श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी. केके श्रीवास्तव के अधिवक्ता ने इसे धोखाधड़ी न मानते हुए आपसी लेनदेन का मामला बता जमानत देने का निवेदन किया था. याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने मामले में गंभीर टिप्पणी की थी. पुलिस द्वारा पेश की गई तगड़ी केस डायरी और जमानत विरोध को देखते हुए श्रीवास्तव की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अब ईडी के द्वारा मामला दर्ज करने से केके श्रीवास्तव की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

अंधे कत्ल का खुला राज, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में शराब पीते समय दोस्त के सर पर मारे डंडे

गरियाबंद। छुरा थाना क्षेत्र के कलमीदादर गांव में सोमवार को एक युवक की लाश क्षत-विक्षत हालत में मिली थी. मृतक की पहचान कोड़ामाल निवासी 35 वर्षीय रोमन कवर के रूप में हुई थी. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की तो फोरेंसिक रिपोर्ट हत्या की ओर इशारा कर रही थी. जांच आगे बढ़ी तो पता चला मृतक का आना-जाना कलमीदादर निवासी उसके मित्र टिकेश्वर के घर होता था. शव टिकेश्वर के घर से 50 मीटर दूरी पर ही मिला था. संदेह की सुई टिकेश्वर पर आकर टिक गई. मामले में जब टिकेश्वर से पूछताछ की गई तो उसने हत्या की बात कबूल किया. थाना प्रभारी दिलीप मेश्राम ने बताया कि मामले में आरोपी टिकेश्वर नेताम (30 वर्ष) के खिलाफ धारा 103(1), 238 बीएनएस कायम कर आरोपी को आज विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे गरियाबंद उप जेल भेज दिया गया है. कपड़ों से हुई शव की पहचान, घटना स्थल पर हत्यारा भी था मौजूद घटना 11 अक्टूबर की है, जब मृतक का शव मिला था.धड़ को जंगली जानवरों ने नोच डाला था, सिर भी काफी दूर मिला, सड़ने के कारण शव की पहचान मुश्किल से हुई. शव मिलने के सूचना पर पूरा गांव इकठ्ठा था. हैरान करने वाली बात यह है कि भीड़ के बीच हत्यारा मित्र भी मौजूद था पूरे घटनाक्रम को देख रहा था. गुम सदस्य की तलाश कर रहे परिजनों ने कपड़े से शव की पहचान की थी. शराब के नशे में विवाद ने लिया हत्या का रूप आरोपी टिकेश्वर ने पुलिस को बताया कि 28 अक्तूबर को दोनों रास्ते में मिले थे और दोनों वहां से आरोपी के घर आ गए. आरोपी के बाड़ी में पीछे बैठकर शराब भी पीए. शराब पीते-पीते मामूली विवाद में झगड़ा हुआ तो पास पड़े डंडे से टिकेश्वर ने रोमन के सर पर जोरदार वार किया, जिससे वह मौके पर ही अधमरा हो गया. आरोपी दोस्त ने उसे उसी हाल में छोड़ दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. फोरेंसिक रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने तीन दिन के भीतर हत्यारे को पकड़ लिया.

लाखों रुपये नगदी और ताश के पत्ते जब्त, छत्तीसगढ़-धमतरी में फड़ों पर छापे में 18 जुआरी गिरफ्तार

धमतरी। जुआरियों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर लगे जुआ के फड़ों में छापेमारी कर 18 जुआरियों को जुआ खेलते गिरफ्तार किया है. सभी आरोपियों के पास से 1.03 लाख रुपये नगदी और दो बंडल ताश के पत्ते जब्त किये गए हैं. यह कार्रवाई धारा 3(2) जुआ एक्ट के तहत की गई है। यह कार्रवाई बिरेझर पुलिस चौकी ने ग्राम मड़ेली भाठापारा और चिरईया खार के पास मैदान में की गई है. मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बिरेझर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जुआ खेल रहे आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा. पहले फड़ में 10 जुआरियों से 59,850 रुपये नगद और ताश के पत्ते जब्त किए गए, जबकि दूसरे फड़ में 8 जुआरियों से 43,200 रुपये और ताश के पत्ते जब्त किए गए. सभी आरोपियों के खिलाफ बिरेझर पुलिस चौकी में वैधानिक कार्रवाई की गई है. आरोपियों के नाम और बरामद राशि:—- 0- मुकेश कुमार साहू से 5,450 रुपये 0- नवीन साहू से 6,400 रुपये 0- होमप्रकाश साहू से 6,250 रुपये 0- उत्तम कुमार साहू से 6,400 रुपये 0- शिव कुमार साहू से 5,750 रुपये 0- लोकनाथ साहू से 5,650 रुपये 0- गंगादीन साहू से 5,050 रुपये 0- गजेन्द्र सिंह ठाकुर से 4,650 रुपये 0- किशोर साहू से 7,150 रुपये 0- कुम्भनारायण साहू से 7,100 रुपये 0- योगेश्वर साहू से 5,900 रुपये 0- भीखम साहू से 6,400 रुपये 0- लीलाराम साहू से 4,600 रुपये 0- महेश साहू से 4,850 रुपये 0- किर्तन साहू से 2,700 रुपये 0- अनिल कुमार साहू से 4,900 रुपये 0- थानूराम सिन्हा से 5,500 रुपये 0- अरुण कुमार साहू से 5,350 रुपये

इंदौर में दिखा मोहम्मद शमी का जलवा, लेकिन 7,415 किलोमीटर दूर बैठी टीम इंडिया को मिली राहत

नई दिल्ली इंदौर के होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी मैच में मध्य प्रदेश के खिलाफ बंगाल की टीम के लिए तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी खेलने उतरे। 360 दिनों के अंतराल के बाद मोहम्मद शमी प्रोफेशनल मैच खेलने उतरे। ये उनका कमबैक मैच था। हालांकि, कमबैक मैच के पहले दिन वे थोड़े से फीके नजर आए, क्योंकि उनको कोई विकेट 10 ओवर गेंदबाजी करने के बाद नहीं मिला। हालांकि, दूसरे दिन उनकी गेंदबाजी में वही पुरानी धार नजर आई और उन्होंने सामने वाली टीम के परखच्चे उड़ा दिए। मोहम्मद शमी ने एमपी के खिलाफ 19 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 4 ओवर मेडेन थे। शमी ने कुल 54 रन खर्चे और 4 विकेट अपने नाम किए। उन्होंने 2.80 के रन रेट से रन दिए। भले ही इंदौर में मोहम्मद शमी ने दमदार गेंदबाजी की, लेकिन इसकी धमक 7,415 km दूर (पर्थ) बैठी टीम इंडिया को सुनाई दी और टीम मैनेजमेंट को इससे राहत मिली होगी। मोहम्मद शमी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वे रणजी ट्रॉफी की फॉर्म और फिटनेस के आधार पर टीम में शामिल किए जा सकते हैं। वे जसप्रीत बुमराह के अच्छे जोड़ीदार ऑस्ट्रेलिया में फिर से बन सकते हैं। बता दें कि मोहम्मद शमी ने टीम इंडिया के लिए आखिरी मुकाबला 19 नवंबर 2023 को खेला था, जो वनडे विश्व कप 2023 का फाइनल था। उस मैच के बाद वे क्रिकेट से दूर नजर आए। उनके पैर की सर्जरी हुआ और इससे उबरने में उनको काफी समय लग गया। वे थोड़े समय पहले वापसी कर सकते थे, लेकिन रिहैब के दौरान उनके घुटने में सूजन आ गई थी। ऐसे में थोड़ा अतिरिक्त समय उनकी रिकवरी में लगा और अब फाइनली वे मैदान पर आ चुके हैं और अपने पहले ही मैच की पहली पारी में 4 विकेट निकालकर ऑस्ट्रेलिया जाने की दावेदारी पेश कर चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत को पहला मैच 22 नवंबर से पर्थ में खेलना है।

गोवा की ओर से कश्यप बाकले और स्नेहल कौथांकर दोनों ने ट्रिपल सेंचुरी ठोकी और इन दोनों के बीच 606 रनों की अटूट साझेदारी

नई दिल्ली श्रीलंका के दिग्गज कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने का 18 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त होते-होते बच गया। रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में अरुणाचल प्रदेश और गोवा के बीच खेले जा रहे मैच में दो बड़े रिकॉर्ड बने हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में महज यह दूसरा मौका है, जब एक ही पारी में दो बैटर्स ने ट्रिपल सेंचुरी ठोकी हों। इसके अलावा रणजी क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी भी इस मैच में देखने को मिली। गोवा की ओर से कश्यप बाकले और स्नेहल कौथांकर दोनों ने ट्रिपल सेंचुरी ठोकी और इन दोनों के बीच 606 रनों की अटूट साझेदारी देखने को मिली। गोवा ने अपनी पारी दो विकेट पर 727 रनों पर घोषित कर दी। फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ी साझेदारी का वर्ल्ड रिकॉर्ड श्रीलंका के कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने के नाम दर्ज है। इन दोनों ने 2006 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलंबो में 624 रनों की साझेदारी निभाई थी। अगर गोवा की पारी ना घोषित हुई होती, तो संगकारा और जयवर्धने का यह वर्ल्ड रिकॉर्ड भी आज ध्वस्त हो जाता। इससे पहले अरुणाचल प्रदेश की टीम पहली पारी में महज 84 रनों पर ऑलआउट हो गई थी, जिसमें अर्जुन तेंदुलकर ने 9 ओवर में 25 रन देकर पांच विकेट चटकाए थे। गोवा ने पहला विकेट 12 रनों पर जबकि दूसरा विकेट 121 रनों पर गंवाया था, लेकिन इसके बाद स्नेहल और कश्यप ने टीम को और कोई झटका लगने ही नहीं दिया। कश्यप ने 269 गेंदों पर 39 चौके और दो छक्कों की मदद से 300 रनों की नॉटआउट पारी खेली, जबकि स्नेहल ने 215 गेंदों पर 45 चौके और चार छक्कों की मदद से नॉटआउट 314 रन बनाए। अरुणाचल प्रदेश और गोवा के बीच लग रहा है यह मैच आज ही खत्म हो जाएगा, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश ने इसके बाद दूसरी पारी में 34 रनों तक ही अपने चार विकेट गंवा दिए हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक ही पारी में दो ट्रिपल सेंचुरी का कारनामा इससे पहले 1989 में हुआ था। तब गोवा के खिलाफ तमिलनाडु के डब्ल्यूवी रमन और कृपाल सिंह ने एक ही पारी में ट्रिपल सेंचुरी ठोकी थी।

सड़क हादसे में वाहन के उड़े परखच्चे, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में SDM और नायब तहसीलदार बाल-बाल बचे

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बीती रात ड्यूटी के बाद जिला मुख्यालय से देवभोग वापस लौटते समय SDM तुलसी दास मरकाम सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए. उनकी स्कॉर्पियो सीजी 30 डी 9997 नेशनल हाइवे 130 सी में अनियंत्रित होकर धवलपुर नाला के पास पलट गई. यह गाड़ी पलट कर जब टकराई तो वाहन के सामने के हिस्से के परखच्चे उड़ गए. इस घटना में एसडीएम और स्कॉर्पियो चला रहे तहसीलदार विजय सिंह बाल-बाल बचे हैं. दोनों को मामूली चोंटे ही आई है. दरअसल, इस हादसे के वक्त गाड़ी की सेफ्टी के लिए दोनों एयरबैग्स खुले हुए थे, जिसकी वजह से दोनों की जान बच पाई है. दोनों को मामूली अंदरूनी चोंट आई है. घटना के बाद तत्काल एसडीएम तुलसी दास मरकाम व वाहन चला रहे नायब तहसीलदार विजय सिंह को आवाजाही कर रहे मददगार के द्वारा मैनपुर अस्पताल में ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया. वहीं घटना के बाद वाहन को नाले से बाहर निकालकर धवलपुर ढाबे के पास रखा गया है. फिलहाल उनकी कार क्यों पलटी इसका कारण पता नहीं चल सका है. कारण का पता लगाने के लिए पुलिस की टीम घटना की जांच में जुट गई है.

नियद नेल्लानार से बदल रही बस्तर के गांवों की तस्वीर, छत्तीसगढ़-विष्णुदेव के सुशासन में बम की जगह फिर गूंजी मांदल

जगदलपुर. अपने विशिष्ट मानव और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर बस्तर अंचल के लोग अपनी अनोखी संस्कृति और परंपराओं का निर्वहन करने के लिए विश्वभर में विख्यात हैं. यहां के आदिवासी कठिन परिस्थितियों में भी खुशहाल जीवन जीने के लिए खुद को प्रकृति के अनुकूल बनाकर रखने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन पिछले कुछ दशकों में यहां के आदिवासियों के खुशहाल जीवन को नक्सलियों की नजर लग गई थी. अब आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन से बस्तर वासियों का वक्त बदला है. एक बार फिर धीरे-धीरे बस्तर क्षेत्र के आदिवासी अपने पुराने दिनों की ओर लौटने लगे हैं. उनकी समस्याओं के उन्मूलन के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने ‘‘नियद नेल्लानार‘‘ (आपका अच्छा गांव) योजना संचालित किया है, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं. नियद नेल्लानार योजना विष्णुदेव साय सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसमें सुरक्षा कैंपों के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत हितग्राहियों तक पहुंचाने की मुहिम चलायी जा रही है. इस योजना के सुचारू क्रियान्वयन से इसका असर अब अंदरूनी गांवों में भी देखने को मिल रहा है. स्थानीय हाट बाजार अब गुलजार होने लगे हैं. बंद पड़े हाट बाजार और स्कूल अब फिर से शुरू हो रहे हैं, जिससे बस्तर अंचल की तस्वीर बदल रही है. सालों से बम धमाकों के बीच दहशत में जीवन गुजारने वाले आदिवासियों के जीवन का पुराना दौर लौटने लगा है और इन इलाकों में सािलों बाद मांदर की थाप फिर गूंजने लगी है. छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार ने आदिवासी समुदाय के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर प्राथमिकता के साथ अपना ध्यान केंद्रित किया है. राज्य की लगभग 3 करोड़ आबादी में एक तिहाई जनसंख्या आदिवासी समुदाय की है. आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र विष्णुदेव साय सरकार के सुशासन से समग्र विकास की ओर अग्रसर है. आदिवासी समुदायों में होने वाले विकास का प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि इन इलाको में केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही पीएम जनमन योजना और राज्य सरकार की नियद नेल्ला नार योजना आदिवासियों का जीवन बदलने वाली साबित हो रही है. राज्य शासन की नियद नेल्लानार योजना जिसका शाब्दिक अर्थ होता है आपका अच्छा गांव योजना. ये योजना जनकल्याण का अभिनव उपक्रम साबित हो रही है. इस योजना के अंतर्गत माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के 5 किमी के दायरे में आने वाले 96 गांवों का चयन कर शासन के 17 विभागों की 53 योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं. छत्तीसगढ़ सरकार की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण दिए जाने की भी योजना है.. शेष जिलों के विद्यार्थियों को 1 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएगा.. ब्याज अनुदान के लिए शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा 4 लाख रूपए रखी गई है. बस्तर के दूरस्थ इलाकों में जिस तरह स्वास्थ्य, सड़क, संचार और सुरक्षा नेटवर्क को मजबूती दी जा रही है, उसका लाभ आदिवासी वर्ग को मिलता दिखाई दे रहा है. इस योजना के आ जाने से न सिर्फ़ आदिवासी समाज के जीवन स्तर में गुणवत्ता का संचार हो रहा है बल्कि सरकार की पहल से प्रदेश में वामपंथी उग्रवाद की समस्या को परास्त भी किया जा रहा है. केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को आदिवासी समुदाय तक पहुंचाने के लिए नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं.. आदिवासी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का वातावरण बदल रहा है.. साय सरकार पिछले 10 माह में आदिवासी समुदाय के आवास, पेयजल, विद्युत और सड़क सहित सभी बुनियादी जरूरतों पर तेजी से काम कर रही है. रायपुर से विशाखापट्नम तक इकोनॉमी कॉरिडोर छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदाय की बसाहट ज्यादातर वनांचल क्षेत्रों में है. इन क्षेत्रों में सड़क, नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है.. केन्द्र सरकार द्वारा भी भारत माला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर से विशाखापट्नम तक इकोनॉमी कॉरिडोर बनाया जा रहा है.. इसका सीधा फायदा भी आदिवासी इलाकों को मिलेगा.. केन्द्र सरकार द्वारा नगरनार में देश का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र भी शुरू किया गया है, इससे बस्तर अंचल के विकास को नई गति मिली है. राज्य के आदिवासी क्षेत्रों और अयोध्या धाम तक सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने रायगढ़-धरमजयगढ़-मैनपाट-अंबिकापुर-उत्तरप्रदेश सीमा तक कुल 282 किमी तक के मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की है. यह मार्ग प्रदेश के चार जिलों से होकर गुजरता है एवं धार्मिक नगरी अयोध्या से छत्तीसगढ़ राज्य को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है.. इस मार्ग के लिए भारत सरकार से हरी झण्डी मिल गई है. 36 कॉलेजों के भवन-छात्रावास के लिए 131 करोड़ 52 लाख की मंजूरी राज्य सरकार द्वारा 36 कॉलेजों के भवन-छात्रावास निर्माण के लिए 131 करोड़ 52 लाख रूपए मंजूर किए गए है.. इससे प्रदेश के 36 कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ होंगे तथा शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. इस स्वीकृति में अधिकांश आदिवासी बहुल क्षेत्रों के कॉलेजों को शामिल किया गया है.. नई दिल्ली के ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर अब 185 कर दी गई है.. नई दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा की तैयारी करने के इच्छुक अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अब इस हॉस्टल में तीन गुने से भी अधिक सीटें उपलब्ध होंगी..आईआईटी की तर्ज पर राज्य के जशपुर, बस्तर, कबीरधाम, रायपुर और रायगढ़ में प्रौद्योगिकी संस्थानों का निर्माण किया जाएगा.. राज्य में छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन की स्थापना भी की जा रही है. प्रदेश के 263 स्कूलों में चल रही पीएमश्री योजना प्रदेश के 263 स्कूलों में पीएमश्री योजना शुरू की गई है, जिसके तहत इन स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है.. इस योजना के तहत स्कूलों में स्थानीय भाषाओं के साथ-साथ रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषयों को भी पढ़ाया जाएगा. पीएमश्री स्कूल आदिवासी बहुल इलाकों में भी स्कूलों को अपग्रेड किया रहा है, इससे इन क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक, ज्ञानपरक और कौशल युक्त … Read more

झोपड़ी में सोते समय हमले में मौत, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में हाथी ने अधेड़ ग्रामीण को कुचला

रायगढ़. रायगढ़ जिले में हाथी के हमले से फिर एक ग्रामीण की मौत हो गई। घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम मृतक के परिजनों को सहायता राशि देते हुए आगे की कार्रवाई में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, लैलूंगा रेंज के बगुडेगा के लाख पहरी जंगल में बीती रात हाथी ने एक अधेड़ ग्रामीण अगनु अगरिया 45 साल को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि मृतक अगनु बगुडेगा बस्ती से अलग जंगल के किनारे एक झोपड़ीनुमा घर में रहता था और बीती रात खान खाने के बाद रात 11 बजे करीब वह सोने गया था, जहां एक दंतैल हाथी ने उसका सामना हो गया। इसके बाद हाथी ने उसे कुचलकर मौत के घाट उतार कर वापस जंगल में चला गया। परिजनों को दी गई सहायता राशि इस घटना की जानकारी बुधवार की सुबह गांव के ग्रामीणों को लगने के बाद उन्होंने उक्त मामले की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिये अस्पताल भेजते हुए मृतक के परिजनों को तत्कालिक सहायता राशि देते हुए आगे की कार्रवाई में जुट गई है। दहशत में ग्रामीण गांव के ग्रामीणों ने बीते कुछ समय से उनके क्षेत्र में 22 हाथी विचरण कर रहे हैं और हाथियों के इस दल के द्वारा किसानों की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसी बीच बीती रात हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो जाने के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल निर्मित हो गया है। जिले में 152 हाथी वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इन दिनों रायगढ़ जिले में 151 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। हाथियों के इस दल में नर हाथी की संख्या 38, मादा हाथी की संख्या 76 के अलावा 37 हाथी शावक शामिल है। सबसे अधिक हाथी छाल रेंज के कुडेकेला बीट में 42 हाथी विचरण कर रहे हैं।

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