LATEST NEWS

मुख्यमंत्री श्री साय आज चित्रकोट में बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होंगे

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में  शामिल  होंगे। बैठक बस्तर के चित्रकोट में आयोजित है। मुख्यमंत्री श्री साय सुबह 10 बजे हेलीकॉप्टर से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे और चित्रकोट में सवेरे 11 बजे से बजे  बैठक में शामिल होंगे। बैठक में रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री श्री साय ने  अपने एक्स हैंडल से  हल्बी में  ट्वीट कर  कहा  कि  दादा-दीदी  मन  के विकास,भलाई  और  विकास की नई  दिशा देने  आयोजित बस्तर विकास  प्राधिकरण की बैठक में  शामिल  होने बस्तर आ  रहा हूं।

छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कॉमर्स ने किया दीपावली मिलन समारोह का आयोजन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मुख्य आतिथ्य में हुआ सम्पन्न

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कॉमर्स की निर्वाचित टीम के द्वारा मनेंद्रगढ़ नगर के आमाखेरवा रोड स्थित प्रगति पार्क मैदान में कोरिया एवं एमसीबी जिले के सभी व्यापारियों के लिए दीपावली मिलन समारोह का आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री एवं मनेंद्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल के मुख्य आतिथ्य में किया गया.कार्यक्रम में श्याम बिहारी कल आज और कल विषय पर एक व्यापारिक संवाद आयोजित किया गया. सर्वप्रथम संस्था के पंकज जैन संचेती, संजीव ताम्रकार, विनय अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, शारदा अग्रवाल, गोपी अग्रवाल, दीपक गुप्ता, प्रदीप जैन राजेश अग्रवाल, रितेश जैन मंसूर मेमन आदि समस्त सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण कर किया इस अवसर पर गत वर्ष विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा प्रत्याशी के रूप में श्याम बिहारी जायसवाल के द्वारा किये गए वादों और उन पर हुए अमल के ऊपर समीक्षा की गई. उक्त कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा किये गए विकास कार्यों एवं आने वाले समय में नवीन विकास कार्यों की जानकारी दी गई. अपने उद्बोधन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि पाराडोल से जुड़ने वाली बहु प्रतीक्षित रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, इसके अलावा मनेंद्रगढ़ खडगवा एवं चिरमिरी को जोड़ने वाली साजा पहाड़ सड़क का चौड़ी कारण का कार्यअति शीघ्र प्रारंभ होगा, इस बाबत टेंडर भी हो चुका है. छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज जैन ने अपनी बात रखते हुए कहा कि स्थानीय विधायक अपने कार्यों के प्रति बहुत ही सजग एवं जिम्मेदारी से नजर बनाए हुए हैं, निश्चित तौर आने वाले समय में मनेंद्रगढ़ नगर एवं विधानसभा विकास की नई गाथा लिखेगा. डीआरयूसी सी के पूर्व सदस्य मनीष अग्रवाल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मनेंद्रगढ़ नगर में प्रदूषित जल सप्लाई हो रही है इसके निवारण के लिए मनेंद्रगढ़ में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना शीघ्र कराई जाए. इसके अलावा मनेंद्रगढ़ और जिले के व्यापारियों को विगत कई वर्षों के जीएसटी से संबंधित चालान और उन पर अनाप-शनाप टैक्स एवं जुर्माना की राशि वसूली जा रही है इस संबंध में जीएसटी विभाग के अधिकारियों एवं अन्य कई विभाग के अधिकारियों को सही कार्यवाही करने के लिए निर्देशित करने की बात कही गई. उक्त कार्यक्रम मे एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल के छात्रों के द्वारा स्वास्थ्य मंत्री के जीवन पर शानदार एकांकी प्रस्तुत की गई. उक्त कार्यक्रम में विगत दिनों किये गए सेवा कार्यों के लिए कई समाजसेवी संस्था लायंस क्लब मनेंद्रगढ़ को वृद्धाश्रम संचालन हेतु, ग्रीन वैली को पर्यावरण संरक्षण हेतु सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में मनेंद्रगढ़ के अलावा बैकुंठपुर चिरमिरी, खडगंवा केल्हारी जनकपुर, लेदरी झगराखंड, खोंगापानी एवं अन्य स्थान के व्यापारीगण शामिल हुए.कार्यक्रम का समापन रात्रि भोज के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन रितेश जैन एवं मंसूर मेमन के द्वारा किया गया। उक्त कार्यक्रम में एक और नवीन संस्था समर्पण का भी अनावरण किया गया है जो व्यापार के साथ समाज सेवा के कार्य करेगी, जिसमें मरीजों को कम लागत पर आवश्यक उपकरण जैसे स्टेरचर, व्हील चेयर, बेड,आदि भी उपलब्ध कराये जायेंगे.इस मौके पर नगर के कई व्यापारियों ने समर्पण को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया व कई उपकरण देने की घोषणा भी की.

पहले मोबाइल से प्रश्न पत्र लीक होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, अब बोर्ड परीक्षा में केंद्राध्यक्ष भी नहीं रख पाएंगे मोबाइल

भोपाल भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा 25 फरवरी, 2025 से शुरू होगी। इस बार प्रश्न पत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने और गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक सहित किसी भी स्टाफ के पास मोबाइल पाया गया तो संबंधित थाना क्षेत्र में उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा। ऐसे सख्त प्रविधान के लिए परीक्षा अधिनियम में संशोधन विधेयक विधानसभा के 16 दिसंबर से शुरू होने जा रहे शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। संशोधित विधेयक में प्रतिबंध के बावजूद केंद्र में मोबाइल ले जाने पर 10 वर्ष तक कैद की सजा का प्रविधान प्रस्तावित किया गया है। इस संशोधन का आधार भारत सरकार के सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 को बनाया गया है। पहले तीन वर्ष की सजा का प्रविधान था दो वर्ष पहले प्रश्न पत्र लीक होने की घटनाएं सामने आने पर माशिमं की कार्यपालिका समिति ने ऐसा करने वाले के लिए 10 साल कैद की सजा और दस लाख रुपये अर्थदंड का प्रस्ताव बनाया था। दरअसल, मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षाएं अधिनियम- 1937 की धारा-3 (डी) में परीक्षा में अनुचित साधन का प्रयोग करने या करवाने वाले के लिए तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड का प्रविधान है। माशिमं की परीक्षाओं में इसी अधिनियम के तहत कार्रवाई होती है। भारत सरकार के सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 के नियम जारी होने के बाद अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पहले मोबाइल प्रचलन में नहीं थे इसलिए इनके दुरुपयोग को रोकने संबंधी प्रविधान भी नहीं थे। प्रश्न पत्र के फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर किए गए थे वायरल दो साल पहले प्रश्न पत्र लीक मामले में मोबाइल के उपयोग की बात सामने आई थी। पुलिस थाना से प्रश्न पत्र परीक्षा कक्ष तक पहुंचने के दौरान मोबाइल से फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। इसे देखते हुए यह प्रविधान लाया जा रहा है कि केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक सहित अन्य स्टाफ परीक्षा के समय मोबाइल नहीं रख सकेंगे। माशिमं के सचिव केडी त्रिपाठी के अनुसार यदि ऐसा पाया जाता है तो उन्हें 10 वर्ष तक की कैद की सजा हो सकेगी और जुर्माना भी लगेगा। ऐसे अधिकारी- कर्मचारियों को माशिमं के परीक्षा कार्य से प्रतिबंधित भी कर दिया जाएगा। बता दें, पहले भी परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित था, लेकिन केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक और स्टाफ इसे लेकर जाते थे। बस परीक्षार्थियों के लिए सख्ती बरती जाती थी। बाहर ही जमा करने होंगे मोबाइल परीक्षा केंद्रों के बाहर लोहे की पेटी रखी जाएगी। इसमें मोबाइल जमा करना होगा। परीक्षा केंद्रों से माशिमं को सूचना देने या परीक्षा की निगरानी करने के लिए मोबाइल के बदले वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसमें लैंडलाइन फोन के उपयोग के साथ-साथ पोर्टल भी तैयार किया गया है, ताकि परीक्षा केंद्रों से सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके। इसमें ई-मेल के माध्यम से मंडल का पूरा नियंत्रण और संचालन होगा। साथ ही आफलाइन प्रक्रिया को बंद कर आनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

कलेक्टर एवं एसपी ने अस्पताल पहुंचकर सिलेंडर फटने से घायल लोगों के बेहतर उपचार के दिए निर्देश

छतरपुर कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल एवं एसपी श्री अगम जैन ने छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचकर बिजावर में सिलेंडर फटने से घायल लोगों का हालचाल जाना एवं डॉक्टरों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए। साथ ही परिजनों से चर्चा कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान एडीएम श्री मिलिंद नागदेवे, सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ. जी.एल. अहिरवार उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि रविवार को बिजावर में दोपहर के समय एक दुकान पर घरेलू सिलेंडर ब्लास्ट होने से 25 लोग घायल हो गए। जो जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती हैं, जिनमें से कुछ लोगों की स्थिति गंभीर है उनमें से 6 लोगों की बर्न स्थिति 40 प्रतिशत से ज्यादा है उन्हें अधिक उपचार के लिए झांसी या ग्वालियर रेफर करने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉक्टरों ने छतरपुर से खजुराहो तक साइकिल रैली निकालकर स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत, फिट इंडिया का संदेश दिया

बमीठा प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की मंशानुसार आज डॉक्टरों ने छतरपुर से खजुराहो तक साइकिल रैली निकालकर स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत, एवं फिट इंडिया इंडियन के तहत मेडिकल एसोसियन एवं ब्रांच छतरपुर की जागरूकता साइकिल रैली चिकित्सको ने निकाली साइकिल रैली का स्वागत बमीठा डॉ राजकुमार अवस्थी डॉ आशीष शुक्ला डॉ रामअवतार शुक्ला ने किया शुभांशु शुक्ला खजुराहो।।

किसान और जंगली जानवरों का संघर्ष: नील गाय और सूअरों को मारना चाहते हैं किसान

Conflict between farmers and wild animals: Farmers want to kill Nilgai and pigs मालवा क्षेत्र के किसान घोड़ा रोज(नीलगाय) व जंगली सुअरों से काफी परेशान हैं। ये जंगली जानवर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि घोड़ा रोज और सूअर जिस खेत में घुसते हैं, वहां की सारी फसल को खाकर और रौंदकर नष्ट कर देते हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने इस समस्या को लेकर बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। किसानों का कहना है कि घोड़ा रोज और सुअरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये जानवर खेत में लगी फसलों को बर्बाद कर रहे है। किसानों पर रोज हमला मालवांचल के किसानों का कहना है कि घोड़ा रोज कई बार खेत में काम करते समय किसानों पर भी हमला कर देते हैं और कई बार रोड पर निकलने वाले राहगीरों को भी इनका शिकार होना पड़ता है। इसके बावजूद कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई जा रही। किसानों का कहना है कि घोड़ा रोज को मारने की अनुमति दी जानी चाहिए या फिर इसे जंगल के अंदर रखने का कोई प्रबंध होना चाहिए। नियमों के सरलीकरण की मांग वन विभाग ने इन्हें मारने की अनुमति देने राज्य सरकार को एक प्रस्ताव बनाकर भेजा है। इसमें नियमों का सरलीकरण करने के लिए कहा गया है, जिसके तहत किसानों को घोड़ा रोज़ और जंगली सूअर मारने के लिए लाइसेंस दिया जा सकेगा परंतु लंबे समय बाद भी कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई गई।इधर, संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाधव ने मांग की है कि घोड़ा रोज को समूल नष्ट करने के लिए सरकार ने युद्ध स्तर पर कार्यवाही नहीं की तो संयुक्त किसान मोर्चा बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा।

महाकुंभ 2025: दिन-रात संगम क्षेत्र की सफाई और संरक्षण में जुटेेंगे 500 गंगा प्रहरी

प्रयागराज उत्तरप्रदेश में जोर शोर से महाकुंभ 2025 की तैयारी की जा रही है। हर वर्ष प्रयागराज के पवित्र संगम में लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते है। सीएम योगी के निगरानी में महाकुंभ की तैयारियां की जा रहा है। इस बार करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचने की संभावना है, ऐसे में घाटों और नदियों की स्वच्छता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा। इसके लिए प्रयागराज में 500 गंगा प्रहरी तैनात किए गए है, जो दिन-रात संगम क्षेत्र की सफाई और संरक्षण में जुटे है। प्रत्येक घाट पर 15 से 20 गंगा प्रहरी तैनात होंगे, जो शिफ्ट में काम करेंगे। गंगा प्रहरी न केवल नदियों की सफाई करेंगे, बल्कि श्रद्धालुओं को भी जागरूक करने का काम करेंगे। महाकुंभ के दौरान देशभर से 200 अतिरिक्त गंगा प्रहरियों को बुलाया जाएगा, ताकि स्वच्छता और व्यवस्थाओं में कोई कमी न रह जाए। पीएम मोदी करेंगे शुभारंभ बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महाकुंभ 2025 का शुभारंभ करने के लिए 13 दिसंबर को प्रयागराज आ रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी प्लास्टिक मुक्त महाकुंभ का आह्वान करेंगे। इस महाभियान में जिले के चार लाख स्कूली बच्चे जुड़ेंगे। इसके लिए भी तैयारियां शुरू हो गई है।

22 नवंबर को दिल्ली में चुनाव प्रभारियों की बैठक, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की घोषणा संभव

रायपुर विधानसभा-लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद अब भाजपा निकाय चुनाव में ताकत झोंकेगी। इसके पहले भाजपा में संगठनात्मक बदलाव के लिए संगठन चुनाव की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। फिलहाल बूथ स्तर पर भाजपा के सक्रिय सदस्यों को पदाधिकारी चुना जा रहा है। भाजपा के संगठन पर्व के तहत 14 नवंबर से बूथ कमेटी के चुनाव शुरू हो चुके हैं, जो 20 नवंबर तक चलेंगे। मंडल और जिलाध्यक्ष के चुनाव से पहले 22 नवंबर को सभी राज्यों के चुनाव प्रभारियों की दिल्ली में बैठक होने जा रही है, जिसमें अगले चरणों की तिथि तय की जाएगी। पार्टी नेताओं का यह भी आकलन है कि इस बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर कार्यकारी अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। चुनाव में भागीदारी के लिए भाजपा का सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य हैं। सक्रिय सदस्यता अभियान के लिए एक लाख लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 50 हजार सदस्य बने हैं। बाकी सामान्य सदस्यों के 60 लाख लक्ष्य के विरुद्ध अब तक लगभग 53 लाख सदस्य बने हैं। संगठन ने इस बार सक्रिय सदस्यता में हर वर्ग को जोड़ने का संदेश दिया है। ऐसे लोग जो कि समाज हित में काम कर रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। संगठन के चुनाव के जरिए भाजपा अपना ताकत दिखाने के लिए रणनीति बना रही है। समर्थक-रिश्तेदारों को बैठाने से परहेज पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस पर भाजपा के संगठन चुनाव में विधायक-सांसदों पर कड़ी नजर है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बूथ, मंडल या जिलाध्यक्ष के चुनाव निष्पक्ष और सर्वसम्मति से होने चाहिए। विधायक या सांसद अपने समर्थक या रिश्तेदार को संगठन में बैठाने का प्रयास करें तो उसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। भाजपा पीढ़ी परिवर्तन की रणनीति पर काम कर रही है। इसका सीधा आशय यही है कि कोई भी जनप्रतिनिधि संगठन को जेब में रखने यानी अपनी मर्जी से चलाने की कोशिश करेगा तो ऐसे प्रयास को विफल कर देना है। नड्डा की कार्यशाला में बनेगी रणनीति जानकारी के मुताबिक दिल्ली में संगठन चुनाव को लेकर आयोजित कार्यशाला पार्टी के नेताओं ने एक ही संदेश दिया जाएगा कि पार्टी अपनी ताकत का एहसास करने के लिए तैयार रहे। जिला स्तर तक कार्यशालाएं कराकर भाजपा इस बार के संगठन चुनाव को और मजबूत बनाएगी। राजनीतिक प्रेक्षकों के अनुसार अगले 90 दिनों में भाजपा के जिला अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष में परिवर्तन को तय करने की रणनीति बनी है। इस कार्यशाला में भाजपा के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित अन्य राष्ट्रीय पदाधिकारियों और सभी प्रदेश अध्यक्षों सहित संगठन से जुड़े लगभग सवा सौ शीर्ष नेता शामिल होंगे। सक्रिय सदस्यता अभियान की होगी समीक्षा: संजय श्रीवास्ताव भाजपा के प्रदेश महामंत्री व सक्रिय सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक संजय श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में 405 मंडल हैं और प्रत्येक मंडल में 200 सक्रिय सदस्यता बनाने का लक्ष्य है। एक लाख सक्रिय सदस्य बनाएंगे। अभी 50 हजार सक्रिय सदस्य बन चुके हैं। दिल्ली में हो रही बैठक में इसकी समीक्षा हो सकती है। बागी संगठन चुनाव की प्रक्रिया को लेकर भी रूपरेखा तैयार होगी। इसमें प्रदेश के नेता शामिल होंगे। निकाय चुनाव पर भाजपा-कांग्रेस दोनों का फोकस राज्य में नगरीय निकाय और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में जीत हासिल करने के लिए प्रदेश के राजनीतिक दलों ने अपने-अपने होमवर्क पर काम करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस-भाजपा दोनों ही राजनीतिक दलों का मुख्य फोकस युवा मतदाता हैं। इन्हें साधने के लिए भाजपा ने अपने भाजयुमो और कांग्रेस ने एनएसयूआई को आगे कर दिया है। इन दोनों का प्रयास है कि आने वाले चुनाव से पहले युवा और नए मतदाताओं को अपनी-अपनी पार्टी की विचारधारा से जोड़ा जाए। इसके लिए भाजयुमो और एनएसयूआइ को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि कांग्रेस में कुछ स्तर पर पदाधिकारियों के बदलाव के संकेत हैं, इसकी सूची कांग्रेस के शीर्ष पदाधिकारियों को भेजी गई है। हम निकाय चुनाव में पूरा फोकस करेंगे।

नेशनल हाइवे किनारे फेंका जा रहा अस्पतालों से निकलने वाला बायो मेडिकल वेस्ट

महासमुंद अस्पतालों से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट खुलेआम नेशनल हाइवे के किनारे फेंक दिया गया है, जिससे इंसानों के साथ-साथ अन्य जीव-जंतु भी गंभीर बीमारी के चपेट में आ सकते हैं. सामाजिक कार्यकर्ता इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य अमला मामले की जानकारी आने के बाद जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है. जिला मुख्यालय से महज 5 किमी की दूरी पर नेशनल हाइवे 353 पर सड़क के किनारे लगभग 40-50 पैकेट में अस्पतालों से निकले वाला बायो मेडिकल वेस्ट खुलेआम फेंक दिया गया है. इसमें उपचार के दौरान इस्तेमाल बैंडेज, सिरिंज, दवाओं और ड्रीप की खाली बोतलें, मास्क, हैण्ड ग्लबस, प्लास्टर पट्टी, ऑपरेशन के दौरान निकलने वाले मेडिकल वेस्ट शामिल है. यह मेडिकल वेस्ट इतना बदबू दे रहा है कि गुजरने वाला अपनी नाक-मुंह बंद करने को मजबूर हैं. यह बायो मेडिकल वेस्ट लगभग एक हफ्ते से पड़ा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इस बात का पता ही नहीं है. नियमानुसार सरकारी और निजी अस्पताल प्रबंधन खुले में मेडिकल वेस्ट नहीं फेंक सकते हैं. या तो इसे शासन द्वारा निर्धारित एसएमएस कंपनी को देगा या फिर निर्धारित मापदंड के अनुसार, सार्प पीट या डीप पीट दो अलग- अलग गड्ढे खोदकर डिकम्पोज करेगा. परन्तु यहां नियमों की धज्जिया उड़ाते हुए अस्पताल प्रबंधन खुलेआम सड़कों के किनारे फेंक रहे हैं. मामले में स्वास्थ्य विभाग के नर्सिंग एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. छत्रपाल चन्द्राकर का कहना है कि इस तरह का कृत्य नियम के विरुद्ध है. मामले की जांच कराई जाएगी, और जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस तरह के बायो मेडिकल वेस्ट से मनुष्य के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है.

ऐनेस्थियोलॉजिस्ट से दूसरों की सेवा कर बनायें बेहतर भविष्य…

ऑपरेशन थियेटर में मरीज का इलाज करने के लिए डॉक्टर की एक बड़ी टीम मौजूद होती है। लेकिन डॉक्टर्स की यह टीम तब तक अपना काम शुरू नहीं कर सकती, जब तक ऐनेस्थियोलॉजिस्ट वहां पर मौजूद न हो। ऐनेस्थियोलॉजिस्ट के काम की शुरूआत तो ऑपरेशन से पहले ही शुरू हो जाती है। दरअसल, एक ऐनेस्थियोलॉजिस्ट मरीज को सही तरह से एनेस्थीसिया देता है ताकि बिना किसी दर्द से मरीज का इलाज हो सके। यह काम देखने में भले ही आसान लगे, लेकिन वास्तव में यह काफी कठिन होता है। एक छोटी सी चूक से मरीज के अंग प्रभावित हो सकते हैं और यही कारण है कि अलग से ऐनेस्थियोलॉजिस्ट की जरूरत पड़ती है। आप भी अगर मेडिकल क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहते हैं तो बतौर ऐनेस्थियोलॉजिस्ट ऐसा कर सकते हैं− क्या होता है काम एक ऐनेस्थियोलॉजिस्ट का मुख्य काम मरीज को एनेस्थीसिया यानी बेहोश करने वाली दवाई ठीक तरह से देना होता है। उसे इस बात का ध्यान रखना होता है कि मरीज को एनेस्थीसिया देते समय उसे किसी तरह का दर्द न हो, साथ ही वह ऑपरेशन की पूरी प्रक्रिया भी बिना दर्द के पूरी कर ले और उस दौरान उसके सभी अंग ठीक तरह से काम करे। इतना ही नहीं, एक ऐनेस्थियोलॉजिस्ट सर्जरी से पहले, उस दौरान व बाद में मरीज की ब्रीदिंग, हार्टरेट आदि की मॉनिटरिंग भी करता है। स्किल्स चूंकि एक ऐनेस्थियोलॉजिस्ट को टीम के साथ मिलकर काम करना होता है, इसलिए आपको बतौर टीमवर्क काम करना आना चाहिए। इसके अतिरिक्त आपको अपने कार्य की सटीक जानकारी होनी चाहिए। आपकी एक छोटी सी भूल मरीज के जीवन पर भी भारी पड़ सकती है। इसके अतिरिक्त आपको हमेशा खुद को अपडेट रखने के लिए सेमिनार आदि भी जरूर अटेंड करने चाहिए। योग्यता अगर आप ऐनेस्थियोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं तो आपके पास 12वीं में साइंस विषय के साथ मैथ्स या बॉयोलॉजी का होना अनिवार्य है। इसके बाद आप एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद ऐनेस्थियोलॉजी में एमडी कर सकते हैं।   संभावनाएं एक प्रोफेशनल ऐनेस्थियोलॉजिस्ट सरकारी व निजी अस्पतालों से लेकर हेल्थ क्लीनिक, ग्रामीण हेल्थ केयर सेंटर आदि में अपनी सेवाएं दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त मेडिकल शिक्षण संस्थानों में भी बतौर लेक्चरर भी आप काम कर सकते हैं। प्रमुख संस्थान -वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज व सफरदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली -इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, बिहार -एसवीएस मेडिकल कॉलेज, आंध्र प्रदेश -अमृता इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, केरल -आरजी कार मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, कोलकाता  

मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर को 265 करोड़ 22 लाख की लागत के 115 विकास कार्यों की देंगे सौगात

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक सोमवार 18 नवंबर को चित्रकोट में होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर को 265 करोड़ 22 लाख की लागत के 115 विकास कार्यों की सौगात देंगे। जिसमें लगभग 138 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत वाली 55 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 127 करोड़ 15 लाख 46 हजार लागत राशि के 60 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। लोकार्पण के तहत लोक निर्माण विभाग बस्तर संभाग 1 के द्वारा जगदलपुर बाईपास मार्ग, तोकापाल से करंजी मार्ग, छोटेदेवड़ा से आवराभाटा पाहुरबेल मार्ग, परपा में खनन से प्रत्येक प्रभावित व्यक्तियों हेतु आजिविका संवर्धन एवं प्रशिक्षण केंद्र भवन, स्वामी आत्मानंद स्कूल धरमपुरा व दरभा सहित अन्य विकास कार्य की 78 करोड़ 67 लाख 93 हजार रूपए की लागत से 14 निर्माण कार्य, लोक निर्माण विभाग बस्तर संभाग क्रमांक 2 के द्वारा सोरगांव से जामगांव मार्ग, भैंसगांव ठोटीपारा से अलवाही मार्ग, गुलपुर से गुटीगुडापारा मार्ग, भानपुरी नवीन तहसील कार्यालय सहित 32 करोड़ 46 लाख 94 हजार रूपए की लागत से 13 कार्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भरसागुड़ा से पखनाकोंगेरा ने 5 करोड़ 68 लाख  23 हजार रूपए की लागत से एक वृहद पूर्ण निर्माण कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के 79 लाख 79 हजार रूपए की लागत से 02 कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 19 करोड़ 94 लाख हजार रूपए की लागत से रेट्रो फिटिंग जल प्रदाय योजना के तहत 23 गांवों में विकास कार्य और स्वास्थ्य विभाग के 50 लाख रूपए की लागत से 2 विकास कार्य का लोकार्पण करेंगे। भूमिपूजन के तहत लोक निर्माण विभाग बस्तर संभाग 1 के द्वारा जगदलपुर चित्रकोट मार्ग का चैड़ीकरण सहित अन्य 3 कार्य की लागत 38 करोड़ 13 लाख 34 हजार रूपए की 4 कार्य, लोक निर्माण विभाग बस्तर संभाग क्रमांक 2 के द्वारा कुम्हराकोट मोंगरापाल मार्ग की लागत 2 करोड़ 29 लाख 20 हजार रूपए की एक कार्य, आदिवासी विकास विभाग के द्वारा 5 आदिवासी बालक छात्रावास भवन 9 करोड़ 57 लाख 55 हजार रूपए की लागत, जल संसाधन विभाग के द्वारा एनीकट और स्टाप डेम हेतु 60 करोड़ 81 लाख 92 हजार रूपए की लागत से 21 कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के द्वारा महतारी सदन निर्माण हेतु 3 करोड़ 50 लाख 40 हजार रूपए की लागत से 12 कार्य, नगर पालिक निगम के 1 करोड़ 28 लाख 61 हजार रूपए की लागत से 4 कार्य, कृषि विभाग के 30 लाख रूपए की लागत से एक विकास कार्य, स्वास्थ्य विभाग के एक करोड़ 6 लाख रूपए की लागत से 3 विकास कार्य, जिला निर्माण समिति के 10 करोड़ 18 लाख 44 हजार रूपए की लागत से 9 विकास कार्य का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री इसके अलावा हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत कुल 37 हितग्राहियों को चेक एवं सामग्री का वितरण करेंगे। जिसके तहत पशु चिकित्सा विभाग के 8 हितग्राहियों को राज्य डेयरी उद्यमिता विकास एवं मादा वल्स भरण पोषण योजना के तहत 2 लाख 97 हजार रुपए की अनुदान राशि, उद्यानिकी विभाग के चार हितग्राहियों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत 22 लाख 88 हजार रुपए का राशि, मछली पालन विभाग के 12 हितग्राहियों को नाव-जाल सहायता योजनांतर्गत 1 लाख 20 हजार रुपए की सामग्री, समाज कल्याण विभाग के दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत एक हितग्राही को 1 लाख रुपए प्रोत्साहन राशि और 2 हितग्राहियों को बैटरी चलित ट्रायसायकल, महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा लघु व्यवसाय हेतु ऋण योजना एवं सक्षम योजनांतर्गत 5 हितग्राहियों को 4 लाख 10 हजार रुपए की राशि का चेक वितरण किया जाएगा। साथ ही श्रम विभाग के श्रमिक कार्ड वितरण योजनांतर्गत 5 हितग्राहियों को सामग्री वितरण किया जाएगा।

छिंदवाड़ा, शहडोल और सिंगरौली के एसपी बदले: 10 आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर

SP of Chhindwara, Shahdol and Singrauli changed: 10 IPS officers transferred भोपाल ! मध्यप्रदेश शासन ने सोमवार को 10 आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की। साथ ही राज्य पुलिस सेवा के भी दो अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। देखिए लिस्ट

उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों में अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान के तीन डिग्री तक गिरने का अलर्ट जारी किया: मौसम विभाग

नई दिल्ली उत्तर भारत में अब ठंड होने लगी है। कई राज्यों में तो सुबह और रात के समय घना कोहरा भी देखने को मिल रहा। मौसम विभाग ने उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों में अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान के तीन डिग्री तक गिरने का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तरी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों में सुबह और रात के समय बहुत घना कोहरा छाया रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे में 17 और 18 नवंबर को हल्की से मध्यम बारिश होगी। आंधी तूफान व बिजली कड़कने की भी चेतावनी है। अंडमान और निकोबार में भी इस हफ्ते तक बारिश का अलर्ट है। उत्तर भारत की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तरी राजस्थान, उत्तरी यूपी, बिहार में 17 की रात और 18 नवंबर की सुबह तक बहुत घना कोहरा देखने को मिलेगा। वहीं, हिमाचल प्रदेश में भी अगले पांच दिनों तक घना कोहरा छाया रहेगा। सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी असम, मेघालय में 18 नवंबर तक कोहरे के छाए रहने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा, उत्तरी कर्नाटक, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, मराठवाड़ा, तटीय कर्नाटक के इलाकों में न्यूतनम तापमान औसत से अधिक चल रहा है। आज मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान दिल्ली में 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में थोड़ी और गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 28-30 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान 12-17 डिग्री सेल्सियस के बीच है। अधिकतम तापमान औसत से एक डिग्री जहां ज्यादा है, तो मिनिमम टेम्प्रेचर औसत से कई जगह चार डिग्री सेल्सियस तक अधिक बना हुआ है।  

कैलाश गहलोत के पास दिल्ली सरकार के कई विभागों की जिम्मेदारियां थीं, अब इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री खुद समभालेंगी ये विभाग

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत ने इस्तीफा दे दिया है। उनके पास परिवहन विभाग समेत कई विभागों की जिम्मेदारी थी। अब जानकारी सामने आई है कि सीएम आतिशी ही इन विभागों की कमान संभालेंगी। इसके लिए उन्होंने दिल्ली के एलजी को प्रस्ताव भेज दिया है। दिल्ली की नजफगढ़ सीट से विधानसभा पहुंचने वाले कैलाश गहलोत के पास दिल्ली सरकार के कई विभागों की जिम्मेदारियां थीं। कैलाश गहलोत के मौजूदा विभाग कैलाश गहलोत के पास परिवहन मंत्रालय से लेकर गृह मंत्रालय तक की जिम्मेदारी थी। इसके अलावा उनके पास प्रशासनिक सुधार, महिला और बाल विकास, सूचना प्रोद्योगिकी और प्रशासनिक सुधार जैसे बड़े विभाग थे। अब इन विभागों की जिम्मेदारी सीएम आतिशी संभालेंगीं। सीएम आतिशी के मौजूदा विभाग दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के पास इस समय करीब 13 विभागों की कमान है। सीएम आतिशी के पास इस समय शिक्षा, पॉवर, लोक निर्माण विभाग, ट्रेनिंग और टेक्निकल एजूकेशन, जनसंपर्क विभाग, राजस्व, वित्त, सेवा, जल, सतर्कता, योजना और कानून न्याय और विधिक मामले जैसे विभाग हैं। इसके अलावा उनके पास उन सभी विशेष विभागों की जिम्मेदारी है जो किसी भी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं। पहले भी आतिशी पर दिखाया गया था भरोसा दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के पास इस समय करीब 13 विभागों की कमान है। इसके अलावा अब उनके पास और भी जिम्मेदारियां आ जाएंगीं। आपको बता दें कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के जेल में जाने के दौरान भी पार्टी ने आतिशी पर भरोसा जताया था। उस समय भी मनीष सिसोदिया के विभाग आतिशी के पास पहुंचे थे। इसमें शिक्षा मंत्रालय की चर्चा काफी हुई थी।

राजस्थान: उपचुनाव के 23 नवंबर को आने वाले परिणाम से कई नई तस्वीरें उभरकर सामने आने की संभावना

जयपुर राजस्थान में इस बार गत 13 नवंबर को हुए सात विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव के 23 नवंबर को आने वाले परिणाम से कई नई तस्वीरें उभरकर सामने आने की संभावना हैं और इसका असर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, सांसद हनुमान बेनीवाल एवं अन्य कुछ सांसदों सहित कई नेताओं की राजनीतिक प्रतिष्ठा पर पड़ेगा। अगर भाजपा उपचुनाव की अधिकतर सीटे जीत जाती है तो मुख्यमंत्री श्री शर्मा की राजनीतिक प्रतिष्ठा के चार चांद लग जायेंगे और वह प्रदेश में नये जादूगर साबित होंगे वहीं भाजपा के नये प्रदेश अध्यक्ष श्री राठौड़ का भी कद बढ़ जायेगा। अगर कांग्रेस उपचुनाव हारती है तो जहां इसके प्रदेश में सबसे वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जादूगरी विफल मानी जायेगी वहीं कांग्रेस के उभरते प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की राजनीतिक प्रतिष्ठा को गहरा धक्का लगेगा। कांग्रेस के उपचुनाव हारने से यह भी साबित हो जायेगा कि प्रदेश में राज्य सरकार के खिलाफ कोई असंतोष की लहर नहीं थी और लोगों ने भाजपा की केवल 10-11 महीने की सरकार के पक्ष में मतदान कर पहली बार के विधायक बनने के बाद मुख्यमंत्री बने श्री भजन लाल शार्मा का कद और बढ़ जायेगा। उपचुनाव में अगर कांग्रेस चुनाव जीत जाती है तो उसके उपचुनाव में किए गये दावे सही साबित होंगे और यह भी माना जायेगा कि कहीं न कहीं लोगों में सरकार के खिलाफ असंतोष की लहर भी थी। लेकिन कांग्रेस के चुनाव हारने पर जहां सरकार के दावे तो सही साबित होंगे वहीं यह भी माना जायेगा कि सियासी जादूगर श्री गहलोत के उपचुनाव में गैर मौजूदगी तथा पार्टी में तालमेल एवं गुटबाजी का असर भी पड़ा हैं। इसके अलावा उपचुनाव में हार-जीत का असर सांसद बृजेन्द्र ओला, हरीश मीणा, मुरारी लाल मीणा की राजनीतिक प्रतिष्ठा पर भी पड़ेगा। उपचुनाव की सबसे चर्चित सीट खींवसर से अगर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) की प्रत्याशी एवं सांसद हनुमान बेनीवाल की पत्नी कनिका बेनीवाल चुनाव हार जाती हैं तो रालोपा के अस्तित्व पर बड़ा संकट आ सकता है और उपचुनाव में श्री बेनीवाल कह भी चुके है कि अगर उनकी पत्नी चुनाव हारती है तो वह पार्टी को समाप्त कर देंगे। अगर खींवसर में रालोपा जीत जाती है तो न केवल उनका शुरु से इस क्षेत्र में चला आ रहा दबदबा बरकरार रहेगा साथ ही उनकी राजनीतिक साख में और इजाफा होगा वहीं राज्य के चिकिस्ता मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर को अपना सिर और मूंछ मुंडवानी पड़ जायेगी। उपचुनाव के प्रचार में श्री खींवसर ने चुनाव सभा में ऐलान किया था कि अगर भाजपा प्रत्याशी रेवंतराम डांगा चुनाव हार जाते है तो वह अपना सिर और मूंछ दोनों यहां मूंडवा लेंगे। उपचुनाव मतदान के बाद में उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह जरुरत भी पड़ी तो वह तिरुपति में जाकर करेंगे। पिछला विधानसभा चुनाव हार चुके पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा के भी उपचुनाव हार जाने से उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा पर गहरा असर पड़ेगा। इसी प्रकार कांग्रेस प्रत्याशी अमित ओला के चुनाव हारने पर बृजेन्द्र सिंह ओला की राजनीतिक प्रतिष्ठा में भी गिरावट आयेगी और ओला परिवार का विधानसभा क्षेत्र स्तर पर उनका राजनीतिक दबदबा समाप्त हो जायेगा। इसी तरह डूंगरपुर जिले की चौरासी सीट से भारत आदिवासी पार्टी (बाप) का प्रत्याशी अनिल कटारा चुनाव हार जाते है तो बाप नेता एवं सांसद राजकुमार रोत की राजनीतिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचेगी और उनकी भी विधानसभा स्तर पर राजनीतिक दबदबा कमजोर हो जायेगा। इसके अलावा दौसा से अगर भाजपा के प्रत्याशी जगमोहन मीणा चुनाव हार जाते है तो उनके भाई एवं कृषि मंत्री डा किरोड़ी लाल मीणा की राजनीतिक प्रतिष्ठा को गहरा धक्का पहुंचेगा और इसके बाद श्री किरोड़ी मीणा क्या राजनीतिक फैसला लेंगे, वह देखने वाली बात होगी। क्योंकि गत लोकसभा चुनाव में जब उनके राजनीतिक प्रभाव वाली कुछ सीटे भाजपा के हार जाने पर उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा भेज दिया था हालांकि इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ लेकिन वह इस दौरान कुछ महीनों तक मंत्री के रुप में काम भी नहीं किया। अब दौसा उपचुनाव में अगर उनका भाई चुनाव हार जाते हैं तो वह क्या करेंगे, यह देखने वाली बात होगी लेकिन उनके भाई के चुनाव जीत जाने पर डा किरोड़ी का कद और बढ़ जायेगा। उपचुनाव के परिणाम का देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में भी गहरा असर देखने को मिल सकता है और मतदान के दौरान उपखंड अधिकारी के थप्पड़ मारने वाले निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा चुनाव जीत जाते हैं तो सबसे चौकाने वाले परिणाम होंगे और उनकी नई राजनीतिक पारी शुरु होगी। अगर वह चुनाव हार जाते है तो राजनीतिक भविष्य शुरु होने से पहले ही समाप्त भी हो सकता है। कांग्रेस के कस्तूर चंद मीणा जीतते है तो कांग्रेस की साख बच जायेगी जबकि पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रत्याशी जीतते है तो उनकी एवं भाजपा की क्षेत्र में फिर राजनीतिक प्रतिष्ठा कायम होगी। उपचुनाव परिणाम का रामगढ़ में पूर्व विधायक जुबैर खान एवं सलूंबर में पूर्व विधायक अमृतलाल मीणा परिवार की राजनीतिक प्रतिष्ठा पर भी पड़ने वाला हैं जहां दोनों जगह इन परिवारों पर अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा बरकरार रखने की चुनौती थी। उपचुनाव के मतदान के बाद भाजपा, कांग्रेस, रालोपा, बाप पार्टी एवं कुछ निर्दलीय अपनी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं लेकिन चुनावी किस्मत का पिटारा 23 नवंबर को खुलने पर ही हकीकत सामने आयेगी।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet