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निर्माणाधीन पुल पर कार चढ़कर रामगंगा में गिरी, दो सगे भाई सहित तीन की मौत, जाने पूरा मामला

बरेली रविवार सुबह फरीदपुर के अल्लपुर गांव में गूगल मैप कार सवारों के लिए काल बनकर आया। निर्माणाधीन पुल पर कार चढ़कर रामगंगा में गिर गई, जिससे दो सगे भाइयों सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। गाजियाबाद की तरफ से आ रहे तीन कार सवार गूगल मैप के जरिए यहां से निकल रहे थे। गूगल मैप ने निर्माधीन पुल से होकर रास्ता बताया, जिसको पार करने के लिए वह आगे बढ़े। इस दौरान काफी कोहरा होने की वजह से वह आगे देख नहीं पाए और रामगंगा में गिर गए। सुबह-सुबह निकले ग्रामीणों ने रामगंगा में खून बहते देखा, तो वह चौंक गए। उन्होंने बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार के अंदर तीन लोगों को देखा, जिसमें दो की मौत हो चुकी थी। एक गंभीर हालत में मिले व्यक्ति ने मरने से पहले बताया कि गूगल मैप ने बताया था कि इस रास्ते से आगे जा सकते हैं। तीनों फर्रूखाबाद के रहने वाले थे। पुलिस और प्रशासन हादसे के बाद जांच में जुट गया है। प्रशासन की लापरवाही भी मौत का कारण दातागंज (बदायूं) से फरीदपुर (बरेली) को जोड़ने वाले पुल का आधा हिस्सा पिछले साल भारी बारिश में गिर चुका था। उसके बाद सेतु निगम की ओर से यहां दो फीट ऊंची कच्ची दीवार बनाई गई थी, जिससे लोग आगे न जाएं। वह भी धीरे-धीरे दरककर हट गई थी। इस बीच पुल पर यातायात के लिए कोई पुख्ता सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। ये है पूरा मामला रविवार सुबह फर्रुखाबाद निवासी दो भाई कौशल और विवेक अपने दोस्त के साथ गाजियाबाद की तरफ से निकले थे। इस बीच रास्ता पता न होने पर उन्होंने गूगल मैप का सहारा लिया। उसके बाद तीन कार लेकर पुल पर चढ़ गए। पुल आगे पूरा नहीं बना था। वह कोहरे के कारण यह देख नहीं पाए और कार सहित रामगंगा में गिर गए। तीनों की मौत मौके पर ही हो गई। सुबह गांव के लोगों ने पानी में बहता देखा खून अल्लपुर गांव के लोग सुबह काम के लिए निकले तो रामगंगा में खून बहते देखा। उन्होंने आगे जाकर देखा तो एक कार में तीन लोग खून से लथपथ पड़े हुए थे। दो की मौत हो चुकी थी, लेकिन तीसरा गंभीर घायल था। उसने मरने से पहले जानकारी दी कि उनको गूगल मैप ने इस रास्ते की जानकारी दी। ग्रामीणों ने पुलिस को हादसे की सूचना दी। मौके पर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी। निर्माणाधीन पुलिस की नहीं थी जानकारी राहुल सिंह, इंस्पेक्टर फरीदपुर ने कहा कि तीनों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि पुल निर्माणाधीन स्थिति में है। ऐसे में वह बदायूं के दातागंज थाना क्षेत्र से कार पुल पर चढ़ गई, जिसके बाद फरीदपुर क्षेत्र में गिरी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

इंदौर-दाहोद रेल लाइन ने पकड़ी रफ्तार, गुणावद से धार के बीच अर्थवर्क का काम चल रहा,आधे हिस्से में बिछाया गया ट्रैक

इंदौर इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। टिही से गुणावद तक अर्थवर्क पूरा हो चुका है। वहीं गुणावद से धार के बीच अर्थवर्क का काम चल रहा है। रतलाम मंडल द्वारा प्रोजेक्ट के इस हिस्से को मार्च-2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन इस सेक्शन में बन रहे आरओबी निर्माण में हो रही देरी से मई-2025 तक यह सेक्शन ट्रेन संचालन के लिहाज से तैयार हो पाएगा। उल्लेखनीय है कि साल 2008 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का काम साल 2013 में शुरू हुआ था। वर्तमान में 205 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में अलग-अलग हिस्सों में काम चल रहा है। इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट (205 किमी) को इंदौर-टिही (29 किमी), टिही-गुणावद (28 किमी), गुणावद-नौगाव (14 किमी), धार-अमझेरा (20 किमी), अमझेरा-सरदारपुर (20 किमी), सरदारपुर-झाबुआ (60 किमी) अलग-अगल सेक्शन में बांटकर काम किया जा रहा है। इंदौर-टिही और दाहोद-कतवारा सेक्शन का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल रेलवे टिही-गुणावद-नौगांव (धार) सेक्शन पर तेजी से काम कर रहा है। इस सेक्शन में नौ आरओबी बनने हैं। वर्तमान में टिही के पास टनल का काम तकरीबन पूरा होने को है। टिही से गुणावद तक अर्थवर्क पूरा हो चुका है। करीब 60 फीसदी हिस्से में पटरी भी बिछाई जा चुकी है। मार्च 2025 तक ट्रेन चलाने का लक्ष्य गुणावद रेलवे स्टेशन, यार्ड आदि का काम भी शुरू हो चुका है। वहीं गुणावद से नौगांव के बीच अर्थवर्क का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। रतलाम मंडल ने पूर्व में इंदौर-नौगांव के बीच मार्च-2025 तक ट्रेन संचालन का लक्ष्य रखा था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते यह काम मई-2025 तक पूरा होगा। इधर दाहोद के पास कतवारा से झाबुआ के बीच भी पटरी बिछाने का काम हो रहा है। पूरी परियोजना को 2026 तक पूरा करना है इस परियोजना का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी अंचल को रेल सेवाओं से जोड़ेगा। इस लिहाज से यह परियोजना रेलवे के साथ गुजरात और मप्र राज्य के लिए भी काफी अहम है। इसलिए इसे अलग-अलग हिस्सों में बांटकर काम किया जा रहा है। परियोजना में सागौर, गुणावद, नौगांव, झाबुआ, पिटोल में नए रेलवे स्टेशन भवन, प्लेटफार्म आदि का निर्माण शुरू कर दिया है। पूरी परियोजना को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

‘जनादेश हमें स्वीकार्य’, छत्तीसगढ़-रायपुर दक्षिण से बीजेपी के विजेता सुनील सोनी को कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा ने दी बधाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने 9वीं बार शानदार जीत हासिल की है. भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने कांग्रेस के आकाश शर्मा को 46,167 वोटों से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. चुनावी नतीजे घोषित होने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा ने हार स्वीकारते हुए सुनील सोनी को जीत की बधाई दी है. उन्होंने कहा, “जनता का जनादेश हमें स्वीकार्य है. दक्षिण की जनता ने सुनील सोनी को चुना है. मैं उन्हें बधाई देता हूं. पार्टी के सभी सदस्यों ने मेहनत की. हार का क्या कारण है इसके पीछे एक वजह होगी. इसका आंकलन किया जाएगा. प्राथमिक तौर पर ऐसा लग रहा है कि जनता ने सरकार को चुना है, BJP पार्टी को चुना है.” आकाश शर्मा ने यह भी कहा कि भले ही वह चुनाव हार गए हों, लेकिन जनता की सेवा के प्रति उनका समर्पण जारी रहेगा. बता दें, रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है. इस बार भी मतदाताओं ने भाजपा पर अपना भरोसा जताया. सुनील सोनी की इस बड़ी जीत ने आगामी चुनावों के लिए भाजपा के हौसले को और बुलंद कर दिया है.

महाराष्ट्र में शपथ ग्रहण समारोह कल आयोजित होने की संभावना, मुख्यमंत्री पद पर सस्पेंस बरकरार: दीपक केसरकर

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में शानदार जीत दर्ज करने के बाद, भाजपा-नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने सरकार बनाने का दावा पेश करने की तैयारी कर ली है। शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ मंत्री दीपक केसरकर ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह कल यानी सोमवार को आयोजित होने की संभावना है। शपथ से पहले मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बीच कड़ी टक्कर है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह में केवल मुख्यमंत्री और उनके संभावित डिप्टी शपथ लेंगे। कैबिनेट में शामिल अन्य मंत्रियों के नामों पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसके अलावा, सीएम पद को लेकर अंतिम फैसला गठबंधन के सहयोगियों के साथ चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। फडणवीस ने कहा, “मुख्यमंत्री को लेकर कोई विवाद नहीं होगा। यह पहले दिन से तय है कि चुनाव के बाद तीनों दलों के नेता मिलकर फैसला करेंगे।” महायुति ने 288 में से 235 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया है। भाजपा ने 132 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है। वहीं विपक्ष ने मुख्यमंत्री पद को लेकर शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें फडणवीस के नेतृत्व में काम करना पड़ सकता है। पुरानी खींचतान की कहानी मुख्यमंत्री पद को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से खींचतान होती रही है। 2019 में, उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच सत्ता साझा करने को लेकर मतभेद के चलते भाजपा और शिवसेना का गठबंधन टूट गया था। इसके बाद कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर उद्धव ठाकरे ने महा विकास अघाड़ी सरकार बनाई। हालांकि, 2022 में एकनाथ शिंदे ने ठाकरे के खिलाफ विद्रोह कर दिया और अपने साथ कई विधायकों को लेकर भाजपा के साथ सरकार बना ली। शिंदे तब मुख्यमंत्री बने। बाद में एनसीपी के अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत करते हुए शिंदे सरकार को समर्थन दिया। “लड़की-बहन योजना” का असर भाजपा-नेतृत्व वाली महायुति की बड़ी जीत में “लड़की-बहन योजना” जैसी कल्याणकारी योजनाओं का बड़ा योगदान माना जा रहा है। इस योजना ने महिलाओं और युवाओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत की है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री पद किसे मिलेगा—देवेंद्र फडणवीस या एकनाथ शिंदे। गठबंधन के भीतर एकता बनाए रखना इस नई सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

कलेक्टर-एसपी ने लिया आनंद, छत्तीसगढ़-मुंगेली में कोटवार के ‘ऐसी लागी लगन’ गीत पर तहसीलदार ने तबले से दी ताल

मुंगेली. जिले के कोटवारों के सम्मान में प्रशासन एवं पुलिस ने सम्मान समारोह का आयोजन किया, जिसमें कोटवारों की सजगता और सक्रिय भूमिका को लेकर कलेक्टर एवं एसपी ने न सिर्फ सराहना की, बल्कि उन्हें शॉल, श्रीफल व प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित करते हुए सम्मानित भी किया. इस दौरान कोटवारों ने गीत संगीत की प्रस्तुति भी दी. ग्राम सुरेठा के कोटवार सुंदर दास ने हारमोनियम वादन करते हुए ‘‘ऐसी लागी लगन’’ गीत गाया और सरगांव के तहसीलदार अतुल वैष्णव ने ‘‘तबले’’ पर संगत किया. संगीतमय माहौल को देखते हुए कलेक्टर राहुल देव एवं एसपी भोजराम पटेल भी खुद को रोक नहीं पाए और उनके साथ बैठकर सुमधुर गीत-संगीत का आनंद लिया. इसी तरह कोटवार संघ के अध्यक्ष संतोष मानिकपुरी ने ‘‘जय छत्तीसगढ़ गीत’’ पर मनमोहक प्रस्तुति दी. क्या था पूरा कार्यक्रम जिला एवं पुलिस प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करने वाले कोटवारों को सम्मानित करने और स्थानीय प्रशासन में उनकी भूमिका को रेखांकित करने जिला मुख्यालय स्थित सतनाम भवन में ‘‘मोर पहचान, मोर सम्मान’’ थीम पर कोटवार सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें जिले भर के गांवों से आए कोटवारों ने भाग लिया. कोटवारो को लेकर क्या बोले कलेक्टर सम्मेलन में कलेक्टर राहुल देव ने कोटवारों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी कोटवारों से मिलकर बहुत खुशी हो रही है। आप सभी जिला और पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि है। गांव में अपना प्रभाव बनाने पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करें। वर्दी की गरिमा और सम्मान को बनाए रखें। आपकी दोहरी जिम्मेदारी है। आप प्रशासन की रीढ़ है। कहीं भी अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने कानून व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। इसके साथ ही कानून व्यवस्था को मजबूती देने के लिए आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है। कोटवारों की महत्वपूर्ण सूचना से कोई बड़ी घटना टल सकती है, इसलिए अपने कार्यों को गंभीरता से करना है। उन्होंने आने वाले पंचायत चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने कोटवारों को प्रोत्साहित किया। गांव की सुरक्षा कवच के रूप में करें कार्य – पुलिस अधीक्षक पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि कोटवार और प्रशासन एक माला की तरह हैं। गांव की खुशी, सुख-दुख व सम्मान सभी चीजों की जानकारी कोटवारों को होती है। आप अपने गांव के बारे में सटीक एवं पूरी जानकारी रखें। अपने पद की गरिमा को बना के रखते हुए कार्य करें। गांव में कोई भी अनजान व्यक्ति आ रहा है, उसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दें। जीवन को खूबसूरती के साथ जीते हुए गांव की सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करना है। उन्होंने साइबर ठगी के प्रति जागरूक एवं सतर्क रहने की अपील की।

पूर्व दिग्गज हरफनमौला कपिल देव ने कहा-विराट कोहली को कुछ साबित करने की जरूरत नहीं

मुंबई पूर्व दिग्गज हरफनमौला कपिल देव ने रविवार को यहां कहा कि विराट कोहली को कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है और भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान ‘अद्वितीय’ है। कोहली ने रविवार को पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच की दूसरी पारी में अपना 30वां टेस्ट शतक जड़ा। कोहली (नाबाद 100) और युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (161) की शतकीय पारियों ने भारत ने इस मैच में अपना शिकंजा काफी मजबूत कर लिया। ऑस्ट्रेलिया में यह कोहली का सातवां शतक है। वह इसके साथ ही महान सचिन तेंदुलकर (छह शतक) के रिकॉर्ड को पीछे छोडकर इस देश में सबसे ज्यादा शतक बनाने वाले भारतीय बन गए। कपिल ने यहां विश्व समुद्र गोल्डन ईगल गोल्फ चैंपियनशिप के दौरान कहा, ‘जिन लोगों को आलोचना करनी है वे आलोचना करेंगे। कोई बड़ा खिलाड़ी अगर वापसी करने में बहुत समय लेता है तो मीडिया ऐसा काम करती है।’ उन्होंने कहा, ‘हमें उसकी क्षमता और प्रतिभा देखनी चाहिए। वह बहुत बड़े खिलाड़ी है। उन्हें किसी को साबित करने की जरूरत नहीं है। उन्हें मुझे या मीडिया के सामने कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है।’ भारत के इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘उसने क्रिकेट के लिए जो किया है वह अद्भुत है। हम सभी को उसे शाबाशी देनी चाहिए। वह अगर बहुत अधिक रन नहीं बनाता है तो भी ठीक है। उन्होंने क्रिकेट को जो दिया है वह अद्वितीय है।’

कन्या महाविद्यालय में एनसीसी दिवस पर प्रेरक और जीवंत कार्यक्रमों का आयोजन हुआ

विदिशा एनसीसी दिवस के अवसर पर आज राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय विदिशा में एक प्रेरक और जीवंत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।कार्यक्रम में कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विकास गुप्ता सौर्य चक्र 14 एमपी बटालियन एनसीसी विदिशा के मार्गदर्शन में आयोजित उक्त कार्यक्रम में यह उत्सव, सीखने और सौहार्द का दिन है जिसमें सोच-समझकर नियोजित गतिविधियों की एक श्रृंखला थी। जिसने उपस्थित सभी लोगों पर एक स्थायी छाप छोड़ी।   कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत पारंपरिक सरस्वती पूजा के साथ हुई, जिसमें ज्ञान और शिक्षा की देवी का आशीर्वाद लिया गया जिसमें महाविद्यालय स्टाफ और कैडेटों ने पूर्ण तन्मयता से सहभागिता निभाई है। कार्यक्रम में  जीवंत सांस्कृतिक प्रदर्शनों का एक क्रम आयोजित किया गया, जिसमें कैडेटों की प्रतिभा का प्रदर्शन किया गया। कैडेट्स द्वारा लोक नृत्य, मधुर गीत की प्रस्तुति दी गई।महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता पांडे ने कैडेट्स से कहा कि आत्मविश्वासी नागरिकों को आकार देने में एनसीसी के महत्व को नकारा नहीं जा सकता है। उन्होंने जीवन में समय का सब काम हो इसके लिए पाबंद किया है।      एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. विनीता प्रजापति ने कैडेट्स की उपलब्धियों को साझा किया। साथ ही प्रोफेसर रवि रंजन (राजनीति विज्ञान विभाग) द्वारा विशेष सशक्त भाषण के साथ सभा को उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। हवलदार गणेश घाडगे ने अपनी व्यावहारिक अंतर्दृष्टि और उपाख्यानों के साथ कैडेटों को अपने जीवन में अनुशासन और दृढ़ संकल्प को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।    कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स के साथ-साथ महाविद्यालय की छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिन्होंने अनुशासन और उत्साह का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों के बीच एकता और नेतृत्व की भावना पैदा करने के लिए इंटरैक्टिव सत्र और टीम-निर्माण गतिविधियां आयोजित की गई। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

21 क्विंटल प्रति एकड़ हो रही धान की खरीदी, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साय ने किसानों को दी ‘मोदी की गारंटी’

रायपुर. सीएम साय ने प्रदेश में जारी धान खरीदी को लेकर किसानों को स्पष्ट किया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों को दी गई “मोदी की गारंटी“ के अनुरूप ही इस वर्ष प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की जा रही है. उन्होंने किसानों से अपील की है कि धान खरीदी को लेकर किसी भी प्रकार के भ्रम में न पड़ें. साथ ही उन्होंने भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. सीएम साय ने कहा, धान खरीदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर रही है. सीएम साय ने बताया कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केन्द्रों के माईक्रोएटीएम से 2000 रूपए से लेकर 10 हजार रूपए तक की राशि निकालने की सुविधा भी दी गई है. इससे किसानों को धान बेचने परिवहन के लिए किराये पर लिए गए ट्रैक्टर, मेटाडोर आदि का भाड़ा और हमाली मजदूरी का भुगतान करने में सुविधा होगी. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में अनवरत धान खरीदी का सिलसिला जारी है. 14 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा. खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है. इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है. इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मिट्रिक धान खरीदी अनुमानित है.

मालवा में पर्याप्त मात्रा में बरसात होने से किसानों ने गेहूं की बोवनी को प्राथमिकता दी, गेहूं के रेट में 150 रुपये की आई मंदी

उज्जैन इस वर्ष उज्जैन जिले में गेहूं को बोवनी का रकबा बढ़ गया है। करीब 4.50 लाख हेक्टेयर में बोवनी की गई है। 90 फीसद खेतों में बीज बो दिया गया है। बोवनी के बाद गेहूं में करीब 150 रुपये क्विंटल की मंदी आ गई। मालवा में पर्याप्त मात्रा में बरसात होने से किसानों ने गेहूं की बोवनी को प्राथमिकता दी है। चने को बोवनी मात्र 10 हजार हेक्टेयर में की गई है। गेहूं का रकबा 4.50 लाख हेक्टेयर हो गया है। बीते सप्ताह तक गेहूं-बीज की मांग जबरदस्त होने से भाव काफी तेज थे। चमक वाला गेहूं 3500 रुपया क्विंटल बिक रहा था, लेकिन बीज के गेहूं की मांग समाप्त होते ही भाव में करीब 150 रुपया की मंदी आ गई। क्योंकि देशावर में मांग कमजोर है। मिल क्वालिटी के भाव भी कम हो गए हैं। आटा मिल वालों के उत्पाद आटा, रवाई, मैदा में भी बिक्री कम हो गई है। इस वर्ष सीजन से अब तक गेहूं में 500 से 600 रुपये क्विंटल की तेजी रही। स्टाकिस्टों को गेहूं का स्टॉक फलीभूत हो गया। अधिक उत्पादन वाले गेहूं की बोवनी अधिक किसानों की माने तो इस बार अधिक उत्पादन वाली किस्म के गेहूं की बोवनी ज्यादा की गई। हालांकि यह गेहूं उत्पादन वाले गेहूं लोकवन, पूर्णा, शरबती किस्म से काफी कम भाव में बिकता है। किसानों के अनुसार अब हर क्षेत्र में पानी की उपलब्धता पर्याप्त होने से पोषक, मालवराज, तेजस, 513 किस्म की बोवनी काफी की गई है। बनिस्बत अन्य किस्म के। इस बार भी इस क्वालिटी के गेहूं बीज की मांग काफी रही। तेजी भी सीजन से ऑफ सीजन तक इस गेहूं में ही जबदस्त आई है। स्टॉक के डर ने मंदी ला दी बता दे केंद्र सरकार के पास गेहूं का कम स्टॉक है। ऐसे में बीते 6 माह ओपन सेल स्कीम के तहत इन लाइन गेहूं नहीं बेच पा रही है। गरीब उपभोक्ताओं को भी गेहूं की जगह चावल खिला रही है। ऐसे में बीते महीने तक गेहूं के भाव में काफी तेजी रही, लेकिन सरकार ने स्टाक सीमा लागू कर रखी है। इस डर से आटा प्लाट व बड़े स्टॉकिस्टों ने अपना स्टॉक बेचना शुरू कर दिया, जबकि लेवाली कमजोर है। नतीजतन इस सप्ताह मंदी आ गई।

मन की बात कार्यक्रम में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के लिए इन्दौर की हुई प्रशंसा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में मध्यप्रदेशवासियों द्वारा सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण-संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की है। यह निश्चित रूप से सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के “मन की बात” कार्यक्रम से सदैव कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम के 116 वां संस्करण सुनने के बाद यह विचार व्यक्त किए। इंदौर की रेवती हिल्स इलाके में हुए पौधरोपण का हुआ उल्लेख रविवार 24 नवंबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान अंतर्गत इंदौर में पेड़ लगाने के बने रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के इंदौर में अभियान अंतर्गत 24 घंटे में 12 लाख से ज्यादा पेड़ लगाए गए। अभियान में हुई जन-सहभागिता से इंदौर की रेवती हिल्स का बंजर इलाका अब ग्रीन जोन में बदल जाएगा। डिजिटल अरेस्ट नाम का सरकार में कोई भी प्रावधान नहीं प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डिजिटल क्रांति में बुजुर्गों को भागीदार बनाने के लिए युवाओं द्वारा की जा रही पहल के अंतर्गत भोपाल के महेश का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने मोहल्ले के कई बुजुर्गों को मोबाइल के माध्यम से पेमेंट करना सिखाया है। इन बुजुर्गों के पास स्मार्टफोन तो था, लेकिन उसका सही उपयोग बताने वाला कोई नहीं था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आहवान किया कि बुजुर्गों को डिजिटल अरेस्ट के खतरे से बचाने के लिए भी युवा आगे आएं। उन्होंने यह भी कहा कि हमें बार-बार लोगों को समझना होगा कि डिजिटल अरेस्ट नाम का सरकार में कोई भी प्रावधान नहीं है। यह सरासर झूठ है, लोगों को फसाने का एक षड्यंत्र है। यह प्रसन्नता का विषय है कि देश के युवा जागरूकता के इस काम में पूरी संवेदनशीलता से हिस्सा ले रहे हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं। 11-12 जनवरी को दिल्ली में होगा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के सामूहिक प्रयासों,  उपलब्धियों, जन-जन के सामर्थ्य,  युवा सपनों और देश के नागरिकों की आकांक्षाओं की बात है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में एनसीसी से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी भी कैरियर के लिए व्यक्तित्व निर्माण में सहायक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बताया कि 11-12 जनवरी को दिल्ली में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आय़ोजन हो रहा है। इसमें गांव, ब्लॉक, जिलों, राज्यों से लगभग दो हजार युवा भाग लेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि समाज को सशक्त बनाने में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवाओं को भी किताबों से दोस्ती करने के लिए पहल करना चाहिए। उन्होंने ओरल हिस्ट्री प्रोजेक्ट के संबंध में भी चर्चा की। पर्यावरण-संरक्षण और स्वच्छता के प्रति संवेदनशीलता जरूरी प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील होने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बायोडायवरसिटी बनाए रखने में गौरेया (स्पेरो) पक्षी का विशेष महत्व है। इस पक्षी की वापसी के लिए विभिन्न राज्यों में अनोखे प्रयास हो रहे हैं। अपने आसपास और सभी के ऐसे प्रयास करने से गौरेया फिर से हमारे जीवन का हिस्सा बन सकती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सरकारी दफ्तरों में पुरानी फाइलों और स्क्रेप को हटाने के लिए चलाए गए विशेष स्वच्छता अभियान का उल्लेख भी किया तथा प्लास्टिक वेस्ट और अनुपयोगी समझीं जाने वाली चीजों को री-साईकल कर कचरे से कंचन बनाने के विचार को अमल में लाने की अपील भी की।  

एनएसीटीए ने पीटीआई विरोध मार्च पर संभावित आतंकवादी हमले की चेतावनी दी

इस्लामाबाद राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक प्राधिकरण (एनएसीटीए) ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के विरोध मार्च को निशाना बनाकर संभावित आतंकवादी हमले की चेतावनी दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को जारी किया गया एक अलर्ट, जो शनिवार को मीडिया में सामने आया, में कई स्रोतों से मिली जानकारी का हवाला दिया गया है। इसमें बताया गया कि प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आतंकवादी अफगानिस्तान से पाकिस्तान में प्रवेश कर चुके हैं और प्रमुख शहरों में घुसपैठ कर चुके हैं। एनएसीटीए ने समूह की पहचान फितना अल-खवारिज के रूप में की है, जिसे पहले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के नाम से जाना जाता था। यह आतंकवादी कथित तौर पर 19-20 नवंबर की रात को पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के जरिए पाकिस्तान में घुसे थे। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि आतंकवादी पीटीआई की सार्वजनिक सभा को हमले के अवसर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। जवाब में, राजधानी भर में सुरक्षा उपायों को काफी मजबूत किया गया है, अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी संभावित खतरे से सुरक्षित रहने के निर्देश दिए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले शनिवार को गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने पीटीआई के अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर से संपर्क किया था। इस दौरान उन्होंने यह सूचित किया था कि सरकार उच्च-स्तरीय बेलारूसी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान इस्लामाबाद में किसी भी तरह के धरना या रैलियों की अनुमति नहीं देगी। नकवी ने सुरक्षा चिंताओं को इस निर्णय का कारण बताया। बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल 24 से 27 नवंबर तक दौरा करने वाले हैं। 24 नवंबर को पीटीआई के विरोध-प्रदर्शन से पहले सरकार ने तीन दिनों के लिए पंजाब भर में धारा 144 लागू करते हुए इस्लामाबाद में हजारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया। अधिकारियों ने श्रीनगर हाईवे, जीटी रोड और इस्लामाबाद एयरपोर्ट से जुड़ने वाले रेड जोन की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों को सील कर दिया है। कई प्रवेश बिंदुओं पर कंटेनर रखे गए हैं, जबकि रेंजर्स, पुलिस और फ्रंटियर कोर के कर्मियों को संवेदनशील स्थानों, खासकर डी-चौक के आसपास तैनात किया गया है। अन्य एहतियाती उपायों में इस्लामाबाद, खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं का आंशिक निलंबन शामिल है। इस्लामाबाद और रावलपिंडी में मेट्रो बस सेवाओं जैसे सार्वजनिक परिवहन को रोक दिया गया है। इसके अलावा, विरोध-प्रदर्शन और हाई-प्रोफाइल यात्रा के दौरान सुरक्षा भंग होने से बचाने के लिए फैजाबाद के सभी बस टर्मिनलों पर बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा बढ़ाए जाने से सरकार की चिंता स्पष्ट होती है, जैसे कि संभावित आतंकवादी खतरा और राजधानी में बढ़ते तनाव के बीच सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना।

शीतकालीन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस की मांग, ‘संसद के शीतकालीन सत्र में हो अडानी-मणिपुर मुद्दे पर चर्चा’

नई दिल्ली संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई. बैठक में कांग्रेस ने अडानी और मणिपुर मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग की. इसके अलावा विपक्षी दलों ने उत्तर भारत में प्रदूषण और रेल दुर्घटनाओं पर भी चर्चा की मांग की. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बताया कि उनकी पार्टी ने अडानी ग्रुप पर लगे रिश्वतखोरी के आरोपों पर संसद में चर्चा की अनुमति देने का सरकार से अपील की.  उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि सोमवार को संसद की बैठक में सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया जाए. राज्यसभा सदस्य तिवारी ने कहा कि यह देश के आर्थिक और सुरक्षा हितों से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है क्योंकि कंपनी ने अपनी सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अनुकूल सौदा पाने के वास्ते नेताओं और नौकरशाहों को 2,300 करोड़ रुपये से अधिक का कथित तौर पर भुगतान किया. 20 दिसंबर तक चलेगा सत्र संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा. इस सत्र के लिए वक्फ संशोधन विधेयक समेत 16 विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा, कांग्रेस नेता जयराम रमेश और गौरव गोगोई के अलावा टी शिवा, हरसिमरत कौर बादल और अनुप्रिया पटेल शामिल हुए. वक्फ (संशोधन) विधेयक भी सूचीबद्ध लंबित विधेयकों में वक्फ (संशोधन) विधेयक भी शामिल है जिसे दोनों सदनों की संयुक्त समिति द्वारा लोकसभा में अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. समिति को शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के आखिरी दिन अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है. समिति के विपक्षी सदस्य समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समयसीमा बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि समिति के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदंबिका पाल समिति की बैठकों में बाधा डाल रहे हैं और उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से हस्तक्षेप करने की मांग की है.  

‘पीठ में छुरा घोंपने में माहिर होते हैं लोग’, राजस्थान-झालावाड़ में वसुंधरा के बधाई सन्देश से बढ़ी सरगर्मी

झालावाड़. प्रदेश में सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने पांच सीटें जीतकर अप्रत्याशित परिणाम हासिल किया है। इन्हीं अप्रत्याशित परिणामों को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की जोड़ी की जमकर तारीफें हो रही हैं। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की सादगी एवं संगठन और सरकार के बीच में उनके द्वारा बैठाया गया तालमेल कुछ इस तरीके से काम करता नजर आया कि इन दोनों नेताओं के आगे विपक्ष धराशायी हो गया। जिन दोनों नेताओं को चुनावी प्रचार के दौरान अनुभवहीन बताया जा रहा था, उन्हीं दोनों नेताओं ने कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली झुंझुनू सीट को कांग्रेस के मुंह से छीन लिया और दूसरी तरफ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की राजधानी मानी जाने वाली खींवसर सीट को जीतकर विधानसभा में हनुमान बेनीवाल और उनकी पार्टी को जीरो पर लाकर खड़ा कर दिया। इधर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोशल मीडिया X पर जीत की बधाई दी परंतु राजे की बधाई से ज्यादा उनका झालावाड़ में एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया भाषण ज्यादा चर्चाओं में आ गया। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के दौरान महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़ी बातों पर चर्चा करते हुए कुछ ऐसा कह गईं, जिसकी चर्चा हर तरफ चल पड़ी है। मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा- महाराणा प्रताप के जीवन से हमें सीखना चाहिए है कि लोग पीठ में छुरा घोंपने में माहिर होते हैं। महाराणा कभी ऐसा नहीं करते थे और निहत्थे पर वार करने की बजाय अपने साथ दो तलवारें रखते थे, एक अपने लिए और एक निहत्थे के लिए। उन्होंने महाराणा प्रताप के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए और समझना चाहिए कि समय का चक्र पहिये सा घूमता है। महलों में मखमल पर सोने वाले राजा को भी जंगल में कांटों पर भी सोना पड़ता है। महाराणा का सिद्धांत था अत्यंत विकट परिस्थिति में भी जो हार नहीं मानते हैं, जीत उन्हीं की होती है। उन्होंने कहा कि महाराणा का जीवन हमें बताता है कि सांप से कितना ही प्रेम कर लो, वह अपने स्वभाव के अनुरूप कभी न कभी तो आप पर जहर उगलेगा ही। यूं तो वसुंधरा ने अपने भाषण में महाराणा प्रताप के जीवन की खूबियों और उनसे सीख लेने की बात कही है लेकिन फिर भी उनकी बातों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है कि वह कौन है, जिसने वसुंधरा राजे के पीठ में छुरा  मारने का प्रयास किया है,  राजे इशारे-इशारे में किसी को कुछ समझाना चाह रही हैं या फिर अपनी ही बात कर रही हैं।

झारखंड में हार जनादेश को स्वीकार किया जाना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र का यही असल सार: हिमंता शर्मा

रांची झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सह-प्रभारी और असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य में पार्टी की हार उनके लिए बहुत दुखद है। हालांकि, शर्मा ने कहा कि जनादेश को स्वीकार किया जाना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र का यही असल सार है। शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘झारखंड में पार्टी की हार मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत दुखद है, भले ही हमने असम में उपचुनावों में सभी 5 सीट जीत ली हो। ​​मैंने झारखंड में अपने कार्यकर्ताओं के अटूट समर्पण और अथक प्रयासों को देखा है, जिन्होंने इस चुनाव में अपना सब कुछ झोंक दिया था।” शर्मा ने कहा कि भाजपा ने राज्य को ‘घुसपैठ’ से बचाने और छात्रों और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए इसे विकास के पथ पर ले जाने की दृष्टि से चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘हमें विनम्रतापूर्वक लोगों के जनादेश को स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि यही लोकतंत्र का असल सार है। शर्मा ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में हम अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे, उन्हें अटूट समर्थन और एकजुटता प्रदान करेंगे।” बता दें कि झारखंड में भारी जनादेश के साथ हेमंत सोरेन के झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेतृत्व वाला गठबंधन ने दोबारा सत्ता हासिल कर ली है। भाजपा दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन उसका प्रदर्शन उम्मीदों से अधिक खराब रहा।  

ब्रिटेन में आयुर्वेद को एक प्रभावी और बेहतर चिकित्सा पद्धति बताते हुए 10 हजार आयुर्वेदिक डॉक्टरों की होगी भर्ती

ब्रिटेन ब्रिटेन में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। अब ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना (एनएचएस) में आयुर्वेद को औपचारिक रूप से शामिल करने की तैयारी शुरू हो गई है। एक सर्वदलीय कमेटी ने आयुर्वेद को एक प्रभावी और बेहतर चिकित्सा पद्धति बताते हुए इसकी सिफारिश की है। यह भारतीय आयुर्वेदिक डॉक्टरों के लिए एक बड़ी खुशखबरी साबित हो सकती है। ब्रिटेन में अगले पांच साल में 10 हजार आयुर्वेदिक डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। साथ ही, ब्रिटेन में आयुर्वेद से संबंधित सौंदर्य, स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थानों की संख्या भी पांच साल में 500 तक पहुंचने का अनुमान है। आयुर्वेद को लेकर ब्रिटेन में बढ़ता रुझान ब्रिटेन में आयुर्वेद के प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में ब्रिटेन में आयुर्वेद से जुड़ी लगभग 100 संस्थान हैं, लेकिन अगले कुछ सालों में इनकी संख्या बढ़कर 500 हो सकती है। यह बदलाव खासकर सरकारी और प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जहां आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए काम किया जा रहा है। भारतीय आयुर्वेदिक डिग्री को मान्यता ब्रिटेन के आयुर्वेद सेंटर फॉर एक्सीलेंस (ACE) के प्रमुख अमरजीत सिंह ब्रह्मा ने बताया कि एनएचएस में आयुर्वेद को शामिल करने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो सकती है। इसके बाद भारत से भी आयुर्वेद के डॉक्टरों के लिए आवेदन किए जा सकते हैं, बशर्ते वे सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थानों से आयुर्वेद में डिग्री प्राप्त करें। इससे भारत के आयुर्वेदिक डॉक्टरों को लाभ होगा, क्योंकि वे ब्रिटेन में नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे। आयुर्वेद की बढ़ती लोकप्रियता ब्रिटेन में हर 10 में से 6 लोग जीवन में कम से कम एक बार आयुर्वेद का इस्तेमाल कर चुके हैं। एसीई की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल के दौरान गूगल पर आयुर्वेद से जुड़ी खोजों में 380% की वृद्धि हुई है। ब्रिटेन में सबसे ज्यादा लोग स्किन और हेयर केयर के लिए आयुर्वेद को ढूंढ रहे हैं। इसके बाद पेट संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए आयुर्वेद का उपयोग सबसे ज्यादा देखा गया। ब्रिटिश आयुर्वेदिक कॉलेज में छात्रों की संख्या में इजाफा ब्रिटेन में आयुर्वेदिक शिक्षा लेने वाले छात्रों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। ब्रिटिश कॉलेज फॉर आयुर्वेद में इस साल दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में 70% का इजाफा हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि इन छात्रों में ब्रिटिश छात्रों के बाद दूसरे नंबर पर फ्रेंच और तीसरे नंबर पर जर्मन छात्र हैं, जो आयुर्वेदिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए ब्रिटेन आ रहे हैं। अंत में बता दें कि ब्रिटेन में आयुर्वेद की बढ़ती लोकप्रियता और सरकार की ओर से इस पद्धति को औपचारिक मान्यता मिलने से भारतीय आयुर्वेदिक डॉक्टरों के लिए रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं। अगले पांच साल में 10,000 आयुर्वेदिक डॉक्टरों की भर्ती होने की संभावना है साथ ही आयुर्वेद से जुड़ी संस्थानों की संख्या में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। यह भारतीय आयुर्वेद के लिए एक सकारात्मक कदम है और इसे वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलने का संकेत भी है।  

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