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‘बिग बॉस 18’ में शांत रहने वाली चुम दरांग का रौद्र रूप देख श्रुतिका बिलख-बिलखकर रोईं

मुंबई ‘बिग बॉस 18’ के 52 एपिसोड बीत चुके हैं और घर वालों की चॉइस, नखरे, मुखौटे और असली चेहरे भी काफी साफ नजर आने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों से इस घर में एक केमिस्ट्री पर खूब फोकस हो रहा है, जिसमें श्रुतिका और चुम दरांग की दोस्ती निशाने पर है। दूसरी तरफ घर में सारा आफरीन गुस्से में दिख रही हैं और करण के मुंह पर पानी फेंक देती हैं। पिछले काफी समय से हम देख रहे हैं कि करणवीर के साथ चुम दरांग की करीबी और दोस्ती को देख श्रुतिका खुद को चुम से दूर पा रही हैं। जबकि दोनों अच्छी दोस्त हैं। हालांकि श्रुतिका चाहती हैं कि चुम दरांग भी करणवीर का साथ छोड़ दे और उनसे हाथ मिला ले। इस सीजन की सबसे शांत चुम का दिखा भयानक अंदाज चुम इस सीजन की सबसे शांत और गंभीर कंटेस्टेंट के तौर पर दिख रही हैं। हालांकि, शो के प्रोमो में चुम की चीख इतनी अधिक सुनाई दे रही है जितनी अब तक इस शो में किसी की नहीं रही है। प्रोमो वीडियो में चुप जोर-जोर से चीखती दिख रही हैं। हुआ ये कि चुम की तबीयत खराब थी और करणवीर मेहरा उनका ख्याल रख रहे थे। करण ने चुम को खाना खाने के लिए मनाया और वो मान भी गईं। इसके बाद वो फिर करण से कहती हैं कि उनका खाने का मन नहीं है। चुम का खाना दिग्विजय को दिया तो लड़ पड़ीं श्रुतिका करणवीर मेहरा चुम दरांग, शिल्पा शिरोडकर और खुद के लिए खाना बना रहे हैं और जब उन्हें लगा कि चुम नहीं खाना चाहतीं, तब उन्होंने उनके लिए रखा हुआ का खाना दिग्विजय सिंह राठी को दे दिया। इसके बाद श्रुतिका अचानक किचन में आ जाती हैं और और वो चुम की इच्छा जाने बिना वो कहती हैं कि उन्हें अपना खाना खाना है और वो करणवीर के साथ खाना नहीं खाने वाली। बात बढ़नी शुरू हुई और इस मुद्दे पर बहस होते-होते उनकी करणवीर और शिल्पा शिरोडकर से लड़ाई होने लगी। चुम दरांग सीधे बाथरूम चली गईं, वहां बाथरूम में फूट-फूटकर रोने लगीं श्रुतिका ने शिल्पा शिरोडकर से ये भी कह डाला कि शिल्पा जी अब जहर उगल रही हैं और उनकी बातें सुन करणवीर मेहरा भड़क गए। करणवीर ने श्रुतिका से कहा कि क्या तुम्हें समझ नहीं है कि किसे क्या बोलना चाहिए, आप बस लोगों को कन्फ्यूज करते हो। इसी दौरान श्रुतिका और करणवीर एक-दूसरे पर इस तरह से चिल्लाए कि चुम दरांग सीधे बाथरूम चली गईं और वहां बाथरूम में फूट-फूटकर रोने लगीं। पहली बार चुम अपना आपा खोलकर सब पर चिल्लाती हुई दिखीं और उन्हें देखकर श्रुतिका ने भी अपना ड्रामा शुरू कर दिया। श्रुतिका ने कहा- मुझे चुम नहीं चाहिए श्रुतिका चुम के साथ आमने-सामने बात करने को कहती हैं तो चुम मना कर देती हैं, जिससे माहौल काफी गर्म हो जाता है। शिल्पा बीच में आ जाती हैं और श्रुतिका को शांत होने के लिए कहती हैं। श्रुतिका हताशा दिखाते हुए कहती हैं कि वह शो छोड़ना चाहती है और चिल्लाती हैं- मुझे चुम नहीं चाहिए। और जब चुम सुलह करने की कोशिश करती हैं तो श्रुतिका मना कर देती हैं। श्रुतिका जमीन पर अपना सिर भी पीटती दिख रही हैं चुम को देखने के बाद श्रुतिका जमीन पर अपना सिर भी पीटती दिख रही हैं। श्रुतिका को देखकर चुम दरांग उनके पास जाकर उन्हें रोकने की कोशिश करती हैं। अब इस ड्रामे का अंजाम क्या होगा, ये तो शो में ही दिखेगा। सारा ने करण के मुंह पर फेंका पानी करण और सारा का एक प्रोमो वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में करण पूछते हैं सारा से- मैंने आपको बस ये पूछा कि आपको खाना बनाने किसने बोला? इसपर सारा कहती हैं- तेरे बाप ने बोला। करण कहते हैं- मेरे बाप को गए हुए काफी टाइम हो गया। इसके बाद सारा गुस्से में आ जाती हैं। करण कहते हैं- अब आप बाल तो खींच नहीं सकतीं, गालियां दे नहीं सकतीं…लास्ट टाइम भी नॉमिनेट हुई थीं तो यही ड्रामा हुआ था.. अब आप क्या करेंगी? इतना सुनते ही सारा बॉटल में रखा पानी उठाकर करण के मुंह पर फेंक मारती हैं। ये देखकर वहां मौजूद घर के सदस्य उन्हें रोकने के लिए आगे बढ़ते हैं लेकिन तब तक कांड हो चुका होता है।

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी छिनने का खतरा बढ़ा, पाकिस्तान में बवाल के कारण पीसीबी की मुश्किलें भी बढ़ा दी

नई दिल्ली पाकिस्तान में इस समय हालात सही नहीं हैं। भारत के पड़ोसी मुल्क में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और सरकार के बीच संघर्ष खून-खराबे में बदल गया। कई लोग इसमें अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि, इमरान समर्थक और सेना के बीच हुआ विरोध प्रदर्शन थम गय, लेकिन इस घटना ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं, जिसे फरवरी-मार्च में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी करनी है। अगर हालात जल्द ठीक नहीं होते हैं तो फिर पाकिस्तान से इसकी मेजबानी छिन सकती है। हालांकि, एक बात तय है कि अब पाकिस्तान को इस टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित करने के लिए झुकना पड़ सकता है। पाकिस्तान में क्यों हो रही है हिंसा? बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ दिन पहले पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में कम्यूनल वॉयलेंस हुआ। अफगान सीमा के करीब कुर्रम के जनजातीय जिले में यह हिंसा हुई। करीब 80 लोगों ने इसमें अपनी जान गंवा दी। हाल ही में शिया समुदाय के सुरक्षा से घिरे हुए एक काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें करीब 40 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से ये हिंसा और भी ज्यादा भड़क गई। हालांकि, एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, शिया और सुन्नी समुदाय के नेताओं के बीच बातचीत हो गई है और हिंसा को रोकने पर सहमत हो गए हैं, लेकिन जमीन पर अभी हालात सामान्य नहीं हैं। वहीं, एक अन्य बड़ी घटना इस्लामाबाद में देखने को मिली, जहां इमरान खान के समर्थन और सेना के बीच टकराव देखने को मिला। बात गोलीबारी तक पहुंच गई, जिसमें 10 लोगों की जान चली गई। इनमें 4 सैनिक भी शामिल हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर असर पाकिस्तान में जारी हिंसा का असर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर पड़ने की पूरी उम्मीद है और इसकी शुरुआत श्रीलंका के पाकिस्तान दौरे के साथ शुरू हो चुकी है। श्रीलंका ए ने पाकिस्तान का दौरा हिंसा के कारण कैंसिल कर दिया है। इसके अलावा इसी शुक्रवार को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी की बैठकर चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर होनी है। अगर उस समय तक हालात सामान्य नहीं होते हैं तो फिर पीसीबी से मेजबानी छिनने का भी खतरा है। बांग्लादेश में हाल ही में तख्तापलट हुआ था और उस समय बांग्लादेश में आईसीसी वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप होना था, लेकिन इसे यूएई शिफ्ट कर दिया गया। अगर पाकिस्तान में भी यही हालात जारी रहते हैं तो फिर चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर भी ऐसा ही ऐलान आईसीसी की ओर से हो सकता है। हालांकि, अब भारत का पॉइंट प्रूव हो गया है कि इन हालातों में टीम इंडिया का पाकिस्तान जाना सुरक्षित नहीं है और ऐसे में टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित किया जाएगा। इसकी पुष्टि शुक्रवार को हो सकती है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस बात पर अड़िग है कि टूर्नामेंट पूरी तरह पाकिस्तान में होना चाहिए, लेकिन मौजूदा हालातों के कारण पाकिस्तान को झुकना पड़ेगा। हालांकि, जिन तीन शहरों में चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी होनी है। उनमें कोई बड़ी हिंसा या हमले की खबर नहीं है, लेकिन पाकिस्तान एक छोटा देश है तो फिर कुछ भी कहना सेफ नहीं होगा। यही कारण है कि फिलहाल के लिए आईसीसी हाइब्रिड मॉडल का प्रस्ताव पारित कर सकती है। अगर बाद में हालात खराब रहते हैं तो इसे शिफ्ट करने पर विचार किया जा सकता है। पाकिस्तान में हो रहे हमले पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बृहस्पतिवार को आतंकवादियों ने यात्रियों को ले जा रहे तीन वाहनों को निशाना बनाकर हमला किया था, जिसमें करीब 50 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से ये हिंसा भड़की, लेकिन इससे पहले भी कुछ हमले पाकिस्तान में हुए हैं। नवंबर की शुरुआत में ही पाकिस्तानी अलगाववादियों ने दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत के एक रेलवे स्टेशन पर बम विस्फोट किया था, जिसमें 14 सैनिकों सहित 26 लोगों की जान चली गई थी। आए दिन पाकिस्तान में ये होता रहता है। ऐसे में भारतीय टीम का पाकिस्तान जाना सुरक्षित नहीं है। भारत सरकार चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम को वहां भेजने की अनुमति नहीं देगी।

भोपाल से निवाड़ी जा रहा मंत्री सारंग का काफिला बीना में हुआ दुर्घटनाग्रस्त

बीना  प्रदेश के खेल व युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के काफिले के साथ बीना में हादसा हो गया। काफिले में शामिल कुछ गाड़ियां टकरा गईं। मंत्री सारंग पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पद यात्रा में शामिल होने भोपाल से निवाड़ी जा रहे थे। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी को चोट नहीं आई। हालांकि टक्कर की वजह से एक गाड़ी बेहद क्षतिग्रस्त हो गई, जिस कारण उसे वहीं छोड़ मंत्रीजी का काफिला आगे निवाड़ी की ओर रवाना हो गया। भोपाल से निवाड़ी के लिए निकले थे मंत्री प्राप्त जानकारी अनुसार मंत्री विश्वास सारंग बुधवार सुबह भोपाल से निवाड़ी जाने के लिए निकले थे। उनका काफिला सुबह 8:00 बजे के लगभग बीना से होकर गुजर रहा था। तभी महावीर चौक से थोड़े आगे अचानक एक वाहन उनके काफिले के सामने आ गया। उसे बचाने के चक्कर में चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया। सबसे आगे चल रहे वाहन के ब्रेक लगने से पीछे से आ रही गाड़ियां आकर आपस में टकरा गईं। एक गाड़ी ज्यादा क्षतिग्रस्त हुई जिसे मौके पर छोड़ काफिला निवाड़ी की ओर रवाना हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा पीछे की तरफ से आ रही गाड़ियों के साथ हुआ है। हादसे में मंत्री को किसी तरह की चोट नहीं आई है। इस मामले में बीना थाना प्रभारी अनूप यादव से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।

3 दिसम्बर को सेंट्रल लाइब्रेरी में होगी सर्व-धर्म प्रार्थना सभा

भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी भोपाल आगामी 3 दिसम्बर को भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी है। इस अवसर पर 3 दिसम्बर को सुबह 10:30 बजे से सेंट्रल लाइब्रेरी, भोपाल के ‘बरकतउल्ला भवन’ में एक सर्व-धर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया है। इस प्रार्थना सभा में राज्यपाल मंगुभाई पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में भोपाल गैस त्रासदी में दिवंगत हुए सभी गैस पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी एवं विभिन्न धर्म-गुरूओं द्वारा धर्म-ग्रंथों का पाठ भी किया जायेगा।    

वन विभाग ने तैयार किया ड्राफ्ट, छत्तीसगढ़-इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी जल्द होगी लागू

रायपुर. छत्तीसगढ़ से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश के मुखिया सीएम विष्णुदेव साय की पहल पर राज्य में जल्द इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी लागू की जायेगी। ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य होगा अपना छत्तीसगढ़, जहां इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी लागू होगी। वन विभाग ने इस संबंध में ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया है। ये जानकारी वनमंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नया रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित में ‘क्लाइमेट रेसिलिएंट छत्तीसगढ़ हरित और सशक्त भविष्य की ओर’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में दी। अभी तक देश के एक मात्र राज्य केरल में यह पॉलिसी लागू है। इस पॉलिसी के लागू होने से राज्य में वनों का संवर्धन, जल स्त्रोतों का संरक्षण, मिट्टी का कटाव रोकने के साथ ही जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा। यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र एवं सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। कार्यशाला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ और पूर्वी राज्यों में जलवायु अनुकूलता और लो कार्बन आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए ज्ञान साझा करना और विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद स्थापित करना था। कार्यक्रम में वन मंत्री  केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों और उससे निपटने के महत्व पर चर्चा की। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि ‘जनजाति समुदाय सदैव जल, जंगल, और जमीन का संरक्षक रहा है।  उन्होंने 1910 के भूमकाल आंदोलन का उल्लेख करते हुए जनजातीय समाज ने अंग्रेजों से अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। पर्यावरण संरक्षण हमारी सरकार के सतत विकास लक्ष्यों का अभिन्न हिस्सा है। वित्त मंत्री चौधरी ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं को पर्यावरण संरक्षण के आदर्श उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कैलाश पर्वत और भगवान शिव-पार्वती, गणेश और कार्तिकेय के साथ उनके वाहन नंदी, बाघ, मूषक और मोर सबके एक साथ रहने के उदाहरण देते हुए सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘जलवायु परिवर्तन केवल चर्चा का विषय नहीं है; यह हमारे राज्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का माध्यम है।’ उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रीन इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। श्री चौधरी ने ग्रीन इकॉनमी, बायोफ्यूल, और सोलर एनर्जी पर विशेष जोर देते हुए युवाओं को पर्यावरण नवाचारों और हरित निवेश में भागीदारी का आह्वान किया। क्लाइमेट स्टूडियो की स्थापना को स्वीकृति कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे ने कहा कि राज्य सरकार ने क्लाइमेट स्टूडियो की स्थापना को स्वीकृति दी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नेटिव स्पीशीज के पौधों के रोपण, वन क्षेत्रों के विकास और वेटलैंड संरक्षण की योजनाओं पर जोर दिया। कार्यक्रम में राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पर्यावरणविद, शिक्षाविद और नीति-निर्माताओं ने व्यापक चर्चा की। कार्यशाला में पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात मिश्रा, सीड के डायरेक्टर डॉ. मनीष राम, क्रेडा के अभिषेक शुक्ला, झारखंड वन विभाग के रवि रंजन, पश्चिम बंगाल सरकार के चीफ एनवायरनमेंट ऑफिसर धर्मदेव राय, ठाकुर प्यारेलाल इंस्टीट्यूट निमोरा के डायरेक्टर पी. सी. मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र के प्रोजेक्ट साइंटिस्ट डॉ. अनिल श्रीवास्तव, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन प्रदीप टंडन, आईआईएम रायपुर के डॉ. राहुल बी. हीरेमथ, पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर निनाद बोधनकर, सीजी कास्ट के साइंटिस्ट और कलिंगा विश्वविद्यालय के डॉ. मनोज सिंह सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

जीवन में कमजोर बनाकर सफल होने से रोकती हैं ये बुरी आदतें

आइए जानते हैं व्यक्ति की उन 4 बुरी आदतों के बारे में, जो उसे जीवन में कमजोर बनाकर सफल होने से रोकती हैं। ऐसे में अगर आप अपने जीवन में सफलता का स्वाद लेते हुए आगे बढ़ते रहना चाहते हैं तो इन आदतों से समय रहते छुटकारा पा लेना चाहिए। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जो खुद को अपने जीवन में सफल देखने की ख्वाहिश ना रखता हो। हर व्यक्ति अपने जीवन में सफलता का स्वाद चखना चाहता है। जिसके लिए वो समय-समय पर कड़ी मेहनत भी करता है। लेकिन कई बार मेहनती होने के बावजूद कुछ लोगों से सफलता कोसों दूर बनी रहती है। जिसके पीछे उनकी 4 बुरी आदतें जिम्मेदार हो सकती हैं। आइए जानते हैं व्यक्ति की उन 4 बुरी आदतों के बारे में, जो उसे जीवन में कमजोर बनाकर सफल होने से रोकती हैं। ऐसे में अगर आप अपने जीवन में सफलता का स्वाद लेते हुए आगे बढ़ते रहना चाहते हैं तो इन आदतों से समय रहते छुटकारा पा लेना चाहिए। अतीत में फंसे रहना ऐसा व्यक्ति जो हमेशा अपने अतीत में फंसा रहता है, कभी भी अपने जीवन से जुड़े बड़े फैसले आसानी से नहीं ले पाता है। ऐसा करते समय वो हमेशा खुद को कमजोर महसूस करता है, जिसकी वजह से सफलता उनसे हमेशा दूर बनी रहती है। अगर आप जीवन में सफलता पाना चाहते हैं तो अपनी इस आदत को तुरंत बदल डालें। जितना जल्दी हो सके अपने अतीत से बाहर निकलने की कोशिश करें। अविश्वासी होना जो व्यक्ति दूसरों पर कभी विश्वास नहीं करते हैं, वो हमेशा अपने जीवन में अकेले रह जाते हैं। किसी पर भी भरोसा न कर पाने की आदत उन्हें जीवन में आगे नहीं बढ़ने देती है। जिसकी वजह से उन्हें बाकी लोगों की तुलना में सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। अकेलेपन की वजह से व्यक्ति मानसिक रोग का शिकार भी हो सकता है। जबकि टीम के साथ मिलकर काम करने से आपको प्रोत्साहन और समर्थन मिलता है, जिससे आपकी उपलब्धियां और ज्यादा बढ़ती हैं। चुनौतियों का सामना करने से पीछे हटना जो व्यक्ति जीवन में चुनौतियां लेने से घबराता है, वह अंदर ही अंदर खोखला और कमजोर होता चला जाता है। अगर आप जीवन में सफलता पाना चाहते हैं तो आपको हर चुनौती का डटकर सामना करना चाहिए। गलतियों को अनदेखा करना जो व्यक्ति अपनी गलतियों को हमेशा अनदेखा करता रहता है, उनसे कोई सीख नहीं लेता है, उसे जीवन में असफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। हर सफल व्यक्ति में अपनी गलतियों से सीखने का गुण होता है।

पूर्व पुलिस और सैनिकों को प्राथमिकता पर ऐतराज, छत्तीसगढ़-बिलासपुर हाईकोर्ट ने आरक्षक संवर्ग भर्तियों पर कोर्ट लगाई रोक

बिलासपुर/धमतरी. छत्तीसगढ़ में बड़ी खबर सामने आई है। इसे सुनकर युवाओं में निराशा है। दरअसल, आरक्षक संवर्ग 2023-24 के पदों पर होने वाली भर्तियों पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य के जिलों में आरक्षकों के अलग-अलग पदों पर भर्तियां होने वाली थी। मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच में हुई। हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता बेदराम टंडन द्वारा दायर की गई याचिका के मुताबिक, यह आरक्षक संवर्ग 2023-24 भर्ती प्रक्रिया का पूरा मामला है। इसके तहत राज्य के सभी जिलों में अलग-अलग पदों पर भर्ती होनी थी। इसमें याचिकाकर्ता के पुत्र ने राजनांदगांव में होने वाले कांस्टेबल जनरल ड्यूटी के लिए आवेदन दिया था। राजनांदगांव जिले में इस केटेगरी के तहत 143 पद जारी किये गए थे, लेकिन विज्ञापन जारी होने और फॉर्म भरने के बाद डीजी पुलिस ने सचिव को इस नियुक्ति प्रक्रिया में पुलिस विभाग में कार्यरत/भूतपूर्व सैनिक कर्मचारियों के बच्चों को छूट देने संबंधी पत्र लिखा था। पत्र में सुझाव देते हुए लिखा गया था कि, भर्ती नियम 2007 कंडिका 9(5) के तहत भर्ती प्रक्रिया के मापदंडों को शिथिल किया जा सकता है, जिसमें फिजिकल टेस्ट के दौरान सीने की चौड़ाई और ऊंचाई जैसे कुल 9 पॉइंट्स में शामिल थे। अवर सचिव ने इस सुझाव को स्वीकार भी कर लिया। इससे आहत होकर याचिकाकर्ता ने हाइकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि केवल पुलिस विभाग के कर्मचारियों के संतानों को छूट देना आम नागरिको के साथ भेदभाव है, इसलिए इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। मामले में वकील की ओर से पेश किए गए दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरक्षक संवर्ग 2023-24 के अलग अलग पदों पर होने वाली भर्तियों पर रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि क्योंकि नियमों को शिथिल करने का लाभ सभी पदों पर मिलता इसलिए सभी पदों पर होने वाली भर्ती पर रोक लगा दी गई है। धमतरी समेत कई जिलों में लगी रोक दूसरी ओर धमतरी समेत कई जिलों में इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। धमतरी जिले के एसपी आंजनेय वार्ष्णेय ने बताया कि हाईकोर्ट की ओर से आरक्षक संवर्ग भारती पर मंगलवार को रोक लगा दी गई है। जिसके चलते जिले के रुद्री पुलिस लाइन में चल रहे भर्ती प्रक्रिया आगामी आदेश तक रद्द किया जाता है। बता दें कि रुद्री में बीते लगभग 11 दिनों से भर्ती परीक्षा ली जा रही थी। यहां बलौदाबाजार और धमतरी जिले के अभ्यर्थी परीक्षा दे चुके हैं।

मंत्रालय में बाल विवाह मुक्त भारत का निर्माण करने की शपथ दिलायी

भोपाल मंत्रालय में सचिव सामान्य प्रशासन अनिल सुचारी ने बुधवार प्रात: 11:30 बजे मंत्रालयीन अधिकारियों-कर्मचारियों को बाल विवाह मुक्त भारत का निर्माण करने की शपथ दिलायी।      सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने बाल विवाह के खिलाफ हर संभव प्रयास करने, परिवार, पड़ौस और समुदाय में किसी बालिका का बाल विवाह नहीं होने, बाल विवाह के किसी भी प्रयास की सूचना सरकार को देने एवं सभी बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए भी अपनी आवाज बुलंद करने और बाल विवाह मुक्त भारत का निर्माण करने की शपथ ली।  

दक्षिणी इलाकों में कड़ाके की ठंड, छत्तीसगढ़-रायपुर में न्यूनतम तापमान में गिरावट

रायपुर. छत्तीसगढ़ के कड़ाके आउटर इलाकों में अब कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंडी हवाओं की वजह से ठंड बढ़ गई है। रात और सुबह के साथ ही अब दिनभर ठंड लगने लगी है। लगातार न्यूनतम तापमान में गिरावट होने की वजह से प्रदेश में ठंड बढ़ने लगी है। नवंबर माह के आखिरी सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। वहीं प्रदेश में हवा की दिशा बदल रही है, जिसके वजह से प्रदेश में मौसम में आगामी कुछ दिनों तक बदलाव की कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में दो दिन तक न्यूनतम तापमान में परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है। न्यूनतम तापमान में अब ज्यादा वृद्धि भी नहीं होगी, और न ही गिरावट आएगी। आगामी तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में बदलाव की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि आगामी दो दिनों के बाद प्रदेश में न्यूनतम तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। प्रदेश के दक्षिण भागों में दो डिग्री सेल्सियस तक न्यूनतम तापमान बढ़ सकता है।  वहीं प्रदेश के शेष भागों में तापमान में कोई परिवर्तन नहीं होगी।  इन दिनों सबसे ज्यादा ठंड बलरामपुर में है। शनिवार को प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 08. 5 डिग्री बलरामपुर में दर्ज किया गया। वहीं सबसे अधिक तापमान 30.9 डिग्री सुकमा में रहा। अब दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिन बाद न्यूनतम तापमान में एक-दो डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है। राजधानी रायपुर में रविवार को बादल रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। बिलासपुर में 13.4 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 9.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री कम था। वहीं कोरबा में 12.4,  रहा जो औसत से 3.3 डिग्री कम था। रायपुर में न्यूनतम तापमान 14.3 डिग्री दर्ज किया गया है, जो की सामान्य से एक डिग्री कम है।

विदेश में करना है पढ़ाई तो आर्थिक स्थिति से कैसे निपटें

विदेश में पढ़ाई को करियर के लिहाज से बेहतर माना जाता है। लाखों स्टूडेंट्स का सपना होता है कि वे भी विदेश में जाकर किसी प्रसिद्ध विश्वविद्यालय से पढ़ाई करके अपने बेहतर करियर का निर्माण कर सकें। लेकिन इनमें से कुछ स्टूडेंट्स का सपना ही पूरा हो पाता है। कई स्टूडेंट्स आर्थिक स्थिति की वजह से तो कई लोग अन्य परेशानियों के चलते अपने इस सपने को पूरा नहीं कर पाते हैं। इसी से निपटने के लिए आपको हम यहां कुछ टिप्स दे रहे हैं जिनको फॉलो कर आप इससे निपट सकते हैं। आर्थिक स्तिथि से कैसे निपटें अगर कोई माता-पिता अपने बच्चे को विदेश से पढ़ाई करवाना चाहते हैं तो उनको एक बेहतर प्लान का निर्माण करना होगा और उसी के अनुसार बजट का इंतजार करना होगा। इसके लिए वे कुछ साल पहले से ही इसकी तैयारी शुरू कर सकते हैं। एजुकेशन लोन एवं स्कॉलरशिप विदेश में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए सरकार भी मदद प्रदान करती है। सरकार कम ब्याज दर पर एजुकेशन लोन की व्यवस्था करवाती है, इस लोन के माध्यम स आप अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। इसी के साथ विदेश में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप भी प्रदान की जाती है। आप इस स्कॉलरशिप के लिए योग्यता हासिल करके विदेश में पढ़ाई कर सकते हैं। बेहतर कोर्स का करें चुनाव अगर आप विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं तो वर्तमान समय के अनुसार बेहतर कोर्स का चुनाव करें। टेक्नोलॉजी के इस समय में पारम्परिक कोर्स से थोड़ा हटके सोचें जिससे आप एक बेहतर जॉब पा सकें। विदेश में कर सकते हैं पार्ट टाइम काम विदेश में स्टूडेंट्स के लिए पार्ट टाइम वर्क बेहतर साबित हो सकता है। विदेश में स्टूडेंट्स को कुछ ही घंटों के लिए कई डॉलर्स का भुगतान किया जाता है जिससे आप अपने वहां के खर्चों को मैनेज कर सकते हैं।

आगर-मालवा के कालीसिंध नदी किनारे चमत्कारी मंदिर, जहां जलता है पानी से दीया

भारत में बहुत से प्राचीन और रहस्यमयी मंदिर है. जिसके चलते भारत को मंदिरों का देश भी कहा जाता है. इन मंदिरों में घटने वाली रहस्यमयी घटनाओं की गुत्थी आज तक कोई भी नहीं सुलझा पाया है. लेकिन इन अनोखे रहस्यों के चलते ये मंदिर दुनिया भर में प्रसिद्ध है और यहां देश-विदेश से लोग दर्शन करने के लिए आते रहते हैं. ऐसा ही एक चमत्कारी और रहस्यमयी मंदिर है. जहां सालों से सिर्फ पानी से ही दीपक जलाया जाता है. आपके मन में भी ये सवाल उठ रहा होगा कि यह कैसे संभव हो सकता है, लेकिन ऐसा होता है और इस चमत्कारी घटना को देखने के लिए रोजाना बहुत से भक्त इस मंदिर में आते हैं. कहा है यह मंदिर? यह मंदिर मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में कालीसिंध नदी के किनारे आगर-मालवा के नलखेड़ा गांव से करीब 15 किमी दूर गाड़िया गांव के पास स्थित है. इस मंदिर को गड़ियाघाट वाली माताजी के नाम से जाना जाता है. बताया जाता है कि इस मंदिर में सालों से एक महाज्योति जल रही है. इस यह माता के सामन जलने वाला यह दीपक बिना किसी तेल, घी या ईंधन से जल रहा है. हैरान करने वाली बात तो यह है कि यह दीपक मंदिर के पास बहन वाली कालीसिंध नदी के पानी से जलता है. बताया जाता है कि इस मंदिर में रखे दीपक में जब पानी डाला जाता है, तो वह चिपचिपे तरल में बदल जाता है और दीपक जल उठता है. माता ने दिया आदेश कहा जाता है कि पहले इस मंदिर का दीपक बाकी मंदिरों की तरह तेल और घी से जलाया जाता है. लेकिन बार माता ने पुजारी को सपने में दर्शन दिए और नदी के पानी के दीपक जलाने का आदेश दिया. जिसके बाद पुजारी ने वैसा ही किया और एक दिन नदी का पानी दीपक में भरकर जैसे ही बाती को जलाया, तो जोत जलन लगी. कहां जाता है कि तब से ही मंदिर में पानी से दीपक जलाया जाता है. जब इस चमत्कार के बारे में लोगों को पता चला तब से बहुत से लोग रोजाना इस चमत्कार को देखने के लिए इस मंदिर में आते हैं. बरसात में नहीं जतला दीपक इस मंदिर में बरसात के मौसम में दीपक नहीं जलता है. दरअसल बरसात के दौरान कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ने से यह मंदिर पानी में डूब जाता है. जिसकी वजह से यहां पूजा करना संभव नहीं होता है. इसके बाद जैसे ही मंदिर से पानी नीचे जाता है और शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हौती है. तभी मंदिर में फिर से अखंड ज्योत जलाई जाती है. जोकि अगले साल वर्षाकाल तक जलती है.

फिजिकल टेस्ट में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से मॉनिटरिंग, छत्तीसगढ़-कबीरधाम में फॉरेस्ट गार्ड की हाईटेक भर्ती

कबीरधाम. वन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न वनमंडल में वनरक्षक (फॉरेस्ट गार्ड) के 1 हजार 484 रिक्त पद पर सीधी भर्ती किया जा रहा है। कवर्धा वनमंडल अंतर्गत वनरक्षक के 65 पद पर भर्ती प्रक्रिया 25 नवंबर से शुरू हो गई है, जो 8 दिसंबर तक चलेगी। आज बुधवार 27 नवंबर को फिजिकल टेस्ट जारी है। भर्ती में किसी प्रकार की गड़बड़ी या धांधली ना हो, इसके लिए शारीरिक माप-जोख व दक्षता परीक्षा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से किया जा रहा है। लंबाई व सीना माप इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से होने के बाद अभ्यर्थियों को बारकोड युक्त चेस्ट जारी कर उनके पैर में गैजेट लगाया जाता है। इस गैजेट का उपयोग 200 व 800 मीटर दौड़ में किया जा रहा है, जिसका सटीक आंकड़ा तुरंत डिवाइस के माध्यम से प्राप्त हो जाता है। दौड़ के बाद गोला फेंक, लंबी कूद परीक्षा में भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग किया जा रहा। इसमें भी तुरंत सटीक आंकड़े प्राप्त हो जाते हैं। डीएफओ शशि कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा भर्ती प्रकिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही। अभी तक भर्ती के संबंध में किसी प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। कवर्धा वनमंडल में वनरक्षक के रिक्त 65 पद के लिए कुल 29 हजार 892 आवेदन प्राप्त हुए है। अभ्यर्थियों के लिए नींबू, पानी, फर्स्ट एड बॉक्स, चिकित्सा व अन्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

एक की मौत और दो गंभीर, छत्तीसगढ़-जांजगीर चांपा में तीन महिलाओं को कंटेनर ने मारी टक्कर

जांजगीर चांपा. छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में तेज रफ्तार छोटा कंटेनर वाहन के चालक ने मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन महिलाओं को पीछे से जोरदार ठोकर मारी है। हादसे में 30 वर्षीय महिला लक्ष्मी भारद्वाज की मौत हुई है। वहीं दो महिलाएं गम्भीर रूप से घायल हुई है जिनका उपचार जिला अस्पताल जांजगीर में जारी है। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। दरअसल, बुधवार की सुबह करीबन 6.30 बजे लक्ष्मी भारद्वाज, ज्योति यादव और सुनीता बरेठ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। पुलिस लाईन के पास सड़क में पैदल चल रहे थे। इस दौरान डाक पार्सल लिखा तेज रफ्तार छोटा कंटेनर वाहन पीछे से आकर तीनो महिलाओं को अपनी चपेट में लेते हुए जोरदार ठोकर मारी हादसे में तीनो एक दूसरे से दूर जा गिरी, वहीं लक्ष्मी भारद्वाज के सिर पर गंभीर चोट आने से मौके पैर ही मौत हुई। ज्योति यादव और सुनीता बरेट को गंभीर हालत में जिला अस्पताल जांजगीर में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि पुलिस लाईन में पदस्थ आरक्षक प्रवीण भारद्वाज की पत्नी लक्ष्मी भारद्वाज की मौत हुई है। छोटा कंटेनर वाहन और चालक को पकड़ा लिया गया है। थाने में अपराध दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।

भाजपा नेतृत्व कुछ अन्य नामों पर भी विचार कर रही, ओबीसी और मराठा समुदाय से किसी नेता को CM बनाने के विकल्प भी शामिल

मुंबई महाराष्ट्र में भाजपा नेतृत्व वाली महायुति की सरकार के गठन में अभी कुछ समय लग सकता है। भाजपा नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन जारी है। जैसे ही नाम तय होगा, भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। इस बीच, शिवसेना और एनसीपी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री के नाम का निर्णय भाजपा नेतृत्व पर छोड़ दिया है। दोनों दलों ने कहा है कि जो भी निर्णय लिया जाएगा वह दोनों घटक दलों के लिए मान्य होगा। महायुति की भारी जीत के बाद भाजपा के पास मुख्यमंत्री पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व अभी तक इस पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सका है और अटकलें हैं कि भाजपा नेतृत्व कुछ अन्य नामों पर भी विचार कर रहा है। इनमें ओबीसी और मराठा समुदाय से किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने के विकल्प भी शामिल हैं। यह लगभग स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा, जबकि एनसीपी और शिवसेना से उपमुख्यमंत्री पद पर नेता होंगे। भाजपा के मुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे थे। अब यह संभावना जताई जा रही है कि नई सरकार में एकनाथ शिंदे को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, इस बारे में अभी तक केंद्रीय स्तर पर औपचारिक विचार-विमर्श नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, शिवसेना अपने विधायकों को साधने के लिए एकनाथ शिंदे को राज्य के नेतृत्व में बनाए रखना चाहती है। शिंदे को केंद्र में भेजने से शिवसेना को नुकसान हो सकता है। इसलिए संभावना है कि शिंदे राज्य सरकार में भी शामिल रहें। इसके अलावा, एक फॉर्मूला यह भी चर्चा में है कि शिंदे को केंद्र में भेजा जाए और राज्य में उनके बेटे को उपमुख्यमंत्री बना दिया जाए। अब देखना यह है कि भाजपा और महायुति के अन्य घटक दलों के बीच इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय कब और कैसे लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काशी के पूर्व विधायक दादा श्यामदेव राय चौधरी के निधन पर किया शोक व्यक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दादा के नाम से लोकप्रिय भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक श्याम देव राय चौधरी के निधन पर ट्विट कर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा कि परिवार ने अपना एक समर्पित और सच्चा सिपाही खो दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आपके जीवन का हर क्षण राष्ट्र सेवा और लोक कल्याण के लिए समर्पित रहा। दादा श्याम देव राय चौधरी काशी से विधायक थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके निधन को काशी सहित सम्पूर्ण राजनीतिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत की पुण्यात्मा को शान्ति दें एवं शोकाकुल परिवार को इस पीड़ा को सहन करने की शक्ति व संबल प्रदान करें।  

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