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नाबालिग स्कूली छात्रों द्वारा दोपहिया वाहन चलाने के विरुद्ध अभियान के दूसरे दिन जारी, अनूपपुर पुलिस ने 11 नाबालिग चालकों पर की कार्रवाई

अनूपपुर अनूपपुर जिले में नाबालिग स्कूली छात्रों द्वारा तेज गति और लापरवाही से दोपहिया वाहन चलाने की शिकायतों के मद्देनजर, पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान के निर्देश पर कोतवाली पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दूसरे दिन, शुक्रवार को, टीआई कोतवाली श्री अरविंद जैन के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।  कार्रवाई का विवरण: टीम ने अमरकंटक रोड स्थित बेथेल मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान 11 दोपहिया वाहनों के नाबालिग चालकों को नियमों का उल्लंघन करते पाया गया। इनमें शामिल वाहन: 1. स्कूटी (एम.पी. 65 जेड ए 1225) 2. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 0996) 3. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 7303) 4. सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (एम.पी. 65 एन 6744) 5. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 4060) 6. टीवीएस रेडऑन (एम.पी. 18 एम बी 8739) 7. बिना नंबर की नई स्कूटी 8. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 8713) 9. टीवीएस विक्टर (एम.पी. 18 जी 7005) 10. होंडा एक्सब्लेड (एम.पी. 65 एम इ 4771) 11. स्कूटी (एम.पी. 54 एन 7309) इन वाहनों को ज़ब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की गई।  पिछले दिन की कार्रवाई: गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने भारत ज्योति स्कूल के पास चेकिंग के दौरान 6 नाबालिग चालकों के वाहन ज़ब्त किए थे।  स्कूल और अभिभावकों को समझाइश: बेथेल मिशन स्कूल के प्रबंधन और प्राचार्य को थाना बुलाकर नोटिस दिया गया है। उनसे कहा गया कि नाबालिग छात्रों को वाहन चलाने से रोकने के लिए अभिभावकों को जागरूक करें। साथ ही, ज़ब्त वाहनों के 11 नाबालिग चालकों के अभिभावकों को थाना बुलाकर भविष्य में नाबालिगों को वाहन न देने की समझाइश दी गई।  पुलिस अधीक्षक की अपील: पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को दोपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना गैरकानूनी है।  यह अभियान अनूपपुर पुलिस द्वारा सतत जारी रहेगा।

प्रशासन या राजतंत्र? आगर-मालवा में कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा?

Administration or monarchy? Threat to employees’ jobs in Agar-Malwa? त्वरित टिप्पणी विशेष संवाददाता: उदित नारायण आगर-मालवा का प्रशासन इन दिनों कर्मचारियों के लिए डर और तनाव का केंद्र बनता जा रहा है। हाल ही में सहायक ग्रेड-03 सुरेश चौहान को नौकरी से बाहर करने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले में चर्चा को जन्म दे दिया है। यह कोई नया मामला नहीं है, इससे पहले भी तीन पटवारियों को नौकरी से निकाला गया था। हैरानी की बात यह है कि जब इन पटवारियों ने हाई कोर्ट का रुख किया, तो अदालत ने कलेक्टर के निर्णय को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कर्मचारियों को बहाल करने का आदेश दिया। परंतु, कलेक्टर साहब ने आदेश को नजरअंदाज कर दिया। उनके इस रवैये ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे न तो किसी का जवाब सुनने को तैयार हैं और न ही अदालत के आदेश को मानने को। इसी बीच, एक नए विवाद ने आग में घी डालने का काम किया है। सूत्रों के अनुसार, मुआवजे से जुड़े एक प्रकरण में लगभग 5 करोड़ रुपये की राशि गलत तरीके से वितरित की गई। जब यह मामला उजागर हुआ, तो गलती छुपाने के लिए साहब ने पटवारियों और राजस्व निरीक्षकों को निलंबित कर दिया और एक आदेश जारी कर दिया कि किसी भी तरह से यह पैसा वापस जमा कराया जाए। यह फरमान कर्मचारियों पर अप्रत्यक्ष दबाव बनाने का प्रतीक है, जबकि गलती का असली स्रोत कहीं और है। कर्मचारियों के बीच माहौल बेहद तनावपूर्ण है। उनका कहना है कि यहां किसी की भी नौकरी कब चली जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। एक कर्मचारी ने व्यंग्यात्मक स्वर में कहा, “साहब को तो बस दूसरों की गलतियां पकड़ने का शौक है। अपनी गलतियों पर कोई सफाई नहीं देते। और अगर गलती दिखा दो, तो सीधे नौकरी से निकाल देते हैं।” अब सवाल उठता है कि क्या कलेक्टर साहब की यह “राजशाही” कभी समाप्त होगी या हाई कोर्ट के आदेशों को अनदेखा करना, अपनी गलतियों का ठीकरा कर्मचारियों पर फोड़ना और तनावपूर्ण माहौल बनाना क्या प्रशासनिक आदर्श का हिस्सा है या राजतंत्र

मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जर्मनी यात्रा ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। गुरूवार को डॉ. यादव ने निवेशकों से मिलने के बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटित की। यह निर्णय मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। भोपाल को मिलेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र का दर्जा भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा ने प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है, जहां व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया ने ही जर्मन कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार की प्रेरणा दी है। भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाएगी, बल्कि इसे प्रदेश के समग्र विकास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस ऐतिहासिक यात्रा ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है।  

मैहर के रामनगर पहुंचे जंगली हाथी आये हाई टेंशन की चपेट, एक की मौत

 सतना शहडोल के रास्ते से मैहर के रामनगर पहुंचे जंगली हाथी, सुबह तकरीबन 4:30 बजे हाई टेंशन तार में फंसने के कारण मेल हाथी की मौत हाे गई है। सूचना मिलते ही कलेक्टर मैहर एवं डीएफओ मौके पर पहुंचे विद्युत सप्लाई कराई गई बंद। शहडोल से बूढ़ा बाउर ग्राम पंचायत के कुआं गांव में पहुंचे थे हाथी शहडोल जिले की जंगलों में एक हफ्ते से मूवमेंट कर रहे जंगली ही हाथियों का दल बीती रात मैहर जिले के रामनगर तहसील अंतर्गत बूढ़ा बाउर ग्राम पंचायत के गांव कुआं पहुंच गया। जहां विद्युत विभाग की हाइट टेंशन के तार में चपेट में आने से एक मेल हाथी की मौत हो गई है। अभी क्षेत्र में चार जंगली हाथियों का मूवमेंट बताया जा रहा है। पीएम के लिए पन्ना से डॉक्टर संजय गुप्ता को मौके पर बुलाया गया मुकुंदपुर रेंज की सभी बीट की टीमों को अन्य चार जंगली हाथियों की तलाश के लिए लगाया गया है। जबकि पीएम के लिए पन्ना से डॉक्टर संजय गुप्ता को मौके पर बुलाया गया है। टीमों को अन्य चार जंगली हाथियों की तलाश के लिए लगाया गया …     अन्य जंगली हाथी करंट के चपेट में ना आए इसके लिए सुबह ही मुकुंदपुर रेंज के आसपास के गांव की विद्युत सप्लाई बंद कराई गई है।     लगातार टीम में अन्य चार की संख्या मौजूद हाथियों के दल को खोज रहा है। हाथी की मौत की सूचना पाकर मैहर कलेक्टर रानी बाटड मौके के पर पहुंची।     उन्होंने पूरे घटनाक्रम की न केवल जानकारी ली बल्कि अन्य जंगली हाथियों की तलाश के लिए जरूरी दिशा निर्देश भी जारी किया है।  

एडल्ट एक्ट्रेस सोफी रेन हर महीने 30 करोड़ से ज्यादा कमाती है , स्क्रीनशॉट देख उड़े होश

एडल्ट एक्ट्रेस सोफी रेन की कमाई ने लोगों को चौंका दिया है। ओनलीफैन्स मॉडल ने खुद यह बताया कि वह ऐप के जरिए कितना कमा लेती हैं। फ्लोरिडा की रहने वाली इन्फ्लुएंसर ने अपनी इनकम को लेकर स्क्रीनशॉट एक्स पर शेयर किया है। लाखों यूजर्स को इस पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा है। रेन ने बताया कि पिछले साल 43.4 मिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई हुई। OnlyFans पेज का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘बीते एक साल के लिए शुक्रगुजार हूं।’ इसमें उनकी कुल कमाई 43,477,695 डॉलर (367 करोड़ रुपये से ज्यादा) दिखाई गई है। महीने के हिसाब से यह कमाई का यह आंकड़ा 30 करोड़ रुपये से ज्यादा है। सोफी रेन ने बीते दिनों एक इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने अपनी कमाई के बारे में बताया था। उन्होंने कहा कि ओनलीफैन्स पर वह हर महीने लगभग 4 मिलियन डॉलर (33 करोड़ रुपये) कमा लेती हैं। यह सुनकर दर्शक हैरान रह गए थे। मालूम हो कि OnlyFans सब्सक्रिप्शन आधारित कंटेंट प्लेटफार्म है जो क्रिएटर्स को अपने फॉलोअर्स के जरिए सीधे कमाई करने का मौका देता है। यहां एडल्ट एक्टर्स अपने सब्सक्राइबर्स के लिए एक्सक्लूसिव कंटेंट जारी करते हैं और उनकी कमाई बढ़ती जाती है। गरीब परिवार से थीं सोफी रेन, ऐसे बदले हालात अगर सोफी रेन की बात करें तो वह अमेरिकी कंटेंट क्रिएटर और मॉडल हैं। ओनलीफैंस पर अपने काम से उन्हें पहचाना जाता है। अप्रैल 2023 में उन्होंने अपनी बहन सिएरा के साथ कंटेंट बनाना शुरू किया, इसे लेकर इंटरनेट पर खूब चर्चा हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ओनलीफैंस पर उनके 11 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। उनके इंस्टाग्राम पर नजर डालें तो 5 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। सोफी रेन की कहानी यह है कि वह एक मजदूर वर्ग के परिवार में पली-बढ़ीं। 17 साल की उम्र होने पर उन्होंने वेट्रेस के रूप में काम शुरू किया। उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत गरीब परिवार से थी। कई बरसों तक आर्थिक स्थिति को लेकर संघर्ष चला। जब मैंने ओनलीफैन्स पर पोस्ट करना शुरू किया तो हालात बदलने लगे। मेरे पास पैसे आए और मैं फेमस हुई। इस कमाई से मैं अपने पिता का कर्ज चुका पाई।’

Bharat Darshan : मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि तक पहुंचाने का संपूर्ण मार्गदर्शन एवं कहा कहां घूमें

Bharat Darshan: Complete guidance to reach the birthplace of Shri Krishna in Mathura and where to visit. भोपाल ! मथुरा उत्तर प्रदेश राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित एक ऐतिहासिक और धार्मिक नगर है, जिसे विशेष रूप से हिंदू धर्म में श्री कृष्ण की जन्मभूमि के रूप में पूजा जाता है। यह नगर यमुना नदी के किनारे स्थित है और भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। मथुरा का धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक है। मथुरा का इतिहास मथुरा का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है और यह एक महत्वपूर्ण वैदिक नगर था। यह महाभारत काल में भी प्रमुख था और प्राचीन समय में मथुरा का महत्व धार्मिक दृष्टि से बहुत अधिक था। मथुरा को पौराणिक कथाओं में “मथुरापुर” के नाम से भी जाना जाता है। मथुरा का नाम संस्कृत शब्द ‘मात्र’ से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है ‘प्यार’ या ‘स्नेह’, और यह इस स्थान के महत्व को दर्शाता है। श्री कृष्ण और मथुरा श्री कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था। उनके जन्म से जुड़ी घटनाओं का वर्णन विशेष रूप से भगवद गीता, भागवतकथा, और महाभारत में मिलता है। कृष्ण का जन्म मथुरा के जेल में हुआ था, और उनकी माता देवकी और पिता वासुदेव थे। मथुरा के कंस के अत्याचारों से बचने के लिए वासुदेव ने कृष्ण को गोकुल में यशोदा के घर भेज दिया था। श्री कृष्ण ने अपने बाल्यकाल में मथुरा और गोकुल में कई लीलाएं की थीं, जो अब भी भक्तों के बीच प्रसिद्घ हैं। कृष्ण का जीवन मुख्य रूप से उनके बाल्यकाल, यवकाल, और द्वारका के शासनकाल पर आधारित है। मथुरा में उनकी कई महत्वपूर्ण लीलाएं, जैसे कि कंस का वध और अपने माता-पिता को कंस के अत्याचार से मुक्त करना, हुईं। मथुरा में भगवान कृष्ण से जुड़ी कई पवित्र जगहें हैं, जैसे कि *जन्मभूमि मंदिर, जहां श्री कृष्ण का जन्म हुआ था, और *कंस किला, जो कंस द्वारा बनवाया गया था। मथुरा के प्रमुख स्थल मथुरा का सांस्कृतिक महत्व मथुरा का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व अत्यधिक है, और यह स्थान भारतीय संस्कृति, संगीत, कला, और साहित्य के प्रमुख केंद्रों में से एक रहा है। यहां की संस्कृति में राधा-कृष्ण की प्रेमकथा की प्रमुखता है, जो विभिन्न कला रूपों में व्यक्त की जाती है, जैसे कि संगीत, नृत्य, चित्रकला और साहित्य। मथुरा में आयोजित होने वाले प्रमुख उत्सवों में जन्माष्टमी, दीपावली, और राधा अष्टमी विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। इन अवसरों पर मथुरा में लाखों श्रद्धालु आते हैं और भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं। इस प्रकार मथुरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है, जहां से भगवान श्री कृष्ण की भक्ति और प्रेम की भावना फैलती है।

पचमढ़ी से भी ठंडा रहा मंडला, पारा 6.8 डिग्री, बर्फीली हवा से शहडोल, मंडला शिमला, माउंट आबू, देहरादून, जम्मू और कटरा से भी ठंडे हैं

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की रात हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडी हो गई है। गुरुवार-शुक्रवार की रात भोपाल में तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में पर 9.6 डिग्री रहा। सबसे ठंडा पूर्वी हिस्से का मंडला शहर रहा। बर्फीली हवा की वजह से शहडोल, मंडला जैसे छोटे शहर शिमला, माउंट आबू, देहरादून, जम्मू और कटरा से भी ठंडे हैं। यहां रात का टेम्प्रेचर 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। दिन भी सर्द हैं। सर्दी और कोहरे की वजह से ट्रेनों में रेलवे ने फॉग सेफ डिवाइस लगाई हैं। मौसम वैज्ञानिक कुमार ने बताया कि पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम 278 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। एक दिन में ही 18 किमी रफ्तार बढ़ी है। इस वजह से प्रदेश में भी सर्द हवाएं आ रही हैं। अभी हवा की ऊंचाई 12.6 किमी है। जब यह नीचे बहेगी, तब ठंड का असर और तेज हो जाएगा। इसके अलावा पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन एक्टिव है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिल रहा है। कल्याणपुर, मंडला ने पचमढ़ी को पीछे किया प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी है। हरियाली से घिरा होने से यहां अब तक दिन और रात का तापमान सबसे कम रहा, लेकिन फिलहाल शहडोल का कल्याणपुर और मंडला की रातें सबसे ठंडी हैं। बुधवार-गुरुवार की रात में कल्याणपुर में टेम्प्रेचर 6.1 डिग्री और मंडला में 6.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। पचमढ़ी में 7.2 डिग्री, उमरिया में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.3 डिग्री और रीवा में पारा 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। इनमें से कई शहर ऐसे हैं, जो शिमला, माउंट आबू जैसे शहरों से भी ठंडे रहे। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की रात में शिमला में 7.2 डिग्री, देहरादून में 9.4 डिग्री, मसूरी में 7.1 डिग्री, माउंट आबू में 7 डिग्री, जम्मू शहर में 10.1 डिग्री और कटरा में तापमान 9.2 डिग्री रहा। देश के उत्तरी राज्यों के साथ-साथ अब मध्य भारत के राज्यों में भी ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने 8 राज्यों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इनमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, ओडिशा और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। उत्तर भारत के राज्यों में बर्फबारी के कारण हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर फिलहाल सबसे ठंडे राज्य हैं। मौसम विभाग ने बताया हिमाचल के लाहौल स्पीति में रात का तापमान माइनस 11 डिग्री तक पहुंच गया है। यहां आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। वहीं, मध्य भारत में MP के पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में ज्यादा सर्दी पड़ रही है। शहडोल और मंडला में न्यूनतम तापमान शिमला, देहरादून, जम्मू और कटरा से भी कम है। यहां रात का टेम्परेचर 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। उधर, तमिलनाडु में कल यानी 30 नवंबर की सुबह फेंगल तूफान टकरा सकता है। इसके असर के कारण तमिलनाडु के कई जिलों में पिछले 3 दिनों से तेज बारिश का दौर जारी है। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी आज बारिश का अनुमान जताया गया है।

पॉर्नोग्राफी मामले में फिर बढ़ीं शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की मुश्किलें, घर और दफ्तर में ED की छापेमारी

मुंबई ईडी ने शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के घर और ऑफिसों पर छापेमारी की है। मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए अश्लील कंटेंट बनाने और इसे बेचने से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में ED ने कपल के घर पर छापेमारी की है। ईडी की जांच 2021 के मुंबई पुलिस मामले पर आधारित है। राज कुंद्रा को इससे पहले जुलाई 2021 में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। राज कुंद्रा ने मामले में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया था। इस साल की शुरुआत में राज कुंद्रा ईडी के जाल में फंस गए थे, जब मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत मुंबई के जुहू में एक फ्लैट, पुणे में एक बंगला और 98 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयरों सहित उनकी संपत्ति जब्त कर ली गई थी। कब शुरू हुई कानूनी परेशानी! दोनों की ये कानूनी परेशानी 2018 में ईडी की शुरू की गई जांच के बाद आई, जब उन्होंने पोंजी स्कीम में शामिल होने के लिए अमित भारद्वाज की जांच शुरू की। जबकि शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा को शुरू में संदिग्धों के तौर पर देखा जा रहा था। राज और शिल्पा दोनों ने अपनी बेगुनाही बरकरार रखते हुए दावा किया कि उन्होंने ईडी की जांच में पूरा सहयोग किया है। राज ने कई सम्मनों में भाग लिया और शिल्पा ने भी सभी पेपर दिखाए। पति-पत्नी ने दी चुनौती बाद में, राज और शिल्पा ने अपनी प्रॉपर्टीज को खाली करने के लिए ईडी के नोटिस को चुनौती दी, जिसमें जुहू में उनका मुंबई का घर और पुणे के पास एक फार्महाउस भी शामिल था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बेदखली आदेश पर रोक लगाकर उन्हें अंतरिम राहत दी थी। कब गिरफ्तार हुए राज कुंद्रा? राज कुंद्रा को जुलाई 2021 में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था जब चार महिलाओं ने शिकायत की थी कि एक वेब सीरीज में एक्टिंग का काम देने का वादा करने के बाद उन्हें अश्लील कंटेंट शूट करने के लिए मजबूर किया गया था। उन्हें सितंबर में आर्थर जेल से रिहा किया गया था।

एमपी गजब: ग्रामीणों ने आरआई और पटवारी की पिटाई, नक्शा-खसरा भी फाड़ा

MP Amazing: Villagers beat RI and Patwari, even tore map and Khasra कटनी । जिले के एक गांव में सीमांकन करने गए आरआई और पटवारी के साथ ग्रामीण ने जमकर पिटाई कर दी। गांव के एक युवक ने नक्शा खसरा भी फाड़ दिया। राजस्व संघ की शिकायत पर पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दरअसल कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम गूडा में जमीन सीमांकन के दौरान गांव के ही युवक ने आरआई और पटवारी के साथ मारपीट कर दी। आरआई मोहन साहू ने बताया की गांव के सरपंच ने जमीन सीमांकन का आवेदन दिया था तहसीलदार के निर्देश पर सीमांकन करने के बाद पंचनामा कार्रवाई की जा रही थी, तभी गांव का महेंद्र लोनी आया और गाली गलौज करते हुए मारपीट करने लगा। विवाद के दौरान युवक ने नक्शा खसरा भी फाड़ दिया। विवाद में पटवारी मृगेंद्र शुक्ला और दान सिंह के साथ भी युवक ने मारपीट की। घटना की जानकारी तत्काल पुलिस और राजस्व अधिकारियों को दी गई। देर शाम पटवारी संघ के द्वारा FIR लिखाई गई। थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद खान ने बताया कि आरआई के आवेदन पत्र के मारपीट और धमकाने वाले के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है

संभल जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट तैयार नहीं! अब 8 जनवरी को सुनवाई करेगा कोर्ट

संभल  उत्तर प्रदेश के संभल में हलचल काफी गरम है। संभल कोर्ट में जामा मस्जिद सर्वे रिपोर्ट पेश की जानी थी, लेकिन कोर्ट कमिश्नर के अनुरोध पर सुनवाई को आगे टाल दिया गया। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 8 जनवरी की तिथि निर्धारित की है। 19 नवंबर को संभल कोर्ट ने शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर मामले में कोर्ट कमिश्नर की अगुआई में जांच का आदेश दिया था। कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में वकीलों की टीम ने मस्जिद का सर्वे किया। 1875 में शाही जामा मस्जिद का निर्माण कराया गया है। इस सर्वे में गणेश जी प्रतिमा का जिक्र किया गया था। टीले पर बनी इमारत को लेकर दावे किए गए थे। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर हिंदू पक्ष मंदिर पर मस्जिद होने का दावा कर रहा है। हालांकि, अब कोर्ट कमिश्नर का बयान सामने आया है कि आज वे रिपोर्ट पेश नहीं करेंगे। 8 जनवरी को अब अगली सुनवाई शाही जामा मस्जिद सर्वे के मामले में अब अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी। चंदौसी कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से कई सवाल किए गए। मुस्लिम पक्ष ने हिंदू पक्ष से शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर बताने के किए जा रहे दावों का साक्ष्य पेश किया जाए। मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट की सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि अब आगे सर्वे नहीं होगा। संभल में हिंसा के कारण सर्वे रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। मुस्लिम पक्ष के वकील ने दावा किया कि शाही जामा मस्जिद का अब दोबारा सर्वे नहीं होगा। आगे सर्वे लिए कोर्ट से इजाजत लेनी होगी। वहीं, कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से भी मस्जिद को लेकर कागजात की मांग की गई है। वहीं, कोर्ट कमिश्नर रमेश राघव ने कहा कि हिंसा के कारण रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। इस कारण 10 दिन और समय की मांग की गई। रिपोर्ट के लिए मांगेंगे समय संभल कोर्ट कमिश्नर रमेश राघव ने कहा कि चंदौसी कोर्ट में शाही जामा मस्जिद सर्वे की रिपोर्ट पेश नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम कोर्ट से 10 दिनों का समय मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट पूरी करने के बाद ही इसे जमा कराया जाएगा। 19 नवंबर को कोर्ट के आदेश के बाद कमिश्नर टीम ने शाही जामा मस्जिद का जायजा लिया था। 2 घंटे जांच की थी। इसके बाद रविवार 24 नवंबर को सर्वे किया गया। इस दौरान संभल में बवाल मच गया। अब कोर्ट कमिश्नर को अपनी रिपोर्ट पेश करनी है। एएसआई के वकील पहुंचे कोर्ट एएसआई के वकील विष्णु गुप्ता संभल जिला कोर्ट पहुंच गए हैं। संभल से आ रही जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को कोर्ट में केवल जामा मस्जिद सर्वे के मुद्दे पर सुनवाई होनी है। इसके अलावा कोई कार्य नहीं होना है। सर्वे रिपोर्ट पेश किए जाने के बीच बढ़ी हलचल के बीच संभल डीएम और एसपी भी कोर्ट पहुंचे हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि आज रिपोर्ट को कोर्ट में पेश नहीं किया जा सकता है। 1875 के सर्वे रिपोर्ट में क्या? यूपी के संभल स्थित शाही जामा मस्जिद के 1875 सर्वे की रिपोर्ट सामने आई है। इसके तहत दावा किया जा रहा है कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया था। सर्वे रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मंदिर के चारों तरफ भगवान की आकृतियां दिखाई दी। वहां पर एक गणेश जी की प्रतिमा का जिक्र किया गया है, जिसको नष्ट करने का प्रयास किया गया था।

नवजोत कौर के PA ने एक शो रूम खरीदने के बहाने यह साजिश रची और उन्हें भरोसे में लेकर रकम हड़प ली

नई दिल्ली कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) की पत्नी डॉ. नवजोत कौर (Navjot Kaur) के साथ दो करोड़ की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. नवजोत कौन ने अपने निजी सहायक (PA), एक एनआरआई और उनके सहयोगियों पर 2 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं. यह मामला प्राइम लोकेशन पर स्थित शोरूम की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है. जानकारी के अनुसार, डॉ. नवजोत कौर ने पुलिस से की गई शिकायत में कहा है कि उनके निजी सहायक ने बताया कि एक एनआरआई अमृतसर के पॉश एरिया रंजीत एवेन्यू क्षेत्र में शोरूम बेचना चाहता है. PA ने बताया कि एनआरआई इस शोरूम को वाजिब दामों पर दे रहा है. इस बात पर विश्वास करते बात फाइनल की. डॉ. कौर ने एनआरआई के खाते में एडवांस के तौर पर राशि ट्रांसफर कर दी. इसके साथ ही उन्होंने अपने PA को एक चेक भी दिया, जिसे एनआरआई को देने के लिए कहा. इसके कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि शोरूम की कोई डील नहीं हुई. दो करोड़ रुपये सही व्यक्ति तक नहीं पहुंचाए गए. आरोप है कि PA, एनआरआई और उनके सहयोगियों ने मिलकर पैसे हड़प लिए. डॉ. कौर की शिकायत पर पुलिस ने यह मामला आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offenses Wing) को भेज दिया है. ईओडब्ल्यू इस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह धोखाधड़ी किस प्रकार से अंजाम दी गई. इस मामले में पुलिस अधिकारी जांच कर रहे हैं. इसी के साथ संबंधित दस्तावेजों और बैंक ट्रांजेक्शन की पड़ताल हो रही है. आरोप है कि इस रकम को एनआरआई और उनके सहयोगियों ने कहीं और इस्तेमाल किया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मामले की छानबीन चल रही है. आरोपियों से पूछताछ की जाएगी.  

घंटेभर से बाथरूम में थी नई नवेली दुल्‍हन, बंद था दरवाजा; घरवालों ने खोलकर देखा तो रह गए दंग

बरेली  विवाह के पांच दिन बाद विवाहिता की मृत्यु हो गई। स्वजन के अनुसार नहाते वक्त बाथरुम में गैस गीजर फटने से मृत्यु हुई। पुलिस ने मौत का कारण जानने को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बुलंदशहर के गांव काले का नगला निवासी सूरजपाल की बेटी दामिनी का विवाह 22 नवंबर को भोजीपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम पीपलसाना निवासी जसवंत सिंह यादव के बेटे दीपक यादव के साथ हुआ था। ससुराल वालों के अनुसार, बुधवार की सुबह दामिनी नहाने के लिए बाथरूम गई थी, लेकिन एक घंटे बाद तक बाहर नहीं निकली। बाथरूम में बेसुध पड़ी थी दाम‍िनी इस पर उन्होंने बाथरूम का दरवाजा तोड़ दिया। बाथरूम के अंदर देखा तो दामिनी बेसुध पड़ी थी। स्वजन उसे उपचार को एसआरएमएस ले गए, जहां डॉक्‍टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जसवंत सिंह यादव ने बताया कि उनका बेटा दीपक केंद्रीय मंत्रालय दिल्ली में नौकरी करता है। थाना प्रभारी प्रवीण सोलंकी ने बताया कि दोनों पक्षों के स्वजन ने बताया कि गैस गीजर फटने से दामिनी की मृत्यु हुई है, लेकिन मौत के सही कारणों का पता करने को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। ममेरी बहन की शादी में आ रहे युवक की हादसे में मौत, पत्नी घायल उधर, रामपुर में ममेरी बहन की शादी में दिल्ली से पत्नी के साथ आ रहे युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई, जबकि पत्नी घायल हो गई। हादसे से मृतक के घर पर मातम छा गया। थाना पटवाई के रहटगंज गांव निवासी हरकिशोर दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे। पिछले साल 28 नवंबर को दिल्ली के संगम विहार की नीलू से शादी हुई थी। वह पत्नी के साथ दिल्ली में ही रह रहा था। ममेरी बहन की शादी है। शादी में शामिल होने वह ट्रेन से पत्नी के साथ तड़के रामपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा। ज्वालानगर तक दोनों पैदल गए और वहां से अपने गांव जाने के लिए पिकअप में बैठ गए। अजीतपुर में एआरटीओ कार्यालय के पास तेज रफ्तार डंपर ने पिकअप को टक्कर मार दी, जिससे दंपति झटका लगने से नीचे गिर गए। डंपर का पहिया हरकिशोर के ऊपर से गुजर गया, जिससे मौत हो गई। पत्नी घायल हो गई। हादसे के बाद चालक डंपर लेकर फरार हो गया। खुशी वाले घर में पसरा मातम सिविल लाइंस पुलिस पहुंच गई। घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जानकारी मिलने पर मृतक के स्वजन आ गए। पिता कृष्णपाल ने बताया कि दोनों ममेरी बहन की शादी में शामिल होने आए थे। इसके बाद घर पर सब मिलकर उनकी शादी की सालगिरह मनाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन यह हादसा हो गया।

कोहरे से निपटने ट्रैक मैन को सिग्नल क्लियर करने पटाखे दिए, वहीं कुछ खास डिवाइस का इस्तेमाल भी किया जा रहा

भोपाल  ठंड की दस्तक के साथ कोहरा अपना असर दिखाता है, जिससे रेल की रफ्तार में बाधा खड़ी होती है। भोपाल रेल मंउल में बाधा रहित ट्रेन संचालन के लिए आवश्यक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। वहीं, ट्रैकमैन को पटाखे उपलब्ध कराए गए हैं। दरअसल, ट्रेन के परिचालन में कोहरा बाधा खड़ी करता है, कोहरे के दौरान दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे लोको पायलट के लिए सिग्नल और ट्रैक की स्थिति का सही तरीके से आकलन करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में फॉग सेफ डिवाइस को लोको पायलट की मदद के लिए डिजाइन किया गया है। यह उपकरण सिग्नल की सटीक जानकारी देता है। साथ ही अलग स्थानों पर लगे सिग्नल को विशेष रूप से चेतावनी के साथ बताता है, जिससे ट्रेनों का संचालन सुरक्षित और निर्बाध रूप से हो सके। इस डिवाइस का होगा इस्तेमाल फॉग सेफ डिवाइस एक जीपीएस आधारित उपकरण है, जो लोको पायलट को उनके मार्ग पर सिग्नलों और अन्य प्रमुख स्थानों की जानकारी देता है। यह उपकरण सिग्नल की दूरी और ट्रेन की गति को स्क्रीन पर प्रदर्शित करता है। इसके अलावा, यह लोको पायलट को अलर्ट भी देता है, जब ट्रेन किसी सिग्नल के करीब होती है। पटाखे से होगा सिग्नल क्लियर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि लोको पायलट को कोहरे के समय फॉग सेफ डिवाइस के साथ ट्रेनों की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटे अथवा जरुरत के मुताबिक रफ्तार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सिग्नल की सूचना दर्शाने वाले बोर्ड पर चमकीली पट्टी लगाई जा रही है। इसके अलावा स्टेशन मास्टर को विजिबिलिटी टेस्ट ऑब्जेक्ट (वीटीओ) के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। इससे लोको पायलट को स्टेशन पास होने की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा ट्रैकमैन द्वारा लोको पायलट को रास्ते में सिग्नल होने की चेतावनी देने के लिए पटाखे का उपयोग करने के निर्देश देते हुए पर्याप्त मात्रा में पटाखे उपलब्ध कराए गए हैं।

बांग्लादेश हाईकोर्ट ने इस्कॉन मंदिर पर प्रतिबंध लगाने से इंकार कर दिया

ढाका बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ लगातार जारी हिंसा के बीच वहां के उच्च न्यायालय ने गुरुवार को इस्कॉन पर बैन लगाने से इनकार कर दिया है। देशद्रोह के मामले में बांग्लादेश इस्कॉन के प्रमुख चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद से ही हिंदू समुदाय के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शनों के दौरान ही एक वकील की मौत हो गई, जिसके बाद बांग्लादेश में इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने मांगी थी रिपोर्ट वकीलों ने बुधवार को संगठन से संबंधित कुछ समाचार पत्रों की रिपोर्ट रखने के बाद उच्च न्यायालय से अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण चेतना समाज (इस्कॉन) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। द डेली स्टार के अनुसार, उच्च न्यायालय ने अटॉर्नी जनरल से इस्कॉन की हालिया गतिविधियों के संबंध में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देने को कहा था। क्यों उठा इस्कॉन का मुद्दा? बता दें बांगलादेश में लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। इसी के चलते चिन्मय कृष्ण दास शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की वजह से उन्हें देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को झड़पें हुईं, जिसमें एक असिस्टेंट सरकारी वकील सैफुल इस्लाम की मौत हो गई। हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका ढाका हाईकोर्ट ने बांग्लादेश में इस्कॉन पर बैन लगाने की याचिका को आज खारिज कर दिया है। सरकारी वकील ने इस्कॉन पर बैन लगाने को ज़रूरी बताया, लेकिन हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने सरकार से कही यह बात.. हाईकोर्ट ने न सिर्फ बांग्लादेश में इस्कॉन पर बैन लगाने की याचिका को खारिज किया, बल्कि सरकार से एक बड़ी बात भी कही। हाईकोर्ट ने बांग्लादेश सरकार (अंतरिम) से पूरे देश में रह रहे हिंदुओं के जीवन, संपत्ति की रक्षा के लिए कानून व्यवस्था की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। बताया कि गुरुवार को जब उच्च न्यायालय की कार्यवाही शुरू हुई तो अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने न्यायालय द्वारा मांगी गई जानकारी न्यायमूर्ति फराह महबूब और न्यायमूर्ति देबाशीष रॉय चौधरी की पीठ के समक्ष रखी। अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल अनीक आर हक और डिप्टी अटॉर्नी जनरल असद उद्दीन ने उच्च न्यायालय की पीठ को सूचित किया कि वकील सैफुल इस्लाम अलिफ की हत्या और इस्कॉन की गतिविधियों के संबंध में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं और इन मामलों में 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने लगाई बांगलादेश सरकार को फटकार अटॉर्नी जनरल की रिपोर्ट पढ़ने के बाद पीठ ने बांगलादेश सरकार को चेतावनी दी। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि सरकार कानून-व्यवस्था की स्थिति और बांग्लादेश के लोगों के जीवन और संपत्ति की रक्षा के बारे में सतर्क रहेगी। भारत ने जताई चिंता, किया सुरक्षा का आग्रह भारत ने मंगलवार को दास की गिरफ्तारी और जमानत से इनकार करने पर गहरी चिंता व्यक्त की और ढाका से हिंदुओं और अन्य सभी अल्पसंख्यक समूहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा आज खत्म होगी, ओरछा आखिरी पड़ाव

ओरछा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का आज नौवां और अंतिम दिन है. पदयात्रा आज अपने तय समय से 2 घंटे पहले सुबह करीब 7 बजे हजारों भक्तों के साथ ओरछाधाम की ओर प्रस्थान करेगी. जानकारी के अनुसार, सनातन हिंदू एकता पदयात्रा सुबह करीब साढ़े दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे के बीच ओरछा पहुंचेगी. यात्रा के ओरछा पहुंचने पर सबसे पहले साधु संत और अन्य अतिथियों के उद्बोधन होंगे. इसके बाद हजारों सनातन भक्त एक साथ सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. हनुमान चालीसा के पाठ के बाद धीरेंद्र शास्त्री सभी श्रद्धालुओं के साथ भगवान राम के दर्शन करेंगे और इसके बाद बागेश्वर धाम के लिए निकल जाएंगे. जहां एक तरफ धीरेंद्र शास्त्री यात्रा में शामिल होने को लेकर हिंदूओं से अपील कर रहे थे. वहीं, अब आज यात्रा में शामिल ना होने की गुहार लगा रहे हैं. आइए जानते हैं पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को अब क्यों रोक रहें हैं? जानिए क्या है पूरा मामला बताते चले कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 21 नवंबर को छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी. इस यात्रा में उन्होंने जात-पात से हटकर सभी हिंदुओं को साथ आने की अपील की थी. इसका असर भी देखने को मिल रहा है. पंडित धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा जिस रास्ते से होकर गुजर रही है, वहां बड़ी संख्या में हिंदू शामिल हो रहे हैं. यही नहीं पंडित धीरेंद्र शास्त्री की इस पदयात्रा बड़े-बड़े नेता-राजनेता भी शामिल होने पहुंच रहे हैं. आज यानी 29 नवंबर को यात्रा का आखिरी दिन है. पदयात्रा का आखिरी दिन होने के चलते भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. रामराजा सरकार की नगरी ओरछा जहां यात्रा का समापन होना है, वहां एक दिन पहले से ही बड़ी संख्या में हिंदू एकत्रित हो गए हैं. भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अब लोगों को इस यात्रा में शामिल ना होने की अपील की है. जानिए क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री  पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि यात्रा में पहले से ही लाखों की संख्या में समर्थक मौजूद हैं, यात्रा में अब और जो लोग यात्रा में आना चाहते है, जो जहां हैं वहीं, रुक जाएं. यात्रा में शामिल ना हों… आप सभी लाइव के माध्यम से इस यात्रा में शामिल हो जाएं. बढ़ते भीड़ को देखते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को आने से रोकने की अपील की है.  ‘यह हिंदुओं की जागृति का उबाल है’ अपनी इस यात्रा का शुरू करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है और इसे रोकने के लिए सड़क पर उतरने की जरूरत है. ये बजरंगबली के भक्तों की भक्ति का उबाल है, यह हिंदुओं की जागृति का उबाल है. हमें बजरंगबली की कृपा पर भरोसा है. आज हमें हिंदुओं पर भी भरोसा बढ़ रहा है जब एक आवाज में हिंदू एक दिन धर्म विरोधियों के खिलाफ सड़कों पर उतर जाएंगे तो उसी दिन इस देश में हिंदुओं पर होने वाला अत्याचार बंद हो जाएगा. ऐसा है यात्रा का रूट बागेश्वरधाम से शुरू हुई ये यात्रा पहले दिन 15 किलोमीटर का सफर पूरा कर कदारी पहुंची. इसके बाद दूसरे दिन 17 किलोमीटर का सफर पूरा  कर छतरपुर के पेप्टेक टाउन पहुंची थी. तीसरे दिन यात्रा 21 किलोमीटर का सफर पूरा कर नौगांव पहुंची. चौथे दिन यात्रा 22 किलोमीटर की दूरी तय कर देवरी रेस्ट हाउस पहुंची. पांचवें दिन यात्रा 22 किलोमीटर का सफर तय कर मऊरानीपुर पहुंची. यहां से पदयात्रा 17 किलोमीटर का सफर तय कर घुघसी पहुंचेगी. सातवें दिन यात्रा 17 किलोमीटर का सफर पूरा कर निवाड़ी पहुंची थी. यहां से ये यात्रा 15.5 किलोमीटर की दूरी तय कर ओरछा तिगैछा पहुंची. यहां रात में विश्राम करने के बाद पदयात्रा ओरछाधाम पहुंचेगी, जहां सभी श्रद्धालु राजाराम मंदिर में दर्शन करेंगे. जिसके बाद ये पदयात्रा संपन्न होगी. 9 दिन में 160 किसी की यात्रा धीरेंद्र शास्त्री ‘हिंदू एकता’ के लिए 21 नवंबर से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुरू की थी जो कि 29 नवंबर यानी शुक्रवार को पूरी होगी. वह 9 दिनों में बागेश्वर धाम से ओरछा तक 160 किमी की दूरी तय करेंगे. इस यात्रा के लिए कुल आठ पड़ाव बनाए गए थे. धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि हिंदुओं को एकजुट करने और सनातन धर्म का प्रचार करने के लिए वो ये पदयात्रा निकाल रहे हैं. इस यात्रा में बाबा बागेश्वर के साथ हजारों भक्त भी चलेंगे. इस दौरान वह रोजाना 20 किमी पैदल चलेंगे. कई हस्तियों ने पदयात्रा में लिया भाग 21 नवंबर से शुरू हुई बाबा की इस यात्रा में अभिनेता संजय दत्त और द ग्रेट खली भी शामिल हो चुके हैं. इसके अलावा कई नेताओं ने भी उनकी इस यात्रा को समर्थन दिया है, जिनमें बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, बीजेपी विधायक राजेश्वर शर्मा और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह भी शामिल हैं. वहीं, यात्रा के दूसरे दिन छतरपुर में धीरेंद्र शास्त्री ने एक सभा को भी संबोधित किया था. जिसमें हैदराबाद की गोशामहल विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक टी राजा ने भी भाग लिया था.  

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