LATEST NEWS

अंतर्राज्यीय केन-बेतवा लिंक और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाएं से तीव्र होगी विकास की रफ्तार : मुख्यमंत्री डॉ यादव

जन-कल्याण में राज्यों की सीमाएं बाधक नहीं : मुख्यमंत्री डॉ यादव प्रधानमंत्री मोदी का तीव्र विकास का संकल्प पूरा करने कोई कसर नहीं छोड़ेंगे : मुख्यमंत्री डॉ यादव अंतर्राज्यीय केन-बेतवा लिंक और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाएं से तीव्र होगी विकास की रफ्तार : मुख्यमंत्री डॉ यादव रवीन्द्र सभागम में मध्यप्रदेश के 69 वें स्थापना दिवस का हुआ आयोजन पार्श्व गायक अंकित तिवारी के गीतों की हुई प्रस्तुति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आम नागरिकों के कल्याण में राज्यों की सीमा बाधा नहीं बनना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी यही संकल्प है। उन्होंने प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने के लिये महत्वपूर्ण केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए समाधान का मार्ग प्रशस्त किया। अंतर्राज्यीय केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना भारत की प्रथम नदी जोड़ो परियोजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के मध्य 20 वर्ष से पार्वती चंबल कालीसिंध परियोजना की स्वीकृति के लंबित मामलों में अब स्वीकृति हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा दी गई इन मंजूरियों से प्रदेश के बड़े अंचल में विकास की गति तीव्र हो जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी के तीव्र विकास का संकल्प पूरा करने में मध्यप्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड में सिंचाई और पानी की सुविधा व्यापक स्तर पर नागरिकों और किसानों को मिलेगी। यह परियोजना एक इतिहास रचने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज रवींद्र सभागम में मध्यप्रदेश के 69 वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थापना वर्ष 1956 से लेकर अब तक एक लंबी यात्रा तय हुई है। इस वर्ष राज्योत्सव और दीपोत्सव एक साथ आए हैं। प्रदेश में चार दिन का स्थापना दिवस समारोह और 5 दिन का दीपोत्सव हो रहा है। मध्यप्रदेश इस मामले में सौभाग्यशाली है कि यहॉ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने चित्रकूट में सर्वाधिक समय व्यतीत किया। भगवान श्रीकृष्ण ने भी मध्यप्रदेश की धरती पर उज्जैन आकर शिक्षा ग्रहण की। मध्यप्रदेश पर प्रकृति का भी वरदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हिमालय से गंगा के उद्गम और अन्य नदियों की जल राशि को देखें तो उससे कहीं अधिक जल राशि नर्मदा के साथ सोन, चंबल, ताप्ती आदि से प्रवाहित होती है। मध्यप्रदेश नदियों के मायके की तरह है। यह देश के लिए अजूबा और वरदान दोनों है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में खनिजों की प्रचुरता है। प्रदेश में 55 जिलों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण होगा। जिलों की सीमाओं के साथ ही संभागों की सीमा भी बदलेंगे। प्रदेश में 68 वर्ष में पुनर्गठन संबंधी कार्य इस स्तर पर नहीं हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार विकास के मामले में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2005 तक 5 मेडिकल कॉलेज ही थे, जिनकी संख्या वर्तमान में 20 हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में प्रदेश में 3 नए मेडिकल कॉलेज लोकार्पित किए हैं। आने वाले 2 वर्ष में मेडिकल कॉलेज की संख्या 28 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल पर भी कार्य हो रहा है, जिससे प्रदेश में 40 मेडिकल कॉलेज होंगे। आने वाले समय में प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित नागरिकों को मध्यप्रदेश की स्थापना दिवस और दीपोत्सव की बधाई दी और पार्श्व गायक अंकित तिवारी, मुंबई के निर्देशन में हो रहे गीत संगीत कार्यक्रम का आनंद लेने का आह्वान किया। गायिका सुसुहासिनी जोशी ने मध्यप्रदेश गान प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश पर केंद्रित फिल्म का रिमोट से बटन दबाकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गायक अंकित तिवारी का शॉल और श्रीफल द्वारा सम्मान किया। प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने नागरिकों का अभिनंदन करते हुए कार्यक्रम में उत्साह से भागीदारी के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, सांसद वी.डी. शर्मा, सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक विष्णु खत्री, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, सुमित पचौरी, अपर मुख्य सचिव एस.एन. मिश्रा सहित जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। पार्श्व गायक अंकित तिवारी ने गीतों से किया आनंदित स्थापना दिवस समारोह की इस विशेष शाम पर सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक अंकित तिवारी ने मंच पर आते ही श्रोताओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए दीपावली और मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। अंकित ने सबसे पहले “लगता है दिल तेरी शामत आई है….” गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद लोकप्रिय गीत “तू जो है तो मैं हूं…. और तुम से ही….की” प्रस्तुति से सभागार में सुरीला संसार रच दिया। प्रस्तुति में आगे “सनम तेरी कसम….और जुगनी….” प्रस्तुत करते हुए श्रोताओं पर जादू सा कर दिया। इसके बाद तो अंकित और श्रोताओं के बीच सुरीला रिश्ता कायम हो गया और गीतों का सिलसिला चलता गया। बत्तमीज…., साडा हक…., खैरियत…., तू ही हकीकत…., बूंद बूंद…., तो फिर आओ…., तू है कि नहीं…. जैसे लोकप्रिय गीतों से शाम को शानदार बना दिया। अगली प्रस्तुति सबसे लोकप्रिय गीत सुन रहा है न तू…. प्रस्तुत कर स्थापना दिवस की शाम में चार चांद लगा दिए। उन्होंने इसके बाद सय्योनी…., अंखियां उडीक…., पठान…. प्रस्तुत करते हुए प्रस्तुति का समापन तेरी गलियां….गीत प्रस्तुत कर किया।  

इंडस्ट्री कॉन्क्लेव अब नीमच-मंदसौर में होगी, औषधि उद्योग पर रहेगा फोकस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 81 लाख किसानों के खातों में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 1624 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की। सीएम ने घोषणा की कि अगली इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मंदसौर-नीमच में होगी यादव ने कहा कि मंदसौर, नीमच जिले औषधि की खेती के लिए जाने जाते है। यहां की जरूरतों के हिसाब से औषधि उद्योगों को यहां बढ़ावा दिया जाएगा। स्थानीय युवाओं के लिए भी औषधि उद्योग के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। इस दौरान सीएम ने मंदसौर को दी 167 करोड़ के 11 विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन भी किए। स्थानीय विधायकों की मांग पर मंदसौर, सीतामऊ, सुवासरा तक फोरलेन सड़क का निर्माण की भी घोषणा कर दी। इस अवसर पर सीएम ने मन से मंदसौर वेबसाइट भी लांच की। इस वेबसाइट से मंदसौर जिले का कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति जुड़कर मदद ले सकता है। पतंजलि से जुड़ेगा औषधीय फसलों का कारोबार सीएम ने नीमच में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि नीमच एशिया में औषधीय फसलों की सबसे बडी मंडी है। यहां की औषधीय फसलों को योग गुरू बाबा रामदेव के पतंजलि योग पीठ से जोड़ा जा रहा है। सीएम ने नीमच में शुरू हो रहे मेडिकल कॉलेज का नाम पूर्व सीएम वीरेंद्र कुमार सखलेचा के नाम पर रखने की भी घोषणा की। इस दौरान सीएम ने नीमच मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं से संवाद भी किया।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि अंग्रेज भारत में गृह युद्ध कराना चाहते थे। सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ का शुभारंभ करते हुए सीएम ने कहा कि ‘अंग्रेजों ने भारत के अंदर गृह युद्ध कराने कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने तो देश की आजादी के एक दिन पहले 14 अगस्त को भारत से अलग कर पाकिस्तान बना दिया। अंग्रेजों ने देश कि रियासतों कि बीच फूट डाली, उस दौर में सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 2 साल के अंदर देश की सारी रियासतों को एक कर दिया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपनी कार्य कुशलता के कारण पूरे देश को एक सूत्र में पिरोया, लेकिन जम्मू कश्मीर में धारा 370 के कारण देश कि एकता अधूरी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 हटाई। टीटी नगर स्टेडियम में हुए इस कार्यक्रम में खेल मंत्री विश्वास सारंग और मुख्य सचिव अनुराग जैन मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने रन फॉर यूनिटी में शामिल सभी युवाओं को एकता दिवस की शपथ भी दिलाई।  

गौ-शिल्प और पंचगव्य उत्पादों पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगेगी

प्रकृति के सम्मान का उत्सव है गौवर्धन पूजा राज्य स्तरीय गोवर्धन पूजा कार्यक्रम शनिवार को रवीन्द्र भवन में गौ-शिल्प और पंचगव्य उत्पादों पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगेगी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में राज्य स्तरीय गोवर्धन-पूजा कार्यक्रम 2 नवम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल में प्रात: 9:30 बजे होगा। गोवर्धन पर्व के सांस्कृतिक एवं आर्थिक महत्व पर केन्द्रित इस आयोजन में गौ-संस्कृति, परिवेश के प्रदर्शन और स्वास्थ्य आधारित लाभों पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। प्रदर्शनी मुख्य रूप से पंचगव्य उत्पाद, गौ-शिल्प उत्पाद, कृषि आधारित उत्पाद और दैनिक उपयोग के उत्पाद के आर्थिक महत्व को प्रदर्शित किया जायेगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ सभी जिलों में एक कार्यक्रम जिले की प्रमुख गौ-शाला में भी होगा। यहाँ भी गोवर्धन पूजा, गौमय और पंचगव्य उत्पादों पर संगोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रंगोली एवं निबंध प्रतियोगिता और बच्चों के कार्यक्रम होंगे। गाय और गंगा, भारत की संस्कृति एवं सभ्यता की आत्मा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति के सम्मान का उत्सव है। धरा पर गाय और गंगा ही हैं, जो ईश्वर को अत्यंत प्रिय हैं। इनके बिना भारतवर्ष की कल्पना भी नहीं की जा सकती। गाय और गंगा, भारत की संस्कृति एवं सभ्यता की आत्मा है… ये पालनहार हैं और तारणहार भी। वेद, पुराण, उपनिषद, स्मृति-ग्रंथों, रामायण, महाभारत और वांग्मय में गौ-महिमा का वर्णन है। गाय को सुरभि, कामधेनु, अर्च्या, यज्ञपदी, कल्याणी, इज्या, बहुला, कामदुघा, विश्व की आयु, रुद्रों की माता और वसुओं की पुत्री के रूप में सुशोभित किया गया है। सर्वदेवमयी गाय को वेदों में अघ्न्या (अवध्या) बतलाया है… त्रेता युग में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने वनगमन के पूर्व गोदान किया था। द्वापर युग में श्रीकृष्ण ने बाल्यावस्था में गायों संग व्यतीत कर भारतवर्ष को गाय की महत्ता का संदेश दिया है। स्कन्दपुराण में त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश के द्वारा कामधेनु की स्तुति की गई है त्वं माता सर्वदेवानां त्वं च यज्ञस्य कारणम्। त्वं तीर्थ सर्वतीर्थानां नमस्तेऽस्तु सदानघे ।। अर्थात् हे अनघे तुम समस्त देवों की जननी तथा यज्ञ की कारणरूपा हो और समस्त तीर्थों की महातीर्थ हो, तुमको सदैव नमस्कार है। निश्चित रूप से ईश्वर द्वारा वंदनीय गौमाता का संरक्षण एवं संवर्धन केवल कर्तव्य ही नहीं धर्म भी है। मध्यप्रदेश सरकार भी गौ-सेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार ने प्रत्येक गाँव में गौ-शाला प्रारंभ करने का अभियान शुरू किया है। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए गौशाला में गाय के आहार के लिए निर्धारित अनुदान को भी बढ़ाकर दोगुना कर दिया है।  

धार्मिक आयोजन और पर्यावरण-संरक्षण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का पर्व है गोवर्धन पूजा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

धार्मिक आयोजन और पर्यावरण-संरक्षण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का पर्व है गोवर्धन पूजा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गोवर्धन पूजा, धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि पर्यावरण-संरक्षण, कृषि और पशुधन के प्रति समाज की जिम्मेदारी का भी पर्व हैं। गोवर्धन पूजा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के प्रति श्रद्धा और कृषि से जुड़ी परंपराओं को बनाए रखने का संदेश भी जाता है। इससे स्थानीय समुदाय को एकजुट होकर अपनी परंपराओं को जीवित रखने की प्रेरणा मिलती है। इसे दृष्टिगत रखते हुए हमने इस वर्ष गौवर्धन पूजा को वृहद पैमाने पर पूरे प्रदेश में सरकार की सहभागिता के साथ मनाने का निर्णय लिया है। गौ-संवर्धन के प्रमुख पहलू     2500 गौ-शालाओं में 4 लाख से अधिक गौ-वंश का पालन।     गौ-वंश के बेहतर आहार के लिये प्रति गौ-वंश मिलने वाली 20 रूपये की राशि बढ़ाकर 40 रूपये करने का निर्णय।     घायल गायों के लिये हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग वाहन की व्यवस्था।     दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने म.प्र. सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच एमओयू।     ग्वालियर स्थित आदर्श गौ-शाला में देश के पहले 100 टन क्षमता वाले सीएनजी प्लांट की स्थापना।     दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने प्रदेश के हर ब्लॉक में एक गाँव बनेगा वृंदावन गांव।     देश में सर्वाधिक 15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती करने वाले मध्यप्रदेश में गौ-वंश को प्रोत्साहन देन की पहल से जैविक उत्पादन बढ़ाने का प्रयास। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गोवर्धन पूजा, पर्यावरण और पशुधन-संरक्षण का भी संदेश देता है, जो कृषि और आर्थिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से हम प्रकृति और पशुधन के महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा का उद्देश्य न केवल धार्मिक बल्कि आर्थिक और पारिस्थितिकीय महत्व से भी जन-जन को अवगत करना है, जो एक सतत और समर्थ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में सहायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गाय को भारतीय संस्कृति में “गौ-माता” का दर्जा दिया गया है। विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और त्यौहारों में गाय का पूजन होता है। यह भारतीय समाज में गहरी धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी हुई है। लम्बे समय से हर घर में गाय पालने की परंपरा रही है, जिससे ग्रामीण समाज में एकता, सामंजस्य और सहयोग की भावना प्रबल होती थी। मध्यप्रदेश में किसानों एवं पशुपालकों को लाभान्वित करने के लिये सरकार निजी और शासकीय दोनो तरह की गौशालाओं को प्रोत्साहित कर सहयोग कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शास्त्रों में भी बताया गया है कि गाय उसी प्रकार पवित्र होती है जैसे नदियों में गंगा। गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी माना गया है। देवी लक्ष्मी जिस प्रकार सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं उसी प्रकार गौ-माता भी अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी धन प्रदान करती हैं। गौवंश सम्पूर्ण मानव जाति के लिए पूजनीय और आदरणीय है। यह पर्व भारतीय जनमानस को उनकी जड़ों से जोड़े रखता है और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना को प्रदर्शित करता है। यह हमारी संस्कृति और परंपरा के संवर्धन का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौवंश संरक्षण समाज में सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसारक है और इसकी सेवा से समाज में करुणा, संवेदनशीलता और एकजुटता की भावना बढ़ती है। गौ-माता हमारी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना की स्रोत भी हैं। गौ-माता की सेवा, सम्मान एवं संवर्धन के लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। पशुपालन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ते रहे हैं। दूध और उससे बने उत्पादों को बेचकर ग्रामीणों को हमेशा आय का स्त्रोत मिलता रहा है। भारत दुग्ध उत्पादन के मामले में विश्व में शीर्ष स्थान पर है और इस सफलता में गोवंश का महत्वपूर्ण योगदान है। देश में दुग्ध उत्पादन, अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है और लाखों ग्रामीण परिवारों की आजीविका का साधन भी है। दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9 से 10 प्रतिशत उत्पादन करते हुए देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश के अनेक ग्रामों में किसान भाइयों को पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के लिए सुविधाएं प्रदान कर प्रदेश को देश में अग्रणी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश में प्रतिदिन साढ़े पांच करोड़ लीटर दुग्ध उत्पादन हो रहा है। प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता के मामले में मध्यप्रदेश की स्थिति राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। जहां देश में प्रति व्यक्ति 459 ग्राम प्रतिदिन दूध की उपलब्धता है वहीं मध्यप्रदेश में यह 644 ग्राम है। अगले पांच वर्ष में प्रदेश का दुग्ध उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य है। इस दिशा में लगभग 40 हजार ग्रामों में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के कार्य शुरू हो चुका है। अब दुग्ध उत्पादन लाखों ग्रामीणों के लिए रोजगार का स्त्रोत बन गया है। इस कार्या में विशेष रूप से महिलाओं की भी अग्रणी भूमिका है। गौ-संवर्धन से न केवल रोजगार सृजन होता है, बल्कि यह समाज की सांस्कृतिक जड़ों को भी मजबूती प्रदान करता है और एक स्वस्थ एवं स्थिर समाज का निर्माण करने में योगदान देता है।  

प्रियंका चोपड़ा ने लंदन में दिवाली की भव्य पार्टी का किया आयोजन

प्रियंका चोपड़ा भले अब विदेश में रहती हों और हॉलीवुड फिल्मों में एक्टिव हों, लेकिन जहां बात देसी फेस्टिवल्स की आती है तो वो कभी पीछे नहीं रहतीं। हर त्योहार वो खूब जोश से मनाती हैं। प्रियंका अपने साथ-साथ पूरे परिवार को भी फेस्टिवल के रंग में रंग डालती हैं। इस दिवाली पर भी ऐसा ही हुआ, जहां प्रियंका लाल रंग की साड़ी में सेलिब्रेशन मोड में दिखीं और हसबैंड निक जोनस भी भारतीय अंदाज में दिखे। बता दें कि प्रियंका चोपड़ा ने लंदन में दिवाली की पार्टी का आयोजन किया। इस दिवाली पार्टी में उनके परिवार और दोस्त शामिल हुए। इस मौके की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर छाई हैं। प्रियंका के साथ निक का देसी अवतार जहां बात परंपराओं और त्योहारों की आती है तो प्रियंका विदेश में रहकर भी पूरी देसी बन जाती हैं। लंदन में इस दिवाली पर प्रियंका ने धूमधाम से सेलिब्रेशन किया। उनके पारंपरिक लुक और अंदाज ने इस माहौल को और भी खूबसूरत बना दिया। प्रियंका के साथ निक के देसी अवतार को देख लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों ने कहा है- निक जिस तरीके से इंडियन फेस्टिवल्स को फॉलो किया करते हैं वो तारीफ के काबिल है। प्रियंका चोपड़ा की फिल्में वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रियंका ‘सिटाडेल’ के साथ-साथ एक्शन-ड्रामा ‘हेड्स ऑफ स्टेट’ की तैयारी में जुटी हुई हैं। इसमें इदरीस एल्बा और जॉन सीना लीड रोल में नजर आएंगे। इन सबके अलावा प्रियंका की बकेट लिस्ट में ‘द ब्लफ’ का भी हिस्सा हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के 69वें स्थापना दिवस पर जलाए दीप और देखी आतिशबाजी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार शाम रोशनपुरा चौराहे पर दीप प्रज्ज्वलित कर आतिशबाजी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों को स्थापना दिवस की बधाई दी। इस अवसर पर दक्षिण-पश्चिम भोपाल के विधायक श्री भगवान दास सबनानी और अनेक नागरिक उपस्थित थे। रोशनपुरा चौराहे पर मिष्ठान वितरण कर प्रदेश की स्थापना दिवस को उल्लास और आनंद के साथ मनाया गया।  

मध्य प्रदेश में दिवाली के बाद से सर्द हुई रातें, इन जिलों में लुढ़का पारा

भोपाल मध्य प्रदेश में सर्द बढ़ते ही कम्बल और रजाई निकल गए हैं। अधिकांश जिलों में रात के तापमान में गिरावट होने पर ठिठुरन बढ़ गई। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि आगामी कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम इसी प्रकार शुष्क बना रहेगा। गुरूवार को कई शहरों का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के करीब और उससे कम दर्ज किया गया है। जिससे माना जा रहा है कि आगामी दिनों में ठंड और बढ़ सकती है।मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री से ज्यादा दर्ज हुआ। वहीं रात के न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली है। बता दें, फिलहाल प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से में बने सर्कुलेशन सिस्टम के कारण नमी आ रही है। हालांकि इसका असर बारिश के रूप में नहीं देखने को मिलेगा। साथ ही भोपाल सहित अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहेगा। राजधानी में मौसम साफ रहने से रात का पारा भी गिरने के आसार है।

प्रार्थना की शक्ति

मनुष्य कितना दीन, हीन अल्प शक्ति वाला, कमजोर प्राणी है, यह प्रतिदिन के उसके जीवन से पता चलता है। उसे पग-पग पर परिस्थितियों के आश्रित होना पड़ता है। कितने ही समय तो ऐसे आते हैं, जब औरों से सहयोग न मिले तो उसकी मृत्यु तक हो सकती है। इस तरह विचार करने से तो मनुष्य की लघुता का ही आभास होता है, किन्तु मनुष्य के पास एक ऐसी भी शक्ति है, जिसके सहारे वह लोक-परलोक की अनंत सिध्दियों तथा सामर्थ्यों का स्वामी बनता है। अविचल श्रध्दा यह है प्रार्थना की शक्ति, परमात्मा के प्रति अविचल श्रध्दा और अटूट विश्वास की शक्ति। मनुष्य प्रार्थना से अपने को बदलता है, शक्ति प्राप्त करता है और अपने भाग्य में परिवर्तन कर लेता है। विश्वासपूर्वक की गयी प्रार्थना पर परमात्मा दौड़े चले आते हैं। सचमुच प्रार्थना में बड़ा बल है, अलौकिक शक्ति और अनंत सामर्थ्य है। प्रार्थना विश्वास की प्रतिध्वनि है। रथ के पहियों में जितना अधिक भार होता है, उतना ही गहरा निशान वे धरती में बना देते हैं। प्रार्थना की रेखाएं लक्ष्य तक दौड़ी जाती हैं और मनोवांछित सफलता खींच लाती है। विश्वास जितना उत्कट होगा परिणाम भी उतने ही प्रभावशाली होंगे। प्रार्थना आत्मा की आध्यात्मिक भूख है। शरीर की भूख अन्न से मिटती है, इससे शरीर को शक्ति मिलती है। उसी तरह आत्मा की आकुलता को मिटाने और उसमें बल भरने की सत साधना परमात्मा की ध्यान आराधना ही है। इससे अपनी आत्मा में परमात्मा का सूक्ष्म दिव्यत्व झलकने लगता है और अपूर्व शक्ति का सदुपयोग आत्मबल संपन्न व्यक्ति कर सकते हैं। निष्ठापूर्वक की गई प्रार्थना कभी असफल नहीं हो सकती। आत्मा शुध्दि का आठान भी प्रार्थना ही है। इससे मनुष्य के अंतःकरण में देवत्व का विकास होता है, विनम्रता आती है और सदुगुणों के प्रकाश में व्याकुल आत्मा का भय दूर होकर साहस बढ़ने लगता है। ऐसा महसूस होता है, जैसे कोई असाधारण शक्ति सदैव हमारे साथ रहती है। हम जब उससे अपनी रक्षा का याचना, दुःखों से परित्राण और अभावों की पूर्ति के लिये अपनी विनय प्रकट करते हैं तो सद्य प्रभाव दिखलाई देता है और आत्म संतोष का भाव पैदा होता है। असंतोष और दुःख का भाव जीव को तब तक परेशान करता है, जब तक वह क्षुद्र और संकीर्णता से ग्रस्त रहता है। मतभेदों की नीति ही संपूर्ण अनर्थों की जड़ है। प्रार्थना इन परेशानियों से बचने की रामबाण औषधि है। भगवान की प्रार्थना से सारे भेदों को भूल जाने का अभ्यास हो जाता है। सृष्टि के सारे जीवों के प्रति जब ममता आती है तो इससे पाप की भावना का लोप होता है। जब अपनी असमर्थता समझ लेते हैं और अपने जीवन के अधिकार परमात्मा को सौंप देते हैं तो यही समर्पण का भाव प्रार्थना बन जाता है। दर्पणों का चिंतन और परमात्मा के उपकारों को स्मरण रखना ही मनुष्य की सच्ची प्रार्थना है। महात्मा गांधी कहा करते थे-मैं कोई काम बिना प्रार्थना के नहीं करता। मेरी आत्म के लिये प्रार्थना उतनी ही अनिवार्य है, जितना शरीर के लिये भोजन। मनुष्य जीवन में अच्छे बुरे दोनों तरह की वृत्तियां रहती हैं, आत्मा के गहन अंतराल में तो सत्-तत्व पाया जाता है। इस शुभ, शिव और परमतत्व से एकाकार प्रार्थना से होता है, जिससे आसुरी वृत्तियों का लोप और दैवीय गुणों का प्रादुर्भाव होता है। प्रार्थना से ही अंतरात्मा में प्रवेश मिलता है और बुध्दि की सूक्ष्म ग्रहणशीलता उपजती है। इस परिवर्तनशील जगत के सारे रहस्य खुलने लगते हैं। मोह की दुरभि संधि मिटकर सत्य प्रकाशित होने लगता है। ईश्वरत्व का समन्वय प्रार्थना प्रयत्न और ईश्वरतत्व का सुंदर समन्वय है। मानवीय प्रयत्न अपने आप में अधूरे हैं क्योंकि पुरुषार्थ के साथ संयोग भी अपेक्षित है। यदि संयोग सिध्दि न हुई तो कामनाएं अपूर्ण ही रहती हैं। इसी तरह संयोग मिले और प्रयत्न न करें तो भी काम नहीं चलता। प्रार्थना से इन दोनों में मेल पैदा होता है। सुखी और समुन्नत जीवन का यही आधार है कि हम क्रियाशील भी रहें और दैवीय विधान से सुसंबध्द रहने का भी प्रयास करें। धन की आकांक्षा के लिये तो व्यवसाय और उद्यम करना होता है साथ ही उसके लिए अनुकूल परिस्थितियां भी चाहिए ही। जगह का मिलना, पूंजी लगाना, स्वामिभक्त और ईमानदार नौकर, कारोबार की सफलता के लिये चाहिये ही। यह सारी बातें संयोग पर अवलंबित हैं। प्रयत्न और संयोग का जहां मिलाप हुआ वहीं सुख होगा, वहीं सफलता भी होगी। यह अनिवार्य नहीं कि प्रार्थना पूर्णतया निष्काम हो। सकाम प्रार्थनाओं का भी विधान है किन्तु सांसारिक कामनाओं के लिये की गयी प्रार्थना में वह तल्लीनता नहीं आ पाती जो परमात्मा तक अपना संदेश ले जा सके। ऐसी प्रार्थनाएं भोग के निविड़ में भटककर रह जाती है। परिणामतः समय का अपव्यय और शक्ति का दुरुपयोग ही होता है। परोपकार, आत्मकल्याण और जीवन लक्ष्य की प्राप्ति के लिये ही प्रार्थना का सदुपयोग होना चाहिये। ऐसी प्रार्थंनाओं में सजीवता होती है, चुंबकत्व होता है और परमात्मा को प्राप्त करने की प्रबल आकुलता होती है, ये कभी निष्फल नहीं जाती। सद्उद्देश्यों के लिए की गई हृदय, आत्मा की पुकार अनसुनी नहीं जाती। परमात्मा उसे जरूर पूरा करते हैं। अभी तक जो शक्तियां मिलीं और जो मानव जीवन का सौभाग्य प्राप्त होता है, इसमें भी पूर्व भावनाओं की सौम्यता ही प्रतीत होती है। हमने उनका आश्रय छोड़ दिया होता तो अन्य जीवधारियों के समान हम भी कहीं भटक रहे होते किन्तु यह अभूतपूर्व संयोग मिलना निश्चय ही उनकी कृपा का फल है। प्राप्त परिस्थितियों का सदुपयोग तब है जब इन साधनों का उपयोग आत्मविकास में कर सकें। इसके लिये हमारा संपूर्ण जीवन एक प्रार्थना हो। हम अनन्य भाव से अपने आपको उस परमात्मा के प्रति समर्पित किए रहें और उनकी दुनिया को सुंदर और सरस बनाने के लिये अपने कर्तव्यों का यथा रीति पालन करते रहें। हृदयहीन मुखर प्रार्थना नहीं चाहिए, जिसमें केवल स्वर का महत्व प्रकट होता है और प्रर्थना नहीं, वह तो विडंबना हुई, प्रार्थना वह होती है जो हृदय से निकल कर सारे आकाश को प्रभावित करती है और परमात्मा के हृदय में भी उथल-पुथल मचा कर रख देती है। हे ईश्वर, हे परमपिता परमेश्वर! सृष्टि के कण-कण में आपका स्पंदन है। ये सृष्टि आपसे ही है। पालक पोषक सब कुछ आप ही हैं। हमें अपनी शरण में ले … Read more

दो विधानसभा में उपचुनाव की प्रशासनिक तैयारी जारी, नामांकन सूची से हटाए साढ़े 6 लाख मतदाताओं के नाम, 7.47 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े

भोपाल मध्यप्रदेश में दो विधानसभा में उपचुनाव की प्रशासनिक तैयारी चल रही है। प्रदेश के बुधनी और विजयपुर विधानसभा में उपचुनाव के लिए 13 नवंबर को मतदान है। इसी बीच मध्यप्रदेश निवार्चन आयोग की ओर से प्रदेश के मतदाताओं के आंकड़े जारी किए हैं। जारी आंकड़े के अनुसार एमपी में साढ़े 6 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और 7.47 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े है। मतदाताओं ने नए पते अपडेट करवाए है। नए मतदाताओं को जोड़ने और जरूरत के अनुसार नाम हटाए जाने की प्रक्रिया तेज हुई है। अब दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गईं है। 228 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या 5,60,63,645 है। उपचुनाव के कारण बुधनी और विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में पुनरीक्षण नहीं होगा। दावे आपत्ति लेने का काम शुरू हो गया है। प्रक्रिया 28 नवंबर तक चलेगी।

अंकुरित अन्नों में निहित पोषण शक्ति

आहार से जीवन सरल बनता है। अन्न एवं वनस्पतियां हमारे काय-कलेवर का प्राण हैं। भोजन में प्राणशक्ति न हो, हमारी मूल ईधन ही अपमिश्रित हो तो कलेवर में गति कहां से उत्पन्न हो? आवश्यकता इस बात की है कि अन्न प्राणवान बने, संस्कार दे, शरीर शोधन एवं नव-निर्माण की दोहरी भूमिका सम्पन्न करे। अंकुरित अन्नों का आहार इस प्रयोजन की पूर्ति सरलतापूर्वक करता है। अपने प्राकृतिक रूप में किया गया आहार पोषण की दृष्टि से तो उत्तम होता ही है, साथ ही औषधि का भी काम करता है। इस दृष्टि से आहार विज्ञानियों ने अंकुरित अन्नों को बहुत उपयोगी पाया है। वे जब अंकुरित स्थिति में फूटते हैं,तब अभिनव एवं अतिरिक्त गुण सम्पन्न होते हैं। स्वास्थ्य संरक्षण के लिए विटामिन, खनिज लवण, चिकनाई, प्रोटीन एवं कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्वों की संतुलित मात्रा का होना अनिवार्य माना गया है जो अंकुरित खाद्यान्नों में भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इनका सेवन करने से वानस्पतिक औषधियों के सेवन की तरह रक्त एवं धातुओं का शोधन होकर कायाकल्प का प्रतिफल सामने आता है। अंकुरित अन्न अतिरिक्त रसायनों से भरपूर होने के कारण जीवन-शक्ति के अभिवर्ध्दन एवं दीर्घायुष्य का लाभ साथ-साथ प्रस्तुत करते हैं। चूंकि अंकुरित अन्न-धान्य बिना आंच के प्राकृतिक रूप से तैयार होते हैं। अतः उनमें स्थित प्रोटीन, वशा, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट को हमारी आंतें सरलतापूवर्क अवशोषित कर लेती हैं और रक्त तथा शक्ति में उसका शीघ्र परिवर्तन हो जाता है। प्रायः सभी प्रकार के अन्नों को अंकुरित करके आहार के रूप में प्रयुक्त किया जा सकता है। गेहूं, चना, मूंग एवं मूंगफली जैसे अन्न खाने में स्वादिष्ट लगने के साथ ही पोषण एवं पाचन में उपयुक्त पाये गये हैं। जिनकी आंतें कमजोर हों, उनके लिए अंकुरण के पश्चात् थोड़ा उबला हुआ या उन्हें पीसकर देने से हितकारी सिध्द होता है पर जिनका पाचनतंत्र सबल हो, व्यायाम के अभ्यासी हों, उनके लिए चना और मूंगफली के अंकुरित दाने बहुत उपयोगी रहते हैं। साफ-स्वच्छ दानों को आवश्यकतानुसार पानी में भिगोकर लगभग 12 घंटे पश्चात् सूती कपड़े में बांधकर रख देने भर से अंकुरित भोजन तैयार हो जाता है। प्रयोगों में गेहूं के अंकुरों को सर्वाधिक उपयोगी पाया गया है। विख्यात आहार विज्ञानी डा. टामस ने इसे मनुष्य के लिए पूर्ण आहार बताया है। उनके अनुसार सभी आयु-वर्ग के लोगों के लिए यह एक उत्तम टॉनिक का कार्य करता है। बढ़े हुए अंकुरों को चबाकर या पीसकर छान लेने से पर्याप्त मात्रा में उपयुक्त विटामिन जैसे-राइबोफुलैफिन, थाइमिन, निकोटिनिक एसिड एवं आयरन, कैल्शियम आदि पोषण तत्व पर्याप्त मात्रा में मिल जाते हैं। हरी पत्तीदार सब्जियों एवं दूध से भी अधिक स्वास्थ्यवर्ध्दक एवं रक्तशोधक इसे पाया गया है। ताजे अंकुरों में क्लोरोफिल की मात्रा अधिक होती है। फलो ंएवं सब्जियों की तुलना में इनसे 12 गुना अधिक पोषक-तत्व शरीर को प्राप्त होते हैं। द अमेरिकन जनरल आफ सर्जरी नामक प्रसिध्द पत्रिका में प्रकाशित शोधपूर्ण विवरण केअनुसार अंकुरित गेहूं कार्यक्षमता बढ़ाकर शरीर में रक्त-संचार की प्रािया को संतुलित करता है। रक्ताल्पता, अल्सर और पायरिया जैसे रोगों की अचूक दवा तो यह है ही, गर्भाशय, पाचन प्रणाली और त्वचा रोग भी इससे ठीक हो जाते हैं। पाश्चात्य चिकित्सा एवं औषधि विज्ञान के जन्मजाता हिप्पाोटीज के अनुसार धान्यों का अंकुरण काल की ताजी हरी पत्तियां एक ऐसा पूर्ण आहार है, जिनसे उदरपूर्ति और चिकित्सा संबंधी उभयपक्षीय प्रयोजनों की पूर्ति होती है। पोषण के साथ-साथ शरीरशोधन का लाभ भी इससे मिलता है। इस संदर्भ में अमेरिका की सुप्रसिध्द महिला चिकित्सा विज्ञआन डा. एन. विग्मोर ने गहन अनुसंधान किया है। लम्बी अवधि तक किये गये विविध प्रयोग-परीक्षणों के आधार पर प्राप्त निष्कर्षों को उन्होंने अपनी कृति हवाई सफर, इ आन्सर तथा व्हीट ग्रास मेन्ना में प्रकाशित किया है। उनके अनुसार गेहूं का छोटा पौधा प्रकति का ऐसा अनुपम उपहार है, जो पोषक होने के सात ही उत्तम औषधि का काम करता है। गेहूं के छोटे-छोटे पौधों का जीवनदायी रस सेवन कराकर उन्होंने कितने ही रोगियों की सफल उपचार किया है। इसे ग्रीन ब्लड भी कहा गया है। जब इतना सुन्दर विकल्प हमारे समक्ष है तो हम क्यों अभक्ष्य खाते व दूसरों को खिलाते हैं। प्रत्येक बीज के अन्दर पोषक तत्व सघनता के साथ संग्रहित रहते हैं। जल, वायु और उचित ताप का सान्निध्य पाकर बीज जाग्रत हो उठता है। अब तक वह प्रसुप्त अवस्था में था। प्रसुप्त अवस्था में उसमें प्राणतत्व की मात्रा कम थी, जाग्रत-जीवंत ही उसमें प्राणतत्व की मात्रा में आशातीत वृध्दि होती है, इसीलिए अंकुरित अन्न सेवन करने वाले को प्राणतत्व अधिक मात्रा में प्राप्त होता है। तला-भुना अन्य मृत होने के कारण पोषक तत्वों से हीन होता है और अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है, जबकि अंकुरित जीवित अन्न थोड़ी मात्रा में सेवन करने से ही पोषक तत्वों की पूर्ति करने में सक्षम होता है। इससे भोजन की बचत होतीहै। कम भोजन से अधिक व्यक्तियों के आहार की पूर्ति हो सकती है। प्रसुप्त बीज जब अनुकूल परिस्थितियां पाकर अंकुरित होता है तो मूलांकुर की वृध्दि होने लगती है। वृध्दि के लिए आहार की आवश्यकता होता है। इसी प्रयोजन की पूर्ति के लिए बीज के अन्दर भोजन एकत्रित रहता है। इस भोजन का पाचन होकर ही मूलांकुर को मिलता हैस जिससे उसकी वृध्दि होती है। एकत्रित भोजन को पचाने के लिए एंजाइम्स की आवश्यकता होती है। बीज के अंकुरण के समय बीज के अन्दर एकत्रित भोजन को पचाने वाले एंजाइम्स का निर्माण होता है। ये एंजाइम्स अंकुरित अन्न के सेवनकर्ता को भी प्राप्त होते हैं, जिससे ऐसे भोजन का पाचन आसानी से हो जाता है। वृक्ष पर ही पके ताजा फलों को मनुष्य का प्रथम श्रेणी का आहार माना जा सकता है, लेकिन इसके अभाव में हर प्रकार के उपयोगी द्वितीय श्रेणी का भोजन अंकुरित अन्न ही है, जो सहजता से गरीब, अमीर सभी के लिए प्राप्त हो सकता है। आवश्यकता है सकी उपयोगिता समझकर इसे अत्यन्त रुचिपूर्ण ग्रहण करने की और इसमें स्वाद अनुभव करने की।  

प्रदेश की 288 विधानसभा सीटों पर मतदान 20 नवंबर को होगा, CM योगी तक जाने कितनी चुनावी जनसभाएं करेंगे

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार प्रदेश की 288 विधानसभा सीटों पर मतदान 20 नवंबर को होगा। इसके बाद चुनाव परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।इन चुनावों के लिए सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियाँ बना रहे हैं। मतदाता जागरूकता बढ़ाने और प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। चुनावों की तैयारी के इस दौर में सभी पार्टियाँ अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। 20 नवंबर का दिन महाराष्ट्र के राजनीतिक भविष्य का निर्धारण करेगा। पिछले चुनावों का नज़रिया 2019 के विधानसभा चुनाव में, भाजपा को 105, शिवसेना को 56, NCP को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं। चुनाव के बाद, शिवसेना और NCP में बंटवारा हो गया। NCP ने कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई, जबकि उद्धव ठाकरे शिवसेना UBT के नेता बने। राजनीतिक बदलाव जून 2022 में, एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना ने उद्धव गुट के 40 विधायकों को तोड़कर अपने साथ मिला लिया। इसके परिणामस्वरूप, शिंदे गुट के पास बहुमत आ गया और महायुति की सरकार का गठन हुआ, जिसमें एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बने।   चुनावी मुकाबला 2024 के चुनाव में, शिवसेना शिंदे गुट और शिवसेना उद्धव गुट अपने सहयोगी दलों के साथ आमने-सामने हैं। शिंदे गुट का सहयोगी दल भाजपा है, जबकि उद्धव गुट का सहयोगी दल कांग्रेस है। दोनों गुट अलग-अलग चुनावी मैदान में उतरेंगे। भाजपा की चुनावी तैयारियां भाजपा महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के लिए बड़े नेताओं की 50 से ज्यादा सभाएं आयोजित करने की योजना बना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य बड़े नेता महाराष्ट्र में जनसभाएं करेंगे।   प्रमुख नेताओं की जनसभाएं     प्रधानमंत्री मोदी: 8 सभाएं     देवेंद्र फड़णवीस: 50 सभाएं     अमित शाह: 20 सभाएं     नितिन गडकरी: 40 सभाएं     योगी आदित्यनाथ: 15 सभाएं     चन्द्रशेखर बावनकुले: 40 सभाएं   महायुति में सीट शेयरिंग महायुति में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो गया है:     भाजपा: 148 सीटें     शिवसेना (शिंदे): 85 सीटें     NCP (अजित पवार): 52 सीटें भाजपा ने अपने हिस्से की 4 सीटें सहयोगी दलों को दी हैं। शिवड़ी विधानसभा सीट पर शिंदे गुट ने MNS को समर्थन दिया है।   महाविकास अघाड़ी का फॉर्मूला महाविकास अघाड़ी (MVA) में:     कांग्रेस: 102 सीटें     उद्धव ठाकरे गुट: 89 सीटें     शरद पवार गुट: 87 सीटें 13 सीटें महाविकास अघाड़ी के सहयोगी दलों को दी गई हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में राजनीतिक पटल पर बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। सभी पार्टियाँ अपने-अपने तरीके से चुनावी रणनीतियों पर काम कर रही हैं।

मध्यप्रदेश में दीपावली त्योहर पर जमकर आतिशबाजी, ग्वालियर शहर की आबोहवा बिगड़ी

ग्वालियर मध्यप्रदेश में दीपावली त्योहर पर जमकर आतिशबाजी की गई है। आतिशबाजी के बाद कई शहरों की आबोहवा खराब हुई है। इसी कड़ी में दीपावली के बाद ग्वालियर शहर की आबोहवा बिगड़ी है। दरअसल आतिशबाजी के बाद हवा बहुत ज्यादा प्रदूषित हुई है। ग्वालियर शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लेवल खतरनाक स्थिति में पहुंचा है। ग्रीन पटाखों की जागरूकता के बावजूद हालात बिगड़े है। रात 12 बजे के बाद शहर का AQI 300 के पार हुआ है। PM 2.5 और PM 10 खराब स्तर पर पहुंचा है। सुबह 9 बजे तक भी ज्यादा सुधार नहीं आया है। शहर के अलग अलग इलाको के हालात ये है। महाराजबाड़ा -283 (खराब), दीनदयाल नगर- 275 (खराब), सिटी सेंटर -196 (मध्यम)।

ऐसे जीतें सबका दिल

लाइफ चाहे प्रोफेशनल हो या पर्सनल, दोनों ही जगह आपका इंप्रेशन बेहद खास होना चाहिए। सुंदर व शालीन दिखना सिर्फ स्त्रियों का ही हक नहीं है। आज के पुरुष भी अपनी स्मार्ट पर्सनैलिटी को मेंटेन रखने के लिए बहुत मेहनत करते हैं। 1. कभी भी मील्स स्किप न करें। टाइम पर बैलेंस्ड डाइट लें। वीकली डाइट प्लान बनाना भी सही रहेगा। नियमित सैलेड व दही जरूर लें। 2. आप चाहे कितना भी व्यस्त क्यों न हों, िफजिकल एक्सरसाइज के लिए समय जरूर निकालें। ज्यादा नहीं तो वॉक की आदत ही डाल लें। 3. सिगरेट व ड्रिंक्स से दूर ही रहें। इन्हें अपनी आदत न बनाएं। दोस्तों या कलीग्स के दबाव में आकर ज्यादा न पीएं। जितना मैनेज कर सकते हैं, उतना ही लें। 4. प्रतिदिन कम से कम 3-4 लीटर पानी पीएं। इससे आपकी स्किन फ्रेश और ग्लोइंग रहेगी। साथ ही यह आपकी सेहत के लिए भी अच्छा होगा। 5. समय पर सोने और जगने की आदत डालें। लेट नाइट पार्टीज या मूवीज के लिए अपनी नींद से समझौता न करें। हर चीज के लिए टाइम फिक्स करें। 6. समय पर शेविंग करवाएं। अगर आप हलकी दाढी या मूंछ रखते हों, तो उसे ट्रिम करवाते रहें। इसके लिए दिन निश्चित कर लें तो आसानी से याद रख सकेेंगे। 7. हलका लिप बाम लगाने से आपके होंठ मॉयस्चराइज रहेंगे। बाम बहुत ज्यादा न लगाएं, वर्ना ग्लॉस जैसा लुक आ जाएगा, जो कि अच्छा नहीं लगेगा। 8. जिम, ऑफिस, पार्टी से लौटे हों या सोकर उठे हों, शॉवर लेना न भूलें। इससे आप ताजगी और थकान से राहत महसूस करेंगे। 9. नाखूनों को नियमित कट व फाइल करते रहें। अपने पास फाइल र व क्लिपर रखें। गंदे नाखून नुकसानदेह हैं ही, सामने वाला भी गंदगी देखकर इरिटेट हो जाएगा। 10. अपना स्टाइल सेंस जरूर बनाएं। जो हाथ में आ जाए, बस उसे ही उठा कर न पहन लें। अवसर और समय के हिसाब से ड्रेसअप हों। 11. आपके कपडे सही फिटिंग के होने के साथ ही साफ और प्रेस किए हुए होने चाहिए। ढीले-ढाले या बहुत टाइट कपडे न पहनें। 12. पुरुषों को हमेशा उनके शूज से जज किया जाता है। उन्हें साफ व पॉलिश करके रखें। हर मौके के लिए अलग फुटवेयर रखें। 13. बहुत ज्यादा स्ट्रॉन्ग स्मेलिंग परफ्यूम लगाने से बचें। सस्ते परफ्यूम का इस्तेमाल न करें। वह आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। 14. अपने पोस्चर पर ध्यान दें। हमेशा सीधे होकर बैठें और काम करें। सही पोस्चर से न सिर्फ गर्दन, पीठ और कमर की सेहत ठीक रहती है, बल्कि इससे आपका आत्मविश्वास भी झलकता है। चाहें तो पोस्चर एक्सरसाइज कर सकते हैं। 15. आपके हैंडशेक करने के तरीके से भी आपका व्यक्तित्व पता चलता है। किसी से मिलते समय गर्मजोशी से हैंडशेक करें व मुस्कुराते हुए सामने वाले की आंखों में देखते रहें। 16. अगर आपको बहुत ज्यादा पसीना आता हो तो कॉटन की अंडरशर्ट पहनें। पैरों में पसीना आने की स्थिति में फुट पाउडर डालें। 17. चाहे दिन में काम कर रहे हों या रात में नाइट आउट, आपके कपडे थोडा-बहुत अस्तव्यस्त हो जाते हैं। बीच-बीच में उन्हें एडजस्ट करते रहें। 18. खाना खाने के बाद अपने दांतों का विशेष ध्यान रखें। हमेशा ब्रश करना संभव नहीं होता, इसलिए अपने पास माउथवॉश रखें। खाने के बाद मिंट माउथवॉश यूज कर सकते हैं। 19. किसी से बात करते वक्त हिचकिचाएं नहीं। अपनी बात स्मार्ट ढंग से रखें। मीटिंग में जाने से पहले तय कर लें कि क्या बोलना है। पॉइंट्स तैयार रखें, ताकि भूलने पर उन्हें देखा जा सके। 20. प्रेजेंटेशन देते समय ऑडियंस की आंखों में भी झांकेें। अपने पेपर्स और अन्य कागजों को एक फोल्डर में करीने से लेकर जाएं।  

उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण शहर का मौसम फिर गर्म,ठंड बढ़ने के बजाए मध्य प्रदेश में पारा हुआ हाई

ग्वालियर उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण शहर का मौसम फिर गर्म होने लगा है। गत बुधवार को जहां पारा 35 डिग्री सेल्सियस के नजदीक पहुंचा था, वह गुरुवार को 36 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। दोपहर के समय धूप में चुभन का अहसास हुआ और लोग पसीना-पसीना होते नजर आए। वहीं हवा में नमी कम होने के कारण रात के तापमान में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल वातावरण इसी प्रकार का बना रहेगा। दीपावली के बाद ही तापमान में गिरावट की संभावना है। आमतौर पर दीपावली तक सर्दी की दस्तक हो जाती है, लेकिन फिलहाल शहर में मौसम और अधिक गर्म होता दिख रहा है। गुरुवार को सुबह से ही तेज धूप खिली हुई थी और सुबह साढ़े 11 बजे तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। शाम चार बजे तक धूप की तीव्रता बनी रही। जबकि शाम साढ़े पांच बजे भी तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पर बना रहा। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस वृद्धि के साथ 36.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह औसत से 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस गिरावट के साथ 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह औसत से 4.0 डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार इस समय शहर के मौसम को प्रभावित करने वाला कोई सिस्टम सक्रिय नहीं है। उत्तर-पश्चिम से शुष्क हवाएं आ रही हैं, इसलिए धूप में तेजी है। फिलहाल अधिकतम और न्यूनतम तापमान में ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है। दो नवंबर के बाद से रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो सकता है। सिद्धचक्र महामंडल विधान व विश्वशांति रथयात्रा आठ से उप ग्वालियर लोहामंडी स्थित लाला गोकुलचंद जैसवाल दिगंबर जैन मदिर कमेटी के तत्वावधान में आठ नवंबर से 15 नवंबर तक विधानचार्य बाल ब्रह्मचारी अंशु कोलारस के मार्गादर्शन में सिद्धो की आराधना करने के लिए सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव एवं विश्वशांति यज्ञ व रथयात्रा महोत्सव कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें प्रतिदिन धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। मीडिया प्रवक्ता सचिन जैन एवं मंदिर अध्यक्ष पदमचंद जैन ने बताया कि सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव शुभारंभ आठ नवंबर को सुबह 5.50 बजे से देव आज्ञा आचार्य निमंत्रण, तथा 7: 30 बजे से गाजेबाजे के साथ मंगल कलश, शोभायात्रा मुख्या मार्गों से होती हुई कार्यक्रम स्थल लोहमंडी जैन मंदिर पहुंचेगी।

छत्तीसगढ़ में चार लाख 11 हजार 452 राशनकार्डधारी गायब, अब इस माह ने नहीं मिलेगा राशन

रायपुर छत्तीसगढ़ में चार लाख 11 हजार 452 राशनकार्डधारी गायब हैं, जिनमें से राजधानी रायपुर में 62 हजार लोग शामिल हैं। खाद्य विभाग ने चेतावनी दी है कि 31 अक्टूबर के बाद ऐसे राशनकार्ड ब्लॉक कर दिए जाएंगे और इन कार्डधारियों के लिए चावल का आवंटन नहीं होगा। खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रायपुर में कुल 6 लाख 1 हजार 735 राशनकार्डधारियों में से 62 हजार 966 का कोई अता-पता नहीं है। प्रदेश में पिछले आठ महीनों से राशनकार्ड का सत्यापन चल रहा है, लेकिन 4 लाख 11 हजार 452 कार्डधारियों ने बार-बार अपील करने के बावजूद सत्यापन नहीं कराया। इस बार खाद्य संचालनालय ने सत्यापन की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई है, जिसके कारण अब तक प्रदेश में 94.69% और रायपुर में 89.45% कार्डधारियों ने सत्यापन कराया है। शासन ने सत्यापन कराने की अवधि को पांच बार बढ़ाया, फिर भी कई कार्डधारियों ने सत्यापन नहीं कराया, जिससे उन्हें अपात्र माना जाएगा और उनके राशनकार्ड रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रदेश में कुल 76 लाख 83 हजार 426 राशनकार्डधारी हैं, जिनमें से 71 लाख 1 हजार 332 के कार्ड प्रिंट हो चुके हैं। सत्यापन की प्रक्रिया राशन दुकानों और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से चल रही है, जबकि नए राशनकार्ड नगरीय निकायों से वितरित किए जा रहे हैं। राशनकार्ड के सत्यापन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर तय की गई थी। शासन अब नई तारीख जारी नहीं की है। इसके बाद सत्यापन नहीं कराने वालों के कार्ड रद किए जाएंगे। भूपेंद्र मिश्रा, कंट्रोलर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग जानकारी देना होगा अनिवार्य यदि ऐसे कार्डधारी खाद्यान्न लेने पहुंचते हैं, तो उन्हें अपनी जानकारी विभाग को देने के लिए कहा जाएगा। विभाग को आशंका है कि ये राशनकार्ड बोगस हो सकते हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक बार कार्ड ब्लॉक होने के बाद सत्यापन न करने पर राशनकार्ड शुरू नहीं होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सत्यापन आवेदन जमा न करने वाले क्षेत्रों की बात करें तो नगरीय निकायों में 79.19% आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 93% सत्यापन किया जा चुका है। राशनकार्ड नवीनीकरण के लिए प्रचार-प्रसार के अलावा मुनादी भी कराई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद लाखों परिवारों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet