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इंदौर में पटाखे फोड़ने पर दो वर्गो में विवाद, वाहनों में तोड़फोड़ कर लगाई आग, डीजीपी ने मांगी घटना की रिपोर्ट, सीएम बोले- सख्ती से निपटेंगे

इंदौर इंदौर के छत्रीपुरा थाना क्षेत्र के रविदासपुरा में बच्चों के पटाखे फोड़ने की बात पर दो पक्ष भिड़ गए। कुछ देर बाद ही तनाव उपद्रव में बदल गया। दोनों पक्षों की ओर से जमकर पत्थर चले। सड़कों पर उतरी भीड़ ने वाहनों व धर्मस्थलों में तोड़फोड़ कर दी।  भीड़ ने एक ऑटो रिक्शा में आग लगा दी और 15 से ज्यादा वाहनों में तोड़-फोड़ की। 6 थानों की फोर्स और रिजर्व बल  ने स्थिति को नियंत्रण में किया। घटना छत्रीपुरा थाना क्षेत्र के रविदासपुरा की है। जानें कैसे शुरू हुआ विवाद छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार के बच्चे शुक्रवार को अपने घर के बाहर दोपहर में पटाखा फोड़ रहे थे। इसी दौरान घर के सामने रहने वाले सलमान, सानू, जावेद और अन्य ने फटाखा नहीं फोड़ने से रोका। इस पर बच्चों के परिजनों ने कहा कि दिवाली पर्व सालभर में एक बार आता है तो बच्चे फटाखे फोड़ेंगे। दोनों परिवार के बीच कहासुनी होने लगी। बातचीत के बाद विवाद होने लगा। कुछ देर बाद ही तनाव उपद्रव में बदल गया। साथियों को बुलाकर बोला धावा सलमान, सानू और जावेद ने अपने अन्य कुछ साथियों को भी मौक पर बुला लिया और परिवार की पिटाई करनी शुरू कर दी। घर की महिलाओं के साथ भी युवकों ने मारपीट की। मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने जब मारपीट का विरोध किया तो सलमान, सानू और जावेद ने अपने साथियों संग मिलकर उनके घरों पर पथराव कर दिया। पथराव में कई लोग घायल हुए। वहीं आरोपियों ने मोहल्ले में खड़ी बाइकों और ऑटो को आग के हवाले कर दिया। हिंदूवादी संगठनों ने किया हंगामा उपद्रव की सूचना जैसे ही हिंदूवादी संगठनों को लगी तो वे मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा करने लगे। उपद्रव के दौरान भीड़ ने एक ऑटो रिक्शा में आग लगा दी और 15 से ज्यादा वाहनों में तोड़-फोड़ की। बवाल और हंगामे की सूचना मिलते ही छत्रीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी पहुंचे। भारी संख्या में बवाल वाली जगह पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। सीएम बोले-बर्दाश्त नहीं करेंगे सीएम मोहन यादव बोलेहमारी सरकार के होते हुए कोई पटाखे जलाने से रोके ये संभव नहीं है। मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था का राज है, सभी को अपने दायरे में रहते हुए सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। कोई कानून हाथ में लेगा तो सरकार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।   एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने करवाई बच्चों से आतिशबाजी बवाल की सूचना मिलते ही एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह घटनस्थल पर पहुंचे। अमित ने बच्चों से जमकर आतिशबाजी करवाई। 6 थानों और रिजर्व बल ने कड़ी मशक्कत के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था को कायम किया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने कहा कि यदि कोई भी क्षेत्र में अशांति फैलाने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 4 लोगों पर केस दर्ज   पुलिस का कहना है कि कुछ बाहरी तत्व क्षेत्र की फिजा बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके चलते प्रत्येक घर में बाहर से आने वाले लोगों की जांच-पड़ताल की जा रही है। ड्रोन से क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी। पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। चारों अभी फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है। 

डिंडोरी अस्पताल में अमानवीयता की हद: पति की मृत्यु के बाद गर्भवती पत्नी से कराया बेड साफ़, प्रशासन पर उठे सवाल

The height of inhumanity in Dindori Hospital: After the death of the husband, the pregnant wife was made to clean the bed, questions raised on the administration मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले के सरकारी अस्पताल में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु के तुरंत बाद उसकी पाँच महीने की गर्भवती पत्नी को बेड की सफाई करने के लिए मजबूर किया गया। जिस महिला ने अभी-अभी अपने पति को खोया था और दुःख में डूबी हुई थी, उसे प्रशासन द्वारा इस तरह का काम सौंपा गया, जो मानवीय संवेदनाओं की पूरी तरह अनदेखी को दर्शाता है। घटना ने उठाए प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल यह घटना प्रशासनिक संवेदनहीनता की ओर इशारा करती है। सवाल उठ रहा है कि क्या सरकारी अस्पताल में सफाई व्यवस्था इतनी लचर है कि एक शोकाकुल गर्भवती महिला से ही सफाई कराई जाए। अस्पताल प्रशासन के इस रवैये को लेकर आम जनता में आक्रोश है। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की लापरवाही और गरीब मरीजों के प्रति संवेदनहीनता की पोल खोल दी है। मुख्यमंत्री से कार्रवाई की माँग घटना के सामने आने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की जा रही है। ऐसे अमानवीय कृत्यों के प्रति शासन की अनदेखी से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या गरीब तबके के लोगों के प्रति सरकारी अस्पतालों में मानवीय व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती? स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता यह घटना इस बात को दर्शाती है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में केवल चिकित्सा सुविधाओं में ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के संवेदनशीलता और प्रशिक्षण पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। आम जनता यह आशा करती है कि शासन ऐसी घटनाओं से सबक ले और अस्पतालों में मानवीयता और संवेदनशीलता को सर्वोपरि रखा जाए। अस्पताल प्रशासन की ऐसी घटनाएँ स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रश्न चिह्न लगाती हैं और गरीब परिवारों के प्रति संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती हैं। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग से उम्मीद है कि वे इस मामले में गंभीरता से कदम उठाएँगे, ताकि भविष्य में कोई गरीब परिवार ऐसी अमानवीयता का शिकार न हो।

आदिवासियों का विकास छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता

रायपुर : विशेष लेख : आदिवासियों का विकास छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता – जे.एल.दरियो, अपर संचालक छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार ने आदिवासी समुदाय की विकास में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुददों को वरीयता दी है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में समग्र विकास का स्वप्न साकार हो रहा है। प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में जिस तरह स्वास्थ्य, सड़क, संचार और सुरक्षा नेटवर्क को मजबूती दी जा रही है, उसका सर्वाधिक लाभ आदिवासी वर्ग को मिल रहा है। इससे जहां आदिवासी समाज के जीवन स्तर में गुणवत्ता का संचार हो रहा है, वहीं सुशासन की इस बयार से प्रदेश में वामपंथी उग्रवाद की समस्या को परास्त करने में भी मदद मिल रही है। इन इलाको में केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही पी.एम.जनमन योजना और राज्य सरकार की नियद नेल्ला नार योजना गेम चेंजर साबित हो रही है।        छत्तीसगढ़ की लगभग 3 करोड़ आबादी में एक तिहाई जनसंख्या आदिवासी समुदाय की है। इन समुदायों के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए साय सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा पर विशेष फोकस किया गया है। इसके अलावा केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं को उन तक पहुंचाने के लिए नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं। आदिवासी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं से नया वातावरण बन रहा है। साय सरकार ने पिछले 10 माह में इन सभी मुददों पर काम किया है। मुददा चाहे आदिवासी समुदाय के आवास, पेयजल, विद्युत या सड़क सहित सभी बुनियादी जरूरतों पर तेजी से काम किया जा रहा है।        राज्य शासन की नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना जनकल्याण का अभिनव उपक्रम साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के 5 किमी के दायरे में आने वाले 96 गांवों का चयन कर शासन के 17 विभागों की 53 योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा। शेष जिलों के विद्यार्थियों को 1 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएगा। ब्याज अनुदान के लिए शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा 4 लाख रूपए रखी गई है।        आदिवासी क्षेत्रों में वामपंथी उग्रवाद को रोकने के लिए सुरक्षा और विकास को मूल मंत्र बनाया है, इसके सार्थक परिणाम दिख रहे हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं भी दी जा रही है। बीते 10 महीनों के दौरान मुठभेड़ों में 195 माओवादियों को ढेर किया गया। 34 फारवर्ड सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई। निकट भविष्य में दक्षिण बस्तर एवं माड़ में रि-डिप्लायमेंट द्वारा 30 नए कैम्पों की स्थापना प्रस्तावित है।        राज्य में गरीब परिवारों को शहीद वीर नारायण सिंह विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 20 लाख रूपए की राशि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य से समृद्धि की राह पर आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी क्षेत्रों के अस्पतालों को सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 68 लाख गरीब परिवारों को 05 साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय लिया है, इसके लिए बजट में 3400 करोड़ रुपए का प्रावधान है। इसका लाभ आदिवासी समुदाय को भी मिल रहा है।          केन्द्र सरकार द्वारा शुरू किए गए पीएम जनमन योजना के तहत आदिवासी बसाहटों में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तेजी काम हो रहा हैं। राज्य में विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति समूह के परिवारों के विकास हेतु 20 करोड़ का प्रावधान है। इन क्षेत्रों में 57 मोबाईल मेडिकल यूनिट के संचालन हेतु अनुपूरक में 2 करोड़ 72 लाख का प्रावधान है।  पीव्हीटीजी के विद्युतीकरण हेतु 3 करोड़ 76 लाख का अतिरिक्त प्रावधान है।     छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदाय की बसाहट ज्यादातर वनांचल क्षेत्रों में है। इन क्षेत्रों में सड़क, नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा भी भारत माला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर से विशाखापट्नम तक ईकोनॉमी कारिडोर बनाया जा रहा है। इसका सीधा फायदा भी आदिवासी इलाकों को मिलेगा। केन्द्र सरकार द्वारा नगर नार में देश का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र भी शुरू किया गया है, इससे बस्तर अंचल के विकास को नई गति मिली है।        राज्य के आदिवासी क्षेत्रों और अयोध्या धाम तक सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने रायगढ़-धरमजयगढ़-मैनपाट-अंबिकापुर-उत्तरप्रदेश सीमा तक कुल 282 किमी तक के मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की है। यह मार्ग प्रदेश के चार जिलों से होकर गुजरता है एवं धार्मिक नगरी अयोध्या से छत्तीसगढ़ राज्य को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। इस मार्ग के लिए भारत सरकार से हरी झण्डी मिल गई है। केन्द्र सरकार द्वारा आदिवासी समाज को प्राथमिकता जनजातीय परिवारों के सामाजिक आर्थिक विकास को गति देने के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान शुरू किया जा रहा है। इस योजना से देशभर के इसमें 63,000 गावों के 5 करोड़ जनजातीय लोग लाभार्थी होंगे। छत्तीसगढ़ की जनसंख्या में लगभग 30 प्रतिशत अनुपात आदिवासी समाज को सीधा लाभ मिलेगा। इसी प्रकार कृषि बजट में वृद्धि खेती-किसानी से जुड़े क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। किसानों की खेतीबाड़ी के लिए 32 कृषि और बागवानी फसलों की नई उच्च पैदावार वाली और जलवायु अनुकूल किस्म जारी की गई है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 10,000 जैव आदान संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएगा, इसका लाभ भी राज्य के आदिवासी बहुल इलाकों को मिलेगा।       आदिवासी बहुल इलाकों में तेन्दू के वृक्षों की बहुतायत है। तेन्दूपत्ता संग्रहण से बड़ी संख्या में समुदाय के लोगों को रोजगार मिलता है। इसको देखते हुए राज्य सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्रहरण की दर 4000 से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दिया है। तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों से लगभग 12 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं। जल्द ही सरकार तेन्दूपत्ता संग्रहकों के लिए चरण पदुका वितरण योजना भी शुरू करने जा रही है।        राज्य सरकार द्वारा 36 कॉलेजों के भवन-छात्रावास निर्माण के लिए 131 करोड़ 52 लाख रूपए मंजूर किए गए है। इससे प्रदेश के 36 … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु के संबंध में आपातकालीन बैठक ली, दोषियों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु की घटना पर उच्च स्तरीय दल उमरिया भेजने के दिए निर्देश वन राज्य मंत्री सहित तीन सदस्यीय दल लेगा घटना के सभी पहलुओं की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु के संबंध में आपातकालीन बैठक ली, दोषियों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया जिले में हाल ही में हाथियों की मृत्यु के संबंध में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए आज रात्रि मुख्यमंत्री निवास में आपातकालीन बैठक ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि इस घटना के सभी पहलुओं की जानकारी लेने के लिए एक उच्च स्तरीय दल तत्काल घटना स्थल पर रवाना हो। सभी पहलुओं की जानकारी प्राप्त कर 24 घंटे में विस्तृत प्रतिवेदन दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस घटना में दोषी लोगों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार वनों की रक्षा और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के प्रति पूर्ण गंभीर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जैसा बताया गया है कि हाथियों की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम में हाथियों के पेट में बड़ी मात्रा में कोदो पाए जाने की जानकारी मिली है। जो सैंपल हाथियों के पेट से लिए गए हैं, उनकी वैज्ञानिक जाँच की जायेगी। उसमें यह स्पष्ट होगा कि किसी तरह का जहरीला पदार्थ तो नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चूंकि जाँच रिपोर्ट आने में चार दिन की अवधि संभावित है, इसके पूर्व वरिष्ठ स्तर से घटना की पूर्ण जानकारी प्राप्त की जाए। वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल और राज्य वन बल प्रमुख पीसीसीएफ असीम श्रीवास्तव दल में शामिल रहेंगे। दल के सदस्य शनिवार को उमरिया पहुंचकर घटना के बारे में समस्त विवरण प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस तरह की घटनाएं फिर न हो, इसके लिए वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और सभी पक्ष सजग और संवदेनशील रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उमरिया में हाथियों की मृत्यु की घटना में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने और उपचार एवं अन्य प्रबंधन में विलंब की बात सिद्ध होने पर दोषी लोगों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन वर्चुअल रूप से शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के हाथियों की मृत्यु के संबंध में निर्देश          मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की संपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए उच्चस्तरीय दल उमरिया जाए।          जांच की रिपोर्ट आने के पूर्व इस अवधि में घटना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जो कार्रवाई जारी है, उसमें विलंब न हो।          वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार और दो वरिष्ठ अधिकारी उमरिया जाएं।          उमरिया के दौरे की रिपोर्ट 24 घंटे में सौंपी जाए।          दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।  

मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में 49 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण/भूमि-पूजन

भारतीय संस्कृति गीता, गंगा, गौ-माता और गोविंद के बगैर नहीं चल सकती:मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन के साथ हो रहा है जन-कल्याण :मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में 49 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण/भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने कामधेनु गौ-अभ्यारण्य सालरिया में की गोवर्धन पूजा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति गीता, गंगा, गौ-माता और गोविंद के बगैर नहीं चल सकती है। धरा पर गाय और गंगा ही हैं, जो ईश्वर को अत्यंत प्रिय हैं, इनके बिना भारतवर्ष के उत्कर्ष की कल्पना नहीं की जा सकती। गौ-वंश सम्पूर्ण मानव जाति के लिए पूज्यनीय है। यह पर्व भारतीय जनमानस को अपनी जड़ों से जोड़े रखता है और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना को प्रदर्शित करता है। यह हमारी संस्कृति और परंपरा के संवर्धन का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भारतीय संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन कर जन-कल्याण का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज शुक्रवार को कामधेनु गौ-अभ्यारण्य सालरिया जिला आगर-मालवा में एक वर्षीय वेदलक्षणा गौ-आराधना महोत्सव अन्तर्गत गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं में लाभान्वित हितग्राहियों को मंच से हितलाभ का वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधि-विधान, मंत्रोच्चार के साथ गोवर्धन पर्वत एवं गौ-माता का पूजन कर भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग लगाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर-मालवा जिले के लिये 49 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यो का लोकार्पण तथा भूमि-पूजन किया। उन्होंने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की सभी को बधाई भी दी। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर एवं कन्या-पूजन कर किया। इस अवसर पर पशु-पालन मंत्री लखनसिंह पटेल, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गौतम टेटवाल, सांसद सुसनेर रोडमल नागर, विधायक मधु गेहलोत, गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के पूज्य परमहंस प्रज्ञानानंद जी महाराज,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मुन्नाबाई चौहान मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-मूत्र से कैंसर जैसी बीमारी का उपचार पूरे संसार ने देखा है, गौ-माता के दूध से संसार के 200 से अधिक देशों में पूर्ति होती है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी गौ-सेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है, त्यौहारों को लेकर शासकीय स्तर पर लगातार आयोजन हो रहे हैं। अब हम गौ-माता की पूजा कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए गौ-शाला में गाय के आहार के लिए निर्धारित अनुदान को भी बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। सभी गौ-शालाओं को संरक्षण देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो व्यक्ति 10 से अधिक गौ-माता का पालन करेगा, उसे भी सरकार अनुदान देकर घर-घर गौसेवा के संकल्प को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो गाय पाले वे सभी गोपाल, जिनके घर में गाय का कुल उनके घर गोकुल, हमें घर-घर गोकुल बनाना है, सरकार ने हर घर में गौ-वंश बढ़ाने का निर्णय लिया है। गौ-माता में हमारे 33 करोड़ देवी-देवता भी विराजमान है। शासकीय स्तर पर गौ-शालाएं खुलेगी, जिनमें बुढ़ी, निराश्रित, अशक्त गौ-वंशों को पालने की जवाबदारी सरकार की होगी और इस संकल्प को संत समाज के सहयोग से पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में दुग्ध उत्पादन की लगभग 9 प्रतिशत आपूर्ति मध्यप्रदेश द्वारा की जाती है। सरकार का निर्णय है कि अगले पांच साल के अंदर नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड के माध्यम से गौवंश की नस्ल सुधार कर दूध उत्पादन को बढ़ाकर देश में अग्रणी बनाना है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में ऐसी व्यवस्था करना चाहते है कि गायों को पालने वाले गौ-पालक बिना दूध देने वाली गौ-माता को गौ-शालाओं में छोड़ जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मैं गौ-अभयारण्य में चल रहे इतने वृहद स्तर पर पवित्र कार्य मे गौ-अभयारण्य में गौ-संवर्धन वर्ष को चरितार्थ किया है। शासन ने गुड़ी पडवा पर गौ-संवर्धन वर्ष मनाने की घोषणा की उसे सालरिया में चरितार्थ किया है। अभयारण्य में मालवी नस्ल की गायों को इतने अच्छे से पालने पर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि गौ-माता के लिए जल का प्रबंध जहाँ भी आवश्यक है, वहा करेंगे। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा के अवसर पर हम सभी मिलकर पर्यावरण-संरक्षण का संकल्प लें। वर्षा के लिए प्राकृतिक संतुलन का होना बेहद आवश्यक है, प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग करते हुए, अपने आसपास की हरियाली को बढ़ाने का प्रयास करें।  

इस तरीकों से घर बैठे करें फोन के स्पीकर को आसानी से क्लीन

जब भी आप स्मार्टफोन खरीदने का सोचते हैं तो आपके दिल दिमाग में यह सवाल जरूर आता है कि, स्मार्टफोन की लाइफ कम ही होती है, बहुत से बहुत 2 साल के बाद आपको अपना फोन बदलना ही पड़ेगा, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि आपका फोन नया ही रहता है बिल्कुल अच्छे से चल रहा होता है और फोन में छोटी-मोटी प्रॉब्लम आने लग जाती है, जो कि आपको काफी हद तक इरिटेट करने लग जाती है। इनमें से जो सबसे मेजर प्रॉब्लम देखने को मिलती है वह यह होती है कि फोन के सारे फंक्शन ठीक से काम कर रहे होते हैं, लेकिन फोन का वॉल्यूम आगे चलकर काम हो जाता है या आपके फोन से आवाज बहुत कम आती है। इसका नतीजा यह होता है कि किसी से फोन पर बात करने या फोन की स्पीकर में प्रॉब्लम होने से गाना सुनने में आपको बहुत समस्या देखने को मिलती है। कई बार लोग इस प्रॉब्लम को लेकर सर्विस सेंटर पहुंच जाते हैं और फोन को ठीक करने के चक्कर में काफी पैसा भी खर्च करते हैं, और कई बार ऐसा होता है कि एक प्रॉब्लम तो ठीक हो जाती है लेकिन जब सर्विस सेंटर से फोन वापस आता है तो कोई और प्रॉब्लम उसमें शुरू हो जाती है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि किस तरीके से फोन में आने स्पीकर सम्बंधित परेशानियों को आप घर बैठे और अपने आप से ही ठीक कर सकते हैं। फोन की करें प्रॉपर सफाई कई बार ऐसा होता है कि फोन के स्पीकर के पास बहुत ज्यादा गंदगी जमा हो जाने के कारण स्पीकर से आवाज कम आता है, तो ऐसे में अगर आप स्पीकर की सफाई कर देते हैं तो काफी हद तक आपको ही समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। इसको करने के लिए आपको कोई भी सूखा हुआ टूथब्रश इस्तेमाल करना है और आप टूथब्रश की सहायता से स्पीकर के अंदर धीरे-धीरे करके साफ करते हैं तो काफी हद तक आप देखेंगे की गंदगी बाहर निकल रही है और ऐसा आपको हल्के हाथों से करना चाहिए। टूथब्रश के अलावा आप देखेंगे कि कई बार डिवाइस को क्लीन करने के लिए भी एक ब्रश आता है जो की काफी सॉफ्ट होता है, उस ब्रश की सहायता से भी अगर आप बाहर से ही फोन के स्पीकर को क्लीन करते हैं तो भी काफी हद तक आपको कम आवाज आने की समस्या में राहत मिलेगी और आपका फोन का स्पीकर पहले की मुकाबला काफी बेहतर परफॉर्म करता हुआ नजर आएगा। इसके अलावा आप कॉटन के कपड़े का भी इस्तेमाल कर सकते हैं और इसका इस्तेमाल करने के लिए आप थिनर या पेट्रोल में हल्का सा डीप कर लें और इससे धीरे-धीरे अगर आप फोन के स्पीकर को क्लीन करते हैं तो आसानी से क्लीन हो जाएगा। आप चाहे तो कॉटन बड से भी सफाई कर सकते हैं और इसे भी बड़ी ही आसानी से फोन का स्पीकर क्लीन किया जा सकता है। यह भी फोन के स्पीकर के अंदर से धूल और डस्ट को खींच निकालता है, इसके अलावा आप फोन के कवर को भी हटाकर क्लीन करते हैं, तो काफी हद तक आपकी साउंड की प्रॉब्लम सॉल्व हो जाती है, क्योंकि फोन के कवर के अंदर भी काफी मात्रा में धूल मिट्टी इकट्ठा हुई रहती है। इन सब के बावजूद भी अगर आपका स्पीकर अभी भी बढ़िया परफॉर्म नहीं कर रहा है, तो आपको अपने फोन को एक बार रीस्टार्ट करके देख लेना चाहिए, इससे क्या होता है कि कई बार सेटिंग में कोई गड़बड़ी हुई रहती है तो फोन जब रीस्टार्ट होता है तो कई बार यह प्रॉब्लम अपने आप सही हो जाती है।   ध्यान रहे आपको किसी भी तरीके का कोई भी स्प्रे फोन के अंदर स्पीकर पर नहीं स्प्रे करना है। आपको ड्राई ब्रश से ही इसे क्लीन करना है अगर ज्यादा दिक्कत है तो ही आप सर्विस सेंटर जाएं और अपने फोन को सही कराएं।  

69वें स्थापना दिवस पर एम.पी. टूरिज्म की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  टूरिज्म के नए टीवीसी “मोह लिया रे” को किया लॉन्च अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपनी अदाकारी से बनाया जीवंत 69वें स्थापना दिवस पर एम.पी. टूरिज्म की सौगात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने म.प्र. के 69वें स्थापना दिवस के खास अवसर पर एम.पी. टूरिज्म द्वारा निर्मित नवीन टीवी कमर्शियल (टी.वी.सी.) “मोह लिया रे” को लॉन्च किया। मध्यप्रदेश के नैसर्गिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को नए रंग-रूप में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से टीवीसी का निर्माण करवाया है। प्रख्यात अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपनी अदाकारी से इसे जीवंत बनाया है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक एम.पी. टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश विश्व में अपने मनोहारी स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। हमारा प्रयास हमेशा रहा है कि राज्य के आकर्षक पर्यटन स्थलों को न केवल देश में, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी एक नई पहचान दिलाई जाए। नवीन टीवीसी “मोह लिया रे” अत्यंत रोचक, रंगीन और जीवंत है। यह पर्यटकों को प्रदेश की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। “मोह लिया रे” – एक नया नजरिया “मोह लिया रे” टीवीसी में उज्जैन, ओरछा, ग्वालियर, खजुराहो सहित मध्यप्रदेश के अद्वितीय प्राकृतिक स्थलों, धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध वन्य जीवन को दर्शाया गया है। यह पर्यटकों के मन को मोहते हुए उन्हें मध्यप्रदेश आने के लिए आमंत्रित कर रहे है। गीतकार इरशाद कामिल के खूबसूरत बोलों को अभिषेक अरोड़ा के संगीत ने संगीतमय अभिव्यक्ति दी है। इस विशेष टीवीसी में मशहूर गायक दिव्य कुमार ने अपनी आवाज दी है। इस टीवीसी के जरिए एक बार फिर दर्शकों को यह संदेश दिया जा रहा है कि मध्यप्रदेश ने मोह लिया है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष लॉन्च किये यह “जो आया वो वापस आया, ये एम पी की माया” टीवीसी को खासी लोकप्रियता प्राप्त हुई है। इसे इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक, ट्वीटर जैसे प्लेटफॉर्म्स पर 2 करोड़ 97 लाख और 71 हजार से अधिक बार देखे जा चुका है। इंस्टाग्राम पर 92 लाख 62 हजार 161, फेसबुक पर 1 करोड़ 26 लाख 37 हजार 120, यूट्यूब पर 63 लाख 65 हजार 305 और ट्वीटर पर 15 लाख 07 हजार व्यू प्राप्त हुए है। प्रदेश के आकर्षक टीवीसी का सफर में 2023- एमपी की माया, 2018-तक तक, 2016- एमपी में दिल हुआ बच्चे सा, 2013- रंग है मलंग है, 2010- एमपी अजब है सबसे गजब है, 2008- हिंदुस्तान का दिल देखा और, 2006- तिल देखो ताड़ देखो, हिंदुस्तान का दिल देखो शामिल है  

विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के मैदान पर शीघ्र ही बनेगा विश्व-स्तरीय क्रिकेट स्टेडियम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

शिक्षा एवं खेल क्षेत्र में वर्ल्ड क्लास इन्फ्रॉस्ट्रक्चर विकास से नई खेल संस्कृति का हुआ उदय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पोर्ट्स टीचर्स और कोच को भी शिक्षकों के समान मिलेगा मौका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के मैदान पर शीघ्र ही बनेगा विश्व-स्तरीय क्रिकेट स्टेडियम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नव-निर्मित राजमाता विजयाराजे सिंधिया बहुद्देशीय खेल परिसर का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने खेलों की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय खेलों में भारत के खिलाड़ियों ने मेडल जीते है। खिलाड़ियों की डाइट, ट्रेनिंग, शिक्षा एवं खेलों में वर्ल्ड क्लास इन्फ्रॉस्ट्रक्चर विकास से नई खेल संस्कृति का उदय हुआ है। उन्होंने कहा कि खेलों से जीवन में परस्पर विश्वास, आत्म-विश्वास और पुरुषार्थ जागृत होता है। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने खेल को जीवन का हिस्सा बनाकर स्वस्थ भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की मध्यप्रदेश ने नई शिक्षा नीति लागू कर स्पोर्ट्स को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। राज्य में अब स्पोर्ट्स टीचर्स और खिलाड़ियों के कोच को भी शिक्षकों के समान मौका दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के 69वें स्थापना दिवस पर भगवान श्रीमहाकाल की पावन नगरी उज्जैन में 11.43 करोड़ रूपये की लागत से नव-निर्मित बहुउद्देशीय इनडोर खेल परिसर के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस, दीपावली एवं गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की उज्जैन में जिम्नास्टिक, एथलेटिक, बास्केट बॉल, मलखंभ आदि खेलों का स्वर्णिम इतिहास रहा है। देश में आज मलखंब खेल की बात आती है तो उसमें उज्जैन का नाम सबसे पहले आता है। उज्जैन में मलखंब और जिम्नास्टिक अकादमी भी संचालित की जा रही है। इन खेल परिसर से मालवा क्षेत्र के युवा खिलाडी अपने खेल कौशल का पूर्ण क्षमता के साथ सदुपयोग कर अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक अर्जित कर देश-प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में भारत ने ओलंपिक खेलों में हॉकी में लगातार मेडल जीते हैं। राज्य के हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर भी पदक विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं, उनकी इस उपलब्धि से प्रदेश गौरवान्वित हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉकी और ध्यानचंद स्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए शीघ्र ही उज्जैन में एस्ट्रो-टर्फ युक्त स्टेडियम की सुविधा प्रदान करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि क्षीरसागर स्टेडियम को भी शीघ्र ही बहुउद्देशीय परिसर बनाया जाएगा। इसी के साथ विक्रम विश्वविद्यालय के मैदान पर शीघ्र ही विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम बनाया जाएगा।             मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेल परिसर का भ्रमण कर मलखंब एरिना में मलखंभ खेल का  प्रदर्शन भी देखा। उन्होंने नव-निर्मित खेल परिसर के शूटिंग एरिना में शूटिंग का आनंद भी लिया। टेबल टेनिस खिलाड़ी अनुज मिश्रा के साथ टेबल टेनिस भी खेला। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बैडमिंटन, टेबल टेनिस और एथलेटिक्स के खिलाड़ियों से चर्चा कर उनका हौसला बढ़ाया। बहुउद्देशीय खेल परिसर की खूबियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लोकार्पित राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर लगभग 18 एकड़ भूमि में निर्मित है। इस खेल परिसर का  निर्माण 11.43 करोड़ रुपए से हुआ है। नव-निर्मित खेल परिसर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के एथलेटिक सिंथेटिक ट्रेक के साथ बहुउद्देशीय खेल परिसर भी है, जिसमें बेडमिंटन, टेबल टेनिस, मलखंब एरिना, शूटिंग, फुटबॉल मैदान, लॉन टेनिस कोर्ट, खिलाड़ियों की सुविधा के लिए प्लेयर्स लॉबी आदि सुविधाओं सहित अत्याधुनिक जिम की स्थापना की गई है। इसमें खिलाड़ियों के साथ दर्शकों के बैठने की भी व्यवस्था है। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री और कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, विधायक सतीष मालवीय, सत्यनारायण जाटिया सहित जन-प्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गोवर्धन पूजा के पर्व पर तिलकेश्वर गौ-सेवा सदन पहुंचे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गोवर्धन पूजा के पर्व पर तिलकेश्वर गौ-सेवा सदन पहुंचे गोवर्धन पूजा कर गौ-माता की सेवा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को गोवर्धन पूजा के पर्व पर ग्रामोद्योग विकास मंडल द्वारा संचालित तिलकेश्वर गौ-सेवा सदन पहुंचे। यहाँ वे अनाज एवं तिलहन व्यापारी संघ के द्वारा आयोजित गोवर्धन पूजा और दिवाली मिलन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम गोवर्धन पूजा कर गौ-माता की पूजा की तथा उन्हें 56 प्रकार का भोग चारे में मिलाकर खिलाया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने तिलकेश्वर महादेव का पूजन-अर्चन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अवंतिका की इस पावन धरती पर परमात्मा की विशेष कृपा है। यहां तिल भर भी जमीन बाकी नहीं है, जहां धर्म की सत्ता नहीं है। पूरे साल हम लोग त्यौहार मनाते रहें, परमात्मा की कृपा हम सब पर बनी रहे। घनघोर अंधकार के बीच दीप का एक प्रकाश ही दिपावली है। यह उजाला देती है, प्रकाश देती है, हिम्मत देती है, ऊष्मा देती है, ऊर्जा देती है और लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। मुख्यमंत्री ने सभी को दिवाली की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु तक लगातार उत्सव और पर्व के आयोजन के लिए हमारी भारतीय संस्कृति जानी जाती है। इसी के साथ जीने के लिए लगातार ललक बढ़ती है। जीवन में कितने ही कष्ट हों लेकिन उनके बीच रोज हमें मुस्कुराने को मिलता है। जब हम प्रकृति के साथ जुड़ते हैं, परमात्मा के साथ जुड़ते हैं, गौ-माता के साथ जुड़ते हैं तो हमें आनंद प्राप्त होता है। गौ-माता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। इनकी पूजा और सेवा करके हम अपना जीवन सफल बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ-माता अपने आंचल से हमको जीवन देती है यह प्रकृति के समान हमको जीना सिखाती है। यह हमको भी पालती है,अपने बच्चों को भी पालती है। हमें दूध देती है। हमारी संस्कृति की विशेषता है कि हम सबको नमस्कार करते हैं। हमें अपने देशी गौ-वंश की रक्षा करनी चाहिए। हमारे सारे तीज त्यौहार समाज को जोड़ने का काम करते हैं। जमुना जी के किनारे भगवान कृष्ण का भी मंदिर बनाएंगे। हर विधानसभा क्षेत्र में दो से तीन गौ-शालाएं बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगर निगम द्वारा 5000 गायों की क्षमता वाली गौ-शाला उज्जैन में बनाई जाएगी। तिलकेश्वर महादेव सिंहस्थ क्षेत्र का प्रमुख मंदिर है, जिसका जीर्णोद्धार किया जाएगा, साथ ही यहां की गौ-शाला का भी विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीर दुर्गादास की छतरी के पास ब्रिज बनाया जाएगा। मुल्लापुरा से लेकर चंदू खेड़ी तक सिक्स लेन रोड़ बनाया जाएगा। कालिदास उद्यान से काल भैरव मंदिर तक फोर-लेन किया जाएगा। इस अवसर पर सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, अनिल फिरोजिया, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल , विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, तिलकेश्वर गौ सेवा समिति के सचिव विश्वास शर्मा, दिनेश जैन, संदीप कुलश्रेष्ठ, सेवा धाम आश्रम के सुधीर भाई गोयल, मुन्ना सरकार, बहादुर सिंह बोरमुंडला, जीतेन्द्र अग्रवाल, तिलकेश्वर गौ-शाला के अध्यक्ष प्रदीप जैन, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

हरिसिंह का स्व-रोजगार का सपना हुआ साकार, समाधान ऑनलाइन में आया था प्रकरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर अलीराजपुर जिले के ग्राम अमझिरी निवासी हरिसिंह कलेश को दीपावली पर्व पर बोलेरो वाहन मिला। आवेदक हरिसिंह ने वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में बोलेरो गाड़ी के लिये आवेदन भरा था, जिसे संबंधित बैंक द्वारा अव्यवहारिक मानकर अस्वीकृत कर किराने की दुकान के लिये लोन स्वीकृत कर दिया था। आवेदक ने इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत 28 अक्टूबर को समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में आवेदक हरिसिंह की सुनवाई की। आवेदक ने बताया कि बैंक ने तत्समय बोलेरो वाहन के लिये 9 लाख 90 हजार रुपये लोन न देते हुए किराने की दुकान के लिये 3 लाख रुपये का लोन स्वीकृत किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “आवेदक ने जब बोलेरो वाहन के लिये लोन माँगा है, तो उसे बोलेरो गाड़ी ही स्वीकृत होना चाहिये।’’ मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर समाधान ऑनलाइन के दो दिन बाद 30 अक्टूबर को कलेक्टर अलीराजपुर ने अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम से चर्चा कर हरिसिंह को ‘भगवान बिरसा मुंडा योजना’ में बोलेरो वाहन के लिये 9 लाख 90 हजार रुपये वाहन लोन स्वीकृत करवाया। ‘धन्यवाद मुख्यमंत्री जी’ आवेदक हरिसिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अब वे स्वयं के रोजगार के सपने को बेहतर तरीके से साकार कर सकेंगे।  

डिप्रैशन से बचने के लिए खाएं ये 11 चीजें

काम में तनाव, पैसे की परेशानी, चिंता की वजह से कई बार लोग डिप्रैशन के शिकार हो जाते हैं। इस बीमारी से कुछ लक्षण होते हैं जैसे अचानक वजन बढ़ना या वजन घटना अनिद्रा या ज्यादा नींद आना, सैक्स इच्छा में कमी, मन में बार-बार खुदकुशी का ख्याल आना और रोजाना के काम न कर पाना आदि। जिस शख्स के अंदर ये लक्षण होते हैं वह काफी दर्दनाक और बुरे समय से गुजर रहा होता है लेकिन ऐसे समय में घबराने की जरूरत नहीं है। सब्र से हर मुश्किल का हर निकलता है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं जो डिप्रेशन से लड़ने में मदद करते हैं। पालकः पालक भी डिप्रैशन से लड़ने के लिए फायदेमंद होती है क्योंकि इसमें आयरन और मैग्नीशियम होता है जो दिमाग को शांत और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। ओमेगा-3 फैटी एसिडः जब भी आपको लगे कि आपको अवसाद हो रहा है तो ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा अपने खाने में बढ़ा दीजिए जैसे मछली और वोलनट्स। मछली में आप सलमन, हेरिंग, लेक ट्राउट, सार्डिन, मैकेरल या टूना खा सकते हैं। बादामः बादाम में काफी मात्रा में मैग्नीशियम का सबसे अच्छा स्त्रोत होता हैं। सिर्फ 100 ग्राम बादाम के पैक में 238 ग्राम मैग्नीशियम होता है, जो हमारी रोज की 67 प्रतिशत मैग्नीशियम की जरुरत को पूरा करता है। टमाटरः टमाटर खाने से आपका मूड बहुत अच्छा रहता है क्योंकि इसमें लइकोपीन नाम का एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है जो अवसाद से लड़ने में काफी मददगार साबित होता है। एक स्टडी में यह पाया गया है कि जो लोग सप्ताह में 2 से 6 बार टमाटर खाते हैं वे 46 प्रतिशत तक कम अवसादग्रस्त होते हैं। एवोकाडोः एवोकाडो में ओमेगा-3 और फोलेट पाया जाता है जो अवसाद से लड़ने में मदद करता है। यही नहीं इसमें पोटेशियम और मोनोअनसैचुरेटेड फैट भी पाया जाता है। जो भावनाओं को काबू करने में मदद करते हैं। ग्रीन टीः ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट और एमिनो एसिड पाया जाता है जो अवसाद से बचाती, इलाज करती और उसे बहार आने में भी मदद करती है इसलिए ग्रीन टी उन लोगों को जरूर पीनी चाहिए जो जल्दी मुसीबतों से घबराने लगते हैं। ब्लूबेरीः ब्लूबेरी में विटामिन सी पाया जाता है। 100 ग्राम ब्लूबेरी में 9.7 मिलीग्राम विटामिन सी होता है जो रोज का 15 प्रतिशत के बराबर है। साथ ही इसमें अधिक मात्रा में पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट आपके शरीर को अवसाद से दूर रखते हैं। साबुत अनाजः यह तो हम सभी जानते हैं कि साबुत अनाज हम सबके लिए कितने फायदेमंद होते हैं। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि यह अवसाद में बहुत लाभदायक सिद्ध होते है। इनमें कार्बोहाइड्रेट होता है जो मूड स्विंग्स की परेशानी को रोकता है। नारियलः नारियल में शक्तिशाली इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो अवसाद से लड़ने में मदद करते हैं। रोज एक गिलास ताजा नारियल का रस पीएं या इसके तेल में बना हुआ भोजन खाएं। अंडेः अगर आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हैं तो आपको थकान और काम करने की शक्ति कम हो जाती है। अंडे में प्रोटीन, विटामिन डी, विटामिन बी 12, विटामिन ए, कैल्शियम, विटामिन बी-6, पोटेशियम और मैग्नीशियम होता है जो आपके एनर्जी के लेवल को बनाये रखता है।  

सुशासन की व्यवस्था में पटाखे जलाने से रोकना अनुचित – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सुशासन की व्यवस्था में पटाखे जलाने से रोकना अनुचित – मुख्यमंत्री डॉ. यादव उपद्रवी तत्वों से सख्ती से निपटेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दीपावली के अवसर पर इंदौर से जानकारी आयी कि वहां एक स्थान पर कुछ बच्चों एवं अन्य लोगों को पटाखे जलाने से रोका गया, जो अनुचित है। कोई भी व्यक्ति कानून अपने हाथ में लेने का प्रयास नहीं कर सकता। यदि कोई अपने हाथ में कानून लेता है तो वो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश में कानून व्यवस्था का राज है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी धर्मों का पूर्ण सम्मान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार सभी राज्यों में सुशासन के लिए जानी जाती है। शासन की व्यवस्था प्रभावी होने पर कोई व्यक्ति कानून हाथ में नहीं ले सकता। किसी को पटाखे जलाने से नहीं रोका जा सकता। ऐसे उपद्रवी तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में इंदौर में उन लोगों को उसी स्थान पर पटाखे जलाने का अवसर दिया गया, जिन्हें पटाखे जलाने से रोका गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने दायरे में रहकर सभी धर्मों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।  

महिलाओं में कमर दर्द की ज्यादा शिकायत

सामान्य सर्दी के बाद, पीठ दर्द सभी उम्र के लोगों में होने वाली दूसरी सबसे प्रचलित समस्या है। सेवानिवृत्त शिक्षिका 60 वर्षीय आशा शर्मा सक्रिय जीवन जीती थीं जब तक कि उनके पीठ दर्द ने उन्हें व्यावहारिक रूप से निष्क्रिय नहीं कर दिया। उन्होंने एक डॉक्टर से दिखाया जिन्होंने उन्हें सर्जरी की सलाह दी। लेकिन श्रीमती शर्मा सर्जरी कराना नहीं चाहती थीं और उन्होंने वेंकटेश्वर अस्पताल में एक विशेषज्ञ से एक और राय लेने का विचार किया। उन्होंने वेंकटेश्वर हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी बिभाग से संपर्क किया जहां उन्हें सर्जरी के निर्णय लेने से पहले ट्रायल के तौर पर सेल्फ केयर की सलाह दी क्योंकि यह देखा गया है कि सेल्फ केयर से लगभग 50 प्रतिशत रोगियों को पीठ दर्द से राहत मिल जाती है। आज, वह अपने पैरों पर वापस खड़ी हो गई हैं। वेंकटेश्वर अस्पताल के न्यूरोसर्जरी के निदेशक और विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पिंदर कुमार सचदेव कहते हैं, “सर्जरी उन लोगों के लिए सर्जरी आवश्यक हो जाती है, जिनमें नर्व रूट पर दबाव पड़ रहा हो या रीढ़ की हड्डी अस्थिर हो गई हो।“ पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं न केवल कमर और रीढ़ की हड्डी की समस्याओं से ग्रस्त होती हैं, बल्कि उनकी समस्याएं भी गंभीर होती हैं। महिला की शारीरिक संरचना का एक दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि उम्र बढ़ने के साथ प्राकृतिक रूप से तेजी से उनकी हड्डी का नुकसान होने लगता है और इसका खतरनाक भाग उम्र का बढ़ना है। आमतौर पर 30 वर्ष की आयु और रजोनिवृत्ति की शुरुआत के बीच, महिलाओं में हड्डी का घनत्व का और अधिक तेज़ी से कम होता है। “महिलाओं की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती जाती है, वे डीजेनेरेटिव डिस्क रोग के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं। यह एक सामान्य बीमारी है जिसे रप्चर्ड डिस्क कहा जाता है जो रीढ़ की हड्डी को धक्का देता है, तंत्रिका पर दबाव डालता है, जिससे हर्निएटेड या स्ल्पि्ड डिस्क हो जाती है।“ रीढ़ एक स्तंभ के रूप में कार्य करता है जो आपके शरीर के वजन को वहन करता है। यही कारण है कि रीढ़ को स्वस्थ और मजबूत रखना बहुत महत्वपूर्ण है। अस्वस्थ जीवनशैली रीढ़ की हड्डी में दर्द, कमर दर्द, इत्यादि का खतरा पैदा करती है। इस तरह के परेशान करने वाले दर्द और पीड़ा से बचने के लिए, यहां कुछ बुनियादी सलाह दी गई हैं जिन पर अमल करने पर आपको फिट रहने में मदद मिलेगी। अपने शरीर की सुनो : आपका शरीर आपको संकेत भेजता रहता है कि चीजें अस्वस्थ हैं। लेकिन अधिकतर बार हम इन संकेतों को तब तक अनदेखा करते रहते हैं, जब कि बहुत देर न हो जाए। अपनी रीढ़ की हड्डी सीधे रखें : हमेशा सीधे खड़े हों और सीधे बैठें। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप बैठे होते हैं, तो यह आपकी रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव डालता है क्योंकि यह झुकती है। जब आप बैठे होते हैं तो आपके घुटने सही स्थिति में हो और आपके पैर फ्लैट हों। अपनी शारीरिक गतिविधियां जारी रखें : जब मांसपेशियां थक जाती हैं तो स्लचिंग (आगे झुक कर बैठना या चलना), स्लंपिंग (अचानक गिरना) और अन्य खराब मुद्राएं होने की अधिक संभावना होती हैं। इसके कारण, गर्दन और कमर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। रिलैक्स्ड लेकिन समर्थित मुद्रा को बनाए रखने के लिए, अक्सर अपनी पॉजिशन बदलें। व्यायाम : रीढ़ की हड्डी को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए उन मांसपेषियों को मजबूत करना महत्वपूर्ण है जो रीढ़ की हड्डी को स्थिर करती हैं और आपको कुशलतापूर्वक चलने-फिरने में मदद करती हैं।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएँ एवं बधाई दी

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। पटेल ने कहा है कि गोवर्धन पूजा का पर्व धार्मिक महत्ता के साथ ही हमारी संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक भी है। गोवर्धन पूजा का आयोजन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के सम्मान में किया जाता है, जो हमें सिखाता है कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और श्रद्धा होनी चाहिए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने नागरिकों का आहवान किया है कि गोवर्धन पूजा के पावन प्रसंग पर हम सब मिलकर पर्यावरण-संरक्षण का संकल्प लें। प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग करते हुए, अपने आसपास की हरियाली को बढ़ाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा का यह प्रयास हमारी संस्कृति को सहेजने में मदद करेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित वातावरण भी तैयार करेगा।  

राजभवन में विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस मनाया गया

राजभवन में विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस मनाया गया भोपाल प्रदेश स्थापना दिवस सहित 8 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस 1 नवंबर पर आज राजभवन में गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, पंजाब, दिल्ली और तमिलनाडु राज्यों और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, लक्षद्वीप और पुडुचेरी केंद्र शासित क्षेत्रों का स्थापना दिवस, समारोह पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक वैभव को दिखाने वाली लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देश पर राजभवन मध्यप्रदेश में विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस समारोह “अखंडता का उत्सव” का आयोजन किया जाता है। इसी श्रृंखला में राज भवन में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के रहवासी छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा,दिल्ली कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, जम्मू कश्मीर, आंध्र प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के मूल निवासी शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने उनके राज्यों के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक वैभव का विवरण दिया। राज्यपाल के प्रति राज्यों के स्थापना दिवस आयोजन के लिए आभार ज्ञापित किया। पारस्परिक रूप से राज्यों के स्थापना दिवस की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव ने विभिन्न राज्यों के मूल निवासियों का स्वागत करते हुए सभी को स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि विभिन्नताओं में एकता भारतीय संस्कृति की विशिष्टता है। प्रत्येक देशवासी की पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए हम सब देशवासी एकमत और एकजुट होकर कार्य करें। यही आयोजन की मंशा है। उन्होंने राज्यपाल की ओर से अन्य राज्यों के कार्यक्रम में सम्मिलित मूल निवासियों को मध्यप्रदेश की जनजातीय कला के चित्र स्मृति प्रतीक के रूप में भेंट किये। कार्यक्रम के अंत में  सहभोज का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम का संचालन नियंत्रक हाउस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर ने किया। आभार प्रदर्शन लाइब्रेरियन अमित दीक्षित ने किया।  

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