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15 हजार आवासों की स्वीकृति, छत्तीसगढ़-आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत मिलेगा आवास

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 15 हजार आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों और पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए यह पहल एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 15 हजार आवास केवल मकान नहीं बल्कि उन परिवारों के लिए सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक हैं। हमारी सरकार इस योजना को पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के विकास और शांति स्थापना की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन देने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। पीड़ित परिवारों को आवास मिल जाने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना सामाजिक समरसता और विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस योजना में विशेष रूप से उन परिवारों को शामिल किया जाएगा जिनका नाम सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 और आवास प्लस 2018 की सूची में शामिल नहीं था। इन नामों को छह दिसंबर 2024 तक आवास प्लस पोर्टल पर अपलोड करने की अनुमति केंद्र सरकार की ओर से दी गई है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने की स्वीकृति के लिए निवेदन किया था परिणामस्वरूप 15 हजार आवास की स्वीकृति भारत सरकार से दी गयी है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस विशेष परियोजना के तहत पुलिस अधीक्षक जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत को आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों की सूची प्रदान करेंगे। इसके बाद जिला पंचायत द्वारा इस सूची का सर्वेक्षण और सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत कलेक्टर के माध्यम से लाभार्थियों के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के दिशानिर्देशों के अनुरूप आवास निर्माण की प्रक्रिया आरंभ होगी।  

भीषण सड़क हादसा: कार ने टेंपो को मारी जोरदार टक्कर, खंती में जा गिरे दोनों वाहन, 5 की मौके मौत

श्रावस्ती जिले में भीषण सड़क हादसा हुआ है. जहां तेज रफ्तार कार ने एक टेंपो को जोरदार ठोकर मार दी. हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही 5 लोगों की मौत हो गई. वहीं 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया. बता दें कि पूरी घटना को नेशनल हाइवे-730 के मोहनीपुर तिराहे पर घटी है. जहां एक तेज रफ्तार जायलो कार ने टेंपो को ठोकर मार दी. इस दौरान कार और टेंपो दोनों सड़क के किनारे खंती में जा गिरे. हादसे में दोनों वाहनों की परखच्चे उड़ गए. घटना में 5 लोगों की जान चली गई औऱ 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए. वहीं घटना के बाद आसपास के लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को इकौना सीएचसी में भर्ती कराया. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

मनरेगा योजना में राज्य में गड़बड़ी और तय नियमों का उल्लंघन किए जाने का दिग्विजय सिंह ने लगाया आरोप

भोपाल मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मजदूरों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने वाली मनरेगा योजना में राज्य में गड़बड़ी और तय नियमों का उल्लंघन किए जाने का आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखकर मध्य प्रदेश में मनरेगा योजना में हो रही व्यापक अनियमितता से अवगत कराया। साथ ही इसमें हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यालय द्वारा शनिवार को दी गई जानकारी में बताया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि मध्यप्रदेश में मनरेगा योजना के तहत कार्यों में अनियमितता की गई है, जो कि भारत सरकार के राजपत्रित अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है। उन्होंने बताया कि व्यवस्था के अनुसार मनरेगा योजनान्तर्गत कराये जाने वाले कार्यों में व्यय की दृष्टि से श्रम सामग्री का अनुपात 60-40 जनपद स्तर पर रखे जाने का प्रावधान है। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि अधिनियम में 60 प्रतिशत मजदूरी का प्रावधान इसलिए किया गया था कि गांव में रहते हुए मजदूरों को अधिकतम कार्य मिल सके और पलायन रुक सके, मध्यप्रदेश में इसका पालन नहीं किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन किए जाने की बात का जिक्र करते तो उन्होने कहा वर्ष 2022-23 में 21 जिलों में, 2023-24 में 16 जिलों में एवं इसके अतिरिक्त 2024-25 में प्रदेश के 25 जिलों में इस प्रावधान का खुला उल्लंघन हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए लिखा कि इस वजह से ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा मिल रहा है और सामग्री के फर्जी बिल वाउचर पर भुगतान हो रहा है। इस तरह की अनियमितता से मजदूरों के अधिकार पर कुठाराघात हो रहा है। यह एक अत्यंत गंभीर प्रकरण है जो कि अधिनियम में दिए गए प्रावधानों के विरुद्ध है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह किया है कि वे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करके दोषी अधिकारी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करें, जिससे मजदूरों के हितों की रक्षा हो सके।  

व्यापारी-तहसीलदार विवाद : चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने व्यापारी के समर्थन में किया विरोध प्रदर्शन

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में बीते दिन व्यापारी-तहसीलदार विवाद में व्यापारी के गिरफ्तारी के बाद आज चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने व्यापारी के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया है. व्यापारी संघ ने प्रशासन की तरफ से जारी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के खिलाफ शहर बंद का आह्वान कर दिया है. इसके चलते आज मनेन्द्रगढ़ में सभी व्यापारी अपनी दुकानें बंद रखेंगे. चेंबर ऑफ कॉमर्स का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी अतिक्रमण हटाने के नाम पर गलत तरीके से कार्रवाई कर रहे हैं, इसके विरोध में उन्होंने आज बंद का आह्वान किया है. बता दें बीते दिन शुक्रवार को मनेंद्रगढ़ में अतिक्रमण हटाने के दौरान आज एक व्यापारी ने तहसीलदार को थप्पड़ जड़ दिया. तहसीलदार यादवेंद्र कैवर्त मौहारपारा इलाके में गोपाल शीत गृह के पास अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे. इस दौरान अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उनकी एक युवा व्यापारी से बहस हो गई, जिससे आवेश में आकर व्यवसायी नितिन अग्रवाल ने उन्हें थप्पड़ मार दी. घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी नितिन अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया. युवा व्यापारी के गिरफ्तारी के बाद नाराज चेंबर ऑफ कॉमर्स ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए शहर बंद कर विरोध प्रदर्शन कर रहा है. वहीं इस मामले को लेकर चेंबर ऑफ कॉमर्स के जिला अध्यक्ष पंकज संचेती ने कहा कि अगर प्रशासन नियम पूर्वक कार्रवाई करती तो हमें कोई आपत्ति नहीं थी. इसके अलावा हमने मीटिंग में भी कहा था कि आप अतिक्रमण हटाने से पहले मुनादी करवा दीजिए. लेकिन उन्होंने मुनादी नहीं की और सीधे बुल्डोजर कार्रवाई कर सामान तोड़ने लगे. बीते दिन कार्रवाई के दौरान व्यापारी ने सामान हटाने के लिए समय मांगा तो उसे समय नहीं दिया गया और सीधे बुल्डोजर से उसके सामान (सीमेंट की शीटों) को तोड़ दिया गया. इससे व्यापारी को डेढ़ लाख का नुकसान हुआ है, ऐसी कार्रवाई पर व्यापारी को गुस्सा आना स्वाभाविक है. बता दें, यह पहली बार नहीं है जब तहसीलदार विवादों में आए हैं. बीते सप्ताह अतिक्रमण हटाने के दौरान भी एक व्यवसायी प्रियम केजरीवाल का मोबाइल छीनने का मामला सामने आया था. प्रियम ने तहसीलदार की कार्यवाही का वीडियो बनाते हुए उनसे सवाल किया था, जिससे नाराज होकर तहसीलदार ने उसका मोबाइल छीन लिया था.

बच्चो के लिए अच्‍छी खबर: प्रदेश के सभी स्कूलो में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक अवकाश रहेगा , परिवार के साथ बनाएं प्‍लान; देखें छुट्टियों की

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने दिसंबर महीने में कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक अवकाशों की घोषणा की है, जिसमें 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की याद में स्थानीय अवकाश शामिल है। इसके अलावा, क्रिसमस डे (25 दिसंबर) पर भी स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तरों में छुट्टी रहेगी। इस महीने को लेकर कुछ अन्य ऐच्छिक अवकाश भी घोषित किए गए हैं, जिससे कर्मचारियों और छात्रों को अतिरिक्त छुट्टियां मिलेंगी। 3 दिसंबर, 2024 को भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। इसके साथ ही, 25 दिसंबर को क्रिसमस डे के अवसर पर प्रदेशभर में स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। इसके अलावा, दिसंबर के महीने में कई ऐच्छिक अवकाश भी घोषित किए गए हैं, जिनमें 3 दिसंबर को ‘विश्व विकलांग दिवस’, 4 दिसंबर को ‘क्रांतिसूर्य टंट्या भील बलिदान दिवस’, 18 दिसंबर को ‘गुरु घासीदास जयंती’, 14 दिसंबर को ‘दत्तात्रय जयंती’, 27 दिसंबर को ‘महाराजा खेतसिंह खंगार जी की जयंती’, और 31 दिसंबर को ‘बालीनाथ जी बैरवा जयंती’ शामिल हैं। शीतकालीन अवकाश की भी घोषणा इसके अलावा, मध्य प्रदेश सरकार ने शीतकालीन अवकाश की घोषणा भी कर दी है। इस वर्ष शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक रहेगा, जो अगले दिन 5 जनवरी को रविवार की छुट्टी से जुड़कर 6 जनवरी तक मिलेगा। इन पांच दिनों के दौरान सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने भी स्कूलों में शीतलाकीन अवकाश का ऐलान कर दिया है। इस बार मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी 2025 तक शीतकालीन अवकाश की घोषणा की है। इस बाबत आदेश जारी कर दिया गया है। मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी स्कूलों शीतकालीन अवकाश किया जाता है, हालांकि अभी तक किसी भी राज्य ने इनकी घोषणा नहीं की है। अभी तक मध्य प्रदेश के स्कूलों में पांच दिन की विंटर वेकेशन घोषित की गई है। 6 जनवरी को रविवार होने की वजह से इस दिन भी विद्यालय बंद रहेंगे। ऐसे में मध्य प्रदेश के स्कूलों में 6 दिनों की छुट्टी रहेगी। न्यू ईयर के अवसर पर छुट्टी मिलने से स्कूली छात्रों में खुशी की लहर है।  दिल्ली में विंटर वेकेशन दिल्ली के स्कूलों में शीतकालीन छुट्टियां जनवरी 2024 के आरंभ में होगी। ताजा जानकारी के मुताबिक दिल्ली में स्कूलों को 1 जनवरी से 6 जनवरी (Delhi Winter Vacation 2024 Dates) तक बंद रखा जाएगा। हालांकि दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय द्वारा विंटर वेकेशन की डेट्स अलग से घोषित की जाएंगी। पिछले रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी के पहले सप्ताह में शीतकालीन अवकाश रहेगा। चार दिन की लंबी छुट्टी का मौका भोपाल में 3 दिसंबर को गैस त्रासदी के मौके पर स्थानीय अवकाश होने के कारण, अगर कोई कर्मचारी या छात्र सोमवार को भी छुट्टी लेता है, तो उसे लगातार चार दिन का अवकाश मिलेगा। वहीं, कुछ स्कूलों में परीक्षा का दौर भी होने की वजह से छुट्टियों की प्लानिंग में बदलाव हो सकता है। घूमने का बेस्ट मौका मध्य प्रदेश के लोग इन छुट्टियों का लाभ उठाकर प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों जैसे उज्जैन, महेश्वर, ओंकारेश्वर, सांची और माण्डी जैसी जगहों पर घूमने का प्लान बना सकते हैं। इन स्थानों पर धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थल हैं, जो परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए आदर्श हैं। इस दिसंबर में मध्य प्रदेश के लोगों को विभिन्न छुट्टियों का लुत्फ उठाने का एक बेहतरीन मौका मिलेगा, और वे इन अवकाशों का उपयोग अपने परिवार के साथ सैर-सपाटे, आराम और नए साल की खुशियों का स्वागत करने के लिए कर सकते हैं।  

चंद्रचूड़ का फैसला गलत था, इससे और मस्जिदों के सर्वे का रास्ता खुल गया: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, भड़का

नई दिल्ली संबल और अजमेर शरीफ पर निचली अदालतों के फैसलों ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को निशाने पर ला दिया है। उन पर आरोप लगाया जा रहा है कि उनके फैसले ने देश में धार्मिक स्थलों के सर्वेक्षणों और याचिकाओं के लिए दरवाजे खोल दिए। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) और समाजवादी पार्टी (SP) के सांसदों ने 2023 में चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की अनुमति देने वाले फैसले को गलत बताया है। SP सांसद जिया-उर-रहमान बरक और मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, “चंद्रचूड़ का फैसला गलत था। इससे और सर्वे की याचिकाओं का रास्ता खुल गया है। सुप्रीम कोर्ट को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और ऐसे सर्वे रोकने चाहिए।” पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी बयान जारी कर कहा कि यह फैसला “प्लेस ऑफ वर्शिप ऐक्ट, 1991” की भावना के खिलाफ है। बोर्ड ने कहा, “बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इस अधिनियम का हवाला देकर कहा था कि किसी भी पूजा स्थल की स्थिति को 15 अगस्त 1947 के अनुसार बदला नहीं जा सकता। लेकिन ज्ञानवापी मामले में अदालत ने सर्वे की अनुमति देकर अपनी स्थिति नरम कर दी।”   सर्वे को लेकर बढ़ते विवाद ज्ञानवापी फैसले के बाद मथुरा के शाही ईदगाह, लखनऊ के टीले वाली मस्जिद और अब संबल की जामा मस्जिद के साथ-साथ अजमेर शरीफ में मंदिर होने के दावों पर याचिकाएं दाखिल हुई हैं। पर्सनल लॉ बोर्ड और विपक्ष का कहना है कि इन सर्वेक्षणों से सांप्रदायिक तनाव और बढ़ सकता है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “1991 के कानून के अनुसार पूजा स्थल की स्थिति नहीं बदली जा सकती। ऐसे में इन सर्वे का क्या उद्देश्य है?” संविधान और कानून की दुहाई हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि 1991 का कानून ASI द्वारा संरक्षित स्थलों पर लागू नहीं होता। उन्होंने कहा, “संबल की साइट ASI द्वारा संरक्षित है। इसलिए, प्लेस ऑफ वर्शिप ऐक्ट यहां लागू नहीं होता।” जैन ने 1950 के प्राचीन स्मारक अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई स्मारक धार्मिक स्थल है तो ASI उसकी धार्मिक प्रकृति तय करेगा और संबंधित समुदाय को वहां पूजा की अनुमति देगा। चंद्रचूड़ का फैसला और उसका प्रभाव 3 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में ASI द्वारा वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अनुमति दी थी। इस फैसले में अदालत ने कहा था कि “1991 के अधिनियम की धारा 3 पूजा स्थल की धार्मिक प्रकृति का पता लगाने से मना नहीं करती, हालांकि धारा 4 इसकी स्थिति बदलने पर रोक लगाती है।” इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिसंबर 2023 में मथुरा के शाही ईदगाह परिसर में सर्वेक्षण की अनुमति दी। इसी तरह मध्य प्रदेश के भोजशाला में भी सर्वे को लेकर विवाद बढ़ा। RSS प्रमुख मोहन भागवत के 2022 के बयान का हवाला देते हुए विपक्ष ने कहा कि हर मस्जिद में शिवलिंग खोजने की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा, “इन सर्वेक्षणों का उद्देश्य केवल सांप्रदायिक तनाव बढ़ाना है।” भविष्य में इन सर्वेक्षणों और याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और फैसले पर देश की निगाहें टिकी हुई हैं।

नगर निगम से संबंधित टैक्स भुगतान के लिए नहीं जाना होगा नगर निगम, ऑनलाइन पेमेंट सर्विस शुरू

बिलासपुर नगर निगम के सभी प्रकार के टैक्स चाहें प्रापर्टी टैक्स हो या पानी या फिर कमर्शियल सभी प्रकार के टैक्स शहर के नागरिक अब घर बैंठे आनलाइन जमा कर सकेंगे। निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश पर नगर निगम ने शहरवासियों को एक बड़ी सुविधा प्रदान करते हुए आनलाइन सर्विस की शुरुआत की है। इससे नागरिक अब किसी भी स्थान से निकाय के अपने सभी प्रकार के टैक्स आनलाइन जमा कर सकेंगे। इससे पहले निगम ने करदाताओं की वास्तविक संख्या और अन्य जानकारी के लिए सत्यापन का कार्य किया है। नगर निगम ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की मदद से खुद का टैक्स पेमेंट पोर्टल तैयार किया है। इसके जरिए अब शहर के नागरिक अपने टैक्स का भुगतान कर सकते हैं। अभी तक नगर निगम से संबंधित टैक्स भुगतान के लिए नगर निगम कार्यालय जाना पड़ता था या आरआई से संपर्क करना पड़ता था। आनलाइन भुगतान के लिए नागरिक निगम द्वारा तैयार किए गए पोर्टल निगम बिलासपुर.काम/पीटीआइएस पर क्लिक कर अपने बकाया टैक्स का भुगतान कर सकते हैं। इसके लिए करदाता को पोर्टल में अपनी प्रापर्टी आइडी या नाम अथवा वार्ड नंबर की एंट्री करना होगा।इसके बाद प्रापर्टी और टैक्स की पूरी डिटेल आ जाएगी। इसे आनलाइन जमा करने के बाद उन्हें पावती मिलेगी। इसे वे प्रिंट करा सकेंगे या डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित रख सकेंगे। पोर्टल के ज़रिए पेमेंट प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित है। जोन 1, 2 समेत अन्य वार्ड जल्द होंगे शामिल निगम सीमा में जुड़े नए वार्ड भी जल्द ही आनलाइन सर्विस में शामिल होंगे। नए वार्डों के करदाता समेत अन्य सभी जानकारी की एंट्री पोर्टल में की जा रही है इसके बाद जल्द ही इन वार्ड के नागरिकों को भी आनलाइन सर्विस की सुविधा मिलेगी। अभी जोन क्रमांक 1 और 2 के सभी वार्ड तथा जोन क्रमांक 8 के वार्ड 64, 67, 68 जोन क्रमांक 7 के वार्ड 47, 48, 49, 50, 51, 52 और 58। जोन क्रमांक 6 के वार्ड 41, 42 के नागरिकों को आफलाइन ही भुगतान करना होगा। डिटेल फीडिंग का काम चल रहा है। पूर्ण होते ही इन सभी वार्डों के नागरिक समेत पूरे शहर के रहवासी आनलाइन टैक्स जमा कर सकेंगे। आफलाइन भी कर सकते हैं जमा शहर के नागरिक अपने टैक्स का भुगतान आफलाइन मोड पर भी पूर्व की भांति कर सकेंगे। आनलाइन सर्विस नागरिकों की सुविधा के लिए एक विकल्प के तौर पर शुरू किया गया है। नागरिक अपने क्षेत्र के जोन कार्यालय या निगम मुख्यालय विकास भवन जाकर अपने टैक्स का भुगतान कर सकते हैं या फिर आरआइ से संपर्क करके भी टैक्स का भुगतान किया जा सकता है।

संभल हिंसा में मारे गए लोगों के परिजन को सपा की सौगात, अध्यक्ष अखिलेश ने पांच-पांच लाख रुपये देने का किया ऐलान

लखनऊ उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बीती 24 नवंबर को मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल हो गया था। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। वहीं कई लोग घायल भी हुए थे। हिंसा में मारे गए लोगों के परिजन को समाजवादी पार्टी पांच-पांच लाख रुपये देगी। इसकी घोषणा खुद सपा मुखिया अखिलेश यादव ने की है। बता दें कि सहायता राशि परिजन को जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी। ‘मृतकों के परिजन के साथ हमारी संवेदनाएं’ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संभल में मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा में मारे गए लोगों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद करने का ऐलान किया है। इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी ने मृतकों के परिजन को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करने की मांग की है। सपा सांसद रुचि वीरा ने बताया कि मृतकों के परिजन के साथ पार्टी की संवेदनाएं हैं। सपा नेताओं को किया गया नजरबंद साथ ही बताते चलें कि शनिवार सुबह से पुलिस सपा नेताओं के घर के बाहर पहरा दे रही है। समाजवादी पार्टी के कई नेताओं को पुलिस द्वारा नजरबंद किया गया है। इस लिस्ट में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, लाल बिहारी यादव और प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल सहित कई नेता शामिल हैं। दरअसल, सपा के डेलिगेशन को संभल जाना था। इससे पहले ही नेताओं को उनके घरों में हाउस अरेस्ट कर लिया गया। संभल जाना था सपा का डेलिगेशन बता दें कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में सपा का 15 सदस्यीय डेलिगेशन आज संभल जाने वाला था। सपा नेता संभल में पीड़ितों से मिलकर जानकारी जुटाने वाले थे। जिसकी जानकारी वह सपा मुखिया के साथ साझा करने वाले थे। उनके निकलने से पहले ही पुलिस उनके घरों के बाहर तैनात मिली। सपा नेता को पार्टी मुख्यालय जाना चाहते थे लेकिन उसपर भी रोक लगा दी गई। जिससे नाराज होकर माता प्रसाद पांडेय पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए।

हमारा नारा है, भूलकर भी किसी को ना छेड़ेंगे हम, और छेड़ने पर किसी को ना छोड़ेंगे हम : रामभद्राचार्य

ओरछा तुलसी पीठ के संस्थापक एवं जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज मध्य प्रदेश के ओरछा में थे, जहां वे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में शामिल होने आए थे। यहां उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस का पंजा अब खूनी हो गया है। आगे उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रियंका गांधी अभी केरल के वायनाड से जीती हैं। उनके जीतते ही उनके मीडिया प्रभारी ने उनके सम्मान में एक निरीह गाय को गोली मारी। आगे उन्होंने कहा, ‘पहली बार जीतकर आई हैं, तो उन्होंने हमको सौगात दी है। बार-बार जीतते रहेंगे तो क्या होगा, लगता है ना गाय बचेगी ना हिंदू बचेगा। पर हम उनको वचन देते हैं उनका यह मनोरथ हम सफल नहीं होने देंगे। हमारा नारा है, भूलकर भी किसी को ना छेड़ेंगे हम, और छेड़ने पर किसी को ना छोड़ेंगे हम।’ रामभद्राचार्य ने क्यों कही गाय को गोली मारने की बात दरअसल रामभद्राचार्य जी ने प्रियंका गांधी की जीत पर गाय को गोली मारने वाली जिस घटना का जिक्र किया, वह सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कही जा रही है। उसमें दावा किया जा रहा है कि केरल कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मोहम्मद मुजाहिद इस्लाम ने प्रियंका गांधी की जीत से खुश होकर गाय के सिर में दो बार गोली चलाकर उसकी जान ले ली। हालांकि सच कुछ और ही है। इसी दावे पर भरोसा करते हुए भद्राचार्य जी ने भी गाय को गोली मारने की बात कह दी। रामभद्राचार्यजी बोले- केरल कांग्रेस के एक नेता ने वायनाड में प्रियंका गांधी की जीत का जश्न मनाने के लिए गाय को सिर में गोली मारकर उसकी जान ले ली। वायरल वीडियो में क्या है? वायरल वीडियो में एक शख्स गाय को सिर में गोली मारते हुए नजर आ रहा है। जब गाय बंदूक की पहली गोली से नहीं मरती है तो फिर वह शख्स बड़ी बेरहमी से उसे दूसरी गोली मारकर उसकी जान ले लेता है। वीडियो में गोली लगने पर गाय को तड़पते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को यह बताकर वायरल किया जा रहा है कि ‘यह बर्बर शख्स केरल कांग्रेस का मीडिया प्रभारी मोहम्मद मुजाहिद इस्लाम है। उसने प्रियंका गांधी की जीत का जश्न मनाने के लिए एक गाय के सिर में गोली मार दी। इस वीडियो को तब तक शेयर करें जब तक यह भारत के गृह मंत्रालय तक न पहुंच जाए और उसे गिरफ्तार न कर लिया जाए।’ फैक्ट चेक में क्या मिला? जब हमने इस वीडियो की फ्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करके देखा तो पता चला कि यह वीडियो कम से कम छह महीने पहले पुराना है, और इसका वायनाड में प्रियंका की जीत से कोई वास्ता नहीं है। और सबसे खास बात यह वीडियो केरल का ना होकर मणिपुर का है। यह वीडियो मई महीने में भी वायरल हुआ था, और उस वक्त की ज्यादातर पोस्ट्स देखने से पता चलता है कि यह वीडियो मणिपुर में जारी कुकी और मेतई संघर्ष से संबंधित है, तब एक पक्ष के अपराधी ने दूसरे पक्ष को उकसाने के लिए इस तरह गाय की जान ली थी। हमें सुनंदा रॉय नाम के एक्स हैंडल की पोस्ट भी मिली उसने इस वीडियो को 5 मई 2024 को शेयर किया था और बताया था कि ‘एक ईसाई कुकी आतंकवादी ने मणिपुर में हिंदुओं का मजाक उड़ाने के लिए एक गाय के सिर पर दो बार गोली चलाई और उसका वीडियो भी बनाया। कुकी आतंकवादी मैतेई किसानों और डेयरी व्यवसायियों के हजारों मवेशियों की हत्या कर रहे हैं। वे सिर्फ मौज-मस्ती के लिए कानून तोड़ रहे हैं।’ इसके साथ ही इस यूजर ने इस मामले में पेटा इंडिया को भी जागने के लिए कहा था। 5 मई 2024 को सुनंदा रॉय नाम की एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए बताया था कि मणिपुर में जारी हिंसा के बीच कुकी समुदाय के लोग गायों को मार रहे हैं, क्योंकि वो मैतेई समुदाय के लिए पूज्य है। सुनंदा के इस ट्वीट के बाद पशु-पक्षियों के लिए काम करने वाली संस्था पेटा ने भी इस घटना पर आपत्ति दर्ज कराई थी। 7 मई को इस बारे में किए अपने ट्वीट में पेटा ने लिखा था, ‘पेटा इंडिया की टीम मणिपुर पुलिस के साइबर क्राइम सेल के साथ मिलकर अपराध के स्थान के बारे में जानकारी जुटा रही है। एक बार जब यह पता चल जाएगा तो हम संबंधित जिला पुलिस के साथ मिलकर FIR दर्ज करवाएंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे।’ हालांकि सच सामने आने के बावजूद कुछ लोग सोशल मीडिया पर उस वीडियो को जानबूझकर यही बताते हुए वायरल कर रहे हैं कि यह वायनाड में हुए लोकसभा उपचुनाव में प्रियंका गांधी की जीत के बाद का है। जबकि इसका केरल और प्रियंका गांधी दोनों से दूर दूर तक का कोई वास्ता नहीं है।

विधानसभा की कार्यवाही लाइव की जाए, ये जनता और जनप्रतिनिधियों दोनों के लिए जरूरी है: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से आज मांग करते हुए कहा कि विधानसभा की कार्यवाही लाइव की जाए, क्योंकि ये जनता और जनप्रतिनिधियों दोनों के लिए जरूरी है। श्री सिंघार ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, ‘विधानसभा की कार्यवाही लाइव की जाए, ये जनता और जनप्रतिनिधियों दोनों के लिए जरूरी है !!! मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यवाही को लाइव करने की मांग कई बार उठाई गई, पर इस पर कभी ध्यान नहीं दिया गया! जबकि, यह लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है! इससे मतदाताओं को पता चलेगा कि उनका प्रतिनिधि उनकी समस्याओं को सदन में कैसे उठाता है! साथ ही सरकार की भूमिका भी स्पष्ट होगी कि वो इस मंच पर अपनी जिम्मेदारी किस तरह निभाती है!’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीद करती है कि विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर इस मांग पर सकारात्मक फैसला करेंगे। विधानसभा का शीतकालीन सत्र आगामी 16 दिसंबर से शुरु होना है।  

मुक्त विवि में 15 दिसंबर तक नए पदों की स्वीकृति के प्रयास होंगे पूरे

बिलासपुर पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय में वर्षों से लंबित मानसेवियों की नियमित भर्ती का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। उच्च शिक्षा सचिव आर. प्रसन्ना (आइएएस) ने शुक्रवार को कर्मचारियों की नियमितीकरण मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि 15 दिसंबर तक नए पदों की स्वीकृति के प्रयास पूरे होंगे। इसके बाद विश्वविद्यालय सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकेगा। कर्मचारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे शुक्रवार को उच्च शिक्षा सचिव आर.प्रसन्ना शहर प्रवास पर थे। शाम चार बजे पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे। सबसे पहले विश्वविद्यालय के स्टूडियो पहुंचे, जहां रिकार्ड होने वाले वीडियो लेक्चर की जानकारी ली और स्थापित स्टूडियो की काफी बेहतर बताया। फिर लैब, स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी, पुस्तक वितरण विभाग व योग विभाग पहुंचे। निरीक्षण के दौरान संपर्क कक्षाओं में पहुंचे छात्रों से भी बातचीत की। इस दौरान कुलपति प्रो. बंश गोपाल सिंह, कुलसचिव भुवन सिंह राज और विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक और कर्मचारी भी उपस्थित थे। 150 पदों की मांग कर्मचारियों ने जानकारी दी कि, वे 19 वर्षों से मानसेवी के रूप में सेवा दे रहे हैं किंतु अब तक उनका नियमितीकरण नहीं हुआ। जिस पर उच्च शिक्षा सचिव प्रसन्ना ने कहा कि, विश्वविद्यालय ने स्व वित्तीय आधार पर लगभग 150 पदों की मांग उच्च शिक्षा विभाग से किया है। जिस पर विभाग ने स्वीकृति के लिए वित्त विभाग को भेज दिया है। ए प्लस ग्रेड मिलने पर प्रशंसा की अंत में सचिव आर. प्रसन्ना ने संस्था को नैक से मिले ए प्लस ग्रेड मिलने पर प्रशंसा की। कहा कि सभी प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एकजुट होकर काम करने लगे तो वह दिन दूर नहीं जब इस विश्वविद्यालय का नाम देश के टाप के मुक्त विश्वविद्यालय में गिना जाएगा। 200 मानसेवियों को नौकरी की आस-मुक्त विश्वविद्यालय में अभी लगभग 200 मानसेवी सेवा दे रहे हैं। जो समन्वयक सहायक, सहायक समन्वयक, सहायक कार्य समन्वयक, कार्यक्रम समन्वयक और समन्वयक के रूप में अध्ययन केंद्र, क्षेत्रीय कार्यालय और मुख्यालय में कार्यरत हैं। विश्वविद्यालय संस्थापना के बाद से ये मांग कर रहे हैं कि इन्हें भी नियमित किया जाए। उच्च शिक्षा सचिव ने एक माह के भीतर समाधान का दिया भरोसा छत्तीसगढ़ शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक अधिकारी संघ ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव आर. प्रसन्ना (आइएएस) से मंथन सभा कक्ष कलेक्टोरेट में सौजन्य भेंट की। संघ के अध्यक्ष डा.संजय तिवारी ने सचिव को गुलदस्ता भेंट कर उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल क्रियान्वयन, सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान, और प्राचार्य पदों पर 131 नियुक्तियों के लिए आभार व्यक्त किया। संघ ने लंबित मांगों, जैसे सहायक प्राध्यापक से प्राध्यापक और स्नातक प्राचार्य पदों पर पदोन्नति पर ध्यान आकर्षित किया। सचिव ने इन मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन देते हुए एक माह के भीतर समाधान का भरोसा दिया। इस अवसर पर डा. केपी. तिवारी, डा. कावेरी दाभड़कर, डा. सीमा मिश्रा और अन्य प्राध्यापक उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी निवेश की संभावनाओं का विस्तार हुआ- मुख्यमंत्री मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जर्मनी यात्रा से वापस लौट आए हैं। दिल्ली में भाजपा नेताओं और कार्यक्रर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने सभी का आभार जताया, साथ ही कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हम कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं। इससे पहले सीएम यादव ने जर्मनी ने कहा कि मध्यप्रदेश स्किल्ड मैनेजमेंट और प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। लैप समूह की मध्यप्रदेश में एक दशक से ज्यादा की उपस्थिति यह दर्शाती है कि प्रदेश की पहुंच देश ही नहीं दक्षिण एशिया के बाजारों तक है। समूह ने बैंगलुरू के बाद मध्यप्रदेश को अपना बेस बनाकर 100 करोड़ से अधिक का निवेश किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मन निवेशकों को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी निवेश की संभावनाओं का विस्तार हुआ है। उनके विजनरी नेतृत्व में हमारी ताकत दोगुना हो जाती है। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मनी यात्रा के दौरान शुक्रवार को स्टटगार्ट में लैप (LAPP) ग्रुप के सीईओ मैथियास लैप और उनकी टीम के साथ फैक्ट्री का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न उद्योग समूहों के प्रबंधन को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया, जिनमें निवेशकों के लिए भरपूर संभावनाएं मौजूद हैं। सीएम यादव ने निवेशकों को भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश से उद्योग के लिए नई संभवानाओं के द्वार खुलेंगे। 100 करोड़ से अधिक का निवेश किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-जर्मनी के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रसन्नता जताई कि लैप समूह ने बैंगलुरू के बाद मध्यप्रदेश को अपना फैक्ट्री बेस बनाया। उन्होंने लैप उद्योग समूह के सीईओ मैथियास लैप का इस बात के लिए आभार प्रकट किया कि उन्होंने 2012 से अब तक 100 करोड़ से अधिक का निवेश मध्यप्रदेश में किया है। 1959 में हुई थी स्थापना उल्लेखनीय है कि लैप (LAPP) ग्रुप औद्योगिक केबलिंग और कनेक्टिविटी समाधान में अग्रणी कंपनी है। इसकी स्थापना वर्ष 1959 में हुई थी। यहां अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र हैं जो औद्योगिक केबलिंग और कनेक्टिविटी संबंधी उत्पादों का निर्माण करती है। यह संस्थान ऊर्जा, ऑटोमोटिव, मशीन निर्माण और औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले केबल, कनेक्टर्स और एसेसरीज का निर्माण भी करता है। कब कितना निवेश भारत में लैप ग्रुप की सहायक कंपनी LAPP इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पीलूखेड़ी (राजगढ़) में स्थित विनिर्माण इकाई ने पिछले एक दशक में 141.5 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वर्ष 2012 में सिंगल कोर तारों के उत्पादन के लिए 44 करोड़ रुपये का निवेश, वर्ष 2014 में मल्टी कोर कंट्रोल केबल उत्पाद लाइन के विस्तार के लिये 13.5 करोड़ रुपये, वर्ष 2018 में मेक-इन-इंडिया पहल के तहत विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए 22 करोड़ रुपये और वर्ष 2024 में नवीनतम ई-बीम और कंपाउंडिंग प्लांट के लिए 62 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। कंपनी ने अपनी विनिर्माण इकाई को 30 हजार वर्ग फुट तक विस्तारित किया है, जिससे भोपाल और राजगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों लोग प्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़े हैं। 24 नवंबर को गए थे सीएम यादव बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में निवेश लाने को लेकर 24 नवंबर से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी की यात्रा पर थे। यह मुख्यमंत्री की पहली विदेश यात्रा थी जो प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाईयां देने के उद्देश्य से की गई थी। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने यूके और जर्मनी  में उद्योगपतियों से चर्चा की। यूके से प्रदेश में करीब 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वहीं, जर्मन कंपनी भोपाल में 100 करोड़ में एक्सरे निर्माण के लिए औद्योगिक इकाई की स्थापना करेगी। इसके लिल मुख्यमंत्री ने जर्मन कंपनी को भूमि का आवंटन भी कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की नई लहर लाएगी, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास का हिस्सा बनेगी। मुख्यमंत्री यादव आज शाम पाचं बजे जर्मनी और यूके यात्रा को लेकर मीडिया को संबोधित करेंगे। इस दौरन वे विस्तार से जानकारी देंगे।  

राइजिंग राजस्थान के आयोजन को सफल बनाने के लिए आगामी दस दिनों तक प्रत्येक दिन एक नया संकल्प लेंगे: भजनलाल

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा है कि आगामी राइजिंग राजस्थान वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन में परंपरागत हस्तशिल्प दुनिया को हमारी समृद्ध संस्कृति का परिचय देंगे और सम्मेलन के जरिये राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में विकास के नये आयाम स्थापित होंगे। श्री शर्मा ने राइजिंग राजस्थान को लेकर अपना दूसरा संकल्प लेते हुए यह बात कही। उल्लेखनीय है कि श्री शर्मा राइजिंग राजस्थान के आयोजन को सफल बनाने के लिए आगामी दस दिनों तक प्रत्येक दिन एक नया संकल्प लेंगे। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट में हमारे परंपरागत हस्तशिल्प दुनिया को हमारी समृद्ध संस्कृति का परिचय देंगे और प्रदेश की गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रसिद्ध थेवा कला, मीनाकारी, ब्लू पॉट्ररी, बंधेज सहित विभिन्न हस्तशिल्प देश-दुनिया में विशेष पहचान रखते हैं। राज्य सरकार राज्य के हस्तशिल्प कारीगरों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने तथा हस्तशिल्प कला को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के आयोजन से राज्य में औद्योगिक क्षेत्र को नई उंचाई मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश दुनिया में निवेशकों का समिट के प्रति रूझान यह दर्शाता है कि राजस्थान विश्व में निवेश के एक प्रमुख केन्द्र के रूप में तेजी से ऊभर रहा है।  

रिटायर्ड कर्मचारी को आनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर 46 लाख की ठगी

बिलासपुर  कोतवाली क्षेत्र के टिकरापारा में रहने वाले प्राइवेट कंपनी के सेवानिवृत्त कर्मचारी से 46 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कोतवाली क्षेत्र के टिकरापारा निवासी गुरमीत सिंह (64), एक सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। गुरमीत सिंह ने पुलिस को बताया कि उन्हें 14 अक्टूबर 2024 से 24 अक्टूबर 2024 के बीच व्हाट्सएप पर अमन मलिक और प्रियंका गर्ग ने संपर्क किया। दोनों ने स्टाक मार्केट में निवेश के जरिए मुनाफा कमाने का लालच दिया। गुरमीत ने उनके बताए बैंक खातों में अलग-अलग तिथियों पर कुल 46.2 लाख रुपये ट्रांसफर किए। जालसाजों ने बार-बार पैसे जमा करने का दबाव बनाया और कहा कि जमा की गई रकम पर मुनाफा जोड़कर उन्हें वापस किया जाएगा। जमा की गई राशि वापस मांगी गुरमीत सिंह ने 13 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2024 तक बैंक आफ महाराष्ट्र, यूको बैंक, और येस बैंक समेत विभिन्न खातों में कई बार रकम ट्रांसफर की। जब उन्होंने अपनी जमा की गई राशि वापस मांगी, तो आरोपियों ने उनका फोन बंद कर दिया और ट्रेडिंग अकाउंट भी ब्लाक कर दिया। शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।   पचपेड़ी क्षेत्र के केंवटाडीह और सोनसरी के बीच अंधेरे में खड़े ट्रक से बाइक टकरा गई। हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। एक युवक की स्थिति गंभीर है। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया है। जांजगीर-चांपा जिले से मर्ग डायरी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बाइक पर लौट रहे थे अपने गांव पचपेड़ी क्षेत्र के ग्राम जोंधरा में रहने वाले लालाराम प्रजापति अपने दोस्तों विष्णु केंवट और छोटन केंवट के साथ गुरुवार को पामगढ़ क्षेत्र के ग्राम ससहा गए थे। रात करीब आठ बजे वे बाइक पर अपने गांव लौट रहे थे। केंवटाडीह और सोनसरी के बीच अंधेरे में खड़े ट्रक से उनकी बाइक टकरा गई। हादसे में बाइक सवार तीनों युवकों को गंभीर चोटें आईं। डाक्टरों ने विष्णु केंवट और छोटन केंवट को मृत घोषित कर दिया आसपास के लोगों ने हादसे की सूचना संजीवनी 108 पर दी। घायल युवकों को एंबुलेंस से जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ स्थित स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। वहां पर डाक्टरों ने विष्णु केंवट और छोटन केंवट को मृत घोषित कर दिया। घायल लालाराम प्रजापति की स्थिति देखते हुए बिलासपुर रेफर किया गया। यहां पर निजी अस्पताल में भर्ती कर घायल का उपचार किया जा रहा है। इधर पुलिस ने दुर्घटनाकारित ट्रक को जब्त कर लिया है। जांजगीर-चांपा जिले से मर्ग डायरी और पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ढाबों के सामने लगती है वाहनों की कतार केवटाडीह के पास हुए हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। इससे पहले भी इस तरह के हादसे सामने आए हैं। हाईवे पर ढाबों के आसपास भारी वाहनों को चालक बेतरतीब और लापरवाही पूर्वक खड़े कर देते हैं। इसके कारण गंभीर हादसे होते हैं। इधर पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई नहीं करती। इसके कारण ड्राइवर भी बेपरवाह रहते हैं। ये है नियम     अगर हाईवे पर वाहन खराब हो जाए तो सुरक्षित दूरी पर संकेतक लगाए जाएं।     वाहन के बैक लाइट आन रखें। साथ ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाए।     खराब वाहन को जल्द से जल्द सुरक्षित जगह पर ले जाने का प्रबंध किया जाए।     इन मामलों में अक्सर वाहन चालकों की लापरवाही सामने आती है। सकरी में गई थी तीन लोगों की जान सिविल लाइन क्षेत्र के शुभम विहार में रहने वाले शर्मा परिवार के लोग 15 अगस्त की रात भोजन करने गए थे। देर रात जब वे लौट रहे थे तो सकरी में सड़क किनारे खड़े वाहन से उनकी कार टकराई गई। हादसे में प्रीति शर्मा (48) पति बरदानी लाल, बेटी श्रेया शर्मा (24) पति शुभम और छोटी बेटी श्रुति शर्मा (19) पिता बरदानी की मौत हो गई थी।  

प्रदेश के प्राचार्य सिंगापुर की शिक्षा प्रणाली का अध्ययन करेंगे, 120 सदस्यीय दल दौरे पर जायेगा

 भोपाल  माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) के 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा में 95 प्रतिशत से अधिक परिणाम लाने वाले स्कूलों के प्राचार्य और अधिकारियों का 120 सदस्यीय दल सिंगापुर दौरे पर जा रहा है। स्टार्स परियोजना के तहत शासन की ओर से इस यात्रा के लिए चार करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। इस दौरे में जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर ढाई लाख रुपये खर्च होंगे। यह दौरा दो अलग-अलग दलों में होगा। पहले दल में 70 और दूसरे दल में 50 प्राचार्यों-अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। 6 जनवरी को पहला दल होगा रवाना पहला दल 6 जनवरी को और दूसरा दल 13 जनवरी को पांच दिवसीय यात्रा पर रवाना होगा। वहां की शिक्षा व्यवस्था देखने और उनकी प्रणाली में प्रशिक्षण लेकर प्राचार्य अपने स्कूल में उसे लागू करने की कोशिश करेंगे। इससे पहले उन्हें एक रिपोर्ट बनाकर सरकार को अपनी संस्तुतियां सौंपनी होंगी। यदि उनकी सिफारिशे मंजूर होती हैं तो उसे स्कूलों में लागू किया जाएगा। दक्षिण कोरिया का कर चुके हैं दौरा इससे पहले शिक्षा विभाग के 250 अफसरों और प्राचार्यों का दल दक्षिण कोरिया के अध्ययन दौरे पर गया था। 2021 में प्राचार्यों के दल को चार बार दिल्ली के सरकारी स्कूलों का अध्ययन करने भेजा गया था। इस दौरे में भी सरकार ने पांच से सात लाख रुपये खर्च किए थे। दक्षिण कोरिया से लौटकर स्टीम पद्धति की गई लागू 2019 में 250 अधिकारियों और प्राचार्यों की टीम दक्षिण कोरिया के दौरे पर गई थी। जो वहां स्टीम (साइंस, टेक्नोलाजी, इंजीनियरिंग, आर्ट्स औऱ मैथ्स) शिक्षा पद्धति का अध्ययन कर आई थी। इस दल ने मध्य प्रदेश में इसे लागू करने के लिए अपनी सिफारिशों के साथ एक रिपोर्ट पेश की थी। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मल्टी डिस्पिलनरी स्टडी को लागू किया गया है, इसमें इसकी सिफारिशों का एक हिस्सा समाहित है। ढांचागत सुधार की योजना नहीं बन पाई दक्षिण कोरिया से लौटकर आए दल ने प्रमुख सचिव को प्रेजेंटेशन भी दिया था। इसमें ढांचागत सुधार, व्यावसायिक पाठ्यक्रम को शामिल करने संबंधी कई तरह के शैक्षणिक सुधारों की सिफारिशे थीं। इस रिपोर्ट का कुछ असर नहीं दिखा। ढांचागत सुधार की कोई योजना लागू ही नहीं हो पाई।

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