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देश के चर्चित कलाकार महाकुंभ में कुंभ की गाथा सुनाएंगे

प्रयागराज महाकुंभ 2025 को श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाने हेतु योगी सरकार अनेक तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करने की योजना पर काम कर रही है। एक तरफ जहां बॉलीवुड के तमाम सितारे अपनी सुरीली आवाज में यहां श्रद्धालुओं को आध्यात्म और संस्कृति के रस से सराबोर करेंगे तो वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक संध्या में महाकुंभ से जुड़ी गाथाओं, रामलीला और महाभारत की लीलाओं का भी मंचन होगा। इन प्रस्तुतियों के लिए भी देश के दिग्गज और नामचीन सितारे महाकुंभ मेला क्षेत्र में पहुंचेंगे और श्रद्धालुओं का मनोरंजन करेंगे। प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता आशुतोष राणा ‘हमारे राम’ पर अपनी प्रस्तुति देंगे तो अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी गंगा अवतरण का परिचय देंगी। महाभारत धारावाहिक के पुनीत इस्सर महाभारत की अपनी प्रस्तुति से लोगों को प्राचीन भारत में ले जाएंगे। यह सभी कार्यक्रम गंगा पंडाल में आयोजित किए जाएंगे। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा इसका आयोजन किया जाएगा। अपनी अदाकारी से लोगों को रोमांचित करने वाले मशहूर बॉलीवुड स्टार आशुतोष राणा 25 जनवरी को गंगा पंडाल में हमारे राम की प्रस्तुति देंगे। नाट्य शो में वह रावण का किरदार निभाते हैं। वहीं 26 जनवरी को बॉलीवुड की वरिष्ठ अभिनेत्री और मथुरा सांसद हेमा मालिनी गंगा अवतरण नृत्य नाटिका पर प्रस्तुति देंगी। वहीं 8 फरवरी को भोजपुरी और बॉलीवुड सिनेमा गोरखपुर के सांसद रवि किशन शिव तांडव की प्रस्तुति देंगे, जबकि 21 फरवरी को पुनीत इस्सर महाभारत शो में दिखेंगे। सांस्कृतिक संध्या में कुंभ को लेकर विशेष आयोजन की तैयारी की गई है। इसकी शुरुआत 22 जनवरी को कथक केंद्र संगीत नाटक अकादमी द्वारा कुंभ की थीम पर आधारित कथक नृत्य नाटिका से होगी। 23 जनवरी को लखनऊ की भारतेंदु नाट्य अकादमी काकोरी महागाथा प्रस्तुत करेगी। वहीं, 1 फरवरी को कोरियोग्राफर मैत्रेय पहाड़ी द्वारा कुंभ का सफरनामा शो प्रस्तुत किया जाएगा। इसी तरह 23 फरवरी को रिलायंस एंटरटेनमेंट एंड सोबो फिल्म कुम्भ गाथा प्रदर्शित करेगा। 10 जनवरी से प्रस्तावित इन कार्यक्रमों की श्रृंखला में सबसे पहले 11 जनवरी को ओडिशा का प्रिंस ग्रुप दशावतार नृत्य की अपनी प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को रोमांचित करेगा। 16 जनवरी को मथुरा का माधवा बैंड और आगरा का क्रेजी हॉपर्स, 17 जनवरी को रिकी केज, 19 जनवरी को कोलकाता की गोल्डेन गर्ल्स, 21 जनवरी को मणिपुर का बस्तर बैंड, 27 जनवरी को दिल्ली की श्रंखला डांस अकादमी, 7 फरवरी को इंडियन ओशन बैंड, 17 फरवरी को अग्नि बैंड, 19 फरवरी को मुंबई का माटी बानी बैंड, 20 फरवरी को सूफी बैंड थाई कुड़म ब्रिज और 22 फरवरी को मुंबई का कबीरा बैंड अपनी प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्र मुग्ध करेगा। गंगा पंडाल में भारत के साथ ही अन्य देशों की रामलीलाओं का भी मंचन किया जाएगा। 18 जनवरी और 14 फरवरी को आईसीसीआर के माध्यम से जहां अन्य देशों के लोकनृत्य के साथ रामलीलाओं का मंचन होगा तो वहीं, 15 और 16 फरवरी को श्रीराम भारती कला केंद्र के द्वारा रामलीला की प्रस्तुति होगी। 22 फरवरी को मध्य प्रदेश की शालिनी खरे कथक के जरिए रामायण की प्रस्तुति देंगी। 20 जनवरी को कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा जिसमें देश के जाने माने कवि हिस्सा लेंगे। 21 जनवरी को राजेश प्रसन्ना द्वारा धरोहर दुर्लभ लोक वाद्य यंत्रों की प्रस्तुतियां होंगी। 24 जनवरी को विभिन्न प्रांतों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। 18 फरवरी को प्रसिद्ध बांसुरी वादक राकेश चौरसिया बांसुरी वादन करेंगे।  

राज्य सरकार का 01 वर्ष – “जनकल्याण पर्व” के रूप में मनाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार का 01 वर्ष – “जनकल्याण पर्व” के रूप में मनाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 11 से 26 दिसंबर तक चलेगा विशेष अभियान महिला, किसान, युवाओं और गरीब कल्याण से जुड़े होंगे कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि राज्य शासन के 1 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे प्रदेश में 11 से 26 दिसंबर तक “जन कल्याण पर्व” मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत सभी जिलों में महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण सहित विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कार्यक्रमों के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई हैं। किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को, युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को, गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को और महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया को बनाया गया है। संबंधित मंत्रीगण पूरे प्रदेश में कार्यक्रम के आयोजित के संबंध में विस्तृत रूपरेखा तैयार कर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसंबर को भोपाल एवं सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा।  

दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना -राज्यपाल

व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट दिव्य शक्तियों का प्रदर्शन- राज्यपाल पटेल  खेल के दौरान दिव्यांग जन की दिव्य शक्तियों को प्रदर्शन का अवसर देना सराहनीय पहल – राज्यपाल पटेल  दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना -राज्यपाल राज्यपाल ने टूर्नामेंट का किया शुभारंभ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि दिव्य शक्तियों के दर्शन और प्रदर्शन का अवसर व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट हैं। खेल के दौरान दिव्यांग जन की दिव्य शक्तियों को प्रदर्शन का अवसर देना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग करते है। बॉलिंग करते है। फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना है।उन लोगों को जो मामूली शारीरिक मानसिक चुनौतियों से निराश हो जाते है। उन्हें नई प्रेरणा और उत्साह मिलेगा। राज्यपाल पटेल उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित अस्थिबाधित महिला एवं पुरुष व्हील चेयर डे एण्ड नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग,सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय श्रीमती सोनाली वायंगणकर पोक्षे, आयुक्त रामाराव भोसले एवं खेल प्रेमी उपस्थित थे। प्रतियोगिता का आयोजन ओल्ड कैंपियन ग्राउंड मे किया गया था। खेलते रहने वाला ही होता है विजेता राज्यपाल पटेल ने कहा कि जीवन की सच्चाई है कि निरंतर प्रयास से ही परिणाम मिलते है। हारना-जीतना उतना मायने नहीं रखता है जितना निरंतर खेलते रहना। निरंतर खेलते रहने वाले ही विजेता होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को उनके उत्साह और जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि खेल भावना से खेलते रहना ही विजेता बनने का तरीका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब वर्ष 2000 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। तभी से वे खेल और खिलाड़ियों के उन्नयन के लिए कार्य कर रहें है। देश में खेलों और खिलाड़ियों के प्रति नया वातावरण निर्मित हुआ है। इसी तरह मोदी ने दिव्यांगजन की शक्तियों को उन्नति और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए है। इसी क्रम में जनवरी माह में युवाओं का सम्मेलन हो रहा है, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से चयनित युवा शामिल होंगे। उन्होंने प्रतियोगिताओं के खिलाड़ियों और उपस्थित युवाओं आह्वान किया कि वह इन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर सम्मेलन में शामिल होने का प्रयास करें। राज्यपाल नियत अवधि से कार्यक्रम में आधे घन्टे अधिक रहे राज्यपाल पटेल अस्थिबाधित महिला एवं पुरुष व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में नियत अवधि से आधे घन्टे अधिक समय तक उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच खेले जा रहे क्रिकेट मैच में छत्तीसगढ़ की पुरूष टीम की बैटिंग के नियत 10 ओवरों में से छह ओवर तक के खेल का अवलोकन किया। खिलाड़ियों के मनोबल का उत्साह वर्धन किया। इससे पूर्व राज्यपाल पटेल ने क्रिकेट खेलकर खिलाड़ियों में जोश का संचार किया। प्रत्येक टीम के खिलाड़ियो के पास पहुंचकर उनका परिचय प्राप्त कर उन्हें उत्साहित किया। खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने दिखाया है कि जीतता वही है, जिसमें ज़िद और जज्बा होता। उन्होंने प्रतियोगिता आयोजकों को प्रतिवर्ष प्रतियोगिता में कुछ नया करने के प्रयासों की सराहना की। कहा कि सुखद है कि हर वर्ष जो नया किया जाता है वह भी किसी से कम नहीं होता है। यह बड़ी बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार ज्ञापित किया, जिन्होंने दिव्यांग-जनों के लिए संवेदनशीलता के साथ विकास और उन्नयन के कार्य किए है। साथ ही उनकी मानसिक और शारीरिक दिव्यता को उजागर किया है। उन्होंने प्रदेश के राज्यपाल पटेल के पालक भाव से अभिभूत होने की बात कही। राज्यपाल का सामाजिक सरोकारों में आगे रहने को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि सिकल सेल रोग उन्‍मूलन प्रयासों को आंदोलन का रूप राज्यपाल के प्रयासों से ही मिला है। सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजन कल्याण प्रयासों को व्यापक स्तर पर संचालित कर रही है। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांग जन के लिए विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताएं ग्वालियर में आयोजित की गई। इससे पूर्व ग्वालियर में ही दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। उन्होंने बताया कि पैरा ओलम्पिक में मेडल विजेता दिव्यांग खिलाड़ियों को भी प्रदेश सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया है। उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी की संस्थापक श्रीमती दीप्ती पटवा ने प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी दी। बताया कि प्रतियोगिता में आठ राज्यों की दस टीमें शामिल हुई है। प्रतियोगिता में 180 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ी भाग ले रहे है। कार्यक्रम में निर्मला उपाध्याय के संयोजन में दिव्यांग बच्चों ने गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन और मैच की कॉमेन्ट्री विकास ने की।  

संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में चार नए पाठ्यक्रम होंगे प्रारंभ

भोपाल भोपाल में स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क (GSP) में चार नए अत्याधुनिक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया है। कौशल विकास और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल के मार्गदर्शन में इस परियोजना को नई दिशा दी जा रही है। इन पाठ्यक्रमों में साइबर एंड नेटवर्क सिक्युरिटी एनीमेशन – मोशन ग्राफिक, गेमिग टेक्नोलॉजी और एआर एंड वीआर शामिल हैं। इन सभी पाठ्यक्रमों के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों से लिया जाएगा। उपरोक्त कोर्सेज के संचालन के लिए कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं एमएसएमई मंत्री चेतन काश्यप की उपस्थिति में अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाएँगे। तकनीकी साझेदारी के लिए आईआईटी दिल्ली और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर को नॉलेज पार्टनर के रूप में चुना गया है। आईआईटी दिल्ली तीन पाठ्यक्रमों (एनीमेशन – मोशन ग्राफिक, टेक्नोलॉजी और एआर एंड वीआर) के लिए मार्गदर्शन देगा, जबकि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, साइबर और नेटवर्क सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता प्रदान करेगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि भारत का आईटी क्षेत्र सिंगापुर की तुलना में अधिक उन्नत और विशेषज्ञता से समृद्ध है। इसके अलावा, आईआईटी रोपड़ के साथ एक समझौता किया गया है, जिसके अंतर्गत ड्रोन टेक्नोलॉजी से संबंधित अल्पकालिक पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे। इनमें डीजीसीए सर्टिफाइड ड्रोन पायलट ट्रेनिंग, ड्रोन डाटा प्रोसेसिंग के लिए जीआईएस, ड्रोन एग्रीकल्चर, और ड्रोन निर्माण जैसे कोर्स शामिल होंगे। ये पाठ्यक्रम ग्लोबल स्किल्स पार्क के छात्रों के साथ-साथ बाहरी प्रतिभागियों के लिए भी उपलब्ध होंगे। मंत्री टेटवाल ने कहा कि यह पहल न केवल ग्लोबल स्किल्स पार्क को नई ऊंचाई पर ले जाएगी, बल्कि छात्रों को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी। भारत के आईटी क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय पहचान को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।  

प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य के अनुरूप 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा की आपूर्ति नवकरणीय संसाधनों से होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेशवासियों को सस्ती व प्रदूषण मुक्त बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सौर तथा पवन ऊर्जा को प्रदेश में हर संभवन प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य के अनुरूप 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा की आपूर्ति नवकरणीय संसाधनों से होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप प्राथमिकता से लगाए जाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नवीन तथा नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेशवासियों को सस्ती और प्रदूषण मुक्त बिजली उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सौर तथा पवन ऊर्जा सहित नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के सभी स्रोतों को प्रदेश में हर संभव प्रोत्साहन प्रदान किया जाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत की आपूर्ति नवकरणीय ऊर्जा संसाधनों से करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में राज्य सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस क्षेत्र में निजी निवेशकों को भी हर संभव सहयोग दिया जाए। प्रधानमंत्री सूर्य घर तथा प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना से अधिक-से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए नगरीय निकायों, रहवासी संघों तथा कृषकों के साथ मिलकर अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में नवीन एवं नवीनकरणीय मंत्री राकेश शुक्ला, सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप , मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मनु श्रीवास्तव तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करना जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य की ऊर्जा का 41 प्रतिशत उपभोग किसानों द्वारा किया जाता है। किसान दिन के समय बिजली का उपभोग कर सकें, इस उद्देश्य से सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करना जरूरी है। उन्होंने सभी शासकीय भवनों पर मिशन मोड में सोलर रूफटॉप स्थापित करने के लिए समय- सीमा निर्धानित करते हुए समन्वित रूप से कार्य योजना लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय,स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग भवनों पर भी सोलर रूफटॉप प्राथमिकता से लगाए जाएं। इससे इन विभागों की इकाइयों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में 14 गुना वृद्धि हुई बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में पिछले बारह वर्षों में 14 गुना वृद्धि हुई है। वर्तमान में सौर ऊर्जा की प्रति उत्पादन दर प्रति यूनिट दो रुपए 50 पैसे लगभग आ रही है, जो कोयला आधारित ऊर्जा से तुलनात्मक रूप से किफायती है। सौर ऊर्जा के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुरैना, आगर, धार, अशोकनगर, शिवपुरी, सागर इत्यादि में सौर पार्क स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। आगर, शाजापुर और नीमच की नवकरणीय सौर ऊर्जा परियोजनाएं तथा ओंकारेश्वर स्थित विश्व की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सौर परियोजना तैयार हो चुकी हैं। मुरैना में हाई ब्रिड वृहद नवकरणीय ऊर्जा परियोजना भी निर्माणाधीन है। इसके प्रथम चरण में सुबह और शाम के पीक समय के दौरान प्रदेश को सुनिश्चित आपूर्ति के लिए 600 मेगावाट सोलर के साथ ही स्टोरेज की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 2027 तक पूर्ण होगी। ऊर्जा भण्डारण के लिए भी जारी है पहल बैठक में कुसुम योजना की प्रगति के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि परियोजना के वित्त पोषण के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है। साथ ही इंडो-जर्मन सोलर एनर्जी पार्टनरशीप-एनोवेटिव सोलर भी निष्पादित किया गया। प्रदेश में उज्जैन, आगर, धार, रतलाम और मंदसौर में पवन ऊर्जा पार्क विकसित करने के लिए भूमि चिन्हित की गई है। नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास में नगरीय विकास एवं आवास, जल संसाधन और मध्यप्रदेश जनरेशन कम्पनी का सहायोग लिया जा रहा है। ऊर्जा भण्डारण परियोजनाओं के लिए भी राज्य सरकार पहल कर रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से परमवीर चक्र विजेता योगेन्द्र सिंह यादव ने भेंट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आज मंत्रालय में परमवीर चक्र विजेता, कारगिल युद्ध में टाइगर हिल के हीरो योगेन्द्र सिंह यादव ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगेन्द्र सिंह यादव को अंगवस्त्रम और सांची की प्रतिमा भेंट कर अभिनंदन किया।  

कूनो नेशनल पार्क में अब पर्यटकों को हो सकेंगे दीदार, बाड़े से आजाद हुए चीते, अग्नि और वायु को जंगल में छोड़ा

श्योपुर लंबे इंतजार के बाद कूनो नेशनल पार्क के बाड़े में रखे गए चीतों में से दो चीते अग्नि और वायु को बुधवार को जंगल में छोड़ दिया गया। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर विशेषज्ञों ने जंगल में उनेक विचरण, सुरक्षा, भोजन आदि को लेकर अंतिम चर्चा के बाद यह निर्णय लिया। बाड़े में कुल 12 चीते और 12 शावक हैं, जिसमें से एक मादा शावक मुखी पौने दो साल का होने के साथ पूर्ण वयस्क हो चुकी है। इसके साथ ही जल्दी ही जंगल में और चीते छोड़े जाने की संभावना बढ़ गई है। अगले दो-तीन दिन में दो और चीते छोड़े जा सकते हैं। सिंह परियोजना के निदेशक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान के पारोंद वन क्षेत्र में चीते छोड़े गए हैं। यह क्षेत्र अहेरा पर्यटन क्षेत्र का हिस्सा है। ऐसे में पर्यटकों को सफारी के दौरान चीतों को देखने का अवसर मिल सकता है। पवन ने बार-बार लांघी कूनो की सीमाएं कूनो नेशनल पार्क में 17 सिंतबर 2022 को नामीबिया से लाए जाने के बाद पवन चीता को सबसे पहले 21 मार्च 2023 को जंगल में छोड़ा था। बार-बार कूनो की सीमा लांघकर कभी शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क तो कभी यूपी की सीमा तक जाने के बाद उसे ट्रैंकुलाइज कर वापस लाकर बाड़े में बंद करने पड़ा था। पिछले साल नौ चीतों को जंगल में छोड़ा अग्नि-वायु, गौरव-शौर्य, आशा, वीरा सहित कुल नौ चीतों को जंगल में छोड़ा जा चुका है। पिछले साल जुलाई और अगस्त में कुछ चीतों की मौत व संक्रमण के मामले सामने आने के बाद सभी चीतों को वापस बाड़े में बंद कर दिया था। बरसाती नाले में एक की डूबने से हुई थी मौत छह माह पहले पवन व वीरा चीता का जोड़ा जंगल में छोड़ा था। वीरा के मुरैना व ग्वालियर क्षेत्र तक आकर ग्रामीणों के पशुओं के शिकार करने के बाद वापस बाड़े में ले जाना पड़ा था। पवन की बरसाती नाले में डूबकर मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही सभी चीतों बाड़े में ही बंद थे। अग्नि और वायु उम्र में अधिक बड़े और मजबूत चीतों में से हैं, इसलिए पहले इन्हे छोड़ा है।

अब घर बैठे व्हाट्सएप के जरिए कर सकेंगे शिकायत, कलेक्टर ने जारी किया व्हाट्सएप नंबर

बालोद जनता की सहुलियत एवं किसी कारणों से जनदर्शन में नहीं पहुंच पाने वाले लोगों के लिए जिला ने वाट्सएप की सुविधा शुरू की है. अब लोग वाट्सएप के माध्यम से भी प्रशासन तक अपना सुझाव, शिकायत और प्रतिक्रिया भेज सकते हैं. इस नई व्यवस्था के तहत कोई भी जिले के नागरिक जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए व्हाट्सएप नंबर 9425242981 पर Hi या Hello लिखकर बातचीत की शुरूआत कर सकते हैं. बता दें कि पहली बार छत्तीसगढ़ के इस जिले में यह सुविधा शुरू की गई है. बालोद में इस नई व्यवस्था की शुरूआत से जिले के आम नागरिकों एवं आवेदकों को अपनी मांगों एवं समस्याओं के निराकरण के लिए प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली कलेक्टर जनदर्शन के अलावा कलेक्टर से मुलाकात करने के लिए संयुक्त जिला कार्यालय में आने की आवश्यकता नहीं होगी. कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल की विशेष पहल पर जिलेवासियों ने खुशी जताई है. बालोद जिला प्रशासन की इस नई व्यवस्था से लोगों के समय एवं श्रम की बचत होगी. इसके अलावा बार-बार शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाने की समस्या से निजात मिलेगी. कलेक्टर चन्द्रवाल ने मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में उपस्थित आम नागरिकों को जिला प्रशासन की इस नई व्यवस्था की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जिले के आम नागरिकों को सुविधा प्रदान करने इसकी शुरूआत की गई है. नई व्यवस्था की शुरूआत हो जाने से अब आम नागरिकों एवं आवेदकों को अपनी मांगों एवं समस्याओं के निराकरण के लिए बार-बार कलेक्टोरेट आने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इस दौरान अपर कलेक्टर अजय किशोर लकरा, ईडीएम इन्द्रजीत सेन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

MP में टेंडर लेने की शर्तें होगी कठिन, 80 प्रतिशत से कम दर भरी तो देना होगी दो गुनी परफार्मेंस सिक्योरिटी की एफडी

Conditions for taking tender in MP will be difficult, if less than 80 percent rate is paid then double the performance security FD will have to be paid. भोपाल। अव्यावहारिक दरें डालकर टेंडर प्राप्त करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए 80 प्रतिशत से कम दरें डालने वाले निविदाकर्ताओ से अंतर की दोगुनी परफार्मेंस गारंटी ली जाएगी। इसके साथ ही बैंक गारंटी के स्थान पर फिक्स्ड डिपॉजिट रिसिप्ट के माध्यम से परफार्मेंस सिक्योरिटी लिए जाने पर भी लोक निर्माण विभाग विचार कर रहा है। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने प्रशासनिक अकादमी में निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीकों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र, तेलंगाना और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भेज कर तीन अध्ययन दल से निविदा शर्तों का अध्ययन कराया गया। इन दलों से प्राप्त सुझावों को इस कार्यशाला में सम्मिलित करते हुए इन पर विस्तार से चर्चा की गई। अब इसी आधार पर निविदा शर्तों को ऐसा बनाया जाएगा कि सभी तरह के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कोई गड़बड़ी न हो। इससे निर्माण कार्यों को और अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ठेके लेने की प्रवृत्ति पर लगेगा अंकुश सिंह ने कहा कि प्रस्तावित नई निविदा नीति से क्षमता से अधिक कार्यों के ठेके लेने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए बिड कैपेसिटी संबंधी शर्तों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। निविदाकर्ता के पास बैच मिक्स प्लांट, डब्लू एम एम मिक्स प्लांट एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता संबंधी शर्त जोड़ने का सुझाव मिला है। दस्तावेज में सुधारों की गुंजाइश उल्लेखनीय है कि सभी निर्माण विभागों के लिए एक मानक निविदा दस्तावेज वर्ष 2014 में तैयार किया गया था। कालांतर में हुए तकनीकी विकास और नियमों में परिवर्तन के कारण इस दस्तावेज में अनेक सुधारों की गुंजाइश है। इस दौरान अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता एमडी एमपीआरडीसी अविनाश लावनिया,एमडी एमपीबीडीसी डॉ पंकज जैन,ईएनसी पीडब्ल्यूडी केपीएस राणा, ईएनसी (भवन) एसआर बघेल एवं ईएनसी भवन विकास निगम अनिल श्रीवास्तव सहित विभाग के अन्य सभी मुख्य अभियंता, वरिष्ठ अधिकारी एवं इंजीनियर उपस्थित रहे। क्या-क्या हो सकते हैं बदलाव दो करोड़ से अधिक लागत वाली सभी निविदाओं में प्री क्वालिफिकेशन शर्तें लागू की जाएं पूर्व में यह सीमा पांच करोड़ थी।अनुमानित लागत के 20 प्रतिशत के बराबर के तीन कार्यों के अनुभव के स्थान पर 40 प्रतिशत के तीन कार्यों को रखा जाए।निविदाकर्ता के पास उपलब्ध मानव संसाधन और उपकरणों के लिए न्यूनतम शर्तें जोड़ी जाएं।दो करोड़ से अधिक के सड़क निर्माण कार्यों के लिए निर्माण स्थल पर गुणवत्ता परीक्षण लेब की स्थापना अनिवार्य की जाए।गुणवत्ता नियंत्रण के लिए समय-समय पर किए जाने वाले परीक्षणों, डामर की गुणवत्ता आदि से संबंधित शर्तें भी जोड़ी जाए।

भारत का व्यापार प्रदर्शन पहली छमाही में मजबूत रहा, 576 अरब डॉलर हुआ: नीति आयोग

नई दिल्ली भारत का व्यापार प्रदर्शन चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मजबूत रहा है और इसमें बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह जानकारी नीति आयोग द्वारा बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का व्यापार 2024 की पहली छमाही में सालाना आधार पर 5.45 प्रतिशत बढ़कर 576 अरब डॉलर हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापारिक आयात में लगातार वृद्धि देखी गई, वित्त वर्ष 2025 (चालू वित्त वर्ष) की पहली तिमाही में निर्यात 5.95 प्रतिशत बढ़कर 110 अरब डॉलर हो गया और आयात 8.40 प्रतिशत बढ़कर 173 अरब डॉलर हो गया, जिससे व्यापार असंतुलन बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में भारतीय लोहा और इस्पात निर्यात में भारी गिरावट (33 प्रतिशत) देखी गई, जिसका मुख्य कारण कमजोर घरेलू मांग और वैश्विक बाजारों में चीन के कारण इस्पात की अधिक आपूर्ति है। वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में भारत के निर्यात में उत्तरी अमेरिका का योगदान 21 प्रतिशत था, उसके बाद यूरोपीय संघ का योगदान 18.61 प्रतिशत था। आयात मुख्य रूप से पूर्वोत्तर एशिया, पश्चिम एशिया (जीसीसी) और आसियान से हुआ, जो कुल आयात का 51 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही के दौरान एफटीए साझेदारों देशों को निर्यात में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि इन साझेदारों से आयात में 10.29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। नीति आयोग के सीईओ, बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने कहा कि प्रत्येक तिमाही में भारत की व्यापार स्थिति का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करके, यह प्रकाशन साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण का समर्थन करेगा। सुब्रह्मण्यम ने कहा, “यह पहल भारत की व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता के साथ जुड़ी हुई है, जिसका उद्देश्य विकसित भारत (भारत@2047) के लिए भारत की व्यापार क्षमता का लाभ उठाना और तेजी से बदलते वैश्विक व्यापार वातावरण में सतत विकास सुनिश्चित करना है।”

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में विकास ने पकड़ी रफ्तार , जशपुर की भी बदल रही तस्वीर

जशपुर विष्णुदेव साय के मुख्यमंत्री बनते ही विकास ने जो रफ्तार पकड़ी है वह समय के साथ और भी तेज होती जा रही है. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकासकार्यों की स्वीकृति मिलने और उसे जमीनी स्तर पर लागू करने की प्रक्रिया में तेजी आई है. प्रदेश के साथ ही जशपुर जिले में सड़क, पुल-पुलिया निर्माण, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने सहित अन्य कार्य प्रमुखता से किया जा रहा है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर शहरों को संवारने का काम में भी तेजी आई है. इसी के तहत कुनकुरी नगरीय क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए चौक-चौराहों को संवारने के साथ ही नगर के स्ट्रीट लाईट को भी बदला जा रहा है. मुख्यमंत्री साय के पहल पर कुनकुरी नगरीय इलाके में विद्युतिकरण, खिलाड़ियों को सुविधा प्रदान करने सहित अन्य कार्यों के लिए एक करोड़ 35 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है. रोशन होगा कुनकुरी शहर कुनकुरी नगरीय क्षेत्र जल्द ही रोशनी से जगमगाने वाला है. शहर में स्ट्रीट लाइट स्थापना के लिए 75 लाख रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है. इसी के तहत 16.59 लाख रूपए लागत के वार्ड क्रमांक 01 एवं 06 में टाकिज चौक से संदीप गुप्ता के घर तक बाहरी विद्युतिकरण (स्ट्रीट लाईट स्थापना) कार्य, 18.80 लाख रुपये लागत के वार्ड क्रमांक 11 में पौनी पसारी बाजार से गढ़ाकाटा तक बाहरी विद्युतिकरण (स्ट्रीट लाइट स्थापना) कार्य, 19.97 लाख रुपये लागत के वार्ड क्रमांक 04 आर्या होटल से मंगल भवन तक बाहरी विद्युतिकरण (स्ट्रीट लाइट स्थापना) कार्य और 19.69 लाख रुपये लागत के वार्ड क्रमांक 12 एवं 13 में जयस्तम्भ चौक से रेस्ट हॉउस तक बाहरी विद्युतिकरण (स्ट्रीट लाईट स्थापना) कार्य की स्वीकृति मिली है. खिलाड़ियों को मिलेगें खेल उपकरण, नालियों को भी ढका जाएगा मुख्यमंत्री के पहल पर कुनकुरी सहित जिले के युवाओं में छिपी हुई खेल प्रतिभा को निखारने के लिए स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स के निर्माण की घोषणा और बजट आबंटन जारी हो चुका है. युवाओं के सेहत के लिए 81.73 लाख की लागत से अत्याधुनिक जीम निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है. इसी परिप्रेक्ष्य में वार्ड क्रमांक 07 एवं 06 में 02 सेट खेलकूद उपकरण प्रदाय एवं स्थापना के लिए 9.98 लाख रूपए की स्वीकृति मिली है. इसी तरह वार्ड क्रमांक 01 एवं 06 में 02 सेट ओपन जिम उपकरण प्रदाय एवं स्थापना के लिए 9.99 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है. इसके अलावा शहर में 19.10 लाख रुपये की लागत से वार्ड क्रमांक 01 से 15 वार्ड तक आरसीसी एवं एमएस नाली ढक्कन स्थापना कार्य कराया जाएगा. इसके साथ ही वार्ड क्रमांक 06 में रेमते रोड में रंगमंच में अतिरिक्त कार्य के लिए 1.98 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है.

महाकाल मंदिर के पुजारी को देवेंद्र फड़नवीस ने खुद भेजा महाराष्ट्र में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण

उज्जैन महाराष्ट्र में कल शाम को 5 बजे नए मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा आज हो सकती है। इन सबके बीच भाजपा के देवेंद्र फड़नवीस का नाम मुख्यमंत्री के लिए तय माना जा रहा है। देवेंद्र फड़नवीस ने महाकाल मंदिर के पुजारी को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। महाकाल मंदिर के पुजारी आशीष शर्मा ने बताया कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने खुद उन्हें महाराष्ट्र में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा है। मुंबई आने-जाने और ठहरने का प्रबंध भी किया है। आशीष पुजारी ने बताया कि वे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आज शाम को मुंबई के लिए रवाना होंगे। वे अपने साथ महाकाल का प्रसाद, दुपट्टा और रुद्राक्ष की माला ले जाएंगे और भावी मुख्यमंत्री को भेंट करेंगे। महाकाल के परम भक्त हैं फडणवीस आशीष पुजारी ने बताया कि देवेंद्र फडणवीस महाकाल के परम भक्त हैं। पिछली बार जब वे मुख्यमंत्री बने थे, तब महाकाल मंदिर के दर्शन करने और आशीर्वाद लेने आए थे। उसके बाद में भी वे लगातार भगवान महाकाल के दर्शन करने आते रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर को शाम 5 बजे मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित किया जाएगा। मंत्रिमंडल का गठन बाद में होगा महाराष्ट्र में गुरुवार शाम को 5 बजे नए मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। अभी देवेंद्र फडणीस के साथ ही एकनाथ शिंदे और अजित पवार ही शपथ लेंगे। मंत्रिमंडल का गठन बाद में दिया जाएगा। पहले कहा गया था कि कुछ विधायक भी शपथ ले सके हैं।

IIT Indore की तकनीक फसलों और सब्जियों को लंबे समय तक ताजा और सुरक्षित रखने के लिए गेमचेंजर साबित होगी

 इंदौर आईआईटी इंदौर ने छोटे और मध्यम किसानों की फसल सुरक्षा के लिए एक अनूठी और सस्ती स्मार्ट स्टोरेज तकनीक विकसित की है, जो किसानों को महंगे कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता से मुक्त कर सकती है। यह तकनीक विशेष रूप से उन किसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जो अपनी फसल को सुरक्षित रखने के लिए बड़े और महंगे कोल्ड स्टोरेज का खर्च नहीं उठा सकते। “चलो गांव की ओर” अभियान के अंतर्गत विकसित यह स्मार्ट स्टोरेज तकनीक किसानों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो सकती है। आईआईटी इंदौर ने दावा किया है कि यह तकनीक फसलों और सब्जियों को लंबे समय तक ताजा और सुरक्षित रखने के लिए गेमचेंजर साबित होगी। इसका उपयोग छोटे किसानों द्वारा घर के एक कमरे में आसानी से किया जा सकता है। इस स्मार्ट स्टोरेज सिस्टम को 10 बाय 10 फीट के छोटे से कमरे में फिट करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे यह तकनीक कम जगह में भी प्रभावी रूप से काम कर सके। यह न केवल फसल और सब्जियों को संरक्षित रखने में मदद करेगा, बल्कि इनकी गुणवत्ता को भी लंबे समय तक बनाए रखेगा। इस तकनीक की खासियत यह है कि यह फोटोडायनामिक इनेक्टिवेशन (PDI) तकनीक पर आधारित है। इसमें 455 और 476 एनएम के प्रभावी वेवलेंथ पर फोटोसेंसिटाइजर और फ्लैश लाइट के साथ विटामिन बी-2 स्प्रे का उपयोग किया गया है। यह संयोजन खाद्य पदार्थों पर मौजूद कीटाणु और रोगाणुओं को पूरी तरह से नष्ट कर देता है, जिससे फसल और सब्जियों को किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाया जा सकता है। आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने इस तकनीक की सराहना करते हुए कहा कि यह कोल्ड स्टोरेज का एक उत्कृष्ट और किफायती विकल्प है। इस तकनीक का आविष्कार प्रोफेसर देबायन सरकार के नेतृत्व में किया गया है, जिसमें छात्र नीलाद्रि शेखर रॉय ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि किसान अपने घर के किसी एक कमरे में ही इसे स्थापित कर सकते हैं। यह स्मार्ट स्टोरेज सिस्टम बड़ी मात्रा में सब्जियों और फलों को संरक्षित रखने में सक्षम है। यह न केवल फसलों को लंबे समय तक ताजा बनाए रखता है, बल्कि साग-सब्जियों की गुणवत्ता को भी बनाए रखने में मदद करता है। इस सिस्टम में लगाए गए कैमरे की मदद से किसान स्टोरेज में रखे उत्पादों पर नजर रख सकते हैं। आईआईटी इंदौर की यह पहल विशेष रूप से देश के छोटे और गरीब किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है। अक्सर किसान अपनी फसल को महंगे कोल्ड स्टोरेज में रखने में असमर्थ होते हैं, जिसके कारण उनकी फसल खराब हो जाती है और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। यह नई तकनीक ऐसे किसानों को एक किफायती और प्रभावी समाधान प्रदान करती है। इसके उपयोग से किसान अपनी फसल को सुरक्षित रखकर बेहतर मुनाफा कमा सकेंगे। इस तकनीक की एक और बड़ी विशेषता यह है कि इसे ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यह न केवल छोटे और मध्यम किसानों के लिए मददगार है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर कृषि उत्पादन को भी बेहतर बनाएगी। आईआईटी इंदौर के इस नवाचार से न केवल किसानों का खर्च कम होगा, बल्कि उनकी आय भी बढ़ेगी।    

सतना जिले में जिले में सिंचाई की पानी की आपूर्ति के लिए चार नए बांध बनाने के लिए सर्वे प्रक्रिया का काम जल्द शुरू

सतना सतना जिले में जिले में सिंचाई की पानी की आपूर्ति के लिए चार नए बांध बनाने के लिए सर्वे प्रक्रिया का काम जल्द शुरू होने जा रहा है. नए बांध के जरिए जिले के 3 हजार हेक्टेर कृषि भूमि को सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिले में चार नए बांधों के निर्माण की रुपरेखा तैयार की जा रही है. जल संसाधन विभाग अवर सचिव के निर्देश पर जिले में चार नए बांध के निर्माण के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है. प्राथमिक तौर पर रैगांव विधानसभा क्षेत्र के बालकुंड़ चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के कंदर, नरदहा और गहबर इलाके में बांध निर्माण करने का सर्वे किया जाएगा. चार महीने के अंदर सर्वे पूरा करके पेश करना होगा रिपोर्ट जिले चार नए बांध निर्माण के लिए चार महीने के अंदर सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है. इसके बाद बांधों का डीपीआर तैयार किया जाएगा. वहीं, जल संसाधन संभाग सतना को संबंधित योजनाओं का सर्वे करवाए जाने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शिका जारी की गई है.  रैगांव विधानसभा क्षेत्र के बालकुंड में होगा बांधों का निर्माण जानकारी के मुताबिक शासन के स्वीकृत के अनुसार विधानसभा क्षेत्र चित्रकूट के अंतर्गत कंदर, नरदहा और गहबर में जबकि रैगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बालकुंड में बांधों का निर्माण किया जाएगा. इन चारों योजनाओं के निर्माण पर करीब 102 करोड़ रुपए खर्च होने और लगभग 3 हजार हेक्टेयर की सिंचाई होने का लक्ष्य प्रस्तावित है. बालकुंड से लगभग 355 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का खर्च 12.39 करोड़ रुपए होगा.कंदर बांध से 888 हेक्टेयर रकबे के लिए 27.95 करोड़, नरदहा के 1120 हेक्टेयर सिंचाई के लिए 37.10 करोड़ और गहबर से लगभग 724 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए 24.85 करोड़ खर्च आएगा. सतना में चार नए बांध निर्माण के लिए विधायकों ने की थी पहल बताया जा रहा है कि योजनाओं के प्रस्ताव शासन स्तर पर काफी समय से लंबित हैं, जिसके लिए आवश्यक मंजूरी के लिए राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और चित्रकूट क्षेत्र के लिए विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की 3 सिंचाई योजनाओं को शासन से मंजूरी दिलाए जाने की मांग रखी थी. चारों बांध के निर्माण पर आएगा करीब 102 करोड़ रुपए खर्च बालकुंड से लगभग 355 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य है, जिसकाखर्च 1 2.39 करोड़ रुपए होगा. वहीं, कंदर बांध से 888 हेक्टेयर रकबे के लिए निर्माण खर्च 27.95 करोड़, नरदहा के 1120 हेक्टेयर सिंचाई के लिए 37.10 करोड़ और गहबर से लगभग 724 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए बांध निर्माण पर  24.85 करोड़ आएगा.

CBSE स्पोर्ट्स और ओलंपियाड में भाग लेने वाले छात्रों के लिए करेगा स्पेशल परीक्षा का आयोजन, अहम नोटिस जारी

नई दिल्ली ओलंपियाड और स्पोर्ट्स कार्यक्रम में भाग लेने वाले 10वीं और 12वीं के छात्रों के केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अहम नोटिस जारी किया है। जिसमें स्पेशल एग्जाम से संबंधित जानकारी साझा की गई है। बता दें कि सीबीएसई खेल में युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कई पहल कर चुका है। ऐसे छात्रों को कई सुविधाएं भी प्रदान कर रहा है। विशेष परीक्षा का अवसर भी प्रदान कर रहा है। मार्च 2018 से सीबीएसई कक्षा 10वीं और 12वीं में पढ़ने वाले ऐसे छात्र जो राष्ट्रीय/इंटरनेशनल स्पोर्ट्स भाग लेते हैं, उन्हें बोर्ड एग्जाम के बाद भी स्पेशल परीक्षा का अवसर प्रदान करता है। ताकि छात्रों का शैक्षणिक क्षेत्र में कोई भी नुकसान ना हो। इसके अलावा यदि सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त आयोजनों के लिए यात्रा की तारीख को सहित राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की तारीखों से टकराती है, उन्हें भी एक खास अवसर दिया जाता है। वहीं वर्ष 2020 से बोर्ड ऐसी ही सुविधा इंटरनेशनल ओलंपियाड में भाग लेने वाले छात्रों को भी मिलता है। सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए सीबीएसई ने कुछ नियम और समय सीमा भी निर्धारित की है। गतिविधियों को पूरा करने की डेडलाइन (CBSE Provision For Sports Participation) स्पेशल एग्जाम के खास अवसर का लाभ उठाने के लिए छात्रों को आवेदन जमा करना होगा। स्कूल एसएआई/बीसीसीआई/एचबीएससीई द्वारा मान्यता प्राप्त कार्यक्रमों में पार्टिसिपेशन के लिए सर्टिफिकेट इश्यू करने के लिए रिक्वेस्ट भेजना होगा। इसके अलावा स्कूलों को इन सर्टिफिकेटों के लिए रिकमेंडेशन भी सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय में भेजना होगा। इन सभी कार्यों को पूरा करने के लिए बोर्ड ने 31 दिसंबर 2024 तक का समय तय दिया है। 15 जनवरी 2025 तक क्षेत्रीय कार्यालय को अप्रूवल के लिए संबंधित स्कूलों को स्कूलों से संपर्क करना होगा। बोर्ड परीक्षा के आयोजन के बाद 15 दिनों के भीतर विशेष परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। कौन उठा सकता है इस सुविधा का लाभ? (CBSE Board Exam 2025) केवल एसएआई/ बीसीसीआई द्वारा मान्यता प्राप्त स्पोर्ट्स और एचबीसीएसई द्वारा मान्यता प्राप्त ओलंपियाड के लिए है यह सुविधा लागू होती है। पूरक परीक्षाओं के लिए छात्रों को यह अवसर उपलब्ध नहीं करवाया जाता। इसके अलावा प्रैक्टिकल परीक्षा, प्रोजेक्ट और  आंतरिक मूल्यांकन के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। ट्रेनिंग और  सिलेक्शन कैंप में भाग लेने वाले छात्रों को भी यह अवसर प्रदान नहीं किया जाता। अतिरिक्त जानकारी के लिए छात्रों को सीबीएसई द्वारा जारी ऑफिशियल नोटिफिकेशन चेक करने की सलाह दी जाती है।

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