LATEST NEWS

8 दिसंबर मासिक दुर्गाष्टमी के दिन व्रत

हिन्दू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का पर्व हर महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है. माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए इस दिन कुछ महिलाएं उपवास भी रखती हैं और विधि-वाधिन से देवी दुर्गा की पूजा करती हैं. मान्यता है कि इस दिन देवी दुर्गा की पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस दिन देवी दुर्गा की पूजा करने से लोगों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. देवी दुर्गा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक हैं. इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और भक्तों को शक्ति और साहस मिलता है. पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 08 दिसंबर दिन रविवार को सुबह 09 बजकर 44 मिनट पर शुरू होगी और 09 दिसंबर दिन सोमवार को सुबह 08 बजकर 02 मिनट पर समाप्त होगी. मासिक दुर्गाष्टमी पर निशाकाल में जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा की जाती है. इसलिए 08 दिसंबर को मासिक दुर्गा अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा. मासिक दुर्गाष्टमी के दिन व्रत रखना बहुत शुभ माना जाता है. इस व्रत में उपवास के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए. इस बात का विशेष ध्यान रखना होता है, क्योंकि छोटी सी गलती के कारण आपका व्रत टूट सकता है और आपकी मनोकामना अधूरी रह जाएगी. व्रत के दौरान क्या खाएं     व्रत के दौरान आप दिन भर में विभिन्न प्रकार के फल खा सकते हैं. जैसे- सेब, संतरा, अंगूर, केला आदि.     आप उबली हुई या भाप में पकी हुई सब्जियां खा सकते हैं. जैसे- गाजर, शिमला मिर्च, बैंगन आदि.     आप दूध और दही का सेवन भी कर सकते हैं.     उपवास में बादाम, काजू, किशमिश आदि सूखे मेवे भी खाए जा सकते हैं.     आप कुट्टू के आटे से बना हुआ खिचड़ी या पूड़ी खा सकते हैं.     आप सेंवई का हलवा या खीर बनाकर खा सकते हैं. व्रत के दौरान क्या नहीं खाएं     व्रत के समय भूल से भी चावल, गेहूं आदि अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए.     दालें भी नहीं खानी चाहिए और मांस, मछली और अंडे का सेवन वर्जित है.     प्याज और लहसुन का सेवन भी नहीं करना चाहिए.     तेल और घी में बने हुए भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए.     नमक का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि नमक खाने से व्रत टूट जाता है. कैसे पूरा करें उपवास अगर महिलाएं मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत पूरा करना चाहती हैं तो सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. इसके बाद माता दुर्गा की पूजा करें और उन्हें फल, फूल और मिठाई चढ़ाएं और दिन भर उपवास रखें और केवल निर्धारित चीजें ही खाएं. इसके अलावा शाम के समय माता दुर्गा की आरती करें और फिर प्रसाद ग्रहण करें. व्रत के दौरान मन को शांत रखें और धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें. किसी की बुराई न करें और हमेशा सकारात्मक सोच रखें. व्रत के दौरान किसी गरीब या जरूरतमंद को भोजन दान अवश्य करें. इससे माता दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति आती है.  

हितग्राही महिलाओं को अब तक 6530.41 करोड़ रूपए की मदद

नारी शक्ति का हुआ सम्मान महतारी वंदन ने बढ़ाया मान महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पित विष्णु देव सरकार हितग्राही महिलाओं को अब तक 6530.41 करोड़ रूपए की मदद रायपुर छत्तीसगढ़ महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा के उद्देश्य से विष्णु देव सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना से हितग्राही महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। महिलाएं इस मदद की राशि से अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही अतिरिक्त आय उपार्जन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने लगी है। श्रीमती बिंदिया प्रजापति को जब से महतारी वंदन योजना के तहत हर महिने एक-एक हजार रूपए मिल रहे है, उनके चेहरे में खुशी की चमक देखते ही बन रही है। मरवाही विकासखण्ड के ग्राम धरहर की श्रीमती प्रजापति महतारी वंदन की राशि का उपयोग अपने ईंट व्यवसाय के कारोबार को बढ़ाने में कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर बिंदिया बाई को पहले ईंट बनाने के लिए मिट्टी, पकाने के लिए भूंसी-लकड़ी आदि के लिए उधारी लेना पड़ता था, अब उन्हें दूसरों के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता। बलौदा बाजार जिला के वनांचल ग्राम बल्दा कछार की निवासी श्रीमती ममता परंपरागत रूप से बांस शिल्प की कला कृति बनाकर जीवकोपार्जन करती है। पहले वह आर्थिक तंगी के कारण बांस शिल्प बनाने के लिए बांस नहीं खरीद पाती थी पर अब उन्हें महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह 1 हजार रूपये मिलते है, जिसका उपयोग वह बांस खरीदने में करती है। वह झेंझरी, सुपा, पर्रा, टुकनी सहित अन्य सजावटी वस्तुएं अधिक संख्या में बना पाती है, जिसे बेचकर उन्हें अच्छी खासी आमदनी मिल रही है, जिसमें बचत कर वो अपनी बेटियों को शिक्षित कर रही हैं। कोरिया जिले के ग्राम जमड़ी की निवासी श्रीमती सुनीता साहू के जीवन में महतारी वंदन योजना ने बदलाव लाया। तीन बच्चों की मां श्रीमती साहू ने योजना से मिली राशि को बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए निवेश करना शुरू कर दिया है। बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक मुख्यालय की निवासी लाभार्थी श्रीमती चंद्रमणि और उनके परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है पति-पत्नी दोनों मजदूरी कर 6 सदस्यीय परिवार का किसी तरह भरण-पोषण करते हैं। राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना अब उनके परिवार के लिए सहारा साबित हो रही है। जिससे चंद्रमणि को एक हजार रूपए तथा उसकी सास रुकनी को महतारी वंदन योजना से 500 रुपए एवं वृद्धावस्था पेंशन योजनान्तर्गत 500 रूपए मिल रही है, जो इस गरीब परिवार के लिए बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन उपयोगी साबित हो रही है। इसी तरह कई महिलाएं हैं जो मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना की बदौलत आर्थिक रूप से सशक्त बन रही है। सरकार का यह कदम उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। गौरतलब है कि उक्त योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। राज्य की लगभग 70 लाख हितग्राही महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मार्च से लेकर दिसम्बर तक हितग्राही महिलाओं को 10 मासिक किश्तों में 6530 करोड़ 41 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

इंटरव्यू देने से पहले होती है घबराहट तो इस तरह करें खुद को तैयार, बढ़ेगा कॉन्फिडेंस

किसी भी जॉब को जॉइन करने से पहले इंटरव्यू होता है। इस दौरान इंटरव्यू में वैसे तो प्रोफाइल से जुड़े कॉमन सवाल पूछे जाते हैं। इनके जरिए पता लगाया जाता है कि आप उस नौकरी के लिए सही हैं या नहीं। सवाल आपकी प्रोफाइल से जुड़े होते हैं लेकिन फिर भी इंटरव्यू सेशन से पहले कुछ को घबराहट होती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो खुद को तैयार करें, इससे कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है। पहले से प्रेक्टिस करें सवालों के जवाब देने की कोशिश पहले से करें। शीशे में देखकर खुद से सवाल करें और उनके जवाब देने की प्रेक्टिस करें। आप अपने कॉम्यूनिकेशन स्किल्स को चेर करने के लिए मॉक इंटरव्यू भी आजमा सकते हैं। कंपनी के बारे में करें रिसर्च इंटरव्यू की तैयारी करने से पहले कंपनी और उसके बिजनेस को अच्छी तरह से जानें। अगर आप कंपनी के बारे में पहले से जान लेंगे तो इससे इंटरव्यू लेने वाला मैनेजर तो खुश होगा। साथ ही जब आपको पहले से चीजों की जानकारी होगी तो घबराहट कम होगी। अपने गोल्स पर नजर रखें इंटरव्यू में हर सवाल का जवाब देने के लिए अपने फ्यूचर गोल्स के बारे में सोचें और खुद को याद दिलाएं कि आप नौकरी के लिए इंटरव्यू क्यों दे रहे हैं। ऐसा करने से आत्म विश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी। ध्यान लगाएं अगर आप इंटरव्यू से पहले चिंतित महसूस करते हैं, तो अपने दिमाग को शांत करने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए ध्यान लगाएं। अपनी सांसों पर सिर्फ 5 मिनट ध्यान केंद्रित करने से आपका कॉन्फिडेंस बूस्ट होगा। सफल होते हुए खुद को सोचें इंटरव्यू में खुद को सफल होते हुए देखने से आपके आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान को बढ़ावा मिलेगा। आप सोच सकते हैं कि आप कमरे में कैसे जाते हैं, इंटरव्यू करने वाले से हाथ मिलाते हैं और आत्मविश्वास के साथ सवालों का जवाब देते हैं। ऐसा करने घबराहट को शांत करने में मदद मिल सकती है।

BPSC परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, 13 दिसंबर को इन जिलों में होगी परीक्षा

पटना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा (BPSC 70th Exam Schedule) का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस संबंध में आयोग के सचिव सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि परीक्षा 13 दिसंबर को एक ही शिफ्ट में दोपहर 12:00 से 2:00 बजे तक राज्य के अधिकांश जिलों में बनाए गए केंद्रों पर होगी। अभ्यर्थी शुक्रवार से यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग कर डैशबोर्ड से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। एक ही शिफ्ट में होगी परीक्षा उन्होंने बताया कि यह परीक्षा एक ही पाली में आयोजित की जा रही है. पहले की तरह इस बार भी रिजल्ट तैयार किया जाएगा. कुछ असामाजिक तत्व नॉर्मलाइजेशन को लेकर अफवाह फैला रहे हैं. नॉर्मलाइजेशन से रिजल्ट तैयार नहीं होगा. परीक्षा में शामिल होने के लिए चार लाख 83 हजार अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं. वहीं, आयोग ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 6 दिसंबर को डैशबोर्ड पर डाउनलोड एडमिट कार्ड बटन पर क्लिक करने पर ई-एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं. इसे आवंटित परीक्षा केंद्र कोड के रूप में दर्ज किया जाएगा, जिसमें केंद्र कोड और जिले का नाम अंकित होगा। परीक्षा केंद्र कोड 10 दिसंबर से डैशबोर्ड पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर लाना होगा एडमिटकार्ड इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कहा गया है कि सभी अभ्यर्थी अनिवार्य रूप से परीक्षा केंद्र पर अपने साथ ई-एडमिट कार्ड की एक अतिरिक्त प्रति लेकर आएंगे। परीक्षा अवधि के दौरान पर्यवेक्षक के समक्ष इस पर हस्ताक्षर करना होगा। आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि परीक्षा से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए वे बीपीएससी की वेबसाइट के संपर्क में रहें। 11 बजे को बाद परीक्षा केंद्र पर नो एंट्री इधर, सचिव सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि परीक्षा दोपहर 12:00 बजे शुरू होगी। इससे एक घंटा पहले यानी 11:00 बजे तक अभ्यर्थियों को ई-एडमिट कार्ड आदि की जांच के बाद केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। किसी भी स्थिति में अभ्यर्थी को 11:00 बजे के बाद केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी सुबह साढ़े नौ बजे से आवंटित केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प होंगे। प्रत्येक गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक काटे जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 13 दिसंबर को होने वाली परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों के कई सेट तैयार किए गए हैं। सभी केंद्रों पर इन्हीं में से एक सेट से परीक्षा ली जाएगी। कई स्तरों पर लॉक किए जाएंगे प्रश्नपत्र परीक्षा के लिए कौन सा सेट इस्तेमाल किया जाएगा, इसका निर्णय परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले लिया जाएगा। प्रश्नपत्र वाला बॉक्स अभ्यर्थियों के सामने उनके कमरे में खोला जाएगा। प्रश्नपत्र वाले बॉक्स को रंगीन चिपकने वाली शीट से कई स्तरों पर सील किया जाएगा। रंगीन शीट को बॉक्स के चारों ओर लपेटा जाएगा। लॉक भी कई स्तरों पर सील किए जाएंगे। छेड़छाड़ की स्थिति में पहले की तरह ऐसा नहीं किया जा सकेगा।  

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री देवेंद्र फडणवीस को दी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर श्री देवेंद्र फडणवीस को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे और श्री अजीत पवार को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री द्वय श्री एकनाथ शिंदे और श्री अजीत पवार के दूरदर्शी नेतृत्व में महाराष्ट्र की विकास यात्रा अनवरत जारी रहेगी। डबल इंजन की सरकार दोगुनी ऊर्जा से महाराष्ट्र की प्रगति को नई ऊंचाई पर ले कर जाएगी।

शक्तिकांत दास बोले- हमारा काम महंगाई को काबू में रखना…, ब्‍याज दरों में नहीं हुआ बदलाव, रेपो रेट 6.50% पर बरकरार

मुंबई आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक के नतीजे आ गए हैं. सुबह 10 बजे नतीजे घोषित करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकान्‍त दास (RBI Governor Shaktikanta Das) ने बताया कि इस बार भी ब्‍याज दरों में बदलाव नहीं किया गया है. रेपो रेट फिलहाल 6.50% पर ही बरकरार रहेगा. MPC के 6 में से 4 सदस्‍य ब्‍याज दरों में बदलाव के पक्ष में नहीं. मतलब साफ है कि अभी आपके होम लोन, ऑटो लोन समेत तमाम तरह के कर्ज भी फिलहाल सस्‍ते नहीं होंगे. बता दें कि RBI ने आखिरी बार फरवरी 2023 में ब्‍याज दरों में बदलाव किया था. उस समय दरें 0.25% बढ़ाकर 6.5% की गई थीं, तब से ये जस से तस बनी हुई हैं. बता दें कि गवर्नर शक्तिकान्‍त दास के मौजूदा कार्यकाल की आखिरी एमपीसी बैठक है. उनका कार्यकाल 10 दिसंबर को समाप्त हो रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने अपने कार्यकाल का आखिरी मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करते हुए कहा कि मेजोरिटी में सदस्‍यों ने तय किया है कि रेपो रेट को अनचेंज रखा जाए. एमपीसी ने तय किया गया है कि महंगाई को टारगेट पर लाने का फोकस रहेगा. इस लिए अभी रेपो रेट में कटौती नहीं की जा रही है. Repo Rate का EMI पर असर RBI की MPC की बैठक हर दो महीने में होती है और इसमें शामिल रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास समेत छह सदस्य महंगाई समेत अन्य मुद्दों और बदलावों (Rule Changes) पर चर्चा करते हैं. यहां बता दें कि रेपो रेट का सीधा कनेक्शन बैंक लोन लेने वाले ग्राहकों से होता है. इसके कम होने से लोन की ईएमआई घट जाती है और इसमें इजाफा होने से ये बढ़ जाती है. दरअसल, रेपो रेट (Repo Rate) वह दर है जिस पर किसी देश का केंद्रीय बैंक धन की किसी भी कमी की स्थिति में वाणिज्यिक बैंकों को पैसा उधार देता है. रेपो रेट का उपयोग मौद्रिक अधिकारियों द्वारा इंफ्लेशन को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है.

उपयंत्री संदीप शुक्ला काजिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम पंचायत देवरा में दिखा विशेष योगदान

उपयंत्री संदीप शुक्ला काजिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम पंचायत देवरा में  दिखा विशेष योगदान योगदान ऐसा कि अपने कर्तव्य को दरकिनार कर दी ग्राम पंचायत को विशेष संरक्षण लगभग 1 लाख 25हजार की राशि बिना कार्य कराए ही फर्जी मस्टर रोल जारी कर निकाली जिला मुख्यालय के नजदीक ग्राम पंचायत देवरा का मामला डिंड़ौरी डिंड़ौरी जिला मुख्यालय के चाहु ओर शासन की राशि की होली खेली जा रही है।कही अधूरा कार्य दिखाकर तो कही बिना कार्य की शुरुआत ही मनमानी बिना किसी संकोच के ही मिली भगत। से लाखों रुपए की खेली जा रही होली।न उन्हें शासन प्रशासन का कोई डर नहीं आखिर किस के सह पर चल रहा है ये खेल क्यों नहीं होती ऐसे भ्रष्टाचार अधिकारियों पर कोई कार्यवाही जबकि आए दिन कही न कही की खबर समाचार पत्रों पर प्रकाशित होती ही रहती है प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दिन भर भगा दौड़ कर  सच्चाई सामने लाने का प्रयास करते है उसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी उन्हें नजरअंदाज कर उनके हौसले बुलंद कर आम जनता ओर शासन प्रशासन की आंख मूंद रहे है। वैसे तो उपयंत्री संदीप शुक्ला जी के सभी कार्य क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में एवं उनके चहेते ठेकेदारों पर विशेष कृपा दृष्टि होती है फिर चाहे उन ग्राम पंचायतों में कार्य कैसे भी कराए गए हो या उन ठेकेदारों के द्वारा निर्माण कार्य में अमानक सामग्री का उपयोग ही क्यों ना किया गया हो उपयंत्री महोदय को इन सब से कोई लेना देना ही नहीं होता है यह हम नहीं उन सभी ग्राम पंचायतों में किए गए कार्य एवं उनके चहेते ठेकेदारों के द्वारा कार्य में उपयोग की गई सामग्री को देखकर आप स्वयं ही समझ सकते हैं उपयंत्री महोदय चाहे लें तो जहां एक रो की पुलिया का निर्माण कराया जाना हो वहां तीन रो की पुलिया का निर्माण करा सकते हैं वहीं वो चाह लें तो दो रो की पुलिया का निर्माण कराकर तीन रो की पुलिया का पेमेंट कर सकते हैं जहां पानी या नला का अता पता ही ना हो वहां चेक डैम का निर्माण करवा सकते हैं रेत की जगह डस्ट से निर्माण करवा रेत का पेमेंट कर सकते हैं इस तरह से न जाने उपयंत्री महोदय संदीप शुक्ला जी के द्वारा कितने महान कार्य किए गए हैं अगर उनके हर पंचायत क्षेत्रों का निरीक्षण किया जाए तो ऐसे ना जाने कितने बड़े-बड़े खुलासे हो सकते हैं  जिसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है।ऐसा ही मामला हाल ही में ग्राम पंचायत देवरा का सामने आया है जहां लगभग 51 लाख की लागत से स्टॉप डैम काजवेकम  का निर्माण कार्य कटोरी नाल में कराया जाना है जहां अब तक एक फावड़ा भी नहीं चलाया गया है और वहां पर स्टॉप डैम काजवेकम  निर्माण के नाम पर फर्जी मस्टर रोल जारी कर लगभग 1 लाख 25हजार रुपए की राशि का आहरण कर लिया गया है अब सवाल यह उठता है कि जब उक्त नाल में सफाई कार्य के अलावा निर्माण कार्य के लिए कोई कार्य ही नहीं कराया गया है तो स्टॉप डैम काजवेकम निर्माण के नाम पर मस्टर रोल जारी कर राशि का आहरण कैसे कर लिया गया और उपयंत्री महोदय जी ने उसका मूल्यांकन कैसे कर दिया ऐसे महान है  उपयंत्री महोदय संदीप शुक्ला जी जिनके लिए कुछ भी करना असंभव नहीं है और करें भी क्यों ना क्योंकि उनके उच्च अधिकारियों का उनको भय ही नहीं है क्योंकि उनको अपने उच्च अधिकारियों से अभय दान मिला हुआ है तभी तो उनके द्वारा एक से बढ़कर एक करनामे किए जा रहे हैं, जिसकी जानकारी भी उच्च अधिकारियों को होने के बाद भी उक्त मामलों पर उन पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है, जिसका परिणाम यह होता है कि वो चाहे जो करें उनको अपने उच्च अधिकारियों का भी भय व्याप्त नहीं होता है । मस्टर रोल में दर्ज मजदूरों को खुद मालुम नहीं कार्यस्थल एवं कार्य किए जाने की ग्राम पंचायत देवरा के कटोरी नाल में स्टॉप डैम काजवेकम  निर्माण के लिए निकाले गए मस्टर रोल में दर्ज मजदूरों को भी स्टाप डैम काजवेकम  निर्माण कार्य में कार्य होने एवं उस पर कार्य करने की खुद को जानकारी नहीं है  ऐसे में वह मजदू कैसे उक्त स्थल में कार्य कर सकते हैं और उनका भुगतान भी किस आधार पर कर दिया जाता है जो अपने आप में एक बहुत बड़ा सवाल है ? लगभग 1 लाख से ऊपर की हो चुकी मजदूरी भुगतान फिर भी नहीं हुआ कुछ भी कार्य ग्राम पंचायत देवरा की कटोरी नाल में लगभग 51लाख की लागत से स्टॉप डैम काजवेकम का निर्माण कार्य कराया जाना है जहां पर एक फावड़ा भी नहीं चलाया गया है फिर भी 1लाख से ऊपर की मजदूरी का भुगतान कर दिया गया है आखिर उन मजदूरों ने कार्य कहां पर किया है और उनको भुगतान कहां का किया गया है गौर करने वाली बात है इनका कहना है कि कटोरी नाला में काम ही नहीं लगाया गया है और ना ही मैं वहां पर काम करने गया हूं मेरा नाम मस्टर रोल में कैसे लिखा है इसकी मुझे जानकारी नहीं है               रामदीन मस्टर रोल में दर्ज मजदूर ग्राम पंचायत एवं ग्राम देवरा निवासी मैं काम नहीं की हूं मुझे काम के बारे में जानकारी नहीं है कि कब वहां काम कराया गया है         राधा बाई मस्टर रोल में दर्ज मजदूर ग्राम एवं ग्राम पंचायत देवरा निवासी काम का हुआ है ये आप देख सकते हैं दो दिन जेसीबी मशीन चला है पर काम कुछ नहीं हुआ है यहां मजदूर कोई काम नहीं की है           देवारू ग्रामीण ग्राम पंचायत देवरा रक्षाबंधन पर्व पर ठाकुर देवता में पूजन के लिए जाना होता है इसलिए आधा घंटा जेसीबी मशीन चला था और दो ट्राली पत्थर वार्ड मेम्बर के द्वारा डलवाया गया था,एक दिन 10लेबर एवं दूसरे दिन 12लेबर काम की थी इसके अलावा यहां कोई कार्य हुआ ही नहीं है   श्याम सुंदर बर्मन ग्रामीण ग्राम पंचायत देवरा आपके माध्यम से जानकारी हुई है दो सदस्यीय टीम का गठन कर मामले की जांच कराई जाएगी       निखलेश कटारे सीईओ जनपद पंचायत ड़िंड़ौरी

बड़े वृक्ष पिचिंग को कर रहे खोखला बाँध को खतरा

बमीठा रनगुवां बाँध म प्र में स्थित है लेकिन उ प्र सरकार द्वारा बाँध का निर्माण करवाया था 33 %म प्र को 67 %उ प्र के अनुपात से पानी का बंटवारा है रनगुवां बाँध की पिचिंग में बड़े बड़े वृक्ष उग आए हैं इन बड़े वृक्षों की जड़ें मिट्टी में बहुत ही गहराई में पहुँचकर कर पिचिंग को खोखला कर रही हैं जिससे बाँध के टूटने का खतरा बनता जा रहा है हर वर्ष बाँध की मरम्मत एवं सफाई के लिए प्री मानसून की राशि आती है लेकिन बाँध की मरम्मत एवं सफाई कार्य कागजो में कर प्री मानसून की राशि का बंदरबांट कर दिया जाता है उत्तर प्रदेश सिचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस ओर ध्यान देकर तत्काल पिचिंग पर उगे बड़े वृक्षों की सफाई करवानी चाहिए जिससे बाँध को खतरे से बचाया जा सके.  

कांग्रेस नेता भानु चिब स्वागत में धक्कामुक्की मामले में अमित पटेल के निलंबन पर रोक

इंदौर इंदौर एयरपोर्ट पर यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु उदय चिब के सामने कार्यकर्ताओं में मारपीट के मामले में पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अमित पटेल के निलंबन पर रोक लगा दी गई है। इस मामले की गहनता से जांच कर कमेटी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर निलंबन करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बता दें की पिछले दिनों यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मितेन्द्र सिंह ने पत्र जारी कर पटेल को यूथ कांग्रेस से निलंबित किया था। कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस निलंबन से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह सहित अन्य नेता भी सहमत नहीं थे। क्योंकि किसी भी वीडियो में पटेल द्वारा मारपीट करने का कोई सबूत नहीं मिला थ। यह बात भी उठी कि इंदौर में कांग्रेस पिछड़ रही है। खासकर इंदौर विधानसभा-दो में। वहां अमित की पत्नी पार्षद हैं। ऐसे में उनके निलंबन से गलत संदेश जाएगा। पटेल खाती समाज से हैं और जीतू पटवारी से जुड़े हुए भी हैं। मितेन्द्र यादव ने बिना किसी को विश्वास में लिए, अपने स्तर पर यह फैसला लिया है। कार्रवाई पर अमित पटेल ने कहा- मैं तो उन्हें बचा रहा था मामले में इंदौर युवा कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अमित पटेल की सदस्यता सस्पेंड कर दी गई थी। अमित पटेल का कहना है, ‘जिस कांग्रेस नेता के साथ मारपीट हुई है, मैं तो खुद उन्हें बचाता हुआ वीडियो में नजर आ रहा हूं। वे देवास के नेता हैं और मेरे अच्छे दोस्त हैं। हो सकता है कि कुछ दूसरे लोगों को बचाने के लिए ये पत्र जारी किया गया हो। मैं एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और कांग्रेस में किसी पद पर नहीं हूं। मेरी पत्नी पार्षद हैं। बस मैं पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता हूं। इंदौर शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष की दावेदारी जरूर कर रहा हूं।’ इंदौर एयरपोर्ट पर हुए घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा     26 नवंबर को इंदौर एयरपोर्ट पर आए यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को शाजापुर में मशाल यात्रा में शामिल होने जाना था।     एमपी यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष मितेंद्र सिंह और पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े चिब को अपनी-अपनी कार में बैठाना चाहते थे।     चिब, वानखेड़े की कार में बैठे। वानखेड़े दिल्ली से चिब के साथ ही इंदौर आए थे।     यूथ कांग्रेस के नेताओं का कहना था कि प्रोटोकॉल के तहत चिब को अध्यक्ष मितेन्द्र दर्शन सिंह की कार में जाना था।     इसी बात पर वानखेड़े और सिंह गुट में विवाद हुआ।     एमपी यूथ कांग्रेस में सचिव विश्वजीत सिंह चौहान ने अमित पटेल के समर्थक को चांटा मार दिया था।     इसके बाद पटेल के समर्थकों ने चिब की कार के साथ चल रहे विश्वजीत चौहान के साथ मारपीट कर दी थी।

किसानों से क्रय धान के भुगतान के लिए 6728 करोड़ रूपए जारी

समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की व्यवस्था पर रखी जा रही है कड़ी निगरानी किसानों को टोकन आवेदन के लिए दोहरी सुविधा समिति में ऑपरेटर के माध्यम से भी टोकन आवेदन कर सकते हैं किसान किसानों से क्रय धान के भुगतान के लिए 6728 करोड़ रूपए जारी विशेष परिस्थिति में किसानों के बारदानों का उपयोग और प्रति बारदाना 25 रूपए का भुगतान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप राज्य में  समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए किसानों को टोकन जारी करने से लेकर बारदाना की व्यवस्था, धान का उपार्जन एवं भुगतान, केन्द्रों में खरीदे गए धान का उठाव पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसानों को धान विक्रय हेतु टोकन आवेदन करने के लिए समिति माड्यूल एवं टोकन तुंहर हाथ एप की सुविधा दी गई है। टोकन आवेदन करने में दिक्कत होने पर किसान समिति में ऑपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन कर सकते हैं। केन्द्रों में धान उपार्जन के लिए 72,194 गठान बारदाने उपलब्ध है। विशेष परिस्थिति में किसानों के बारदानों का उपयोग और 25 रूपया प्रति नग बारदाना भुगतान के लिए अपेक्स बैंक को 11 करोड़ 23 लाख रूपए भी दे दिए गए हैं।   किसानों को भुगतान के लिए अब तक 6728 करोड़ रूपए जारी गौरतलब है कि राज्य में 14 नवंबर से किसानों से समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन किया जा रहा है। 5 दिसम्बर तक 2739 उपार्जन केन्द्रों में कुल 29.22 लाख मेट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। प्रदेश में कुल पंजीकृत 27.78 लाख कृषकों में से अब तक  6 लाख 15 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य में धान का विक्रय किया है। उपार्जित धान की राशि संबंधित कृषकों के खाते में नियमित रूप से अंतरित की जा रही है। विपणन संघ द्वारा 6727 करोड़ 93 लाख रूपए अपेक्स बैंक को उपार्जित धान के समर्थन मूल्य के रूप में अंतरित की जा चुकी है। किसानों की सुविधा की दृष्टिकोण से उपार्जन केन्द्रों में अपेक्स बैंक द्वारा माइक्रो एटीएम की व्यवस्था भी की गई है। समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन की भी सुविधा उपार्जन केन्द्रों में धान विक्रय हेतु किसानों द्वारा टोकन आवेदन समिति माड्यूल एवं टोकन तुहर हाथ एप्प के माध्यम से किये जाने की सुविधा प्रदाय की गई है। कुल टोकन आवेदन का 40 प्रतिशत समिति माड्यूल एवं 60 प्रतिशत एप्प के माध्यम से आरक्षित किया गया है। जिन कृषकों को एप्प के माध्यम से टोकन आवेदन करने में कठिनाई हो रही हो, वे समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन करा सकते हैं। किसानों द्वारा आवेदन के दौरान आवश्यक प्रविष्टि करने के उपरांत आवेदन की तारीख से लेकर 15 जनवरी 2025 तक रिक्त स्लॉट में धान विक्रय हेतु दिवस का चयन किया जा सकता है। लघु एवं सीमांत कृषकों को 02 टोकन एवं दीर्घ कृषकों 03 टोकन की सुविधा प्रदाय की गई है। किसान बारदाना के लिए प्रति नग 25 रूपए भारत सरकार की नवीन बारदाना नीति अनुसार धान का उपार्जन नये एवं पुराने बारदानों में 50 अनुपात 50 में किया जाना है। प्रदेश में अनुमानित धान उपार्जन 160 लाख टन के आधार पर सभी उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था कर ली गई है। उपार्जन केन्द्रों में पुराने बारदानें के रूप में मिलर बारदाना, पीडीएस बारदाना, समिति द्वारा उपलब्ध कराये गये बारदानों का उपयोग किया जा रहा है। विशेष परिस्थिति में किसान बारदाना का भी उपयोग किया गया है, जिसका 25 रू. नग के मान से किसानों को भुगतान हेतु राशि 11 करोड़ 23 लाख रूपए अपेक्स बैंक को दी जा चुकी है। धान खरीदी केन्द्रों में 72,194 गठान बारदाना उपलब्ध  समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए कुल 4 लाख गठान नये बारदानों की आवश्यकता है, जिसके विरूद्ध 3.51 लाख नये बारदानें प्रदेश को प्राप्त हो गए है, शेष बारदानें आगामी 15 से 20 दिवसों में प्राप्त हो जायेगें। अभी तक धान उपार्जन में पीडीएस बारदाने 32392 गठान, मिलर बारदानें 23078 गठान, किसान बारदानें 10176 गठान उपयोग किये जा चुके है। उपार्जन केन्द्रों में पीडीएस बारदाने 18985 गठान, मिलर बारदानें 54209 गठान उपयोग हेतु उपलब्ध है। वर्तमान में प्रदेश के किसी भी उपार्जन केन्द्र में बारदानों की कमी नहीं है। कस्टम मिलिंग पंजीयन के लिए 865 आवेदन      खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में उपार्जित किए जा रहे धान के उठाव एवं मिलिंग का काम भी समांतर रूप से किया जा रहा है। जिन उपार्जन केन्द्रों में बफर से अधिक धान भण्डारित होने की स्थिति निर्मित हो रही है, वहाँ परिवहन आदेश जारी कर धान का परिवहन निकटतम सग्रहण केन्द्र में किया जा रहा है। अब तक 2.5 लाख टन धान का परिवहन आदेश जारी किया जा चुका है। मिलरों से पंजीयन हेतु 865 आवेदन प्राप्त हुए है। 252 राईस मिलरों द्वारा कस्टम मिलिंग हेतु पंजीयन कराया जा चुका है। मिलरों को 1296 टन का डीओ जारी किया जा चुका है।  अब तक 33,054 क्विंटल धान जब्त प्रदेश में धान के अवैध परिवहन एवं अफरा-तफरी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश में अवैध धान के 3305 प्रकरण बनाये गये है एवं 33,054 क्विंटल धान जब्त किया गया है। उपार्जन केन्द्रों में रिसाईकलिंग रोके जाने हेतु नोडल अधिकारी द्वारा भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। सीमावर्ती जिलों में 273 चेक पोस्ट की स्थापना धान के अवैध परिहन के मामलों पर कार्यवाही की जा रही है।

81 हजार से अधिक छात्रों की दक्षताओं का हुआ समग्र मूल्यांकन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर केन्द्र शासन द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जा चुका है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश भर में एक साथ राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण 2024 का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण 2024 में कक्षा तीसरी, छठवीं और नवमी की 3409 स्कूल से 81 हजार 179 विद्यार्थियों की दक्षताओं का समग्र मूल्यांकन किया गया।  इस परख सर्वेक्षण का उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ-साथ शिक्षकों, स्कूलों और पूरी शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता का आकलन करना है। यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप छात्रों की बुनियादी और मध्य स्तर की क्षमताओं का आकलन करता है। प्राप्त परिणामों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर राज्यों की शैक्षणिक गुणवत्ता की रैंकिंग की जाएगी।     छत्तीसगढ़ में किए गए सर्वेक्षण में कक्षा तीसरी के 1199 स्कूलों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें कुल 24 हजार 379 विद्यार्थी शामिल हुए। इसी प्रकार कक्षा छठवीं के 1065 स्कूल से 25 हजार 665 विद्यार्थी और कक्षा नवमी के 1145 स्कूल से 31 हजार 135 विद्यार्थी शामिल हुए। इस प्रकार कुल 3409 स्कूलों से कुल 81 हजार 179 विद्यार्थी परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में शामिल हुए।     गौरतलब है कि इस बार परख (PARAKH- प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा एवं समग्र विकास के लिए ज्ञान का विश्लेषण) नाम दिया गया। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य बच्चों के समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन का मूल्यांकन करना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों के मूल्यांकन से संबंधित मापदंड स्थापित करना है। इस बार सर्वेक्षण कक्षा तीसरी, छठवीं और नवमी के छात्रों पर केंद्रित रहा, जो उनके पिछले कक्षाओं में अर्जित दक्षताओं पर आधारित था। परीक्षा में प्रश्न ओएमआर शीट के माध्यम से बहुविकल्पीय प्रारूप में रखा गया था।

राजभवन में ’’एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ सहित 05 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया

रायपुर राजभवन में ’’एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ कार्यक्रम के तहत आज छत्तीसगढ़ सहित 05 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि सांस्कृतिक विविधता हमें समृद्ध और शक्तिशाली बनाती है।     राजभवन में राज्यपाल डेका के मुख्य आतिथ्य में भारत के राज्यों क्रमशः छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत”  कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक-दूसरे राज्यों का स्थापना दिवस मना रहे हैं। इसी कड़ी में राजभवन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें छत्तीसगढ़ में निवास करने वाले इन राज्यों के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया।     कार्यक्रम में राज्यपाल डेका ने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है। यह कार्यक्रम हमारे देश के विभिन्न राज्यों में बसे निवासियों को एक सूत्र में पिरोने का अद्भुत प्रयास है, जिससे भारत की एकता और अखंडता और अधिक मजबूत होगी।     डेका ने कहा कि हर राज्य का स्थापना दिवस उस राज्य के इतिहास में और विकास की यात्रा का महत्वपूर्ण दिन होता है। राज्य की समृद्धि और विकास का गवाह यह दिन, हमें अपने राज्य की स्थापना के मूल उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का रास्ता दिखाता है।     डेका ने सभी राज्यों की विशिष्टताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक वातावरण और भौगलिक स्थिति अदभुत है। यहां पर्यटन की बहुत संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ राज्य के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किया जायेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ के चावल की भी प्रशंसा की। आजादी की लड़ाई में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए, वहां के वीर सेनानियों को याद किया। पंजाब राज्य के लोगों की दान शीलता का जिक्र किया। पंजाब का इतिहास बलिदानों से भरा हुआ जिस पर हर देशवासी को गर्व है। पंजाब और हरियाणा राज्य ने हरित क्रांति के माध्यम से देश को एक नई ऊर्जा दी।    डेका ने कहा कि इन सभी राज्यों ने भारत के विकास में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है। चाहे वह कृषि का क्षेत्र हो, उद्योग, कला खेलकूद, शिक्षा या पर्यटन का क्षेत्र हो, सभी क्षेत्रों में, इन राज्यों का योगदान सराहनीय है। हम सब को मिलकर अपने राज्यों को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है बल्कि सांस्कृतिक समृद्धि, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे का भी ध्यान रखना है।     कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ का लोक-नृत्य सुआ, सरहुल नृत्य, गेड़ी नृत्य, नाचा, पंजाब का भांगडा, गिद्धा, हरियाणा का घूमर तथा मध्यप्रदेश की जनजातियों के राई नृत्य ने अतिथियों का मन मोह लिया।     विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पंजाब के प्रतिनिधियों ने डेका को सरोपा भेंट किया।     छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि के रूप में पद्मअनुज शर्मा, मध्यप्रदेश के आकाश दीप गुप्ता, पंजाब के प्रतिनिधि दलजीत चावला, हरियाणा के प्रतिनिधि अमित अग्रवाल को राज्यपाल ने सम्मानित किया।     कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव यशंवत कुमार, विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय, संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम एवं इन सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के छत्तीसगढ़ में निवासरत, युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

6 दिसंबर और जुमे की नमाज पर ड्रोन से निगरानी, संभल-मुरादाबाद से लेकर मेरठ-बागपत तक अलर्ट

अयोध्या/ संभल आज बाबरी विध्वंस की 32वीं बरसी है. साथ ही जुमे की नमाज भी है. संभल हिंसा के बाद जुमे की नमाज को लेकर पूरे प्रदेश को हाई अलर्ट में रखा गया है. अयोध्‍या, मथुरा-काशी के अलावा संभल और सहारनपुर में चप्‍पे-चप्‍पे पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है. संभल में जुमे की नमाज पर ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी. संभल की शाही जामा मस्जिद में दोपहर डेढ़ बजे नमाज अदा की जाएगी. पीएसी की 10 कंपनी तैनात की गई है. जामा मस्जिद के आसपास इलाके को छावनी में तब्‍दील कर दिया गया है. दो दिन पहले राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संभल हिंसा को लेकर जरूरी समीक्षा के निर्देश दिए थे. सीएम ने सख्ती से कहा था कि चाहे कोई भी दिन हो, कैसे भी हालात हों किसी तरह का बवाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने राज्य पुलिस को निर्देश दिया था कि वे बबालियों से सख्ती से निपटें. इस बीच राज्य के सभी धार्मिक और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों पर भी विशेष सतर्कता बरतने को का गया है. मुरादाबाद में संवेदनशील इलाकों पर खास नजर सीएम योगी आदित्‍यनाथ के निर्देश के बाद मुरादाबाद में भी पुलिस सभी वाहनों की चेकिंग की जा रही है. चौराहे पर पीएसी की फोर्स तैनात की गई है. मुरादाबाद में देर रात्रि भी चेकिंग चलती रही. मथुरा में डीएम ने सभी अधिकारियों को अलर्ट पर रहने को कहा है. संवेदनशील इलाके पर खासकर नजर रखने को कहा गया है; मथुरा में एक हजार अतिरिक्‍त पुलिस फोर्स बुलाई गई है. मऊ जिला प्रशासन भी सतर्क है. लोगों को घरों में और मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करने को कहा है. ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी. संभल में धर्मगुरुओं से शांति बनाए रखने की अपील संभल के एसपी कृष्‍ण कुमार विश्‍नोई ने बताया कि जुमे की नमाज और छह दिसंबर को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट है. जामा मस्जिद के पास और शहर में जगह-जगह पुलिस, पीएसी, आरएएफ व आरआरएफ तैनात कर दी है. दोनों समुदाय के जिम्मेदार लोग और धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की गई. उन्‍होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों से अपील की गई है कि वह जुमा नमाज अपने क्षेत्र की मस्जिदों में ही अदा करें. जिले में धारा 163 लागू है, इसलिए भीड़ एकत्र नहीं की जा सकती है. किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देना है. बाबर के युग की एक और मस्जिद पर विवाद संभल जिला एसपी कृष्णा कुमार बिश्नोई ने 6 दिसंबर को लेकर जिले में अलर्ट जारी किया था. असल में यहां भी बाबर युग में बनी शाही जामा मस्जिद को लेकर विवाद शुरू हो गया है, जिसको लेकर बीते दिनों जिले में हिंसा भी हुई. यही वजह है कि प्रशासन को यहां हाई-अलर्ट पर रखा गया है. इनके अलावा आज जुमा भी है और हिंसक घटनाओं के बाद से प्रत्येक जुमे के दिन इस जिले को अलर्ट पर रखा जाता है. इनके अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी सिक्योरिटी टाइट रखी जाती ैहै, ताकि किसी तरह का कोई विरोध-प्रदर्शन न हो सके. संभल में आरएएफ-पीएसी की तैनाती 6 दिसंबर की तैयारियों के बारे में एसपी ने कहा, “संभल जिला पूरी तरह से तैयार है. आरएएफ की एक कंपनी, पीएसी की 9 कंपनियां और अतिरिक्त आरआरएफ कर्मियों को तैनात किया गया है. यह सुनिश्चित करने के लिए कि दिन शांतिपूर्ण तरीके से गुजरे, पुलिस हर कोने पर तैनात रहेगी.” मथुरा में एक हजार पुलिसकर्मी तैनात उत्तर प्रदेश के मथुरा में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है. यहां शाही ईदगाह को लेकर विवाद है, जहां हिंदू संगठनों ने जलाभिषेक की अपील की है. इसके लिए यहां आसपास कहा जा रहा है कि एक हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. बाबरी मस्जिद का विध्वंस दिवस भी है और इसके लिए भी सुरक्षा टाइट की गई है. पुलिस अधिकारी पैदल गश्त कर रहे हैं और एसटीएफ से लेकर एलआईयू तक अलर्ट मोड में हैं. मथुरा शहर के एसपी अरविंद कुमार का कहना है, “हमने इलाके को 4 जोन में बांटा है. संवेदनशील जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है. ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है. जो लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी…”  

मध्य प्रदेश में स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के बीच खुदरा स्वास्थ्य बीमा में 54% बाजार हिस्सेदारी

स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने मध्य प्रदेश में 1,313 करोड़ रुपये के दावों का निपटारा कर मजबूत प्रतिबद्धता का दिया परिचय स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने पिछले 5 वर्षों में मध्य प्रदेश में 1,313 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया मध्य प्रदेश में स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के बीच खुदरा स्वास्थ्य बीमा में 54% बाजार हिस्सेदारी    राज्य में 48 कार्यालयों के साथ अपनी मौजूदगी का विस्तार किया    मध्य प्रदेश में 25 मार्च तक 13 जिलों में विस्तार और 6 ग्रामीण शाखा जोड़ने की योजना भोपाल  भारत की सबसे बड़ी स्टैंडअलोन खुदरा स्वास्थ्य बीमा कंपनी, स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने करीब 50 कार्यालयों, एक मजबूत नेटवर्क के साथ मध्य प्रदेश में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। 524 अस्पतालों का 31,200 से अधिक एजेंटों का मजबूत नेटवर्क, 8 लाख लोगों को कवर करता है और 527 कर्मचारी हैं। कंपनी ने मध्य प्रदेश में पिछले 5 वर्षों में दावों में 1,313 करोड़ रुपये का प्रभावशाली भुगतान किया है, जो इसके विविध आबादी को व्यापक और सुलभ स्वास्थ्य सेवा समाधान प्रदान करने के मिशन को दर्शाता है। कंपनी 14 जिलों में ग्रामीण बीमा केंद्र खोलने और अतिरिक्त 6 ग्रामीण केंद्रों के साथ अपनी उपस्थिति बढ़ाने, 5000 एजेंट जोड़ने और मध्य प्रदेश में 25 मार्च तक 150 बिक्री प्रबंधकों को नियुक्त करने के साथ अपनी पहुंच का विस्तार करना चाहती है। मध्य प्रदेश में स्टार हेल्थ के निरंतर फोकस पर टिप्पणी करते हुए, स्टार हेल्थ इंश्योरेंस के कार्यकारी अध्यक्ष, श्री सनथ कुमार ने कहा, “हम मध्य प्रदेश के हर कोने में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुलभ बनाने के लिए गहराई से प्रतिबद्ध हैं। पिछले कुछ वर्षों में, हमारे विस्तृत नेटवर्क, अभिनव समाधान और ग्राहक सेवा पर निरंतर ध्यान ने हमें विश्वास बनाने और अपने पॉलिसीधारकों को वास्तविक मूल्य प्रदान करने में मदद की है। हाल ही में दावों के भुगतान और होम हेल्थकेयर और टेलीमेडिसिन जैसी सेवाओं की शुरूआत सहित हमारी निरंतर वृद्धि, मध्य प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण को बेहतर बनाने के लिए हमारे समर्पण को रेखांकित करती है। हम प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना, अपनी सेवाओं की पेशकश को बढ़ाना और अपनी पहुँच का विस्तार करना जारी रखेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि स्वास्थ्य सेवा केवल एक विशेषाधिकार नहीं बल्कि सभी के लिए एक अधिकार है।” स्टार हेल्थ इंश्योरेंस की राज्य के प्रति प्रतिबद्धता वित्त वर्ष 24 में 221 करोड़ रुपये के दावों के भुगतान और पिछले 5 वर्षों में 1,313 करोड़ रुपये के दावों के निपटारे में भी परिलक्षित होती है। स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने अपनी स्थापना के बाद से 1.1 करोड़ से अधिक दावों का भुगतान किया है, जिनकी कुल राशि 53,000+ करोड़ रुपये है। कंपनी प्रतिदिन 25 करोड़ रुपये के दावों को संसाधित करती है, और हर मिनट 4 दावों को स्वीकृत करती है। मध्य प्रदेश में इनोवेटिव समाधान स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने भोपाल में अपनी होम हेल्थकेयर सेवा शुरू की है, जो वर्तमान में पूरे भारत के 64 शहरों और मध्य प्रदेश के 5 शहरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन में उपलब्ध है। यह सेवा ग्राहकों को अपने घर बैठे ही किफायती, उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच प्रदान करती है, जिससे दावों का निर्बाध निपटान सुनिश्चित होता है। स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने ब्रेल लिपि में “स्पेशल केयर गोल्ड” पॉलिसी शुरू की है, जिसे विशेष रूप से 40% या उससे अधिक विकलांगता वाले व्यक्तियों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि दृष्टिबाधित व्यक्ति स्वतंत्र रूप से अपने स्वास्थ्य बीमा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें। निःशुल्क टेलीमेडिसिन सेवा ग्राहकों को व्यक्तिगत रूप से मिलने की आवश्यकता के बिना परामर्श, सलाह और अनुवर्ती देखभाल के लिए स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों तक सुविधाजनक पहुंच प्रदान करती है। कंपनी ग्राहकों की भलाई के लिए भी प्रतिबद्ध है और पूरे मध्य प्रदेश में नियमित चिकित्सा शिविर आयोजित करती है। जैसे-जैसे स्टार हेल्थ राज्य में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है, कंपनी नवीन, समावेशी और समुदाय-केंद्रित स्वास्थ्य देखभाल समाधान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो मध्य प्रदेश में लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाएगी। •    सबसे बड़ी खुदरा स्वास्थ्य बीमा कंपनी •    स्थापना के बाद से भुगतान किए गए दावों की संख्या: 1.1 करोड़+ •    स्थापना के बाद से भुगतान की गई दावा राशि: रु.53,000 करोड़+ •    बाजार हिस्सेदारी: 33% •    शाखाओं की संख्या: 902 •    होम हेल्थ केयर: 64 शहरों/कस्बों में •    मोबाइल ऐप: 7 मिलियन+ डाउनलोड

मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार 11 दिसंबर को गीता जयंती पर पूरे प्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव मनाया जायेगा

भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार 11 दिसंबर को गीता जयंती पर पूरे प्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव मनाया जायेगा। उज्‍जैन में 8 से 12 दिसंबर तक कालिदास संस्‍कृत अकादमी परिसर में महोत्‍सव होगा। राजधानी भोपाल में 11 दिसंबर को मोतीलाल नेहरू स्‍टेडियम में मुख्‍य समारोह होगा। इंदौर के लता मंगेशकर सभागार में सांस्‍कृतिक संध्‍या होगी। जिला मुख्‍यालयों में श्रीकृष्‍ण परंपरा आधारित सांस्‍कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ जिला कारागार में श्रीमदभागवद् गीता के कर्मयोग अध्‍याय का पाठ किया जायेगा। महाराजा विक्रमादित्‍य शोधपीठ द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में ख्‍यात गीतकार श्री मनोज मुन्‍तशिर, मोटिवेशनल स्‍पीकर श्री विवेक बिन्‍द्रा, गायिका स्‍वस्ति मेहुल, साधो बैण्‍ड सहित कई वैष्‍णव परंपरा आधारित सांस्‍कृतिक नाट्य दलों द्वारा प्रस्‍तुति दी जायेगी।इसके अलावा संपूर्ण मध्‍यप्रदेश में गौ एवं गोपाल तथा श्रीमदभवद् गीता पुराण आधारित चित्र प्रदर्शनी लगायी जायेगी। विरासत और विकास से जोड़ेगी श्रीकृष्ण पाथेय योजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण भारत में नवजागरण, उत्कर्ष और राष्ट्रीय अस्मिता के उज्ज्वल प्रतीक हैं। वे योगीराज-युगपुरुष-न्याय प्रिय-जगतगुरु हैं। वे साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, गौवंश, कृषि और जल संवर्धन के प्रेरक तथा भारतीय सांस्कृतिक प्रभामंडल के सर्वमान्य प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से प्रेरणा के लिए श्रीकृष्ण पाथेय योजना आरंभ की गयी है। यह योजना भगवान श्रीकृष्ण की मथुरा से लेकर उज्जैन, अमरावती, कुरुक्षेत्र, द्वारिका क्षेत्रों की यात्राओं तथा इन यात्राओं के दौरान भगवान श्रीकृष्ण द्वारा युगपरिवर्तनकारी कार्यों की फिर से पहचान और उनकी अद्वितीय विरासत से समाज के विकास का पथ खोजना मध्‍यप्रदेश सरकार का संकल्प है। गीता भारतीय के दर्शन और चिंतन का मूल आधार उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भगवद् गीता भारतीय के दर्शन और चिंतन का मूल आधार है, जो सद्कर्म के माध्‍यम से मनुष्‍य को अपने में ही दिव्‍यता का अनुभव करा देती है। यह समस्‍त मानव समाज को स्‍व-धर्म का आत्‍म-बोध देती है, यह सच्‍चे कर्तव्‍य पथ की ओर प्रशस्‍त करती है। साथ ही विरासत से विकास की संकल्‍पना के मूल विचार में सनातन परम्‍पराएँ, मान्‍यताएँ और उसके कल्‍याणकारी सामाजिक परिणाम रहे है। इसी क्रम में गीता जयंती के अवसर पर संपूर्ण मध्‍यप्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है। 8 को मनोज मुंतशिर का गीता संवाद, 11 को विवेक देंगे मोटिवेशनल स्‍पीच शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया उज्‍जैन में 8 से 12 दिसंबर 2024 तक कालिदास संस्‍कृ‍त अकादमी परिसर में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव की सांस्‍कृतिक गतिविधियाँ होगी। इस पाँच दिवसीय महोत्‍सव के पहले दिन ख्‍यात गीतकार मनोज मुंतशिर का गीता संवाद होगा। इसके बाद सुमन साहा (कोलकाता) निर्देशित महानाट्य गुरू दक्षिणा का मंचन होगा। यह श्रीकृष्‍ण-गुरू सांदीपनि के आख्‍यान पर आधारित है। महानाट्य कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ ही होंगी गीता आधारित प्रतियोगिताएँ दूसरे दिन श्री संजीव मालवीय निर्देशित महानाट्य कृष्‍णायन की प्रस्‍तुति होगी। 10 दिसंबर को प्रात: 10 बजे गीता आधारित प्रतियोगिताएँ होगी। इसी क्रम में 11 बजे से श्रीमद्भगवद् गीता आधारित संगोष्‍ठी का आयोजन होगा जिसमें देश-विदेश के विषय विशेषज्ञ अपना वक्‍तव्‍य देंगे। सांस्‍कृतिक संध्‍या में प्रसिद्ध भजन गायिका सुश्री कलापिनी कोमकली श्रीकृष्‍ण पर केन्द्रित भजन प्रस्‍तुत करेंगी। इसके बाद श्री कुमार शर्मा एवं दल द्वारा “श्रीकृष्‍ण: अनेक नाम-अनेक धाम” नृत्‍य नाटिका को प्रस्तुति की जायेगी। 5108 आचार्य करेंगे गीता पाठ ग्यारह दिसंबर को सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों के साथ महोत्‍सव का शुभारंभ होगा। इसमें प्रवचन, 5108 आचार्यों द्वारा गीता पाठ, मोटिवेशनल स्‍पीकर श्री विवेक बिन्‍द्रा की मोटिवेशनल स्‍पीच, श्रीमद्भगवद् गीता एवं मूल्‍य आधारित शिक्षा प्रतियोगिताओं के पुरस्‍कार वितरण, सुदर्शन चक्र की संगीतमय यात्रा- श्रीकृष्‍ण गाथा नृत्‍य नाट्य की प्रस्‍तुति होगी। 12 दिसंबर को प्रातः 8.00 बजे से सम्पूर्ण गीता पाठ एवं यज्ञ किया जायेगा। भोपाल में बनेगा श्रीमद्भगवद् गीता के सस्वर पाठ का विश्व रिकार्ड श्रीमद्भगवद् गीता के कर्मयोग अध्याय का आचार्यों द्वारा विश्व रिकार्ड बनाने के लिये 11 दिसंबर को भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में सस्वर पाठ किया जायेगा। सांस्कृतिक संध्या में साधो बैण्ड एवं दल द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी। इसके अलावा पर्यटकों/शोधार्थियों के लिये प्रदेश के पर्यटन स्थलों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर श्रीमद्भगवद् गीता, वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस की एक-एक प्रतियाँ रखे जाने की पहल की जायेगी। इंदौर में होगी स्वस्ति मेहुल की सांगीतिक प्रस्तुति इंदौर के लता मंगेशकर सभागार में गायिका स्वस्ति मेहुल एवं दल, मुंबई श्रीकृष्ण आधारित गीतों को प्रस्तुत करेंगी। मध्यप्रदेश द्वारा कुरूक्षेत्र में गौ और गोपाल एवं श्रीमद्भगवत पुराण पर आधारित लगाई जायेगी प्रदर्शनी शोधपीठ के निदेशक ने बताया कि हरियाणा के कुरूक्षेत्र में गीता जयंती के अवसर पर 15 दिसंबर तक आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की ओर से गौ एवं गोपाल तथा श्रीमद्भागवत पुराण आधारित चित्र प्रदर्शनी लगायी जायेगी। साथ ही श्रीकृष्ण आधारित भजन, नृत्य, नाट्य एवं गायन आदि प्रस्तुतियाँ की जायेगी।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet