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बेंगलुरु में एक कैंडल मार्च भी लोगों ने निकाला, जिसमें अतुल सुभाष को श्रद्धांजलि दी गई और उन्हें न्याय दिलाने की उठ रही मांग

बेंगलुरु पत्नी और उसके परिवार वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर जान देने वाले इंजीनियर अतुल सुभाष को न्याय देने की मांग उठ रही है। देश भर में हलचल तेज है और मांग उठ रही है कि अब दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा को लेकर बने कानूनों में बदलाव की जरूरत है। ऐसा इसलिए ताकि किसी के भी साथ पक्षपात न हो। इस बीच गुरुवार को बेंगलुरु में एक कैंडल मार्च भी लोगों ने निकाला, जिसमें अतुल सुभाष को श्रद्धांजलि दी गई और उन्हें न्याय दिलाने की भी मांग हुई। एक एनजीओ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग ईको स्पेस सोसायटी के बाहर जुटे। इसके अलावा कई शहरों में अतुल सुभाष के लिए मार्च निकाले गए हैं। इन लोगों के हाथों में कैंडल, अतुल सुभाष की तस्वीर वाले पोस्टर थे। इसके अलावा सोसायटी के बाहर जुटे लोगों ने हम न्याय चाहते हैं के नारे भी लगाए। टेक प्रोफेशनल सुभाष ने सोमवार को आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद से ही चर्चा तेज है कि क्या देश में कानून में कुछ बदलाव की जरूरत है। सेव इंडिया फैमिली फाउंडेशन नाम के एनजीओ से जुड़े शख्स सजीत ने कहा, ‘हम अतुल सुभाष की मौत से बेहद दुखी हैं। वह फर्जी केसों और कानून के बेजा इस्तेमाल से परेशान थे। हम उनकी यादों का सम्मान करने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए हम मार्च निकाल रहे हैं।’ इस प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया को कंपनी को नौकरी से हटा देना चाहिए। इन लोगों का कहना है कि यदि किसी महिला ने अपने पति पर आरोप लगाकर आत्महत्या कर ली होती तो उसे तुरंत अरेस्ट कर लिया जाता। लेकिन इस मामले में अब तक पुलिस ने कोई ऐक्शन नहीं लिया है। इसी प्रदर्शन में आए एक शख्स नरसिंह ने तो दावा किया कि वह भी ऐसे ही एक मामले का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा भी पत्नी के साथ 2020 से मुकदमा चल रहा है और तब से मैं अपने बच्चे को देख भी नहीं पाया हूं। नरसिंह ने कहा, ‘अतुल की तरह ही मैं भी कानूनी लड़ाई में उलझा हूं। मैंने अपने बेटे को तब से दो बार ही देखा है और एक बार तो थाने में देखने को मौका मिला था। मुझसे कहा जा रहा है कि यदि फर्जी केसों से बचना है तो फिर 5 करोड़ रुपये दो। समस्या यह है कि हम लोगों को हमेशा नजरअंदाज किया जाता है। पुलिस और अदालत हमेशा महिला का ही पक्ष लेती है। हमें संघर्ष में अकेला छोड़ दिया जाता है।’ बता दें कि अतुल सुभाष ने आत्महत्या करने से पहले करीब डेढ़ घंटे का एक वीडियो शेयर किया था और वह 24 पन्नों का एक लेटर भी लिखकर गए थे।

संविधान दिवस पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमले बोले

नई दिल्ली संविधान दिवस पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमले बोले। उन्होंने कहा कि आज लोग संविधान की रक्षा की बात कर रहे हैं। लेकिन ये समझने की जरूरत है कि किसने संविधान का सम्मान किया है और किसने अपमान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में कुल 62 बार संविधान संशोधन किया गया। अब तक 62 बार संशोधन राजनाथ ने सत्ता पक्ष की तरफ से बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि आजाद भारत के इतिहास को देख लीजिए। कांग्रेस ने न केवल संविधान संशोधन किया है बल्कि दुर्भावना के साथ-साथ धीरे-धीरे संविधान को बदलने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू जब देश के पीएम थे,तो उस समय लगभग 17 बार संविधान में बदलाव किया गया। इंदिरा गांधी के समय लगभग 28 बार संविधान में बदलाव किए गए। राजीव गांधी के समय लगभग 10 बार और मनमोहन सिंह के वक्त 7 बार संविधान में बदलाव किया गया। प्रेस पर भी किया हमला राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों द्वारा किए गए अधिकांश संविधानिक संशोधन या तो विरोधियों और आलोचकों को चुप कराने के लिए किए गए या तो गलत नीतियों को लागू करने के लिए किए गए। उन्होंने कहा कि आप पहले संविधान संशोधन को ही ले लीजिए, साल 1950 में प्रेस में कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों की आलोचना हो रही थी। ऐसे में तब की कांग्रेस की सरकार ने आरएसएस के साप्ताहिक प्रकाशन ऑर्गेनाइजर और मद्रास से निकलने वाली पत्रिका क्रॉस रोड को प्रतिबंधित कर दिया था। एक पूर्व जस्टिस का राजनाथ ने किया जिक्र राजनाथ ने कहा कि आज संविधान की रक्षा की बात की जा रही है,ये समझने की जरूरत है कि किसने संविधान का सम्मान किया है और किसने अपमान किया है? उन्होंने इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एच आर खन्ना की आत्मकथा,नाइदर रोजेज नॉर थार्न किताब से एक पंक्ति उदृत किया। उन्होंने कहा कि जस्टिस खन्ना ने लिखा कि मैं अपनी छोटी बहन संतोष को कहा कि मैंने एक जजमेंट तैयार किया है जिसके कारण मैं देश का चीफ जस्टिस नहीं बन पाऊंगा।

सत्रह वर्षीय अपहृत बालिका को अनूपपुर पुलिस ने सिवनी से दस्तयाब कर परिजनो के किया सुपुर्द

अनूपपुर दिनांक 24.11.24 को थाना राजेन्द्रग्राम अंतर्गत निवासी व्यक्ति द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर में पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसकी सत्रह वर्षीय नाबालिग बालिका जो अपने घर से कम्पयूटर सीखने जाने कहकर घर से निकली थी जो घर वापस नहीं आई है। जो रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 498/24 धारा 137(2) बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया जाकर तलाश पतासाजी की गई। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान जी के निर्देशन में थाना कोतवाली अनूपपुर से सहायक उपनिरीक्षक सुरेन्द्र प्रताप सिहं, प्रधान आरक्षक महेन्द्र राठौर, महिला आरक्षक ऊषा सिहं को अपहृत नाबालिग बालिका की दस्तयाबी हेतु जिला सिवनी भेजी गई जो जिला सिवनी अंतर्गत ग्राम विजयपानी थाना कुरई से अपहृत हुई नाबालिग बालिका को दस्तयाब कर परिजनो को सुपुर्द किया है। नाबालिग बालिका के परिजनो ने अनूपपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया है।

पाकिस्तान क्रिकेट टीम में फ‍िर भूचाल, 1 घंटे बाद साउथ अफ्रीका के लिए होना था रवाना… हेड कोच ने दिया इस्तीफा

कराची पाकिस्तान क्रिकेट टीम लंबे समय से विभिन्न कारणों से सुर्खियों में रही है, और हाल ही में एक और बड़ी घटना ने इस चर्चा को और बढ़ा दिया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के साथ टीम मैनेजमेंट में उथल-पुथल जारी है, जिसमें कप्तान, कोच और सेलेक्टर्स के इस्तीफे शामिल हैं. अब, पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक और झटका सामने आया है, जब कोच जेसन गिलेस्पी (Jason Gillespie) ने पाकिस्तान की टेस्ट टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका के आगामी दौरे पर जाने से इनकार कर दिया है और रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने पीसीबी को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया है. पाकिस्तान क्रिकेट की बिगड़ती हालत इस घटना के पीछे कुछ अहम कारण सामने आए हैं. पाकिस्तान टीम की वर्तमान स्थिति वर्ल्ड क्रिकेट में बिगड़ती जा रही है, और टीम के प्रदर्शन में निरंतर गिरावट दिखाई दे रही है. साल की शुरुआत में, पाकिस्तान ने भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कोच गैरी कर्स्टन को व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में हेड कोच की जिम्मेदारी दी थी, लेकिन कुछ महीनों बाद ही उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट टीम से अपने कार्यकाल को बीच में छोड़ दिया. अब, जेसन गिलेस्पी ने भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को बड़ा झटका दिया है. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के प्वाइंट्स टेबल में पाकिस्तान की स्थिति पहले से ही नाजुक है, और टीम के लिए स्थिति को बचाने का अंतिम मौका दक्षिण अफ्रीका दौरे से जुड़ा हुआ था. लेकिन क्रिकबज की रिपोर्ट्स के अनुसार, गिलेस्पी ने पाकिस्तान टीम के साथ इस दौरे पर जाने से साफ इनकार कर दिया है. इसके अलावा, उन्होंने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया है. इस्तीफे के पीछे मुख्य वजह गिलेस्पी की कोचिंग में पाकिस्तान ने हाल ही में इंग्लैंड और बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेली थी. इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान ने 2-1 से सीरीज जीतने में सफलता हासिल की, लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ टीम को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा. गिलेस्पी के इस्तीफे के पीछे मुख्य वजह पीसीबी के कुछ फैसले हैं, जिनसे वह नाखुश थे. खासकर सहायक कोच टिम नीलसन के कॉन्ट्रैक्ट को न बढ़ाने का फैसला, गिलेस्पी के लिए निराशाजनक था, और इसी कारण उन्होंने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को एक बार फिर अपनी टीम मैनेजमेंट के मामलों को लेकर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है, क्योंकि लगातार हो रहे बदलाव टीम के प्रदर्शन पर गहरा प्रभाव डाल रहे हैं.

इंदौर में भिखारी के पास 75 हजार कैश देखकर हैरान रह गए अधिकारी, बोली- एक हफ्ते की कमाई है

इंदौर इंदौर शहर का अपना मिजाजा है, इसे मिनी मुंबई भी कहा जाता है। हाल ही में यहां से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसके बारे में जानकर हर कोई दंग है। इस शहर को भिक्षुक मुक्त करने के अभियान चलाया जा रहा है, इसी बीच एक महिला भिक्षुक का रेस्क्यू करने जब अफसर पहुंचे तो उसने अपनी साड़ी में 75 हजार से अधिक कैश छिपाकर रखे थे। पुलिस अधिकारी ने जब एक रुपये से लेकर 500 तक के नोट देखे तो वे दंग रह गए। महिला के पास नोट ही नोट निकलने लगे। अधिकारी के अनुसार, महिला ने बताया कि यह उसकी एक हफ्ते की कमाई है। दरअसल, मध्य प्रदेश के इंदौर को भिक्षुक मुक्त करने की दिशा में महिला बाल विकास विभाग बड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी के तहत 14 भिक्षुओं को पकड़ा गया है। इनमें एक महिला ने भीख मांगकर हफ्ते में 75 हजार रुपये इकट्ठा कर लिए। अधिकारी महिला के पास इतना कैश देख दंग रह गए। महिला ने यह कैश अपनी साड़ी में छिपाकर रखे थे। इस हिसाब से यह महिला महीने में 3 लाख और सालाना इनकम 36 लाख रुपये कमाती होगी। अधिकारी ने इस महिला को महिला बाल विकास विभाग ने उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजा है। उज्जैन के सेवा धाम आश्रम ले जा रहे सभी भिक्षुक कलेक्टर आशीष सिंह इंदौर शहर को भिक्षुक मुक्त करने के अभियान चला रहे हैं। महिला बाल विकास अधिकारी दिनेश मिश्रा के नेतृत्व में लगभग 14 अलग-अलग टीमें शहर के तमाम इलाकों में जाकर मंदिरों और धार्मिक स्थलों से भिक्षा वृत्ति करने वाले लोगों को पड़कर सेवा धाम आश्रम उज्जैन भेज रही हैं। अब तक टीम ने कई इलाकों से महिलाओं और बुजुर्गों को पकड़कर उज्जैन के सेवा धाम आश्रम भेज दिया है। इस दौरान अधिकारी की नजर राजवाड़ा के समीप शनि मंदिर के पास भीख मांग रही एक महिला पर पड़ी। जब उसकी जांच की गई तो उसने अपनी साड़ी में 75 हजार से अधिक कैश छिपाकर रखे थे। अधिकारी दिनेश मिश्रा ने बताया कि महिला ने एक सप्ताह में 75 हजार रुपये भिक्षा वृत्तिकर यह राशि जमा की थी महिला इंदौर के पालदा इलाके की बताई जा रही है। ऐसे कई और लोगों को भी पकड़ा गया है जो 7 से 8 बार भिक्षावृत्ति करते हुए पहले भी पकड़े गए थे, इनका पेशा की भिक्षावृत्ति है। उज्जैन के सेवा धाम आश्रम में इनकी काउंसलिंग की जाएगी और फिर इ्न्हें समाज की मुख्य धारा में लाने का काम किया जाएगा, ताकि ये सामान्य जिंदगी जी सकें।

पीएम मोदी ने रिवर क्रूज से संगम पर पहुंचकर साधु संतों से मुलाकात की, फिर किया गंगा पूजन, देंगे 5500 करोड़ की सौगात

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शुक्रवार को प्रयागराज दौरे पर हैं। पीएम मोदी यहां विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे हैं। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी संगम नगरी को 5500 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात देंगे। पीएम मोदी ने यहां महाकुंभ की सफलता के लिए कुंभ कलश का पूजन किया। पीएम मोदी ने रिवर क्रूज से संगम पर पहुंचकर साधु संतों से मुलाकात की। जिसके बाद उन्होंने गंगा पूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहे। पीएम ने मां गंगा का किया दर्शन पूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां अपने एक दिवसीय संक्षिप्त दौरे की शुरुआत मां गंगा के दर्शन पूजन के साथ की। पीएम मोदी ने मां गंगा का विधिविधान से पूजन अर्चन किया। उन्हें दूध और चुनरी अर्पित की और आरती उतार कर देश के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मां गंगा का पूजन किया। पीएम मोदी ने संगम तट पर स्थित अक्षय वट वृक्ष स्थल की भी पूजा अर्चना की और बाद में उन्होंने लेटे हुए हनुमान हनुमान मंदिर और सरस्वती कूप में दर्शन पूजन किया। प्रधानमंत्री अपने तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब सवा 12 बजे प्रयागराज पहुंचे। जहां उनका स्वागत राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया। संगम नगरी को 5500 करोड़ की सौगात प्रधानमंत्री मोदी अब से कुछ देर तक महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेंगे और संगम नगरी में 5500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उदघाटन करेंगे। वह दोपहर करीब डेढ़ बजे महाकुंभ प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण करेंगे।  प्रधानमंत्री महाकुंभ 2025 के लिए विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसमें प्रयागराज में आधारभूत सुविधाओं को बढ़ावा देने और निर्बाध संपर्क प्रदान करने के लिए 10 नए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) या फ्लाईओवर, स्थायी घाट और रिवरफ्रंट सड़कें जैसी विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाएं शामिल होंगी। पीएम इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी करेंगे उद्घाटन स्वच्छ और निर्मल गंगा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री गंगा नदी की ओर जाने वाले छोटे नालों को रोकने, टैप करने, मोड़ने और उपचारित करने की परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इससे नदी में बिना उपचार वाले जल का गंगा नदी में पहुंचना पूरी तरह से रोक पाना सुनिश्चित होगा। वे पेयजल और बिजली से संबंधित विभिन्न इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। मंदिर के प्रमुख गलियारों और चैटबॉट का करेंगे उद्घाटन प्रधानमंत्री मंदिर के प्रमुख गलियारों का उद्घाटन करेंगे। इनमें भारद्वाज आश्रम गलियारा, श्रृंगवेरपुर धाम गलियारा, अक्षयवट गलियारा, हनुमान मंदिर गलियारा आदि शामिल हैं। इन परियोजनाओं से श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी और आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री कुंभ ‘सहायक’ चैटबॉट का भी शुभारंभ करेंगे। यह चैटबॉट महाकुंभ मेला 2025 के बारे में श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और कार्यक्रमों की नवीनतम जानकारी प्रदान करेगा। सुरक्षा के हैं चाक चौबंद इंतजाम प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पीएम मोदी के आगमन को लेकर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एयरपोटर् से लेकर संगम तक का बड़ा क्षेत्रफल नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। सेना के जल, थल और नभ तीनों कोर सुरक्षा की कमान संभालेंगे। राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के साथ ही नौ हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा आरएएफ और पीएसी के जवान भी जगह-जगह मुस्तैद नजर आ रहे हैं। जरूरी स्थानों अचूक निशानेबाज (स्नाइपर) तैनात किए गये हैं। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और एंटी सबोटाज की टीम भी कार्यक्रम स्थल पर मुस्तैद है।

चारों धामों का तापमान माइनस में, पर्यटक स्थलों में मसूरी और चकराता सबसे ठंडे

शिमला  हिमाचल प्रदेश में तापमान के गिरने से कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। पूरा प्रदेश भीषण शीतलहर से जूझ रहा है। पिछले तीन दिनों से राज्य भर में अच्छी धूप निकलने से अधिकतम तापमान में सुधार आया है। लेकिन न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट आने से रातें बेहद सर्द हो गईं हैं और पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं। शुक्रवार को इस सीजन में पहली बार प्रदेश के 12 में से नौ जिलों का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया। बिलासपुर, ऊना, हमीरपुर, मंडी जैसे मैदानी जिलों का पारा माइनस में पहुंच गया है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक मैदानी इलाकों में बिलासपुर का बरठीं सबसे ठंडा स्थल रहा, जहां न्यूनतम पारा -1.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। ऊना में -0.8 डिग्री, हमीरपुर में -0.4 डिग्री और मंडी जिला के सुंदरनगर में -0.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। लाहौल-स्पीति जिला का ताबो राज्य में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान -7.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। इसी जिला के कुकुमसेरी, समधो व सियोबाग में पारा क्रमशः -7.2 डिग्री, -3.9 व -1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है। किन्नौर जिला के कल्पा में -5.2 डिग्री व रिकांगपिओ में -1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कुल्लू जिला के भुंतर में -0.5 डिग्री, बजुआरा में -0.6 डिग्री व मनाली में -0.2 डिग्री, शिमला जिला के नारकण्डा में -1.2 डिग्री, सोलन में -0.5 डिग्री और चम्बा जिला के भरमौर में -0.5 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में शिमला में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री, धर्मशाला में 3.5 डिग्री, पालमपुर में 1 डिग्री, कांगड़ा में 1.9 डिग्री, मंडी में 1.2 डिग्री, बिलासपुर में 1.1 डिग्री, चम्बा में 1.5 डिग्री, कुफ़री में 0.3 डिग्री और घोलाकुआँ में 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले 24 घण्टों के दौरान राज्य के औसतन न्यूनतम तापमान में 1.5 डिग्री की गिरावट रही वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि अगले एक सप्ताह तक राज्य में पश्चिमी विक्षोभ का कोई असर नज़र नहीं आएगा। 19 दिसम्बर तक कहीं भी बारिश-बर्फबारी नहीं होगी। इस अवधि तक दिन में धूप रहने से अधिकतम तापमान सामान्य बना रहेगा, लेकिन रात के तापमान में गिरावट आ सकती है। चारों धामों का तापमान माइनस में, पर्यटक स्थलों में मसूरी और चकराता सबसे ठंडे  उत्तराखंड में रविवार और सोमवार को जोरदार बर्फबारी हुई थी. तब तापमान काफी गिरने से कड़ाके की ठंड पड़ने लगी थी. शीत लहर चलने लगी थी. मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को अच्छी धूप निकली. इसके बाद तापमान थोड़ा संभला है. आज चार धामों में सिर्फ बदरीनाथ धाम के ही दोनों तापमान माइनस में हैं. बाकी तीन धामों के तापमान माइनस से ऊपर आ गए हैं. बदरीनाथ अभी भी सबसे सबसे ठंडा: चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम सबसे ठंडा बना हुआ है. यहां दोनों तापमान माइनस में चल रहे हैं. बदरीनाथ धाम का अधिकतम तापमान -3° सेल्सियस है तो न्यूनतम तापमान भी -13° है. इस कारण यहां कड़ाके की ठंड है. धाम के आसपास के झरने और झीलें जम गई हैं. केदारनाथ में ऐसा है तापमान: भगवान शिव के केदारनाथ धाम में तीन दिन अच्छी धूप निकलने से अधिकतम तापमान थोड़ा सुधरा है और माइनस से बाहर निकल आया है. केदारनाथ धाम का अधिकतम तापमान 1° सेल्सियस है तो न्यूनतम तापमान -11° सेल्सियस है. सुबह-शाम कड़ाके की ठंड है. दिन में मौसम ठीक है. गंगोत्री धाम में अधिकतम तापमान माइनस से बाहर आया: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री धाम में न्यूनतम तापमान तो माइनस में है, लेकिन अधिकतम तापमान अब माइनस से बाहर आ गया है. गंगोत्री धाम का अधिकतम तापमान 4° सेल्सियस है तो न्यूनतम तापमान -8° सेल्सियस है. यानी बर्फ जमने से भी 8° सेल्सियस नीचे. यमुनोत्री का तापमान: उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री धाम का अधिकतम तापमान फ्रीजिंग प्वाइंट पर है. आज यमुनोत्री का अधिकतम तापमान 0° सेल्सियस है तो न्यूनतम तापमान -9° सेल्सियस है. दो दिन पहले यमुनोत्री के दोनों तापमान माइनस में चल रहे थे. पिछले तीन दिन की कड़ी धूप ने तापमान में इतना बदलाव ला दिया है. ये है पर्यटन स्थलों का तापमान: उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों में विंटर टूरिज्म के लिए शानदार मौसम है. पहाड़ों की रानी मसूरी में इस समय अधिकतम तापमान 10° सेल्सियस और न्यूनतम तापमान -2° सेल्सियस चल रहा है. सोमवार को मसूरी में भी बर्फबारी हुई थी. इससे यहां पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी. तीन दिन धूप पड़ी तो अधिकतम तापमान थोड़ा चढ़ गया लेकिन न्यूनतम तापमान अभी माइनस में ही है. नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल में घूमने के लिए बहुत बढ़िया मौसम है. यहां भी बर्फ पड़ चुकी है. नैनीताल का अधिकतम तापमान 15° सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 2° सेल्सियस है. ऐसे में फिर कभी भी सरोवर नगरी में बर्फ पड़ सकती है. रानीखेत: अल्मोड़ा जिले के रानीखेत का तापमान मिलाजुला है. दिन में धूप पड़ रही है तो रानीखेत का अधिकतम तापमान 14° डिग्री है. सुबह-शाम और रात में कड़ाके की ठंड के कारण न्यूनतम तापमान फ्रीजिंग प्वाइंट से भी नीचे -2° सेल्सियस हो रहा है. नैनीताल जिले के पर्यटक स्थल मुक्तेश्वर में सर्दियों के पर्यटन का आनंद लेने लायक मौसम है. मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान 12° सेल्सियस है तो न्यूनतम तापमान -1° सेल्सियस है. कौसानी: बागेश्वर जिले के पर्यटक स्थल कौसानी का अधिकतम तापमान 17° सेल्सियस है. यहां कभी भी बर्फ पड़ सकती है. क्योंकि यहां का न्यूनतम तापमान फ्रीजिंग प्वाइंट के करीब 1° सेल्सियस है. रुद्रप्रयाग जिले के बेहतरीन पर्यटन स्थल चोपता बर्फबारी के बाद निखर गया है. गुलाबी ठंड के साथ मौसम भी सुहावना है. चोपता का अधिकतम तापमान 17° सेल्सियस है तो न्यूनतम तापमान 4° सेल्सियस है. चकराता: देहरादून जिले के जौनसार बावर इलाके में स्थित चकराता में बर्फबारी के बाद से ठंड बनी हुई है. चकराता का अधिकतम तापमान 12° सेल्सियस है तो न्यूनतम तापमान -2° सेल्सियस है. अगर आप मैदानी इलाकों के प्रदूषण से परेशान हैं, काम के बोझ से थक गए हैं तो उत्तराखंड के ये पर्यटन स्थल आपको रिफ्रेश कर देंगे. तो फिर उठाइए बैग और उसमें सर्दियों वाले कपड़े डालकर पहुंच जाइए उत्तराखंड.

इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया गाबा टेस्ट में भारतीय प्लेइंग XI में हो सकते हैं ये 2 बदलाव

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया 5 मैच की बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज का तीसरा मुकाबला ब्रिस्बेन में खेला जाना है। एडिलेड टेस्ट हारकर यह सीरीज 1-1 की बराबरी पर खड़ी है। दोनों टीमों की नजरें गाबा टेस्ट को जीतकर सीरीज में बढ़त हासिल करने पर होगी। ऑस्ट्रेलिया ने तो तीसरे टेस्ट के लिए अपनी प्लेइंग XI का ऐलान कर दिया है। मेजबान टीम में एकमात्र बदलाव जोश हेजलवुड के रूप में हुआ है जो स्कॉट बोलैंड की जगह आए हैं। अब भारतीय फैंस की नजरें टीम इंडिया की प्लेइंग XI पर है। केएल राहुल ने पर्थ टेस्ट में रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में शानदार प्रदर्शन किया था, जिस वजह से भारतीय कप्तान ने एडिलेड टेस्ट में वापसी करते हुए अपने ओपनिंग स्पॉट का तयाग किया था। हालांकि वह नंबर-6 पर कुछ कमाल नहीं कर पाए और दोनों पारियों में मिलाकर मात्र 9 रन ही जोड़ पाए। ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि हिटमैन गाबा टेस्ट में अपने नियमित ओपनिंग पोजिशन पर ही खेलते दिखाएंगे। वहीं पिछले कुछ समय से भारतीय टीम में बतौर फ्लोटर (जरूरत पड़ने पर किसी भी स्थान पर खेलने वाला) खेल रहे केएल राहुल मिडिल ऑर्डर में बैटिंग करते हुए नजर आ सकते हैं। केएल राहुल के मिडिल ऑर्डर में बैटिंग करने से टीम को अधिक फायदा हो सकता है। राहुल ना सिर्फ विकेट पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को तंग कर सकते हैं, साथ ही टेल को एक्सपोज होने से बचा सकते हैं। इसके अलावा गाबा टेस्ट में भारत अपनी बैटिंग यूनिट को मजबूत करने के लिए रविंद्र जडेजा को मौका दे सकता है। पहले टेस्ट में वॉशिंगटन सुंदर और दूसरे में आर अश्विन को प्लेइंग XI में जगह मिली थी, मगर दोनों ही स्पिनर कुछ कमाल नहीं दिखा पाए थे। जडेजा एक छोर से लगातार गेंदबाजी कर दूसरे छोर से कप्तान को अपने बोलर्स रोटेट करने का भी बेहतर विकल्प देते हैं। वहीं बॉलिंग यूनिट में भी चेंजिस देखने को मिल सकते हैं। हर्षित राणा के लिए एडिलेड टेस्ट निराशाजनक रहा था। ऐसे में रोहित शर्मा आकाशदीप को मौका देकर अपनी पेस बैटरी को और मजबूत करना चाहेंगे। गाबा टेस्ट के लिए भारत की संभावित प्लेइंग XI- रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, केएल राहुल, रविंद्र जडेजा, नीतीश रेड्डी, हर्षित राणा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज

ये जनरेशन यह नहीं सोचती कि कौन गेंदबाजी कर रहा है, बल्कि सिर्फ गेंद को देखती है, गाबा टेस्ट से पहले गिल ने चेताया

गाबा ये जनरेशन यह नहीं सोचती कि कौन गेंदबाजी कर रहा है, बल्कि सिर्फ गेंद को देखती है…टीम इंडिया के उभरते सितारे शुभमन गिल ने गाबा टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को चेताते हुए ये बात कही। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शनिवार, 14 दिसंबर से बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का तीसरा मुकाबला ब्रिस्बेन में खेला जाना है। मैच से पहले शुभमन गिल प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए तो उन्होंने बताया कि 2021 में गाबा में जीत दर्ज करने के बाद जब वह और साथी खिलाड़ी दोबारा इस मैदान पर उतरे तो पुरानी यादें ताजा हो गईं। गाबा की विकेट के बारे में गिल ने कहा कि खिलाड़ियों को एक बार खेलने के बाद पता चल जाएगा कि विकेट कैसा है, उन्होंने साथ यह भी कहा कि देखने में विकेट काफी अच्छा लग रहा है। टीम इंडिया को एडिलेड में खेले गए डे-नाइट टेस्ट में 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद यह सीरीज 1-1 की बराबरी पर खड़ी है। गुलाबी गेंद के बारे में पूछे जाने पर गिल ने कहा, “गुलाबी गेंद अलग होती है। यह थोड़ी कठिन होती है। हम लाल गेंदों के ज्यादा आदी हैं। रात में खेलने से इसकी स्पीड, सीम और हाथ की स्थिति का अंदाजा लगाना थोड़ा मुश्किल होता है।” मानसिक फिटनेस पर जोर देते हुए गिल ने कहा, “मुझे लगता है कि जिस तेजी के साथ यहां खेल खेले जाते हैं, वही इसे चुनौतीपूर्ण बनाता है। यहां मानसिक और फिटनेस की जरूरत है। परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन मुझे लगता है कि दूसरी नई गेंद तक 35 ओवर बल्लेबाजी करना आसान हो जाता है।” गाबा में अहम टेस्ट खेलने के बारे में गिल ने कहा, “अगर आप नहीं जीते हैं तो आपको डर लगेगा। हम पिछली बार जीते हैं और भारत में भी। यह पीढ़ी यह नहीं सोचती कि कौन गेंदबाजी कर रहा है और सिर्फ गेंद को देखती है।”

कांग्रेस नेता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, कुछ दिनों पहले दर्ज हुई थी धोखाधड़ी की FIR

ग्वालियर ग्वालियर में कांग्रेस के कार्यकारी शहर अध्यक्ष अमर सिंह माहौर ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना के वक्त वे घर में अकेले थे। दामाद केशव दुकान गए थे और बेटी कीर्ति यूनिवर्सिटी। बेटी जब घर लौटी, तो कमरा अंदर से बंद मिला। उसने अपने पति और अन्य रिश्तेदारों को फोन किया। सभी के आने पर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर देखा गया कि अमर सिंह का शव फांसी पर लटका हुआ था। दामाद ने बताया कि अमर सिंह जमीन के नामांकन संबंधी फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में दर्ज केस से परेशान थे। वे ज्यादातर समय घर पर ही रहते थे और फोन भी अक्सर बंद रखते थे। बताया गया कि पान पत्ते की गोठ निवासी अमर सिंह पेशे से एडवोकेट थे। उनका कोई बेटा नहीं है। माधौगंज थाना प्रभारी प्रशांत शर्मा ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवार के लोग फिलहाल बयान देने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया। जमीन के फर्जी दस्तावेज बनवाने के लगे थे आरोप पुलिस ने बताया कि 26 नवंबर को अदालत के आदेश पर पद्मपुर खेरिया निवासी धारा सिंह की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में अमर सिंह के साथ प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह चौहान को आरोपी बनाया गया था। बताया गया है कि संदीप ने करीब 12 बीघा जमीन के नामांकन दस्तावेज नोटरी अमर सिंह के माध्यम से तैयार कराए थे। धारा सिंह का आरोप था कि दस्तावेज फर्जी थे। इस मामले में अमर सिंह को हाईकोर्ट से एक लाख रुपए की सशर्त अग्रिम जमानत मिली थी। छात्र जीवन से राजनीति से जुड़े अमर सिंह 1976-78 में माधव महाविद्यालय छात्र संघ में पदाधिकारी बने। इसके बाद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन से जुड़कर छात्र राजनीति की। फिर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्यता ली। 1984 में माधवराव सिंधिया की मुरार में प्रचार सभा के दौरान उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली। वे संगठन में लगातार सक्रिय रहे। ग्वालियर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने बीड़ी श्रमिकों के लिए 1 रुपए की किश्त पर 18 आवासों का आवंटन कराया था, जिससे वे चर्चा में आए थे।

हमारा यह पहला साल आप सभी की सहभागिता और विश्वास के साथ विकास के लिए समर्पित रहा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्य की जनता के नाम अपने संदेश में कहा है कि 13 दिसम्बर को हमारी सरकार का पहला साल पूरा हो रहा है। हमारा यह पहला साल आप सभी की सहभागिता और विश्वास के साथ विकास के लिए समर्पित रहा। बीते 12 महीनों में छत्तीसगढ़ प्रदेश ने विकास के नये आयाम स्थापित किए हैं। विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के अपने संकल्प को पूरा करने की दिशा में हम सफलता के साथ लगातार आगे बढ़े हैं। इस दौरान हमने प्रदेश के सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम किया और उपलब्धियां हासिल की, हमारी प्राथमिकता में वे लोग रहे जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने हमें अंत्योदय का संदेश दिया है। इसी के अनुरूप हमने प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास को पहुंचाने के लिए लगातार काम किया है। हमने राज्य के जनजातीय समाज के गौरव को फिर से ऊंचाई पर स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। उनकी आय और रोजगार में वृद्धि के लिए अनेक कदम उठाए गए। तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए मानक बोरा कर दी गई, जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई उद्योग नीति में पर्यटन को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी नई उद्योग नीति से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में भी विकास की नई संभावनाओं का सृजन हुआ है। यह नीति प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। हमने इस नीति को रोजगार परक बनाया है। हमने किसानों से किया गया वादा पूरा करते हुए 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की। प्रदेश की माताओं-बहनों से किए गए वादे को पूरा करते हुए महतारी वंदन योजना शुरू की गई। इसका लाभ 70 लाख माताओं-बहनों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा करने के लिए सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया। इस निर्णय पर तेजी से अमल करते हुए आवासों के निर्माण के लिए बड़ी राशि भी जारी की गई। इस तरह हमने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को एक साल के भीतर ही पूरा कर दिया है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी एक बड़ी कामयाबी यह भी है कि हम बस्तर के अंदरूनी गांव तक लोकतंत्र और विकास की किरणों को पहुंचाने में सफल हुए। नक्सलवाद के पूरी तरह खात्में के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ें हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है। उन्होंने कहा कि हमने वादा किया था कि हम राज्य में सुशासन स्थापित करेंगे। इसके लिए तकनीक का प्रयोग करते हुए शासन-प्रशासन को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में हमें अच्छी कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपने को हम लगातार साकार कर रहे हैं। पुराणों में जिसे राम-राज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने वादे के मुताबिक हमने सीजीपीएससी परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाया है। पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं हुई और उनके परिणाम घोषित हुए। इससे राज्य की प्रतिभाओं का विश्वास सीजी पीएससी पर लौट आया है। सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास और सबका प्रयास की नीति पर चलते हुए हम आने वाले दिनों में भी विकास के नये सोपान तय करेंगे। आप सभी को इन उपलब्धियों की बहुत-बहुत बधाई।

शीतलहर : अस्पतालों को सतर्क रहने और समय पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए

भोपाल आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी ने शीतलहर से होने वाले दुष्प्रभावों और उससे बचाव के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दिसम्बर और जनवरी माह में शीतलहर के दौरान सर्द हवाओं से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव के दृष्टिगत सावधानियों और तैयारियों के वृहद निर्देश आदेश में शामिल हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा “नेशनल गाइडलाइंस फॉर प्रिपरेशन ऑफ एक्शन प्लान – प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट ऑफ कोल्ड वेव एंड फ्रॉस्ट” जारी की गई है, जिससे शीतलहर से बचाव और प्रबंधन के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा सकें। इन दिशा-निर्देशों के तहत सभी संबंधित विभागों और अस्पतालों को सतर्क रहने और समय पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में शीतलहर से बचाव हेतु व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जिला और विकासखंड स्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश आयुक्त स्वास्थ्य ने दिये हैं। साथ ही शीतघात और हाइपोथर्मिया से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं की त्वरित पहचान और प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था सभी अस्पतालों में करने के लिये कहा गया है। सुरक्षात्मक उपाय एवं सावधानियाँ स्थानीय स्तर पर संचार माध्यमों से मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के प्रति जागरूक रहने की नागरिकों को सलाह दी गयी है। मौसम के पूर्वानुमानों का पालन करें। शीतलहर के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और घर के अंदर ही रहें। ठंड में लंबे समय तक बाहर न रहें। ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनकर सिर, गर्दन, हाथ और पैरों को ढककर रखें। विटामिन सी युक्त फल और सब्जियां खाएं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें। आस-पड़ोस में रहने वाले वृद्धजनों और बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नाक बहना, नाक बंद होना, फ्लू और नाक से खून आने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। बंद कमरों में अंगीठी/कोयले का उपयोग न करें कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता का खतरा बंद कमरों में अंगीठी या फायर पॉट का उपयोग करने से होता है, जिससे जान का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बंद कमरों में अंगीठी फायर पॉट का प्रयोग न करें। फ्रॉस्टबाइट के दौरान त्वचा सफेद या फीकी पड़ सकती है। कपकपी, मांसपेशियों में अकड़न, बोलने में कठिनाई, अधिक नींद आना, सांस लेने में कठिनाई और बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और इसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हाइपोथर्मिया से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत गर्म कपड़े पहनाएं और उसे गर्म स्थान पर रखें। कंबल, तौलिया या चादर से शरीर को ढकें। गर्म पेय पदार्थ देकर शरीर के तापमान को बढ़ाएं। लक्षणों के बढ़ने पर तुरंत चिकित्सीय सहायता लें। शराब का सेवन न करें, क्योंकि यह शरीर के तापमान को घटाता है और रक्त धमनियों में संकुचन करता है। फ्रॉस्टबाइट प्रभावित अंगों को रगड़ने से बचें, इससे और अधिक नुकसान हो सकता है। बेहोश व्यक्ति को तरल पदार्थ न पिलाएं।  

हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने के लिए कर रही है कार्य : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर हमारी सरकार के कार्यकाल को 13 दिसम्बर को एक वर्ष पूरे हो जायेंगे। इस अवसर को हम जनादेश परब के रूप में मना रहे हैं। हमने ’’मोदी की गारंटी’’ पर काम करते हुए शपथ लेने के दूसरे ही दिन मंत्रिमंडल में निर्णय लिया और प्रधानमंत्री आवास निर्माण की स्वीकृति दी। हमने आवास से वंचित हमारे प्रदेश के 18 लाख परिवारों को आवास देने के लिए निर्णय लिया। आज भी आवास के हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया गया है। पीएम आवास के हितग्राहियों के पक्के मकान बन रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कोरबा के सीएसईबी पूर्व फुटबॉल मैदान में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।   मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज ऊर्जाधानी कोरबा में 625 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया गया है। यह एक बड़ी राशि हैै और इस राशि से जिले के विकास का और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिले को डीएमएफ से बड़ी राशि प्राप्त होती है और इस राशि से जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के साथ अधोसंरचनात्मक विकास में खर्च किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से विवाह के बंधन में बंधने वाले 102 नव दांपत्य जोड़ों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रहे हैं। 13 लाख से अधिक किसानों के दो साल का बकाया धान बोनस राशि 3716 करोड़ का भुगतान भी किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन की दिशा में काम कर रही है और इसके लिए हम वचनबद्ध है। सरकार बनने के बाद पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच जारी है। जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा। हमने प्रदेश में सुशासन देने का काम किया है।     उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदिवासी समुदाय के लोगों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका में सुधार करने के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा है, इस योजना में छत्तीसगढ़ के 6 हजार 500 गांव भी शामिल है और इस क्षेत्र के परिवारों को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में लागू नई उद्योग नीति के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि इस नीति से प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति युवाओं, अग्निवीर  सहित अन्य युवाओं को लाभ मिलेगा। सिंगल विण्डो सिस्टम से एक जगह से आवेदन करने की सुविधा होगी।     उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है कि इतनी बड़ी 625 करोड़ रूपये की राशि से अधिक की राशि का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है।     उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं की खाते में एक हजार प्रतिमाह डाले जा रहे हैं। 31 सौ रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। उन्होंने सरकार के एक साल पूर्ण होने पर कोरबा वासियों को बधाई देते हुए आभार भी प्रकट किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी हितग्राहीमूलक योजनाओं से बड़ी संख्या में  हितग्राहियों को लाभान्वित किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अन्य  जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने हसदेव नदी पर रपटा निर्माण सहित अन्य कार्यों की घोषणा की     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की मांग पर जिले में विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने सर्वमंगला हसदेव नदी रपटा सहित, पुरानी बस्ती रानी रोड की ओर एप्रोच रोड निर्माण  की घोषणा की। उन्होंने कोरबा मुख्यालय में नया सर्किट हाउस निर्माण, झगरहा में माध्यमिक शाला का  हाई स्कूल में उन्नयन और कोरबा नगर निगम के विभिन्न वार्डाे में  विकास कार्याे के लिए 23 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की।

WI vs BAN: जांगू का डेब्यू वनडे मैच था और इसमें शतक लगाकर उन्होंने एक खास लिस्ट में अपना नाम शामिल किया

बांग्लादेश बांग्लादेश के खिलाफ लगातार 11 वनडे इंटरनेशनल हारने के बाद वेस्टइंडीज ने जबर्दस्त वापसी करते हुए तीन मैचों की सीरीज में क्लीनस्वीप किया। बांग्लादेश टीम लगातार 11 वनडे इंटरनेशनल जीत के साथ वेस्टइंडीज दौरे पर पहुंची थी और उसे वनडे सीरीज में क्लीनस्वीप का सामना करना पड़ा। वेस्टइंडीज की इस जीत में आमिर जांगू का सबसे बड़ा रोल रहा और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। जांगू ने 83 गेंदों पर 104 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। हाई स्कोरिंग मैच में एक समय लग रहा था कि बांग्लादेश आसानी से जीत दर्ज कर लेगा, लेकिन जांगू ने पूरा मैच ही पलट दिया। यह जांगू का डेब्यू वनडे मैच था और इसमें शतक लगाकर उन्होंने एक खास लिस्ट में अपना नाम शामिल कर लिया। वेस्टइंडीज की ओर से डेब्यू वनडे में शतक लगाने वाले जांगू महज दूसरे बैटर बन गए हैं, उनसे पहले यह कारनामा 1978 में डेसमंड हेन्स ने किया था। डेसमंड हेन्स ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था और 136 गेंदों पर 148 रनों की पारी खेली थी। जांगू ने छक्के के साथ अपना शतक पूरा किया। बांग्लादेश ने 50 ओवर में पांच विकेट पर 321 रन बनाए। सौम्य सरकार ने 73, मेहदी हसन मिराज ने 77 और महमूदुल्लाह ने 84 रनों की पारी खेली। महमूदुल्लाह ने 63 गेंदों पर सात चौके और चार छक्कों की मदद से नॉटआउट रहते हुए यह रन बनाए। वहीं जाकिर अली ने 57 गेंदों पर नॉटआउट 62 रन बनाए। वेस्टइंडीज की ओर से अल्जारी जोसेफ ने 10 ओवर में 43 रन देकर दो विकेट चटकाए। जवाब में वेस्टइंडीज की शुरुआत बिल्कुल अच्छी नहीं रही। 86 रनों के स्कोर तक ब्रैंडन किंग, एलिक अथांजा, शाई होप और शेरफने रदरफोर्ड पवेलियन लौट चुके थे। इसके बाद कीसी कार्टी और आमिर जांगू ने मिलकर बांग्लादेश के गेंदबाजों को परेशान करना शुरू किया। इन दोनों ने 130 रनों की साझेदारी कर वेस्टइंडीज की मैच में वापसी करवाई। कीसी 95 रन बनाकर आउट हुए। वेस्टइंडीज ने 45.5 ओवर में छह विकेट पर 325 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया।

आष्टा में बिजनेसमैन मनोज परमार ने अपनी पत्नी नेहा परमार के साथ मौत को गले लगा लिया.

  सीहोर  सीहोर जिले के आष्टा में मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा के शव घर पर फंदे से लटके मिले हैं. पुलिस की मानें तो प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है. बीते 5 दिसंबर को ही मनोज परमार के आष्टा और इंदौर के मकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापे मारे थे. कई चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी जब्त किए थे. मनोज परमार उस समय सुर्ख़ियों में आये थे जब कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में उनके बच्चों की टीम ने राहुल गांधी को गुल्लक भेंट की थी.   मनोज और उनकी पत्नी की मौत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ‘X’ पर लिखा, ”मैंने मनोज के लिए वकील की व्यवस्था भी कर दी थी. लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है मनोज इतना घबराया हुआ था कि आज उसने व उसकी पत्नी ने आज सुबह आत्म हत्या कर ली. मैं इस प्रकरण में ED डायरेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं.”   आष्टा पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. फिलहाल मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिए गए हैं. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. जीतू पटवारी पहुंचे आष्टा, परिजनों से की चर्चा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पहुंचे आष्टा मृतक पति पत्नी के पुत्र जतिन परमार और भाई राजेश परमार से की चर्चा। कारोबारी के बेटे जतिन परमार ने ईडी पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और भाजपा ज्वाइन करने के आरोप लगाए है। सामने आया 6 पन्नों का सुसाइड नोट, प्रधानमंत्री सहित 17 लोगों को भेजा खुदकुशी करने से पहले व्यापारी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस, संसद में नेता प्रतिपक्ष सहित 17 लोगों के नाम 6 पेज का सुसाइड नोट छोड़ गया है। इसमें 6 बिंदुओं में उसने पूरा घनाक्रम लिखा है, जिसकी वजह से उसे खुदकुशी करने पर मजबूर होना पड़ा। सुसाइड नोट में जांच एजेंसी के अधिकारी द्वारा दबाव बनाकर भाजपा में शामिल होने की बात लिखी गई है। पोस्टमार्टम करने सीहोर से पहुंचे डॉक्टर इधर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सीहोर से चिकित्सकों की टीम पोस्टमार्टम के लिए आष्टा पहुंची। आष्टा के डॉक्टर की टीम भी पोस्टमार्टम किया। दिग्विजय सिंह ने किया पोस्ट पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि आष्टा सिहोर के मनोज परमार को बिना कारण ED ने परेशान किया जा रहा था. मनोज परमार के बच्चों ने राहुल गांधी को भारत जोड़ो यात्रा के समय गुल्लक भेंट की थी. मनोज के घर पर ED के Astt Director भोपाल संजीत कुमार साहू ने रेड की  थी. मनोज अनुसार उस पर रेड इसलिए डाली गई क्योंकि वह कांग्रेस का समर्थक है. मैंने मनोज के लिए वकील की व्यवस्था भी कर दी थी, लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है मनोज इतना घबराया हुआ था कि आज उसने और उसकी पत्नी ने सुबह आत्म हत्या कर ली. मैं इस प्रकरण में Director ED से निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं.

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