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जीवाजी विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नक्षत्र की तरह उभरता संस्थान है : केन्द्रीय मंत्री सिंधिया

जीवाजी राव ने जो शिक्षा का सपना देखा था वह आज हो रहा है साकार : उप राष्ट्रपति धनखड़ जीवाजी राव ने शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीवाजी विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नक्षत्र की तरह उभरता संस्थान है : केन्द्रीय मंत्री सिंधिया उप राष्ट्रपति ने जीवाजी राव सिंधिया की प्रतिमा का किया अनावरण ग्वालियर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि सिंधिया परिवार का शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है। मैंने आज उन महापुरूष की मूर्ति का अनावरण किया है, जिन्होंने स्वतंत्र भारत में शिक्षा सहित अनेक क्षेत्र में अपने कीर्तिमान स्थापित किए हैं। साथ ही शिक्षा को गति देने का कार्य भी किया है। शिक्षा से ही व्यक्ति के अंदर भाव आता है और मानव का निर्माण होता है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि परिवर्तनशील दुनिया है, बदलाव होते रहेंगे लेकिन शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की। तकनीक में हमारा देश काफी आगे निकल चुका है। जीवाजी विश्वविद्यालय संस्थान भी नई-नई तकनीकों को लायेगा, ऐसी उम्मीद है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में जीवाजी राव सिंधिया की प्रतिमा अनावरण के बाद आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही। अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। विशेष अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार, जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसराम सिलावट, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और उप राष्ट्रपति की धर्मपत्नी श्रीमती सुदेश धनखड़ उपस्थित थीं। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि सिंधिया परिवार का संसद में हमेशा योगदान रहा है। स्व. माधवराव सिंधिया ने अनेक क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किया है। उन्हें जो भी मंत्रालय मिला है, उसमें उन्होंने अपना श्रेष्ठ कार्य किया है। उप राष्ट्रपति ने कहा जीवाजी राव ने जो शिक्षा का सपना देखा था वह आज साकार हो रहा है। ग्वालियर के लिये आज का दिन रहेगा यादगार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर के लिये आज का दिन यादगार रहेगा। आज ग्वालियर में दो बड़े कार्यों का शुभारंभ हुआ है। जियो साइंस म्यूजियम के माध्यम से पृत्वी की उत्पत्ति, उसकी रचना, भू-गर्भिक घटनाओं की जानकारी का संकलन प्राप्त होगा। साथ ही ज्ञान, विज्ञान के समावेश से युवाओं नई जानकारियां प्राप्त होंगीं। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले जीवाजी राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण भी किया गया है। जीवाजी विश्वविद्यालय ने न केवल मध्यप्रदेश में बल्कि सम्पूर्ण देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति करते हुए देश के युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में और सशक्त बनाने का कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा जीवाजी राव ने शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर शहर संगीत, शिक्षा और अपनी ऐतिहासिकता के लिये जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान से ही विनम्रता प्राप्त होती है और विनम्रता से ही पात्रता प्राप्त होती है। जीवाजी विश्वविद्यालय 250 एकड़ में स्थापित है, जिसे मेरी दादी माँ और तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा प्रारंभ किया गया था। जीवाजी विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नक्षत्र की तरह उभरता संस्थान है। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार ने जो बीज बोया था वह आज वट वृक्ष की तरह खड़ा हो गया है। जीवाजी विश्वविद्यालय संस्थान आधुनिकता की ओर अग्रसर है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने इस मौके पर जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने प्रदर्शनी में दर्शाए गए जीवाजी विश्वविद्यालय के इतिहास व उपलब्धियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उप राष्ट्रपति धनखड़ एवं अतिथियों ने इस अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम” पौधरोपण भी किया।  

प्रदेश के नगरीय निकायों में चलाया गया स्वच्छ कॉलोनी अभियान

प्रदेश के नगरीय निकायों में चलाया गया स्वच्छ कॉलोनी अभियान ऑनलाइन रविवारीय वैचारिक सत्र का 17वाँ आयोजन भोपाल प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत 413 नगरीय निकायों में स्वच्छ कॉलोनी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नगरीय निकाय के वार्डों में रहवासियों एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई। चर्चा के दौरान घर से निकलने वाले गीले अपशिष्ट को घर पर ही कम्पोस्टिंग विधि से खाद तैयार करने की जानकारी दी गई। रहवासियों को होम कम्पोस्ट खाद के पैकेट वितरित किये गये। राष्ट्रीय स्तर पर हो रही प्रतिस्पर्धा ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2024’ में देश भर के नगरीय निकायों द्वारा प्रतिभागिता की जा रही है। स्वच्छ सर्वेक्षण में जीएफसी स्टार रेटिंग, कचरा मुक्त शहरों की श्रेणी, ओडीएफ एवं स्वच्छ सर्वेक्षण के मापदंडों के अनुरूप तैयारियाँ अंतिम दौर में है। नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग द्वारा नगरीय निकायों को अधिक से अधिक जन-भागीदारी किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। गीले कचरे के समाधान में नगारिकों की भूमिका पर कार्यशाला स्वच्छ भारत मिशन में आज गीले कचरे के समाधान में नागरिकों की भूमिका पर ऑनलाइन कार्यशाला हुई। कार्यशाला में प्रदेश भर में नागरिकों ने अपने अनुभव साझा किये। विषय-विशेषज्ञों ने मटका खाद और पिट के माध्यम से तैयार की जाने वाली कम्पोस्ट खाद की विधि बताई। प्रदेश में अब तक शहरी स्वच्छता से जुड़े रविवारीय संवाद के 17 सत्र विभिन्न विषयों को लेकर हो चुके हैं। इन सत्रों में नागरिकों, स्व-सहायता समूह, ब्रॉण्ड एम्बेसडर, नगरीय निकायों के अधिकारी-कर्मचारी और स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।  

विश्व के पहले वाद्य यंत्र की प्रेरणा का स्रोत वर्षा की बूंद है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

तानसेन संगीत समारोह भारतीय संगीत की विरासत को जीवंत करने का माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे सभी देवी देवताओं की पहचान किसी न किसी वाद्य यंत्रों से जुड़ी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व के पहले वाद्य यंत्र की प्रेरणा का स्रोत वर्षा की बूंद है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में बना हिन्दुस्तानी क्लासिकल संगीत का विश्व रिकार्ड गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हुई 546 कलाकारों द्वारा 9 वाद्य यंत्रों पर दी गई वृहद समवेत वाद्य यंत्र प्रस्तुति वायलेन, हारमोनियम, सारंगी, बांसुरी, सरोद, संतूर, शहनाई, पखावज, तबले पर शास्त्रीय बैंड द्वारा दी गई प्रस्तुति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में किया तानसेन संगीत समारोह 2024 का शुभारंभ ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तानसेन संगीत समारोह 2024 के शुभारंभ और वृहद समवेत वाद्य यंत्र प्रस्तुति में हिन्दुस्तानी क्लासिकल बैंड द्वारा बनाए गए गिनिस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में सहभागी कलाकारों को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तानसेन संगीत समारोह और विश्व रिकार्ड की यह उपलब्धि संगीत सम्राट तानसेन, महारानी लक्ष्मी बाई, महादजी सिंधिया, स्व. राजमाता सिंधिया और जैन तीर्थंकर सहित भारतीय संस्कृति में विद्यमान संगीत की लंबी प्राचीन विरासत को जीवंत करने का माध्यम है। उल्लेखनीय है कि 546 कलाकारों द्वारा 9 वाद्य यंत्रों की मनमोहक प्रस्तुति से हिन्दुस्तान क्लासिकल संगीत का विश्व रिकार्ड बनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में आयोजित तानसेन संगीत समारोह 2024 एवं वृहद समवेत वाद्य यंत्र प्रस्तुति का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन की साधना स्थली और ख्याल गायकी का रहा उद्गम स्थल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन की साधना स्थली और ख्याल गायकी का उद्गम स्थल रहा है। राजा मानसिंह तोमर से लेकर सिंधिया घराने तक संगीत की विरासत को सहजने के यहां हर संभव प्रयास हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संगीत सग्राट तानसेन के 100वें उत्सव के अवसर पर 9 शास्त्रीय वाद्यों क्रमश: वायलेन, हारमोनियम, सारंगी, बांसुरी, सरोद, संतूर, शहनाई, पखावज, तबले पर शास्त्रीय बैंड द्वारा दी गई प्रस्तुति के लिए कलाकारों का अभिवादन किया। विश्व का कोई भी वाद्य, भारतीय शास्त्रीय रचना से बाहर नहीं हो सकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस चराचर जगत के रोम-रोम में संगीत है। महार्षि पतंजलि द्वारा 5 मुख्य प्राण, 5 सहायक प्राण के साथ ही उप प्राणों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें एक उपप्राण संवेदना (सैंसेशन) है, जो संगीत से हमें जोड़ता है। रोम-रोम से संगीत की अनुभूति और जीवंतता की पहचान होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा धनुधारी वीर अर्जुन को दिखाए गए विराट स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि रोम-रोम के माध्यम से जीवन की चेतना आती है। शास्त्रीय संगीत की साधना व्यक्ति के रोम-रोम को पुल्कित करती है। भारतीय संस्कृति में शास्त्रीय वाद्यों के आधार पर प्रकृति से तालमेल बनाने की परम्परा आरंभ की गई। विश्व का कोई भी वाद्य, शास्त्रीय रचना से बाहर नहीं हो सकता, यह भारतीय शास्त्रीय संगीत की विशेषता है। भारतीय संगीत परम्परा सभी से तालमेल कर आनंद की यात्रा को आगे बढ़ाने में हमें सक्षम बनाती है। महादेव के लिए डमरू और भगवान श्रीकृष्ण के लिए बांसुरी आनंद का स्रोत रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सभी देवी देवताओं की पहचान किसी न किसी वाद्य यंत्रों से जुड़ी है। विश्व के पहले वाद्य यंत्र की प्रेरणा का स्रोत वर्षा की बूंद है। तालाब या नदी में पहली बार पड़ने वाली पानी की बूंद की ध्वनि डमरू की ध्वनि से जुड़ती है। इसी का परिणाम है कि डमरू विश्व का पहला वाद्य यंत्र है जो भगवान शिव से जुड़ा है। भगवान श्रीकृष्ण के लिए बांसुरी, आनंद का स्रोत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तानसेन संगीत समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, जल संसाधन मंत्री तथा ग्वालियर के प्रभारी तुलसीराम सिलावट, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद भारत सिंह कुशवाह, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। सुरों की साधना को समर्पित 9 मिनट तक शास्त्रीय वाद्यों का वादन सुरों की साधना को समर्पित समवेत प्रस्तुति में देश और प्रदेश के 546 कलाकारों ने 9 शास्त्रीय वाद्य यंत्रों का वादन एक साथ किया। समवेत प्रस्तुति के माध्यम से स्वर सम्राट तानसेन को स्वरांजली अर्पित की गई। यह प्रस्तुति तानसेन रचित तीन राग जिनमें मल्हार, मियां की तोड़ी एवं दरबारी कान्हड़ा में निबद्ध थी। इस प्रस्तुति का संयोजन सुप्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार ने किया। समवेत प्रस्तुति में वाद्य यंत्रों के साथ ही गायन भी शामिल था। निरन्तर 9 मिनट तक वाद्यों का वादन करने पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड रचा गया। विगत वर्ष ताल दरबार से रचा था इतिहास विगत वर्ष संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर में अपराजेय भारतीयता के विश्व गान राष्ट्रगीत वंदे-मातरम की धुन पर “ताल दरबार” ने मध्यप्रदेश के संगीत को एक वैश्विक पहचान दिलाई थी। यूनेस्को द्वारा चयनित संगीत नगरी में राष्ट्रीयता का उद्घोष करते हुए 1500 से अधिक संगीत साधकों ने प्रदेश की ऐतिहासिकता, सांस्कृतिकता और संगीत की त्रिवेणी को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रयागराज महाकुंभ-2025 के लिए किया आमंत्रित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक चलने वाले प्रयागराज महाकुंभ 2025 के लिए आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और उद्यान एवं कृषि विपणन राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सौजन्य भेंट कर गंगा जल का कलश और प्रयागराज महाकुंभ-2025 का निमंत्रण-पत्र भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस वृहद आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।  

प्रधानमंत्री मोदी ने कलाकारों के मान-सम्मान की प्रेरणादायी परंपरा कायम की : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संगीतधानी ग्वालियर की उत्सवधर्मिता की देश भर में विशेष पहचान है। साथ ही संगीत और कलाओं का प्रोत्साहन एवं कलाकारों का मान-सम्मान बढ़ाने की यहाँ की रिवायत भी अद्वितीय है। इस धरा पर जन्मे तानसेन और बैजू बावरा जैसे महान संगीतज्ञों को वर्तमान संगीत साधक भगवान की तरह पूजते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में आयोजित हो रहे 100वें “तानसेन संगीत समारोह” के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संगीत शिरोमणि तानसेन की स्मृति में आयोजित हो रहे शताब्दी आयोजन में शामिल होकर मुझे विशेष खुशी की अनुभूति हुई है। रविवार की सांध्य बेला में तानसेन समाधि परिसर में महेश्वर के ऐतिहासिक किला की थीम पर बने भव्य एवं आकर्षक मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश एवं दुनिया के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव “तानसेन समारोह” का केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया व विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर तथा अन्य जनप्रतिनिधिगणों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अतिथियों के साथ सुर सम्राट तानसेन की समाधि पर पहुँचकर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तानसेन समारोह के शताब्दी आयोजन में अपने देश के संगीत के शीर्षस्थ साधकों के साथ चार अन्य देशों के संगीत कलाकार सुर सम्राट तानसेन को स्वरांजलि देने आए हैं। मध्यप्रदेश सरकार देश और विदेश के सभी कलाकारों का अभिनंदन करती है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर संगीत एवं कला की अद्भुत नगरी है। मेरा सौभाग्य है कि यहाँ महान संगीतज्ञ तानसेन की याद में आयोजित होने वाले संगीत समारोह में दो बार आने का मुझे मौका मिला। पिछली बार जब मैं आया था तब ग्वालियर दुर्ग पर ताल दरबार के वृहद आयोजन से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना था। इसी तरह इस बार कला साधकों ने वाद्य यंत्रों का समवेत वादन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कलाकारों के मान-सम्मान की प्रेरणादायी परंपरा कायम की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र और राज्य सरकार कलाकारों के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रख रहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर पैदल चलकर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँचे थे। उन्होंने कलाकारों के मान-सम्मान की जो प्रेरणादायी परंपरा कायम की है, प्रदेश सरकार उसका पूरा ध्यान रख रही है। प्रकृति से तालमेल बिठाने की क्षमता रखता है संगीत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शास्त्रीय संगीत के राग प्रकृति से तालमेल बिठा लेते हैं। साथ ही संसार के सभी प्राणियों से संगीत संवाद स्थापित करने में सक्षम होता है। भगवान श्रीकृष्ण के बांसुरी वादन से सम्पूर्ण गौधन का एकत्रित हो जाना इस बात का प्रमाण है। इसी तरह संगीत सम्राट तानसेन ने राग मल्हार के जरिए बरसात कराकर साबित किया कि राग प्रकृति से तालमेल बिठाने में सक्षम है। ग्वालियर को संगीत हब बनाने के लिये हर संभव प्रयास किए जायेंगे – केन्द्रीय मंत्री सिंधिया केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि संगीत के क्षेत्र में ग्वालियर के लिये यह वर्ष अलौकिक वर्ष है। वर्ष 1924 में सिंधिया राज्यकाल में शुरू हुए तानसेन समारोह का इस साल शताब्दी वर्ष है। यह वर्ष ग्वालियर के इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जायेगा। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की पहचान संगीत के शहर के रूप में होती है। ग्वालियर को संगीत का हब बनाने का काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से हम सब लोगों द्वारा मिलजुलकर किया जायेगा। सिंधिया ने तानसेन समारोह की तर्ज पर बैजू बावरा की स्मृति में चंदेरी संगीत महोत्सव को भव्य बनाने का आग्रह मुख्यमंत्री डॉ. यादव से किया। प्रदेश में हो रहे सांस्कृतिक अभ्युदय के प्रयास सराहनीय – विधानसभा अध्यक्ष तोमर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि खुशी की बात है राज्य सरकार द्वारा सांस्कृतिक अभ्युदय का काम समूचे प्रदेश में किया जा रहा है। ग्वालियर में तानसेन समारोह के विस्तार के रूप में पिछले साल ताल दरबार और इस साल वृहद शास्त्रीय बैंड की समवेत प्रस्तुति का आयोजन इसका उदाहरण है। इन दोनों आयोजनों से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है, जिससे ग्वालियर की ख्याति संगीत के क्षेत्र में दुनियाभर में और बढ़ी है। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री एवं संस्कृति विभाग के प्रति ग्वालियरवासियों की ओर से आभार जताया। साथ ही कहा कि महाराजा मानसिंह तोमर के राज्यकाल में संगीत और कलाओं को आश्रय देने का जो सिलसिला शुरू हुआ उसे महादजी सिंधिया से लेकर सम्पूर्ण सिंधिया राज्यकाल में पूरी शिद्दत के साथ आगे बढ़ाया गया। वर्तमान में प्रदेश सरकार भी संगीत एवं कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में जुटी है। 100वें तानसेन समारोह के उपलक्ष्य में डाक टिकिट का विमोचन तानसेन समारोह के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में डाक विभाग द्वारा पाँच रूपए का डाक टिकिट जारी किया गया है। तानसेन समारोह के उदघाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने इस डाक टिकिट का विमोचन किया। तानसेन समारोह की 100 वर्षीय यात्रा पर केन्द्रित पुस्तक और स्मारिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने तानसेन समारोह की 100 वर्षीय यात्रा पर केन्द्रित पुस्तक और इस साल के आयोजन पर तैयार की गई स्मारिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के अंत में संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवा संवाद और पुलिस बैण्ड प्रस्तुति में होंगे शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जन-कल्याण पर्व के अवसर पर 16 दिसम्बर को दोपहर 12 बजे स्व-रोजगार, रोजगार केन्द्रित “युवा संवाद’’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल में होगा। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 3 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार प्रांगण में पुलिस बैण्ड की प्रस्तुति में भी शामिल होंगे। प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस बैण्ड द्वारा एक साथ प्रदर्शन किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि 11 दिसम्बर से प्रारंभ हुए जन-कल्याण पर्व के दौरान पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।  

BCCI ने सीरीज के बीच यश दयाल, मुकेश और नवदीप को रिलीज करने का लिया फैसला

ब्रिसबेन. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गाबा में जारी बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट की बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय टीम ने अपने तीन प्लेयर्स को वापस स्वदेश भेजने का फैसला लिया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि जिन तीन खिलाड़ियों को वापस भेजा जा रहा है, वो सारे तेज गेंदबाज हैं। चलिए अब आपको सीधा उन प्लेयर्स का नाम बताते हैं और ये जानते हैं कि आखिर उन्हें क्यों सीरीज के बीच में वापस भेजा जा रहा है। किन तीन प्लेयर्स की रिलीज किया गया? भारतीय क्रिकेट टीम ने ट्रेवल रिजर्व यश दयाल, मुकेश कुमार और नवदीप सैनी को रिलीज करने का फैसला किया है और इन तीनों के 21 दिसंबर से शुरू होने वाली विजय हजारे ट्रॉफी में शामिल होने की संभावना है। तीनों तेज गेंदबाज बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी शुरू होने के पहले से ही टीम के साथ हैं। मगर टीम मैनेजमेंट ने महसूस किया कि उनके लिए ऑस्ट्रेलिया में मैदान से बाहर बैठकर सीट गर्म करने से बेहतर उन्हें भारत में जाकर क्रिकेट खेलना बेहतर होगा। क्योंकि ब्रिसबेन मैच के बाद केवल दो टेस्ट बचे हैं। घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेंगे प्लेयर्स लंबी गर्मियों के बाद स्वदेश लौटने से पहले भारत अपना अगला मैच मेलबर्न और फिर आखिरी मैच तीन जनवरी से सिडनी में खेलेगा। नवदीप सैनी और मुकेश कुमार को अजीत अगरकर की अगुवाई वाली सीनियर मेंस सिलेक्श कमिटी ने बतौर रिजर्व प्लेयर शामिल किया था। बाद में यश दयाल को खलील अहमद के रिप्लेसमेंट के तौर पर भेजा गया था, जो पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान नेट्स में इंजर्ड हो गए थे। मुकेश लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया में हैं, क्योंकि वह बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले भारत ए के दो प्रैक्टिस मैच का भी हिस्सा थे। माना जा रहा है कि वह बंगाल के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने के लिए तैयार हैं, जो एक सप्ताह में शुरू होगी। नवदीप सैनी और यश दयाल का भी यही प्लान है।

पुरानी पेंशन बहाली: UP में शिक्षकों ने उठाई आवाज, लखनऊ में 18 दिसंबर को करेंगे विरोध प्रदर्शन

मैनपुरी. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की बैठक रविवार को क्रिश्चियन इंटर कॉलेज परिसर में हुई। पुरानी पेंशन की मांग को लेकर शिक्षकों ने प्रदेश सरकार पर शोषण का आरोप लगाते हुए विरोध किया। इसके साथ ही निर्णय लिया कि 18 दिसंबर को लखनऊ में धरना प्रदर्शन में अपनी आवाज उठाएंगे। बैठक को संबोधित करते हुए प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य कृष्णानंद दुबे ने कहा कि पुरानी पेंशन हमारा अधिकार है। कुछ राज्यों ने इसके पक्ष में निर्णय लेकर कर्मचारियों को लाभांवित किया है, लेकिन प्रदेश सरकार मनमानी पर उताऊ है। 18 दिसंबर को लखनऊ में होगा प्रदर्शन प्रदेश सरकार की उपेक्षात्मक नीतियों से हर कर्मचारी परेशान हो चुका है। हम अपनी पुरानी पेंशन के अधिकार को हर हाल में लेकर रहेंगे। 18 दिसंबर को प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेशव्यापी आंदोलन के अंतर्गत लखनऊ में धरना दिया जाएगा।   आगरा में भी होगा संगठन का सम्मेलन जिला मंत्री विजय कुमार पीटर ने कहा कि इस विरोध के बाद सात से नौ जनवरी 2025 में आगरा के मुफीद-ए-आम इंटर कॉलेज में संगठन का प्रदेश सम्मेलन होगा। इससे पूर्व संगठन से जुड़े प्रत्येक शिक्षक को लखनऊ पहुंचकर पुरानी पेंशन के लिए अपनी आवाज मुखर करनी होगी। बैठक में जिलाध्यक्ष अशोक यादव, प्रदीप चतुर्वेदी, मुकेश चौहान, एके सिंह चौहान, ओमकांत दुबे, स्वतंत्र कुमार सिंह, प्रदीप यादव, गौरव दुबे, धर्मेंद्र सिंह, बृजलाल, शिवभवन, विनय त्रिपाठी, जलालुद्दीन आदि शिक्षक मौजूद रहे। पुरानी पेंशन योजना/ओल्ड पेंशन योजना ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) में रिटायरमेंट सरकारी कर्मचारियों को उनके अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत मासिक पेंशन के रूप में मिलता था। डीए दरों में वृद्धि के साथ राशि बढ़ती रहती है। कर्मचारी रिटायरमेंट पर अधिकतम 20 लाख रुपये के ग्रेच्युटी भुगतान के हकदार थे। यदि किसी रिटायर्रड कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को निरंतर पेंशन लाभ मिलता है। इसके अलावा, एनपीएस के विपरीत ओपीएस के तहत पेंशन योगदान के लिए कर्मचारी के वेतन से कोई कटौती नहीं की जाती है। हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब जैसे राज्य पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) पर वापस आ गए हैं।

पीएम खजुराहो में केन बेतवा लिंक परियोजना का करेंगे शिलान्यास, बुंदेलखंड में रुकेगा पलायन

खजुराहो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश दौरे पर रहेंगे। पीएम खजुराहो में केन बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास करेंगे। 1 घंटे 40 मिनट का पूरा कार्यक्रम होगा। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल भी शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों पर है। इस कड़ी में आज भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा खुद मौके पर कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पहुंचे। वीडी शर्मा ने खजुराहो नगरपरिषद हॉल में वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार के साथ पन्ना, छतरपुर विधायक और कलेक्टर, एसपी के साथ बैठक की। जहां पीएम के कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा पर चर्चा की गई। ऐसा होगा पीएम के दौरे का कार्यक्रम 25 दिसंबर को पीएम के कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई, कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री का विमान खजुराहो एयरपोर्ट में लैंड होगा। जिसके बाद खजुराहो मेला ग्राउंड में पीएम का स्वागत किया जाएगा। जहां वे केन बेतवा लिंक परियोजना मॉडल का अनावरण करेंगे। उसके बाद योजना से सम्बंधित एक शार्ट फिल्म का प्रसारण किया जाएगा। लिंक परियोजना का पूरा कार्यक्रम 1 घंटे 40 मिनट तक का होगा।  44 हजार 605 करोड़ की नहीं बल्कि 80-90 हजार करोड़ की होगी केन बेतवा लिंक परियोजना पीएम के दौरे से पहले वीडी शर्मा ने भाजपा कार्यकर्ताओं की सागर संभाग के विधायकों के साथ मिलकर एक कार्यक्रम भी आयोजित किया। इस दौरान सभी विधायकों को पीएम मोदी का बुंदेलखंड की धरती पर ऐतिहासिक स्वागत करने की अपील की। उन्होंने बताया कि केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए 44 हजार 605 करोड़ तो सिर्फ बजट में ही आ गया है। बल्कि 80-90 हजार करोड़ की केन बेतवा लिंक परियोजना होगी। इस योजना के आने से बुंदेलखंड में पलायन की रुकेगा, यह एक सामान्य घटना नहीं बल्कि एक विशेष घटना है।

कांग्रेस को दी उमर अब्दुल्ला ने नसीहत- ‘यह नहीं कह सकते EVM पर भरोसा नहीं, हार करें स्वीकार ‘

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दु्ल्ला ने ईवीएम पर कांग्रेस की आपत्ति को सिरे से खारिज कर दिया। सीएम अब्दुल्ला ने नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस को ईवीएम पर रोना बंद कर देना चाहिए और अपनी हार को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब आप जीतते हैं तो ईवीएम ठीक है, लेकिन जब आप हारते हैं तो ईवीएम का रोना रोने लगते हैं। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जब उसी ईवीएम से सौ से अधिक सांसद चुनकर आते हैं तब आप उस जीत को सेलिब्रेट करते हैं, लेकिन कुछ ही महीनों बाद आप यह नहीं कह सकते कि ईवीएम सही परिणाम नहीं दे रहा है। क्योंकि, अब चुनाव नतीजे उस तरह नहीं आ रहे हैं जैसा हम चाहते हैं। ‘जो सही है, वो सही है’ सीएम उमर अब्दुल्ला का यह बयान बीजेपी से बिल्कुल मैच कर रहा है। बीजेपी भी यही कहती है कि विपक्षी पार्टी जब जीतती है तो ईवीएम ठीक है और जब हारती है तो ईवीएम को भला बुरा कहती है। हालांकि, जब उनसे कहा कि आप भाजपा प्रवक्ता की तरह लग रहे हैं, तो उन्होंने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान न करे! उन्होंने आगे कहा कि कि नहीं, यह बस इतना ही है, जो सही है वह सही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले – एक भारत-श्रेष्ठ भारत और सुरक्षित भारत की पृष्ठभूमि में सरदार पटेल की सोच, प्रयास व परिश्रम

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल वर्तमान भारत के शिल्पी थे। उनका पूरा जीवन राष्ट्र व भारत मां के चरणों में समर्पित था। 1946 में देश के संविधान सभा का गठन हुआ। उसके प्रमुख सदस्य और स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल ने न केवल देश के एकीकरण के वर्तमान अभियान को नई ऊंचाइयां प्रदान की, बल्कि 563 से अधिक रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाया। आज जो भारत देख रहे हैं, यह सरदार पटेल की सूझबूझ का परिणाम है। एक भारत, श्रेष्ठ भारत, सुरक्षित भारत की पृष्ठभूमि में सरदार पटेल की सोच, प्रयास व परिश्रम है। मुख्यमंत्री ने रविवार को भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हिस्सा लिया। उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। सीएम योगी ने कहा कि सरदार पटेल ने अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर देश की आजादी के आंदोलन को नई दिशा देने के लिए तत्कालीन नेतृत्व के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया। गुजरात के आणंद के पास छोटे गांव में सामान्य किसान परिवार में उनका जन्म हुआ। प्रारंभिक शिक्षा भी मां के सानिध्य में घर पर संपन्न हुई। इंग्लैंड से लॉ की शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे भारत आए। सरदार पटेल का देहावसान 15 दिसंबर 1950 को हो गया। उनके नेतृत्व में भारत नई ऊंचाइयों को छूता। उनकी संकल्पनाओं को मूर्त रूप देने के लिए जो अभियान चल रहा है, वह एक भारत-श्रेष्ठ भारत की पीएम मोदी की परिकल्पना को साकार करेगा। सीएम योगी ने कहा कि सरदार पटेल ने चंपारण आंदोलन, नमक सत्याग्रह, भारत छोड़ो आंदोलन समेत आजादी से जुड़े सभी महत्वपूर्ण आंदोलनों में भाग लिया। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्हें जेल की यातना भी झेलनी पड़ी थी। सरदार पटेल ने अन्नदाता किसानों की समृद्धि व उत्थान के लिए जनजागरण के अनेक अभियान भी चलाए। गुजरात में सहकारिता के मजबूत आंदोलन की पृष्ठभूमि में भी सरदार पटेल का विजन है। उन्होंने हर अन्नदाता किसान को समृद्धि की नई ऊंचाई तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ भारत मां के इस महान सपूत ने देश के एकीकरण के लिए अभियान को आगे बढ़ाया तो दूसरी तरफ गुलामी के कालखंड में जिन मान बिंदुओं का अपमान हुआ था, उनकी पुनर्स्थापना का भी कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न कराया। सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार को हाथों में लेकर सांस्कृतिक भारत की स्थापना का जो अभियान चलाया था, उसी का परिणाम है कि सरदार पटेल के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व में नया भारत पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। सीएम योगी ने कहा कि सरदार पटेल होते तो कश्मीर में धारा-370 कभी लागू नहीं हो पाती। छद्म रूप से जिन लोगों ने धारा-370 को डालकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत के मार्ग में बैरियर खड़ा किया, उसे पीएम मोदी ने 5 अगस्त 2019 को हटाकर आतंकवाद की नींव को समाप्त कर दिया। अयोध्या में राम मंदिर भी नए सांस्कृतिक भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिसका शुभारंभ 1948 में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर से किया था।

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 15 हजार की रिश्वत लेते आरक्षक को रंगे हाथों दबोचा, इस मामले में ले रहा था घूस

Big action by Lokayukta: Constable caught red handed while taking bribe of Rs 15 thousand, was taking bribe in this case मंदसौर। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है, प्रदेश में आए दिन अलग-अलग विभागों में सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के रिश्वतखोरी के मामले सामने आ रहे हैं। अब मंदसौर में उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 हजार की रिश्वत लेते एक पुलिस कांस्टेबल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक जिले के भानपुरा थाना में लोकायुक्त की टीम ने 15 हजार की रिश्वत लेते प्रधान आरक्षक मुकेश चौहान को रंगे हाथों दबोचा है। फरियादी पप्पू सिंह के अनुसार उसके भाई की जमानत की लिखापढ़ी के एवज में आरक्षक द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। उज्जैन लोकायुक्त टीम ने आरोपी आरक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पप्पू सिंह सौंधिया पिता मानसिंह सौंधिया निवासी ग्राम मानपुरा ने लोकायुक्त में बताया था कि उसके भाई ईश्वर सिंह, अन्य व्यक्ति तूफान सिंह और बंशीलाल के खिलाफ भानपुरा थाने में केस दर्ज किया गया था। उसमें जमानत देने की लिखापढ़ी के एवज में प्रधान आरक्षक मुकेश चौहान ने 15 हजार रुपए मांगे थे। शिकायत का सत्यापन प्रभारी एसपी राजेश पाठक ने डीएसपी सुनील तालान से कराया, तो शिकायत सही पाई गई। इस पर से 16 दिसंबर को टीम ने छापा मारा। रुपए देते समय टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

कोच्चि पहुंचेगा 16 दिसंबर को वियतनाम तटरक्षक जहाज

कोच्चि. वियतनाम तटरक्षक जहाज सीएसबी 8005 भारत में चल रही विदेशी तैनाती के हिस्से के रूप में 16 दिसंबर को कोच्चि पहुंचने वाला है, जिसका उद्देश्य दोनों बलों के बीच समुद्री सहयोग और अंतर-संचालन को बढ़ाना है। यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार चार दिवसीय यात्रा के दौरान वीसीजी जहाज का चालक दल समुद्री प्रदूषण प्रतिक्रिया (एमपीआर), समुद्री खोज एवं बचाव (एम-एसएआर), और समुद्री कानून प्रवर्तन पर ध्यान केंद्रित करते हुए पेशेवर बातचीत में शामिल होगा। वहीं, गतिविधियों में क्रॉस-डेक प्रशिक्षण, विषय वस्तु विशेषज्ञ आदान-प्रदान, सामाजिक संपर्क, मार्ग अभ्यास (पीएएसएसईएक्स), प्रमुख अग्निशमन अभ्यास, विजिट बोर्ड सर्च एंड सीजर (वीबीएसएस), काउंटर ड्रग्स इंटरडिक्शन और भारतीय तटरक्षक के साथ तेल प्रदूषण प्रतिक्रिया प्रदर्शन शामिल हैं। इस यात्रा का उद्देश्य न केवल वियतनाम तटरक्षक और भारतीय तटरक्षक के बीच संबंधों को मजबूत करना है, बल्कि जहाज निर्माण में भारत की तकनीकी उन्नति को प्रदर्शित करना भी है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ की अवधारणा का समर्थन करता है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय तटरक्षक और वियतनाम तटरक्षक के बीच एक मौजूदा समझौता ज्ञापन (एमओयू) है, जिसने दो समुद्री एजेंसियों के बीच सहकारी जुड़ाव को संस्थागत रूप दिया है। वीसीजी जहाज का यह दौरा एमओयू के प्रावधानों के अनुरूप है और इसलिए, यह विदेशी मित्र देशों (एफएफसी) के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए भारतीय तटरक्षक की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। वीसीजी जहाज की यात्रा प्रमुख समुद्री साझेदारों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण है, जो समकालीन समुद्री चुनौतियों का समाधान करते हुए क्षेत्र में समुद्रों की सुरक्षा, संरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। समुद्री सुरक्षा पहलू पर आईसीजी का बढ़ता फोकस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास’ (सागर) के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत की वैश्विक नेतृत्व स्थिति को मजबूत करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा।

मध्य प्रदेश में शीतलहर का कहर, अगले 24 घंटे के दौरान सूबे कई जिलों में शीत लहर का अलर्ट जारी: मौसम विभाग

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड जमा देने वाला एहसास करा रही है। एमपी के रायसेन, राजगढ़, खंडवा, शाजापुर, उमरिया, मंडला, सिवनी, नौगांव (छतरपुर), अनूपपुर, नीमच, शिवपुरी, सिंगरौली, पंचमढ़ी में शीत लहर चली। आलम यह है कि सूबे में सबसे कम न्यूनतम तापमान 1°C कल्याणपुर (शहडोल) / पंचमढ़ी (नर्मदापुरम) में दर्ज किया गया। IMD ने अगले 24 घंटे के दौरान सूबे कई जिलों में शीत लहर का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 16 दिसंबर को भी मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भीषण शीत लहर चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। IMD ने अगले 24 घंटे के दौरान एमपी के शाजापुर, उमरया, रायसेन, सीहोर, अनूपपुर, शहडोल, मंडला, भोपाल, जबलपुर जिलों के विभिन्न हिस्सों में भीषण शीतलहर चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ जगहों पर पाला भी पड़ सकता है। इन जिलों में यलो अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, अलीराजपुर, झाबुआ, देवास, मंदसौर, अशोकनगर, शिवपुरी, दितया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सतना, डिंडोरी, कटनी, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, सागर, टीकमगढ़, मैहर, पांढुणा, विदिशा, हरदा, बड़वानी, नीमच, मऊगंज, राजगढ़, आगर, छतरपुर जिलों के विभिन्न हिस्सों में शीतलहर चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर पाला भी पड़ सकता है। 17 दिसंबर को शीत लहर की चेतावनी मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान सीधी, नरिसंहपुर, छिंदवाड़ा जिलों में शीतल दिन का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो सूबे में उत्तर भारत की ओर से आ रही सर्द हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने 17 दिसंबर को भी मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भीषण शीत लहर चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश के अनूपपुर, शिवपुरी, नर्मदापुरम, बड़वानी, नीमच, सिंगरौली, उमरिया, मंडला, राजगढ़, रतलाम, सिवनी और गुना जिलों के विभिन्न हिस्सों में भीषण शीत लहर देखी गई। एमपी से सटे राजस्थान में भी कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान कई दिनों से जीरो डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है। चुरू में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री, भीलवाड़ा में 2.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को, जानें शुभ मुहूर्त

मकर संक्रांति साल का पहला और हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला एक विशेष त्योहार है. मकर संक्रांति हर साल कभी 14 तो कभी 15 जनवरी को मनाई जाती है. भगवान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर मकर संक्रांति मनाई जाती है. आइए हिंदू पंचांग के मताबिक जानते हैं कि साल 2025 में मकर संक्रांति कब है और इस दिन गंगा स्नान और दान का पुण्य समय कब रहेगा. साल 2025 में 14 जनवरी को है मकर संक्रांति वैदिक हिंदू पंचांग के मुताबिक, साल 2025 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को है. इस दिन मंगलार पड़ रहा है. इस दिन भगवान सूर्य का सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर मकर राशि पर प्रवेश होगा. इस दिन गंगा स्नान और दान का पुण्य समय सुबह 9 बजकर 3 मिनट से शुरू होगा और शाम के 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. इस शुभ मुहूर्त पर गंगा स्नान और दान करना लाभकारी होगा. ये पूण्य काल 8 घंटे 42 मिनट का होगा. ये है स्नान-दान का शुभ मुहूर्त मकर संक्रांति के महा पुण्य काल की बात करें तो वो सुबह 9 बजकर 3 मिनट से शुरू होगा और 10 बजकर 48 मिनट के बाद समाप्त हो जाएगा. ये महा पुण्य काल 1 घंटा 45 मिनट का होगा. ज्योतिष के मुताबिक, इन दोनों ही समय में स्नान और दान करना बहुत शुभ होगा. जो भी मकर संक्रांति पर पुण्य काल और महा पुण्य काल पर स्नान और दान करेगा उसे विशेष फल की प्राप्ति होगी. मकर संक्रांति क्यों है महत्वपूर्ण मकर संक्रांति पर भगवान सूर्य के पूजा की मान्यता है. इस दिन भगवान सूर्य का पूजन किया जाता है. हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सूर्य देव के मकर राशि में जाने के साथ दिन बड़े होने लगते हैं और ठंड का प्रकोप धीरे-धीरे धीमा पड़ने लगता है. मकर संक्रांति नई फसल के आने का भी प्रतीक है. इस दिन से भगवान सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर भी चलना शुरू कर देते हैं. मकर संक्रांति पर गंगा, यमुना समेत दूसरी पवित्र नदियों में स्नान करने से बहुत पुण्य प्राप्त होता है.

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