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सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर आयोजन, छत्तीसगढ़-गौरेला पेंड्रा मरवाही में किसान सम्मेलन, सुशासन और महतारी वंदन कार्यक्रम की करें तैयारी

गौरेला पेंड्रा मरवाही. साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने आगामी 21 दिसम्बर को प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय पर किसान सम्मेलन आयोजित करने, 23 दिसम्बर को विधानसभा मुख्यालय मरवाही में महतारी वंदन कार्यक्रम और 25 दिसम्बर को सुशासन दिवस के अवसर पर प्रत्येक अटल चौक पर सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित करने संबंधित विभागों को निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यक्रमों में सभी जिला अधिकारियों को भी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने जनसमस्याओं, जनशिकायतों एवं मांगों से संबंधित आवेदनों के निराकरण की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पात्रता रखने वाले सभी हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। जनसामान्य से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लें और तत्काल निराकृत करें। उन्होंने मैदानी क्षेत्रों का नियमित रूप से भ्रमण करने और सही प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिए। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत प्लासटिक अपशिष्ट प्रबंधन यूनिट की स्थापना, ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के समूहों एवं संकुल संगठनों को प्रदाय चक्रीय निधि (आरएफ) एवं सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) की प्रगति में और अधिक गति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम-जनमन योजना की समीक्षा के दौरान निर्माणाधीन पीएम आवासों को शीघ्र पूर्ण करने, पूर्ण हो चुके आवासों में गृह प्रवेश कराने, नल जल कनेक्शन, सड़क सम्पर्क, आयुष्मान कार्ड सहित योजना से सम्बद्ध सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेखों का वितरण, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार, भू-अर्जन अवार्ड के अनुरूप राजस्व अभिलेख दुरूस्त करने, राजस्व नक्शों में सुधार के लंबित प्रकरणों का निराकरण, वनाधिकार पट्टों का डिजिटलाईजेशन एवं अभिलेख दुरूस्ती, पीडीएस बचत स्टॉक का सत्यापन, शासकीय उचित मूल्य दुकानों में शत प्रतिशत ई-केवाईसी, राशन कार्ड नवीनीकरण तथा नवीनीकृत राशन कार्डों के वितरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, जीवन ज्योति, अटल पेंशन, सुरक्षा बीमा, जनधन खाता आदि योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने कहा। उन्होंने पेंशन प्रकरणों का निराकरण संवेदनशीलता के साथ करने, उच्च न्यायालय से संबंधित प्रकरणों का जवाब समय में प्रस्तुत करने, अनुकंपा नियुक्ति, विभागीय जांच की कार्रवाई समय-सीमा में सुनिश्चित करने और अन्तर्विभागीय समन्वय के प्रकरणों को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अत्यधिक ठंड को ध्यान में रखते हुए तीनों मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को आम लोगों को ठंड से राहत दिलाने चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर नम्रता आनंद डोंगरे, परियोजना निदेशक डीआरडीए दिलेराम डाहिरे, एसडीएम पेण्ड्रारोड अमित बेक सहित सभी जिला अधिकारी उपस्थित थे।

4100 लोगों ने अब तक लिया लाभ, छत्तीसगढ़-महासमुंद के कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कराया प्रकृति परीक्षण

महासमुंद. संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार व जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रवीण चंद्राकर के मार्गदर्शन में जिले में देश का प्रकृति परीक्षण’ अभियान प्रभावी ढंग से 26 नवम्बर 2024 से चल रहा है। यह अभियान 25 दिसम्बर 2024 तक राज्य सहित जिले में संचालित रहेगा। आज कलेक्ट्रेट कक्ष में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने स्वयं का प्रकृति परीक्षण करवाया। कलेक्टर ने सभी नागरिकों से अपील की है आप सभी लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए स्वयं की प्रकृति का जाँच करवाएं। जिला पंचायत कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, वन विभाग व विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में अब तक कार्यशाला व शिविर लगाकर प्रकृति परीक्षण किया जा चुका है। अब तक कुल 4100 से अधिक लोगों द्वारा जिले में प्रकृति परीक्षण करवाया जा चुका है। यह प्रकृति परीक्षण समस्त आयुष की संस्थाओं व निजी प्रैक्टिस कर रहे आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा जारी डिजिटल ऐप के माध्यम से इसका आंकलन किया जा रहा है। एंड्रॉयड मोबाइल सेट लेकर गूगल प्ले स्टोर से इस ऐप को डाउनलोड किया जा सकता है। प्रकृति परीक्षण ऐप एन सी आई एस एम को डाउनलोड करके अपने एक मोबाईल नम्बर को प्रविष्ट करें जिस पर ओ टी पी आएगा। ओ टी पी को प्रविष्ट करने के उपरांत सिटीजन कॉलम में कुछ व्यक्तिगत जानकारियों को प्रविष्ट करना होता है। अंततः एक क्यू आर कोड जनरेट होगा जिसे आयुष चिकित्सक स्कैन करके प्रश्नावली में अंकित प्रश्नों को पूछकर व व्यक्ति को देखकर उस व्यक्ति का प्रकृति निर्धारित करते हैं। आयुर्वेद में प्रकृति का सिद्धांत यह बताता है कि किसी भी मनुष्य के प्रकृति का निर्धारण उसके गर्भ में रहने के दौरान ही हो जाता है। सात प्रकार के दैहिक/शारीरिक प्रकृतियों का वर्णन आयुर्वेद में मिलता है। त्रिदोष ( वात, पित्त व कफ) शारीरिक प्रकृतियों का निर्माण करते हैं। वातज, पित्तज, कफज, कफ पित्तज, कफवात, वात पैत्तिक व त्रिदोषज कुल सात शारीरिक प्रकृतियों का निर्माण होता है। तीनों दोषों के मिलने से समधातुज प्रकृति का निर्माण होता है जो कि सर्वश्रेष्ठ होती है। आयुर्वेद में वर्णित चरक का सिद्धांत कहता है कि ऐसे भाव या कारण जो सामान्य होते हैं वे वृद्धि का कारण हैं और ऐसे भाव या कारण जो विशेष या भिन्न होते हैं वे क्षय या ह्रास का कारण होते हैं। इस प्रकार यदि व्यक्ति अपने प्रकृति के बारे में जान जाएगा तो उसे यह भी ज्ञात हो जाएगा कि वह क्या खाएं व क्या ग्रहण न करे। इस प्रकार हम यह समझ सकते हैं कि हमारे लिए स्वयं की प्रकृति का ज्ञान होना कितना आवश्यक होता है। शासकीय आयुष पॉली क्लिनिक महासमुंद में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. सर्वेश दूबे प्रकृति परीक्षण के महत्व को बताया कि मनुष्य की प्रकृति आजीवन नहीं बदलती है। मनुष्य के शरीर का निर्माण पंचमहाभूतों (आकाश, वायु, अग्नि, जल व पृथ्वी) से हुआ है व मनुष्य की दोषिक प्रकृति इन्हीं पंचमहाभूतों का हमारे शरीर में प्रतिनिधित्व करती हैं। मानव शरीर व सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड पांच महाभूतों से मिलकर निर्मित हुआ है।

संभल जिले में अब दूसरे मुस्लिम बाहुल्य इलाके में मिला राधा-कृष्ण का मंदिर, पुलिस ने खुलवाया ताला, साफ-सफाई शुरू

संभल उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक तरफ जहां शाही जामा मस्जिद को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ एक घर के भीतर 46 साल से बंद पड़े मंदिर के मिलने की हलचल अभी थमी नहीं थी कि जिले में एक और मंदिर मिला है। संभल में अतिक्रमण पर कार्यवाही कर रही पुलिस को घनी बस्ती के बीच यह मंदिर दिखाई दिया। जिसके बाद आनन-फानन में प्रशासन के अधिकारियों ने यहां एकत्रित होकर मंदिर की साफ सफाई शुरू करवाई। बता दें कि यह मंदिर हयातनगर थाना इलाके के सरायतरीन में पाया गया है। सरायतरीन पूरी तरह से मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। मंदिर का दरवाजा खोलने पर उसके अंदर हनुमान जी और राधा कृष्ण की खूबसूरत मूर्तियां मिलीं। जिनकी साफ-सफाई कर पूजा-पाठ के लिए तैयार किया जा रहा है। बीते शनिवार को जो मंदिर संभल के खग्गू सराय इलाके में मिला था वह सन 1978 का बताया जा रहा है। 46 सालों से बंद पड़ा ये मंदिर सपा सांसद जियाउररहमान बर्क के घर से 200 मीटर की दूरी पर है। मंदिर को जब खोला गया तो उसके अंदर हनुमान जी की प्रतिमा, शिवलिंग और नंदी स्थापित थे। जिसे देख कर पुलिस हैरान रह गई थी। शिव मंदिर की बात करें तो संभल हिंसा के बाद पुलिस-प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण और बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की थी। तब मस्जिदों और घरों में छापेमारी के दौरान बड़े पैमाने पर बिजली चोरी के खुलासे हुए थे। इसी दौरान अतिक्रमण की खुदाई के हुए यह मंदिर मिला था। शिव मंदिर मिलने के बाद जिले में हड़कंप मचा हुआ है। इस वक्त संभल किसी छावनी से कम नहीं नजर आ रहा है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात है।

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा ने भगवान बुद्ध की पवित्र बोधिवृक्ष के नीचे बैठकर ध्यान लगाया

गया श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा ने भगवान बुद्ध की पावन ज्ञान भूमि बोधगया के महाबोधि मंदिर के गर्भगृह में विशेष पूजा अर्चना की, साथ ही पवित्र बोधिवृक्ष के नीचे बैठकर ध्यान लगाया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार गया अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पहुंचे, जहां बिहार सके मंत्री डॉ. प्रेम कुमार एवं संतोष कुमार सुमन ने पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इसके बाद वे सड़क मार्ग से बोधगया पहुंचे। जहां बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों ने खादा वस्त्र देकर उनका भव्य स्वागत किया। उनके साथ आए श्रीलंकाई शिष्टमंडल का भी पारंपरिक अंदाज में अभिनंदन किया गया। श्रीलंका के राष्ट्रपति की इस यात्रा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास पुलिस बल की तैनाती रही। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम और वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती खुद मौके पर मौजूद थे। महाबोधि मंदिर में पूजा एवं ध्यान साधना के बाद अनुरा कुमारा ने बोधगया के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की सराहना की। उन्होंने पवित्र बोधिवृक्ष के छांव में भी भगवान बुद्ध को नमन किया। इस दौरान श्रीलंका के शिष्टमंडल ने भी मंदिर की परंपराओं और शांति के संदेश को लेकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।इसके बाद राष्ट्रपति बोधगया स्थित श्रीलंकाई महाविहार पहुंचे, जहां उन्होंने जयश्री महाबोधि महाविहार मंदिर में भगवान बुद्ध के दर्शन किए, साथ ही उन्होंने भगवान बुद्ध के दो परम शिष्य महामोगलान और सारीपुत के अस्थि कलश को भी नमन किया। राष्ट्रपति की इस यात्रा से भारत-श्रीलंका के सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। बोधगया, जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था, श्रीलंका के बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए हमेशा से आस्था का केंद्र रहा है।  

तेज रफ्तार बस टाटा मैजिक वाहन को टक्कर मारते हुए घर में घुसी, एक बच्ची समेत दो घायल

गरियाबंद जिले में यात्रियों से भरी एक तेज रफ्तार बस दुर्घटना का शिकार हो गई. यात्री बस ने तेज रफ्तार में टाटा मैजिक वाहन को टक्कर मारते हुए घर में घुसी गई है. बस में 12 से अधिक यात्री सवार थे. हादसे में एक बच्ची सहित दो लोग घायल हो गए हैं. घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया. घायलों को शासकीय अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है. घटना राजिम महासमुन्द मुख्य मार्ग पर जामगांव की है. जानकारी के अनुसार, थानूजा ट्रांसपोर्ट की सी जी 06 डी 9554 क्रमांक बस आज दोपहर राजिम-महासमुन्द मुख्य मार्ग पर जामगांव के एक घर में जा घुसी. यात्री बस में 12 से अधिक लोग सवार थे. बस यात्रियों को लेकर महासमुन्द से छुरा जा रही थी. इस दौरान ड्राइवर रवि साहू ने जब तेज रफ्तार में ब्रेक लगाने की कोशिश की तो बस अनियंत्रित हो गई और छोटा हाथी वाहन को टक्कर मारते हुए घर में घुस गई. जिससे बस सवार यात्रियों में हड़कंप मंच गया. घटना में दो लोग घायल हुए हैं. इसमें एक बच्ची और महिला शामिल हैं. घायलों को शासकीय अस्पताल में भर्ती किया गया है.

‘बाबा गुरू घासीदास जी ने दिखाया मानवीय गुणों के विकास का रास्ता’, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरू घासीदास जी की 18 दिसम्बर को जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री साय ने कहा है कि बाबा गुरू घासीदास जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से दुनिया को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना का मार्ग दिखाया। उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति को ’मनखे-मनखे एक समान’ का प्रेरक संदेश देकर समानता और मानवता का पाठ पढ़ाया। बाबा जी ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आध्यात्मिक जागरण की आधारशिला रखी। उन्होंने लोगों को मानवीय गुणों के विकास का रास्ता दिखाया और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की। श्री साय ने कहा कि गुरू घासीदास जी का जीवन दर्शन और विचार मूल्य आज भी प्रासंगिक और समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय हैं।

एजेंट ने दुबई में नौकरी का वादा करके भारतीय महिला को पाक में बेचा, वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत पहुंचीं महिला ने किया खुलासा

नई दिल्ली पिछले 22 वर्षों से पाकिस्तान में रह रही एक भारतीय महिला लाहौर में वाघा सीमा के रास्ते अपने वतन लौट आई। महिला को एक ट्रैवेल एजेंट धोखे से पाकिस्तान ले गया था। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मूल रूप से मुंबई की हमीदा बानो  2002 में पाकिस्तान के हैदराबाद पहुंची थीं। बानो के अनुसार, एक एजेंट ने उन्हें दुबई में नौकरी दिलाने का वादा करके धोखा दिया। बानो ने बताया कि एजेंट उन्हें दुबई ले जाने के बजाय पाकिस्तान के सिंध प्रांत के हैदराबाद जिले में ले आया। एक सरकारी अधिकारी ने  बताया,  वह कराची से विमान से यहां पहुंचीं और इसके बाद वह वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत पहुंचीं। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने उन्हें विदा किया।” बानो ने अपने परिवार से मिलने की बात पर बहुत खुशी जाहिर की। बानो ने कहा कि उन्होंने भारत लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें यह दिन देखने को मिला। वर्ष 2022 में स्थानीय यूट्यूबर वलीउल्लाह मारूफ ने अपने ‘व्लॉग’ में साझा किया था कि हमीदा बानो ने 2002 में भारत छोड़ दिया था, जब एक भर्ती एजेंट ने उन्हें दुबई में रसोइया की नौकरी दिलाने का वादा किया था। हालांकि दुबई ले जाने के बजाय उन्हें धोखे से तस्करी कर पाकिस्तान ले आया गया। मारूफ के ‘व्लॉग’ ने उन्हें भारत में अपने परिवार से जुड़ने में मदद की। उनकी बेटी यास्मीन ने भी उनसे फोन पर बात की। मारूफ से बातचीत में हामिदा बानो ने बताया कि पाकिस्तान आने से पहले वह अपने पति की मौत के बाद भारत में अपने चार बच्चों की आर्थिक मदद कर रही थीं। उसने पहले दोहा, कतर, दुबई और सऊदी अरब में बिना किसी परेशानी के रसोइया के तौर पर काम किया था। पाकिस्तान में 22 साल रहने के दौरान बानो ने कराची के एक पाकिस्तानी व्यक्ति से शादी की, जिसकी कोविड-19 से मौत हो गई। तब से वह अपने सौतेले बेटे के साथ रह रही थी।

BJP ने बताया क्यों लाए एक देश एक चुनाव बिल, कहा-कांग्रेस ने अनुच्छेद-356 के बार-बार दुरुपयोग किया था

नई दिल्ली राज्यसभा में नेता सदन और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस की पूववर्ती सरकारों द्वारा अनुच्छेद-356 के बार-बार किए गए दुरुपयोग के इतिहास को देखते हुए सरकार ने ‘एक देश, एक चुनाव’ विधेयक लाने का फैसला किया है। ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ पर राज्यसभा में हो रही चर्चा के दूसरे दिन बहस को आगे बढ़ाते हुए नड्डा ने कांग्रेस पर संविधान की भावना को बदलने और उसे दोबारा लिखने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रमुख विपक्षी पार्टी से भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर इस साल 25 जून को आयोजित होने वाले ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम में प्रायश्चित स्वरूप शामिल होने का आह्वान किया। नड्डा ने कहा, ‘आज आप ‘एक देश, एक चुनाव’ के विरोध में खड़े हो रहे हैं। आपके कारण ही ‘एक देश, एक चुनाव’ लाना पड़ रहा है। क्योंकि 1952 से 1967 तक देश में एक साथ ही चुनाव होते थे। आपने (कांग्रेस) अनुच्छेद 356 के इस्तेमाल से राज्यों की चुनी हुई सरकारों को बार-बार गिराया और ऐसा करके आपने कई राज्यों में अलग-अलग चुनाव की स्थिति लाकर खड़ी कर दी।’ भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने अनुच्छेद 356 का 90 बार इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आठ बार, इंदिरा गांधी ने 50 बार, राजीव गांधी ने नौ बार और मनमोहन सिंह ने 10 बार अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा, ‘संविधान की 75 साल की गौरवशाली यात्रा में इन बातों का भी जिक्र होना चाहिए। (लोगों को) पता चलना चाहिए कि आपने किस तरीके से चुनी हुई सरकारों को एक बार नहीं बारम्बार गिराया और देश को मुसीबत में डालने का काम किया।’ कांग्रेस की सरकारों द्वारा किए गए संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए नेता सदन ने कहा कि क्या देश को कोई खतरा था कि देश पर आपातकाल थोपा गया। उन्होंने कहा, ‘नहीं… देश को खतरा नहीं था, कुर्सी को खतरा था। किस्सा कुर्सी का था, जिसके लिए पूरे देश को अंधकार में डाल दिया गया।’ नड्डा ने कहा कि कांग्रेस के सदस्य कहते हैं कि उनके नेताओं ने आपातकाल को एक गलती के रूप में स्वीकार कर लिया है, लिहाजा बार-बार इसका जिक्र नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘आपातकाल के दौरान प्रजातंत्र का गला घोंटने का प्रयास हुआ। अगर आपके दिल में कहीं भी प्रायश्चित है तो मैं आह्वान करता हूं…और आपको समय से पहले बताता हूं… 25 जून 2025 को लोकतंत्र विरोधी दिवस कार्यक्रम में आप शामिल हों।’ उल्लेखनीय है कि पिछले साल सरकार ने 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में घोषित किया था। देश में 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक की अवधि आपातकाल की अवधि थी, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने महत्त्वपूर्ण कार्यपालिका और विधायी परिवर्तन लागू करने के लिये संविधान में विशेष प्रावधानों का उपयोग किया था। नड्डा ने संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर का हवाला करते हुए कहा कि उन्होंने कहा है कि संविधान चाहे कितना भी अच्छा क्यों न हो, यदि संविधान को मानने वाले लोग खराब निकले तो निश्चित रूप से संविधान खराब सिद्ध होगा और दूसरी तरफ अगर संविधान को मानने वाले लोग अच्छे हुए तो संविधान अच्छा सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि वह चाहे आपातकाल हो या अनुच्छेद 370 हो, कांग्रेस ने संविधान से छेड़छाड़ का कोई मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के आदेश से संसदीय प्रक्रियाओं को नजरअंदाज करते हुए पिछले दरवाजे से 35 ए लाया गया। उन्होंने कहा कि इसका नतीजा यह निकला कि भारतीय संसद द्वारा पारित 106 कानून जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं हो सके और इनमें पोक्सो, मानवाधिकार के खिलाफ अत्याचार और महिलाओं की संपत्ति के अधिकार जैसे कानून थे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी पाकिस्तान से आए हुए मनमोहन सिंह, इन्द्र कुमार गुजराल भारत के प्रधानमंत्री बने तथा लालकृष्ण आडवाणी भी पश्चिमी पाकिस्तान से आए थे और वह भारत के उप-प्रधानमंत्री बने। उन्होंने कहा, ‘लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि पीओके से आया हुआ व्यक्ति जम्मू कश्मीर की विधानसभा का सदस्य नहीं बन सकता था, वह पंचायत का चुनाव नहीं लड़ सकता था। यहां तक कि उस व्यक्ति को वोट देने की भी अनु​मति नहीं थी।’ नड्डा ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सूझबूझ के कारण जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया।’ भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने संविधान की प्रस्तावना के साथ भी छेड़ छाड़ कर दी और उसमें पंथनिरपेक्ष और समाजवाद शब्द जोड़ दिए। उन्होंने कहा, ‘अगर आपने (कांग्रेस) संविधान पढ़ा होता और संविधान निर्माताओं की आकांक्षाओं को समझा होता तो आपने (इन शब्दो को) नहीं जोड़ा होता। क्योंकि डॉ. आंबेडकर ने लिखा है कि भारत का संविधान पूरी तरह पंथनिरपेक्ष है, इसमें ‘सेक्युलर’ शब्द जोड़ने की कोई जरूरत नहीं है।’ नड्डा ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए संविधान निर्माताओं को याद किया और कहा कि इसके लिए देश हमेशा उनका कृतज्ञ रहेगा।

एक देश एक चुनाव’: अल्ट्रा वायरस, संविधान पर हमला, देश को ‘तानाशाही’ की तरफ ले जाने वाला कदम है: विपक्ष

नई दिल्ली लोकसभा में मंगलवार को ‘एक देश, एक चुनाव’ संविधान संशोधन विधेयक पेश कर दिया गया। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस विधेयक को सदन में पेश किया। विपक्ष ने विधेयक का जमकर विरोध किया। कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने मंगलवार को लोकसभा में एक साथ चुनाव कराने से संबंधित विधेयक का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि यह संविधान के मूल ढांचे पर हमला है तथा देश को ‘तानाशाही’ की तरफ ले जाने वाला कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा जाना चाहिए। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मंगलवार को देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रावधान वाले ‘संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024’ और उससे जुड़े ‘संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024’ को पुर:स्थापित करने के लिए संसद के निचले सदन में रखा। विधेयक का विरोध करते हुए कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि संविधान के बुनियादी पहलू हैं जिसमें संशोधन इस सदन के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक बुनियादी ढांचे पर हमला है और इस सदन के विधायी अधिकार क्षेत्र से परे है। न्होंने कहा कि भारत राज्यों का संघ है और ऐसे में केंद्रीकरण का यह प्रयास पूरी तरह संविधान विरोधी है। उन्होंने आग्रह किया कि इस विधेयक को वापस लिया जाना चाहिए। क्या बोली समाजवादी पार्टी विधेयक का विरोध करते हुए समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव ने कहा कि दो दिन पहले सत्तापक्ष ने संविधान पर चर्चा के दौरान बड़ी-बड़ी कसमें खाईं और अब दो ही दिन के अंदर संविधान के मूल ढांचे और संघीय ढांचे को खत्म करने के लिए यह विधेयक लाए हैं। उन्होंने दावा किया, ‘यह संविधान की मूल भावना को खत्म करने का प्रयास है और तानाशाही की तरफ ले जाने वाला कदम है।’ समाजवादी पार्टी सदस्य ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग दो राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ नहीं करा पाते हैं, वे पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की बात कर रहे हैं। यादव ने कहा कि इस विधेयक को वापस लिया जाना चाहिए। टीएमसी ने बताया अल्ट्रा वायरस तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि यह प्रस्तावित विधेयक संविधान के मूल ढांचे पर हमला है और यह ‘अल्टा वायरस’ है। उन्होंने दावा किया कि इस विधेयक को स्वीकार नहीं किया जा सकता। बनर्जी ने कहा कि राज्य विधानसभाएं केंद्र और संसद के अधीनस्थ नहीं होती हैं, यह बात समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से संसद को कानून बनाने का अधिकार है, उसी तरह विधानसभाओं को भी कानून बनाने का अधिकार है। तृणमूल कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह राज्य विधानसभाओं की स्वायत्ता छीनने का प्रयास है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि कोई भी दल हमेशा सत्ता में नहीं रहेगा, एक दिन सत्ता बदल जाएगी। बनर्जी ने कहा, ‘‘यह चुनावी सुधार नहीं है, एक व्यक्ति की महत्वाकांक्षाओं और सपनों को पूरा करने के लिए लाया गया है।’’ डीएमके ने विधेयक को अनुमति देने पर उठाए सवाल डीएमके नेता टीआर बालू ने सवाल किया कि जब सरकार के पास दो- तिहाई बहुमत नहीं है तो फिर इस विधेयक को लाने की अनुमति आपने कैसे दी? इस पर बिरला ने कहा, ‘मैं अनुमति नहीं देता, सदन अनुमति देता है।’ बालू ने कहा, ‘मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि इस विधेयक को जेपीसी के पास भेजा जाए और विस्तृत विचार-विमर्श के बाद इसे सदन में लाया जाए।’ आईयूएमएल के नेता ईटी मोहम्मद बशीर ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र, संविधान और संघवाद पर हमले का प्रयास है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई ने भी विधेयक का विरोध किया और कहा कि यह विधेयक संघवाद पर सीधा हमला है और राज्यों के अस्तित्व को कमतर करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के कामकाज की भी जांच-परख होनी चाहिए और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में जो हुआ, उसे देखते हुए यह जरूरी हो गया है। लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने कहा कि ये दोनों विधेयक संविधान और नागरिकों के वोट देने के अधिकार पर आक्रमण हैं। उनका कहना था कि निर्वाचन आयोग की सीमाएं अनुच्छेद 324 में निर्धारित हैं और अब उसे बेतहाशा ताकत दी जा रही है। गोगोई ने कहा कि इस विधेयक से निर्वाचन आयोग को असंवैधानिक ताकत मिलेगी।

बैग का जवाब बैग से दिया, प्रियंका गांधी ने अब उठाया बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए झोला

नई दिल्ली कांग्रेस की वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी सोमवार को संसद में फिलिस्तीन लिखा बैग लेकर पहुंची थीं। इसे लेकर उनकी भाजपा सांसदों ने आलोचना की थी और कहा था कि वह मुस्लिम तुष्टीकरण में जुटी हैं। लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा को लेकर वह चुप रहती हैं। माना जा रहा था कि प्रियंका गांधी इस बैग से घिर सकती हैं और इसकी तारीफ पाकिस्तान तक में हुई तो भाजपा और हमलावर हुई थी। लेकिन अब प्रियंका गांधी ने खुद ही बैग का जवाब बैग से दिया है। आज वह एक ऐसा बैग लेकर संसद पहुंचीं, जिसमें लिखा था- ‘बांग्लादेश के हिंदुओं और ईसाइयों के साथ खड़े हों।’ इस बैग को लेकर माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी और कांग्रेस ने भाजपा का जवाब देने की कोशिश की है। भाजपा लगातार आरोप लगाती रही है कि कांग्रेस मुस्लिम तुष्टीकरण करती है, जबकि हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार पर वह चुप रहती है। विपक्ष के सांसदों ने परिसर के बाहर मंगलवार को प्रदर्शन किया। इन सांसदों ने सरकार से मांग की कि वे पड़ोसी मुल्क में हिंदुओं और ईसाइयों के खिलाफ किए जा रहे अत्याचारों को लेकर कदम उठाएं। इन लोगों ने बांग्लादेश के हिंदुओं का साथ दें लिखी तख्यियां हाथों में ले रखे थे और वह सरकार से ऐक्शन की मांग को लेकर नारे लगा रहे थे। प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस के सांसद प्रियंका गांधी के अलावा कांग्रेस कई सांसद ‘बांग्लादेश के हिंदुओं और ईसाइयों के साथ खड़े हों’ लिखे बैग लेकर आए थे। माना जा रहा है कि तुष्टीकरण के आरोप का जवाब देने के लिए प्रियंका गांधी और कांग्रेस ने यह सवाल उठाया है। खासतौर पर मुस्लिमों और फिलिस्तीन का ही मुद्दा उठाने पर उन्हें घेरा जा रहा था। ऐसी स्थिति में कांग्रेस का यह कदम संदेश देने के लिए है कि हम सभी के साथ हैं और कोई भेदभाव की राजनीति नहीं करते। यदि कांग्रेस फिलिस्तीन का मुद्दा उठाती है तो वह बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार का भी मुद्दा मसला उठाती है।

पार्वती, कालीसिंध, चंबल जोड़ो परियोजना का पीएम मोदी की मौजूदगी में हुआ MoU हुआ साइन, एमपी-राजस्थान में किसानों को होगा लाभ

भोपाल मध्यप्रदेश और राजस्थान को समृद्ध और किसानों को खुशहाल बनाने वाली पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए त्रि-स्तरीय अनुबंध हो गया है। यह कार्यक्रम राजस्थान के जयपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुआ। एक तरफ जयपुर में मुख्य कार्यक्रम चल रहा था, जो दूसरी ओर मध्य प्रदेश के योजना से लाभान्वित होने वाले जिलों में किसान सम्मान किया गया। देवास जिले में जिला स्तरीय किसान सम्मेलन टोंकखुर्द में मंडी मैदान में सुबह 10.30 बजे से आयोजित हुआ। जल संसाधन विभाग की 3612.90 करोड़ रुपये की पार्वती, कालीसिंध, चंबल नदी जोड़ो परियोजना का भूमि पूजन मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। सीधा प्रसारण उज्जैन सहित प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर किया गया। योजना के क्रियान्वयन से उज्जैन के 171 गांव के किसान लाभान्वित होंगे। इस जानकारी के साथ अन्य जानकारी साझा करने को सुबह 10 बजे इंदौर की चिमनगंज कृषि उपज मंडी प्रांगण में जिला स्तरीय किसान सम्मेलन रखा गया।

डिप्टी सीएम शुक्ल ने कांग्रेस के कटोरा लेकर प्रदर्शन पर कहा प्रदेश की तरक्की के लिए कर्ज लेना जरूरी

 भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा में शीतकालीन के दूसरे दिन की कार्यवाही जारी है, इस बीच डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने विधानसभा में गांधी प्रतिमा पर कांग्रेस के कटोरा लेकर प्रदर्शन पर कहा कि कांग्रेस के लोग गुमराह कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि प्रदेश की तरक्की के लिए कर्ज लेना बेहद जरूरी है। एमपी में हमने जो कर्ज लिया है वो तीन फीसदी से कम लिया है। डिप्टी सीएम ने कहा कि कांग्रेस को जब मौका मिला था, उसने प्रदेश को बीमारू बनाया था। वन नेशन वन इलेक्शन पर डिप्टी सीएम ने दिया बड़ा बयान   उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने लोकसभा में वन नेशन वन इलेक्शन बिल पर चल रही कवायद के बीच कहा कि लंबे समय से देश की लोगों में यह भावना थी। 5 साल तक देश चुनाव में फंसा रहता है, लंबे समय की मांग पीएम मोदी ने पूरी की है। बता दें कि वन नेशन वन इलेक्शन बिल आज  लोकसभा में प्रस्तुत होगा। बढ़ते कर्ज को लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेसी विधायक हाथों में तख्तियां और कटोरा लेकर आज विधानसभा पहुंचे और गांधी प्रतिमा के सामने प्रदेश के उपर बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार के खिलाफ हाथ में तख्तियां और कटोरा लेकर प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। 

मुझे आठ दिन पहले राज्यसभा की सदस्यता की पेशकश की गई थी, जिसे मैंने अस्वीकार कर दिया: छगन भुजबल

मुंबई महाराष्ट्र में नई महायुति सरकार में शामिल नहीं किए जाने से निराश राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने दावा किया है कि आठ दिन पहले उन्हें राज्यसभा की सदस्यता की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया। नासिक जिले के येवला से विधायक भुजबल ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने राज्यसभा सीट के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया क्योंकि यह उनके विधानसभा क्षेत्र के साथ विश्वासघात होगा, जहां से उन्होंने पिछले महीने राज्य के चुनाव में जीत हासिल की थी। राज्य के पूर्व मंत्री ने कहा, ‘जब मैं इस वर्ष की शुरुआत में राज्यसभा में जाना चाहता था, तो मुझसे कहा गया कि मुझे विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए। मुझे आठ दिन पहले राज्यसभा की सदस्यता की पेशकश की गई थी, जिसे मैंने अस्वीकार कर दिया। मैंने कहा कि मैं एक या दो साल बाद राज्यसभा के विकल्प पर विचार कर सकता हूं, लेकिन तुरंत नहीं।’ भुजबल ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने के बाद उन्होंने राकांपा प्रमुख और उपमुख्यमंत्री अजित पवार से बात नहीं की है। प्रमुख ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) नेता भुजबल ने दावा किया कि उन्हें मंत्रिमंडल से इसलिए बाहर रखा गया क्योंकि उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे का विरोध किया था, जो नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘जब मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मराठा समुदाय को ओबीसी श्रेणी में शामिल करने की मांग कर रहे थे तो मैंने अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के पक्ष में आवाज उठाई थी। लाडकी बहिन योजना और ओबीसी ने महायुति को चुनाव जीतने में मदद की।’ सोमवार को नागपुर में विधानसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित होने के बाद नासिक के लिए रवाना हुए भुजबल से जब उनके भविष्य के कदम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘देखते हैं। जहां नहीं चैना, वहां नहीं रहना।’ पिछली महायुति सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रहे भुजबल ने कहा कि नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से वह निराश हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं एक साधारण राजनीतिक कार्यकर्ता हूं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मुझे दरकिनार किया जाता है या पुरस्कृत किया जाता है।’ राकांपा नेता ने कहा, ‘मंत्रिपद आते-जाते रहते हैं, लेकिन मुझे मिटाया नहीं किया जा सकता।’ देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में रविवार को महायुति के सहयोगी दलों – भाजपा (भारतीय जनता पार्टी), शिवसेना और राकांपा के कुल 39 विधायकों ने शपथ ली। मंत्रिमंडल से 10 पूर्व मंत्रियों को हटा दिया गया और 16 नए चेहरे शामिल किए गए। पूर्व मंत्री राकांपा के भुजबल और दिलीप वाल्से पाटिल तथा भाजपा के सुधीर मुनगंटीवार एवं विजयकुमार गावित कुछ प्रमुख नेता हैं, जो मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए गए।

दतिया में महाराष्ट्र पासिंग की बाइक अनियंत्रित होकर बिजली खंभे से टकराई, मृतकों की शिनाख्त में जुटी पुलिस

दतिया मध्यप्रदेश में रफ्तार का कहर थम नहीं रहा है। तेज रफ्तार वाहनों के अनियंत्रित होने के कारण आये दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। सड़क हादसों में असमय लोगों की मौतें भी हो रही है। ताजा मामला दतिया जिले का है जहां बिजली खंभे में टकराने से बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई है। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है। पुलिस मृतकों के शिनाख्ती के प्रयास में लगी है। दरअसल हादसा कोतवाली थाना के सीतासागर बाइपास का है, जहां तेज गति से जा रही बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बिजली के खंभे से जा टकराई। इस हादसे में बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई है। मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। यह भी पता नहीं कि मृतक कहां से आ-जा रहे थे और कहां के रहने वाले हैं। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि दोनों मृतक शराब पिए हुए थे। बाइस महाराष्ट्र पासिंग की है। युवक मध्यप्रदेश के है या बाहर के यह भी पता नहीं चल पाया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शव की पीएम के लिए भिजवाकर जांच में जुट गई है।

पेंच टाइगर रिजर्व में चार से पांच दिन पुराना नर बाघ का मिला शव

सिवनी मध्य प्रदेश में सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व में 4 वर्ष आयु के नर बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद पेंच प्रबंधन जांच में जुटा है। बताया जा रहा है कि, शव चार से पांच दिन पुराना है। शुरुआती जांच में बाघ से इलाके के लिए हुए संघर्ष में घायल होने के बाद बाघ की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। पेंच टाइगर रिजर्व के कुरई परिक्षेत्र अंतर्गत पश्चिम खामरीट बीट के कक्ष क्रमांक 630 में 4 वर्ष के नर बाघ का शव गश्ती दल को मिला है। घटना की सूचना पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और बाघ का अंतिम संस्कार किया। जानकारी के अनुसार, शव दो से तीन दिन पुराना है। वहीं टीम को बाघ के सभी अंग सुरक्षित मिले हैं। साथ ही बाघ के शरीर में घाव के निशान भी मिले हैं। जिसे देख ऐसा लगता है जैसे मानो अन्य बाघ से टेरिटरी के लिए हुए संघर्ष में घायल होने के बाद बाघ की मौत हुई हो। फिलहाल पेंच प्रबंधन ने बाघ के शव की पीएम रिपोर्ट के अनुसार जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद भी सामने आएगा कि बाघ की मौके किस कारण से हुई।

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