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अनुपूरक बजट में केन-बेतवा परियोजना को 900 करोड़ रुपए, लाड़ली बहना योजना के लिए 465 करोड़

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में डॉ मोहन यादव सरकार ने वर्ष 2024-25 के लिए अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया है। यह 22,460 करोड़ रुपये का है। उप मुख्यमंत्री (वित्त) जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में वर्ष 2024-25 में विभागों को आवश्यक अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। इस अनुपूरक बजट में केन-बेतवा परियोजना के लिए 900 करोड़ रुपए, लाड़ली बहना योजना के लिए 465 करोड़ और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान है।   अनुपूरक बजट क्या होता है? सरकार कभी-कभी साल के बीच में एक्स्ट्रा पैसे खर्च करने के लिए अनुपूरक बजट लाती है। यह बजट पहले से तय बजट से अलग होता है। इसमें उन खर्चों का हिसाब-किताब होता है जो पहले बजट में नहीं थे या फिर कोई नई ज़रूरत पड़ने पर इसे लाया जाता है। मान लीजिए किसी मंत्रालय को अपनी योजना के लिए और पैसा चाहिए, तब सरकार अनुपूरक बजट के जरिए यह पैसा देती है।   आसान भाषा में ऐसे समझें मान लीजिए किसी आपदा के लिए राहत कार्य चलाने के लिए ज़्यादा पैसे की ज़रूरत है। या फिर किसी योजना को बीच में ही और धनराशि देनी पड़ रही है। ऐसी स्थिति में सरकार अनुपूरक बजट पेश करती है। इसमें यह बताया जाता है कि कहां और कितना पैसा खर्च किया जाएगा। सोचिए जैसे घर का बजट होता है, वैसे ही सरकार का भी बजट होता है। और कभी-कभी घर के बजट में भी एक्स्ट्रा खर्चा आ जाता है। ठीक उसी तरह सरकार के बजट में भी अतिरिक्त खर्चों के लिए अनुपूरक बजट की व्यवस्था है। इससे सरकार अपने कामकाज को सुचारू रूप से चला सकती है।   केन बेतवा के लिए 900 करोड़ इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए धन आवंटित किया गया है। सरकार की महात्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के 900 करोड़ रुपये का प्रावधान है। गौरतलब है कि इसका भूमिपूजन करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश आएंगे। वहीं, पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए 600 रुपए का प्रतीकात्मक प्रावधान रखा गया है।   लाडली बहना को 456 करोड़ रुपए लाडली बहना योजना के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को 456 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन दिया गया है। इस अनुपूरक बजट से ऊर्जा विभाग को 8,763 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस राशि में 280 करोड़ रुपये टैरिफ अनुदान और अटल कृषि ज्योति योजना के लिए प्रावधान हैं। वहीं, जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल से जल पहुंचाने के कार्यक्रम को गति देने और ग्रामीण समूह जल प्रदाय के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 3,515 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।   चार्ट से समझें पूरा बजट:   इन विभागों के लिए भी आवंटित हुई राशि नवीन प्रधानमंत्री आवास शहरी के लिए 1,600 रुपये, संबल योजना के लिए 200 करोड़, लाड़ली लक्ष्मी योजना में छात्रवृत्ति और आर्थिक सहयोग के लिए 85 करोड़, निकायों का ऋण और ब्याज चुकाने 204 करोड़, दीनदयाल रसोई के लिए 10 करोड़, बड़े पुलों के निर्माण के लिए 400 करोड़, ग्रामीण सड़क और जिला मार्गों के लिए 400 करोड़ दिए जाएंगे।   यहां देखें पूरी लिस्ट- विभाग/योजना आवंटित राशि (करोड़ में) केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना 900 पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना 600 लाडली बहना योजना (महिला एवं बाल विकास) 456 ऊर्जा विभाग 8,763 लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग 3,515 प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 1,600 संबल योजना 200 लाडली लक्ष्मी योजना (छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता) 85 निकायों का ऋण और ब्याज चुकाने 204 दीनदयाल रसोई योजना 10 बड़े पुलों का निर्माण 400 ग्रामीण सड़क और जिला मार्ग 400 मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना 50 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन 400 सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को ब्याजरहित ऋण 50 स्वास्थ्य सेवाएं 290 सिंचाई परियोजनाएं 1,515 नर्मदा घाटी विकास 2,090 सड़क, पुल और अन्य निर्माण कार्य 1,050 ग्रामीण विकास 1,161 उच्च शिक्षा विभाग 144 SC/ST और OBC छात्रवृत्ति (11वीं-12वीं और कॉलेज) 360 जनजातीय कार्य विभाग (छात्रवृत्ति) 130 OBC और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग (छात्रवृत्ति) 180 SC/ST विद्यार्थियों को आवास सहायता 130 विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन पर निर्माण कार्य 50 मुख्यमंत्री निवास परिसर में एनेक्सी निर्माण 47 भोपाल में सरकारी भवनों के रख-रखाव 55 सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के रख-रखाव 3 पर्यटन अधोसंरचना विकास 131 कुल 22,460

डिजिटल ठगी का केंद्र बना मध्य प्रदेश, अपराध में 130% की वृद्धि पुलिस के लिए बनी चुनौती

भोपाल मध्य प्रदेश साइबर फ्रॉड करने वाले डिजिटल ठगों के निशाने पर है. हालत ये है कि यहां डिजिटल ठगी के मामलों में 130% की वृद्धि दर्ज की गई है. फर्जी कस्टमर केयर कॉल, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, और ऑनलाइन ठगी के मामलों ने नागरिकों के सामने चुनौतियां बढ़ा दी हैं. इसी कड़ी में सितंबर में भोपाल की श्वेता सेंगर मोबाइल रिचार्ज करने के नाम पर 61,000 रुपये की ठगी का शिकार हो गईं.उन्होंने गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजा और अनजाने में एक साइबर अपराधी से संपर्क कर लिया. वह व्यक्ति खुद को कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव बता रहा था. इसके बाद उसने बैंक बैलेंस चेक करने और पिन डालने को कहा. जैसे ही महिला ने पिन डाला, महिला के खाते से कुछ ही सेकंड में 61,000 रुपये निकल गए. साथ ही मेरे फोन में एक ऐप इंस्टॉल हो गया, जिसके बारे में महिला को जानकारी नहीं थी. उसने बताया कि यह रकम उनकी मेहनत की बचत थी, जिसे बच्चों की स्कूल फीस और घर के खर्चों के लिए रखा गया था. उन्होंने निराशा जताई कि मुझे नहीं लगता कि ये पैसे कभी वापस आएंगे. साल भर में ठगी की राशि में 80% का इजाफा गृह विभाग की जानकारी के मुताबिक, 2023 में ऑनलाइन ठगी के भोपाल में 53, इंदौर में 184 मामले सामने आए। पूरे मध्यप्रदेश में साल 2023 में 444 मामलों में 19 करोड़ रुपए की ठगी हुई। इस साल 2024 में ठगी की राशि बढ़कर 94 करोड़ हो गई। 2024 में भोपाल में 77, इंदौर में 141, जबलपुर में 94, उज्जैन में 44 मिलाकर प्रदेश में कुल 521 मामले सामने आए। ऑनलाइन ठगी के मामलों में 2023 की तुलना में 2024 में 20% की बढ़ोत्तरी हुई, लेकिन ठगी की राशि पांच गुना ज्यादा बढ़ी है। साइबर अपराध के चौंकाने वाले आंकड़े विधानसभा में पेश मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री और गृह मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के सवाल पर राज्य में बढ़ते साइबर अपराध के आंकड़े साझा किए. डिजिटल अरेस्ट के मामले     2024 में: 26 मामले दर्ज हुए, जिनमें 12.60 करोड़ रुपये की ठगी की गई.     2023 में: केवल 1 मामला था, जिसमें ₹96,968 का नुकसान हुआ था.     रिकवरी: 2024 में कुल ठगी की राशि में से सिर्फ ₹72.38 लाख (5.74%) की ही वापसी हो पाई. साइबर अपराधियों की गिरफ्तारियां अब तक 38 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से ज्यादातर आरोपी राजस्थान, बिहार, गुजरात, केरल और जम्मू-कश्मीर से हैं. कुल साइबर फ्रॉड के आंकड़े     2023 और 2024 में साइबर फ्रॉड से राज्य के लोगों को ₹150 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ.     2023 में 444 मामले दर्ज हुए, जिनमें ₹44.26 करोड़ का नुकसान हुआ.     2024 में मामलों की संख्या बढ़कर 521 हो गई, जो 17% की वृद्धि है.     नुकसान बढ़कर ₹93.60 करोड़ हो गया, यानी 111% की वृद्धि दर्ज है.     2023 में 20% की रिकवरी हुई थी, जबकि 2024 में यह घटकर केवल 9% रह गई. प्रमुख प्रभावित क्षेत्र इंदौर सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 2023 में 184 और 2024 में 141 मामले दर्ज हुए. राजधानी भोपाल में 2023 में 53 और 2024 में 77 मामले सामने आए. श्वेता सेंगर का अनुभव और विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि मध्य प्रदेश में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है. फर्जी कस्टमर केयर कॉल, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, और ऑनलाइन ठगी के मामलों ने नागरिकों की सुरक्षा को चुनौती दी है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लोग ऑनलाइन जानकारी साझा करने में सतर्क रहें और संदिग्ध कॉल्स से बचें. 510 साइबर अपराधी गिरफ्तार मध्यप्रदेश में 2023 और 2024 में ऑनलाइन ठगी के 965 मामलों में 138 करोड़ और डिजिटल अरेस्ट के 27 मामलों में 14 करोड़ रुपए की ठगी हुई। गृह विभाग के अफसरों ने बताया कि साइबर अपराधियों से 18 करोड़ रुपए की राशि जब्त की गई है। 510 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। ज्यादातर मामलों में पुलिस, बैंक, आयकर विभाग, सीबीआई, कस्टम, ट्राई के अधिकारी बनकर लोगों से ठगी की गई थी। साल 2023 में डिजिटल अरेस्ट का 1 केस डिजिटल अरेस्ट का साल 2023 में केवल एक मामला दर्ज हुआ था। भोपाल के साइबर पुलिस हेड क्वार्टर ने डिजिटल अरेस्ट का एक केस दर्ज किया था। इसमें ठगों ने 96,968 रुपए की ठगी की थी। साल 2024 में डिजिटल अरेस्ट के 26 मामले दर्ज किए गए, जिनमें ठगों ने 12 करोड़ 60 लाख 71 हजार 802 रुपए की ठगी की। पुलिस ने 38 आरोपियों को गिरफ्तार कर 72 लाख 38 हजार 927 रुपए की राशि पीड़ितों को वापस कराई है। राजस्थान से केरल तक के अपराधियों ने एमपी में की ठगी साल 2024 में 9 मामले भोपाल के साइबर पुलिस हेड क्वार्टर में दर्ज किए गए। इन 9 मामलों में 3 करोड़ 4 लाख 77 हजार 626 रुपए की ठगी की गई थी। पुलिस ने दौसा (राजस्थान), ग्वालियर, नीमच, देवास, मंदसौर, डीडवाना (राजस्थान) से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पीड़ितों को 14 लाख 33 हजार 720 रुपए की राशि वापस दिलाई है।

22 फरवरी को PM MITRA पार्क की आधारशिला रखेंगे प्रधानमंत्री मोदी, टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देना है लक्ष्य

भोपाल फरवरी में भोपाल में होने वाली मोहन यादव सरकार की पहली ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट की तैयारी जारी है, दूसरी ओर पीएम मित्रा पार्क को लेकर भी हलचल बढ़ गई है। उद्योग विभाग ने पीएम के हाथों भूमिपूजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्र और राज्य सरकार के इस संयुक्त प्रोजेक्ट के विकास को लेकर मास्टर प्लानर की भूमिका एमपीआईडीसी (मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) को मिलना तय है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के पास इसका प्रस्ताव पहुंच गया है। इसी के साथ विभाग ने इस प्रोजेक्ट के इंटरनल डेवलपमेंट के लिए भी तैयारी कर ली है। यहां 400 करोड़ से ज्यादा की लागत में इंटरनल डेवलपमेंट होगा। सूत्रों की मानें तो दिसंबर अंत या जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करेंगे। भूमिपूजन के दिन ही 50 से 60 प्रतिशत इंडस्ट्री को जमीन का आवंटन भी कर दिया जाएगा, ताकि वे भी समय से अपने प्रोजेक्ट शुरू कर सकें। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौर का कहना है कि पीएम मित्रा पार्क का बाहरी डेवलपमेंट जारी है। केंद्र की हरी झंडी मिलते ही इंटरनल डेवलपमेंट भी शुरू हो जाएगा। यहां जितनी भी बाधाएं थीं, वे पहले ही खत्म कर ली गई हैं। दरअसल, पीएम मित्रा पार्क में बाहरी विकास राज्य सरकार के जिम्मे है। इसमें एप्रोच रोड से लेकर पानी और बिजली की उपलब्धता राज्य सरकार को सुनिश्चित करना है। प्रोजेक्ट में कच्चे माल की प्रोसेसिंग से कपड़ा बनने तक की इंडस्ट्रियां होंगी।     1563 एकड़ का यह प्रोजेक्ट भैंसोला में विकसित हो रहा     500 करोड़ रुपए की फंडिंग दो चरणों में केंद्र सरकार करेगा     100 करोड़ से अधिक के निवेश वाली इकाइयों को टर्न ओवर का तीन प्रतिशत 3 वर्षों तक दिया जाएगा इंदौर के बाद दूसरा आईटी पार्क उज्जैन में बनेगा, 21 को सीएम करेंगे भूमिपूजन इंदौर में तीन तैयार हो चुके और दो निर्माणाधीन आईटी पार्क के बाद अब उज्जैन में नया आईटी पार्क बनने जा रहा है। यहां बिल्डिंग में एक लाख वर्ग फीट का स्पेस मिलेगा। 46 करोड़ की लागत से यह काम होगा। 21 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका भूमिपूजन करेंगे। दरअसल, उज्जैन में हुई रीजनल इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव में इसकी डिमांड सामने आई थी। 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित : देश के 7 सात राज्यों में बनने वाले पीएम मित्रा मेगा टेक्सटाइल पार्क प्रोजेक्ट के तहत इंदौर संभाग के धार जिले के भैंसोला में बन रहा है। अभी यहां बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम चल रहे हैं। एमपीआईडीसी को यहां की 881.25 हेक्टेयर क्षेत्र की प्लानिंग करना होगी। इसका डेवलपमेंट भी करवाना होगा। यहां 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। अब तक 9 हजार 462 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर बात हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट से 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।  

इंदौर में 1 जनवरी से भीख देने वालों पर होगी FIR, नए साल तक Indore होगा भिखारी मुक्त शहर

इंदौर  मध्य प्रदेश का शहर इंदौर, जो सफाई के लिए पूरे देश में विख्यात है। अब भिखारी मुक्त शहर की पहल करने जा रहा है। प्रशासन ने इसके लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है, जिसके तहत भीख देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। यह नया नियम 1 जनवरी से लागू होगा। इंदौर में जल्द ही भिखारियों को पैसे देना दंडनीय अपराध होगा। 1 जनवरी 2025 से पुलिस भीख देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करेगी। इस नियम के पीछे शहर में भीख मांगने की प्रथा को खत्म करने का मकसद है। फिलहाल, इस बदलाव के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। भिक्षुक मुक्त शहर बनाने का चलेगा अभियान नए साल से इंदौर में भीख मांगने और भीख देने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। स्वच्छ शहर इंदौर को भिक्षुक मुक्त शहर बनाने के लिए जारी अभियान में एक जनवरी से तीसरा चरण शुरू किया जाएगा। इसमें भिक्षावृत्ति को प्रोत्साहित कर भीख देने वालों पर कार्रवाई शुरू होगी। कलेक्टर आशीष सिंह ने भिक्षा देने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के आदेश पूर्व में जारी किए जा चुके है। 34 बाल भिक्षुकों को रेस्क्यू किया गया तीन चरणो में शुरू हुए अभियान का दूसरा चरण रेस्क्यू किया जा रहा है। इसमें अब तक तीन सौ से अधिक बुजुर्गो और व्यस्कों का रेस्क्यू कर उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजा जा चुका है। वहीं 34 बाल भिक्षुकों को रेस्क्यू भी किया गया है। कलेक्टर ने अब तीसरे चरण का अभियान शुरू करने के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने देश के दस शहरों को भिखारी मुक्त बनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है।इसमें इंदौर को भी शामिल किया गया है। इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने के लिए सात विभागों को शामिल कर दल नियुक्त किए गए है। इनके द्वारा शहर में सतत कार्रवाई की जा रही है। इंदौर को भिखारी मुक्त बनाने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। इसे लेकर कलेक्टर आशीष सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि वे भिक्षावृत्ति को बढ़ावा न दें। इसी के साथ उन्होंने पिछले आदेश का हवाला देते हुए कहा कि शहर में भिक्षा देने को भी प्रतिबंधित किया था।अब इस महीने के अंत तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और माह के अंत में आदेश फिर जारी किया जाएगा। इसके बाद भिक्षा देने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसका मतलब ये हुआ कि अब अगर नए साल में एक जनवरी से कोई व्यक्ति किसी भिखारी को भीख देते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ़  एफआईआर की जाएगी। प्रशासन चला रहा है जागरूकता अभियान बता दें कि काफी समय से शहर में ये अभियान चलाया जा रहा है और पिछले दिनों इसी सिलसिले में कुछ भिखारियों को पकड़ा भी गया था। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि उनके पास कुछ ऐसे केस भी आए हैं जहां भीख में मिलने वाले पैसों का उपयोग ड्रग्स के लिए किया जाता था। वहीं कुछ ऐसे परिवार सामने आए जहां बड़े बुजुर्गों से कोर्स करके भिक्षावृत्ति कराई जाती है। आसपास के कुछ गाँव और राजस्थान से गैंग भीख मांगने के धंधे को ऑपरेट करती है। कलेक्टर ने बताया कि वहां से बस भरकर लोग आते हैं और यहां भिक्षावृत्ति करते हैं। इस तरह ये सामाजिक बुराई अब एक धंधे में भी बदलती जा रही है और प्रशासन ने इसे समाप्त करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके तहत अब भीख मांगने वालों पर तो प्रशासन की नजरें रहेंगी ही, लेकिन अगर कोई भीख देते हुए पाया गया तो उसपर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मेहुल चोकसी मामले में 2,565.90 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं और उन्हें नीलाम किया जाएगा : निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पीड़ितों या सही दावेदारों को 22,280 करोड़ रुपये की संपत्तियां वापस कर दी हैं और आर्थिक अपराधियों के खिलाफ लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। सीतारमण ने वर्ष 2024-25 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों के पहले बैच पर लोकसभा में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि भगोड़े विजय माल्या की 14,131.6 करोड़ रुपये की संपत्ति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वापस कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नीरव मोदी मामले में 1,052.58 करोड़ रुपये की संपत्ति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और निजी बैंकों को वापस कर दी गई है। वित्त मंत्री के जवाब के अनुसार, मेहुल चोकसी मामले में 2,565.90 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं और उन्हें नीलाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) मामले में, धोखाधड़ी के शिकार वास्तविक निवेशकों को 17.47 करोड़ रुपये की संपत्तियां वापस कर दी गईं। उन्होंने कहा, ‘पीएमएलए के मामले में, ईडी ने प्रमुख मामलों में कम से कम 22,280 करोड़ रुपये की संपत्तियां सफलतापूर्वक वापस हासिल की हैं… हमने किसी को नहीं छोड़ा है, भले ही वे देश छोड़कर भाग गए हों, हम उनके पीछे पड़े हैं। ईडी ने यह पैसा इकट्ठा किया है और बैंकों को वापस दे दिया है।’ सीतारमण ने कहा, ‘इसलिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि हमने आर्थिक अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा है। हम उनके पीछे पड़े हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जो पैसा बैंकों में वापस जाना है, वह वापस आ जाए।’ विदेशों में जमा काले धन के संबंध में कुछ सांसदों के सवालों पर वित्त मंत्री ने कहा कि 2015 का काला धन अधिनियम वास्तव में बहुत से करदाताओं पर निवारक प्रभाव डाल रहा है और वे अपनी विदेशी संपत्ति का खुलासा करने के लिए स्वयं आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी संपत्ति का खुलासा करने वाले करदाताओं की संख्या 2021-22 में 60,467 से बढ़कर 2024-25 में दो लाख हो गई है।

कैंसर मरीजों के लिए गुड न्यूज: रूस ने दुनिया को दिया बड़ा तोहफा, कैंसर वैक्सीन बनाने का किया दावा, कहा – फ्री में बांटेंगे

मॉस्को रूस ने अभी तक कैंसर के वैक्सीन का नाम तय नहीं किया है। अगर दावा सच है तो पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ी राहत है। कैंसर जैसी बीमारी का नाम सुनते ही लोगों की रूह कांप जाती है। यह एक गंभीर बीमारी है, जो पूरी दुनिया में तेजी से फैल रही है। इस बीच एक बहुत बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। रूस ने दावा किया है कि उसने कैंसर के मरीजों के लिए वैक्सीन बना ली है। यह वैक्सीन साल 2025 की शुरुआत में बाजार में आ जाएगी। इसके साथ ही रूस ने ऐलान किया है कि यह वैक्सीन सभी लोगों को फ्री में दी जाएगी। अगर रूस का यह दावा सच है, तो पूरी दुनिया के लिए यह वैक्सीन किसी संजीवनी से कम नहीं हैं। रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय के रेडियोलॉजी मेडिकल रिसर्च सेंटर के जनरल डायरेक्टर एंड्री काप्रिन (Andrey Kaprin) ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि देश ने कैंसर के खिलाफ अपना स्वयं का mRNA वैक्सीन बना लिया है। यह वैक्सीन लोगों को फ्री में दी जाएगी। हालांकि अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई कि यह वैक्सीन कैंसर के किस इलाज में काम आएगी और यह कितना प्रभावी रहेगी। साल 2025 के शुरुआत में होगी लॉन्च रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐलान किया है उसने कैंसर के खिलाफ एक वैक्सीन बनाई है। इसे साल 2025 की शुरुआत से रूस के कैंसर रोगियों को फ्री में लगाया जाएगा। वहीं, गामांटा नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी के डायरेक्टर एलेग्जेंडर गिंट्सबर्ग का कहना है कि कैंसर वैक्सीन के प्री-क्लिनिकल ट्रायल में पता चला है कि यह कैंसर के विकास और उसके फैलाव को रोकती है। इससे पहले, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि रूसी वैज्ञानिक कैंसर के लिए वैक्सीन बना रहे हैं। जल्द ही यह वैक्सीन कैंसर मरीजों को मुहैया कराई जाएगी। कहा जा रहा है कि अन्य देश भी कुछ इसी तरह की वैक्सीन बनाने में जुट गए हैं। किस कैंसर का इलाज करेगी वैक्सीन? इस वैक्सीन का इस्तेमाल स्पष्ट रूप से कैंसर रोगियों के इलाज के लिए किया जाएगा। रूसी सरकारी वैज्ञानिकों ने इसे लेकर ऐसी टिप्पणी की है कि, प्रत्येक शॉट व्यक्तिगत रोगी के लिए रजिस्टर्ड है, जो पश्चिम में विकसित किए जा रहे कैंसर टीकों के समान है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह वैक्सीन किस कैंसर के इलाज के लिए बनाई गई है, यह कितनी प्रभावी है या रूस इसे कैसे लागू करने की योजना बना रहा है। वैक्सीन का नाम सामने नहीं आया है। 2022 में बढ़े थे कैंसर के मामले दुनिया के बाकी हिस्सों की तरह, रूस में भी कैंसर की दर बढ़ रही है, 2022 में 635,000 से अधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। माना जाता है कि कोलन, स्तन और फेफड़ों का कैंसर देश में इस बीमारी का सबसे आम रूप है।उसी तरह पारंपरिक टीके बीमारी को रोकने के लिए वायरस का इस्तेमाल करते हैं, ये कैंसर कोशिकाओं की सतह से हानिरहित प्रोटीन का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें एंटीजन के रूप में जाना जाता है। जब इन एंटीजन को शरीर में पेश किया जाता है, तो इसे उनके खिलाफ एंटीबॉडी डेवलप करने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करना चाहिए। अन्य देश भी अपने स्वयं के व्यक्तिगत कैंसर टीके विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं। AI से तेजी से बनेगी पर्सनलाइज्ड वैक्सीन रूस के वैक्सीन विशेषज्ञ गिन्ट्सबर्ग (Gintsburg) ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन बनाने में एक घंटे से कम समय लगेगा। मौजूदा समय में यह प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है। इसकी वजह ये है कि यह वैक्सीन कैसी हो, इसके लिए मैट्रिक्स मैथेड का इस्तेमाल किया जाता है। बता दें कि मैट्रिक्स गणित के कैलकुलेशन करने का एक तरीका है। लेकिन AI और न्यूरल नेटवर्क कंप्यूटिंग की मदद से इसे महज 30 मिनट से 1 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

मध्य प्रदेश में कोदो का कहर : दो दिन में दो जिलों में 13 लोग बीमार, स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप, सैंपल जांच के लिए भेजे

Kodo havoc in Madhya Pradesh: 13 people fell ill in two districts in two days, panic in health department, samples sent for testing मध्य प्रदेश में इन दिनों कोदो का कहर जारी है। दो दिनों में दो जिलों में 13 लोग इसे खाने से बीमार हो गए हैं। लगभग दो महीने पहले इसे खाने से 10 हाथियों की मौत भी हो चुकी है। कोदो की रोटी खाने से शहडोल में एक दिन पहले चार, कटनी में एक परिवार के तीन सदस्य और आज यानी गुरुवार को छह लोग बीमार हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोदो की पुरानी रोटी फूड पॉइजनिंग का कारण हो सकती है। या चने की भाजी में अत्यधिक उपयोग हो रहा खाद इसकी वजह हो सकता है। जांच के बाद सब स्पष्ट हो सकेगा। जानकारी के मुताबिक कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से दूसरे दिन भी जिला अस्पताल में एक ही परिवार के छह सदस्य भर्ती हुए हैं। इसमें दो बच्चे भी शामिल हैंं। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत खतरे के बाहर है। ज्ञात हो कि मंगलवार को दादरा टोला के चार सदस्य कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार हुए थे, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अब बुधवार रात मुख्यालय से सटे ग्राम चाका में एक ही परिवार के छह सदस्य कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार हो गए हैं। डॉक्टरों की टीम जिनका इलाज कर रही है। लगातार दूसरे दिन भी कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार लोगों से स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिसिन डॉक्टर के साथ एक बैठक कर कोदो की सैंपलिंग करने की बात कही है। खाना खाने के आधे घंटे बाद बिगड़ी तबीयत रामचरण कोरी ने बताया कि बीती रात्रि 8:30 बजे परिवार के सभी लोग इकट्ठा हुए और कोदो की रोटी और चने की भाजी खाई थी। आधे घंटे बाद परिवार के 6 सदस्य ने खाना खाया था, उन सबकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और सबको चक्कर के साथ उल्टियां आनी शुरू हो गई। इसके बाद पड़ोस के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने निजी वाहन से सभी को जिला अस्पताल लाकर भर्ती करवाया है। इसमें रामचरण कोरी (58), सावित्री ( 55), रामकुमार (35), राजकुमारी कोरी (25), दो बच्चों में जिया 7 वर्ष एवं सूर्या 6 वर्ष शामिल है। परिवार के 6 सदस्यों में दो बच्चे बच्चा वॉर्ड के आईसीयू वार्ड में भर्ती किए गए हैं, जिनका इलाज शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुनील हथगेल के द्वारा किया जा रहा है। सीएमएचओ एवं प्रभारी सिविल सर्जन ने बुलाई बैठक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा ने लगातार दूसरे दिन भी कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से भर्ती हुए मरीजों से मुलाकात कर डॉक्टरो से चर्चा की है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि जिन डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया है, उनके साथ एक बैठक कर चीजों को बारीकी से पता लगाने की कोशिश की जा रही है। किन वजह से दो दिनों के भीतर 10 लोग बीमार हुए हैं। सीएमएचओ ने बताया कि जिस कोदो को खाने से लोग बीमार हुए हैं। उसका सैंपल लेने के निर्देश फूड विभाग को जारी किए गए हैं। कोदो और चने की भाजी का फूड विभाग सैंपल लेकर जांच के लिए भेजेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद चीज स्पष्ट हो सकेगी कि किस वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। एक दिन पहले चार लोग हुए थे बीमार शहडोल मुख्यालय से लगे गांव खम्हरिया पंचायत के ददरा टोला में मंगलवार रात एक परिवार के सदस्यों ने कोदो की रोटी के साथ चने की भाजी खाई थी, इसके कुछ देर बाद उन्हें उल्टी दस्त शुरू हो गई और तबीयत बिगड़ने लगी। एक युवक ने खाना नहीं खाया था, उसकी तबीयत नहीं बिगड़ी और उसने पड़ोसियों से मदद लेकर सभी को जिला अस्पताल उपचार के लिए लाकर भर्ती करवाया। बताया गया कि खम्हरिया पंचायत के ददरा टोला गांव निवासी राजेंद्र सिंह की अमलाई निवासी उनकी बुआ शाम घर आई थीं। रात में भोजन में कोदो की रोटी और चने की भाजी बनी थी। सभी भोजन करने के बाद सो गए। रात करीब दो बजे राजेंद्र सिंह मरावी, लक्ष्मी सिंह, रामवती सिंह और चंदा बाई की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उल्टी-दस्त होने लगे। सभी को जिला अस्पताल लाया गया, जिन्हें जांच के बाद भर्ती कर लिया गया। कटनी में दादा-पोते सहित तीन बीमार कटनी जिले में कोदो की रोटी खाकर दादा पोते सहित तीन लोग बीमार हुए हैं। मामला कटनी जनपद पंचायत के ग्राम जरवाही का बताया गया, जहां सुबह के वक्त आलू की सब्जी के साथ कोदो की रोटी खाने से दादा और उनके दो पोते को अचानक चक्कर के साथ उल्टी होने लगी। तीनों की एक साथ बिगड़ी तबीयत देख परिजन उन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल लाए थे। ड्यूटी में मौजूद डॉक्टर नर्स ने प्राथमिक इलाज के साथ तीनों को भर्ती किया है। उर्मिला बाई ने बताया कि हमेशा की कोदो की रोटी और सब्जी खिलाया था, लेकिन सबकी तबीयत बिगड़ गई। बेटा घर में था नहीं इसलिए पड़ोसियों की मदद से सभी को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल ले आए, यहां इलाज हो रहा है। पीड़ित सोने लाल चौधरी ने बताया कि सुबह कोदो की रोटी अपने पोतों के साथ खाई थी, जिसके बाद मैं घर के बाहर घूमने निकला तो चक्कर आने लगे। तभी घर में खेल रहे पोते भी बेहोश हो गए थे। हम लोगों को समझ नहीं आया कब गाड़ी में बैठे और अस्पताल आ गए। हम लोग सिर्फ कोदो की रोटी और सब्जी खाए बस, अभी तबीयत ठीक है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ अमर उजाला की टीम ने विशेषज्ञों से इसके बारे में जब चर्चा की तो शहडोल में मेडिसिन विभाग के डॉक्टर गंगेश डांडिया ने बताया कि कोदो अगर अधिक पुराना है तो फूड पॉइजनिंग की आशंकाएं हो सकती हैं। लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। सभी भर्ती मरीजों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। डॉ. … Read more

एमपी गजब : हॉस्पिटल की ऑक्सीजन पाइप उड़ा ले गए चोर, आफत में आई नवजातों की जान

MP Amazing: Thieves took away the oxygen pipe of the hospital, 11 newborns lost their lives. राजगढ़ ! जिला अस्पताल में बुधवार रात चोरी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां चोरों ने ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कॉपर की लाइन काटकर पार कर दी, बिना ये सोचे कि इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान संकट में पड़ सकती है. इस घटनाक्रम से ऑक्सीजन स्पोर्ट पर रखे गए 11 बच्चों की जान खतरे में पड़ गई. गनीमत ये रही कि नवजात बच्चों को बैकअप वाले जंबो सिलेंडर की मदद से ऑक्सीजन तुरंत मिल गया. अगर जंबो सिलेंडर नहीं होता तो एक बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था. अलार्म बजते ही हरकत में आया हॉस्पिटल स्टाफ जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक्स एमडी और एसएनसीयू प्रभारी डॉक्टर आरएस माथुर ने कहा, ” बुधवार रात एसएनसीयू में लगभग 24 बच्चे भर्ती थे, इनमें से 11 बच्चों को ऑक्सीजन स्पोर्ट पर रखा गया था. सुबह लगभग 5 बजे एसएनसीयू में इमरजेंसी अलार्म बजने लगा था क्योंकि वहां ऑक्सीजन सप्लाई नहीं हो रही थी. ड्यूटी पर तैनात हमारे कर्मचारियों ने तुरंत जंबो सिलेंडर की मदद से बच्चों की जान को सुरक्षित किया.” पाइप काटने से पहले मुख्य लाइन की थी बंद डॉ. आरएस माथुर ने आगे कहा, ” जब हमने अलार्म बजने की वजह जानने की कोशिश की, तो पता चला कि पीएम रूम के पास ऑक्सीजन प्लांट है जहां से ऑक्सीजन स्टोर होती है. उसी मेन लाइन को अज्ञात चोरों ने बंद कर लगभग 10 फीट लंबी कॉपर लाइन काट ली और चुरा ले गए. फिलहाल, हमारे एसएनसीयू में भर्ती सभी नवजात सुरक्षित हैं.” अस्पताल में पहले भी हो चुकी है चोरी पूरे मामले की जानकारी देते हुए कोतवाली थाना प्रभारी वीर सिंह ठाकुर ने कहा, ” हमने हॉस्पिटल में जांच के लिए पुलिसकर्मी को भेजा है. अस्पताल प्रबंधन की ओर से जो भी जानकारी मिलेगी उसी हिसाब से आगामी कार्रवाई की जाएगी.” गौरतलब है कि राजगढ़ जिला अस्पताल में यह चोरी की पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी चोरी का मामला सामने आया चुका है. चोरी का खुलासा होने पर अस्पताल के अस्थाई कर्मचारी को चोरी में संलिप्त पाया गया था.

मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का सितम जारी, 25 दिसंबर से तेज सर्दी का दूसरा दौर 

Severe cold continues in Madhya Pradesh, second round of severe cold from December 25  भोपाल । मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर 23 से 25 दिसंबर के बीच आएगा। यह जनवरी 2025 तक रहेगा। इससे पहले अगले 4-5 दिन तक प्रदेश के उत्तरी हिस्से यानी ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में कोहरा रहेगा। भोपाल, उज्जैन, जबलपुर में रात का पारा 8-10 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहेगा। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कोहरा छाने का अनुमान जताया है। बाकी जगहों पर मौसम साफ रहेगा। दिन में तेज धूप हो सकती है। ठंड से थोड़ी राहत, 2 डिग्री तक बढ़ा पारा मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली। रात के पारे में 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, कई शहर ऐसे हैं, जहां पारा 5 डिग्री सेल्सियस से कम ही रहा। पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 2.4 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 3.5 डिग्री, उमरिया में 3.8 डिग्री, नौगांव में 4 डिग्री, टीकमगढ़ में 5.3 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री और राजगढ़ में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 5.2 डिग्री, ग्वालियर में 5.4 डिग्री, भोपाल में 6.2 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और इंदौर में 11.6 डिग्री सेल्सियस टेम्प्रेचर दर्ज किया गया। हालांकि, बुधवार को दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत कई शहरों में पारा 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। इसलिए बदला मौसम  मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने कहा- शीतलहर और कोल्ड डे यानी ठंडे दिन की कंडीशन खत्म हो गई है। चार से पांच दिन तक टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम होगा। उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। उत्तरी हवाएं फिर चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर दोबारा आएगा। दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड इस बार दिसंबर महीने में ही ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। बुधवार से शीतलहर का दौर थमा। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई जबकि वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगा दिए गए। मंदिरों में भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए जा रहे हैं।

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