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कोहली अपने रन बनाने का रास्ता खुद ढूंढ लेंगे: भारतीय कप्तान रोहित शर्मा

मेलबर्न मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट से पहले, भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने स्टार बल्लेबाज विराट कोहली पर भरोसा जताया है कि वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज के बचे हुए मैचों में मजबूत वापसी करेंगे। कोहली ने पर्थ टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार शतक लगाया था, लेकिन इसके बाद के तीन पारियों में उनके स्कोर 7, 11 और 3 ही रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोहली की फॉर्म पर सवाल पूछे जाने पर रोहित ने कहा, “आधुनिक दौर के महान खिलाड़ी अपनी राह खुद तलाशते हैं।” दूसरी ओर, रोहित ने खुद को मिडिल ऑर्डर में भेजा है, लेकिन पिछले दो टेस्ट में वे केवल 19 रन बना सके। उन्होंने पहले टेस्ट में अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण हिस्सा नहीं लिया था। साथ ही, न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था, जहां भारत 3-0 से हार गया था और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें कमजोर पड़ गई थीं। फिलहाल पांच मैचों की यह सीरीज़ 1-1 से बराबर है। भारत को आखिरी दो टेस्ट जीतने होंगे ताकि अगले साल लॉर्ड्स में चैंपियनशिप का फाइनल खेला जा सके। इस दौरे में भारत की बल्लेबाजी, गेंदबाजी की तुलना में बड़ी चिंता बनी हुई है। केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल की ओपनिंग जोड़ी ने रोहित को मिडिल ऑर्डर में भेजने पर मजबूर किया है, जिससे उनके प्रदर्शन पर असर पड़ा है। रोहित ने माना कि बल्लेबाजी क्रम में संघर्ष हो रहा है, लेकिन उन्होंने किसी बदलाव पर खुलासा करने से इनकार किया और कहा कि मैच के दिन फैसला लिया जाएगा। रोहित ने कहा, “कौन कहां बल्लेबाजी करेगा, इसकी चिंता न करें। यह टीम के लिए सबसे अच्छा क्या है, उस पर निर्भर करेगा।” रविवार को एक प्रैक्टिस सेशन के दौरान रोहित को चोट लगने का डर भी था, जब थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट की एक गेंद उनके बाएं घुटने पर लगी। हालांकि, कुछ देर बल्लेबाजी जारी रखने के बाद उन्हें मेडिकल मदद की ज़रूरत पड़ी। लेकिन उन्होंने फिटनेस को लेकर चिंता दूर करते हुए कहा कि वह पूरी तरह फिट हैं और बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, ” सब कुछ ठीक है। पिछले कुछ दिनों से हम जिन पिचों पर अभ्यास कर रहे हैं, वे पुरानी थीं, शायद बिग बैश के लिए इस्तेमाल हुई थीं। आज हमें नई पिच पर अभ्यास करने का मौका मिलेगा, तो हम देखेंगे और उसके हिसाब से तैयारी करेंगे।”  

भाजपा मंडल अध्यक्ष चुनाव में हंगामा,विधायक मोतीलाल साहू का हुआ विरोध

रायपुर भाजपा के मंडल अध्यक्ष चुनाव के दौरान फिर के बार जमकर हंगामा हुआ है। इस बार माना मंडल अध्यक्ष के चुनाव के दौरान माना स्थित टेमरी साहू भवन में जमकर हंगामा मचा है, जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कांग्रेस से आए भीमवंत निषाद को मंडल अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि मंडल के लिए दो बार का सक्रिय सदस्य और छ:साल का अनुभव जरूरी किया गया था। इसके बावजूद चुनाव प्रभारी ने पैराशूट लैंडिंग अध्यक्ष थोप दिया गया है। जिसके विरोध में भाजपा माना मंडल के सदस्य प्रदेश कार्यालय पहुंचकर चुनाव संचालन समिति के वरिष्ठ नेताओं से शिकायत किया गया। इसके साथ ही विधायक मोतीलाल साहू और चुनाव प्रभारी किशोर महानंद के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई है। जानकारी के अनुसार, रायपुर ग्रामीण विधानसभा के अंतर्गत माना मंडल अध्यक्ष चुनाव में प्रमुख दावेदार में रंजीत सिंह गौतम मंडल उपाध्यक्ष, नरेश पिल्ले ,संदीप सोनी मुख्य रूप से दावेदार थे। इसके बावजूद विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस से भाजपा में आए भीमवंत निषाद का नाम अचानक सामने आने के बाद इसका जमकर विरोध हुआ माना स्थित टेमरी साहू भवन में विधायक मोतीलाल साहू का विरोध किया गया. कई कार्यकर्ता भाजपा विधायक की गाड़ी के सामने लेट गए. कार्यकर्ताओं ने विधायक और चुनाव प्रभारी पर लगाए आरोप कार्यकर्ताओं ने विधायक मोतीलाल साहू और मंडल चुनाव प्रभारी किशोर महानंद पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कर्मठ मंडल अध्यक्ष को नियुक्त नहीं करके कार्यकर्ताओं का अपमान किया है. इससे नाराज भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भाजपा प्रदेश कार्यालय में पहुंचकर अपना विरोध जताए। कार्यकर्ताओ ने कहाँ कि विधायक और चुनाव प्रभारी किशोर महानंद से कहाँ कि कांग्रेस डेढ़ साल पहले आए व्यक्ति को कैसे मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. साथ ही पैनल में 5 लोगों का नाम चल रहा था, ये छठवां आदमी कहां से टपक गया। बता दें, इससे पहले भी भाजपा मंडल अध्यक्ष चुनाव को लेकर विरोध की खबरों के साथ वीडियो आती रही है. संगठन में मंडल अध्यक्ष के चुनाव के दौरान कुछ जगहों पर विवाद की स्थिति को BJP प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने स्वीकार करते हुए कहा था कि BJP की पूरे प्रदेश में 400 मंडल है.

बाबा रामदेव की पतंजलि के खिलाफ मशहूर कंपनी डाबर ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

नई दिल्ली अपने कई उत्पादों के लिए मशहूर कंपनी डाबर ने बाबा रामदेव की पतंजलि के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और उसके उस विज्ञापन पर रोक लगाने की मांग की है, जिसमें कथित तौर पर उसके च्यवनप्राश उत्पादों के खिलाफ पतंजलि आयुर्वेद द्वारा अपमानजनक विज्ञापन चलाने के आरोप हैं। मंगलवार को दायर अपनी याचिका में डाबर ने आरोप लगाया है कि पतंजलि आयुर्वेद उसके च्यवनप्राश उत्पादों के खिलाफ अपमानजनक विज्ञापन चला रही है। याचिका में डाबर ने पतंजलि को तुरंत अपमानजनक विज्ञापन चलाने से रोकने के लिए आदेश देने की मांग की है। डाबर की अर्जी पर जस्टिस मिनी पुष्करणा ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया है और अंतरिम आदेशों पर विचार करने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह में मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया  है। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब डाबर ने अपनी अर्जी डालकर इस पर सुनवाई की गुहार की, तब जस्टिस पुष्करणा ने शुरू में इसे मध्यस्थता के लिए भेजने की इच्छा जताई, लेकिन डाबर ने बार-बार इस मामले में तत्काल राहत की गुहार लगाई तो उन्होंने अंततः मामले की सुनवाई करने का फैसला किया। डाबर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अखिल सिब्बल ने दलील दी कि पतंजलि आयुर्वेद एक आदतन अपराधी है। इसके साथ ही उन्होंने इस साल की शुरुआत में पतंजलि के खिलाफ दर्ज अवमानना ​​याचिका में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी उल्लेख किया, जिसमें पतंजलि, बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने अखबारों में लिखित माफीनामा छपवाया था। डाबर ने अपनी अर्जी में कहा कि वह पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक स्वामी रामदेव के एक विज्ञापन से व्यथित है, जिसमें वह कहते हैं, “जिनको आयुर्वेद और वेदों का ज्ञान नहीं, चरक, सुश्रुत, धन्वंतरि और च्यवनऋषि की परंपरा में ‘असली’ च्यवनप्राश कैसे बना पाएंगे?” (यह बताते हुए कि केवल पतंजलि स्पेशल च्यवनप्राश ही ‘असली’/प्रामाणिक है; और बाजार में अन्य च्यवनप्राश के निर्माताओं को इस परंपरा के बारे में कोई जानकारी नहीं है, और परिणामस्वरूप, वे सभी नकली/’साधारण’ हैं)। सिब्बल के अनुसार, अन्य च्यवनप्राश को ‘साधारण’ कहना यह दर्शाता है कि वे घटिया हैं। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव की पतंजलि का विज्ञापन च्यवनप्राश की पूरी श्रेणी को अपमानित करता है, जो एक पुरानी आयुर्वेदिक दवा है। सिब्बल ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि सभी च्यवनप्राश को प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में उल्लिखित विशिष्ट फॉर्मूलेशन और अवयवों का पालन करना चाहिए, जिससे “साधारण” च्यवनप्राश की धारणा भ्रामक और डाबर जैसे प्रतिस्पर्धियों के लिए हानिकारक हो है क्योंकि इस सेगमेंट में 61.6% बाजार की हिस्सेदारी डाबर की है। सिब्बल ने यह तर्क भी दिया कि पतंजलि का विज्ञापन न केवल उपभोक्ताओं को गुमराह कर रहा है, बल्कि अन्य ब्रांडों को बदनाम भी कर रहा है, क्योंकि उनके विज्ञापन से यही संदेश जा रहा है कि सिर्फ उन्हीं के पास च्यवनप्राश बनाने की सही ज्ञान और आवश्यक तरीका है बाकी सभी इस मामले में अनाड़ी और दोयम दर्जे के उत्पादक हैं।

प्रधानमंत्री मोदी देश की पहली ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का करेंगे लोकार्पण

प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को खजुराहो में करेंगे देश की पहली केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश को देंगे अनेक सौगातें प्रधानमंत्री मोदी देश की पहली ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का करेंगे लोकार्पण 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन और प्रथम किश्त का करेंगे वितरण पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्टॉम्प और सिक्का करेंगे जारी भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत-रत्न से सम्मानित स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश के खजुराहो में देश की पहली महत्वाकांक्षी और बहुउद्देशीय केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी देश की पहली ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का लोकार्पण और 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्टॉम्प और सिक्का भी जारी करेंगे। देश को नदी जोड़ो की परिकल्पना देने वाले युगदृष्टा स्व. वाजपेयी की जयंती पर यह मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ी सौगात होगी। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को दोपहर 12:10 बजे खजुराहो आयेंगे और दोपहर 2:20 बजे दिल्ली के लिये रवाना होंगे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। सिंचाई के साथ पेयजल की सुविधा प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस परियोजना के शिलान्यास के साथ ही स्व. वाजपेयी का नदी जोड़ो का सपना मध्यप्रदेश में मूर्त रूप लेगा। केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, देश में भूमिगत दाब युक्त पाइप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाली सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिलों छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर में 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और 44 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे। फसलों के उत्पादन एवं किसानों की आय में वृद्धि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण से हरित ऊर्जा में 103 मेगावॉट योगदान के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बेहतर जल प्रबंधन एवं औद्योगिक इकाइयों को पर्याप्त जल आपूर्ति से औद्योगिक विकास होगा और रोजगार को बढ़ावा भी मिलेगा। इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में 59 हजार हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जायेगा, जिससे उत्तर प्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। परियोजना से मध्यप्रदेश की 44 लाख और उत्तर प्रदेश की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश के खण्डवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित फ्लोटिंग सौर परियोजना का लोकार्पण करेंगे। परियोजना के प्रथम चरण में इस वर्ष अक्टूबर माह से पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो गया है। परियोजना के द्वितीय चरण की 240 मेगावॉट क्षमता के लिये एमपीपीएसीए से आवश्यक सहमति उपरांत चयनित विकासक “सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड” से अनुबंध हस्ताक्षरित किया जाना प्रस्तावित है। पुण्य सलिला माँ नर्मदा के ऊपर ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना को प्रदेश की जनता को समर्पित करना प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ग्रीन ऊर्जा के प्रति सरकार के सतत प्रयासों को प्रदर्शित करता है। अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश में 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन कर प्रथम किश्त का वितरण भी करेंगे। प्रदेश की 23 हजार ग्राम पंचायतों में से भवन विहीन, जीर्ण-शीर्ण भवन और अनुपयोगी 2500 ग्राम पंचायतों को नवीन भवन की स्वीकृति के लिये चिन्हित किया गया है। प्रारंभिक चरण में 1153 नवीन पंचायत भवनों के लिये 437.62 करोड़ रूपये के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी का मत था कि पंचायत भवन, ग्राम पंचायत की सर्वाधिक मूल एवं महत्वपूर्ण अधोसरंचना है। इन भवनों की ग्राम पंचायतों के व्यवहारिक रूप से कार्य एवं दायित्वों के संवहन और कार्य संपादन में महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्यप्रदेश सरकार ने पंचायतों को सशक्त करने के लिये समस्त ग्राम पंचायतों में नवीन पंचायत भवन एवं क्लस्टर स्तर पर क्लस्टर पंचायत भवन स्वीकृत करने का निर्णय लिया है।  

PM मोदी क्रिसमस सेलिब्रेशन को लेकर केरल की एक कैथोलिक चर्च के बिशप ने तंज कसा, कहा- यहां तो हमला करते हैं

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी दिल्ली में क्रिसमस सेलिब्रेशन के एक इवेंट में शामिल हुए थे। इसका आयोजन कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया ने किया था। इस पर केरल की एक कैथोलिक चर्च के बिशप ने तंज कसा है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, ‘वहां वे बिशप का सम्मान करता है और क्रिब को लेकर श्रद्धा दिखाते हैं। यहां वे क्रिब को तबाह करना चाहते हैं।’ बता दें कि क्रिब क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान की जाने वाली उस सजावट को कहा जाता है, जो ईसा मसीह के जन्म को दर्शाती है। उन्होंने पलक्कड़ के सरकारी स्कूलों में क्रिसमस सेलिब्रेशन के आयोजनों में बवाल किए जाने की घटनाओं का जिक्र किया। इनमें से एक घटना में चित्तूर में तीन वीएचपी नेताओं को अरेस्ट किया गया है। इसके अलावा दूसरी घटना में उपद्रवियों की तलाश जारी है। आरोप है कि पलक्कड़ के नालेपल्ली इलाके के अपर प्राइमरी स्कूल में क्रिसमस मनाया जा रहा था। इस दौरान के. अनिल कुमार के नेतृत्व में वीएचपी के तीन नेता पहुंच गए थे। आरोप है किन इन लोगों ने क्रिसमस के सेलिब्रेशन पर सवाल उठाया और उसे रोकने की कोशिश की। इन लोगों ने कहा कि आखिर आप लोग क्रिसमस मनाते हैं, लेकिन जन्माष्टमी का सेलिब्रेशन क्यों नहीं किया जाता। इसके अलावा टीचर्स और अन्य लोगों के सांता क्लॉज की ड्रेस पहनने को लेकर भी सवाल उठाया। वीएचपी के नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के सेक्शन 329 (3), 296 (b), 351 (2) और 132 के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा एक अन्य स्कूल में क्रिसमस के क्रिब को नुकसान पहुंचाया गया। स्कूल को शुक्रवार को बंद कर दिया गया और सेमेस्टर एग्जाम के बाद छुट्टियां हैं। फिर भी पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। इन्हीं दो घटनाओं को लेकर बिशप ने पीएम नरेंद्र मोदी के क्रिसमस सेलिब्रेशन में जाने को लेकर तंज कसा है। हालांकि भाजपा की ओर से स्नेह यात्रा की शुरुआत भी की गई है। इसके तहत केरल में भाजपा के नेता क्रिसमस के कार्य़क्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी भी कई बार इसका जिक्र कर चुके हैं कि हमें अल्पसंख्यक समुदायों के बीच जाना होगा और उनके बीच पैदा हुई भ्रांतियों को दूर करना होगा।

कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा कालकाजी विधानसभा सीट पर ‘आप’ की प्रत्याशी आतिशी को टक्कर दे सकती हैं

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प होने जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल के बाद अब आतिशी के खिलाफ भी मजबूत उम्मीदवार उतारने जा रही है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा कालकाजी विधानसभा सीट पर दिल्ली की मुख्यमंत्री और ‘आप’ की प्रत्याशी आतिशी को टक्कर दे सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर हुई कांग्रेस की बैठक में 35 सीटों के लिए उम्मीदवार कों नामों पर चर्चा हुई। इसमें अलका लांबा सहित पर 28 नामों पर सहमति बनने की बात सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की अलका लांबा को आतिशी के सामने कालकाजी विधानसभा सीट पर उतारने की तैयारी है। वहीं, सीमापुरी सीट से राजेश लिलोठिया कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं। वहीं मनीष सिसोदिया की सीट जंगपुरा से फरहाद सूरी को कांग्रेस का टिकट मिल सकता है। इनके अलावा बिजवासन से देवेंद्र सहरावत और मटिया महल सीट से आसिम अहमद कांग्रेस उम्मीदवार हो सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि 35 सीटों पर चर्चा के लिए आज हुई कांग्रेस की बैठक में 28 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम लगभग तय हो चुके हैं, जबकि 7 सीटों के लिए उम्मीदवारों पर चर्चा होना अभी बाकी है। बता दें कि, कांग्रेस ने 21 उम्मीदवारों की अपनी लिस्ट जारी कर दी है। बता दें कि, कांग्रेस 2013 से दिल्ली की सत्ता से बाहर है, जबकि आम आदमी पार्टी 2015 से दिल्ली में अपने दम पर सत्ता में काबिज है। उससे पहले कांग्रेस की तरफ से शीला दीक्षित लगातार 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थीं। हालांकि, 2015 और 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे अधिक खराब रहा और वो अपना खाता तक नहीं खोल सकी। गौरतलब है कि, दिल्ली विधानसभा के लिए फरवरी 2025 में चुनाव होने की उम्मीद है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी 2025 तक है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी चौथी बार सत्ता में आने का प्रयास कर रही है। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 70 में से 67 सीटें हासिल कर बंपर जीत दर्ज की थी। वहीं, वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 70 में से 62 पर जीत दर्ज की थी। भाजपा को वर्ष 2015 में 3 और 2020 में महज 8 सीटों से संतोष करना पड़ा था।

ऑस्ट्रेलिया का रहा है दबदबा, भारत ने भी चखा है जीत का स्वाद, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट मेलबर्न में

मेलबर्न भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला गुरुवार से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। पर्थ टेस्ट भारत के नाम रहा, जबकि एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया ने वापसी करते हुए पिंक बॉल टेस्ट में दमदार जीत हासिल की। तीसरा मैच बारिश के कारण ड्रॉ पर समाप्त हुआ था। वहीं चौथा मैच सीरीज के लिहाज से दोनों टीमों के लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया का काफी दबदबा रहा है और पिछले कुछ सालों के रिकॉर्ड पर नजर डाले तो ऑस्ट्रेलिया की टीम मेलबर्न में विपक्षी टीम पर हावी रही है। पैट कमिंस के नेतृत्व वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम ने एडिलेड और ब्रिसबेन में भारत पर दबाव बनाया था और ज्यादातर समय खेल में आगे रही थी। हालांकि ब्रिसबेन में भारतीय टीम ने दमदार वापसी की थी और ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 100 रन के अंदर सात विकेट गंवा दिए थे। हालांकि मेलबर्न में रोहित की टीम के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। वहीं चौथे मैच से पहले कई विवादों ने भी भारतीय खेमे में हलचल पैदा की है। विराट कोहली का एयरपोर्ट पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया को तस्वीर लेने से रोकना, फिर जडेजा का इंग्लिश रिपोर्ट को जवाब ना देना और फिर प्रैक्टिस के लिए दी गई यूज्ड पिच को लेकर भी सवाल उठे हैं। मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने इस मैदान पर 116 टेस्ट मैच खेले हैं। यहां पर पहला टेस्ट 1877 में खेला गया था। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने कुल 67 मैच जीते हैं और 32 में उसे हार मिली है, जबकि 17 मैच ड्रॉ रहे हैं। 2010 से ऑस्ट्रेलिया ने कुल 14 मैच खेले हैं, जिसमें नौ में उसे जीत मिली है और तीन गंवाए हैं, दो ड्रॉ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया ने मेलबर्न में पिछले 14 साल में तीन मैच गंवाए हैं और उनमें से दो मैच भारत ने जीते हैं। 2018 और 2020 में भारत ने जीत हासिल की थी। इससे पहले 2010 में ऑस्ट्रेलिया की टीम को इस मैदान पर पारी और 157 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।

एक मर्डर से खुल गया बड़ा खेल, बांग्लादेश के मिदुल मियां और फरदीन कैसे बने दिल्ली के वोटर, पुलिस ने 11 लोग गिरफ्तार किये

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने एक मर्डर केस की जांच के दौरान बांग्लादेशियों को अवैध तरीके से भारत में बसाने में शामिल एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी साउथ अंकित चौहान ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए 11 लोगों में से पांच लोग बांग्लादेशी नागरिक हैं, जबकि 6 लोग फर्जी तरीके से दस्तावेज बनाने वाले रैकेट से जुड़े हैं। दिल्ली पुलिस ने राजधानी में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की पहचान करने के लिए खास ऑपरेशन शुरू किया है। अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी संगम विहार और गिरोह के गुर्गे रोहिणी इलाके से पकड़े गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 लैपटॉप, 6 मोबाइल फोन, आधार कार्ड मशीन, रिकॉर्ड रजिस्टर और विभिन्न दस्तावेज, 25 आधार कार्ड, 4 मतदाता पहचान पत्र और 8 पैन कार्ड बांग्लादेशी नागरिकों के होने का शक है। हत्या की जांच से खुला रैकेट का राज दिल्ली पुलिस ने बताया कि नवंबर महीने में आपसी रंजिश में भारत के ही शिंटू शेख की हत्या की जांच में इस गिरोह का खुलासा हुआ। शिंटू ने ही आरोपियों को अवैध तरीके से दिल्ली पहुंचाया था, बाद में पैसे के विवाद में उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि रैकेट से जुड़े लोग बांग्लादेशी नागरिकों को जंगल के रास्ते से भारत में प्रवेश कराकर बाइक और स्थानीय परिवहन का इस्तेमाल करने के बाद ट्रेन से दिल्ली लाते थे। इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में भी रहने लगते थे। इसके बाद दिल्ली में रजत मिश्रा नामक शख्स उनका फर्जी कागजात बनाता था, वह फर्जी वेबसाइट बनाकर जरूरी जानकारी लेकर कागजात बनाता था। अब तक 21 लोगों के आधार कार्ड सीज कर 6 पैन कार्ड और वोटर कार्ड बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस ने बताया कि रैकेट से जुड़े आरोपी रोहिणी में कार्यालय बनाकर गिरोह चल रहे थे और दुकान, मिस्त्री, ब्यूटी पार्लर वगैरह का काम करते थे। अक्टूबर में हुई थी शिंटू शेख की हत्या पुलिस अधिकारी ने बताया कि 20 अक्टूबर 2024 को रात में लगभग 12 बजे एक महिला संगम विहार पुलिस थाने में जाकर पुलिस को बताया कि उसका पति शिंटू शेख उर्फ ​​राजा उनके घर पर बेहोश पड़ा है। इस सूचना पर 21 अक्टूबर 2024 को संगम विहार थाने में हत्या की एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के बाद संगम विहार पुलिस में बीएनएस की धारा 103 (1) के तहत एक मामला और 8 नवंबर 2024 को दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक टीम बनाकर मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया। बांग्लादेशी नागरिकों ने ही ली थी शिंटू की जान इस हत्याकांड की जांच के दौरान चार बांग्लादेशी नागरिक- मिदुल मियां उर्फ ​​आकाश अहमद, फरदीन अहमद उर्फ ​​अभि अहमद और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। हत्या के पीछे का मकसद यह पता चला कि मृतक शिंटू शेख उर्फ ​​राजा उन्हें किसी न किसी बहाने से धमकाता रहता था। चारों आरोपियों ने शिंटू शेख की हत्या की योजना एक महीने पहले ही बना ली थी और योजना के अनुसार उन्होंने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी, साथ ही उसकी नकदी और सामान भी लूट लिया, जो जांच के दौरान बरामद किया गया। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि चारों आरोपी अवैध रूप से भारत में घुसे थे और पिछले एक साल से दिल्ली के संगम विहार इलाके में फर्जी भारतीय पहचान पत्र खरीदकर रह रहे थे। पूछताछ के दौरान, उन सभी ने अपने बांग्लादेशी पहचान पत्र (चिप आधारित एनआईडी कार्ड) या जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए। इसके अलावा, शिंटू शेख के घर से 21 आधार कार्ड, 4 वोटर आईडी कार्ड और 8 पैन कार्ड बरामद किए गए, जो बांग्लादेशी नागरिकों के होने का शक है। इसके बाद पुलिस की जांच फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाने, अवैध घुसपैठ को सुविधाजनक बनाने वाले रूटों और तंत्रों में लिप्त गिरोह की ओर बढ़ी। 3 अहम बिंदुओं पर पुलिस की पूरी जांच फोकस का टिका रहा 1. फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाले तरीके। 2. अवैध घुसपैठ को सुविधाजनक बनाने वाले रूट और तंत्र। 3. बरामद वोटर आईडी कार्ड के संबंध में जांच और पहचान। फर्जी दस्तावेजों की जांच 1. आरोपियों ने अपने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करने के लिए फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया। इस संबंध में थाना संगम विहार में 6 दिसंबर 2024 को बीएनएस की धारा 318(2)/319(2)/337/61(1ए) बीएनएस और 34 आधार एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई। 2. जांच में पता चला कि आरोपियों ने अपने आधार कार्ड दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-5 स्थित ‘पूनम ऑनलाइन कंप्यूटर सेंटर’ से बनवाए थे, जिसका मालिक 26 वर्षीय साहिल सहगल है। 3. साहिल सहगल को गिरफ्तार किया गया और पूछताछ में पता चला कि मृतक शिंटू शेख उर्फ ​​राजा के माध्यम से अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों ने उससे संपर्क किया था। साहिल ने फर्जी वेबसाइट ‘जनताप्रिंट्स.साइट’ का इस्तेमाल कर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए और उन्हें आधार कार्ड प्रोसेसिंग के लिए अपने सहयोगी रंजीत को भेजे थे। 4. रोहिणी सेक्टर 7 के नाहरपुर गांव वाला 30 वर्षीय रंजीत रोहिणी सेक्टर-5 के कर्नाटक बैंक में अधिकृत आधार ऑपरेटर अफरोज के साथ काम करता था। फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल करके बवाना की जेजे कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय अफरोज ने आधार कार्ड बनाने में मदद की।  

राहुल पहुंचे सब्जी मंडी, कहा- बढ़ती महंगाई ने बिगाड़ा आम आदमी की रसोई का बजट-कुंभकरण की नींद सो रही सरकार

नई दिल्ली राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वह सब्जी मंडी में सब्जियों के दाम पूछते नजर आ रहे हैं। इस दौरान उनके साथ कुछ स्थानीय लोग और महिलाएं भी हैं। इस दौरान वह अलग-अलग सब्जियों के रेट पूछ रहे हैं। महिलाएं बता रही हैं कि सब्जियों के दाम इस साल कम ही नहीं हो रहे हैं। एक महिला ने कहा कि जो मटर सीजन में 60 रुपए प्रतिकिलो तक बिकती है, इस साल 120 रुपए किलो से नीचे आ ही नहीं रही है। महिलाओं ने बताया कि कोई भी सब्जी 30-35 रुपए किलो है ही नहीं। राहुल गांधी ने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है कि ‘लहसुन कभी ₹40 था, आज ₹400!’ बढ़ती महंगाई ने बिगाड़ा आम आदमी की रसोई का बजट-कुंभकरण की नींद सो रही सरकार! सब्जियां खरीदते हुए एक महिला कहती है कि पूरे साल एक भी सब्जी सस्ती नहीं हुई है। आलू-प्याज जो बेसिक चीज है हम मिडिल क्लास के लोगों के लिए, उनमें से भी कुछ सस्ता नहीं हुआ है। एक महिला ने राहुल गांधी ने बताया कि हम आए थे चार-पांच सब्जियां लेने के लिए, लेकिन दो सब्जियां लेकर घर जा रहे हैं। इसी दौरान राहुल गांधी एक महिला से पूछते हैं कि आपको क्या लगता है महंगाई क्यों बढ़ रही है? इस पर वह महिला गुस्से में कहती है कि जो सरकार बैठी हुई है, वो इस चीज को देखती नहीं है। वह बस अपने भाषणों में लगे हुए हैं। वह यह नहीं देखते कि जो आम पब्लिक है वह इतना महंगा खाना कैसे खाएगी। राहुल गांधी का यह वीडियो दिल्ली के गिरीनगर के सामने के हनुमान मंदिर सब्जी मंडी का है। इसमें राहुल गांधी के साथ कुछ महिलाएं भी हैं। महिलाएं कहती हैं कि हमने राहुल गांधी को अपने घर चाय पर भी बुलाया है। वह भी देखें कि कितनी महंगाई है। एक महिला कहती है कि हमारा बजट बहुत ज्यादा बिगड़ रहा है। सैलरी किसी की नहीं बढ़ी। लेकिन सब्जियों का दाम जो बढ़ गया, फिर वो घटने का नाम नहीं लेता। सब्जी मंडी में पहुंचे राहुल गांधी महिलाओं से पूछते हैं कि आज क्या खरीद रही हैं। इस पर महिला उन्हें बताती है कि थोड़ा सा टमाटर और थोड़ा सा प्याज, ताकि कुछ तो चल जाए। एक महिला सब्जीवाले से पूछती है कि भैया इस बात सब्जियां इतनी महंगी क्यों हैं। 30-35 रुपए तो किसी सब्जी का दाम है ही नहीं, जो भी है सब 50 रुपए के ऊपर है। महिला की इस बात पर सब्जी वाला भी स्वीकार करता है कि इस बार सब्जियों के दाम बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। वह कहता है कि इस साल बहुत महंगाई है। इससे पहले कभी नहीं हुई। राहुल गांधी सब्जीवाले से लहसुन का दाम पूछते हैं। इस पर महिला कहती है कि भैया हम लहसुन नहीं खरीद पाएंगे। वह आगे कहती है कि सोना सस्ता हो गया, लहसुन महंगे हो गए। सब्जीवाला लहसुन के दाम 400 रुपए किलो बताता है। तब महिला कहती है कि कुछ कम कीजिए कि हम थोड़ा तो खरीद पाएं। महिला की बात सुनकर सब्जीवाला 90 रुपए पाव के हिसाब से देने को तैयार हो जाता है।

सालों से सड़क मरम्मत की मांग कर रहे लोग, नगरपालिका चुनाव का बहिष्कार करने की दी चेतावनी

बलौदाबाजार सालों से खराब सड़क की मरम्मत कराने की ग्रामीणों की मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई है. इस संबंध में कलेक्टर और नगरपालिका को लोगों ने कई बार आवेदन भी दिया. आज कलेक्टर आफिस रोड में नवीनीकरण कराने पहुंचे अधिकारियों और नगरपालिका अध्यक्ष को कालोनीवासियों ने रोड की मरम्मत नहीं होती तब तक चुनाव में वोट नहीं डाले जाएंगे. दिनभर धुल उड़ रहा वार्ड नंबर 1 निवासी तुलसी तिवारी ने बताया कि सड़क खराब होने से दिनभर धुल उड़ रहा है, घरों में सामान रखना मुश्किल हो गया है, बीमारी फैल रही है. इसलिए हम सबने निर्णय लिया है कि जब तक रोड नहीं बनेगा, हम मतदान नहीं करेंगे, पहले रोड फिर वोट. अधिकारी ने रोड निर्माण जल्द पूरा करने का दिया आश्वासन वहीं मामले की जानकारी के बाद नगरपालिका अधिकारी खिरोद्र भोई भी तत्काल वार्ड नंबर एक पहुंचे और कालोनी वासियों को समझाने का प्रयास किया. नगरपालिका अधिकारी ने मीडिया से कहा कि टेंडर की प्रक्रिया शीघ्र की जायेगी और रोड का निर्माण किया जायेगा.

आंबेडकर और संविधान पर AAP-BJP पार्षदों में भिड़ंत, आंबेडकर और संविधान पर सियासी लड़ाई ने अब हिंसक रूप

चंडीगढ़ संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान पर सियासी लड़ाई ने अब हिंसक रूप अख्तियार कर लिया है। चंडीगढ़ नगर निगम की मीटिंग के दौरान इस मुद्दे पर कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी के पार्षद आपस में भिड़ गए। उनके बीच हाथापाई की भी खबर है। इसकी शुरुआत तब हुई, जब कांग्रेस और आप के पार्षदों ने आंबेडकर के खिलाफ कथित टिप्पणी के विरोध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक प्रस्ताव के जरिए उनसे इस्तीफे की मांग की। भाजपा के पार्षदों ने इसका पुरजोर विरोध किया लेकिन धीरे-धीरे यह विरोध हिंसक हो गया और पार्षद आपस में ही उलझ पड़े। हाथापाई की ये घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। बाद में इसका का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। समाचार एजेंसी PTI ने उस वीडियो को साझा किया है। उसमें पार्षद हाथापाई करते नजर आ रहे हैं। सारा विवाद नामित पार्षद अनिल मसीह के सदन में पहुंचने के बाद शुरू हुआ क्योंकि उनके पहुंचते ही कांग्रेस और आप के पार्षद नारेबाजी करने लगे। ये पार्षद अनिल मसीह को वोट चोर कहकर नारा लगा रहे थे। इससे मसीह को गुस्सा आ गया और वे बेल में चले गए। उन्होंने कांग्रेस पार्षदों से भिड़ते हुए कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी समेत कांग्रेस पार्टी के कई नेता जमानत पर हैं। इसके बाद आप के पार्षदों और कांग्रेस के पार्षदों ने मसीह के सामने पोस्टर लहराना शुरू कर दिया। इस दौरान भाजपा के पार्षदों ने उनसे पोस्टर छीनने की कोशिश की। इसमें उनके बीच झड़प और हाथापाई हो गई। कुछ पार्षद तो हाथापाई के दौरान कैमरे की ओर देखते हुए भी पकड़े गए, लेकिन इससे उनका प्रयास नहीं रुका। विपक्षी दलों ने शोर-शराबे के बीच अमित शाह पर आंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया। हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने इस आरोप का जोरदार खंडन किया ।

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 78 साल से जारी आरक्षण पर सवाल उठाया, आरक्षण व्‍यवस्‍था सिर्फ 10 साल की थी

नई दिल्ली बाबा साहब भीम राव आंबेडकर पर संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर सियासी घमासान अभी थमा नहीं है। कांग्रेस के बाद आज बसपा सुप्रीमो मायावती के आह्वान पर बसपा इस मुद्दे को लेकर देश व्‍यापी आंदोलन कर रही है। इस बीच ज्योतिष पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने जातिगत आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि आरक्षण की व्‍यवस्‍था सिर्फ 10 साल के लिए की गई थी। बाबा साहब ने कभी नहीं चाहा था कि लोग आरक्षण की वैशाखी लेकर जिंदगी भर चलते रहें। लेकिन लागू होने के 78 साल बाद भी वो वर्ग जिसके लिए इसे लागू किया गया था, मुख्‍य धारा में शामिल नहीं हो सका है। इसका मतलब है कि या तो आंबेडकर फेल हो गए या तो आंबेडरवादी फेल हो गए। उन्‍होंने कहा कि लोगों को इसमें नहीं जाना चाहिए बल्कि शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य जैसी चीजों से जुड़ी अपनी समस्‍याओं को उठाना चाहिए। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहीं। वह सोमवार को काशी पहुंचे। यहां केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ में डॉ. हरिप्रकाश पांडेय ने सपत्नीक पादुका पूजन किया। बताया जा रहा है कि शंकराचार्य ने मीडिया से बातचीत के दौरान किसी प्रश्‍न के उत्‍तर में उपरोक्‍त बातें कहीं। उन्‍होंने कहा, ’78 साल हो गए। बाबा साहब आंबेडकर के संविधान की बात की जाती है। 78 साल में जो लोग आंबेडकर के पीछे थे उनका कितना उन्‍नयन हुआ, ये बताइए। 10 साल के लिए आरक्षण दिया गया था, 78 साल हो गया वो आरक्षण कंटीन्‍यू है और उसके लिए जूझ रहे हैं उनके लोग कि ये न खत्‍म किया जाए। आरक्षण इसलिए थोड़े दिया गया था कि आप जिंदगी भर के लिए पंगु होकर आरक्षण की बैसाखी पर खड़े रहें।’ उन्‍होंने कहा- ‘ आरक्षण इसलिए दिया आंबेडकर साहब ने कि उसका लाभ लेकर आप समाज की मुख्‍य धारा में आ जाएं। आप कहां आ पाए? जो लोग आंबेडकर का नाम लेते हैं हम उन्‍हीं से पूछना चाहते हैं कि आंबेडकर की भावना का कितना उन्‍होंने ख्‍याल रखा। आंबेडकर ने यह नहीं चाहा था कि जिंदगी भर, अगले दो सौ साल, हजार साल तक ये लोग आरक्षण खाते रहें। उन्‍होंने ये चाहा था कि आरक्षण की वैशाखी को लेकर चलें और मुख्‍य धारा में शामिल हो जाएं। 78 साल में आप लोग मुख्‍य धारा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। इसका मतलब है कि आंबेडकर या तो फेल हो गए या तो आंबेडरवादी फेल हो गए।’ शंकराचार्य ने कहा कि ‘हमारा यह कहना है कि इसमें न जाइए। आपकी जो समस्‍याएं हैं। आपको शिक्षा नहीं मिल रही है आप शिक्षा की मांग करिए। आपको स्‍वास्‍थ्‍य नहीं मिल रहा है, आप स्‍वास्‍थ्‍य की मांग करिए। आपको मुख्‍य धारा में नहीं लाया जा रहा है, कहीं अपमान हो रहा है, उसको उठाइए कि भाई जब समाज एक है तो भेदभाव नहीं होना चाहिए। ये तो ठीक है लेकिन आंबेडकर का किसी ने मान कर दिया किसी ने अपमान कर दिया। अब इसी में आप ढोल पीटते रहिए और राजनीतिज्ञों को जो करना है वे कर रहे हैं।’ शंकराचार्य का एयरपोर्ट पर रवि त्रिवेदी, यतींद्र चतुर्वेदी, कीर्ति हजारी शुक्ला आदि ने स्वागत किया। वहां से वह कचहरी में अधिवक्ताओं के एक कार्यक्रम में पहुंचे। फिर सड़क मार्ग से राजघाट पहुंचे। राजघाट से जल मार्ग से केदारघाट गए। शंकराचार्य 25 दिसंबर तक काशी में प्रवास करेंगे। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि अनंत जन्मों के पुण्य कर्मों के फलों के उदित होने पर जीव को काशीवास सुलभ होता है। काशीवासियों को दृढ़ता से धर्म का पालन करना चाहिए।

Vivo Y29 5G स्मार्टफोन को भारत में लॉन्च

नई दिल्ली Vivo Y29 5G स्मार्टफोन को भारत में लॉन्च कर दिया गया है। Vivo Y29 5G स्मार्टफोन IP64 डस्ट और वाटर रेजिस्टेंट रेटिंग के साथ आता है। इसमें मिलिट्री ग्रेड शॉक रेजिस्टेंट दिया गया है। फोन की थिकनेस 8.1mm है। साथ ही इसका वजन 198 ग्राम होगा। Vivo का कहना है कि Vivo Y29 5G, 20 हजार रुपये में आने वाला स्मार्टफोन है, जिसमें SGS शॉक रेजिस्टेंट के साथ मिलिस्ट्री ग्रेड ड्यूरेबिलिटी दी जा रही है। Vivo Y29 5G की भारत में कितनी होगी कीमत Vivo Y29 5G स्मार्टफोन के 4 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 13,999 रुपये है। वही 6जीबी रैम और 128जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 15,499 रुपये है। फोन के 8 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 16,999 रुपये में आएगा। जबकि 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 18,999 रुपये है। फोन को तीन कलर वेरिएंट ग्लेशियर ब्लू, टाइटेनियम गोल्ड और डायमंड ब्लैक में आएगा। अगर आप Vivo Y29 स्मार्टफोन खरीदते हैं, तो आप 1500 रुपये कैशबैक हासिल करने के हकदार हो जाएंगे। इसके अलावा 1399 रुपये मंथली ईएमआई पर फोन को खरीदा जा सकेगा। Vivo Y29 5G के स्पेसिफिकेशन्स फोन में 6.68 इंच का डिस्प्ले दिया जा सकता है। साथ ही प्रोसेसर सपोर्ट के तौर पर फोन में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर दिया जा सकता है। फोन 5500mAh बैटरी सपोर्ट के साथ आएगा। इसमें 44W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया जाएगा। फोन में 50MP प्राइमरी कैमरा सेंसर मिलेगा। साथ ही 0.08MP QVGA सेकेंड्री कैमरा सपोर्ट मिलेगा। फोन एलईडी फ्लैश लाइट के साथ आएगा। साथ ही इसमें ऑरा लाइट दी जा सकती है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 8MP कैमरा सेंसर दिया जा सकता है। फोन में AI फोटो इन्हैंस, एआई इरेजर जैसे कैमरा मोड मिलेंगे। फोन 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आएगा, जिससे स्मूथ विजुअल्स और गेमिंग एक्सपीरिएंस मिलेगा। फोन LCD डिस्प्ले में आएगा। साथ ही ब्राइटनेस के लिए 1000 nits सपोर्ट दिया जाएगा। Vivo Y29 5G स्मार्टफोन IP64 डस्ट और वाटर रेजिस्टेंट रेटिंग दी जाएगी। इसमें मिलिट्री ग्रेड शॉक रेजिस्टेंट दिया जाएगा। फोन की थिकनेस 8.1mm है। साथ ही इसका वजन 198 ग्राम होगा।

भारत मौजूदा अंडर-19 महिला चैंपियन है और इस बार भी खिताब बचाने का प्रयास करेगा, अंडर-19 टीम का किया ऐलान

मुंबई आगामी महिला विश्व कप के लिए भारत की अंडर-19 टीम का ऐलान कर दिया है। 15 सदस्यीय टीम का नेतृत्व निकी प्रसाद करेंगी। भारत मौजूदा अंडर-19 महिला चैंपियन है और इस बार भी खिताब बचाने का प्रयास करेगा। एशिया कप विजेता टीम की कप्तान निकी प्रसाद की अगुवाई में टीम इंडिया अपने अभियान को आगे बढ़ाएगी। निकी की कप्तानी में हाल ही में भारत ने मलेशिया के कुआलालंपुर में पहला अंडर-19 महिला एशिया कप खिताब जीता। दिलचस्प बात यह है कि अंडर-19 महिला विश्व कप भी मलेशिया में 18 जनवरी से 2 फरवरी, 2025 तक आयोजित होगा। 2023 में, शैफाली वर्मा की कप्तानी में भारत ने दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले अंडर-19 महिला विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। एशिया कप की विजेता टीम से वैष्णवी एस को मुख्य टीम में शामिल किया गया है, जबकि नंधना एस को रिजर्व खिलाड़ियों में रखा गया है। टीम में सानिका चालके उप-कप्तान होंगी, और कमलिनी व भाविका अहीर को विकेटकीपर के रूप में चुना गया है। टूर्नामेंट में 4 ग्रुप हैं, और हर ग्रुप में 4 टीमें होंगी। भारत को ग्रुप ए में मेजबान मलेशिया, वेस्टइंडीज और श्रीलंका के साथ रखा गया है। भारत के ग्रुप मैच कुआलालंपुर के बायुएमास ओवल स्टेडियम में खेले जाएंगे। भारत अपना पहला मैच 19 जनवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलेगा। ग्रुप स्टेज के बाद हर ग्रुप से 3 टीमें सुपर सिक्स के लिए क्वालीफाई करेंगी। सुपर सिक्स में 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा। ग्रुप 1 में ग्रुप ए और ग्रुप डी की टॉप 3 टीमें होंगी। जबकि ग्रुप 2 में ग्रुप बी और ग्रुप सी की टॉप 3 टीमें शामिल होंगी। सुपर सिक्स में, टीमें अपने पिछले पॉइंट्स, जीत और नेट रन-रेट के साथ आगे बढ़ेंगी। हर टीम सुपर सिक्स में 2 मैच खेलेगी। सुपर सिक्स के दो ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी, जो 31 जनवरी, 2025 को होंगे। टूर्नामेंट का फाइनल 2 फरवरी, 2025 को खेला जाएगा। भारत की टीम : निकी प्रसाद (कप्तान), सानिका चालके (उप-कप्तान), जी तृषा, कमलिनी जी (विकेटकीपर), भाविका अहीर (विकेटकीपर), ईश्वरी आवसरे, मिथिला विनोद, जोशिता वी जे, सोनम यादव, परिणीता सिसोदिया, केसरी दृष्टि, आयुषी शुक्ला, आनंदिता किशोर, एमडी शबनम, वैष्णवी एस रिजर्व खिलाड़ी: नंधना एस, इरा जे, अनादी टी  

खालिस्तानी आतंकियों को लेकर हुआ खुलासा, पाकिस्तान से खड़ी की खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स

नई दिल्ली उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मारे गए तीन खालिस्तानी आतंकियों को लेकर खुलासा हुआ है कि ये खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स नाम के आतंकी संगठन से जुड़े थे। इस संगठन के बारे में पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव का कहना है कि इसका गठन रंजीत सिंह नीता ने किया है, जो जम्मू का रहने वाला है, लेकिन लंबे समय से पाकिस्तान में बसा है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार जम्मू के सिंबल कैंप का रहने वाला रंजीत सिंह नीता फिलहाल पाकिस्तान में है और उसने आईएसआई की मदद से खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स नाम का संगठन खड़ा किया है। यह खालिस्तानी गुट लोगों को बरगलाता है और उनमें कट्टरता भरने के बाद भर्ती कर लेता है। इसमें बड़ी संख्या में शामिल लोग जम्मू के ही रहने वाले हैं, जिन्हें नीता ने ही कट्टरपंथ के दलदल में धकेल दिया। पंजाब और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि नीता ने 1980 के दशक में ही पाकिस्तान में अपने लिंक बना लिए थे। उसने जम्मू इलाके के सिंबल कैंप, आरएस पुरा जैसे इलाकों में अपनी पकड़ बनाई, जहां सिखों की अच्छी आबादी थी। इसके बाद 1990 के दशक में तो वह पाकिस्तान में ही जाकर बस गया और फिर खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स जैसा संगठन ही खड़ा कर दिया। यह संगठन उस दौर में बसों और ट्रेनों को टारगेट करता था, जो दिल्ली या पंजाब आती जाती थीं। यही नहीं इसने अपना रूप एक दशक बाद फिर से बदला और धार्मिक नेताओं को टारगेट करने लगा। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने ही 2009 में रुलदा सिंह का कत्ल कर दिया था, जो राष्ट्रीय सिख संगत के प्रमुख थे। यही नहीं विएना में संत रामानंद की हत्या में भी इसका ही हाथ था। फिर 2017 के बाद से इसके निशाने पर पुलिस थाने और उसके अधिकारी रहे हैं। अमेरिका, कनाडा समेत कई देशों में है मौजूदगी कई सूत्रों का कहना है कि इसने लगातार पुलिस थानों पर हमले किए हैं और इसके बारे में जानकारी मिली तो पुलिस ऐक्टिव हो गई। यहां तक कि पीलीभीत तक संपर्क साधा गया, जहां खालिस्तानी आंदोलन के दौर में भी आतंकवाद बढ़ा था। इस बार भी ऐसा हुआ और इन आतंकियों के तार पीलीभीत तक जुड़े पाए गए। अंत में यूपी पुलिस के सहयोग से तीन लोगों को मार गिराया गया। आने वाले दिनों में खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स से जुड़े लोगों के खिलाफ ऐक्शन और तेज हो सकता है। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स भारत में प्रतिबंधित है, लेकिन इसकी मौजूदगी अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया, कनाडा, बेल्जियम, नेपाल, इटनी और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में भी है।

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