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डी गुकेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है, पीएम ने डी गुकेश की स्वर्णिम उपलब्धियों की सराहना की

नई दिल्ली भारत के डी गुकेश ने शतरंज की दुनिया में इतिहास रच दिया था. वो चेस के नए और सबसे युवा वर्ल्ड चैम्पियन बन गए थे. डी गुकेश ने फाइनल में चीन के चेस मास्टर डिंग लिरेन (Ding Liren) को पराजित किया था. खिताबी मुकाबले में डी गुकेश ने 14वीं बाजी में डिंग लिरेन को करारी शिकस्त दी और खिताब पर कब्जा जमाया था. पीएम मोदी ने गुकेश की जमकर तारीफ की अब 18 वर्षीय डी गुकेश ने 28 दिसंबर (शनिवार) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. गुकेश के माता-पिता भी इस दौरान साथ में आए हुए थे. पीएम मोदी ने डी गुकेश की स्वर्णिम उपलब्धियों की सराहना की. गुकेश ने इस दौरान पीएम को चेस बोर्ड भी गिफ्ट किया, जिसपर वर्ल्ड चेस चैम्पियनशिप का फाइनल खेला गया था और गुकेश ने जीत हासिल की थी. पीएम मोदी ने लिखा, ‘शतरंज चैम्पियन और भारत के गौरव गुकेश के साथ शानदार बातचीत हुई. मैं पिछले कुछ सालों से उनसे बातचीत कर रहा हू. उनके बारे में जो बात मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित करती है, वह है उनका दृढ़ संकल्प और समर्पण. उनका आत्मविश्वास वाकई प्रेरणादायक है. मुझे कुछ साल पहले का उनका एक वीडियो याद है जिसमें उन्होंने कहा था कि वो सबसे कम उम्र के वर्ल्ड चैम्पियन बनेंगे. एक भविष्यवाणी जो अब उनके अपने प्रयासों की बदौलत सच साबित हुई है.’ पीएम मोदी कहते हैं, ‘आत्मविश्वास के साथ-साथ गुकेश में शांति और विनम्रता भी है. जीत के बाद वह शांत थे, अपनी इस उपलब्धि में डूबे हुए थे और पूरी तरह से समझ रहे थे कि इस कठिन जीत को कैसे प्रोसेस किया जाए. आज हमारी बातचीत योग और ध्यान की परिवर्तनकारी क्षमता के इर्द-गिर्द घूमती रही.’ पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘हर एथलीट की सफलता में उनके माता-पिता की अहम भूमिका होती है. मैंने गुकेश के माता-पिता की सराहना की कि उन्होंने हर मुश्किल परिस्थिति में उनका साथ दिया. उनका समर्पण उन युवाओं के माता-पिता को प्रेरित करेगा, जो खेल को करियर के रूप में अपनाने का सपना देखते हैं.’ पीएम मोदी ने आखिर में कहा, ‘मुझे गुकेश से उस मुकाबले का चेस बोर्ड पाकर भी बहुत खुशी हुई, जिसमें उन्होंने जीत हासिल की थी. इस चेस बोर्ड पर उनके और डिंग लिरेन दोनों के हस्ताक्षर हैं. यह एक अनमोल स्मृति है.’   डी गुकेश ने तोड़ा था इस दिग्गज का रिकॉर्ड डी गुकेश शतरंज की दुनिया के सबसे कम उम्र के वर्ल्ड चैम्पियन हैं. गुकेश से पहले रूस के दिग्गज गैरी कास्पारोव सबसे कम उम्र के वर्ल्ड चेस चैम्पियन थे, जिन्होंने 1985 में अनातोली कार्पोव को हराकर 22 साल की उम्र में खिताब जीता था. साथ ही वो एक रिकॉर्ड के मामले में विश्वनाथन आनंद के क्लब में भी शामिल हो गए. दरअसल, गुकेश वर्ल्ड चेस चैम्पियन बनने वाले भारत के दूसरे प्लेयर बन गए. जबकि विश्वनाथन पहले भारतीय हैं. 5 बार के वर्ल्ड चैम्पियन विश्वनाथन आनंद ने अपना आखिरी खिताब 2013 में जीता था.

नौकरानी ने ब्लैकमेल कर ज्योतिषी से ऐंठे करोड़ों रुपये, पुलिस ने 24 घंटे के अंदर इसका पर्दाफाश कर आरोपी को पकड़ा

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग ज्योतिषी के घर काम करने वाली नौकरानी ने ब्लैकमेल कर उनसे करोड़ों रुपये ऐंठ ल‍िए। जांच कर रही पुलिस ने 24 घंटे के अंदर इसका पर्दाफाश कर आरोपी को पकड़ लिया। मामला धर्म नगरी उज्जैन का है। यहां पर 65 वर्षीय बुजुर्ग ज्योतिषी को घर की ही नौकरानी मां, बहन, पति व प्रेमी के साथ मिलकर पिछले दो साल से ब्लैकमेल कर रही थी। उसने ज्योतिषी से करीब चार करोड़ रुपये ऐंठ ल‍िए। आरोपी बुजुर्ग ज्योतिषी को अश्लील वीडियो के माध्यम से ब्लैकमेल कर रही थी। पीड़ित के बहू-बेटी ने पिता को परेशान देखकर पुलिस को इसकी शिकायत की। तब मामले का पर्दाफाश हुआ। एसपी प्रदीप शर्मा ने प्रेस वार्ता करके इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया, आरोपी नौकरानी ने बुजुर्ग ज्योतिषी को उनके अश्लील वीडियो के आधार पर और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रही थी। मामले की जांच कर रही टीम ने 24 घंटे के अंदर इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया, “नौकरानी की आय 7,000 हजार रुपये महीना थी, लेकिन जब घर पर दबिश दी गई तो ब्रांडेड कपड़े, फर्नीचर, प्रॉपर्टी के दस्तावेज और अन्य सामान बरामद हुए। आरोपी के घर से करीब 45 लाख रुपये नकद और 50 लाख रुपये के आभूषण बरामद हुए हैं। इसके बाद पुलिस का शक गहराया। आरोपियों को गिरफ्तार किया कर लिया है। कितने रुपये ऐंठे गए हैं, अबकी इसकी पूरी जांच की जा रही है। परिवार वालों के मुताबिक 2 से 3 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। पुलिस टीम को 20,000 रुपये का इनाम दिया गया है।” एसपी ने बताया कि दो दिन पहले ही नौकरानी ने बुजुर्ग से 10 लाख रुपये की और डिमांड की थी। बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ी तो उन्होंने अपने बच्चो को बताया और शिकायत पुलिस तक पहुंची। पीड़ित बुजुर्ग के बहु-बेटे ने पिता को परेशान देख नीलगंगा थाने में शिकायत की।  

मध्य प्रदेश: बारिश से कटनी और उमरिया में खरीदी केंद्रों पर भीग गई धान, किसान परेशान

जबलपुर, कटनी, उमरिया मध्य प्रदेश के महाकोशल और विंध्य क्षेत्र के कई इलाकों में आज बारिश की संभावना जताई गई हैं। इधर कुछ इलाकों में हो रही बारिश से किसान परेशान हैं। कटनी और उमरिया में खरीदी केंद्रों पर बारिश के पानी से धान भीग गई है। यहां इसकी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। बारिश से धान भीगने के बाद किसान परेशान हैं। कटनी में सुबह से जारी है बारिश का दौर, धान हो गई गीली कटनी जिले में शुक्रवार से मौसम बिगड़ा हुआ था। बादलों ने डेरा डाल रखा था और रात से हवाओं के बीच बूंदाबांदी हुई। सुबह से ही जिले में बारिश का दौर जारी है। दो घंटे से जारी बारिश में समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। सुरक्षा के इंतजाम न होने से केंद्रों में धान गीली हो रही है। जिन किसानों की धान केंद्रों में खुले में रखी है, वे सुबह से ही अपना अनाज बचाने की जुगत में लगे हैं। वहीं धान का उठाव न होने से कई केंद्रों में ढेर लगा है और सरकारी धान को बचाने भी पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था केंद्रों में नही है। बहोरीबंद क्षेत्र के कूड़न खरीदी केंद्र में पानी भर गया। किसान परेशान यहां पर तिरपाल से धान के एक दो ढेर ही बचा पाए। यही स्थिति जिले के अन्य केंद्रों की भी है। वहीं बादलों के कारण तीन दिन से तापमान बढ़ गया था, बारिश होते ही ठंड भी बढ़ गई है।   नान एफएक्यू धान को अच्छी बताने भिगोनी की तैयारी इधर जबलपुर जिले के डेढ़ सौ से ज्यादा वेयरहाउस और उपार्जन केंद्रों में इस समय बड़ी मात्रा में धान के ढेर और बोरे खुले में रखे हैं। इधर वर्षा की संभावना से इसके नुकसान की भी आशंका बढ़ गई है। इस बीच कई ऐसी सोसायटी और वेयरहाउस के प्रभारी हैं, जो खुले में पड़ी धान को बारिश में गीला करना चाह रहे हैं, ताकि गुणवत्ताहीन धान को गुणवत्ता वाली धान की श्रेणी में ला सकें। इसे देखते हुए कलेक्टर दीपक सक्सेना ने कहा है कि ऐसे करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। बारिश को देखते हुए जारी किए निर्देश मौसम विभाग ने जबलपुर जिले में शनिवार को वर्षा का अनुमान जताया है। इसे देखते हुए किसानों से कहा गया है कि वे इन दो दिनों के दौरान उपार्जन केंद्र में धान न लाएं। जिन किसानों का धान उपार्जन केंद्र पर रिजेक्शन होने, अपग्रेड करने या फिर तुलाई नहीं होने से पड़ा है, उसकी सुरक्षा करने के उपाए करें। सभी उपार्जन केंद्र प्रभारियों से कहा है कि वे खुले में रखे हुए धान को गोदाम के अंदर शिफ़्ट करने अथवा बारिश से सुरक्षा करें। इसके साथ ही कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि लापरवाही के कारण धान भीगने अथवा ख़राब होने की घटना होती है तो यह माना जाएगा कि जानबूझकर कर नान एफएक्यू धान को खपाने के लिए यह लापरवाही की गई है। ऐसे में व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। 20 हजार किसान से खरीदी एक लाख 80 हजार टन धान दो दिसंबर से शुरू हुई खरीदी 20 जनवरी तक चलेगी। अब खरीदी के लिए महज 22 से 23 दिन ही शेष रह गए हैं, लेकिन अभी भी पंजीयन कराने वाले किसानों में से आधे की भी धान नहीं खरीदी गई है। जिले में करीब 56 हजार किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया, जिसमें से सिर्फ 20 हजार किसान ने ही शासन को धान बेचा है। करीब एक लाख 79 हजार 535 टन धान खरीदी है। अधिकांश धान अभी भी खुले में पड़ा है, जिससे किसान और प्रशासन, दोनों की चिंता बढ़ गई है। मिलर्स द्वारा अभी भी रफ्तार से खरीदी केंद्रों से धान नहीं उठाई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

कोयला खदान मजदूर संघ द्वारा बांटे गए कैलेंडर

  उमरिया आज दिनांक 28/12/24  को पाली प्रोजेक्ट खदान, बिरसिंहपुर खदान, हॉस्पिटल, पाली फिल्टर हाउस एवं अन्य जगहों पर  भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ पाली द्वारा नया साल का कलेंडर वितरण किया गया । जिसमें BMS के क्षेत्रीय पदाधिकारी कल्याण समिति के सदस्य श्री दिनेश कुमार तिवारी जी, पाली शाखा के अध्यक्ष राजकुमार खरे, सचिव विजय कुमार गुप्ता,भोला विश्वकर्मा,नारेंद, लक्ष्मी आदि पदाधिकारी शामिल हुये।

सड़क दुर्घटनाएं रोकने एवं दुर्घटना में मृत्यु की संख्या को शून्य करना है लक्ष्य: पुलिस अधीक्षक

अनूपपुर सड़क दुर्घटना एवं दुर्घटना में मृत्यु चिंता का विषय है वर्ष 2024 में हमारे जिले में कुल 324 एक्सीडेंट हुए, जिसमें 372 लोग घायल और 168 लोगों की एक्सीडेंट में मृत्यु हुई । जिसे दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक  महोदय अनूपपुर श्री मोती उर रहमान द्वारा 27 दिसंबर से 10 जनवरी तक एक विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसमें यह लक्ष्य रखा गया है कि इस समय अवधि में एक्सीडेंट की दर शून्य करने सभी जरूरी प्रयास पुलिस द्वारा किए जाएंगे। चिन्हित ब्लैक स्पॉट में आवश्यक सुधार कार्य करवाए जाएंगे। शराब के नशे में वाहन चलाने वाले वाहन चालकों की सघन चेकिंग की जाकर कार्यवाही की जाएगी। अभियान के प्रथम दिन जिला क्षेत्र अंतर्गत नहीं घटित हुआ एक्सीडेंट 27 दिसंबर को जिले के किसी भी रोड पर एक्सीडेंट  होने की घटना घटित नहीं हुई ट्रैफिक पुलिस एवं थाना पुलिस द्वारा इस दिशा में प्रतिदिन कार्रवाई की जाएगी तथा की गई कार्यवाही से मीडिया को अवगत करवाया जाएगा।

देर रात तक होने वाली शराब खोरी और पार्टियों पर रहेगी निगरानी

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में 31 दिसंबर को लेकर विभिन्न स्थानों पर पार्टियों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसी के मद्देनज़र आबकारी विभाग ने अपनी गाइडलाइन जारी कर दी है। देर रात तक होने वाली शराब खोरी और पार्टियों पर निगरानी रखने के लिए विशेष टीमें भी गठित की गई हैं। दरअसल, 31 दिसंबर और नए वर्ष को लेकर तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। कई स्थानों पर इसके लिए पार्टी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी को लेकर आबकारी विभाग ने गाइडलाइन जारी कर दी गई है। आबकारी अधिकारी मनीष खरे ने बताया कि, नए वर्ष का जश्न मनाने के लिए बड़े पैमाने पर पार्टियां आयोजित की जाती हैं। पिछले साल 30 से 40 एक दिन की शराब पार्टी के आयोजन के लिए आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन इस बार आवेदनों की संख्या में वृद्धि हुई है। सभी आवेदनों की जांच-पड़ताल के बाद ही उन्हें अनुमति दी जा रही है। पब और बार में होने वाली पार्टियों को लेकर भी निगरानी के लिए एक टीम बनाई गई है। रात 12:00 बजे के बाद तक पार्टियां संचालित न हो सके, इसके लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है। एक बार में कितनी शराब बेची जा सकती है इसके लिए भी आवेदन को बताया जाएगा। ताकि शराब खोरी का परिवहन भी ना हो सके।

दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज, ऑरेंज अलर्ट जारी

नई दिल्ली दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। आईएमडी ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश आज पूरे दिन होने की आशंका है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। इसमें पालम, सफदरजंग, लोदी रोड, आईजीआई एयरपोर्ट, महरौली, छतरपुर, आयानगर, डेरामंडी, गुरुग्राम, फरीदाबाद और मानेसर जैसे इलाके शामिल हैं। नोएडा और मानेसर में भी हल्की से लेकर भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि यहां गंभीर मौसम की स्थिति बनी रह सकती है। भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण दिल्ली के कई इलाकों में पेड़ गिर गए। आरके पुरम के सेक्टर-9 में सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिसके कारण एक मोटरसाइकिल और एक कार उस जगह गिर गए। वहीं, रिठाला मेट्रो के पास भारी बारिश के कारण गुलेरिया हाउस के पीछे भी सड़क का एक हिस्सा टूट गया आईएमडी ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है। हरियाणा में यमुनानगर, झज्जर, फरुखनगर और होडल; उत्तर प्रदेश में सहारनपुर, गंगोह, देवबंद, मुजफ्फरनगर, सकौती टांडा, बड़ौत, दौराला, बागपत, मेरठ, मोदीनगर, किठौर और नंदगांव; और राजस्थान में तिज़ारा और अलवर में बारिश हो सकती है। इस बीच, उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर के कई इलाकों में शुक्रवार रात को बारिश हुई। इससे पहले शुक्रवार को लगातार बारिश की वजह से दिल्ली के कई हिस्सों में पानी भर गया और गंभीर यातायात जाम लग गया। शनिवार को शहर का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली में शुक्रवार को दिसंबर महीने में पिछले 15 सालों में सबसे ज्यादा बारिश हुई। गुरुवार सुबह से शुरू हुई भारी बारिश पूरे दिन जारी रही। बारिश की वजह से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हुआ है। लेकिन, यह अभी भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, दोपहर 2 बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 355 रहा। इस स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एएक्यूआई) इस प्रकार रहा: आनंद विहार में एएक्यूआई 390, आईजीआई हवाई अड्डे (टी 3) पर 314, आया नगर में 329, लोधी रोड पर 327, आईटीओ पर 360, चांदनी चौक में 300 और पंजाबी बाग में 361 मापा गया। सुबह 7 बजे एएक्यूआई का स्तर ज्यादा था: आनंद विहार में 398, आईजीआई हवाई अड्डे (टर्मिनल3) पर 340, आया नगर में 360, लोधी रोड पर 345, आईटीओ पर 380, चांदनी चौक में 315 और पंजाबी बाग में 386 था। केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता निगरानी पैनल ने हाल ही में वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तहत चरण IV (‘गंभीर+’) के उपायों को हटा दिया है। हालांकि, वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के लिए चरण I, II और III के उपाय लागू रहेंगे, जैसा कि 24 दिसंबर को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बताया। आईएमडी और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के पूर्वानुमान के मुताबिक, हवा की गुणवत्ता में सुधार का कारण अच्छे मौसमीय हालात हैं, जिनमें हवा की गति का बढ़ना भी शामिल है।  

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कुकी उग्रवादियों की ओर से की गई अंधाधुंध गोलीबारी की निंदा

इंफाल मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शनिवार को इंफाल ईस्ट जिले के दो गांवों में कुकी उग्रवादियों की ओर से की गई अंधाधुंध गोलीबारी की निंदा की। उन्होंने कहा ये राज्य की सुख शांति बिगाड़ने का प्रयास है। हिंसा के मद्देनजर शांति और एकता की अपील करते हुए बीरेन सिंह ने कहा कि स्थिति को संभालने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “इंफाल पूर्व के सनसाबी और थमनापोकपी में कुकी आतंकवादियों की ओर से की गई अंधाधुंध गोलीबारी की कड़ी निंदा करता हूं, जिसमें नागरिक और सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। निर्दोष जिंदगियों पर यह कायरतापूर्ण और अकारण हमला शांति और सद्भाव पर हमला है।” उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, “प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षाकर्मी भेजे गए हैं। घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल रही है, और सरकार ऐसी चुनौतियों का सामना करने के लिए शांति और सद्भाव का आह्वान करती है। ऐसी स्थितियों से निपटते समय केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस को उचित समन्वय और समझ होनी चाहिए।” शुक्रवार को सशस्त्र समूहों के साथ गोलीबारी के दौरान एक पुलिस अधिकारी सहित दो लोग घायल हो गए। हिंसा तब भड़की जब पहाड़ों से हथियारबंद लोगों ने जिले के सनसाबी और थमनापोकपी गांवों पर बंदूक और बम से हमला किया। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की। सनसाबी गांव में झड़प के दौरान दो लोग घायल हो गए। वहीं 37 वर्षीय पुलिस अधिकारी के हरिदास को बाएं कंधे में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाया गया। हमले के कारण अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग गए। मणिपुर उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश सिद्धार्थ मृदुल ने बीते मंगलवार को कहा, “जब भी मणिपुर में स्थिति बेहतर होती दिखती है, तो नई हिंसा भड़क जाती है। मुझे लगता है कि कुछ ताकतें बाहरी हैं, आंतरिक नहीं। अगर ये ताकतें बाहरी भी हैं तो स्थानीय स्तर पर उनके सहयोगी हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि मणिपुर को जलाने के एजेंडे को सख्ती से आगे बढ़ाया जाए।”  

भारी बर्फबारी के चलते पीर पंजाल सुरंग और श्रीनगर शहर के बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैकड़ों वाहन फंसे

श्रीनगर भारी बर्फबारी के कारण घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पीर पंजाल सुरंग और श्रीनगर शहर के बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैकड़ों वाहन फंसे रहे। भारी बर्फबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक जारी रही। सड़क पर अत्यधिक फिसलन से पीर पंजाल सुरंग और श्रीनगर शहर के बीच सैकड़ों वाहन अटके पड़े हैं। भारी बर्फबारी और शून्य से नीचे के तापमान के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर बर्फ की मोटी चादर जम गई। जिसकी वजह से हाइवे पर गाड़ियां कई घंटों तक सुरंग के अंदर फंसी रहीं। स्थानीय अधिकारी सड़क पर फंसी हुई गाड़ियों को निकालने के लिए काफी प्रयास कर रहे थे, लेकिन बर्फबारी के कारण वाहन लगातार कई घंटों तक फंसे रहे। कुलगाम और अनंतनाग जिलों में वरिष्ठ नागरिक और पुलिस अधिकारी बर्फ हटाने वाली मशीनों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर फंसे वाहनों को निकालने के लिए पहुंचे। शनिवार सुबह तक यातायात पूरी तरह से बहाल नहीं हो सका। श्रीनगर शहर और अन्य जिलों जैसे बडगाम, गांदरबल, बांदीपोरा, बारामुल्ला, कुपवाड़ा, पुलवामा, अनंतनाग, कुलगाम और शोपियां में भारी बर्फबारी के कारण सभी सड़कें बंद हो गईं। बर्फ हटाने वाली मशीनों को सुबह भेजा गया ताकि यातायात बहाल किया जा सके। श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों को छोड़कर बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई। भारी बर्फबारी के कारण बिजली के खंभे उखड़ गए, ट्रांसमिशन लाइनें टूट गईं और बिजली ग्रिड बाधित हो गए। हालांकि इस बर्फबारी से स्थानीय लोग काफी खुश हैं। क्योंकि लंबे समय से सूखा चल रहा था और लोग अब अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे है। पिछले चार महीनों में बारिश न होने के कारण घाटी के अधिकांश झरने और कुएं सूख गए थे। श्रीनगर शहर और आसपास के इलाकों में यह मौसम की पहली बर्फबारी थी। बर्फबारी से घाटी में छुट्टियां मना रहे पर्यटकों के चेहरे भी खिल उठे। गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और अन्य पर्यटन स्थलों में करीब 10 इंच ताजा बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बर्फबारी और बारिश का अनुमान जताया है।  

उत्तरकाशी के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में जमी बर्फ, बारिश का अलर्ट जारी: मौसम विभाग

उत्तरकाशी उत्तरकाशी के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में लगभग एक फीट बर्फ जमा होने से निचले इलाकों में भी ठंड बढ़ गई है। बर्फबारी के कारण प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी जिले में भारी बर्फबारी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, जनपद के 2200 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम में तीव्र परिवर्तन होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और बारिश हो सकती है, जिससे सर्दी और बढ़ सकती है और यातायात प्रभावित हो सकता है। इस अलर्ट के मद्देनजर प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों और स्थानीय निवासियों को खराब मौसम के कारण सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। सड़क मार्गों पर बर्फ जमने और दुर्घटनाओं के खतरे को देखते हुए यातायात व्यवस्था को लेकर भी अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। यह अलर्ट विशेष रूप से गंगोत्री, यमुनोत्री और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए है, जहां बर्फबारी और बारिश की अधिक संभावना है। उत्तरकाशी जनपद के मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों में जबरदस्त बारिश हुई है, जिससे ठंड में और भी वृद्धि हो गई है। भारी बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इस मौसम में ठंड से बचने के लिए लोग अब अलाव का सहारा ले रहे हैं। जिला प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के आदेश दिए हैं। आदेश के तहत स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, स्थानीय प्रशासन, और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट रहने को कहा गया है। साथ ही राजस्व विभाग, ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ), ग्राम प्रधान और अन्य संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में रहकर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इन अधिकारियों को आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने और स्थानीय समुदाय को किसी भी प्रकार के संकट से बचाने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। उत्तरकाशी में बढ़ती ठंड और खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को बाहर जाने से मना किया है। केवल अति आवश्यक काम होने पर ही बाहर जाने की अनुमति दी गई है, ताकि ठंड और बर्फबारी के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव किया जा सके। वहीं लोक निर्माण विभाग को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे बर्फबारी वाले क्षेत्रों में अपनी निगरानी बढ़ाएं और सड़कों पर फिसलन को कम करने के लिए जरूरी उपाय करें।  

बुरहानपुर : केरपानी में धर्मांतरण करने का आरोप, 10 पर केस दर्ज

बुरहानपुर मध्य प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर बवाल सामने आया है। यहां के बुरहानपुर जिले के नेपानगर थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम केरपनी में धर्मांतरण की सूचना मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यहां रहने वाले एक आदिवासी के घर, एक बड़ा पांडाल लगाकर ईसाई धर्म की प्रार्थना कराई जा रही थी। इसके साथ ही आदिवासियों को हिन्दू धर्म का नहीं होने और ईसाई धर्म अपनाने का लालच देते हुए ईसाई धर्म अपनाने से बीमारियों के ठीक होने का लालच दिया जा रहा था। इस मामले की सूचना लगते ही धार्मिक संगठन बजरंग दल से जुड़े कुछ युवा और गांव के कई लोग वहां पहुंचे और हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान मौके पर नेपानगर थाना पुलिस भी पहुंची। जहां बजरंग दल के सदस्यों ने गांव में धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए, वहीं पंडाल में मौजूद ईसाई धर्म के लोगों ने अपने साथ मारपीट होने के आरोप भी लगाए थे। हालांकि इस बीच सभी को नेपानगर थाना लाया गया। जहां एक शिकायती आवेदन मिलने पर खंडवा, बुराहनपुर और नागपुर जिलों के 10 लोगों के खिलाफ, धर्म परिवर्तन कराने से जुड़ा मामला दर्ज किया गया है, और अब इस मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में ग्राम गोलखेड़ा के बलिराम किराड़े ने धर्मांतरण किये जाने का आरोप लगाते हुए, उनपर कार्यवाई करने का एक आवेदन भी नेपानगर पुलिस को सौंपा है। आवेदन में उन्होंने बताया है कि, उन्हें जानकारी मिली थी कि, ग्राम केरपनी के शांतिलाल बडोले के घर इसाई धर्म की प्रार्थना का कार्यक्रम चल रहा है। यहां पर बीमार लोग इसाई धर्म की प्रार्थना करते हैं, और वे हिन्दू धर्म छोड़कर इसाई धर्म अपनाते हैं, तो उनकी बीमारी ठीक हो जाती है। अपनी पेट दर्द की बीमारी के चलते उन्होंने वहां जाकर देखा तो, एक बड़े पंडाल में लोगो की भीड़ थी और माइक पर इसाई धर्म के गीत गाये जा रहे थे। साथ ही वहां ईसाई धर्म अपनाने के फायदे बताये जा रहे थे, और कुछ बाहरी लोग ईसाई धर्म परिवर्तन करने का लालच दे रहे थे। आरोप है कि बलिराम को भी हिन्दू धर्म से ईसाई धर्म अपनाने का लालच दिया था। साथ ही धर्म परिवर्तन कराने वालों का कहना था कि आदिवासी हिन्दू धर्म मे नहीं आते हैं। जिसे देख उन्होंने अपने साथियों के साथ धर्मातरण करने वालो के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने का आवेदन दिया है । 10 लोगों के खिलाफ हुआ मामला दर्ज फरियादी बलिराम की शिकायत पर थाना नेपानगर में आदिवासियों को ईसाई धर्म में परिवर्तन करने से जुड़ा एक मामला धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के अंतर्गत दर्ज किया गया है। जिसमें शांतिलाल पिता भायटा, निवासी ग्राम केरपानी, प्यारसिंग पिता सालम, निवासी माजरोद कला खकनार, काशीराम पिता रगला, निवासी फेलवाडी खकनार, गुड़िया पिता जागसिंग पंवार, निवासी उसारनी खकनार, सुखलाल पिता इसमल सोलंकी, निवासी उसारनी खकनार, नरसिंग पिता सिलदार बारेला, निवासी साईंराम कालोनी रामनगर खडवा, शेलेश पिता याकूव गायकवाड, निवासी खकनार, सुगंधी बाई पति ववन गायकवाड, निवासी रेस्ट हाउस के सामने खकनार, एंजेला पति शेलेश गायकवाड़, निवासी शिर्डीपुरम खकनार, डेनियल पिता डेविड पलसपगा, निवासी स्मृतिनगर वाडी थाना वाडी जिला नागपुर को आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज किया गया है।

सांस की बीमारी से परेशान होते बच्चे

वातावरण से हमारे श्वसन तंत्र का सीधा संबंध होता है। वातावरण में विशेष रूप से आधुनिक शहरी वातावरण में कई तरह के जीवाणु और दूषित तत्व हर वक्त मौजूद रहते हैं। इसी वजह से श्वसन तंत्र में संक्रमण आसानी से और लगातार होते रहते हैं। बचपन में तो श्वसन तंत्र की समस्या आम होती है। कई बार बचपन और बुढ़ापा दोनों अवस्थाओं में यह बीमारी गंभीर रूप धारण कर लेती है और यही नहीं कई बार यह मौत का कारण भी बन सकती है। आमतौर पर श्वसन तंत्र का संक्रमण अगर युवा वर्ग के लोगों को होता है तो वे कुछ दिनों में स्वस्थ हो जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों, बूढ़ों में इस रोग के गंभीर रूप धारण करने की आशंका होती है क्योंकि उनके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता तो कम होती ही है, साथ ही फेफड़ों की क्षमता भी कम होती है। श्वसन तंत्र के ऊपर के भाग में जुकाम, गले में खराश, कान में दर्द, मवाद आना, गला खराब होना आदि के रूप में संक्रमण हो सकता है या फिर श्वसन तंत्र के निचले भाग में स्वर तंत्र या श्वसन मार्ग में या फिर फेफड़ों में संक्रमण (न्यूमोनिया) हो सकता है। आज भी हर साल 40 लाख बच्चों की मृत्यु श्वसन तंत्र के रोग के गंभीर रूप के कारण हो जाती है। छोटे बच्चों में तो औसतन हर साल 5 से 8 बार श्वसन तंत्र में संक्रमण के मामले सामने आ ही जाते हैं। ज्यादातर मामलों में बच्चों को बीमारी मामूली ही होती है और बच्चे जल्दी ठीक हो जाते हैं पर बार−बार बीमार होने से माता−पिता परेशान रहते हैं। श्वसन तंत्र का संक्रमण कान में फैलने से बच्चे बहरे हो सकते हैं। यही नहीं संक्रमण अगर खतरनाक जीवाणु से हुआ हो या इलाज में लापरवाही बरती गई हो तो यह प्राणघातक भी हो सकता है। श्वसन तंत्र में संक्रमण कई तरह के वायरस की वजह से होता है जैसे बैक्टीरिया, फफूंद। बच्चों में धूल पराग कण, ठंडक, धुंआ, गरमी, खुशबू आदि से यह समस्या शुरू होती है। इसके अलावा बच्चे वायरस बैक्टीरिया के संक्रमण के शिकार भी हो सकते हैं। अगर बच्चे कुपोषण के शिकार हैं, शरीर कई बीमारियों का घर है, दमा रोग है या फिर फेफड़ों का संक्रमण किसी खतरनाक जीवाणु से हुआ हो तो रोग गंभीर रूप धारण कर सकता है। अगर घर के अंदर या आसपास का वातावरण अच्छा नहीं प्रदूषित है, घर के आसपास कोई फैक्टरी है, घर में धूम्रपान किया जाता है या जन्म के समय शिशु का वजन कम है, बच्चा निर्धारित समय से पहले पैदा हुआ है तो रोग गंभीर रूप धारण कर सकता है। गांवों का वातावरण काफी खुला और शहरों की तुलना में काफी कम प्रदूषित होता है। इसलिए शहरी बच्चों खासकर गंदी बस्ती, झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों में श्वसन तंत्र के संक्रमण की ज्यादा संभावना होती है। इस रोग के लक्षण इसकी गंभीरता पर निर्भर करते हैं। बच्चों में नाक बहने, गले में खराश, बुखार, खांसी, गले या कान में दर्द, कान बहना, सांस लेने में परेशानी, हांफना, शरीर नीला पड़ना, छाती में दर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं। रोग की शुरुआत में छोटे बच्चे दूध पीना बंद कर देते हैं। कभी−कभी शरीर ठंडा पड़ जाता है वे चिड़चिडे हो जाते हैं। उनकी सांस भी तेजी से चलने लगती है और अगर बच्चा न्यूमोनिया से पीड़ित है तो शरीर नीला पड़ जाता है, सांस लेने पर छाती अंदर धंस जाती है। श्वसन तंत्र का संक्रमण मामूली भी हो सकता है और गंभीर भी। इसलिए रोग कितना गंभीर है यह जानना बहुत जरूरी होता है। रोग की गंभीरता के अनुसार ही इलाज और देखभाल की आवश्यकता होती है। इस रोग में बच्चों को तेज बुखार होता है वे ठीक से सो नहीं पाते और वे दूध भी नहीं पी पाते हैं। यहीं नहीं उन्हें झटके भी आ सकते हैं। अगर बच्चे शांत पड़े हैं तो छाती से तेज आवाज आती है। सांस लेते वक्त छाती अंदर को धंस जाती है। सांस काफी तेज गति से चलती है। ऐसी स्थिति में बच्चों को तुरन्त अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए जहां पर समुचित उपचार आक्सीजन एंटीबायोटिक आदि दवाएं उसे दी जाती हैं। ऐसे में जरा भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए क्योंकि यह स्थिति अत्याधिक गंभीर बीमारी की होती है। अगर सांस लेते वक्त पसलियां अंदर को धंसती हैं, नथूने फूल जाते हैं, गले से गुर्राहट जैसी आवाज निकलती है, शरीर नीला पड़ जाता है तो समझ लें कि बच्चा गंभीर न्यूमोनिया की चपेट में है। ऐसे बच्चों को फौरन अस्पताल में भरती कराना आवश्यक होता है। श्वसन तंत्र के संक्रमण के रोग से पीड़ित अधिकतर बच्चे साधारण इलाज से कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं फिर भी बच्चों पर नजर रखनी चाहिए। अगर रोग गंभीर हों तो लक्षणों को पहचान कर तुरन्त डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। अगर बचपन में खांसी, जुकाम, सांस फूलने की समस्या लगातार एक माह तक रहती है तो उसे टीवी, दमा, काली खांसी होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में उचित जांच द्वारा लक्षणों की वजह जान कर इलाज करवाना चाहिए।  

खंडवा के भामगढ़ के राम मंदिर में अचानक आग लगी, अग्निकांड में मंदिर में रखी सामग्री जलकर खाक हो गई

खंडवा मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के भामगढ़ स्थित श्री राम मंदिर में देर रात आग लग गई। मंदिर में आग लगने के बाद पहले ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन, जब आग नियंत्रित नहीं हुई तो फायर ब्रिगेड की मदद ली गई। जानकारी के अनुसार, भामगढ़ में लगभग 500 साल पुराना श्री राम मंदिर है। इस मंदिर में शुक्रवार की देर रात को अचानक आग लग गई, महज कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों ने काफी देर तक आग बुझाने की कोशिश की, मगर उनके प्रयास सफल नहीं हुए। परिणाम स्वरूप फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाना पड़ी और शनिवार की सुबह तक इस आग पर काबू पाया जा सका। बताया गया है कि इस पुराने मंदिर का लकड़ी का शेड और काफी पुरानी दीवार होने के कारण आग तेजी से भड़की। आग इतनी ज्यादा थी कि आसपास के मकानों को भी खाली करना पड़ा। आग कैसे लगी इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है। इस अग्निकांड में मंदिर में रखी सामग्री जलकर खाक हो गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक शाम तक मंदिर में दर्शन करने भी बड़ी संख्या में लोग गए थे। देर रात लगभग ढाई बजे मंदिर परिसर से ग्रामीणों ने धुंआ उठते हुए देखा और फिर कुछ ही देर में आग ने आग की तेज लपटों दिखाई देने लगी। आग को बुझाने के लिए ग्रामीणों ने हर तरफ से पानी डाला गया मगर सफलता नहीं मिली। बाद में, फायर ब्रिगेड की मदद से इस आग को बुझाया जा सका। पुलिस के मुताबिक मंदिर में आग कैसे लगी यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है। इस अग्निकांड में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है, मंदिर में रखा सामान जरूर बड़ी तादाद में जल गया है। अग्निकांड के समय मंदिर में कोई था अथवा नहीं पुलिस इस बात की जानकारी जुटा रही है।  

Saurabh Sharma के ऑफिस में 13 घंटे से ज्यादा वक्त तक चली तलाशी, जानिए सर्चिंग टीम को क्या कुछ मिला

भोपाल परिवहन विभाग के धनकुबेर पूर्व आरक्षक (Former RTO Constable) सौरभ शर्मा (Saurabh Sharma) और उसके सहयोगी चेतन गौर (Chetan Gour) पर अब ईडी (ED) का भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है. इनकी काली कमाई (Black Money) से जुड़े साक्ष्य तलाशने ईडी ने प्रदेश के अलग अलग इलाको में इनसे जुड़े ठिकानों पर एक साथ रेड की थी. ग्वालियर में सौरभ और चेतन के घरों पर लगभग साढ़े तेरह घण्टे तक जांच पड़ताल चली. बताया जा रहा है कि पुलिस इन दोनों जगहों से एक सेल डीड और एक डायरी जब्त करके ले गई है.  प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम गुरुवार को ही ग्वालियर पहुंच गई थी. ऐसे हुई कार्रवाई ED ने गुप्त ढंग से यहां ऑपरेशन की योजना बनाई थी, उसने स्थानीय टैक्सी का सहारा लेकर पर्यटक बनकर पहले शहर में भ्रमण किया. शुक्रवार को सुबह 5 बजे टीम सौरभ शर्मा के विनय नगर सेक्टर दो में  शब्द प्रताप आश्रम स्थित घर पहुंची. यहां देर रात तक लगभग 13.30 घंटे तक सर्चिग चली, जिसमें मकान की रजिस्ट्री से संबंधित सेल डीड, एक डायरी और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए। इसके बाद टीम वहां से रवाना हो गई. सौरभ के किस ठिकाने से क्या मिला… 1. ई- 7/98, अरेरा कॉलोनी: इस मकान में सौरभ परिवार के साथ 2 साल से रह रहा है। सूत्रों का कहना है कि ये मकान रोहित तिवारी ने खरीदा था। सौरभ को उसने 50 हजार रुपए महीने किराए पर ये मकान दिया है। लोकायुक्त की टीम ने इस घर पर छापा मारा था। क्या मिला- यहां से प्रॉपर्टी में निवेश के दस्तावेज और नकदी मिली है। 2. ई- 7/78, अरेरा कॉलोनी: सौरभ ने ये बंगला 2 महीने पहले ही खरीदा है। बताया जा रहा है कि ये बंगला बहुत दिनों से खाली था। यहां लोकायुक्त की टीम ने छापा नहीं मारा, लेकिन दो दिन पहले यहां पुलिस देखी गई है। ये भी पता चला कि इस घर की निगरानी के लिए पुलिस ने एक दूसरे मकान पर सीसीटीवी लगाया था। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की। क्या मिला- ये मकान खाली था। यहां पर सर्चिंग के दौरान कुछ खास नहीं मिल पाया है। 3. ई- 7/ 657, अरेरा कॉलोनी: इस बंगले में सौरभ ने जयपुरिया स्कूल का ऑफिस बनाया हुआ था। इसमें ही उसका दोस्त चेतन सिंह गौर रहता था। लोकायुक्त को इसी मकान से 2 क्विंटल से ज्यादा चांदी की सिल्लियां मिली हैं। क्या मिला- जयपुरिया स्कूल में निवेश के कुछ दस्तावेज मिले हैं। खाली बैग मिले, जिन्हें नकदी के लिए इस्तेमाल किया जाता था। 4. ई- 8/ 98, रेलवे कॉलोनी: इस मकान में शरद जायसवाल रहता है। शरद कंस्ट्रक्शन कंपनी अविरल में डायरेक्टर भी हैं। बताया जा रहा है कि शरद ने सौरभ के निवेश से जुड़ी अहम जानकारी ईडी को दी है। क्या मिला- प्रॉपर्टी में निवेश के दस्तावेज सौरभ की मां का लॉकर फ्रीज कराया सौरभ शर्मा के विनय नगर स्थित आवास से ईडी की टीम को उसकी मां उमा शर्मा के साथ जॉइंट अकाउंट के दस्तावेज मिले हैं। जो यूनियन बैंक के हैं। उमा शर्मा के नाम शब्द प्रताप आश्रम स्थित यूनियन बैंक में एक लॉकर भी मिला है। जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग के पैसे आने जाने की आशंका पर उसे फ्रीज कराया गया है। हाईवे पर हाल ही में एक जमीन बेचे जाने के भी कुछ दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा कई सारे रिकॉर्ड जमा किए गए हैं, जिनको आगे जांच में लिया जा सकता है। इसके अलावा ग्वालियर में सौरभ शर्मा के सिटी सेंटर स्थित घर और जबलपुर में उसकी ससुराल के मकान में भी ईडी ने दिन भर सर्चिंग की। यहां से भी कुछ अहम दस्तावेज और बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है। ईडी की एक अन्य टीम ने  सौरभ के दोस्त और पार्टनर चेतन गौर के कम्पू स्थित आवास पर छापा मारा. इस घर मे भी कोई मौजूद नहीं था. बताया गया कि ईडी ने चेतन के घर से कई दस्तावेज जब्त किये. चेतन के घर पर टीम ने तलाशी के बाद कुछ फाइलें भी जब्त कीं, जो सरकारी ठेकों से जुड़ी बताई जा रही हैं. बताया गया है चेतन ने सौरभ के काम में रिश्तेदारों का पैसा निवेश किया था, इसकी फाइलों की पड़ताल के लिए टीम यहां आई थी. चेतन ने 3 गाड़ियां भी दी हुई थीं, जिसके बदले में उसे हर महीने 2.50 लाख रुपये मिलते थे. बताया गया कि ईडी टीम (ED Team) ने सौरभ के विनय नगर स्थित घर मे काफी बारीकी से जांच पड़ताल की. उन्होंने फर्नीचर व जमीन को भी ठोक कर देखा. ईडी ने सौरभ के घर पर रखे फर्नीचर को भी अच्छी तरह से चेक करने के साथ ही फर्श  को भी कई बार ठोक कर देखा. वह यह देखना चाहती थी इनमें कुछ छिपा तो नहीं है. इसके साथ ही घर मे कार्यरत संग्राम नामक एक कर्मचारी से भी पूछताछ की. पता ये भी चला कि सौरभ ने कुछ समय पहले दुबई में अपनी पत्नी दिव्या के साथ अपने बेटे का जन्मदिन भी मनाया था. जांच में यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि सौरभ के कई रिश्तेदार भी दुबई में रहते हैं. सौरभ के घर से जांच टीम रात लगभग साढ़े सात बजे निकली और सीधे गाड़ियों में सवार हो गई. इस टीम में एक पुरुष और एक महिला मुंह ढंके हुए निकले जो पूरी कार्रवाई के दौरान टीम के साथ रहे. इन दोनों को लेकर दिन भर चर्चा रही. हालांकि बताया गया कि यह दोनो स्वतंत्र साक्ष्य के रूप में लाये गए थे, जो एक राष्ट्रीय बैंक के एक मैनेजर और एक फील्ड ऑफीसर थे. टीम घरों से निकलकर सीधे अपने गंतव्य पर रवाना हो गई. शहर में नहीं रुकी.

एनएमडीएफसी अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में है, 85 प्रतिशत महिलाएं शामिल

नई दिल्ली राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) ने अपनी स्थापना के बाद से 24.84 लाख से अधिक लाभार्थियों को 9,228.19 करोड़ रुपये से अधिक वितरित किए हैं, जिनमें से 85 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं। यह जानकारी सरकार ने शनिवार को दी। एनएमडीएफसी अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में है। इसकी स्थापना अल्पसंख्यक समुदायों के बीच पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए की गई है। वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान एनएमडीएफसी ने 1.84 लाख से अधिक लाभार्थियों को 765.45 करोड़ रुपये का रियायती ऋण जारी किया। एनएमडीएफसी ने आवेदकों, एससीए और एनएमडीएफसी के बीच ऋण लेखा प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने के लिए मिलन (एनएमडीएफसी के लिए अल्पसंख्यक ऋण लेखा सॉफ्टवेयर) ऐप लॉन्च किया है, जिसमें एनएमडीएफसी के एमआईएस पोर्टल का इंटीग्रेशन भी शामिल है। इस ऐप पर 14.57 लाख लाभार्थियों का डेटा उपलब्ध है। मंत्रालय ने कहा कि मिलन मोबाइल ऐप का एंड्रॉइड और आईओएस एडिशन भी लॉन्च किया गया है। हाल ही में, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और पंजाब ग्रामीण बैंक ने रिफाइनेंस मोड पर एनएमडीएफसी योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। अपनी 100-दिवसीय कार्य योजना के तहत, मंत्रालय ने जुलाई में ‘लोक संवर्धन पर्व’ का आयोजन किया, जिसमें पूरे भारत के अल्पसंख्यक कारीगरों को एक साथ लाया गया। इस मंच ने कारीगरों को अपनी स्वदेशी कला, शिल्प और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। पर्व में विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित 162 कारीगरों द्वारा बनाए गए विभिन्न राज्यों के 70 से अधिक हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा, तीर्थयात्रा के अनुभव को बढ़ाने और सूचना प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए ‘हज सुविधा ऐप’ लॉन्च किया गया। इस वर्ष 9,000 से अधिक शिकायतों और 2,000 से अधिक एसओएस मामलों का समाधान किया गया। इस वर्ष अब तक की सबसे अधिक संख्या 4,557 महिला तीर्थयात्रियों की रही। ‘जियो पारसी’ पारसी समुदाय की जनसंख्या में गिरावट को रोकने के लिए एक और योजना है। यह योजना 2013-14 में शुरू की गई थी। मंत्रालय ने चिकित्सा घटक के तहत वित्तीय सहायता चाहने वाले पारसी जोड़ों के लिए एक पोर्टल भी शुरू किया है। मंत्रालय द्वारा अगस्त में लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश किया गया। इसके बाद, विधेयक को संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया है।  

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