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सीपेट में प्लास्ट पेक 2025 का प्रमोशनल कार्यक्रम

भोपाल एमएसएमई मंत्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ने प्‍लास्टिक उत्‍पादकों का आव्‍हवान किया कि वे प्‍लास्टिक प्रोडक्‍ट के प्रबंधन की चिंता करें। यदि अभी इस पर ध्‍यान नही दिया गया तो आने वाले 50 सालों में इसके दुष्परिणाम से संभलना मुश्किल होगा। मंत्री काश्‍यप गोविंदपुरा स्थित सीपेट (सेंट्रल इंस्‍ट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्‍स इंजीनियरिंग एण्‍ड टेक्‍नोलॉजी) परिसर में ‘प्‍लास्‍ट पेक 2025” के प्रमोशनल इवेंट कार्यक्रम को मुख्‍य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने बीना रिफायनरी के समीप प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा किये गये पेट्रो केमिकल्‍स कॉम्‍प्‍लेक्‍स के भूमि-पूजन का उल्‍लेख करते हुए कहा कि वहां भविष्‍य में प्‍लास्टिक की इंडस्ट्रियां लगेंगी एवं उत्‍पादन भी बढेगा। अभी तक हम प्‍लास्टिक और पेट्रोकेमिकल्‍स के क्षेत्र में गुजरात और तमिलनाडु केन्द्र स्थापित थे, अब मध्‍यप्रदेश भी बडे केन्‍द्र के रूप में उभर रहा है। मंत्री काश्‍यप ने सीपेट की इंदौर में यूनिट स्‍थापित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा भोपाल और ग्‍वालियर में सीपेट की इकाईयां हैं। इनके भी कुछ काम शेष रह गये है और इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करें। मंत्री काश्‍यप से प्‍लास्टिक इंडस्‍ट्री को नेशनल बिल्डिंग कोड-2016-4 फायर सेफ्टी के पालन से छूट देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल एक्‍ट में फायर सेफ्टी के पहले से प्रावधान है, इसलिये नगरीय निकायों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने की आवश्‍यकता नहीं है।  

रीवा में 321 करोड़ रूपये से मदर चाइल्ड अस्पताल, एमरजेंसी मेडिसिन ओपीडी बनेगी

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि पीड़ित मानवता की सेवा के लिये कर्तव्यनिष्ठा का मंत्र लेकर कार्य किया जाना चाहिए। शांत-भाव से सेवा के लिये जज़्बे के साथ मरीजों की सेवा के भाव होने चाहिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सरकार की योजनाएँ एवं हमारे सेवाभाव के संस्कार देश को बदलने का कार्य कर रहे हैं। हमें ऐसा रीवा बनाना है जहाँ स्वास्थ्य के क्षेत्र में सभी सुविधाएँ हो और यहाँ के और आसपास के लोगों को इलाज के लिये बाहर न जाना पड़े बल्कि बाहर के लोग बेहतर इलाज के लिये रीवा आयें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा के जीएमएच परिसर में ओपीडी में प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप सस्ती दवाई व स्वास्थ्य सुविधाएँ देने का संकल्प पूरा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जन-औषधि केन्द्रों में सस्ती व अच्छी गुणवत्ता की दवाइयाँ उपलब्ध हैं। आयुष्मान योजना के तहत लोगों का नि:शुल्क इलाज व जांच भी की जा रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा के जीएमएच परिसर में 321 करोड़ रूपये से मदर चाइल्ड अस्पताल तथा मेडिकल एमरजेंसी ओपीडी का निर्माण होगा। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिये 10 करोड़ रूपये से एंजियोप्लास्टी की दूसरी मशीन उपलब्ध कराई जायेगी। अध्यक्ष नगर निगम रीवा व्यंकटेश पाण्डेय, डीन मेडिकल कालेज डॉ. सुनील अग्रवाल, अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा, डॉ. अक्षय श्रीवास्तव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, चिकित्सक व स्थानीय जन उपस्थित रहे।  

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने पूर्व राज्यसभा सदस्य स्व. गोपाल व्यास के परिजनों से की मुलाकात

रायपुर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अपने एक दिवसीय रायपुर प्रवास के दौरान पूर्व राज्यसभा सदस्य स्वर्गीय गोपाल व्यास के निवास पर परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उनके साथ थे। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने व्यास के योगदान को स्मरण किया और उनके सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनका जीवन समाज और देश सेवा के लिए समर्पित था। उनकी स्मृति हमेशा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी। ज्ञात हो कि हाल ही में स्वर्गीय गोपाल व्यास का निधन हो गया था।

‘खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी कम करने” के लिये शहर-स्तरीय रणनीतियों को विकसित करने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ

भोपाल में “खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी कम करने” पर एप्को और डब्ल्यूआरआई इंडिया की हुई कार्यशाला एप्को और डब्ल्यूआरआई इंडिया द्वारा ‘खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी कम करने” पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई ‘खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी कम करने” के लिये शहर-स्तरीय रणनीतियों को विकसित करने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ भोपाल भोपाल में शुक्रवार को एप्को और डब्ल्यूआरआई इंडिया द्वारा ‘खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी कम करने” पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई। इसमें संबंधित विभागों, समाज सेवी संगठन, संस्थानों के हितधारकों और प्रतिनिधियों के साथ 50 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदेश के प्रमुख शहरों में आयोजित होने वाले नीतिगत संवादों की श्रृंखला के पहले भाग में पर्यावरण नियोजन और समन्वय संगठन (एप्को) ने वर्ल्ड रिसोर्सेस इंडिया (डब्ल्यूआरआई इंडिया) के सहयोग से कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में ‘खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी कम करने” के लिये शहर-स्तरीय रणनीतियों को विकसित करने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। कार्यशाला में खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी के कारणों और प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना, नगर-स्तरीय खाद्यान्न पूर्ति की पद्धतियों और चुनौतियों को मापना, सर्वश्रेष्ठ पद्धतियों का प्रदर्शन करना और पूरे राज्य में खाद्यान्न हानि और भोजन की बर्बादी की समस्या से निपटने की उचित कार्यवाही और योग्य रणनीतियां तैयार करने पर चर्चा हुई। इस श्रृंखला में भोपाल के बाद जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में भी नगर स्तरीय नीतिगत संवाद आयोजित करने की कार्य योजना बनाई गई है। नीतिगत संवादों का उद्देश्य पारस्परिक शिक्षा को बढ़ावा देना तथा खाद्य हानि और खाद्य अपव्यय से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जनमानस के व्यवहार में सार्थक परिवर्तन लाना है जिससे खाद्यान्न के नुकसान को प्रभावी ढंग से रोका जा सके। भोपाल नगर निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायण ने कहा कि “खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी आज हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है। आपूर्ति श्रृंखला में भोजन की हानि को कम करना भोपाल नगर निगम के लिए एक मुख्य प्राथमिकता है। खाद्य अपशिष्ट को प्रभावशाली तरीके से कम करने के लिए उपभोक्ताओं के सक्रिय प्रयासों, होटल, रेस्तरां और कार्यक्रम आयोजकों जैसे ठोस अपशिष्ट को स्रोत पर ही छाँटकर एवं प्रबंधित करने की आवश्यकता है। डब्ल्यूआरआई इंडिया के वरिष्ठ फेलो एवं पूर्व मुख्य सचिव आर. परशुराम ने प्रतिभागियों से कहा कि भोपाल शहर की स्थानीय चुनौतियों और प्राथमिकताओं की पहचान करके शहर भर में भोजन की हानि और भोजन की बर्बादी को कम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिये पर्यावरणीय, मानव स्वास्थ्य और स्वच्छता पर सकारात्मक प्रभाव हो उनकी पहचान कर सभी स्तर पर इसे शहर में अपनाना होगा। परशुराम ने कहा कि नगर पालिक निगम के नेतृत्व में सिविल सोसायटी, गैर सरकारी संगठनों, व्यावसायिक दुकानों और सेवा करने वाले संगठनों को जोड़कर हितधारकों के साथ क्रियान्वित किया जाये। खाद्य हानि एवं खाद्य अपव्यय भारत के लिये महत्वपूर्ण चिंताजनक विषय है क्योंकि इसके व्यापक स्तर पर आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय प्रभाव पड़ते हैं। वर्ष-2022 की नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज (नैबकॉन्स,) की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल करोड़ों रूपयों की खाद्य हानि होती है। भारत में भोजन की बर्बादी की मात्रा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन यूनाइटेड नेशंस एनवॉयरमेंट प्रोग्राम (यूएनईपी) की फूड वेस्ट़ इंडेक्स रिपोर्ट-2024 में लगाये गये अनुमान के अनुसार हर साल प्रति व्यक्ति 55 किलोग्राम भोजन बर्बाददी करता है। बढ़ते शहरीकरण और उपभोग के तरीकों दृष्टिगत भोजन के अपव्यय की यह चुनौती और भी बढ़ने होने की आशंका है। भोजन, भूमि एवं जल, कार्यक्रम निदेशक डॉ. रुचिका सिंह ने कहा कि खाद्य पदार्थों की हानि और बर्बादी किसान के खेत से शुरू होती है। ऐसे में इस समस्या के समाधान के लिये नीति निर्धारकों, व्यापारियों, रिटेलर्स, होटलों, रेस्टोरेंट्स, किसानों और सिविल सोसाइटी संगठनों जैसे सभी हितधारकों को आपसी सामंजस्य से काम करने की जरूरत है। डब्ल्यूआरआई इंडिया और एप्को का यह सहयोगात्मक प्रयास जागरूकता पैदा करने, भोपाल में शहरीय-स्तर पर खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी को कम करने के तरीकों की पहचान करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है। भोपाल में इसी तरह की पहल के तहत आयोजित कार्यक्रम में कृषि, उद्यानिकी, मंडी बोर्ड, फ़ूड सेफ्टी, पर्यटन, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों एवं विभिन्न नागरिक कल्याण संगठनों, शोध संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों, आईआईएफएम भोपाल और इंडियन फेडरेशन ऑफ क्यू्लिनरी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न होटल के शेफ ने भाग लिया।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एयरपोर्ट पर नड्डा का किया स्वागत

रायपुर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा आज छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में राजधानी में आयोजित जनादेश परब में शामिल होने के लिए रायपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नड्डा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पहुंचने पर पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव, विजय शर्मा सहित स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी एवं किरण देव सिंह ने भी केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत किया।

समन्वित प्रयासों से होगा विन्ध्य क्षेत्र का चहुंमुखी विकास: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

समन्वित प्रयासों से होगा विन्ध्य क्षेत्र का चहुंमुखी विकास: उप मुख्यमंत्री शुक्ल मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5041 करोड़ की सीतापुर-हनुमना सूक्ष्म दाब सिंचाई परियोजना का शीघ्र करेंगे शिलान्यास उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में विकास के सभी संसाधन और अपार संभावनाएं भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में विकास के सभी संसाधन और अपार संभावनाएं हैं। क्षेत्र के विकास के लिए स्वीकृत योजनाओं की सभी बाधाएं अधिकारी समन्वय बनाकर दूर करें। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से ही विन्ध्य क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा। रीवा संभाग की विकास परियोजनाओं की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सतना में बरगी बांध और सिंगरौली और सीधी में गोड़ सागर परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सभी बाधाओं को दूर करें। उन्होंने कहा कि गोविंदगढ़ से सिंगरौली तक रेलवे लाइन निर्माण के लिए भू अर्जन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। इससे रेल परियोजना के कार्य में तेजी आएगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मऊगंज में 5041 करोड़ की सीतापुर-हनुमना सूक्ष्म दाब सिंचाई परियोजना का शिलान्यास कर रहे हैं। इस परियोजना से मऊगंज जिले के अधिकांश क्षेत्र, सीधी, सिंगरौली एवं रीवा जिले के गांवों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसका मुख्य बांध सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में प्रस्तावित है। वन विभाग और जल संसाधन विभाग मिलकर परियोजना के संबंध में समस्त स्वीकृतियाँ जारी कराएं जिससे कार्य शुरू हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विधायक निधि से स्वीकृत 15 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की राशि लोक निर्माण विभाग तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग को जारी करने के लिए वरिष्ठ कार्यालयों का ध्यान आकृष्ट किया जाएगा। बैठक में ग्रामीण विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह ने सीधी से सिंगरौली फोरलेन सड़क निर्माण का कार्य तेजी से पूरा कराने एवं सिंगरौली जिले में पुलिस बल में वृद्धि तथा पड़री बांध की नहरों को पक्का करने की बात रखी। अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा महानिदेशक प्रशासन अकादमी जेएन कंसोटिया ने कहा कि संभागीय बैठक में दिए गए सभी सुझावों और मांगों पर संबंधित विभाग तत्परता से कार्यवाही करें। विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की देरी न करें। नगरीय विकास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार, विधायक मैहर श्रीकांत चतुर्वेदी, विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक, विधायक मनगवां नरेन्द्र प्रजापति, विधायक सिरमौर दिव्यराज सिंह, विधायक देवसर राजेन्द्र मेश्राम, विधायक सिंगरौली रामनिवास रावत, विधायक सिहावल विश्वामित्र पाठक सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न जनहित के विषयों में अपनी बात रखी। कमिश्नर बीएस जामोद, आईजी एमएस सिकरवार, डीआईजी एसपी पाण्डेय, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने भौंरी के शिक्षण संस्थानों का भ्रमण किया

भोपाल उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार द्वारा भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्‍थान भोपाल में राष्‍ट्रीय एवं राज्‍य स्‍तरीय शैक्षणिक संस्‍थानों के प्रमुखों के साथ बैठक में चर्चा उपरांत भोपाल शहर को सेंट्रल रीजन के शैक्षणिक हब के रूप में विकसित करने पर निर्णय लिया गया, साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से एग्रो टेक्‍नोलॉजी रिसर्च सेंटर की स्‍थापना करने पर भी चर्चा की गई। उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने भौंरी स्थित शैक्षणिक संस्‍थानों का भ्रमण किया। इस दौरान उच्‍च शिक्षा मंत्री की अध्‍यक्षता में आईसर भोपाल में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिसमें केंद्र एवं राज्‍य के शैक्षणिक संस्‍थानों निफ्ट भोपाल, आरजीपीवी भोपाल, एसपीए भोपाल, आईसीएमआर-निरह भोपाल, एनएफएसयू भोपाल, एनआईटीटीटीआर भोपाल आदि संस्‍थानों के निदेशक एवं कुलगुरू तथा राज्‍य शासन के अधिकारी प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उपरोक्‍त बैठक में सभी ने उच्‍च शिक्षा मंत्री परमार को शिक्षा में नवाचार, न्‍यू एजुकेशन पॉलीसी के म.प्र. के शैक्षणिक संस्‍थानों में लागू करने तथा भोपाल को शैक्षणिक केन्‍द्र स्‍थल (हब) के रूप में विकसित करने की पहल करने के लिए धन्‍यवाद दिया। बैठक के दौरान निम्‍नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई प्रो. गोवर्धन दास, निदेशक, आईसर भोपाल ने भौंरी क्षेत्र में एग्रो टेक्‍नोलॉजी रिसर्च सेंटर की स्‍थापना करने का प्रस्‍ताव दिया जिस पर उपस्थित सभी निदेशकों एवं कुलगुरू ने सहमति दी। उक्‍त सुझाव पर माननीय मंत्रीजी ने एग्रो टेक्‍नोलॉजी रिसर्च सेंटर की स्‍थापना भौंरी क्षेत्र में ही करने और साथ ही यहां एक कन्‍वेन्‍शन सेंटर को भी स्‍थापित करने की सलाह दी एवं बैठक से पूर्व दौरा की गई आईआईएसईआर भोपाल और निफ्ट से सटे भौरी बाइपास मुख्य सड़क पर स्थित 7 एकड़ भूमि जो कि एयरपोर्ट से लगभग 10 किलोमीटर कि दूरी पर है को उपरोक्‍त कन्‍वेन्‍शन सेंटर स्‍थापित करने के लिए उपयुक्‍त पाया। इस संबंध में परमार ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय भोपाल को इसे मूर्त रूप देने की पहल करने हेतु निर्देशित किया। यह कन्वेंशन सेंटर बुद्धिजीवी, वैज्ञानिक, राजनयिक, नीति निर्माता, न्यायविद, लेखक, कलाकार राजनेता, और नागरिक समाज के सदस्य अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की भावना में नए विचारों और ज्ञान के आदान-प्रदान करने में मददगार साबित होगा। मंत्री परमार ने उपस्थित सभी कुल‍पति एवं निदेशकों से प्रदेश के शैक्षणिक विकास के लिए अपने-अपने शैक्षणिक संसाधनों को देश/प्रदेश के हित में साझा करने एवं शिक्षण और शोद्यार्थियों के आदान-प्रदान करने पर जोर दिया एवं केंद्रीय शिक्षण संस्‍थानों द्वारा राज्‍य शासन के शिक्षण संस्‍थानों को शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग करने की पहल करने की आवश्‍यकता पर जोर दिया। मध्यप्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीति के फलस्वरूप राष्ट्रीय महत्व के कई संस्थान भौंरी में स्थापित किए गए हैं जो अब राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। मंत्रीजी ने यह इच्‍छा जतायी कि जब शासन द्वारा भौंरी क्षेत्र को शैक्षणिक हब में स्‍थापित किया जा रहा है तो क्‍यों ना केंद्र एवं राज्‍य शासन के द्वारा भविष्‍य में प्रस्‍तावित अन्य नए संस्‍थानों को भी भौंरी में स्‍थापित किया जाए। मंत्री परमार ने यह जानकर बहुत खुशी जाहिर की कि भौंरी क्षेत्र में स्थित राष्‍ट्रीय महत्‍व के संस्‍थानों में बहुत बड़ी संख्‍या में छात्राएं उच्‍च शिक्षा प्राप्‍त कर रही हैं। मंत्री परमार ने उपस्थित शासन के प्रतिनिधियों को इनकी सुरक्षा एवं क्षेत्र में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देशित किया।  

शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक, इस दौरान सरकार 20 हजार करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट पेश कर सकती है

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक आयोजित होगा. प्रदेश सरकार इस दौरान करीब 20 हजार करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट पेश कर सकती है. इसके लिए वित्त विभाग ने दो महीने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी. शासन ने सभी विभागों को भी सप्लीमेंट्री बजट के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं. विभाग यह भी तैयारी कर रहे हैं कि सप्लीमेंट्री बजट के लिए किन बातों को आधार बनाया जाए. मसलन, विभागों को यह कहा गया है कि वे किसी भी तरह की नई गाड़ी खरीदने का प्रस्ताव नहीं देंगे. उनसे यह भी कहा गया है कि प्रस्ताव में स्पष्ट किया जाए कि ऋण और अनुदान के लिए कितनी-कितनी राशि की जरूरत होगी. गौरतलब है कि सभी विभाग सरकार को यह भी बताएंगे कि उन्होंने राशि कहां खर्च की, पिछले साल बजट का कितना अनुमान था और सप्लीमेंट्री बजट कितना था. विभागों को इस बात को विस्तार से बताना होगा कि उन्होंने बाहर से कितना कर्ज लिया है. यानी उन्हें एक-एक राशि का लेखा-जोखा स्पष्ट करना होगा. बता दें, फिस्कल इयर 2024-25 के लिए सरकार ने इस साल जुलाई में 3 लाख 65 हजार 067 करोड़ रुपये का सालाना बजट पेश किया था. चूकि, इस साल लोकसभा चुनाव थे, इसलिए सरकार ने फरवरी में पूर्ण बजट पेश नहीं किया था. अहम है ये शीतकालीन सत्र सरकार ने अप्रैल से जुलाई तक के लिए लेखानुदान यानी वोट ऑन अकाउंट पेश किया था. ताकि, वह पूर्ण बजट आने से पहले अपनी योजनाओं और विकास कार्यों को संचालित कर सके. बताया जाता है कि सरकार मार्च में पूर्ण बजट के साथ-साथ दूसरा सप्लीमेंट्री बजट भी पेश कर सकती है. 16 दिसंबर से शुरू होने वाला शीतकालीन सत्र अहम है. इसमें सरकार कई अहम फैसले ले सकती है. दूसरी ओर, विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस ने इसलिए कई बैठकें भी कर ली हैं.

खुले बोरवेल से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सरकार एवं जनता मिलकर अभियान चलाएं: गहलोत

जयपुर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुले बोरवेल में गिरने से होने वाली जनहानि पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से ऐसे बोरवेल को बंद करवाने के लिए अभियान चलाने की मांग की। हाल में दौसा जिले में खुले बोरवेल में गिरे पांच साल के आर्यन की मौत हो गई थी। गहलोत ने इसे दुखद बताया है। गहलोत ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘दौसा में एक खुले बोरवेल में गिरने से मासूम आर्यन की मृत्यु बेहद दुखद है। तमाम चुनौतियों के बावजूद जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा की टीम ने अच्छा कार्य किया।’’ उन्होंने कहा कि खुले बोरवेल में बच्चों के गिरने की घटनाएं लगातार होती रहती हैं। राज्य सरकार द्वारा कई बार इन्हें बंद करने के आदेश जारी किए जाते रहे हैं। इसके बावजूद गांवों में खुले बोरवेल सामान्य तौर पर मिल जाते हैं। इस तरह के बोरवेल के खिलाफ अभियान चलाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘खुले बोरवेल से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सरकार एवं जनता मिलकर अभियान चलाएं क्योंकि दूर-दराज के इलाकों में ऐसे बोरवेल की जानकारी प्रशासन को बिना जन सहयोग के नहीं चल सकती है। इसके लिए सरकार जिलावार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करे एवं सर्वे करवाकर खुले बोरवेल बंद करवाने का अभियान चलाए जिससे भविष्य में ऐसी जनहानि ना हो।’’  

केन्द्र और राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा : गोविंद सिंह राजपूत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप हर पात्र उपभोक्ता तक खाद्यान पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। इस लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गयी है कि इस कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जायेगी। साथ ही निष्ठा के साथ कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा . उमरिया जिले की झिरिया मोहल्ला निवासी श्रीमती सीमा शर्मा ने बताया कि हम जैसे गरीब लोगों के लिये 450 रूपये में सिलेंडर मिलने से हमारे रसोई की आधी समस्या दूर हो जाती है। उन्होंने बताया कि यह हमारे मुख्यमंत्री एवं लाड़ले भईया डॉ. मोहन यादव की लाड़ली बहनों के प्रति एक महत्वपूर्ण सौगात है। नहीं सोये। इसलिये प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में गरीबों को नि:शुल्क खाद्यान वितरित किया जा रहा है। इस योजना में अंत्योदय श्रेणी में लगभग 14 लाख परिवारों के 52 लाख सदस्यों एवं प्राथमिकता श्रेणी में लगभग एक करोड़ 15 लाख परिवारों के 4 करोड़ 93 लाख सदस्यों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से 27 हजार 627 दुकानों से 1 करोड़ 28 लाख परिवार के 5 करोड़ 46 लाख 42 हजार से अधिक सदस्यों को खाद्यान उपलब्ध कराया जा रह है। इसके माध्यम से हितग्राहियों को पोषण, खाद्य सुरक्षा तथा संबल प्राप्त हो रहा है। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना ने हितग्राहियों की एक बड़ी समस्या का निराकरण किया है। पूर्व में रोजगार व अन्य कारणों से हितग्राही को राशन प्राप्त करने में असुविधा होती थी, किंतु वर्तमान में योजना का लाभ प्रदेश के 32,247 लोगों ने अन्य राज्यों में एवं प्रदेश के अंदर 12 लाख 73 हजार 221 तथा अन्य राज्यों के 3,153 लोगों ने प्रदेश में लाभ लिया है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सम्मिलित एक करोड़ 28 लाख 86 हजार पात्र परिवारों को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से खाद्यानों का वितरण किया जा रहा है। इसमें अंत्योदय श्रेणी एवं प्राथमिकता श्रेणी के पात्र परिवारों को गेंहू, चावल का प्रतिमाह वितरण किया जाता है। पूर्व में प्रदेश को केन्द्र सरकार से गेहूं एवं चावल 40:60 के अनुपात में प्राप्त हो रहा था। वर्तमान में गेहूँ एवं चावल का आवंटन 60:40 अनुपात से प्राप्त हो रहा है। इसी अनुपात में वितरण कराया जा रहा है। पात्र परिवारों को अपनी ग्राम पंचायत से ही राशन सामग्री प्राप्त करने के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत में उचित मूल्य दुकान खोलने का लक्ष्य है। विगत एक वर्ष में 281 नवीन उचित मूल्य दुकान ग्रामीण क्षेत्रों में खोली गई है। पूरे देश में मध्यप्रदेश की सर्वाधिक कोल्ड भण्डारण क्षमता 4 करोड़ मे.टन से अधिक है। अनाज भण्डारण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर होकर प्रथम स्थान पर है। कोविड काल में गेंहू खरीदी में वर्ष 2020-21 में 129.42 लाख मे.टन उपार्जन किया गया, जोकि देश में सर्वाधिक खरीदी का रिकार्ड एवं देश में प्रथम स्थान रहा। रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के बाद किसानों को 125 रूपये प्रति क्विंटल की दर से राज्य सरकार द्वारा लगभग 604 करोड़ बोनस राशि का भुगतान किसानों को किया गया है। पात्र परिवारों को वितरित राशन की जानकारी एसएमएस से दी जा रही है। मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना के अंतर्गत 89 आदिवासी विकासखण्डों के ग्रामों में राशन वितरण की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के अंतर्गत 894 बेरोजगार युवाको को ऋण के माध्यम से वाहन उपलब्ध कराकर राशन सामग्री का प्रदाय किया जा रहा है। योजना के माध्यम से जहां बेरोजगार युवकों को रोजगार मिल रहा है, वहीं राशन सामग्री परिवहन की ठेकेदारी व्यवस्था भी खत्म हो रही है। वर्तमान में 894 वाहनों से 27 हजार 627 दुकानों पर लगभग 3 लाख मीट्रिक टन राशन सामग्री का परिवहन किया जा रहा है। युवाओं को लगभग 16 करोड़ रूपये प्रति माह भुगतान भी किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को घर के पास ही राशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना से 20 अनुसूचित जनजाति बहुल जिलों में 89 विकासखण्डों के 6575 शासकीय उचित मूल्य दुकान विहीन ग्रामों में 7 लाख 13 हजार परिवारों को वाहन द्वारा राशन का वितरण किया जा रहा है। इस कार्य में लगे वाहनों का संचालन अनुसूचित जनजाति के युवकों द्वारा ही किया जाता है। इससे पंचायत मुख्यालय तक की दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं रही है और हितग्राहियों के धन और समय की बचत हुई है। नागरिक आपूर्ति निगम की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिये निगम द्वारा बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सॉफ्टवेयर के स्थान पर अपनी जरूरत के अनुसार एनआईसी से बनवाये गए सॉफ्टवेयर का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। इससे निगम को करोड़ो रूपये की बचत होगी। कल्याणकारी योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्र/छात्राओं को 1 रूपये किलो की दर से खाद्यान्न का प्रदाय करने के साथ ही प्रधानमंत्री उज्जवला योजना अंतर्गत 89 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क घरेलू गैस कनेक्शन दिये गये हैं। राज्य शासन द्वारा 24 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को 450 रूपये में रसोई गैस का सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। योजनान्तर्गत जुलाई 2023 से नवम्बर 2024 तक लगभग 741 करोड़ रूपये का अनुदान लाड़ली बहनों के खाते में जमा कराया गया है। योजना का क्रियान्वयन सतत् रूप से किया जा रहा है। दशहरा एवं दिवाली पर्व पर उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए मिठाई, नमकीन, बर्तन, पेन्ट एवं सराफा व्यापारियों के यहाँ नाप-तौल उपकरणों की जाँच के लिये 9 से 30 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया गया। उपभोक्ताओं को सही कीमत और सही वजन की सामग्री मिलनी चाहिये। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिये विशेष अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत नि:शुल्क फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। आँगनवाड़ी केन्द्रों और मध्यान्ह भोजन के लिये भी फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में प्रतिमाह लगभग 1.75 लाख मीट्रिक टन फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। इससे लगभग 5 करोड़ 45 लाख हितग्राही लाभान्वित … Read more

राज्य के फोरेंसिक लैब में गंभीर अपराध से जुड़े मामलों के रोजाना औसतन 15 से 20 डीएनए संकलित किए जा रहे हैं

रायपुर गंभीर किस्म के अपराध सुलझाने के साथ महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलन करने में डीएनए रिपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य के फोरेंसिक लैब में गंभीर अपराध से जुड़े मामलों के रोजाना औसतन 15 से 20 डीएनए संकलित किए जा रहे हैं। सिस्टम अपडेट होने की वजह से वर्तमान में एक भी डीएनए का पेंडिंग मामला नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, राज्य फोरेंसिक लैब में वर्तमान में ईडी, ईओडब्ल्यू, सीबीआइ द्वारा दर्ज अलग-अलग प्रकरणों से संबंधित इलेक्ट्रिक डिवाइस की भी जांच की गई है। जांच में मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर के हार्ड डिस्क की फोरेंसिक जांच कर रिपोर्ट संबंधित एजेंसियों को सौंपी गई है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर संबंधित जांच एजेंसियों ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में आरोपितों की गिरफ्तारी की है। हत्या के सभी मामलों में डीएनए जांच हत्या के आरोपित कानूनी दांव पेंच का सहारा लेकर संदेह का लाभ लेकर किसी तरह कोर्ट में आसानी से न छूट जाएं, इस बात को देखते हुए हत्या के सभी मामलों की डीएनए जांच की जा रही है। पूर्व में हत्या के संदिग्ध मामलों में डीएनए जांच की जाती थी। वर्तमान में हत्या के सभी मामलों में डीएनए जांच की जा रही है। अनसुलझे मामलों को सुलझाने में मिली मदद डीएनए जांच करने का सिस्टम अपडेट होने की वजह से कई गंभीर अपराधों को सुलझाने में पुलिस को मदद मिली है। पेंड्रा में दुष्कर्म और हत्या के एक मामले में डीएनए साक्ष्य के आधार पर आरोपित की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया। डीएनए साक्ष्य के आधार पर फांसी की सजा उरला थाना क्षेत्र में चार साल के हर्ष का अपहरण कर टावेल में लपेटकर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया था। इस मामले में हत्या के आरोपित पंचराम को कोर्ट ने डीएनए साक्ष्य के आधार पर हत्या की सजा सुनाई है। बच्चे का शव पूरी तरह से जल गया था, जिसकी पहचान संभव नहीं थी। डीएनए के माध्यम से बच्चे की पहचान की गई। रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी गई। इसके बाद कोर्ट ने डीएनए रिपोर्ट के आधार पर हत्या के आरोपित को मौत की सजा सुनाई। ब्लास्ट में मारे गए मजदूरों की पहचान डीएनए से बेमतेरा, बेरला स्थित बारूद फैक्ट्री में इस वर्ष मई में हुए ब्लास्ट में आधा दर्जन से ज्यादा मजदूरों की मौत हो गई थी। ब्लास्ट में मजदूरों के चीथड़े उड़ गए थे। मजदूरों की पहचान नहीं हो पा रही थी। फोरेंसिक लैब के अधिकारी के अनुसार संकलिए किए गए टुकड़ों का डीएनए टेस्ट किया गया। डीएनए लेने के लिए 50 से ज्यादा लोगों का सैंपल एकत्र किया गया। इसके बाद मृतकों की अलग-अलग पहचान की गई।

महाकुंभ की नई ड्रेस में नजर आएंगे यूपी रोडवेज के ड्राइवर-कंडक्टर, सबके खाते में आए इतने रुपये, परिवहन निगम ने भेजी राशि

आजमगढ़ प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम भी जोर शोर से जुटा हुआ है। महाकुंभ में इस बार रोडवेज के चालक और परिचालक नए ड्रेस में नजर आएंगे। निगम की ओर से चालकों और परिचालकों के खाते में ड्रेस की राशि भेज दी गई है। आजमगढ़ परिक्षेत्र के सात बस डिपो के करीब 1, 237 चालक और परिचालक के खाते में 1,800 रुपये प्रति दर से 22 लाख,26 हजार 600 रुपये भेज दिया गया है गई है। सभी चालकों को कुंभ से पहले नई ड्रेस सिलवा लेना है। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खास बात यह है कि इस बार ड्रेस में नाम और मोबाइल नंबर की प्लेट भी लगेगी। चालक खाकी और परिचालक स्लेटी रंग के ड्रेस में नजर आएंगे। 1237 कर्मियों में से 121 निगम के चालक 129 परिचालक हैं। इसके अलावा संविदा पर 508 चालक, 479 परिचालक शामिल हैं जिन्हें ड्रेस सिलाने की राशि भेजी गई है। महाकुंभ में मुख्यालय से मिलेंगी और 114 नई बसें महाकुंभ में इस बार पर्यावरण प्रदूषण को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने भी इसकी तैयारी शुरू कर दी है। आजमगढ़ परिक्षेत्र के सात डिपो से महाकुंभ तक जाने वाली बसें बीएस-6 मॉडल की होंंगी। इसके अलावा इसमें कई तरह की यात्री सुविधाएं होंगी, जिसमें व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस), महिला सुरक्षा के लिए पैनिक बटन और हर सीट पर मोबाइल चार्जर सॉकेट होगा। परिवहन मुख्यालय से 114 नई बीएस-6 मॉडल की बसें दिसंबर के आखिरी सप्ताह या जनवरी फर्स्ट वीक में आजमगढ़ परिक्षेत्र में पहुंच जाएंगी, जबकि परिक्षेत्र में इस मॉडल की 155 बसें पहले से ही उपलब्ध हैं। कुल 270 बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाना है। श्रद्धालुओं को प्रयागराज आने-जाने में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसका पूरा ख्याल निगम की ओर से रखा जा रहा है। इन डिपो से होगा बसों का संचालन आजमगढ़ क्षेत्र परिक्षेत्र में कुल सात डिपो आते हैं, जिसमें आजमगढ़ डिपो, डाॅ. अंबेडकर डिपो, बलिया डिपो, बेल्थरा डिपो, दोहरीघाट डिपो, मऊ डिपो व व शाहगंज डिपो शामिल है।

सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क की मजबूती से देश में न केवल आर्थिक विकास की रफ्तार में तेजी आई : पंकज चौधरी

नई दिल्ली वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने वर्ष 2029 तक देश के राजमार्गों पर चिह्नित सभी 13 हजार ब्लैक स्पॉट को भरने या समाप्त करने की घोषणा करते हुए कहा कि बीते 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने सड़क से लेकर हवाई यातायात नेटवर्क का बड़े पैमाने पर विस्तार किया है, जिससे लोगों का सफर करना सुगम और सुविधाजनक हो गया है। चौधरी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क की मजबूती से देश में न केवल आर्थिक विकास की रफ्तार में तेजी आई है, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी बुनियादी सुविधाएं बेहतर हुई हैं और इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर चिह्नित किए गए सभी ब्लैक स्पॉट को भरने या समाप्त करने की व्यवस्था की गई है, ताकि इन राजमार्गों को दुर्घटना मुक्त बनाया जा सके। ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटना होने की संभावना बहुत अधिक होती है। चौधरी ने मोदी सरकार में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में हुए क्रांतिकारी बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा कि 10 वर्षों में यातायात बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इससे आर्थिक प्रगति के द्वार खुले हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में 1.6 गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2014 में 91,287 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग थे, जो नवंबर 2024 तक बढ़कर 1,46,195 किलोमीटर हो गए हैं। भारतमाला परियोजना के तहत, प्रथम चरण में 34,800 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कराया जाना है। इसमें से 26,425 किलोमीटर के काम का देखा दिया जा चुका है, जबकि 18714 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर (एचएससी) की लंबाई 2014 में 93 किलोमीटर थी जो 2024 में बढ़कर 2,474 किलोमीटर हो गई है। वर्ष 2014 में चार या अधिक लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 18,300 किलोमीटर थे, जो अब बढ़कर करीब 45,900 किलोमीटर हो गए हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में इसमें ढाई गुना की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। निर्बाध माल ढुलाई और किफायती परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 35 स्थानों की पहचान की गई है, जिसमें छह मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। तीन अन्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। चौधरी ने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भारत को विमानन क्षेत्र में एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने, आम लोगों को जोड़ने और विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया है। देश में चालू हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। 2014 में 74 हवाई अड्डों से उड़ानें संचालित होती थीं जबकि 2024 में देश के 158 हवाई अड्डों से हवाई सेवाएं संचालित हो रही हैं। उड़ान योजना के तहत 613 मार्गों पर सफलतापूर्वक हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। 87 हवाई अड्डों को जोड़ा गया है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया गया है। डिजीयात्रा पहल के तहत, संपर्क रहित और निर्बाध यात्रा एक वास्तविकता बन गई है, जिसमें 24 हवाई अड्डों पर चेहरे की पहचान प्रौद्योगिकी (एफआरटी) लागू की गई है। भारत वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बनकर उभरा है। वित्त राज्यमंत्री ने रेलवे की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रेल मंत्रालय ने विद्युतीकरण, आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर यात्री सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए बड़े पैमाने पर बदलाव किया है। उन्होंने बताया कि 97 प्रतिशत रेल मार्गों का विद्युतीकरण किया गया है, जिससे स्थिरता और दक्षता को बढ़ावा मिला है। अमृत ​​भारत योजना के तहत, देश भर में 1,337 स्टेशनों का विश्व स्तरीय मानकों के अनुसार पुनर्विकास किया जा रहा है। यह पूरे विश्व में अपने आप में अनूठा रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम है। 68 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों, दो अमृत भारत ट्रेनों और एक नमो भारत रैपिड रेल की शुरूआत ने रेल यातायात में क्रांति ला दी है, जिससे रफ्तार के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा में भी वृद्धि हुई है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना का 96 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) का काम पूर्ण हो चुका है जबकि वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) का काम अंतिम चरण में है। चौधरी ने बताया कि यातायात नेटवर्क के मामले में पिछले दस वर्षों की उपलब्धियां भारत को कनेक्टिविटी, दक्षता और प्रगति का केंद्र बनाने के मोदी सरकार के गंभीर प्रयासों को रेखांकित करती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में कोई कसर बाकी नहीं रख रही है।

प्री-वेडिंग शूट के लिए अब मध्यप्रदेश में झट से मिलेगी परमिशन, ऑनलाइन पोर्टल तैयार

भोपाल प्रदेश के संरक्षित स्मारकों और संग्रहालयों में शूटिंग की अनुमति अब ऑनलाइन मिल सकेगी। इन्हें देखने के लिए टिकट भी अब वाट्सएप और चैटबाट पर मिल जाएंगे। राज्य पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले राज्यभर में स्थित विभिन्न विरासत स्थलों को प्री-वेडिंग शूट, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, ड्रोन शूट आदि के लिए काफी पसंद किया जा रहा है। इसके चलते बुकिंग के लिए पूछताछ और अनुमति के लिए आवेदनों में बढ़ोतरी हुई है। ऑनलाइन पोर्टल तैयार वर्तमान में संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय इस तरह की अनुमति मैन्युअल आवेदन लेकर देती है। इसमें आवेदन पहले स्थानीय कार्यालय और फिर मुख्यालय आते हैं। इस प्रक्रिया को आसान बनाते हुए संचालनालय द्वारा अनुमति देने के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है।   इस वेबसाइट और फोन नंबर से कर सकते हैं बुकिंग आयुक्त पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय उर्मिला शुक्ला ने बताया कि ऑनलाइन अनुमति प्राप्त करने के लिए विभागीय वेबसाइट archaeology.mp.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन टिकट वाट्सअप चैटबाट नंबर 91-9522840076 से बुक किया जा सकता है। प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहें मध्य प्रदेश में प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए कई खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहें हैं। यदि आप एक ही स्थान पर नदी, महल, फोर्ट और मंदिर देखना चाहते हैं, तो ओरछा एक बेहतरीन विकल्प है, जहां आप ओरछा फोर्ट, शीश महल और बेतवा नदी के किनारे फोटोशूट करवा सकते हैं। पचमढ़ी हिल स्टेशन पचमढ़ी हिल स्टेशन भी प्रसिद्ध है, जहां बी फॉल और महादेव हिल्स जैसी जगहों पर बेहतरीन तस्वीरें खींची जा सकती हैं। ग्वालियर, अपने ऐतिहासिक स्थलों जैसे ग्वालियर किला, जय विलास पैलेस और तानसेन मकबरे के लिए भी प्रसिद्ध है। इसके अलावा, शिवपुरी हिल स्टेशन, करेरा पक्षी अभयारण्य, पेशावर घाट, दूध धारा वाटरफॉल्स और तामिया हिल स्टेशन जैसे अन्य स्थल भी प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए आदर्श हैं। मध्य प्रदेश के ये स्थल प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहर के अद्भुत संयोजन के कारण आकर्षक फोटोशूट लोकेशंस बनते हैं।

भोपाल से रानी कमलापति से बनारस स्पेशल ट्रेन का संचालन16 जनवरी से शुरू होगा

 भोपाल  उत्तर प्रदेश प्रयागराज में 13 जनवरी 2025 से शुरू होने वाले महाकुंभ मेले को लेकर जहां एक तरफ प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। तो वही दूसरी तरफ पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल से प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। जिसके लिए बुकिंग भी शुरू कर दी गई हैं।  स्पेशल ट्रेनों का संचालन इंदौर से 21 जनवरी 2025 से होगा। तो वही रानी कमलापति से बनारस स्पेशल ट्रेन (01661) 16 जनवरी से शुरू होगा। जिसको लेकर रेलवे ने तैयारी शुरू कर दी है। महाकुंभ  26 फरवरी तक चलेगा। 45 दिन तक चलने वाले इस  महाकुंभ मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेगे। जिसको देखते हुए रेलवे ने महाकुंभ स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। ऐसे होगा स्पेशल ट्रेनों का संचालन 1- रानी कमलापति-बनारस स्पेशल ट्रेन (01661) 16 जनवरी से 20 फरवरी तक प्रत्येक सोमवार एवं गुरुवार को संचालित होगी। ट्रेन रानी कमलापति से सुबह 11:10 बजे प्रस्थान करेगी। शाम को जबलपुर और अगले दिन सुबह 10:15 बजे बनारस पहुंचेगी। 2- बनारस-रानीकमलापति स्पेशल ट्रेन (01662) से 17 जनवरी से 21 फरवरी तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को संचालित होगी। ट्रेन बनारस से दोपहर 14:45 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन भोर में जबलपुर और फिर आरकेएमबी सुबह 11:30 बजे पहुंचेगी। 3- सोगरिया-बनारस स्पेशल ट्रेन (09801) 17 जनवरी से 21 फरवरी तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को संचालित होगी। ट्रेन सोगरिया स्टेशन से सुबह 8:15 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन सुबह 10.15 बजे बनारस पहुंचेगी। 4- बनारस-सोगरिया स्पेशल ट्रेन (09802) 18 जनवरी से 19 फरवरी तक प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को संचालित होगी। ट्रेन बनारस स्टेशन से दोपहर 14:45 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन दोपहर 15:45 बजे सोगरिया पहुंचेगी। इन स्टेशनों से गुजेरेगी गाड़ी रानी कमलापति-बनारस-रानी कमलापति कुम्भ मेला एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन जो कि भोपाल मंडल के रानीकमलापति, मण्डीदीप, औबेदुल्लागंज, बुदनी, नर्मदापुरम, इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी एवं सोगरिया-बनारस-सोगरिया कुम्भ मेला एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन जो कि भोपाल मंडल के रूठियाई जंक्शन, गुना, अशोक नगर, मूंगावली स्टेशन से होकर गुजरेगी। महाकुंभ मेला में जाने के लिए अंचल के यात्रियों को दपूमरे की स्पेशल ट्रेन का भी लाभ मिलेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेल (दपूमरे) तीन महाकुंभ स्पेशल ट्रेन चलाएगा। यह ट्रेन अंचल के अन्य जिलों के श्रृद्धालुओं के लिए उपयोगी होगी। दपूमरे की बिलासपुर-प्रयारागज छिवकी-वाराणसी स्पेशल ट्रेन (08253/54) रायपुर, गोंदिया, बालाघाट, नैनपुर, जबलपुर, कटनी होकर चलेगी। इसके अतिरिक्त रायगढ़-वाराणसी (08251/52) और दुर्ग-वाराणसी (08791/92) स्पेशल ट्रेन बिलासपुर-अनूपपुर-शहडोल, उमरिया, कटनी होकर संचालित होगी  

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