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अदालत ने गबन के आरोपी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दोषी करार देकर उसे 7 वर्ष के कारावास की सजा दी

सिंगरौली  जिला अदालत ने सरकारी खजाने का गबन करने के आरोपी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रामदास साकेत को दोषी करार देकर उसे 7 वर्ष के कारावास समेत अन्य धाराओं में सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश वारींद्र तिवारी ने इस मामले में सजा सुनाई और बहुचर्चित शिक्षा विभाग में घोटाले के आऱोपी रामदास साकेत को दोषी करार दिया। क्या है मामला एडवोकेट त्रिपुरारी नाथ पाण्डेय ने बताया कि माड़ा थाना द्वारा वर्ष 2015 में आरोपी रामदास साकेत के विरुद्ध IPC की धारा 420 व 409 के तहद मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के मुताबिक आरोपी रामदास साकेत ने 01-03-2025 से लेकर 25-06-2015 की अवधि में कुल 15 चरणों मे सरकारी राशि 494300 रुपए खुद के नाम से निकाले, जिनका किसी कैशबुक, लेजर, बाउचर में जिक्र नहीं किया गया। इस मामले में किसी तरह के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए थे, जो वित्तीय घोटाले को उजागर करता है। इस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 9 सालों तक न्यायालय में चले मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट वारीन्द्र तिवारी की अदालत ने आरोपी रामदास साकेत को 420 व 409 आईपीसी की धारा के तहत दोषी पाते हुए 7 साल व 5 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। धारा 420 में 25 हजार रुपए व धारा 409 में 30 हजार के जुर्माने से उसे दंडित किया गया। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ था आरोपी आरोपी रामदास साकेत सिंगरौली जिले के बैढन में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ था। इस विभाग में भी बिना किसी सुविधा शुल्क के कोई काम नही करता था। कई बार रिश्वत लेते वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद विभाग के द्वारा भी कार्रवाई की गई थी। रामदास साकेत 2015 में प्राचार्य शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल रजमिलान में पदस्थ था। उसी दौरान स्कूल के सरकारी खजाने की राशि मे सेंध लगा दिया था। 9 साल बाद फैसला 3 माह के दौरान आरोपी रामदास साकेत ने स्कूल के सरकारी राशि 494300 रुपये आहरित कर घोटाले को अंजाम दिया था, जिसके बाद विभागीय जांच कराई गई। जांच के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसके बाद हाईकोर्ट से जमानत ले लिया। 9 साल तक जिला न्यायालय में मुक़दमा चला। अब 9 सालों के बाद फैसला आया है। आरोपी को फिलहाल जेल भेज दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने संबल योजना अंतर्गत जिले के 115 हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से किया गया अनुग्रह सहायता राशि का अंतरण

मुख्यमंत्री ने संबल योजना अंतर्गत जिले के 115 हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से किया गया अनुग्रह सहायता राशि का अंतरण मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के सजीव प्रसारण को देखने एवं सुनने जिले में की गई थी व्यवस्था अनूपपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना अंतर्गत अनूपपुर जिले के 115 हितग्राहियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से कुल 2 करोड़ 60 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया। योजनांतर्गत दुर्घटना में मृत्यु होने पर हितग्राहियों को 4-4 लाख रुपये तथा सामान्य मृत्यु होने पर हितग्राहियों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि दी जाती है।    इस कार्यक्रम को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष सहित जिले के जनपद व नगरीय एवं ग्रामीण निकायों में देखने एवं सुनने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थी। जिला स्तर पर एनआईसी कक्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह, कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती वाल्मीकि राठौर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, श्रम निरीक्षक श्रीमती स्नेहा जायसवाल सहित मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना के हितग्राही उपस्थित थे। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष, सीईओ जिला पंचायत ने हितग्राहियों को प्रतीक स्वरूप अनुग्रह सहायता राशि के प्रमाण पत्र भी सौंपे। इस दौरान कलेक्टर ने श्रमिकों के परिजनों को दी जा रही अनुग्रह सहायता राशि का सदुपयोग करने और जीवन में आगे बढ़ने की सलाह दी।

हाईकोर्ट ने सुनाई ख़ास सजा, दोषी युवक को रोपने होंगे स्वदेशी प्रजाति के 50 पौधे

 जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने न्यायालय के विरुद्ध अनर्गल टिप्पणी वाली पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर डालने के आपराधिक अवमानना प्रकरण में आरोपित युवक को दोषी पाते हुए सजा बतौर 50 स्वदेशी प्रजाति के पौधे रोपने के आदेश दिए हैं। इसके लिए 15 दिन की समय-सीमा निर्धारित की है। हाई कोर्ट ने यह भी कहा है कि वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी आरोपित को बताएंगे कि वह कहां पर किस प्रजाति के पौधे लगा सकता है। इसके साथ ही युवक को चेतावनी दी कि वह भविष्य में ऐसी गलती न दोहराए। मुरैना जिले के संबलगढ़ न्यायालय का मामला प्रकरण मुरैना जिले के संबलगढ़ न्यायालय द्वारा हाई कोर्ट को भेजे गए पत्र से संबंधित था। इसमें अवगत कराया गया था कि राजस्थान के जयपुर जिले के त्रिवेणी नगर निवासी आरोपित राहुल साहू के विरुद्ध प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अभिषेक कुमार के न्यायालय में भरण-पोषण का मामला विचाराधीन था। राहुल की पत्नी पूजा राठौर वादी है। सात मई, 2024 को पूजा ने न्यायालय को सूचित किया कि राहुल ने उसके और न्यायालय के विरुद्ध अनर्गल टिप्पणी वाली पोस्ट सोशल मीडिया पर अपलोड की है। पूजा ने उस पोस्ट का साक्ष्य भी न्यायालय में प्रस्तुत किया। युगलपीठ ने सजा के सिलसिले में सुझाव मांगा न्यायालय ने इस जानकारी को अभिलेख पर लेकर आरोपित राहुल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया, लेकिन न तो आरोपित की ओर से जवाब प्रस्तुत किया गया और न ही वह उपस्थिति हुआ। इस रवैये को पर आपराधिक अवमानना प्रकरण चलाने के लिए न्यायालय ने हाई कोर्ट को पत्र भेज दिया। प्रकरण हाई कोर्ट में सुनवाई में आया तो कोर्ट रूम में उपस्थित अधिवक्ता आदित्य संघी से युगलपीठ ने सजा के सिलसिले में सुझाव मांगा। अधिवक्ता ने कहा कि सुझाव दिया कि आरोपित की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उसे सुधारात्मक रूप से प्रतीकात्मक सजा दी जा सकती है। इसके अंतर्गत समाज सेवा करना बेहतर होगा। मसलन, भंवरताल पार्क में पौधारोपण कराया जाए। हाई कोर्ट को यह सुझाव पसंद आया।

बिन अनुमति के खोद दी प्रधानमंत्री सड़क की पटरी, नही चला, रोलर प्रोजेक्ट मैनेजर की चल रही मनमानी नही दिया जा रहा ध्यान

मंडला  विकासखण्ड निवास के आसपास क्षेत्र में जल निगम के तहत गांव गांव पाइप लाइन का कार्य नेटवर्क कंपनी के द्वारा किया जा रहा है जिसमें देखने को आया है, कि ग्रामीणों के आवागमन के लिए बनाई गई प्रधानमंत्री सड़क की पटरी पर कंपनी के द्वारा गढ्ढा खोद कर रोड को पूरी तरह खराब कर दिया गया है। जब टीम ने गांव-गांव दौरा किया तो पाया कि कंपनी ने जेसीबी की सहायता से रोड की पटरी खोदी तो गई और पाइप डालकर उसे बंद कर दिया गया है न ही उस पर रोलर चलाया गया न ही किसी प्रकार से लेवल किया गया है। जिसके कारण पूरी सड़क जर्जर दिख रही है, आए दिन सड़क में दुर्घटना हो रही है मगर ध्यान देने वाला कोई नही है । जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनाई गई सड़क की पटरी खोदने की परमीशन भी नही लिए गए हैं और बिना परमीशन के निवास विकासखंड के अनेकों गांवों में पटरी खोद कर जस के तस छोड़ दिया गया है। वहीं प्रोजेक्ट मैनेजर और इंजीनियर का कहना है कि हमारे द्वारा रोलर चलवाया गया है मगर गांव के लोग बता रहे है कि कोई रोलर नहीं चला है अगर रोलर चला होता तो इस तरह से मलमा ऊपर न दिखता और घटना न होती । रोलर के नाम पर खाना पूर्ति—–बता दें कि कहीं कहीं थोड़ी बहुत रोलर चलाकर जियो टेगिंग वाली वीडियो और फ़ोटो बना ली गई है।  ताकि उसे लगाकर पैसा ले सके मगर रोलर हकीकत देखने पर पता चलता है कि रोलर कितना और कहा चला है । सड़क पर आ रहे बड़े बड़े पत्थर—-रोड की पटरी खोदने के कारण गड्ढे से बड़े बड़े पत्थर निकले थे, जिसको कंपनी के कर्मचारियों के द्वारा इसी तरह से छोड़ दिया गया है जिसके कारण दुर्घटना हो रही है । कंपनी के इंजीनियर और प्रोजेक्ट मैनेजर से बात की गई तो वो रोलर चल रहा है कह कर अपना पल्ला झाड़ रहा है । इनका कहना है ——- आप मेरे को गांव और जगह बता दीजिए मैं वहां रोलर भेजकर चलवा देता हूँ मेरी जानकारी के अनुसार रोलर चला है। और मैं सूची देख लेता हूँ।। आलोक तिवारी प्रोजेक्ट मैनेजर नेटवर्क कंपनी रोलर चलाया गया है हमारे पास दो रोलर है अभी एक कुंडम  में रोलर चल रहा है और दूसरा बीजाडांडी में है शिकायत तो मेरे पास भी आई है कि दुर्घटना हो रही है मगर रोलर चला है और अगर ऐसा है तो दोबारा चला देंगे। कमलेश सिरशयाम साइड इंजीनियर

जिले में राजस्व प्रकरणों का किया जा रहा तेजी से निराकरण

शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के मागर्दशन मे जिले में राजस्व महा अभियान 3.0 के अंतर्गत राजस्व  प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है। राजस्व विभाग के मैदानी अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा खेत खलिहानों में पहुंचकर राजस्व प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है।

बॉक्स में मांस मुंबई ले जाते तीन इंदौर में गिरफ्तार, काले हिरण का होने का शक

महू  इंदौर के महू में आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने कार में वन्य प्राणी का मांस ले जाते तीन लोगों को मंगलवार अलसुबह गिरफ्तार कर लिया। करीब 60 किलो यह मांस काले हिरण का बताया जा रहा है, लेकिन इसकी अधिकृत पुष्टि करने के लिए सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। शक इसलिए- एक पैकेट पर लिखा था काली हड्‌डी हर पैकेट पर एक व्यक्ति का नाम लिखा ​था। एक पैकेट पर काली हड्डी लिखा था। इसी में काले हिरण का मांस होने की आशंका है। कार सवारों ने बताया कि लटेरी में उन्हें एक व्यक्ति मिला। उसने मांस खरीदने का ऑफर दिया। उसने यह नहीं बताया कि मांस किस जानवर का है, पर ताजा था तो हमने खरीद लिया। दो बक्सों में भरा था मांस आरोपित मांस को भोपाल से मुंबई जा रहे थे। उनकी कार में थर्माकोल के दो बड़े बाक्स में यह रखा था। एक बाक्स में ‘काली हड्डी’ लिखी हुई पर्ची भी मिली है। तीनों को सफेद इनोवा कार में एक होटल के पास पकड़ा गया। आरोपितों ने पुलिस और वन विभाग की पूछताछ में बताया कि वह भोपाल में आयोजित आलमी तब्लिगी इज्तिमा में शामिल होकर मुंबई लौट रहे थे। आरोपितों के अनुसार, इज्तिमा में उन्हें बिलाल नाम का व्यक्ति मिला। वह खुद को लटेरी का रहने वाला बता रहा था। उसने अपने फार्म हाउस पर बकरे का मांस होने की बात कही। हमने उससे 20 हजार रुपये में मांस लिया और मुंबई लौट रहे थे। वन विभाग ने आरोपितों को गिरफ्तार कर मंगलवार दोपहर न्यायालय में पेश किया। पेशेवर तरीके से तस्करी आरोपित इम्तियाज पुत्र शकील खान निवासी इंदिरा नगर दर्शन जवल अंधेरी वेस्ट मुंबई, सलमान पुत्र हारुन पियारजी निवासी मुनावरा बिल्डिंग मोमिन नगर ग्रेटर मुंबई और जौहर पुत्र इब्राहिम हुसैन निवासी मिल्लत नगर मुंबई के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वन विभाग अधिकारियों के अनुसार, बक्से की पैकिंग से प्रतीत हुआ कि आरोपित पेशेवर तरीके से यह कार्य करते रहे हैं। पुलिस व वन विभाग की टीम को प्रलोभन देने का किया प्रयास आरोपित भोपाल से मुंबई मांस का परिवहन कर ले जा रहे हैं। इसकी सूचना इंदौर क्राइम ब्रांच को मिली थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच की गाड़ी क्षिप्रा थाने से पीछे लगी हुई थी। किशनगंज पुलिस को भी सूचना मिली तो आरोपित होटल के पास पकड़े गए। सूत्रों के अनुसार, आरोपितों ने पुलिस और वन विभाग टीम को रुपयों का प्रलोभन देने का प्रयास किया।

राज्यपाल पटेल ने क्रांतिसूर्य टंट्या भील का किया पुण्य स्मरण

राज्यपाल पटेल ने क्रांतिसूर्य टंट्या भील का किया पुण्य स्मरण राजभवन में बलिदान दिवस पर मौन रखकर दी गई श्रद्धांजलि भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्वतंत्रता संग्राम के जनजातीय नायक क्रांतिसूर्य टंट्या भील के बलिदान दिवस पर आज उनका पुण्य स्मरण किया। उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। राज्यपाल पटेल ने राजभवन के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ दो मिनट का मौन रखकर जनजातीय नायक को श्रद्धांजलि दी। राजभवन के बेंक्वेट हॉल में आयोजित बलिदान दिवस कार्यक्रम में राज्यपाल के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरविंद पुरोहित, डॉ बी.के. श्रीवास्तव, नियंत्रक श्रीमती शिल्पी दिवाकर, लाइब्रेरियन अमित दीक्षितऔर अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

संगठन चुनाव प्रभारियों के अलावा बीजेपी ने तीन जिलों में संगठन चुनाव के लिए एक-एक पर्यवेक्षक नियुक्त किए

भोपाल इन दिनों बीजेपी के संगठन चुनाव चल रहे हैं। 15 दिसंबर तक मध्यप्रदेश के 1300 मंडलों में मंडल अध्यक्ष और 15 से 31 दिसंबर तक जिला अध्यक्षों के चुनाव होने हैं। संगठन चुनाव को लेकर बीजेपी ने जिला निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए हैं। संगठन चुनाव प्रभारियों के अलावा बीजेपी ने तीन जिलों में संगठन चुनाव के लिए एक-एक पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। ये पर्यवेक्षक अपने प्रभार के जिलों में कार्यकर्ताओं और सक्रिय सदस्यों की बैठकें लेकर मंडल अध्यक्ष और जिला अध्यक्षों के लिए नाम निकालेंगे। इन नामों को संगठन तक पहुंचाएंगे। बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में इन पर्यवेक्षकों की बैठक बुलाई गई है। इन नेताओं को इन जिलों का बनाया गया पर्यवेक्षक     ग्वालियर नगर, ग्वालियर ग्रामीण, श्योपुर: सुरेश आर्य (पूर्व संगठन मंत्री )     सागर, दमोह, पन्ना: नरेंद्र बिरथरे (पूर्व विधायक)     शिवपुरी, गुना, अशोनगर: अरुण भीमावद (विधायक)     छतरपुर, टीकमगढ, निवाड़ी: सदानंद गोडबोले (पूर्व मेयर)     सतना, मैहर, रीवा: उमेश शुक्ला (पूर्व विधायक)     मऊगंज, सीधी, सिंगरौली: रामलाल रौतेल (पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री)     शहडोल, अनूपपुर, उमरिया: एससी मोर्चे के महामंत्री नेताम     कटनी, मंडला, डिंडौरी: लता ऐलकर (पूर्व प्रदेशाध्यक्ष महिला मोर्चा)     छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट: अलकेश आर्य (जिलाध्यक्ष बैतूल)     पांढुर्णा, बैतूल, हरदा: जयप्रकाश चतुर्वेदी (पूर्व जिलाध्यक्ष)     भोपाल, रायेसन, नर्मदापुरम: राजेंद्र पांडे (विधायक)     विदेशा, राजगढ, भोपाल ग्रामीण: अभिलाष पांडे (विधायक)     विदिशा, राजगढ़, शाजापुर: लता वानखेडे (सांसद)     उज्जेन नगर, उज्जैन ग्रामीण, आगर: भगवानदास सबनानी (विधायक)     रतलाम मंदसौर, नीमच: सीताराम यादव (सदस्य ओबीसी आयोग)     झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी: सतेंद्र भूषण (पूर्व संगठन मंत्री)     खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर: महेंद्र भटनागर  

केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दी मंजूरी

प्रदेश में हर गरीब के पक्के मकान का सपना होगा साकार – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नगरीय निकायों में 15 हजार नए आवास स्वीकृत राज्य के सभी शहर शामिल, प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन के आधार पर मिली नए आवासों की स्वीकृति केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दी मंजूरी रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत तेजी से पूर्ण किए आवासों और योजना में अच्छे प्रदर्शन के कारण भारत सरकार द्वारा राज्य के लिए 15 हजार नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 15 हजार नए आवासों की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नए आवासों की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल के प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहरों के लिए 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति पर केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य में जल्दी ही हर गरीब के पक्के मकान का सपना पूरा होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आवासों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार अंतिम छोर पर खड़े हर व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचाना सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की कोशिशों से राज्य के सभी शहरों के लिए ये आवास स्वीकृत किए गए हैं।   भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अन्तर्गत 15 हजार नवीन आवासों की सैद्धांतिक स्वीकृति का पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को मार्च-2025 तक 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति के साथ ही इन नए आवासों को मंजूरी प्रदान करने के पीछे राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के त्वरित क्रियान्वयन का भी उल्लेख है। राज्य के सभी नगरीय निकायों के लिए आवास स्वीकृत करते हुए मंत्रालय ने इसकी सूची भी भेजी है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य शासन को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र हितग्राहियों का परीक्षण करते हुए विधिवत प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। भारत सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में ‘सबके लिए आवास’ मिशन के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का क्रियान्वयन 1 सितम्बर 2024 से प्रारंभ किया गया है। इसके तहत कमजोर आय वर्गों, निम्न आय वर्गों और मध्यम आय वर्गों के शहरी गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों को किफायती दरों पर आवास निर्माण, खरीदी या किराए पर उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ में योजना को सभी नगरीय निकायों में लागू करते हुए भारत सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) 15 नवम्बर से प्रारंभ कर दिया गया है। सर्वेक्षण के दौरान हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा रही है।  उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नए आवासों की स्वीकृति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर पात्र परिवार को आवास दिलाने प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। श्री साव ने वर्तमान में चल रहे हितग्राही सर्वेक्षण के दौरान अनिवार्य दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदनों को तत्काल निरस्त नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दस्तावेजों की पूर्ति के लिए संबंधित परिवारों को पर्याप्त समय देने के साथ ही नगरीय निकायों को राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने हरसंभव प्रयास करने को कहा है। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव ने राजस्व कार्यालयों में हितग्राहियों के लंबित जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र प्राथमिकता से जारी करने राजस्व विभाग को पत्र भी लिखा है।

पहला मौका होगा जब हितग्राही ने ही जारी की योजना की राशि

रायगढ़ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कल रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की राशि जारी की। इस दौरान मुख्यमंत्री साय के सुशासन की झलक देखने को मिली। मंच में उनसे मिलने पहुंची महतारी वंदन योजना की हितग्राही सरस्वती यादव को उन्होंने बटन दबाकर प्रदेश की महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना की दसवीं किश्त की राशि जारी करने का आग्रह किया, जिस पर सरस्वती यादव ने बटन दबाकर प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त के रूप में 652 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की। यह पहला मौका होगा जब किसी योजना के हितग्राही ने ही योजना की राशि जारी की है।

घर में हैं IAS-IRS अधिकारी, राजस्थान-दौसा में किसान परिवार ने खेत में कीं मां की अस्थियां विसर्जित

दौसा. दौसा जिले में सिकराय की दुनिया छोड़ चुकी किशनी देवी के परिवार वालों की माने तो किशनी देवी एक दृढ़ इच्छा शक्ति और बहुत मेहनती महिला थीं, जिसने खेती बाड़ी कर खुद के बच्चों का पालन पोषण कर पढ़ाया लिखाया और आज किशनी देवी के परिवार में कई बच्चे शिक्षक हैं। उनका छोटा बेटा विमल कुमार भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी है तथा उनका पौत्र परीक्षित भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी है। सिकराय तहसील के ठीकरिया गांव में बाग वाला किसान परिवार में बेटों ने अपनी मां की अस्थियों का विसर्जन अपने खेतों में किया। क्योंकि किशनी देवी खेती करते हुए जीवन बिता रही थी। किशनी देवी की इच्छा थी कि उनके मरने के बाद उनकी अस्थियों को खेतों में बहा दिया जाए। इसलिए किशनी देवी की इच्छा पूरी करने के लिए उनके परिवार ने यह किया है। इधर, किशनी देवी परिवार के सदस्य धर्म सिंह ने बताया कि ठीकरिया गांव में बाग वाले किसान परिवार में बाबा किशोरी पटेल की धर्मपत्नी किशनी देवी का लगभग 85 वर्ष के अवस्था में 30 नवंबर 2024 को देहावसान हो गया था। किसान परिवार की महिला को खेती बाड़ी से बहुत लगाव था। उसने खेती के साथ-साथ अनेक फलदार तथा छायादार पेड़ पौधे लगाए। वह अपनी अस्थियों को उस मिट्टी का भाग बनाना चाहती थी, जिसका अन्न, जल खा पीकर उसने अपने परिवार का भरण पोषण किया था। उधर, किशनी देवी के बेटे जगनमोहन और विमल कुमार ने बताया कि किशनी देवी की इच्छानुसार उनकी अस्थियों एवं राख का विसर्जन दो दिसंबर को परिवार सहित मिलकर सभी सगे संबंधियों के साथ खेतों में पानी चलाकर किया गया। किशनी देवी के बेटे विमल कुमार ने कि माने तो मृत्यु भोज एक अनावश्यक खर्च है और मृत्यु भोज एवं अन्य अनावश्यक कर्मकांडों की बजाय वो बालिका शिक्षा और गांव में पुस्तकालय के विकास पर पैसा खर्च करना उचित समझते हैं, जिसके चलते उन्होंने सामाजिक परंपराओं और रीति-रिवाज से दूरी बनाकर यह पहल की है।

जब भारत में चीतों की संख्या 500 तक पहुंचेगी, तब सफल माना जाएगा प्रोजेक्ट चीता

भोपाल  देश में चीतों के इकलौते रहवास मध्य प्रदेश के कूनो पालपुर नेशनल पार्क में चीतों की संख्या बीते दो वर्ष में बढ़ गई है। वर्तमान में शावकों सहित 24 चीते यहां हैं। हालांकि इसे विशेषज्ञ प्रोजेक्ट की आंशिक सफलता ही मान रहे हैं। जानकारों के अनुसार, जब तक चीतों की संख्या 500 तक नहीं पहुंचती, तब तक प्रोजेक्ट को पूर्ण सफल नहीं माना जाएगा। इसमें भी 15 वर्ष का समय लग सकता है। विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि अब चीतों का कुनबा तेजी से बढ़ेगा। 20 चीते कूनो लाए गए, आठ की मौत     17 सितंबर, 2022 को नामीबिया से आठ और 18 फरवरी, 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12, इस तरह 20 चीते कूनो लाए गए थे। अब तक आठ वयस्क चीतों की मौत हो गई है।     इस बीच भारत की धरती पर 19 शावकों ने जन्म भी लिया। इनमें से सात शावकों की मौत हो गई। अब यहां 12 चीता शावक और 12 वयस्क को मिलाकर कुल 24 चीता हैं।     प्रदेश में तीसरी बार चीतों को केन्या से लाने की भी तैयारी है। इन्हें मंदसौर जिले के गांधीसागर अभयारण्य में रखा जाएगा। कूनो के चीतों की निगरानी और संरक्षण के लिए मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश मिलकर काम कर रहे हैं। एक साल में नर और डेढ़ साल में माता चीता हो जाती है वयस्क चीता का नर शावक करीब एक साल में और मादा शावक डेढ़ साल में वयस्क हो जाते हैं। इन चीता शावकों को प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की आशा के तौर पर देखा जा रहा है। यहां जन्म लेने वाली एक मादा चीता वयस्क भी हो चुकी है। दरअसल, इन सभी शावकों के सामने नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों की तरह जलवायु अनुकूलता न होने जैसी चुनौती नहीं है। ये सभी यहां की जलवायु में पूरी तरह से रचे-बसे होने के साथ बड़े हो रहे हैं। इसी के साथ कूनो वन्यप्राणी वनमंडल श्योपुर के क्षेत्रफल को नए इलाके शामिल कर बढ़ा दिया गया है। अब कूनो का कुल वन क्षेत्र एक लाख 77 हजार 761 हेक्टेयर हो गया है। दो नर चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा दो चीतों को कूनो के खुले जंगल में छोड़ने से पूर्व चीता स्टीयरिंग कमेटी की बैठक होगी। नर चीता अग्नि और वायु को छोड़ा जाएगा। अगले चरण में प्रभाष और पावक को छोड़े जाने की तैयारी है। अब खुले जंगल में पर्यटक चीतों की झलक देख सकेंगे। इनके नाम हुए हैं तय कुनो के सूत्रों से मिली जानकारी  के अनुसार चीता कमेटी लंबे समय से बाड़े में कैद करके रखे गए चीतों मे से दो नर और एक मादा चीता को खुले जंगल मे छोड़े जाने को लेकर सहमति दे सकती है. फिलहाल जिन चीतों को खुले जंगल मे आजादी की रफ्तार भरने के लिए छोड़ा जा सकता है, उनमें अग्नि वायु या फिर प्रभास और प्रभात के नाम शामिल हैं. कुछ समय पहले भी कुछ चीतों को पर्यटको के दीदार के लिए खुले जंगल मे आजाद किया गया था, लेकिन कुछ सुरक्षा कारणों की वज़ह से चीतों को वापस बाड़े मे लाकर कैद कर लिया था. अभी कुनो मे 12 छोटे ओर 12 वयस्क चीते हैं.

तेलंगाना में आया भूकंप, छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के जिलों में भी महसूस हुए झटके

रायपुर तेलंगाना के मुलूगु जिले में बुधवार सुबह करीब 7.30 बजे भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर भूकंप 5.3 तीव्रता का था। इस भूकंप के झटके छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के जिलों में भी महसूस हुए। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और जगदलपुर तक लोगों ने झटके महसूस किए। बीजापुर में भोपालपटनम, उसूर, आवापल्ली सहित पूरे जिले मे भूकंप के लगे झटके से लोग डरकर घरों से बहार निकले। झटकों से खिड़की, दरवाजे, टीन शेड बहुत तेजी से हिलने लगे।  

जयपुर में मंत्री अविनाश गहलोत ने सराहा, राजस्थान-बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी को मिला सम्मान

बाड़मेर. अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर विशेष दिव्यांगजन के कल्याण और सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी को सम्मानित किया गया। इस दौरान बाड़मेर जिले में नवो बाड़मेर के तहत समन्वित प्रयास और सशक्त समाज अभियान की सराहना की गई। राजधानी जयपुर में भगवंत सिंह सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत और आयुक्त एवं विशिष्ट सचिव एच गुइटे ने बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान बाड़मेर जिले में दिव्यांगजन कल्याण संबंधित कार्यों, नवो बाड़मेर के तहत समन्वित प्रयास, सशक्त समाज अभियान की सराहना करते हुए प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसकी तर्ज पर अभियान चलाने के बारे में अवगत कराया गया। बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी की ओर से जिला प्रशासन एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहयोग से दिव्यांगजन कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए ‘नवो बाड़मेर-समन्वित प्रयास सशक्त समाज अभियान’ के रूप अभिनव पहल की गई। इस अभियान के माध्यम से दिव्यांगजन कल्याण की दिशा में बाड़मेर मॉडल जिला बनकर उभरा। बाड़मेर जिले में नवो बाड़मेर के तहत समन्वित प्रयास, सशक्त समाज अभियान के जरिए 7025 लोगों की स्क्रीनिंग करने के साथ 2130 दिव्यांग प्रमाण पत्र अनुमोदित किए गए। प्रदेश में पहली मर्तबा दिव्यांगों के मार्गदर्शन एवं सुविधाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पोर्टल लॉच किया गया। उपखंड मुख्यालयों पर शिविर लगाकर मेडिकल बोर्ड से प्रमाण पत्र जारी करवाकर सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया। इसके अलावा वृहद स्तर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जरिए दिव्यांगजनों को सहायक अंग उपकरण उपलब्ध करवाए गए। बाड़मेर जिले में छह अक्तूबर 2024 को नवो बाड़मेर समन्वित प्रयास सशक्त समाज अभियान की शुरूआत हुई। बाड़मेर मरुस्थलीय जिला होने के कारण अनेक चुनौतियां होने के बावजूद राज्य सरकार एवं प्रशासन के समन्वित प्रयास से यह अभियान दिव्यांगजनों के लिए वरदान साबित हुआ। कलेक्टर टीना डाबी ने अभियान के सफल आयोजन के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग,पंचायतीराज एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं संबंधित हितधारकों के साथ बैठकें करके शिविरों में विभागीय समन्वय के माध्यम से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करवाई। दिव्यांगजनों के रजिस्ट्रेशन एवं योजनाओं की जानकारी के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किए गए। प्रत्येक शिविर स्थल पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की ओर से 10 ई-मित्र काउंटर की व्यवस्था की गई।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- प्रदेश में हर गरीब के पक्के मकान का सपना होगा साकार

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत तेजी से पूर्ण किए आवासों और योजना में अच्छे प्रदर्शन के कारण भारत सरकार द्वारा राज्य के लिए 15 हजार नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 15 हजार नए आवासों की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नए आवासों की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल के प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहरों के लिए 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति पर केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य में जल्दी ही हर गरीब के पक्के मकान का सपना पूरा होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आवासों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार अंतिम छोर पर खड़े हर व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचाना सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की कोशिशों से राज्य के सभी शहरों के लिए ये आवास स्वीकृत किए गए हैं।   भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अन्तर्गत 15 हजार नवीन आवासों की सैद्धांतिक स्वीकृति का पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को मार्च-2025 तक 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति के साथ ही इन नए आवासों को मंजूरी प्रदान करने के पीछे राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के त्वरित क्रियान्वयन का भी उल्लेख है। राज्य के सभी नगरीय निकायों के लिए आवास स्वीकृत करते हुए मंत्रालय ने इसकी सूची भी भेजी है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य शासन को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र हितग्राहियों का परीक्षण करते हुए विधिवत प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। भारत सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में ‘सबके लिए आवास’ मिशन के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का क्रियान्वयन 1 सितम्बर 2024 से प्रारंभ किया गया है। इसके तहत कमजोर आय वर्गों, निम्न आय वर्गों और मध्यम आय वर्गों के शहरी गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों को किफायती दरों पर आवास निर्माण, खरीदी या किराए पर उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ में योजना को सभी नगरीय निकायों में लागू करते हुए भारत सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) 15 नवम्बर से प्रारंभ कर दिया गया है। सर्वेक्षण के दौरान हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा रही है।  उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नए आवासों की स्वीकृति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर पात्र परिवार को आवास दिलाने प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। श्री साव ने वर्तमान में चल रहे हितग्राही सर्वेक्षण के दौरान अनिवार्य दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदनों को तत्काल निरस्त नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दस्तावेजों की पूर्ति के लिए संबंधित परिवारों को पर्याप्त समय देने के साथ ही नगरीय निकायों को राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने हरसंभव प्रयास करने को कहा है। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव ने राजस्व कार्यालयों में हितग्राहियों के लंबित जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र प्राथमिकता से जारी करने राजस्व विभाग को पत्र भी लिखा है।

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