LATEST NEWS

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक, युवा शक्ति मिशन को मिली स्वीकृति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के युवाओं के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के उद्देश्य से युवा-उन्मुखीकरण की गतिविधियों को समन्वित रूप से एक ही मंच पर लाने के लिए स्वामी विवेकानन्द युवा शक्ति मिशन प्रारंभ करने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2024 के अवसर पर प्रदेश में चार मिशन अन्नदाता (किसान) कल्याण, युवा शक्ति, नारी शक्ति और गरीब कल्याण को लागू करने की घोषणा की थी। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वामी विवेकानन्द युवा शक्ति मिशन, युवाओं के उन्मुखीकरण की गतिविधियों को समन्वित करने के लिए एक साझेदारी मंच का निर्माण करेगा, जिससे राज्य के विकास को बढ़ावा मिलेगा। स्वामी विवेकानन्द की जयंती 12 जनवरी 2025 (युवा दिवस) के अवसर पर मिशन प्रारंभ किया जायेगा। मिशन के प्रमुख उद्देश्य युवाओं में आत्म-विश्वास निर्माण, प्रतिस्पर्धा के लिए तैयारी के साथ उनके कौशल उन्नयन और प्रतिभा को निखारने की गतिविधियों को बढ़ावा देना है। मिशन के प्रमुख घटक संवाद, सामर्थ्य (योग्यता) और समृद्धि, है। मिशन के तीन प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए गये है। पहला लक्ष्य-प्रत्येक युवाओं की आय का स्तर न्यूनतम कुशल श्रेणी श्रमिक की दर के बराबर लक्षित करना। दूसरा लक्ष्य-प्रत्येक युवा को कक्षा 12वीं तक के स्तर तक शिक्षा पूरी कराने के लिये प्रयास करना। यह लक्ष्य 10वीं में वर्ष 2028 तक तथा 12वीं में वर्ष 2030 तक हासिल किया जायेगा। तीसरा लक्ष्य-प्रत्येक युवा को समाज के हित में सामाजिक पहल का हिस्सा बनाना है। वर्ष 2030 तक 70 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की जायेगी। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मंत्रि-परिषद द्वारा पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत सहकारी प्रणाली और सांची ब्राण्ड को बड़ा बनाने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के मध्य होने वाले सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) पर सहमति दी गयी। यह निर्णय मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादकों की आय दोगुनी करने एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। एम.पी. स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मध्य कोलेबोरेशन एग्रीमेंट के अनुसार दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे। दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी। इस तरह अगले 5 सालों में लगभग 1500 करोड़ रूपये का निवेश किया जायेगा। दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार की जायेगी। इस तरह दूग्ध संकलन 10.50 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 20 लाख किलोग्राम किया जायेगा। दुग्ध उत्पादकों की कुल वार्षिक आय 1700 करोड़ रूपये से दोगुना कर 3500 करोड़ रूपये किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। सांची ब्रांड का और व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाकर राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जायेगा।  

वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर छात्रावासों का निरीक्षण अवश्य करें : राज्य मंत्री गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्व.प्र.) श्रीमती कृष्णा गौर ने विमुक्त जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों का समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि छात्रावासों की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं छात्रावासों का निरीक्षण करें। उन्होंने विमुक्त जाति विभाग के 24 छात्रावास पुराने भवन में संचालित करने को लेकर कहा कि इन भवनों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि यह भवन छात्रावास के लिए उपयुक्त है, साथ ही पुराने भवनों के स्थान पर नवीन भवन निर्माण के प्रस्ताव रखें। विमुक्त जाति विभाग में 116 छात्रावास संचालित किये जा रहे है। इनमें 38 छात्रावास निजी भवनों में और 24 छात्रावास पुराने भवनों में संचालित हो रहे हैं। विभाग द्वारा बताया गया कि 62 नवीन छात्रावास भवन निर्माण की स्वीकृति जारी की गई है। राज्यमंत्री (स्व.प्र.) श्रीमती गौर ने कहा कि विमुक्त, घुमंतु अर्द्धघुमन्तु समुदायों के कल्याण के लिए छात्रावास सहित अन्य इन्फ्रास्ट्रकचर जुटाने में व्यवसायिक संस्थानों से सी.एस.आर. मद के माध्यम से सहयोग प्राप्त करें। संचालक विमुक्त घुमंतु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय श्री नीरज वशिष्ठ ने ने बताया कि सशक्तिकरण फाउण्डेशन के समन्वय से विभाग 05 जिलों के आश्रम शाला और सामुदायिक कल्याण केन्द्र में अंक ज्ञान और अक्षर ज्ञान के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कटनी में पारदी समुदाय को छात्रावास संचालन के लिए एक निजी सीमेंट फेक्ट्री से समन्वयन का प्रकरण विचाराधीन है। भोपाल जिले के बैरसिया की बर्री घाटी में निवासरत् पारदी समुदाय के लिए सी.एस.आर. मद से मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने की पहल की गई है। विवेकानन्द केन्द्र के साथ संस्कार शाला का संचालन भी प्रक्रियाधीन है। संचालक ने बताया कि अभी विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय के छात्र-छात्राओं को अभी मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की फ्री-कोचिंग देने की सुविधा के संबंध में भी कार्यवाही की जा रही है। बैठक में बताया गया कि विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय के बस्ती विकास योजना में मंगल भवन निर्माण की अधिकतम राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 20.00 लाख रूपये किया गया है। इसी प्रकार विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय के छात्र-छात्राओं की शिष्यवृत्ति में भी जुलाई 2024 से बढ़ोतरी की गई है। विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय के लिए जाति प्रमाण पत्र जारी किये जाने की प्रक्रिया को सरलीकृत करने की कार्यवाही की जा रही है विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय के परिवारों का डाटा भी संकलित किया जा रहा है। जन अभियान परिषद् के माध्यम से विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय के परिवारों का चिन्हांकन करने के बाद पंजीकरण के पहले चरण में देवास, कटनी, धार, सीहोर, विदिशा, भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रायसेन, शाजापुर, राजगढ़ और इंदौर का चयन किया गया है। इन्दौर जिले में कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जायेगा। संचालक ने बताया कि पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के पिछले 03 वर्षो में कुल सत्यापित 19.99 लाख विद्यार्थियों में से 19.12 लाख विद्यार्थियों को राशि रू. 24.87 करोड़ का वितरण किया गया है इसमें से पिछले 01 वर्ष में 09.59 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का वितरण किया गया। पिछड़ा वर्ग विभाग द्वारा छात्रवृत्ति वितरण के बैकलॉग को समाप्त करने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही की गई है। पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना में पिछले 01 वर्ष में राशि रू. 07.75 करोड़ का भुगतान किया गया है। संचालक ने बताया कि भोपाल में 516 लाख लागत से शासकीय यूनानी महाविद्यालय में 180 सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया है। पॉलीटेक्निक महाविद्यालय खण्डवा में 21 लाख की लागत से स्मार्ट क्लास का निर्माण कराया गया है। इन्दौर जिले के मऊ में निर्माणाधीन 100 सीटर कन्या छात्रावास का निर्माण शीघ्र पूरा किया जायेगा। पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास निर्माण योजना में पिछले 01 वर्ष में उज्जैन में 100 सीटर पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास का निर्माण पूर्ण कराया गया। मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण उद्यम योजना में वर्ष 2024-25 में 282 हितग्राहियों को स्वरोजगार उपलब्ध कराया गया। संचालक ने बताया कि पिछड़ा वर्ग के कन्या छात्रावासों में मेस सुविधा जल्द शुरू भी जायेगी। मेस संचालन के लिए 3550 कन्याओं के लिए 1590 रू. प्रतिमाह प्रतिबालिका के मान से 680 लाख रू. की शासन से मांग की गई है। इसके साथ ही दिल्ली छात्रगृह योजना में वर्तमान में विद्यार्थियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 करने और प्रतिविद्यार्थी प्रतिमाह दी जाने वाली सहायता राशि 1550 रू. से बढ़ाकर अनुसूचित जाति के समान करने पर 10000 हजार रूपये प्रतिमाह किये जाने के लिए शासन से 120 लाख रूपये की मांग की गई है। विभाग द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित विभागीय प्रशिक्षण योजना में और अधिक विद्यार्थियों को लाभांवित करने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में अन्य विभागीय कार्यक्रम एवं योजनाओं पर भी समीक्षा की गई। आयुक्त पिछड़ा वर्ग श्री सौरभ सुमन, अपर सचिव, पिछड़ा वर्ग श्री अनुराग चौधरी, संचालक विमुक्त घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु समुदाय श्री नीरज वशिष्ठ सहित विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।  

शहजाद पूनावाला ने कहा- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने राहुल गांधी की पोल खोल दी

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा को लेकर दिए बयान पर तंज कसा है। शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हरीश रावत का एक वीडियो शेयर किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने वीडियो बयान को भी शेयर किया। शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने राहुल गांधी की पोल खोल दी। हमने पहले ही कहा था कि राहुल गांधी के लिए एलओपी मतलब ‘लीडर ऑफ अपोजिशन’ नहीं लीडर ऑफ पर्यटन और लीडर ऑफ पार्टी है। उन्होंने आगे कहा कि जब डॉ. मनमोहन सिंह के लिए देश शोक मना रहा था, तब राहुल गांधी वियतनाम ‘विश्राम’ करने गए थे। हरीश रावत ने कह दिया कि राहुल गांधी वियतनाम ‘विश्राम’ करने गए थे, लेकिन उन्होंने तुरंत कहा कि नहीं-नहीं ‘विश्राम’ करने नहीं ‘वियतनाम के आर्थिक मॉडल’ का अध्ययन करने के लिए गए थे। भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने खुद अपने सात दिन के कार्यक्रम रद्द किए थे। तो क्या राहुल गांधी के लिए ‘वियतनाम के आर्थिक मॉडल’ का अध्ययन करना कांग्रेस के कार्यक्रमों से ज्यादा जरूरी था। क्या राजकीय शोक से ज्यादा जरूरी था? भाजपा और भाजपा शासित राज्यों ने भी अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए थे। क्योंकि हम सम्मान करते हैं। राहुल गांधी और उनके परिवार ने सम्मान पर सियासत की। कांग्रेस नेता डॉ. मनमोहन सिंह के अस्थि विसर्जन में भी शामिल नहीं हुए। राहुल गांधी ना ही अखंड पाठ में शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने जीते जी डॉ. मनमोहन सिंह बहुत अपमान किया। डॉ. मनमोहन सिंह को इतना परेशान कर दिया था कि वो इस्तीफा देने की ताक पर आ गए थे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने डॉ. मनमोहन सिंह को भारत रत्न से वंचित रखा, लेकिन अपने परिवार के लोगों को जीते जी दे दिया। कांग्रेस ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और नरसिम्हा राव को कभी सम्मान देने का काम नहीं किया। शहजाद पूनावाला ने एक्स पर हरीश रावत का जो वीडियो शेयर किया है उसमें वो कह रहे हैं कि यदि राहुल गांधी वियतनाम ‘विश्राम’ करने चले गए, मैं समझता हूं कि वह ‘विश्राम’ करने नहीं गए, ‘वियतनाम के आर्थिक मॉडल’ का अध्ययन करने के लिए गए थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल की अध्यक्षता में राज्य एसिस्टेडेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एवं सरोगसी बोर्ड की बैठक हुई

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में मंत्रालय भोपाल में राज्य एसिस्टेडेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एवं सरोगसी बोर्ड की बैठक हुई। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेश में अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा की। राज्य एसिस्टेडेड रिप्रोडक्टिव टैक्नोलॉजी एवं सरोगसी बोर्ड द्वारा राज्य स्तर पर आवेदित सरोगसी प्रकरणों पर समुचित विचार कर यथोचित निर्णय लिया गया। राज्य एसिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एवं सरोगसी बोर्ड की बैठक स्थापित प्रावधान अनुसार प्रत्येक चार माह में की जाती है। निसंतान दंपतियों की सुविधा एवं विनियामक प्रावधान को दृष्टिगत रखते हुए राज्य समुचित प्राधिकारी एआरटी एवं सरोगेसी के गठन के आदेश दिए गए। समिति सरोगेसी आवेदन राज्य स्तर पर प्राप्त होते ही तकनीकि एवं विधिक विशेषज्ञों का अभिमत प्राप्त कर, सरोगेसी की अनुमति के समुचित निर्णय लेने के लिये सक्षम होगी। बैठक में विधानसभा सदस्य श्रीमती प्रियंका मीणा, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य श्री तरुण राठी, संचालक एमसीएच डॉ. अरुणा कुमार, वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा तिवारी सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ शामिल रहे।  

केन्द्रीय अपर सचिव पाटिल ने किया स्कूलों का निरीक्षण, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के संचालन की समीक्षा

भोपाल स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग भारत सरकार के केन्द्रीय अपर सचिव श्री आनंद राव वी पाटिल ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मध्यान्ह भोजन) कार्यक्रम की प्रदेश में संचालन की समीक्षा की। बैठक में ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम में प्रदेश की प्रगति, पोर्टल के माध्यम से योजना के संचालन एवं नवाचार का प्रयोग करते हुए ऐप के माध्यम से किये जा रहे निरीक्षण की सराहना की। श्री पटेल ने प्रदेश में मध्यान्ह भोजन वितरण में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आये इसे सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। शालाओं के छात्रों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण उन्हें समय पर बी-वॉर्म टेबलेट व ऑयरन टेबलेट खिलाये जाने को सुनिश्चित करने, खाद्यान्न के क्वॉलिटी टेस्टिंग व निरीक्षण की संख्या बढ़ाये जाने पर विशेष बल दिया। पंचायत एवं ग्रामीण विकासअपर सचिव एवं राज्य समन्वयक पीएम पोषण श्री दिनेश जैन, संयुक्त आयुक्त श्री आई.एस. ठाकुर, श्रीमती सीमा खान, संयुक्त आयुक्त श्री अनिल कोचर और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। केन्द्रीय मंत्री श्री पाटिल ने अक्षयपात्र केन्द्रीयकृत किचिन-शेड का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां गुणवत्ता पूर्ण भोजन तैयार किये जाने व आधुनिक मशीनों से भोपाल शहर के छात्रों को पहुंचाये जाने की प्रक्रिया और अतिरिक्त पोषण देने की सराहना की। उन्होंने कहा कि जहां अच्छे कार्य हो रहे हैं, संस्थाओं को भी अवगत कराया जाये। श्री पाटिल ने राज्य शिक्षा केन्द्र स्थित विद्या समीक्षा केन्द्र का अवलोकन किया। इस दौरान संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिन्दर सिंह व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। श्री पाटिल ने विद्या समीक्षा केन्द्र अंतर्गत को और अधिक विश्लषणात्मक व उपयोगी बनाया जाना तथा पीएम पोषण को भी उसमें शामिल किये जाने के लिये कहा। श्री पाटिल ने सीहोर जिले के महुआखेड़ा तकीपुर शाला का निरीक्षण किया एवं शिक्षकों व छात्रों से चर्चा की। उन्होंने मां की बगिया, पीएम पोषण योजना में निर्मित ‘‘पोषण वाटिका’’ का अवलोकन किया। श्री पाटिल ने पोषण वाटिका में उपयोगी पोषक सब्जियां आदि समुचित रूप से लगाने के निर्देश दिये। श्री पाटिल ने बच्चों को समय पर IFA टेबलेट तथा डी-वॉर्मिंग संबंधी टेबलेट नियमित दिये जाने एवं खाद्यान्न की क्वॉलिटी पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिये। श्री पाटिल ने इंदौर रेसीडेंसी में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सहित पीएम पोषण एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। सामाजिक अंकेक्षण कार्य की रिपोर्ट पर कार्यवाही, विद्या समीक्षा केन्द्र के माध्यम से शिक्षा विभाग तथा पीएम पोषण की प्रगति का विश्लेषण करते हुए कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने सावेर स्थित पीएम श्री शाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शाला प्राचार्य श्री सिरवैया तथा अन्य स्टॉफ उपस्थित रहे। इस दौरान शाला में किये गये कार्यों विशेष तौर पर जन-भागीदारी से किये गये कार्यो से श्री पाटिल को अवगत कराया। श्री पाटिल ने उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें संस्थान में संचालित वेद विद्या संबंधित गतिविधियों से अवगत कराया गया। संस्थान के बच्चों द्वारा भावपूर्ण वेद मंत्रों का पाठ किया गया। उन्होंने बताया कि संस्थान में अन्य विषयों जैसे विज्ञान, गणित, आदि का भी अध्यापन किया जाता है। श्री पाटिल ने भारत सरकार की योजनाओं से अवगत कराया गया तथा छात्रों व अध्यापकों से सुझाव भी मांगे।  

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में पक्षी अवलोकन एवं नेचर कैम्प का आयोजन

भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड के सहयोग से छात्र-छात्राओं में वन, वन्यप्राणियों एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दृष्टि से भोपाल शहर एवं उसके आस-पास के ग्रामों के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिये एक दिवसीय पक्षी अवलोकन एवं नेचर कैम्प आयोजित किये जा रहे हैं। मंगलवार 7 जनवरी को शासकीय माध्यमिक विद्यालय गोंदरमऊ गांधीनगर, भोपाल के 61 छात्र-छात्राओं एवं 6 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उक्त पक्षी अवलोकन एवं नेचर कैम्प में भाग लिया। कार्यक्रम में स्रोत व्यक्ति के रूप में डॉ. एस. आर. वाघमारे, से.नि. उप वनसंरक्षक एवं श्री विजय नंदवंशी उपस्थित रहे। विषय-विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को पक्षी दर्शन, तितली, वन्यप्राणी दर्शन, स्थल पर विद्यमान वानिकी गतिविधियों की जानकारी, वन, वन्यप्राणी एवं पर्यावरण से संबंधित रोचक गतिविधियों कराई गई एवं सर्पों के बारे में जानकारी प्रदान कर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया। नेचर कैम्प में बाघ, तेंदुआ. भालू, मगर, घड़ियाल, चीतल, सांभर, नीलगाय आदि वन्यप्राणियों का भी अवलोकन किया। साथ ही किंग फिशर, ओपन बिल स्टॉर्क, वुलीनेक स्टॉर्क, कार्पोरेंट, जकाना, कूट, आदि पक्षी दिखे एवं नीडम क्षेत्र में कृत्रिम घोंसले तथा पक्षियों के पुतले भी देखे। इस अवसर पर मिशन लाइफ अंतर्गत पर्यावरण को बचाने के लिये उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा शपथ भी ली गई एवं विशेषज्ञों द्वारा मिशन लाइफ के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। पक्षी अवलोकन एवं नेचर कैम्प के दौरान संचालक वन विहार श्री मीना अवधेशकुमार शिवकुमार सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।  

नागपुर में दो एचएमपीवी मामले, दोनों बच्चे हैं और उनकी हालत स्थिर है, महाराष्ट्र सरकार ने बनाई टास्क फोर्स

मुंबई महाराष्ट्र के नागपुर में मंगलवार को ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के दो मामले सामने आए। इन मामलों को लेकर अधिकारियों ने कहा कि दोनों बच्चे हैं और उनकी हालत स्थिर है। 13 और 7 साल की दो लड़कियों में यह लक्षण दिखाई दिए थे। राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, दो दिन तक लगातार बुखार रहने के बाद इन लड़कियों ने एक निजी लैब में जांच कराई और उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इनका घर पर ही इलाज किया गया और इनकी हालत स्थिर है। गंभीरता से संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने जेजे अस्पताल की डीन डॉ. पल्लवी सैपले की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करेगी। सूत्रों ने बताया, ”इन दोनों बच्चियों को खांसी और बुखार था। इनके सैंपल एनआईवी को भेजे गए हैं क्योंकि इनके लक्षण थोड़े अलग थे। दोनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी और दोनों मरीज ठीक हो गए हैं।” नागपुर के सरकारी मेडिकल और अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अविनाश गावंडे ने कहा, “माता-पिता को चिंता करने की जरूरत नहीं है, यह वायरस कोरोना जैसा खतरनाक नहीं है।” हालांकि उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को मास्क पहनना चाहिए। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अंबाडेकर ने एचएमपीवी वायरस को लेकर विभाग की एक आपात बैठक बुलाई है। खबर है कि इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव भी मौजूद रहेंगे। मंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त राजीव निवतकर ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डीन के साथ वर्चुअल बैठक कर एचएमपीवी रोगियों से निपटने की उनकी तैयारियों की समीक्षा की और उन्हें उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जानकारी दी। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) अलर्ट मोड में आ गया है और एचएमपीवी रोगियों के इलाज के लिए विशेष वार्ड स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा, “एचएमपीवी वायरस से डरने की कोई बात नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह वायरस नया नहीं है, यह वायरस पहले भी प्रचलित था। ऐसा लगता है कि यह वायरस एक बार फिर से वापसी कर रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को सूचित करने का निर्णय लिया है जिसमें कहा गया है कि इस संबंध में किसी भी तरह की काल्पनिक जानकारी न दें, जो आधिकारिक जानकारी है, केवल वही दी जाए। एचएमपीवी वायरस से डरने की कोई वजह नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह वायरस नया नहीं है, यह वायरस पहले भी मौजूद था। ऐसा लगता है कि यह वायरस एक बार फिर से वापसी कर रहा है। इस संबंध में नियमों की घोषणा की जाएगी। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर जिला प्रशासन को सर्दी-खांसी के मरीजों की निगरानी बढ़ाने के साथ ही उन पर कड़ी नजर रखने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. नितिन अंबाडेकर ने बताया, ‘ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) श्वसन संक्रमण का कारण बनता है। इस वायरस का पहली बार 2001 में नीदरलैंड में पता चला था। यह एक सामान्य श्वसन वायरस है, जो ऊपरी श्वसन पथ में संक्रमण का कारण बनता है। यह मौसमी महामारी है और फ्लू की तरह सर्दियों और गर्मियों की शुरुआत में होती है।” उन्हाहेंने आगे कहा, ”एचएमपीवी के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में श्वसन संक्रमण के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। दिसंबर 2024 में राज्य में श्वसन संक्रमण में 2023 की तुलना में कोई वृद्धि नहीं हुई है।” उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर नागरिकों को श्वसन संक्रमण से खुद को बचाने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।  

देश में एचएमपीवी की स्थिति की समीक्षा की और निगरानी तथा सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिये: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय

नई दिल्ली केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को देश में मानव मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) की स्थिति की समीक्षा की और राज्यों को निगरानी तथा सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिये। मंत्रालय ने यहां बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एचएमपीवी की स्थिति की समीक्षा बैठक की और सभी स्तर पर निगरानी और सतर्कता बढाने को कहा। बैठक में डीएचआर सचिव डॉ. राजीव बहल, डीजीएचएस के महानिदेशक डॉ. (प्रो) अतुल गोयल, राज्यों के स्वास्थ्य सचिव और अधिकारी, एनसीडीसी, आईडीएसपी, आईसीएमआर, एनआईवी और आईडीएसपी की राज्य निगरानी इकाइयों के विशेषज्ञ शामिल हुए। राज्यों को सलाह दी गई है कि वायरस के संक्रमण की रोकथाम के बारे में लोगों में जागरूकता और सूचना को बढ़ायी जानी चाहिए। इसके लिए साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोना, बिना धुले हाथों से अपनी आँखें, नाक या मुँह को छूने से बचना, खाँसते और छींकते समय मुँह और नाक को ढँकना जैसे सरल उपाय शामिल हैं। बैठक के दौरान के यह पाया गया है कि आईडीएसपी से देश में कहीं भी श्वसन संबंधी बीमारियों के मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं दिख रही है। श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि एचएमपीवी से लोगों को कोई चिंता नहीं है। उन्होंने राज्यों को आईएलआई और एसएआरआई निगरानी को मजबूत करने और उसकी समीक्षा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आमतौर पर सर्दियों के महीनों में श्वसन संबंधी बीमारियों में वृद्धि देखी जाती है। उन्होंने कहा कि देश श्वसन संबंधी बीमारी के मामलों में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। एचएमपीवी कई श्वसन वायरस में से एक है जो सभी उम्र के लोगों में विशेष रूप से सर्दियों और शुरुआती वसंत के महीनों में संक्रमण का कारण बन सकता है। वायरस का संक्रमण आमतौर पर हल्का होता है और अधिकांश मामलों में पीडित अपने आप ठीक हो जाते हैं। देश में अभी तक एचएमपीवी के पांच मामले सामने आ चुके हैं जिनमें कर्नाटक और तमिलनाडु में दो – दो और गुजरात में एक हैं। इनमें कुछ को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है और कुछ की हालत में सुधार है।  

एनेस्थिसिया के ओवरडोज से महिला की मौत हुई, न्यायालय ने इसे चिकित्सकीय लापरवाही माना, अधीक्षक सहित पांच पर FIR

भोपाल आठ महीने पहले नसबंदी कराने आई महिला की मौत मामले में टीटी नगर स्थित कैलाशनाथ काटजू अस्पताल के अधीक्षक सहित पांच लोगों पर केस दर्ज हुआ है। यह एफआईआर भोपाल के स्थानीय न्यायालय के आदेश पर हुआ है। एफआईआर में अस्पताल के अधीक्षक कर्नल डा. प्रवीण सिंह, तत्कालीन गाइनोकोलाजिस्ट डा. सुनंदा जैन, उनके पैरा मेडिकल स्टाफ, निश्चेतना विशेषज्ञ, लैब टेक्निशियन और मेडिको लीगल इंस्टीट्यूट की डा. केलू ग्रेवाल को आरोपी बनाया गया है। चिकित्सकीय लापरवाही आरोप है कि एनेस्थिसिया के ओवरडोज से महिला की मौत हुई। न्यायालय ने इसे चिकित्सकीय लापरवाही माना है। टीटी नगर थाने एएसआइ प्रीतम सिंह ने बताया कि विद्यानगर निवासी अविनाश गौर ने न्यायालय में परिवाद दायर किया था। नसबंदी ऑपरेशन में मौत इसमें उन्होंने बताया कि 14 मई 2024 को सुबह वह अपनी पत्नी रीना गौर को नसबंदी ऑपरेशन के लिए कैलाश नाथ काटजू अस्पताल ले गए थे। डॉक्टरों ने आपरेशन से पहले मेडिकल जांच में सब सामान्य बताया था। ऑपरेशन शुरू हुआ तो वे घर चले गए थे। दोपहर को उन्हें अस्पताल से फोन आया और तुरंत अस्पताल पहुंचने के लिए कहा गया। ऑपरेशन थिएटर के अंदर पहुंचे तो देखा कि पत्नी का पेट फूला हुआ है और दांत के बीच में जीभ फंसी हुई थी। पोस्टमार्टम कराने के लिए काफी हंगामा स्टाफ ने बताया कि रीना की मौत हो गई है। पत्नी की मौत के बाद अविनाश गौर ने पोस्टमार्टम कराने को कहा तो डॉक्टरों ने मना कर दिया। शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए काफी हंगामा हुआ। उसके बाद टीटी नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। हमीदिया अस्पताल में पोस्टमार्टम हमीदिया अस्पताल में डा. केलू ग्रेवाल ने शव परीक्षण किया। इसकी रिपोर्ट में डॉक्टर ने स्पष्ट मत नहीं दिया। न्यायालय ने अविनाश के दावे को सही माना। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को गलत मानते हुए न्यायालय ने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों को नियोजित तरीके से दबाया गया है।

महिला ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, नहीं बनने पर निगम कमिश्‍नर ने बनवाए दस्‍तावेज, कर्मचारी सस्पेंड

इंदौर निगम मुख्यालय में शिकायत लेकर आई बुजुर्ग महिला को लेकर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा पहुंच गए। महिला ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया था। कमिश्नर ने वृद्धा को मौके पर ही प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाया और विभाग के कर्मचारी अनिल रानवे को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। इसके अलावा अन्य कर्मचारियों को अल्टीमेटम भी दिया और उपायुक्त को कारण बताओ नोटिस भेज कर जवाब मांगा है। निगम मुख्यालय में जनसुनवाई निगम मुख्यालय में प्रति मंगलवार होने वाली जनसुनवाई में एक वृद्ध महिला आवेदक पहुंची थी। उसने निगम कमिश्नर शिवम वर्मा से बताया कि उन्होंने मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा में आवेदन किया था, लेकिन उन्हें आज तक प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। महिला को लेकर जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा पहुंचे कमिश्नर इस पर निगमायुक्त खुद वृद्धा को साथ लेकर जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा गए। उनके इस तरह जनसुनवाई के बीच जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। निगमायुक्त ने शाखा का निरीक्षण किया और प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली। पता चला कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में आने वाले ज्यादातर आवेदन बगैर किसी कारण के लंबित रखे जाते हैं। इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से किया बर्खास्त निगमायुक्त ने आवेदक वृद्धा से मौके पर ही पूछा कि आप बताओ यहां के किस कर्मचारी के पास आपका आवेदन लंबित है। निगमायुक्त ने वृद्धा को मौके पर ही प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाया और विभाग के कर्मचारी अनिल रानवे को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। उपायुक्त को कारण बताओ नोटिस विभाग की कर्मचारी सुनीता कुरील को फटकार लगाते हुए कहा कि व्यवस्था में सुधार कर लें वरना और सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने अव्यवस्थाओं को लेकर उपायुक्त प्रदीप कुमार जैन को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए दो दिन में जवाब मांगा है।   तीन दर्जन से ज्यादा आवेदन पहुंचे मंगलवार को निगम जनसुनवाई में 39 आवेदन पहुंचे। जनसुनवाई में विद्युत शाखा के बिलों पर समय पर कार्रवाई नहीं करने की शिकायत मिलने पर निगमायुक्त ने विद्युत शाखा के कर्मचारी प्रवीण सिंह को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। निगमायुक्त कक्ष में हुई जनसुनवाई में निगम के सभी अपर आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त, अधीक्षण यंत्री और विभाग प्रमुख उपस्थित थे। कुछ शिकायतों का हाथों-हाथ निराकरण किया गया तो कुछ को संबंधित अधिकारियों के पास तत्काल कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दिया गया।

अमेरिका कंपनी के सीईओ ने कूड़े के ढेर में मिले बच्चे को गोद लिया है और अब उसकी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में तीन साल पहले कूड़े के ढेर में पड़ा एक बच्चा अब अपनी नई जिंदगी शुरू करने के लिए अमेरिका जा रहा है। अमेरिका की एक बड़ी कंपनी के सीईओ ने उस बच्चे को गोद लिया है और अब उसकी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रशासन से भी अनुमति मिल चुकी है और अब बच्चे का पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया चल रही है। पासपोर्ट मिलने के बाद, वह जल्द ही अमेरिका पहुंच जाएगा, जहां उसकी पढ़ाई-लिखाई और बाकी सब कुछ होगा। क्या है बच्चे की कहानी? इस बच्चे का नाम विवेक (बदला हुआ नाम) है। तीन साल पहले, जब वह महज एक छोटा बच्चा था, उसे कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया था। उस समय उसकी हालत बहुत ही खराब थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। कूड़े के ढेर से उसे शिशु संरक्षण गृह में भेजा गया और अब वह अमेरिका जा रहा है। कैसे हुआ विवेक का गोद लेना? विवेक को गोद लेने के लिए एक अमेरिकी परिवार ने आवेदन किया था। इस परिवार के पिता अमेरिका की एक बड़ी कंपनी के सीईओ हैं और उन्होंने अपनी पत्नी के साथ कई बार लखनऊ आकर विवेक के बारे में जानकारी हासिल की। इसके बाद, उन्होंने विवेक को गोद लेने का फैसला किया। पिछले हफ्ते विवेक को गोद देने की कानूनी सुनवाई लखनऊ के एडीएम कार्यालय में हुई, जिसमें अमेरिकी दंपति भी शामिल थे। अब सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और आदेश जारी कर दिया गया है। विवेक का पासपोर्ट बनवाने का काम चल रहा है। पासपोर्ट बनने के बाद, वह अमेरिका के लिए उड़ान भरेंगे। अमेरिकी दंपति का कहना है अमेरिकी दंपति का कहना है कि उनके दो मुख्य उद्देश्य हैं- एक तो विवेक को एक परिवार मिल जाएगा और दूसरा, उनके बेटे को एक नया भाई मिलेगा। विवेक के गोद लिए जाने के बाद उनके परिवार में एक नए सदस्य का स्वागत होगा। नए जीवन की शुरुआत विवेक के लिए यह एक नया और उज्जवल भविष्य है, जहां उसे अच्छे संस्कार, शिक्षा और जीवन की सभी सुख-सुविधाएं मिलेंगी। तीन साल पहले जिस बच्चे को कूड़े के ढेर में छोड़ दिया गया था, वह अब अमेरिका में एक सुखी और सुरक्षित जीवन की ओर बढ़ रहा है। अब विवेक का जीवन पूरी तरह बदलने वाला है और उसकी कहानी दूसरों के लिए एक प्रेरणा बन गई है।  

पन्ना में सफलता के बाद बांधवगढ़ नेशनल पार्क में किया जा रहा लागू, बनेगा स्वच्छ पर्यटन स्थल

बांधवगढ़ बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान को स्वच्छ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, स्वच्छ भारत मिशन और साहस संस्था के बीच एमओयू हस्ताक्षर किया गया। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी की उपस्थिति में एमपी टूरिज्म बोर्ड की ओर से प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला, स्वच्छ भारत मिशन की ओर से मिशन संचालक श्री दिनेश जैन, कोकाकोला फाउंडेशन की ओर से डायरेक्टर श्री राजीव गुप्ता और साहस संस्था की ओर से प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री राजबीर सिंह द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि प्रोजेक्ट क्लीन डेस्टिनेशन से बांधवगढ़ एक स्वच्छ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा। पर्यटकों को वन्य जीव के रोमांचक अनुभव के साथ एक स्वच्छ और सुंदर माहौल मिलेगा। राज्य मंत्री श्री लोधी ने एमओयू की बधाई और परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएं दी। प्रोजेक्ट क्लीन डेस्टिनेशन के अंतर्गत कोका कोला फाउंडेशन के सहयोग से बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के आस पास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने की पहल की जा रही है। बांधवगढ़ में होटल्स, रिजॉर्ट और आस पास की 7 ग्राम पंचायतों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, पर्यावरण हितैषी और स्वच्छता संबंधी जागरूकता विकसित की जाएगी। इसके लिए ग्राम पंचायत में आवश्यक स्टोरेज सेंटर, एमआरएफ, वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट, वेस्ट मॉनिटरिंग और मैनेजमेंट टूल आदि का विकास किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में प्रोजेक्ट क्लीन डेस्टिनेशन के तहत जिला पन्ना में पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के आस पास 30 ग्रामों में स्वच्छता बनाए रखने की अभिनव पहल की गई थी। परियोजना के सफल क्रियान्वयन और प्रभावी परिणाम को देखते हुए इसे बांघवगढ़ में क्रियान्वित किया जाएगा। इसमें बांघवगढ़ के आस पास की ग्राम पंचायतों से नियमित उत्पन्न होने वाले लगभग 2 टन कचरे का उचित निपटान और प्रबंध किया जाकर पर्यटकों के लिए एक स्वच्छ और सुंदर वातावरण का निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड सुश्री बिदिशा मुखर्जी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

नागरिकों ने समस्याओं के दिए आवेदन, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में कलेक्टर ने किया जनदर्शन का आयोजन

जगदलपुर। कलेक्टर श्री हरिस एस के मार्गदर्शन में कलेक्टर जनदर्शन का आयोजन किया गया। अपर कलेक्टर श्री सी पी बघेल ने जनदर्शन में पहुँचे नागरिकों के आवेदनों पर आवश्यक कार्यवाही हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किए। शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री हरिस एस द्वारा आम जनता की समस्याओं का निराकरण करने हेतु प्रत्येक सोमवार जिला कार्यालय के आस्था हॉल में सुबह 10.30 बजे से शाम 4 बजे तक कलेक्टर जनदर्शन आयोजित किया जा रहा है।इसके अलावा कलेक्टर द्वारा समस्त विभागों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण हेतु प्रत्येक माह के तीसरे मंगलवार को जिला कार्यालय के आस्था हॉल में सुबह 10.30 बजे से अधिकारी-कर्मचारी जनदर्शन आयोजित किया जायेगा।

143 प्रकरण में 9425.77 क्विंटल धान जब्त, छत्तीसगढ़-महासमुंद में अवैध परिवहन व भण्डारण पर कार्रवाई

महासमुंद। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले में अवैध धान परिवहन व भण्डारण पर प्रभावी कार्रवाई सतत जारी है। ऐसे मामलों में संबंधित वाहन, धान और तस्करी में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा, धान के अवैध कारोबार में शामिल व्यापारियों पर भी जुर्माना लगाया जा रहा है। निर्देशानुसार बिना उचित दस्तावेजों और अनुमति के धान परिवहन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और ऐसे परिवहन को तुरंत जब्त किया जा रहा है। इसी क्रम में 6 जनवरी को अवैध धान परिवहन के 2 प्रकरणों पर कार्रवाई की गई। जिसमें कुल 415 बोरा (166 क्विंटल) धान जप्त किया गया। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि राजस्व, मंडी, खाद्य विभाग द्वारा जिले में अभी तक खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में अवैध धान परिवहन के विरुद्ध 6 जनवरी तक कुल 143 प्रकरणों पर कार्रवाई की गई हैं। जिसमें 03 प्रकरण अंतर्राज्यीय तथा 140 प्रकरण राज्यीय है। कार्रवाई में 23765 बोरा धान (9425.77 क्विंटल) जप्त किया गया है। इस दौरान अवैध धान परिवहन में संलिप्त 14 वाहनों को भी जप्त किया गया है।

एयरपोर्ट के विकास कार्यों और व्यवस्थाएं बनाने के निर्देश, छत्तीसगढ़-जगदलपुर कलेक्टर ने की बैठक

जगदलपुर। कलेक्टर श्री हरिस एस की अध्यक्षता में मां दन्तेश्वरी एयरपोर्ट जगदलपुर की विकास कार्यों और अन्य  आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में एयरपोर्ट परिसर में सोमवार की शाम बैठक किया गया। बैठक में जगदलपुर एयरपोर्ट के रनवे रिर्कापेटिंग, आईसोलेशन बे का निर्माण कार्य, पैरीमीटर रोड का चैड़ीकरण कार्य,कंसरटिना कोइल को बदलने संबंधी कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण करने हेतु 10 जनवरी तक टेंडर प्रक्रिया करवाने के निर्देश कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए। इसके अलावा रनवे मार्किंग,रनवे लाईट का कार्य अविलंब करने कहा। बैठक में सीआरपीएफ बैरेक का अन्य जगह स्थानांतरित करने, एयरपोर्ट के समीप कचरा सीवेज डंपिंग तथा जलाने पर रोक,भवन निर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं अवैध निर्माण पर रोक,होमगार्ड के परेड ग्राउंड में स्थित गेट को परेड उपरांत बंद करने, होमगार्ड के कैंप के नजदीक बांस की झाड़ियों को कटाई करने, वार्षिक लायसेंस नवीनीकरण हेतु डीजीसीए का निरीक्षण की तैयारी हेतु आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने, रनवे 24 केश गेट के समीप एक कक्ष निर्माण, न्यू हैलीपेड एवं पैरीमीटर रोड का कार्य त्वरित पूर्ण करने और रनवे समतलीकरण कार्य के संबंध में चर्चा किया गया। इस अवसर पर नगर निगम  आयुक्त श्री निर्भय साहू, एयरपोर्ट प्रबंधन के श्री विदेश गुप्ता सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live