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जनजातीय कल्याण कार्यक्रम क्रियान्वयन का लक्ष्य अन्त्योदय हो : राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजातीय कल्याण कार्यक्रम क्रियान्वयन में अन्त्योदय का लक्ष्य रहें। जनजातीय समुदाय की सबसे पिछड़ी जनजाति, उसमें सबसे पिछड़े परिवार को हितलाभ देने में प्राथमिकता दी जाए। राज्यपाल श्री पटेल ने गुरुवार को पशुपालन, उच्च शिक्षा, वन और जनजातीय कार्य विभाग की क्रमिक रुप से राजभवन में समीक्षा की। बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। राज्यपाल द्वारा जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा राज्यपाल श्री पटेल ने जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा में कहा कि प्रधानमंत्री की पहल जनमन कार्यक्रम जनजातीय समुदायों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का अभूतपूर्व प्रयास है। जनजातीय परिवार को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का दुर्लभ अवसर है। आवश्यकता संवेदनशीलता के साथ लक्ष्य बनाकर समर्पित भाव से कार्य करने की है। उन्होंने कहा कि जनमन के तहत बनी कार्य-योजना के कार्य समय पर पूरे हों और उनकी गुणवत्ता उत्कृष्ट हो। उन्होंने सिकल सेल के संबंध में चर्चा के दौरान कन्या छात्रावास के रक्त परीक्षण में 78 प्रतिशत लड़कियों में रक्त अल्पता मिलने की जानकारी देते हुए, छात्रावासों में पौष्टिक भोजन के अनुसार मेन्यू तैयार करने की जरूरत बताई। उन्होंने जनमन के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल वैन में सिकल सेल जांच और सिकल सेल औषधियों के वितरण की व्यवस्था किए जाने के लिए कहा है। जनजातीय विकासखण्डों के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के परिसर में जन औषधि केन्द्र खोलने और केन्द्र संचालन की पात्रता पूरी करने वाले जनजातीय युवाओं को नियुक्त करने के लिए कहा है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने जनजातीय छात्रावासों के रहवासियों को हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने की बात कही है। बैठक में प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा उपस्थित थे।                                                राज्यपाल द्वारा पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा राज्यपाल श्री पटेल ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य पी.वी.टी.जी. जनजातियों को सतत आजीविका उपलब्ध कराना है। जरूरी है कि योजना में अति गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी जाए। योजना राज्य सरकार के कार्यक्रम के रूप में पृथक से ही संचालित की जाए। किसी अन्य योजना अथवा कार्यक्रम में समावेशन नहीं किया जाए। राज्यपाल को बताया गया कि राजभवन के निर्देशानुसार जनसंख्या के अनुपात में लक्ष्यों का निर्धारण किया गया है। बैगा जनजाति के 30, सहरिया जनजाति के 374 और भारिया जनजाति के 30 हितग्राही परिवारों को 2-2 दुधारू पशुओं से लाभान्वित किया जा रहा है। पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल और प्रमुख सचिव पशुपालन श्री उमाकांत उमराव भी उपस्थित थे। राज्यपाल द्वारा उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा राज्यपाल श्री पटेल ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा में जनजाति प्रतिभाओं के टैलेंट पूल के ऑन एवं ऑफ लाइन सम्मेलनों के आयोजनों की जरूरत बताई है। जनजाति कल्याण योजनाओं केन्द्र सरकार के पोर्टल के साथ विभाग को संबंद्ध होने के लिए कहा है, जिससे योजनाओं के दोहरे लाभ की समस्या उत्पन्न नहीं हो। उन्होंने कहा कि जनजातीय आबादी के मान से विभागीय बजट के प्रावधान के संबंध में विचार किया जाना चाहिए। विभाग द्वारा जनजातीय युवाओं की खेल प्रतिभा और अभिरुचि के अनुसार केन्द्र सरकार के खेल प्राधिकरण के साथ समन्वय से किसी एक खेल को चयनित कर प्रोत्साहन का प्रयास समग्रता के साथ किया जाए। उन्होंने जनजातीय पदों के बैकलॉग के संबंध में भी चर्चा की। उच्च शिक्षा विभाग से अपेक्षा की है कि वह बैकलॉग के स्वरूप और पदों की पूर्ति में होने वाली समस्याओं को चिन्हांकित करें। पदों की पूर्ति के लिए योग्य जनजाति उम्मीदवारों की उपलब्धता कराने के प्रयासों का नेतृत्व करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत बरबड़े उपस्थित थे। राज्यपाल ने की वन विभाग के कार्यों की समीक्षा राज्यपाल श्री पटेल ने वन विभाग की समीक्षा में विभाग के अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सामुदायिक वन अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष पहल करें। आवश्यकता होने पर मानव संसाधनों की उपलब्धता के संबंध में विचार किया जाना चाहिए। राज्यपाल को बताया गया कि वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे देने के प्रावधानों को सरलीकृत किया गया है। विभागीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार पट्टाधारियों को वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे देने की कार्रवाई प्रचलित है। अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल उपस्थित थे।  

अगर उन्हें आप की नीतियां पसंद है तो वे कांग्रेस छोड़कर आप की टिकट पर चुनाव क्यों नहीं लड़ लेते: संदीप दीक्षित

नई दिल्ली दिल्ली चुनाव में आप की जीत की भविष्यवाणी करने वाले कांग्रेस के नेता पृथ्वीराज चव्हान को नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के नेता संदीप दीक्षित ने जवाब दिया है। दीक्षित ने कहा कि अगर उन्हें आप की नीतियां इतनी अच्छी लगती है तो वे कांग्रेस छोड़कर आप की टिकट पर दिल्ली से चुनाव क्यों नहीं लड़ लेते। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता पृथ्वीराज चव्हान के दिल्ली चुनाव को लेकर किए गए भविष्यवाणी पर कांग्रेस के ही नेता संदीप दीक्षित ने करारा जवाब दिया है। नई दिल्ली सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने कहा है कि यहां 70 सीटें हैं विधानसभा की। आम आदमी पार्टी से एक टिकट कटवाकर वह खुद यहां से चुनाव लड़ लें। कहा कि अगर आम आदमी पार्टी आपको इतना पसंद है तो आपको महाराष्ट्र में इन्हें सीटें देनी चाहिए थीं। संदीप दीक्षित ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम इनको दिल्ली की स्थिति पता भी है कि नहीं। अगर आप की इतनी अच्छी नीतियां थीं तो इनके साथ लड़ते महाराष्ट्र में। अपनी सीटें दे देते। अपने इलाके की सीटें दे देते केजरीवाल को। कभी-कभी मैं मानता हूं कि सीनियर लीडर्स का जो भी हो, अगर आपको स्थिति नहीं पता है। इस आदमी ने किस कदर दिल्ली को बर्बाद किया है, अगर ये आपको नहीं पता है तो अपना राय अपने पास ही रखें। वो सीनियर लीडर हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि अगर वे हमारे प्रदेश के बारे में कोई ऐसा बयान करेंगे जिसमें यह दिखता है कि किसी चीज के बारे में वह बिल्कुल नहीं समझते तो उसका जवाब तो हम देंगे। दरअसल, महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान ने आईएनएस को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि दिल्ली में कांग्रेस पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी, लेकिन अगर आप के साथ गठबंधन होता तो ज्यादा अच्छा होता। चव्हान ने कहा था कि दिल्ली चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है और उन्हें उम्मीद है कि अरविंद केजरीवाल ही जीतेंगे।

मुंगेली में निर्माणाधीन फैक्ट्री की चिमनी गिरी, 6 की मौत, 25 से अधिक दबे

  मुंगेली  मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र के रामबोड़ इलाके में गुरुवार शाम एक निर्माणाधीन कुसुम प्लांट में बड़ा हादसा हो गया। फैक्ट्री की चिमनी गिरने से दर्जनों मजदूर उसकी चपेट में आ गए। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25 से अधिक मजदूर मलबे में दब गए, जबकि 6 मजदूरों की मौत की खबर है। कैसे हुआ हादसा कुसुम प्लांट, जहां लोहे की पाइप निर्माण फैक्ट्री का निर्माण चल रहा था, में हादसा उस समय हुआ जब दर्जनों मजदूर कार्य में जुटे थे। अचानक निर्माणाधीन चिमनी गिर गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच कई मजदूर मलबे में दब गए। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास जारी है। प्रशासन ने क्षेत्र को घेर लिया है और घायलों को निकटतम अस्पताल भेजा जा रहा है। प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप हादसे के बाद फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि प्लांट की मशीनरी और स्ट्रक्चर की समय पर जांच नहीं की गई थी। निर्माण कार्य में जल्दबाजी और प्रबंधन की लापरवाही ने इस घटना को जन्म दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लांट से प्रदूषण और अन्य समस्याएं पहले से ही बड़ी चुनौती रही हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों की मांग घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और मजदूरों के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रभावित परिवारों ने प्लांट प्रबंधन से उचित मुआवजे की मांग की है। प्रशासन की प्रतिक्रिया प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू कार्य प्राथमिकता है और हादसे की वजह का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच दल गठित किया जाएगा। मृतकों और घायलों के परिजनों को राहत देने के लिए हरसंभव सहायता दी जाएगी। इस दुखद घटना ने क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। सरकार और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन किया

भुवनेश्वर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा- मैंने हमेशा भारतीय डाइस्पोरा को भारत का राष्ट्रदूत माना है। मुझे खुशी होती है जब दुनिया में आप सभी साथियों से बात करता हूं। जो प्यार मिलता है उसे भूल नहीं सकता। प्रधानमंत्री ने कहा, आपका स्नेह आशीर्वाद मेरे साथ रहता है। मैं सभी का निजी तौर पर आभार करता हूं। आपको थैंक यू भी बोलना चाहता हूं। वो इसलिए क्योंकि आपकी वजह से मुझे दुनिया में गर्व से सिर ऊंचा रखने का मौका मिलता है। बीते दस साल में मेरी दुनिया के अनेक लीडर से मुलाकात हुई है। अपने देश के भारतीय डाइस्पोरा की बहुत प्रशंसा करता हूं। इसका एक बड़ा कारण वो सोशल वैल्यूज हैं जो आप सभी वहां की सोसाइटी में दिखाते हैं। हम सिर्फ मदर ऑफ डेमोक्रेसी ही नहीं हैं बल्कि जीवन का हिस्सा हैं। पीएम मोदी ने प्रवासियों के दिलों में धड़कते भारत की बात की। बोले, भारतीय हर जगह जुड़ जाते हैं, हमें विविधता सिखानी नहीं पड़ती, हमारा जीवन ही इससे चलता है। इसलिए भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां की सोसाइटी से जुड़ जाते हैं। जहां जाते हैं, वहां के नियमों और परम्पराओं की इज्जत करते हैं। देश की सेवा करते हैं। विकास में योगदान करते हैं। इनके बीच हमारे दिल में भारत भी धड़कता रहता है। हम भारत की हर खुशी में खुश होते हैं। उत्सव मनाते हैं। 21वीं सदी का भारत जिस गति से आगे बढ़ रहा है, जिस गति से विकास के काम हो रहे हैं, वह अभूतपूर्व है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की बात कही। बोले, “यह समय उत्सव का है। हम महाकुंभ, मकर संक्रांति, लोहड़ी और पोंगल जैसे पर्वों के बीच एकत्र हुए हैं, जो हमारे समाज की विविधता और एकता को प्रदर्शित करते हैं।” उन्होंने याद दिलाया कि 9 जनवरी 1915 को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे और तब से यह दिन विशेष रूप से मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर की सराहना करते हुए कहा, “ओडिशा की भूमि पर कदम-कदम पर संस्कृति का प्रतीक देखने को मिलता है। यह भूमि हमारे सम्राट अशोक की शांति की धरोहर को संजोए हुए है। ओडिशा का यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व हमें शांति, विकास और वैश्विक समृद्धि की दिशा में प्रेरित करता है।” प्रधानमंत्री ने भारत के विकास की गति पर जोर देते हुए कहा, “बीते 10 वर्षों में भारत ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह अभूतपूर्व सफलता है और हम आगे बढ़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं।” उन्होंने कहा, “आज भारत का चंद्रयान अपनी सफलता की ओर बढ़ रहा है, हम नवीकरणीय ऊर्जा, मेट्रो, बुलेट ट्रेन, और मेड इन इंडिया उत्पादों के साथ प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंच रहे हैं। यह सभी कारक भारत के वैश्विक प्रभाव को मजबूत कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “भारत की सफलता को अब दुनिया देख रही है और हमारे विकास की दिशा का सम्मान किया जा रहा है। हमारा देश न केवल अपने मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाता है, बल्कि वैश्विक दक्षिण की आवाज भी बनता है।” कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अश्विनी वैष्णव, शोभा करांदे, कीर्ति वर्धन सिंह, ओडिशा सरकार के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव और अन्य मंत्रीगण, सांसद तथा विधायकों सहित हजारों प्रवासी भारतीय उपस्थित थे। पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को ध्यान में रखकर शुरू की गई स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से चली और तीन सप्ताह तक कई पर्यटक स्थलों तक जाएगी।  

दो सीटों से चुनाव लड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वो सिर्फ एक सीट से चुनाव लड़ेंगे

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है। 5 फरवरी को दिल्ली में वोटिंग होनी है। चुनावों के ऐलान से पहले ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल दिल्ली की दो सीटों से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल ने सभी अटकलों पर ब्रेक लगाते हुए अपना मूड बता दिया। अटकलों को खारिज करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वो सिर्फ एक सीट से चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि विधानसभा चुनावों के की सुगबुगाहट के बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ेंगे। इस मामलो को लेकर भाजपा ने भी हवा दी थी। भाजपा का कहना था कि अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव में जीत को लेकर अश्वस्त नहीं हैं, इसलिए वो दूसरी सीट से भी चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, अब इन सभी अटकलों विराम लगाते हुए केजरीवाल ने साफ कर दिया है कि वो सिर्फ नई दिल्ली विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने तेजी दिखाते हुए सभी 70 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है। ‘आप’ कैंडिडेट लिस्ट में जानकारी सामने आई, जिसमें पूर्व डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की सीट बदल गई थी। सिसोदिया की सीट पटपड़गंज विधानसभा से मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर अवध ओझा पर आम आदमी पार्टी ने भरोसा जताया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री आतिशी कालका जी और मनीष सिसोदिया को इस बार के चुनावों में जंगपुरा सीट से मैदान में उतारा है। इसके अलावा आप ने सभी प्रत्याशियों के नाम का ऐलान पहले ही कर दिया था। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों के ऐलान के बाद अब भाजपा के प्रत्याशियों का ऐलान बाकी है। हालांकि, भाजपा ने भी 29 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है।

नवजोत सिंह सिद्धू ने वीडियो शेयर करके रोहित शर्मा और विराट कोहली की तारीफ करते हुए उन्हें सुझाव दिया, जल्द ही दोबारा चमकेंगे

नई दिल्ली नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके रोहित शर्मा और विराट कोहली की तारीफ करते हुए उन्हें सुझाव दिया है। पूर्व क्रिकेटर का मानना है कि दोनों दिग्गज खिलाड़ी हैं और जल्द ही दोबारा चमकेंगे। नवजोत का मानना है कि जिन खिलाड़ियों ने भारत के लिए इतना सब किया है, उनको ज्यादा कुछ बताने की जरूरत नहीं है। नवजोत ने रोहित को अपनी फिटनेस पर ध्यान देने की सलाह दी है। नवजोत सिंह सिद्धू ने बातचीत में नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ”जिसने (विराट) 80 शतक लगाये हों और 10000 हजार रन बनाने के करीब हो, किसी को उसे कुछ बताने की जरूरत नहीं। वह घर जायेगा, अपने वीडियो देखेगा और समझेगे कि उसका बैट शरीर से दूर खेल रहा है। वह कोई हल निकालेगा। यही रोहित के साथ है।” पूर्व क्रिकेटर ने कहा, ”रोहित शर्मा और विराट की तकनीक के मामले में तुलना बेकार चीज है। उसे सिर्फ अपने शरीर की फिटनेस पर काम करना है। वह शानदार खिलाड़ी है। वह सोना है। मैं रोहित शर्मा से कितनी बार मिला? शायद आईपीएल के दौरान मैदान पर 20 मिनट। आज वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा नहीं खेल पाया। लेकिन टी20 विश्व कप में, रोहित शर्मा ने ही मिचेल स्टार्क के ओवर में तीन छक्के जड़े थे। क्या सब वो भूल गए? वह भी इंसान है। जितना वह अभ्यास करेगा, वह बेहतर होता जायेगा।” रोहित शर्मा पिछली 15 पारियों में 164 रन ही बना सके हैं। बल्ले के साथ उनकी कप्तानी भी सवालों के घेरे में है। न्यूजीलैंड के खिलाफ 0-3 से हार और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-3 की हार ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी। वहीं विराट कोहली ने पर्थ में खेले गये पहले टेस्ट में शतक लगाया था लेकिन अगले चार टेस्ट में सिर्फ 85 रन ही बना सके। गेंदबाजों ने उनकी ऑफ स्टंप के बाहर की कमजोरी का भरपूर फायदा उठाया।

IAS और IPS के बच्चों को न मिले SC-ST आरक्षण, SC में पहुंची अर्जी, जिस पर अदालत ने विचार करने से ही इनकार किया

नई दिल्ली आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के बच्चों को एससी और एसटी आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। ऐसी मांग वाली याचिका गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई, जिस पर अदालत ने विचार करने से ही इनकार कर दिया। बेंच ने कहा कि किसे आरक्षण मिलना चाहिए और किसे उसके दायरे से बाहर करना चाहिए। यह तय करना संसद का काम है। अदालत इस बारे में कोई निर्णय नहीं ले सकती। अदालत ने कहा कि यह तो संसद पर है कि वह इस संबंध में कोई कानून लाए। दरअसल बीते साल अगस्त में एक केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने ही यह राय जाहिर की थी कि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के आरक्षण में भी क्रीमी लेयर का प्रावधान होना चाहिए। इसके तहत दलित और आदिवासी वर्ग के ऐसे लोगों के बच्चों को आरक्षण के दायरे से बाहर किया जाएगा, जिनके माता-पिता आईएएस या आईपीएस हों। इनके स्थान पर उसी वर्ग के उन वंचित लोगों को मौका मिलना चाहिए, जो अब तक मुख्य धारा में नहीं आ पाए हैं। अर्जी में जब अदालत की उस टिप्पणी को ही आधार के रूप में पेश किया गया तो जजों ने उस पर भी साफ जवाब दिया। जस्टिस बीआर गवई ने कहा, ‘हमारी ओर से कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। ऐसी राय 7 जजों की बेंच में से एक जस्टिस की थी, जिसे दो अन्य जजों ने समर्थन दिया था। उस मामले में अदालत का एकमत से यह फैसला था कि एससी और एसटी कोटा में उपवर्गीकरण होना चाहिए।’ यह जनहित याचिका संतोष मालवीय की ओर से दाखिल की गई थी। मालवीय का कहना था कि मध्य प्रदेश में आईएएस और आईपीएस अफसरों के बच्चों को एससी और एसटी वर्ग का आरक्षण नहीं मिलना चाहिए। यह याचिका पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में ही दाखिल की गई थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद याची ने शीर्ष अदालत का रुख किया। दरअसल उच्च न्यायालय ने कहा था कि यह याचिका उच्चतम न्यायालय में ही जानी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने ही अपने एक फैसले में क्रीमी लेयर की बात कही थी। बता दें कि अगस्त में क्रीमी लेयर का सुझाव देने वाली उस बेंच में जस्टिस गवई भी शामिल थे। तब 7 जजों की बेंच ने साफ कहा था कि दलित और आदिवासी वर्ग के ही उन लोगों को आरक्षण के दायरे से बाहर करना चाहिए, जिनके माता-पिता आईएएस और आईपीएस जैसे पदों पर हैं। इससे पता चलता है कि अब वे समाज की मुख्यधारा में आ गए हैं और अब उनके स्थान पर उन लोगों को आरक्षण में प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जो अब तक पिछड़े रहे हैं।

छात्र पर स्कूल में एसिड अटैक, एक छात्र ने दूसरे छात्र पर डाला एसिड, बुरी तरह झुलसा छात्र

तखतपुर बिलासपुर जिले के स्वामी आत्मानंद स्कूल तखतपुर में एसिड अटैक का मामला सामने आया है. यहां प्रैक्टिकल के दौरान एक छात्र ने दूसरे छात्र पर एसिड डाल दिया. इससे छात्र बुरी तरह झुलस गया. इस मामले में स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही सामने आई है. शिक्षकों ने घायल छात्र को अस्पताल ले जाने की बजाय स्कूल से छुट्टी दे दी. घर आने के बाद पालक घायल छात्र को अस्पताल लेकर पहुंचे. एसिड से जल जाने के कारण छात्र के गर्दन और पीठ पर फफोले पड़ गए हैं. वहीं इस मामले में स्कूल प्रबंधन ने एसिड डालने वाले विद्यार्थी को 20 तारीख तक के लिए स्कूल से निष्कासित कर दिया है. जानकारी के अनुसार स्वामी आत्मानंद स्कूल के कक्षा 11 के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को रसायन शास्त्र का प्रैक्टिकल कराया जा रहा था. इसी बीच स्कूल के ही एक व्याख्याता के भतीजे ने दूसरे विद्यार्थी के ऊपर एसिड डाल दिया. इससे विद्यार्थी बुरी तरह झुलस गया. एसिड की जलन से विद्यार्थी जोर-जोर से चीखता रहा. उसकी चीख सुनकर विषय शिक्षक और अन्य स्टाफ पहुंचे और विद्यार्थी को छुट्टी दे दी. बाद में पालक ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर उपचार कराया. इस मामले में एसिड से झुलसे विद्यार्थी के पिता पंकज भारती बेनेट ने बताया कि मेरे बच्चे के ऊपर विद्यालय के ही एक व्याख्याता के भतीजे ने जानबूझ कर एसिड डाल दिया. इसकी जानकारी देने और बच्चे का इलाज कराने की बजाय मेरे बेटे और एसिड डालने वाले लड़के को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया. घर आकर मेरे बेटे ने बताया तो उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उपचार कराया और प्रिंसिपल से शिकायत की. प्रिंसिपल ने पालक को बुलाकर एसिड डालने वाले विद्यार्थी को 20 तारीख तक विद्यालय से निष्कासित करने की बात कही. शिक्षक को प्रैक्टिकल के समय सावधानी बरतनी चाहिए : प्राचार्य वहीं इस मामले में स्वामी आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य मौसमी रॉबिंसन ने बताया कि 11वीं कक्षा के एक विद्यार्थी के ऊपर ही उसके ही कक्षा के बच्चे ने फिनोल क्रिस्टल डाल दिया था, जिसका रिएक्शन एसिडिक होता है. इससे उसके गर्दन और पीठ में फफोले हो गए हैं. मामला गंभीर है. एसिड डालने वाले छात्र को 20 तारीख तक निष्कासित कर दिया गया है. केमिस्ट्री के टीचर निधि तिवारी को मौखिक रूप से चेतावनी दी गई है कि प्रैक्टिकल करवाते समय सावधानी बरती जाए और लैब में 10 -10 की संख्या में बच्चों को लैब में प्रैक्टिकल कराया जाए. बीईओ को घटना की जांच के दिए हैं निर्देश : डीईओ इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी टीआर साहू ने कहा कि बीईओ कामेश्वर बैरागी को घटना की पूरी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. स्वामी आत्मानंद स्कूल में एसिड डालने का मामला बहुत गंभीर है. अगर उस बच्चे के चेहरे या आंख में पड़ता तो शायद उस बच्चे की आंख की रोशनी जा सकती थी या उसका चेहरा बुरी तरह से झुलस सकता था.

बृह्नमुंबई महानगरपालिका के चुनाव में शिवेसना अलग चुनाव लड़ सकती है, उद्धव ठाकरे ले सकते हैं बड़ा फैसला

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली विधानसभा चुनाव की तस्वीर मुंबई में भी बनती नजर आ रही है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि BMC यानी बृह्नमुंबई महानगरपालिका के चुनाव में शिवेसना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) अलग चुनाव लड़ सकती है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर ऐलान नहीं किया है, लेकिन बड़े नेता ऐसे संकेत दे रहे हैं। महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) शामिल हैं। शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने संकेत दिए हैं कि जो हाल दिल्ली में देखा जा रहा है, वैसा मुंबई में भी हो सकता है। खास बात है कि BMC चुनाव कुछ समय में होने हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहा है, जब महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में एमवीए को महायुति के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था। खबरें थीं कि शिवसेना यूबीटी के नेता पार्टी पर अकेले चुनाव लड़ने का दबाव डाल रहे थे। हालांकि, अब तक पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। कांग्रेस पर निशाना सामना के संपादक में कहा गया, ‘अब भी मुकाबला भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच ही है। कांग्रेस पार्टी मैदान में है और कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी की बजाय केजरीवाल और ‘आप’ पर हमला कर रही है। दिल्ली के लोगों को इस बात पर हैरानी हो रही होगी। जब देश मोदी-शाह की तानाशाही के खिलाफ लड़ रहा है तो कांग्रेस भाजपा के बजाय ‘आप’ पर कीचड़ उछाल रही है।’ राउत ने यह भी कहा, ‘आप और कांग्रेस INDIA ब्लॉक में शामिल हैं, लेकिन दिल्ली में अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। जो दिल्ली में हो रहा है, वैसा मुंबई में भी हो सकता है।’ खास बात है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस और आप ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था।

प्रदेश के थाना परिसरों में मंदिर निर्माण का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने खारिज की चुनौती देने वाली याचिका

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबलपुर सहित प्रदेश के पुलिस थाना परिसरों में हनुमान मंदिर निर्माण को चुनौती देने वाली जनहित याचिका निरस्त कर दी। इसके साथ ही प्रदेश के थाना परिसरों में मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने साफ किया कि पूर्व की एक जनहित याचिका के आदेश का पालन न होने के विरुद्ध विचाराधीन अवमानना याचिका के साथ इस बिंदु को सम्मिलित कर विरोध किया जा सकता है। पृथक से सुनवाई की आवश्यकता नहीं है। बहरहाल, जबलपुर के अधिवक्ता ओपी यादव की जनहित याचिका निरस्त होने के साथ ही थाना परिसरों में हनुमान मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।   एसएएफ डीजीपी व एडीजीपी आदेश का पालन कर दें रिपोर्ट हाई कोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के डीजीपी कैलाश मकवाना व एडीजीपी इरशाद वली को निर्देश दिए हैं कि पूर्व आदेश का पालन कर उसकी रिपोर्ट पेश करें। न्यायमूर्ति अचल कुमार पालीवाल की एकलपीठ ने डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न संवर्गों के स्थानांतरण के संबंध में सक्षम अधिकारी को उचित दिशा निर्देश दें। कोर्ट ने 30 दिन के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को इस आदेश की प्रति डीजीपी को प्रेषित करने कहा ताकि इसका पालन सुनिश्चित किया जा सके। याचिकाकर्ता छठवीं वाहिनी में पदस्थ आरक्षक कृष्ण कुमार शर्मा की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी, संजय कुमार शर्मा, रोहिणी शर्मा व विनीत टेहेनगुरिया ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता का विगत वर्ष दसवीं वाहिनी, विसबल सागर से छठवीं वाहिनी जबलपुर स्थानांतरण हुआ था। जिसके विरुद्ध याचिका दायर की गई थी।  

‘नागरिकों को सशक्त करेगा डिजिटल गवर्नेंस मॉडल’, छत्तीसगढ़-धमतरी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बांटे स्वामित्व कार्ड

धमतरी/रायपुर। हमने छत्तीसगढ़ में नागरिक सुविधाओं  को सुगम एवं सशक्त करने के लिए डिजिटल गवर्नेंस के मॉडल को अपनाया है। सभी विभागों में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों का उपयोग किया जा रहा है जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुगमतापूर्वक योजनाओं की पहुंच आसानी से हो सके। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह में उक्त बात कही। कार्यक्रम में उन्होंने 268 करोड़ रूपए के विकास कार्यो का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामित्व कार्ड के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवास करने वाले ग्रामीणों की बड़ी समस्या आज दूर हो रही है। इन लोगों को आबादी भूमि पर स्वामित्व के पक्के दस्तावेज मिल रहे है। दस्तावेज नहीं होने के कारण अक्सर विवाद की स्थिति में मामले न्यायालयों में सालों-साल लंबित रहते थे। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने  इस समस्या को समझा और उसे दूर करने के लिए तकनीक का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत को महाशक्ति बनना है तो भारत को तकनीक दृष्टि से सक्षम होना ही पड़ेगा। छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार ने हर स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को अपनाया है। रजिस्ट्री में लोगों को आसानी हो, यह पारदर्शी प्रक्रिया से हो, इसके लिए हमने सुगम एप तैयार किया है। दस्तावेजों के डिजिटलीकरण के लिए भी हम काम कर रहे हैं। स्वामित्व योजना के लिए जो ड्रोन सर्वे हमने कराये, इससे आबादी भूमि का अद्यतन नक्शा हमारे पास तैयार हो गया है, इसके कई लाभ हमें मिलेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायत की विकास योजना अर्थात जीपीडीपी बनाने में इससे काफी मदद मिलेगी। इससे शासकीय और सार्वजनिक संपत्ति की देखरेख करने में काफी मदद मिलेगी और अतिक्रमण की संभावना समाप्त होंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पहली बार यह सोचा कि  कमार बसाहटों तक भी सड़क पहुंचनी चाहिए, इनके लिए भी साफ पानी होना चाहिए, बिजली होना चाहिए, बच्चों के लिए स्कूल होना चाहिए। जब ऐसी संवेदनशीलता मन में होती है तभी पीएमजनमन जैसी योजना अस्तित्व में आती है। एक साल के भीतर प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से कमार जनजाति की बसाहटों में विकास का उजाला फैला है। लगभग 47 करोड़ रुपए की लागत से 36 सड़कें हमने बनाई हैं। उन्होंने कहा कि पीएम आवास, सौभाग्य योजना, जलजीवन मिशन, पीएम जनमन योजना सारी योजनाएं नागरिकों के जीवन को आसान करती हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए विकास की राह खोलती हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धमतरी जिले को चित्रोत्पला महानदी का विशेष वरदान प्राप्त है। खेती-किसानी के क्षेत्र में धमतरी जिला हमेशा से अग्रणी रहा है। किसान भाई भरपूर मेहनत कर अच्छी फसल ले रहे हैं। धान के अलावा दलहन-तिलहन की फसल भी ले रहे हैं। इन सबके लिए भरपूर पानी चाहिए, इसके लिए जल संरक्षण बहुत जरूरी है। धमतरी जिले में जल संरक्षण को लेकर व्यापक कार्य हुए हैं। जल की एक-एक बूंद को बचाने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों से किसानों को भरपूर लाभ मिल रहा है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी के माध्यम से छत्तीसगढ़ में सबसे अच्छा मूल्य किसानों को मिल रहा है। प्रदेश में अब तक 20 लाख से अधिक किसानों से हमने लगभग 106 लाख मीट्रिक टन धान खरीद लिया है। अब तक 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि का भुगतान हम किसान भाइयों को कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि धमतरी जिले के एक लाख 7 हजार किसानों ने 4 लाख 82 हजार मीट्रिक टन धान बेचा है। अब तक इनके खातों में 1 हजार 111 करोड़ रुपए दिये जा चुके हैं। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में  विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी जी की गारंटी और विष्णु के सुशासन में सभी वर्गों को विभिन्न योजनाओं का लाभ बराबर मिल रहा है। श्री साव ने कहा कि शहर से लेकर दूरस्थ ग्रामों तक विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना, आयुष्मान भारत योजना, स्वामित्व योजना इत्यादि का लाभ लोग उठा रहे हैं। प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने स्वामित्व योजना अंतर्गत  जिले में अधिकार अभिलेखों के वितरण पर संबंधित हितग्राहियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजाति कमार हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश सरकार के एक साल सुशासन में योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी जी की गारंटी के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धमतरी जिले में उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। आने वाले दिनों में इन उद्योगों के क्रियाशील होने और इनसे रोजगार सृजन की बात कही। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार द्वारा एक साल के सुशासन में अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है। कार्यक्रम को सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, श्री भोजराज नाग ने भी संबोधित किया और प्रदेश सरकार के एक वर्ष होने पर बधाई दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

43 किलो स्केल्स बरामद, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में तीन पेंगोलिन तस्कर पकड़ाए

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के वन विभाग ने एक बार फिर से वन्यजीव तस्करों के खिलाफ बड़ी सफलता हालिस की है। वनमंडल बस्तर, राज्यस्तरीय वन उड़नदस्ता रायपुर और वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई में 43 किलो पेंगोलिन स्केल्स (साल खपरी का छाल) जब्त किए हैं। वन्य तस्करों की धरपकड़ का यह अभियान वन मंत्री श्री केदार कश्यप और प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री श्रीनिवास राव के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। गुप्त सूचना के आधार पर 7 जनवरी को किए गए छापों में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से पहला आरोपी, जेम्स मैथ्यू, जगदलपुर रेंज के ग्राम तेली मारेंगा का निवासी है, जिसके घर से 32 किलोग्राम पेंगोलिन स्केल्स बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी ने लॉकडाउन के दौरान बीजापुर के अंदरूनी इलाकों से इन स्केल्स को एकत्र किया था और खरीदार की तलाश में था। दूसरी कार्रवाई चित्रकोट रेंज के मारडूम-बारसूर मार्ग पर हुई, जहां चुन्नीलाल बघेल और राजकुमार कुशवाहा को 11 किलो पेंगोलिन स्केल्स के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। हालांकि, इनके दो साथी जंगल का सहारा लेकर भागने में कामयाब रहे। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। तस्करी में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उक्त कार्यवाही में उप वनमण्डलाधिकारी जगदलपुर श्री देवलाल दुग्गा, उप वनमण्डलाधिकारी चित्रकोट श्री योगेश कुमार रात्रे, वन परिक्षेत्र अधिकारी चित्रकोट श्री प्रकाश ठाकुर, वन परिक्षेत्र अधिकारी जगदलपुर श्री देवेन्द्र वर्मा, परिक्षेत्र अधिकारी कोलेंग श्री बुधराम साहू, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी चित्रकोट श्री बुधरू राम कश्यप, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी जगदलपुर (ग्रामीण) श्री लल्लन जी तिवारी, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी जगदलपुर (शहर) श्री श्रीधर नाथ स्नेही, परिसर रक्षक श्री चौतन सिंह कश्यप, कु. शारदा मण्डावी, श्री शंकर सिंह बघेल, श्री गोपाल नाग, श्री राम सिंह बघेल, श्री कैलाश नागेश, कु. कविता ठाकुर, श्रीमती कुन्ती कश्यप, श्रीमती जया नेताम, श्रीमती सोनमती, श्रीमती चंद्रीका राणा, श्रीमती दीपा पटेल, श्री उमर देव कोर्राम, श्री कमल ठाकुर आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

सीएम ने मृतक बच्चियों के परिजन को चार-चार लाख और घायल बच्ची को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए

भोपाल/दमोह मध्य प्रदेश के दमोह जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जिसमें मासूम बेटियों के जिंदा जलने की घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख जाहिर किया है। सीएम ने दमोह कलेक्टर को पीड़ित परिवार के सहयोग और तीसरी घायल बच्ची के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। सीएम ने मृतक बच्चियों के परिजन को चार-चार लाख और घायल बच्ची को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया कि तीसरी बच्ची को जबलपुर रेफर किया गया है और डॉक्टर और प्रशासन की टीम भी भेजी गई है ताकि उसे अच्छा इलाज मिल सके। बता दें कि यह पूरा मामला जिले के हटा ब्लाक के ग्राम बरोदा कला का है जहां खेत मे बनी झोपड़ी में आग लगने की वजह से ये हादसा हुआ है। दरअसल बरोदा में एक खेत मे सागर जिले के आदिवासी मजदूर गोविंद आदिवासी और उनकी पत्नी खेत मे काम कर रही थी जबकि उनकी तीन बेटियां 3 साल की कीर्ति, 4 साल जान्हवी, और 5 महीने हीर, खेत मे बनी झोपड़ी में थी। अचानक झोपड़ी से आग की लपटें निकलते देख बच्चियो के माता पिता और दूसरे लोग दौड़े लेकिन जब तक वो वहां पहुंचते आग ने विकराल रूप ले लिया और तीनों बहिने बुरी तरह जल गई। जाँच में जुटी पुलिस पीड़ित परिवार तीनो को लेकर हटा के सिविल अस्पताल पहुंचा जहां उपचार के बाद उन्हें दमोह रेफर किया गया। जिला अस्पताल में दो मासूमो 4 साल की जान्हवी और 5 महीने की हीर ने दम तोड़ दिया है वहीं तीसरी जिंदगी की जंग लड़ रही है। प्राथमिक तौर पर झोपड़ी में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हटा पुलिस मौके पर है और जाँच में जुटी है। सीएम ने जताया दुःख, सहायता राशि की घोषणा मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा कि दमोह जिले के ग्राम बरोदा कला में एक मजदूर परिवार की झोपड़ी में आग लगने की वजह से आग की चपेट में आकर एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियों के असमय काल कवलित होने एवं एक बच्ची के गंभीर रूप से जलने का समाचार हृदय विदारक है। दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। शासन की ओर से मृतकों बच्चियों के परिजनों के लिए ₹4-4 लाख और गंभीर घायल बच्ची हेतु नियमानुसार आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। परमपिता परमात्मा से प्रार्थना है कि दिवंगत बच्चियों की पुण्यात्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करें।  

कडे़ना एनीकट निर्माण के लिए 4.47 करोड़ स्वीकृत, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में भू-जल संवर्धन एवं निस्तारी जल की बढ़ेगी सुविधा

रायगढ़/रायपुर। राज्य शासन ने रायगढ़ जिले के विकासखण्ड धरमजयगढ़ के कड़ेना एनीकट निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 47 लाख 31 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना की कार्य पूर्ण हो जाने पर भू-जल संवर्धन एवं निस्तारी जल की सुविधा के साथ 60 हेक्टेयर क्षेत्र में सोलर संयंत्र एवं पाईप लाईन के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से एनीकट निर्माण कार्यों को कराने मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

औद्योगिक सर्वेक्षण का दो दिन दिया जाएगा प्रशिक्षण, छत्तीसगढ़-रायपुर में राज्य स्तरीय वार्षिक कार्यशाला शुरू

रायपुर। छत्तीसगढ़ आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय द्वारा वार्षिक औद्योगिक सर्वेक्षण (ASI) पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन का आज शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संचालक आर्थिक एवं सांख्यिकी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने की। इस अवसर पर भारतीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के एनएसओ एंटरप्राइज डिवीजन के निदेशक श्री सोमनाथ जाना  एवं वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी श्री सुप्रिया साधु खान ने प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए श्रीमती रोक्तिमा यादव ने वार्षिक औद्योगिक सर्वेक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह सर्वेक्षण राज्य के विनिर्माण क्षेत्र में पंजीकृत इकाइयों का विस्तृत आकलन करने में सहायक होगा। इससे राज्य के आर्थिक विकास में विनिर्माण क्षेत्र के योगदान को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रतिभागियों से इस प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। कार्यशाला के दौरान निदेशक श्री सोमनाथ जाना ने औद्योगिक सर्वेक्षण की प्रक्रिया और उसके विभिन्न खंडों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं व्यावहारिक प्रशिक्षण में सर्वेक्षण के सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों से प्रतिभागी आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय के अपर संचालक श्री नारायण बुलीवाल, संयुक्त संचालकगण, उप संचालकगण,सहायक संचालकगण सहायक सांख्यिकी अधिकारी, अन्वेषक सहित संचालनालय के अधिकारी – कर्मचारी उपस्थित थे।

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