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साक्ष्य जुटा रही पुलिस, मध्य प्रदेश-सिंगरौली में केजीएफ ढाबे के ऊपर बने कमरे में से मिली दो लाशें

सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में एक बार फिर दो लाशें मिलने का मामला सामने आया है। जिले के बरगवां थाना इलाके के गोंदवाली में केजीएफ ढाबे के ऊपर बने कमरे में दो नाबालिग आदिवासी लड़कों के शव मिले हैं। जानकारी के मुताबिक दोनों ही लड़के ढाबे पर ही काम करते थे। बरगवां पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। हाल ही में बरगवां के बड़ोखर में चार लोगों की निर्मम हत्या और शवों को सेप्टिक टैंक में दफनाने की वारदात सामने आई थी। पुलिस इलाके में अवैध नशे के कारोबार, गांजा और शराब पर लगाम नहीं लगा पा रही है। बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। फिलहाल, पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

लेडी कांस्टेबल सहित दो पुलिस वालों ने की वसूली, भोपाल में 15 स्पा सेंटर्स से पकड़े गए थे लड़के-लड़कियां

 भोपाल। छह साल बाद स्पा सेंटरों पर हुई भोपाल पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने पुलिसकर्मियों की पोल खोलना शुरू कर दी है। छापामार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जिन आरोपितों को पकड़ा था, उन पर पीटा (प्रीवेंशन आफ इम्मोरल ट्रैफिकिंग एक्ट) के अतंर्गत कार्रवाई की गई थी। जानकारी के अनुसार सभी आरोपितों को मुचलके पर छोड़ा जाना था, लेकिन महिला थाने में पदस्थ आरक्षक खुशबू सिंह चंदेल और क्राइम ब्रांच के आरक्षक सुनील चंदेल ने स्पा सेंटर में पकड़े गए युवक-युवतियों को जेल जाने का डर दिखाकर वसूली कर ली। दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया गया जिसके बाद उच्च अधिकारियों ने जांच करते हुए दोनों आरक्षकों पर निलंबन की कार्रवाई की। बता दें शनिवार को क्राइम ब्रांच ने शहर के अलग-अलग इलाकों के 15 स्पा सेंटर में रेड की थी। जिसमें 68 युवक-युवतियां पकड़ी गई थीं, जिनके विरूद्ध अलग-अलग थाने में प्रकरण दर्ज किए गए थे। एक को नकद, दूसरे को ऑनलाइन भेजे गए थे 20 हजार शनिवार को छापेमार कार्रवाई के बाद जब पुलिस ने आरोपितों को मुचलके पर छोड़ने में देरी की तो पकड़े गए आरोपितों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोपितों ने कहा कि छोड़े जाने उन्होंने आरक्षक खुशबू को रुपये दिए थे, फिर जमानत में देरी क्यों हो रही है। यह बात अधिकारियों तक पहुंची तो दोनों आरक्षकों की जांच कराई गई। जिसमें खुशबू और चंदेल की डील का खुलासा हुआ। आरोपितों ने खुशबू को नकद राशि दी थी और चंदेल को 20 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। संदिग्ध पुलिसकर्मियां की जांच जारी विभिन्न थाना क्षेत्रों में संचालित जिन स्पा सेंटरों में अनैतिक गतिविधियां जारी हैं, उच्च अधिकारी उनमें पुलिस के संरक्षण को लेकर जांच कर रही है। डीसीपी श्रद्धा तिवारी ने बताया कि स्पा सेंटरों में पुलिसकर्मियों की लिप्तता को लेकर जांच की जा रही है। दो आरक्षकों पर कार्रवाई हुई है। आगे भी यदि कोई किसी तरह से दोषी पाया जाता है तो उनपर भी कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं एमपी नगर जोन-2 में संचालित मिकाशो फैमली स्पा सेंटर व पंचकर्म में पकड़ी गई युगांडा की युवती को लेकर भी पुलिस जांच में जुटी है। दो स्पा संचालकों पर एफआईआर इधर एमपीनगर थाने में स्पा संचालकों पर एफआईआर दर्ज की गई है। संचालकों ने स्पा सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी पुलिस को नहीं दी थी, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है। पुलिस के अनुसार आलोक दुबे क्षेत्र में स्पा सेंटर चलाते हैं, उन्होंने सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी नहीं दी थी। साथ ही एक अन्य स्पा सेंटर के संचालक संतोष कुमार व मयंक वर्मा पर भी एफआईआर दर्ज की गई है।

भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने राजस्व विभाग की पहल, अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के साथ ही हो जायेगा नामांतरण

रायपुर छत्तीसगढ़ में अब राजस्व विभाग में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। रजिस्ट्री के बाद त्वरिज नामांतरण करने की प्रक्रिया की जाएगी। इसके लिए सुगम एप में ऐसी व्यवस्था की जा रही है। बता दें कि प्रदेश भर में रोज तकरीबन 8 हजार संपत्तियों की रजिस्ट्री होती है। इससे क्रेता द्वारा अपने नाम पर दर्ज कराने के लिए एक माह से 90 दिन तक इंतजार करना पड़ता है। इसके लिए तहसील और पटवारी कार्यालय में सुविधा शुल्क भी देना पड़ जाता है। इसे देखते हुए राजस्व विभाग अब तत्काल नामांतरण की सुविधा शुरू करने जा रहा है। ऐसे काम करेगा सिस्टम इस पहल से राजस्व विभाग में होने वाले भ्रष्टाचार से निजात मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि सुगम ऐप से रजिस्ट्री शुरू होने के बाद पूरी पादर्शिता के साथ रजिस्ट्री होगी। भुइंया रिकॉर्ड को सुगम ऐप से जोड़ा जा चुका है। जो रिकॉर्ड इसमें होगा, उसके आधार पर ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया होगी। रजिस्ट्री में ही गड़बड़ी की सभी आशंकाओं को खत्म कर दिया जाएगा। ऐसे में जब राजस्व रिकॉर्ड सही होने पर ही रजिस्ट्री होगी और 24 घंटे मेंं नामांतरण भी हो जाएगा। अभी रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण कराने के लिए तहसील कार्यालय जाना पड़ता है और वहां आवेदन देना होता है। अब आवेदन रजिस्ट्री कराने के साथ ही पटवारी और तहसीलदार के लॉगिन आईडी में फारवर्ड हो जाता है। संबंधित तहसीलदार के पास रजिस्ट्रीकर्ता का आवेदन डिस्प्ले होने लगता है। क्रेता-विक्रेता की पेशी और विज्ञापन के बाद नामांतरण की भी प्रक्रिया होती है। नामांतरण के लिए तहसीलों के चक्कर नहीं लगाना होंगे।  

हिंसक टकराव में आया उछाल, यूक्रेन युद्ध के तीन साल बाद भी शांति की उम्मीदें धुंधली

वाशिंगटन। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने आगाह किया है कि रूसी सैन्य बलों द्वारा यूक्रेनी आम नागरिकों को हवाई हमलों के जरिए निशाना बनाया जाना जारी है। इसमें लंबी दूरी की मिसाइलों व ड्रोन विमानों समेत अन्य बमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यूएन कार्यालय ने जोर देकर कहा कि अन्य स्थानों पर आम लोगों की तरह यूक्रेनी नागरिकों के पास भी शांति पाने का अधिकार है। मानवाधिकार मामलों के लिए उप-उच्चायुक्त नाडा अल-नशीफ ने बुधवार को जिनीवा में मानवाधिकार परिषद को यूक्रेन में मानवाधिकारों की स्थिति पर आयोजित एक बैठक में बताया कि इन हमलों के जरिए यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्र में और अधिक इलाके को अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूसी सैन्य बलों के पूर्ण आक्रमण के तीन वर्ष पूरे होने से पहले एक शांतिपूर्ण निपटारे की दिशा में प्रगति धुंधली नजर आ रही है, जबकि टकराव में खतरनाक तेजी आई है। यह रिपोर्ट पिछले वर्ष 1 सितंबर से 30 नवंबर की अवधि पर आधारित है। रूसी सैन्य बलों के हमलों में अब तक 574 नागरिकों की जान जा चुकी है, जोकि पिछले वर्ष की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है। जुलाई 2022 के बाद सितम्बर महीने में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में आम नागरिक हताहत हुए। उन्होंने कहा कि रूसी बमबारी में जल आपूर्ति, तापन व्यवस्था व परिवहन सेवाओं समेत बुनियादी ढांचे को भीषण क्षति पहुंची है। यूक्रेन के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर भी बड़े हमले किए गए हैं। मानवतावादी कानून का हनन OHCHR उप-उच्चायुक्त द्वारा लगाए गए इन आरोपों को रूसी प्रतिनिधिमंडल ने खारिज करते हुए यूक्रेनी सैन्य बलों पर रूस के विभिन्न क्षेत्रों में आतंकी कृत्यों को अंजाम देने का आरोप लगाया। यूक्रेनी प्रतिनिधि ने रूसी सैन्य बलों के घातक हमलों की निंदा की। नए साल की पूर्व संध्या पर राजधानी कीव पर हुए हमलों में 100 ड्रोन विमानों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें दो लोग मारे गए व सात घायल हुए। उप उच्चायुक्त अल-नशीफ ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून, मानवतावादी कानून के बढ़ते उल्लंघन मामलों के प्रति सचेत किया और कहा कि युद्ध अपराधों को अंजाम दिए जाने की भी आशंका है। यूक्रेनी युद्धबंदियों ने व्यापक स्तर पर व्यवस्थागत ढंग से यातना दिए जाने की बात कही है। उन्हें बुरी तरह मारा-पीटा गया, बिजली के झटके दिए गए, गला घोंटा गया और लम्बे समय तक एकांत कारावास में रखा गया। पुरुष व महिला युद्धबंदियों ने दुष्कर्म, जबरन नग्न किए जाने समेत अन्य प्रकार की यौन हिंसा का शिकार बनाए जाने के भी आरोप लगाए हैं। बिना सुनवाई के ही मौत नाडा अल-नशीफ ने चिंता जताई कि रूसी सैन्य बलों द्वारा पकड़े गए यूक्रेनी सैन्यकर्मियों को बिना सुनवाई के ही मार दिए जाने के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। बिना अदालती कार्रवाई के जान से मार देना एक युद्ध अपराध है। हमारे कार्यालय ने इस अवधि के दौरान 19 अलग-अलग घटनाओं में ऐसे 62 मामलों पर जानकारी जुटाई है और ऐसे पांच मामलों की पुष्टि की है। यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र निगरानी मिशन के अनुसार, फरवरी 2022 के बाद से अब तक हिंसक टकराव में 12,300 आम नागरिकों की मौत हुई है, जिनमें 650 से अधिक बच्चे हैं। 27 हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं। साथ ही, 700 से अधिक मेडिकल केंद्रों, 1500 से अधिक स्कूलों व कॉलेज, हिंसा में क्षतिग्रस्त या पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गए हैं।

भगदड़ और भीड़ काबू करने की व्यवस्था नहीं, तिरुपति बालाजी मंदिर में एक काउंटर पर हजारों लोग

हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के तिरुमाला हिल्स पर भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ एकादशी उत्सव शुरू होने से दो दिन पहले मची भगदड़ ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्सव के लिए टिकट या टोकन मुहैया कराने के लिए बनाए गए 90 से अधिक टिकट काउंटरों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देखते ही देखते वहां भगदड़ मच गई और छह लोगों की मौत की खबर आई। बता दें कि इस त्योहार के दौरान श्रद्धालु मंदिर के उत्तरी प्रवेश द्वार से भगवान वेंकटेश्वर की पूजा-अर्चना कर सकते हैं। 1,20,000 टोकन वितरित करने की व्यवस्था की गई थी दरअसल, 10 से 12 जनवरी को वार्षिक दर्शन के पहले तीन दिनों के लिए भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के ‘सर्व दर्शन’ (निःशुल्क दर्शन) के लिए भक्तों को 1,20,000 टोकन वितरित करने की व्यवस्था की गई थी। 10 दिवसीय उत्सव के लिए दर्शन टोकन गुरुवार को सुबह 5 बजे से दिए जाने थे, लेकिन हजारों लोग मंदिर के संचालन की देखरेख करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की ओर से बनाए गए काउंटरों पर एक रात पहले ही एकत्र हो गए। 4,000-5,000 लोग काउंटर पर जमा हो गए अधिकारियों ने बताया कि तिरुपति में सत्यनारायणपुरम, बैरागीपट्टेडा और रामानायडू स्कूल के अलावा तीन तीर्थयात्री लॉज विष्णु निवासम, श्रीनिवासम और भूदेवी कॉम्प्लेक्स में 94 काउंटरों पर वितरण व्यवस्था की गई थी। तिरुपति नगर आयुक्त एन मोरुआ ने बताया कि विष्णु निवासम मंदिर के पास बैरागीपट्टेडा में एमजीएम हाईस्कूल में बने काउंटर पर हालात नियंत्रण से बाहर हो गए। बुधवार सुबह से ही करीब 4,000-5,000 लोग काउंटर पर जमा हो गए। शाम तक भीड़ बेकाबू हो गई और धक्का-मुक्की होने लगी। ‘महिला की मदद के लिए गेट खोला तो भीड़ बढ़ गई’ टीटीडी के चेयरमैन बीआर नायडू के मुताबिक, जब अस्वस्थ महसूस कर रही एक महिला की मदद के लिए गेट खोला गया तो भीड़ एक साथ आगे बढ़ गई और अफरा-तफरी मच गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण बुधवार देर शाम भगदड़ मच गई, जिसमें कम से कम छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 40 से अधिक घायल हो गए। पीएम मोदी, राहुल गांधी ने जताया दुख घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दुख जताया। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से इस कठिन समय में हर संभव सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।

लाइफ में खुश रहने के लिए इन 5 बातों को जरूर जानें और समझें

सक्सेजफुल होने के लिए खुद पर फोकस करना जरूरी है। जब तक आप खुश होकर किसी काम को करने की शुरुआत नहीं करेंगे। सक्सेज आसानी से हाथ नहीं लगेगी। इसलिए लाइफ कोच अक्सर अपने आप में इस तरह के 4-5 बदलावों को लाने के लिए बोलते हैं। जिससे ना केवल आप सक्सेजफुल बनें बल्कि लाइफटाइम हैप्पी भी रहे। खुद को एक्सेप्ट करना सीखें। दूसरों के प्रभाव में आकर खुद के अंदर फिजिकल या इमोशनल बदलाव लाने की जरूरत नही है। अगर आपको लगता है कि आप जैसे भी हैं अच्छे हैं तो किसी की बात का निगेटिव असर पर्सनैलिटी पर ना पड़ने दें। अपना बेस्ट दें जब भी किसी काम की शुरुआत करें तो अपना बेस्ट दें। उस काम को पूरा करने के लिए अपनी पूरी मेहनत और लगन लगा दें। भले ही उस काम में सक्सेज ना मिले लेकिन मन में किसी भी तरह का पछतावा नहीं रहना चाहिए। अपने आप पर भरोसा रखें आत्मविश्वास जरूरी है किसी भी काम को लाइफ में पूरा करने के लिए सेल्फ कॉन्फिडेंस रखें। तभी कठिन से कठिन काम को करना आासन हो पाएगा। खुद पर जुल्म ना करें किसी काम को पूरा करने के लिए या करियर में आगे बढ़ने के लिए भी अपनी फिजिकल या मेंटल हेल्थ के साथ खिलवाड़ ना करें। जितना हो सके बस उतना ही करें क्योंकि सेहत और लाइफ सबसे ज्यादा जरूरी है। जिस चीज को पसंद करें वो काम करें अगर आपको कोई काम अच्छा लगता है और वो पॉजिटिव काम करके खुशी मिलती है तो जरूर करें। अपनी हॉबी और शौक को पूरा जरूर करें। इससे मेंटल पीस मिलता है और आप ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करते हैं।

आयोजन समिति ने अब तक जुटाए 170 मिलियन डॉलर, ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह के लिए चंदा देने की होड़

वासिंगटन। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 20 जनवरी को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। बड़े-बड़े अरबपति, कारोबारी और तकनीकी विशेषज्ञ इस समारोह में अपनी सहभागिता के साथ आर्थिक सहयोग भी कर रहे हैं। समारोह के लिए चंदा देने की होड़ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह के लिए आयोजन समिति को अब तक 170 मिलियन डॉलर का चंदा मिल चुका है। जोकि एक रिकॉर्ड है। इस चंदे के लिए अमेरिका के बड़े-बड़े कारोबारियों और हस्तियों ने बड़े चेक लिखे हैं। व्यक्तिगत तौर पर चंदा वसूलने वाले एक व्यक्ति ने समारोह के लिए अब तक मिले चंदे की पुष्टि की। उसने कहा कि आयोजन समिति को उम्मीद है कि वह समारोह होने तक 200 मिलियन डॉलर चंदा जुटा लेगी। हालांकि वह सार्वजनिक तौर पर इस बारे में बात नहीं कर सकता है। वहीं आयोजन समिति ने भी इसे दावे पर कोई जवाब नहीं दिया। साथ ही यह जानकारी भी नहीं दी गई है कि वह चंदे को कैसे खर्च करेगी। ट्रंप के राष्ट्रपति पुस्तकालय में होगा बची हुई रकम का उपयोग अमेरिका के नियमों के मुताबिक व्यक्तिगत चंदे से मिली रकम का उपयोग आमतौर पर शपथ ग्रहण समारोह किया जाता है। इसमें शपथ ग्रहण समारोह से जुड़ी लागतें, परेड और शानदार उद्घाटन समारोह। बताया जाता है कि आयोजन समिति समारोह के बाद बचने वाले पैसे का उपयोग ट्रंप राष्ट्रपति पुस्तकालय में करेगी। बाइडन को मिला था 62 मिलियन डॉलर का चंदा अमेरिकी चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह की आयोजन समिति ने अब तक सबसे ज्यादा चंदा जुटाया है। यह चार साल पहले राष्ट्रपति जो बाइडन को मिले चंदे के दोगुने से भी अधिक है। बाइडन को लगभग 62 मिलियन डॉलर चंदा मिला था। वहीं 2016 में ट्रंप के प्रथम शपथ ग्रहण समारोह में भी लगभग 107 मिलियन डॉलर का चंदा प्राप्त हुआ था, जिसने एक रिकार्ड स्थापित किया था। राष्ट्रपति के साथ संबंध सुधारने की कवायद नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप और कांग्रेस के दोनों सदनों में रिपब्लिकन के नियंत्रण के बाद तकनीकी कंपनियां सहित प्रमुख लोग बड़े चेक लिख रहे हैं। ताकि वे नए राष्ट्रपति के साथ अपने संबंध सुधार सकें। फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा और अमेजन ने पिछले महीने कहा था कि वे ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह के कोष में एक मिलियन डॉलर का चंदा देंगे। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने भी कहा कि एक मिलियन डॉलर का चंदा देने की बात कही थी।

25 जनवरी को मनाई षटतिला एकादशी

हर माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने का विधान है. वहीं हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाता है. यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सच्चे मन से षटतिला एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है. इससे अलावा सुख-सौभाग्य में भी वृद्धि होती है. षटतिला एकादशी कब है? हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत शुक्रवार 24 जनवरी को 7 बजकर 25 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन अगले दिन शनिवार 25 जनवरी को रात 8 बजकर 31 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, इस बार षटतिला एकादशी का व्रत 25 जनवरी को रखा जाएगा. एकादशी व्रत का पारण अगले दिन किया जाता है, इसलिए हिंदू पंचांग के अनुसार, षटतिला एकादशी व्रत का पारण 26 जनवरी को किया जाएगा. वहीं इस दिन पारण का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 12 मिनट से लेकर 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. इस शुभ मुहूर्त में भक्त व्रत का पारण कर सकते हैं. षटतिला एकादशी महत्व षटतिला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन तिल का दान करने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है. इसे ही सृष्टि का पहला अन्न भी माना जाता है, इसलिए षटतिला एकादशी के व्रत में तिल का प्रयोग जरूर किया जाता है. कहते हैं ऐसा करने से जीवन में सुख, शांति और वैभव बना रहता है. षटतिला एकादशी का व्रत रखने से वैवाहिक जीवन सुखमय और खुशहाल बनता है.

पीएम मोदी ने 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में दिया मंत्र, ‘भविष्य युद्ध में नहीं, बुद्ध में है’

भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को ओडिशा के भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी इस अवसर पर मौजूद रहे। यहां पीएम मोदी ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा पीएम मोदी ने कहा कि यह जीवंत त्योहारों का समय है। कुछ ही दिनों में प्रयागराज में महाकुंभ शुरू हो रहा है। मकर संक्रांति, बिहू, पोंगल, लोहड़ी जैसे त्योहार आने वाले हैं। हर जगह आनंदमय वातावरण है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज आप ओडिशा की जिस महान धरती पर जुटे हैं वो भी भारत की समृद्ध विरासत का प्रतिबिंब है। ओडिशा में कदम कदम पर हमारी विरासत के दर्शन होते हैं। सैकड़ों वर्ष पहले भी ओडिशा से हमारी व्यापारी कारोबारी लंबा सफर करके बाली, सुमात्रा, जावा जैसे स्थानों तक जाते थे…ओडिशा में आज भी बाली यात्रा का आयोजन होता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में जब तलवार के जोर पर साम्राज्य बढ़ाने का दौर था, तब हमारे सम्राट अशोक ने यहां शांति का रास्ता चुना था। हमारी इस विरासत का ये वही बल है जिसकी प्रेरणा से आज भारत दुनिया को कह पाता है कि भविष्य युद्ध में नहीं है, बुद्ध में है। पीएम मोदी ने कहा कि मैंने हमेशा भारतीय डायस्पोरा को भारत का राष्ट्रदूत माना है। मुझे बहुत खुशी होती है, जब पूरी दुनिया में आप सभी साथियों से मिलता हूं, आपसे बातचीत करता हूं। जो प्यार मुझे मिलता है, वो भूल नहीं सकता हूं। आपका प्यार, आपका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहता है। हम सिर्फ लोकतंत्र की जननी नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र हमारे जीवन का हिस्सा है। हमें विविधता सिखानी नहीं, हमारा जीवन ही विविधता प्रदान करता है। भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां के समाज के साथ जुड़ जाते हैं। भारतीय जहां भी जाते हैं,  वहां के नियम और परंपरा का सम्मान करते हैं। हम पूरी ईमानदारी से उस देश की, उस समाज की सेवा करते हैं। इस सबके साथ ही हमारे दिल में भारत भी धड़कता रहता है। उन्होंने कहा कि भारत की सफलता आज दुनिया देख रही है। आज जब भारत का चंद्रयान शिव शक्ति प्वाइंट पर पहुंचता है, तो हम सब को गर्व होता है।  आज जब दुनिया, डिजिटल इंडिया की ताकत देखकर हैरान होती है, तो हम सब को गर्व होता है।  आज भारत का हर सेक्टर आसमान की ऊंचाई छूने को आगे बढ़ रहा है। भारत की बात को आज दुनिया ध्यान से सुनती है। आज का भारत, अपना पॉइंट तो मजबूती से कायम है, ग्लोबल साउथ की आवाज को भी पूरी ताकत से उठाता है। ‘वैश्विक युग में प्रवासी समुदाय का महत्व प्रत्येक वर्ष के साथ बढ़ता गया’ इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि हर 2 साल में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन के माध्यम से विदेशों में रहने वाले भारतीय अपने देश में हो रही प्रगति और विकास को देख पाते हैं, अनुभव कर पाते हैं। आप सभी न केवल अपने जीवन की उपलब्धियों पर गर्व कर करते हैं, बल्कि विदेशों में हमारे लिए बढ़ते सम्मान का भी अनुभव करते हैं। वैश्विक युग में प्रवासी समुदाय का महत्व प्रत्येक वर्ष के साथ बढ़ता गया है। ‘विकसित भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों का योगदान’ ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि इस बार प्रवासी भारतीय दिवस की थीम ‘विकसित भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों का योगदान’ है। आज मैं ओडिशा की धरती से सभी का अभिवादन करता हूं।

CG में रात 1 बजे बाद नहीं मिलेगा ऑनलाइन खाना, चाकूबाजों से परेशान पुलिस ने लगाई पाबंदी

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रात एक बजे के बाद ऑनलाइन खाना नहीं मिलेगा। एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने सिविल लाइन स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में ऑनलाइन फूड सप्लाई के संचालक, मैनेजर, आउटलेट प्रभारी और डिस्ट्रीब्यूटर्स की बैठक में यह व्यवस्था बनाई। साथ ही कुछ अन्य गतिविधियों को भी बंद करने कहा गया है। पुलिस जांच में सहयोग करने और अपने कर्मचारियों एवं डिलीवरी ब्वॉय का वेरिफिकेशन के लिए उनकी संपूर्ण जानकारी आईडी सहित संबंधित थानों में जमा करने और आउटलेट की जानकारी देने कहा गया है। संस्थानों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को कार्य पर नहीं रखने और कार्य में रखने से पूर्व कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से चरित्र सत्यापन कराने और डिलीवरी ब्वॉय द्वारा उपयोग किए जाने वाले वाहनों के संबंध में भी जानकारी पुलिस को देने निर्देशित किया गया। चाकू आते ही पुलिस को करें सूचित रायपुर में आए दिन चाकूबाजों को पुलिस पकड़ रही है। पूछताछ में जानकारी आई है कि बदमाशों द्वारा ऑनलाइन चाकू मंगवाया जा रहा है। इसे देखते हुए एसएसपी ने ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स के संचालक और मैनेजर की बैठक ली गई। इस दौरान कहा गया कि ग्राहकों को किसी भी प्रकार का चाकू डिलीवर नहीं करना है। चाकू, नशे से संबंधित सामग्री व अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को कोड के अनुसार अपने पास एकत्र कर रखने और पुलिस की उपस्थिति में खोलने कहा गया। पूर्व में जिन ग्राहकों को चाकू डिलीवर किया जा चुका है, उसकी जानकारी देने निर्देशित किया गया। पुलिस का मानना है कि शातिर अपराधी इसका फायदा उठा रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स के प्रमुख कार्यालयों को ई-मेल के माध्यम से चाकू, धारदार हथियार, पिस्टल जैसे दिखने वालों हथियारों और नशे से संबंधित सामग्रियों को प्रतिबंधित करने और डिलीवरी नहीं करने के निर्देश दिए गए है।      

एक मिनट में साढ़े चार लाख गोलियां करती है फायर, चीन ने बनाई दुनिया की सबसे ताकतवर मशीनगन ‘मेटल स्टॉर्म’

  बीजिंग। चीन एक ऐसा हथियार बनाने में लगा है, जिसका नाम सुनकर अमेरिका भी थर्राने लगेगा. यह मानव इतिहास की सबसे शक्तिशाली मशीन गन है, जिसे चीनी इंजीनियर और वैज्ञानिक विकसित कर रहे हैं. इसकी ताकत का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि इसमें पांच से ज्यादा बैरल होंगे. वहीं यह 450,000 गोलियां प्रति मिनट फायर कर सकेगा. गोलीबारी का घनत्व 7 मैक से ज्यादा की गति से यात्रा करने वाली हाइपरसोनिक मिसाइलों को भी रोक सकता है. अमेरिका के लिए यह चिंता की बात है. क्योंकि अभी तक उसके पास मौजूद ‘फालैंक्स सिस्टम’ प्रति मिनट 4,500 राउंड गोलियां फायर कर सकता है. हालांकि इस हथियार की ताकत ही इसकी कमजोरी रही है. लाखों गोलियां प्रति मिनट दागने वाले इस हथियार के लिए गोला-बारूद भरना एक असंभव चुनौती माना जाता रहा है. लेकिन चीन के केंद्रीय औद्योगिक केंद्र ताइयुआन के शोधकर्ताओं ने इसका समाधान खोज निकाला है. इसके लिए वह एक कंटेनर जैसा मैग्जीन बनाएंगे, जिसमें बैरल भरे होते हैं. प्रत्येक बैरल पहले से ही गोलियों से भरा होता है. फायरिंग के बाद बैरल को कंटेनर समेत डिस्पोज कर दिया जाता है. क्या है इस बंदूक की टेक्नोलॉजी साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर चीन विश्वविद्यालय के यांत्रिक और विद्युत इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर लू शुताओ के नेतृत्व वाली प्रोजेक्ट टीम ने कहा, ‘बॉक्सटाइप रोटरी फायरिंग तकनीक से लोडिंग की स्पीड बढ़ती है और बैरल की शक्ति और सटीकता में गिरावट नहीं आती. साथ ही, कई हमलों के दौरान लगातार संचालन और तेज जवाबी हमला संभव हो सका है. पारंपरिक मशीन गन मैकेनिकल ट्रिगर्स का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन यह प्रति सेकंड 7,500 हमले नहीं कर सकती है, जो चीन की सेना चाहती है. इस समस्या से निपटने के लिए लू और उनके सहयोगियों ने एक इलेक्ट्रॉनिक ट्रिगर विकसित किया है, जिसमें कॉइल्स का इस्तेमाल होता है. यह संपर्क रहित ट्रिगर तुरंत गोली में मौजूद मिश्र धातु की तार को पिघला देगा, जिससे हाई पावर के साथ गोली निकलेगी. इस इलेक्ट्रॉनिक ट्रिगर की दक्षता इतनी ज्यादा है कि यह 17.5 माइक्रोसेकंड में फायरिंग करने लगता है. रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ट डेटा कन्फर्म करता है कि प्रत्येक बैरल 450,000 राउंड प्रति मिनट का लक्ष्य पाने के लिए पर्याप्त है. सबसे पहले कब आया खतरनाक हथियार? इस हथियार की अवधारणा पहली बार 1990 के दशक में ऑस्ट्रेलियाई आविष्कारक माइक ओ’ड्वायर ने प्रस्तुत की थी. हथियार का नाम मेटल स्टॉर्म रखा गया. उनकी कंपनी, मेटल स्टॉर्म इंक, ने एक 36-बैरल टेस्ट सिस्टम बनाया जो 10 लाख राउंड प्रति मिनट की फायरिंग दर तक पहुंच गई. साल 2006 में उन्होंने मीडिया को बताया कि चीनी सेना ने इस तकनीक के लिए 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की पेशकश की थी. जब अमेरिका को इसकी खबर लगी तो उन्होंने ओ’ड्वायर के साथ युद्धक्षेत्र के लिए नए हथियार सिस्टम विकसित करने में सहयोग किया. लेकिन तकनीकी और अन्य चुनौतियों के कारण प्रोजेक्ट रद्द हो गया. बाद में 2012 में मेटल स्टॉर्म इंक दिवालिया हो गई.

‘वैकुंठ द्वार दर्शन’ के टिकट बांटते समय हादसा, तिरुपति बालाजी मंदिर में भगदड़ में अब तक 6 लोगों की मौत

हैदराबाद/चित्तूर। आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में हुई भगदड़ में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है और कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हादसा तब हुआ जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में ‘वैकुंठ द्वार दर्शन’ के टिकट के लिए पहुंची थी। यह दर्शन 9 जनवरी से शुरू होने वाले था, लेकिन टिकट के वितरण को लेकर हुई अव्यवस्था और भीड़ के दबाव ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी, जिससे यह हादसा हुआ। तिरुपति मंदिर की प्रशासनिक संस्था तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने इस घटना पर खेद व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। टीटीडी के अधिकारियों का कहना है कि इस हादसे के बाद सभी सुरक्षा उपायों की पुनः समीक्षा की जाएगी। इस घटना के बाद, मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों को बढ़ाने और भगदड़ से बचने के लिए उपाय शुरू कर दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो। मंदिर प्रशासन ने यह भी कहा कि भविष्य में टिकटों की बिक्री के लिए अधिक सख्त व्यवस्था की जाएगी, ताकि लोगों को इस तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। टीटीडी के अनुसार, “वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए टिकटों के वितरण को लेकर भारी भीड़ और व्यवस्था में खामियों के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।” टीटीडी बोर्ड मेंबर भानु प्रकाश रेड्डी ने कहा, “मंदिर में एकादशी दर्शन के लिए टोकन बांटे जा रहे थे, और इसके लिए हम ने 91 काउंटर खोले थे। यह बहुत दुखद है कि भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में 6 लोगों की मौत हो गई और 40 लोग घायल हो गए। हम सभी को मेडिकल फेसेलिटी दे रहे हैं। आज तक टीटीडी के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है। मैं सभी श्रद्धालुओं से माफी मांगता हूं।” कब हुई घटना और क्या थे कारण श्री वेंकटेश्वर मंदिर के अधिकारियों ने 9 जनवरी से ‘वैकुंठ द्वार दर्शन’ के लिए टिकट जारी करने की योजना बनाई थी। इस दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह था, क्योंकि यह विशेष दिन है और मंदिर में इस दिन विशेष पूजा होती है। जानकारी के मुताबिक, टिकट लेने के लिए लगभग 4 हजार लोग लाइन में लगे थे, और काउंटर की संख्या सिर्फ 91 थी। इसी बीच भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। लोग इधर उधर तेजी से भागने लगे, जिसके चलते कई लोग जमीन पर गिर पड़े। इसी के चलते 6 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायल श्रद्धालुओं में से कुछ को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनमें से कई की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। इस दुर्घटना के बाद कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तिरुपति मंदिर प्रशासन की आलोचना की है। उनका कहना है कि मंदिर प्रशासन को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पहले से ही ठोस व्यवस्था करनी चाहिए थी। कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि अगर टिकटों की बिक्री पहले से ही निर्धारित थी, तो इतनी बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में क्यों जमा हो गए? कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें लगता था कि टिकट नहीं मिलेंगे, इसीलिए उन्होंने 8 जनवरी से ही मंदिर पहुंचना शुरू कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि टोकन प्रणाली की अव्यवस्था के कारण यह घटना हुई। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री ने जताया दुख आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इस हादसे से वह हैरान हैं। उन्होंने कहा, “मैं हालात पर करीब से नजर बनाए हुआ हूं। मैं पीड़ितों के परिवार से गुरुवार सुबह मुलाकात करूंगा।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा, “आंध्र प्रदेश के तिरुपति में भगदड़ से आहत हूं। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द ठीक हो जाएं। आंध्र प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लिखा, “तिरुपति में हुई भगदड़ बेहद दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। मैं कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे इस कठिन समय में हर संभव सहायता प्रदान करें।” कहां है तिरुपति मंदिर और क्या है इसका धार्मिक महत्व तिरुपति मंदिर, आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, जो भगवान श्री वेंकटेश्वर को समर्पित है। तिरुपति का यह मंदिर विश्वभर में सबसे अमीर और सबसे अधिक दर्शनार्थियों वाला मंदिर माना जाता है। यहां प्रत्येक दिन लाखों श्रद्धालु आते हैं और भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करते हैं। मंदिर तिरुमाला पर्वत की चोटी पर स्थित है और यहां तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु पैदल यात्रा भी करते हैं, जिसे “तिरुमाला पर्वत यात्रा” कहा जाता है। इस मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता अत्यधिक है और इसे वैष्णव सम्प्रदाय के प्रमुख मंदिरों में गिना जाता है। तिरुपति मंदिर का प्रमुख उत्सव “वैकुंठ द्वार दर्शन” है, जो हर साल खास महत्व रखता है, जहाँ लाखों लोग भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए एकत्रित होते हैं। मंदिर का प्रशासन तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) द्वारा किया जाता है, जो मंदिर से संबंधित सभी गतिविधियों का संचालन करता है। तिरुपति मंदिर का आर्थिक योगदान भी बहुत बड़ा है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे अधिक दान प्राप्त करने वाले धार्मिक स्थलों में शामिल है।

प्रीतिश नंदी के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर, करीना – अनिल कपूर ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली हिंदी सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर प्रीतिश नंदी ने 73 साल की उम्र में 8 जनवरी 2025 को अंतिम सांस ली। उन्होंने हजारों ख्व्वाहिशें, प्यार के साइड इफेक्ट्स, कांटे, शादी के साइड इफेक्ट्स जैसी अनेक हिट फिल्में बनाई थीं। कार्डियक अरेस्ट के कारण अब वह दुनिया को अलविदा कह चले गए हैं। बॉलीवुड स्टार्स उन्हें नम आंखों से सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। पत्रकारिता से करियर की शुरुआत करने वाले प्रीतिश नंदी एक बेहतरीन कवि और दिग्गज फिल्म निर्माता थे। करियर की बात हो या समाज के प्रति योगदान देने की उन्होंने हर जिम्मेदारी को सराहनीय तरीके से निभाया। यही वजह है कि उनके जाने से बॉलीवुड को बड़ी क्षति हुई है। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता संजय दत्त ने प्रीतिश नंदी के निधन का दुख जताते हुए एक पोस्ट एक्स पर किया। बता दें कि संजय ने उनकी बनाई फिल्म साल 2002 की ‘कांटे’ और 2005 में आई ‘शब्द’ फिल्म में अभिनय किया है। दिग्गज फिल्म निर्माता के बारे में उन्होंने लिखा, ‘वह एक सच्चे रचनात्मक प्रतिभाशाली और दयालु व्यक्ति थे। उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।’

मिनट दर मिनट विकराल रूप ले रही लॉस एंजिल्‍स की आग, लाखो हुए बेघर

लॉस एंजिल्‍स अमेरिका के कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी आग अब भयानक रूप ले चुकी है। यह आग फैलकर लॉस एंजेलिस और अब हॉलीवुड हिल्स तक जा पहुंची है। इसके कारण लगभग एक लाख लोग घर छोड़ने पर विवश हो गए हैं। वहीं अब तक 5 लोगों की मौत भी हो गई है। लॉस एंजेलिस इलाके में लगी आग के कारण अधिकारियों ने लाखों लोगों को जल्द से जल्द घर खाली करने को कहा है। चारों ओर धुएं और धूल का गुबार देखा जा रहा है। एक्टर स्टीव गुटेनबर्ग ने कैलिफोर्निया में लगी आग को बेहद बुरा बताया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि अब तक की जिंदगी में मैंने इससे बुरा कुछ नहीं देखा। पेसिफिक पैलिसेड्स, ईटन और हर्स्ट में फैली आग पर काबू पाने के लिए हेलीकॉप्टर को तैनात कर दिया गया है। हेलीकॉप्टर से पानी की बौछार की जा रही है। पैलिसेड्स में 15 हजार एकड़, ईटन में 10 हजार एकड़ और हर्स्ट में 500 एकड़ से ज्यादा का इलाका जलकर खाक हो गया। हजारों अग्निशमन कर्मचारी आग पर काबू पाने में जुटे हुए हैं। लॉस एंजेलिस के अग्निशमन अधिकारी क्रिस्टन क्रोले ने कहा कि हम अभी खतरे से कतई बाहर नहीं हैं। लोग अपने वाहन सड़कों पर ही छोड़कर भागने लगे। इमरजेंसी सेवाओं के लिए बुलडोजर से इन वाहनों को बताया गया। गेटी विला के मैदान पर कुछ पेड़ और वनस्पति जल गए थे, लेकिन स्टाफ व संग्रहालय संग्रह सुरक्षित थे, क्योंकि आसपास की झाडि़यों को काट दिया गया था। सबसे पहले आग 7 जनवरी को लगी थी। तेज हवाओं के कारण यह फैलती गई। कई स्क्वायर किलोमीटर का इलाका जलकर राख हो गया है। आग बुझाने की कोशिशें की जा रही हैं। स्थिति इस कदर विकट थी कि उससे निपटने के लिए लास एंजेलिस अग्निशमन विभाग को अपने उन कर्मियों से भी मदद की अपील करनी पड़ी, जो ड्यूटी पर नहीं थे। हालात को देखते हुए राष्ट्रपति जो बाइडन को अपनी इटली की यात्रा रद करनी पड़ी। गवर्नर गेविन न्यूजाम ने घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि कई घर जल गए हैं। उन्होंने वहां आपातकाल की घोषणा कर दी।

ED को सट्टेबाजी आरोपी के मध्य प्रदेश बैंक लॉकर से मिला 3.5 किलो से ज्यादा सोना

इंदौर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इंदौर की टीम ने क्रिकेट की ऑनलाइन सट्टेबाजी में शामिल आरोपितों के बैंक लाकर से विदेशी सोना जब्त किया है। ईडी ने सट्टेबाजी में आरोपित संजय अग्रवाल के बैंक लॉकर को मंगलवार को खुलवाकर जांच की। इस दौरान विदेशी सोने के बिस्किट जिनका वजन 3.50 किलो है, बरामद हुए। साथ में 750 ग्राम गहने भी मिले हैं। इन सबकी कुल कीमत 3.36 करोड़ आंकी गई है। सोने और गहनों को ईडी ने जब्त कर लिया है। इंदौर और लुधियाना पहुंची थी टीम 12 दिसंबर को ईडी ने उज्जैन के सट्टेबाज पीयूष चौपड़ा और उसके सहयोगियों के ठिकाने पर छापे मारकर जांच की थी। सट्टेबाजी के उसके कारोबार में शामिल सहयोगियों के ठिकानों पर इंदौर और लुधियाना में भी टीमें पहुंची थीं। बैंक अकाउंट और लॉकर फ्रीज कर दिए चौपड़ा के सहयोगी इंदौर के संजय अग्रवाल के ठिकानों पर भी ईडी की टीम पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में बैंक खाते और लॉकर फ्रीज कर दिए गए थे। मंगलवार को अग्रवाल के लॉकरों को खुलवाना शुरू कर जांच को आगे बढ़ाया गया। टेनिस के मैंचों पर भी ऑनलाइन सट्टेबाजी ईडी के अनुसार इंदौर-उज्जैन के ये सट्टेबाज अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े थे। क्रिकेट के साथ टेनिस के मैचों पर भी ऑनलाइन सट्टेबाजी चलाते थे। फर्जी दस्तावेजों से मोबाइल सिम हासिल कर ये रैकेट चलाते थे। साथ में हवाला व मनी लांड्रिंग के सबूत भी मिलने के बाद ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट में केस दर्ज किया था। दिसंबर के छापों में 31 लाख रुपये की नकदी और आठ करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

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