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इस धंधे ने BJP नेता को बनाया धनकुबेर, प्रॉपर्टी पर कब्जा कर गाड़ियां भी छीन लेता था पूर्व पार्षद

sagar crorepati businessman money lending fraud rajesh kesharwani income source full details मध्य प्रदेश के सागर जिले में आयकर विभाग ने हाल ही में केशरवानी परिवार के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। बीड़ी और कंस्ट्रक्शन कारोबार से जुड़े राजेश और बृजेश केशरवानी ब्याज पर पैसे देने का काम करते थे। इसी धंधे से वह करोड़पति बने। उन्होंने लोगों को ब्याज पर खूब पैसा दिया, जिसे नहीं चुकाने पर उनकी गाड़ियां छीन ली और प्रॉपर्टी पर भी कब्जा कर लिया। आईटी के छापे में उनके पास से सात फार्च्यूनर, क्रिस्टा और इनोवा जैसी लग्जरी कारें मिली है। साथ ही चार किलो 700 ग्राम सोने के साथ करोड़ों के लेनदेन के दस्तावेज भी मिले हैं। दअरसल, आयकर विभाग ने तीन दिन पहले सागर में तीन प्रमुख ठिकानों पर छापा मारा था। जिसमें भाजपा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर और पूर्व पार्षद राजेश और बृजेश केशरवानी के ठिकानों की जांच की गई थी। इन छापेमारियों में विभाग को 150 करोड़ रुपये की संपत्ति के दस्तावेज मिले, जिनमें 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के बेनामी होने की जानकारी सामने आई है। आयकर विभाग को छापेमारी में 150 करोड़ की टैक्स चोरी का भी पता चला है। हालांकि, टीम अभी दस्तावेजों की जांच कर रही है। जिसके बाद और बड़े खुलासे हो सकते है। बता दें कि आयकर विभाग की टीम ने रविवार सुबह सागर में छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान एक टीम ने भाजपा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर और उनके भाई कुलदीप राठौर के घर छापेमारी की। वहीं, दूसरी टीम ने पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी, उनके भाई बृजेश केशरवानी और सहयागी राकेश छावड़ा के घर छापा मारा था। तीन दिन की जांच के बाद आईटी की टीम को करोड़ों की संपत्ति और लेनदेन का पता चला है। किसके घर क्या मिला था? पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी के घर से 140 करोड़ से ज्यादा के नकद लेनदेन के दस्तावेज मिले थे। साथ 7 बेनामी लग्जरी कारें और करीब 4.7 किलो सोना और गहने मिले था। सोने और गहनों के दस्तावेज दिखाने के कारण आईटी टीम ने इसे जब्त नहीं किया था।भाजपा पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर के बंगले से 14 किलो सोना और 3.8 करोड़ रुपये नकद मिले थे। कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज के साथ करोड़ों के लेनदेन और टैक्स चोरी की बात भी सामने आई थी। इसके अलावा उनके घर में तीन मगरमच्छ भी पले हुए मिले थे। जिन्हें देखकर आयकर विभाग की टीम भी हैरान रह गई थी।

सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री काश्यप ने किया उद्योग संघों के प्रतिनिनिधों से संवाद

भोपाल सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने उद्योग संघों के प्रतिनिनिधों से कहा है कि प्रदेश सरकार ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नई एमएसएमई (MSME) पॉलिसी के साथ ही भूमि आवंटन नियम और प्रोत्साहन की ऐसी पॉलिसी लाएगी जिससे मध्यप्रदेश में स्थानीय उद्यमिता का विकास विदेशी निवेशकों को प्रदेश में उद्योग लगाने के लिये आकर्षित करने के साथ सर्वाधिक रोजगार सृजन वाले प्रदेश के रूप में उभरे। मंत्री श्री काश्यप गुरुवार को मंत्रालय में उद्योग संघों के पदाधिकारियों से एमएसएमई की प्रचलित पॉलिसी पर चर्चा और सुझाव संगोष्ठी में संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, सचिव सुश्री प्रियंका दास और उद्योग आयुक्त श्री दिलीप कुमार भी उपस्थित थे। मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि उद्योग प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझाव को नई पॉलिसी में शामिल करने से का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार नये औघोगिक क्षेत्रों के विकास और निर्यात संवर्धन पर मजबूत पहल करेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि एमएसएमई में प्रोत्साहन के लिये और भी अधिक पारदर्शी नीति बनाई जाएगी और स्टार्ट-अप के साथ क्लस्टर के विकास का नया ईको-सिस्टम बनेगा। यह नव उदमियों, अनुसूचित जाति, जनजातीय और महिलाओं की इकाईयों के लिए मददगार होगा। एमएसएमई मंत्री ने कहा कि वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने की मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप ऐसी पॉलिसी बनाई जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर निवेश और उद्योग का विकास हो सके। उन्होंने ने कहा कि संभाग स्तर पर हो रही रीजनल इंडस्ट्री कॉन्कलेव के अच्छे परिणाम परिलक्षित हुए हैं। इससे नजदीकी जिलों के उद्योगपतियों के सहभागिता से निवेश और रोजगार की संभावनाएं बनी है। मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि अलगे सप्ताह निर्यात को बढ़ाने के लिए एक वृहद कार्यशाला होगी। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर स्थापित किए गए निवेश सेंटर वन, स्टॉप सेंटर के रूप में उद्योगपतियों से निरंतर संवाद स्थापित करेगी। मंत्री श्री काश्यप कहा कि कलेक्टर्स इस समिति को लीड करेंगे। मंत्री श्री काश्यप ने बताया कि एमएसएमई की प्रोत्साहन सब्सिडी को बढ़ाकर 700 से 1100 करोड़ रूपए कर दिया गया है। उद्योग परिसंघों ने सरकार की इस पहल पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि एक ऐसा पोर्टल विकसित किया जा रहा है जिसमें पॉलिसी और नीतियों के साथ उद्योगपतियों का एक ही जगह डाटा संग्रहित होगा। उद्योग संघों के प्रतिनिधियों को प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र सिंह ने भी आश्वस्त किया कि नई पॉलिसी में उद्योगों के बेहतर विकास की नीति अपनाई जाएगी। संवाद में एमएसएमई विकास नीति के संबंध में मुख्य रूप से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ट्रांसपोर्ट अनुदान, नवकरणीय ऊर्जा मुख्यत: सोलर प्लांट को सहायता, जेड प्रमाणन को बढ़ावा देने, इंडस्ट्रियल अवशिष्ट के लिए सहायता एवं टेस्टिंग लैब को बढ़ावा देने के सुझाव प्रतिनिधियों के द्वारा दिए गए। औघोगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने दोहरे कराधान को समाप्त करने, भूखंड हस्तानांतरण नीति को सरल किए जाने, महिला उद्मियों द्वारा संचालित व्यवसायों को अधोसंरचना प्रदान करने, बड़े शहरों के साथ सभी जिलों में एमएसएमई के लिए नए औदयोगिक क्षेत्र विकसित करने, प्रोत्साहन नीति में डाइ मोल्ड एंड फिक्चर क्षेत्र को शामिल करने, बड़े शहरों में बहुमंजिला औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण तथा वर्तमान उद्योगों की उत्पादन लागत कम करने गुणवत्ता बढ़ाने नवीन तकनीक एवं के प्रयोग एवं आधुनिकीकरण पर अतिरिक्त अनुदान प्रदान करने जैसे सुझाव दिए। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती गोविंदपुरा इंडस्ड्री, एसोसियेशन फिक्की, दलित इण्डियन चेम्बर ऑफ कामर्स (डिक्की), सी.आई.आई., एमडी सुव्रत इण्डस्ट्रीयल सिस्टम, पीएचडीसीसीआई एसोचेम, मण्डीदीप इण्ड, एसोसियेशन, एसोसिएशन ऑफ इण्डस्ट्रीज इन्दौर, अवंतिका उद्योग संघ उज्जैन, एमआईएमपी उज्जैन, मावे जबलपुर एवं बगरोदा औद्योगिक संघ भोपाल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

आज प्रदेश में धूप से तापमान में हल्की बढ़ोतरी, कल इन जिलों में होगी जमकर बारिश

लखनऊ प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से ठंड का प्रभाव जारी है, लेकिन गुरुवार को दिन में धूप से तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। हालांकि, रात का मौसम ठंडा और कोहरे से ढका रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे ठंड में और वृद्धि हो सकती है। गुरुवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ठंड से लोग कांप गए। यहां का अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि शुक्रवार को घने कोहरे की संभावना है। शुक्रवार को अनुमान है कि अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। प्रदेश कई हिस्सों में मौसम का मिजाज शुष्क होगा, लेकिन घने कोहरे से विजिबिलिटी कम रहेगी। इन ज‍िलों में गरज चमक के साथ होगी बारिश आईएमडी के अनुसार उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार और शनिवार गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जिसमें चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर, और बरेली जैसे जिले शामिल हैं। कानपुर में पड़ी सबसे ज्यादा ठंडा प्रदेश में सबसे ज्यादा ठंड कानपुर में पड़ी। वहां का न्यूनतम तापमान सबसे कम 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। उसके बाद सोनभद्र में लोगों की ठंड से कंपकंपी छूट गई, क्योंकि वहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस था। बुलंदशहर में भी जमकर ठंड पड़ी, वहां 5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। बढ़ती ठंड के कारण मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को सलाह दी है कि वह अपना बचाव करें। अलाव जलाकर रखें, जिससे समय-समय पर खुद को गर्म रख सकें। मौसम विभाग ने कहा है कि शुक्रवार को आगरा में कोहरा या धुंध देखने को मिलेगी। दोपहर के बाद मौसम साफ होगा।  

जबलपुर में हुईं संसद की संचार और सूचना प्रौद्योगिकी स्थायी समिति की बैठकें

मध्यप्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर है राज्यसभा की सूचना और संचार प्रौद्योगिकी की स्थायी समिति भोपाल राज्यसभा के सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) प्रबंधन पर संसदीय स्थायी समिति की बैठकें गुरुवार को जबलपुर में हुईं। बैठकों की अध्यक्षता समिति के चेयरमेन राज्यसभा सांसद श्री निरंजन बिशी ने की। बैठकों में राज्यसभा सांसद श्री गुलाम अली समेत समिति के सदस्य सम्मिलित हुए। इन बैठकों में तकनीकी प्रगति के माध्यम से सार्वजनिक सेवाओं को सशक्त बनाने तथा नागरिकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर विशेष बल दिया गया। समिति के सदस्यों का दल 9 जनवरी से 11 जनवरी तक मध्यप्रदेश के जबलपुर और कटनी के दौरे पर रहेगा। समिति की पहली बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), राज्य सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और स्थानीय प्राधिकरणों प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई। बैठक में मध्यप्रदेश में सार्वजनिक सेवाओं के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग और इसके संबंध में सार्वजनिक संस्थानों द्वारा उठाए गए कदमों पर विचार-विमर्श किया गया। स्थायी समिति की दूसरी बैठक में एम.पी. राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम, पुलिस अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन तथा कॉमन सर्विस सेंटर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यहाँ साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल एवं नागरिकों के डेटा की सुरक्षा के लिए साइबर कानूनों के प्रवर्तन पर चर्चा की गई। तीसरी बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (भारतीय स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक) और डाक विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक में वित्तीय संस्थानों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय तथा नागरिकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ। साइबर सुरक्षा को लेकर आयोजित बैठक में पुलिस अधिकारी व संबंधित विषय से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। राज्यसभा की सूचना और संचार प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति की बैठकों में प्रदेश के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, संभागायुक्त श्री अभय वर्मा, डीआईजी श्री अतुल सिंह, कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय, नगर निगम कमिश्नबर श्रीमती प्रीति यादव और अपर कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।  

‘मैं भी बाघ’ और ‘हम हैं बदलाव’ थीम पर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान-जू में अनुभूति कार्यक्रम

भोपाल वन विभाग द्वारा अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली विद्यार्थियों को वन, वन्य-प्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण के बारे में जानकारी दी गयी। मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड के समन्वय से “मैं भी बाघ’’ और “हम हैं बदलाव’’ थीम पर प्रशिक्षण-सह-जागरूकता शिविर 9 जनवरी को आयोजित किया गया। शिविर में शासकीय राजीव गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, माचना कॉलोनी भोपाल के 108 छात्र-छात्राओं एवं 7 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। अनुभूति कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर के रूप में श्री ए.के. खरे, सेवानिवृत उप वन संरक्षक के साथ-साथ वन विहार के बायोलॉजिस्ट श्री विजय नंदवंशी भी उपस्थित रहे। इस दौरान संचालक वन विहार श्री मीना अवधेशकुमार शिवकुमार, सहायक संचालक वन विहार श्री एस.के. सिन्हा एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे। शिविर में सम्मिलित हुए प्रत्येक बच्चे को अनुभूति बुक, अनुभूति बैग, कैप, वन विहार के ब्रोशर के साथ-साथ जलीय पक्षी, स्थलीय पक्षी, तितली प्रजाति, गिद्ध कुंजी के ब्रोशर भी प्रदान किये गये। विद्यार्थियों को मास्टर ट्रेनर एवं नवीन प्रेरकों द्वारा पक्षी दर्शन, वन्यप्राणी दर्शन, प्रकृति पथ भ्रमण, स्थल पर विद्यमान वानिकी गतिविधियों एवं फूड चैन की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही प्रतिभागियों ने फूड वेब, फूड चेन सम्बंधित खेल, खेलकर जानकारी प्राप्त की। वन, वन्यप्राणी व पर्यावरण से संबंधित रोचक गतिविधियों कराई गई। उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया। छात्र/छात्राओं को वन्यप्राणियों को कैसे रेस्क्यू किया जाता है, इस संबंध में वन विहार में उपलब्ध रेस्क्यू वाहन के माध्यम से रेस्क्सू टीम द्वारा अवगत कराया गया। समापन अवसर पर संचालक वन विहार श्री मीना अवधेशकुमार शिवकुमार द्वारा शिविर में सम्मिलित प्रतिभागियों को शपथ दिलाई गई एवं पुरस्कार तथा प्रमाण पत्र प्रदान किये गये। अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी शिविर 14 जनवरी को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में आयोजित किया जायेगा।  

पंजाब सिंध बैंक और रेस्टोरेंट में देर रात लगी आग, एटीएम सहित कई सामान जला

कटनी कटनी के रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र के बरगवां स्थित मुख्य मार्ग पर पंजाब सिंध बैंक और उसके बगल में संचालित रेस्टोरेंट में देर रात आग भड़क उठी। नगर निगम की फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मशक्कत के बाद 4 घंटे में आग पर काबू पाया। आग में कितना नुकसान हुआ है, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं लग सकती है लेकिन बिल्डिंग का एक हिस्सा आग में जलकर खाक हो गया। जानकारी के अनुसार रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र के मुख्य मार्ग में पंजाब सिंध बैंक और उसका एटीएम संचालित है। अचानक से धुंआ उठने लगा उसके ही बगल में अलीबा रेस्टोरेंट का संचालन एक ही भवन में हो रहा था। 12 बजे रेस्टोरेंट के कर्मचारी काम बंद करके चले गए। कुछ लोग बगल के कमरे में आराम कर रहे थे। अचानक से बिल्डिंग से धुंआ उठने लगा इसके बाद रेस्टोरेंट के कर्मचारी बाहर निकले और थोड़ी भी देर में देखते-देखते आग ने पूरी बिल्डिंग को कब्जे में ले लिया। एटीएम जलकर खाक हो गया आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थी जिसकी सूचना पुलिस और पुलिस को दी गई। नगर निगम की फायर ब्रिगेड ने चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बैंक के अंदर तक आग नहीं पहुंची है लेकिन एटीएम जलकर खाक हो गया। रेस्टोरेंट का एक हिस्सा भी जल गया वहीं रेस्टोरेंट का एक हिस्सा आग में जल गया। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है। फिलहाल भवन को खोलने के बाद जानकारी लग पाएगी की अंदर क्या नुकसान हुआ है।

आर्ट ऑफ लिविंग अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में चार दिवसीय मध्यप्रदेश महोत्सव का भव्य शुभारंभ

भोपाल आर्ट ऑफ लिविंग अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, बेंगलुरु में मध्यप्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित गए चार दिवसीय मध्यप्रदेश महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव का उद्देश्य मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, संगीत और कलात्मक धरोहर को बढ़ावा देना और इसे विश्व स्तर पर प्रस्तुत करना है। इस आयोजन में मध्यप्रदेश के कई कलाकार हिस्सा ले रहे हैं, जो प्रदेश की अनूठी सांस्कृतिक और लोक परंपराओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान लोक संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां भी लोगो को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। गुरुवार शाम सुप्रसिद्ध उदय भानवलकर द्वारा सुरमई ध्रुपद संगीत सुनाया गया एवं जाने-माने किरण बामनेरे और आमिर खान द्वारा आकर्षक वायलिन-सरोद की जुगलबंदी प्रस्तुत की गई। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की अपर प्रबन्ध संचालक बिदिशा मुखर्जी ने इस मौके पर कहा “आर्ट ऑफ लिविंग दुनिया की प्रमुख और अग्रणी आध्यात्मिक संगठनों में से एक है, जो भारत और विदेशों से साधकों और अनुयायियों को एक साथ लाता है। यह मंच निस्संदेह मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने का सबसे बेहतरीन अवसर है। यहाँ पर्यटन विभाग द्वारा भिन्न-भिन्न प्रदर्शनियाँ लगायी गई है। जिसमें प्रचार-प्रसार, फ़िल्म, निवेश, ग्रामीण पर्यटन के साथ मृगनयनी एंपोरियम एवं अन्य क्राफ्ट भी प्रदर्शित किए जा रहे है। प्रदेश के छह रीजन के खाने की स्टाल भी लगाये गये है। जो हर दिन अलग-अलग व्यंजन परोसेंगे” मध्यप्रदेश महोत्सव में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार की गई कला कृतियों और चंदेरी की साड़ियों ने भी अपनी छाप छोड़ रही है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में निवेश और फ़िल्म निर्माण के अवसरों पर भी पर्यटकों को जानकारी दी जा रही है। इसके साथ गोंड और भील चित्रकला, ज़री-जरदोज़ी, और चंदेरी सिल्क जैसी मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध हस्तशिल्प और वस्त्रों की प्रदर्शनी ने दर्शकों का ध्यान खींच रहे है। महोत्सव में पारंपरिक व्यंजनों का भी लोगो द्वारा लुत्फ उठाया जा रहा है। जिसमे इंद्रहार, मावा बाटी, भुट्टे की कीस और रागी बालूशाही जैसे लज़ीज़ व्यंजन उपलब्ध है। महोत्सव के माध्यम से आर्ट ऑफ लिविंग और मध्यप्रदेश संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने एक मंच पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया है। यह आयोजन मध्यप्रदेश की समृद्ध परंपरा और कला को संजोने और आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहा है। महोत्सव 12 जनवरी तक चलेगा, जिसमें कई हज़ार दर्शकों और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। प्रतिभागी इस दौरान ध्यान, ज्ञान और गुरुदेव श्री श्री रविशंकर की उपस्थिति का अनुभव भी करेंगे।  

डीमैट खातों की संख्या पहुंची 185 मिलियन के पार

नई दिल्ली. बीते वर्ष 2024 में देश में डीमैट खातों की संख्या में जबरदस्त उछाल दर्ज हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस एक वर्ष की अवधि में डीमैट खातों की संख्या में करीब 46 मिलियन की वृद्धि हुई, जो प्रति माह औसतन 3.8 मिलियन खातों की वृद्धि को दर्शाता है। एनएसडीएल और सीडीएसएल के अनुसार, इससे पिछले वर्ष 2023 की तुलना में नए डीमैट खातों में 33 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जिससे अब कुल डीमैट खातों की संख्या 185.3 मिलियन हो गई है। कोरोना काल के बाद से ही भारत में डीमैट खातों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। डीमैट खातों की संख्या में उछाल की वजह खाता खोलने की आसान प्रक्रिया, स्मार्टफोन का बढ़ता इस्तेमाल और अनुकूल मार्केट रिटर्न जैसे कारकों को माना जा रहा है। 2019 में 39.3 मिलियन से पिछले पांच वर्षों में डीमैट खातों की संख्या चार गुना से अधिक हो गई है। 2024 के पहले नौ महीनों में सेकेंडरी मार्केट में लाभ और रिकॉर्ड आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के बीच 36 मिलियन डीमैट खाते जोड़े गए। 2021 से औसतन हर साल 3 करोड़ नए डीमैट खाते खोले गए हैं। एसबीआई रिसर्च के अनुसार, “भारत में 2021 से हर साल कम से कम 3 करोड़ नए डीमैट खाते खोले जा रहे हैं और लगभग हर चार में से एक अब महिला निवेशक है, जो बचत के वित्तीयकरण के चैनल के रूप में पूंजी बाजार का इस्तेमाल करने के बढ़ते प्रचलन को दर्शाता है।” इसके अलावा, पिछले 10 वर्षों में डीमैट खातों की संख्या में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। देश में अगस्त 2024 तक 17.10 करोड़ से अधिक डीमैट खाते खोले जा चुके थे। जबकि वित्त वर्ष 2014 में डीमैट खातों की यह संख्या 2.3 करोड़ थी। इस अवधि के दौरान डीमैट खातों की संख्या में 650 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

प्रतीका रावल ने कहा – मनोविज्ञान की छात्रा होने से क्रिकेट में काफी मदद मिली

नयी दिल्ली. भारत की युवा क्रिकेटर प्रतीका रावल ने कहा कि मनोविज्ञान की छात्रा होने से उन्हें सीनियर महिला टीम में अपनी जगह पक्की करने में मदद मिली क्योंकि उन्हें मानसिक पहलू के महत्व के बारे में पता था। प्रतीका ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल ही में हुई महिला वनडे श्रृंखला में शानदार पदार्पण करके स्मृति मंधाना के साथ पारी की शुरूआत के लिये अपना दावा पक्का किया है। प्रतीका ने पहले दो मैचों में 40 और 76 रन बनाये। चौबीस वर्ष की प्रतीका ने कहा कि मनोविज्ञान में उनकी गहरी रूचि और क्रिकेट के लिये प्यार ने भारतीय टीम तक उनका सफर आसान किया। उन्होंने बीसीसीआई द्वारा ‘एक्स’ पर साझा किये गए वीडियो ‘प्रतीका रावल : मनोविज्ञान का क्रिकेट से मिलन’ में कहा, ‘‘मैं इंसानी दिमाग के बारे में पढना चाहती थी। जब मैने पढना शुरू किया तो मैं जानना चाहती थी कि हम मैदान पर और उससे बाहर हालात का सामना कैसे करते हैं। इससे मुझे क्रिकेट में भी काफी मदद मिली।’’ दिल्ली की इस क्रिकेटर ने कहा, ‘‘जब मैं मैच से पहले मैदान पर होती हूं तो खुद से काफी सकारात्मक बातें करती हूं। मैं अभी क्या करना चाहती हूं और भविष्य में क्या करूंगी। बल्लेबाजी के दौरान भी मैं खुद से कहती हूं कि तुम बेस्ट हो और यह कर सकती हो।’’ आयरलैंड के खिलाफ आगामी वनडे श्रृंखला के लिये टीम में जगह बरकरार रखने वाली रावल ने कहा, ‘‘मैं मॉडर्न स्कूल बाराखम्बा में पढती थी। मेरे परिवार का जोर शिक्षा पर हमेशा रहा हालांकि क्रिकेट के लिये अपने प्यार और जुनून से मुझे इनकार नहीं है। मैं हमेशा से क्रिकेट ही खेलना चाहती थी। ’’

2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 6.8 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद : रिपोर्ट

नई दिल्ली. एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 6.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि होने का अनुमान है। यह तेजी मजबूत हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर की वजह से देखी जा रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, अगले वित्त वर्ष के दौरान नोमिनल जीडीपी वृद्धि लगभग 10.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस वृद्धि के प्रमुख संकेतकों में मजबूत हवाई यात्री यातायात, सेवा पीएमआई में वृद्धि और जीएसटी संग्रह में वृद्धि शामिल है। इसके अतिरिक्त, रबी फसल की अधिक बुवाई से कृषि विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक स्थिर आधार प्रदान करेगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत त्योहारी मांग और आर्थिक गतिविधि में लगातार सुधार के कारण लचीलापन दिखाया है। यह लचीलापन हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर के रूप में दिखाई देता है, जिन्होंने वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में शानदार वृद्धि दिखाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024-25 में मंदी तो रहेगी, लेकिन अच्छी बात यह है कि वित्त वर्ष 2025 में निजी और सरकारी खपत में क्रमशः 7.3 प्रतिशत और 4.1 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है। इसके अलावा, निर्यात वृद्धि में वित्त वर्ष 2024 में 2.6 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले 5.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज होने की संभावना है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2024-25 की दूसरी छमाही में सरकारी व्यय में तेजी आने की उम्मीद है, जो विकास के लिए अहम होगा। इसके अलावा, कृषि क्षेत्र में उच्च विकास को लेकर आशावाद देखा गया है। हालांकि, रिपोर्ट वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण नकारात्मक जोखिमों के बारे में चेतावनी देती है। रिपोर्ट के अनुसार, टैरिफ वॉर का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में आने वाला अमेरिकी प्रशासन संरक्षणवादी व्यापार नीतियों को लागू कर सकता है। इस तरह के उपाय वैश्विक व्यापार को बाधित कर सकते हैं और संभावित रूप से जवाबी कार्रवाई को गति दे सकते हैं, जिससे वैश्विक आर्थिक स्थिरता को खतरा हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है, “होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा टैरिफ नीतियों को लागू करने के बाद कई तरह के आर्थिक और रणनीतिक जोखिम बने हुए हैं। इसका वैश्विक व्यापार पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है।” रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू स्तर पर, ध्यान मुख्य आर्थिक घटनाओं पर केंद्रित रहेगा, जिसमें केंद्रीय बजट, तीसरी और चौथी तिमाही में कॉर्पोरेट प्रदर्शन और भारतीय रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति निर्णय शामिल हैं।

मैहर में सर्व-सुविधायुक्त जिला अस्पताल के साथ आवासीय कॉलोनी की भी होगी सुविधा: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मैहर में सर्व-सुविधायुक्त जिला अस्पताल के साथ अस्पताल की कॉलोनी भी बनाई जाएगी।उन्होंने मैहर में गोला मठ मंदिर के पीछे न्यू अरकंडी में जिला अस्पताल के निर्माण कार्य के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित स्थल के कचरा डंप यार्ड को मैहर-अमरपाटन की ओर उपयुक्त स्थल पर शिफ्ट करने के निर्देश दिये। विधायक श्री श्रीकांत चतुर्वेदी, कलेक्टर श्रीमती रानी बाटड़, पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। सिविल अस्पताल अमरपाटन का किया निरीक्षण उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सिविल अस्पताल अमरपाटन का निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डों में जाकर चिकित्सा सुविधाओं एवं उपचार सेवाओं का जायजा लिया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सिविल हास्पीटल अमरपाटन में अतिशीघ्र पोस्टमार्टम कक्ष का निर्माण और ब्लड स्टोरेज को सुरक्षित रखने यूनिट के लिए फ्रिज की व्यवस्था की जायेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एलके तिवारी उपस्थित रहे।  

वेस्ट हैम यूनाइटेड ने नया मुख्य कोच नियुक्त किया ग्राहम पॉटर को

लंदन. वेस्ट हैम यूनाइटेड ने ग्राहम पॉटर को ढाई साल के अनुबंध पर अपना नया मुख्य कोच नियुक्त करने की घोषणा की है। उन्होंने जुलेन लोपेटेगुई की जगह ली है, जिन्हें क्लब ने बुधवार को केवल 20 मैच खेलने के बाद बर्खास्त कर दिया था। पॉटर पहली बार अपनी नई टीम की कमान संभालेंगे, जब वेस्ट हैम शुक्रवार शाम को एफए कप के तीसरे दौर में एस्टन विला की यात्रा करेगा। वेस्ट हैम के साथ उनका पहला प्रीमियर लीग मैच 14 जनवरी को फुलहम के खिलाफ घरेलू मैदान पर लंदन डर्बी होगा। हैमर्स में उनके साथ ब्रूनो (सहायक कोच), बिली रीड (प्रथम-टीम कोच) और नार्सिस पेलाच (प्रथम-टीम कोच) शामिल होंगे। 49 वर्षीय पूर्व ब्राइटन एंड होव एल्बियन और चेल्सी के मुख्य कोच 21 महीने की अनुपस्थिति के बाद प्रीमियर लीग में लौटे, अप्रैल 2023 में चेल्सी में अपनी आखिरी भूमिका छोड़ने के बाद। पॉटर ने एक बयान में कहा, “मैं यहां आकर बहुत खुश हूं। मेरे लिए यह महत्वपूर्ण था कि मैं तब तक प्रतीक्षा करूं जब तक कि मुझे ऐसा काम न मिल जाए जो मुझे सही लगे, और साथ ही यह भी कि मैं जिस क्लब में शामिल हो रहा हूं उसके लिए मैं सही हूं। वेस्ट हैम यूनाइटेड के साथ मेरी यही भावना है।” उन्होंने कहा,”वेस्ट हैम यूनाइटेड एक बहुत बड़ा क्लब है, जो लंदन के केंद्र में है, जिसके पास दुनिया भर में जबरदस्त प्रशंसक और शानदार समर्थन है। मैंने 2023 में यूरोपा कॉन्फ्रेंस लीग में उनकी जीत के बाद के दृश्य देखे और यह स्पष्ट था कि यह एक ऐसा क्लब है जिसके पास मैदान पर और मैदान के बाहर लगातार सफल होने के लिए सब कुछ है।” पॉटर का खेल करियर 13 साल का था, जिसमें से ज़्यादातर उन्होंने बर्मिंघम सिटी, स्टोक सिटी और वेस्ट ब्रोमविच एल्बियन जैसे क्लबों के साथ फ़ुटबॉल लीग में फ़ुल-बैक के रूप में बिताया। उन्होंने 1996/97 में साउथम्प्टन के लिए आठ प्रीमियर लीग मैच खेले, जिसमें मैनचेस्टर यूनाइटेड पर 6-3 की मशहूर जीत दर्ज की। 2005 में अपना खेल करियर खत्म करने के बाद पॉटर हल यूनिवर्सिटी में फ़ुटबॉल डेवलपमेंट मैनेजर बन गए, और 2007 के विश्व कप में घाना की महिला टीम के तकनीकी निदेशक के रूप में सेकंडमेंट पर रहे। उन्होंने 2010 में ओस्टरसंड में अपनी पहली प्रबंधकीय भूमिका निभाने से पहले विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ अपने कोचिंग करियर की शुरुआत की। उन्होंने स्वीडिश क्लब को पांच सत्रों में तीन पदोन्नति के अविश्वसनीय दौर में शीर्ष उड़ान पर पहुंचाया, स्वीडिश कप जीता और एमिरेट्स स्टेडियम में आर्सेनल को हराकर यूईएफए यूरोपा लीग के नॉकआउट चरण में पहुंचे। जून 2018 में, पॉटर स्वानसी सिटी की कमान संभालने के लिए यूके लौट आए, जिसे प्रीमियर लीग से हटा दिया गया था। फिर उन्होंने एक साल बाद ब्राइटन में कार्यभार संभाला और 2020/21 में सीगल्स को प्रीमियर लीग में नौवें स्थान पर पहुंचाया। साउथ कोस्ट पर अपने परिणामों और शैली दोनों से प्रभावित होने के बाद, पॉटर सितंबर 2022 में चेल्सी चले गए, इससे पहले अप्रैल 2023 में स्टैमफोर्ड ब्रिज से प्रस्थान किया। वेस्ट हैम वर्तमान में प्रीमियर लीग तालिका में 14वें स्थान पर है, जो कि निर्वासन क्षेत्र से सात अंक ऊपर है।

36 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन पूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में हो रहे धान उपार्जन कार्य की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को समय पर उपार्जित धान की राशि प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में एक बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा एवं प्रमुख सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी से धान उपार्जन के संबंध में चर्चा की। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक साढ़े पांच लाख किसानों से अधिक किसानों से 36 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी जिलों में उपार्जन केन्द्रों पर संपन्न हो चुकी है। प्रदेश में लगभग 44 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन का अनुमान है। प्रदेश में धान का उपार्जन 23 जनवरी 2025 तक किया जा रहा है। किसानों के खाते में 5 हजार करोड़ रूपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। मकर संक्रांति पर प्रदेशभर में होंगे कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में मकर संक्रांति पर प्रदेश में हो रहे विविध कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। मकर संक्रांति पर प्रदेश में 12 से 14 जनवरी के मध्य लाड़ली बहनों की उपस्थिति में विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इन कार्यक्रमों में बहनों को गुड़-तिल खिलाने, कंगन और अन्य उपहार देने से जुड़े कार्यक्रम होंगे। जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रमों में उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान की गतिविधियों को भी इन कार्यक्रमों से संबद्ध किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का प्रसारण प्रदेशभर में होगा। सभी कार्यक्रमों को शीघ्र ही अंतिम रूप दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बतया विमुक्त घुमन्तु और अर्ध घुमन्तु समुदाय के 97 विद्यार्थी प्रशिक्षण के लिये हुए चयनित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के समग्र विकास के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशन में सबका साथ-सबका विकास के ध्येय वाक्य को मूर्तरूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहली बार प्रदेश में विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु समुदाय के छात्रों को निशुल्क प्रशिक्षण के प्रबंध सुनिश्चित किये जा रहे हैं। इसके लिये “बडी फॉर स्टडी” पोर्टल पर जिलों के विभागीय सहायक संचालकों के माध्यम से आवेदन कराये गये। इसके सकारात्मक परिणाम मिले और प्रशिक्षण के लिये 97 विद्यार्थियों का चयन किया गया। विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु समुदाय कल्याण विभाग ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा गठित राष्ट्रीय विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु समुदाय कल्याण और विकास बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर संचालित SEED परियोजना लागू की है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर और अपर मुख्य सचिव श्री अजित केसरी के निर्देशन में 11 नवंबर 2024 को राज्य स्तरीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें समस्त जिलों के विभागीय सहायक संचालकों को निशुल्क प्रशिक्षण आवेदन प्रक्रिया के लिये प्रशिक्षित किया गया। उनके द्वारा विमुक्त घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय के विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग के लिये प्रेरित कर आवेदन कराये गये। राष्ट्रीय बोर्ड विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय कल्याण एवं विकास बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर संचालित सीड परियोजना अंतर्गत इन समुदायों के सशक्तिकरण के लिये प्रथमतः चार घटक आवास, अजीविका, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में कार्य लक्षित है। योजना के शिक्षा घटक के अंतर्गत विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय के छात्र/छात्राओं को फ्री कोंचिग योजना “बडी फॉर स्टडी” के माध्यम से इस वर्ष प्रथम बार संचालित की जा रही है। योजना में अशोकनगर – 04, बड़वानी-01, भोपाल-02, बुरहानपुर -01, देवास-01, गुना-08, ग्वालियर-06, इंदौर-31, जबलपुर -01, कटनी-01, खंडवा-01, खरगौन-15, पन्ना-02, सागर-06, सतना-12, उमरिया-02, बैतुल-01, छिंदवाड़ा -01, रायसेन-01 राष्ट्रीय स्तर पर फ्री कोचिंग प्रदान करने वाला मध्यप्रदेश तीसरा प्रदेश है।

डब्ल्यूईएफ ने कहा – फ्यूचर टेक्नोलॉजी अपनाने में भारतीय कंपनियां सबसे आगे

नई दिल्ली. विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) द्वारा प्रकाशित ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ के अनुसार, भारतीय नियोक्ता प्रमुख तकनीकों को अपनाने में काफी आगे हैं। वो इस क्षेत्र में वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ने की तैयारी में है। 35 प्रतिशत नियोक्ता सेमीकंडक्टर और कंप्यूटिंग तकनीकों को अपनाने की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि 21 प्रतिशत नियोक्ता क्वांटम और एन्क्रिप्शन से परिचालन में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। 20-25 जनवरी को दावोस में होने वाली डब्ल्यूईएफ की वार्षिक बैठक से पहले जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया कि वैश्विक स्तर पर 20 प्रतिशत की तुलना में भारत में 35 प्रतिशत नियोक्ता सोचते हैं कि सेमीकंडक्टर और कंप्यूटिंग तकनीकों को अपनाने से उनके परिचालन में बदलाव आएगा। वहीं, वैश्विक स्तर पर 12 प्रतिशत की तुलना में 21 प्रतिशत भारतीय नियोक्ता सोचते हैं क्वांटम और एन्क्रिप्शन तकनीकों को अपनाने से उनके परिचालन में भी बदलाव आएगा। रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत के तेजी से बढ़ते जॉब रोल्स में, बिग डेटा स्पेशलिस्ट, एआई-मशीन लर्निंग स्पेशलिस्ट और सिक्योरिटी मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट शामिल हैं। जो कि ग्लोबल ट्रेंड से जुड़ा है।” भारत में काम करने वाली 67 प्रतिशत कंपनियों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे डायवर्स टैलेंट पूल का इस्तेमाल करें और डिग्री आवश्यकताओं को हटाकर स्किल-बेस्ड हायरिंग (कौशल आधारित नौकरी पर रखने) को अपनाएं। रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई कौशल की मांग को लेकर विश्व स्तर पर तेजी आई है, जिसमें भारत और अमेरिका सबसे आगे हैं। अमेरिका में, मांग मुख्य रूप से व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं द्वारा संचालित होती है, जबकि भारत में, कॉर्पोरेट स्पॉन्सरशिप जेनएआई ट्रेनिंग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि डिजिटल एक्सेस में वृद्धि, भू-राजनीतिक तनाव और क्लाइमेट मिटिगेशन प्रयास प्राथमिक ट्रेंड होंगे जो 2030 तक भविष्य की नौकरियों को आकार देंगे। यह रिपोर्ट 1,000 से अधिक कंपनियों के दृष्टिकोणों को एक साथ लाती है, जो सामूहिक रूप से वैश्विक स्तर पर 14 मिलियन से अधिक श्रमिकों को रोजगार देती हैं।

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