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आईसीसी पुरुष चैंपियंस ट्रॉफी आगामी नौवां संस्करण, 19 फरवरी से 9 मार्च तक पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित होगा

नई दिल्ली आईसीसी पुरुष चैंपियंस ट्रॉफी 2025 ट्रॉफी टूर ने अपने रोमांचक ऑस्ट्रेलियाई चरण का समापन किया। टूर्नामेंट का आगामी नौवां संस्करण, 19 फरवरी से 9 मार्च तक पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित किया जाना है। इस जीवंत दौरे के दौरान, ट्रॉफी ने मेलबर्न और सिडनी में प्रतिष्ठित स्थानों का दौरा किया, जहां प्रशंसकों ने विभिन्न गतिविधियों और क्रिकेट दिग्गजों की प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों का मनोरंजन किया। ऑस्ट्रेलियाई चरण ने प्रशंसकों और मीडिया को पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर और दो बार के आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी विजेता शेन वॉटसन से बातचीत करने का अवसर भी दिया, जिन्होंने इस आयोजन की अनूठी प्रकृति और आगामी संस्करण के लिए अपनी भविष्यवाणियों के बारे में विस्तार से बताया। ट्रॉफी को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान भी प्रदर्शित किया गया था, जो मेलबर्न और सिडनी में आयोजित चौथे और पांचवें टेस्ट में दिखाई दी, जहां इरफान पठान, एडम गिलक्रिस्ट, माइकल वॉन और जस्टिन लैंगर जैसे पूर्व क्रिकेट सितारों ने ट्रॉफी के साथ पोज़ दिया। मेलबर्न में, ट्रॉफी को कई प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया गया, जैसे मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी), फ्लिंडर्स स्ट्रीट, यारा रिवर और होज़ियर लेन। मेलबर्न में अपने समय के बाद, यह दौरा सिडनी में जारी रहा, जहां प्रशंसक बॉन्डिंग के बीच, सिडनी हार्बर, सिडनी ओपेरा हाउस और प्रतिष्ठित सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) में ट्रॉफी देखी जा सकती थी।  

‘चीनी हस्तक्षेप से मुक्त व सभी के व्यापार के लिए खुली है’, पनामा नहर प्रशासक ने ट्रंप के बयान को किया ख़ारिज

वाशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद से दुनियाभर में पनामा नहर का मामला चर्चा में है। अब पनामा नहर के प्रशासक ने साफ कर दिया है कि पनामा नहर के अमेरिका कब्जे में जाने की कोई संभावना नहीं है और नहर का प्रशासन पनामा के हाथों में ही रहेगा। साथ ही उन्होंने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि चीन नहर के संचालन को नियंत्रित कर रहा है। पनामा के नहर के प्रशासक रिकौर्टे वास्केज ने कहा कि पनामा नहर सभी देशों के लिए खुली रहेगी। रिकौर्टे वास्केज ने नहर पर चीन के नियंत्रण के दावों पर कहा कि नहर के दोनों छोर पर बंदरगाहों में काम करने वाली चीनी कंपनियां हांगकांग की है और उन्होंने साल 1997 में बोली प्रक्रिया में यह अधिकार हासिल किया था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी और ताइवान की कंपनियां नहर के किनारे के अलावा अन्य बंदरगाहों का भी संचालन कर रही हैं। पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने भी स्पष्ट रूप से कहा है कि नहर का प्रशासन पनामा के हाथों में ही रहेगा। अमेरिका को पनामा नहर का नियंत्रण देने से इनकार अमेरिका के पनामा नहर पर कब्जा करने की आशंका पर वैस्केज ने कहा कि ‘इस तरह की उम्मीद का कोई आधार नहीं है। मैं बस यही कह सकता हूँ।’ वैस्केज ने इस बात पर जोर दिया कि पनामा नहर सभी देशों के व्यापार के लिए खुली है। वैस्केज ने कहा कि तटस्थता संधि के कारण पनामा नहर प्रशासन अमेरिकी ध्वज वाले जहाजों को विशेष सुविधा नहीं दे सकता। स्थापित नियमों के तहत ही नहर का संचालन होगा। उन्होंने कहा कि नहर संचालन की प्रक्रिया स्पष्ट है और इसमें मनमाने बदलाव नहीं हो सकते। पनामा और अमेरिका के बीच की संधि में एकमात्र अपवाद अमेरिकी युद्धपोतों को तुरंत मार्ग देने का नियम ही है। ज्यादा शुल्क के आरोपों को लेकर दी ये सफाई डोनाल्ड ट्रंप ने पनामा नहर पर लगने वाले शुल्क को बहुत ज्यादा बताया था। इस पर वैस्केज ने कहा कि शुल्क में कोई भेदभाव नहीं है। शुल्क बढ़ने पर वैस्केज ने कहा कि नहर अपने लॉक को संचालित करने के लिए जलाशयों पर निर्भर करती है, लेकिन पिछले दो वर्षों के दौरान सूखे से जलाशय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। जिसके कारण जहाजों को पार करने के लिए दैनिक स्लॉट की संख्या में काफी कमी करनी पड़ी है। कम जहाजों की संख्या की वजह से प्रशासकों ने स्लॉट आरक्षित करने के लिए फीस बढ़ा दी है। पनामा नहर की वजह से जहाजों को केप हॉर्न के आसपास लंबी और महंगी यात्रा से मुक्ति मिलती है। ट्रंप ने कही थी नहर पर कब्जे की बात डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों पनामा नहर को लेकर कहा था कि अगर पनामा स्वीकार्य तरीके से पनामा नहर का प्रबंधन नहीं करता है तो फिर अमेरिका फिर से इस पर अपना कब्जा कर सकता है। उन्होंने कहा था कि हम पनामा नहर को ‘गलत हाथों’ में नहीं जाने देंगे। ट्रंप का इशारा चीन की तरफ माना जा रहा था। उन्होंने लिखा था कि पनामा नहर का प्रबंधन चीन के द्वारा नहीं किया जाना चाहिए। ट्रंप ने पनामा नहर पर कब्जे को लेकर सैन्य शक्ति के इस्तेमाल से भी इनकार नहीं किया। पनामा नहर से अमेरिका का 70 फीसदी समुद्री यातायात गुजरता है और रणनीतिक रूप से भी यह अमेरिका के लिए अहम है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने तटों के बीच वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों की आवाजाही को सुविधा जनक बनाने के 1900 के दशक की शुरुआत में पनामा नहर का निर्माण किया था। वॉशिंगटन ने साल 1977 में हुई एक संधि के तहत 31 दिसंबर, 1999 को पनामा नहर पर अपना नियंत्रण छोड़कर पनामा को इसका नियंत्रण दे दिया था।

सीढ़ी चढ़ते अचानक चक्कर खाकर गिरी, गुजरात में 8 साल की मासूम की स्कूल में हार्ट अटैक से मौत

अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली आठ साल की छात्रा की मौत हो गई। माना जा रहा है कि दिल का दौरा पड़ने से छात्रा गार्गी रानपारा की मौत हुई। थलतेज स्थित जेबर स्कूल फॉर चिल्ड्रन के प्रबंधन की तरफ से जारी सीसीटीवी फुटेज में गार्गी अपनी कक्षा की ओर जाते दिखती है और बेचैनी के कारण कुर्सी पर बैठ जाती है। प्रधानाचार्य शर्मिष्ठा सिन्हा ने बताया, गार्गी जब सुबह स्कूल पहुंची, तो सामान्य थी। लेकिन पहली मंजिल पर कक्षा की ओर जाते समय वह गलियारे में कुर्सी पर बैठ गई। बैठे-बैठे ही अचानक वह गिर गई। शिक्षकों ने उसे सीपीआर दिया, फिर अस्पताल पहुंचाया, पर उसकी जान नहीं बच सकी।

एस्टन विला ने विवादास्पद गोल से वेस्ट हैम को हराया

लंदन एस्टन विला ने शुरू में पिछड़ने के बाद वापसी करके विवादास्पद गोल के दम पर वेस्ट हैम को 2-1 से हराकर उसे एफए कप फुटबॉल टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। तीसरे दौर का यह मैच मॉर्गन रोजर्स के विजयी गोल के लिए रेफरी के खराब निर्णय के लिए याद किया जाएगा। लुकास पाक्वेटा ने नौवें मिनट में गोल करते वेस्ट हैम को बढ़त दिला दी थी लेकिन अमादौ ओनाना ने खेल समाप्त होने में 19 मिनट शेष रहते हुए विला को बराबरी दिला दी। इसके कुछ देर बाद हालांकि रेफरी ने विला को 75वें मिनट में कॉर्नर दे दिया क्योंकि ओनाना का शॉट बाहर चला गया और इसी फैसले के आधार पर रोजर्स ने विजयी गोल किया। वीडियो रीप्ले में स्पष्ट रूप से दिखाया गया कि ओनाना का शॉट वेस्ट हैम के खिलाड़ी को नहीं लगा था और इसे कॉर्नर की बजाय गोलकिक होना चाहिए था। एक अन्य मैच में वायकोम्ब ने पहले हाफ में दो गोल करके पोर्ट्समाउथ को 2-0 से पराजित किया। विजेता टीम की तरफ से ब्रैंडन हैनलान ने 17वें और सोनी ब्रैडली ने 27वें मिनट में गोल किए।  

12 जनवरी को ‘युवा दिवस’ पर समस्त विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में होगा सामूहिक सूर्य-नमस्कार

भोपाल स्वामी विवेकानंद के जन्म-दिवस 12 जनवरी को प्रतिवर्ष की तरह “युवा दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। “युवा दिवस” पर समस्त शासकीय एवं अशासकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सामूहिक सूर्य नमस्कार के साथ ही स्वामी विवेकानंद पर केन्द्रित प्रेरणादायी, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों में प्रदेश की समस्त विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 12 जनवरी को प्रात: 9 से 10:30 बजे तक सामूहिक सूर्य-नमस्कार का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत वंदे-मातरम और मध्यप्रदेश गान का सामूहिक गायन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रेडियो पर संदेश भी प्रसारित होगा, इसके साथ ही सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम कार्यक्रम संपन्न होगा। सामूहिक सूर्य-नमस्कार समस्त शिक्षण संस्थाओं में एक साथ, एक संकेत पर किया जायेगा। युवा दिवस पर पूर्वान्ह 11.30 बजे से ‘स्वामी विवेकानंद ‘युवाओं के लिए शाश्वत प्रेरणा’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता होगी। साथ ही ‘स्वामी विवेकानंद के जीवन पर चित्र प्रदर्शनी एवं उनके शिकागो व्याख्यान के वीडियो का प्रदर्शन किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने समस्त शासकीय एवं अशासकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सामूहिक सूर्य-नमस्कार और इससे जुड़े कार्यक्रमों में स्वयंसेवी संगठनों और आम लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने के लिये कहा है। समस्त शासकीय एवं अशासकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में होने वाले सामूहिक सूर्य-नमस्कार में मंत्रीगण, सांसद, महापौर, अध्यक्ष जिला पंचायत, विधायक, अध्यक्ष नगरपालिका एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधि सहित विद्यार्थियों एवं जनसामान्य की भी सहभागिता होगी। सामूहिक सूर्य-नमस्कार में शामिल विद्यार्थियों को योग और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के महत्व के बारे में भी बताया जायेगा।  

गठबंधन के लिए कांग्रेस पर साधा निशाना, स्थानीय निकायों में शिवसेना (यूबीटी) अकेले लड़ेगी चुनाव

मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने बताया कि उनकी पार्टी विभिन्न स्थानीय निकायों के चुनाव अकेले लड़ेगी। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन और महाविकास अघाड़ी गठबंधन केवल लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए था। उन्होंने आगे बताया कि गठबंधन में अलग-अलग पार्टियों के कई कार्यकर्ताओं को मौका नहीं मिलता है। यह संगठनात्मक विकास में बाधा डालता है। पत्रकारों से बात करते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, “गठबंधन में अलग-अलग पार्टियों के कार्यकर्ताओं को मौका नहीं मिलता और इससे संगठनात्मक विकास बाधित होता है। हम अपनी ताकत के दम पर मुंबई, ठाणे, नागपुर और अन्य नगर निगमों, जिला परिषदों और पंचायतों में चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी को संकेत दिए कि उन्हें अकेले चुनाव लड़ना चाहिए।” कांग्रेस पर साधा निशाना कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार पर निशाना साधते हुए संजय राउत ने कहा कि जो लोग आम सहमति और समझौते पर भरोसा नहीं करते उन्हें गठबंधन में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के बाद इंडी गठबंधन ने एक भी बैठक नहीं की। शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा, इंडी गठबंधन के लिए हम एक संयोजक तक नियुक्त नहीं कर पाए। यह अच्छा नहीं है। गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बैठक बुलाने की जिम्मेदारी कांग्रेस की थी। उन्होंने आगे कहा, यह कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि वे इंडी गठबंधन को बचाए। कांग्रेस एक महान पार्टी है। यह सच है कि इंडी गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए बना था। लोकसभा चुनाव के बाद एक बैठक नहीं हुई। पीएम मोदी के पॉडकास्ट पर दी प्रतिक्रिया पीएम मोदी के पहले पॉडकास्ट पर भी संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी। अपने पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने कहा था कि वे एक इंसान हैं और गलतियां कर सकते हैं। इस पर शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा, “वे (पीएम मोदी) भगवान हैं। मैं उन्हें इंसान नहीं मानता। भगवान तो भगवान हैं। अगर कोई उन्हें भगवान का अवतार मानता है तो वे इंसान कैसे हो सकते हैं। वह विष्णु का 13वां अवतार है। अगर किसी इंसान को भगवान माना जाता है, लेकिन वह कहता है कि वह इंसान है तो इसमें कुछ गलत है।”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज 58.463 करोड़ रुपये की लागत के 19 कार्यो का करेंगे लोकार्पण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 जनवरी को सेंधवा कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़वानी जिले के 2 परियोजनाएं सेंधवा और निवाली उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना का भूमि पूजन भी करेंगे। साथ ही 2580.827 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले 13 कार्यो का भूमि-पूजन तथा 58.463 करोड़ रुपये की लागत के 19 कार्यो का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई रकबे में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। प्रदेश में वर्ष 2003 में सिंचाई का रकबा लगभग 3 लाख हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 50 लाख हेक्टेयर हो गया है। वर्ष 2028-29 तक 1 करोड़ हेक्टेयर करने का हमारा लक्ष्य है। सेंधवा उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना की जानकारी 1402.74 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सेंधवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से जिले के 98 ग्रामों में लगभग 44148.50 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा होगी। परियोजना से लगभग 53 हजार कृषक लाभान्वित होंगे। बड़वानी तहसील के ग्राम खेड़ी के समीप से नर्मदा नदी के जल को 2.70 मीटर व्यास की पाईप लाईन के माध्यम से 501 मीटर की उंचाई तक जल उद्वहन किया जायेगा। दाबयुक्त जल से कृषक स्प्रिंकलर/ड्रिप के माध्यम से सिंचाई का लाभ ले सकेंगे एवं कम जल से अधिक सिंचाई का लाभ मिलेगा। इस पद्धति से सिंचाई हेतु किसानों को भूमि समतल करने की आवश्यकता नहीं होगी। परियोजना के मुख्य पाईप लाईन की कुल लंबाई 56.394 किलोमीटर है। परियोजना से लाभान्वित ग्राम : सेंधवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से सेंधवा तहसील के 67 ग्राम, राजपुर तहसील के 24 ग्राम, निवाली तहसील के 06 ग्राम, बड़वानी तहसील के 01 ग्राम के कृषक लाभान्वित होंगे। निवाली उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना 1088.24 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली निवाली माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से जिले के 87 ग्रामों में लगभग 33 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। परियोजना अंतर्गत तहसील पाटी के ग्राम बोरखेड़ी के समीप से नर्मदा नदी के जल को 2.60 मीटर व्यास की पाईप लाईन के माध्यम से 465 मीटर की उंचाई तक जल उद्वहन किया जायेगा। दाबयुक्त जल से कृषक स्प्रिंकलर/ड्रिप के माध्यम से सिंचाई का लाभ ले सकेंगे एवं कम जल से अधिक सिंचाई का लाभ मिलेगा। इस पद्धति से सिंचाई हेतु किसानों को भूमि समतल करने की आवश्यकता नही होगी। परियोजना के मुख्य पाईप लाईन की कुल लंबाई 40.183 किलोमीटर है। परियोजना से तहसील पाटी के 29 ग्राम, बड़वानी के 26 ग्राम और निवाली के 32 ग्रामों के कृषक लाभान्वित होंगे।  

कैपिटल माइंड के CEO शेनॉय का 90 घंटे काम को समर्थन, ‘मैं सप्ताह में 100 घंटे काम करता हूं’

नई दिल्ली। लार्सन एंड टूब्रो (एल एंड टी) के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन के सप्ताह में 90 घंटे काम करने के बयान ने सोशल मीडिया पर कार्य संतुलन को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। अब इस मामले पर एक और कारोबारी  कैपिटल माइंड के संस्थापक और सीईओ दीपक शेनॉय की प्रतिक्रिया सामने आई है। जिसमें उन्होंने उत्पादकता और कार्य संतुलन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि, वे अक्सर सप्ताह में 100 घंटे से ज्यादा काम करते हैं। ‘असली काम दिन में 4-5 घंटे में होता है’ एसएन सुब्रह्मण्यन के बाद एक्स पर कैपिटलमाइंड के संस्थापक और सीईओ दीपक शेनॉय ने लिखा कि मैंने अपने पूरे कार्यकाल में शायद सप्ताह में 100 घंटे काम किया है, लेकिन उसमें से अधिकांश काम मैंने एक कारोबारी के तौर पर किया है। आपको काम के घंटे लागू करने की जरूरत नहीं है, जो लोग प्रेरित हैं वे खुशी से काम करेंगे। वैसे भी अधिकतर असली काम दिन में 4-5 घंटे में होता है, लेकिन आपको नहीं पता कि ऐसा कब होता है। दीपक शेनॉय ने आगे लिखा कि मुझे अभी भी बैठकों को काम कहना मुश्किल लगता है, लेकिन इसमें उस काम से ज्यादा ऊर्जा लगती है जिसे मैं काम कहता हूं। कुछ हद तक यह काम ‘एक्स’ घंटे का तर्क मेरे लिए समझ से परे है। जब मैं खेलता हूं, तो मैं जमकर खेलता हूं। जब मैं काम करता हूं, तो मैं जमकर काम करता हूं। एसएन सुब्रह्मण्यन की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर जमकर लोगों और सेलेब्रिटी की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। उद्योगपति हर्ष गोयनका ने एक्स प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में लिखा कि सप्ताह में 90 घंटे? संडे का नाम बदलकर ‘सन-ड्यूटी’ क्यों न कर दिया जाए और ‘छुट्टी का दिन’ को एक मिथकीय अवधारणा क्यों न बना दिया जाए? मैं कड़ी मेहनत और समझदारी से काम करने में विश्वास करता हूं, लेकिन जीवन को एक सतत कार्यालय शिफ्ट में बदल देना? यह सफलता नहीं, बल्कि बर्नआउट का नुस्खा है। वहीं इस मामले पर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने कहा कि,  ऊंचे पदों पर बैठे लोगों के मुंह से इस तरह का बयान सुनना चौंका देने वाला है। मानसिक स्वास्थ्य मायने रखता है। पूर्व बैडमिंटन स्टार ज्वाला गुट्टा ने एलएंडटी के चेयरमैन पर जमकर निशाना साधा। ज्वाला गुट्टा ने लिखा कि, उसे अपनी पत्नी को क्यों नहीं निहारना चाहिए और केवल रविवार को ही क्यों? यह दुखद और कभी-कभी अविश्वसनीय है कि ऐसे पढ़ें लिखे और बड़े संगठनों के ऊंची पदों पर बैठे लोग मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक आराम को सीरियस नहीं ले रहे हैं और इस तरह के महिला विरोधी बयान दे रहे हैं। कर्मचारियों को सप्ताह में 90 घंटे काम करना चाहिए: सुब्रह्मण्यन सुब्रह्मण्यन ने कहा था कि कर्मचारियों को सप्ताह में 90 घंटे काम करना चाहिए और रविवार को भी छुट्टी नहीं लेनी चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों से पूछा, “आप अपनी पत्नी को कितनी देर तक घूर सकते हैं?” उन्होंने कर्मचारियों से घर पर कम और कार्यालय में ज्यादा समय बिताने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुझे खेद है कि मैं आपको रविवार को काम करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अगर मैं आपको रविवार को काम करने के लिए बाध्य कर सक सकूं, तो मुझे अधिक खुशी होगी, क्योंकि मैं रविवार को काम करता हूं।” सुब्रह्मण्यन ने आगे सवाल किया कि घर पर रहने के दौरान कर्मचारी क्या करते हैं। उन्होंने पूछा, “आप घर पर बैठकर क्या करते हैं? आप अपनी पत्नी को कितनी देर तक घूर सकते हैं?” तो फिर चलो चलो, दफ्तर आओ और काम करना शुरू करो।

मप्र में 7 साल बाद भी कैंपा प्राधिकरण का गठन नहीं, केंद्र को दिखाया ठेंगा

Even after 7 years, CAMPA authority has not been formed in Madhya Pradesh, showing contempt to the Centre. भोपाल। केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय ने अगस्त 2018 को सभी राज्यों में प्रतिपूरक वनीकरण कोष एवं योजना प्राधिकरण कैपा गठन के निर्देश दिए थे। 7 साल बीत जाने के बाद भी मप्र में कैंपा प्राधिकरण का गठन नहीं हो पाया। जबकि केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के आधार पर प्राधिकरण के गठन के आदेश दिए थे। यानी मप्र में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की भी हो रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय के निर्देश पर देश के अन्य राज्यों में कैंपा प्राधिकरण का गठन हो गया है। जबकि मप्र में अभी तक पीसीसीएफ का एक पद बचाने के लिए गठन नहीं किया गया। मौजूदा काल में राज्य कैडर में पीसीसीएफ के पद भी कम हो गए हैं। बावजूद इसके प्राधिकरण का गठन करने को लेकर शीर्ष अफसरों द्वारा न केवल आना-कानी की जा रही है, बल्कि मुख्य सचिव से लेकर मुख्यमंत्री तक गलत तथ्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं। विभाग में स्थितियां है कि पीसीसीएफ कैंपा का पद हथियाने के लिए वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी एड़ी से चोटी तक का जोर लगा रहे हैं। अब तक जितने भी पीसीसीएफ कैंपा के पद पर पदस्थ रहे आईएफएस अफसरों की मुख्यमंत्री हाउस तक सीधी पहुंच रही है। फिलहाल मौजूदा स्थिति में पीसीसीएफ कैम्पा पद पर पीके सिंह है, जो 31 जनवरी को सेवामुक्त हो रहें हैं। अब तो बना दिया जाना चाहिए कैंपा प्राधिकरण लंबे समय तक केंद्र में अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाने वाले अनुराग जैन के मुख्य सचिव बनने के बाद कैंपा प्राधिकरण के गठन की संभावनाएं बढ़ गई है। कैंपा प्राधिकरण के गठन होने पर पीसीसीएफ कैंपा का पद समाप्त हो जाएगा, क्योंकि इसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पद का प्रावधान है। इस पद पर एवीसीसीएफ स्तर के अधिकारी को ही सीईओ पदस्थ जा सकता है। नाथ सरकार ने नहीं दिया प्राधिकरण पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार के कार्यकाल bमें तत्कालीन अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव ने केंद्र के निर्देश पर राज्य में कैथा प्राधिकरण के गठन की पहल शुरू की। प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया शुरू होते ही तत्कालीन पीसीसीएफ पद पर विराजे एबी गुप्ता छिंदवाड़ा की दौड़ लगा दीथी। तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल ने गुप्ता की मुलाकात कमलनाथ से कराई। इस मुलाकात में कैंपा पीसीसीएफ गुप्ता के बाद नाथ के निर्देश पर कैंपा प्राधिकरण के गठन पर विराम लग गया। कमलनाथ के बाद शिवराज सरकार ने भी प्राधिकरण के गठन पर पहल नहीं की। इसकी वजह भी स्पष्ट थी कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने करीबी रिश्तेदार महेंद्र सिंह धाकड़ को पीसीसीएफ कैंपा के पद पर उपकृत करना था। केंद्र से नहीं मिली कैंपा पीसीसीएफ की मंजूरी केंद्र सरकार ने कैपा पीसीसीएफ का पद अस्थाई तौर पर 3 साल के लिए स्वीकृत किया था, जिसकी मियाद जनवरी 2019 को समाप्त हो गई। यानी 2019 के बाद से अब तक पीसीसीएफ कैंपा का पद कैडर में स्वीकृत न होने के बाद भी पोस्टिंग होती चली आ रही है। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल कैंपा प्राधिकरण संबंधित प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के समक्ष मूव करना चाहिए। मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव के अधीन वन विभाग भी है। यानी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और केंद्र सरकार केंद्र सरकार के निर्देश के 7 साल बाद तो मप्र प्राधिकरण का गठन कर दिया जाना चाहिए। फैक्ट फाइल

पूर्व कप्तान शॉन पोलाक ने कहा- अब नहीं चलेगी बल्लेबाजों की मनमानी, गेंदबाजों को ये छूट देने पर विचार कर रहा है आईसीसी

नई दिल्ली साउथ अफ्रीका के दिग्गज क्रिकेटर और पूर्व कप्तान शॉन पोलाक ने कहा कि आईसीसी क्रिकेट समिति गेंदबाजों को वाइड पर थोड़ी अधिक छूट देने की दिशा में काम कर रही है क्योंकि मौजूदा नियम उन पर बहुत सख्त है, विशेषकर तब जबकि बल्लेबाज आखिरी क्षणों में मूवमेंट करते हैं। वनडे और टी-20 में, बल्लेबाज गेंदबाज की लाइन और लेंथ को बिगाड़ने के लिए क्रीज पर अंतिम पलों में मूवमेंट करते हैं जिससे अक्सर गेंद वाइड हो जाती है। पोलाक ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं आईसीसी क्रिकेट समिति का हिस्सा हूं और हम वाइड गेंद पर गेंदबाजों के लिए कुछ और छूट लाने पर विचार कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इसको लेकर नियम गेंदबाजों के प्रति बहुत सख्त हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई बल्लेबाज आखिरी मिनट में उछलता है, तो यह वास्तव में गेंदबाजों के लिए आदर्श स्थिति नहीं होती है। मुझे लगता है कि एक गेंदबाज को अपने रन अप की शुरुआत में यह जानना जरूरी है कि वह कहां गेंदबाजी कर सकता है।’’ पोलाक ने कहा, ‘‘मौजूदा नियमों के अनुसार अगर गेंदबाज के गेंद छोड़ने से तुरंत पहले बल्लेबाज अपनी जगह बदलता है तो इससे गेंद वाइड दे दी जाती है। मैं इस नियम में थोड़ा बदलाव चाहता हूं।’’ इस 51 वर्षीय ऑलराउंडर ने कहा कि गेंदबाजों को रन अप के समय पता होना चाहिए कि उसे कहां गेंदबाजी करनी है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि एक गेंदबाज को रन अप के समय पता होना चाहिए कि उसे कब, क्यों या कैसी गेंद करनी है। एक गेंदबाज से यह उम्मीद कैसे की जा सकती है कि वह गेंदबाजी करते समय आखिरी सेकंड में अपनी रणनीति बदल देगा। उसे पहले ही स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए कि उसे कहां गेंदबाजी करनी है। यह मुख्य पहलू है जिस पर हम चर्चा कर रहे हैं।’’ पोलाक ने कहा कि साउथ अफ्रीका को आगामी चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में अपने खिलाड़ियों के अनुभव का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी टीम में अधिकतर वही खिलाड़ी शामिल हैं जो (वनडे) वर्ल्ड कप (2023) में खेले थे, जहां हम सेमीफाइनल में पहुंचे थे और ऑस्ट्रेलिया से हार गए थे।’’ पोलाक ने कहा, ‘‘हमारी टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो आईपीएल में खेलते रहे हैं और उपमहाद्वीप की परिस्थितियों से अच्छी तरह से अवगत हैं। इससे दक्षिण अफ्रीका को मदद मिल सकती है। हमारी टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना चुकी है और उम्मीद है कि कुछ युवा खिलाड़ी सामने आएंगे। इससे हमारी टेस्ट क्रिकेट को मजबूती मिलेगी।’’

सर्दियों के लिए 5 हेल्दी आदतें आज ही अपनाएं

सर्दियों के दिनों में सुबह के वक्त उठना सबसे ज्यादा आलस भरा काम होता है और जब बात एक्सरसाइज करने की आती है तो ज्यादातर लोग इसे अगले दिन के लिए टाल देते हैं। दरअसल सर्दी के दिनों में रजाई की गरमाहट आपको उठने से रोकती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ चीजों को करने भर से आप रजाई जितनी ही गर्मी प्राप्त कर सकते हैं? आइए आपको बताते हैं ऐसे कुछ आसान टिप्स के बारे में, जिनकी मदद से आप शारीरिक और मानसिक रूप से ठंड के दिनों में खुद को फिट रख सकते हैं। ये टिप्स आपको सर्दियों में हेल्दी रखने के अलावा आपका आलसपना दूर करने में मदद कर सकते हैं। सर्दियों में 5 तरीकों से करें आलस को दूर वार्म अप करें सर्दियों के दिनों में सुबह उठकर, जो आपको सबसे पहले काम करना है वो ये कि आप हल्का-फुल्का वार्म अप करें। वार्म अप आपकी बंद आंखों को खोलने में मदद करेगा साथ ही शरीर को गर्माहट भी प्रदान करेगा। वार्म अप करने से न सिर्फ आपके शरीर को आलस दूर करने में मदद मिलेगी बल्कि आप पहले से ज्यादा बेहतर महसूस करेंगे। टहलें खाना खाने के बाद टहलना फायदेमंद माना जाता है लेकिन आप अगर सुबह-सुबह उठने के बाद थोड़ी दूर तक टहलने के लिए जाते हैं तो आप खुद को सर्दियों में फिट रख सकते हैं। आपको बस चलते वक्त अपने जोड़ों पर कम से कम दबाव डालना है और इतना ध्यान रखना है कि चलते वक्त आपके पैर बिल्कुल सही स्थिति में हों। इससे आपको अपनी हड्डियों को मजबूत बनाने में भी मदद मिलेगी। फार्टलेक ट्रेनिंग आपको कम से कम 15 मिनट तक तेजी से भागने और पैरों को जितना हो सके उतना फैला कर भागना चाहिए। ये ट्रेनिंग आपको फिट रखने के साथ-साथ शरीर को गर्म रखने में भी मदद करेगी। आप चाहें तो हर 2 मिनट बाद थोड़ी-थोड़ी दूर लंबी कूद भी कर सकते हैं या फिर हल्के-हल्के कदमों से भी दौड़ सकते हैं। स्किन का रखें ख्याल सर्दियों में अक्सर आपकी स्किन ड्राई हो जाती है इसलिए ये सलाह दी जाती है कि आपको मॉश्चराइजर का इस्तेमाल करने के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की जरूरत होती है। सर्दियों में आपके होंठ या फिर हाथों की स्किन न फटे इसके लिए आप पैट्रोलियम जेली का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अच्छी डाइट लें सर्दियों में आपको अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। सर्दियों में गर्म खाने का मतलब ये नहीं है कि आप कुछ भी खा लें। बल्कि आपको ऐसे फूड्स का विकल्प चुनना चाहिए, जो आपका वजन बढ़ाए बिना आपको अंदर से गर्म रखने में मदद करें। आप एक्सरसाइज के साथ-साथ हेल्दी डाइट जरूर फॉलो करें।

तरुणाई को ऊर्जस्व बनाये रखने ‘स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन’ का शुभारंभ विवेकानंद जयंती से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद की जयंती का दिन देश के युवाओं के लिए उस चिर युवा ऊर्जा से प्रेरणा लेकर नए संकल्प लेने का है, जो आज भी हमारी तरुणाई को ऊर्जस्व बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने ‘उत्तिष्ठ, जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत’ के उद्घोष से भारत के युवाओं को प्रेरित किया था। युवा अपने गौरवशाली अतीत को जानें, उस पर गर्व करें और उससे शिक्षा एवं प्रेरणा लेकर स्वर्णिम भविष्य के सृजन पथ पर बिना थके चलते रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द का संदेश था कि दृढ़-आत्मविश्वास से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। यह संदेश विश्व के सभी देशों से अधिक युवाओं की शक्ति से संपन्न भारत के लिए आज भी समीचीन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की 162वीं जयंती पर युवाओं का उन्मुक्त उड़ान के लिये खुला आकाश उपलब्ध कराने राज्य सरकार ‘स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन’ का शुभारंभ करने जा रही है। इस मिशन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के GYAN (ग़रीब, युवा, अन्नदाता और नारी) पर ध्यान के ध्येय मंत्र को धरातल पर साकार किया जाएगा। हम आशान्वित हैं कि यह मिशन प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित कर उनकी ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में गतिशील रखकर स्वामी विवेकानंद की अभिप्रेरणाओं को जीवंत बनाए रखेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं को सशक्त, सक्षम और समृद्ध भारत के संकल्प सिद्धि के मार्ग पर सधे हुए मजबूत कदमों से आगे बढ़ाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर हमारा यह संकल्प है कि हम इस मिशन से वर्ष-2030 तक प्रदेश के 70 प्रतिशत युवाओं की आय में और अधिक वृद्धि करने में सफल होंगे। इसके लिए वर्ष 2028 तक प्रदेश के शत-प्रतिशत युवा को 10वीं एवं 2030 तक 12वीं तक अनिवार्य रूप से शिक्षित किया जाएगा। स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन का ध्येय वाक्य, ‘संवाद-सामर्थ्य-समृदिध’ के माध्यम से ‘आत्म दीपो भवः’ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि स्वामी विवेकानंद ‘युवा शक्ति मिशन’ मध्यप्रदेश के युवाओं के सशक्तिकरण की मजबूत बुनियाद सिद्ध होगा। मिशन से युवाओं में शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक सेवा की भावनाएं विकसित होंगी। साथ ही वह आधुनिक तकनीक के कुशल प्रयोग में सक्षम बनेगा और उनमें सफल एवं सक्षम नेतृत्व के गुण भी विकसित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की ऊर्जा से अभिप्रेरित देश का युवा आज स्टार्ट-अप जैसे नवाचारों की नवीन धारा से देश का का नेतृत्व कर रहा है। विश्व को अपनी ऊर्जस्विता से झँकृत कर देने वाली चिर युवा चेतना का ही प्रताप है कि आज भारत के युवाओं ने भारत को विश्व की शीर्ष स्टार्ट-अप फिनामिना में तीसरे स्थान ला खड़ा किया है। देश के 73 हजार से अधिक स्टार्ट-अप्स में 100 से अधिक यूनिकार्न बन चुके है, इनमें से प्रत्येक में कम-से-कम एक महिला निदेशक है। भारत के यूनिकार्न बिलियन डॉलर कमाने में भी विश्व में तीसरे स्थान पर हैं। देश के युवाओं ने इतने पेटेंट कराए कि भारत तीनों प्रमुख बौद्धिक संपदा अधिकारों-पेटेंट, ट्रेडमार्क और औद्योगिक डिजाइनों के लिए विश्व के टॉप-10 देशों में शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के सर्वांगीण विकास की जादुई गति, देश के नौजवानों की ऊर्जा का ही पुण्य-प्रताप है। स्वामी विवेकानंद के देश के युवाओं ने न सिर्फ सपने देखे, बल्कि अपने सपनों को देश की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं से जोड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की युवा शक्ति भी भविष्य के स्वर्णिम भारत को गढ़ने के इस पावन अभियान में कंधे से कंधा मिला कर आगे बढ़ रही है। स्वच्छ भारत अभियान में प्रदेश के युवाओं के भावानात्मक जुड़ाव और ऊर्जस्वी नेतृत्व के कारण ही मध्यप्रदेश आज देश का सबसे स्वच्छ एवं हरा भरा राज्य है। हम युवाओं की सामर्थ्य के बल पर ही प्रदेश में ‘Ease of Doing Business’ और ‘Ease of living’ का इंड्स्ट्री-फ्रैंडली वातावरण निर्मित कर पा रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी युवाओं के सपनों को पंख देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।  

राष्ट्रपति मैक्रों ने खुद दी जानकारी, फ्रांस में एआई सम्मेलन में शामिल होने जाएंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली/पेरिस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले माह फ्रांस दौरे पर जाएंगे। पीएम मोदी फ्रांस में 10-11 फरवरी को होने वाले एआई एक्शन सम्मेलन में शिरकत करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। शुक्रवार को 30वें राजदूतों के सम्मलेन के दौरान अपने संबोधन में मैक्रों ने कहा कि ‘फ्रांस 10-11 फरवरी को एआई एक्शन सम्मेलन का आयोजन करेगा। इस सम्मेलन में एआई को लेकर अंतरराष्ट्रीय विमर्श होगा। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। यह एक अहम दौरा होगा क्योंकि हम हम सभी एआई ताकतों से इसे लेकर चर्चा करना चाहते हैं।’ एआई सम्मेलन के दौरान इन मुद्दों पर होगा फोकस फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक विमर्श में एआई पर बात करना बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि ‘एआई सम्मेलन में अमेरिका, चीन, भारत के साथ ही अरब देश भी शिरकत करेंगे और इन देशों का एआई तकनीक को विकसित करने और इसका नियमन करने में अहम भूमिका है।’ मैक्रों ने कहा कि सम्मेलन में नवाचार, टैलेंट पर फोकस किया जाएगा और इससे फ्रांस और यूरोप को वैश्विक एआई परिदृश्य में केंद्र में रखा जाएगा। इससे पहले दिसंबर में इमैनुएल मैक्रों ने एआई सम्मेलन में भारत को आमंत्रित करने की बात कही थी और कहा था कि भारत एक अहम देश है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने भारत को बेहद अहम देश मीडिया से बात करते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि एआई एक्शन सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत समेत 90 के करीब देशों को आमंत्रित किया गया है। इस सम्मेलन में एआई के जरिए गलत सूचनाओं के प्रसार और एआई के गलत इस्तेमाल के विषय पर भी बात होगी। मैक्रों ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत एक बहुत ही अहम देश है और खासकर लोगों के जीवन पर प्रभाव छोड़ने में इसकी क्षमता बहुत ज्यादा है। एआई सम्मेलन पेरिस के ग्रैंड पालासिस में आयोजित किया जाएगा। इसमें राष्ट्राध्यक्षों समेत, शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न कंपनियों के सीईओ और शिक्षा जगत के लोग, एनजीओ, कलाकातर और नागरिक समाज समूह के सदस्य भी शामिल होंगे।

समग्र एवं उन्नत शिक्षा की ओर बढ़ें, अन्य राज्यों की शिक्षा व्यवस्था का भी अध्ययन कर लें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को स्थित समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की गहन समीक्षा की। बैठक में प्रदेश के सभी जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए चल रही सभी योजनाओं, विकास कार्यक्रमों और इनकी अब तक की प्रगति पर विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाये। सभी निर्माणाधीन विकास कार्य तेजी से पूर्ण कराये जायें। योजनाओं का क्रियान्वयन नियोजित एवं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार सृजन और अधोसंरचना विकास कार्यों में तेजी लाकर जनजातीय समुदायों को समर्थ बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी समग्र एवं उन्नत शिक्षा दी जाए, जिनसे जनजातीय विद्यार्थियों का जीवन आलोकित हो और वे समर्थ बनें। इसके लिए देश के अन्य राज्यों में जनजातीय वर्ग के लिए शिक्षा व्यवस्था का भी अध्ययन कर लें। उनकी अच्छाईयों को आत्मसात करें और एक बेहतर व रोजगापरक शिक्षा की ओर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातियों की आर्थिक स्थिति में आमूल-चूल सुधार लाने के लिए जनजातीय क्षेत्रों में गौ-शालाओं के निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय बंधुओं को अच्छी नस्ल के दुधारू पशुओं के पालन-पोषण की ओर प्रवृत्त किया जाए। दूध उत्पादन एवं डेयरी उत्पादों से ही जनजातियों की आर्थिक स्थिति बदलेगी, उनका जीवन स्तर सुधरेगा। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेसा एक्ट के जरिए जनजातियों को समर्थ किया गया है। इससे उनको अपने विकास की ओर बढ़ने में मदद मिली हैं। जनजातीय गांवों में सुधार दिखाई देता है, यह प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री ने जनजातियों के वाद्य यंत्रों का संरक्षण करने और उनकी पुरातन धरोहर को संभाल कर रखने के लिए शासन स्तर से विशेष प्रोत्साहन दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। होम स्टे के जरिए जनजातीय लोगों को आय का अतिरिक्त साधन मुहैया होता है। इसलिए इस दिशा में समग्र प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में उनकी सामाजिक संरचना को नेतृत्व देने वाले व्यक्तियों को चिन्हित किया जाए और इनके साथ मिलकर जनजागरण का काम किया जाए। जनजातीय वर्ग के युवाओं को नशाखोरी से बचाने सहित उनके सामाजिक व पारिवारिक संरक्षण की दिशा में गायत्री परिवार जैसे सामाजिक संगठन को जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बने सभी छात्रावास व आश्रम शालाओं में निवासरत बच्चों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। छात्रावासों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें। सभी विभागीय पदों (बैकलॉग सहित) पर शीघ्र भर्ती कर ली जाए। उन्होंने जनजातीय कार्य विभाग के छात्रावासों के संचालन के लिए छात्रावास अधीक्षकों का नया कैडर बन जाने पर प्रसन्नता व्यक्त कर कहा कि इन पदों पर एक तय संख्या में नियमित रूप से भर्ती की जाए। मुख्यमंत्री ने जनजातीय समुदायों के विकास के लिए नवोन्मेषी और समावेशी प्रयास किए जाने की जरूरत पर जोर दिया। जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में कई नवाचारी प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. शाह ने कहा कि विभाग द्वारा छात्रावास अधीक्षकों के करीब 4 हजार 800 पदों पर सिलसिलेवार भर्ती की जाएगी। उन्होंने राज्य शासन स्तर से जनजातीय क्षेत्रों में संचालित छात्रावासों/आश्रम शालाओं के संचालन के निरीक्षण के लिए सचिव स्तर के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण उपरांत मिली कमियों की ओर मुख्यमंत्री की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के बेहतर संचालन के लिए छात्रावास अधीक्षकों का छात्रावास परिसर में ही निवास जरूरी है और हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि जनजातीय विद्यार्थियों के लिए संचालित सभी विभागीय शालाओं छात्रावासों, आश्रम शालाओं एवं अन्य शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों को दी जाने वाली पुस्तकें, गणवेश, सायकिल, बेडिंग या अन्य जरूरतों की वस्तुएं अप्रैल से जून-जुलाई के मध्य वितरित कर दी जाए। सुनिश्चित करें कि शासकीय स्तर पर वितरित की जाने वाली ये सभी सामग्री विद्यार्थियों को समय पर ही मिल जाएं। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा ने बताया कि जनजातीय वर्ग के हितग्राहियों तक विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ एवं नागरिक सुविधाएं पहुंचाने के लिए तकनीकी माध्यमों का भी उपयोग किया जा रहा है। पीएम जनमन में मध्यप्रदेश में किये गये कार्य की सराहना केन्द्र सरकार ने भी की है। पीएम जनमन की सफलता के मद्देनजर ही केन्द्र सरकार ने “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” प्रारंभ किया है। इस अभियान में 17 विभागों की 25 प्रकार की विभिन्न योजनाओं/सेवाओं/सुविधाओं का लाभ प्रदेश के जनजातीय बहुल गाँवों में जनजातीय बंधुओं को मुहैया कराया जाएगा।

विंध्य को आगे बढ़ाने में युवा करें अपनी भूमिका का निर्वहन : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

रीवा उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने टीआरएस कालेज रीवा में आयोजित बघेली कलाकार प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि कला व खेल के माध्यम से विंध्य की और रीवा की समृद्धि का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि बघेली भाषा को कला के माध्यम से यहां के युवा प्रचारित कर रहे हैं, अब बघेली कलाकार खेल के माध्यम से भी अपनी बोली को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेंगे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा नशे से दूर रहने का संकल्प लें तथा जिले, प्रदेश व देश को समृद्धि की राह में आगे बढ़ाने में अपनी सहभागिता निभाएं। नशे से दूर रहने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं। उन्होंने आयोजकों को रचनात्मक कार्यों के साथ खेल की विधा के आयोजन की प्रशंसा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कार्यक्रम में बघेली पोस्टर का विमोचन किया गया। उल्लेखनीय है कि एन सी सी ग्राउंड रीवा में आयोजित यह प्रतियोगिता चार दिवस तक चलेगी। सांसद श्री जनार्दन मिश्र, विधायक मऊगंज श्री प्रदीप पटेल, नगर निगम रीवा के अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जन व खेल प्रेमी उपस्थित रहे। लालगांव से नेवरिया पहुंचमार्ग का किया भूमिपूजन उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रीवा प्रवास के दौरान 40 लाख 73 हजार रूपये से अधिक लागत की लालगांव कटरा मुख्यमार्ग से नेवरिया सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने सड़क निर्माण के लिये जमीन दान देने वाले दानदाताओं श्रीमती वंदना मिश्रा, श्री गया मिश्रा व श्रीमती कुसुम तिवारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि अपने लिये तो सभी जीते हैं मगर असली जीना उसी का है जो दूसरों के हित के लिये जिये। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस गांव से मेरा बचपन से जुड़ाव है। मेरे पिता जी की यह ननिहाल है उनका जन्म भी यहीं हुआ था। उन्होंने अपने पूज्य पिता जी के साथ बिताए क्षणों को याद करते हुए संस्मरण सुनायें तथा कहा कि उनकी सेवाभाव व संस्कार से हमें जीवन में सीख मिली है और उन्हीं के स्थापित भव्यों पर आगे बढ़ने व सेवा का संकल्प लिया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा जिला विकास के पायदान पर आगे बढ़ रहा है। सभी के समन्वित प्रयास व सहयोग से इसे प्रदेश व देश का उत्कृष्ट जिला बनाने का संकल्प पूरा करेंगे। सांसद श्री जनार्दन मिश्र, विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम रीवा श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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