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बिलासपुर में सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी हाईवे पर निगरानी

बिलासपुर सकरी तुर्काडीह से पाली के बीच नेशनल हाईवे 130 पर निर्धारित रफ्तार से ज्यादा तेज दौड़ने वाले वाहनों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 53 किलोमीटर के दायरे में 31 अत्याधुनिक कैमरे लगा दिए हैं। इनकी मदद से न केवल ओवरस्पीडिंग पर नजर रखी जा रही है, बल्कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आगे चलकर कार्रवाई भी होगी। नेशनल हाईवे 130 सकरी से पाली के बीच दुर्घटना के लगातार बढ़ते मामलों व आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए इस पर लगाम लगाने एनएचएआइ ने पहल की है। यह भी पढ़ें बिलासपुर में तालाब से फिर निकला महुआ, गांव से 100 लीटर शराब जब्तबिलासपुर में तालाब से फिर निकला महुआ, गांव से 100 लीटर शराब जब्त इसके तहत सकरी से पाली के बीच 53 किलोमीटर के दायरे में सीसीटीवी कमरे लगाए हैं। इन कैमरों से निगरानी के लिए लिम्हा टोल प्लाजा में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इससे ओवरस्पीड वाहन चलाकर पहुंचने वाले वाहन चालकों को एनएचएआइ के अधिकारी टोल प्लाजा में निर्धारित रफ्तार से अधिक तेज वाहन न चालने की समझाइश दे रहे हैं। अधिकारी बता रहे हैं कि अत्यधिक रफ्तार से वाहन चालने पर अपनी जान तो जोखिम में होती है। साथ ही दूसरों की जान को हम जोखिम में डालते हैं। इसके अलावा सड़क की क्षमता रफ्तार के आधार पर बनाई जाती है। अत्यधिक रफ्तार से वाहन चलने पर सड़क भी खराब होने की आशंका बनी रहती है। अधिकारियों की मानें तो पीटीजेड कैमरा लगने के बाद हाईवे पर सफर अब पहले से ज्यादा सुरक्षित हो चुका है। 1.5 किलोमीटर दूर से ही पकड़ लेंगे स्पीडिंग वाहन हाईटेक पीटीजेड (पैन, टिल्ट, जूम) कैमरे डेढ़ किलोमीटर दूर से भी गाड़ियों के नंबर प्लेट कैप्चर कर सकते हैं। लिम्हा टोल प्लाजा में बनाए गए कंट्रोल रूम से इन कैमरों की सातों दिन 24 घंटे निगरानी की जा रही है। शुरुआत में केवल वाहन चालकों को स्पीड लिमिट का पालन करने की समझाइश दी जा रही है। मगर, जल्द ही नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ई-चालान जारी किया जाएगा।

भारतीय ज्ञान परम्परा के विभिन्न आयामों पर शोध में शासन के साथ समाज को भी योगदान देना होगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सम्पूर्ण विश्व विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए भारत की ओर आशा की दृष्टि से देख रहा है भारत, वैश्विक भूमिका का निर्वहन प्राचीन ज्ञान परम्परा के आधार पर ही करेगा मुख्यमंत्री ने दत्तोपंत ठेंगड़ी संस्थान के भूमि-पूजन कार्यक्रम को किया संबोधित शिक्षा, संस्कृति और शोध को भारत केन्द्रित बनाना जरूरी विचारक एवं लेखक श्री सुरेश सोनी ने दिया सारस्वत वक्तव्य भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऋषि स्वरूप व्यक्तित्व के श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी ने दीपक के समान स्वयं जलकर विचारों का प्रकाश समाज को प्रदान किया। कृषि, श्रमिकों की स्थिति और स्वदेशी के क्षेत्र में उनका विचार उज्जवल नक्षत्र के समान हैं, जो समाज को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते रहेंगे। विद्यार्थी परिषद के संस्थापक सदस्य के रूप में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। वे हिंदुत्व को राष्ट्रीयता से आगे विश्व बंधुत्व के रूप में देखते थे। उनका मानना था कि चराचर जगत में हिंदुत्व के विचार का विस्तार मनुष्य, समाज, राष्ट्र और मानवता तक है। वर्तमान समय में उनके विचार अधिक समसामयिक हो जाते हैं, सम्पूर्ण विश्व विभिन्न समस्याओं में मार्गदर्शन और उनके समाधान के लिए भारत की ओर आशा की दृष्टि से देख रहा है। भारत अपनी यह भूमिका प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा के आधार पर ही निभा सकता है। इस परिप्रेक्ष्य में भारतीय ज्ञान परम्परा के विभिन्न आयामों पर शोध की आवश्यकता अधिक बढ़ जाती है, शोध के क्षेत्र में शासन के साथ-साथ समाज को भी योगदान देना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के नवीन परिसर भवन के भूमि-पूजन और कार्य आरंभ के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विचारक एवं लेखक श्री सुरेश सोनी सारस्वत अतिथि के रूप में उपस्थित थे। शोध संस्थान की वार्षिक स्मारिका ‘संकेत रेखा’ का हुआ विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव बसंतोत्सव के अवसर पर लिंक रोड नंबर तीन पर आयोजित कार्यक्रम में बाबा महाकाल के चित्र पर माल्यार्पण कर भूमि-पूजन एवं कार्य आरंभ में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमि-पूजन स्थल पर पौधा भी रोपा। उन्होंने मंचीय कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलित कर मां सरस्वती तथा श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगडी जी के चित्र पर मार्ल्यापण कर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान की वार्षिक स्मारिका ‘संकेत रेखा’ का विमोचन किया। इसके साथ ही संस्थान द्वारा दिनांक 01 से 03 मार्च 2025 तक आयोजित नेशनल रिसर्चर्स मीट के पोस्टर का भी विमोचन किया। ज्ञान की ऊर्जा और सामर्थ्य का उपयोग समाज हित में करना जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से भारत में विद्यमान गुरूकुल और विश्वविद्यालय भारतीय समाज के ज्ञान सामर्थ्य को अभिव्यक्त करते हैं। जीवन के प्रत्येक पल का उपयोग व्यक्ति समाज हित में कर पाए, यही भारतीय संस्कृति के अनुसार, जीते जी मोक्ष प्राप्ति की भावना है। भारतीय विचार, व्यक्ति को संघर्ष के स्थान पर प्रेम और बंधुत्व के लिए प्रेरित करते हैं। जनजातीय समाज सहित भारतीयता के विभिन्न पहलुओं पर समग्रता में शोध के लिए दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान जैसी पहल की अत्यधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू नई शिक्षा नीति पुस्तकीय ज्ञान के स्थान पर व्यवहारिक अनुभूति को अधिक महत्व देती है। इसका उपयोग करते हुए मानवता के हित और लाभ सुनिश्चित करने वाले शोध की ओर अग्रसर होना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसंत पंचमी के अवसर पर ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के पूजन के साथ हुआ दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान का भूमि-पूजन ज्ञान की ऊर्जा और सामर्थ्य का उपयोग समाज हित में करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उत्पादन में प्रचुरता, वितरण में समानता और उपभोग में संयम के त्रिसूत्र पर चलना होगा विचारक एवं लेखक श्री सुरेश सोनी ने कहा कि श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी जी भारतीय ऋषि प्रज्ञा की अभिव्यक्ति थे। जीवन के सभी क्षेत्रों में भारतीय दर्शन को केन्द्र में रखना उनकी विशेषता थी। व्यक्तिगत जीवन से लेकर विश्व शांति के विषय उनके विचारों की परिधि में थे। विस्मरण और सही जानकारियां न होना भारतीय अकादमिक जगत की समस्या है। मैकाले की शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आत्मकेन्द्रितता, भोगवाद जैसे जीवन मूल्यों के स्थान पर त्याग, संयम, समर्पण जैसे भारतीय जीवन मूल्यों की स्थापना और भारतीय दृष्टिकोण को विकसित करना भारतीयता को समझने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संस्कृति और शोध को भारत केन्द्रित करने की दिशा में समग्र प्रयास करने की आवश्यकता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के अनुसार उत्पादन में प्रचुरता, वितरण में समानता और उपभोग में संयम के त्रिसूत्र के आधार पर समाज और राष्ट्र का निर्माण करना होगा। इस उद्देश्य से शोध को दिशा देने की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश बनेगा मौलिक शोध का प्रमुख केंद्र लेखक श्री सोनी ने कहा कि प्रकृति में जितना महत्व मनुष्य का है, उतना ही जीव जगत, वनस्पति, पर्वत और जल संरचनाओं आदि का भी है। यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि जो जितना विवेकशील है, प्रकृति के संधारण और सभी के हितों के संरक्षण में उसका दायित्व भी उतना अधिक है। इस दृष्टि से प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में मनुष्य का दायित्व बहुत अधिक बढ़ जाता है, यही भारतीय दृष्टि से देखने की प्रक्रिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान इस भारतीय मूल दृष्टि से बहु आयामी शोध गतिविधियों का विस्तार करेगा और मध्यप्रदेश, सम्पूर्ण देश में मौलिक शोध का प्रमुख केन्द्र बनेगा। उन्होंने इस उद्देश्य प्राप्ति में सभी से सहयोग का आव्हान किया। श्री ठेंगड़ी ने भारत केन्द्रित विचार क्रांति का प्रवाह किया उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि श्री ठेंगड़ी ने भारत केन्द्रित विचार क्रांति का प्रवाह किया। उनके किसानों, श्रमिकों के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान का भारतीय ज्ञान परम्परा को समृद्ध करने में विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश की शोध संस्थाएं भारतीय परम्पराओं में निहित वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सामने लाने में सहायक होंगी। शोध के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों से नए आयाम स्थापित होंगे तथा प्रदेश में शोध का बेहतर वातावरण भी निर्मित होगा। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि श्रद्धेय ठेंगड़ी जी राष्ट्रभक्ति और … Read more

1300 से ज्यादा बेबी किट का वितरण, राजस्थान-जयपुर कलक्टर के निर्देश पर सक्षम अभियान में बेटी का मनाया जन्मोत्सव

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर जयपुर जिले में जारी सक्षम जयपुर अभियान आधी आबादी के पूर्ण विकास का दूसरा नाम बन गया है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा बालिकाओं एवं महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश डोगीवाल ने बताया कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के ध्येय को साकार करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सक्षम जयपुर अभियान के तहत बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत समाज में बेटी के जन्म को जन्मोत्सव के रूप में मनाये जाने की अवधारणा को पल्लवित करने के लिए जनजागरुकता फैलाई जा रही है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशों की अनुपालना में कन्या जन्मोत्सव के तहत आंगबाड़ी एवं अस्पतालों में कन्या जन्म पर विगत एक महीने में 1300 परिवारों को बेबी किट का वितरण किया गया, साथ ही, नवजात कन्या के नाम पर ही पंचायत में पौधारोपण भी किया गया है। डॉ. डोगीवाल ने जानकारी दी कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जयपुर जिला प्रशासन ने अनूठी पहल करते हुए गणतंत्र दिवस पर आयोजित समारोह में 5 हजार 769 होनहार छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इतना ही नहीं, कई समारोह में 10वीं एवं 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में टॉप तीन में स्थान हासिल करने वाली प्रतिभावान बालिकाओं के अभिभावकों को भी सम्मानित कर बालिका शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही, उन्होंने बताया कि सक्षम जयपुर अभियान के तहत जयपुर की 36 पीएम श्री विद्यालयों में जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत जिसमें प्रशिक्षकों द्वारा बालिकाओं को गुड टच, बैड टच, आत्मरक्षा प्रशिक्षण के साथ-साथ महत्वपूर्ण कानूनों की भी जानकारी प्रदान की गई। इन जागरुकता कार्यक्रम से जिले की 8 हजार से अधिक छात्राओं को लाभांवित कर जयपुर जिला प्रशासन द्वारा बालिका शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किये गए।

यूपी में लागातार ठंड में गिरावट, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, बारिश होने की संभावना

उत्तर प्रदेश जनवरी खत्म होने के बाद से यूपी में लागातार ठंड में गिरावट देखी जा रही है। बदलते मौसम और धूम की चिलचिलाहट से लोग गर्मी महसूस कर रहे हैं। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि प्रदेश में अगले तीन दिनों तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रदेश में तापमान बढ़ने से ठंड कम हो गई है। बीते कई दिनों से कंपकंपाने वाली ठंड महसूस नहीं की जा रही है, और दोपहर में धूप तेज हो रही है। मौसम विभाग से मिली जानकारी में कहा गया है कि आज से यानि सोमवार से मौसम आचानक से बदल सकता है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 3 फरवरी से 5 फरवरी के बीच बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।  पश्चिमी यूपी में 3 फरवरी से मौसम बदल सकता है। इस अवधि में कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि पूर्वी यूपी में मौसम शुष्क बना रहेगा। इसके अलावा, सुबह और देर रात के समय हल्का कोहरा छाने की संभावना भी जताई गई है। 4 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी, जबकि पूर्वी यूपी के अधिकांश जिलों में आसमान साफ रहेगा। इसी तरह, 5 फरवरी को पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि पूर्वी यूपी में मौसम सामान्य रहेगा। 6 से 8 तक साफ रहेगा मौसम अनुमान है कि 6, 7 और 8 फरवरी को उत्तर प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। लेकिन, सुबह और रात के समय हल्का कोहरा भी पड़ सकता है। तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे सुबह और रात में हल्की ठंड महसूस हो सकती है। प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। लखनऊ में 12.6℃ न्यूनतम और 29.2℃ अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। अयोध्या, नजीबाबाद और शाहजहांपुर में न्यूनतम तापमान 9℃ दर्ज किया गया, जबकि मेरठ, बहराइच और गोरखपुर में यह 9.8℃ रहा।

इंडियन रेलवे का नया SwaRail ऐप लॉन्च, ऑनलाइन रिजर्व और अनरिजर्व टिकट की होगी बुकिंग

नई दिल्ली रेल मंत्रालय ने नया सुपर ऐप SwaRail लॉन्च कर दिया है। इस ऐप से ऑनलाइन टिकट बुकिंग, फूड आर्डर और पीएनआर चेक करने के साथ कई तरह काम किये जा सकेंगे। अभी तक इन सारी सुविधाओं के लिए अलग-अलग ऐप्स या फिर पोर्टल की जरूरत होती थी, लेकिन अब एक ही ऐप पर सारी सुविधाएं मिलेंगी। इससे ट्रेन में सफर करने वाले यूजर्स पहले से काफी सुविधा हो सकती है। इन दोनों ऐप को एंड्रॉइड और iOS प्लेटफॉर्म बीटा में उपलब्ध करा दिया गया है। SwaRail सुपरऐप में क्या मिलेंगे फायदे इस ऐप को सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेंशन सिस्टम यानी CRIS ने विकसित किया है। SwaRail सुपरऐप से यूजर ऑनलाइन रिजर्व और अनरिजर्व टिकट की बुकिंग कर पाएंगे। साथ ही प्लेटफॉर्म टिकट की ऑनलाइन बुकिंग की जा सकेगी। इसके अलावा ऐप पर पर्सल और डिलीवरी को ट्रैक किया जा सकेगा। इसके अलावा ट्रेन में ऐप की मदद से फूड ऑर्डर कर पाएंगे। इसके अलावा Rail Madad से शिकायत दर्ज करने के साथ जानकारी हासिल कर पाएंगे। ऐप में कोच पोजिशन, और रिफंड क्लेम की सुविधा मिलेगी। कैसे कर पाएं Swarail ऐप का इस्तेमाल मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे की मानें, तो PNR चेक करने पर उस ट्रेन से जुड़ी सारी डिटेल भी डिस्प्ले की जाएगी। इसमें केवल एक बार साइन-अप करना होगा। इसमें मोबाइल नंबर या फिर यूजरनेम और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करना होगा। इसका इस्तेमाल अन्य इंडियन रेलवे ऐप जैसे IRCTC RailConnect और UTS Mobile App पर भी किया जा सकता है। मतलब आईआरसीटीसी ऐप पहले जैसे मौजूद रहेगा। बायोमेट्रिक डिटेस से कर पाएंगे लॉगिन इसके अलावा यूजर ऐप को ऑनबोर्ड करने के लिए अपने मौजूदा रेलकनेक्ट या यूटीएस ऐप क्रेडेंशियल्स का भी उपयोग कर सकते हैं। ऐप में एम-पिन और बायोमेट्रिक अथेंटिकेशन लॉगिन ऑप्शन मिलता है। यूजर ऐप को लेकर फीडबैक दे सकते हैं। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर पर मौजूद है।

जेसी मिल के श्रमिकों की देनदारियों को लेकर सीएम यादव ने की बैठक 6 फरवरी

ग्वालियर मुख्यमंत्री ने जेसी मिल मजदूरों की देनदारी चुकाने के लिए दीपावली तक का समय दिया है। देनदारी चुकाने के लिए सरकार ने कवायद भी शुरू कर दी है, लेकिन बैंकों की देनदारी करोड़ों में निकली हैं। भारतीय स्टेट बैंक का बकाया 2 हजार 930.61 करोड़ रुपए का है। मिल की संपत्तियां बैंक के पास बंधक रखी है। बैंक की देनदारियों को निर्धारित करने के लिए संपत्तियाें का फिर से सर्वे किया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके अलावा 6 फरवरी को भोपाल में देनदारी के प्रस्ताव पर बैठक भी है। इस बैठक में देनदारी के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। हाईकोर्ट में मार्च में जेसी मिल की याचिका पर सुनवाई होगी। इस सुनवाई में देनदारी के प्रस्ताव के संबंध में अवगत कराया जाएगा।  दरअसल मध्य प्रदेश सरकार की पहल पर इंदौर के हुकुमचंद मिल के मजदूरों को देनदारी वापस मिल चुकी है। इस तर्ज पर जेसी मिल के मजदूरों को भी देनदारी देने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव भोपाल जा चुका है, लेकिन संपत्ति बेचने का अधिकार शासन के पास नहीं है। इस कारण फंड एकत्रित नहीं हो पा रहा है। मिल के ऊपर 131 करोड़ की देनदारी बताई थी, जिसमें 8000 हजार मजदूर और 8 बैंकों का बकाया बताया था। इतना पैसा मिल की संपत्ति को नीलाम करके मिल सकता था, लेकिन एसबीआई का 2 हजार 930.61 करोड़ निकला है। यह बड़ी रकम है, जिसे चुकाना संभव नहीं है। लश्कर एसडीएम नरेंद्र बाबू यादव का कहना है कि संपत्ति का फिर से आंकलन किया जा रहा है। मोहन यादव ने कहा कि राज्य में बीते 25-30 साल पुराने मामले में जमीनों का निराकरण कर रहे हैं, बंद हो चुकी इंडस्ट्रीज और उनकी जमीनों के मामलों को सुलझा रहे हैं. जेसी मिल के मामले में दो बार की बैठक हो चुकी है, दो बार की और होनी है. उन्होंने कहा कि बंद पड़ी मिलों के मामले निपटाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इंदौर, उज्जैन के बाद ग्वालियर की जेसी मिल का निराकरण करना है. जल्दी से जल्दी जेसी मिल के मजदूरों को उनका पैसा मिल सकेगा. औद्योगिक विकास के प्रयास जारी- सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के प्रयास जारी हैं. इसके लिए फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भोपाल में होने जा रही है, इससे पहले राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव आयोजित करने का सिलसिला जारी है. प्रदेश में औद्योगीकरण का माहौल बना हुआ है. ऐसे प्रयासों से और ताकत मिलेगी. जीतू पटवारी के बयान पर क्या बोले मोहन यादव? वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के कथित कैंसर वाले बयान पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा दूसरे बड़े-बड़े कांग्रेस नेता कैंसर बता रहे हैं, लेकिन कैंसर किसको है, यह समझ में नहीं आ रहा है. कांग्रेस को अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए. एक महत्वपूर्ण बात है कि कांग्रेस में अपनी बात कहने का एक नया रिवाज शुरू हो गया है. जमीन से जुटाया जाना है फंड, हाउसिंग बोर्ड को देने का था प्रस्ताव -जेसी मिल के पास खुद के स्वत्व की 150 बीघा जमीन है। इसमें 100 बीघा जमीन खाली है और 50 बीघा जमीन पर अतिक्रमण है। जेसी मिल की जमीन पर मजदूरों का भी कब्जा है। -जेसी मिल के पास सरकार की भी जमीन थी। यह जमीन शासन को वापस मिल गई है। शासन ने इस जमीन पर मिल मजदूरों को 500 पट्टे दे दिए हैं। -जेसी मिल की जमीन पर भी क्वार्टर बने हैं। इन क्वार्टरों में अभी मजदूर निवास कर रहे हैं। -जमीन के संबंध में फैसला लेने का अधिकार लिक्विडेटर के पास है। -हाईकोर्ट में 1997 से कंपनी पिटीशन लंबित हैं। मिल प्रबंधन व मजूदरों के खिलाफ पिटीशन लंबित है।

‘शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकास की नई राह’, राजस्थान-जोधपुर में संसदीय कार्य मंत्री पटेल ने विद्यालय भवन का किया लोकार्पण

जयपुर। संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने जोधपुर जिले में विभिन्न विकासात्मक कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत की और सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। मंत्री श्री पटेल ने कालबेलिया कॉलोनी, नयापुरा चौखा में स्व. श्रीमती तारा मूंदड़ा की स्मृति में निर्मित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि— “शिक्षा समाज के समग्र विकास की कुंजी है। यह विद्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि हमारे भविष्य निर्माताओं के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुविधाजनक वातावरण प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार है, और सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इस विद्यालय भवन के निर्माण में भामाशाह श्री दामोदर दास मूंदड़ा का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने 10 कमरे, अंडरग्राउंड, हॉल एवं अन्य भवन संरचनाओं के संपूर्ण निर्माण में आर्थिक सहयोग प्रदान किया। मंत्री श्री पटेल ने भामाशाह श्री दामोदर दास मूंदड़ा का सम्मान किया और कहा कि समाज के समर्पित नागरिकों का यह योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक रहेगा। उन्होंने विद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। चौखा में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ— मंत्री श्री पटेल ने ग्राम चौखा में नवीन राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा—“स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी है। इस नवीन स्वास्थ्य केंद्र से ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे स्थानीय लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कृतसंकल्पित है।” उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस स्वास्थ्य केंद्र को पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाएँ और रोगियों को आवश्यक सुविधाएँ समय पर उपलब्ध कराएँ। समाज के समग्र विकास के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता— मंत्री श्री पटेल ने इन कार्यक्रमों में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और आमजन से उनका अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का लक्ष्य युवाओं के सपनों को साकार कर वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है।” इस अवसर पर अधिकारिगण, जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

लखनऊ एयरपोर्ट पर बिजली ठप, मचा हाहाकार, लिफ्ट में फंसीं 2 क्रू मेम्बर

लखनऊ लखनऊ में अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बिजली सप्लाई ठप होने से हाहाकार की स्थिति हो गई। उस वक्त दो एयरलाइंस की क्रू मेम्बर लिफ्ट में रहीं। बिजली ठप होने से लिफ्ट बीच में ही फंस गई। टर्मिनल के डिपार्चर हॉल में लोग चेकइन नहीं कर पा रहे थे। बीप के आवाज के साथ कम्प्यूटर बंद हो गए। फ्लाइटों का टाइम जैसे-जैसे करीब आ रहा था यात्री आते जा रहे थे लेकिन चेकइन न होने से कतारें लग गईं। पावर सप्लाई 7:50 के करीब अचानक ठप हो गई। बैकअप की कोई व्यवस्था भी काम नहीं आई। ऐसे में 10 मिनट के भीतर ही समूचे एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई। एयरलाइंस की क्रू मेम्बर करीब 24 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं। किसी तरह उनको बाहर निकाला गया। ऑटोमैटिक गेट चैनल काम नहीं कर रहे थे। एक तरफ यहां से उड़ान भरने को तैयार यात्रियों की लम्बी कतारें डिपार्चर हॉल में लगी हुई थीं। दूसरी ओर अराइवल में भी लम्बी कतारें थीं। दूसरे शहरों की उड़ानों से एयरपोर्ट पहुंचे लोगों समान के लिए जद्दोजहद करते दिखे। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर किया। एयरपोर्ट पर कई बार हंगामे की स्थिति हुई। कन्वेयर बेल्ट ठप हो जाने से किसी का सामान नहीं पहुंच पाया। ऐसे में तीनों बेल्ट के आसपास बड़ी संख्या में यात्री हंगामा करने लगे। एयरलाइंस स्टाफ उनको समझाने का प्रयास करता दिखा। लखनऊ में अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बिजली सप्लाई ठप होने से हाहाकार की स्थिति हो गई। उस वक्त दो एयरलाइंस की क्रू मेम्बर लिफ्ट में रहीं। बिजली ठप होने से लिफ्ट बीच में ही फंस गई। टर्मिनल के डिपार्चर हॉल में लोग चेकइन नहीं कर पा रहे थे। बीप के आवाज के साथ कम्प्यूटर बंद हो गए। फ्लाइटों का टाइम जैसे-जैसे करीब आ रहा था यात्री आते जा रहे थे लेकिन चेकइन न होने से कतारें लग गईं। पावर सप्लाई 7:50 के करीब अचानक ठप हो गई। बैकअप की कोई व्यवस्था भी काम नहीं आई। ऐसे में 10 मिनट के भीतर ही समूचे एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई। एयरलाइंस की क्रू मेम्बर करीब 24 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं। किसी तरह उनको बाहर निकाला गया। ऑटोमैटिक गेट चैनल काम नहीं कर रहे थे। एक तरफ यहां से उड़ान भरने को तैयार यात्रियों की लम्बी कतारें डिपार्चर हॉल में लगी हुई थीं। दूसरी ओर अराइवल में भी लम्बी कतारें थीं। दूसरे शहरों की उड़ानों से एयरपोर्ट पहुंचे लोगों समान के लिए जद्दोजहद करते दिखे। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर किया। एयरपोर्ट पर कई बार हंगामे की स्थिति हुई। कन्वेयर बेल्ट ठप हो जाने से किसी का सामान नहीं पहुंच पाया। ऐसे में तीनों बेल्ट के आसपास बड़ी संख्या में यात्री हंगामा करने लगे। एयरलाइंस स्टाफ उनको समझाने का प्रयास करता दिखा। सीसीएसआईए प्रवक्ता ने बताया कि आज सुबह चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बिजली जाने के कारण यात्रियों को आने-जाने में थोड़ी देरी हुई। एयरपोर्ट की तकनीकी टीम शीघ्र बिजली बहाल करने में सफल रही। उल्लेखनीय है की उड़ान संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

मध्य प्रदेश के लिए रेल बजट 2025-26 में ऐतिहासिक सौगातें

भोपाल माननीय रेल मंत्री के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश के लिए घोषित रेल बजट 2025-26 में राज्य को रेल अवसंरचना के विकास के लिए अभूतपूर्व सौगातें दी गई हैं। इस बजट में 14,745 करोड़ का भारी भरकम बजटीय आवंटन किया गया है, जो राज्य के रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रेल बजट 2025-26 के तहत राज्य में 31 नई रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 5,869 किलोमीटर है और इन पर ₹1,04,987 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए मध्य प्रदेश के 80 स्टेशनों को ‘अमृत स्टेशन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिन पर कुल ₹2,708 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इन स्टेशनों में अकौड़िया, आमला, अनुपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, बनापुरा, बरगवां, ब्योहारी, बेरछा, बैतूल, भिंड, भोपाल, बिजुरी, बीना, ब्यावरा राजगढ़, छिंदवाड़ा, डबरा, दमोह, दतिया, देवास, गाडरवारा, गंजबासोदा, घोड़ाडोंगरी, गुना, ग्वालियर, हरदा, हरपालपुर, इंदौर जंक्शन, इटारसी जंक्शन, जबलपुर, जुन्नारदेव, करेली, कटनी जंक्शन, कटनी मुरवारा, कटनी साउथ, खाचरोद, खजुराहो जंक्शन, खंडवा, खिरकिया, लक्ष्मीबाई नगर, मैहर, मक्सी जंक्शन, मंडला फोर्ट, मंदसौर, एमसीएस छतरपुर, मेघनगर, मुरैना, मुलताई, नागदा जंक्शन, नैनीपुर जंक्शन, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), नरसिंहपुर, नेपनागर, नीमच, ओरछा, पांढुर्ना, पिपरिया, रतलाम, रीवा, रुथियाई, सांची, संत हिरदाराम नगर, सतना, सागर, सीहोर, सिवनी, शहडोल, शाजापुर, श्यामगढ़, श्योपुर कलां, शिवपुरी, श्रीधाम, शुजालपुर, सिहोरा रोड, सिंगरौली, टीकमगढ़, उज्जैन, उमरिया, विदिशा और विक्रमगढ़ आलोट जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाओं के तहत रानी कमलापति, ग्वालियर, खजुराहो, सतना, इंदौर, बीना और जबलपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के पुनर्विकास पर 1,950 करोड़ की लागत से कार्य किया जा रहा है। राज्य में रेलवे सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ‘कवच’ तकनीक के अंतर्गत 3,572 किलोमीटर रेल मार्ग पर सुरक्षा कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1,422 किलोमीटर पर कार्य प्रगति पर है। यह तकनीक ट्रेन संचालन के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगी और यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी। मध्य प्रदेश में विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है। राज्य में 2,808 किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है, जिससे मध्य प्रदेश 100 प्रतिशत विद्युतीकृत राज्य बन चुका है। इसके अलावा, राज्य में 2,456 किलोमीटर नई पटरियों का निर्माण किया गया है, जो डेनमार्क के पूरे रेल नेटवर्क के बराबर है। यात्रियों के बेहतर अनुभव के लिए मध्य प्रदेश में 4 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जो राज्य के 14 जिलों को जोड़ती हैं और 18 अद्वितीय स्टॉपेज प्रदान करती हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए 69 लिफ्ट, 41 एस्केलेटर और 408 स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा भी प्रदान की गई है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि इस बजट से न केवल रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार से मध्य प्रदेश के आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी। मध्य प्रदेश के लिए यह रेल बजट राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ-साथ यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा।

‘किसानों को समृद्ध और खुशहाल बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता: भजनलाल’, राजस्थान-मुख्यमंत्री पहुंचे करौली धाम

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मुताबिक देश में चार ही जातियां- किसान, मजदूर, युवा एवं महिला हैं। इन चारों जातियों के उत्थान से ही देश और प्रदेश का उत्थान होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को समृद्ध और खुशहाल बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए हमने सरकार का गठन होते ही कृषि के लिए दो प्रमुख आवश्यकताओं बिजली और पानी पर विशेष ध्यान दिया है। शर्मा ने कहा कि विकास के साथ विरासत का भी संरक्षण करते हुए हम आस्था धामों के विकास के लिए भी कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न मंदिरों के जीर्णोद्धार और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य किया जा रहा हैे। मुख्यमंत्री करौली जिले के कैमरी में आयोजित भगवान जगदीश जी के लक्खी मेले तथा किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा राज्य सरकार 100 करोड़ रुपये की लागत से खाटूश्याम मंदिर में विकास कार्य करवा रही है तथा पूंछरी का लौठा को भी विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृष्ण गमन पथ के तहत जगदीश धाम मंदिर का भी विकास किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कैमरी में बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय खोलने तथा पशु उप स्वास्थ्य केन्द्र को पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने का भी आश्वासन दिया। किसानों को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होंगे बिजली-पानी- मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाईयों को कृषि के लिए पानी तथा बिजली उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हम पूर्वी राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण ‘राम जलसेतु लिंक परियोजना’ पर तेजी से काम कर रहे हैं। इससे करौली सहित प्रदेश के 17 जिलों की आबादी को पेयजल एवं सिंचाई के लिए जल उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही शेखावटी क्षेत्र को पानी उपलब्ध कराने के लिए यमुना जल समझौता, उदयपुर संभाग के लिए देवास परियोजना तथा माही डेम परियोजना को आगे बढ़ाने एवं इन्दिरा गांधी नहर को पक्का करने जैसे कदमों से हमारे किसान भाईयों को सिंचाई के लिए पानी की कोई कमी नहीं रहेगी। श्री शर्मा ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णयों से किसानों को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली उपलब्ध हो सकेगी। इससे किसान भाई शाम तक खेतों में कार्य समाप्त कर अपने घर लौट सकेंगे। युवाओं के लिए बड़ी संख्या में सृजित होंगे रोजगार के अवसर- श्री शर्मा ने कहा कि राज्य के युवाओं को बेरोजगारी के दंश से मुक्त कराने के लिए हमने पेपरलीक पर पूरी तरह से लगाम लगाते हुए उन्हें सरकारी नियुक्तियों का तोहफा दिया है। अब तक लगभग 60 हजार युवाओं को नौकरी दी जा चुकी है और अगले कुछ माह में यह संख्या 1 लाख तक पहुंच जाएगी। इस प्रकार 5 साल में 4 लाख नौकरी देने के वादे को पूरा करने की ओर हमारी सरकार अग्रसर है। साथ ही हमने लगभग 81 हजार पदों के लिए भर्ती कैलेण्डर जारी करते हुए परीक्षा के आयोजन और परिणाम की तिथि भी तय कर दी है। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान के माध्यम से निजी कम्पनियों और उद्यमियों के साथ लगभग 35 लाख करोड़ के एमओयू प्रस्ताव किए गए हैं, जिससे निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस प्रकार निजी तथा सरकारी क्षेत्र में कुल मिलाकर 10 लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। कार्यक्रम में गोपालन एवं पशुपालन राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के उत्थान के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री रामसेतु जल लिंक परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए दूरगामी सोच के साथ कार्य कर रहे हैं। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने श्री जगदीश धाम मन्दिर पहुंचकर दर्शन किए तथा आरती में शामिल होकर प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की। कार्यक्रम में विधायक श्री दर्शन सिंह गुर्जर, श्री हंसराज मीना एवं श्री प्रताप सिंह सिंघवी सहित जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण, बड़ी संख्या में किसान एवं आमजन उपस्थित रहे।

राजस्थान विधानसभा में धर्मांतरण और लव जिहाद को लेकर एक नया और सख्त बिल पेश

राजस्थान राजस्थान विधानसभा में धर्मांतरण और लव जिहाद को लेकर एक नया और सख्त बिल पेश किया गया है। इस बिल का उद्देश्य जबरन धर्म परिवर्तन और लव जिहाद जैसी घटनाओं को रोकना है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इसे बजट सत्र में पेश किया, और जल्द ही इस बिल पर बहस के बाद इसे पारित किया जाएगा। लव जिहाद पर क्या है प्रावधान? बिल के तहत लव जिहाद को एक गंभीर अपराध माना गया है। अगर किसी व्यक्ति ने शादी के जरिए धर्म बदलवाने की योजना बनाई है, तो उसे लव जिहाद के तहत माना जाएगा। अगर यह साबित हो जाता है कि शादी का मुख्य उद्देश्य धर्म परिवर्तन है, तो फैमिली कोर्ट उस शादी को अमान्य कर सकता है। इस बिल में लव जिहाद की परिभाषा भी स्पष्ट की गई है। अगर कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे पहले 60 दिन पहले संबंधित कलेक्टर को इसकी सूचना देनी होगी। इस दौरान यह जांच की जाएगी कि किसी व्यक्ति को बल, छल या लालच देकर धर्म परिवर्तन तो नहीं कराया जा रहा। अगर ऐसा पाया जाता है, तो दोषियों को कठोर सजा दी जाएगी। अवैध धर्म परिवर्तन में मदद करने वालों को भी मिलेगी सजा इस बिल के तहत, अगर कोई व्यक्ति या संस्था अवैध रूप से धर्म परिवर्तन करने में मदद करती है, तो उसे भी सजा का सामना करना पड़ेगा। यह सख्त कदम इस बात को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि धर्म परिवर्तन पूरी तरह से व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा से हो। कानून बनने का रास्ता यह विधेयक अब विधानसभा से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार करेगा। इसके बाद यह एक कानूनी रूप से लागू होगा। धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ यह बिल राज्य में एक नया कदम साबित हो सकता है।

पक्षियों और जैव विविधता पर फील्ड विजिट में जुटाई जानकारी, राजस्थान-जयपुर बर्ड फेस्टिवल का समापन

जयपुर। राज्य में हो रहे बर्ड फेस्टिवल की श्रृंखला में पहली बार ग्रीन पीपल सोसाइटी उदयपुर (जयपुर चैप्टर) द्वारा शनिवार से जामडोली के समीप कानोता केम्प में आयोजित हुए जयपुर बर्ड फेस्टिवल-2025 के दूसरे दिन विशेषज्ञों व पक्षी प्रेमियों ने फील्ड विजिट के माध्यम से पक्षियों का रंगीन संसार निहारा। फील्ड विजिट के साथ ही बर्ड फेस्टिवल का समापन भी हुआ। बर्ड फेस्टिवल संयोजक व रिटायर्ड आईएएस विक्रम सिंह ने बताया कि वन विभाग, पर्यटन विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण, रीको तथा डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के सहयोग से आयोजित हुए  इस बर्ड फेस्टिवल के दूसरे दिन विश्व वेटलैंड दिवस के अवसर पर  विशेषज्ञ व पक्षी प्रेमियों के चार दलों ने जयपुर के आसपास के वेटलैंड्स का भ्रमण किया और यहां पर पक्षी प्रजातियों की उपस्थिति और जैव विविधता के बारे में जानकारी संकलित की। सिंह ने बताया कि पहला दल पक्षी विज्ञानी  डॉ. सतीश कुमार शर्मा के नेतृत्व में सांभर झील, नालियासर, झपका तालाब, कोचिया की ढाणी पहुंचा जहां पर फ्लेमिंगो, पेलिकन, एवोसेट, कॉमन टील, नॉदर्न शोवलर, यूरेशियन विजन, स्पॉट बिल्ड डक, स्पून बिल सहित कई पक्षी प्रजातियों को देखा। इस दल में रिटायर्ड डीएफओ सोहेल मजबूर, पक्षी विशेषज्ञ वीरेंद्र सिंह बेडसा, डॉ. कमलेश शर्मा, शरद श्रीवास्तव, जयवर्धन सिंह आदि शामिल थे। इसी प्रकार दूसरा दल राहुल भटनागर और डॉ. बाशोबी भटनागर के नेतृत्व में रणथंभौर अभयारण्य, तीसरा दल प्रदीप सुखवाल के नेतृत्व में केवलादेव घना अभयारण्य और चौथा दल तितली विशेषज्ञ मुकेश पंवार, रमा कुमारी व पुष्पा खमेसरा के नेतृत्व में झालाना अभयारण्य पहुंचा और यहां पर पक्षी प्रजातियों और अन्य जैव विविधता के बारे में जानकारी एकत्र की।

5 फरवरी तक दर्ज कराएं आपत्तियां, राजस्थान-राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा की मॉडल आंसर की जारी

जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 की मॉडल उत्तर कुंजी आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। इस मॉडल उत्तर कुंजी पर किसी अभ्यर्थी को कोई आपत्ति हो तो निर्धारित शुल्क के साथ 3 फरवरी से 5 फरवरी 2025 को रात्रि 12ः00 बजे तक अपनी आपत्ति ऑनलाइन दर्ज करवा सकता है। आयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक श्री आशुतोष गुप्ता ने बताया कि आपत्तियां आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्न पत्र के क्रमानुसार ही प्रविष्ट करनी होंगी। उक्त परीक्षा का मॉडल प्रश्न-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आपत्ति प्रामाणिक (स्टैंडर्ड, ऑथेंटिक) पुस्तकों के प्रमाण सहित ऑनलाइन ही प्रविष्ट करें। वांछित प्रमाण संलग्न नहीं होने की स्थिति में आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। उक्त परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थियों के अतिरिक्त यदि कोई अन्य व्यक्ति आपत्ति दर्ज करवाते हैं, तो उन पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। आपत्ति दर्ज कराने का शुल्क व प्रक्रिया— आयोग द्वारा प्रत्येक प्रश्न हेतु आपत्ति शुल्क रु 100/- (सेवा शुल्क अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थी एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर उक्त परीक्षा के लिए उपलब्ध लिंक (क्वेश्चन आब्जेक्शन) पर क्लिक कर प्रश्नों पर आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। प्रति प्रश्न आपत्ति शुल्क रू 100/- (सेवा शुल्क अतिरिक्त) के हिसाब से कुल आपत्ति शुल्क ई-मित्र कियोस्क अथवा पोर्टल पर उपलब्ध पेमेंट गेटवे से भुगतान कर आपत्तियों को स्थाई रूप से दर्ज कराया जा सकेगा। शुल्क के अभाव में आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएगी। आयोग द्वारा शुल्क वापस लौटाने का प्रावधान नहीं है। आपत्तियां केवल ऑनलाइन ही स्वीकार की जाएंगी। ऑनलाइन आपत्तियों का लिंक 3 से 5 फरवरी 2025 को रात्रि 12ः00 बजे तक ही उपलब्ध रहेगा। निर्धारित समयावधि के बाद लिंक निष्क्रिय हो जाएगा। अन्य किसी माध्यम से भेजी गई आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। आपत्तियां केवल एक बार ही ली जाएंगी। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 व 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं।

मध्यप्रदेश में 8500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी मिली, 8 साल बाद एसआई की भर्ती होगी

भोपाल मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया का इंतजार खत्म हुआ। सरकार ने 8500 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी है। इसमें 7500 सिपाही (Constable), 500 सब-इंस्पेक्टर (Sub-Inspector) और 500 ऑफिस स्टाफ (Office Staff) शामिल हैं। मध्यप्रदेश में 8 साल बाद एसआई पदों पर भर्ती होने जा रही है। पुलिस मुख्यालय (Police Headquarters) ने गृह विभाग (Home Department) को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। सिपाही के 7500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू प्रदेश में 18,000 सिपाही पद रिक्त हैं। इनमें से 7500 पदों पर भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए एक प्रक्रिया पहले से चल रही है। ऑफिस स्टाफ के 500 पद पिछले 8 वर्षों से रिक्त थे। इनमें स्टेनो (Steno) और एएसआई (ASI) पद शामिल हैं। 30 जनवरी को शासन ने इन पदों पर भर्ती की अनुमति दी है। राज्य शासन ने 30 जनवरी को ऑफिस स्टाफ की भर्ती की अनुमति भी जारी कर दी। 7500 सिपाहियों की भर्ती को भी जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने पद संभालने के बाद समीक्षा में पाया कि मप्र पुलिस के पास वर्तमान बल सिर्फ एक लाख है, जबकि 25 हजार पद रिक्त हैं। हर साल 500-700 पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे यह संख्या बढ़ती जा रही है। गृह विभाग ने एसआई पदों की भर्ती लिए नियमों में संशोधन किया है। इनमें एसआई रेडियो, आयुध व फोटो /फिंगर प्रिंट शामिल हैं। इन पदों के लिए 36 की बजाय 38 वर्ष की उम्र तक परीक्षा दे पाएंगे। 7500 पद पर सिपाही भर्ती होंगे: मप्र के सभी जिलों में 18,000 सिपाही पद रिक्त हैं, जिनमें से 7,500 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वर्तमान में एक भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसमें लिखित परीक्षा के परिणाम लंबित हैं। एसआई-सूबेदार के 500 पद: मप्र में आठ साल पहले एसआई-सूबेदार पदों पर भर्ती हुई थी। वर्तमान में 1200 से ज्यादा पद रिक्त हैं। भर्ती नियमों में संशोधन लंबित था, लेकिन अब नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। ऑफिस स्टाफ के 500 पद: स्टेनो और एएसआई (एम) पदों पर पिछले आठ साल से भर्ती नहीं हुई थी। पुलिस मुख्यालय ने 1 जनवरी को प्रस्ताव भेजा, जिसके बाद 30 जनवरी को शासन ने मंजूरी दी। अब 100 स्टेनो और 400 एएसआई (एम) पदों पर भर्ती होगी। रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती मप्र पुलिस में रिक्त पदों की संख्या काफी ज्यादा है। शासन इन पदों पर भर्ती की मंजूरी दे रहा है। जल्द ही रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -कैलाश मकवाणा, डीजीपी

सदन में हंगामे के आसार, राजस्थान-विधानसभा में आज भजन सरकार लाएगी धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक

रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे ही दिन भजनलाल सरकार सदन में धर्म परिवर्तन से जुड़े मुद्दे पर एक अहम बिल पेश करने जा रही है। इसे राजस्थान धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025 नाम दिया गया है। बिल में लव-जिहाद जैसे मुद्दों को भी शामिल किया गया है। इस बिल को लाने से पहले भजनलाल सरकार ने पूववर्ती वसुंधरा सरकार में लाए गए राजस्थान धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2008 को वापस ले लिया है। ये विधेयक राजे के नेतृत्व वाली तत्कालीन भाजपा सरकार के समय धर्म परिवर्तन की घटनाओं को रोकने के लिए लाया गया था। इसे सदन से पारित कर भेजा गया, लेकिन राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिल पाई। इसके बाद मौजूदा बजट सत्र के पहले ही दिन भजनलाल सरकार ने इस बिल को वापस लेने का एलान कर दिया। बिल को लेकर हो सकता है हंगामा इस बिल को लेकर सदन में हंगामा हो सकता है। पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के समय जब इसी तरह का बिल सदन में लाया गया था तब भी कांग्रेस ने काफी हंगामा किया था। आज कार्य सलाहका समिति का प्रतिवेदन विधानसभा सत्र के आगे के दिनों की कार्रवाई के लिए आज सदन में कार्य सलाहकार समिति का प्रतिवेदन भी पेश किया जाएगा। मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, BAC के 8वें प्रतिवेदन का उपस्थापन करेंगे। इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू होगी। विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सदन से लेकर सड़क तक सरकार को घेरने की तैयारी कर चुका है। इनमें जिले-संभाग समाप्त करने और इंग्लिश मीडियम स्कूलों की समीक्षा व बाजारे की एमएसपी पर खरीद सहित अन्य फसलों को लेकर सरकार की घेराबंदी की जाएगी। कुछ नए विधेयक भी आएंगे सामने सरकार इस बात की तैयारी कर चुकी है कि विपक्ष को किस तरह से सदन में जवाब देना है। विधायकों को इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। पुराने विधेयकों के साथ ही सदन में इस बार कुछ नए विधेयक भी लाए जाएंगे। इनमें बीकानेर और भरतपुर में विकास प्राधिकरणों के गठन से जुडे़ विधेयक शामिल हैं। सरकार ने इनके अधिनियम जारी किए थे। अब अधिनियम के स्थान पर इनका बिल लाया जाएगा। इसके साथ ही कोचिंग संस्थाओं पर नियंत्रण के लिए भी विधेयक आ सकता है। इस बारे में खुद सरकार ने हाईकोर्ट को सूचित किया है और बताया है कि सरकार ये बिल लाने जा रही है। बिल का प्रारूप दो साल से तैयार है।

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