मुख्यमंत्री का विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस पर जवाब- 8 करोड़ लोगों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाते हुए प्रदेश को खुशहाल व विकसित बनाने का है। राज्य सरकार गरीब, युवा, अन्नदाता, महिला के साथ-साथ समस्त वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा विकसित भारत 2047 हेतु दिये गये विजन के आधार पर काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जेजेएम की अवधि मार्च 2028 तक बढ़ाई- मुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकार के समय जल जीवन मिशन में प्रदेश सम्पूर्ण देश में अंतिम पायदान पर खड़ा था। कार्य की गति धीमी थी, इस कारण मार्च 2025 में जेजेएम समाप्ति पर लाखों घर इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाते। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने केन्द्रीय बजट में जेजेएम की अवधि बढ़ाकर मार्च 2028 तक कर दी है। यह हमारी डबल इंजन की सरकार की शक्ति से संभव हुआ है। श्री शर्मा ने कहा कि गत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार और घोटाले किए गए थे। हमारी सरकार इनकी जांच करवा रही है। गत सरकार के समय योजना के तहत टेंडर्स में अत्यधिक प्रीमियम आ रहा था, उस पर भी अब नियंत्रण हो गया है। इसी तरह गत सरकार के समय सहकारिता विभाग द्वारा दुर्घटना एवं जीवन बीमा के लिए प्रीमियम राशि 450 करोड़ रूपये से अधिक हो गई थी, जबकि अब वह 269 करोड़ रूपये ही है। केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सा राशि वर्ष 2025-26 के लिए 85 हजार 716 करोड़ रूपये- श्री शर्मा ने कहा कि राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए उपलब्ध कराई जा रही सहायता तथा ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए दिये गये अतिरिक्त ऋण का महत्व है। पन्द्रहवें वित्त आयोग के तहत केन्द्र सरकार द्वारा आगामी वर्ष भी इन प्रावधानों को सहमति प्रदान की गई है। इन प्रावधानों के तहत राज्य को 18 हजार करोड़ रूपये से अधिक की राशि प्राप्त होगी। केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सा राशि को भी 75 हजार 156 करोड़ रूपये में 14 प्रतिशत से अधिक वृद्धि करते हुए वर्ष 2025-26 के लिए 85 हजार 716 करोड़ रूपये कर दिया गया है। केन्द्र सरकार के आम बजट वर्ष 2025-26 में हुई ऐतिहासिक घोषणाएं- मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने आम बजट वर्ष 2025-26 में ऐतिहासिक घोषणाएं कर आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और मजबूत कदम बढ़ा दिया है। अब वह दिन दूर नहीं, जब हमारे देश की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगी। उन्होंने कहा कि इस बजट की वजह से राजस्थान में भी 12 लाख वार्षिक आय वाले मध्यम वर्ग व नौकरी पेशा लोगों को अब किसी प्रकार का आयकर नहीं देना होगा। इससे आमजन की जेब में जब ज्यादा पैसा आयेगा और वह निश्चित तौर पर ज्यादा खर्च करेगा। उन्होंने कहा कि 77 लाख से अधिक अन्नदाताओं, किसानों के लिए केसीसी की सीमा को 3 लाख से बढाकर 5 लाख किया गया है। साथ ही, प्रदेश में 6 लाख गिग वर्कर्स को पंजीकृत कर पीएम जन आरोग्य योजना से जोड़ने का फैसला आम बजट में लिया गया है। उन्होंने कहा कि आमजन, कृषकों, निवेशकों एवं उद्यमियों को राहत देने की श्रृंखला में आर.बी.आई. द्वारा भी 0.25 प्रतिशत रेपो रेट में कमी की गई है। किसान सम्मान निधि 6 हजार से बढ़ाकर की 8 हजार रूपये- श्री शर्मा ने कहा कि गत सरकार द्वारा अतार्किक रूप से थोथी घोषणाएं की गई। किसानों से 10 दिन में संपूर्ण कर्जमाफी का वादा कर वादाखिलाफी की गई। हमारी सरकार ने प्रथम वर्ष में ही प्रदेश के विकास का एक्शन प्लान घोषित किया है। उन्होंने कहा कि वह किसान परिवार से आते है, इसलिए किसानों की जरूरतों को समझते है। आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र के तहत किसान सम्मान निधि की राशि को दोगुना करने का वादा किया था। प्रथम फेज में इसे 6 हजार रूपये से बढाकर 8 हजार रूपये किया गया है। गत सरकार के कार्यकाल में लगभग आधी घोषणाएं अपूर्ण- मुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकार के कार्यकाल में कुल 4148 घोषणाओं में से लगभग आधी 1921 घोषणाएं अपूर्ण रही हैं। उनके कार्यकाल में 50 हजार करोड़ रूपये से भी अधिक की अनेकों घोषणाओं पर काम ही प्रारम्भ नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि जनहित का ध्यान रखते हुए हमने पहले बजट में 5 वर्षों की कार्ययोजना निर्धारित कर 1 हजार से अधिक घोषणाएं की हैं। हमारी सरकार ने लेखानुदान और परिवर्तित बजट में कुल 1272 बजट घोषणाएं की हैं जिसमें से 297 पूर्ण हो चुकी हैं। 488 बजट घोषणाओं के संबंध में प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृतियां जारी की गई है और काम भी प्रगतिरत है। एक वर्ष की अल्प अवधि में गरीब और किसानों को पहुंचाई मदद- श्री शर्मा ने कहा कि गत सरकार के अंतिम वर्ष में 4232 स्कूटी वितरण हुई, जबकि हमारी सरकार के प्रथम वर्ष में ही 24 हजार 517 स्कूटियों का वितरण किया गया। हमने 88 हजार 800 टेबलेट का वितरण किया, जबकि गत सरकार के अंतिम वर्ष में यह संख्या शून्य रही। इसी प्रकार प्रथम वर्ष में 28 हजार 884 सोलर पम्प की स्थापना की गई जबकि गत सरकार के कार्यकाल में यह संख्या 1200 रही। हमारी सरकार ने एक वर्ष में नहरी तंत्र के माध्यम से 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई। गत सरकार के अंतिम वर्ष में यह आंकड़ा 12 हजार 492 रहा। हमने एक वर्ष में गौशालाओं को 1148 करोड़ रूपये की सहायता दी, जबकि गत सरकार ने अंतिम वर्ष में गौशालाओं को 733 करोड़ रूपये की ही सहायता दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ाते हुए कैंसर जैसी गम्भीर बीमारियों एवं शिशुओं के पैकेज आदि को सम्मिलित कर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (माँ योजना) लागू की गई। इसी प्रकार पशुधन बीमा में छोटे पशु भी शामिल करते हुए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना लागू की गई है। रामजल सेतु लिंक परियोजना का दायरा बढ़ाया- मुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकार के समय ईआरसीपी को लटकाया, अटकाया और भटकाया गया। हमारी सरकार ने इस परियोजना का दायरा बढ़ाते हुए ’रामजल सेतु लिंक परियोजना’ के … Read more