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इंडिया वर्सेस इंग्लैंड तीन मैच की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आज, कटक के बाराबती स्टेडियम में खेला जाना

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस इंग्लैंड तीन मैच की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आज यानी रविवार, 9 फरवरी को कटक के बाराबती स्टेडियम में खेला जाना है। सीरीज का पहला मुकाबला जीतने वाली टीम इंडिया की नजरें दूसरे मैच को भी अपने नाम कर सीरीज पर कब्जा जमाने पर होगी। वहीं मेहमान इंग्लैंड दूसरे मैच को जीतकर सीरीज में रोमांच का तड़का लगाना चाहेगा। IND vs ENG दूसरा वनडे भारतीय समयानुसार डेढ बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान, रोहित शर्मा और जोस बटलर, आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे। भारतीय प्लेइंग XI पर आज हर किसी की नजरें रहेंगी क्योंकि विराट कोहली की प्लेइंग XI में वापसी हो सकती है। ऐसे में कौन बाहर होगा ये देखना दिलचस्प रहेगा।   इंडिया वर्सेस इंग्लैंड पिच रिपोर्ट- कटक का यह स्टेडियम वैसे तो ज्यादा हाईस्कोरिंग नहीं रहा है। 1982 से यहां 38 पारियों में सिर्फ 6 ही बार टीमें 300 रन का आंकड़ा पार करने में कामयाब रही है। हालांकि पिछले 8 सालों में यह कारनामा 4 बार हुआ है तो ऐसे में कहा जा सकता है कि यह पिच बल्लेबाजों के लिए बेहतर होती जा रही है। बाराबती स्टेडियम में स्पिनर्स से ज्यादा तेज गेंदबाजों का बोलबाला रहता है। अभी तक यहां तेज गेंदबाजों को 137 सफलताएं मिली है, वहीं स्पिनर्स ने 88 ही विकेट चटकाए हैं। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरे ODI में टॉस अहम भूमिका निभा सकता है। शाम को ओस पड़ने के कारण बल्लेबाजी आसान हो जाती है तो टीमें टारगेट का पीछा करना ज्यादा पसंद करती है। यहां के रनचेज के रिकॉर्ड की बात करें तो 19 में से 12 बार टीमें जीत दर्ज करने में कामयाब रही है। बाराबती स्टेडियम रिकॉर्ड्स और आंकड़े पहले बल्लेबाजी करते हुए जीते गए मैच- 7 (33.33%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 12 (57.14%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 8 (38.10%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 11 (52.38%) हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 316/6 पहले बल्लेबाजी करते हुए औसत स्कोर- 226 इंडिया वर्सेस इंग्लैंड हेड टू हेड भारत और इंग्लैंड के बीच अभी तक 108 वनडे खेले गए हैं जिसमें टीम इंडिया 59 मैच जीतकर काफी आगे चल रही है, वहीं इंग्लिश टीम को भारत के खिलाफ 44 ही जीत मिली है।

श्रद्धालु पूर्णिमा तक हर हाल में संगम में डुबकी लगा लेना चाहते हैं, फिर बढ़ने लगी श्रद्धालुओं की भीड़, रोडवेज बसों की मांग बढ़ी

गोरखपुर वसंत पंचमी स्नान के बाद महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ फिर बढ़ने लगी है। यह ऐसे श्रद्धालु हैं जो माघ पूर्णिमा तक हर हाल में संगम में डुबकी लगा लेना चाहते हैं। इन श्रद्धालुओं को भेजने के लिए परिवहन निगम ने दो दिन में ही गोरखपुर परिक्षेत्र से रोडवेज की 134 महाकुंभ स्पेशल बसें प्रयागराज भेज दी हैं, जिसमें गुरुवार को 56 और शुक्रवार को 78 बसें शामिल हैं। शनिवार को भी 150 बसें श्रद्धालुओं को लेकर भेजी जाएंगी। निगम ने बसों की तैयारी सुनिश्चित कर ली है। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह के अनुसार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गोरखपुर परिक्षेत्र से प्रयागराज के बीच पर्याप्त महाकुंभ स्पेशल बसें चलाई जा रही हैं। वसंत पंचमी स्नान के बाद गोरखपुर परिक्षेत्र से प्रयागराज के बीच दूसरे डिपो की चल रही रोडवेज की 1910 महाकुंभ स्पेशल बसें वापस भेज दी गई हैं। हालांकि, गोरखपुर परिक्षेत्र की 390 महाकुंभ स्पेशल बसें माघ पूर्णिमा और महाशिवरात्रि स्नान पर्व तक चलती रहेंगी। श्रद्धालुओं की भीड़ पर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रयागराज के सीमावर्ती क्षेत्रों और झूसी में सैकड़ों बसें खड़ी हैं। गोरखपुर परिक्षेत्र से जाने वाली बसें झूसी तक चल रही हैं। दरअसल, वसंत पंचमी तक गोरखपुर परिक्षेत्र के 38 प्वाइंटों से होकर पौष पूर्णिमा से 2300 महाकुंभ स्पेशल बसें चलाई गई हैं। हालांकि, मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर करीब एक हजार बसें प्रयागराज में ही फंस गईं। बसों का संचालन बाधित होने से श्रद्धालु भी महाकुंभ से बाहर नहीं निकल पाए। श्रद्धालुओं को वापस लाने के लिए परिवहन निगम ने गोरखपुर और राप्तीनगर डिपो सहित गोरखपुर परिक्षेत्र से 180 अनुबंधित बसें प्रयागराज भेजी थीं। इसके पहले 26 से 28 जनवरी तक तीन दिन में गोरखपुर परिक्षेत्र से श्रद्धालुओं को प्रयागराज भेजने के लिए गोरखपुर और राप्तीनगर डिपो की लगभग सात सौ बसें महाकुंभ के लिए भेजी गईं। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर परिवहन निगम प्रबंधन ने सोनौली, महराजगंज, बस्ती, लखनऊ और दिल्ली जाने वाली बसों को भी महाकुंभ के लिए रवाना कर दिया।   गोरखपुर से झूसी के बीच चल रही एक महाकुंभ स्पेशल ट्रेन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूर्वोत्तर रेलवे भी गोरखपुर से झूसी के बीच एक महाकुंभ आरक्षित स्पेशल ट्रेन संचालित कर रहा है। 05004/05003 नंबर की गोरखपुर-झूसी-गोरखपुर आरक्षित महाकुंभ स्पेशल 09, 10, 11 एवं 12 फरवरी को तथा झूसी से 08, 10, 11, 12 एवं 13 फरवरी को चलेगी। यह ट्रेन गोरखपुर से रात 09:30 बजे छूटकर दूसरे दिन सुबह 06:00 बजे झूसी पहुंचेगी।

17 फरवरी से प्रारंभ हो रहे नौ दिवसीय शिवनवरात्रि पर्व के दौरान भोग आरती का समय सुबह 10:30 बजे से बदलकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया

उज्जैन उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि के अवसर पर पूजन व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। 17 फरवरी से प्रारंभ हो रहे नौ दिवसीय शिवनवरात्रि पर्व के दौरान भोग आरती का समय सुबह 10:30 बजे से बदलकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया है। यह क्रम नौ दिन रहेगा। महाशिवरात्रि पर्व के दिन रात्रि में महानिशा काल में रात्रि पर्यंत विविध प्रकार से भगवान महाकाल की पूजा होगी। 27 फरवरी को तड़के 4 बजे भगवान को सप्तधान मुखारविंद धारण करवाकर उनके शीश पर सवा मन फल व फूलों से बना मुकुट धारण करवाया जाएगा। इसके बाद सुबह 11 बजे से सेहरा उतारने के बाद वर्ष में एक बार दोपहर में भस्म आरती होगी। वहीं भस्म आरती के बाद दोपहर में ही भगवान को भोग अर्पित कर आरती होगी। इसी दिन मंदिर के पुजारी-पुरोहितों को मंदिर समिति द्वारा पारणा करवाया जाएगा। कोटितीर्थ कुंड व रुद्रयंत्र की सफाई कार्य शुरू होगा महाशिवरात्रि की तैयारियों के तहत कोटितीर्थ कुंड की विशेष सफाई की जाएगी। कुंड से पानी निकालकर काई हटाई जाएगी और नया जल भरा जाएगा। मंदिर के गर्भगृह में स्थित चांदी के रुद्र यंत्र, जलाधारी और दरवाजों की सफाई व पॉलिश की जाएगी। शिखर की रंगाई-पुताई के साथ स्वर्ण शिखरों को भी चमकाया जाएगा। पर्व से पूर्व संपूर्ण मंदिर परिसर की विशेष सफाई की जाएगी। बैठक में श्रद्धालुओं की प्रवेश तथा निर्गम व्यवस्था, भस्मार्ती में श्रद्धालुओं के प्रवेश संबंधी व्यवस्था, पुजारी/पुरोहित/साधु-संतों/मीडिया कर्मियों की प्रवेश व्यवस्था, श्री महाकालेश्वर मंदिर में आगंतुक श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से उज्जैन शहर में चारो ओर से आने वाले मार्गो के चयनित स्थानों पर अस्थाई रूप से वाहन पार्किंग की व्यवस्था, बसो की व्यवस्था, अस्थाई हाॅस्पिटल, पेयजल, सेंट्रलाईज्ड पी.ए. सिस्टम आदि की व्यवस्था की जाना है। आगंतुक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समिति द्वारा अस्थाई रूप से मंदिर परिक्षेत्र के चारो ओर चयनित स्थानों पर पूछताछ एवं खोया-पाया केन्द्र स्थापित किए जाऐगें। आगन्तुक श्रद्धालु सरलता से अपने पदवेश व्यवस्थित रूप से रख कर दर्शन उपरांत पुनः सरलता से प्राप्त कर सके, इस हेतु पूर्व वर्षानुसार चिन्हित निर्धारित स्थानों पर अस्थाई जूता स्टेण्ड का संचालन मुख्य कार्यपालन अधिकारी उज्जैन विकास प्राधिकरण उज्जैन के माध्यम से किया जाना हैं। महाशिवरात्रि पर्व 2025 के उपलक्ष्य पर सम्पूर्ण मंदिर आंतरिक एवं एवं बाह्य परिक्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में फ्लेक्स एवं दिशा सूचक बोर्ड की व्यवस्था श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा की जावेगी। महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए चयनित स्थानों पर नगर पालिक निगम उज्जैन द्वारा अस्थाई फायर स्टेशन स्थापित किए जाना है।आगन्तुक दर्शनार्थियों को लड्डू प्रसाद उपलब्ध कराने हेतु श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा विभिन्न स्थानों पर लड्डू प्रसाद काउण्टर पहले से अधिक संख्या में स्थापित किये जायेगे। बैठक में दीनदयाल रसोई योजना के संचालन के अंतर्गत उज्जैन शहर में निवासरत गरीब, भिक्षुक, असहाय, निःशक्तजन एवं ऐसे व्यक्ति जो स्वयं भोजन का प्रबंध करने में असमर्थ है, को श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर जी का निःशुल्क भोग/भोजन प्रसाद उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया, जिसके अंतर्गत नगर पालिक निगम उज्जैन द्वारा शहर के 06 स्थानों पर स्थापित भोजन केन्द्र में 500 व्यक्ति प्रति भोजन केन्द्र पर कुल 3000 व्यक्तियों के लिए भोजन पहुंचाया जाएगा। पूर्व में भी श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा दीन दयाल रसोई योजना के अंतर्गत सेवाएं दी जाती रही है, जिन्हे पुनः प्रारंभ किया गया।  श्री महाकालेश्वर मंदिर में दान एवं भेंट के माध्यम से प्राप्त स्वर्ण एवं रजत सामग्री का त्वरीत मूल्यांकन कर सामग्री पर क्यू.आर. कोडिंग की जावेगी।पं. श्री सूर्यनारायण व्यास अतिथि निवास एवं जे.के. सीमेंट द्वारा नवनिर्मित अतिथि निवास में लाईट चली जाने पर आरक्षित कक्षो में 01 पंखा एवं 01 टयूब लाईट चालु रहे इस हेतु प्रचलित निर्माण कार्यो के अंतर्गत ही डी.जी. सेट (जनरेटर) स्थापित करवाए जाएंगे, साथ ही दोनो अतिथि निवास में 01 पेन्ट्री संचालित करने का निर्णय लिया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा त्रिवेणी संग्रहालय के सम्मुख श्री महाकाल अतिथि निवास का निर्माण कराया गया है, जिसमें वर्तमान में बेसमेंट में पार्किंग एवं ग्राउण्ड फ्लोर पर 09 कक्ष निर्मित है, जो कि वर्तमान परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए पर्याप्त नहीं है। सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए श्री महाकाल अतिथि निवास के ऊपर 04 फ्लोर (जी+04) का निर्माण कराए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। यह निर्माण दानदाता के माध्यम से या मंदिर प्रबंध समिति स्वयं करेगी।  मंदिर समिति के वाहन बोलेरो, टाटा मेजिक लोडिंग वाहन एवं मारूति वेन लगभग 15 से 20 वर्ष पुराने होने के कारण वर्तमान में उपयोग में नहीं लिए जा सकते है, जिन्हे आर.टी.ओ. के माध्यम समिति बनाकर अपलेखित (हटाने) किए जाने का निर्णय लिया गया।

द‍िल्‍ली व‍िधानसभा :16 सीटों पर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी को ‘हरा’ दिया, जी हां! यकीन न हो तो आंकड़े देख लीजिए

नई द‍िल्‍ली  दिल्ली की जनता ने अपना फैसला सुना दिया है। पिछले 3 विधानसभा चुनावों (Delhi Assembly Election Result 2025 ) से दिल्लीवालों ने जिस पार्टी को अपने दिल में जगह दी थी, उसे आज सत्ता से बाहर कर दिया है। दिल्ली में आखिरकार ‘मोदी मैजिक’ चल ही गया। लेकिन ‘असली खेल’ किया फिर से 0 पर आउट होने वाली कांग्रेस ने। चुनाव आयोग के मुताबिक दिल्ली की 70 सीटों में से 48 पर बीजेपी आगे है या जीत चुकी है। जबकि आम आदमी पार्टी के खाते में महज 22 सीट ही रही। कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली। मगर कम से कम 16 सीटें ऐसी रहीं, जिस पर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) को ‘हरा’ दिया। जी हां! यकीन न हो तो आंकड़े देख लीजिए। सबसे पहले बात वोट शेयर की साल 2020 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को 53 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे। जबकि बीजेपी का वोट प्रतिशत 38.51% रहा। इस बार की बात करें तो ‘आप’ को 43.61% वोट मिले हैं जबकि बीजेपी 45.88% वोट शेयर पहले नंबर पर काबिज हो गई। कहने को यह अंतर महज 2.27 फीसदी का ही है, लेकिन दिल्ली के सिंहासन पर काबिज होने के लिए यह अंतर काफी बड़ा रहा। आखिर कैसे कांग्रेस ने पलटा गेम आखिर यह ढाई फीसदी वोट फिर कहां गए? जवाब साफ है-कांग्रेस। यूं तो इस बार भी कांग्रेस का वोट प्रतिशत 10 फीसदी से कम ही रहा, लेकिन खुद को ‘वोट कटवा’ पार्टी साबित करने में इस बार वह कामयाब रही। पिछली बार पहले और दूसरे नंबर की पार्टी के बीच अंतर बड़ा था। इसलिए कांग्रेस को कितने वोट मिले, इससे किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा। मगर इस बार अलग थी। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस को 6.39% वोट मिले और जीत-हार का अंतर 2.27%। इन सीटों पर भारी पड़ी कांग्रेस से ‘हाथ’ छुड़ाना   क्रम सीट बीजेपी को वोट म‍िले AAP को वोट म‍िले कांग्रेस को वोट जीत का अंतर 1 नई द‍िल्‍ली 30,028 25,999 4,568 4,089 2 जंगपुरा 38,859 38,184 7,350 675 3 त्र‍िलोकपुरी 58,217 57,824 6,147 392 4 ग्रेटर कैलाश 49,594 46,406 6,711 3,188 5 छतरपुर 80,469 74,230 6601 6239 6 मादीपुर 52,019 41,120 17,958 10,899 7 मालवीय नगर 39,564 37,433 6,770 2,131 8 नांगलोई जाट 75,272 49,021 32,028 26,251 9 राजेंद्र नगर 46,671 45,440 4,015 1,231 10 संगम विहार 54,049 53,705 15,863 344 11 तिमारपुर 53,551 52,290 8,101 1,261 12 बिजवासन 64,951 53,675 9,409 11,276 13 महरौली 48,349 46,567 9,338 1,782 केजरीवाल-सिसोदिया समेत बड़े नेताओं पर भारी पड़ी कांग्रेस अरविंद केजरीवाल 3 बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने। लगातार तीन बार नई दिल्ली सीट से जीते। मगर इस बार बीजेपी के प्रवेश साहिब सिंह ने 4000 वोटों से हरा दिया। रोचक बात है कि तीसरे नंबर पर रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे व पूर्व कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित 4500 से ज्यादा वोट मिले। इसी तरह ‘आप’ में नंबर-2 मनीष सिसोदिया जंगपुरा से 675 वोटों से हारे। तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के फरहाद सूरी को 7000 से ज्यादा वोट मिले। सोमनाथ भारती की हार में भी कांग्रेस का ही हाथ रहा। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और EVM पर सवाल उठाने वाले सौरभ भारद्वाज 3100 वोटों से सीट गंवा बैठे। इनकी हार में भी एक चीज कॉमन रही-कांग्रेस। तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के गर्वित सांघवी ने 6700 से ज्यादा वोट हासिल किए। ऐसी करीब 17 सीटें हैं, जहां कांग्रेस ने फर्क पैदा कर दिया। मतलब अगर दिल्ली में भी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन होता तो शायद तस्वीर कुछ और हो सकती थी।   तो मिल जाता ‘आप’ को बहुमत! इसी तरह द्वारका सीट पर बीजेपी को 8671 वोट मिले जबकि कांग्रेस ने यहां 6630 वोट काटे। हरी नगर सीट पर बीजेपी को 6632 वोटों से जीत मिली जबकि कांग्रेस यहां 4252 वोट के साथ तीसरे नंबर पर रही। रोचक बात यह रही कि निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमारी ढिल्लों ने 3398 वोट हासिल किए। मुंडका सीट पर भी कांग्रेस ने जमकर वोट काटे।

आम आदमी पार्टी के ‘अजेय’ होने का दंभ बना हार का कारण, फ्रीबीज पॉलिटिक्स में बीजेपी ने केजरीवाल को दे दी पटखनी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की आंधी में आम आदमी पार्टी हवा हो गई। वो आम आदमी पार्टी जो लगातार दो चुनावों में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। लेकिन इस बार बीजेपी की कुछ ऐसी हवा चली कि AAP के बड़े-बड़े शूरमा उखड़ गए। खुद अरविंद केजरीवाल चुनाव हार गए। मनीष सिसोदिया चुनाव हार गए। AAP के तमाम दिग्गज चुनाव हार गए। न फ्री का वादा काम आया, न मुफ्त की रेवड़ियां काम आईं और न ही ‘कट्टर ईमानदार’ अरविंद केजरीवाल का चेहरा काम आया। आखिर ऐसा क्या हुआ कि कभी 70 में से 67 और 62 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी को इस बार बुरी शिकस्त का सामना करना पड़ा? आइए देखते हैं AAP की हार के 7 बड़े कारण क्या रहे। 1- एंटी-इन्कंबेंसी आम आदमी पार्टी ने अपने जन्म के साथ ही दिल्ली के लोगों के दिल पर राज किया। 2013 के अपने पहले चुनाव में वह बीजेपी के बाद दूसरे नंबर पर रही थी लेकिन त्रिशंकु विधानसभा में वह उस कांग्रेस से हाथ मिला ली, जिसके कथित भ्रष्टाचार के विरोध से राजनीति शुरू की थी। खैर, कांग्रेस के साथ गठबंधन वाली आम आदमी पार्टी की वो सरकार 2 महीने भी नहीं टिकी। उसके बाद 2015 में 70 में से 67 और 2020 में 70 में से 62 सीटों पर जीत के साथ इतिहास रचा। पार्टी लगातार 10 सालों तक दिल्ली की सत्ता में रही। लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करना वैसे भी बहुत आसान नहीं होता क्योंकि सत्ताविरोधी रुझान यानी एंटी-इन्कंबेंसी का खतरा बना रहता है। आम आदमी पार्टी को भी इस फैक्टर का नुकसान उठाना पड़ा। 2- करप्शन का दाग अब इसे विडंबना ही कहेंगे कि जिस पार्टी ने भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन से जन्म लिया, सत्ता में आने पर वह भी अपने दामन को करप्शन की कालिख से नहीं बचा पाई। खुद को कट्टर ईमानदार कहने वाले अरविंद केजरीवाल को करप्शन का दाग भारी पड़ा। भ्रष्टाचार के आरोपों में उन्हें खुद जेल जाना पड़ा। मनीष सिसोदिया को जेल जाना पड़ा। सत्येंद्र जैन को जेल जाना पड़ा। केजरीवाल और आम आदमी पार्टी लगातार खुद के कट्टर ईमानदार होने की दुहाई देते रहे लेकिन दिल्ली की जनता ने उनको नकार दिया। अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के शिल्पी अरविंद केजरीवाल जब दिल्ली की सत्ता में आए तो एक नई तरह की साफ-सुथरी, ईमानदार और वैकल्पिक राजनीति का वादा किया था। लेकिन किया क्या? सीएजी की रिपोर्ट को विधानसभा की पटल तक पर नहीं रखा। कभी जिस दिल्ली के एक मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना जैन हवाला कांड में अपना नाम लिए जाने पर ही पद से इस्तीफा दे दिया था, उसी दिल्ली में अरविंद केजरीवाल आरोप तो छोड़िए, जेल में जाने के बाद भी इस्तीफा नहीं दिया। लालू प्रसाद यादव से लेकर हेमंत सोरेन तक तमाम मुख्यमंत्रियों ने जेल जाने की नौबत आने पर नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा दिया था। लेकिन ईमानदारी की राजनीति के कथित चैंपियन केजरीवाल ने तो जेल से सरकार चलाने की ऐसी जिद दिखाई जो भारत की राजनीति में कभी नहीं हुआ। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने इस्तीफा जरूर दिया लेकिन शायद तबतक बहुत देर हो चुकी थी। अगर जेल जाते ही इस्तीफा दिए होते तो 3- मुफ्त बिजली-पानी मॉडल से आगे नहीं बढ़ पाना अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने पहली बार सत्ता में आने के बाद मुफ्त-बिजली पानी वाला मॉडल पेश किया। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की दशा में भी सुधार का दावा किया। सुधार हुए भी, लेकिन उतने भी नहीं जितना आम आदमी पार्टी ढिंढोरा पीटती है। इस मॉडल की बदौलत दो बार सरकार भी बनाई लेकिन पार्टी इससे आगे नहीं बढ़ पाई। हर नाकामी का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने का चलन चलाया। सड़कें बदहाल रहीं। जगह-जगह गंदगी का अंबार रहा। निगम चुनाव में जीत के बाद साफ-सफाई की जिम्मेदारी से भाग भी नहीं सकते थे। यमुना को साफ करने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए लेकिन पानी आचमन तो छोड़िए नहाने लायक भी नहीं रहा। ये सब चीजें आम आदमी पार्टी के खिलाफ गईं। 4- फ्रीबीज पॉलिटिक्स में केजरीवाल को मिला तगड़ा कंपटिशन दूसरी तरफ, विरोधियों ने भी केजरीवाल के खिलाफ उसी हथियार का इस्तेमाल किया जो उनकी ताकत थी। ये हथियार था मुफ्त वाली योजनाओं का जिन्हें राजनीति में फ्रीबीज या मुफ्त की रेवड़ियां भी कहा जाता है। केजरीवाल की फ्रीबीज पॉलिटिक्स को मुफ्त की रेवड़ियां बताकर और देश के लिए घातक बताकर खारिज करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी भी इसी होड़ में कूद गए। बीजेपी ने भी महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये, त्योहारों पर मुफ्त सिलिंडर, बुजुर्गों के लिए बढ़ी हुई पेंशन, मुफ्त इलाज जैसे लोकलुभावन वादे किए। साथ में ये भी कि आम आदमी पार्टी की सरकार की तरफ से चलाई जा रहीं मुफ्त वाली योजनाओं को भी जारी रखेंगे। इस चुनाव से पहले तक बीजेपी दिल्ली में मुफ्त की रेवड़ियों का विरोध किया था लेकिन इस बार उसने केजरीवाल के ही हथियार से केजरीवाल को मात दे दी। ये बात दीगर है कि फ्रीबीज पॉलिटिक्स से दिल्ली की इकॉनमी का कचूमर निकलता है, सत्ता तो आ ही गई। 5- केंद्रीय बजट दिल्ली में आम आदमी पार्टी की हार के कारणों में केंद्रीय बजट को भी गिना ही जाएगा। चुनाव से ठीक पहले जिस तरह बजट में मध्यम वर्ग को बड़ी सौगात दी गई, 12 लाख रुपये तक की आमदनी और वेतनभोगियों के मामले में तो 12.75 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी को इनकम टैक्स से मुक्त करने का जो ऐलान हुआ, उसका सीधा लाभ बीजेपी को दिल्ली चुनाव में मिला है। 6-अरविंद केजरीवाल की गैर-जिम्मेदार राजनीति अरविंद केजरीवाल ने सियासत में कदम रखते ही अलग तरह की राजनीति के नाम पर बिना किसी सबूत या आधार के बाकी सभी पार्टियों और उनके नेताओं को थोक के भाव में चोर-बेईमान का सर्टिफिकेट बांटना शुरू किया था। ये सिलसिला तब खत्म हुआ जब उन्हें नितिन गडकरी, कपिल सिब्बल, अवतार सिंह भड़ाना जैसे तमाम नेताओं से अदालतों में माफी मांगनी पड़ी। खैर इन सबका उन्हें राजनीतिक नुकसान नहीं उठाना पड़ा, बस ये फर्क पड़ा कि हर विरोधी नेता को चोर बताने की उनकी आदत छूट गई। लेकिन इस बार के दिल्ली … Read more

छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों का त्वरित किया जा रहा निपटारा

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों का त्वरित निपटारा किया जा रहा है। उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कमजोर वर्ग, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों के शीघ्र समाधान और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। इसका सकारात्मक असर दिख रहा है। मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार, छत्तीसगढ़ में 28 विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं, जहां न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। इन कोर्ट्स में महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई हो रही है, जिससे पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल रहा है। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज नवंबर 2019 से जनवरी 2025 तक इन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 8,500 नए मामलों को दर्ज किया। वहीं, इसी अवधि में 10,006 मामलों का निराकरण किया गया। यह दिखाता है कि इन मामलों की निपटान दर 118 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो न्यायिक प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पीड़ितों को दिया जा रहा मुआवजा मुख्य न्यायाधीश द्वारा स्वप्रेरणा से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) क्रमांक- 23/2024 में पारित आदेश के अनुसार, महिलाओं से जुड़े आपराधिक मामलों में पीड़ितों को आर्थिक मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत अब तक 26,41,00,200 रुपये (26.41 करोड़ रुपये) की राशि पीड़ितों को वितरित की जा चुकी है। अपराधों की संख्या में आई कमी तेजी से मामलों के निराकरण के चलते महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों में गिरावट देखी गई है। इससे समाज में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और पीड़ितों को राहत मिल रही है। फास्ट ट्रैक कोर्ट की इस सफलता ने छत्तीसगढ़ को त्वरित न्याय प्रणाली के क्षेत्र में अग्रणी बना दिया है। महिलाओं व बच्चों को न्याय देने की इस पहल से समाज में न्याय की नई रोशनी फैली है। कानून का पालन करना सभी का कर्तव्य पेंड्रारोड की जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र गौरेला में पहुंची। यहां लगाए गए विधिक साक्षरता शिविर में उन्होंने कहा कि कानून का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है। इसके लिए कानून की जानकारी आवश्यक है। उन्होंने संस्था में मौजूद 220 छात्र-छात्राओं को कानून की जानकारी दी। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी के मार्गदर्शन में विधिक जागरूकता शिविर तालुका विधिक सेवा समिति पेंड्रारोड के द्वारा किया गया। इन मामलों की दी गई जानकारी इस मौके पर तालुका विधिक सेवा समिति पेंड्रारोड की अध्यक्ष एवं जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल के मार्गदर्शन में शिविर आयोजित किया गया। विधिक शिविर में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश अग्रवाल ने निश्शुल्क अधिवक्ता से संबंधित, नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरणों से संबंधित, मोटर यान अधिनियम एवं साइबर अपराध से संबंधित जानकारी दी गई। शिविर में पैरालीगल वालेंटियर लीलावती राठौर एवं अनिल कुमार रैदास उपस्थित थे। शिविर में प्राचार्य डीएस आर्मो एवं शिक्षक सुरेंद्र चतुर्वेदी, अरविंद पांडेय, हरीश जांगड़े, सुमित तिवारी, टेकलाल पाटले, मिनी आभा पांडेय, भारती छलके अन्य उपस्थित थे।  

बजट में मोदी सरकार का टैक्स छूट वाला दांव दिल्ली चुनाव में मास्टरस्ट्रोक हुआ साबित

नई दिल्ली  दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का रिजल्ट लगभग आ चुका है। बीजेपी दिल्ली में सरकार बनाती हुई साफ दिखाई दे रही है। इसकी सिर्फ औपचारिकता ही बाकी है। आम आदमी पार्टी की करारी हार हो चुकी है। बीजेपी राष्ट्रीय राजधानी में 27 साल बाद सरकार बनाएगी। 8वें वेतन आयोग और 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री करने की घोषणा, ये दो ऐसे कारण रहे जिनसे बीजेपी को फायदा हुआ। दिल्ली में ऐसे काफी लोग हैं जिनकी सैलरी 12 लाख रुपये सालाना है। इतनी सैलरी इनकम टैक्स फ्री करने से ऐसे लोगों को फायदा होगा। वहीं दिल्ली में रहने वाले केंद्र सरकार के रिटायर कर्मचारियों की संख्या भी काफी है। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। इन दो कारणों से भी दिल्ली का मिडिल क्लास वोटर बीजेपी के पक्ष में जाता नजर आया है। 8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग को बनाने की घोषणा की है। इससे करीब 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी। 8वां वेतन आयोग लागू होने से न केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी, बल्कि महंगाई भत्ता (डीए) भी बढ़ेगा। इसके अलावा 8वें वेतन आयोग से करीब 65 लाख रिटायर्ड केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की पेंशन और भत्ते में भी बढ़ोतरी होगी। केंद्रीय कर्मचारियों की दिल्ली में अच्छी खासी संख्या है। वहीं यहां काफी रिटायर्ड कर्मचारी भी रहते हैं। ऐसे में उन्हें बीजेपी में एक उम्मीद दिखाई दी और इनका अधिकतर वोट बीजेपी के पक्ष में जाता दिखाई दिया। इनकम टैक्स में कटौती इस महीने एक फरवरी को केंद्रीय बजट आया था। इसमें सरकार ने सालाना 12 लाख रुपये तक की सैलरी वालों का इनकम टैक्स जीरो कर दिया है। दिल्ली में ऐसे लोगों की संख्या काफी है जिनकी सालाना सैलरी 12 लाख रुपये तक है। वहीं दूसरी ओर सरकार ने इनकम टैक्स की नई व्यवस्था को भी संशोधित किया है। इसके स्लैब में बदलाव होने से लोगों को अब कम इनकम टैक्स चुकाना होगा। इनकम टैक्स में हुए इन बदलावों को देखते हुए हाई सैलरीड क्लास वर्ग भी बीजेपी के पक्ष में नजर आया। इसके अलावा इनकम टैक्स में राहत से मिडिल क्लास भी काफी खुश नजर आया और उनसे भी बीजेपी की जीत में अपना योगदान दिया।

भारतीय रेलवे ने 15 फरवरी से शुरू की इन रूट्स पर 10 स्पेशल ट्रेन, वेटिंग होने से पहले बुक कर लें टिकट

भोपाल रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने फरवरी में यूपी, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के रास्ते 10 स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है।इन स्पेशल ट्रेनों का परिचालन फरवरी मेंअलग-अलग तिथि को किया जाएगा। यात्री अपनी सुविधा के हिसाब से टिकट बुकिंग करा सकते हैं। गाड़ी संख्य 69233/69234 वड़ोदरा-दाहोद-वड़ोदरा मेमू समेत एक दर्जन ट्रेनें 28 फरवरी तक निरस्त रहेगी।यात्री इन स्पेशल ट्रेनों के ठहराव की विस्तृत जानकारी रेल मदद नम्बर 139 या फिर www.enquiry.indianrail.gov.in या NTES App पर जाकर भी डिटेल्स प्राप्त कर सकते हैं। फरवरी में चलेगी ये स्पेशल ट्रेन     गाड़ी संख्या 09537 राजकोट-बनारस ट्रेन 15 और 19 फरवरी को राजकोट से सुबह 06.05 बजे रवाना होकर अगले दिन 02.45 बजे बनारस पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09538 बनारस-राजकोट ट्रेन 16 और 20 फरवरी को बनारस से शाम 07.30 बजे रवाना होकर तीसरे दिन तड़के 04.10 बजे राजकोट पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09555 भावनगर टर्मिनस-बनारस 16 व 20 फरवरी को भावनगर से सुबह 5 बजे रवाना होगी, और अगले दिन दोपहर 2:45 बजे बनारस पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09556 बनारस-भावनगर टर्मिनस 17 और 21 फरवरी को रात 7:30 बजे बनारस से रवाना होकर तीसरे दिन सुबह 5 बजे भावनगर पहुंचेगी।यह महेसाना, पालनपुर, आबूरोड, ब्यावर, अजमेर, किशनगढ, जयपुर, भरतपुर, आगरा फोर्ट, फतेहपुर, प्रयागराज समेत कई स्टेशनों पर रूकेगी।     गाड़ी संख्या 09453, साबरमती-बनारस महाकुंभ मेला स्पेशल रेलसेवा दिनांक 21.02.25 को (01 ट्रिप) साबरमती से 11.00 बजे रवाना होकर जयपुर स्टेशन पर 23.10 बजे आगमन व 23.20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 16.00 बजे बनारस पहुंचेगी।यह महेसाणा, पालनपुर, आबूरोड,ब्यावर, अजमेर, किशनगढ, जयपुर, भरतपुर, आगराफोर्ट,इटावा,फतेहपुर, प्रयागराज समेत कई स्टेशनों पर रुकेगी।     गाड़ी संख्या 09454, बनारस-साबरमती महाकुंभ मेला स्पेशल रेलसेवा दिनांक 22.02.25 को (01 ट्रिप) बनारस से 19.30 बजे रवाना होकर अगले दिन जयपुर स्टेशन पर 13.15 बजे आगमन व 13.20 बजे प्रस्थान कर दिनांक 24.02.25 को 00.30 बजे साबरमती पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09139 विश्वामित्री-बलिया महाकुंभ स्पेशल 22 फ़रवरी को सुबह 8:35 बजे विश्वामित्री से चलकर दाहोद (12:12/12:14), रतलाम (1:35/1:45), नागदा (2:38/2:40), उज्जैन (3:55/4:05) व शुजालपुर (5:58/6:00) बजे होती हुई अगले दिन 20:30 बजे बलिया पहुंचेंगी।     गाड़ी संख्या 09140 बलिया-विश्वामित्री महाकुंभ स्पेशल 23 फरवरी को रात 11:30 बजे बलिया से चलकर शुजालपुर (1:27/1:29), उज्जैन (3:40/3:50), नागदा (4:40/4:42), रतलाम (5:20/5:30), दाहोद (7:01/7:03) होती हुई सोमवार सुबह 10:05 बजे विश्वामित्री पहुंचेंगी।     गाड़ी संख्या 01203 नागपुर-दानापुर कुंभ मेला स्पेशल  08 फरवरी को नागपुर से 15:00 बजे खुल कर अगले दिन 06:20 बजे प्रयागराज छिवकी रुकते हुए 13:00 बजे दानापुर पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 01204 दानापुर-नागपुर कुंभ मेला स्पेशल 09 फरवरी को दानापुर से 14:30 बजे खुल कर 21.25 बजे प्रयागराज छिवकी रुकते हुए अगले दिन 11:40 बजे नागपुर पहुंचेगी। 28 फरवरी तक ये ट्रेने रद्द     ट्रेन नंबर 12355 अर्चना एक्सप्रेस 8, 11, 15, 18, 22, 24 फरवरी तक ।ट्रेन नंबर12356 अर्चना एक्सप्रेस  9, 12, 16, 19, 23, 25 फरवरी तक ।     ट्रेन नंबर 15655 कामाख्या-माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस 9, 16, 23 फरवरी तक ।ट्रेन नंबर 15656 माता वैष्णो देवी कटरा-कामाख्या एक्सप्रेस 12, 19, 26 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12469 कानपुर-जम्मू एक्सप्रेस 12, 14, 19, 21, 26, 28 फरवरी के लिए ।ट्रेन नंबर 12470 जम्मू-कानपुर एक्सप्रेस  11, 13, 18, 20, 25, 27 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12491 बरौनी-जम्मू मोरध्वज एक्सप्रेस 9, 16, 23 फरवरी तक।ट्रेन संख्या- 8035/18036, खड़गपुर-हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस 9 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12492 जम्मू-बरौनी मोरध्वज एक्सप्रेस  14, 21, 28 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 14611 गाजीपुर-वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस 14, 21, 28 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 14612 वैष्णो देवी कटरा-गाजीपुर एक्सप्रेस 13, 20 और 27 फरवरी तक ।

सैटेलाइट नेटवर्क से ग्रामीण इलाकों में पहुंचा इंटरनेट

नई दिल्ली एलन मस्क हो या जियो… अभी सभी कंपनियों का पूरा फोकस सैटेलाइट नेटवर्क पर है। दरअसल इस नेटवर्क की मदद से सभी कंपनियों की यूजर्स तक पकड़ काफी आसान होने वाला है। लेकिन अभी बहुत सारे लोगों के मन में सवाल है कि आखिर सैटेलाइट नेटवर्क या सैटेलाइट इंटरनेट क्या चीज है और ये कैसे काम करता है। ऐसे बहुत सारे मौके साबित हुए हैं जब इस तकनीक ने लोगों की काफी मदद की है। आज हम आपको इसके बारे में जानकारी देने जा रहे हैं तो चलिये आपको भी इसके बारे में बताते हैं- सैटेलाइट नेटवर्क सैटेलाइट नेटवर्क की जगह पहले हम अभी उपलब्ध नेटवर्क की बात करते हैं। इंटरनेट की बात करें तो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को इंटरनेट सिग्नल Fiber की मदद से मिलता है और ये डेटा सर्वर से आता है। इस सिग्नल को सेंट्रल स्टेशन पर भेजा जाता है और फिर इसे मॉडम या सब्सक्राइबर्स को वितरित किया जाता है। अब इसमें क्या होगा कि बीच में सैटेलाइट की एंट्री होगी और इंटरनेट सिग्नल सैटेलाइट की मदद से वितरित किया जाएगा। पृथ्वी से सिग्नल सैटेलाइट को दिया जाएगा और फिर इसे अलग-अलग राउटर पर ट्रांसफर कर दिया जाएगा। ग्राउंड स्टेशन की मदद से नेटवर्क को सैटेलाइट को भेज दिया जाएगा और ये हर किसी को नेटवर्क ट्रांसफर करेगा। सैटेलाइट की मदद से नेटवर्क वितरित करने का सबसे बड़ा फायदा होगा कि ये ग्रामीण इलाकों में भेजा जाएगा। यही इसका सबसे बड़ा फायदा होता है। साथ ही नेटवर्क की पहुंच भी ज्यादा हो जाती है। सैटेलाइट नेटवर्क हर लिहाज से पॉजिटिव साउंड करता है। एलन मस्क की तरफ से भी इस पर तेजी से काम किया जा रहा है। वोडाफोन-आइडिया की तरफ से हाल ही में सैटेलाइट नेटवर्क की मदद से कॉलिंग भी की गई है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत में भी बहुत जल्द इस नेटवर्क की शुरुआत हो सकती है।

आज तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा भारत

कटक श्रृंखला के शुरूआती मैच में शानदार प्रदर्शन से उत्साहित भारत रविवार को बाराबती स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले दूसरे मैच में रविवार को तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा वहीं मेहमान इंग्लैंड सीरीज को जीवित रखने के लिए पुरजोर कोशिश करेगा। नागपुर में पहले वनडे में आसान जीत हासिल करने के बाद, भारतीय टीम मुकाबले में लय के साथ उतरेगी। हालाँकि, कप्तान रोहित शर्मा की फॉर्म को लेकर चिंता बनी हुई है। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से पहले केवल दो मैच बचे हैं और सलामी बल्लेबाज अपनी फार्म को वापस पाने के लिये बेकरार होगा। रोहित ने मैच से पहले कहा, “मैं बस यही चाहता हूं कि हम यह सुनिश्चित करते रहें कि हम जितनी बार संभव हो सही चीजें करें। ऐसा कुछ भी खास नहीं है जिसे हम हासिल करना चाहते हैं। हम सिर्फ गेंदबाजी, बल्लेबाजी और अन्य पहलुओं को चुस्त दुरुस्त और अधिक बेहतर रखना पसंद करेंगे।” नागपुर में पदार्पण मैच पर प्रभावित करने वाले युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा अपने प्रदर्शन को आगे बढ़ाना चाहेंगे। हालाँकि इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों ने उन्हें शुरू में ही दबाव में डाल दिया था, लेकिन उन्होंने जोरदार वापसी की और तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर मेहमान टीम को 248 रन पर रोक दिया। दूसरे वनडे में इंग्लैंड के शीर्ष क्रम के खिलाफ उनकी भूमिका अहम साबित हो सकती है। रन मशीन विराट कोहली की वापसी से भारत के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अनुभवी बल्लेबाज घुटने में दर्द के कारण पहला वनडे नहीं खेल सके और इस मैच में उनकी भागीदारी की अभी भी साफ नहीं हुई है। यदि वह लौटते हैं, तो टीम प्रबंधन को कठिन निर्णय का सामना करना पड़ेगा कि किसे बाहर रखा जाए, क्योंकि उनकी जगह लेने वाले श्रेयस अय्यर ने सफल रन चेज़ में शानदार अर्धशतक बनाया है। अय्यर ने मैच के बाद कहा था, “हम सभी जानते हैं, दुर्भाग्य से, एक खिलाड़ी चोटिल हो गये और फिर मुझे मौका मिला। लेकिन मैंने खुद को तैयार रखा। मुझे पता था कि किसी भी समय, मुझे मौका मिल सकता है।” दूसरी ओर, इंग्लैंड वापसी के लिए बेताब होगा। श्रृंखला के शुरुआती मैच में उनकी बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और उन्हें अपने मध्यक्रम से मजबूत प्रयास की जरूरत होगी। मेहमान भारत की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को रोकने के लिए अपने गेंदबाजों पर भी भरोसा करेंगे, जिन्होंने नागपुर में आसानी से लक्ष्य का पीछा किया था। दोनों टीमों के बीच बहुत कुछ दांव पर होने के कारण, बाराबती स्टेडियम में क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक रोमांचक मुकाबला इंतजार कर रहा है। भारत की जीत सीरीज पर कब्जा कर लेगी, जबकि इंग्लैंड सीरीज को निर्णायक मुकाबले में धकेलने के लिए बेताब होगा। टीम इंडिया: रोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, श्रेयस अय्यर, यशस्वी जयसवाल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, वरुण चक्रवर्ती। टीम इंग्लैंड: जोस बटलर (कप्तान), हैरी ब्रूक, बेन डकेट, जो रूट, फिलिप साल्ट, जेमी स्मिथ, जैकब बेथेल, ब्रायडन कार्स, लियाम लिविंगस्टोन, जेमी ओवरटन, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, साकिब महमूद, आदिल राशिद, मार्क वुड।  

बेंगलुरु में पब और नाइटलाइफ क्षेत्र में अभूतपूर्व संकट, पिछले एक साल में 40 से अधिक पब बंद हो गए

बेंगलुरु  कर्नाटक का आईटी हब बेंगलुरु, जहां देशभर से आए सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स रहते हैं। यह वह शहर है जहां पांच दिन दफ्तरों पर भीड़ रहती है और वीकेंड्स पर बार और पब फुल रहते हैं। सुबह तक इतनी शराब पी जाती है कि बार-पब्स का पूरे हफ्ते की आमदनी दो दिनों में होती है। लेकिन अब यहां लग रहा है कि इंजीनियर्स में पार्टी का बुखार खत्म हो गया है। शहर का पब और नाइटलाइफ क्षेत्र एक अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा है, क्योंकि पिछले एक साल में 40 से अधिक पब बंद हो गए हैं। उद्योग जगत के लिकर लीडर्स में अब टेंशन बढ़ गई है। उनका मानना है कि पब्स के बंद होने के पीछे बढ़ती संचालन लागत, फुट-फॉल में 0.20-25 प्रतिशत की गिरावट और सरकार के लगाए गए मूल्य वृद्धि है। बेंगलुरु में 2000 से ज्यादा पब पब मालिक तत्काल कर्नाटक राज्य सरकार से नीतिगत सुधारों, वित्तीय सहायता और सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं के लिए आह्वान कर रहे हैं ताकि उनके व्यवसाय को बनाए रखने में मदद मिल सके। बेंगलुरु में 2000 से ज्यादा पब और शराब बनाने के कारखाने हैं। पिछले दिनों से कोरमंगला जैसे क्षेत्रों में कुछ सबसे गंभीर प्रभाव दिख रहे हैं। जहां पिछले साल कई पब बंद हो गए।  रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) बेंगलुरु चैप्टर के सचिव अनंत नारायण ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार बहुत जरूरी राहत नहीं देती, तब तक बंद होने की दर बढ़ सकती है। पब के बजाय हो रहीं हाउस पार्टियां? पब्स में घटती भीड़ के पीछे कुछ लोग अन्य कारण भी बताते हैं। लोगों में सोशल बिहेवियर चेंज देखने को मिल रहा है। अब वे बाहर जाकर पार्टी करने की बजाए घर पर पार्टीज करना पसंद कर रहे हैं। यही कारण है कि पबों में कम ग्राहक आए हैं। इसके अतिरिक्त, कॉर्पोरेट खर्च में कमी और नौकरी की असुरक्षा ने रात्रि जीवन की घटती मांग में योगदान दिया है। यह क्षेत्र, जिसका मूल्य 600 करोड़ रुपये से 1,000 करोड़ रुपये के बीच है, भारी वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है, जिसमें अचल संपत्ति और वेतन सहित परिचालन लागत सालाना लगभग 10 प्रतिशत बढ़ रही है, जबकि मुनाफे में गिरावट जारी है। बढ़ीं चुनौतियां चिन लंग रेस्टो बार चेन के मालिक प्रज्वल लोकेश ने जोर देकर कहा कि कर्मचारियों की चुनौतियों और भयंकर प्रतिस्पर्धा ने स्थिति को और बढ़ा दिया है। जबकि कर्मचारियों को कुशल बनाना और रुझानों के साथ बने रहना महत्वपूर्ण है। इस मार्केट में कभी छोटे प्रतिष्ठानों का वर्चस्व था, अब मुख्य रूप से छूट-उन्मुख मानसिकता से संचालित है, जिससे नए उद्यमों की सफलता की संभावना कम हो जाती है। जटिल है लाइसेंस की प्रक्रिया जटिल और बोझिल लाइसेंस प्रक्रिया एक और महत्वपूर्ण बाधा है। पब मालिकों को कानूनी रूप से संचालित करने के लिए कम से कम नौ अलग-अलग लाइसेंस प्राप्त करने होते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें हाल ही में मूल्य वृद्धि की गई है। बीयर की कीमतों में वृद्धि ने, विशेष रूप से, अतिरिक्त तनाव पैदा कर दिया है, कुछ प्रतिष्ठान अतिरिक्त लागतों का प्रबंधन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कर्नाटक आबकारी आयुक्त आर. वेंकटेश कुमार ने बीयर और भारतीय निर्मित शराब (आईएमएल) पर हाल ही में शुल्क वृद्धि का बचाव किया। उन्होंने कहा, कि वृद्धि मामूली थी और मुख्य रूप से उच्च-स्तरीय उत्पादों को टारगेट किया गया था। उन्होंने कहा कि निचले स्तर के उत्पाद, जो उद्योग के लिए अधिकांश राजस्व उत्पन्न करते हैं, अप्रभावित रहे। यह स्वीकार करते हुए कि मुद्रास्फीति ने कुछ लागतों को बढ़ाया है, उन्होंने समग्र क्षेत्र पर शुल्क वृद्धि के प्रभाव को कम किया।

EPFO :15 फरवरी तक पूरा कर लें ये काम वरना नहीं मिलेगा ये लाभ

नई दिल्ली  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organization) के कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए जरूरी खबर है। ईएलआई योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए यूएएन एक्टिवेशन और बैंक खातों के साथ आधार सीडिंग की समय सीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है, अब कर्मचारी 15 फरवरी 2025 तक ये काम पूरा कर सकते है। ध्यान रहे एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम का लाभ उठाने के लिए EPFO मेंबर्स को अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिवेट करना और बैंक अकाउंट में आधार लिंक करना जरूरी है।EPFO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि EPFO के अंतर्गत आने वाले नियोक्ता ध्यान दें!ELI योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए UAN एक्टिवेशन और बैंक खातों के साथ आधार सीडिंग की समय सीमा 15 फरवरी 2025 तक बढ़ा दी गई है।कर्मचारियों को सुचारू लाभ के लिए समय पर अनुपालन सुनिश्चित करें! क्या है ईएलआई स्कीम     केन्द्र सरकार ने बजट-2024 में ELI स्कीम की घोषणा की थी, इस स्कीम में 3 तरह की योजनाएं शामिल हैं, A, B और C। तीनों ही योजनाओं का मकसद एंप्लायमेंट जेनरेशन को बढ़ावा देना और नए कर्मचारियों को आर्थिक मदद मुहैया कराना है।     EPFO के प्रत्येक सब्सक्राइबर के पास आधार से जुड़ा UAN होना आवश्यक है, जिसे सदस्य पोर्टल पर लॉगिन बनाकर सक्रिय करना होगा ताकि सिंगल विंडो से कई सुविधाएं प्राप्त की जा सकें।     वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में रोजगार से जुडी प्रोत्साहन योजना के लिए 3 योजना ए,बी और सी की घोषणा की गई थी।ELI  का मुख्य उद्देश्य नई नौकरियां बढ़ाना और कर्मचारियों व नियोक्ताओं को मदद देना है।     इसमें 2 लाख करोड़ रुपये के खर्च के साथ 5 साल में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और दूसरे मौके पैदा करने का टार्गेट रखा गया है।ईएलआई स्कीम का टार्गेट 2 साल में 2 करोड़ से ज्यादा जॉब्स पैदा करना है।     योजना के तहत जो पहली बार नौकरी कर रहे हैं, उन कर्मचारियों को 15,000 रुपए तक की सैलरी तीन किश्तों में दी जाएगी। यह पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में जाएगा।     इस योजना में नियोक्ता और नए कर्मचारियों को EPFO योगदान पर 4 साल तक इंसेंटिव मिलेगा।इसमें हर नए कर्मचारी पर सरकार नियोक्ता को 3,000 रुपए प्रति माह देगी।यह मदद दो साल तक मिलेगी। नियोक्ता ज्यादा लोगों को नौकरी पर रख सकेंगे। 1 लाख रुपए तक की सैलरी वाले कर्मचारी भी इसका लाभ ले सकते हैं। UAN नंबर कैसे एक्टिवेट करें     सबसे पहले ईपीएफओ की वेबसाइट epfindia.gov.in पर जाएं।      सर्विसेंज सेक्शन में For Employees पर क्लिक करें।     सर्विसेज कॉलम में दूसरे स्थान पर नजर आ रहे Member UAN Online Service OCS OTCP पर क्लिक करें।     इसके बाद Activate UAN पर क्लिक करें।     अब 12 डिजिट वाला UAN और आधार नंबर, नाम, डेट ऑफ बर्थ, आधार लिंक मोबाइल नंबर, कैप्चा कोड आदि भरें।     नीचे दिए गए डिक्लेयरेशन के चेक बॉक्स पर क्लिक करें।     Get Authorization Pin बटन पर क्लिक करें।     अब ओटीपी को भरें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।     इस तरह से आपका UAN एक्टिवेट हो गया है।

प्रसव कक्ष में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर को नवजात शिशुओं की देखभाल और उपचार के बारे में एम्स के विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी

भोपाल  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। जिसमें सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट, एन बी सी सी, एन बी एस यू और प्रसव कक्ष में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर को नवजात शिशुओं की देखभाल और उपचार के बारे में एम्स के विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में शासकीय और निजी चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों के नर्सिंग अधिकारी शमिल होंगे। एम्स के विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि नवजात शिशुओं का स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। नवजात देखभाल और उपचार सेवाओं को और बेहतर करने के लिए उन्मुखीकरण प्रशिक्षण आयोजित किया गया है।  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। जिसमें सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट, एन बी सी सी, एन बी एस यू और प्रसव कक्ष में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर को नवजात शिशुओं की देखभाल और उपचार के बारे में एम्स के विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में शासकीय और निजी चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों के नर्सिंग अधिकारी शमिल होंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि नवजात शिशुओं का स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। नवजात देखभाल और उपचार सेवाओं को और बेहतर करने के लिए उन्मुखीकरण प्रशिक्षण आयोजित किया गया है।

ग्रीस के खूबसूरत सेंटोरिनी द्वीप पर भूकंप का आना लगातार जारी, आपात स्थिति घोषित

एथेंस  ग्रीस के खूबसूरत सेंटोरिनी द्वीप पर भूकंप का आना लगातार जारी है। पर्यटकों की पंसदीदा इस जगह पर पिछले दो हफ्तों में 7,700 से ज्यादा बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। इनमें कई दफा भूकंप की तीव्रता 5.0 के आसपास रही है। इस स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। यहां आए सभी पर्यटकों को निकाल लिया गया है, जबकि कई इलाकों से स्थानीय लोगों को भी सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। भूकंपों का असर सेंटोरिनी के ज्वालामुखी पर भी पड़ा है। इस घटनाक्रम ने सेंटोरिनी के लोगों को 1956 के भयावह भूकंप की याद दिला दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सेंटोरिनी में भूकंप का दौर 26 जनवरी से शुरू हुआ। इसके बाद से लगातार भूकंप आ रहे हैं। सबसे ज्यादा झटके इस हफ्ते मंगलवार को आए, जब एक ही दिन में 1300 बार धरती हिली। इनमें से कुछ की तीव्रता 4.9 से 5.0 तक थी। इससे लोगों में दहशत फैली हुई है। ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस ने सेंटोरिनी के हालात का जायजा लिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है, लोग शांति बनाए रखें। ज्वालमुखी का भी डर भूकंप का असर सेंटोरिनी के ज्वालामुखी पर भी देखा गया है। सैटेलाइट से मिले रडार डेटा के आधार पर थेसालोनिकी के एरिस्टोटल यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर माइकलिस फॉउमेलिस ने बताया है कि हमें ज्वालामुखी में कुछ बदलाव दिख रहे हैं। पहले यह शांत था लेकिन अब इसमें हलचल हुई है। हालांकि यह बदलाव बहुत ज्यादा नहीं हैं। आने वाले दिनों में पूरी तस्वीर साफ होगी। भूकंपों के झटके और ज्वालामुखी की आशंका को देखते हुए सरकार तैयारी कर रही है। एहतियातन 15,000 लोगों को द्वीप से निकाला जा चुका है। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। पुरुष अपने घरों में ही रुके हुए हैं। एक महिला क्रिसा पप्पस ने कहा कि पुरुष फिलहाल घरों की देखभाल के लिए रुके हैं। हम सब बहुत डरे हुए हैं। हमारा द्वीप लगातार हिल रहा है और किसी को नहीं पता कि आगे क्या होगा। 1956 जैसे हालात होने का डर! ग्रीक भूकंपविज्ञानी अकिस त्सेलेपिस ने चेतावनी दी है कि 1956 के विनाशकारी भूकंप के लिए जिम्मेदार फॉल्ट लाइन फिर से सक्रिय हो गई है। 69 साल पहले आए इस भूकंप में 50 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि भूकंपीय गतिविधि कम नहीं हो रही है बल्कि यह गति पकड़ रही है। आशंका है कि हम फिर से उसी परिमाण का भूकंप देख सकते हैं।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट : स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी

भोपाल भोपाल में 24 व 25 फरवरी को प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा व्यवस्था के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा सभी शासकीय और निजी चिकित्सा संस्थाओं को चिकित्सा सेवाओं की तैयारी करने हेतु कहा गया है। 24 एवं 25 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री, अधिकारीगण, मल्टीनेशनल कंपनियों के प्रतिनिधि, उद्योगपति एवं गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। तैयारी रखने के निर्देश समिट के दौरान 23 से 26 फरवरी के बीच पी एम श्री एयर एम्बुलेंस सर्विसेज को आकस्मिक स्थिति के लिए एयर एम्बुलेंस तैयार रखने हेतु कहा गया है। भोपाल जिले में संचालित सभी 108 एम्बुलेंस तथा उनके उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जा रही है। आवश्यक होने पर अन्य जिलों की 108 एम्बुलेंस को भी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अतिथियों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक बिंदु पर समीक्षा कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। सी एम एच ओ भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी द्वारा जारी निर्देशों में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ , सपोर्ट स्टाफ की उपलब्धता , आकस्मिक स्थिति हेतु पर्याप्त संख्या में बेड्स की व्यवस्था, ऑपरेशन थिएटर, विभिन्न समूह के रक्त की व्यवस्था, जीवन रक्षक उपकरणों, औषधियां, ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, एचएफएनसी, सीपेप, एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कहा गया है। पहले से ही रिहर्सल कर मुस्तैद रहने के आदेश जारी सभी स्वास्थ्य संस्थाओं को चिकित्सा सेवाओं के साथ साथ उपकरणों, एम्बुलेंस, विद्युत व्यवस्था, जनरेटर इत्यादि की कार्यशीलता के परीक्षण हेतु कहा गया है। वी आई पी कारकेड हेतु अत्यधिक मेडिकल उपकरणों से युक्त एम्बुलेंस, विशेषज्ञ चिकित्सकीय दल, ब्लड ग्रुप के आधार पर डोनर्स की व्यवस्था , शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य संस्थाओं में आईसीयू कक्ष आरक्षित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर भी चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी।

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