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दिल्ली उपराज्यपाल ने नोटिस किया जारी, गुरु रविदास जयंती पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने 11 फरवरी 2025 को एक महत्वपूर्ण फैसला लिया। बुधवार 12 फरवरी 2025 को गुरु रविदास जयंती के मौके पर दिल्ली में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से जारी एक आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। इस दिन दिल्ली सरकार के सभी ऑफिस, सार्वजनिक उपक्रम और स्वायत्त निकाय बंद रहेंगे। यह अवकाश दिल्ली के सरकारी स्कूलों पर भी लागू होगा। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने यह भी बताया कि पहले नवंबर 2024 में गुरु रविदास जयंती के लिए घोषित प्रतिबंधित अवकाश अब रद्द कर दिया गया है और उसकी जगह अब सार्वजनिक अवकाश होगा। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 12 फरवरी को छुट्टी रहेगी। हालांकि, अभी तक निजी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। इसके बारे में और जानकारी के लिए कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है। क्यों मनाई जाती है रविदास जयंती? गुरु रविदास जयंती हर साल पारंपरिक रूप से कई राज्यों में मनाई जाती है, जैसे कि हरियाणा, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और पंजाब। इस दिन दिल्ली के लोग गुरु रविदास की शिक्षाओं और उनकी विरासत का सम्मान करने के लिए उत्सवों में भाग लेने के लिए प्रेरित किए जाते हैं। गुरु रविदास 15वीं सदी के संत और कवि थे, और भक्ति आंदोलन में उनके योगदान के लिए उन्हें याद किया जाता है। उनकी शिक्षाएं समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित थीं।  

RPF सब-इंस्पेक्टर ने रेलवे के वाणिज्य निरीक्षक पर किया हमला, फटा सर, मचा हंगामा

प्रयागराज प्रयागराज के महाकुंभ मेला क्षेत्र में स्थित झूंसी रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एक बड़ी घटना घटी। यहां RPF सब-इंस्पेक्टर जसवीर सिंह ने रेलवे के वाणिज्य निरीक्षक विनय कुमार यादव पर हमला कर दिया। उन्होंने सरकारी वॉकी-टॉकी से यादव के सिर पर वार किया, जिससे उनका सिर फट गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी इंस्पेक्टर द्वारा किए गए इस हमले के बाद, घायल विनय कुमार यादव को तत्काल रेलवे के सेंट्रल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। महाकुंभ मेला क्षेत्र में स्थित झूंसी रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एक गंभीर घटना सामने आई, जहां RPF सब-इंस्पेक्टर जसवीर सिंह ने रेलवे के वाणिज्य निरीक्षक विनय कुमार यादव पर हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब दोनों अधिकारी स्टेशन पर ड्यूटी पर थे। किसी बात को लेकर पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद सब-इंस्पेक्टर जसवीर सिंह ने आपा खो दिया और वाणिज्य निरीक्षक विनय कुमार यादव पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर जसवीर सिंह ने पहले विनय कुमार यादव को पीटा, फिर सरकारी वॉकी-टॉकी से उनके सिर पर हमला कर दिया। इस हमले में विनय कुमार यादव गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए रेलवे के सेंट्रल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इस घटना से नाराज रेलवे कर्मचारियों ने झूंसी रेलवे स्टेशन पर कामकाज बंद कर दिया और पूरी तरह से कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। कर्मचारियों का कहना है कि RPF सब-इंस्पेक्टर जशवीर सिंह मनबढ़ स्वभाव के हैं और आए दिन इस तरह की हरकतें करते रहते हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। घटना की सूचना तुरंत मेला कंट्रोल रूम को दे दी गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है

महाकुंभ में अब तक 45 करोड़ लोगों ने किया स्नान, माघ पूर्णिमा और शिवरात्रि पर टूट सकते हैं पिछले रिकॉर्ड

प्रयागराज जया एकादशी पर रवि योग में अमृतमयी त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी के लिए शनिवार को आस्था का जन ज्वार उमड़ पड़ा। आधी रात के बाद ही संगम जाने वाले रास्तों पर भीड़ तिल-तिल कर आगे बढ़ती रहीं। भक्तों के साथ संतों ने भी शोभायात्रा निकाल कर संगम में डुबकी लगाई। मेला प्रशासन ने रात आठ बजे तक 1.32 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का दावा किया है।   महाकुंभ में शनिवार को तकरीबन सवा करोड़ ( 1.22 करोड़) श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। इसमें एक करोड़ 12 लाख श्रद्धालु और करीब दस लाख कल्पवासी शामिल हैं। विश्व के इस सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम में आयोजन में 27 दिनों में 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। श्रद्धा का रेला कम होने का नाम नहीं ले रहा है। माना जा रहा था की वसंत पंचमी के बाद कुछ राहत मिलेगी, लेकिन स्नानार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति से 7 फरवरी तक महज 25 दिन में 40.68 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया है। अभी 18 दिन शेष हैं। प्रयागराज महाकुंभ पर प्रदेश सरकार ने 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान जताया था, लेकिन ये संख्या शुक्रवार को ही पार कर गई। स्नान के महत्व और तैयारियों के बीच देश-दुनिया से रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं। महाकुंभ में मकर संक्रांति के पहले शाही स्नान पर 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर दूसरे शाही स्नान के अवसर पर रिकार्ड 7.64 करोड़ ने अमृत स्नान किया। तीन फरवरी को तीसरा शाही स्नान था, जब 2.57 करोड़ ने स्नान किया। 26 फरवरी तक महाकुंभ है। उम्मीद है कि श्रद्धालुओं का आंकड़ा 50 करोड़ पार कर जाएगा। शनिवार को एक करोड़ 22 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। 18 दिन का मेला बाकी, 50 करोड़ पार कर सकती है स्नानार्थियों की संख्या  मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान करने वालों का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। महाकुंभ के अभी 18 दिन शेष हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि स्नान करने वालों की संख्या 50 करोड़ पार कर जाएगी। शुक्रवार को स्नानार्थियों का आंकड़ा 40 करोड़ पार कर गया। महाकुंभ के तीनों अमृत स्नान यानी मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी बीत चुके हैं। श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है। पूरे देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से पवित्र त्रिवेणी में श्रद्धा और आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हालात यह हैं कि रेल और रोडवेज को अतिरिक्त ट्रेनों और बसों का संचालन करना पड़ा रहा है। वसंत पंचमी के बाद भी यातायात डायवर्जन लागू करना पड़ा। बृहस्पतिवार को शहर में इस कदर श्रद्धालु उमड़े कि एक से आठ तक के स्कूलों को 12 फरवरी तक ऑनलाइन चलाने का आदेश जारी करना पड़ा। क्या प्रतिबंध रहेंगे लागू? > प्रयागराज शहर के साथ-साथ मेला क्षेत्र में आज शाम 5 बजे के बाद नो व्हीकल जोन लागू हो जाएगा. हालांकि, आवश्यक एवं आकस्मिक सेवाओं के वाहनों को छूट रहेगी. > नो व्हीकल जोन के साथ-साथ बाकी प्रतिबंध श्रद्धालुओं के निकासी तक जारी रहेंगे. > प्रयागराज शहर एवं मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश तथा निकासी पर लगे प्रतिबंध कल्पवासियों के वाहनों पर भी लागू रहेंगे. माघ पूर्णिमा पर होने वाले स्नान को देखते हुए एक दिन पहले ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक की थी. मीटिंग में उन्होंने कहा था कि महाकुंभ मार्ग पर यातायात थमने नहीं दिया जाए. पार्किंग स्थलों का भी बराबर इस्तेमाल होना चाहिए. सड़कों पर गाड़ियों की कतार न लगे और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी न बने. सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए ये निर्देश मीटिंग में सीएम योगी ने कहा,’बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का सहयोग करें. पार्किंग स्थल से मेला परिसर के लिए शटल बसें बढ़ाएं. मेला परिसर में एक भी अनाधिकृत वाहन का प्रवेश न हो. एक-एक श्रद्धालु को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना ही प्राथमिकता हो. नदी हो या मेला परिसर, लगातार सफाई कराई जाए. प्रयागराज के किसी स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ इकट्ठा न हो. ज्यादा से ज्यादा मेला स्पेशल ट्रेन और परिवहन निगम की अतिरिक्त बसें लचाई जाएं.’ इन जिलों के अधिकारियों के साथ मीटिंग बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में प्रयागराज, कौशाम्बी, कानपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, वाराणसी, अयोध्या, मीरजापुर, जौनपुर, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, भदोही, रायबरेली, गोरखपुर, महोबा और लखनऊ आदि जनपदों/जोन/रेंज में तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और मंडलायुक्तों तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेष बैठक की. मौनी अमावस्या पर सर्वाधिक आठ करोड़ लोगों ने लगाई डुबकी महाकुंभ में अब तक मौनी अमावस्या पर सर्वाधिक आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति पर अमृत स्नान किया। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ से ज्यादा और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई, इसके अलावा वसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई। जया एकादशी पर उमड़ा जन ज्वार, संगम पर भक्ति की हिलोर संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए आस्था के जन समुद्र में शनिवार को अमृत स्नान सरीखा माहौल नजर आया। भक्ति की लहरें उफना गईं। चाहे लाल मार्ग हो या काली मार्ग या फिर त्रिवेणी मार्ग। हर तरफ से भक्ति का सागर संगम में मिलने के लिए उमड़ता रहा। वहीं, भोर में ही रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने लगा। साथ ही निजी वाहनों से लगभग सभी पार्किंग भर गईं। भीड़ को देखते हुए संगम जाने वाले मार्गों पर कड़ी बैरिकेडिंग की गई। इसके बाद भी श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी तट पर डुबकी लगाने को बढ़ते रहे। वहीं, मेले में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। भीड़ के मद्देनजर एहतियातन मेला प्रशासन ने चुस्त-दुरुस्त इंतजाम किए हैं। 12 किमी की परिधि में फैले संगम के घाटों पर स्नानार्थी ही नजर आ रहे थे। कोई दंड-कमंडल लेकर तो कोई सिर पर गठरी और कंधे पर झोला-बोरा लिए संगम की ओर बढ़ता नजर आ रहा था। रास्ते भर जय गंगा मैया, हर-हर महादेव और … Read more

MP के एक ही जिले में 54 गांवों के बदलेंगे नाम, CM मोहन यादव का ऐलान, मुरादपुर होगा ‘मुरलीपुर’

 देवास मध्य प्रदेश के देवास जिले के 54 गांवों के नाम बदलने की तैयारी है। यह मांग बीजेपी नेताओं ने की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पर सहमति जताई है। नाम बदलने की वजह इन गांवों के उर्दू नाम हैं। सरकार का कहना है कि यह भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना के लिए ज़रूरी है। यह खुलासा सोनकच्छ में लाडली बहना योजना के कार्यक्रम में हुआ। 54 गांवों के बदलेंगे नाम देवास जिले में 54 गांवों के नाम बदलने की चर्चा जोरों पर है। ये नाम ज़्यादातर उर्दू मूल के हैं। बीजेपी नेताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से इन नामों को बदलने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह योजना सरकार के विचाराधीन है और जल्द ही इन गांवों के नए नाम लागू कर दिए जायेंगे। यह मामला मध्य प्रदेश में उर्दू नाम वाले गांवों के नाम बदलने के चल रहे विवाद का हिस्सा है। बीजेपी जिलाध्यक्ष ने रखी थी मांग देवास बीजेपी जिला अध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने 54 गांवों के नाम बदलने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि ऐसा करना भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना की दिशा में एक अहम कदम होगा। मुख्यमंत्री ने इस मांग पर तुरंत सहमति जताई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उर्दू शब्द वाले गांव के नाम बदलने की योजना सरकार के सामने प्रस्तावित है। इन गांवों के नाम जल्द बदल दिए जाएंगे। इन गांवों के बदलेंगे नाम प्रस्तावित नाम परिवर्तनों में मुरादपुर को मुरलीपुरा, हैदरपुर को हीरापुर, शमशाबाद को श्यामपुर, आमला ताज को आमला सिरमौर, हाजीपुर को हर्षपुर, रांडीपुरा को रानीपुर, इस्माइल खेड़ी को ईश्वर खेड़ी, जलालखेड़ी को शिवगढ़, मोची खेड़ी को मोहनपुर, इस्लामनगर को ईश्वर नगर, घटिया गयासुर को देवधाम घटिया, पीर पाडल्या को पवन पाडल्या, चांदगढ़ को चंद्रगढ़, खोन पूर पिपलिया को फॉर्म पिपलिया, मोहम्मदपुर को मोहनपुर, अजीज खेड़ा को अजीत खेड़ा, आजमपुर को अवधपुरी, अलीपुर को रामपुर और बापचा नायता को वापचा पुरा करने जैसे बदलाव शामिल हैं। मिर्जापुर कहलाएगा मीरपुर इसके अलावा, नबीपुर को नयापुरा, मिर्जापुर को मीरपुर, अकबरपुर को अंबिकापुर, सालम खेड़ी को सावन खेड़ी, निजामडी को नीमखेड़ी, फतेहपुर खेड़ा को विजयपुर खेड़ा, फतेहपुर को विजयपुर, कल्लू खेड़ी को कालू खेड़ी, मोहम्मद खेड़ा को मोहन खेड़ा, निपानिया हूर को निपानिया हर, मोहम्मदपुर को गंगानगर, मिर्जापुर को मीरा नगर, नसीराबाद को द्वारकापुरी, रसूलपुर को रामपुर करने का प्रस्ताव भी है। हालांकि, एक नज़र में देखा जाए ज़्यादातर ऐसे गांवों के नाम बदले गए हैं, जिनके नाम उर्दू-अरबी में हैं या कोई इस्लामिक नाम हैं. देवास में ही जिन 54 गांवों के नाम बदलने  का अनुरोध जिलाध्यक्ष ने किया था, उनका नाम मुरादपुर, हैदरपुर, शमशाबाद और इस्लाम नगर है.  मुख्यमंत्री को जिलाध्यक्ष ने वर्तमान नाम के साथ प्रस्तावित नाम भी लिख कर दिए. जैसे कि मुरादपुर का मुरलीपुर, हैदरपुर का हीरापुर, शमशाबाद का श्यामपुर, इस्माइल खेड़ी का ईश्वरपुर, अलीपुर का रामपुर, नबीपुर का नयापुरा और मिर्ज़ापुर का मीरापुर.   BJP जिलाध्यक्ष ने CM के निर्णय को गुलामी के प्रतीकों को समाप्त करने और गौरवमय भारतीय संस्कृति को पुनः स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया.  कुछ और प्रस्तावित नाम परिवर्तन इस प्रकार हैं: इस्लाम खेड़ी को ईश्वरपुर, पिपलिया जान को खेड़ा पिपलिया, मौला को मोहनपुर, मिर्जापुर को मीरापुर, संदलपुर को चंदनपुर, सलामतपुर को श्रीरामपुर, सिकंदर खेड़ी को शिव खेड़ी, दावत को देवनगर, और कांटा फोड़ को कांता फोड़। यह बदलाव भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। पीपलरावां में कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने देवास जिले के 54 गांवों की लिस्ट प्रस्तुत करते हुए उनके नाम बदलने का आग्रह किया। उनके प्रस्ताव को सीएम ने स्वीकार कर लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में राजस्व मंत्री और कलेक्टर को जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश भी दे दिए। भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने बताया कि देवास जिले के इन गांवोें की पहचान बदलने के लिए सालों से मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जनभावना का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार एमपी के सांस्कृतिक गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा के लिए संकल्पबद्ध है। बीजेपी जिलाध्यक्ष ने सीएम के निर्णय को गुलामी के प्रतीकों को समाप्त करने और गौरवमयी भारतीय संस्कृति को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया।

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में पहली बार मेहमानों के लिये अत्याधुनिक लग्जरी टेंट्स की विशेष पहल की जा रही

भोपाल भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 राज्य की मेहमाननवाजी, सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर बनने जा रही है। देश-विदेश से आने वाले मेहमानों के लिये भव्य स्वागत, उच्च स्तरीय ठहरने की व्यवस्था, पारंपरिक और अंतर्राष्ट्रीय व्यंजनों का खास अनुभव, औद्योगिक भ्रमण और पर्यटन स्थलों का आकर्षण इस समिट को खास बनायेगा। पहली बार मेहमानों के लिये अत्याधुनिक लग्जरी टेंट्स की विशेष पहल की जा रही है, जिससे वे प्राकृतिक सौंदर्य के बीच मध्यप्रदेश की समृद्ध आतिथ्य परंपरा का अनुभव कर सकें। इस समिट से राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। मेहमानों के ठहरने की विशेष व्यवस्था ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 के लिये देश-विदेश से आने वाले मेहमानों के स्वागत और ठहरने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। राजधानी में ताज लेक फ्रंट, कोर्टयार्ड बाय मेरियट और रेडिसन सहित अन्य प्रतिष्ठित होटलों में मेहमानों के लिये उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पहली बार जीआईएस में एक अनूठी पहल की जा रही है। भोपाल की प्राकृतिक सुन्दरता के बीच मेहमानों को 5 सितारा सुविधाओं का अनुभव कराने के लिये 100 से अधिक अत्याधुनिक लग्जरी टेंट्स तैयार किये जा रहे हैं। यह अभिनव पहल देश के और विदेशी मेहमानों को मध्यप्रदेश की समृद्ध आतिथ्य परंपरा से परिचित कराएगी। पर्यटन और औद्योगिक भ्रमण की विशेष योजना जीआईएस में आने वाले मेहमानों को भोपाल और आस-पास के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने की विशेष योजना बनाई गई है।मेहमानों को भोपाल की रमणीय झीलों, प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर वन विहार और राज्य की जीवंत जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले ट्राइबल म्यूजियम का भ्रमण कराया जायेगा। इसके अलावा इन्हें भोपाल के आस-पास के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कराया जायेगा। मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास से रू-ब-रू कराने के लिये मंडीदीप और पीथमपुर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा भी कराया जायेगा, जहां वे राज्य की औद्योगिक क्षमताओं और निवेश के अवसरों से अवगत होंगे। पारंपरिक और अंतर्राष्ट्रीय व्यंजनों का मिलेगा स्वाद समिट में शामिल मेहमानों के लिये मध्यप्रदेश की समृद्ध खान-पान परंपरा को विशेष महत्व दिया गया है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से चुने गये पारंपरिक व्यंजन मेन्यू में शामिल किये गये हैं। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों की पसंद को ध्यान में रखते हुए कॉन्टीनेन्टल, चाइनीज और मेडिटरेनियन व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई है। विश्व प्रसिद्ध शेफस् की टीम इन व्यंजनों की तैयारियों में जुटी है। नाश्ता, भोजन और रात्रिभोज की विशेष व्यवस्था ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आये मेहमानों के लिये कार्य स्थल पर चाय-कॉफी और लंच की सुविधा उपलब्ध होगी। नाश्ता और रात्रि भोजन उनके निर्धारित होटलों में प्रदान किया जायेगा। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य मेहमानों को आरामदायक, यादगार और समृद्ध आतिथ्य का अनुभव देना है, जिससे वे मध्यप्रदेश की संस्कृति, पर्यटन और निवेश अवसरों से परिचित हों। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को सफल बनाने के लिये सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। यह आयोजन राज्य की आर्थिक प्रगति और वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा।  

बंधुआ मजदूर: बुरहानपुर के 17 मजदूरों को महाराष्ट्र में बनाया बंधक, पुलिस ने मुक्त कराया

 बुरहानपुर रहानपुर के बंभाड़ा गांव से मजदूरी के लिए महाराष्ट्र गए 17 लोगों को बंधक बना लिया गया था। एसपी देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर शाहपुर थाना पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए इन सभी को सकुशल मुक्त करा लिया गया है। शाहपुर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में गई पुलिस टीम ने उस्मानाबाद के कलेक्टर और स्थानीय प्रशासन की मदद से सभी को मुक्त कराया। बचाव अभियान में एएसआई महेंद्र पाटीदार, प्रधान आरक्षक शहाबुद्दीन के अलावा जन साहब संस्था के लीगल को-ऑर्डिनेटर सीएस परमार, राज्य समन्वयक यास्मीन खान और एफओ देव भोरे की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीआई ने बताया कि हर साल बुरहानपुर जिले से बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में अन्य राज्यों में जाते हैं, जहां कई बार उन्हें बंधक बना लिया जाता है। पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई कर मजदूरों की मदद करता है। इस मामले में भी सभी मुक्त कराए गए लोगों को सुरक्षित उनके गांव बंभाड़ा पहुंचा दिया गया है।

जेईई के नतीजे घोषित, राजस्थान के सक्षम समेत 14 ने हासिल किए 100 पर्सेंटाइल

नई दिल्ली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जॉइंट एट्रेंस परीक्षा सेशन परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं. इस बार परीक्षा में 14 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं. परीक्षा में राजस्थान के रहने आयुष सिंघल, कर्नाटक के कुशाग्र गुप्ता, दिल्ली के दक्ष का नाम शामिल है. इनके अलावा दिल्ली के हर्ष झा, राजस्थान के रजीत गुप्ता, उत्तर प्रदेश के श्रेयस लोहिया, राजस्थान के सक्षम जिंदल ने भी 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं.  आप परीक्षा में 100 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट नीचे देख सकते हैं. जेईई के नतीजे घोषित इसके अलावा 24 उम्मीदवार ऐसे हैं, उन्होंने 99 से लेकर 100 पर्सेंटाइल तक स्कोर किया है. वहीं इसके बाद 3 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने 98 से 99 पर्सेंटाइल के बीच स्कोर किया है और करीब 96, 95, 90 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले एक-एक उम्मीदवार हैं.  एनटीए की ओर से जारी की गई टॉपर्स लिस्ट में एक उम्मीदवार आउटसाइड इंडिया से भी है, जिनका नाम सब्यसाची चौधरी है. सब्यसाची चौधरी ने 99 पर्सेंटाइल स्कोर किया है. बता दें कि परीक्षा में 13,11,544 उम्मीदवारों ने रजिस्टर किया था और उसमें से 12,58, 136 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था. एनटीए की ओर से परीक्षा का आयोजन 22, 23, 24, 28 और 29 को दो शिफ्ट में करवाया गया था. एक पारी में सुबह 9 से 12 बजे और एक शिफ्ट 3 बजे से शाम 6 बजे तक परीक्षा का आयोजन किया गया था. जेईई मेन परीक्षा को 13 भाषाओं (असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू) में आयोजित किया गया था. इनके अलावा परीक्षा भारत से बाहर 15 शहरों मनामा, दोहा सिटी, दुबई, मस्कट, रियाद, शारजाह, सिंगापुर, कुवैत, कुआलालंपुर, काठमांडू, अबू धाबी, पश्चिम जावा, वाशिंगटन, लागोस और म्यूनिख में भी आयोजित की गई थी.

25 फरवरी से 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा, मोबाइल पर पूरी तरह से प्रतिबंध, परीक्षा केंद्रों पर लगाया जाएगा जैमर

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिमं) की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा 25 फरवरी से आयोजित होने वाली है।इस बार नकल प्रकरण और प्रश्नपत्र बहुप्रसारित होने से बचाने के लिए मंडल कई एहतियात बरत रहा है। परीक्षा के दौरान मोबाइल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है, ताकि प्रश्नपत्र वायरल ना हो पाए। इसके लिए इस बार केंद्राध्यक्ष से लेकर कोई भी कर्मचारी भी मोबाइल परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाता है तो पाए जाने पर जुर्माना लगाया जाएगा। इस बार पहली बार प्रदेश के 11 जिलों के 300 संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर जैमर लगाया जाएगा, ताकि पूरी तरह से डिजिटल डिवाइस पर प्रतिबंध लगाया जा सके। इसमें ग्वालियर,भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और मुरैना के संवेदनशील व अतिसंवेदनशील केंद्र शामिल है। परीक्षा में नकल प्रकरण पर रोक लगाई जा सके। इसके लिए इस बार मंडल सख्ती बरत रहा है। इस बार परीक्षा के दौरान की पूरी निगरानी आनलाइन की जा सके। इसके लिए मंडल में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। साथ ही हर जिले का प्रभारी बनाया गया है, ताकि सभी अपने-अपने जिले के परीक्षा केंद्रों की निगरानी कर सकें। इस साल प्रदेश में 3887 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 562 केंद्रों को संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्र होंगे। बता दें, कि 10वीं व 12वीं की परीक्षा में करीब 17 लाख विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। 562 परीक्षा केंद्रों पर विशेष नजर भोपाल में 10 केंद्र अति संवेदनशील हैं, जबकि 6 केंद्र संवेदनशील हैं। इस तरह से कुल 16 केंद्र इस श्रेणी में आते हैं। इसी तरह इंदौर में 19, ग्वालियर में 48, जबलपुर में पांच केंद्र हैं। सबसे अधिक 54 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्र मुरैना में हैं। यहां नकल के प्रकरण भी ज्यादा सामने आते हैं। जहां सीसीटीवी होंगे,वहीं बनेंगे केंद्र हर साल संवेदनशील व अतिसंवेदनशील केंद्रों पर नकल की संख्या सबसे ज्यादा शिकायतें मिलती हैं।इन्ही केंद्रों से प्रश्नपत्रों के बहुप्रसारित होने की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए मंडल डिजिटल डिवाइस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। इस बार उन्हीं केंद्रों पर अधिकत्तर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां पर सीसीटीवी लगे हैं। सरकारी स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। दो साल पहले मोबाइल के कारण ही प्रश्नपत्रों के वायरल होने का कारण सामने आया था। इस कारण इस बार मोबाइल के साथ-साथ सभी इलेक्ट्रानिक डिवाइस प्रतिबंधित होगा। पूरी व्यवस्था की निगरानी ऑनलाइन होगी।  

राज्यपाल बागडे ने महाकुंभ त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई, पवित्र स्नान किया

जयपुर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को परिजनों सहित महाकुंभ मेले में त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। राज्यपाल ने संगम स्नान के साथ ही कुंभ से जुड़ी भारतीय सनातन परंपरा को स्मरण करते हुए कहा कि महाकुंभ स्नान संस्कृति की जड़ों से जुड़ना है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान से शरीर ही नहीं आत्मा की भी शुद्धि होती है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय सनातन संस्कृति में आस्था रखने वाले विशाल जन का आत्मीय समागम स्थल है।

बीजेपी पार्टी में बागी सुर अपना रहे तीनों नेताओं को दिया नोटिस

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी बागी नेताओं के खिलाफ ऐक्शन मोड में है। हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज को नोटिस जारी किया जा चुका है। यही हाल कर्नाटक में पार्टी विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल का है। हालांकि, पार्टी में बागी सुर अपना रहे नेताओं की संख्या दो पर सीमित नहीं है। इनमें राजस्थान सरकार में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और महाराष्ट्र में विधायक पंकजा मुंडे का नाम भी शामिल है। किरोड़ी लाल मीणा भाजपा की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को ‘फोन टैप’ किये जाने का का आरोप लगाने पर कारण बताओ नोटिस भेजा है। पार्टी की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि मीणा ने सार्वजनिक रूप से यह आरोप लगाकर सरकार की ‘छवि धूमिल’ की है कि उनका फोन टैप किया जा रहा है। नोटिस में कहा गया है, ‘आप (किरोडी लाल मीणा) भाजपा के सदस्य हैं और पार्टी टिकट पर सवाई माधोपुर क्षेत्र से विधायक चुने गए हैं। आप (मीणा) राजस्थान सरकार में मंत्री भी हैं। हाल में आपने मंत्रिपरिषद से अपने इस्तीफे की खबर अखबार में छपने के लिए उपलब्ध कराई। आपने सार्वजनिक बयान देकर भाजपा सरकार पर फोन टैप कराने का आरोप भी लगाया, जो कि असत्य है।’ पंकजा मुंडे पंकजा भाजपा के बड़े नेताओं में शुमार रहे दिवंगत गोपीनाथ मुंडे की बेटी हैं। वह फिलहाल महाराष्ट्र सरकार में पर्यावरण मंत्री हैं। ऐसा माना जाता है कि राज्य की सत्ता में देवेंद्र फडणवीस का कद बढ़ने के साथ ही पंकजा दरकिनार महसूस करने लगी थीं। हाल ही में उन्होंने बयान दे दिया था कि उनके पिता के समर्थक चाहें तो नई पार्टी बना सकते हैं। रविवार को पंकजा ने कहा, ‘मेरे पिता गोपीनाथ मुंडे को प्यार करने वाले लोगों की संख्या इतनी है कि वह खुद का राजनीतिक दल बना सकते हैं।’ इसके साथ ही अटकलों का दौर शुरू हो गया था कि वह भाजपा से दूरी बना सकती हैं। हालांकि, सोमवार को ही उन्होंने इससे इनकार किया है। अनिल विज मंत्री अनिल विज को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश इकाई के प्रमुख मोहन लाल बडोली पर बार-बार निशाना साधने को लेकर सोमवार को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया। प्रदेश भाजपा प्रमुख बडोली ने विज को जारी नोटिस में कहा, ‘‘आपको सूचित किया जाता है कि आपने हाल ही में पार्टी (प्रदेश) अध्यक्ष (बडोली) और मुख्यमंत्री पद के खिलाफ सार्वजनिक बयान दिए हैं। ये गंभीर आरोप हैं और पार्टी की नीति और आंतरिक अनुशासन के खिलाफ हैं।’’ बडोली ने कहा कि विज को नोटिस भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार जारी किया जा रहा है। इसमें कहा गया, ‘हम आपसे तीन दिन के भीतर इस विषय पर लिखित स्पष्टीकरण देने की अपेक्षा करते हैं।’ कारण बताओ नोटिस में विज से कहा गया कि उनका ‘कदम न केवल पार्टी की विचारधारा के खिलाफ है, बल्कि यह ऐसे समय में आया, जब पार्टी पड़ोसी राज्य (दिल्ली) में चुनाव प्रचार कर रही थी।’ नोटिस में कहा गया, ‘चुनाव के समय, एक सम्मानित मंत्री पद पर रहते हुए, आपने यह जानते हुए भी ये बयान दिए हैं कि इससे पार्टी की छवि धूमिल होगी। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।’ अंबाला छावनी से सात बार के विधायक विज (71) लगातार सैनी पर निशाना साध रहे थे। बसनगौड़ा पाटिल यतनाल भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने सोमवार को असंतुष्ट भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल को एक नया कारण बताओ नोटिस जारी किया और उनसे पूछा कि ‘आश्वासन देने के बाद भी उसका उल्लंघन करने’ पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। यतनाल ने भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र और उनके पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पाके खिलाफ बगावत कर दी है। यतनाल को भेजे पत्र में केंद्रीय अनुशासन समिति के सदस्य सचिव ओम पाठक ने कहा, ‘पार्टी ने आपके द्वारा लगातार दिए जा रहे तीखे बयान और पार्टी अनुशासन के उल्लंघन को संज्ञान में लिया है, जो भारतीय जनता पार्टी के संविधान और उसके नियमों में निहित अनुशासन संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है।’ उन्होंने कहा, ‘पहले के कारण बताओ नोटिस के जवाब में आपने अच्छे व्यवहार और आचरण का आश्वासन दिया था, लेकिन आप अपने ही आश्वासनों का उल्लंघन और अवहेलना जारी रखे हुए हैं। कृपया कारण बताएं कि पार्टी को आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं करनी चाहिए। आपका स्पष्टीकरण इस नोटिस के मिलने के 72 घंटे के भीतर नीचे हस्ताक्षरकर्ता तक पहुंच जाना चाहिए।’

भारत माता की सेवा में समर्पित रहा स्‍व. राठौड का जीवन: विधान सभा अध्यक्ष

जयपुर राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को उद्योग मंत्री कर्नल राज्‍यवर्धन सिंह राठौड के निवास पर पहुँचकर उनके दिवंगत पिता कर्नल लक्ष्‍मण सिंह राठौड के चित्र पर पुष्‍प अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी। श्री देवनानी ने उद्योग मंत्री कर्नल राठौड को ढांढस बंधाया और शोक संतप्‍त परिवारजन के प्रति संवेदना व्‍यक्‍त की। श्री देवनानी ने कहा कि स्‍व. कर्नल लक्ष्‍मण सिंह राठौड का पूरा जीवन भारत माता की सेवा को समर्पित रहा। जांबाज सैनिक के रूप में पाकिस्‍तान की साम्‍प्रदायिक शक्तियों के खिलाफ उनका अपूर्व शौर्य प्रदर्शन गौरवशाली मिसाल रहा है। सच्‍चे देशभक्‍त के रूप में स्‍व. राठौड को सदैव याद रखा जाएगा। राष्‍ट्र सेवा के लिए समर्पित स्‍व. राठौड का जीवन युवाओं में देश भक्ति की भावना का विकास करने के लिए प्रेरणादायी है। श्री देवनानी ने दिवंगत आत्‍मा की शांति और शोक संतप्‍त परिजनों को इस दु:ख को सहन करने के लिए परमपिता परमेश्‍वर से प्रार्थना की है।

मंत्री नड्डा ने कहा- ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवा नहीं होने की धारणा गलत

नई दिल्ली स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार को कहा कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मौजूद नहीं होने की धारणा गलत है। श्री नड्डा ने राज्यसभा के प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि कोरोना के दौरान सभी नागरिकों को कोविड के टीके लगाये गये हैं, जो इसका सबूत है कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता देश के प्रत्येक कोने में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि देश में शिशु मृत्यु दर और जच्चा बच्चा मृत्यु दर में भारी कमी आयी है। नौ करोड़ से ज्यादा माता बहनों की कैंसर जांच की गयी है। दो वर्ष तक के सभी बच्चों को अनिवार्य टीके लगाये जा रहे हैं। यह इसलिए संभव हो पा रहा है कि चिकित्सा कर्मी प्रत्येक व्यक्ति तक पहु्ंच रहे है। उन्होंने कहा कि आरोग्य मंदिरों और टेली मेडिसिन के माध्यम से देश के दूर दराज के क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि यह धारणा गलत है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं माैजूद नहीं है। आयुष मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने कहा कि आयुर्वेद औषधि की निर्माण प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जाती है। इसके लिए एक समर्पित संस्थान है। उन्हाेंने कहा कि देश में आयुर्वेद औषधि का प्रयोग परंपरागत रूप से होता है। इसके लिए किये गये एक सर्वेक्षण के अनुसार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आयुर्वेद औषधि के बारे में जानकारी है। श्री जाधव ने कहा कि ई – संजीवनी पोर्टल विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध हैं और अनुरोध मिलने पर इसमें अन्य भाषाएं भी जोड़ी जा सकती है। एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में श्री नड्डा ने कहा कि ई – संजीवनी सस्ता और सरल है तथा दूर दराज के क्षेत्रों में बहुत प्रभावी हो रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत से जुड़े आभा कार्ड में कोई भी व्यक्ति अपना चिकित्सा ब्याेरा रख सकता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि देश में चिकित्सकों की जरुरत है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं।  

जगदीप धनखड़ ने सरकार को दिया निर्देश, 22 कृतियों वाला संविधान ही असली संविधान है

नई दिल्ली राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को सरकार को निर्देश दिया कि 22 कृतियों वाला संविधान ही असली संविधान है और ऐसी प्रतियों की बिक्री या प्रचार प्रसार नहीं किया जाना चाहिए, जिनमें ये कृतियां नहीं हो। श्री धनखड़ ने सदन में शून्यकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राधा मोहन अग्रवाल की ओर से इस मुद्दे को उठाये जाने पर कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के बीच कहा कि संसद द्वारा संशोधन के बगैर संविधान में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता है और इस तरह के बदलाव करने वालों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये कृतियां पांच हजार वर्ष की हमारी गौरवशाली संस्कृति के प्रतीक हैं। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं ने संविधान पर हस्ताक्षर कर इन कृतियों को स्वीकृत किया था और इसके बगैर संविधान का प्रकाशन या प्रसारण दोनों गंभीर मुद्दा है। सरकार को इस पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए और बगैर इन कृतियों के बाजार में बिक रही संविधान की प्रतियों पर रोक लगायी जानी चाहिए और ऑनलाइन में भी यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सभापति ने कहा कि संविधान के एक-एक अध्याय के साथ एक-एक कृति है, जो संबंधित अध्याय के महत्व को दर्शाती हैं, इसलिए इसमें कोई भी बदलाव संसद की मंजूरी के बगैर नहीं किया जा सकता है। उन्होंने सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इन 22 कृतियों के बगैर संविधान की कोई भी प्रति नहीं होनी चाहिए। श्री धनखड़ ने कहा कि इन 22 कृतियों के संविधान में होने तथा इस मुद्दे को आज सदन में उठाये जाने के सकारात्मक नतीजे होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी वजह से संविधान की मूल प्रति में किसी तरह के बदलाव को तत्काल संज्ञान में लाया जाना चाहिए और इसमें तत्काल सुधार किया जाना चाहिए। श्री अग्रवाल ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि भारतीय संविधान के साथ असंवैधानिक तरीके से खिलवाड़ किया गया है, क्योंकि बाजार में मूल प्रति नहीं मिलती है। आज बच्चों को जो संविधान पढ़ाया जा रहा है, उसमें से मूल प्रति में उपलब्ध 22 कृतियों को असंवैधानिक तरीके से हटा दिया गया। संविधान संशोधन की प्रक्रिया है लेकिन बगैर किसी संशोधन के 26 जनवरी 1949 को हस्ताक्षरित संविधान में से किसी भी कृति को नहीं हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि श्री नंदलाल बोस जी को संविधान सभा ने इन कृतियों को बनाने के लिए मनोनीत किया था और उन्होंने कुल 22 कृतियां बनायी थी, जिसमें सिन्धुघाटी सभ्यता से लेकर संविधान निर्माण तक के काल के जुड़ी कृतियां है, जिसमें भगवान श्रीराम के श्रीलंका से लौटते समय की कृति भी है। इसमें महाभारत के दौरान कुरूक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश वाली कृति भी है। इसमें महावीर,सम्राट विक्रमादित्य के साथ ही गांधी जी, लक्ष्मीबाई, हिमालय, समुद्र, नेताजी सुभाषचंद्र बोस की फोटो भी है, जिसे संसद की मंजूरी के बगैर हटा दिया गया है। इस पर कांग्रेस के सदस्य हंगामा करने लगे। इसी दौरान श्री धनखड़ ने सरकार को निर्देश दिये। इसके बाद सभापति ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी बात रखने के लिए कहा। श्री खरगे ने कहा कि इसको अनावश्यक उठाकर मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। बाबा साहेब ने इस संविधान को बनाया और अब इस मुद्दे से इसको विवाद में लाया जा रहा है। जब संविधान लागू हुआ था तब से इसमें बगैर संसद की मंजूरी के कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस मुद्दे के माध्यम से बाबा साहेब को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद सदन के नेता जे पी नड्डा ने कहा कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे से विपक्ष विशेषकर कांग्रेस को बहुत तकलीफ हो रही है क्योंकि संविधान के इस महत्वपूर्ण अंश से देशवासियों विशेषकर युवाओं को वंचित रखना इनका एजेंडा है। इनका एजेंडा देश की गौरवमय संस्कृति से लोगों को वंचित रखना रहा है, इसलिये इनको तकलीफ हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए राष्ट्रवाद के मायने अलग रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता इस मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा बनाने और उसका लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्ष के नेता ने बाबा साहेब को बदनाम करने का आरोप लगाया है जो पूरी तरह से गलत है। उन्होंने संविधान की मूल प्रति को सदन में दिखाते हुये कहा कि इसमें ये 22 कृतियां है और अब बगैर इन कृतियाें वाली प्रतियां उपलब्ध नहीं होंगी। इस पर तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि उनके आईपैड में संविधान की प्रति है, जिसमें एक भी कृति नहीं है। इस पर श्री धनखड़ ने कहा कि ऑनलाइन में भी बगैर इन कृतियों के संविधान का प्रचारण नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए भी त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए।  

प्रमाणित बीजों से प्रदेश में फसलों की उत्पादकता बढ़ाई जा रही : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि बीज प्रमाणीकरण संस्था का गठन भारत सरकार द्वारा अधिसूचित बीज अधिनियम 1966 की धारा 8 के अन्तर्गत किया गया है। संस्था का मुख्य कार्य निर्धारित मानक के अनुरूप गुणवत्ता के बीजों का प्रमाणीकरण करना है। प्रमाणित बीजों से प्रदेश में फसलों की उत्पादकता बढ़ाई जा रही है। बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा विगत् एक वर्ष की अवधि में बीज प्रमाणीकरण का महत्वपूर्ण कार्य किया गया। खरीफ-2024 में 1.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बीज प्रमाणीकरण के लिए पंजीकृत हुआ और 15 लाख क्विंटल बीज प्रमाणित किया गया। रबी सीजन में 1.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बीज प्रमाणीकरण के लिए पंजीकृत हुआ और 21.86 लाख क्विंटल बीज प्रमाणित किया गया। ग्रीष्म-2024 में 9021 हेक्टेयर क्षेत्र बीज प्रमाणीकरण के लिए पंजीकृत हुआ और 85 हजार क्विंटल बीज प्रमाणित किया गया। बीज प्रमाणीकरण संस्था के टैग्स पर 2डी क्यूआर कोड का उपयोग किया जा रहा है। किसी भी एन्ड्रॉयड फोन से इसे स्कैन किया जा सकता है। स्कैन करने पर प्रमाणित बीज लॉट के लिए जारी प्रमाण-पत्र खुल जायेगा, जिसमें बीज लॉट की समस्त जानकारी उपलब्ध है। फसल, किस्म, लॉट क्रमांक, टैगों की सीरीज, कुल कितने टैग जारी किये गये, पैकिंग साइज, पैकिंग मात्रा, बीज परीक्षण परिणाम, अंकुरण, भौतिक शुद्धता, अन्य फसलों, अन्य पहचान योग्य बीज, खरपतवार, नमी, किस कृषक एवं संस्था द्वारा बीज का उत्पादन किया गया और किस सहायक बीज प्रमाणीकरण अधिकारी द्वारा पैकिंग एवं टैगिंग की गई, समस्त जानकारी स्कैन के माध्यम से देखी जा सकती है। केन्द्र सरकार द्वारा तैयार किये गये साथी पोर्टल पर बीजोत्पादन कार्यक्रम और बीज का ट्रेसेबिलिटी ऑथेन्टिकेशन की जानकारी ली जा सकती है। साथी पोर्टल की वेबसाईट https://seedtrace.gov.in/ है।  

बाबा बागेश्वर महाशिवरात्रि पर 251 गरीब कन्याओं का विवाह कराएंगे, नौ राज्यों की बेटियां होंगी शामिल

छतरपुर करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र बागेश्वर धाम में गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर देश की गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह होगा. 26 फरवरी को आयोजित होने वाले इस महोत्सव में 251 बेटियां परिणय सूत्र में बंधेंगी. जिन बेटियों को विवाह के लिए चयनित किया गया है. उनकी सूची बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया के समक्ष जारी की है. आदिवासी समाज से 108 बेटियां चयनित इस सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने वाली 108 बेटियां आदिवासी समाज से हैं, तो 143 बेटियां अन्य सभी समाजों से हैं. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “इन चयनित बेटियों को धर्मपीठ, राजपीठ सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग सुखी जीवन का आशीर्वाद देंगे.” आगे उन्होंने कहा कि “मंदिरों में लाखों-करोड़ों रुपए का दान हिंदू देते हैं, इसलिए मिलने वाला दान हिंदू बेटियों के घर बसाने में उपयोग किया जाना चाहिए. इसके अलावा बागेश्वर सरकार ने मंदिरों को सरकार के अधिग्रहण से बाहर निकलने की मांग की.” महाराज ने अपने चुटीले अंदाज में कहा कि जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनकी “ठठरी बांध देंगे” यानी उनकी परवाह नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो वे खुद वृंदावन जाकर प्रेमानंद महाराज से मिलेंगे और उन्हें फिर से यात्रा शुरू करने के लिए कहेंगे। हिंदू बेटियों के लिए बड़ा आयोजन बागेश्वर धाम में इस साल भी महाशिवरात्रि पर कन्या विवाह महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस बार 251 गरीब और जरूरतमंद बेटियों का विवाह धूमधाम से होगा। महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने खुद इस सूची को जारी किया। इसमें 108 बेटियां आदिवासी समाज से हैं, जबकि 143 बेटियां अन्य समाजों से चुनी गई हैं। महाराज का कहना है कि मंदिरों में करोड़ों रुपये का दान हिंदू समाज देता है, तो यह पैसा हिंदू बेटियों के घर बसाने में भी लगना चाहिए। उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से बाहर निकाला जाए, ताकि यह पैसा सही जगह इस्तेमाल हो सके। कैसे चुनी गईं 251 बेटियां इस आयोजन के लिए 1000 से ज्यादा आवेदन आए थे। इसके बाद एक टीम ने देशभर में 22 से 24 हजार किलोमीटर की यात्रा कर 251 बेटियों को चुना। 60 लोगों की टीम ने एक महीने तक इन परिवारों की जांच की। गांवों, पड़ोसियों और स्थानीय लोगों से बात कर यह तय किया कि कौन सी बेटियां इस मदद के लिए योग्य हैं। इन 251 बेटियों में 54 अनाथ हैं, 94 बेटियों के सिर से पिता का साया उठ चुका है, 12 बेटियां मात्रहीन हैं और 87 बेटियां अत्यंत गरीब परिवार से आती हैं। इनमें से कई बेटियों के माता-पिता गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। एक बेटी के पिता कैंसर पीड़ित हैं और उनका सपना था कि बेटी का विवाह बागेश्वर धाम से हो। महाराज ने इस बेटी को भी इस पवित्र आयोजन में शामिल किया है। नौ राज्यों की बेटियां होंगी शामिल इन बेटियों का चयन सिर्फ मध्यप्रदेश से ही नहीं, बल्कि नौ अलग-अलग राज्यों से किया गया है। सबसे ज्यादा 209 बेटियां मध्यप्रदेश से हैं, जबकि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और दिल्ली से भी बेटियों का चयन किया गया है। दिव्यांग 4, अनाथ 54, पितृहीन 94 बेटियां विवाह के लिए चयनित कन्याओं में से 4 ऐसी बेटियां हैं जो दिव्यांग है. वहीं 54 बेटियों के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है. इनमें से 94 बेटियों के पिता नहीं है और 12 बेटियों की माता नहीं है. 87 बेटियां अत्यंत गरीब परिवार से आती हैं, इनमें से कई बेटियों के माता-पिता या तो गंभीर बीमारी से पीड़ित है या फिर वह कुछ करने में सक्षम नहीं है. 24 फरवरी को ग्रेट खली की एंट्री इस विवाह समारोह को खास बनाने के लिए मशहूर रेसलर द ग्रेट खली भी बागेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने महाराज का आशीर्वाद लिया और बताया कि 24 फरवरी को धाम में जबरदस्त कुश्ती प्रतियोगिता होगी। यह आयोजन युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के लिए किया जा रहा है। खली ने कहा कि महाराज ने जिस तरह युवाओं को नशे से दूर रखा है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जब युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो वे देश की प्रगति में योगदान देंगे। बागेश्वर धाम में इस बार महाशिवरात्रि पर कन्या विवाह महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का सपना है कि कोई भी बेटी खुद को अनाथ और असहाय महसूस न करे। वहीं, वृंदावन में प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा पर उठे विवाद को लेकर भी उन्होंने दो टूक जवाब दिया है

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