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एआर रहमान के संगीत निर्देशन वाली फिल्म में काम करना हमेशा से ही एक सपना रहा है: विक्की कौशल

मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेता विक्की कौशल का कहना है कि दिग्गज संगीतकार एआर रहमान के संगीत निर्देशन वाली फिल्म में काम करना हमेशा से ही एक सपना रहा है।अकादमी पुरस्कार विजेता दिग्गज ए.आर. रहमान और पद्म श्री अरिजीत सिंह के पुनर्मिलन ने फिल्म छावा के लिये एक और उत्कृष्ट कृति, जाने तू दी है, जिसे गीतकार इरशाद कामिल ने लिखा है। लक्ष्मण उटेकर की ऐतिहासिक एक्शन ड्रामा छावा का यह ट्रैक छत्रपति संभाजी महाराज और महारानी येसुबाई के बीच के अमर, आध्यात्मिक बंधन को दर्शाता है, जिसे विक्की कौशल और रश्मिका मंदाना ने निभाया है। विक्की कौशल के लिए, यह एक सपना सच होने जैसा था। जाने तू के बारे में बात करते हुए, उन्होंने साझा किया, “गीत और पात्रों का चित्रण प्रेम के पारंपरिक विचार से बहुत आगे निकल जाता है। यह एक शाश्वत संबंध के बारे में है, एक ऐसा बंधन जो समय से परे है। मुझे उम्मीद है कि लोग इस आध्यात्मिक रिश्ते की गहराई का अनुभव करेंगे। तीन उस्तादों ए.आर. रहमान सर, पद्मश्री पुरस्कार विजेता अरिजीत सर और इरशाद कामिल सर ,यही वह चीज है जो इस संगीत को वाकई खास बनाती है। रहमान सर के संगीत वाली फिल्म में काम करना हमेशा से मेरा सपना रहा है, इसलिए इसे संभव बनाने के लिए दिनेश विजान सर को धन्यवाद। इस महाकाव्य गाथा छावा में हमें साथ लाने के लिए हमारे निर्देशक लक्ष्मण उटेकर सर को बहुत-बहुत धन्यवाद। रश्मिका मंदाना ने कहा,मैं छावा के लिये वास्तव में सम्मानित महसूस कर रही हूं। और, जैसा कि विक्की ने बताया, महारानी येसुबाई और महाराज संभाजी के बीच का रिश्ता सिर्फ प्यार का चित्रण नहीं है; यह एक आध्यात्मिक बंधन है जो मानवीय समझ से परे है। यह मुख्य कारणों में से एक था कि मैं इस फिल्म का हिस्सा क्यों बनना चाहती थी। मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले बन रही फिल्म छावा में विक्की कौशल ,रश्मिका मंदाना और अक्षय खन्ना की अहम भूमिका है। इस फिल्म में विक्की कौशल,महान मराठा योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज की भूमिका में हैं, वहीं रश्मिका मंदाना संभाजी महाराज की पत्नी येसूबाई की भूमिका में हैं। लक्ष्मण उटेकर के निर्देशन में बन रही फिल्म छावा के निर्माता दिनेश विजान हैं। यह फिल्म 14 फरवरी को रिलीज होगी।  

सबसे अमीर निकाय बीएमसी ने पेश किया अब तक का सबसे बड़ा बजट, बस सेवा पर खर्च होंगे 1 हजार करोड़

मुंबई देशी की सबसे अमीर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC)ने अपना सालाना बजट पेश कर दिया है। बीएमसी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। बीएमसी ने अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है जो कि 74427 करोड़ का है। यह पिछले बजट से करीब 19 फीसदी ज्यादा है। इस बजट में किसी टैक्स का ऐलान नहीं किया गया। वहीं पानी और सीवरेज चार्ज से होने वाली कमाई 1923 करोड़ से बढ़कर 2131 करोड़ हो गई। अगले वित्त वर्ष के लिए 2363 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। इसे पहले कुल खर्च बजट के अनुमान से कम हुआ करता था। हालांकि पहली बार इसका उलटा हुआ है। मौजूदा वित्त वर्ष में आवंटित बजट से भी ज्यादा खर्च किया गया है। वहीं अब अगले वित्त वर्ष में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर फोकस करने का पूरा प्लान रखा गया है। बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) उपक्रम, उपनगरीय ट्रेनों के बाद महानगर में दूसरी सबसे बड़ी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है, जो करीब 3,000 बसों का बेड़ा संचालित करती है। यह प्रतिदिन 30 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा प्रदान करती है। बीएमसी ने मंगलवार को प्रस्तुत बजट दस्तावेज में कहा, अपनी वित्तीय प्रतिबद्धताओं के बावजूद उसने बेस्ट की वित्तीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान किया है। दस्तावेज में कहा गया, ‘हालांकि बीएमसी को अपनी मौजूदा परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्यों के लिए धन की काफी आवश्यकता है, लेकिन बेस्ट उपक्रम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए उसे अनुदान के रूप में 2025-26 में कुल 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।’ इसमें साथ ही यह जानकारी भी दी गई कि 15वें वित्त आयोग ने ‘बेस्ट’ की इलेक्ट्रिक बस खरीद के लिए 992 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसमें से 493.38 करोड़ रुपये पहले ही मिल गए और वितरित किए जा चुके हैं। शेष 498.62 करोड़ रुपये भी मिलते ही वितरित किए जाएंगे। बजट में कहा गया कि बीएमसी के कमाई के संसाधन अब अपने चरम पर पहुंच चुके हैं। ऐसे में अब नए संसाधनों को खोजने की जरूरत है। ऐसे में ज्यादा रिवेन्यू के लिए चार्ज भी बढ़ाए जा सकते हैं। रिवेन्यू बढ़ाने के लिए खाली पड़ी जमीनों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इन्हें जनता के लिए तैयार किया जाएगा। जमीनों को पट्टे पर दिया जाएगा।

पीएम मोदी ने तंज कसते हुए कहा- कुछ लोगों का फोकस स्टाइलिश बाथरूम पर है, जबकि हमारा ध्यान हर घर तक नल से जल पहुंचाने पर है

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान आम आदमी पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बिना नाम लिए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों का फोकस स्टाइलिश बाथरूम पर है, जबकि हमारा ध्यान हर घर तक नल से जल पहुंचाने पर है।” इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की चर्चित टिप्पणी को दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “केंद्र से भेजा गया एक रुपया जनता तक सिर्फ पंद्रह पैसे ही पहुंचता है।” पीएम मोदी ने इसे “गजब की हाथ की सफाई” बताते हुए विपक्ष की भ्रष्टाचार नीति पर करारा वार किया। लोकसभा में दिए गए इस भाषण के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। विपक्ष ने पीएम मोदी के इस बयान को चुनावी जुमला बताया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे विकास की सच्चाई करार दिया।

शहरों में बुनियादी अधोसंरचनात्मक विकास भावी आवश्यकताओं की करेगा पूर्ति : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास के विजन के अनुरूप प्रदेश के शहरों में विकसित हो रहा बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य की नगरीय आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा। इससे न केवल बढ़ती शहरी आबादी को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी अपितु शहर समृद्ध और विकसित होंगे। विकास के इस विजन को साकार करने के लिए प्रदेश के 07 शहरों में स्मार्ट-सिटी मिशन चलाया जा रहा है। भोपाल एवं इंदौर का मेट्रोपोलिटिन के रूप में विकास हो रहा है और भोपाल के आसपास के क्षेत्र को सम्मिलित कर राज्य राजधानी क्षेत्र के रूप में विकास की रणनीति का क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्मार्ट-सिटी परियोजना में शामिल प्रदेश के 7 शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सतना, सागर और उज्जैन में पिछले एक वर्ष में 1253 करोड़ 65 लाख रूपये के 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान में इन शहरों में 828 करोड़ रुपए के 43 कार्य प्रगति पर है। ये शहर महत्वपूर्ण अधोसंरचनाओं, प्रभावी सार्वजनिक सेवाओं और सतत् शहरी योजना से लैस आधुनिक शहरी केंद्र बनने के लिए महत्वपूर्ण विकास के दौर से गुजर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्मार्ट-सिटी मिशन-2.0 के अंतर्गत उज्जैन और जबलपुर के लिए 370 करोड़ रूपये का बजट आवंटित किया गया है, जो इन शहरों की अवसंरचना को आधुनिक बनाने में मदद करेगा। इस मिशन का उद्देश्य ऐसे शहरों का निर्माण करना है जो विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान कर सकें और नवाचार और आर्थिक गतिविधि के केंद्र बन सकें, जिससे राज्य के समग्र विकास में योगदान हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार भोपाल को एक मेट्रोपोलिटन सिटी में परिवर्तित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। शहर के विकास की इस योजना में भोपाल को झुग्गी मुक्त बनाने और निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने के प्रयास शामिल हैं। भोपाल के शहरी विकास का समर्थन करने के लिए एक प्रमुख परियोजना मेट्रो रेल प्रणाली का निर्माण किया जा रहा है। भोपाल और इंदौर में 14,440 करोड़ रूपये के निवेश से मेट्रो परियोजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनसे यातायात सुगम होगा, भीड़-भाड़ कम होगी, सार्वजनिक परिवहन में सुधार होगा और बढ़ती आबादी के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। स्मार्ट-सिटी योजना के अंतर्गत ही ‘द सिटी इन्वेस्टमेंट्स टू इनोवेट, इंटीग्रेट एण्ड सस्टेन’ (सीआईटीआईआईएस 2.0) प्रोग्राम के कम्पोनेन्ट-1 में राज्य के 2 स्मार्ट सिटी शहर उज्जैन एवं जबलपुर का चयन किया गया है। केन्द्र सरकार की इस योजना के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिये चयनित प्रत्येक शहर को 135 करोड़ रूपये की अनुदान राशि मिलेगी। केन्द्र सरकार की स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेटस् अंडर पार्ट-VI के अंतर्गत ‘एक जिला-एक उत्पाद’ के प्रचार-प्रसार और विक्रय के लिये उज्जैन शहर में 284 करोड़ रूपये लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिये प्रथम किश्त के रूप में 142 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है। योजना से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन के साथ जिलों में छोटे-मझोले व्यापारियों को उनके उत्पादों के विक्रय के लिए स्थान प्राप्त होगा। इसे वर्ष 2025 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य तय किया गया है। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा नर्चरिंग नेबरहुड 1.0 के अंतर्गत किये गये कार्यों के लिये जबलपुर और इंदौर स्मार्ट सिटी को सम्मानित किया जा चुका है। जबलपुर स्मार्ट-सिटी द्वारा आंगनवाड़ी, पार्कों का‍विकास और सिविल अस्पतालों में बच्चों के लिये वैक्सीनेशन सेंटर का निर्माण प्रमुख रूप से किया गया है। इंदौर स्मार्ट-सिटी द्वारा सार्वजनिक स्थलों और ज्यादातर बस्तियों में विकास कार्य किये गये हैं। इंदौर स्मार्ट-सिटी में जिज्ञासारत उमंग वाटिका और कर्मरथ आदि कार्य प्रगति पर हैं। सिंचाई और कृषि के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने बुनियादी संरचनाओं के विकास के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। किसानों के लिए पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2028 तक इसे 1 करोड़ हेक्टेयर तक सिंचित रकबा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजनाओं से प्रदेश सरकार का यह लक्ष्य आसानी से पूरा हो सकेगा।  

मंत्री मनकल एस. वैद्य ने चेतावनी देते हुए कहा- गो तस्करों को देखते ही गोली मारने का आदेश दूंगा

कारवार (कर्नाटक) उत्तर कन्नड़ जिले में गाय चोरी की घटनाओं के बीच जिले के प्रभारी मंत्री मनकल एस. वैद्य ने चेतावनी दी है कि गो तस्करी में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों को खुलेआम सड़कों या चौराहे पर गोली मार दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वह जिले में इस तरह की गतिविधियों को जारी नहीं रहने देंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन गायों और गो पालकों के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। वैद्य का यह बयान हाल में होन्नावर के पास एक गर्भवती गाय के वध की घटना को लेकर फैले आक्रोश के बाद आया है। उन्होंने कहा, ‘‘गाय चोरी की घटनाएं कई वर्षों से हो रही हैं। मैंने एसपी (पुलिस अधीक्षक) से कहा है कि यह रुकना चाहिए और किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होना चाहिए। यह गलत है। हम गाय की पूजा करते हैं। हम इस पशु को प्यार से पालते हैं। हम इसका दूध पीकर बड़े हुए हैं।’’ मंत्री ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो भी इस अपराध में शामिल पाया जाए, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ मामलों में गिरफ्तारी हुई है। अगर ऐसी घटनाएं जारी रहीं, तो… शायद मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए, लेकिन मैं सुनिश्चित करूंगा कि आरोपियों को सड़क पर या चौक पर गोली मार दी जाए। काम करिए, कमाइए और खाइए। हमारे जिले में रोजगार के बहुत विकल्प हैं। लेकिन हम किसी भी कीमत पर गो तस्करी में शामिल लोगों का समर्थन नहीं करेंगे।’’ मंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में थी। मंत्री ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने के लिए विपक्षी दल पर निशाना साधा और सत्ता में रहने के दौरान इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रहने का आरोप लगाया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुआ पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी और एनटीपीसी में बिजली क्रय करने का अनुबंध

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा मांग की आपूर्ति के लिये एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी ने एनटीपीसी के साथ बिजली क्रय करने के लिये अनुबंध किया। इस दौरान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई भी उपस्थित थे। अनुबंध पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी के एमडी श्री अविनाश लवानिया और एनटीपीसी के जनरल मैनेजर श्री शंकर सरण के बीच हुआ। एनटीपीसी के पश्चिम क्षेत्र के रीजनल एक्सक्यूटिव डायरेक्टर श्री पीके मिश्रा ने बताया कि एनटीपीसी द्वारा नरसिंहपुर में गाडरवाडा में स्टेज-2 के अंतर्गत 800-800 मेगावॉट की दो यूनिट स्थापित की जा रही हैं। इनमें से 800 मेगावॉट बिजली केन्द्रीय नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दरों के आधार पर मध्यप्रदेश को मिलेगी। इनमें उत्पादन 2030-31 शुरू करने का लक्ष्य है। एनटीपीसी द्वारा गाडरवाडा में स्टेज-1 में 800-800 मेगावॉट की दो यूनिट वर्तमान में स्‍थापित है। इनमें भी 800 मेगावॉट बिजली मध्यप्रदेश को मिल रही है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास में एनटीपीसी के योगदान का स्वागत है। उन्होंने एनटीपीसी के अधिकारियों से नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी कार्य करने के संबंध में चर्चा की। अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने भोपाल में होने वाली आगामी ग्लोबल इंस्वेटर्स समिट में शामिल होने और ऊर्जा के क्षेत्र में विभिन्न कार्यों के लिये अनुबंध करने के संबंध में बात की। एनटीपीसी के अधिकारियों ने न्यूक्लियर एनर्जी, पम्प स्टोरेज, नवकरणीय ऊर्जा और पॉवर ट्रेडिंग के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

जापान यात्रा में उम्मीदों से बढ़कर मिली सफलताएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश के संदर्भ में जापान यात्रा में कई मायनों में उम्मीदों से बढ़कर सफलताएँ मिली हैं। जापान यात्रा के दौरान अनेक सेक्टर में निवेश के लिए उद्योगपतियों ने अपनी रुचि दिखाई है। ऑटोमोबाइल एवं उससे जुड़ी कंपनियों एवं विशेष रूप से कपास उत्पादन के क्षेत्र में निवेशक रेडीमेड गारमेंट को लेकर आगे आए हैं। रेडीमेड गारमेंट उद्योग क्षेत्र में जापान के सबसे अमीर उद्योगपति ने मध्यप्रदेश में निवेश पर रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे पास विभिन्न सेक्टर में दोनों ही प्रकार के कुशल एवं अकुशल मानव संसाधन उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रि-परिषद के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय बजट की तारीफ करते हुए कहा कि इसमें निहित प्रावधानों का हमें अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। कई सेक्टर में हम इस पर काम भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट मुख्य रूप से चार बिंदुओं पर केंद्रित है। युवा, गरीब, किसान और महिला इन चार बिंदुओं पर हम पहले से ही काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बजट में रेलवे सेक्टर मध्यप्रदेश को कई सौगातें मिली हैं। औद्योगिक विस्तारीकरण के लिये हमें एक नई लाइन की खोज पर ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 11 जनवरी 2024 से 26 जनवरी 2025 तक संचालित जनकल्याण अभियान में प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण के जो परिणाम प्राप्त हुए हैं, वह उत्साह जनक हैं। अभियान में प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों एवं वार्ड में कुल 30 हजार 716 शिविरों में 42.96 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 41.71 लाख आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना के सर्वाधिक 9.91 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, इनमें से 9.81 लाख स्वीकृत किये गये। सर्वाधिक आवेदनों में 8.64 लाख आवेदन चालू खसरा/खतौनी, 3.24 लाख चालू नक्शा की प्रतिलिपियों, 2.7 लाख नो डयूज प्रमाण-पत्र, 2.2 लाख निर्माण श्रमिक पंजीयन और 1.27 लाख आवेदन नक्शा शुद्धिकरण के लिये स्वीकृत हुये हैं। भोपाल में सर्वाधिक आवेदन2.40 लाख, छिंदवाड़ा 2.18 लाख, उज्जैन 2.13, इन्दौर 1.20 और मुरैना 1.19 लाख प्राप्त हुए। हमें इस दिशा में और काम करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर के कारण राजस्व अधिकारी जुडिशरी में व्यस्तता और राजस्व के रोजमर्रा कार्यों के बीच संतुलन रखने में कठिन महसूस करते हैं, इस पर विचार किया जाना है। कुछ राजस्व अधिकारियों को कलेक्टर के साथ लॉ एंड ऑर्डर के लिए और कुछ अधिकारियों को राजस्व के काम के लिए के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान योजना के अंतर्गत 99% आवेदन स्वीकृत करने को बड़ी उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऊर्जा के क्षेत्र में सोलर एनर्जी के शहरी और कृषि पंप के नए कनेक्शन की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि 3 साल में ही लक्ष्य पूरा करना होगा।  

अमेरिका ने हेलिओस की ताकत ने सबको चौंकाया, महाशक्तिशाली लेजर वेपन की फायरिंग का फोटो किया जारी

न्यूयॉर्क  अमेरिका ने क्लासीफाइड तस्वीर जारी कर अपने युद्धपोत से ड्रोन को नष्ट करने वाले लेजर को फायर करते दिखाया है। इस लेजर हथियार का नाम HELIOS लेजर सिस्टम है। इसे यूएसएस प्रीबल अर्ले बर्क क्लास विध्वंसक से फायर किया गया है। इस हथियार को ड्रोन से खतरों से निपटने के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है। अमेरिका के युद्धपोतों ने पिछले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में ड्रोन हमलों को विफल किया है, लेकिन इसके लिए उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ी है। लेकिन, अब इस लेजर वेपन से कम खर्च में दुश्मन के ड्रोन को नष्ट किया जा सकेगा। हेलिओस लेजर वेपन ने ड्रोन को मार गिराया यूएस सेंटर फॉर काउंटरमेजर्स (CCM) के अनुसार, तस्वीर में देखा गया है कि अमेरिका के हेलिओस लेजर वेपन ने एक ड्रोन को मार गिराया। हेलिओस का अर्थ है ‘हाई एनर्जी लेजर विद इंटीग्रेटेड ऑप्टिकल-डैज़लर एंड सर्विलांस।’ इस लेजर हथियार को लॉकहीड मार्टिन ने अमेरिकी नौसेना की सहायता के लिए विकसित किया है। इसे अमेरिकी युद्धपोतों और महत्वपूर्ण जमीनी लक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए तैनात करने की योजना है। 120 किलोवाट की एनर्जी पैदा कर सकता है हेलिओस हेलिओस लेजर वेपन 60 किलोवाट से अधिक की शक्ति पर काम करने में सक्षम है। उम्मीद है कि यह लेजर वेपन एक दिन यह परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर 120 किलोवाट पर विस्फोट करने में सक्षम होगा। इस हथियार के इंटीग्रेटेड ऑप्टिकल डैज़लर तत्व दुश्मन को अस्थायी रूप से अंधा भी कर सकते हैं। यह दुश्मन के जहाजों के निगरानी सेंसर को निष्क्रिय करने में भी मदद कर सकता है। इसके अलावा यह रात के समय निगरानी का भी काम कर सकता है। 2021 में हुआ था पहला परीक्षण अर्ले बर्क-क्लास के विध्वंसक पर हेलिओस लेजर का पहला समुद्री परीक्षण 2021 में वर्जीनिया के वॉलॉप्स द्वीप पर हुआ था। इस नए वीडियो को पहली बार पिछले महीने CCM की वार्षिक रिपोर्ट में दिखाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार: “CCM ने मानव रहित हवाई वाहन लक्ष्य के विरुद्ध एकीकृत ऑप्टिकल डैजलर और निगरानी प्रणाली के साथ HEL की कार्यक्षमता, प्रदर्शन और क्षमता को सत्यापित करने और मान्य करने के लिए USS प्रीबल (DDG 88) पर नौसेना के प्रदर्शन का समर्थन किया। यह स्पष्ट नहीं है कि परीक्षण कब और कहां हुआ। USS प्रीबल को हेलिओस से किया गया लैस USS प्रीबल, HELIOS से लैस होने वाला पहला अमेरिकी नौसेना पोत है। HELIOS के सबसे बड़े तकनीकी लाभों में से एक यह है कि यह तब तक फायर कर सकता है जब तक इसके पास पावर स्रोत है। यह इसके उपयोग में लगभग असीमित होने की अनुमति देता है और वर्तमान में युद्धपोतों को प्रभावित करने वाले सामान्य ठहराव और बाधाओं को कम करने में मदद करता है। यह एजिस कॉम्बैट सिस्टम के साथ जुड़ा हुआ पहला उन्नत लेजर हथियार भी है। यह इसे अधिक दक्षता के साथ खतरों को ट्रैक करने, संलग्न करने और बेअसर करने की अनुमति देता है।

एनसीसी और एनएसएस से मिल रही है चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण की शिक्षा : राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि नई पीढ़ी एन.सी.सी. और एन.एस.एस. का हिस्सा जरूर बने। इससे चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संस्कारों पर आधारित शिक्षा मिलती है। व्यक्ति में राष्ट्र सेवा के प्रति संकल्प और समर्पण की भावना पैदा करती है। राज्यपाल श्री पटेल एन.सी.सी. और एन.एस.एस. के एट होम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन भी मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल ने गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय परेड में शामिल हुए एन.सी.सी. कैडेट्स और एन.एस.एस. के स्वयं सेवकों को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने की बधाई दी। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि वर्तमान समय युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य की असीम संभावनाओं से भरा है। जरूरत एकीकृत, एकजुट, एकमत और एकता के साथ समाज तथा राष्ट्र के लिए कार्य करने एवं देश की समकालीन संस्कृति और सभ्यता के विभिन्न पहलुओं में हो रहे, सुखद बदलावों को समझते हुए प्रेरणा प्राप्त करने की है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि एन.सी.सी. का मूल उद्देश्य, युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण, त्याग और अनुशासन में रहते हुए एकता की भावना का विकास करना है। इसी प्रकार एन.एस.एस. समाज सेवा से राष्ट्र निर्माण पर आधारित गतिविधियों से विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण कर जिम्मेदार नागरिक बनाने की सराहनीय योजना है। उन्होंने कहा कि युवा ही हमारे देश की गौरवशाली संस्कृति, इतिहास और सभ्यता से भावी पीढ़ी को जोड़ने वाले सूत्रधार बन सकते हैं। युवाओं को संवेदनशीलता के साथ समाज के गरीब, वंचित, महिला, बुजुर्ग और दिव्यांगजनों का साहस और संबल बनकर उनके सशक्तिकरण में सहयोग करना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल का एनसीसी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय के ए.डी.जी. मेजर जनरल विक्रांत एम. धुमने और एन.एस.एस. के राज्य अधिकारी डॉ. मनोज अग्निहोत्री ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल श्री पटेल के समक्ष एन.सी.सी. और एन.एस.एस. के प्रतिभागियों ने सामूहिक देशभक्ति गायन, गौरवशाली भारतीय संस्कृति पर आधारित समूह नृत्य और नाटिका प्रस्तुत की। स्वागत उद्बोधन ए.डी.जी. मेजर जनरल श्री धुमने ने दिया। आभार मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ एन.एस.एस. के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने माना। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, एन.सी.सी. के ग्रुप कमान्डर ब्रिगेडियर अजीत सिंह, एन.एस.एस. और एन.सी.सी. के प्रतिभागी और उनके अभिभावक गण उपस्थित थे।  

सीएम शर्मा ने राजस्थान विधानसभा NeVA सेवा केंद्र का फीता काटकर किया उद्घाटन

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान विधानसभा में “राजस्थान विधानसभा NeVA सेवा केंद्र” का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मुख्यमंत्री को सेवा केंद्र की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, राज्यसभा सदस्य मदन राठौड़ सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। NeVA सेवा केंद्र का उद्देश्य विधानसभा कार्यों को डिजिटलीकरण और सुगमता प्रदान करना है, जिससे विधायकों और प्रशासन को कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता और सुविधा मिलेगी। NeVA (National e-Vidhan Application) सेवा केंद्र का उद्देश्य विधानसभा की कार्यवाही को डिजिटल बनाना है, जिससे विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों को कागज रहित और पारदर्शी तरीके से कार्य करने की सुविधा मिलेगी। आपको बता दें कि राजस्थान सरकार डिजिटल प्रशासन की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। NeVA सेवा केंद्र पेपरलेस कार्य प्रणाली की ओर एक अहम कदम है, जिससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी और सरकारी कार्यों की गति तेज होगी।    

आईपीएस अरुण देव गौतम को छत्तीसगढ़ पुलिस में डीजीपी का सौंपा गया प्रभार

रायपुर 1992 बैच के आईपीएस अरुण देव गौतम को छत्तीसगढ़ पुलिस में डीजीपी का प्रभार सौंपा गया है. डीजीपी के पद पर पूर्ण नियुक्ति तक अरुण देव गौतम प्रदेश के पुलिस प्रमुख के तौर पर कामकाज देखेंगे. डीजीपी अशोक जुनेजा सेवानिवृत्त हो गए हैं. नियमत: डीजीपी अशोक जुनेजा का कार्यकाल जुलाई 2024 में खत्म हो रहा था, लेकिन उनके रिटायरमेंट के ठीक पहले केंद्र सरकार ने उन्हें छह महीने के लिए एक्सटेंशन दे दिया था. डीजीपी के पद पर पूर्ण नियुक्ति से पहले आईपीएस अरुण देव गौतम को जिम्मेदारी सौंपी गई है. नए डीजीपी के नाम पर केंद्र सरकार से मुहर लगने के बाद औपचारिक तौर पर नए डीजीपी की घोषणा की जाएगी. माना जा रहा है कि अरुण देव की पूर्णकालिक डीजीपी के तौर पर विधिवत ताजपोशी हो जाएगी. अरुण देव गौतम का परिचय किसान परिवार से ताल्लुकात रखने वाले अरुण देव उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के अभयपुर गांव के रहने वाले है. उनका जन्म 2 जुलाई 1967 को हुआ. वे पांच भाई और एक बहन हैं. उन्होंने आठवीं तक की स्कूली शिक्षा अपने गांव के ही सरकारी स्कूल से की. फिर आगे की पढ़ाई के लिए अपने बड़े भाई के पास प्रयागराज आ गए. राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद से दसवीं और बारहवीं पूरी करने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आर्टस लेकर बीए और फिर राजनीति शास्त्र में एमए किया. जेएनयू से किया एमफिल इलाहाबाद में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के दौरान उनके कई दोस्तों ने यूपीएससी क्लियर कर लिया. इसको देखते गौतम ने ठान लिया कि वे भी देश की सबसे बड़ी इस प्रतियोगी परीक्षा पास करेंगे. मन में संकल्प लेकर वे जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी नई दिल्ली दाखिला ले लिया. वहां से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल की डिग्री हासिल की. इसके बाद पीएचडी करना प्रारंभ किया. यूपीएससी परीक्षा में पहली बार असफल रहने के बाद अरुण देव गौतम ने ध्येय की प्राप्ति के लिए पढ़ाई में सब कुछ झोंक दिया. और दूसरी बार मे आईपीएस सलेक्ट हो गए. सात जिलों के रहे एसपी अरुण देव गौतम यूपीएससी निकालकर 1992 बैच के आईपीएस बने. 12 अक्टूबर 1992 को उन्होंने आईपीएस की सर्विस ज्वाइन की. उन्हें पहले मध्यप्रदेश कैडर एलॉट हुआ था. प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर उनकी जबलपुर में पोस्टिंग हुई. फिर वे बिलासपुर के सीएसपी बने. बिलासपुर के बाद एसडीओपी कवर्धा और फिर एडिशनल एसपी भोपाल बने. मध्य प्रदेश पुलिस की 23वीं बटालियन के कमांडेंट भी रहे. एसपी के रूप में पहला जिला उनका राजगढ़ रहा.

डीपीसी की बैठक में एडीजी जीपी सिंह को डीजी बनाने की हुई अनुशंसा, जल्द आधिकारिक आदेश होगा जारी

रायपुर कैट के रास्ते सेवा बहाली के बाद आज जीपी सिंह एडीजी से डीजी भी प्रमोट हो गए. अशोक जुनेजा के रिटायर होते ही डीजीपी के एक रिक्त पद के लिए आज डीपीसी की बैठक हुई. इसमें एडीजी जीपी सिंह को डीजी प्रमोट करने की अनुशंसा की गई. इस संबंध में आधिकारिक आदेश जल्द जारी किया जाएगा. राज्य में डीजी के दो कैडर और दो एक्स कैडर पोस्ट हैं, इनमें अशोक जुनेजा, पवन देव, अरुण देव गौतम और हिमांशु गुप्ता थे. जीपी सिंह की बहाली के बाद इस बात पर संशय की स्थिति बन गई थी कि उन्हें डीजी प्रमोट कैसे किया जाए? तब अशोक जुनेजा के एक्सटेंशन की भी चर्चा चल रही थी. यदि एक्सटेंशन दिया जाता तब की सूरत में हिमांशु गुप्ता को डिमोट करने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं होता. चूँकि, अशोक जुनेजा रिटायर हो गए, इस लिहाज से डीओपीटी ने रिक्त होने वाली एक कैडर पोस्ट के लिए राज्य शासन को डीपीसी करने के निर्देश दिए थे. आज डीपीसी की बैठक में जीपी सिंह को डीजी प्रमोट करने की अनुशंसा कर दी गई.

फिल्म द पैराडाइज का ऐलान, जल्द शुरू होगी शूटिंग

मुंबई,  प्रोडक्शन हाउस एसेसलवी सिनेमा ने अपनी अगली फिल्म ‘द पैराडाइज’ का ऐलान कर दिया है। श्रीकांत ओडेला के निर्देशन में बनने वाली यह फिल्म का ऐलान दिलचस्प पोस्टर के साथ किया गया। फिल्म द पैराडाइज में म्यूजिक की कमान रॉकस्टार अनिरुद्ध रविचंदर ने संभाली है। फिल्म द पैराडाइज में अभिनेता नानी लीड रोल में नजर आएंगे। फिल्म पैराडाइज के निर्माता एसएलवी प्रोडक्शन ने सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प पोस्टर शेयर करते हुए लिखा है, “हैदराबाद की धड़कनें पूरी दुनिया में गूंजेंगी। द पैराडाइज में रॉकस्टार अनिरुद्ध का म्यूजिक है, निर्देशक श्रीकांत ओडेला है और फिल्म में मुख्य कलाकार नानी हैं। शूटिंग जल्द ही शुरू होगी।यह फिल्म तीन शानदार ताकतों का मिलाजुला परिणाम होगी: नेचुरल स्टार नानी, निर्देशक श्रीकांत ओडेला, और रॉकस्टार अनिरुद्ध रविचंदर।’ तेलुगु और तमिल सुपरस्टार नानी इन दिनों शानदार सफलता की राह पर हैं। उनके पिछले फिल्में जैसे ‘सारिपोढा शनिवाराम’ और ‘दसरा’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है, और अब ‘द पैराडाइज’ उनके इस बेहतरीन सफर में एक और महत्वपूर्ण जुड़ाव है। नानी की आने वाली फिल्म ‘द पैराडाइज’ में एक और धमाल होने वाला है, जिसे निर्देशक श्रीकांत ओडेला बना रहे हैं। नानी और श्रीकांत ओडेला की ये दूसरी बार साझेदारी है और दोनों की जोड़ी पहले भी सफल साबित हो चुकी है।    

कैबिनेट ने दी मंजूरी, जारी रहेगी ढाई लाख की सब्सिडी, शहरी क्षेत्रों में हितग्राहियों को अगले पांच सालों में 10 लाख आवास उपलब्ध कराए जाएंगे

भोपाल शहरों को झुग्गीमुक्त करने की दिशा में राज्‍य सरकार ने कदम बढ़ा दिया है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में हितग्राहियों को आगामी पांच वर्ष में 10 लाख आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 को स्वीकृति दे दी। इसमें केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 50 हजार करोड़ रुपये निवेश करेंगी, जिससे न केवल अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी बल्कि रोजगार के अवसर भी बनेंगे। ऐसे समझें किसे क्‍या लाभ मिलेगा प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत दस लाख आवास बनाए जाएंगे। स्वयं की भूमि पर आवास बनाने वाले को ढाई लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसमें डेढ़ लाख रुपये केंद्र और एक लाख रुपये राज्य सरकार से मिलेंगे। भू-संपदा विनियामक अधिकरण (रेरा) से पंजीकृत बिल्डर द्वारा बनाए आवास लेने पर अनुदान का वाउचर दिया जाएगा। इसका प्रावधान योजना में प्रदेश सरकार की ओर से किया गया है। इसे मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही इंदौर की हुकमचंद मिल की भूमि पर हाउसिंग बोर्ड बड़ी आवासीय परियोजना लाएगा। इसका भी अनुमोदन किया गया। लागत निकालने के बाद इससे जो लाभ होगा, उसमें आधा हिस्सा इंदौर नगर निगम को दिया जाएगा। ढाई लाख की सब्सिडी जारी रहेगी प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 शहरी प्रदेश में लागू करने की सहमति केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है। अब इसे लागू करने का अनुमोदन कैबिनेट द्वारा किया गया। योजना में पांच वर्ष में दस लाख आवास निर्मित किए जाएंगे। स्वयं की भूमि पर आवास निर्माण के लिए ढाई लाख रुपये का जो अनुदान दिया जा रहा है, वह जारी रखा जाएगा। बिल्डरों की एक वाइड श्रेणी बनाई जाएगी। इसमें वे बिल्डर शामिल किए जांएगे, जिनकी योजना को रेरा से अनुमति होगी और रिकार्ड अच्छा होगा। योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को इनसे आवास लेने पर अनुदान का वाउचर दिया जाएगा। योजना में उन व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास कहीं भी पक्का आवास नहीं है। नौ लाख रुपये तक की वार्षिक आय और राज्य व केंद्र सरकार की किसी भी आवास योजना में लाभ ले चुके व्यक्ति योजना के लिए अपात्र होंगे। ऐसे व्यक्ति, जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक हो और उनके पास स्वयं का भूखंड हो, उन्हें मकान बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के माध्यम से ढाई लाख रुपये की मदद की जाएगी। यह राशि तीन किस्तों में दी होगी। इसी तरह सरकारी या निजी एजेंसी की परियोजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 30 से 45 वर्ग मीटर का फ्लैट दिलाया जाएगा। हुकुमचंद मिल की भूमि पर बनेगी टाउनशिप, 3,700 करोड़ का होगा निवेश हुकुमचंद मिल की देनदारी 436 करोड़ रुपये चुकाने के बाद अब इसकी 17.52 हेक्टेयर भूमि पर टाउनशिप बनाई जाएगी। 40 प्रतिशत भूमि पर आवासीय परियोजना तो शेष 60 प्रतिशत भूमि का उपयोग वाणिज्यिक किया जाएगा। लगभग 5,100 करोड़ रुपये का निवेश होगा और दस लोगों को रोजगार मिलेगा। परियोजना में 2,323 करोड़ रुपये के अन्य कार्य कराए जाएंगे, जिससे शहर की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। सरकार को जीएसटी के रूप में 400 करोड़, निर्मित क्षेत्र के विक्रय से 600 करोड़, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क सहित अन्य कर से लगभग 1,200 करोड़ रुपये मिलेंगे। परियोजना के लिए नगर निगम इंदौर भूमि की रजिस्ट्री बिना नीलामी के हाउसिंग बोर्ड के पक्ष में करेगा। इस पर लगभग 19 करोड़ रुपये का शुल्क लगेगा। हाउसिंग बोर्ड को अनुज्ञेय फर्शी तल अनुपात से .5 प्रतिशत अतिरिक्त एफएआर मिलेगा यानी अधिक निर्माण कार्य हो सकेगा। यह अभी दो प्रतिशत है। परियोजना लागत निकालने के बाद जो लाभ होगा, वो नगर निगम इंदौर और हाउसिंग बोर्ड के बीच बराबर बंटेगा। कैबिनेट के महत्‍वपूर्ण फैसले ये भी निजी डेवलपर से हितग्राही यदि आवास खरीदता है तो अनुदान का बाउचर दिया जाएगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित अन्य बड़े शहरों को मलिन बस्ती मुक्त करने की दिशा में पीपीपी माडल पर आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। नगरीय निकाय, राज्य की अन्य निर्माण एजेंसी के साथ निजी बिल्डर आवास बनाकर देंगे। इसके साथ ही कामकाजी महिला, औद्योगिक श्रमिक, शहरी प्रवासी, बेघर, निराश्रित, छात्रों सहित अन्य पात्र हितग्राहियों के लिए किराए पर आवास बनाकर उपलब्ध किए जाएंगे। स्वयं की भूमि पर आवास निर्माण के लिए ढाई लाख रुपये का जो अनुदान दिया जा रहा है, वह जारी रखा जाएगा। बिल्डरों की एक वाइट श्रेणी बनाई जाएगी। इसमें वे बिल्डर शामिल किए जांएगे, जिनकी योजना को रेरा से अनुमति होगी और रिकार्ड अच्छा होगा। केंद्र सरकार ने योजना में अविवाहित कमाऊ वयस्क सदस्यों को अलग से लाभ दिए जाने का प्रविधान समाप्त कर दिया है। एक हितग्राही परिवार में अब पति, पत्नी, अविवाहित बेटा-बेटियां शामिल होंगे। 20 वर्ष में किसी भी आवासीय योजना में लाभ प्राप्त करने वाले अपात्र होंगे। सफाई कर्मी, पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा योजना के हितग्राही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मलिन बस्ती के निवेश या विशेष समूह पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हितग्राही पांच वर्ष तक आवास न तो बेच सकेंगे, न ही किसी को स्थानांतरित कर सकेंगे।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव : समय खत्म होने के बाद नामांकन जमा नहीं हो सकेगा तो कांग्रेसी नेता ने किया हंगामा

गौरेला पेंड्रा मरवाही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन गौरेला में एक कांग्रेसी नेता की दबंगई का मामला सामने आया है. कांग्रेस नेता गजरूप सिंह सलाम ग्राम पंचायत मेढूका में बने एआरओ कार्यालय पहुंचे और निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी पंच पद के लिए अपने किसी समर्थक का नामांकन जमा करने चुनाव अधिकारी पंचायत सचिव पर दबाव बनाने लगे. जब उन्हें पंचायत सचिव ने बताया कि समय बीत गया है और नामांकन जमा नहीं हो सकेगा तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया और गाली गलौच देते हुए सबको देख लेने की धमकी देने लगे. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. बता दें कि गजरूप सिंह सलाम के भाई की पत्नी नेहा सलाम को कांग्रेस ने जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 8 से अपने प्रत्याशी बनाए जाने का समर्थन भी दिया है. वायरल वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कांग्रेसी नेता किस प्रकार देख लेने की धमकी दे रहे हैं. इतना ही नहीं अपने भाई की पत्नी के जिला पंचायत सदस्य बनने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का दावा करते हुए अधिकारियों को देख लेने की चेतावनी दे रहे हैं. वहीं वहां मौजूद पुलिस के जवान कुलदीप चतुर्वेदी ने हंगामा मचाने वाले नेता को अपने साथ गौरेला थाना ले गए. शिकायत नहीं होने पर कांग्रेस नेता को चेतावनी देकर छोड़ा इस मामले में अभी तक कोई शिकायतकर्ता के नहीं होने के कारण कांग्रेस नेता को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है. इस मामले में एडिशनल एसपी ओम चंदेल ने बताया कि किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिलने पर थाने से कांग्रेस नेता को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है. वहीं नेताजी के हंगामे की सोशल मीडिया में जमकर चर्चा हो रही है.

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