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सीएम मोहन यादव ने कहा- जीआईएस में जो-जो व्यापार करने आना चाहते हैं, वो सब लोग आ रहे हैं, रिस्पॉन्स अच्छा मिला है

भोपाल केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मंगलवार को मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी जीआईएस को लेकर बयान दिया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 को लेकर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जीआईएस मतलब ही यह है कि ग्लोबल लेवल पर जो-जो व्यापार करने आना चाहते हैं, वो सब लोग आ रहे हैं। उसका रिस्पॉन्स अच्छा और उम्मीद से ज्यादा मिल रहा है। पूरी सफलता के साथ समिट संपन्न होगा। प्रदेश की बेहतरी और युवाओं के रोजगार के लिए, आर्थिक रूप से प्रदेश को समर्थ बनाने के लिए ये बहुत जरूरी था और ये हमने किया है। जीआईएस सफल होना परमात्मा के हाथ में है। हम लोग प्रयास कर रहे हैं। रिस्पॉन्स अच्छा मिला है। वहीं, केंद्रीय मंत्री शेखावत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, ऐसे समिट के माध्यम से अपने प्रदेशों में निवेश आमंत्रित और आकर्षित करने को लेकर देश के सभी राज्यों में प्रतिस्पर्धा का माहौल है। मध्य प्रदेश ने विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को आमंत्रित करने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित किया है। राज्य में पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए विभिन्न प्रोत्साहनों की घोषणा की है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभाएगा। मध्य प्रदेश में हमें बहुत सुनहरा भविष्य पर्यटन के दृष्टिकोण से आने वाले समय में देखने को मिलेगा। बता दें कि भोपाल में सोमवार को शुरू ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले दिन राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बीच एक लाख करोड़ रुपये का करार हुआ था। राजधानी के मानव संग्रहालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिवसीय समिट का उद्घाटन किया था। पहले दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विभिन्न निवेशकों से संवाद किया था। वहीं, सीएम मोहन यादव एवं लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की उपस्थिति में राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बीच एक लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इससे लगभग 4010 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं का निर्माण एवं विकास किया जाएगा।

23 लाख के 4 ईनामी माओवादी सहित कुल 9 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, तीन महिलाएं भी शामिल

  बीजापुर सुरक्षाबलों के लगातार दबाव के साथ जिले में चलाये जा रहे नियद नेल्ला नार योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों और संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक कलह की वजह से नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं. इस कड़ी में कुल 23 लाख रुपए के ईनामी 4 माओवादी सहित कुल 9 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में PLGA बटालियन क्षेत्र में सक्रिय रूप से प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन में कार्यरत 8 लाख रुपए के ईनामी पार्टी सदस्य, AOB डिवीजन में कार्यरत 5 लाख के ईनामी एसीएम, जगरगुण्डा एरिया कमेटी एवं दक्षिण सब जोनल ब्यूरो में कार्यरत 5 लाख रुपए के ईनामी 2 एसीएम शामिल हैं. आत्मसमर्पित माओवादियों ने कहा कि वे समाज के मुख्यधारा में जुड़कर स्वच्छंद रूप से पारिवारिक जीवन जीना चाहते है. आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने वाले सभी माओवादियों को प्रोत्साहन स्वरूप 25-25 हजार रुपए नगद राशि प्रदान किया गया. वर्ष 2024 में माओवादी कैडर के छोटे-बड़े 189 माओवादी का आत्मसमर्पण, 58 माओवादियों का मारे जाने के साथ 503 माओवादियों के गिरफ्तार होने से माओवादी संगठन कमजोर होते जा रहा है. वर्ष 2025 में अब तक 40 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, 101 माओवादी गिरफ्तार हुए हैं, और 56 माओवादी अलग-अलग मुठभेड़ में मारे गए हैं.

इजरायल-अमेरिका कर सकते है परमाणु ठिकानों पर हमला, ईरान पर मंडराया युद्ध का साया, हाई अलर्ट जारी

तेहरान ईरान ने अपने परमाणु स्थलों पर अमेरिका और इजरायल के संभावित हमले की आशंका के बीच ‘हाई अलर्ट’ जारी किया है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी अधिकारियों को संदेह है कि दोनों देश मिलकर उसके परमाणु कार्यक्रम को निशाना बना सकते हैं। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान के परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर नजर रखे हुए है। ईरानी सरकार ने अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करने के संकेत दिए हैं, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति मध्य पूर्व में नई अस्थिरता पैदा कर सकती है। ईरान ने परमाणु स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई, संभावित हमले की आशंका ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने इन महत्वपूर्ण स्थलों पर अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणाली तैनात की है और सुरक्षा को मजबूत किया है। इससे पहले अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने बाइडेन और फिर ट्रंप प्रशासन को इस साल ईरानी परमाणु ठिकानों पर इजरायल के संभावित हमले की चेतावनी दी थी। इजरायल के हमले और ईरान की प्रतिक्रिया ईरान लंबे समय से अपने परमाणु स्थलों को सुरक्षित कर रहा था, लेकिन पिछले एक साल में इसने सुरक्षा उपायों को और तेज कर दिया, खासतौर पर तब से जब इजरायल ने ईरान पर पहली बार हमला किया था। अमेरिकी मीडिया आउटलेट ‘Axios’ के अनुसार, इजरायल ने पारचिन सैन्य परिसर पर हवाई हमले किए थे, जहां ईरान कथित रूप से परमाणु हथियारों से जुड़ा रिसर्च कर रहा था। इस हमले में “Taleghan 2” सुविधा को नष्ट कर दिया गया था। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, “ईरान हर रात संभावित हमले का इंतजार कर रहा है और सतर्क है, यहां तक कि उन ठिकानों पर भी जो सार्वजनिक रूप से ज्ञात नहीं हैं।” ट्रंप की वापसी और ईरान पर फिर से दबाव डोनाल्ड ट्रंप के जनवरी 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में दोबारा शपथ लेने के बाद, उन्होंने ईरान के खिलाफ “अधिकतम दबाव” नीति को बहाल कर दिया है। यह वही नीति है जो उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में अपनाई थी। इस नीति के तहत, अमेरिका ने 2015 के परमाणु समझौते से एकतरफा रूप से खुद को अलग कर लिया था और ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। अमेरिका का आरोप है कि ईरान गुप्त रूप से परमाणु हथियार विकसित कर रहा है, जिसे उसने लगातार खारिज किया है। हालांकि, ट्रंप ने हाल ही में ईरान के साथ एक नया समझौता करने की बात कही, लेकिन ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने 15 फरवरी को स्पष्ट कर दिया कि, “अमेरिका से बातचीत करके कोई समस्या हल नहीं होगी।” इजरायल ने दी “अंतिम प्रहार” की धमकी खामेनेई के बयान के एक दिन बाद, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश अमेरिका के सहयोग से ईरान के खिलाफ “अंतिम प्रहार” करेगा। नेतन्याहू ने कहा, “पिछले 16 महीनों में, इजरायल ने ईरान के आतंकवादी नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है। राष्ट्रपति ट्रंप के मजबूत नेतृत्व में और अमेरिका के अटूट समर्थन के साथ, मुझे कोई संदेह नहीं कि हम इस कार्य को पूरा करेंगे।” गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद इजरायल ने गाजा में ईरान समर्थित हमास से युद्ध छेड़ दिया था। इसके अलावा, उसने लेबनान में हिज्बुल्लाह, यमन और इराक में ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों से भी संघर्ष किया है। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वॉल्ट्ज ने पिछले सप्ताह कहा कि, “ईरान एक तानाशाही शासन है, जिसे परमाणु हथियारों का नियंत्रण नहीं दिया जा सकता। सभी विकल्प खुले हैं।” रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायली हमलों से ईरान की वायु रक्षा प्रणाली कमजोर हो गई है, और भले ही उसने अतिरिक्त लॉन्चर तैनात किए हैं, लेकिन वह अब भी बड़े हमलों के प्रति संवेदनशील है। ईरान की रक्षा प्रणाली मुख्य रूप से घरेलू रूप से विकसित तकनीकों और रूसी S-300 मिसाइलों पर निर्भर है, जो इजरायली हथियारों के सामने अपर्याप्त साबित हो सकती हैं। इसे देखते हुए, ईरान ने रूस से S-400 मिसाइलों की आपूर्ति तेजी से करने की मांग की है। इसके अलावा, ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स के प्रमुख जनरल अमीर अली हाजीजादेह ने कहा है कि ईरान एक नई बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस प्रणाली विकसित कर रहा है, ताकि इज़राइल से बढ़ते खतरे का सामना किया जा सके।

अमेरिका ने यूक्रेन का समर्थन करने से किया इनकार

न्यूयॉर्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को यूक्रेन युद्ध पर एक नया रुख अपनाया, जब वॉशिंगटन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में यूक्रेन पर आक्रमण की निंदा करने वाले प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार है जब अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र के अंदर कीव को समर्थन देने से इनकार कर दिया। संघर्ष के तीन साल पूरे होने पर यूरोपीय समर्थन वाले प्रस्ताव को महासभा ने 93 वोटों के साथ स्वीकार कर लिया। लेकिन अमेरिका के प्रस्ताव का विरोध करने की चर्चा सबसे ज्यादा है, जो ट्रंप के नेतृत्व में वॉशिंगटन की विदेश नीति में बड़े बदलाव को दर्शाता है। प्रस्ताव के खिलाफ 18 सदस्य देशों ने मतदान किया, जबकि 65 सदस्यों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। वॉशिंगटन ने मतदान के दौरान मॉस्को और रूस के सहयोगियों उत्तर कोरिया और सूडान जैसे देशों का साथ दिया। नए पारित प्रस्ताव में युद्ध में कमी लाने, शत्रुता को शीघ्र समाप्त करने और यूक्रेन के विरुद्ध युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान करने का आह्वान किया गया है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नागरिक आबादी समेत भारी विनाश और मानवीय पीड़ा शामिल है। भारत ने लिया किसका पक्ष ? यह प्रस्ताव यूक्रेन के लिए जीत के रूप में सामने आया है, लेकिन यह कीव के कम होते समर्थन को भी दिखाता है। इसे पिछले प्रस्तावों की तुलना में बहुत कम समर्थन मिला है। वहीं, भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मसौदा प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा नहीं लिया। भारत उन 65 संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों में शामिल था, जिन्होंने प्रस्ताव पर मतदान से परहेज किया। अमेरिका ने पेश किया अलग प्रस्ताव इस बीच अमेरिका ने भी एक प्रतिद्वंद्वी प्रस्ताव तैयार किया, जिसे संयुक्त राष्ट्र में रूसी राजदूत ने सही दिशा में एक कदम कहा था। लेकिन वॉशिंगटन के सहयोगी फ्रांस ने अमेरिकी पाठ में संशोधन पेश किया और महासभा को बताया कि पेरिस, ब्रिटेन समेत अन्य यूरोपीय देशों के साथ मौजूदा स्वरूप में इसका समर्थन नहीं कर पाएगा। अपने ही पाठ से पीछे हटा अमेरिका इन देशों ने अमेरिकी पाठ को फिर से लिखने के लिए दबाव डाला। इन परिवर्तनों ने यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की, जिसे अमेरिकी पाठ से हटा दिया गया था। अमेरिकी प्रस्ताव में इतना अधिक संशोधन किया गया कि वॉशिंगटन ने आखिरकार अपने खुद के पाठ पर मतदान से परहेज किया, जबकि सभा ने इसे पास कर दिया।

अखिलेश यादव ने दावा किया – आगामी चुनाव में सूखे पत्ते की तरह भाजपा का सफाया हो जाएगा

कन्नौज उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी दो साल दूर है। इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया है कि आगामी चुनाव में सूखे पत्ते की तरह भाजपा का सफाया हो जाएगा। कन्नौज पहुंचे सपा प्रमुख ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश की योगी सरकार पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने गरीब, किसान, महाकुंभ सहित अन्य मुद्दों पर प्रदेश की सरकार को घेरा। अखिलेश ने महाकुंभ को लेकर कहा कि महाकुंभ की जो व्यवस्था खराब की है। उसके जिम्मेदार प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री महाकुंभ की व्यवस्था की निगरानी खुद कर रहे थे। लेकिन, महाकुंभ में हादसा हुआ, कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। लेकिन, सरकार मौत का सही आंकड़ा नहीं पेश कर रही है। क्योंकि, उन्हें डर है कि अगर कहीं मौत का आंकड़ा जारी कर दिया तो उनकी सच्चाई सबके सामने आए जाएगी। अखिलेश ने आगे कहा कि हमने कभी गंगा के पानी पर सवाल नहीं खड़ा किया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंगा के पानी को खराब बताया। लेकिन, उत्तर प्रदेश का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कह रहा है कि गंगा का पानी साफ है। इससे साफ होता है कि लखनऊ वाले दिल्ली वालों को गाली दे रहे हैं अखिलेश ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों-गरीबों की नहीं है। अगर यह सरकार होती तो किसानों-गरीबों की खुशहाली के लिए कार्यक्रम हो रहे होते। सरकार के पिछले 9 बजट पर गौर करे तो साफ हो जाता है कि प्रदेश की सरकार हमारे किसानों के लिए कुछ नहीं कर रही है। अगर सरकार ने काम किया होता तो गांव की तस्वीर कुछ और होती। प्रदेश की सरकार किसानों को समय पर खाद और बीज मुहैया नहीं करा पा रही है। किसानों को कीटनाशक दवाइयां नहीं मिल रही है। फसल नुकसान होने के दौरान नुकसान की भरपाई भी नहीं हो रही है। प्रदेश की सरकार में बीते 9 साल में युवाओं को रोजगार नहीं मिला। युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है। गरीबों को महंगी बिजली दी जा रही है। 24 घंटे बिजली देने का इनका दावा खोखला साबित हुआ है।

भ्रष्ट केजरीवाल सरकार की शराब नीति के चलते 2,002.68 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ: वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मंगलवार को मीडिया को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) पर शराब घोटाले में संलिप्तता का आरोप लगाया। सचदेवा ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में प्रस्तुत सीएजी रिपोर्ट से स्पष्ट है कि भ्रष्ट केजरीवाल सरकार की शराब नीति के चलते 2,002.68 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। सचदेवा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की सरकार ने इस रिपोर्ट को टेबल करने से बार-बार बचने की कोशिश की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शराब घोटाले की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया है और अब सब कुछ सामने आ रहा है। ये भ्रष्टाचारियों के कार्य हैं, जिनका पर्दाफाश हो चुका है। उन्होंने कहा कि वह पहले से ही आरोप लगाते रहे हैं कि अगर दिल्ली में कोई शराब का दलाल है तो वह अरविंद केजरीवाल हैं। इस रिपोर्ट में साफ तौर पर यह साबित हो रहा है कि कैसे दिल्ली सरकार को 2002.68 करोड़ रुपये का रेवेन्यू लॉस हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि रेवेन्यू लॉस तो एक हिस्सा है, असल में भ्रष्टाचार और लूट तो और भी ज्यादा है, जो इन लोगों ने की है। सचदेवा ने आगे कहा कि रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि शराब की दुकानों के लिए गलत नियम बनाए गए थे और पूरे क्षेत्र में कानून का उल्लंघन किया गया। दिल्ली विधानसभा में प्रस्तुत सीएजी रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया कि दिल्ली की आप-दा सरकार की ‘शराब नीति’ अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की महाभ्रष्ट जुगलबंदी का परिणाम थी। इन्होंने एकाधिकार को बढ़ावा दिया, कुछ ही कंपनियों को शराब आपूर्ति का पूरा नियंत्रण मिला। इंडोस्पिरिट, महादेव लिकर और ब्रिंडको ने 71 फीसदी सप्लाई पर कब्जा जमाया। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार में कैबिनेट प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया। बिना कैबिनेट और एलजी की मंजूरी के शराब नीति में बड़े बदलाव किए गए। शराब की अवैध दुकानें खोली गईं, रिहायशी इलाकों में एमसीडी-डीडीए की ब‍िना मंजूरी के ठेके खोल दिए गए, एमसीडी ने 4 अवैध दुकानें सील कीं। सचदेवा ने कहा कि कोरोना महामारी की आड़ में शराब व्यापारियों को छूट दी गई, जिसका परिणाम यह हुआ कि सरकार को 144 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह पैसा सीधे तौर पर मनीष सिसोदिया, अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की जेब में जा रहा था। सरकारी विभागों में जमा किए गए डिपॉजिट का लाभ इन नेताओं ने उठाया, इससे सरकार को 27 करोड़ रुपये का और नुकसान हुआ।

IPS पर हमले के मामले में कोर्ट ने तीन सिपाहियों को सुनाई 10–10 साल की सजा

बरेली  IPS पर हमले के मामले में तीन सिपाहियों को 10–10 साल की सजा सुनाई गई है. SP ट्रैफिक रहीं कल्पना सक्सेना पर हमले के मामले में कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता की कोर्ट ने ये सजा दी है. सजा का फैसला आते ही दोषी सिपाही कोर्ट में रोते नजर आए. आईपीएस कल्पना सक्सेना बता दें कि 2010 में एसपी कल्पना सक्सेना ने अवैध वसूली करते हुए पुलिसकर्मियों को रंगेहाथ पकड़ा था. वे 2010 में बरेली में SP यातायात के पद पर तैनात रही थीं. घटना बरेली के थाना कैंट क्षेत्र में 2 सितंबर 2010 को हुई थी. पकड़े जाने पर सिपाहियों ने एसपी पर हमला कर दिया था. मामले में सिपाही रविन्द्र, रावेंद्र और मनोज ने एसपी को कार से कुचलने की कोशिश की थी. सिपाहियों के साथ उनका दोस्त धर्मेंद्र भी घटना में शामिल था. DIG रैंक की अफसर हैं कल्पना इस हमले में एसपी की जान किसी तरह बच गई थी. फिलहाल कल्पना सक्सेना वर्तमान में गाजियाबाद में DIG रैंक की अफसर हैं. वे सहारनपुर में आतंकियों से भी लोहा ले चुकी हैं.

बोर्ड परीक्षा के पहले शिक्षा विभाग में बड़ी लापरवाही , 2025 की जगह 2024 की बांट दी उत्तरपुस्तिकाएं

 गौरेला, पेंड्रा, मरवाही छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षा होने में कुछ ही दिन बाकी है. ऐसे में बोर्ड परीक्षा के पहले शिक्षा विभाग में बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां पेंड्रा के स्वामी आत्मानंद शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक शाला पेंड्रा स्थित बोर्ड परीक्षा के समन्वय केंद्र से प्रभारी और प्राचार्य एलपी डाहिरे ने 2025 की जगह 2024 की उत्तर पुस्तिका वितरित कर दी. प्राचार्य डाहिरे ने बताया कि करीब डेढ़ हजार उत्तर पुस्तिकाएं ऐसी बांट दी गई, जो 2024 के परीक्षा की प्रैक्टिकल कॉफी थी. बांटी गई उत्तर पुस्तिका को अब एक-एक करके वापस मंगाई जा रही है और उसकी जगह 2025 की उत्तर पुस्तिका दी जा रही है. वहीं प्राचार्य की लापरवाही के कारण कई स्कूलों और परीक्षा केंद्रों के प्रभारी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस तरह की लापरवाही कई बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं. वापस मंगाई जा रही उत्तरपुस्तिकाएं बता दें कि अगले सप्ताह से छत्तीसगढ़ सहित पेंड्रा में दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा का आयोजन होना है और ये लापरवाही सामने आई है. अब प्रभारी ने 2024 की उत्तरपुस्तिका मांगने के आदेश जारी किए हैं. कुछ केंद्रों से 2024 की उत्तर पुस्तिकाएं वापस आने शुरू हो गई है. बोर्ड परीक्षा को लेकर इस तरह की लापरवाही बरतने वाले बोर्ड परीक्षा समन्यवयक और केंद्र प्रभारी के ऊपर शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा किस तरह की कार्यवाही की जाती है, यह देखने वाली बात है.

महाशिवरात्रि पर कुबेरेश्वरधाम में सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव आरंभ, व्यापक प्रशासनिक इंतजाम, श्रद्धालुओं की संख्या घटी

सीहोर महाशिवरात्रि पर कुबेरेश्वरधाम में मंगलवार से सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव आरंभ हो गया है। समिति और प्रशासन ने श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और कथा श्रवण करने के किए बेहतर इंतजाम किए हैं, लेकिन इस बार भी रुद्राक्ष वितरण नहीं होने से कुबेरेश्वरधाम पर श्रद्धालुओं की आस्था घटती हुई नजर आई है। प्रसाशन ने की बड़ी तैयारी सीहोर रेलवे स्टेशन पर भले ही 11 ट्रेनों के स्टापेज बढ़ाए है, लेकिन वहां भी कम ही श्रद्धालु नजर आ रहे हैं। पूर्व में जहां पूरी ट्रेन खाली होती थी, वहीं अब सैकड़ों की संख्या में ही यात्री पहुंच रहे हैं। यह हाल बस स्टैंड के भी है। इतना ही नहीं राज्य हाईवे को डायवर्ट किया गया है, लेकिन यहां भी स्थिति सामान्य नजर आ रही है। पहले दिन 50 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे है। हालांकि प्रशासन ने 2 लाख श्रद्धालुओं को संभालने के इंतजाम किए थे। रुद्राक्ष महोत्सव का आगाज कुबेरेश्वर धाम में मंगलवार से रुद्राक्ष महोत्सव का आगाज हो गया है। यह महोत्सव 3 मार्च तक चलेगा। इसके लिए श्री विठ्ठलेश सेवा समिति और प्रशासन ने इस आयोजन के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। महोत्सव को लेकर दो दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था, लेकिन इसके बाद पहले दिन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम ही नजर आई।   पंडाल और डोम में श्रद्धालुओं का डेरा हालांकि सात दिन तक कथा सुनने वाले श्रद्धालुओं ने रविवार रात तक पंडाल और डोम में डेरा जमा लिया था। मंगलवार को कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने पंडाल की भोजनशाला में श्रद्धालुओं को नुक्ती, मिक्चर, रोटी, सब्जी और खिचड़ी-चावल का प्रसाद वितरण किया। प्रसिद्ध भजन गायक देंगे प्रस्तुति महोत्सव में 27 फरवरी और 1 मार्च को प्रसिद्ध भजन गायक अपनी प्रस्तुति देंगे। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से 2 हजार से अधिक सेवादार व्यवस्था के लिए पहुंचे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।   चार लाख वर्ग फीट में पांच डोम और भव्य पंडाल आयोजन के लिए यहां चार लाख वर्ग फीट में पांच डोम और भव्य पंडाल बनाए गए हैं। शिवमहापुराण समारोह को लेकर ट्रैफिक पुलिस द्वारा पहले ही पार्किंग व्यवस्था और रूट डायवर्ट किया गया था। भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हजारों की संख्या में पुलिस के जवान दिन-रात अपनी सेवा दे रहे हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन ने भी एक दर्जन से अधिक विभागों के आला अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। भगवान शिव पर भरोसा करना वह आपको कामयाबी दिलाएगा: पं प्रदीप मिश्रा कथा के पहले दिन पंडित मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव के अनेक गुण हैं, लेकिन शांत रहना, समदर्शी, विनम्रता और निम्रलता आदि गुणों को श्रद्धालु ले लें, तो शिव की प्राप्ति हो सकती है। आपके जीवन में जब भी असफलता और निराश आए, तो भगवान शिव पर भरोसा करना वह आपको कामयाबी दिलाएगा।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान कुल 30 लाख 77 हज़ार करोड़ रूपए के MOUs किए गए: अमित शाह

भोपाल केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज मध्य प्रदेश के भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने कहा कि इस दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान कुल 30 लाख 77 हज़ार करोड़ रूपए के MOUs किए गए। उन्होंने कहा कि इनमें से कई MOUs ज़मीन पर उतरेंगे और एक बड़ी इंडस्ट्री के साथ-साथ सहायक उद्योगों को भी मध्य प्रदेश में स्थापित करने में राज्य सरकार को मदद करेंगे। श्री शाह ने कहा कि दो दिवसीय समिट में 200 से अधिक भारतीय कंपनियां, 200 से अधिक वैश्विक सीईओ, 20 से अधिक यूनिकॉर्न संस्थापक और 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मध्य प्रदेश में निवेश करने और यहां के माहौल को देखने आए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मध्य प्रदेश ने एक नए प्रयोग के तहत हर क्षेत्र का अलग-अलग इन्वेस्टमेंट समिट कर पूरे मध्य प्रदेश का समविकास करने का प्रयास किया है, जो आने वाले दिनों में कई राज्यों को दिशा दिखाएगा। श्री अमित शाह ने कहा कि इस समिट में मध्य प्रदेश ने विकास के लिए अपने industrial potential, sectoral potential और global potential को भी एक्सप्लोर करने के सारे रास्ते खोलने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि इस समिट ने मध्य प्रदेश के विकास को नया आयाम देने का काम किया है। श्री शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश हमारे देश की भव्य सांस्कृतिक विरासत से भरपूर है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिए गए ‘विकास भी विरासत भी’ के सूत्र को चरितार्थ करने के लिए राज्य कई प्रयास कर रहा है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश के युवाओं और 130 करोड़ की जनता के सामने 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने और 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की ये इन्वेस्टमेंट समिट इन दोनों लक्ष्यों को सिद्ध करने में न सिर्फ सहायक होगी बल्कि इनमें बहुत बड़ा योगदान भी देगी। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की टीम इंडिया की कल्पना में भारत सरकार और सभी राज्यों की टीमों को साथ मिलकर पूरे देश का विकास करने की दिशा में जान का लक्ष्य रखा गया था जिसे इस कार्यक्रम ने आगे बढ़ाया है। श्री अमित शाह ने कहा कि इस समिट में लोकल और ग्लोबल दोनों प्रकार के निवेश में वृद्धि करने के कई आयाम हासिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये समिट भारत की अमृत पीढ़ी के लिए कौशल विकास के कई द्वार भी खोलेगी। श्री शाह ने कहा कि ऑटोमेशन और जॉब क्रिएशन के बीच समन्वय बनाकर मध्य प्रदेश सरकार ने अलग अलग सेक्टर्स के लिए जो नीतियां बनाई हैं वो आगे बढ़ेंगी और ये समिट भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में भी बहुत सहायता करेगी। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में एक स्थायी औऱ मज़बूत सरकार काम कर रही है, जिससे विकास के द्वार खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के दिल जैसे मध्य प्रदेश की एक स्ट्रैटेजिक लोकेशन है और यहां बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बन चुका है। इसी प्रकार, स्किल्ड वर्कफोर्स की एक बड़ी फौज यहां उपलब्ध है और प्रशासन ने बेहतरीन इकोसिस्टम भी उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश से अधिक मार्केट का एक्सेस भी किसी को उपलब्ध नहीं है और डिमांड ओरिएंटेड इकोनॉमी भी अब यहां काफी तेज़ी से बढ़ रही है। श्री शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के पारदर्शी शासन ने निवेश के लिए काफी लोगों को आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि यहां land भी है, labour force भी है, mines भी हैं minerals भी हैं, उद्योगों के लिए संभावनाएं और अवसर भी हैं, शिक्षित युवा भी हैं और स्किल्ड वर्कफोर्स भी है। गृह मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश आज पूरे भारत में हर प्रकार से निवेश के लिए एक बड़ा आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। श्री अमित शाह ने कहा कि एक जमाने में मध्य प्रदेश की गिनती बीमारू राज्यों में होती थी लेकिन हमारी सरकार के 20 साल के सतत शासन के बाद यहां 5 लाख किलोमीटर सड़क नेटवर्क बना है, आज यहां 6 हवाईअड्डे हैं, 31 गीगावॉट की ऊर्जा क्षमता है जिसमें से 30 प्रतिशत क्लीन एनर्जी है। उन्होंने कहा कि IIM, IIT, AIIMS, IITM, NIFT और NIFD जैसे कई प्रतिष्ठित संस्थान मध्य प्रदेश के युवाओं को इन मौकों के दोहन के लिए योग्य बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देशभर में सबसे अधिक खनिज संपदा वाले राज्यें में से एक है। 

भोपाल के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेश का बनेगा रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में निवेश के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को माइनिंग के क्षेत्र में सबसे बड़ी ताकत मिलेगी। उन्होंने कहा कि माइनिंग सेक्टर में निवेश की असीमित संभावनाएँ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के माइनिंग सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जहाँ पत्थर उठाओ तो हीरा मिलता है। उन्होंने कहा कि खनिज राजस्व में 5 गुना वृद्धि का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेश का रिकॉर्ड बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज के अकूत भण्डार हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हीरे के साथ लाइम स्टोन, डोलोमाइट, सीमेंट, कॉपर, मैग्नीज और रॉक फास्फेट जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सभी विभागों के समन्वय से खनन की सरल एवं लचीली नीति बनायी गयी है। उन्होंने कहा कि इन नीतियों से निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश करने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेशकों को नीति से हटकर भी कोई सहयोग की आवश्यकता होगी, तो उसे भी पूरा किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिये नीतियों के बलबूते माइनिंग सेक्टर में बड़ी बढ़त देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हम रॉ-मटेरियल देने के साथ प्रदेश को निर्माण का केन्द्र भी बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश संभावनाओं का प्रदेश है। यहाँ बसने वाले लोग बहुत ही सरल है। खनन के क्षेत्र में कार्य करने वाले निवेशकों को पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम भारत सरकार के माध्यम से भी खनन के क्षेत्र में पॉलिसी बनाकर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश में खनिज के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश के भू-गर्भ में छिपे खजाने को बाहर लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जीआईएस के बाद माइनिंग के लिये पृथक से भी समिट आयोजित की जायेगी। सचिव, खान मंत्रालय श्री बी.एल. कांताराव ने कहा कि भोपाल का ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट अभी तक का सबसे बेहतरीन आयोजन है। उन्होंने कहा कि इस बार की समिट में माइनिंग में बड़े उद्योगपतियों ने सहभागिता की है। इससे मध्यप्रदेश में खनिज में निवेश की संभावनाएँ बढ़ी हैं। केन्द्रीय सचिव, श्री कांताराव ने कहा कि केन्द्र सरकार के खनिज में 4 विभाग हैं, जिनमें कोल, एटॉमिक, पेट्रोलियम, नेचुरल रिसोर्स और मिनिस्ट्री ऑफ माइंस हैं। इन सभी मिनरल्स की मध्यप्रदेश में बहुतायत है। श्री कांताराव ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा माइन्स मध्यप्रदेश में हैं। उन्होंने कहा कि हर 4 माइन्स में से एक माइन्स प्रदेश में है। उन्होंने कहा कि खनिज का सबसे ज्यादा ऑक्शन करने वाला राज्य मध्यप्रदेश है। उन्होंने कहा कि देश की जियो लॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया कम्पनी 175 वर्ष पुरानी है, जिसने माइनिंग सेक्टर में अपार डेटा इकट्ठा किया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि डेटा स्टडी कर खनिज के क्षेत्र में कार्य करें। केन्द्रीय सचिव श्री कांताराव ने कहा कि माइनिंग के क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन के लिये सरकार 100 प्रतिशत आर्थिक सहायता देगी। इसके साथ ही सरकार नई नीति के अंतर्गत एक्सप्लोरेशन कम्पनी को लागत का 50 प्रतिशत रिस्क कवर करेगी। केन्द्रीय सचिव श्री कांताराव ने कहा कि ओवर डम्प और रिसाइकिलिंग के लिये विशेष प्रावधान किये जा रहे हैं। इससे कम्पनियों को सहायता मिलेगी और निवेश मिलेगा। प्रमुख सचिव, खनिज श्री उमाकांत उमराव ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज क्षेत्र में असीमित संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे खनिज हैं, जो मध्यप्रदेश में ही पाये जाते हैं। सभी क्षेत्रों में खनिजों के अपार भण्डार हैं। इसके समुचित उपयोग के लिये प्रदेश में एक बेहतरीन ईको सिस्टम भी है। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने निवेशकों से कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी, हवाई कनेक्टिविटी बहुत बेहतर है और यहाँ पर क्रिटिकल मिनरल्स भी बड़ी मात्रा में पाये जाते हैं। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने कहा कि मध्यप्रदेश खनिज सम्पदा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। खनन एवं खनिज आधारित उद्योगों के लिये अत्यधिक संभावनाएँ प्रदान करता है। मध्यप्रदेश में विविधतापूर्ण खनिज पूरे राज्य में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य का देश में कॉपर, मैंग्नीज और हीरा उत्पादन में पहला, रॉक फास्फेट के उत्पादन में दूसरा, लाइम स्टोन के उत्पादन में तीसरा और कोयला उत्पादन में चौथा स्थान है। उन्होंने कहा कि राज्य में देश के कुल भण्डारण का 36 प्रतिशत कोल बेण्ड मीथेन के उत्पादन में राज्य का देश में दूसरा स्थान है। उन्होंने कहा कि खनिजों का पता लगाने का कार्य लगातार जारी है। वर्ष 2024-25 में अब तक 73 में से 62 ब्लॉक की नीलामी की जा चुकी है। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने कहा कि राज्य में खनिज उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये कई नीतिगत पहल की हैं। उन्होंने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश करने का उचित समय है। उन्होंने सभी निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये प्रेरित किया।  

बिजली चोरी की सूचना देने वालों को मिलेगा पारितोषिक

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अब बिजली चोरी की रोकथाम के चलाई जा रही पारितोषिक योजना के तहत बिजली के अवैध उपयोग की सूचना देने पर प्रकरण बनाने एवं राशि वसूली करने में विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि अब आउटसोर्स कर्मचारियों को भी दी जायेगी। वर्तमान में विभागीय दायित्वों का निर्वहन आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा भी किया जा रहा है। विभिन्न परिसरों की जांच एवं जांच के उपरांत बनाये गये पंचनामा के आधार पर आरोपियों से जुर्माने की राशि वसूली में, सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से नियुक्त आउटसोर्स कर्मचारी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ जांच एवं वसूली के कार्य में सम्मिलित आउटसोर्स कर्मचारियों को भी परितोषिक योजनान्तर्गत 2.5 (ढाई) प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के रूप में दिये जाने का निर्णय लिया गया है। बिजली चोरी की जुर्माना राशि वसूली का भुगतान निश्चित अवधि में अर्धवार्षिक अथवा वार्षिक आधार पर दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि नियमित अथवा संविदा कर्मियों को योजना के प्रारंभ से ही 2.5 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाती रही है। किन्तु, अब कंपनी विद्युत की चोरी की प्रभावी रोकथाम और अवैध उपयोग को रोकने के लिए इस योजना में आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ ही कोई भी सामान्य नागरिक बिजली चोरी की सूचना कंपनी मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय में मुख्य महाप्रबंधक, संचा.संधा/शहर वृत्त कार्यालय के महाप्रबंधकों को लिखित अथवा मोबाइल पर दे सकता है। इसके लिये हाल ही में कंपनी की वेबसाईट https://portal.mpcz.in/ पर ऑनलाईन सूचना देने की व्यवस्था भी की गई है। बिजली चोरी की सफल सूचना देने वाले को चोरी की क्षतिपूर्ति की पूर्ण राशि जमा होने पर, बिल की राशि के दस प्रतिशत की राशि को पारितोषिक राशि के रूप में दिये जाने का प्रावधान किया गया है। योजना के अंतर्गत सूचनाकर्ता के संबंध में जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखते हुए, कंपनी मुख्यालय से प्रोत्साहन की राशि सीधे संबंधित सूचनाकर्ता के बैंक के खाते में हस्तांतरित की जायेगी। इस योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय, वृत्त स्तर के अधिकारियों को जो शिकायतें प्राप्त होती है, उन शिकायतों पर तत्परता से कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने के लिये कंपनी मुख्यालय के द्वारा सतत रूप से निगरानी रखी जाती है। बिजली चोरी की सूचना फर्म, एजेंसी, संगठन भी दे सकते हैं, जो कंपनी मुख्यालय में पदस्थ नोडल अधिकारी के माध्यम से पंजीकृत हैं। पोर्टल अथवा उपाय एप पर देनी होगी सूचना मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली चोरी की रोकथाम के लिए इनाम योजना सूचनाकर्ता को निर्धारित शर्तों के अधीन पारितोषिक देने का प्रावधान है। सूचना के आधार पर राशि वसूली होने पर सफल सूचनाकर्ता को 10 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जाएगा। इस राशि की अधिकतम सीमा नहीं है। प्रकरण बनाने एवं राशि वसूली करने वाले विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी ढाई प्रतिशत राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। वर्तमान में इस व्यवस्था को पूर्ण रूप से ऑनलाइन किया गया है तथा कंपनी वेबसाइट https://portal.mpcz.in/ पर जाकर informer scheme लिंक पर क्लिक करके, सूचनाकर्ता के द्वारा गुप्त सूचना दर्ज की जा सकती है। इसके अतिरिक्त उपाय ऐप के माध्यम से भी बिजली चोरी की सूचना दी जा सकती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, चंबल क्षेत्र के समस्त नागरिकों, उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे गुप्त सूचना देकर, पारितोषिक योजना का लाभ उठाकर कंपनी को सहयोग प्रदान अवश्य करें।  

विजेंद्र गुप्ता ने पदभार संभालते ही कहा था कि अब सदन को अखाड़ा नहीं बनने दूंगा, नियम से यहां काम होगा

नई दिल्ली लगातार रोहिणी विधानसभा सीट से तीसरी बार जीत दर्ज करने वाले विधायक विजेंद्र गुप्ता को दिल्ली विधानसभा का स्पीकर चुना गया। उन्होंने पदभार संभालते ही कहा था कि अब सदन को अखाड़ा नहीं बनने दूंगा, नियम से यहां काम होगा। ऐसे में दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया तो विजेंद्र गुप्ता ने सदन में हंगामा कर रहे ‘आप’ विधायकों को पहले तो चेतावनी दी, फिर विधायकों को बाहर निकालने के लिए मार्शलों का सहारा लिया। सदन की कार्यवाही में हंगामा मचाने के आरोप में आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को तीन दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया। वहीं, दिल्ली विधानसभा का यह विशेष सत्र तीन दिनों के लिए बढ़ा भी दिया गया है। यानी विपक्षी विधायक अब सोमवार तक सदन की कार्यवाही मे सम्मलित नहीं हो पाएंगे। वैसे मंगलवार को आम आदमी पार्टी के एक विधायक अमानतुल्लाह खान विधानसभा में उपस्थित नहीं थे, इसलिए उन्हें निलंबित नहीं किया गया। 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की लहर के बीच भी विजेंद्र गुप्ता रोहिणी से चुनकर आए। उन्होंने 2015 से 2020 के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई। फिर पिछले अगस्त के महीने से भी वह कुछ समय के लिए नेता प्रतिपक्ष रहे। वह दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 1997 में एक पार्षद के तौर पर उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था। जबकि 2013 में नई दिल्ली सीट से वह अरविंद केजरीवाल के खिलाफ पहला विधानसभा चुनाव लड़े और हार गए थे। वह इससे पहले डीडीए के मेंबर भी रहे और एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं। जून 2015 का वह दिन जब दिल्ली विधानसभा का सत्र चल रहा था और नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता को सरकार का विरोध करने के लिए मार्शल द्वारा घसीट कर सदन से बाहर निकाला गया था। उस दिन वह सरकार से चौथे दिल्ली वित्त आयोग की रिपोर्ट पेश करने की मांग कर रहे थे। इसके बाद अक्टूबर 2016 में वह सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एक मेज पर चढ़ गए। वह नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट सदन में पेश करने पर जोर दे रहे थे और उन्हें एक बार फिर जबरन सदन से बाहर निकाला गया था। यानी दिल्ली की नई सीएम रेखा गुप्ता ने जिस बात का अंदेशा सोमवार को लगाया था। वह काम विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को करके अपना बदला ले लिया। रेखा गुप्ता ने सोमवार को ही बोल दिया था कि ‘आप’ विधायकों का अब अपना व्यवहार सदन में सही रखना होगा। ऐसे में मंगलवार को जब उपराज्यपाल के अभिभाषण के बीच में ही आम आदमी पार्टी के विधायक हंगामा करने लगे तो विजेंद्र गुप्ता ने उन्हें समझाने की खूब कोशिश की और शांत रहने की अपील करते रहे। लेकिन, जब इस पर भी ‘आप’ विधायक नहीं माने तो विजेंद्र गुप्ता ने मार्शल बुलवाकर ‘आप’ विधायकों को सदन से बाहर निकलवा दिया। इसके बाद ‘आप’ के जो बचे विधायक थे वह सीएम रेखा गुप्ता के द्वारा सीएजी की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखते समय हंगामा करने लगे तो एक बार फिर विजेंद्र गुप्ता ने ‘आप’ के बचे विधायकों को मार्शल के सहारे बाहर का रास्ता दिखा दिया और उनको तीन दिन के लिए सदन की कार्यवाही से सस्पेंड कर दिया। इस तरह मंगलवार को दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आखिरकार अपना बदला ले ही लिया। राष्ट्रीय राजधानी में करीब 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी की सत्ता में वापसी हुई है, जिसमें से 12 साल तक राष्ट्रीय राजधानी की सत्ता में आम आदमी पार्टी का कब्जा रहा है। सदन में उस समय विपक्ष इतना मजबूत नहीं था। 2015 में तो भाजपा के केवल तीन विधायक थे, जिसमें से विजेंद्र गुप्ता एक थे और वह नेता प्रतिपक्ष भी थे। लेकिन, तब आदमी पार्टी की सरकार के द्वारा हर सत्र से इसी तरह भाजपा नेताओं को मार्शल के द्वारा बाहर भेजा जाता था। वहीं, 2020 के चुनाव में भी आम आदमी पार्टी के 62 और भाजपा के आठ विधायक थे। यह क्रम तब भी नहीं रूका और बार-बार सदन चलते समय मार्शल के द्वारा भाजपा नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया जाता रहा। याद कीजिए, जब दिल्ली विधानसभा का सत्र चल रहा था और तारीख थी 30 नवंबर 2015, इस दिन ‘आप’ विधायक अलका लांबा पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में भाजपा विधायक ओपी शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। फिर इसको लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। स्पीकर राम निवास गोयल ने तब विजेंद्र गुप्ता से कहा था कि वह सदन से बाहर जाएं, लेकिन, उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद मार्शलों ने उन्हें जबरदस्ती उठाकर बाहर निकाल दिया। यानी जिनको कभी मार्शल उठाकर सदन से बाहर फेंकते रहे, अब वही असेंबली के स्पीकर बनकर वापस आए हैं। बीते 10 साल में तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान कई ऐसे मौके आए, जब बीजेपी नेता को असेंबली से बाहर किया गया। विजेंद्र गुप्ता जब सोमवार को दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष बने तो उस समय सीएम रेखा गुप्ता ने उन्हें बधाई देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के सामने ही पिछले सदन के दौरान हुए अपमान की भी याद दिलाई थी। मतलब साफ है कि भाजपा इस बार ‘आप’ के नेताओं के सदन में जारी अराजक रवैये को सहने के मूड में बिल्कुल नहीं नजर आ रही है।

स्मार्टफोन, वॉट्सएप या फेसबुक नहीं, पोटैशियम की कमी से नहीं आ रही नींद

आज की जेनेरेशन को रात में देर तक जागने की आदत है। मगर इसका खामियाजा यह होता है कि उन्हें दिनभर सुस्ती, थकान, और कमजोरी महसूस होती रहती है। आपके आसपास भी किसी को ऐसा हो रहा है, तो इसके लिए वॉट्सएप, फेसबुक या स्मार्टफोन को दोष देने से पहले पोटाशियम का स्तर जरूर चेक करवा लें। अक्सर शरीर में पोटाशियम की कमी से इस तरह की समस्याएं होने लगती हैं। शरीर में पोटैशियम की कमी को हाइपोक्लेमिया कहा जाता है। स्वस्थ रहने और बीमारियों से बचने के लिए हर किसी के शरीर को रोजाना 47000 मिलीग्राम पोटैशियम की जरूरत होती है। क्योंकि पोटैशियम दिल, दिमाग और मांसपेशियों की कार्यप्रणाली को सुचारू ढ़ग से चलाने में मदद करता है। शरीर में पोटैशियम की कमी से हाइपोकैलीमिया और मानसिक रोग होने का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। आज हम आपको इसकी कमी के कुछ संकेत बता रहे हैं, जिनकी कमी से होने वाली समस्याओं को आप आसानी से पहचान सकते हैं। पोटैशियम की कमी के लक्षण अनिद्रा की समस्या अगर आपके शरीर में भी पोटैशियम की कमी है तो आपको नींद न आने की समस्या हो सकती है। ऐसे में अनिद्रा की समस्या होने पर डॉक्टर से चेकअप करवाएं। तनाव अधिक तनाव या डिप्रैशन का होना भी पोटैशियम की कमी का संकेत होता है। इतना ही नहीं, पोटैशियम की कमी से होने वाला तनाव मानसिक समस्याओं का कारण भी बन सकता है। मूड स्विंग जब शरीर में इसकी मात्रा कम होने लगती है तो ये दिमाग के काम करने की क्षमता को भी प्रभावित करता है। इससे आपको मूड स्विंग यानि विचारों में अजीब बदलाव होने लगते हैं। अपने मानसिक स्वा स्य् म  के लिए आज से ही अपनाएं ये चीजें हमेशा रहती है थकान लगातार थकान बनी रहना शरीर में पोटैशियम की कमी का एक बड़ा लक्षण थकान भी होता है। इसकी कमी के कारण आप थोड़ा करने के बाद या चलने के बाद थक जाते हैं। दरअसल, शरीर में मौजूद कोशिका को काम करने के लिए पोटैशियम और खनिज लवणों की जरूरत होती है लेकिन इसकी पूर्ति न हो पाने पर शरीर में थकान होने लगती है। एसिड बढ़ना पोटैशियम की कमी से शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे शरीर में सुस्ती, थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होना पोटैशियम दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके साथ ही ये शरीर में सोडियम की मात्रा को कम बनाए रखने के साथ-साथ ब्लड प्रैशर को भी कंट्रोल करता है। ऐसे में इसकी कमी होने पर ब्लड प्रैशर का बढ़ना या कम होने जैसी प्रॉब्लम हो सकती है। त्वचा में बदलाव इसकी कमी का असर त्वचा पर दिखाई देती है। इसलिए पोटैशियम की कमी होने पर त्वचा रूखी और खुश्क हो जाती है और आपको पसीना भी अधिक आने लगता है। उल्टी और दस्त शरीर में पोटैशियम की कमी होने पर उल्टी और दस्त की समस्या भी हो सकती है। क्योंकि इसकी कमी होने पर पाचन तंत्र में गड़बड़ी हो जाती है, जिससे उल्टी और दस्त होने लगते हैं। इनमें मिलता है पोटैशियम पोटैशियम की कमी को पूरा करने के लिए आप सब्जियों जैसे पालक, ब्रोकली, आलू, गाजर आदि का सेवन करें। इसके अलावा बींस, कद्दू के बीज, साबुत अनाज, डेयरी उत्पाद, मांस, मछली में भी पोटैशियम की भरपूर मात्रा होती है। केला, संतरा, एप्रिकॉट, अवोकेडो और स्ट्राबेरी जैसे फूट्स भी शरीर में पौटेशियम की कमी को पूरा करते हैं।  

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