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देश में पहली बार 21 राज्यों में भगवा, 92 करोड़ लोगों पर एनडीए का सीधा शासन… मैप में भारत की सियासी तस्वीर

नईदिल्ली लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी रिकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, लेकिन इस बार बीजेपी अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफल नहीं हुई। लेकिन इस जीत के बाद कांग्रेस के साथ विपक्ष ने माना की अब मोदी लहर खत्म हो रही है लेकिन तीसरे कार्याकल के बाद हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम देखकर इस बात को नकारा नहीं जा सकता की मोदी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने 8 राज्यों- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव लड़ा। इसमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल, ओडिशा, हरियाणा और महाराष्ट्र में भाजपा या गठबंधन की सरकार बनी है। 21 राज्यों में NDA की सरकार दिल्ली: दिल्ली चुनाव में भाजपा ने 26 साल बाद सत्ता में वापसी की है। पार्टी ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज करी है और अब सीएम के नाम का ऐलान करने की तैयारी शुरू हो गई है। हरियाणा: हरियाणा विधानसभा चुनाव में 90 सीटों में से भाजपा ने 48 सीटों पर दर्ज की थी। हरियाणा में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनी है। नायब सिंह सैनी हरियाणा के 19वें मुख्यमंत्री हैं। उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। वे 2017 में पहली बार और 2022 में दूसरी बार यूपी के सीएम बने थे। अब अगला विधानसभा चुनाव 2027 में है। उत्तराखंड: उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में 70 सीटों में से भाजपा को 47 सीटों पर जीत मिली। पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री हैं। अगला विधानसभा चुनाव 2027 में है। बिहार: बिहार में NDA सरकार है और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं। ओडिशा: 2024 में ओडिशा की 147 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 78 सीटों पर जीत दर्ज की। ओडिशा के वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी हैं। राजस्थान: राजस्थान में भाजपा ने 200 सीटों में से 115 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भजनलाल शर्मा राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। गुजरात: गुजरात में 182 सीटों में से 156 पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। भूपेंद्र पटेल मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में 288 सीटों में भाजपा को 132 सीटों पर जीत मिली। देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री हैं। शिंदे और अजित पवार को डिप्टी सीएम है। गोवा: 40 विधानसभा सीटों वाले गोवा में भाजपा को 26 सीटे मिली और प्रमोद सावंत NDA के मुख्यमंत्री हैं। मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को 230 में से 163 सीटों पर जीत मिली थी। मोहन यादव वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 90 विधानसभा सीटों में 54 सीटों पर जीत दर्ज की। मौजूदा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हैं। आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश में NDA की सरकार है और चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री हैं। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार है। मेघालय, सिक्किम और नगालैंड में एनडीए गठबंधन की सरकारें हैं। 3 साल में 21 राज्यों में चुनाव 2026 में पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल में चुनाव होंगे। 2027 में गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनाव है। 2 2028 में नगालैंड, त्रिपुरा, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, छत्तीसगढ़ और राजस्थान शामिल हैं। मध्य और पश्चिमी भारत में एनडीए का दबदबा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के साथ-साथ महाराष्ट्र और गुजरात में भी बीजेपी की सरकार है. 2022 में गुजरात और 2023 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी ने जीत हासिल की थी. महाराष्ट्र में नवंबर 2024 में बीजेपी नीत एनडीए ने जीत हासिल की थी. इसी तरह उत्तर भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में एनडीए का कब्जा है. झारखंड और पश्चिम बंगाल में इंडिया की सरकार है. दक्षिण भारत की 5 में से 4 राज्यों में इंडिया की सरकार है. केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में इंडिया तो आंध्र में एनडीए की सरकार है. 140 करोड़ आबादी, 92 पर NDA का शासन देश की आबादी अभी 140 करोड़ के आसपास है. दिल्ली में जीत के बाद एनडीए का शासन 92 करोड़ लोगों पर हो गया है. 10 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले उत्तर प्रदेश (24 करोड़), महाराष्ट्र (12 करोड़) और बिहार (12 करोड़) में एनडीए का ही शासन है. 10 करोड़ या उससे ज्यादा की आबादी वाले किसी भी राज्य में इंडिया की सरकार नहीं है. 5 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले 7 में से 4 राज्यों में एनडीए की सरकार है. वहीं तीन राज्यों में इंडिया की सरकार है. 5 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले पश्चिम बंगाल (9 करोड़), तमिलनाडु (7 करोड़) और कर्नाटक (6 करोड़) में इंडिया गठबंधन की सरकार है. इसी तरह आंध्र प्रदेश (5 करोड़), गुजरात (6 करोड़), मध्य प्रदेश (8 करोड़) और राजस्थान (8 करोड़) में एनडीए की सरकार है. वहीं 1-5 करोड़ आबादी वाले राज्यों की बात की जाए तो 10 राज्यों में से 6 में एनडीए और 4 में इंडिया की सरकार है. असम (3.5 करोड़), छत्तीसगढ़ (3 करोड़), दिल्ली (1.87 करोड़), हरियाणा (2.8 करोड़) जैसे राज्यों में एनडीए की सरकार है. मेघालय में 33 लाख के आसपास आबादी है. यहां किसी भी गठबंधन की सरकार नहीं है. पहली बार 21 राज्यों में एनडीए की सरकार साल 2018 के मध्य में बीजेपी सत्ता के शीर्ष पर थी. उस वक्त पार्टी के पास 20 राज्यों की सरकार थी. इनमें पूर्वोंत्तर के सभी 7 राज्यों के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र की सरकार शामिल थी. इसके बाद बीजेपी का परफॉर्मेंस लगातार गिरता ही रहा. 7 साल बाद अब बीजेपी ने अपने 20 राज्यों वाला रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. भगवा लहर में AAP के दिग्गज धराशायी भगवा लहर में आप के राष्ट्रीय संयोजक व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री सौरभ भारद्वाज, पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन सहित पार्टी के कई बड़े नेता चुनाव हार गए। मुख्यमंत्री आतिशी को भी कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा, लेकिन वह लगभग 3,500 मतों से चुनाव जीतने में सफल रहीं। कांग्रेस को फायदा, मत फीसद बढ़ा कांग्रेस के प्रदर्शन में सुधार हुआ है। उसका मत प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन लगातार तीसरे चुनाव में भी उसका खाता नहीं खुल सका। AAP के वोटरों में BJP ने ऐसे लगाई सेंध वर्ष 2014 व वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सातों सीटें … Read more

अब देश में तिथि मतांतर से दो दिन नहीं मनेंगे त्योहार, ‘एक देश-एक पंचांग’ पर मंथन, देश-विदेश के विद्वान होंगे शामिल

 उज्जैन  तिथि को लेकर मतांतर के कारण पर्व-त्योहार अलग-अलग दिन मनाए जाने की स्थितियां सामने आने के कारण ‘एक देश-एक पंचांग’ की बात फिर उभरी है। इस संदर्भ में अगुवाई करने के लिए धार्मिक नगरी उज्जैन में तैयारी हो रही है। काल गणना की नगरी उज्जैन में विक्रम उत्सव के अंतर्गत 29 मार्च से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वान, ज्योतिष व अंक गणित के जानकार, हस्त रेखा विशेषज्ञ, वेदाचार्य और पंचांग निर्माता शामिल होंगे। ये सभी ‘एक देश-एक पंचांग’ पर विचार करेंगे। इसके उपरांत सूर्य व चंद्र की गति की गणना से अखंड पंचांग की रचना होगी। भारतीय सनातन धर्म परंपरा में तिथि, वार और तीज-त्योहार का विशेष महत्व है। पंचांग की गणना के आधार पर इसका निर्धारण होता है। इसी के आधार पर हिंदू धर्मावलंबी व्रत, उपवास रखने के साथ तीज-त्योहार मनाते हैं। पंचांग की गणना में मतांतर से सनातन धर्म के कई प्रमुख पर्व-त्योहार दो दिन मनाए जा रहे हैं। इस विषमता को समाप्त करने के लिए ‘एक देश-एक पंचांग’ की अवधारणा पर चर्चा की जा रही है। 29 और 30 मार्च को होगा ज्योतिष सम्मेलन विक्रम उत्सव के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें विद्वान पंचांग के पांच अंग वार, तिथि, नक्षत्र, योग, करण व मध्योदय के आधार पर विभिन्न पक्षों पर मंथन कर ‘एक देश-एक पंचांग’ की अवधारणा को मूर्त रूप प्रदान करेंगे। विक्रम संवत बने राष्ट्रीय संवत विक्रम विश्वविद्यालय के पुराविद डॉ.रमण सोलंकी के अनुसार ज्योतिष सम्मेलन में विक्रम संवत को राष्ट्रीय संवत की मान्यता और देश का एकमात्र संवत विक्रम संवत हो इस पर शोधपरक व तथ्यात्मक चर्चा होगी। पाकिस्तान व नेपाल से भी आएंगे विद्वान ज्योतिष सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा पाकिस्तान व नेपाल से भी पंचांग निर्माता व ज्योतिष शास्त्र के जानकार शामिल होंगे। पाकिस्तान व नेपाल के साथ गुजरात, राजस्थान, हरियाणा तथा विदर्भ के अनेक विद्वानों ने आने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। पहले भी हो चुका मंथन ज्योतिष सम्मेलनों में ‘एक देश-एक पंचांग’ पर पूर्व में भी मंथन हो चुका है। उज्जैन में वर्ष 2019, 2021, 2023 में भी ज्योतिष सम्मेलनों पर इस तरह की चर्चा हुई थी। हालांकि सभी विद्वान एकमत नहीं हो पाए थे। काशी में भी विद्वानों में इस बात पर मंथन हो चुका है। आशा है कि इस बार उज्जैन में इसे तय कर लिया जाएगा। शासन स्तर पर पहली बार इस तरह का वृहद ज्योतिष सम्मेलन होने जा रहा है। ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन     सनातन धर्म परंपरा के सभी तीज-त्योहार पूरे देश में एक साथ एक दिन मनाए जाएं। विक्रम संवत भारत का राष्ट्रीय संवत हो। इस मंशा से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की परिकल्पना के अनुसार विक्रम उत्सव के अंतर्गत उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसमें विद्वान उक्त दोनों महत्वपूर्ण विषयों के निर्धारण को लेकर मंथन करेंगे। – डॉ. श्रीराम तिवारी, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार व महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक  

सूर्य की किरणों से बिजली बनाने से पर्यावरण सुधार के साथ ही बिल में भी आई कमी, पश्चिम म.प्र. अव्वल

इंदौर सूरज की किरणों से बिजली तैयार कर पर्यावरण सुधार के साथ ही बिजली बिल में कमी करने को लेकर पश्चिम मध्य प्रदेश में अच्छा काम हुआ है. इस 12 फरवरी की स्थिति में वेस्ट एमपी यानी मालवा- निमाड़ में 25 हजार 250 स्थानों पर रूफ टॉप सोलर नेट मीटर यानी सौर ऊर्जा से बिजली तैयार की जा रही है. वेस्ट एमपी में सबसे ज्यादा सौर ऊर्जा से बिजली इंदौर शहर में 13 हजार 800 स्थानों पर तैयार हो रही है. PM सूर्य घर योजना लागू होने के बाद फरवरी 2024 से फरवरी 2025 के दूसरे सप्ताह तक पश्चिम मध्य प्रदेश में बारह हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं ने सौर ऊर्जा उत्पादन किया है. उच्चदाब और निम्न दाब के उपभोक्ताओं द्वारा अब कुल 25 हजार 250 स्थानों पर सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा है. इन स्थानों में घर, बहुमंजिला इमारत, औद्योगिक परिसर, शासकीय कार्यालय की छतें, नगर निगम के कचरा ट्रांसफर स्टेशन की छतें, दुकानों की छतें, शासकीय कार्यालयों के पास की खाली जमीन इत्यादि स्थान, परिसर शामिल हैं. पीएम सूर्य घर योजना लागू होने के बाद पश्चिम मध्यप्रदेश में रूफ टॉप सोलर की कुल उत्पादन क्षमता 220 मेगावॉट से ज्यादा हो गई है. बिजली बिल में बचत, मेरी छत-मेरी बिजली की भावना के साथ ही पर्यावरण सुधार के लिए समर्पण को लेकर वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक उत्साह बना हुआ है. प्रतिदिन रूफ टॉप सोलर के लिए आवेदन बिजली कार्यालय और कंपनी के पोर्टल पर पहुंच रहे हैं. उच्चदाब और निम्न दाब के उपभोक्ताओं द्वारा अब कुल 25250 स्थानों पर सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा है। इन स्थानों में घर, बहुमंजिला इमारत, औद्योगिक परिसर, शासकीय कार्यालय की छतें, नगर निगम के कचरा ट्रांसफर स्टेशन की छतें, दुकानों की छतें, शासकीय कार्यालयों के पास की खाली जमीन इत्यादि स्थान, परिसर शामिल हैं। पीएम सूर्यघर योजना लागू होने के बाद पश्चिम मध्य प्रदेश में रूफ टॉप सोलर की कुल उत्पादन क्षमता 220 मेगावॉट से ज्यादा हो गई हैं। बिजली बिल में बचत, मेरी छत-मेरी बिजली की भावना के साथ ही पर्यावरण सुधार के लिए समर्पण को लेकर वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक उत्साह बना हुआ हैं। प्रतिदिन रूफ टॉप सोलर के लिए आवेदन बिजली कार्यालय, कंपनी के पोर्टल पर पहुंच रहे हैं। कहां कितने स्थानों पर सोलर संयंत्र इंदौर शहर सीमा      13800 उज्जैन जिला              2525 देवास जिला              1525 रतलाम जिला            1060 खरगोन जिला            1050 नीमच जिला               680 मंदसौर जिला             670 बड़वानी जिला            650  

अगर किसी की पत्नी गैर मर्द से प्यार करती है तो यह व्यभिचार नहीं है : हाई कोर्ट

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी की पत्नी गैर मर्द से प्यार करती है तो यह व्यभिचार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि इसे तब तक व्यभिचार नहीं कहा जा सकता जब तक कि वह किसी और मर्द के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाती है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने कहा कि व्यभिचार तभी होता है जब शारीरिक संबंध होते हैं। पति ने कोर्ट में दावा किया था कि उसकी पत्नी किसी और से प्यार करत है। ऐसे में वह मेंटिनेंस की हकदार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 (5) और सीआरपीसी की धारा 125 (4) में कहा गया है कि अगर पत्नी पर व्यभिचार के आरोप सही साबित होते हैं तब ही उसे गुजारे भत्ते से वंचित किया जा सकता है। कोर्ट ने फैसले में कहा, व्यभिचार साबित करने के लिए शारीरिक संबंधों को सबित करना जरूरी है। अगर पत्नी किसी से प्यार करती है और शारीरिक संबंध नहीं रखती है तो इसे व्यभिचार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है। बता दें कि फैमिली कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि पति को हर महीने 4 हजार रुपये का गुजारा भत्ता देना होगा। पति वॉर्ड बॉय की तौर पर का करता था और महीने में 8 हजार उसकी इनकम है। पति ने हाई कोर्ट में याचिका फाइल की और दावा किया कि उसकी पत्नी किसी और से प्यार करती थी। कोरक्ट ने कहा कि सेक्शन 24 के तहत आदेश के बाद पत्नी को पहले से ही 4 हजार का गुजारा भत्ता मिल रहा था। कोर्ट ने यह भी कहा कि अस्पताल से दिया गया सैलरी सर्टिफिकेट वेरिफाइ नहीं किया गया है। कोर्ट ने कहा, सैलरी सर्टिफिकेट पर इसे जारी करने का स्थान और तारीख ही नहीं दी गई है। ऐसे में कोर्ट के लिए यह निर्णय करना मुश्किल है कि यह सर्टिफिकेट सही है या फर्जी है। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया था कि वह एक सक्षम व्यक्ति नहीं है। कोर्ट ने कहा कि कम इनकम इस बात का आधार नहीं हो सकता कि वह मेंटिनेंस नहीं देगा। अगर पति को पता था कि वह उसकी रोजाना की जरूरत भी नहीं पूरी कर सकता तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार है। उसे पत्नी की जिम्मेदारी उठाने के लिए कमाना चाहिए था। पति ने यह भी दावा किया था कि उसकी पत्नी ब्यूटी पार्लर चलाती है। कोर्ट ने कहा कि पति को 4 हजार रुपये का मासिक गुजारा भत्ता देना ही होगा।

2 दिन बाद इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम, इन्हें मिलेगा खास तोहफा, जानें अपनी लव लाइफ के बारे में

मेष राशि- आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन में उतार-चढ़ाव भी रहेंगे। शैक्षिक कार्यों के प्रति सचेत रहें। कठिनाई आ सकती है। संतान की सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में वृद्धि होगी। भागदौड़ अधिक रहेगी। वृषभ राशि- मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। धैर्यशीलता बनाए रखें। पिता की सेहत का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मिथुन राशि- मन प्रसन्न तो रहेगा। फिर भी बातचीत में संतुलित रहें। माता का सान्निध्य मिलेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। कर्क राशि- मन अशांत हो सकता है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। कारोबार में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। परिवार का साथ मिलेगा। सिंह राशि- आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। कारोबार में कठिनाई आ सकती है। भागदौड़ अधिक रहेगी। परिवार का साथ मिलेगा। यात्रा पर खर्च बढ़ेंगे। कन्या राशि- आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। वाणी के प्रभाव में वृद्धि होगी। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। तुला राशि- मन में निराशा व असंतोष रहेगा। आत्मसंयत रहें। मानसिक शांति बनाए रखने के प्रयास करें। सेहत का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। वृश्चिक राशि- आत्मविश्वास तो बहुत रहेगा, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। सेहत के प्रति सचेत रहें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। धनु राशि- मन प्रसन्न रहेगा, परंतु बातचीत में संतुलित रहें। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। कारोबार का विस्तार होगा। लाभ में वृद्धि होगी। मकर राशि- मन शांत रहेगा। आत्मविश्वास भी बहुत रहेगा, परंतु मन में नकारात्मक विचारों से बचें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि तो होगी, परंतु खर्च भी बढ़ेंगे। कुंभ राशि- मन प्रसन्न तो रहेगा, परंतु बातचीत में संयत रहें। सेहत के प्रति सचेत रहें। खर्चों की अधिकता रहेगी। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कारोबार में वृद्धि होगी। मीन राशि- वाणी में मधुरता रहेगी, परंतु मन परेशान हो सकता है। धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। भागदौड़ अधिक रहेगी।

दिल्ली पुलिस ने अभियान के दौरान 90 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया, मादक पदार्थ जब्त

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच, स्पेशल सेल और सभी 15 जिलों की स्थानीय पुलिस यूनिट ने आपरेशन ‘कवच 7.0’ के तहत बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर नशे के कारोबारियों और संगठित अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। यह 24 घंटे का समन्वित अभियान 12 फरवरी की शाम 6 बजे से 13 फरवरी की शाम 6 बजे तक चला, जिसमें दिल्ली के 15 जिलों में 784 स्थानों पर छापेमारी की गई। 48 दोपहिया वाहन भी जब्त अभियान के दौरान 87 एनडीपीएस मामलों में 90 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए। बरामदगी में 553.05 ग्राम हेरोइन, 43.028 किलोग्राम गांजा, 199 ग्राम कोकीन और 2,07,600 अल्प्राजोलम टैबलेट शामिल हैं। इसके अलावा, 48 दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए। विशेष पुलिस आयुक्त अपराध देवेश चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशानुसार दिल्ली पुलिस (Delhi Police) द्वारा नशीली दवाओं और नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अभियान के तहत नार्को-अपराधियों पर समन्वित छापेमारी की कार्रवाई की योजना बनाई गई। मानव खुफिया जानकारी के साथ-साथ तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से जानकारी विकसित की गई और पूरी दिल्ली में एक साथ ये ऑपरेशन चलाया गया। 784 स्थानों पर छापेमारी कर की कार्रवाई 87 एनडीपीएस मामलों में 90 नार्को-अपराधियों को किया गिरफ्तार। 553.05 ग्राम हेरोइन, 43.028 किलोग्राम गांजा, 199 ग्राम कोकीन और अल्प्राजोलम की 2,07,600 गोलियां की गईं जब्त। आबकारी अधिनियम के तहत 157 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 161 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई। 94 बोतलें और 432 कैन बीयर, 33,098 क्वार्टर अवैध शराब और 5 हुक्का जब्त। 27 आर्म्स एक्ट मामलों में 29 लोगों को किया गया गिरफ्तार। 1 रिवॉल्वर, 1 पिस्टल, 6 कट्टे, 11 कारतूस, 1 सर्जिकल ब्लेड, 18 चाकू, 24,000 नकद और 2 चोरी की मोटरसाइकिलें और 2 चोरी के रिक्शा बरामद। 909 व्यक्तियों को निवारक हिरासत में लिया गया, 5077 व्यक्तियों को 65 डीपी अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया। 48 वाहनों को यू/एस 66 डीपी अधिनियम के तहत जब्त किया गया। शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में अवैध तंबाकू बिक्री पर कार्रवाई करते हुए 1,407 लोगों पर कोटपा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। कोटपा अधिनियम के तहत एक व्यक्ति को 10,000 सिगरेट पैकेट के साथ गिरफ्तार किया गया।  

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं ने अब तक एक माह में लगभग सात करोड़ रुपये हुंडियों में नकद अर्पित किए, उमड़े भक्त

वाराणसी महाकुंभ आरंभ होने के बाद श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में उमड़े भक्त बाबा के चरणों में खुले हृदय से समर्पण कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने अब तक एक माह में लगभग सात करोड़ रुपये हुंडियों में नकद अर्पित किए हैं। इनमें अभी समर्पित सोने-चांदी के दान की गणना नहीं की जा सकी है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर विशिष्ट विकास क्षेत्र उपजिलाधिकारी शंभूशरण ने बताया कि अभी नकद राशि के बारे में यह अनुमान ही है, पूरी गणना होने के बाद और स्वर्ण-रजत के दान जोड़ने के बाद पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अतिरिक्त के साथ सोने व चांदी के दान का मिलान अभी किया जाना शेष है। एक माह में मिला अब तक का सर्वाधिक दान भक्तों के समर्पण और आस्था का यह बिंदु तब है जब महाकुंभ के बाद धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मंदिर प्रशासन ने सुगम दर्शन और आरती सहित सभी टिकटों की बिक्री को महाशिवरात्रि तक रोक दिया है। यह मंदिर प्रशासन को एक माह में मिला अब तक का सर्वाधिक दान बताया जा रहा है। फरवरी महीने में 77 लाख से अधिक श्रद्धालु बीते जनवरी माह में जहां 1.08 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे तो फरवरी के महीने अब तक के 13 दिनों में ही यह संख्या 77 लाख के पार पहुंच चुकी है। महाशिवरात्रि तक अभी भक्तों का भारी जनप्रवाह बने रहने की प्रबल संभावना है।  उपजिलाधिकारी ने बताया कि पर्वों की इस भारी भीड़ में व्यस्तता के कारण अभी गणना पूरी तरह से नहीं की जा सकी है, यह एक अनुमानित आंकड़ा है। गणना पूरी होने पर ही वास्तविक राशि का पता चलेगा। नागा संन्यासियों के दर्शन को उमड़ रही भीड़ महाकुंभ से लौटे जूना अखाड़ा के संन्यासियों की संख्या काशी में पहली राजसी यात्रा के पश्चात और बढ़ गई है। प्रयागराज की दमक अब काशी की चमक बन गई है। यहां गंगा घाटों पर बने छोटे-छोटे शिविरों में नागा संन्यासियों ने अपना डेरा बना लिया है। ये लोगों के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र बिंदु बने हुए हैं, उनके दर्शन के लिए प्रतिदिन हजारों लोग वहां उमड़ रहे हैं तथा संतों की रज लेकर माथे से लगा रहे हैं। जूना अखाड़ा के अतिरिक्त अन्य शैव अखाड़ों के संत भी काशी पहुंच गए हैं और गंगा घाटाें पर अपने-अपने शिविर स्थापित कर लिए हैं।

अमेरिका के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने दी चेतावनी, उत्तर कोरिया पूरे उत्तरी अमेरिका में अपने लक्ष्यों पर परमाणु बम गिरा सकता है

सोल उत्तर कोरिया जल्द ही अमेरिका की मुख्य भूमि तक पहुंचने में सक्षम अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (आईसीबीएम) का निर्माण शुरू कर सकता है। अमेरिका के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने शुक्रवार को यह चेतावनी दी। जनरल ग्रेगरी गुइलोट ने सीनेट सशस्त्र सेवा समिति से कथित तौर पर कहा कि उत्तर कोरिया पूरे उत्तरी अमेरिका में अपने लक्ष्यों पर परमाणु बम गिरा सकता है। गुइलोट अमेरिकी उत्तरी कमान और उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस रक्षा कमान के प्रमुख हैं। समिति के समक्ष लिखित गवाही में गिलोट ने पिछले अक्टूबर में ह्वासोंग-19 (एचएस-19) आईसीबीएम के प्रारंभिक उड़ान परीक्षण का विवरण दिया। इसके बारे में विश्लेषकों का मानना ​​है कि यह अधिक लम्बे समय तक और ज्यादा ऊंचाई पर उड़ान भर सकती है। यह बयान खासा अहम है क्योंकि डोनाल्ड्र ट्रंप पिछली बार प्योंयांग को लेकर काफी सकारात्मक बातें कर चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 जनवरी को कहा कि वे किम जोंग उन से फिर से संपर्क करेंगे। उन्होंने उत्तर कोरियाई नेता को ‘स्मार्ट शख्स’ बताया जिनसे वह तीन बार पहले मिल चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक इंटरव्यू में जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह किम से दोबारा संपर्क करेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया: “हां, मैं करूंगा। वह मुझे पसंद करते हैं।” इससे पहले वाशिंगटन में अपने शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद संवाददाताओं बातचीत के दौरान उत्तर कोरिया को ‘परमाणु शक्ति’ बताया। वह यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि उनके और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच ‘बहुत अच्छा तालमेल है।’ हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने 7 फरवरी को उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी ‘दृढ़’ प्रतिबद्धता की पुष्टि की। आमने-सामने की शिखर वार्ता के बाद ट्रंप और इशिबा ने एक संयुक्त बयान जारी किया। दोनों पक्षों ने दक्षिण कोरिया के साथ त्रिपक्षीय सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। संयुक्त बयान में कहा गया, “दोनों नेताओं ने डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की और डीपीआरके के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की।” डीपीआरके उत्तर कोरिया के आधिकारिक नाम का संक्षिप्त रूप है।

‘महाकुंभ 2025’ को बदनाम करने वालों पर पुलिस सख्त, यूपी पुलिस ऐसे कुत्सित प्रयास करने वालों से सख्ती बरत रही

महाकुंभ नगर ‘महाकुंभ 2025’ की जहां एक तरफ पूरे विश्व में प्रशंसा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ ऐसे तत्व भी कम नहीं हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए फर्जी वीडियो और भ्रामक खबरें पोस्ट करके सनातन धर्म के इस सबसे बड़े धार्मिक, सांस्कृतिक समागम को बदनाम करने में लगे हुए हैं। यूपी पुलिस ऐसे कुत्सित प्रयास करने वालों से सख्ती बरत रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तर प्रदेश पुलिस सोशल मीडिया पर 24X7 पैनी नजर रख रही है। इसी क्रम में पुलिस ने अब तक 54 ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ विधिक कार्रवाई की है, जो फर्जी और भ्रामक पोस्ट के जरिए जनता में अफवाह फैलाने का काम कर रहे थे। 13 फरवरी 2025 को सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान दो वीडियो को पुलिस ने विशेष संज्ञान में लिया, जिन्हें महाकुंभ से जोड़कर भ्रामक रूप से प्रस्तुत किया गया था। इनमें ‘मिस्र के अग्निकांड को महाकुंभ की आग’ बताते हुए पोस्ट किया गया था। यह वीडियो मिस्र में वर्ष 2020 में हुई एक तेल पाइपलाइन दुर्घटना का था, जिसे यह कहकर प्रसारित किया गया कि “महाकुंभ बस स्टैंड में आग लगी, 40-50 गाड़ियां जलकर राख हो गईं।” इस अफवाह को फैलाने वाले सात सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ कोतवाली महाकुंभ मेला में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है। दूसरे वीडियो में पटना की घटना को महाकुंभ से जोड़ा गया। यह वीडियो बिहार में एक फिल्म प्रमोशन इवेंट के दौरान हुई अव्यवस्था का था, जिसे महाकुंभ से जोड़कर यह अफवाह फैलाई गई कि “कुंभ में राष्ट्रवादी लोगों ने आर्मी जवानों पर चप्पलें फेंकी।” इस पोस्ट के लिए 15 सोशल मीडिया अकाउंट को चिह्नित कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई है। मिस्र की घटना को महाकुंभ 2025 से जोड़ने वाले इन सोशल मीडिया अकाउंट्स पर हुई कार्रवाई 1 : इंडिया विथ कांग्रेस (@UWCforYouth) एक्स (ट्विटर) 2 : हरिन्द्र कुमार राव (@kumar.harindra.rao) इंस्टाग्राम 3 : अनिल पटेल (@_1_4_3_anil_patel) इंस्टाग्राम 4 : विशाल बाबू (@a.v.r_rider_0) इंस्टाग्राम 5 : नेमी चंद (@nemichand.kumawat.2022) इंस्टाग्राम 6 : सिफ़ा भदौरिया (@bhadoriya6285) इंस्टाग्राम 7 : हैलो प्रयागराज (@Hello_Prayagraj) यू-ट्यूब पटना की घटना को महाकुंभ का बताने वाले इन सोशल मीडिया अकाउंट्स पर हुई कार्रवाई 1 : इंद्रजीत बराक (@inderjeetbarak) एक्स (ट्विटर) 2 : सुनील (@sunil1997_) एक्स (ट्विटर) 3 : निहाल शेख @mr_nihal_sheikh एक्स (ट्विटर) 4 : डिम्पी (@Dimpi77806999) एक्स (ट्विटर) 5 : सत सेवा (@lalitjawla76) एक्स (ट्विटर) 6 : संदेश वातक न्यूज (@Sandeshvataksv) एक्स (ट्विटर) 7 : लोकेश मीना (@LOKESHMEEN46402) एक्स (ट्विटर) 8 : राज सिंह चौधरी @RajSingh_Jakhar एक्स (ट्विटर) 9 : युनुस आलम (Facebook account) 10 : अमीनुद्दीन सिद्दीकी (Facebook account) 11 : अरविंद सिंह यादव अहीरवाल (Facebook account) 12 : शिवम कुमार कुशवाह (Facebook account) 13 : जैन रेणु (Facebook account) 14 : अमित कुमार II (Facebook account) 15 : मेहत्तर एक योद्धा बलिया (Facebook account) बता दें कि विगत एक माह में महाकुंभ मेले को बदनाम करने वाले विभिन्न प्रकार के भ्रामक पोस्ट और वीडियो वायरल किए गए, जिनमें से प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं :- 13 जनवरी 2025 : एक ट्विटर अकाउंट ने फायर सर्विस की मॉक ड्रिल का वीडियो पोस्ट कर इसे वास्तविक आग की घटना बताया। 2 फरवरी 2025 : नेपाल के पुराने वीडियो को महाकुंभ की भगदड़ का वीडियो बताकर पोस्ट करने पर सात अकाउंट पर कार्रवाई। 7 फरवरी 2025 : संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ को भगदड़ के रूप में दिखाने वाले एक फेसबुक अकाउंट पर एफआईआर। 9 फरवरी 2025 : झारखंड के धनबाद की घटना को महाकुंभ से जोड़ने वाले 14 एक्स अकाउंट के विरुद्ध मुकदमा। 12 फरवरी 2025 : वर्ष 2021 में गाजीपुर में मिले शवों की तस्वीरों को महाकुंभ से जोड़ने वाले सात अकाउंट पर कार्रवाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महाकुंभ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर पेट्रोलिंग की व्यापक रणनीति तैयार की है। इसके अंतर्गत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की सतत निगरानी की जा रही है। साथ ही भ्रामक पोस्ट की त्वरित पहचान करके उसका खंडन करना, अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यूपी पुलिस इस काम में सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स का भी सहयोग ले रही है। उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि महाकुंभ मेले की पवित्रता बनी रहे।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने पुस्तक घोटाले पर उठाये सवाल, बोले- छोटी मछलियों पर हो रही कार्रवाई

रायपुर छत्तीसगढ़ के पाठ्यपुस्तक निगम घोटाले की जांच प्रक्रिया को लेकर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने सवाल उठाये हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि घोटाले की जांच में संलिप्त छोटी मछलियों पर कार्रवाई हो रही है. भाजपा घोटाले को रोकने का प्रयास कर रही है. अब विकास उपाध्याय ने मामले को न्यायालय तक लेकर जाने की बात कही है. पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने मामले की जांच प्रक्रिया को लेकर कहा कि बीजेपी की 14 महीने की सरकार से पहले इतना अधिक भ्रष्टाचार कभी नहीं हुआ. ये छोटी मछलीयां हैं जिनपर कार्रवाई हो रही, बड़े मगरमच्छ अभी बाकी है. हमने छापेमारी की और जांच समितियों के ऊपर सवाल भी उठाया था. मुख्य दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं. रिपोर्ट पेश होने के बाद एक्शन शुरू अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले ने पुस्तक घोटाले मामले में 1045 पेज की जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी. अफसरों के साथ साठगांठ कर दो लाख की किताबें रद्दी में बेची गई थी. मामले में दोषी पाए गए 5 DEO और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिया गया है. जानिए पूरा मामला गौतलब है कि रायपुर के सिलियारी स्थित पेपर मिल के कबाड़ में लाखों किताबें मिली थी. इनमें सरकार की ओर से प्रदेश के सभी स्कूलों में बांटी जाने वाली किताबें भी शामिल थी. सभी किताबें इसी सत्र की थी. इस मामले का उजागर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने किया था. इस मामले को लेकर उपाध्याय ने फैक्ट्री के सामने धरना देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार ने किताबें खरीदीं और बिना बांटे ही बेच दीं. मामले में सियासत तेज होने के बाद सरकार ने 5 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी.

मैंने रेल यात्रियों से जुड़ी समस्याएं, और कई मुद्दे उठाए थे, उन पर वित्त मंत्री मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा राज्यसभा में उन पर किए गए कटाक्ष पर अपना पक्ष रखा है। मैंने अपने भाषण में रेल यात्रियों से जुड़ी समस्याएं, मध्यम वर्ग की वित्तीय चुनौतियां, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए जा रहे शुल्क और टैरिफ, और गिरता हुआ रुपया जैसे कई मुद्दे उठाए थे। उन पर जवाब न देते हुए, उन्होंने टैक्स वाले मुद्दे पर मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया। राघव चड्ढा ने वीडियो में कहा, “गुरुवार को राज्यसभा में बजट पर बात करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मेरे बयान पर काफी कटाक्ष किया और यह भी कहा कि मैंने सदन को गुमराह करने की कोशिश की। जब मैंने उनके सवालों का जवाब देने की अनुमति मांगी तो मुझे अनुमति नहीं दी गई, इसलिए मैंने सोचा कि इस वीडियो के माध्यम से सीधे वित्त मंत्री से बात करूं और सच्चाई स्पष्ट करने की कोशिश करूं। केंद्रीय बजट 2025 पर चर्चा के दौरान मैंने कई मुद्दे उठाए, जैसे कि रेल यात्रियों से जुड़ी समस्याएं, मध्यम वर्ग की वित्तीय चुनौतियां, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए जा रहे शुल्क और टैरिफ और गिरता हुआ रुपया। वित्त मंत्री ने इन मुद्दों पर कोई जवाब नहीं दिया। लेकिन हां, उन्होंने मेरे द्वारा बताए गए आयकर छूट के उदाहरण पर कई बयान दिए। सबसे पहले, मैं यह कहना चाहूंगा कि मैंने जो कुछ भी कहा था, मैं आज भी उस पर पूरी तरह से कायम हूं।” उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही यह 12 लाख रुपये की कर छूट कर कटौती नहीं है। यह सिर्फ और सिर्फ कर छूट है, जिसका मतलब है कि अगर आप एक वित्तीय वर्ष में 12 लाख रुपये से ज्यादा कमाते हैं, तो आपको अपनी पूरी आय पर आयकर देना होगा। वित्त मंत्री ने इस अवधारणा को समझाने के लिए मेरे द्वारा दिए गए उदाहरण को तकनीकी रूप से जटिल बनाने की कोशिश की और इसमें सीमांत कर छूट की अवधारणा को जोड़कर यह साबित करने की कोशिश की कि मेरा उदाहरण गलत था। मैं आपसे सीधे पूछना चाहता हूं वित्त मंत्री जी, क्या यह सच नहीं है कि अगर कोई व्यक्ति 12 लाख रुपये से ज्यादा कमाता है, तो उसे अपनी पूरी आय पर कर देना होगा?” उन्होंने कहा, “आप 12 लाख 75 हजार रुपये तक सीमांत कर छूट दे रही हैं। आप मुझे बताएं कि अगर कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में 13 लाख रुपये कमाता है, तो क्या उसे अपने स्लैब के अनुसार 13 लाख रुपये की पूरी आय पर आयकर देना होगा या नहीं? या उसे 13 लाख रुपये में से 12 लाख रुपये घटाकर कर देना होगा? सही उत्तर यह है कि उसे पूरे 13 लाख रुपये पर आयकर देना होगा। मान लीजिए कोई व्यक्ति सालाना 12 लाख 76 हजार रुपये कमाता है, तो उसे पूरे 12 लाख 76 हजार रुपये पर आयकर देना होगा, न कि सिर्फ 12 लाख रुपये से ऊपर कमाए गए 76 हजार रुपये पर। इस टैक्स छूट की अवधारणा को समझाने के लिए मैंने एक उदाहरण दिया था और मैं आज भी उस पर कायम हूं कि अगर आप 12 लाख रुपये में से एक रुपया भी अतिरिक्त कमाते हैं, तो आपको अपनी पूरी आय पर आयकर देना होगा।” आप सांसद ने कहा, “वित्त मंत्री ने मेरे उस बयान को लेकर मुझ पर काफी व्यक्तिगत हमले भी किए। मेरे बारे में व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति मेरे मन में बहुत आदर और सत्कार है। वह अनुभव, पद और उम्र में मुझसे काफी बड़ी हैं। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि मुझे उम्मीद है कि भविष्य में वित्त मंत्री इस तरह के व्यक्तिगत बयान देने से बचेंगी और सरल टैक्स अवधारणाओं को सामने लाने के लिए दिए गए उदाहरणों को तकनीकी रूप से तोड़-मरोड़ कर जनता के सामने पेश करने की कोशिश नहीं करेंगी।”

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- प्रदेश में शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए और प्रसव पूर्व जांच के माध्यम से हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान हो। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध रूप से सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता जरूरी है। जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में सुधार लाया जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण के लिये सेवा प्रदाय एवं भर्ती प्रक्रिया की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य मानकों को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आधुनिक चिकित्सा अधोसंरचना, अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में अभूतपूर्व प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन की वृद्धि के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती चल रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, जिससे चिकित्सा सुविधाओं का लाभ तेजी से आमजन तक पहुंचे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों में भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। चिकित्सकीय श्रेणी में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 3,689 पदों पर भर्ती की जा रही है। नर्सिंग श्रेणी में 5,762 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रक्रियाधीन है। पैरामेडिकल एवं तकनीकी स्टाफ के तहत 454 लैब टेक्नीशियन, 114 रेडियोग्राफर, 21 फिजियोथेरेपिस्ट और 8 काउंसलर के पद कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से भरे जा रहे हैं। इसके अलावा, 1,744 सीधी भर्ती के अविज्ञप्त पदों की पूर्ति के लिए भी मांग पत्र भेजा गया है। संचालक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री दिनेश श्रीवास्तव, संचालक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल श्री मनोज सरियाम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

महाकुंभ में स्नान जारी, सड़क पर उतरें अधिकारी, यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने सख्त निर्देश दिए

महाकुंभ नगर प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में स्नान जारी है। शुक्रवार को यहां पर यातायात की व्यवस्था को सुचारू ढंग से चलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए अधिकारी भी सड़क पर उतरें। महाकुंभ में शुक्रवार होने के कारण भीड़ बढ़ने लगी है। कल शनिवार और फिर रविवार है। ऐसे में प्रशासन का अंदेशा है कि सप्ताह के आखिरी में एक बार फिर भीड़ बढ़ सकती है। इसको देखते हुए इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लखनऊ में मीटिंग की। महाकुंभ में यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं सड़क पर उतरें। प्रयागराज महाकुंभ नगर, प्रयागराज जनपद, अयोध्या, वाराणसी और आसपास के सभी जिलों में कहीं भी सड़क पर जाम न लगे। हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करें। जहां जाम होगा, वहां के अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। दरअसल, प्रयागराज में कुंभ जाने वाले श्रद्धालु अयोध्या भी जाना चाहते हैं। इसे लेकर जाम के हालात बन रहे हैं। अमेठी, सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर में जाम लग रहा है। कई बाहरी राज्यों की गाड़ियां जाम में फंस रही हैं। उधर, महाकुंभ में सफाई कर्मियों की तरफ से एक साथ घाटों की सफाई का अभियान चलाया जाएगा। महाकुंभ में शुक्रवार को 40.02 लाख लोगों ने स्नान किया है। वहीं, 13 फरवरी से आज तक 49.14 करोड़ लोगों ने स्नान किया है। शुक्रवार को भी कई अतिविशिष्ट लोग त्रिवेणी में स्नान के लिए आएंगे। कुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं के अलावा देश के कई वीवीआईपी ने भी आस्था की डुबकी लगाई है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद समेत कई बड़े सियासी दिग्गज यहां स्नान कर चुके हैं।

भारत का ई-वेस्ट एक बड़ा आर्थिक अवसर हो सकता है, 6 बिलियन डॉलर की अनुमानित आर्थिक क्षमता का दावा

बेंगलुरु भारत का ई-वेस्ट एक बड़ा आर्थिक अवसर उपलब्ध करा रहा है। मेटल एक्सट्रैक्शन के जरिए रिकवर किए जाने वाले मटीरियल में 6 बिलियन डॉलर की अनुमानित आर्थिक क्षमता का दावा एक रिपोर्ट कर रही है। शुक्रवार को एक रिपोर्ट के हवाले से ये जानकारी दी गई। भारत अब चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ई-वेस्ट उत्पादक है। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश का ई-वेस्ट वित्त वर्ष 2014 में 2 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) से दोगुना होकर वित्त वर्ष 2024 में 3.8 एमएमटी हो गया है, जो शहरीकरण और बढ़ती आय के कारण हुआ है। मुख्य रूप से घरों और व्यवसायों द्वारा उत्पन्न कंज्यूमर सेगमेंट ने वित्त वर्ष 2024 में कुल ई-वेस्ट का लगभग 70 प्रतिशत योगदान दिया। ई-वेस्ट उत्पादन में एक बड़ा ट्रेंड मटीरियल की तीव्रता में बदलाव है। जबकि उपकरण अधिक कॉम्पैक्ट और हल्के होते जा रहे हैं। त्यागे गए सामानों की मात्रा बढ़ रही है, जिससे कुशल रीसाइक्लिंग रणनीतियों की आवश्यकता होती है। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स के पार्टनर जसबीर एस. जुनेजा ने कहा, “आने वाले वर्षों में ई-वेस्ट की मात्रा बढ़ने की उम्मीद है। ई-वेस्ट में मेटल का बढ़ता मूल्य भारत के लिए रिकवरी दक्षता बढ़ाने और खुद को सस्टेनेबल मेटल एक्सट्रैक्शन में लीडर के रूप में स्थापित करने का एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है।” वर्तमान में, भारत में कंज्यूमर ई-वेस्ट का केवल 16 प्रतिशत फॉर्मल रिसाइक्लर द्वारा प्रोसेस किया जाता है। वित्त वर्ष 2035 तक फॉर्मल रिसाइकलिंग सेक्टर में 17 प्रतिशत सीएजीआर वृद्धि के अनुमानों के बावजूद, इसके द्वारा भारत के ई-वेस्ट का केवल 40 प्रतिशत ही हैंडल करने की उम्मीद है। इस सेक्टर को अनौपचारिक प्लेयर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है, जो कम अनुपालन लागत और व्यापक संग्रह नेटवर्क का लाभ उठाते हैं। इस बीच, 10-15 प्रतिशत ई-वेस्ट घरों में स्टोर रहता है और 8-10 प्रतिशत लैंडफिल में समाप्त हो जाता है, जिससे रिसाइकलिंग दक्षता कम हो जाती है। एक सस्टेनेबल ई-वेस्ट मैनेजमेंट इकोसिस्टम बनाने के लिए, भारत सरकार ने एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (ईपीआर) फ्रेमर्क पेश किया है। ईपीआर तब से उत्पादकों के लिए परिभाषित संग्रह लक्ष्यों के साथ एक अनिवार्य प्रणाली में विकसित हुआ है। हालांकि, कम न्यूनतम ईपीआर शुल्क और अपर्याप्त औपचारिक रीसाइक्लिंग क्षमता के कारण अंतराल बने हुए हैं। फॉर्मल रीसाइक्लिंग नेटवर्क को मजबूत करना मेटल रिकवरी रेट में सुधार और रिटर्न को अधिकतम करने की कुंजी है। इससे भारत की मेटल आयात मांग में 1.7 बिलियन डॉलर तक की कमी आ सकती है, जबकि हाई-वैल्यू रिसाइकल्ड मेटल की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित हो सकती है।

दिल्ली में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को हो सकता है, सरकार गठन की प्रक्रिया तेज

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को हो सकता है। वहीं, विधायक दल की बैठक 17 और 18 फरवरी को आयोजित की जाएगी, जिसमें नई सरकार के गठन से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात अमेरिका से दिल्ली पहुंचेंगे। इसके बाद सरकार बनाने को लेकर एक अहम बैठक होगी। पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के अन्य शीर्ष नेता भी मौजूद होंगे। इन नेताओं की बैठक में दिल्ली में सरकार गठन के लिए अंतिम रूप से निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान दिल्ली का अगला सीएम कौन होगा, यह भी तय हो जाएगा। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने दिल्ली में सरकार गठन के लिए पहले ही होमवर्क पूरा कर लिया है। पार्टी ने दिल्ली में सरकार गठन के लिए विधायकों के नामों की एक सूची तैयार की है, जिसमें 48 में से 15 विधायकों के नाम को प्राथमिकता दी गई है। इन 15 विधायकों में से 9 नामों को अंतिम रूप से चुना जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्री और स्पीकर के नाम तय किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री निर्वाचित विधायकों में से होगा और इस बारे में निर्णय विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। नड्डा ने यह भी संकेत दिया कि मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद पहली कैबिनेट बैठक में कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए जाएंगे। एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा यह है कि दिल्ली में नई भाजपा सरकार में कोई उपमुख्यमंत्री नहीं होगा। बता दें कि 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए गए। इस चुनाव में भाजपा ने 42 सीटों पर शानदार जीत हासिल की, तो वहीं, आम आदमी पार्टी महज 22 सीटों पर सिमट गई। इस चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस का खाता नहीं खुला। दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 26 फरवरी को समाप्त हो रहा है और नई सरकार को उससे पहले कार्यभार संभालना होगा।

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