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सीएम शर्मा ने कहा- कार्यालय में विलम्ब से आने वाले एवं बिना अनुमति अनुपस्थित कर्मचारियों पर होगी कठोर कार्रवाई

जयपुर प्रदेश के राजकीय कार्यालयों में विलम्ब से आने वाले एवं बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देश ​हैं कि सरकारी कार्यालय में आने वाले आमजन के कार्य जल्द से जल्द ​हों, उन्हें इसमें कोई असुविधा न हो, इसके लिए सरकारी कार्मिक निर्धारित समय पर अपनी सीट पर बैठें, समस्याओं का समाधान करें, आमजन को सरकारी योजनाओं के लाभ, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दें। इस निर्देश की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने विभिन्न टीमों का गठन किया है जो निरन्तर कार्यालयों में जाकर फीडबैक ले रही है। विभाग की  शासन सचिव श्रीमती उर्मिला राजोरिया ने बताया कि उप शासन सचिव श्री महेन्द्र परेवा के नेतृत्व में विभागीय दल द्वारा गुरूवार को हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय के विभिन्न राजकीय कार्यालयों एवं विभागों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 92 उपस्थिति पंजिकाओं को जब्त किया गया। इनमें 21.42 प्रतिशत राजपत्रित और 13.45 प्रतिशत अराजपत्रित कार्मिक अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए कार्मिकों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस राज्य स्तरीय निरीक्षण दल में अनुभागाधिकारी श्री महेन्द्र कुमार सरावता, सहायक अनुभागाधिकारी श्री चेना राम भदाला और दयाराम गुर्जर शामिल रहे।

रायपुर : राज्यपाल डेका ने महाकुंभ के अवसर पर त्रिवेणी संगम में किया स्नान

रायपुर श्रद्धा और आस्था के प्रतीक ‘महाकुंभ‘ के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान कर प्रदेश एवं समस्त देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि सनातन के इस महापर्व के अवसर पर डुबकी लगाना परम सौभाग्य की बात है। ऐसे पुण्य क्षणों का लाभ लेना अत्यंत सुखद एवं मन को शांति प्रदान करने वाला होता है। इस अवसर पर राज्यपाल के परिजन भी उपस्थित थे।

इंदौर-उज्जैन के मध्य बनेगी नई रोड, 29 गांवों से होकर गुजरेगी… सिंहस्थ से पहले होगी तैयार

इंदौर सिंहस्थ 2028 के लिए अहम एमआर 4(MR-4 Road) सड़क का ‘रास्ता’ निकाला जा रहा है। इसमें भागीरथपुरा के 100 से अधिक मकान बाधक हैं। सभी मकान मालिक हैं और सालों से रह रहे हैं। उन्होंने जमीन के बदले जमीन या मुआवजे की मांग की है। इस पर शासन अब निगम की पॉलिसी में बदलाव करने पर मंथन कर रहा है। जिसका पूरा मकान लिया जा रहा है उन्हें प्लॉट या बड़ा फ्लैट दिया जा सकता है। सरवटे बस स्टैंड से एमआर 4 शुरू होता है जो कि भागीरथपुरा(Bhagirathpura) होते हुए एमआर 10 स्थित कुमेड़ी के आइएसबीटी पर खत्म होता है। लवकुश चौराहा से उज्जैन रोड को मिल जाएगा। सिंहस्थ के लिए ये सड़क महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 9 साल पहले सड़क निर्माण आइडीए ने किया था, जिसके बाद बाधाओं को देखते हुए नगर निगम को सौंप दिया। वर्तमान में सड़क भागीरथपुरा में जाकर बॉटलनेक हो गई क्योंकि 100 के करीब मकान है, जिसमें 150 परिवार रहते हैं। ढाई साल पहले नगर निगम ने सभी को नोटिस दिए थे, लेकिन रहवासियों ने मोर्चा खोल दिया। उनका कहना था कि 1936 से बसे हैं और उनके पास रजिस्ट्री हैं। हम मकान देने के लिए तैयार है, लेकिन जमीन के बदले जमीन दी जाए, हमारे सिर पर छत नहीं होगी तो टीडीआर का क्या करेंगे। इसे लेकर कई मोर्चों पर बात रखी गई। निराकरण नहीं होने के चलते अहम सड़क अटक गई। तीन बेडरूम का फ्लैट या प्लॉट पिछले दिनों एमआर सड़कों को लेकर नगरीय प्रशासन व आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक ली थी। इसमें महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुद्दा उठाया। इस पर शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है जिसमें सड़क या अन्य निर्माण में पूरा मकान बाधक होने पर अन्य जगह उपलब्ध कराई जाने की बात है। तीन बेडरूम का लैट दिया जाएगा या शासन से जमीन लेकर प्लॉट पट्टे पर दिया जाएगा। शासन स्तर से पॉलिसी बनाई जा रही है। रास्ता निकालना है बेहद जरूरी गौरतलब है कि वर्तमान में भागीरथपुरा(Bhagirathpura) में 12 फीट चौड़ी सड़क रह गई है जो रेलवे की जमीन है। पिछले सिंहस्थ के पहले रेलवे से कुछ समय के लिए ली गई थी जो अब वापस मांगी जा रही है। ऐसे में रेलवे अपनी जमीन पर कब्जा कर लेगा तो रास्ता बंद हो जाएगा। इसको लेकर रेलवे कई बार लिख चुका है। पीएम आवास के फ्लैट नहीं मंजूर क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने भी महापौर से संपर्क कर रहवासियों का पक्ष रखा। कहना था कि पीएम आवास के सिंगल बेडरूम के लैट रहवासियों को मंजूर नहीं है। उनकी जमीन लेकर हम टीडीआर पॉलिसी के सर्टिफिकेट देंगे, वह भी गलत है। नियम में बदलाव किया जाना चाहिए। 2 बस स्टैंड-3 रेलवे स्टेशन से कनेक्शन यह इंदौर की एक मात्र सड़क है जो दो बस स्टैंड व तीन रेलवे स्टेशन को जोड़ती है। इसके पूरा होने से सरवटे व आइएसबीटी बस स्टैंड का सीधा कनेक्शन होगा तो रेलवे में मुय स्टेशन, नेहरू पार्क रेलवे स्टेशन व लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन कनेक्ट हो जाएगा। एमआर 4 के लिए भागीरथपुरा(Bhagirathpura) के बाधक मकानों को हटाया जाएगा। सड़क में बाधक बन रहे निर्माण को हटाने के एवज में दिए जाने वाले मुआवजे को लेकर निगम की पॉलिसी में बदलाव को लेकर शासन स्तर पर विचार चल रहा है। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर-उज्जैन के बीच बनेगी नई रोड,सिंहस्थ से पहले होगी तैयार सिंहस्थ 2028 के लिए प्रदेश सरकार ने इंदौर के हातोद क्षेत्र से उज्जैन के सिंहस्थ बायपास तक नई सड़क बनाने की घोषणा की है, जो वर्तमान इंदौर-उज्जैन सड़क का वैकल्पिक मार्ग होगी। 1370 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क 48 किमी लंबी होगी और 29 गांवों से गुजरेगी। इसमें 20 गांव इंदौर जिले और नौ गांव उज्जैन जिले के लाभांवित होंगे। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। पितृ पर्वत के पास से नई सड़क बनाई जाएगी इंदौर के हातोद क्षेत्र में पितृ पर्वत के पास से उज्जैन में सिंहस्थ बायपास तक नई सड़क बनाई जाएगी। चार लेन ग्रीन फील्ड सड़क बनाने के लिए 350 हेक्टेयर से अधिक जमीन की आवश्यकता होगी। डीपीआर और लेआउट तैयार होने के बाद सरकार की अधिसूचना के जारी होने पर जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने इंदौर-उज्जैन के बीच बनने वाली नई सड़क की डीपीआर का काम शुरू कर दिया है। सड़क की डीपीआर का काम जारी इस सड़क में 70 प्रतिशत हिस्सा इंदौर और 30 प्रतिशत हिस्सा उज्जैन जिले में आ रहा है। एमपीआरडीसी के अधिकारियों का कहना है कि सड़क की डीपीआर का कार्य जारी है। इसके साथ ही अन्य काम भी किए जा रहे हैं। अगले माह डीपीआर तैयार हो जाएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के दिए निर्देश

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर में गुरूवार की सुबह शिवाय गुप्ता नामक बालक का अपहरण हो गया था। वह अपनी माता के साथ स्कूल जा रहा था। उन्होंने कहा‍कि अपहृत बालक सकुशल मिल गया है और उसकी माता-पिता से बात भी करा दी गई है। बच्चे को जल्द से जल्द माता-पिता के पास ले जाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज सुबह घटना होते ही ग्वालियर पुलिस ने बेहद तत्परतापूर्वक कार्रवाई की। सर्चिंग अभियान चलाया और पुलिस की मुस्तैदी से बच्चा मिल गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर पुलिस की तत्परता की सराहना की और ऐसी घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार कानून व्यवस्था के लिए जानी जाती है। मध्यप्रदेश की धरती पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।  

देवी अहिल्या की नगरी में 17 फरवरी से प्रदेश की मेयर काऊंसिल , मुख्यमंत्री भी होंगे शामिल

इंदौर इंदौर को प्रदेशभर के महापौरों आएंगे। 17 फरवरी को इंदौर में प्रदेश स्तरीय महापौर परिषद का सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्चुअली जुड़ेंगे बतौर मध्यप्रदेश महापौर परिषद के अध्यक्ष होने के नाते पुष्यमित्र भार्गव इस आयोजन की अध्यक्षता करेंगे। दूसरे शहरों के नगरीय निकायों के मेयरों को इंदौर की सैर भी कराई जाएगी। शहर की सफाई व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जाएगी। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, ट्रेंचिंग ग्राउंड, गोबरधन प्लांट की सैर भी कराई जाएगी। ब्रिलियंट कन्वेशन सेंटर में आयोजित होने वाली बैठक में अखिल भारतीय महापौर परिषद की अध्यक्ष माधुरी पटेल ,राज्य मंत्री प्रतिभा बागरी समिलित होंगी।साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी ऑन लाईन आयोजन में सम्मिलित होंगे और मेयरों से चर्चा भी करेंगे। इस एक दिनी सम्मेलन में शहरों के विकास से जुड़े मुद्दों बजट आवंटन, महापौर के अधिकार बढ़ाने संबंधी विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा स्मार्ट सिटी के नियमों में बदलाव को लेकर भी चर्चा होगी। मेयर को मालवा के प्रसिद्ध व्यंजन भी परोसे जाएंगे। इसके अलावा 56 दुकान की सैर भी कराई जाएगी। इससे पहले देवास में प्रदेश के मेयरों का सम्मेलन हुआ था। इंदौर में तत्कालीन मेयर कैलाश विजयवर्गीय और कृष्णमुरारी मोघे के कार्यकाल में अखिल भारतीय महापौर सम्मेलन भी हो चुका है।  

अब तक 31 दिनों में 38 लाख श्रद्धालु महाकुंभ में अदाणी ग्रुप और इस्कॉन द्वारा वितरित महाप्रसाद किया ग्रहण

प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सेवा और आध्यात्मिक तृप्ति के लिए अदाणी ग्रुप और इस्कॉन की पहल सुर्खियों में है। अब तक 31 दिनों में 38 लाख श्रद्धालु महाप्रसाद ग्रहण कर चुके हैं, जिसमें मौनी अमावस्या के दिन महाप्रसाद ग्रहण करने वाले 3.5 लाख श्रद्धालु शामिल हैं। इधर, महाकुंभ परिक्षेत्र में पहुंचने वाले 30 लाख श्रद्धालुओं को गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित ‘आरती संग्रह’ भी भेंट की जा चुकी है। हर बार की तरह इस बार भी महाकुंभ में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और अदाणी ग्रुप तथा इस्कॉन की यह पहल इस ऐतिहासिक आयोजन को और भी खास बना रही है। यह सेवा न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक है, बल्कि समर्पण और निस्वार्थ सेवा की एक मिसाल भी पेश कर रही है। महाकुंभ में अदाणी ग्रुप और इस्कॉन की साझेदारी से महाप्रसाद सेवा चलाई जा रही है, जिसमें हर दिन लगभग एक लाख श्रद्धालुओं को भोजन वितरित किया जा रहा है। इस सेवा में 18,000 से अधिक सफाईकर्मी भी योगदान दे रहे हैं। इस सेवा को संचालित करने के लिए 5,000 से अधिक स्वयंसेवक प्रतिदिन अपनी निस्वार्थ सेवा दे रहे हैं। श्रद्धालु महाप्रसाद की गुणवत्ता और पवित्रता की लगातार प्रशंसा कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर महाप्रसाद की व्यवस्था इतनी सुचारू रूप से की गई है कि किसी भी श्रद्धालु को किसी तरह की असुविधा नहीं हो रही है। अदाणी ग्रुप ने गीता प्रेस के सहयोग से भक्तों को एक करोड़ ‘आरती संग्रह’ की प्रतियां वितरित करने का संकल्प लिया है, जिसमें से अब तक 30 लाख प्रतियां श्रद्धालुओं को भेंट की जा चुकी हैं। यह पहल सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और आध्यात्मिक साहित्य के प्रसार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। महाकुंभ में संतों के प्रवचन, रामकथा, श्रीमद्भागवत कथा और अन्य धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सेवा कार्यों को भी विशेष महत्व दिया गया है। अदाणी ग्रुप द्वारा की गई महाप्रसाद सेवा और ‘आरती संग्रह’ वितरण ने श्रद्धालुओं के अनुभव को और भी दिव्य बना दिया है। इस्कॉन द्वारा गीता सार की पांच लाख प्रतियां श्रद्धालुओं के बीच बांटने की भी योजना बनाई गई है, जिसमें अब तक 3 लाख प्रतियां वितरित की जा चुकी हैं। इसके अलावा, दिव्यांग, बुजुर्ग और छोटे बच्चों के साथ आने वाली माताओं के लिए गोल्फ कार्ट जैसी विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।  

रीवा राजमार्ग पर महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से प्रयागराज जाने वाले यात्रियों का दबाव

 रीवा सड़क मार्ग से प्रयागराज जाने के लिए सबसे ज्यादा ट्रैफिक रीवा की तरफ के राष्ट्रीय राजमार्ग पर मिल रहा है। रीवा से प्रयागराज की दूरी 133 किलोमीटर है,लेकिन उसे तय करने में पांच से सात घंटे लग रहे है। वाहनों की एंट्री तो शुरू हो गई, लेकिन वाहनों को स्पीड ज्यादा नहीं मिल रही है। रीवा वाले रुट पर महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से प्रयागराज जाने वाले यात्रियों का दबाव है। प्रयाग राज जाने वाले कई यात्री ट्रेन से रीवा आ रहे, फिर यहां से टैक्सी किराए पर लेकर प्रयागराज जा रहे है। कैब टैक्सी छह से आठ हजार रुपये में प्रयागराज की ट्रीप करा रही है, लेकिन ट्रैफिक जाम होने पर यात्रियों को ज्यादा कीमत भी चुकाना पड़ रही है। ट्रेवल एजेंसी संचालक फरीद खान का कहना है कि शाम से ट्रैफिक तो बहाल हो गया, लेकिन बीच-बीच में ट्रैफिक जाम मिल रहा है। 130 किलोमीटर की दूरी पांच घंटे में तय हो रही है। इतना ही समय प्रयागराज से आने में लग रहा है। प्रयागराज बाइपास से यदि वाहन भीतर ले जाते है तो समय और ज्यादा लगता है। इस कारण यात्रियों को हम बाइपास पर उतार कर इंतजार करते है। कई लोग ट्रैफिक से बचने के लिए चित्रकूट के घने जंगल वाले सिंगल रोड को भी अपना रहे है। सतना, मणिकपुर से मिल रही मेला स्पेशल ट्रेन प्रयागराज तक जाने के लिए रेल विभाग ने 300 से ज्यादा मेला स्पेशल ट्रेन चलाई है। मध्य प्रदेश के यात्रियों को सतना, झांसी, कटनी से प्रयागराज तक के लिए रेल गाड़ी मिल रही है, हालांकि ट्रेनों में भीड़ भी मिल रही है, लेकिन कोशिशों के बाद ट्रेनों में यात्रियों को जगह भी मिल रही है।  

नरवाई में आग लगाने के विरूद्ध पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि दण्ड का प्रावधान निर्धारित किया गया : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि पर्यावरण सुरक्षा को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के निर्देशों के अंतर्गत प्रदेश में फसलों विशेषतः धान एवं गेंहूँ की फसल कटाई उपरांत फसल अवशेषों (नरवाई) को खेतों में जलाये जाने को प्रतिबंधित किया गया है। इस संबंध में जारी निर्देशों के उल्लंघन किये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरण विभाग द्वारा नरवाई में आग लगाने के विरूद्ध पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि दण्ड का प्रावधान निर्धारित किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक व्यवस्था बनाकर बेहतर पर्यावरण जन स्वास्थ्य एवं जीव-जन्तुओं की जीवन सुरक्षा प्राथमिकता से करना सुनिश्चित करें। ऐसा कोई व्यक्ति/निकाय/ कृषक जिसके पास 2 एकड़ तक की भूमि है तो उसको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ तक की भूमि है तो 5 हजार रुपये और 5 एकड़ से अधिक भूमि है तो उसको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 15 हजार रुपये प्रति घटना के मान से आर्थिक दण्ड भरना होगा। दण्ड वसूलने के लिये संबंधित व्यक्ति/निकाय/कृषक जिनके द्वारा नरवाई जलाकर पर्यावरण को क्षति पहुँचाई गई है, को उप संचालक कृषि सूचना-पत्र जारी करेंगे। सूचना-पत्र को तामिल कराने की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी की होगी। संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी इसका पर्यवेक्षण करेंगे एवं तामिल किए गए सूचना पत्रों की सूची अनुविभागीय कृषि अधिकारी उप संचालक कृषि को प्रस्तुत करेंगे। कृषि विस्तार अधिकारी, संबंधित ग्राम के हल्का पटवारी एवं पंचायत सचिव के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित थाने से पुलिस बल भी साथ में लिया जा सकता है। आदेश में कहा गया है कि नरवाई जलाने से किसानों को रोकने की जिम्मेदारी कृषि विभाग की है। भारत सरकार की संस्था आईसीएआर-क्रीम्स द्वारा देश में नरवाई में आग लगाने की मॉनिटरिंग सैटेलाईट के माध्यम से की जा रही है।  

किसान कल्याण योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना किसानों के लिए वरदान है। यह योजना प्रदेश के किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। साथ ही कृषकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से भी 6 हजार रूपये प्रति वर्ष की सहायता मिल रही है। इस प्रकार किसानों को साल में 12 हजार रुपए प्राप्त हो रहे हैं। विगत 10 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा देवास में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 की तृतीय किस्त और कुल 11वीं किस्त का सिंगल क्लिक के माध्यम से भुगतान किया गया। योजना के तहत 81 लाख से अधिक किसानों को लाभ प्राप्त हुआ। किसानों के बैंक खातों में 1624 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई। योजना का लाभ पाकर प्रदेश के किसानों में खुशी की लहर है। छिंदवाड़ा जिले के किसान कमल धुर्वे इसका एक उदाहरण हैं। पहले आर्थिक परेशानियों के चलते उन्हें खेती के काम में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया जिसके बाद पहली किस्त के 2 हजार रुपये उनके खाते में आ गए। कमल धुर्वे कहते हैं कि यह आर्थिक सहायता छोटे किसानों के लिए बड़ा सहारा है। अब वे बिना चिंता के कृषि कार्यों में लग सकते हैं और आदानों की व्यवस्था सुगमता से कर पा रहे हैं। ग्राम गांगीवाड़ा के किसान दिनेश परतेती, ग्राम चारगांव के सेवकराम चौरिया, ग्राम भानादेही के लालसिंह अहके, ग्राम मानेगांव के संदीप सूर्यवंशी, पंकज करपे और राजेश कुमार करपे जैसे किसान भी इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। इन किसानों का कहना है कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना ने उन्हें आर्थिक संबल दिया है, जिससे वे खेती में नए प्रयोग कर रहे हैं और अपनी आय में सुधार कर रहे हैं। यह योजना न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि उन्हें खेती के लिए प्रोत्साहित कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रदेश के लाखों किसानों की उम्मीदों को पंख देने वाली यह पहल आने वाले समय में कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाने का जरिया बन रही है।  

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार इंवेस्टमेंट पॉलिसी में बदलाव कर रही, 15 नई नीतियां आएंगी

भोपाल  मध्य प्रदेश में आगामी 24 और 25 फरवरी को राजधानी में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है. इसमें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार इंवेस्टमेंट पॉलिसी में बदलाव कर रही है. बीते 11 फरवरी को आयोजित कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश सरकार ने 5 नीतियों में बदलाव किया है. अब 18 फरवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में 15 और नीतियां आएंगी. सरकार को भरोसा है, कि इन नीतियों में बदलाव से मध्यप्रदेश में निवेश को गति मिलेगी और इसका फायदा प्रदेश की जीडीपी को भी मिलेगा. 2030 में 6 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है जीडीपी अधिकारियों ने बताया कि निवेश की नीतियों में बदलाव करने से मध्य प्रदेश में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. सरकार और जनता को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इसका फायदा मिलेगा. मध्य प्रदेश की वर्तमान जीडीपी 2.9 लाख करोड़ रूपये है. अब सरकार जीआईएस और निवेश नीति में बदलाव कर अगले 5 सालों में इसे 100 प्रतिशत से अधिक तक बढ़ाया जा सकता है. साल 2030 तक मध्य प्रदेश की जीडीपी लगभग 6 लाख करोड़ रूपये को पार कर सकती है. 5 साल में 20 लाख नए रोजगार जीआईएस से पहले निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करने, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने समेत अन्य मुद्दों पर विचार चल रहा है. अधिकारियों का दावा है कि आने वाले 5 साल में 20 लाख नए रोजगार का सृजन होगा. इसके अंतर्गत वृहद और मेगा स्तर की औद्योगिक इकाई को निवेश प्रोत्साहन सहायता, सामान्य सहायता और अतिरिक्त सहायता के प्रावधान शामिल किए गए हैं. निवेशकों को मिलेंगी ये सुविधाएं टैक्सटाइल नीति के अंतर्गत संयंत्र और मशीनरी के लिए गए टर्मलोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान सुविधा 5 वर्षों के लिए अधिकतम, 50 करोड़ रूपये प्रदाय की जाएगी. अपेरल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना पर 25 प्रतिशत सहायता अधिकतम 50 लाख रूपये वित्तीय सहायता प्रदाय की जाएगी. साथ ही 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाईयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टमाइज्ड पैकेज के लिए पात्र होंगी. इसी प्रकार नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण नीति में विकास शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी. गुणवत्ता प्रमाणन लागत का 50 प्रतिशत या 1 लाख रूपये जो भी कम हो, की प्रतिपूर्ति की जाएगी. 250 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाइज्ड पैकज के लिए पात्र होंगे. रोजगार सृजन के लिए भी सरकार देगी प्रोत्साहन परिधान, फुटवियर, खिलौने और सहायक उपकरण नीति में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार प्रति कर्मचारी 5 हजार रूपये प्रति माह 5 वर्षों तक नियोक्ता को दिया जाएगा. प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए 13 हजार रूपये प्रति नए कर्मचारी के लिए 5 वर्षों तक प्रदान किया जाएगा. इसी प्रकार टर्मलोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान, अधिकतम 50 करोड़ रूपये दिया जाएगा. विकास शुल्क में 25 प्रतिशत की रियायत देने के साथ स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क सहायता में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. विद्युत टैरिफ रियायत के रूप में 1 रूपये प्रति यूनिट, अधिकतम 5 वर्षों के लिए प्रदान की जाएगी.

राज्य सरकार ने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी

भोपाल  राज्य सरकार मध्य प्रदेश के सरकारी अधिकारियों के गाड़ियों के शौक पर नकेल कसने जा रही है. प्रदेश में कई अधिकारियों की सेवा में एक से ज्यादा गाड़ियां लगी हुई हैं. वहीं कई अधिकारियों द्वारा नियमों से बाहर जाकर लग्जरी गाड़ियांं में सफर किया जा रहा है. इसको लेकर मिली शिकायतों के बाद अब राज्य सरकार ने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है. तय किया गया है कि सरकारी अधिकारी अब एक से ज्यादा गाड़ी उपयोग नहीं कर सकेंगे. साथ ही राज्य शासन अधिकारियों की गाड़ियों का रिकॉर्ड भी बुला रही है. मनमर्जी को लेकर बुलाई प्रदेश भर से रिपोर्ट प्रदेश में सरकारी अधिकारियों के लिए गाड़ियों की पात्रता के संबंध में पहले से नियम तय हैं. नियम है कि 7600 ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी साढ़े 6 लाख रुपए कीमत तक के टैक्सी कोटे के वाहन उपयोग कर सकते हैं. इसी तरह 8700 ग्रेड पे के अधिकारी 8 लाख रुपए कीमत तक के वाहन और 9 हजार या उससे ज्यादा ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी 10 लाख रुपए कीमत तक के वाहन टैक्सी कोटे में ले सकते हैं. लेकिन इन नियमों का जमकर उल्लंघन किया जा रहा है. सरकारी अधिकारी एक ही गाड़ी रख सकेंगे राज्य सरकार को इसको लेकर कई शिकायतें मिल चुकी हैं. जिसमें कहा गया है कि अधिकारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर लग्जरी वाहनों का उपयोग किया जा रहा है. उधर राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वाहनों में नियमों का सख्ती से पालन किया जाए. निर्माण एजेंसियों को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें सबसे ज्यादा शिकायतें निर्माण एजेंसियों पीडब्ल्यूडी, नगरीय निकाय, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास को लेकर मिली हैं. इसको देखते हुए संभाग स्तर तक से गाड़ियों के उपयोग और उनको हुए भुगतान की जानकारी मंगवाई है. जल संसाधन विभाग ने गाड़ियों के उपयोग को लेकर गाइडलाइन जारी की है. जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा के मुताबिक, ”विभाग के सभी अधिकारियों को गाड़ियों को लेकर नई निर्देश दिए गए हैं. अब प्रावधान किया गया है कि टैक्सी कोटे की गाड़ियों का मालिक प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों का रिश्तेदार नहीं होना चाहिए. यदि ऐसा पाया गया तो भुगतान होने वाली राशि से दोगुनी राशि वसूल की जाएगी. साथ ही किराए की गाड़ी सरकारी ड्राइवर द्वारा नहीं चलाई जाएगी.”

महाकुम्भ में अब विश्व रिकॉर्ड बनाए जाने की तैयारी शुरू, 15 हजार सफाई कर्मचारी एक साथ 10 किमी में सफाई करेंगे

प्रयागराज  माघी पूर्णिमा स्नान के साथ अब विश्व रिकॉर्ड बनाए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी यहां पहुंच चुकी है। मेला प्रशासन भी इसके लिए कमर कसकर तैयार है। विश्व की अमूर्त धरोहर महाकुंभ में अभी तक 48 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा समागम पहले ही बन चुका है। मेला प्रशासन ने अब पहले से घोषित चार विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। शुक्रवार से इसकी शुरुआत होगी। पहले दिन 14 फरवरी को संगम क्षेत्र में 15 हजार सफाई कर्मचारी एक साथ गंगा तट पर 10 किमी लंबाई में सफाई करेंगे। कुंभ-2019 में 10 हजार सफाई कर्मचारियों ने एक साथ झाड़ू लगाकर रिकॉर्ड बनाया था। अपने ही इस रिकॉर्ड को तोड़कर मील का नया पत्थर गढ़ा जाना है। इसके अगले दिन 15 फरवरी को 300 कर्मचारी नदी में उतरकर सफाई अभियान को रफ्तार देंगे। रिकॉर्ड की शृंखला में ही 16 फरवरी को त्रिवेणी मार्ग पर 1000 ई-रिक्शा चलाने का रिकॉर्ड भी बनेगा। 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में अब तक 48 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं. यह अपने आप में सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. महाकुंभ 2025 को विश्व की अमूर्त धरोहर घोषित किया गया है. अब यह दुनिया का सबसे बड़ा समागम बन चुका है. अब तक किसी भी धर्म में 31 दिनों में 48 करोड़ श्रद्धालु कहीं नहीं जुटे हैं. यह अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है. इसी के साथ अगले 4 दिनों में 4 और भी विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहे हैं. रिकॉर्ड एक, 15 हजार कर्मी चलाएंगे सफाई अभियान : 14 फरवरी को 15000 कर्मचारी गंगा घाट पर 10 किलोमीटर तक सफाई अभियान चलाएंगे. गंगा घाटों पर कर्मियों की तैनाती की गई है. कुंभ 2019 में भी 10 हजार सफाई कर्मचारियों ने एक साथ झाड़ू लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था. अब इस रिकॉर्ड को तोड़कर प्रयागराज मेला विकास प्राधिकरण नया इतिहास रचेगा. रिकॉर्ड दो, नदी की जलधारा में सफाई करेंगे 300 कर्मी : 15 फरवरी को 300 कर्मचारी नदी में उतरकर सफाई अभियान चलाएंगे. यह भी नया कीर्तिमान होगा. नदी की जलधारा में एक साथ सफाई कर्मी सफाई अभियान के लिए उतरेंगे. रिकॉर्ड तीन, त्रिवेणी मार्ग पर चलेंगे 1001 ई-रिक्शा : 16 फरवरी को त्रिवेणी मार्ग पर 1001 ई-रिक्शा चलाकर भी रिकॉर्ड बनाया जाएगा. रिकॉर्ड चार, 10 हजार लोग देंगे अपने हाथों की छाप : मेला अधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि 17 फरवरी को 10000 लोगों के हाथ के छाप ( हैंड प्रिंट) लेने का भी विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा. चारों रिकॉर्ड बनाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं. अगले 4 दिनों में यह सभी रिकॉर्ड बनेंगे. लाखों श्रद्धालु इसके साक्षी बनेंगे. साल 2019 में लगे अर्ध कुंभ में भी कई विश्व रिकॉर्ड बने थे. एक स्थान पर सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं को एकत्र करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था. इसके अलावा सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान और सार्वजनिक स्थान पर सबसे बड़ी चित्रकला प्रतियोगिता को भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला था. 2019 में भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की 3 सदस्यीय टीम ने संगम नगरी का दौरा किया था. 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच 4 दिन तक आयोजित की गई चित्रकला प्रतियोगिता में काफी संख्या में लोग शामिल हुए थे. कुंभ के दौरान 7000 से अधिक विद्यार्थियों ने अपने एक हाथ की छाप लगाई थी. इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान दिया गया था. इससे पहले यह रिकॉर्ड सियोल में 4675 लोगों ने बनाया था.  

लोक निर्माण विभाग अगले पंद्रह दिन में 200 करोड़ रुपए के काम करेगा, वर्कऑर्डर तैयार किए जा रहे

भोपाल शहर में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट और वित्तवर्ष की अंतिम तिमाही ने लोक निर्माण विभाग के बजट को खर्च करने की रफ्तार बढ़ा दी है। अगले पंद्रह दिन में विभाग 200 करोड़ रुपए के काम देगा। इनके वर्कऑर्डर तैयार किए जा रहे हैं।  शहर की सड़कों के चौड़ीकरण और चौराहा विकास के लिए ये राशि खर्च की जाएगी। गौरतलब है कि करीब 65 करोड़ रुपए जीआइएस के नाम पर पहले ही सड़कें पर पीडब्ल्यूडी खर्च कर रहा है। 126 छोटी-बड़ी सड़कों पर चल रहा काम पीडब्ल्यूडी की शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में इस समय 126 छोटी-बड़ी सड़कों पर काम चल रहा है। इनमें से 32 सड़कों को निर्माण के दौरान ही चौड़ीकरण का काम शुरू किया जाएगा। 17 सड़कों ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी है, जबकि 15 सड़कों शहरी क्षेत्र की है। मौजूदा रॉयल मार्केट से करोद फाटक तक बन रही सड़क में भी एक अतिरिक्त लेन इस बजट से जोड़ी जाएंगी। 22 चौराहे होंगे विकसित विभाग बावड़िया से लेकर गुलमोहर, शाहपुरा, अरेरा कॉलोनी, करोद, बैरागढ़, नीलबड़- रातीबढ़- कलखेड़ा तक नए चौराहा विकसित करेगा। यहां बीते डेढ़ साल के दौरान बनी सड़कों के चौराहे बनाने बाकी हैं। अभी कोलार सिक्सलेन के चौराहा पर ही काम बाकी है। ऐसे में इन्हें विकसित करने व सौंदर्यीकरण पर बजट खर्च होगा। – निवेशकों के स्वागत पर 125 करोड़ खर्च होंगे ठ्ठ नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के पास 12 करोड़ का है बजट – तीन की करोड़ की लागत से दीवारों पर बनेंगे रंग-बिरंगे चित्र – लाइटिंग पर करीब पौने 4 करोड़ रुपए होंगे खर्च – 92 लाख की लागत से लैंप पोस्ट और पार्कों में लाइटिंग – पूरे भोपाल शहर में 1400 कमरे पहले ही हो गए बुक – मेहमानों के लिए इंदौर से बुलाए गए खास खानसामे – भोपाल पुलिस के सभी जवानों की छुट्टियां हुई रह – भोपाल के चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे करीब 3 हजार जवान सीएम के सचिव ने लिया तैयारियों का जायजा भोपाल. ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) के आयोजन से संबंधित तैयारियों का मुख्यमंत्री के सचिव सिबि चक्रवर्ती, संभाग आयुक्त संजीव ङ्क्षसह, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम ङ्क्षसह और निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायण ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं शहर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेट हेंगर से लेकर राजा भोज विमानतल तक के मार्गों, सेंट्रल वर्ज, साइड वर्ज, फुटपाथ, पार्क और फाउंटेन आदि के सौंदर्यीकरण कार्यों का अवलोकन किया। इस मौके पर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को तैयारियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई। बजट के अनुसार काम पूरे कर रहे जीआइएस के तहत हम विभाग की सड़कों का सुधार कर रहे हैं। अभी कुछ काम दिए जा रहे हैं। हम तय बजट के अनुसार काम पूरा कर रहे हैं। -संजय मस्के, सीई पीडब्ल्यूडी भोपाल केपिटल जोन

फरवरी के अंत तक इंदौर में शुरू होगी मेट्रो रेल, 5 स्टेशन बनकर हुए कम्प्लीट

इंदौर  इंदौर मेट्रो के सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से का निरीक्षण कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) द्वारा बुधवार को पूरा किया गया। इस दौरान, टीम ने पहले दो दिनों में पांच स्टेशन का निरीक्षण किया और फिर बुधवार को दस्तावेजों की जांच की। निरीक्षण कार्य समाप्त होने के बाद, सीएमआरएस जनक कुमार गर्ग का अंतिम दौरा होना बाकी है, जो निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर इंदौर आएंगे। सुझावों के आधार पर सुधार की तैयारी सीएमआरएस द्वारा सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर के निरीक्षण के बाद कुछ सुधार के सुझाव दिए गए हैं। मेट्रो प्रबंधन इन सुझावों के आधार पर स्ट्रक्चर में आवश्यक बदलाव करने की योजना बना रहा है, ताकि दौरे से पहले सभी आवश्यकताएं पूरी हो सकें। कमर्शियल रन पर फोकस अब मेट्रो प्रबंधन का मुख्य ध्यान इस माह के अंत तक कमर्शियल रन शुरू करने और यात्रियों के सफर की शुरुआत पर है। इस दिशा में, मेट्रो के एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने इंदौर में अधिकारियों के साथ बैठक की और कमर्शियल रन से जुड़ी तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए। स्टेशन और ट्रायल की स्थिति सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर पर पांच मेट्रो स्टेशन पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जहां पर साइनेज, कुर्सियां, टिकट काउंटर और अनाउंसमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं स्थापित कर दी गई हैं। वहीं, मेट्रो कोच का ट्रायल भी वायडक्ट और प्लेटफार्म पर लगातार चल रहा है, और कमर्शियल रन की तैयारी के लिए स्टाफ की नियुक्ति भी पूरी कर ली गई है। अब कमर्शियल रन पर पूरा जोर कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी द्वारा मेट्रो कोच, डिपो व 5.9 किलोमीटर के सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर व उस पर बने पांच स्टेशन का निरीक्षण कार्य पूरा कर लिया है। ऐसे में मेट्रो प्रबंधन का अब पूरा जोर इस माह के अंत तक मेट्रो कमर्शियल रन शुरू कर उसमें यात्रियों का सफर शुरू करवाने पर है। बुधवार को मेट्रो के एमडी एस कृष्ण चैतन्य इंदौर आए और उन्होंने मेट्रो के अधिकारियों से चर्चा कर कमर्शियल रन संबंधित तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए। स्टेशन पर दिखने लगी चमक, मेट्रो कोच का चल रहा ट्रायल सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर पर बने पांच मेट्रो स्टेशन पूरी तरह तैयार हो चुके है। स्टेशन पर साइनेज, यात्रियों के लिए कुर्सियां, टिकट काउंटर, अनाउंसमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं भी शुरू हो चुकी है। वायडक्ट व प्लेटफार्म पर मेट्रो कोच को चलाकर निरंतर ट्रायल भी जारी है। प्लेटफार्म पर टिकट काउंटर, विद्युत कार्य व कमर्शियल रन संबंधित स्टाफ की नियुक्ति भी की जा चुकी है।  

14 फरवरी से सूर्य और बुध बदलेंगे चाल, इन राशि वालों की चमकेगी फूटी किस्मत

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धि से भरा रहेगा। नौकरी चाकरी में अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। परिवार का माहौल खुशनुमा रहेगा। पिता का सहयोग मिलेगा। किसी भी काम को धैर्य से करें। रिस्क से बचें, वरना आर्थिक नुकसान हो सकता है। आर्थिक व कारोबार की स्थिति अच्छी रहने वाली है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन सुखद रहेगा। लव लाइफ पहले से बेहतर होगी। खर्चों पर नियंत्रण रखें। इनकम के कुछ नए सोर्स सामने आ सकते हैं। आय व व्यय के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। धर्म-कर्म में हिस्सा लेंगे। व्यावसायिक स्थिति सुदृढ़ होगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन लाभकारी रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। मेहनत रंग लाएगी। उच्चाधिकारियों के सहयोग से आपको किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। संतान की सेहत पर नजर रखें। सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी, जिसका आपको फायदा होगा। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए एक शुभ दिन का निर्माण हो रहा है। मन में प्रसन्नता का भाव रहेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। भाई-बहन का सहयोग मिलेगा। आर्थिक लाभ होगा। व्यापार में विस्तार के योग बन रहे हैं। अपनों का साथ मिलेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। सिंह राशि- सिंह राशि वालों की आज उस व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जिससे आप काफी समय से मिलना चाहते थे। शारीरिक परेशानियां दूर होंगी। जीवनसाथी के साथ मतभेद सुलझा सकते हैं। आर्थिक रूप से स्थिति सामान्य रहेगी। बचत पर जोर देना आपके लिए अच्छा है। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज भाग्यवर्धक दिन का निर्माण हो रहा है। भौतिक सुख-संपदा में वृद्धि होगी। विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों को सफलता मिल सकती है। खर्चों पर लगाम लगाएं। आज आप धन भी दान कर सकते हैं। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए आज पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। मानसिक तनाव दूर होगा। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। किसी प्रिय व्यक्ति से मुलाकात के योग हैं। व्यापार में विस्तार होने से मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक रूप से स्थिति अच्छी रहेगी। कार्यस्थल पर उन्नति मिल सकती है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को आज भाग्य के भरोसे किसी भी काम को नहीं करना चाहिए। संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद हल हो सकता है। अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। संतान की तरक्की के योग हैं। आज धर्म-कर्म में आपकी रुचि बढ़ेगी। धनु राशि- धनु राशि वालों को आज किसी सुखद समाचार की प्राप्ति हो सकती है। अटके हुए कार्य पूर्ण होंगे। यात्रा का योग है। लव लाइफ बेहतर होगी। वाहन व सेहत पर खर्च करने की नौबत आ सकती है, इसलिए अपने बजट पर नजर रखें। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। मकर राशि- मकर राशि वालों को आज कोई महंगी वस्तु उपहार में मिल सकती है। भाई-बहन को आर्थिक मदद करनी पड़ सकती है। कुछ जातकों को विदेश से नौकरी के अच्छे प्रस्ताव मिल सकते हैं। लव लाइफ अच्छी रहेगी। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। व्यापार में अच्छी कमाई के संकेत हैं। कार्यस्थल पर अच्छी स्थिति रहेगी। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों को आज सरकारी तंत्र का पूरा लाभ मिलेगा। राजनीतिक लाभ भी मिलेगा। आपके साथ काम करने वाले आपकी तारीफ करेंगे। किसी प्रोजेक्ट में नई उपलब्धि प्राप्त करेंगे। उच्चाधिकारी आपके काम से प्रसन्न होकर आपको पुरस्कृत भी करेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापारिक रूप से आप बेहतर स्थिति में आएंगे। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज कार्यस्थल पर आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। सामाजिक रूप से आपका कद बढ़ेगा। आप अपनी वाणी से लोगों को आकर्षित करेंगे। परिवार के साथ अच्छी शाम बिताएंगे। जीवनसाथी के साथ व स्वास्थ्य पर नजर रखें, बाकी स्थिति अच्छी दिख रही है। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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