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प्रदेश सरकार ने रिजर्व बैंक के मुंबई कार्यालय के माध्यम से बाजार से फिर छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया

भोपाल प्रदेश सरकार ने 15 दिनों में दूसरी बार छह हजार करोड़ का कर्ज लिया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) से पहले राज्य सरकार ने 18 फरवरी को ही छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। अब मंगलवार को रिजर्व बैंक के मुंबई कार्यालय के माध्यम से बाजार से फिर छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार कुल 41 हजार करोड़ रुपये का कर्ज बाजार से ले चुकी है। नया छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज मिलाकर यह राशि 47 हजार करोड़ रुपये हो जाएगी। राज्य का बजट 3.65 लाख करोड़ रुपये है लेकिन राज्य पर कर्ज का कुल भार इस समय चार लाख 22 हजार करोड़ रुपये पहुंच गया है। नया कर्ज उठाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी आर्थिक स्थिति अच्छी बताई है। मुफ्तखोरी की योजनाओं को पूरा करने में जा रहा कर्ज का एक बड़ा हिस्सा वर्तमान वित्त वर्ष में राज्य सरकार अगस्त 2024 से अमूमन हर माह नियमित रूप से बाजार से कर्ज उठा रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक गतिविधियों और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए कर्ज लिया जा रहा है। यह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम में निर्धारित सीमा के भीतर है। सरकार राज्य सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में तीन प्रतिशत तक कर्ज ले सकती है। आधा प्रतिशत और कर्ज बिजली सहित अन्य क्षेत्रों में अधोसंरचना सुधार के काम करने पर लिया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज का एक बड़ा हिस्सा मुफ्त की योजनाओं को पूरा करने में ही चला जाता है। वर्ष 2024-25 में सरकार 65 हजार करोड़ रुपये तक कर्ज ले सकती है। वित्तीय वर्ष 24-25 में लिया कर्ज वर्ष- कर्ज (राशि करोड़ में) 06 अगस्त 2024- 5,000 27 अगस्त 2024- 5,000 24 सितंबर 2024- 5,000 08 अक्टूबर 2024-5,000 26 नवंबर 2024 – 5,000 24 दिसंबर 2024 -5,000 31 दिसंबर 2024 – 5,000 18 फरवरी 2025 -6,0000 4 मार्च 2025- 6,000 कुल – 47 हजार करोड़ रुपये

महिला दिवस से पहले महिलाओं के खाते में सीधे तीन हजार रुपये डाले जाएंगे: महाराष्ट्र सरकार

मुंबई 8 मार्च विश्व महिला दिवस से पहले महिलाओं को सरकार बड़ा तोहफा देने जा रही हैं. महाराष्ट्र सरकार की तरफ से शुरू की गई लाड़की बहिन योजना की दो महीनों की किस्त एक साथ महिलाओं के खाते में डाली जाएगी. इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जाते हैं, यानी महिला दिवस से पहले महिलाओं के खाते में सीधे तीन हजार रुपये डाले जाएंगे.   महाराष्ट्र सरकार की तरफ से बजट सत्र के दौरान एक साथ फरवरी और मार्च की किस्त जारी करने का ऐलान किया गया. महाराष्ट्र सरकार में मंत्री अदिती तटकरे ने बताया है कि लाडकी बहिन योजना की दो महीने की किस्त महिला दिवस के मौके पर जारी की जाएगी, जो उनके लिए एक बड़े तोहफे की तरह होगा. महाराष्ट्र के अलावा झारखंड में मंईयां सम्मान योजना की किस्त भी इसी दिन जारी हो सकती है. वहीं दिल्ली में बीजेपी सरकार ने ऐलान किया है कि 8 मार्च से महिला समृद्धि योजना की शुरुआत होगी, जिसके तहत दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये मिलेंगे. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भी महतारी वंदन योजना की राशि महिला दिवस के अवसर पर जारी की जाएगी. बता दें कि महाराष्ट्र सरकार की महत्वकाक्षी योजना लाड़की बहिन योजना से नौ लाख महिलाएं बाहर हो गई हैं. योजना के तहत कई ऐसे आवेदन भी पाए गए हैं, जो फर्जी हैं. ऐसे में कई महिलाओं के नाम भी काटे गए हैं. अनियमितता की जांच के दौरान यह सामने आया था कि कुछ लोगों के नाम पर कई खाते थे. इसके अलावा कुछ पुरुष भी इस योजना का लाभ ले रहे थे. अब उनके नाम योजना से हटा दिए गए हैं. वहीं जिन महिलाओं ने फर्जी तरीके से पैसे लिए हैं उनसे वसूली की तैयारी भी की जा रही है.

मध्य प्रदेश में 5 नगर पालिकाओं को जल्द ही नगर निगम के रूप में उन्नयन किया जाएगा, इसकी प्रक्रिया तेज

भोपाल मध्य प्रदेश में 5 नगर पालिकाओं को जल्द ही नगर निगम के रूप में उन्नयन किया जाएगा. इसकी प्रक्रिया तेज हो गई है. विदिशा, गुना, शिवपुरी, छतरपुर और सिवनी नगर पालिका को नगर निगम बनाने के लिए स्थानीय कलेक्टरों ने शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया है. इनके प्रस्ताव के आधार पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने पांचों नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है. मोहन सरकार की कोशिश है कि साल 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव से पहले वे पांचों नगर निगम अस्तित्व में आ जाएं. जिससे आगामी निकाय चुनाव में यहां के मतदाता महापौर को चुन सकें. विधानसभा चुनाव से पहले हो चुकी है घोषणा बता दें कि विदिशा, गुना, शिवपुरी, छतरपुर और सिवनी नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है. विधानसभा चुनाव से पहले इन नगर पालिका को नगर निगम बनाने की घोषणा पहले ही हो चुकी है. अब सरकार इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए पांचों नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की तैयारी कर ली है. अधिकारियों ने बताया कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने संबंधित नगर पालिकाओं के सीएमओ, नगर पालिकाओं से संबंधित जिलों के जिला पंचायत सीईओ समेत अन्य अधिकारियों के साथ भोपाल में बैठक की थी. बैठक में नगर पालिका को नगर निगम बनाने के संबंध में एक्शन प्लान पर चर्चा हुई है. भिंड का नोटिफिकेशन भी हो चुका जारी बता दें कि भिंड को नगर निगम घोषित करने संबंधी नोटिफिकेशन 2 अक्टूबर, 2023 को जारी हो चुका है, लेकिन इसे अस्तित्व में आने में 2 साल का इंतजार करना पड़ेगा. नगर पालिका अधिनियम के मुताबिक ग्राम पंचायत को शहरी क्षेत्र में तब तक शामिल नहीं किया जा सकता, जब तक उनका कार्यकाल पूरा न हो जाए. प्रदेश में वर्तमान में 16 नगर निगम हैं. भिंड और 5 नए नगर निगम बनने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 22 हो जाएगी.     इस तरह नगर पालिका को मिलता है नगर निगम का दर्जा नगर पालिका को नगर निगम बनाने के लिए कलेक्टर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजते हैं. इसकी मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम का दर्जा देने की की प्रक्रिया शुरू होती है. सबसे पहले 3 लाख की आबादी के मापदंड को पूरा करने के लिए नगर निगम के क्षेत्र का विस्तार किया जाता है. इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में संकल्प पारित कराया जाता है कि वे नगर निगम में शामिल होने के लिए तैयार हैं. इसके बाद जिला प्रशासन दावे-आपत्तियां बुलाता है. कलेक्टर द्वारा नया प्रस्ताव बनाकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग को भेजा जाता है. नगरीय प्रशासन की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए और वहां से इसे राज्यपाल की अनुमति के लिए भेजा जाता है. राज्यपाल की अनुमति के बाद संबंधित नगर पालिका को नगर निगम घोषित करने का नोटिफिकेशन जारी होता है.

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब तक 4.26 करोड़ महिलाएं रजिस्ट्रेशन करा चुकी

नईदिल्ली गर्भवती महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से बहुत ही अहम योजना चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत महिलाओं के खाते में पैसा भेजकर उनके पोषण व देखभाल में मदद देने की कोशिश की गई है। अब तक 4.26 करोड़ से ज्यादा महिलाएं इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुकी हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 3.76 करोड़ महिलाओं के खाते में 17 हजार करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। अगर आप या आपकी जान-पहचान में कोई मां बनने वाली हैं, तो वह इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। PMMVY योजना के लिए कैसे आवेदन करें? यह योजना क्या है, कितना पैसा खाते में आएगा? आइए इस लेख में जानते हैं… प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) क्या है? प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक मातृत्व लाभ योजना है। 1 जनवरी, 2017 को केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय द्वारा इसे लॉन्च किया गया। यह योजना गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक मदद देने के लिए शुरू की गई, ताकि उन्हें उचित पोषण और स्वास्थ्य देखभाल मिल सके। PMMVY योजना का उद्देश्य क्या है? इस योजना का उद्देश्य गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक मदद देकर मां और शिशु के स्वास्थ्य में सुधार करना है। इसके अलावा महिलाओं को उचित आहार और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक कर देश में कुपोषण की दर को कम करना है। मेहनत-मजदूरी कर घर चलाने में मदद करने वाली महिलाओं को प्रसव के दौरान उचित आराम मिल सके और उन्हें पैसों की चिंता न करना पड़े, इसकी भी कोशिश इस योजना के जरिए की गई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के फायदे क्या हैं? प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने पर महिलाओं को 5000 रुपये दिए जाते हैं। यह पैसा दो किस्तों में आता है। अगर दूसरी बार गर्भवती होने पर महिला बेटी को जन्म देती है तो एकमुश्त 6000 रुपये दिए जाते हैं। हालांकि यह पैसा सिर्फ बेटी के जन्म पर ही मिलता है। क‍िस्‍त                                  शर्त                                                                                                 राश‍ि (रुपये) पहली क‍िस्‍त    प्रेग्नेंसी के रजिस्ट्रेशन और आखिरी पीरियड की तारीख से 6 महीने के भीतर कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच कराने पर                                                                                                                                                     3000 दूसरी क‍िस्‍त     1. श‍िशु के जन्‍म का रज‍िस्‍ट्रेशन 2. श‍िशु को पहले चरण के दौरान सभी टीके लग गए हों        2000 नोट: अगर किसी को महिला जननी सुरक्षा योजना (JSY) का लाभ मिल रहा है तो उसे PMMVY योजना से सिर्फ अतिरिक्त रकम ही मिलेगी। PMMVY योजना के लिए पात्रता क्या है?     गर्भवती महिला की उम्र कम से कम 19 साल या उससे ज्यादा हो     वैसे यह योजना पहले जीवित बच्चे के लिए ही है। हालांकि दूसरी बार इसका लाभ बेटी के जन्म पर ही मिलेगा     अगर दूसरी बार गर्भवती महिला जुड़वा बच्चों को जन्म देती है और उनमें से एक बेटी है तो PMMVY 2.0 का लाभ मिलेगा     गर्भवती महिला के परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए     महिला के पास मनरेगा कार्ड हो या किसान सम्मान निधि के तहत महिला किसान को लाभ मिल रहा हो     महिला के पास e-Shram कार्ड या बीपीएल कार्ड हो, महिला दिव्यांगजन हो     जो गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाएं सरकारी नौकरी (केंद्र या राज्य सरकार) में नहीं हैं     जिन महिलाओं को किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा हो प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? STEP-1     ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको ऑफिशियल वेबसाइट पर Sign Up करना होगा     Sign Up के लिए अपना मोबाइल नंबर डालकर वैरिफाई के बटन पर क्लिक करें     OTP और Captcha Code लिखकर Validate पर क्लिक करें STEP-2     मोबाइल नंबर से लॉगिन करने के बाद Dashboard खुल जाएगा     Data Entry विकल्प में Beneficiary Registration पर क्लिक करें, फॉर्म खुल जाएगा     पहले बच्चे के लिए अप्लाई कर रहे हैं या दूसरे के लिए, यह बताना होगा     इसके बाद नाम, पता, आधार नंबर, जन्म तिथि, उम्र वगैरह सब भरना होगा     मनरेगा कार्ड नंबर की जानकारी भी देनी होगी, इसके बाद बच्चे से जुड़ी सारी जानकारी भरनी होगी     घर का पूरा पता और गर्भाधारण के दौरान और शिशु के जन्म के बाद टीकाकरण के बारे में पूछा जाएगा     अपनी पास की आंगनवाड़ी की जानकारी भरें और Submit पर क्लिक कर दें     पूरी जानकारी के साथ फॉर्म आपके सामने होगा, अगर कुछ बदलाव करना चाहते हैं तो करें, नहीं तो SUBMIT कर दें   प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए ऑफलाइन कैसे अप्लाई करें?     महिलाएं पास के आंगनवाड़ी केंद्र जाकर भी PMMVY योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं     रजिस्ट्रेशन के लिए Form 1-A को भरकर जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा कराना होगा     रजिस्ट्रेशन के दौरान महिला को अपना आधार नंबर और बैंक अकाउंट की जानकारी भी देनी होगी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स     आधार कार्ड     गर्भावस्था प्रमाण पत्र     बैंक खाता विवरण     मोबाइल नंबर     पति का आधार कार्ड दूसरे बच्चे के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना का लाभ कैसे मिलेगा?     PMMVY 2.0 के तहत दूसरी बार इस योजना का लाभ बेटी के जन्म पर ही मिलेगा     दूसरे बच्चे के रूप में बेटी के जन्म पर योजना के तहत 6000 रुपये … Read more

दिसंबर 2024 तक, 27 मिलियन महिलाएं अपने क्रेडिट की निगरानी कर रही , पिछले वर्ष की तुलना में 42 प्रतिशत की वृद्धि

नईदिल्ली नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम द्वारा जारी की गई रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में अधिक महिलाएं ऋण लेना चाहती हैं और सक्रिय रूप से वे अपने क्रेडिट स्कोर की निगरानी कर रही हैं। दिसंबर 2024 तक, 27 मिलियन महिलाएं अपने क्रेडिट की निगरानी कर रही थीं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 42 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है और ये बढ़ती वित्तीय जागरूकता का संकेत देता है। “उधारकर्ताओं से निर्माणकर्ताओं तक: भारत की वित्तीय विकास की कहानी में महिलाओं की भूमिका” नामक शीर्षक से इस रिपोर्ट को ट्रांसयूनियन सीआईबीआईएल, नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच (डब्ल्यूईपी) और माइक्रोसेव कंसल्टिंग (एमएससी) द्वारा प्रकाशित किया गया है। लॉन्च के दौरान, नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने में वित्त तक पहुंच की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “सरकार मानती है कि वित्त तक पहुंच महिला उद्यमिता के लिए एक बुनियादी प्रवर्तक है। महिला उद्यमिता मंच (डब्ल्यूईपी) का एक समावेशी इको-सिस्टम बनाने की दिशा में काम करना जारी है, जो वित्तीय साक्षरता, ऋण तक पहुंच, परामर्श और बाजार लिंकेज को बढ़ावा देता है। हालांकि, न्यायसंगत वित्तीय पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। महिलाओं की जरूरतों के अनुरूप समावेशी उत्पादों को डिज़ाइन करने में वित्तीय संस्थानों की भूमिका, साथ ही संरचनात्मक बाधाओं को संबोधित करने वाली नीतिगत पहलें, इस गति को बढ़ाने में सहायक होंगी। सुब्रह्मण्यम ने डब्ल्यूईपी के तत्वावधान में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, फाइनेंसिंग वूमेन कोलैबोरेटिव (एफडब्ल्यूसी) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि वित्तीय क्षेत्र के और अधिक हितधारक एफडब्ल्यूसी से जुड़ें और इस मिशन में अपना योगदान दें। नीति आयोग के अनुसार 2019 से, व्यवसाय ऋण उत्पत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और गोल्ड लोन में उनकी हिस्सेदारी 6 प्रतिशत बढ़ी है, दिसंबर 2024 तक व्यवसाय उधारकर्ताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत थी। हालांकि, ऋण से बचने, खराब बैंकिंग अनुभव, ऋण तत्परता में बाधाएं और कलैटरल् और गारंटर के साथ समस्याएं जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। बढ़ती ऋण जागरूकता और बेहतर स्कोर के साथ, वित्तीय संस्थानों के पास महिलाओं की अनूठी आवश्यकताओं के अनुरूप जैंडर-स्मार्ट वित्तीय उत्पाद पेश करने का अवसर है। रिपोर्ट उजागर करती है कि कुल स्व-निगरानी आधार में महिलाओं की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 में बढ़कर 19.43 प्रतिशत हो गई, जो 2023 में 17.89 प्रतिशत थी। गैर-मेट्रो क्षेत्रों की महिलाएं, मेट्रो क्षेत्रों की तुलना में, अपने ऋण की सक्रिय रूप से स्वयं निगरानी कर रही हैं, गैर-मेट्रो क्षेत्रों में 48 प्रतिशत और मेट्रो क्षेत्रों में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2024 में, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में सभी स्व-निगरानी महिलाओं का 49 प्रतिशत हिस्सा होगा, जिसमें दक्षिणी क्षेत्र 10.2 मिलियन के साथ सबसे आगे है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित उत्तरी और मध्य राज्यों में पिछले पांच वर्षों में सक्रिय महिला उधारकर्ताओं में सबसे अधिक चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) देखी गई। नीति आयोग की प्रमुख आर्थिक सलाहकार और डब्ल्यूईपी की मिशन निदेशक अन्ना रॉय ने कहा, “महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना भारत के कार्यबल में प्रवेश करने वाली महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने का एक तरीका है। यह समान आर्थिक विकास को गति देने के लिए एक व्यवहार्य रणनीति के रूप में भी काम करता है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने से 150 से 170 मिलियन लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं और साथ ही इससे श्रम बल में महिलाओं की अधिक भागीदारी को बढ़ावा मिल सकता है।

चैत्र नवरात्रि शक्ति की उपासना का महोत्सव है , मां दुर्गा के किन रुपों की होती है पूजा

मां भवानी की पूजा का पर्व चैत्र नवरात्रि इस साल 30 मार्च 2025 से शुरू होने वाला है. माता की आराधना के लिए 9 दिन बहुत पवित्र और पुण्यदायी होते हैं. मां दुर्गा को तीनों लोकों की मां के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है मां दुर्गा की पूजा करने वाले का कभी कोई अमंगल नहीं होता. अगर कुंडली में ग्रह दोष है और बार बार मेहनत करने के बाद भी काम में सफलता नहीं मिल रही है तो चैत्र नवरात्रि के नौ दिन माता के 9 स्वरूपों की पूजा करें, माता के 9 शक्तियां कौन है, इनकी उपासना का महत्व क्या है. मां दुर्गा के किन रुपों की होती है पूजा मां शैलपुत्री (प्रतिपदा तिथि) – देवी पुराण के अनुसार मां शैलपुत्री की पूजा करने से जीवन में स्थिरता आती है. दांपत्य सुख का लाभ मिलता है. मां ब्रह्मचारिणी (द्वितीया तिथि) – ब्रह्मचारिणी इस लोक के समस्त चर और अचर जगत की विद्याओं की ज्ञाता हैं. कहते हैं इनकी आराधना से व्यक्तिव में निखार आता है, बुद्धि तीव्र होती है. मां चंद्रघंटा (तृतीया तिथि) – आत्म कल्याण और शांति की तलाश जिसे हो, उसे नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना करनी चाहिए.  मां चंद्रघंटा को नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से बचानी वाली देवी माना जाता है. मां कूष्मांडा (चतुर्थी तिथि) – चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा सकी पूजा से व्यक्ति को यश, बल और धन की प्राप्ति होती है, ऐसी मान्यता है. मां स्कंदमाता (पंचमी तिथि) – स्कंदमाता के साथ पुत्र कार्तिकेय की पूजा भी की जाती है. संतान प्राप्ति के लिए नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की उपासना नवरात्रि कसबसे फलदायी मानी गई हैं. मां कात्यायनी (षष्ठी तिथि) – चैत्र नवरात्रि में मां कात्यायनी की पूजा उन लोगों को जरुर करना चाहिए जिनकी शादी में बाधा आ रही है. रोग, शोक, संताप से मुक्ति चाहिए उन्हें देवी कात्यायिनी को मनाना चाहिए. मां कालरात्री (महासप्तमी तिथि)- मां कालरात्रि की पूजा करने से हमारे मन का हर प्रकार का भय नष्ट होता है। जीवन की हर समस्या को पलभर में हल करने की शक्ति प्राप्त होती है. तंत्र साधना में मां कालरात्री की पूजा सबसे अचूक मानी गई है. मां महागौरी (महाअष्टमी तिथि) – अपने पाप कर्मों के काले आवरण से मुक्ति पाने और आत्मा को फिर से पवित्र और स्वच्छ बनाने के लिए महागौरी की पूजा और तप किया जाता है। मां सिद्धिदात्री (महानवमी तिथि)- भगवान शिव ने देवी के इसी स्वरूप से कई सिद्धियां प्राप्त की. शिव के अर्द्धनारीश्वर स्वरूप में जो आधी देवी हैं वो ये सिद्धिदात्री माता ही हैं. इनकी उपासना से हर काम में सफलता मिलती है.

भाजपा नेता की गुंडागर्दी, ASI से धक्का-मुक्की कर नेम प्लेट तोड़ी, नपा उपाध्यक्ष को भी पीटा

bjp leader jinesh jain hooliganism pushed asi and broke his name plate also beatup nagar palika vice president MP News! मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में भाजपा नेता की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। जहां धार्मिक कार्यक्रम के नाम पर अश्लीलता परोसी जा रही थी, जिसे बंद कराने आए ASI के साथ भाजपा नेता धक्का-मुक्की की और वर्दी में लगे नेम प्लेट भी तोड़ दिया। इतनी ही नहीं उसने गनर और अन्य लोगों के साथ मिलकर नगर पालिका उपाध्यक्ष के साथ भी मारपीट की। बता दें कि, ये मामला अंबाह थाना इलाके में चल रहे जयेश्वर महादेव मेला का है। आरोप है कि, यहां जयेश्वर महादेव मेले में चल रहे धार्मिक कार्यक्रम के दौरान अश्लील डांस कराया जा रहा रहा था। फूहड़ गानों पर महिला डांसर के ठुमके लगवाए जा रहे थे। इस संबंध में जब एएसआई किशन सिंह को सूचना मिली तो वो उस फूहड़ डांस को बंद कराने मौके पर पहुंचे। इस दौरान भाजपा नेता जिनेश जैन ने सत्ता का रोब दिखाते हुए न सिर्फ एएसआई के धक्का-मुक्की की। साथ ही उनकी वर्दी पर लगी नेम प्लेट भी खींसकर निकाली और उसे तोड़ दिया। यही नहीं भाजपा नेता पुलिस जवान का मोबाइल भी छीनकर फेंक दिया। भाजपा नेता ने यहीं बस नहीं किया। मेले के बाहर चाय की दुकान पर बैठे नगर पालिका उपाध्यक्ष उमेश जैन के साथ भी जिनेश जैन अपने गनर और अन्य लोगों ने मारपीट की। भाजपा नेता जिनेश जैन नगर पालिका अध्यक्ष अंजली जैन के पति हैं। बताया जा रहा है कि उसी ने अश्लील डांस का कार्यक्रम आयोजित कराया था। फिलहाल, एएसआई और उपाध्यक्ष की शिकायत पर पुलिस ने भाजपा नेता जिनेश जैन गनर बबलू शर्मा, बुलंद सिंह परिहार सहित 10-15 अज्ञात लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर धर्मांतरण की कोशिशें चल रही, सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी की निगरानी, सामने आया पूरा मामला

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर धर्मांतरण की कोशिशें चल रही हैं। इसको लेकर कई गैंग मिशन मोड में काम कर रहे हैं। इस बीच धर्मांतरण कराने वालों का रेट कार्ड भी सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक, पूरे परिवार का धर्मांतरण कराने वाले एजेंट को 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। वहीं, युवती का धर्म बदल कर शादी कराने की स्थिति में 15 हजर रुपये अतिरिक्त बोनस का प्रावधान किया गया है। मिशनरियों के धर्मांतरण के इस खेल में चर्चित स्कूल से लेकर प्रतिष्ठित संस्थान तक शामिल हैं। ये हवाला एजेंट की तर्ज पर मिशनरियों को बड़ी मात्रा में धनराशि उपलब्ध करा रहे हैं। पैसे की कमी नहीं होने से ग्रामीण स्तर तक धर्मांतरण गैंग का जाल फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, धर्मांतरण एजेंट प्रचारक के तौर पर अपनी गतिविधियों को अंजाम देने में जुटे हुए हैं। ऐसे काम करता है गैंग धर्मांतरण गैंग के प्रचारक बनकर गांव-गांव तैनात किए गए हैं। ये जरूरतमंदों को टारगेट करते हैं। उनके निशाने पर पैसे की तंगी से जूझ रहे और बीमार लोग होते हैं। ऐसे लोगों को प्रार्थना सभाओं में लाने का जिम्मा प्रचारकों का होता है। मिशनरियों की ओर से हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए प्रचारकों की नियुक्ति की गई है। ऐसे में प्रचारक अपने वर्ग के लोगों को समझाने और धर्म परिवर्तन के लिए राजी करने में कामयाब होते हैं। इस पूरे अभियान को प्रचारक, पास्टर और पदारी के माध्यम चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि धर्मांतरण गैंग को कुछ चर्चों से भी पैसे मिलने की जानकारी सामने आई है। आईबी के एक पूर्व अधिकारी का दावा है कि जोशुआ प्रोजेक्ट की वेबसाइट धर्मांतरण के पूरे जाल को समझा जा सकता है। स्टडी के नाम पर धर्मांतरण के बढ़ावा दिया जा रहा है। श्रावस्ती में आया मामला श्रावस्ती में धर्मांतरण के प्रयास का मामला सामने आया है। इसमें पंजाब मॉडल की बात सामने आ रही है। इकौना इलाके में रविवार को धर्मांतरण मामले में हरीश सिंह का नाम आया। उसने पांच साल पहले ही पंजाब में धर्म परिवर्तन कर लिया था। गांव लौटने के बाद झोपड़ी में प्रार्थना सभा आयोजित करने लगा। सुरक्षा एजेंसियों की दबिश के बाद वह गायब हो गया। एसपी घनश्याम चौरसिया ने इस मामले में सीओ के नेतृत्व में टीम का गठन किया है। नेपाल सीमा से सटे इलाकों में इस प्रकार के गिरोह के सक्रिय होने की बात सामने आई है। देवीपाटन मंडल के श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर और गोंडा जैसे संवेदनशील जिलों में पुलिस को कंवर्जन का मामला आते ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में आईजी अमित पाठक का कहना है कि चारों जिलों के एसपी को इस प्रकार के मामलों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर सक्रिय है टीमें धर्मांतरण के लिए जिला स्तर पर गैंगों को सक्रिय किया गया है। मिशनरियां अब मिशन मुस्लिम चला रही हैं। इसके लिए सबसे अधिक 443 सक्रिय टीम के संगम नगरी प्रयागराज में काम करने की बात सामने आई है। इसके अलावा महराजगंज में 398, बहराइच में 378, श्रावस्ती में 320, बलरामपुर में 330 और गोंडा में 340 टीमों के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। धर्मांतरण का नेटवर्क फैलाने में प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में 333 टमों के जुटे होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, अंबेडकरनगर में 347, सीतापुर में 326, सिद्धार्थनगर में 345, अमेठी में 317, रायबरेली में 323 और पीलीभीत में 346 सक्रिय टीमें अभियान में जुटी हैं। यह सब तब है, जब यूपी में धर्मांतरण के मामलों में कठोर कार्रवाई का नियम लागू है।  

‘शूर्पणखा’ के रोल के लिए एक्ट्रेस को किया गया रिजेक्ट, बोलीं- ‘मेरी नाक परफेक्ट थी’

मुंबई चिल्लर पार्टी, दंगल और छिछोरे जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) अपनी आगामी पौराणिक फिल्म रामायण (Ramayana) को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में कौन राम बन रहा है और कौन रावण, इसकी तस्वीर साफ हो गई है लेकिन शूर्पनखा का किरदार कौन निभाएगा, अभी तक यह क्लियर नहीं हुआ है। मगर शायद ही आपको पता हो कि इस रोल के लिए एक बॉलीवुड एक्ट्रेस को रिजेक्ट किया गया था। नितेश तिवारी की रामायण फिल्म में एक बॉलीवुड हीरोइन शूर्पनखा का किरदार निभाना चाहती थीं। उन्होंने इस किरदार के लिए ऑडिशन भी दिया, लेकिन बात नहीं बनी और वह रिजेक्ट हो गईं। यह अभिनेत्री हैं देवा फेम कुब्रा सैत (Kubbra Sait)। ऑडिशन में रिजेक्ट हुईं एक्ट्रेस देवा और सुल्तान जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं 41 साल की कुब्रा सैत पौराणिक फिल्म रामायण में शूर्पनखा (Ramayana Shoorpanakha) का किरदार निभाना चाहती थीं। उन्होंने इस किरदार के लिए ऑडिशन भी दिया, लेकिन वह रिजेक्ट हो गईं। उनका कहना है कि वह शूर्पनखा का किरदार निभाने वालीं अदाकारा के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं। बॉलीवुड बबल के साथ बातचीत में कुब्रा ने कहा-     मेरी नाक की वजह से मैं सूर्पणखा के रोल के लिए बिल्कुल सही थी। मैं इसके लिए बिल्कुल सही होती, लेकिन उन्होंने मुझे कास्ट नहीं किया। अब मैं यह जानने के लिए उत्सुक हूं कि उन्होंने (मेकर्स और डायरेक्टर) यह रोल किसे दिया है। रामायण की कास्ट नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म रामायण में भगवान राम का किरदार बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) निभा रहे हैं। माता सीता की भूमिका में साउथ की ब्यूटी क्वीन साई पल्लवी (Sai Pallavi) हैं, जबकि केजीएफ स्टार यश फिल्म में रावण का किरदार निभाते हुए नजर आएंगे। सनी देओल भी फिल्म का हिस्सा हैं। चर्चा है कि वह हनुमान की भूमिका में होंगे। लक्ष्मण के किरदार में रवि दुबे का नाम सामने आया है। कब रिलीज होगी रामायण? नितेश तिवारी रामायण को दो भाग में बना रहा हैं। पहला पार्ट 2026 की दीवाली पर रिलीज होगा और दूसरा पार्ट 2027 की दीवाली पर आएगा। अभी तक मेकर्स ने सिर्फ फिल्म की रिलीज डेट का एलान किया है। महाकाव्य रामायण पर आधारित इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।

नए आयकर कानून में अधिकारियों को ऐसी शक्ति देगा, जिससे वे आपका सोशल मीडिया अकाउंट खंगाल सकें

नई दिल्ली सरकार ने सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया है। लेकिन 1 अप्रैल, 2026 से आयकर विभाग को आपके सोशल मीडिया अकाउंट, निजी ईमेल, बैंक अकाउंट, ऑनलाइन निवेश अकाउंट, ट्रेडिंग अकाउंट और अन्य चीजों को देखने और उन तक पहुंचने का कानूनी अधिकार होगा। हालांकि ईमानदार टैक्सपेयर्स को इससे कोई परेशानी होगी लेकिन टैक्स चोरी करने वालों की खैर नहीं। नए आयकर कानून में अधिकारियों के पास यह अधिकार होगा। मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 132 अधिकारियों को तलाशी लेने और संपत्ति और खाता-बही जब्त करने की अनुमति देती है। यह तब होता है जब उनके पास सूचना और कारण हो कि किसी व्यक्ति के पास कोई अघोषित आय, संपत्ति या दस्तावेज हैं, जिन्हें वह जानबूझकर आयकर से बचने के लिए छिपा रहा है। मान लीजिए आपके पास एक गुप्त तिजोरी है जिसमें आप काला धन छिपाते हैं, तो आयकर विभाग उसे खोल सकता है। वर्तमान कानूनों के तहत ऐसा करने का एक तरीका यह है कि किसी भी दरवाजे, बॉक्स या लॉकर का ताला तोड़ा जा सकता है। ऐसा तब किया जा सकता है जब उनकी चाबियां उपलब्ध न हों और अगर उन्हें शक हो कि कोई अघोषित संपत्ति या खाता-बही वहां रखा जा रहा है। जैसे पुराने जमाने में चोर ताला तोड़कर अंदर घुसते थे, वैसे ही। लेकिन अब यह ताला आपके घर का नहीं, आपके कंप्यूटर का भी हो सकता है। क्या कहते हैं जानकार नए आयकर बिल के तहत आयकर अधिकारियों को आपके कंप्यूटर सिस्टम या वर्चुअल डिजिटल स्पेस का एक्सेस दिया गया है। मतलब अब आपका कंप्यूटर, आपका ईमेल, आपका सोशल मीडिया, सब कुछ सरकार की नजर में है। आयकर विधेयक के क्लौज 247 के अनुसार यदि किसी अधिकृत अधिकारी के पास यह मानने का कारण है कि किसी व्यक्ति के पास अघोषित आय या संपत्ति है जो आयकर अधिनियम के दायरे में आती है, तो वह किसी भी दरवाजे, बॉक्स, लॉकर, तिजोरी, अलमारी या अन्य इंस्ट्रूमेंट का ताला तोड़ सकता है। वे किसी भी कंप्यूटर सिस्टम या वर्चुअल डिजिटल स्पेस में एक्सेस कोड को ओवरराइड करके एक्सेस प्राप्त कर सकते हैं। इसका मतलब है कि अगर अधिकारियों को आप पर जानबूझकर आयकर चोरी करने का संदेह है तो वे आपके कंप्यूटर सिस्टम, ईमेल या सोशल मीडिया अकाउंट में सेंध लगा सकते हैं। सिरिल अमरचंद मंगलदास के पार्टनर (हेड-टैक्सेशन) एस.आर. पटनायक का मानना है कि ऐसी तलाशी और जब्ती केवल एक अपवाद के रूप में की जा सकती है, नियम के रूप में नहीं। इसकी वजह यह है कि जब वर्चुअल डिजिटल स्पेस की बात आती है तो किसी व्यक्ति को गोपनीयता की उचित अपेक्षा होती है। मतलब आपकी ऑनलाइन निजता का सम्मान किया जाना चाहिए।

साढ़े तीन लाख खसरों की रबी फसलों का होगा सर्वेक्षण, 25 मार्च तक पूरा करने के निर्देश

धमतरी चालू रबी मौसम में जिले में लगी फसलों का डिजिटल सर्वे तेजी से किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा धमतरी जिले को इस डिजिटल फसल सर्वेक्षण के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित किया गया है। जिले के लगभग 3 लाख 53 हजार खसरों की भूमि पर लगी रबी फसलों का सर्वेक्षण 25 मार्च तक पूरा करने के निर्देश कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। जिले में लगी रबी फसलों का सर्वे कर निर्धारित पोर्टल और मोबाईल एप्प में जानकारी दर्ज की जाएगी। कलेक्टर ने इस सर्वे को निर्धारित तिथि तक पूरा करने के लिए संबंधित गांवों के दसवीं पास और मोबाईलधारक युवाओं को सर्वेयर बनाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं। ऐसे सर्वेयरों को फसल सर्वेक्षण के बारे में प्रशिक्षित करने और किसी भी तकनीकी त्रुटि के निराकरण तथा जरूरी सहयोग के लिए राजस्व निरीक्षक श्री दीपचंद भारती को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में खरीफ मौसम में लगी फसलों का भी डिजिटल सर्वे कराया गया था, परन्तु खरीफ मौसम में काम करने वाले सर्वेयरों की उपलब्धता रबी मौसम में कम होने के कारण सर्वे का काम प्रभावित हुआ है। काम को तेजी से पूरा करने के लिए कलेक्टर सुश्री गांधी ने नये सर्वेक्षणकर्ताओं का चयन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। सर्वेक्षणकर्ता का चयन पटवारी के माध्यम से तहसीलदार द्वारा किया जाएगा। सर्वेक्षणकर्ता 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पुरूष या महिला हो सकते हैं। इनका दसवीं कक्षा पास होना जरूरी होगा। सर्वेक्षणकर्ता के पास स्वयं का इंटरनेटयुक्त मोबाईल होना भी अनिवार्य किया गया है। सामान्यतः संबंधित गांव के निवासी को ही सर्वेक्षणकर्ता बनाया जाएगा, परन्तु योग्य व्यक्ति गांव में उपलब्ध नहीं होने पर नजदीकी गांव या कृषि विज्ञान केन्द्र या कृषि एवं उद्यानिकी महाविद्यालय के विद्यार्थियों को भी सर्वेक्षणकर्ता बनाया जा सकेगा। सर्वेक्षणकर्ताओं को मोबाईल एप्प के माध्यम से फसलों का सर्वे कर पोर्टल अपलोड करने और स्वीकृत होने के बाद हर एक खसरे के लिए 10 रूपये का मानदेय दिया जाएगा। सर्वेक्षणकर्ताओं के काम की मॉनिटरिंग प्रतिदिन आधार पर संबंधित पटवारियों द्वारा की जाएगी। सर्वेयर द्वारा की गई प्रविष्टियों का सत्यापन राजस्व निरीक्षक करेंगे। नये चयनित किए गए सर्वेयरों को राजस्व निरीक्षक मंडल स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जातिगत जनगणना पर बोले बाबा बागेश्वर जातियों के बजाय अमीरी-गरीबी के आधार पर जनगणना होनी चाहिए

छतरपुर अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक और बयान सामने आया है. जिसमें वह जातिगत जनगणना को लेकर बोलते नजर आ रहे हैं. उन्होंने जातिगत जनगणना को देश को बांटने वाला विषय बताया और इसकी कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि देश में जातियों की बजाय अमीरी और गरीबी पर जनगणना होनी चाहिए. इससे पता चलेगा कि कितने लोग गरीब हैं. देश को बांटने का विषय- बाबा बागेश्वर दरअसल बाबा बागेश्वर ने जाति जनगणना की मांग पर पलटवार करते हुए कहा कि यह देश को बांटने वाली बात है. उन्होंने जाति जनगणना की जगह अमीर और गरीब की जनगणना का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि इससे पता चलेगा कि देश में कितने अमीर और कितने गरीब हैं और गरीबों के लिए योजनाएं बनाई जा सकेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी जाति खत्म करने की बात नहीं की. बता दें कि, बाबा बागेश्वर ने जाति जनगणना पर उठ रही मांग पर पलटवार करते हुए कहा कि ये देश को बांटने वाली बात है। उन्होंने जाति जनगणना की जगह अमीर और गरीब की जनगणना का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि, इस तरह की जनगणना करने से पता चलेगा कि देश में कितने अमीर और कितने गरीब हैं, ताकि गरीबों के लिए योजनाएं बनाई जा सकें। उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने कभी जाति खत्म करने की बात नहीं की। योजना बनाकर दिया जा सकेगा गरीबों को लाभ- शास्त्री पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा कि, ‘देश में जाति जनगणना देश को बांटने का मामला है। हम कभी जाति जनगणना की बात नहीं करते। जाति जनगणना की जगह अमीर और गरीब की जनगणना होनी चाहिए। क्योंकि उससे पता चलेगा कि देश में कितने अमीर और कितने गरीब हैं। उस आधार पर योजना बनाकर गरीबों के लिए काम किया जाना चाहिए। हम कभी जातिगत जनगणना की बात नहीं करते पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा कि ‘इस देश में जाति जनगणना देश को बांटने का मामला है. हम कभी जाति जनगणना की बात नहीं करते. जाति जनगणना की जगह अमीर और गरीब की जनगणना होनी चाहिए. क्योंकि उससे पता चलेगा कि देश में कितने अमीर और कितने गरीब हैं. उस आधार पर योजना बनाकर गरीबों के लिए काम किया जा सकता है’. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी भी जाति खत्म करने की बात नहीं की. उधर, भोपाल में रमजान के दौरान हिंदुओं की दुकानों से सामान न खरीदने के मैसेज पर बाबा बागेश्वर ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि यदि इस प्रकार का कोई मैसेज डाला गया है तो हिंदुओं को भी इसका ध्यान रखना चाहिए. उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

कैंसर के उपचार और निदान में क्रांति लायेगी एआई आधारित कैंसर स्क्रीनिंग मशीन, भोपाल एम्स में आई

 भोपाल  एम्स भोपाल में जल्द ही एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित कैंसर स्क्रीनिंग मशीन स्थापित की जाएगी। यह मशीन करीब 40 लाख रुपये की लागत से खरीदी जा रही है, जिससे कैंसर की पहचान अधिक सटीक और त्वरित होगी।     एम्स प्रबंधन के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक न केवल कैंसर की शुरुआती पहचान में मदद करेगी, बल्कि यह कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करने में भी सहायक होगी।     पारंपरिक तरीकों की तुलना में एआइ आधारित मशीन तेजी से कैंसर की पहचान कर सकेगी, जिससे मरीजों का इलाज जल्द शुरू किया जा सकेगा।     इससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को भी लाभ मिलेगा क्योंकि इस तकनीक के जरिए कैंसर की स्क्रीनिंग को अधिक सुलभ बनाया जा सकता है।     विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कैंसर के मामलों को समय रहते रोका जा सकेगा और मरीजों को लंबी एवं स्वस्थ जिंदगी देने में मदद मिलेगी। पहले चरण में कैंसर का पता लगाएगी मशीन एम्स भोपाल के डायरेक्टर डा. अजय सिंह ने बताया कि “एआई आधारित कैंसर स्क्रीनिंग मशीन से कैंसर का निदान तेजी से अधिक सटीक और व्यापक रूप से सुलभ हो जाएगा. यह क्रांतिकारी तकनीक कैंसर के निदान को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है. यह बिना लक्षण वाले मरीजों में भी प्रारंभिक चरण में कैंसर का पता लगा सकती है. कैंसर की स्क्रीनिंग को तेज और अधिक सुलभ बनाकर, हम विशेष रूप से दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों में अनगिनत जानें बचा सकते हैं. यह तकनीक मशीन लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करके कैंसर की सटीक पहचान करने में मदद करती है और आनुवंशिकी एवं जीवनशैली के आधार पर कैंसर के जोखिम का अनुमान भी लगाती है.” कैंसर के उपचार और निदान में क्रांति ला रहा एआई इस कार्यशाला में दो अत्याधुनिक एआई सिस्टम भी पेश किए गए. इसमें ऑप्टास्कैन अल्ट्रा, जो बड़े प्रयोगशालाओं के लिए आदर्श है और एक बार में 80 से 480 स्लाइड स्कैन कर सकता है. वहीं दूसरा ऑप्टास्कैन लाइट, जो छोटी प्रयोगशालाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है और जिसकी क्षमता 15 स्लाइड तक है. रोगियों को एआई संचालित कैंसर पहचान से त्वरित निदान, उच्च सटीकता, अधिक पहुंच और कम लागत का लाभ मिलेगा, क्योंकि यह महंगे सीटी स्कैन और एमआरआई की आवश्यकता को समाप्त कर देगा. एम्स भोपाल में आएगी एआई आधारित कैंसर स्क्रीनिंग मशीन डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने बताया कि “एम्स भोपाल में जल्द ही एआई आधारित कैंसर स्क्रीनिंग मशीन खरीदी जाएगी. जिससे कैंसर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके. साथ कैंसर स्क्रीनिंग की रफ्तार को भी बढ़ाया जा सके, जिससे मामलों में कमी आए. अजय सिंह ने बताया कि इस मशीन को खरीदने में करीब 40 लाख रुपये की लागत आएगी.” पहले चरण में स्क्रीनिंग पर होगा फोकस इस तकनीक को प्रारंभिक चरण में कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए उपयोग किया जाएगा। एआइ तकनीक मशीन लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग कर आनुवांशिकी और जीवनशैली के आधार पर कैंसर के जोखिम का अनुमान भी लगा सकती है। अब ये मशीनें आएंगी     आप्टास्कैन अल्ट्रा – बड़ी प्रयोगशालाओं के लिए उपयुक्त है, जो एक बार में 80 से 480 स्लाइड स्कैन कर सकती है।     आप्टास्कैन लाइट – इसे छोटी प्रयोगशालाओं के लिए डिजाइन किया है, जिसकी क्षमता 15 स्लाइड स्कैन तक है। महंगे सीटी स्कैन और एमआरआई की जरूरत कम होगी कम     अंकोलाजी के प्रो. जगत आर. कंवर ने बताया कि एआई के उपयोग से कैंसर का इलाज अधिक व्यक्तिगत और प्रभावी होगा।     इस तकनीक से महंगे सीटी स्कैन और एमआरआई की जरूरत कम हो जाएगी, जिससे मरीजों को कम लागत में अधिक सटीक इलाज मिल सकेगा।     यह तकनीक रोगियों के लिए अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी होगी, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार और तेज रिकवरी का लाभ मिलेगा।  

प्रदेश सरकार ने इंडस्ट्री और स्किल डेवलपमेंट को आपस में जोड़ते हुए “इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स” तैयार करने की दिशा में कई रणनीतिक की साझेदारियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-भोपाल रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और रोड-शो के परिणामस्वरूप, मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए एक आकर्षक केंद्र बना। साथ ही कुशल मैन पॉवर उपलब्ध कराने वाला आदर्श स्थान पर बन गया है। प्रदेश सरकार ने इंडस्ट्री और स्किल डेवलपमेंट को आपस में जोड़ते हुए “इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स” तैयार करने की दिशा में कई रणनीतिक साझेदारियां की हैं। इससे लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जीआईएस-भोपाल में कौशल विभाग ने कई देशी-विदेशी एजेंसियों के साथ एमओयू किये। ये एजेंसियां आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए एडवांस ट्रेड्स एवं विधाओं का कौशल प्रशिक्षण देंगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और निवेशकों को कुशल वर्क फोर्स मिलेगा। जीआईएस में युवाओं के कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा 8 एमओयू साइन किये गये। इंडो-जर्मन ग्रीन स्किल्स (जीआईजेड) और कंपनी श्नाइडर इलेक्ट्रिक के सहयोग से ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में सिमुलेशन-बेस्ड ट्रेनिंग शुरू की जा रही है। इससे इलेक्ट्रिशियन और सोलर तकनीशियन जैसे ट्रेड्स में कुशल युवाओं की मांग पूरी होगी। इसी प्रकार, जीआईजेड और सिमेंस इंडिया की साझेदारी आईटी प्रशिक्षुओं को इंडस्ट्री-रेडी ग्रीन स्किल्स प्रदान करेगी। इससे प्रदेश में सतत् और समावेशी व्यावसायिक कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी। साइन्टेक टेक्नोलॉजीज और अपनाटाइम टेक प्रा. लि. के साथ मिलकर ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और अपस्किलिंग की पहल की जा रही है। इससे इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रतिभा को विकसित किया जा सकेगा। यह कंपनी अपने डिजिटल भर्ती प्लेटफॉर्म से प्रदेश के युवाओं को संभावित नियोक्ताओं से जोड़ेगी, इससे रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल और व्यापक होगी। ग्वालियर के सरकारी डिविजनल आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के प्रशिक्षुओं को मार्तंडक सोलर एनर्जी प्रा. लि. द्वारा प्रशिक्षित एवं प्रायोजित किया जाएगा। इससे तकनीकी शिक्षा और उद्योग की मांग के बीच संतुलन स्थापित होगा। उन्नति फाउंडेशन स्वयम पोर्टल के माध्यम से रोजगार उन्मुख ऑनलाइन पाठ्यक्रम, साइकोमेट्रिक विश्लेषण और कैरियर गाइडेंस प्रदान कर रही है, जिससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के लिए वन वर्ल्ड एलायंस जापान के सहयोग से जापानी भाषा और आवश्यक कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वे जापान में भी रोजगार के लिए तैयार हो सकेंगे। जीआईएस भोपाल से मिलेगा व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार अवसरों को नया आयाम मध्यप्रदेश में ग्रीन स्किल्स और इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स को बढ़ावा देने के लिए बहुपक्षीय सहयोग जीआईएस-भोपाल के प्रभावी परिणामों के रूप में, मध्यप्रदेश में कौशल विकास और रोजगार अवसरों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग स्थापित किए गए हैं। इंडस्ट्री-फोकस्ड प्रशिक्षण कार्यक्रमों और व्यावसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण साझेदारियों को मूर्त रूप दिया गया है। ग्रीन एनर्जी सेक्टर में सिमुलेशन-बेस्ड ट्रेनिंग इंडो-जर्मन ग्रीन स्किल्स (जीआईजेड) और कंपनी श्नाइडर इलेक्ट्रिक ने “सिमुलेशन-बेस्ड वोकेशनल ट्रेनिंग फॉर ग्रीन एनर्जी जॉब्स” (ग्रीन स्किल्स) परियोजना के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिशियन और सोलर तकनीशियन ट्रेड के व्यावसायिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को उन्नत करने के लिए एसएसआर ग्लोबल स्किल पार्क और कौशल विकास निदेशालय के साथ समझौता किया है। इंडस्ट्री-रेडी आईटी प्रशिक्षुओं के लिए ग्रीन स्किल्स जीआईजेड और सिमेंस इंडिया के सहयोग से, मध्यप्रदेश में आईटी प्रशिक्षुओं को इंडस्ट्री-प्रासंगिक ग्रीन स्किल्स से लैस करने, जेंडर समावेशन को बढ़ावा देने और वर्क-रेडीनेस को सशक्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह सहयोग प्रदेश में सतत और समावेशी व्यावसायिक कार्यक्रमों को मजबूत करेगा। कार्य स्थल आधारित प्रशिक्षण और रोजगार सहायता सायंटेक टेक्नोलॉजीज और अपना टाइम टेक प्रा. लि. के साथ साझेदारी के तहत, छात्रों को ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, अपस्किलिंग और इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगार के लिए तैयार करने की पहल की गई है। अपना डिजिटल भर्ती मार्केटप्लेस के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को संभावित नियोक्ताओं से जोड़ने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया जा रहा है। इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुसार तकनीकी शिक्षा मार्तंडक सोलर एनर्जी प्रा. लि. द्वारा ग्वालियर के सरकारी डिविजनल आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के प्रशिक्षुओं को प्रायोजित किया जाएगा, इससे तकनीकी शिक्षा और उद्योग आवश्यकताओं के बीच की खाई को पाटा जा सकेगा। साथ ही युवाओं की एम्प्लोयबिलिटी को बढ़ाया जा सकेगा। ऑनलाइन लर्निंग और कैरियर गाइडेंस युवाओं के लिए रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रम, ऑनलाइन लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) और साइकोमेट्रिक विश्लेषण को मजबूत करने के लिए उन्नति फाउंडेशन द्वारा स्वयम प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पेशकश की गई है। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश सरकार के उद्योगम पोर्टल के माध्यम से रोजगार के अवसरों को सुलभ बनाया जाएगा। जापान में रोजगार के अवसर वन वर्ल्ड एलायंस जापान के सहयोग से, मध्यप्रदेश के छात्रों को जापानी भाषा और आवश्यक कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे जापान में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार हो सकें। यह पहल राज्य के युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। जीआईएस भोपाल से कौशल विकास और रोजगार में आएगा बड़ा बदलाव जीआईएस-भोपाल के बाद मध्यप्रदेश ने कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय साझेदारियों को मूर्त रूप दिया है। इन समझौतों से युवाओं को उद्योग-रेडी बनाया जा रहा है। साथ ही तकनीकी शिक्षा को इंडस्ट्री स्टैंडर्ड के अनुरूप उन्नत किया जा रहा है। इन सहयोगों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को ग्रीन एनर्जी, आईटी, तकनीकी और वैश्विक रोजगार के क्षेत्रों में नए अवसर प्राप्त होंगे। जीआईएस-भोपाल से निवेश भी आकर्षित हुआ है और लाखों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। प्रदेश सरकार और उद्योग जगत के इस सहयोग से मध्यप्रदेश एक सशक्त, आत्म-निर्भर और इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स का केंद्र बन रहा है।  

खजुराहो-सांची में भी गोल्फ कोर्ट और रिसॉर्ट बनाने के लिए 600 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव, नजरपुरा आईलैंड में लक्जरी रिसॉर्ट बनेंगे

भोपाल  ट्रेजर ग्रुप छह सौ करोड़ रुपए का निवेश कर खंडवा जिले के नजरपुरा आईलैंड में लक्जरी रिसॉर्ट बनाएगा, खजुराहो में मिनी गोल्फ कोर्स एवं रिसॉर्ट तथा सांची में गोल्फ कोर्स एवं लक्जरी रिसॉर्ट बनाएगा। वहीं अमेजन प्राइम, हालीवुड प्रोजेक्ट, जी फाइव और अन्य निवेशक मिलकर मध्यप्रदेश में तीन सौ करोड़ रुपए खर्च कर नये प्रोजेक्ट शुरु करेंगे। ट्रेजर समूह आने वाले समय में खंडवा जिले के नजरपुरा आईलैंड में लक्जरी रिसॉर्ट बनाएगा। दतला पहाड़ खजुराहों के समीप मिनी गोल्फ कोर्स भी समूह बनाएगा साथ ही यहां एक लक्जरी रिसार्ट भी बनाएगा। समूह सांची के पास भी एक गोल्फ कोर्स और लक्जरी रिसॉर्ट का निर्माण करेगा। इन सब पर ट्रेजर समूह छह सौ करोड़ रुपए खर्च करेगा। मध्यप्रदेश में बड़े निवेशक निखिल आडवाणी द्वारा रिवेल्यूशनरी अमेजन प्राइम सौ करोड़ खर्च कर इंदौर, खंडवा, खरगौन और महेश्वर में यूनिट शुरु करेगा। हालीवुड प्रोजेक्ट के तहत इंडिया टेक वन अस्सी करोड़ खर्च कर टीकममगढ़, ओरछा और चंदेरी में निर्माण करेगा। जीफाइव द्वारा हेनरी डी कुन्हा का रियलिटी शो अनटाइटल्ड भोपाल और सीहोर में 25 करोड़ रुपए खर्च कर शुरु किया जाएगा। वहीं आर्यन सक्सेना का प्रोजेक्ट अनटाईटल्ड थिएट्रिकल रिलीज आठ करोड़ से अनूपपुर और अमरकंटक में शुरु होगा। मध्यप्रदेश में सिनेमा हॉल के निर्माण और पुनर्निमाण के आठ प्रस्ताव भी नई नीति के तहत बुरहानपुर, कटनी, इंदौर, खजुराहो के लिए मिले है। इन पर 37 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। आईएचसीएल एमआरएस खोलेगे नई होटल्स- आईएचसीएल मध्यप्रदेश में विभिन्न नेशनल पार्क, भोपाल, एवं इंदौर में नौ होटल्स शुरु कर चुकी है। समूह अब इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर एवं पेंच में पांच नई इकाईयों की स्थापना करेगा। इसके लिए समूह मध्यप्रदेश में 1907 करोड़ रुपए खर्च करेगा।एमआरएस ग्रुप द्वारा महेन्द्र भवन पन्ना, क्योटी किला रीवा एवं सिंहपुर महल चंदेरी में डेढ़ सौ करोड़ रुपए खर्च कर लक्जरी बुटिक होटल विकसि किए जाएंगे। प्रमुख वैश्विक आतिथ्य कंपनी हिल्टन जबलपुर और भोपाल में 254 कमरों की दो इकाईयों शुरु करेगी। इस पर दो सौ करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। जहानुमा ग्रुप आॅफ होटल्स द्वारा अठारह करोड़ रुपए खर्च कर मांडू में एक नया प्रीमियम होटल शुरु करेगा। सकूह मध्यप्रदेश में चार इकाईयां संचालित कर रहा है। ओबेराय सामूह बांधवगढ़ में विंध्यविलास वन्य जीव रिसॉर्ट का सफल संचालन कर रहा हे अब 450 करोड़ रुपए खर्च कर राजगढ़ पैलेस खजुराहो में एक नई इकाई में निवेश शुरु करेगा। आईटीसी होटल प्राइवेट लिमिटेड ढाई सौ करोड़ रुपए खर्च कर लुनेरा कासेल हेरिटेज होटल आईटीसी धर एवं आईटीसी भोपाल का विकास करेगा। आईटीसी जबलपुर में वेलकम होटल आईटीसी का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है।   खंडवा, सांची, खजुराहो के निवेश प्रस्ताव     नजरपुरा आइलैंड खंडवा: इंदिरा सागर डैम के बैक वाटर एरिये में ये आइलैंड है। यहां पर 17.57 हेक्टेयर भूमि पर 138.34 करोड़ रुपए से 106 लग्जरी रूम, 2 रेस्टोरेंट, वॉटर स्पोर्ट्स, विश्व स्तरीय वेलनेस रिसॉर्ट (स्पा, मेडटेशन-योगा) एवं अन्य एक्टिविटी होग और 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा।     सांची में रिसॉर्ट: सांची के पास नीनोद में 77 हेक्टेयर जमीन पर कुल 246.02 करोड़ रुपए की लागत से 217 लग्जरी रूम एवं विलाज, 5 रेस्टोरेंट, गोल्फ कोर्ट, गोल्फ विला, कन्वेंशन सेंटर, वेलनेस सेंटर एवं टूरिज्म से जुड़ी अन्य एक्टिविटी होगी। इससे करीब साढ़े 6 सौ लोगों को रोजगार मिलेगा।     खजुराहो में गोल्फ कोर्ट: खजुराहो स्थित दतला पहाड़ में 72.943 हेक्टेयर जमीन पर 206.27 करोड़ रुपए की लागत से 204 लग्जरी स्वीट रूम्स, 2 रेस्टोरेंट, गोल्फ कोर्ट, वेलनेस सेंटर, थीम गार्डन, हेरिटेज वॉल, हॉट एयर बैलूनिंग जैसी पर्यटन सुविधाएं जुटाई जाएंगी। इसमें 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा। ट्रेजर ग्रुप के इंदौर में भी प्रोजेक्ट्स ट्रेजर ग्रुप इंदौर का है। ग्रुप के यहां पर कई प्रोजेक्ट्स हैं। कंपनी रियल एस्टेट विकास, पैकेजिंग उत्पादों के निर्माण, पवन ऊर्जा उत्पादन, हर्बल उत्पादों समेत अन्य गतिविधियों में शामिल हैं। ग्रुप ने तीनों ही जगहों पर 600 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दिया है।

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