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नारी सशक्तिकरण से ही राष्ट्र सशक्त होगा: मंत्री श्रीमती उइके

भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कहा कि नारी सशक्तिकरण ही वास्तविक राष्ट्र सशक्तिकरण की आधारशिला है। जब महिलाएँ आत्मनिर्भर होंगी, तो समाज और देश की प्रगति स्वतः सुनिश्चित होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिलाओं, विशेष रूप से जनजातीय और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं को प्रभावी कदम बताया। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र की उन्नति का मूल आधार भी है। महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने व्यापक नीतिगत पहल की हैं, जिनका सीधा लाभ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को मिल रहा है। प्रधानमंत्री वन धन योजना जनजातीय महिलाओं को स्वरोजगार और लघु उद्यमों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे वे अपने पारंपरिक ज्ञान और कौशल का उपयोग कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। आदिवासी छात्रवृत्ति योजना और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय जनजातीय समाज की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण और उच्च अध्ययन के अवसर प्रदान कर रहे हैं। स्टैंड अप इंडिया योजना के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए विशेष आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती और धात्री महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर स्वस्थ मातृत्व और पोषण को प्रोत्साहित कर रही है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को नीति-निर्माण की केंद्रीय धुरी बना रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना प्रदेश की 1.29 करोड़ महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करने की ऐतिहासिक पहल है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे परिवार के आर्थिक निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री आदिवासी महिला उद्यमिता योजना जनजातीय महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने के लिये अनुदान और ऋण सहायता उपलब्ध करा रही है। हर घर नल जल योजना ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं को पेयजल आपूर्ति की कठिनाइयों से राहत दे रही है, जिससे उनका श्रम और समय बच रहा है और वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में अधिक भागीदारी कर पा रही हैं। पेसा अधिनियम जनजातीय महिलाओं को ग्राम सभाओं में सशक्त भूमिका प्रदान करने के लिए प्रभावी कानून है, जिससे वे स्वतंत्र निर्णय ले रही हैं और समुदाय के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाओं से ही संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज की भागीदारी भी आवश्यक है। सरकार स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और वित्तीय सहायता के माध्यम से जनजातीय और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। जब हर नारी सशक्त होगी, तभी राष्ट्र सशक्त होगा और यही हमारा संकल्प है।

शिक्षक द्वारा प्रेक्टिकल का रिजल्ट बिगाड़ने के नाम पर 12वीं की छात्रा से पचास हजार रुपये की मांगे, हुए गिरफ्तार

रतलाम/आलोट जिले के ताल नगर में स्थित न्यू आर्यवीर सीनियर सेकंडरी स्कूल के एक शिक्षक द्वारा प्रेक्टिकल का रिजल्ट बिगाड़ने के नाम पर 12वीं की छात्रा से पचास हजार रुपये की मांग करने तथा नहीं देने पर माता-पिता को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। छात्रा के काका की रिपोर्ट पर ताल पुलिस ने आरोपित शिक्षक प्रदीप सिंह निवासी ग्राम लसुड़िया खेड़ी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार छात्रा के काका ने ताल थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनकी बड़ी भतीजी 12वीं तथा छोटी भतीजी कक्षा नौवीं में न्यू आर्यवीर सीनियर सेकंडरी स्कूल ताल में पढ़ती है। घर के लेनदेन का काम बड़ी भतीजी करती है, उसे पता रहता है कि घर में किस जगह रुपये रखे रहते हैं।दो मार्च 2025 को बड़ी भतीजी ने उसके पिता से कहा कि उसे पचास हजार रुपये की आवश्यकता है। तब मैने व बड़े भाई ने उसुसे पूछा कि इतने रुपयों की क्यों आवश्यकता है, तब उसने बताया कि एक मार्च को स्कूल की एक्सट्रा कलास गई थी। तब स्कूल के शिक्षक प्रदीप सिंह निवासी ग्राम लसुड़ियाखेड़ी ने साइड में बुलाकर धमकी दी थी कि घर से पचास हजार रुपये लेकर आना। नहीं तो तेरी प्रेक्टिकल की परीक्षा का रिजल्ट खराब कर दूंगा, तेरा भविष्य भी खराब कर दूंगा। उसने कहा कि वह इतने रुपये कहां से लेकर आएगी तो प्रदीपसिंह ने कहा कि घर से यदि रुपये लेकर नहीं आई तेरी मम्मी व पापा को जान से खत्म कर देगा। जब भतीजी से पूछा कि छह माह पहले घर से 80 हजार रुपये गायब हुए थे, वह भी क्या प्रदीप सिंह को दिए थे तो उसने कहा कि उसने पहले भी धमकी देकर रुपये मंगाए थे। तब मम्मी-पापा की मृत्यु के डर के कारण उसने यह बात किसी को नहीं बताई थी।  

राहुल गांधी 7 और 8 मार्च को दो दिवसीय गुजरात दौरे पर रहेंगे, इस दौरान बैठक कर आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी 7 और 8 मार्च को दो दिवसीय गुजरात दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे अहमदाबाद में पार्टी पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे। राहुल गांधी का यह दौरा आगामी 2027 के गुजरात विधानसभा चुनावों की तैयारियों को मजबूती देने के लिए हो रहा है। वे पार्टी संगठन को पुनर्गठित करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर देंगे। इसके अलावा, वे कांग्रेस के प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर उनका मनोबल बढ़ाएंगे। कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन 8-9 अप्रैल को अहमदाबाद में आयोजित किया जाएगा। इससे पहले राहुल गांधी का दौरा यह संकेत देता है कि पार्टी गुजरात चुनावों को लेकर गंभीर है और रणनीति में बदलाव की संभावना है। राजनीतिक सरगर्मियां तेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 7-8 मार्च को गुजरात के सूरत और नवसारी जिलों के दौरे पर रहेंगे, जिससे प्रदेश में राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ही आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीति को धार देने में जुटी हैं।  

कलेक्टर ने बैरसिया का दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों और शासकीय योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण किया

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आज बैरसिया का दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान में एसडीएम बैरसिया आशुतोष शर्मा, मंडी सचिव  सुनील एवं सीएम राइज स्कूल के प्राचार्य एच. एन. मिश्रा भी उपस्थित रहे सीएम राइज स्कूल का निरीक्षण कलेक्टर श्री सिंह ने बैरसिया मैं निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के साइट इंजीनियर को निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने एवं निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, एसडीएम बैरसिया को निर्देशित किया कि स्कूल की बाउंड्री वॉल और उसके गेट के सामने का अतिक्रमण हटाया जाए। कृषि उपज मंडी का दौरा कलेक्टर श्री सिंह ने कृषि उपज मंडी बैरसिया का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने ई-मंडी के कार्यों का स्वयं पोर्टल पर परीक्षण किया। उन्होंने आगामी उपार्जन कार्यों के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम और भारसाधक अधिकारी कृषि उपज मंडी बैरसिया को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राजस्व कार्यों की समीक्षा कलेक्टर श्री सिंह ने तहसील बैरसिया में संपादित होने वाले राजस्व कार्यों का परीक्षण करते हुए एसडीएम बैरसिया को निर्देशित किया कि फार्मर रजिस्ट्री, आरओआर एंट्री, सीएम हेल्पलाइन सहित सभी कार्यों में एक सप्ताह के भीतर उल्लेखनीय प्रगति का लक्ष्य प्राप्त किया जाए। अतिक्रमण हटाने एवं सौंदर्यीकरण के निर्देश कलेक्टर श्री सिंह ने एसडीएम बैरसिया को निर्देश दिए कि बैरसिया की मुख्य सड़कों से एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण हटाया जाए। साथ ही, अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसील कार्यालय बैरसिया के साथ-साथ शहर की प्रमुख सड़कों को नगरीय निकाय के सहयोग से अतिक्रमण मुक्त कर सौंदर्यीकरण किया जाए।

बोफोर्स घोटाले की जांच फिर से शुरू होने की संभावना, CBI ने अमेरिका से मदद के लिए ‘लेटर रोगेटरी’ भेजा

नई दिल्ली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अमेरिका को एक न्यायिक अनुरोध भेजकर निजी जांचकर्ता माइकल हर्शमैन से जानकारी मांगी है, जिन्होंने 1980 के दशक के 64 करोड़ रुपये के बोफोर्स रिश्वत कांड के बारे में महत्वपूर्ण विवरण भारतीय एजेंसियों के साथ साझा करने की इच्छा व्यक्त की थी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। ‘फेयरफैक्स ग्रुप’ के प्रमुख हर्शमैन 2017 में निजी जासूसों के एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आए थे। अपने प्रवास के दौरान, उन्होंने विभिन्न मंचों पर आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने घोटाले की जांच को पटरी से उतार दिया था । उन्होंने कहा था कि वह सीबीआई के साथ विवरण साझा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने एक साक्षात्कार में दावा किया था कि उन्हें 1986 में केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने विदेशों में भारतीयों द्वारा मुद्रा नियंत्रण कानूनों के उल्लंघन और धन शोधन की जांच और भारत के बाहर ऐसी संपत्तियों का पता लगाने के लिए नियुक्त किया गया था और उनमें से कुछ बोफोर्स सौदे से संबंधित थे। सीबीआई ने वित्त मंत्रालय से भी संपर्क कर हर्शमैन की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज मांगे थे तथा यह भी पूछा था कि क्या उन्होंने कोई रिपोर्ट प्रस्तुत की है, लेकिन उस समय के रिकॉर्ड एजेंसी को उपलब्ध नहीं कराए जा सके। एजेंसी ने कई साक्षात्कारों में हर्शमैन के दावों पर ध्यान दिया और 2017 में घोषणा की कि मामले की उचित प्रक्रिया के अनुसार जांच की जाएगी। ‘लेटर रोगेटरी’ की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि आठ नवंबर, 2023, 21 दिसंबर, 2023, 13 मई, 2024 और 14 अगस्त, 2024 को अमेरिकी प्राधिकारियों को भेजे गए पत्रों और स्मरणपत्रों से कोई जानकारी नहीं मिली। ‘लेटर रोगेटरी’ एक लिखित अनुरोध है जो एक देश की अदालत द्वारा किसी आपराधिक मामले की जांच या अभियोजन में सहायता प्राप्त करने के लिए दूसरे देश की अदालत को भेजा जाता है। इंटरपोल से किये गए अनुरोध का भी कोई परिणाम नहीं निकला। सीबीआई को इस साल 14 जनवरी को गृह मंत्रालय से अमेरिका को ‘लेटर रोगेटरी’ भेजने के लिए हरी झंडी मिल गई थी। एजेंसी ने विशेष अदालत को इसकी जानकारी दी, जिसने 11 फरवरी को सीबीआई के ‘लेटर रोगेटरी’ आवेदन को मंजूरी दे दी। एक विशेष अदालत ने ‘लेटर रोगेटरी’ जारी करने के सीबीआई के आवेदन को मंजूरी देते हुए टिप्पणी की, ‘‘माइकल हर्शमैन द्वारा उपर्युक्त साक्षात्कार में किए गए दावों से संबंधित तथ्य का पता लगाने के लिए दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्य एकत्र करने के लिए अमेरिका में जांच करना आवश्यक है।” स्वीडन के एक रेडियो चैनल ने आरोप लगाया था कि बोफोर्स सौदे को हासिल करने के लिए भारत के राजनीतिक नेताओं और रक्षा अधिकारियों को रिश्वत दी गई थी जिसके तीन साल बाद सीबीआई ने 1990 में मामला दर्ज किया था। इन आरोपों ने राजीव गांधी सरकार के लिए बड़ा परेशानी खड़ी कर दी थी और प्रतिद्वंद्वी दलों ने कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए इसका इस्तेमाल किया था। यह घोटाला स्वीडिश कंपनी बोफोर्स के साथ चार सौ 155 मिमी फील्ड हॉवित्जर तोपों की आपूर्ति के लिए 1,437 करोड़ रुपये के सौदे में 64 करोड़ रुपये की रिश्वत के आरोपों से संबंधित था। इन तोपों ने करगिल युद्ध के दौरान भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सीबीआई ने 1999 और 2000 में आरोपपत्र दाखिल किए थे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2004 में राजीव गांधी को आरोप मुक्त कर दिया था। गांधी की लिट्टे के आत्मघाती हमले में हत्या किए जाने के करीब 13 साल बाद अदालत ने यह फैसला दिया। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2005 में शेष आरोपियों के खिलाफ सभी आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि सीबीआई यह साबित करने में विफल रही कि बोफोर्स से इतालवी व्यापारी ओतावियो क्वात्रोची को मिला धन भारत में लोक सेवकों को रिश्वत के रूप में दिया जाना था। सीबीआई ने 2005 के फैसले के खिलाफ 2018 में उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी लेकिन देरी के आधार पर इसे खारिज कर दिया गया था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने 2005 में अधिवक्ता अजय अग्रवाल द्वारा दायर अपील में सभी बिंदुओं को उठाने की अनुमति दी थी।  

भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों के गुणवत्तापूर्ण पुनर्वास, रोजगार एवं बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास हों सुनिश्चित

जयपुर, जयपुर की गौरवशाली परंपरा एवं छवि धूमिल ना हो इसके लिए भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों का गुणवत्तापूर्ण पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने जिले को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को आपसी सहयोग एवं समन्वय से हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिये हैं। जिला कलक्टर ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों के पुनर्वास को लेकर बैठक ली। उन्होंने भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों का प्रभावी पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया ताकि ऐसे व्यक्ति भिक्षावृत्ति को छोड़कर अपने कौशल और मेहनत के दम पर सम्मानजनक जीवन शुरू करें। साथ ही उन्होंने पुलिस एवं यातायात पुलिस के अधिकारियों को भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों की सूचना देकर रेस्क्यू में सहयोग प्रदान करने साथ ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त ऐसे व्यक्तियों के विरूद्ध निरोधात्मक एवं कठोर कानूनी कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया। वहीं, नगर निगम के अधिकारियों को चिन्हित पुनर्वास गृहों की साफ-सफाई, शौचालयों की मरम्मत, पुनर्वास गृहों में भिक्षावृति में लिप्त लोगों के लिए आधारभूत सेवाओं की व्यवस्था करने, चिन्हित पुनर्वास गृहों को अन्नपूर्णा रसोई योजना से लिंक करते हुए योजना के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के साथ-साथ उन्हें कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को भिक्षावृति में लिप्त व्यक्तियों के स्वास्थ्य की जांच कर उपचार करने, चिन्हित पुनर्वास गृहों में चिकित्सा एवं जांच सुविधा उपलब्ध करने प्रत्येक पुनर्वास गृह को निकटतम राजकीय चिकित्सालय से जोड़ते हुए ऐसे व्यक्तियों की जांच एवं उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों को भिक्षावृति में लिप्त बच्चों सूची बनाकर शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराना, विभाग द्वारा संचालित बाल गृहों, निराश्रित गृहों में प्रवेश दिलाकर शिक्षा के अधिकार के तहत शिक्षा से जोड़ने के लिए स्थानीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाने, बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर विभागीय गृहों में प्रवेश दिलवाने के निर्देश दिये गए। उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को पुलिस एवं स्वयं सेवी संस्थाओं एवं अन्य विभागों से समन्वय एवं सामंजस्य स्थापित कर भिक्षावृति में लिप्त व्यक्तियों को सर्वे उपरान्त चिन्हित कर पात्रता अनुसार बाल गृह, महिला गृह, मानसिक विमंदित गृह, वृद्धाश्रम अथवा पुनर्वास गृह आदि में प्रवेश दिलाकर देखभाल करवाने, स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से भिक्षावृति में लिप्त चिन्हित व्यक्तियों के आधार कार्ड/जनाधार कार्ड आदि तैयार कर प्राथमिकता से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए निर्देश दिये गए।   जिला कलक्टर ने राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के अधिकारियों को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा चिन्हित भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों की सूची के अनुसार बैच बनाकर आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने, प्रशिक्षित व्यक्तियों को विभागों द्वारा संचालित एवं बैंकों द्वारा उपलब्ध ऋण अथवा अनुदान एवं अन्य योजनाओं से जोड़कर नियोजित करने के साथ-साथ फॉलो अप कार्यक्रम के द्वारा उनके पुनर्वास को सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गए। बैठक में मानव सेवा संस्थान, मेरी पहल संस्था, सक्षम सामाजिक उत्थान एवं विकास संस्थान, सुजस सांस्कृतिक सेवा संस्थान के पदाधिकारियों को चयनित आश्रय स्थल पर विभागीय निर्देशों के अनुसार आवश्यक व्यवस्था तथा परामर्शी सेवाएँ सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा, भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री रजत यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री संतोष कुमार मीणा सहित नगर निगम, जयपुर विकास प्राधिकरण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं मानव सेवा संस्थान, मेरी पहल संस्था, सक्षम सामाजिक उत्थान एवं विकास संस्थान, सुजस सांस्कृतिक सेवा संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

स्मृति ईरानी ने कहा- लैंगिक समानता के लिए प्रौद्योगिकी में समानता आवश्यक

नई दिल्ली पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लैंगिक समानता के लिए प्रौद्योगिकी में समानता सुनिश्चित करने की तत्काल आवश्यकता पर बुधवार को जोर दिया। महिला सशक्तीकरण पर ‘इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स’ में एक सम्मेलन में अपने संबोधन में ईरानी ने एआई प्रणालियों में अंतर्निहित प्रणालीगत पूर्वाग्रहों पर प्रकाश डाला और इन असमानताओं को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया। उन्होंने हितधारकों से आग्रह किया कि वे महिला सशक्तीकरण की आधारशिला के रूप में डिजिटल समानता को प्राथमिकता दें। ईरानी ने कहा, ‘‘एआई के युग में यह पुरुष का महिला से या महिला का पुरुष से मुकाबला नहीं है। यह मुकाबला है मानवता का इस बात से कि एआई हमारे साथ क्या करेगा।’’ उन्होंने एक शोध का हवाला दिया जिसमें इस बात का खुलासा किया गया है कि दुनिया भर में 133 एआई प्रणालियों में से 44 प्रतिशत एआई प्रणालियां लैंगिकता -समावेशी नहीं हैं। ईरानी ने एआई-संचालित वित्तीय प्रणालियों में लैंगिक पूर्वाग्रह का एक उदाहरण साझा किया। उन्होंने कहा, ‘‘एक महिला जिसकी आय, कर रिटर्न और वित्तीय स्थिति उसके पति के ही समान थी उसे उसके पति की तुलना में 10 प्रतिशत कम क्रेडिट सीमा की पेशकश की गई। एक अन्य महिला की क्रेडिट सीमा उसके पति की तुलना में 20 गुना कम निर्धारित की गई, जबकि उनकी वित्तीय स्थिति भी समान थी।’’ पूर्व मंत्री ने वित्तीय समावेशन में भारत की प्रगति की सराहना की तथा ‘जन धन योजना’ और ‘मुद्रा’ ऋण योजना जैसी पहलों का हवाला दिया और कहा कि इनसे लाखों महिलाएं सशक्त हुई हैं।  

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बाघ-चीतों के संरक्षण पर जताई प्रसन्नता, माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा

माधव नेशनल पार्क होगा प्रदेश का 9वां बाघ संरक्षित क्षेत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन्यजीव प्रेमियों के लिए पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा चंबल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बाघ-चीतों के संरक्षण पर जताई प्रसन्नता, माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत में टाइगर स्टेट का दर्जा हासिल कर चुके मध्यप्रदेश को जल्द ही एक नए टाइगर रिजर्व पार्क की सौगात मिलने जा रही है। शिवपुरी जिले का माधव नेशनल पार्क प्रदेश का 9वां बाघ संरक्षित क्षेत्र होगा, जो चंबल क्षेत्र में वन्य जीव प्रेमियों के लिए पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं बाघों का एक जोड़ा माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे। चंबल रेंज में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि से स्थानीय युवाओं को रोजगार-स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। एशिया में पहली बार चीते भी चंबल के कूनो नेशनल पार्क में दिखाई दे रहे हैं। चंबल नदी क्षेत्र में घड़ियाल एवं डॉल्फिन प्रोजेक्ट पर भी कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि देश में सबसे ज्यादा टाइगर मध्यप्रदेश में हैं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक मध्यप्रदेश आते हैं। बाघ संरक्षित क्षेत्र में जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए सभी नेशनल पार्कों में सीजन भर पर्यटकों का आवागमन रहता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में बाघों की संख्या और उनके संरक्षण से प्राप्त उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित प्रदेशवासियों को बधाई दी।  

मुख्यमंत्री की घोषणा पर मेले के आयोजन के लिए मिलेगी 50 लाख रुपए की राशि

रायपुर, बाबा गुरु घासीदास की जन्मस्थली और कर्मस्थली गिरौदपुरी में आयोजित गुरूदर्शन मेला अपनी भव्यता और आस्था के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। 04 से 06 मार्च तक चलने वाले इस मेले में छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत से हजारों श्रद्धालु आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस बार मेले को भव्य स्वरूप में आयोजित करने  के लिए  50 लाख रुपए की राशि की घोषणा की है, जो पूर्व में 25 लाख रुपए थी। इसके साथ ही, मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड के निर्माण की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं गुरू गद्दी का दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की और मेले की भव्यता बढ़ाने और श्रद्धालुओं को अधिक सुविधा प्रदान करने के लिए मेला बजट को दोगुना करने के साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड निर्माण के लिए स्थल निरीक्षण एवं माप-जोख करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दिशानिर्देश पर  इस वर्ष मेले में  श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। गुरूदर्शन मेला न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र है। इस वर्ष मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से इसे और भव्य और सुव्यवस्थित बनाया गया है। प्रशासन द्वारा की गई इन सुविधाओं की बढ़ोतरी से श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा। गुरूदर्शन मेले का यह ऐतिहासिक विस्तार श्रद्धालुओं की सेवा और आस्था को नई ऊँचाई पर ले जाने वाला साबित होगा। गुरुदर्शन मेले में श्रद्धालुओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है, जिसके अंतर्गत चिकित्सा सहायता केंद्रों की संख्या 2 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है और एंबुलेंस की संख्या 4 से बढ़ाकर 8 की गई है। निःशुल्क भोजन सेवा को भी विस्तार देते हुए अब 24 स्थानों पर 212 समूहों द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पहले 20 स्थानों पर 175 समूहों द्वारा संचालित थी। पेयजल व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है, जिसमें स्थायी नल कनेक्शन की संख्या 110 से बढ़ाकर 195 कर दी गई है और पानी टैंकरों की संख्या 8 से बढ़ाकर 18 कर दी गई है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, जिसमें पुलिस कंट्रोल रूम की संख्या 3 से बढ़ाकर 9 कर दी गई है, सुरक्षा बलों की संख्या 450 से बढ़ाकर 1150 की गई है और पहली बार 36 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी नियमित मॉनिटरिंग हो रही है ।सुरक्षाकर्मियों को 130 वायरलेस सेट भी प्रदान किए गए हैं। अग्नि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब 1 के बजाय 3 अग्निशमन वाहन तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। मेले में विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया है, जिसमें ट्रांसफार्मरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 13 कर दी गई है और विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में बैकअप जनरेटर की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए शौचालयों की संख्या 4 से बढ़ाकर 16 कर दी गई है, स्नानागार की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 की गई है, और अतिरिक्त रूप से 80 सीटर स्थायी शौचालय की भी व्यवस्था की गई है। स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या 80 से बढ़ाकर 291 कर दी गई है ताकि मेले में स्वच्छता बनी रहे। इस वर्ष पहली बार गिरौदपुरी मेला डॉट कॉम नामक वेबसाइट लॉन्च की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को मेला स्थल की जानकारी, आवश्यक मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सेवाओं की ऑनलाइन जानकारी मिल सके। इससे श्रद्धालु यात्रा संबंधी सूचनाएं, पार्किंग व्यवस्था, धार्मिक स्थलों की जानकारी और अन्य सुविधाओं की पूरी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।

207.63 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित हो रहा कोटा रेलवे स्टेशन

कोटा कोटा रेलवे स्टेशन को पुनर्विकसित करने का कार्य 207.63 करोड़ की लागत से किया जा रहा है, जिसे पूरा करने का लक्ष्य अप्रैल, 2025 निर्धारित किया गया है। वर्तमान में कोटा स्टेशन का पुनर्विकास कार्य 53.8 फीसदी तक पूरा हो चुका है। स्टेशन का पुनर्विकास कार्य त्तीव्रता के साथ गुणवत्ता पूर्ण मानकों तत्वों को ध्यान में किया जा सके, इसके लिए डीआरएम द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। स्टेशन के 6765 वर्गमीटर में 02 आगमन ब्लॉक और 01 प्रस्थान ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा।जहां अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेंगी। स्टेशन पर वीआईपी लाउंज, वेटिंग रूम, फूड प्लाजा और क्योस्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाएंगी। प्लेटफार्म नंबर एक और तीन को जोड़ने की 2100 वर्गमीटर में कॉनकोर्स एरिया का निर्माण किया जाएगा। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए आठ लिफ्ट और 14 एस्कलेटर का प्रावधान किया गया है। ये पूरा स्टेशन दिव्यांग फ्रेंड्ली होगा तथा पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यात्री सुरक्षा एवं संरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। पर्यावरण सरंक्षण के लिए स्टेशन को ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जाएगा और साथ ही सौर ऊर्जा एवं जल सरंक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। भविष्य में पुनर्विकसित कोटा स्टेशन विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा और साथ क्षेत्र का आर्थिक विकास भी करेगा। कोटा स्टेशन को पुनर्विकसित करते समय स्टेशन डिजाइन के मानक तत्वों को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जा रहा है। फ्रंट साइड- फ्रंट साइड स्टेशन भवन का निर्माण, दो मंजिला भवन जिसमें एक मध्यवर्ती मेजानाइन तल में निम्न सुविधाएं रहेंगी। भूतल पर प्रस्थान और आगमन ब्लॉक, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, क्लॉक रूम, वीआईपी लाउंज, कार्यालयों की सुविधा। मेजेनाइन फ्लोर जिसमें रिटायरिंग रूम, स्टोर रूम और कार्यालय। पहली मंजिल में प्रतीक्षालय (सामान्य और महिला), डोरमेट्री, भोजनालय, बजट होटल, शिशु आहार कक्ष, कियोस्क हैं। रियर साइड- रियर साइड स्टेशन भवन का निर्माण। दो मंजिला भवन जिसमें एक मध्यवर्ती मेजानाइन तल में निम्न सुविधाएं रहेंगी। भूतल पर प्रस्थान और आगमन ब्लॉक, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, क्लॉक रूम और अन्य सुविधाएं। मेजेनाइन फ्लोर जिसमें ऑफिस स्पेस आदि। प्रथम तल में प्रतीक्षालय, डोरमेट्री, रिटायरिंग रूम, कियोस्क। अन्य सुविधाएं- सभी प्लेटफार्मों पर सीओपी का प्रावधान। स्टेशन भवनों, पार्किंग और यात्री सुविधाओं आदि के लिए दिव्यांगजनों के अनुकूल पहुंच का विकास। दो नए यात्री प्लेटफार्म का निर्माण और मौजूदा प्लेटफार्म का चैड़ीकरण। फ्रंट और रियर स्टेशन बिल्डिंग तथा सभी प्लेटफार्मों को जोड़ने वाले नए कॉनकोर्स का निर्माण। थ्रू रूफ का निर्माण, प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रैक को कवर करना। फ्रंट और रियर साइड पर सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग सुविधाओं का विकास। स्टेशन के दोनों ओर सर्कुलेटिंग एरिया में लैंडस्केपिंग।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर त्वरित अमल शुरू

मेला समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर  की उपस्थिति में गिरौदपुरी मेला परिसर में  शेड निर्माण हेतु किया गया नाप -जोख क़ा कार्य बलौदाबाजार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित अमल शुरू कर दी गई है। गिरौदपुरी मेला समिति के अध्यक्ष धर्मगुरु गुरुबालदास साहेब एवं कलेक्टर दीपक सोनी की उपस्थिति में बुधवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड निर्माण के लिए नाप जोख किया गया।मेला समिति के अध्यक्ष धर्मगुरु गुरुबालदास साहेब ने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण शेड निर्माण के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने गिरौदपुरी मेला के शुभारम्भ अवसर पर 4 मार्च 2025 को गिरौदपुरी पहुंच कर गुरु गद्दी का दर्शन एवं पूजा अर्चना कर प्रदेश वासियो की सुख समृद्धि के लिए कामना की थी। इस  अवसर पर मेला समिति की मांग पर गिरौदपुरी मेला की राशि 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने तथा मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थाई शेड निर्माण की घोषणा किये थे।मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक  स्थायी शेड निर्माण होने से दंडवत प्रणाम करते हुए जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। शेड निर्माण होने से श्रद्धालुओं को बारिश व धूप से निजात मिलेगी। मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक करीब 1200 मीटर की दूरी तक स्थाई शेड निर्माण किया जाएगा। ज्ञातव्य है क़ि कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में  इस वर्ष गिरौदपुरी मेले में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इसके साथ ही पहली बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक अस्थायी शेड क़ा निर्माण भी किया गया है।

सीएम स्टालिन ने एक बार फिर से कहा- सांसदों की संख्या बढ़ने से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन हमारी ताकत में कोई कमी न रहे

चेन्नै लोकसभा सीटों के परिसीमन को लेकर बुधवार को तमिलनाडु में सीएम एमके स्टालिन के नेतृत्व में 35 दलों की मीटिंग हुई। इस बैठक में स्टालिन ने एक प्रस्ताव पेश किया, जिस पर सभी ने एकमत से सहमति जताई। इस प्रस्ताव में पीएम मोदी से मांग की गई है कि परिसीमन के लिए 1971 की जनगणना के अनुपात को ही आधार माना जाए। उसके आधार पर ही लोकसभा सीटें तय हों और यह सीमा अगले 30 सालों के लिए बरकरार रखी जाए। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि दक्षिण भारत के अलावा अन्य राज्यों को भी जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इस मीटिंग में मुख्य विपक्षी दल AIADMK के नेता भी मौजूद रहे। इस प्रस्ताव में कहा गया कि केंद्र सरकार को संविधान में संशोधन करना चाहिए और यह तय किया जाए कि यदि सांसदों की संख्या बढ़ती है तो उसका अनुपात वर्तमान जैसा ही हो। उनकी स्पष्ट मांग थी कि यदि नई जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर परिसीमन हुआ और सीटें बढ़ती हैं तो फिर उसका अनुपात वही रहे, जो फिलहाल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु समेत दक्षिण भारत के राज्यों के साथ ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए उनकी सीटें कम हो और उनकी राजनीतिक ताकत भी घट जाए। उनकी बैठक में भाजपा के अलावा 4 अन्य छोटे दलों के नेता नहीं पहुंचे। भाजपा ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है औऱ उससे ध्यान हटाने के लिए एमके स्टालिन परिसीमन वाला कार्ड खेल रहे हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई और होम मिनिस्टर अमित शाह तो दोहरा चुके हैं कि दक्षिण भारत के राज्यों की सीटें कम नहीं होंगी। सीएम स्टालिन ने एक बार फिर से कहा कि सांसदों की संख्या बढ़ने से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन हमारी ताकत में कोई कमी न रहे। उन्होंने कहा कि हमारे यहां तो लोगों ने फैमिली प्लानिंग की है। इसके बाद हमें उसकी सजा मिले तो यह अन्याय ही है। प्रस्ताव में कहा गया, ‘सभी राज्यों में परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने 2000 में भरोसा दिया था कि 1971 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार ही परिसीमन किया जाए। अब पीएम मोदी को भी ऐसा भरोसा देना चाहिए कि 2026 से अगले 30 सालों तक लोकसभा सीटों के परिसीमन का यही पैमाना बना रहेगा।’ उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोग परिसीमन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यह ऐसा न हो कि हमारे लिए सजा बन जाए। हमने बहुत सी कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। परिवार नियोजन किया है और महिलाएं सशक्त हुई हैं। इसके कारण हमारे यहां आबादी बेतहाशा नहीं बढ़ी है और इसकी एवज में हमें फायदे की बजाय नुकसान हो तो यह गलत बात होगी।

मोहम्मद शमी ने कहा- लय वापिस पाने की कोशिश कर रहा हूं, मेरे ऊपर अधिक जिम्मेदारी है

दुबई मोहम्मद शमी ने स्वीकार किया कि भारत के अकेले प्रमुख तेज गेंदबाज होने के नाते उन पर काफी जिम्मेदारी है लेकिन वह अपनी लय हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि चैम्पियंस ट्रॉफी में टीम की जरूरतों पर खरे उतर सकें। चोट से उबरकर वापसी करने वाले शमी ने चोटिल जसप्रीत बुमराह की गैर मौजूदगी में चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान हर्षित राणा या हार्दिक पंड्या के साथ नयी गेंद संभाली। राणा अभी नये हैं और पंड्या हरफनमौला है जो आम तौर पर वनडे मैच में दस ओवर नहीं डालते। शमी ने अभी तक टूर्नामेंट में आठ विकेट लिये हैं। उन्होंने आस्ट्रेलिया पर सेमीफाइनल में चार विकेट से मिली जीत के बाद मिश्रित जोन में कहा, ‘‘मैं अपनी लय फिर हासिल करके टीम के लिये ज्यादा योगदान देने की कोशिश कर रहा हूं। दो विशेषज्ञ तेज गेंदबाज टीम में नहीं है और मेरे ऊपर ज्यादा जिम्मेदारी है।’ शमी ने कहा कि बुमराह की गैर मौजूदगी में उनका कार्यभार बढ गया है लेकिन वह शत प्रतिशत से ज्यादा देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप अकेले मुख्य तेज गेंदबाज हैं और दूसरा हरफनमौला है तो तो कार्यभार रहता है। आपको विकेट लेकर मोर्चे से अगुआई करनी होती है। मुझे इसकी आदत हो गई है और मैं अपना शत प्रतिशत से अधिक देने की कोशिश कर रहा हूं।’’ शमी को विश्व कप 2023 के दौरान टखने में चोट लगी थी और वह लंबे ब्रेक पर रहे। उन्होंने कहा कि अब वह लंबे स्पैल फेंकने की जिम्मेदारी लेने के लिये तैयार हैं। उन्होंने कहा,‘‘मुझे नहीं लगता कि किसी को अपनी फिटनेस के बारे में बहुत ज्यादा सोचने की जरूरत है। हमें प्रयास करने होंगे और देखते हैं कि शरीर इसे कैसे लेता है। हम सभी आखिर में मजदूर हैं।’’ शमी ने कहा, ‘‘मैं अब लंबे स्पैल फेंकने के लिये तैयार हूं। छोटे स्पैल हमेशा आसान होते हैं और सीमित ओवरों के क्रिकेट में यह मायने नहीं रखता कि दस ओवर फेंकने हैं या छह ओवर।’’ उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का भी फायदा मिला है कि भारतीय टीम सारे मैच दुबई में खेल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इससे निश्चित तौर पर फायदा मिला है क्योंकि हम हालात और पिच को बखूबी समझते हैं। एक ही जगह सारे मैच खेलने से फायदा मिला है।’’  

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का झुंझुनूं दौरा, विद्यार्थियों से किया संवाद , नारी सशक्तिकरण पर दिया बल

जयपुर, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मंगलवार को झुंझुनूं दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने जिले के संगासी स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया व विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उनके साथ उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ भी उपस्थित रहीं। झुंझुनूं एयर स्ट्रिप पर जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत, झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू, नवलगढ विधायक विक्रम सिंह जाखल, जिला प्रमुख श्रीमती हर्षिनी कुलहरी, संभागीय आयुक्त श्रीमती पूनम, पुलिस आईजी  अजयपाल लांबा, जिला कलक्टर रामावतार मीणा, पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी, पूर्व विधायक रूपाराम मुरावतिया ने धनखड़ दंपति का स्वागत किया। सांगासी में कार्यक्रम से पहले विद्यालय में उपराष्ट्रपति ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण किया, साथ ही आमजन व किसानों से भी अपने खेतों में और घरों में पौधे लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अभिनव पहल है जिसका हमें अनुसरण करना चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ की गई। इस दौरान स्कूली छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में उन्होंने स्कूली विद्यार्थियों को टेबलेट भी वितरित किए। झुंझुनूं को नारी सशक्तिकरण का प्रतीक बताते हुए उपराष्ट्रपति ने जिले की दो महिलाओं श्रीमती कमला बेनीवाल और श्रीमती सुमित्रा सिंह का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कमला बेनीवाल विधायक, मंत्री और राजस्थान की उप मुख्यमंत्री रही हैं, साथ ही गुजरात की राज्यपाल भी बनीं। वहीं, सुमित्रा सिंह कई बार विधानसभा सदस्य रहीं, मंत्री बनीं और राजस्थान विधानसभा की अध्यक्ष भी बनीं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम ऐतिहासिक कदम— उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण मिलेगा। इससे नीति-निर्माण में महिलाओं की अधिक भागीदारी होगी और शासन व्यवस्था सुचारू रूप से चलेगी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि जब वे सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ गए, तब उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वहां लड़कियां भी पढ़ेंगी। उन्होंने खुशी जाहिर की कि अब झुंझुनू के सैनिक स्कूल में भी लड़कियों का प्रवेश हो चुका है। साथ ही, मथुरा में केवल लड़कियों के लिए एक सैनिक स्कूल स्थापित किया गया है। उन्होंने इस बात पर भी गर्व जताया कि अब लड़कियां लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं और भारतीय सेना में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। भारत बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। हमने इंग्लैंड को पीछे छोड़ दिया है और जल्द ही जापान और जर्मनी को भी पीछे छोड़कर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज का भारत वैसा ही है जैसा प्राचीन समय में विश्व गुरु हुआ करता था। उन्होंने व़िद्यार्थियों से कहा कि वे स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, क्योंकि यदि वे खुद स्वस्थ नहीं रहेंगे तो दूसरों की मदद करने के बजाय खुद को मदद मांगनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अपनी सोच को सदैव सकारात्मक व ऊंची रखें। उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संघर्ष को सराहते हुए कहा कि वे जनजातीय समुदाय से आती हैं, लेकिन अपने कठिन परिश्रम के बल पर विधायक, मंत्री और राज्यपाल बनीं और अब देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की सच्ची ताकत बताया। उपराष्ट्रपति ने बताया कि भारत में आज 12 करोड़ घरों में शौचालय बनाए गए हैं और 55 करोड़ लोगों के बैंक खाते खुले हैं। उन्होंने कहा कि भारत की इंटरनेट खपत अमेरिका और चीन को मिलाकर भी ज्यादा है। साथ ही, सड़कों का जाल तेजी से फैल रहा है और नई ट्रेनें शुरू की जा रही हैं। विद्यालय के लिए की चार घोषणाएं उपराष्ट्रपति ने विद्यालय की प्रगति को लेकर खुशी जताई और प्रिंसिपल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय का सही दिशा में विकास हो रहा है और इसे और बेहतर बनाने की जरूरत है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि तीन महीने में स्कूल में एक आधुनिक कंप्यूटर लैब शुरू की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। विद्यालय में शैक्षणिक संसाधनों में वृद्धि के लिए उन्होंने विद्यार्थियों के लिए एक स्मार्ट बोर्ड लगवाने की बात कही। उपराष्ट्रपति ने स्कूल के बच्चों को दिल्ली आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे समूहों में छात्रों को दिल्ली बुलाया जाएगा, जहां उनके रहने-खाने की पूरी व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान वे संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री संग्रहालय और वॉर मेमोरियल का दौरा कर सकेंगे। उपराष्ट्रपति ने स्कूली बच्चों को सिलेबस के अलावा भी किताबें पढ़ने का आग्रह किया।  उन्होंने कहा कि स्कूल के पुस्तकालय में उनके द्वारा 1000 पुस्तकें भेजी जाएगी जो आपकी रुचि की होगी, जिनका निश्चित लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।

इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में महिलाओं और सहयोगियों का सम्मान करता है

मुंबई उभरते बाजार की अग्रणी कंपनी गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल), न केवल सिद्धांत रूप में, बल्कि सार्थक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्रवाई के माध्यम से एक समान कार्यबल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 के लिए, जीसीपीएल ने ‘वुमेनएली: एलाइज़ इन एक्शन’ की शुरुआत की है, जो एशिया (भारत, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, श्रीलंका, यूएई), अफ्रीका (दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया, केन्या, घाना) और लैटिन अमेरिका (अर्जेंटीना और चिली) जैसे भौगोलिक क्षेत्रों में एक महीने की पहल है। यह पहल संगठन के भीतर और बाहर के व्यक्तियों को पहचानती है और उनका सम्मान करती है – जो सहयोगी हैं और सक्रिय रूप से समावेशिता की वकालत करते हैं, निष्पक्षता की वकालत करते हैं, और महिलाओं के लिए अधिक सहायक और गतिशील कार्यस्थल में योगदान करते हैं। जीसीपीएल के पास चार मंच हैं जहां कंपनी महिलाओं के संबंध में सकारात्मक प्रयासों पर अपना रुख दोहराएगी। जीसीपीएल बिक्री में लैंगिक बाधाओं को तोड़ने पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म पेश करेगी; सहयोगिता पर विनिर्माण स्थल-आधारित पैनल चर्चा; गोदरेज वन में वूमेनअलाय कार्यक्रम; मुंबई और एफएमसीजी-बिक्री में सबसे कठिन कार्यों में से एक में महिलाओं की भागीदारी को स्वीकार करने के लिए एक पारिवारिक आउटरीच पहल। कंपनी प्रभाव को भी उजागर करेगी और अगले साल के अपने दो प्रमुख कार्यक्रमों के चार्टर – गोदरेज की शक्ति (विनिर्माण भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की पहल) और आरंभ (बिक्री में भूमिकाएं लेने के लिए महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बनाया गया कार्यक्रम) को पेश करने के अवसर का उपयोग करेगी। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पहल पर टिप्पणी करते हुए, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के एचआर ग्लोबल चीफ वैभव राम ने कहा, “जीसीपीएल में, सहयोगी के प्रति हमारा दृष्टिकोण संयुक्त राष्ट्र द्वारा रेखांकित व्यापक स्तंभों – सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए – अधिकार, समानता और सशक्तिकरण से काफी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। ये स्तंभ एक ऐसी संस्कृति को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों का मार्गदर्शन करते हैं जहां हर व्यक्ति, लिंग, पृष्ठभूमि या भूमिका की परवाह किए बिना, फल-फूल सकता है। चाहे वह सहकर्मी हों, परिवार, दोस्त, बाहरी कार्य भागीदार हों, ये सहयोगी कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों के लिए एक समावेशी और न्यायसंगत कार्यस्थल को बढ़ावा देने, पूर्वाग्रहों को चुनौती देने और ऐसे स्थान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जहां हर कोई मूल्यवान और सशक्त महसूस करता है। विनिर्माण और बिक्री में महिलाओं की भागीदारी का समर्थन करने के लिए गोदरेज की शक्ति और आरंभ जैसी हमारी पहल क्रमशः जीसीपीएल के भीतर और बाहर सहयोगियों के समर्थन के कारण सफल हैं। इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर, हम उन सहयोगियों की गहराई से सराहना करते हैं और उन्हें स्वीकार करते हैं जिन्होंने एक ऐसे माहौल को बढ़ावा देने में योगदान दिया जहाँ महिलाएँ सुनी जाती हैं, मूल्यवान महसूस करती हैं और अपनी पूरी क्षमता तक पहुँचने के लिए सशक्त होती हैं।” जीसीपीएल जल्द ही एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म जारी करने जा रहा है, जिसमें दिखाया जाएगा कि कैसे बिक्री परंपरागत रूप से पुरुषों के वर्चस्व वाला क्षेत्र रहा है, लेकिन अब इसमें बदलाव आ रहा है। यह दर्शाता है कि कैसे महिलाएं बाधाओं को तोड़ रही हैं, रूढ़ियों को चुनौती दे रही हैं और बिक्री की भूमिका में सफलता की कहानी को फिर से परिभाषित कर रही हैं। अपनी महिला कर्मचारियों की वास्तविक जीवन की कहानियों के माध्यम से, यह उनकी यात्रा, उनके सामने आने वाली शुरुआती चुनौतियों या पूर्वाग्रहों और उनसे कैसे पार पाया, का पता लगाता है। यह डॉक्यूमेंट्री सहयोगी होने के महत्व पर जोर देती है, यह दिखाती है कि कैसे जीसीपीएल में वरिष्ठ नेता एक ऐसे माहौल का समर्थन और सक्षम करते हैं जहां बिक्री में महिलाएं सही तरीके से सफल हो सकती हैं। बिक्री से लेकर विनिर्माण तक, मुख्यालय से लेकर वैश्विक परिचालन तक, जीसीपीएल अपनी महिलाओं की शक्ति, लचीलापन और उपलब्धियों के साथ-साथ हर यात्रा के पीछे उनके अटूट समर्थन का जश्न मना रहा है। बिक्री में महिलाओं के 170 से अधिक परिवारों के लिए शक्तिशाली कहानी कहने, आकर्षक चर्चाओं और एलीशिप कार्ड जैसे सार्थक इशारों के माध्यम से, GCPL उन लोगों को स्वीकार करता है जो उनकी यात्रा में उनका उत्थान करते हैं और उनका उत्साहवर्धन करते हैं। शक्ति शिखर सम्मेलन – मुंबई में जीसीपीएल के मुख्यालय में दो दिवसीय कार्यक्रम जीसीपीएल के विनिर्माण कर्मचारी संसाधन समूह के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल समावेश को बढ़ावा देने और बदलाव लाने के लिए जीसीपीएल की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा बल्कि आने वाले वर्ष के लिए एक रणनीतिक चार्टर और ERG सदस्यों के लिए व्यक्तिगत ब्रांडिंग सत्रों के साथ आगे का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। यह उत्सव प्रेरक पैनल चर्चाओं, एलीशिप की साझा कहानियों और समग्र कल्याण पहलों के माध्यम से आकार लेगा, जो सभी WomenAlly: Allies in Action की भावना को प्रतिध्वनित करते हैं। गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप (GIG), गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड सहित अपने सभी व्यवसायों में, व्यापक देखभाल नीतियों के साथ कर्मचारियों का समर्थन करता है, जो सभी कर्मचारियों के लिए एक सहायक और समावेशी कार्य वातावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। बुजुर्गों की देखभाल के लिए, कर्मचारियों को दो सप्ताह का सवेतन अवकाश और सहायता प्रदाताओं तक पहुँच मिलती है। प्राथमिक देखभाल करने वाले, जिनमें जन्म देने वाले, कमीशनिंग (सरोगेसी) या दत्तक माता-पिता शामिल हैं – छह महीने के सवेतन अवकाश, राष्ट्रव्यापी डेकेयर सहायता, विशेष कर्मचारी सहायता कार्यक्रम (EAP), लचीले वापसी विकल्प और ज़रूरत पड़ने पर छह महीने तक की अवैतनिक छुट्टी के हकदार हैं। द्वितीयक देखभाल करने वालों को दो महीने का सवेतन अवकाश और EAP सहायता मिलती है। ये नीतियां कर्मचारियों को काम पर और काम से परे दोनों जगह कामयाब होने में सक्षम बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

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